-एक हेक्टेयर पर 30 हजार रुपये की सब्सिडी दे रही प्रदेश सरकार -उप मंडल पधर में दो बागबान कर रहे इस जंगली फूल की खेती जिन पहाड़ी इलाकों में बंदरों और जंगली सूअरों का आतंक है, वहां प्रदेश सरकार द्वारा फूलों की खेती को बढ़ावा देने की योजनाएं बनाई गई है, ताकि किसान अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकें। सरकार इन योजनाओं के तहत बागवानों को 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। सरकार की ओर से जंगली गेंदे के फूल की खेती के लिए एक हेक्टेयर पर 30 हजार रुपये सब्सिडी दी जा रही है। उप मंडल पधर के चरण सिंह कहते हैं कि उन्होंने घोघर धार में 12 बीघा में जंगली गेंदे के फूल की खेती की है। उन्हें प्रदेश सरकार की तरफ से सब्सिडी भी मिली है। चरण सिंह कहते हैं कि वे पहले भी जंगली गेंदे के फूल की खेती करते थे, लेकिन कटाई के बाद फूलों से तेल निकालने के लिए इन्हें नेरचौक ले जाना पड़ता था, जिसमें बहुत अधिक खर्चा हो जाता था। अब हिमालय जैव संपदा प्रौद्योगिकी संस्थान पालमपुर के द्वारा तेल निकालने की यूनिट घोघर धार में ही लगा दी गई, जिससे उनका ढुलाई पर होने वाला खर्च बच गया। वे कहते हैं कि जंगली गेंदे के फूल के तेल की कीमत बाजार में 12 से 15 हजार रुपये प्रति लीटर है और इस जंगली फूल की खेती से वह सालाना लगभग 2 लाख तक की आय कमा लेते हैं। यह खेती करना बहुत आसान है। इसमें पारंपरिक खेती की तरह अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती है। जंगली गेंदे की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जंगली जानवर भी इसे नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। वहीं, उद्यान विकास अधिकारी द्रंग कविता शर्मा कहती हैं कि उप मंडल पधर में दो बागबान जंगली गेंदे के फूल की खेती कर रहे हैं और उन्हें विभाग की तरफ से एक हेक्टेयर पर 30 हजार रुपये का अनुदान मिला है। यहां जंगली गेंदे की खेती की काफी संभावनाएं हंै, यहां की जलवायु इसके लिए उपयुक्त है।
पहाड़ जैसा हौसला रख उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में 17 दिन बाद जिंदगी की जंग जीतकर मंडी का विशाल घर वापिस आ गया है। विशाल मंडी जिला के बल्ह विधानसभा के डहणू का रहने वाला है। उत्तराखंड सरकार ने विशाल व उसके पिता धर्म सिंह को सही सलामत घर पहुंचाया है। वहीं घर पहुंचने पर विशाल के घर और गॉंव वालो ने उसका भव्य स्वागत किया। वही विशाल की मां विशाल को सही सलामत देख कर भावुक हो गई। वहीं स्वास्थ्य जांच के बाद वीरवार दोपहर बाद विशाल को एम्स ऋषिकेश से छुट्टी मिली। विशाल व उसके पिता धर्मसिंह अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर पहुंचे। धर्म सिंह ने बताया कि अस्पताल प्रशासन गहन स्वास्थ्य जांच के बाद विशाल को छुट्टी दी है। उत्तराखंड सरकार ने विशाल के लिए गाड़ी करके हिमाचल के प्रवेश द्वार पांवटा साहिब तक पहुंचाने के आदेश जारी कर सिरमौर जिला प्रशासन को सौंपने को कहा था। जहा से घर तक लाने के लिए मंडी जिला प्रशासन ने टैक्सी की व्यवस्था की।
सीबीएसई बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं परीक्षा की डेटशीट रिलीज करने से पहले एक अहम नोटिस जारी किया है। बोर्ड ने आगामी 10वीं और 12वीं परीक्षाओं 2024 के संबंध में जारी एक अहम सूचना में कहा है कि बोर्ड दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में कोई ओवरऑल डिवीजन या डिस्टिंक्शन नहीं देगा। जारी नोटिस में कहा है कि बोर्ड परीक्षाओं में स्टूडेंट्स के मार्क्स कैलकुलेट करने के लिए क्या क्राइटेरिया रहेगा, इस संबंध में सीबीएसई को कई अनुरोध प्राप्त हो रहे थे। परीक्षा उपनियमों के अध्याय-7 के सब सेक्शन 40.1 (3) के अनुसार, कोई समग्र डिवीजन/डिस्टिंक्शन या एग्रीगेट नहीं दिया जाएगा। विदित रहे कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई जल्द ही कक्षा 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 की डेट शीटजारी करेगा। संभावना है कि बोर्ड इसी महीने के आखिर में या फिर दिसंबर माह के सेकंड वीक तक टाइमटेबल जारी कर दे। सीबीएसई बोर्ड की इस बार भी फरवरी में आयोजित होनी है। बोर्ड की ओर से पहले जारी सूचना के अनुसार 15 फरवरी 2024 से परीक्षाएं शुरू होंगी। वहीं यह एग्जाम अप्रैल तक आयोजित किए जाएंगे। डेटशीट आधिकारिक वेबसाइट पर रिलीज की जाएगी। स्टूडेंट्स पोर्टल पर जाकर इसे पीडीएफ मोड में डाउनलोड कर पाएंगे।
-नाचन वन मंडल के तहत महिला समूहों ने उतारी पहली खेप -सीपीडी जाइका नागेश गुलेरिया ने थपथपाई पीठ -विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के कार्यों की हुई सराहना प्रदेश में विलुप्त होते औषधीय पौधे कड़ू और चिरायता की खेती कर जाइका वानिकी परियोजना ने पहली कामयाबी हासिल की। जिला मंडी के नाचन वन मंडल के तहत छैन मैगल, बुखरास और रोहाल गांव से संबंध रखने वाली महिलाओं के एक समूह ने उक्त दो औषधीय प्रजातियों की पहली खेप उतार दी। वीरवार को नाचन वन मंडल के धंगयारा में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के अवसर पर जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया के समक्ष कड़ू और चिरायता की खेप को दर्शाया गया। इस अवसर पर नागेश कुमार गुलेरिया ने जाइका से जुड़े महिला समूह को इस खेती के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विलुप्त हो रहे ऐसी प्रजातियों की खेती कर मिसाल कायम की है। नागेश कुमार गलेरिया ने कहा कि कड़ू और चिरायता की खेती करने के बाद अब महिला समूह को पैसे मिलना भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि मार्केट में इन औषधीय गुणों वाले कड़ू और चिरायता की मांग दिन-प्रति दिन बढ़ रही है। आने वाले समय में जाइका वानिकी परियोजना इस पर और अधिक काम करेगी। नागेश कुमार गुलेरिया ने यहां मौजूद सभी स्वयं सहाता समूहों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना हिमाचल में सामुदायिक विकास एवं आजीविका सुधार के लिए कार्य कर रही है। कार्यशाला में जैव विविधता विशेषज्ञ डा. सुशील काप्टा, डीएफओ नाचन एसएस कश्यप, वीपी पठानिया, जड़ी-बूटी सैल से जड़ी-बूटी सैल से नेहा चक्रवर्ती, हिमालयन रिसर्च ग्रुप के निदेशक डॉ. लाल सिंह समेत 150 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। गुलेरिया ने नाचन में सिखाए आजीविका कमाने के गुर जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक नागेश कुमार गुलेरिया ने नाचन वन मंडल में हो रहे कार्यों की समीक्षा की। गत बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए नागेश गुलेरिया ने परियोजना के अंतर्गत इस वन मंडल में अब तक हुए विभिन्न कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। उन्होंने यहां उपस्थित स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को आजीविका कमाने के गुर सिखाए। नागेश कुमार गुलेरिया ने सभी फील्ड तकनीकी यूनिट्स को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में नर्सरियों को और सुदृढ़ करने की सख्त जरूरत है। नागेश कुमार गुलेरिया ने अधिकारियों से अब तक किए गए कार्यों की पूरी रिपोर्ट भी मांगी। इस दौरान विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के आय में सृजन करने बारे भी विस्तृत चर्चा की गई।
-इच्छुक अभ्यर्थी 30 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन हिमाचल प्रदेश में वन मित्र भर्ती प्रक्रिया आज से शुरू हो गई। इच्छुक अभ्यर्थियों को 30 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। सरकार वन विभाग में 2,061 वन मित्र भर्ती कर रही है। भर्ती के लिए वन विभाग की वेबसाइट या संबंधित वन परिक्षेत्राधिकारी (रेंज ऑफिसर) कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। वन मित्र के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष है। वन मित्रों के लिए 100 अंकों का टेस्ट होगा। जो टॉप पर होगा, उसे वन मित्र लगाया जाएगा। अभ्यर्थियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी है। वन मित्रों को 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय और सरकारी छुट्टियों के अलावा साल में 12 अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी। ग्राउंड टेस्ट पास करने के बाद ही वन मित्र बन सकेंगे। वन मित्रों को वनों की आग से सुरक्षा, पौधरोपण समेत अन्य काम करने होंगे। जिस बीट में वन मित्र रखे जाएंगे, वहां से उनका तबादला नहीं होगा।
-कहा, समाज में अपराधों को बढ़ावा देता है नशा, दूर रहें युवा -करसोग कॉलेज में नशा मुक्ति पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन राजकीय महाविद्यालय करसोग में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सौजन्य से नशा मुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सिविल जज कम सब-ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट राहुल वर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने कहा कि आज का युवा कल का भविष्य है, परंतु नशा युवाओं को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। उन्होंने कहा कि नशा समाज में अपराधों को बढ़ावा देता है, इसलिए युवाओं को नशे जैसी बुरी प्रवृतियों से बचना चाहिए। सोशल साइट्स का गलत इस्तेमाल भी युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेल सकता है, इसलिए सोशल साइट्स का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। छात्रों को दृढ़ निश्चय के साथ यह संकल्प लेना चाहिए कि न तो मैं खुद नशा करूंगा और न ही दूसरों को करने दूंगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करवाना अति आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने घर, समाज, स्कूल और कॉलेज में अन्य लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों से अवगत करवाएं और नशे के खात्मे के लिए आवाज उठाए। मुख्य अतिथि ने कहा कि कॉलेज के छात्र वाहनों को चलाते समय यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वैध लाइसेंस होने पर ही वाहनों का इस्तेमाल करना चाहिए व दोपहिया वाहनों को चलाते समय हेलमेंट का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि सभी छात्र व नागरिक यातायात नियमों का पालन करे ताकि करसोग में यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे। इस दौरान नागरिक चिकित्सालय करसोग से मेडिकल ऑफिसर आबरू गुप्ता ने ड्रग एब्यूज के विषय में छात्रों को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, मानसिक तनाव, व परीक्षा में असफलता कुछ ऐसे कारण है जिससे छात्र तनाव का शिकार होकर नशा करना शुरू कर देते है। उन्होंने कहा कि छात्रों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नशे जैसी बुराई से स्वयं के साथ साथ दूसरों को भी बचाना चाहिए। कार्यक्रम में तहसील कल्याण अधिकारी करसोग, भोपाल शर्मा ने छात्रों को नशे से बचाव के साथ, सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय करसोग के छात्रों द्वारा स्लोगन राइटिंग व पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विजेता प्रतिभागियों को मुख्यतिथि ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान राजकीय महाविद्यालय करसोग के प्रोफेसर पंकज गुप्ता सहित अन्य प्राध्यापक गंण भी उपस्थित थे।
-विद्यार्थियों-शिक्षकों को समय पर सामग्री और जानकारी उपलब्ध करवाएगा केंद्र राज्य सरकार की अभिनव पहल विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में निर्णायक कदम है। यह केंद्र एआई तकनीक को एकीकृत करके डेटा विश्लेषण के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशासकों को समय पर सामग्री और जानकारी उपलब्ध करवाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि स्विफ्टचैट एआई हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में प्रौद्योगिकी और डाटा संचालित संस्थागत प्रणाली में सक्षम करेगा। यह केंद्र इन टूलकिट के डाटा को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के लिए डैशबोर्ड और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इससे छात्र की प्रगति, शिक्षक प्रशिक्षण और स्कूल के समग्र प्रदर्शन संबंधी डाटा उपलब्ध होगा। वास्तविक समय में प्रतिक्रिया और सुधार के आधार पर शिक्षक, शिक्षण संबंधी रणनीतियों में सकारात्मक बदलाव किया जाएगा ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने के अवसर प्रदान किए जा सके। वीएसके विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण की ज्ञानता प्रदान करता है, जिससे उनकी वैश्विक सामग्री और जानकारी तक सार्वभौमिक पहुुंच सुनिश्चित होती है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल होम लर्निंग तथा अनुभव प्रदान कर शैक्षिक असमानताओं को समाप्त करना है। चैटबॉट पर साप्ताहिक अभ्यास विद्यार्थियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर उत्तर तथा जानकारीपूर्ण वीडियो के साथ पाठयक्रम के अनुरूप उन्हें विषयों को सुदृढ़ करने में मदद करता है। विद्यार्थी विभिन्न भाषाओं में गणित का अभ्यास कर सकते हैं और वीडियो देख कर अपने संदेह दूर कर सकते हैं। चैटबॉट विद्यार्थियों की आवाज का उपयोग कर विभिन्न भाषाओं का उपयोग कर, क्विज के माध्यम से सामान्य ज्ञान और ज्ञानवर्द्धन कर उनकी शिक्षा में गुणात्मक सुधार में सहयोग करता है। चैटबॉट विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को ऑन डिमॉंड (आवश्यकतानुसार) कार्य योजना, पाठ तैयार करना, वर्कशीट और वीडियो बनाने में भी सहायता प्रदान करता हैै। इससे शिक्षक समयबद्ध शिक्षण सामग्री तैयार कर सकते हैं और विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड का त्वरित अध्ययन करने के साथ-साथ उनकी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं। चैटबॉट शिक्षण विधियों को विद्यार्थी अनुकूल बनाने में सहायता करता है। इसके माध्यम से अभिवावक शिक्षा संबंधी प्रश्नों का समाधान कर सकते हैं। इसके माध्यम से प्रशासक राज्य स्तर पर शैक्षणिक प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सीखने के परिणामों के आधार पर रणनीति, योजना और प्रशिक्षण पहल का मूल्यांकन कर सकते हैं, जिसके माध्यम से राज्य स्तर पर प्रशासक विद्यार्थी, अध्यापक और विद्यालय संबंधी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र एआई चैटबॉट के माध्यम से विद्यार्थियों के एक डिजिटल साथी के रूप में, शिक्षक को शिक्षण में सहायक और प्रशासक को महत्वपूर्ण डाटा उपलब्ध करवाएगा। चैटबॉट का डेटा शिक्षकों को विद्यार्थी आधारित रणनीतियों को समायोजित करने में सशक्त बनाता है, जिससे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में और सुधार होगा।
