जिला में सेब सीज़न के सुचारू संचालन करें स्थापित : सुरेश भारद्वाज
जिला में सेब सीज़न के सुचारू संचालन व बागवानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से सभी सम्बद्ध विभाग समन्वय स्थापित कर कार्य करें। शहरी, विकास, आवास, नगर नियोजन, संसदीय कार्य, विधि एवं सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सेब सीजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जिला में 1 करोड़ 98 लाख 94 हजार से अधिक पेटी सेब होने का अनुमान है, जिसे मण्डियों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त वाहन सुविधा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में अधिकारी अपने क्षेत्र के बागवानों, ट्रक तथा पिकअप ऑपरेटरों यूनियन से समन्वय स्थापित कर भाड़ा निर्धारित करना सुनिश्चित करें। अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि कोई निर्धारित मूल्यों से अधिक भाड़ा न वसूले तथा किसानों और बागवानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित की गई मात्रा दर को अखबार के माध्यम से विज्ञापित करना सुनिश्चित करें। साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से व्यापक जानकारी बागवानों को प्रदान करें। इसके अतिरिक्त भाड़ा दरों को नियंत्रण कक्ष, नोटिस बोर्ड तथा मुख्य स्थानों पर प्रदर्शित करें। उन्होंने कहा कि सेब सीजन के दौरान सड़कों का विशेष रूप से विभाग ध्यान रखे, जिससे कि लोगों को अपनी फसल को समय से मण्डियों में पहुंचाया जा सके।
उन्होंने टिक्कर से खमाड़ी सड़क की स्थिति को सही करने के विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस क्षेत्र में जिला शिमला का अधिकतर सेब मण्डियों में जाता है इसलिए बागवानों तथा किसानों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए समयावधि में विभाग के अधिकारियों को सड़क को सुधारने के दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बागवानों की सुविधा के लिए इस वर्ष लगभग 2 करोड़ करेटों की उपलब्धता दी जाएगी। प्रौयोगिक तौर पर इसकी सफलता के उपरांत आने वाले समय में बागवानों को इस सुविधा से मण्डियों तक सेब भेजने में सुगमता होगी। कोविड-19 नियमों के तहत सेब सीजन के दौरान मानक संचालन की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए उपमण्डलाधिकारी इस संबंध में अपने-अपने क्षेत्र में बैठक करें और बाहर से आने वाली लेबर की जांच, टीकाकरण व अन्य सलाहों की अनुपालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस दौरान सैनेटाइजेशन और स्वच्छता के प्रति विभिन्न मण्डियों में एपीएमसी के अतिरिक्त स्थानीय प्रशासन भी गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि बाहर से आने वालो श्रमिकों के संबंध में उपमण्डलाधिकारी को सूचित किया जाना आवश्यक है ताकि श्रमिकों की निगरानी, टीकाकरण व अन्य जांच सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने बैठक के दौरान जारी किए गए दिशा-निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के प्रति विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि सेब सीजन को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रत्येक विभाग सक्रिय रूप से कार्य करेगा। प्रबंध निदेशक एचपीएमसी राजेश्वर गोयल, प्रबंध निदेशक हिमफैड के.के. शर्मा, पुलिस अधीक्षक मोहित चावला, उपमण्डलाधिकारी, मुख्य अभियंता, अधिशाषी अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा बागवान, आढ़ती संघ के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।
