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               <title>First Verdict Media - Education </title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 23:07:29 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - Education </title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/nikhil-kanwar-becomes-president-of-the-himachal-high-court-bar-association-achieves-major-milestone-at-the-age-of-25]]></guid>
                       <title><![CDATA[25 साल की उम्र में निखिल कंवर बने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष, निर्विरोध चुने गए]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/nikhil-kanwar-becomes-president-of-the-himachal-high-court-bar-association-achieves-major-milestone-at-the-age-of-25]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के
चुनाव 25.09.2026 को संम्पन्न हुए, जिनके परिणाम भी उसी दिन घोषित किए गए। अधिवक्ता निखिल कंबर, पुत्र श्री राजेश कंबर, को कोषाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वांचित घोषित किया गया। मात्र 25 वर्ष की आयु में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर उन्होंने युवा अधिवक्ताओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अधिवत्त्ता निखिल कंबर मूल रूप से ग्राम थानाधार, डाकघर भुड़रा, तहसील राजगढ़ के निवासी हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विधि व्यवसाय कर रहे हैं। उन्होंने निबिर्धन जीत को युवा नेतृत्व, सादगी, समर्पण और विश्वास की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
निखिल कंवर का संकल्प
मैं पारशिग़ा, लोक, सेवा तथा नवप्रवेशी युवा अधिवक्ताओं के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को प्राथमिकता से उठाऊँगा। मेरा प्रयास रहेगा कि युवा वकीलों को बेहतर कार्यः देरावका, मार्गद्र्शन, अवसर और सम्मानजनक पेशेबर वातावरण मिल सके। मैं बार के प्रत्येक सदस्य के हित में पूर्ण समर्पण, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करूँगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के<br />
चुनाव 25.09.2026 को संम्पन्न हुए, जिनके परिणाम भी उसी दिन घोषित किए गए। अधिवक्ता निखिल कंबर, पुत्र श्री राजेश कंबर, को कोषाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वांचित घोषित किया गया। मात्र 25 वर्ष की आयु में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर उन्होंने युवा अधिवक्ताओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अधिवत्त्ता निखिल कंबर मूल रूप से ग्राम थानाधार, डाकघर भुड़रा, तहसील राजगढ़ के निवासी हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में विधि व्यवसाय कर रहे हैं। उन्होंने निबिर्धन जीत को युवा नेतृत्व, सादगी, समर्पण और विश्वास की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।<br />
निखिल कंवर का संकल्प<br />
मैं पारशिग़ा, लोक, सेवा तथा नवप्रवेशी युवा अधिवक्ताओं के समक्ष आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को प्राथमिकता से उठाऊँगा। मेरा प्रयास रहेगा कि युवा वकीलों को बेहतर कार्यः देरावका, मार्गद्र्शन, अवसर और सम्मानजनक पेशेबर वातावरण मिल सके। मैं बार के प्रत्येक सदस्य के हित में पूर्ण समर्पण, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करूँगा।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Nikhil Kanwar becomes Treasurer of the High Court Bar Association at the age of 25; elected unopposed.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/bl-school-kunihar-shines-at-childrens-science-fair-9-students-win-awards-students-showcased-their-talent-in-the-quiz-model-exhibition-and-science-activity-corner-winners-were-felicitated-upon-their-return-to-the-school]]></guid>
                       <title><![CDATA[बाल विज्ञान मेले में बीएल स्कूल कुनिहार का जलवा, 9 विद्यार्थियों ने जीते पुरस्कार  प्रश्नोत्तरी, मॉडल प्रदर्शनी और साइंस एक्टिविटी कॉर्नर में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर; स्कूल पहुंचने पर विजेताओं का किया सम्मान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/bl-school-kunihar-shines-at-childrens-science-fair-9-students-win-awards-students-showcased-their-talent-in-the-quiz-model-exhibition-and-science-activity-corner-winners-were-felicitated-upon-their-return-to-the-school]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