-विभाग की नर्सरियों में लगभग 20 हजार पौध तैयार -जनवरी के प्रथम सप्ताह से सस्ती दरों पर दिए जाएंगे बागवानों को उद्यान विभाग करसोग क्षेत्र के बागवानों को उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधे उपलब्ध करवाएगा। विभाग की नर्सरियों में बागवानों को उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 20 हजार फलदार पौधे पूरी तरह तैयार हैं। करसोग के बागवानी विशेषज्ञ जगदीश वर्मा ने बताया कि इन पौधों में सेब, नाशपाती, प्लम और जापानी फल सहित अन्य विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। इन्हें जनवरी माह के प्रथम सप्ताह से सस्ती दरों पर किसानों व बागवानों को उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सेब प्रजाति में जेरोमाईन, किंग रौट, रेड कैप वोलटोड, सकारलेस स्पर-2, सैलेट स्परए सुपर चीफ, फ्यूजीस्ट्रेन, व गाला प्रजाति में डार्क बैरेन गाला, बक आई गाला, गेन गाला, रेडल्म गाला, बाईगैंट गाला, अल्टिमा गाला, गाला वन गाला, गाला सिंगा सीनैको, ग्रैनी स्मिथ, अर्ली रैड वन शामिल है, जबकि नाशपाती में कारमैन, ब्रोन्स ब्यूटी, कोर्न कार्ड, अबेटे फैटल, डी अंजुओ, गोल्डन रोजेट, पेखम, स्टार किम्सन व रैड वाल्टलैट किस्में, पल्म में बैक एंबर, फ्रयर, रेड ब्यूट, अंजूलीना, फ्रंटियर व जापानी फल की फ्यू-यू प्रजाति के पौधे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सेब प्रजाति के रूट स्टॉक व सीडलिंग पौधों के लिए अलग-अलग मूल्य निर्धारित किए गए है। रूट स्टॉक किस्म की विभिन्न वैरायटी के पौधों 120 से 180 रुपये की दर निर्धारित है जबकि सीडलिंग किस्म के पौधों के लिए न्यूनतम 110 से अधिकतम 140 रुपये प्रति पौधा दाम निर्धारित किया गया है। नाशपाती और प्लम के पौधों का न्यूनतम 80 और अधिकतम 100 रुपये जबकि जापानी फल के पौधों की दर 100 रुपये प्रति पौधा निर्धारित की गई है। विषय विशेषज्ञ उद्यान जगदीश वर्मा ने बताया कि विभिन्न प्रजातियों के लगभग 15 से 20 हजार फलदार पौधें प्लांट प्रोटेक्शन सेंटर चुराग में बागवानों को उपलब्ध करवाए जाएगें। उन्होंने कहा कि करसोग क्षेत्र के बागवान इन पौधों को प्राप्त करने के लिए उद्यान विकास अधिकारी करसोग, विषय विशेषज्ञ उद्यान, अथवा प्रोजेक्ट फेसिलिटेटर के माध्यम से अपनी डिमांड दे सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के अनुसार आगामी 72 घंटे में मौसम खराब होने का पूर्वानुमान जताया गया है। इस दौरान ऊपरी इलाकों में बर्फबारी हो सकती है जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। बर्फबारी का असर तापमान पर भी पड़ेगा। 26 नवंबर की शाम से प्रदेश में तेजी से तापमान में गिरावट आने की संभावना जताई गई है। बर्फबारी का यह असर किन्नौर, चंबा और कुल्लू जिलों में देखने को मिलेगा। जबकि मैदानी इलाकों में बादल छाये रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान कम विजिविल्टी होने की भी बात कही है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से मौसम करवट बदलेगा और सोमवार को यैलो अलर्ट रहेगा। प्रदेश में 30 नवम्बर तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 26 नवम्बर से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जो उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा और इसका असर हिमाचल में भी देखने को मिलेगा।
-कई आरोपी विदेश भाग चुके, कई भागने की फिराक में हिमाचल में करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड में एसआईटी ने 19 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। हालांकि 2500 करोड़ की ठगी के इस मामले में 19 करोड़ की संपत्ति बहुत कम है। वहीं, एसआईटी आरोपियों की संपत्ति का पता लगा रही है, लेकिन धीमी कार्रवाई के चलते कई आरोपी विदेश भागने की फिराक में हैं। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले से जुड़े कई आरोपी विदेश भाग चुके हैं। ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही है। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। बताया जा रहा है कि इस रैकेट के सरगनाओं ने सबसे पहले नेताओं और बड़े अधिकारियों को ही जाल में फंसाया। उसके बाद धीरे-धीरे ठगों की चेन बढ़ती गई। करोड़ों के इस ठगी मामले में कई पुलिस कर्मी भी शामिल बताए जा रहे है। शातिरों ने प्रदेश में करीब एक लाख से अधिक लोगों को ठगा है। एसआईटी की कार्रवाई के बाद प्रदेश में क्रिप्टो करंसी ठगी की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। ठगी मामले की राशि का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। क्रिप्टो रैकेट में शातिरों ने करीब अढ़ाई लाख आईडी बनाकर क्रिप्टो करेंसी के नाम पर प्रदेश की जनता को करोड़ों का चूना लगाया है। क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में एसआईटी ने अभी तक चार पुलिस कर्मियों सहित 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। ठगों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी बनाई संपत्ति क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी के इस स्कैम में करीब एक लाख लोग शामिल बताए जा रहे हंै। बताया जा रहा है कि अब तक की जांच में करीब 2500 करोड़ की ट्रांजेक्शन मिली है। बताया जा रहा है कि लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाले शातिरों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी संपत्ति बनाई है। ठगी मामले में कई अहम साक्षय एसआईटी के हाथ लगे है। फर्जी वेबसाइट से बनाया शिकार शातिरों ने वेबसाइट बनाकर लोगों को फर्जी कॉईन के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है। शातिरों ने कोर्वियो कॉइन, डीजीटी कॉइन, फिश टोकन हाइपनेक्सट, बिटपेड एक, बिटवेड दो और एडड फाइनांस कॉइन के झांसे में फंसाकर लोगों को ठगा है। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। करोड़ों के इस क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगाया है। एसआईटी क्रिप्टो करेंसी के सभी मास्टरमाइंड की प्रॉपर्टी की मैपिंग कर रही है।
हिमाचल एकता मंच द्वारा आयोजित 'शान-ए-भारत' कार्यक्रम वन्य प्राणी सूचना केंद्र सभागार मनाली में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि बेटियां फाउंडेशन की चेयरमैन डॉक्टर ज्योत्सना जैन रहीं। कार्यक्रम में विशेष अतिथि प्रांजल जैन व हिमाचल एकता मंच के अध्यक्ष दीपलाल भारद्वाज सचिव सुरेश ओबरॉय आदि के साथ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. ज्योत्सना जैन ने विभूतियों को सम्मानित करते हुए कहा कि इस तरह के सामाजिक कार्य करने से समाज को एक नई दिशा व प्रेरणा मिलती है तथा आने वाले समय में बेटियों का और भी उज्ज्वल भविष्य बनेगा। इस कार्यक्रम में हरगुन ने शिव भजन हे शुम्भू बाबा फिल्मी गीत मेरे ढोलना सुन प्यार की धुन व लोक गीत में ताता ताता खीचड़ो चाणे गै मेरीऐ ईजीऐ गीतों से दर्शकों का मनोरंजन किया। हरगुन राजकीय केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला लालग कक्षा चौथी की छात्रा है। इस कार्यक्रम में भिन्न-भिन्न राज्य के 100 से ऊपर उत्कृष्ट कार्य करने वाली सामाजिक संस्थाओं, महिला मंडल की महिलाओं व अनेक विभूतियों को सम्मानित किया गया। हिमाचल एकता मंच के चेयरमैन दीप लाल भारद्वाज ने कहा कि हमारा प्रयास समाज के हर वर्ग की महिला वर्ग व बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखारना उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों का सम्मान करना तथा अपनी संस्कृति का संरक्षण व संवर्धन करने का प्रयास करते रहना है।
शिमला। एसआईटी ने करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने आरोपियों की सात गाड़ियां जब्त की हैं। गौर रहे कि मामले में एसआईटी ने अब तक चार पुलिस कर्मियों समेत 18 आरोपी गिरफ्तार किए हैं। इसके आलावा एसआईटी ने अब तक 12 करोड़ की प्रॉपटी भी फ्रीज की है, जिसमें क्रिप्टो करंसी ठगी मामले के मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा की तीन करोड़ प्रॉपटी मंडी और जीरकपुर में फ्रीज की गई है। जानकारी देते हुए डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि करोड़ों की इस ठगी में कई सरकारी कर्मचारी और पुलिस कर्मी शामिल हैं। एसआईटी की जांच में पता चला है कि पुलिस कर्मी पहले इन्वेस्टर बने और फिर एजेंट बन गए। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी सुनील स्याल भी इस ठगी का किंग पिन है। एसआईटी ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में वेबसाइट डीकोट कर ली है, जिसमें कई ट्रांजेक्शन मिले हैं।
-वापिस लौटने पर शिमला में कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आज दिल्ली से वापिस शिमला लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने होटल मरीना से लेकर ओक ओवर तक मुख्यमंत्री पर पुष्प वर्षा की और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि हिमाचल प्रदेश के देवी-देवताओं और जनता की दुआओं से वह स्वस्थ होकर वापस लौटे हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों ने कुछ दिनों तक उन्हें आराम करने और समय पर खाना खाने की सलाह दी है, लेकिन वह सरकार की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और अगले 10 वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है और वर्तमान राज्य सरकार इसी दिशा में प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को मंत्रिमंडल की बैठक भी रखी गई है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उनकी कुछ दिन की अनुपस्थिति के दौरान मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और अधिकारियों ने अपने दायित्व को बखूबी निभाया है, जिसके लिए वह उनके धन्यवादी हैं। एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में नहीं जाएंगे, लेकिन इन चुनावों में कांग्रेस की जीत निश्चित है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को दीपावाली की शुभकामनाएं दी और प्रदेश में सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि अब सभी मिलकर दोबारा से विकास कार्यों में जुटेंगे और हिमाचल प्रदेश को विकास के रास्ते पर आगे लेकर जाएंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव चौधरी राम कुमार, संजय अवस्थी, आशीष बुटेल, विधायक, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मेधा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत सत्र 2023-24 के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इच्छुक एवं पात्र विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठाने के लिए 25 नवम्बर, 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दृष्टिगत बारहवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन संबंधित जिला के उच्चतर शिक्षा उप-निदेशक के पास डाक द्वारा अथवा ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। स्नातक स्तर के छात्र-छात्राएं अपना आवेदन पत्र अतिरिक्त/संयुक्त निदेशक (कॉलेज), शिक्षा निदेशालय के पास डाक अथवा ई-मेल medha.protsahan@gov.in के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन जमा करवाने की अन्तिम तिथि 25 नवंबर निर्धारित की गई है और इसके उपरांत कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक ई-मेल से केवल एक ही आवेदन पत्र स्वीकार किया जाएगा। योजना से संबधित पूर्ण जानकारी उच्चत्तर शिक्षा निदेशक की वैबसाईट www.education.hp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि योजना के तहत कोचिंग संस्थानों को उच्चतर शिक्षा विभाग को एक लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा करवानी अनिवार्य है। यदि अभी तक किसी संस्थान द्वारा यह राशि जमा नहीं की होगी तो उन्हें यह तुरन्त प्रभाव से यह जमा करवानी होगी और तभी वह कोचिंग संस्थान इस उद्देश्य के लिए पात्र होगा।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में दिवाली की रात 8 से 10 बजे के बीच ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर आदेशों को सख्ती से लागू करवाने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड के सदस्य सचिव अनिल जोशी ने बताया कि एनजीटी की ओर से वायु प्रदूषण के लिहाज से अति संवेदनशील शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जबकि मॉडरेट और सामान्य श्रेणी में आने वाले शहरों में सिर्फ ग्रीन पटाखे दो घंटे चलाने की छूट दी गई है।
कृषि सचिव सी पालरासू ने बताया कि प्रदेश में गेहूं के बीज का उत्पादन बढ़ाने के दृष्टिगत विभाग द्वारा इस वर्ष 800 क्विंटल प्रजनक बीज राज्य के विभिन्न जिलों में आबंटित किया जा रहा है। इस वर्ष गेहूं के प्रजनक बीज का मूल्य 7050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिसे विभाग के अपने फार्मों व पंजीकृत किसानों को वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा गेहूं के प्रमाणित बीज पर राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 1500 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जा रहा हैै। राज्य में किसानों की आर्थिकी को देखते हुए इस वर्ष लगभग 600 क्विंटल प्रजनक बीज किसानों में वितरित किया जा रहा है, प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं के प्रजनक बीजों पर 3000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान देने का फैसला लिया है, जिसे सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा 200 क्विंटल प्रजनक बीज जिलों में स्थित विभागीय फार्मों में उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से किसानों में बीज उत्पादन के प्रति और ज्यादा जागरूकता आएगी व इससे प्रदेश में बीज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कृषि निदेशक कुमद सिंह ने बताया कि प्रदेश में अधिकतर किसान लघु एवं सीमांत है। कृषि व्यवसाय की सफलता व पैदावार बहुत कुछ उच्च गुणवता बीजों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। प्रदेश में उत्तम बीजों की मांग बढ़ती जा रही है क्योंकि कोरोना महामारी के बाद अधिकतर नौजवान कृषि से जुड़े है। विभाग खाद्यान्नों आदि के बीजों को प्रदेश में ही उत्पादित कर किसानों को वितरित करने की ओर आत्मनिर्भर हो रहा है।
हिमाचल को पर्यटन राज्य बनाने के लिए साहसिक गतिविधियों पर दिया जा रहा ध्यान आधुनिक जरूरतों के अनुरूप पर्यटन गतिविधियों के विकास को दिया जा रहा बढ़ावा 'पर्यटक ग्राम' जहां हिमाचली संस्कृति से रू-ब-रू होंगे सैलानी हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार हिमाचल को पर्यटन राज्य के रूप में विकसित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है, ताकि युवाओं के लिए रोजगार तथा स्थानीय लोगों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके। इसके दृष्टिगत ट्रैकिंग, कंैपिंग, पैराग्लाइडिंग तथा रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को विशेष तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयास अब हकीकत में भी नज़र आने लगे हैं। हाल ही में हमीरपुर जिला के नादौन में ब्यास नदी में तीन दिवसीय एशियन राफ्टिंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। इसमें नेपाल, भूटान और कजाकिस्तान जैसे देशों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। कुल्लू-मनाली के उपरान्त नादौन ब्यास नदी पर राफ्टिंग का नया केंद्र बनकर उभरा है। नादौन क्षेत्र में पर्यटन विकास के दृष्टिगत एशियन विकास बैंक की मदद से 2500 करोड़ रुपये की परियोजना भी प्रस्तावित है। इससे पूर्व बिलासपुर जिला में स्थित गोविन्द सागर झील में भी जल क्रीड़ा से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं। मण्डी जिला के ततापानी में कोल बांध झील में भी जल क्रीड़ा पर आधारित साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कांगड़ा जिला के पौंग डैम में वाटर स्पोर्ट्स, शिकारा, क्रूज़ तथा यॉट इत्यादि की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश सरकार पारम्परिक पर्यटन के साथ-साथ आधुनिक जरूरतों के अनुरूप पर्यटन गतिविधियों के विकास को बढ़ावा दे रही है। पर्यटन राजधानी कांगड़ा में अंतरराष्ट्रीय स्तर के गोल्फ कोर्स का निर्माण प्रस्तावित है। बनखण्डी में 300 करोड़ रुपये की लागत से चिड़िया घर का निर्माण किया जा रहा है। सरकार ने अपने प्रथम बजट में ही 60 करोड़ रुपये का प्रावधान इसके पहले चरण के निर्माण के लिए किया है। स्थानीय कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए 'पर्यटक ग्रामÓ की स्थापना भी की जा रही है। इसमें स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तकला, संगीत इत्यादि को प्रसारित करते हुए स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र को नए आयाम देते हुए वरिष्ठ नागरिकों के लिए 'ओल्ड एज होमÓ विकसित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त एशियन विकास बैंक की सहायता से 1311 करोड़ रुपये की एक व्यापक पर्यटन विकास योजना की घोषणा सरकार ने इस वर्ष के बजट में की है। इसके अंतर्गत कांगड़ा जिला में 390 करोड़ रुपये, हमीरपुर जिला में 257 करोड़ रुपये, कुल्लू जिला में 229 करोड़ रुपये, शिमला जिला में 123 करोड़ रुपये तथा मण्डी जिला में 138 करोड़ रुपये व अन्य स्थानों पर 174 करोड़ रुपये पर्यटन विकास पर व्यय किए जाएंगे। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं, इलैक्ट्रिक बसें, जल क्रीड़ा, थीम पार्क, सड़क किनारे प्रसाधन सहित अन्य सुविधाएं, उच्च स्तरीय फूड कोर्ट, विरासत स्थलों के सौन्दर्यकरण और ईको टूरिज्म के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। ग्रीष्म एवं शीतकालीन खेलों का सुचारू आयोजन सुनिश्चित करने के दृष्टिगत शिमला आईस स्केटिंग रिंक का उन्नयन करने के साथ ही मनाली में आईस स्केटिंग तथा रोलर स्केटिंग का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का मानना है कि स्थानीय युवाओं को पर्यटन के साथ जोड़कर रोजगार के स्थायी अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इससे पर्यटन विकास सुनिश्चित होगा और प्रदेश के राजस्व में भी बढ़ौत्तरी हो सकेगी। पर्यटन तथा आतिथ्य क्षेत्रों में क्षमता निर्माण से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान कर युवाओं को पर्यटन क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने पर भी विशेष ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है।
- राज्य सरकार ने करसोग के लोगों को दिया दिवाली तोहफा राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने पर राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह करोड़ों रुपये व्यय किए जा रहे है, ताकि पात्र व्यक्तियों तक कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचा कर, उन्हें लाभान्वित किया जा सके। इसके दृष्टिगत राज्य सरकार ने दीपावली से ठीक पहले करसोग क्षेत्र के सैकड़ों लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के नये मामले स्वीकृत कर दीपावली का बड़ा तोहफा प्रदान किया है। मंडी जिला के करसोग क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने की उम्मीद में बैठे सैकड़ों लोगों को राज्य सरकार ने दीपावली से पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन का तोहफा दे कर उनकी उम्मीदों को चार चांद लगा दिए है। राज्य सरकार ने क्षेत्र के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 390 नए मामलें स्वीकृत किए है। जिनमें दिव्यांग पेंशन के 34 मामले, विधवा पेंशन के 66 व वृद्धा पेंशन के 290 मामलों को स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत सभी मामलों के लाभार्थियों को इसी माह से सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी। प्रतिमाह यह मिलेगी पेंशन योजना के स्वीकृत नये मामलों में लाभ पाने वालों में शामिल लाभार्थियों को राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत एक हजार रुपये से लेकर 1700 रुपये तक प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाएगी। इनमें दिव्यांग पेंशन योजना में 40 से 69 प्रतिशत दिव्यांगों को प्रतिमाह 1150 रुपये, जबकि 70 प्रतिशत या इससे अधिक प्रतिशत्ता वाले दिव्यांगों को प्रतिमाह 1700 रुपये सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलेगी। इसी प्रकार विधवा, एकल नारी या तलाकशुदा महिला पेंशन आदि मामलों में भी 70 वर्ष से कम आयु वर्ग की महिलाओं को 1150, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये और वृद्धा पेंशन के मामले में भी 70 वर्ष से कम आयु वर्ग के लाभार्थियों को 1000 रुपये, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लाभार्थियों को 1700 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलेगी। पहले से हो रहे हैं साढ़े 14 हजार लोग लाभान्वित एक लाख से अधिक आवादी वाले करसोग उपमंडल में पहले से ही हजारों लोग प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रहे है। उपमंडल में राज्य सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से लगभग साढ़े 14 हजार (14487) पात्र लोगों को पहले ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। जिस पर करोड़ों रुपये व्यय किए जा रहे है। क्षेत्र के लिए 390 नये मामले स्वीकृत कर राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया है। राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान करने पर पहले ही सालाना 25 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा रही है। डाकघर या बैंक खातों में होगा भुगतान तहसील कल्याण अधिकारी भोपाल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र के लोगों के लिए 390 नये पेंशन के मामले स्वीकृत किए गए है। जबकि लगभग साढ़े 14 हजार लाभार्थी पहले से ही लाभान्वित हो रहे है। नए स्वीकृत मामलों के सभी लाभार्थियों को इसी माह से पेंशन मिलना शुरू हो जाएगी। जिसका भुगतान लाभार्थियों के पोस्टल या फिर बैक खाते में किया जाएगा।
अखंडता फाउंडेशन के सौजन्य से विहंगम योग संत समाज के अनुयायियों ने आदर्श स्वास्थ्य केंद्र जंगल बैरी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। शिविर के दौरान 40 लोगों ने रक्तदान किया गया। इस कैंप में डॉ. सुरेंद्र सिंह डोंगरा डा. पल्लवी व संपूर्ण पी.एच सी. स्टाफ ने सहयोग किया। स्वास्थ्य केंद्र जंगल बैरी के इंचार्ज डॉ. सुरेंद्र डोगरा ने बताया कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, कोई धर्म नहीं, कोई पुण्य नहीं। रक्तदान करने से नई नई रक्त कोशिकाएं बनती हैं और कई तरह की बीमारियों से भी बचा जा सकता है। इस अवसर पर अखंडता फाउंडेशन के चेयरमैन विवेक चौहान ने बताया की प्रतिवर्ष स्वर वेद कथामृत के प्रवर्तक सुपुज्य प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज के पावन जन्मोत्सव पर रक्तदान का आयोजन किया जाता है। चेयरमैन सहित बीसीए अंतिम वर्ष के छात्र अमन शर्मा ने समस्त दानी सज्जनों को फल व जूस वितरित किए। फाउंडेशन के निदेशक पुरिंदर राणा ने डॉ. सुरिंदर सिंह डोगरा सहित उनके समस्त स्टाफ का आभार प्रकट करते हुए समस्त जन मानस से अपील की कि अगर मौका मिले तो जीवन में कम से कम एक बार रक्तदान जैसा महादान अवश्य करें। अखंडता फाउंडेशन के निदेशक पुरिंदर राणा ने सभी दानी सज्जनों विजय कुमार, जमीर बीबी, अमन भारती, सेवानिवृत्त कैप्टन विरेंद्र चंदेल व आर्यन लैब जंगल बैरी का उनके अमूल्य सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
-अलसिंडी के समीप हुई दुर्घटना में 6 लोग घायल -जसल से गाड़ी में सवार होकर किसी कार्यक्रम में अलसिंडी जा रहे थे लोग शिमला-करसोग सड़क पर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है। इस हादसे में चार महिलाओं सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। वहीं, अन्य 6 गंभीर रूप से घायल हुए है। हादसा करसोग उप मंडल के अलसिंडी के समीप हुआ है। जहां एक टाटा सूमो गाड़ी सड़क हादसे की शिकार हो गई। हादसे के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया, वहीं हादसे में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मिली जानकारी के अनुसार जसल के ये लोग टाटा सूमो में सवार होकर अलसिंडी में किसी कार्यक्रम में जा रहे थे। अलसिंडी के पास चालक अचानक गाड़ी से नियंत्रण खो बैठा और टाटा सूमो सड़क से लुढ़ककर गहरी खाई में जा गिरी। वहीं, मामले की सूचना मिलने के तुरंत बाद करसोग पुलिस स्टेशन के एसएचओ मोहन जोशी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर जांच में जुट गए। थाना प्रभारी करसोग ने बताया कि पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है।