कुनिहार। बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के विद्यार्थियों ने खंड स्तरीय बाल विज्ञान मेले में शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दारलाघाट में आयोजित दो दिवसीय खंड स्तरीय बाल विज्ञान मेले में विद्यालय के 14 विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इनमें से 9 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान हासिल किए।

विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि उपनिदेशक, प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा विभाग, सोलन के मार्गदर्शन में आयोजित इस विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, ज्ञान और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कनिष्ठ वर्ग की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पूर्णिमा और वैष्णवी ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, वरिष्ठ वर्ग की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में रिधिमा और नव्या ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। मॉडल प्रदर्शनी में गार्गी शर्मा और जसप्रीत ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

साइंस एक्टिविटी कॉर्नर के कनिष्ठ वर्ग में रीत शर्मा ने द्वितीय स्थान, जबकि वरिष्ठ वर्ग में काव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ माध्यमिक वर्ग में समीक्षा जोशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।

जिला साइंस सुपरवाइजर अमरीश शर्मा ने विद्यार्थियों और उनके अध्यापकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

स्कूल पहुंचते ही विजेता विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद विद्यालय लौटे विजेता विद्यार्थियों का स्कूल परिसर में माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा और मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर खुशी जताई और उन्हें सम्मानित किया। संबंधित अध्यापकों को भी मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया।

विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, लगन, वैज्ञानिक सोच और अध्यापकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित विद्यार्थियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल है। पीटीए अध्यक्ष, विद्यार्थियों, अध्यापकों और अभिभावकों ने भी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कुनिहार। बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के विद्यार्थियों ने खंड स्तरीय बाल विज्ञान मेले में शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दारलाघाट में आयोजित दो दिवसीय खंड स्तरीय बाल विज्ञान मेले में विद्यालय के 14 विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इनमें से 9 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान हासिल किए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि उपनिदेशक, प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा विभाग, सोलन के मार्गदर्शन में आयोजित इस विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, ज्ञान और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कनिष्ठ वर्ग की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पूर्णिमा और वैष्णवी ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, वरिष्ठ वर्ग की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में रिधिमा और नव्या ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। मॉडल प्रदर्शनी में गार्गी शर्मा और जसप्रीत ने द्वितीय स्थान हासिल किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">साइंस एक्टिविटी कॉर्नर के कनिष्ठ वर्ग में रीत शर्मा ने द्वितीय स्थान, जबकि वरिष्ठ वर्ग में काव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ माध्यमिक वर्ग में समीक्षा जोशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जिला साइंस सुपरवाइजर अमरीश शर्मा ने विद्यार्थियों और उनके अध्यापकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">स्कूल पहुंचते ही विजेता विद्यार्थियों का हुआ सम्मान</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद विद्यालय लौटे विजेता विद्यार्थियों का स्कूल परिसर में माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा और मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर खुशी जताई और उन्हें सम्मानित किया। संबंधित अध्यापकों को भी मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, लगन, वैज्ञानिक सोच और अध्यापकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित विद्यार्थियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल है। पीटीए अध्यक्ष, विद्यार्थियों, अध्यापकों और अभिभावकों ने भी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43252.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[BL School Kunihar Shines at Children's Science Fair; 9 Students Win Awards  Students showcased their talent in the quiz, model exhibition, and science activity corner; winners were felicitated upon their return to the school.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/students-showcased-their-skills-in-the-quiz-model-exhibition-and-science-activity-corner-winners-were-felicitated-upon-their-return-to-school]]></guid>
                       <title><![CDATA[प्रश्नोत्तरी, मॉडल प्रदर्शनी और साइंस एक्टिविटी कॉर्नर में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर; स्कूल पहुंचने पर विजेताओं का किया सम्मान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/students-showcased-their-skills-in-the-quiz-model-exhibition-and-science-activity-corner-winners-were-felicitated-upon-their-return-to-school]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कुनिहार। बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के विद्यार्थियों ने खंड स्तरीय बाल विज्ञान मेले में शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दारलाघाट में आयोजित दो दिवसीय खंड स्तरीय बाल विज्ञान मेले में विद्यालय के 14 विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इनमें से 9 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान हासिल किए।

विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि उपनिदेशक, प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा विभाग, सोलन के मार्गदर्शन में आयोजित इस विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, ज्ञान और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कनिष्ठ वर्ग की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पूर्णिमा और वैष्णवी ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, वरिष्ठ वर्ग की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में रिधिमा और नव्या ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। मॉडल प्रदर्शनी में गार्गी शर्मा और जसप्रीत ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

साइंस एक्टिविटी कॉर्नर के कनिष्ठ वर्ग में रीत शर्मा ने द्वितीय स्थान, जबकि वरिष्ठ वर्ग में काव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ माध्यमिक वर्ग में समीक्षा जोशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।

जिला साइंस सुपरवाइजर अमरीश शर्मा ने विद्यार्थियों और उनके अध्यापकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

स्कूल पहुंचते ही विजेता विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद विद्यालय लौटे विजेता विद्यार्थियों का स्कूल परिसर में माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा और मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर खुशी जताई और उन्हें सम्मानित किया। संबंधित अध्यापकों को भी मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया।

विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, लगन, वैज्ञानिक सोच और अध्यापकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित विद्यार्थियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल है। पीटीए अध्य
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कुनिहार। बीएल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार के विद्यार्थियों ने खंड स्तरीय बाल विज्ञान मेले में शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दारलाघाट में आयोजित दो दिवसीय खंड स्तरीय बाल विज्ञान मेले में विद्यालय के 14 विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इनमें से 9 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान हासिल किए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि उपनिदेशक, प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षा विभाग, सोलन के मार्गदर्शन में आयोजित इस विज्ञान मेले में विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक सोच, ज्ञान और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कनिष्ठ वर्ग की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पूर्णिमा और वैष्णवी ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं, वरिष्ठ वर्ग की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में रिधिमा और नव्या ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। मॉडल प्रदर्शनी में गार्गी शर्मा और जसप्रीत ने द्वितीय स्थान हासिल किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">साइंस एक्टिविटी कॉर्नर के कनिष्ठ वर्ग में रीत शर्मा ने द्वितीय स्थान, जबकि वरिष्ठ वर्ग में काव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ माध्यमिक वर्ग में समीक्षा जोशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जिला साइंस सुपरवाइजर अमरीश शर्मा ने विद्यार्थियों और उनके अध्यापकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">स्कूल पहुंचते ही विजेता विद्यार्थियों का हुआ सम्मान</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद विद्यालय लौटे विजेता विद्यार्थियों का स्कूल परिसर में माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा और मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने विद्यार्थियों की उपलब्धि पर खुशी जताई और उन्हें सम्मानित किया। संबंधित अध्यापकों को भी मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, लगन, वैज्ञानिक सोच और अध्यापकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित विद्यार्थियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल है। पीटीए अध्य</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Students showcased their skills in the quiz, model exhibition, and science activity corner; winners were felicitated upon their return to school.]]></media:description>
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                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/environmental-conservation-initiative-in-naggar-shield-trust-plants-14-deodar-saplings]]></guid>