-प्रतिमाह कमा रहे 25 हजार, पशुपालन विभाग की हिम कुक्कुट योजना बनी मददगार जोगिंदर नगर उपमंडल की ग्राम पंचायत चौंतड़ा के गांव लोअर चौंतड़ा निवासी 37 वर्षीय राजेश कुमार के लिए मुर्गी पालन स्वरोजगार का मजबूत आधार बना है। मुर्गी पालन से वे न केवल अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं, बल्कि प्रतिमाह औसतन 25-30 हजार रुपये की आय भी अर्जित कर पा रहे हैं। वर्तमान में राजेश कुमार के लिए पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग की हिम कुक्कुट योजना की 3 हजार ब्रायलर चूजा योजना न केवल मददगार साबित हो रही है बल्कि मुर्गी पालन आज उनकी आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। 10 वर्ष तक दिल्ली में की है ड्राइविंग आत्मविश्वास से लबरेज 12वीं कक्षा तक शिक्षित राजेश कुमार का कहना है कि लगभग 10 वर्षों तक दिल्ली में रोजी रोटी जुटाने को ड्राइविंग का काम किया। फिर वर्ष 2014 में वापस घर आए तथा स्वरोजगार को रोजगार का माध्यम बनाने की दिशा में प्रयास करते हुए 50 मुर्गियों से मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। इस बीच वर्ष 2015 में कुक्कुट पालन केंद्र चौंतड़ा से 15 दिन, वर्ष 2017 व 2018 में केंद्रीय कुक्कुट विकास संगठन (सीपीडीओ) चंडीगढ़ से एक सप्ताह का मुर्गी पालन में प्रशिक्षण हासिल किया। दिसम्बर 2022 में केंद्रीय कुक्कुट विकास संगठन (सीपीडीओ) चंडीगढ़ से ही एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में भी भाग लिया। मार्च 2023 में पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग ने 3 हजार ब्रायलर चूजा योजना स्वीकृत की। इस योजना के अंतर्गत पहले बैच में एक हजार ब्रायलर चूजा तैयार कर वे बाजार में बेच चुके हैं तथा इससे उन्हें औसतन 40 से 50 हजार रुपये की आमदन प्राप्त हुई है। साथ ही अब दूसरे बैच के एक हजार चूजों को वे पाल रहे हैं। इस तरह 50 मुर्गियों के पालन से शुरू हुआ उनका यह कार्य अब एक हजार चूजों के पालन पोषण तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने विभाग के माध्यम से जहां उपदान दरों पर मुर्गियों के लिए शेड बनाकर दिया है तो वहीं मुर्गियों की फीड तथा दवाईयां भी उपलब्ध करवाई हैं। राजेश कुमार कहते हैं कि कोविड-19 के कठिन दौर में जब लाखों लोग बेरोजगार होकर घर बैठ गए थे तो उन्होने मुर्गी पालन से ही न केवल अच्छी खासी आमदनी प्राप्त की बल्कि मुर्गी पालन परिवार की आजीविका को चलाने में मददगार साबित हुआ। लेकिन अब विभाग की मदद से वे इस व्यवसाय को बेहतर तरीके से कर पा रहे हैं तथा उनके आत्मबल को भी मजबूती मिली है। दूध गंगा योजना के तहत डेयरी पालन में भी कर चुके हैं राजेश राजेश कुमार कहते हैं कि परिवार की आजीविका को चलाए रखने के लिए वर्ष 2018 में मुर्गी पालन के साथ-साथ डेयरी पालन का कार्य भी शुरू किया। दूध गंगा योजना के तहत बैंक से तीन लाख रुपये का ऋण लेकर 11 गायों को पालकर दूध उत्पादन शुरू किया। जिससे भी उन्हे अच्छी आमदनी हासिल हुई, लेकिन वर्ष 2021 में लंपी वायरस रोग के चलते उनकी कुछ गायें मौत का शिकार हो गई। वर्तमान में उनके पास दो गाय हैं तथा दूध बेचकर भी वे अतिरिक्त आमदनी जुटा रहे हैं। इसके अतिरिक्त वे अपनी पुश्तैनी जमीन में विभिन्न तरह की पारंपरिक व नकदी फसलें भी तैयार कर रहे हैं। स्वरोजगार कर युवा घर बैठे कर सकते हैं अच्छी कमाई उन्होंने प्रदेश के युवाओं से आह्वान किया है कि वे यदि स्वरोजगार को अपनाते हैं तो इसके माध्यम से भी जीवन में आगे बढ़ने की अनेकों संभावनाएं मौजूद हैं। उनका कहना है कि स्वरोजगार अपनाने से पहले युवा अपनी कार्य क्षमता व प्राथमिकताओं को तय करते हुए ऐसा स्वरोजगार अपनाएं जिसमें वे बेहतर कर सकते हैं। उनका कहना है कि युवाओं का यह छोटा सा कदम न केवल उन्हे रोजगार के द्वार खोलेगा बल्कि घर बैठे ही वे अच्छी आमदनी भी अर्जित कर सकते हैं। क्या कहते हैं अधिकारी पशु चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी पशु चिकित्सालय चौंतड़ा डॉ. मुनीश चंद्र का कहना है कि लोअर चौंतड़ा निवासी राजेश कुमार मुर्गी पालन से अपनी आर्थिकी को सुदृढ़ बना रहे हैं। विभाग ने हिम कुक्कुट योजना के अंतर्गत तीन हजार ब्रायलर चूजा इकाई स्वीकृत की है। जिसके तहत तीन हजार चूजे लाभार्थी को तीन किस्तों में प्रदान किये जा रहे हैं। हिम कुक्कुट योजना के अंतर्गत 60 प्रतिशत सरकारी अनुदान लाभार्थी को कुक्कुट बाड़ा, आहार, बर्तन व चूजों की कीमत पर दिया जाता है जबकि 40 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं वहन करना होता है। इसके अलावा फीड व दवाईयां भी उपलब्ध करवाई जाती है तथा बिजली का बिल भी विभाग द्वारा वहन किया जाता है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा बेरोजगार युवाओं से सरकार की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया है।
-एसआईटी के पास पहुंचा ढाई लाख निवेशकों का रिकॉर्ड -घोटाले में संलिप्त आरोपियों का जल्द होगा पर्दाफाश क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का लालच देकर बनाई गई ढाई लाख निवेशकों की आईडी का पूरा रिकॉर्ड एसआईटी ने जुटा लिया है। ढाई लाख आईडी में नेता, डॉक्टर, अधिकारी, पुलिस, ठेकेदार और किसान शामिल हैं। अब यह देखा जा रहा है कि किस व्यक्ति ने डबल रिटर्न के लालच में कितने का निवेश किया है। किसके खाते में कितनी राशि आई है। इस रिकॉर्ड से एसआईटी जल्द ही घोटाले में संलिप्त आरोपियों का पर्दाफाश करेगी। इस मामले में और गिरफ्तारियां होनी हैं। 2000 करोड़ रुपये का घोटाला जांच में सामने आया है कि क्रिप्टोकरेंसी घोटाला में ढाई लाख के करीब लोगों की आईडी बनी और करीब 2,300 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन सामने आई है। इसमें 2000 करोड़ का घोटाला है। आरोपियों ने साल दर साल धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए नए-नए नाम से कंपनियां बनाईं। अब तक की जांच में पूरे फ्रॉड का मास्टरमाइंड सुभाष और अभिषेक को माना जा रहा है। इसके साथ ही घोटाले में संलिप्त कुछ अन्य आरोपियों को भी विभिन्न कपंनियों के एमएलएम से जुड़े बिजनेस में काम करने का अनुभव था। ऐसे में घोटाले से जुड़ी गैंग के सदस्यों को मालूम था किस तरह से लोगों को लालच देकर में जल्द से जल्द चेन को आगे बढ़ाना है। यही कारण रहा कि चंद सालों में करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने में आरोपी सफल रहे। इसी बीच जब आरोपियों को पूरे खेल का भंडाफोड़ होने का अंदेशा हुआ तो मास्टर माइंड सुभाष पुलिस का शिकंजा कसने से पहले ही विदेश फरार हो गया। कई आरोपी भूमिगत हो गए। पुलिस एसआईटी घोटाले में अब तक साढ़े 9 करोड़ की संपत्तियों को सीज किया जा चुका है। एसआईटी की ओर से इन दिनों आरोपियों की संपत्तियों को सीज करने का सिलसिला जारी है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के राशन कार्ड की ई-केवाईसी करवाने की तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। पहले यह 31 अक्तूबर तक निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ उपभोक्ता अपना व अपने परिवार के सदस्यों का ई-केवाईसी करवाने से वंचित रह गए थे। विभाग द्वारा ऐसे लोगों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण करने की तिथि बढ़ाई गई है। विभाग द्वारा राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ई-केवाईसी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुरूप हो, इसके दृष्टिगत प्रदेश भर में ई-केवाईसी की प्रक्रिया आरम्भ की गई है। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सयमबद्ध पूर्ण करने में सहयोग प्रदान करें। सरकार की
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेसनीत सुक्खू सरकार को बने हुए एक साल होने को है लेकिन मुख्यमंत्री अभी तक बदले की भावना से काम करते हुए सिफ़र् बीजेपी सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बंद करने का ही काम कर रही है। अब कांग्रेस सरकार प्रदेश के लाखों किसानों और बाग़वानों को परेशान करने के लिए प्राकृतिक खेली जैसी जनहितकारी योजनाएं बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसी सरकार आई है जो नई योजनाएं शुरू करने के बजाय पुरानी योजनाओं को बंद करने का काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकारों का काम किसी योजना को और मज़बूत करना हारता है, यदि योजनाओं में कोई कमी रह गई हो तो उसे दूर करना होता है। जयराम ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया प्राकृतिक खेती को अपना रही है लेकिन हिमाचल सरकार प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन के लिए चलाई जा रही योजना को बंद कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती योजना की हिमाचल में सफलता के लिए केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश की कई बार सराहना की गई। इस खेती के ज़रिए किसान रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न करके जैविक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं। जिससे किसानों की कृषि लागत एकदम कम हो जाती है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित खाद्य पदार्थ एक तरफ़ किसानों के स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद है तो दूसरी तरफ़ बाज़ार में ऐसे उत्पादों की भारी मांग की वजह से अच्छी क़ीमत भी मिल जाती है। लेकिन वर्तमान सरकार प्राकृतिक खेती योजना को बंद करके प्रदेश के किसानों और बागवानों को परेशान कर रही। सुख की सरकार का नारा लगाने वाले प्रदेश के लोगों को दु:ख देने का काम कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि अभी तक प्रदेश में लगभग 2 लाख से ज़्यादा किसान-बागवान परिवारों ने इस खेती विधि को पूर्ण या आंशिक भूमि पर अपना लिया है। प्रदेश की 99 प्रतिशत पंचायतों में यह विधि पहुंच बना चुकी है और 1,17,762 बीघा ( 9,421 हैक्टेयर) से अधिक भूमि पर इस विधि से खेती-बागवानी की जा रही है। इस योजना के तहत 2023 के अंत तक 20 हजार हैक्टेयर से ज़्यादा भूमि को प्राकृतिक खेती के अधीन लाने का लक्ष्य था लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया।
-'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम में हिमाचल की रही शानदार भागीदारी 'मेरी माटी, मेरा देश' कार्यक्रम के अंतर्गत वीरभूमि हिमाचल के गांवों की मिट्टी लेकर दिल्ली पहुंचे 143 युवाओं ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर के साथ कर्तव्य पथ पर विशाल कलश में अर्पित की। इसी विशाल कलश की मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान का निर्माण होगा। इस दौरान मीडिया कर्मियों से वार्तालाप करते हुए ठाकुर ने बताया कि हमारी वीरभूमि हिमाचाल वीरों की जननी है, वीरों की भूमि है। वीरभूमि हिमाचल प्रदेश बलिदानियों की भूमि है। यहां गांव के गांव हमारे वीरों के किस्सों से पटे पड़े हैं। मेरी माटी मेरा देश हमारे शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को याद करने का उन्हें श्रद्धांजलि देने का प्रयास है। मेरी माटी, मेरा देश आजादी के अमृत महोत्सव का अंतिम कार्यक्रम है। पूरे देश ने पिछले दो वर्षों में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया। लाखों कार्यक्रम हुए, करोड़ों लोग इससे जुड़े। माननीय प्रधानमंत्री जी ने मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम की शुरुआत करने को कहा तो पूरे देश के 6 लाख से ज्यादा गांवो और 7500 ब्लॉक्स में अमृत कलश यात्राएं निकलीं और मिट्टी इक_ा की गई और हिमाचल प्रदेश ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे देश से इक_ी की गई इस मिट्टी से कर्तव्य पथ पर अमृत उद्यान बनेगा। आज विजय चौक से लेकर इंडिया गेट तक युवाओं का हुजूम देश की मिट्टी को नमन और वीरों का वंदन करने हेतु जमा है। केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम का विधिवत समापन कर देशवासियों को संबोधित करेंगे। आज कर्तव्य पथ पर आपकी विशाल कलश देख सकते हैं जिसमें पूरे देश के 6 लाख गांव से आई मिट्टी रखी गई है।तमिलनाडु से लेकर जम्मू कश्मीर तक और नागालैंड से लेकर गुजरात तक संपूर्ण देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी है। आज तपती धूप में पूरे देश से युवा नई दिल्ली में एकत्रित हैं। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं का जोश देखते ही बनता है।
-कहा, चारों नगर निगम आपदा से प्रभावित, नहीं हो रहे विकास कार्य नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि ढाई साल बीत जाने के बाद नियमानुसार मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव होने है लेकिन राज्य सरकार चुनाव नहीं करवा रही है। जिसकी वजह से चार नगर निगमों के सारे विकास कार्य रुके हुए हैं। सभी नगर निगम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हैं और चुनाव न होने की वजह से एक भी काम उन क्षेत्रों में नहीं हो पा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सिफ़र् सरकार की नाकामी है। जिसके कारण लाखों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में मंडी, सोलन, धर्मशाला और पालनपुर नगर निगमों में सरकार की नाकामी के कारण मेयर और डिप्टी मेयर के बिना चल रही हैं। विकास के जो भी काम प्रस्तावित हैं, वो पूरी तरह से ठप्प पड़े हैं। मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव न करवा पाना प्रदेश सरकार की नाकामी है। नियमों के तहत इस पद को खाली नहीं रखा जा सकता। अब तो विधायकों के वोट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है, फिर भी सरकार यह चुनाव नहीं करवा रही है। इस प्रक्रिया में कोई बड़ा मतदान नहीं होना हैं। जिसमें बहुत वक़्त और संसाधनों की आवश्यकता होती हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा की वजह से प्रदेश भर में भारी नुक़सान हुआ है। इस नुक़सान से उबरने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाओं का सुचारू रूप से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में जब मेयर और डिप्टी मेयर जैसे अहम पदों पर कोई नहीं होगा तो राहत और पुनर्वास के काम प्रभावी तौर पर कैसे हो सकते हैं। मेयर किसी शहर का पहला नागरिक होता हैं।, उसके कार्यक्षेत्र में सभी प्रमुख कार्यों में उनकी अहम भूमिका होती है। जनता द्वारा चुने जाने के कारण जनता के पार्टी उनकी भी जवाबदेही होती हैं। ऐसे में उन्हें कार्य न करने देना लोकतांत्रिक व्यस्था का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार हर तरफ़ से तानाशाही की तरफ़ बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण पदों पर चुनाव न करवाकर सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के 5 नगर निगम सहित 60 शहरी निकायों को जारी ग्रांट इन एड से 76 करोड़ रुपए सरकार द्वारा वापस मांग लिया है। इससे त्रासदी के बाद पुनर्वास की योजनाएं बनाने में लगे शहरी निकायों की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने ने कहा कि सरकार द्वारा जारी किए गए धन की आधी राशि वापस मांगना ग़लत है। सरकार द्वारा विकास के लिए जो पैसे भेजे गये थे, उस धनराशि से निर्धारित योजनाओं पर काम शुरू हो गए हैं। ऐसे में उस धनराशि को वापस मांगना हास्यास्पद है।
करोड़ों रुपये के क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड केस में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसआईटी ने हमीरपुर जिले में विभिन्न 21 ठिकानों पर दबिश दी है। एसआईटी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, बैंक डिटेल समेत अन्य संपत्तियों की जांच की है। अधिकारी रिकॉर्ड को खंगाल रहे हैं। पुलिस विभाग और वन विभाग में सेवारत कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से भी पूछताछ की है। भोलेभाले लोगों को पैसा दोगुना करने का झांसा देकर क्रिप्टो करेंसी में आरोपियों ने निवेश करवाया था। आरोपियों के पास आलीशान घर, लग्जरी गाड़ियां देखकर एसआईटी भी हैरान है।
-प्रदेश सचिवालय में भी गैर फॉर्मल कपड़े पहनने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई -प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा ने जारी किया सर्कुलर प्रधान सचिव सामान्य प्रशासन भरत खेड़ा ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसके अनुसार हिमाचल प्रदेश सचिवालय समेत सरकारी दफ्तरों में अधिकारी और कर्मचारी अगर जीन, टी-शर्ट या अन्य गैर फॉर्मल कपड़े पहनकर आए तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। प्रदेश हाईकोर्ट और अन्य अदालतों में भी अधिकारियों और कर्मचारियों को फॉर्मल ड्रेस पहनकर ही जाना होगा। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी पहन कर ही कार्यालय में आना होगा। सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश उच्च न्यायालय ने वर्ष 2017 में इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। उसके बाद कार्मिक विभाग ने सभी विभागों को दिशा-निर्देश तैयार कर जारी किए थे, जिसमें ड्रेस कोड के बारे में जानकारी दी थी। इसमें स्पष्ट किया था कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी उपयुक्त, औपचारिक, साफ और अच्छे दिखने वाले और सही रंग के कपड़े पहनकर ही सरकारी दफ्तर में आएंगे। वे उच्च न्यायालय या अन्य अदालतों में उपस्थित होते हुए भी फॉर्मल और सही तरीके के कपड़े पहनेंगे। इस सर्कुलर के अनुसार हालांकि यह ध्यान में आया है कि इन निर्देशों की ठीक से अनुपालना नहीं की जा रही है। यही नहीं, प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी सही कपड़ों में नहीं पहुंच रहे हैं। उनके लिए पहले से ही वर्दी तय है। अधिकारियों और कर्मचारियों के कपड़े पहनने का अंदाज कार्यालय की व्यावसायिकता, गंभीरता और अनुशासन की शैली को भी प्रदर्शित करता है। ऐसे में राज्य सचिवालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी इन निर्देशों की अनुपालना करें। अगर इस संबंध में किसी भी तरह की कोताही बरती जाती है तो ऐसे में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए कंडक्ट रूल्स में प्रावधान होने की भी बात की गई। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में केवल वही वर्दी नहीं पहनेंगे, जिन्हें इससे पहले अनिवार्य नहीं किया गया है।
-पंचायत समिति सदस्य प्रशिक्षण वर्ग में बोले पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष -कहा, केंद्र सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाए कार्यकर्ता, कोई भी न रह जाए अछूता शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देश के लोकतंत्र में पंचायत की इकाई सबसे महत्वपूर्ण है। पंचायत स्तर पर कार्यकर्ता एक-एक व्यक्ति से जुड़े और लोगों को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं के बारे में बताए। हर लाभार्थी तक केंद्र की योजनाएं पहुंचे, यह भी सुनिश्चित करना कार्यकर्ता की ज़िम्मेदारी है। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिससे देश के हर वर्ग का समुचित विकास हो सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर फेल हो गई है। सरकार बने एक साल होने को है और अब तक एक भी वादा पूरा नहीं कर पाई है। प्रदेश में विकास के सारे कार्य ठप पड़े हैं। वह शिमला के ठियोग में पंचायत समिति सदस्य के प्रशिक्षण वर्ग में बोल रहे थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि कार्यकर्ता ही पार्टी का आधार होते हैं। बीजेपी आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी है। बीजेपी में सबसे ज़्यादा कार्यकर्ता हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली भारतीय जनता पार्टी में हर कार्यकर्ता को शीर्ष पर पहुंचने का अवसर मिलता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्ण समर्पण और अनुशासन के साथ जन-जन से जुड़कर पार्टी को मज़बूत करने के लिए काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर बूथ और हर पंचायत से बीजेपी को मज़बूत बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मज़बूत करना है। जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में हर क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान के आदर्शों के साथ भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। किसानों को कृषि कार्यों के लिए उर्वरकों की कमी न हो इसलिए प्रधानमंत्री ने उर्वरकों पर 22 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा की सब्सिडी दी है। इसके अलावा किसानों को 'किसान सम्मान निधिÓ, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, आयुष्मान, स्वच्छ भारत मिशन, जैसी दर्जनों जनहित की योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिल रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वर्तमान की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है। चुनाव जीतने के लिए प्रदेश के लोगों से झूठ बोला। सरकार बन जाने के बाद एक भी वादे को पूरा नहीं किया। चुनाव के समय हर नेता कांग्रेस की दस गारंटियों की बात करते थे लेकिन सरकार बन जाने के बाद सभी नेता गारंटियों का नाम ही नहीं ले रहे हैं। वह भूल गए हैं कि इस तरह से काम नहीं चलेगा। प्रदेश के लोग लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के इस झूठ का जवाब देने के लिए तैयार है।
जोगिंदर नगर उप मंडल के सनातन धर्म सभा मंदिर में शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव जीवन ठाकुर व अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ को लेकर हवन का आयोजन किया गया। पंडित मुकेश जगुड़ी द्वारा मंत्रोच्चारण कर हवन करवाया गया। इस अवसर पर वार्ड 5 के पार्षद प्यार चंद ठाकुर, जिला महासचिव रंजन शर्मा, महिला कांग्रेस की ब्लॉक अध्यक्ष ममता कपूर, अनीता ठाकुर, मनोनीत पार्षद प्रशांत, नौहली पंचायत प्रधान रामलाल, संजय कुमार, राजेश कुमार, पीतांबर व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
25 विधानसभा हलकों से सिर्फ एक मंत्री राजयोग उसका जिसे मिले कांगड़ा और मंडी का साथ सत्ताधारी कांग्रेस के हिस्से में है 11 सीटें क्या कांगड़ा में कांग्रेस की खींचतान डाल रही अड़ंगा ! भाजपा में मंडी को भरपूर मान, कांगड़ा दिखे हल्का मंडी में कांग्रेस को चाहिए व्यवस्था परिवर्तन 12 जिलों में 68 विधानसभा सीटें और 25 सीटें सिर्फ दो जिलों से। यानी करीब 37 प्रतिशत सीटें इन्हीं दो जिलों से है। इसीलिए कहते है हिमाचल प्रदेश में उसका राजयोग पक्का समझो जिसे कांगड़ा और मंडी का साथ मिल जाएँ। इन दो जिलों की चाल, सत्ता की ताल बदल देती है। 15 सीटों वाला जिला कांगड़ा और 10 सीटों वाला जिला मंडी सियासी दलों को मजबूर भी कर सकते है और मजबूत भी। ये ही कारण है की इन्हें सत्ता में भागीदारी भी उसी लिहाज से मिलती रही है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जिला कांगड़ा कांग्रेस के साथ गया और पार्टी 10 सीटें ले आई। वहीँ मंडी ने भाजपा और जयराम ठाकुर का मान रखा और दस में से नौ सीटों पर भाजपा को शानदार जीत मिली। दोनों जिलों की 25 में से 11 पर कांग्रेस को जीत मिली। खेर सत्ता परिवर्तन हुआ और कांग्रेस की सरकार बन गई। मंडी ने कांग्रेस का साथ नहीं दिया लेकिन कांगड़ा का भरपूर प्यार मिला। सिलसिलेवार दोनों ज़िलों की बात करते है और शुरुआत करते है ज्यादा सियासी वजन वाले जिला कांगड़ा से। कांगड़ा को जिस सियासी अधिमान की अपेक्षा थी वो अब तक नहीं मिला, कैबिनेट में इसका वजन अब तक हल्का है। कांगड़ा के हिस्से में अब तक सिर्फ एक मंत्री पद आया है। कैबिनेट में तीन स्थान खाली है और जाहिर है इसमें कांगड़ा का भी हिस्सा होगा, लेकिन जो मंत्रिपद पांच साल के लिए मिल सकते थे अब चार साल के लिए मिलेंगे, या उससे थोड़ा कम ज्यादा। जाहिर सी बात है कैबिनेट के चेहरे तय करने में कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान अड़ंगा डाल रही है, जिसका खमियाजा कांगड़ा को भुगतना पड़ रहा है। दूसरा सवाल ये भी है कि क्या कांगड़ा में वजनदार नेता नहीं रहे जो जिला के हक की बात रखे। जीएस बाली के रहते कांगड़ा का दावा सीएम पद के लिए था लेकिन अब हालात ये है कि मंत्रिपद के लिए भी कांगड़ा तरस गया है। दूसरा बड़ा नाम सुधीर शर्मा भी पार्टी के भीतरी संतुलन में अब तक कतार में ही है। वीरभद्र सरकार के समय सुधीर और स्व बाली, दोनों ही नेता सियासी मोर्चे पर वॉयलेंट रहते थे, अब बाली रहे नहीं और सुधीर साइलेंट है। दिग्गज ओबीसी नेता चौधरी चंद्र कुमार कांगड़ा से एकलौते मंत्री है, पर उनके जूते में भी उनके पुत्र और पूर्व विधायक नीरज भारती का पांव नहीं पड़ रहा। यानी मंत्री के घर में भी असंतोष है। जिला से दो सीपीएस बनाये गए है मगर ये सीपीएस रहेंगे या नहीं ये भी कोर्ट को तय करना है। आरएस बाली को जरूर कैबिनेट रैंक दिया गया है। इनके अलावा यादविंद्र गोमा, संजय रतन, भवानी पठानिया, मलेंद्र राजन और केवल पठानिया भी अपने अपने हलकों की सियासत में सिमित है। दिलचस्प बात ये है कि जला कांगड़ा के ये दस विधायक चार अलग-अलग गुटों से है। इनमें से तीन गुट कभी साथ थे, अब इनके बिखराव ने इन्हें कमजोर कर दिया है। बहरहाल कांगड़ा को आश्वासन तो मिल रहे है और शायद जल्द मंत्री पद भी मिले, लेकिन इस विलम्ब से कांग्रेस को हासिल क्या होगा, ये बड़ा सवाल है। वहीँ पद देकर किसका कद बढ़ाया जाता है, पुरानी निष्ठाएं बरकारार रहती है या बदलती है, इस पर भी निगाह रहेगी। बात भाजपा की करें तो भाजपा संगठन में भी कांगड़ा हल्का ही दीखता है। उम्मीद थी कि भाजपा का अगला प्रदेश अध्यक्ष जिला कांगड़ा से हो सकता है लेकिन ऐसा हुआ नहीं। कांगड़ा से प्रदेश संगठन में एक महामंत्री है, वहीँ अन्य पदों में भी कांगड़ा को वैसी तवज्जो नहीं दिखती जैसी अपेक्षा थी। कांग्रेस की तरह ही यहाँ भाजपा में भी गुट है और गुटों में भी गुट है। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहाँ भाजपा को सिर्फ चार सीट मिली थी, दो कैबिनेट मंत्री और संगठन के महामंत्री भी चुनाव हार गए थे। कांगड़ा में कमजोरी पार्टी के सत्ता से वनवास का बड़ा कारण बनी। अब बात जिला मंडी की करते है। 2017 के विधानसभा चुनाव से ही मंडी भाजपा के साथ है। तब भाजपा ने क्लीन स्वीप किया था। वहीँ 2022 में भी कांग्रेस को सिर्फ एक सीट मिली। भाजपा ने पांच साल मंडी को सीएम पद दिया और विपक्ष में आकर नेता प्रतिपक्ष का पद। यहाँ संकट कांग्रेस के समक्ष है। कांग्रेस के बड़े बड़े दिग्गज चुनाव हार गए जिनमें सीएम पद के दावेदार कौल सिंह ठाकुर भी है। जिला में एकमात्र विधायक है धर्मपुर से चंद्रशेखर। ऐसे में यहाँ मंत्री पद की संभावना न के बराबर है। किन्तु चंद्रशेखर को किसी अहम पद पर एडजस्ट जरूर किया जा सकता है। बहरहाल यहाँ भाजपा के लिए सब दुरुस्त है लेकिन 2017 और 2022 की पुर्नावृति न हो, इसके लिए कांग्रेस को मजबूत एक्शन प्लान की दरकार जरूर है। जिला मंडी में कांग्रेस के लिए आँतरिक व्यवस्था परिवर्तन समय की जरुरत है। मंत्रिपद न सही लेकिन मंडी को भागीदारी भरपूर देनी होगी।