                       <title><![CDATA[नाग्गर में पर्यावरण संरक्षण की पहल, शील्ड ट्रस्ट ने रोपे देवदार के 14 पौधे]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/environmental-conservation-initiative-in-naggar-shield-trust-plants-14-deodar-saplings]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कुल्लू, 25 सितंबर 2026। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में शील्ड ट्रस्ट (Safeguarding Himachal&rsquo;s Integrity, Environment, Landmarks &amp; Dignity) ने आउटस्टेप पब्लिक स्कूल, नाग्गर के सहयोग से पौधरोपण अभियान चलाया। &ldquo;Green Today | Greener Tomorrow&rdquo; थीम के तहत आयोजित इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
अभियान के दौरान स्कूल परिसर में देवदार के 14 पौधे लगाए गए। इसके अलावा विद्यार्थियों और शिक्षकों को घरों तथा आसपास पौधे लगाने के लिए अतिरिक्त पौधे भी वितरित किए गए, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश स्कूल परिसर से निकलकर स्थानीय समुदाय तक पहुंचे।
इस अभियान में कुल्लू वन विभाग का भी सहयोग रहा। वन विभाग ने पौधे उपलब्ध करवाने के साथ उनके उचित रोपण और देखभाल को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया। शील्ड ट्रस्ट ने डीएफओ, रेंज ऑफिसर और वन विभाग के अन्य अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
आउटस्टेप पब्लिक स्कूल, नाग्गर के एमडी एवं प्रधानाचार्य खुभ राम नेगी ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने के लिए ऐसी गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने छात्रों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
शील्ड ट्रस्ट की अध्यक्ष रितांजलि हस्तीर ने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य युवाओं और स्थानीय समुदाय को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों में शामिल करना है, ताकि हिमाचल की हरियाली और प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखने में जनभागीदारी बढ़े।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लगाए गए पौधों की देखभाल और सुरक्षा का संकल्प लिया। ट्रस्ट के सचिव डॉ. योगेश भारद्वाज ने विद्यालय प्रबंधन, वन विभाग, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों का सहयोग के लिए आभार जताया।
उन्होंने कहा कि पौधरोपण की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। उनकी जीवितता, स्वस्थ विकास और नियमित देखभाल ही इस पहल की वास्तविक सफलता है।
शील्ड ट्रस्ट ने कहा कि भविष्य में भी विद्यालयों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर हिमाचल के पर्यावरण, हरित क्षेत्रों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कुल्लू, 25 सितंबर 2026। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में शील्ड ट्रस्ट (Safeguarding Himachal&rsquo;s Integrity, Environment, Landmarks &amp; Dignity) ने आउटस्टेप पब्लिक स्कूल, नाग्गर के सहयोग से पौधरोपण अभियान चलाया। &ldquo;Green Today | Greener Tomorrow&rdquo; थीम के तहत आयोजित इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने उत्साह के साथ भाग लिया।<br />
अभियान के दौरान स्कूल परिसर में देवदार के 14 पौधे लगाए गए। इसके अलावा विद्यार्थियों और शिक्षकों को घरों तथा आसपास पौधे लगाने के लिए अतिरिक्त पौधे भी वितरित किए गए, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश स्कूल परिसर से निकलकर स्थानीय समुदाय तक पहुंचे।<br />
इस अभियान में कुल्लू वन विभाग का भी सहयोग रहा। वन विभाग ने पौधे उपलब्ध करवाने के साथ उनके उचित रोपण और देखभाल को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया। शील्ड ट्रस्ट ने डीएफओ, रेंज ऑफिसर और वन विभाग के अन्य अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।<br />
आउटस्टेप पब्लिक स्कूल, नाग्गर के एमडी एवं प्रधानाचार्य खुभ राम नेगी ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने के लिए ऐसी गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने छात्रों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।<br />
शील्ड ट्रस्ट की अध्यक्ष रितांजलि हस्तीर ने कहा कि ट्रस्ट का उद्देश्य युवाओं और स्थानीय समुदाय को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े प्रयासों में शामिल करना है, ताकि हिमाचल की हरियाली और प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखने में जनभागीदारी बढ़े।<br />
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लगाए गए पौधों की देखभाल और सुरक्षा का संकल्प लिया। ट्रस्ट के सचिव डॉ. योगेश भारद्वाज ने विद्यालय प्रबंधन, वन विभाग, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों का सहयोग के लिए आभार जताया।<br />