कहा, सत्ता हथियाने के लिए लिया झूठ का सहारा, अब मुझे ही करते हैं रोज याद सत्ता हथियाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने हमेशा झूठ का सहारा लिया है। हिमाचल में भी इस बार कांग्रेस ने झूठी गारंटियां दी और सरकार बनते ही विकास करने के बजाय बदले की भावना से काम किया और 10 महीनों में ही हजारों कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। इस निक्कमी सरकार ने मात्र 10 महीने में ही 10 हजार करोड़ रुपये का ऋण ले लिया, लेकिन एक भी विकास कार्य नहीं किया। ये आरोप सरकाघाट के बलद्वाड़ा में लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष एवम पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर पलटवार किया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू को सोते जागते मेरी ही याद आ रही है। सार्वजनिक मंच से बात कहते हुए उन्हें शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए और शालीनता से अपनी बात रखनी चाहिए। मेरे से सवाल पूछने के बजाय पहले मुख्यमंत्री सुक्खू यह बताएं कि मंडी की जनता के लिए उन्होंने इन 11 महीनों में किया ही क्या है। सुक्खू को शायद पहले मालूम नहीं है कि सोमवार को जिस पड्डल मैदान में उन्होंने राहत वितरण कार्यक्रम किया उन्होंने कहा कि जहां से मुख्यमंत्री खड़े होकर कह रहे थे उसके बगल में प्रदेश का दूसरा विश्वविद्यालय भाजपा ने स्थापित किया था। यहीं पर 45 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वल्लभ महाविद्यालय के भवन का निर्माण कार्य शुरु किया था। मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर जिस हेलीपोर्ट पर उतरा था, वह अब भाजपा ने बनाया था। हेलीपोर्ट से कुछ दूरी पर डेढ़ सौ करोड़ की लागत से शिवधाम का काम भाजपा सरकार के समय शुरु हुआ था। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरदार पटेल विश्वविद्यालय को बंद करने की साजिश रची जा रही है। वल्लभ महाविद्यालय व शिवधाम का काम बंद करवाना सुक्खू सरकार की बड़ी उपलब्धि रही है। सुक्खू यह कह कर रहे हैं कि जयराम ने मंडी के लिए कुछ नहीं किया,अगर कुछ नहीं किया होता तो मंडी की जनता विधानसभा चुनाव में 10 से नौ सीटें नहीं देती। जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि यह सुक्खू की किस्मत है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी थोड़े से वोटों के अंतर से जीत गई और वह मुख्यमंत्री बन गए। मगर यह दौर ज्यादा लंबा चलने वाला नहीं हैं। आने वाला समय कठिन होगा। बेहतर होगा कि सुक्खू व्यक्तिगत छींटाकशी कर आरोप लगाने के बजाय प्रदेश के विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करें। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री धर्मपुर पहुंचे और यहां पूर्व मंत्री एवम भाजपा नेता महेंद्र सिंह ठाकुर के नव गृह प्रवेश कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान पूर्व मंत्री राजिंदर गर्ग, भाजपा के विधायक राकेश जंबाल, दलीप ठाकुर, दीप राज़, इंद्र सिंह गांधी, पूर्ण चंद ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिमाचल युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यदोपति ठाकुर को मध्य प्रदेश चुनाव में अहम जिम्मेदारी मिली है। यदोपति को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी संजय दत ने राष्ट्रीय महासचिव व मध्य प्रदेश के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की स्वीकृति से जिला झावूआ का प्रभारी नियुक्त किया है। गौरतलब है कि यदोपति ठाकुर इससे पहले हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब सहित कई राज्यों में चुनाव प्रचार का काम कर चुके हैं। यदोपती ठाकुर हिमाचल से एक मात्र युवा हैं जिन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने यह जिम्मेवारी सौंपी है। यदोपति ठाकुर पिछले 18 वर्षों से विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रह कर कांग्रेस पार्टी के लिए कार्य कर रहें है। वहीं, यदोपति ठाकुर ने अपनी नियुक्ति के लिये राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला व राष्ट्रीय सचिव संजय दत सहित शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट किया है।
जयराम ठाकुर ने सभी प्रदेश वासियों को दी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश के लोगों को विजय दशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विजय दशमी यह त्यौहार हर प्रकार की बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह हमें बताती है बुराई हमेशा पराजित होती है और अच्छाई हमेशा जीतती है। उन्होंने विजय दशमी के शुभ अवसर पर प्रदेश वासियों के सुख, समृद्धि और प्रसन्नता की प्रार्थना की।
-चुनाव न करवाकर कांग्रेस नगर निगम में रहने वाले लोगों को कर रही है परेशान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार हर तरफ़ से तानाशाही की तरफ बढ़ती जा रही है। प्रदेश में नगर निगमों के मेयर और डिप्टी मेयर का ढाई साल का कार्यकाल पूरा हो गया है लेकिन सरकार चुनाव नहीं करवा रही है।जिसके कारण बहुत से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। आपदा राहत और पुनर्निर्माण और पुनर्वास के कार्यक्रमों में बहुत देरी हो रही है। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने सरकार द्वार नगर निगमों, नगर पंचायतों को जारी किए गए धन की आधि राशि वापस मांगने पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यह बचकानी हरकत है। जो पैसे भेजे गये थे, उन पैसों से निर्धारित योजनाओं पर काम शुरू हो गए हैं। कुछ काम पूर्ण होने की कगार पर हैं ऐसे में वह धनराशि वापस कहां से आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार आए दिन कोई न कोई ऐसा काम करती है जो सिफ़र् अपरिपक्वता से भरा हुआ और हास्यास्पद लगता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा की वजह से प्रदेश भर में भारी नुक़सान हुआ है। इस नुक़सान से उबरने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार संस्थाओं का सुचारू रूप से कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में जब मेयर और डिप्टी मेयर जैसे अहम पदों पर कोई नहीं होगा तो राहत और पुनर्वास के काम प्रभावी तौर पर कैसे हो सकते हैं। मेयर किसी शहर का पहला नागरिक होता हैं।, उसके कार्यक्षेत्र में सभी प्रमुख कार्यों में उनकी अहम भूमिका होती है। जनता द्वारा चुने जाने के कारण जनता के पार्टी उनकी भी जवाब देही होती हैं। ऐसे में उन्हें कार्य न करने देना लोकतांत्रिक व्यस्था का अपमान हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार अपनी मनमानी बंद कर दे और तानाशाही वाली मानसिकता से बाहर आए। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की 4 नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव को सरकार जानबूझकर लटका रही है। प्रदेश सरकार ने सोलन, धर्मशाला, पालमपुर व मंडी नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के अढ़ाई वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने की अधिसूचना 12 अक्तूबर को ही जारी की थी। जिससे सोलन, धर्मशाला, पालमपुर व मंडी नगर निगम में मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव होने हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कोई बड़ा मतदान नहीं होना हैं। जिसमें बहुत वक़्त और संसाधनों की आवश्यकता होती हैं। बस सरकार जानबूझकर इस चुनाव को टाल रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार जल्दी से जल्दी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को संपन्न करवाए। उन्होंने कहा कि भले ही कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यस्था में वह झूठ बोलकर, झूठे वादे करके आई है लेकिन लोकतंत्र में तानाशाही चलाने की कोशिशें बहुत भारी पड़ेगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश के 5 नगर निगम सहित 60 शहरी निकायों को 50 फीसदी ग्रांट इन एड सरकार द्वारा वापस मांग ली है। इससे त्रासदी के बाद पुनर्वास की योजनाएं बनाने में लगे शहरी निकायों की परेशानी बढ़ गई है। सरकार के निर्देश पर निदेशक शहरी विकास विभाग ने नगर निगम के आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी व नगर पंचायतों के सचिवों को पत्र लिखकर ग्रांट वापस करने के निर्देश दिए हैं। छठे राज्य वित्त आयोग द्वारा जुलाई माह में सभी शहरी निकायों को करीब 153.64 करोड़ रुपए की ग्रांट इन एड जारी की थी। अब इसमें से 76.82 करोड रुपए सरकार वापस मांग रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हैरानी की बात है कि इस पैसों से निर्धारित परियोजनाओं पर काम शुरू हो गया है ऐसे में नगर निगम और स्थानीय निकाय यह पैसे कहां से वापस करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को इस तरह के बचकाने कामों से बचना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के लोगों की सुविधा को देखते हुए राज्य सरकार ने सफेदा, पॉपलर, बांस की लकड़ी के साथ-साथ कुठ (औषधीय पौधे) को प्रदेश से बाहर ले जाने पर लगी रोक को हटा दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए आज यहां कहा कि अब राज्य के लोग इन चार प्रजाति की लकड़ी को बिना परमिट के प्रदेश से बाहर ले जा सकते हैं। साथ ही इन प्रजाति की लकड़ी की ढुलाई राज्य के भीतर भी बिना अनुमति के हो पाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बहुत से किसान इन प्रजाति के पेड़ों को व्यवसायिक स्तर पर उगाते हैं, ऐसे में उनके हितों को देखते हुए राज्य सरकार ने इन चार प्रजातियों पर लगे प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इसके अतिरिक्त प्रदेश सरकार ने खैर की लकड़ी, कत्था, देवदार के तेल सहित प्रदेश में उगने वाली अन्य जड़ी-बूटियों को प्रदेश से बाहर ले जाने पर लगे प्रतिबंध को भी हटा दिया है। हालांकि इन वन उत्पादों को प्रदेश से बाहर ले जाने के लिए वन विभाग से परमिट लेना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वन विभाग से विभिन्न प्रकार के ई-परमिट प्राप्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश में नेशनल ट्रान्ज़िट पास सिस्टम शुरू करने जा रही है। यह सिस्टम शुरू करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का छठा राज्य होगा, जिसके शुरू होने से जहां लोगों को ई-परमिट प्राप्त करने में सुविधा होगी, वहीं विभाग के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता आएगी।
मंडी शहर के साथ लगदी सौली खड्ड पुल से आज एक पंजाब नंबर की इनोवा कार अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी। हादसे के समय कार में एक युवक और दो युवतियां घायल हुई हैं। हादसे का पता लगते ही स्थानीय लोगों ने घायलों को कार से बाहर निकालकर इलाज के लिए मंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। एक युवती की रीढ़ की हड्डी में चोट आई है, जबकि अन्यों को भी फ्रेक्चर हुआ है। हादसे के सवार तीनों लोग पंजाब के रहने वाले हैं जो कुल्लू मनाली से पंजाब की तरफ लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है।
-पंचायती राज मंत्री बोले, प्रदेश की स्थिति सुधरने पर पूरी करेंगे मांगें -टर्मिनेशन लेटर भी लिए जाएंगे वापस जिला परिषद कैडर अधिकारी व कर्मचारियों की २२ दिनों से चली आ रही हड़ताल आज समाप्त हो गई। सोमवार से सभी कर्मचारियों व अधिकारियों ने कार्य पर लौटने का फैसला लिया है। शनिवार को जिला परिषद कर्मचारी महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह से मिला और लगभग एक घंटे तक चली बैठक के बाद सरकार की ओर से मिले आश्वासन पर हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया। पंचायती राज मंत्री ने कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है। वहीं, पंचायती राज मंत्री ने कहा कि आज जिला परिषद कर्मियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला और बैठक की गई, जिसमें उन्हें विश्वास दिलवाया गया है कि उनकी मांगें सरकार चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि इनकी हड़ताल के चलते आपदा के समय कार्य में रुकावट आ रही थी। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को कर्मचारियों व अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक रखी गयी है, जिसमें इनकी सभी मांगों पर मंथन किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि जिन कर्मचारियों को बर्खास्तगी पत्र जारी किए गए थे, सोमवार को काम पर लौटने पर उनके टर्मिनेशन लेटर भी वापस ले लिए जाएंगे।
-देश के हर गांव से मिट्टी एकत्रित करके दिल्ली में बनेगी अमृत वाटिका मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के तहत मंडी के संस्कृति सदन में आयोजित जिला स्तरीय युवा महोत्सव में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश जोड़ने के लिए ये अभियान चला है। देश की जड़ों को और मजबूत करना, संस्कृति को जिंदा रखना और आने वाली पीढ़ी को हमारे वीरों की गाथाओं से जोड़ने के लिए हमें हमेशा प्रयासरत रहना होगा। युवाओं में देशभक्ति का जज़्बा पैदा करने की दृष्टि से ये कार्यक्रम बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे केंद्रीय सूचना प्रसारण एवम युवा सेवाएं मंत्री अनुराग ठाकुर का आभार जताया कि आपके नेतृत्व में ये कार्यक्रम देशभर में सफल हो रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि आप सबका सहयोग देश को जोड़ने के लिए अपेक्षित है। आज जरूरत है कि देश सुरक्षित रहे, देश आगे बढ़े, देशभक्ति का भाव बना रहे, इसलिए इस संकल्प को हमें आगे बढ़ाना है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश भर के छ: लाख गांव से आज अमृत कलश में गांव-गांव की मिट्टी दिल्ली पहुंच रही है। देवभूमि हिमाचल से भी मेरी माटी मेरा देश, माटी का नमन वीरों को वंदन कार्यक्रम बहुत जोश और उत्साह के साथ चला और आज मुझे खुशी है कि यहां की मिट्टी भी दिल्ली में बनने वाली अमृत वाटिका के लिए जा रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि आप प्रधानमंत्री जी के पंच प्रण विकसित भारत बनाना, गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलना, देश की समृद्ध विरासत को संजोने, एकता और एकजुता बनाए रखना और अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए हमेशा तत्पर रहें। इससे पूर्व उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का मंडी सर्किट हाउस पहुंचने पर विधायक अनिल शर्मा, राकेश जंबाल, विनोद कुमार, इंद्र सिंह गांधी, प्रकाश राणा, पूर्ण चंद ठाकुर, जिला भाजपा अध्यक्ष निहाल चंद शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष पायल वैद्य, जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, नगर निगम पार्षदों के साथ स्वागत किया।