उन्होंने कहा कि पौधरोपण की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। उनकी जीवितता, स्वस्थ विकास और नियमित देखभाल ही इस पहल की वास्तविक सफलता है।<br />
शील्ड ट्रस्ट ने कहा कि भविष्य में भी विद्यालयों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर हिमाचल के पर्यावरण, हरित क्षेत्रों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43250.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Environmental conservation initiative in Naggar: Shield Trust plants 14 Deodar saplings.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/new-dress-code-for-cbse-schools-uniforms-to-change-from-the-2027-28-academic-session-students-to-sport-a-green-theme]]></guid>
                       <title><![CDATA[CBSE स्कूलों में अब नया ड्रेस कोड! 2027-28 से बदलेगी यूनिफार्म, ग्रीन थीम में नज़र आएंगे बच्चे ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/new-dress-code-for-cbse-schools-uniforms-to-change-from-the-2027-28-academic-session-students-to-sport-a-green-theme]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 25 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला: हिमाचल प्रदेश के करीब 155 सरकारी CBSE स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नई यूनिफॉर्म लागू होगी। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए लाइट ग्रीन, फॉरेस्ट ग्रीन और चारकोल ग्रे रंगों पर आधारित ड्रेस कोड तय किया है।
बालवाटिका से पांचवीं तक के बच्चों के लिए अलग ड्रेस निर्धारित की गई है, जबकि छठी से 12वीं तक छात्राओं के लिए स्कर्ट की जगह सलवार-दुपट्टा या ग्रे पतलून का विकल्प रहेगा। छात्रों के लिए लाइट ग्रीन शर्ट और चारकोल ग्रे पतलून रखी गई है।
सभी कक्षाओं के लिए स्पोर्ट्स ड्रेस भी एक समान होगी। ठंडे क्षेत्रों में मौसम के अनुसार अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनने की अनुमति रहेगी।
वहीं शिक्षकों के लिए भी ड्रेस कोड तय किया गया है। महिला शिक्षिकाओं के लिए हल्का लाइलैक और पुरुष शिक्षकों के लिए हल्की नीली शर्ट-पैंट निर्धारित की गई है। यह ड्रेस कोड 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
स्कूल भवनों को भी ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंग की थीम में रंगने की योजना है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी CBSE स्कूलों को एक समान पहचान देना और ड्रेस में एकरूपता लाना है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला: हिमाचल प्रदेश के करीब 155 सरकारी CBSE स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नई यूनिफॉर्म लागू होगी। शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए लाइट ग्रीन, फॉरेस्ट ग्रीन और चारकोल ग्रे रंगों पर आधारित ड्रेस कोड तय किया है।<br />
बालवाटिका से पांचवीं तक के बच्चों के लिए अलग ड्रेस निर्धारित की गई है, जबकि छठी से 12वीं तक छात्राओं के लिए स्कर्ट की जगह सलवार-दुपट्टा या ग्रे पतलून का विकल्प रहेगा। छात्रों के लिए लाइट ग्रीन शर्ट और चारकोल ग्रे पतलून रखी गई है।<br />
सभी कक्षाओं के लिए स्पोर्ट्स ड्रेस भी एक समान होगी। ठंडे क्षेत्रों में मौसम के अनुसार अतिरिक्त गर्म कपड़े पहनने की अनुमति रहेगी।<br />
वहीं शिक्षकों के लिए भी ड्रेस कोड तय किया गया है। महिला शिक्षिकाओं के लिए हल्का लाइलैक और पुरुष शिक्षकों के लिए हल्की नीली शर्ट-पैंट निर्धारित की गई है। यह ड्रेस कोड 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।<br />
स्कूल भवनों को भी ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंग की थीम में रंगने की योजना है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी CBSE स्कूलों को एक समान पहचान देना और ड्रेस में एकरूपता लाना है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43231.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[New dress code for CBSE schools! Uniforms to change from the 2027-28 academic session; students to sport a 'green theme'.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/demand-to-prevent-overlapping-in-cbse-jbt-recruitment-hp-jbt-aspirants-submit-memorandum-to-cm-through-dc]]></guid>
                       <title><![CDATA[CBSE JBT भर्ती में ओवरलैपिंग रोकने की मांग, HP JBT अभ्यर्थियों ने DC के माध्यम से CM को सौंपा ज्ञापन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/demand-to-prevent-overlapping-in-cbse-jbt-recruitment-hp-jbt-aspirants-submit-memorandum-to-cm-through-dc]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 24 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