-कहा, हिमाचल बलिदानियों की भूमि, यहां कार्यक्रम को लेकर अपार उत्साह केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अंतर्गत मोतीपुर, मंडी व बिलासपुर में विशाल सभा को संबोधित किया व भारत सरकार के इस अनुपम कार्यक्रम की बारीकियों व इसकी उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर पंच प्रण की शपथ दिलाई और वीर नारियों सम्मानित किया। उन्होंने युवाओं को डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़ने का आह्वान करते हुए बताया कि डिजिटल तकनीक को अपनाने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल साढे 13 करोड़ गरीब लोग गरीबी रेखा से बाहर आ पाए हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि आज़ादी का अमृत महोत्सव देश में पूरे धूम-धाम से मनाया गया था और उसके अंतिम कार्यक्रम के रूप में मेरी माटी मेरा देश -वीरो को वंदन और मिट्टी को नमन इस भाव के साथ इसकी शुरुआत की गई है। मेरी माटी-मेरा देश कार्यक्रम के माध्यम से हर परिवार, हर व्यक्ति, हर नागरिक, हर बच्चा भारत को एक महान राष्ट्र बनाने में योगदान दे सकता है।आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इस कार्यक्रम के माध्यम से भूले हुए स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने की एक नई दृष्टि दी है। स्वतंत्रता सेनानियों ने इसके लिए बलिदान दिया है, हमारे देश को विकसित भारत बनाने के लिए आप सभी को योगदान देना होगा। इस धरती पर प्राण न्योछावर करने वालों को हम सब अपना समर्पण, अपनी मिट्टी प्रतीक के रूप में दे रहे हैं। हर घर से, हर गांव से, हर देहात से मिट्टी का कण अमृत वाटिका के निर्माण में पहुंचे और हर भारतीय इस देश की मिट्टी से जुड़कर देश के विकास के कार्यरत रहे। अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में इस कार्यक्रम को लेकर अपार उत्साह है। हम घूम-घूम कर स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों का सम्मान कर रहे हैं। मिट्टी के दिल्ली आने पर कर्तव्य पथ से होते हुए इंडिया गेट की ओर एक अमृत वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इंडिया गेट के पास आजादी का अमृत महोत्सव मेमोरियल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य देश में एकता एकजुटता की भावना बनाए रखना, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाना और अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना है ताकि देश का हर नागरिक अपने कर्तव्य को पूरा कर एक विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सके।
-कहा, देश बनाने में अपना योगदान देने वालों को याद करना, सम्मान देना हमारा धर्म पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान बालीचौकी में 'मेरी माटी-मेरा देशÓ कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। यहां उन्होंने जहां सैनिक परिवारों को सम्मानित किया, वहीं कई दिनों से हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों से मिलकर उनकी बात सुनीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव के समय में जिस चीज का समर्थन किया आज उसका विरोध कैसे कर सकती है। 'मेरी माटी-मेरा देशÓ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आदमी का स्वभाव है कि हम जब किसी काम में लग जाते हैं तो अपने अतीत को भूल जाते हैं। एक लक्ष्य को तो हम हासिल करलेते हैं, लेकिन हमने शुरुआत कहां से की थी उसको भुला देते हैं। किन परिस्थितियों में हमारे बुजुर्गों ने अपनी जवानी देश की खातिर कुर्बान की और कैसे कैसे जुल्म उन्होंने देश को आज़ादी दिलाने के लिए सहे होंगे ये हमें भूलना नहीं चाहिए। जब भी अवसर मिले उनके योगदान और समर्पण को हमें सदैव स्मरण करते रहना चाहिए। ये आज की आवश्यकता है। जयराम ठाकुर ने कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमेशा ये प्रयास रहता है कि वे ऐसे अवसर तलाशते रहते हैं जहां देश के लिए अपना जीवन और कुर्बानी देने वालों को याद किया जा सके। उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस की दशकों तक सरकारें रही लेकिन सरदार वल्लभ भाई पटेल का जो योगदान देश को जोड़ने और बनाने में रहा उस हिसाब से उन्हें वो सम्मान कांग्रेस पार्टी और उनकी सरकार नहीं दिला सकी लेकिन जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने तो उन्होंने गुजरात की धरती में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर उन्हें वो सम्मान दिलाया। ये वही लौह पुरुष थे जिन्होंने देश की छोटी बड़ी 562 रियासतों को मिलाकर महान भारत बनाया। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि जब इस काम के लिए देशभर से लोहा एकत्र करने का अभियान चला तो मुझे इसका राज्य संयोजक बनाया गया था। पूरे हिमाचल के गांव गांव से लोगों ने घर घर से लोहा इस काम के लिए दिया। ये पूरे भारत को जोड़ने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही कर सकते थे। आज बहुत सारी ताकतें देश और समाज को तोड़ने में लगी है। हमारी एकता और अखंडता को क्षीण करने में लगी हुई है लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि जब तक हमारे पास नरेंद्र भाई मोदी जैसा नेतृत्व है कोई ऐसा दु:साहस नहीं कर सकेगा और न कोई आंख उठाकर देख सकता। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश को भावनात्मक रूप से फिर जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की पहल की है। शहीद स्मारक दिल्ली के साथ एक अमृत वाटिका का निर्माण किया जा रहा है जिसमें हमारे गांव और खेत की मिट्टी भी पहुंचेगी। इस अभियान के तहत 7500 कलश दिल्ली पहुंचेंगे। हिमाचल प्रदेश में भी गांव गांव से मिट्टी अमृत कलश में एकत्र की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो संदेश प्रधानमंत्री जी ने दिया है उसको हमें जन जन तक पहुंचाना है। ये देश हमारा है, हमारा भी दायित्व बनता है कि हम भी देश को कुछ दें। प्रधानमंत्री और हम इस काम में लगे हैं कि देश को जोड़कर रखना है उसी के निमित हम ऐसे कार्यक्रम में आपके बीच आ रहे हैं। मेरा सबसे आह्वान है कि हम सब लोग राजनीति से ऊपर उठकर इस अभियान का हिस्सा बनें। इसी कार्यक्रम के तहत कल सूचना प्रसारण एवं युवा सेवाएं मंत्री भारत सरकार अनुराग ठाकुर जी मंडी आएंगे और हम सब उस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष ने शहीद परिवार के सदस्यों को भी सम्मानित किया और उपस्थित लोगों को पंच प्रण की शपथ भी दिलाई।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए उपभोक्ताओं के राशन कार्डों में उनकी आधार संख्या पंजीकृत की जा रही है। ई-केवाईसी के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि राशन कार्ड में दर्ज व्यक्ति का नाम, जन्म तिथि तथा लिंग, आधार में दर्ज डाटा के अनुसार ही हो। इस प्रक्रिया को 31 अक्तूबर पूर्ण किया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया कि विभागीय सर्वर में अचानक आई तकनीकी समस्या के दृष्टिगत ई-केवाईसी की प्रक्रिया बाधित हो गई थी, जिसे दुरूस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21 अक्तूबर से ई-केवाईसी की प्रक्रिया पुन: सुचारू रूप से कार्य करना आरंभ कर देगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि संबंधित उचित मूल्य की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए विभाग का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी उचित मूल्य की दुकान में राशन प्राप्त करने में कोई असुविधा हो रही हो तो इसका समाधान 24 अक्तूबर तक कर दिया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह 22 से 25 अक्टूबर से अपने संसदीय क्षेत्र मंडी के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह रामपुर, मंडी व कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अमित पाल सिंह ने बताया कि प्रतिभा सिंह 22 अक्टूबर को सुबह 9.30 बजे शिमला से रामपुर बुशैहर के लिए रवाना होंगी। दोपहर बाद 3 बजे धार गौरा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में अंडर-19 छात्रओं के जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के सम्मापन समारोह की अध्यक्षता करेंगी। इसके उपरांत 5.30 बजे सराहन में माता भीमा काली मंदिर के प्रांगण में वाचनालय का उदघाटन करेगी। इस दौरान उनके साथ प्रदेश लोक निर्माण एवं युवा खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी साथ होंगे। इस दिन रात्रि विश्राम सराहन रहेगा। 23 अक्टूबर को प्रतिभा सिंह सुबह 6 बजे सराहन से बाया जलोड़ी जोत होते हुए मण्डी के लिये रवाना होंगी। मण्डी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ आपदा प्रभावित लोगों को राहत राशि वितरण समारोह में भाग लेंगी। इस दिन रात्रि विश्राम लोक निर्माण विभाग साराभाई विश्राम गृह रहेगा। 24 अक्टूबर को ही प्रतिभा सिंह कुल्लू के ढालपुर मैदान में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के शुभारंभ समारोह में उपस्थित रहेगी। इस दिन भी रात्रि विश्राम साराभाई विश्राम गृह ही रहेगा। 25 अक्टूबर को ढालपुर मैदान में देवी देवताओं के दर्शनों के बाद रात्रि में श्री रघुनाथ जी की पूजा में हिस्सा लेंगी। इस दिन भी रात्रि विश्राम साराभाई विश्राम गृह ही रहेगा।
-मुख्यमंत्री सुक्खू ने किया मिल्कफेड के नए उत्पादों का शुभारंभ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां ओक ओवर से मिल्कफेड के नए उत्पादों का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दुग्ध प्रसंघ को बाजार में मांग आधारित उत्पाद तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने में हर संभव सहायता प्रदान करेगी। त्योहारों के मौसम को देखते हुए हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड ने गिफ्ट पैक, शादी की भाजी और शुगर फ्री मिठाइयां बाज़ार में उतारी हैं। नए गिफ्ट पैक तीन तरह की पैकिंग में उपलब्ध होंगे, जिनका मूल्य क्रमश: 620, 1000 तथा 1500 रुपए रखा गया है। मिल्कफेड के सभी बिक्री केंद्रों तथा जिला मुख्यालयों पर यह उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला कांगड़ा के डगवार में लगभग 226 करोड़ रुपये की लागत से 'स्टेट ऑफ द आर्टÓ दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का निर्माण प्रस्तावित है, जहां दूध के अनेक तरह के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके साथ-साथ अन्य संयंत्रों में भी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रतिज्ञा-पत्र में किसानों से 80 रुपए प्रति किलो गाय का दूध और 100 रुपये प्रति किलो भैंस का दूध खरीदने का वादा किया है, जिसके लिए मिल्कफेड के प्लांट को आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि किसानों से खरीदे गए दूध से गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार किए जा सकें। मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास सूद ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि सभी उत्पादों को तैयार करने में उच्च गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। शुगर फ्री मिठाइयों की मांग को देखते हुए मिल्कफेड ने इन्हें बाज़ार में उतारा है। इसके साथ-साथ मिल्कफेड की मिल्क केक, पहाड़ी बर्फी, कोकोनट बर्फी, के साथ-साथ 16 प्रकार की मिठाइयां बाज़ार में उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, निदेशक सूचना एवं जन संपर्क राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
-बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हड़ताल पर चल रहे जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों पर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। निदेशक पंचायती राज रुग्वेद ठाकुर की ओर से वीरवार को सीईओ जिला परिषद को जारी आदेशों में 167 जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश जारी हुए हैं। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बिलासपुर में 6, चंबा 13, हमीरपुर 10, कांगड़ा 38, किन्नौर 3, कुल्लू 11, लाहौल स्पीति 2, मंडी 32, शिमला 17, सिरमौर 13, सोलन 12 और ऊना में 10 जूनियर इंजीनियर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। 167 जूनियर इंजीनियर के पद अब आउटसोर्स आधार पर भरे जाएंगे। आउटसोर्स आधार पर बिलासपुर और चंबा में 7-7 पद, हमीरपुर 13, कांगड़ा 35, किन्नौर 3, कुल्लू 13, लाहौल स्पीति 1, मंडी 25, शिमला 22, सिरमौर 13, सोलन 16 और ऊना में 9 पद भरे जाएंगे। आउटसोर्स पदों को भरने की जानकारी हिमाचल प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम को भेजी जाएगी और यह पद एक साल के लिए भरे जाएंगे। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भी यह इंजीनियर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। सरकार का तर्क है कि जेई की अनुपस्थिति से मनरेगा के विकार्स कार्य, मनरेगा मजदूरों को भुगतान और आपदा कार्यों की बहाली में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
बीफार्मेसी कॉलेज जोगिंदर नगर में आग लगने की घटना के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल में विद्यार्थियों को भूकंप आने पर गैस सिलेंडर में आग लग जाने पर या चोट लग जाने पर क्या करना चाहिए और क्या न नहीं, इन बातों की जानकारी दी गई। अग्निशमन अधिकारी तिलक कुमार व उनकी टीम ने सभी विद्यार्थियों को आपदा के समय हर प्रकार की सुरक्षा से संबंधित जानकारी दी। इस कार्यक्रम में उप प्रधानाचार्य सुरेश कुमार भंडारी तथा टींचिग नॉन टीचिंग स्टाफ सहित कॉलेज के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
हिमाचल में करीब 80,000 शिक्षकों के तबादलों के लिए प्रदेश सरकार ने पुराने नियम बदल दिए हैं। अब शिक्षकों के तबादले 30 किलोमीटर के दायरे से बाहर होंगे। एक स्थान पर तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा करने के बाद अब शिक्षकों को 30 किलोमीटर दूर जाना अनिवार्य कर दिया गया है। तबादले करने के लिए सरकार ने दूरी को पांच किलोमीटर बढ़ा दिया है। पहले 25 किलोमीटर के भीतर तबादले होते थे। राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद शिक्षा विभाग ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में इसी माह से यह व्यवस्था लागू होगी। एक स्कूल में तीन वर्ष का सेवाकाल पूरा होते ही आपसी सहमति से नजदीकी शिक्षक के साथ स्कूल बदलने के तबादला आदेश जारी करवाने वाले शिक्षकों के लिए अब राह आसान नहीं रहने वाली है। शहरों के आसपास सटे स्कूलों में ही सेवाएं देने वाले शिक्षकों को थोड़ा और बाहर के क्षेत्रों में भेजने के लिए सरकार ने तबादला नीति में बदलाव कर दिया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से 30 की जगह 40 किलोमीटर के दायरे से बाहर शिक्षकों के तबादले करने का प्रस्ताव था, लेकिन सरकार ने इस दूरी को 30 किलोमीटर ही रखने की मंजूरी दी है। इस नई व्यवस्था से अब ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, जहां कोई भी जाने को तैयार नहीं होता था।
-प्रभावितों के साथ मजाक कर रही है सुक्खू सरकार -निर्माण सामग्री नही मिलने से कैसे बनेंगे बर्बाद हुए घर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों का पुनर्वास करने के बजाय उनके साथ मज़ाक़ कर रही है। प्रदेश में महीनों से क्रशर बंद होने की वजह से रेता बजरी आसानी से उपलब्ध नहीं हो रही है। निर्माण कार्य बिना रेत और बजरी के नहीं हो सकता है। इस वजह से निर्माण कार्य रुके हुए हैं। आगे सर्दी का मौसम है। ऐसे में लोगों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आपदा में सरकार का रवैया बहुत निराशाजनक है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सर्दी का मौसम आने वाला है और ग्राम पंचायतों का काम देखने वाले ज़िला परिषद कर्मी हड़ताल पर हैं। ऐसे में मनरेगा के तहत होने वाला एक हज़ार करोड़ के काम समय पर कैसे होंगे। जयराम ने कहा कि सरकार ने तीन बार सीमेंट के दाम बढ़ा दिये जिससे लोगों के निर्माण का खर्च और भी बढ़ गया है। इसके बाद भी प्रदेश के लोगों को समय पर सीमेंट नहीं मिला रहा है। आपदा से जूझ रहे लोगों को मनमाने क़ीमत पर भी सीमेंट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिससे लोगों के निर्माण कार्य रुके हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के समय में सरकार ने ऐसे निर्णय लिए हैं कि आपदा प्रभावितों के ज़ख़्म और हरे हो जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान इस समय में आपदा प्रभावितों को ज़्यादा से ज़्यादा राहत देनें का होना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से सरकार का ध्यान चीजों को महंगा करके लोगों को परेशान करने का है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिला परिषद के सभी कर्मचारी महीनों से हड़ताल पर हैं। चुनाव में किए गए वादे न पूरे किए जाने की वजह से वह महीनों से कोई काम नहीं कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों के सारे काम ठप पड़े हैं। ऐसे में आपदा से निपटने के लक्ष्य कैसे हासिल होंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने एक हज़ार करोड़ रुपये मनरेगा के तहत खर्च करने की घोषणा की है। जब पंचायत का काम देखने वाले ज़िला परिषद कर्मी हड़ताल पर हैं और सामान्य काम तक नहीं हो रहे हैं तो मनरेगा के काम कैसे हो पायेंगे। उन्होंने कहा कि आपदा राहत के नाम पर प्रदेश की सुक्खू सरकार लोगों को राहत पहुंचाने के बजाय हास्यास्पद तरीके से काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के इस तरह के फ़ैसलों की वजह से न तो लोगों को रेत बजरी उपलब्ध हो पा रही है और न ही सीमेंट और सरिया। प्रदेश में हाजाहज़ारों लोगों के घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। हज़ारों घर रहने लायक़ नहीं बचें हैं। ऐसे में सरकार द्वारा क्रशर बंद कर देने से यह समस्या और विकराल हो गई है। उन्होंने कहा कि क्रशर बंद करने का ख़ामियाज़ा प्रदेश के आपदा पीड़ित उठा रहे हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि अब तो प्रदेश में बफ़र्बारी भी शुरू हो गई है ऐसे क्षेत्रों में आपदा राहत को कोई काम नहीं हुआ है। इन क्षेत्रों के आपदा प्रभावित लोग कैसे रहेंगे यह भी सोचना सरकार का काम है, लेकिन सरकार ने एक बार भी इनके बारे में नहीं सोचा।
-कहा, मात्र 10 महीने में ही चरमराया कांग्रेस सरकार का आर्थिक प्रबंधन -केंद्रीय व्यापार और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मिले -इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट स्कीम के तहत राशि जारी करने पर जताया आभार शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार देर शाम केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से शिष्टाचार भेंट की और हिमाचल प्रदेश के लिए इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट स्कीम के तहत राशि जारी करने पर उनका आभार जताया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार का आर्थिक प्रबंधन मात्र दस महीनें में ही चरमरा गया है। सरकार आए दिन मनमाना कर्ज ले रही है और मनमाने नियम लाकर प्रदेश के लोगों को परेशान कर रही है। चुनाव के पहले कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने दस गारण्टियां दी थी, उनमें से एक भी पूरी नहीं की लेकिन दस महीनें में प्रदेश के दस हजार लोगों की नौकरी छीनकर प्रदेश को दस हज़ार करोड़ का कर्ज दे दिया है। जयराम ठाकुरने कहा कि एचआरटीसी में आम आदमी चलता है। एचआरटीसी का उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना नहीं है, बल्कि जनता की सेवा करना है। क्योंकि यह हर आम आदमी को घर तक पहुंचाने का साधन है। यह हास्यास्पद स्थिति है महिला को बस में शादी के एल्बम का भी किराया देना पड़ा। दो लैपटॉप एक साथ लेकर चलने पर पूरी सीट का किराया देना पड़ रहा है। यह व्यावहारिक तौर पर मजाक बन गया है। एचआरटीसी कर्मियों को एक-एक महीने बाद वेतन दिया जा रहा है, यह गलत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा घाटे की दलील देना उचित नहीं है, जब बीजेपी की सरकार थी तो हमने भी समय पर वेतन दिया था। सरकार की प्राथमिकताएं तय होनी चाहिए। एक लाख लोगों को हर साल नौकरी देने का वादा करने वाली कांग्रेस ने आते ही दस हज़ार लोगों का रोज़गार छीन लिया। दो हज़ार कोविड कर्मियों को छह माह का वेतन दिए बग़ैर ही बर्खास्त कर दिया। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के समय में हिमाचल को केंद्र की ओर से सर्वाधिक मदद मिली । संसाधनों से लेकर नक़द धनराशि रूप में अब तक के इतिहास में सबसे ज़्यादा मिली। मैं ख़ुद कई बार दिल्ली गया और गृहमंत्री समेत सभी प्रमुख नेताओं से बात कर हिमाचल के लिये अधिक से अधिक सहयोग देने का निवेदन किया। सहयोग आया, आगे और भी आएगा लेकिन मुख्यमंत्री ने केंद्र को सहयोग के लिए धन्यवाद तक नहीं दिया बल्कि केंद्र की ओर से मदद नहीं मिलने की बात की गई। यह कहना सर्वथा अनुचित है, मुख्यमंत्री सुक्खू को भगवान से डरना चाहिए। जयराम ने कहा कि भारत का आतंकवाद के ख़िलाफ़ हमेशा कड़ा रुख़ अपनाने की नीति पर ही काम करेगा। हमास द्वारा इज़रायल पर किए गए हमले में प्रधानमंत्री ने हमास की कड़े शब्दों निंदा की और स्पष्ट तौर पर इसराइल के साथ खड़े रहने की बात की। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का क़द बहुत बढ़ा है। आज हर वैश्विक संकट में विश्व भारत की तरफ़ संकट के निराकरण के उद्देश्य से देखता है।
-मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर दिया सम्मान -स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का किया शुभारंभ -कहा, राज्य में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन आवश्यक -सीबीआरआई रुड़की और हिमकॉस्टे के मध्य समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अंतर्राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर आज शिमला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आपदा के दौरान बेहतरीन कार्य करने वाले विभागों और अधिकारियों को सम्मानित किया। साथ ही संकट की इस घड़ी में प्रदेशवासियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रयासों की भी सराहना की। आपदा के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बेहतर कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों की मदद में सभी ने अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया है। राज्य सरकार द्वारा राहत एवं बचाव अभियान के लिए उन्हें सभी तरह के संसाधन उपलब्ध करवाए गए। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोगों एवं स्वयंसेवी संगठनों का भी भरपूर सहयोग मिला है। इस आपदा में हिमाचली लोगों के परस्पर सहयोग तथा संकट का एकजुट होकर सामना करने का जीवट भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बादल फटने की बढ़ती घटनाओं का अध्ययन करने की भी आवश्यकता है, क्योंकि राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुरक्षित भवन निर्माण के दृष्टिगत विभिन्न उपायों पर चर्चा के साथ ही इन्हें अमल में लाने के लिए कड़े कानून बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून में भारी तबाही हुई है, लेकिन प्रशासन के सामूहिक प्रयासों से विभिन्न स्थानों में फंसें 75 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 48 घंटों में सभी आवश्यक सेवाएं अस्थाई रूप से बहाल की गईं। ट्रैफिक में फंसे लोगों के लिए खाने-पीने सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया है। बेघर हुए परिवारों को किराए के आवास के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 5 हजार और शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपए प्रदान करने के साथ-साथ नि:शुल्क राशन भी दिया जा रहा है। आपदा में भूमिहीन हुए परिवारों को घर बनाने के लिए शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भीषण आपदा का दृढ़ता के साथ सामना करने के बाद अब राज्य सरकार हिमाचल को फिर से विकास की राह पर आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है, लेकिन सरकार केवल कर्ज के सहारे ही नहीं चल सकती। ऐसे में राज्य सरकार अपने आर्थिक संसाधन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले चार वर्षों में हिमाचल को आत्मनिर्भर तथा दस वर्षों में देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्कूल सेफ्टी मोबाइल ऐप का शुभारम्भ भी किया। इस ऐप के माध्यम से स्कूल आपदा प्रबंधन की योजना बना सकेंगे और उसी के अनुरूप मॉकड्रिल का आयोजन कर सकेंगे, जिसकी निगरानी उच्च स्तर पर भी आसानी से की जा सकेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति में केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की और हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकॉस्टे) के मध्य एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया। सीबीआरआई की ओर से एसके नेगी और हिमकॉस्टे की ओर से डी.सी. राणा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भूकंप से भवनों की सुरक्षा तथा ग्रामीण हिमाचल में राज मिस्त्रियों की प्रशिक्षुता से संबंधित पुस्तक एवं मार्गदर्शिका का भी विमोचन किया। प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा ने समर्थ कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और इस दौरान आयोजित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। विशेष सचिव डीसी राणा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र शर्मा, उप-महापौर उमा कौशल, उपायुक्त आदित्य नेगी, पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


















