हिमाचल प्रदेश में CBSE JBT भर्ती के साथ अन्य भर्ती में एक साथ चयन के कारण संभावित ओवरलैपिंग को रोकने और HP JBT चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने की मांग उठी है। JBT भर्ती के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।

HP JBT भर्ती कोड 25004 के तहत 600 पदों के लिए परीक्षा 25 से 27 फरवरी को हुई थी, जबकि CBSE JBT भर्ती कोड 26015 के 600 पदों के लिए परीक्षा 13 से 17 जून तक आयोजित की गई। दोनों भर्तियों में 300 से अधिक अभ्यर्थियों के समान रूप से चयनित होने की संभावना जताई गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि HP JBT भर्ती का परिणाम 14 अगस्त को घोषित हो चुका है। वहीं, CBSE JBT भर्ती में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होनी है। HPRCA की ओर से करीब 10 प्रतिशत वेटिंग पैनल रखने की स्थिति में 600 पदों पर लगभग 60 अभ्यर्थियों को ही वेटिंग में रखा जा सकेगा। ऐसे में संभावित रिक्त पदों को भरना मुश्किल हो सकता है।

अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, HP JBT भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं, ताकि CBSE JBT के पद रिक्त न रहें। दूसरी, CBSE JBT की वेटिंग लिस्ट को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि संभावित रिक्त पदों को वेटिंग पैनल से भरा जा सके। तीसरी, CBSE JBT की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया HP JBT के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद शुरू की जाए। अभ्यर्थियों ने कहा है कि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई होने से दोनों भर्तियों में ओवरलैपिंग की समस्या कम हो सकती है और अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सकेगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में CBSE JBT भर्ती के साथ अन्य भर्ती में एक साथ चयन के कारण संभावित ओवरलैपिंग को रोकने और HP JBT चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने की मांग उठी है। JBT भर्ती के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">HP JBT भर्ती कोड 25004 के तहत 600 पदों के लिए परीक्षा 25 से 27 फरवरी को हुई थी, जबकि CBSE JBT भर्ती कोड 26015 के 600 पदों के लिए परीक्षा 13 से 17 जून तक आयोजित की गई। दोनों भर्तियों में 300 से अधिक अभ्यर्थियों के समान रूप से चयनित होने की संभावना जताई गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि HP JBT भर्ती का परिणाम 14 अगस्त को घोषित हो चुका है। वहीं, CBSE JBT भर्ती में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होनी है। HPRCA की ओर से करीब 10 प्रतिशत वेटिंग पैनल रखने की स्थिति में 600 पदों पर लगभग 60 अभ्यर्थियों को ही वेटिंग में रखा जा सकेगा। ऐसे में संभावित रिक्त पदों को भरना मुश्किल हो सकता है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, HP JBT भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं, ताकि CBSE JBT के पद रिक्त न रहें। दूसरी, CBSE JBT की वेटिंग लिस्ट को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि संभावित रिक्त पदों को वेटिंग पैनल से भरा जा सके। तीसरी, CBSE JBT की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया HP JBT के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद शुरू की जाए। अभ्यर्थियों ने कहा है कि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई होने से दोनों भर्तियों में ओवरलैपिंग की समस्या कम हो सकती है और अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सकेगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43228.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Demand to prevent overlapping in CBSE JBT recruitment; HP JBT aspirants submit memorandum to CM through DC.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/nss-foundation-day-celebrated-with-great-enthusiasm-at-gsss-gummar]]></guid>
                       <title><![CDATA[GSSS गुम्मर में धूमधाम से मनाया गया NSS स्थापना दिवस]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/nss-foundation-day-celebrated-with-great-enthusiasm-at-gsss-gummar]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 24 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुम्मर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का स्थापना दिवस उत्साह एवं गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। कार्यक्रम में NSS के उद्देश्यों, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर NSS स्वयंसेवियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया तथा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, सामाजिक जागरूकता स्वच्छता ही सेवा एवं राष्ट्र निर्माण का संदेश रैली के माध्यम से&nbsp; दिया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजन किया l स्वयंसेवियों ने NSS के आदर्श वाक्य &ldquo;Not Me But You&rdquo; को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या&nbsp; ममता भाटिया, उपप्रधानाचार्य&nbsp; अशोक कुमार, NSS कार्यक्रम अधिकारी&nbsp; शिव राम, महिला अधिकारी&nbsp; रीना देवी, श्रमीनाक्षी वर्मा,&nbsp; संदीप कौंडल सहित विद्यालय के समस्त अध्यापक उपस्थित रहे।

प्रधानाचार्या&nbsp; ममता भाटिया ने NSS स्वयंसेवियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयंसेवियों को अनुशासन, सेवा और जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

NSS कार्यक्रम अधिकारी शिव राम&nbsp; ने स्वयंसेवियों को NSS के इतिहास, उद्देश्यों एवं महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि NSS युवाओं में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

विद्यालय के सभी अध्यापकों ने NSS स्वयंसेवियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा भविष्य में भी समाजहित की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया l
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">&nbsp;राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुम्मर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का स्थापना दिवस उत्साह एवं गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। कार्यक्रम में NSS के उद्देश्यों, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर NSS स्वयंसेवियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया तथा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, सामाजिक जागरूकता स्वच्छता ही सेवा एवं राष्ट्र निर्माण का संदेश रैली के माध्यम से&nbsp; दिया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजन किया l स्वयंसेवियों ने NSS के आदर्श वाक्य &ldquo;Not Me But You&rdquo; को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या&nbsp; ममता भाटिया, उपप्रधानाचार्य&nbsp; अशोक कुमार, NSS कार्यक्रम अधिकारी&nbsp; शिव राम, महिला अधिकारी&nbsp; रीना देवी, श्रमीनाक्षी वर्मा,&nbsp; संदीप कौंडल सहित विद्यालय के समस्त अध्यापक उपस्थित रहे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रधानाचार्या&nbsp; ममता भाटिया ने NSS स्वयंसेवियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयंसेवियों को अनुशासन, सेवा और जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">NSS कार्यक्रम अधिकारी शिव राम&nbsp; ने स्वयंसेवियों को NSS के इतिहास, उद्देश्यों एवं महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि NSS युवाओं में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विद्यालय के सभी अध्यापकों ने NSS स्वयंसेवियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा भविष्य में भी समाजहित की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया l</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43227.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[NSS Foundation Day celebrated with great enthusiasm at GSSS Gummar.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/himachal/gna-university-honored-teachers-at-aabhar-2026]]></guid>
                       <title><![CDATA[ GNA University ने ‘आभार 2026’ में शिक्षकों को किया सम्मानित]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/himachal/gna-university-honored-teachers-at-aabhar-2026]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 22 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
जीएनए यूनिवर्सिटी ने शिक्षकों के योगदान और अकादमिक उत्कृष्टता को सम्मान देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय परिसर में &lsquo;आभार 2026&rsquo; अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाब क्षेत्र के 100 से अधिक विद्यालयों के 300 से ज्यादा शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया।

समारोह में&nbsp; हरजिंदर कौर (PES), जिला शिक्षा अधिकारी, होशियारपुर ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित सेवाएं देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जीएनए यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, युवा प्रतिभाओं को दिशा देने और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

जिला शिक्षा अधिकारी हरजिंदर कौर ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, अनुशासन, मूल्यों और व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के लिए जीएनए यूनिवर्सिटी की पहल की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान &lsquo;Happiness Unlocked&rsquo; विषय पर निश्चल महाजन ने विशेष संवादात्मक सत्र आयोजित किया। उन्होंने सकारात्मक सोच, खुशी और व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में संतुलन बनाए रखने को लेकर शिक्षकों के साथ महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

इस अवसर पर डॉ. समीर वर्मा, डीन, जीएनए बिजनेस स्कूल ने कहा कि शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करना उनके समर्पण और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में दिए गए योगदान को सम्मान देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए विश्वविद्यालय शिक्षा जगत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

समारोह में डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन एकेडमिक्स; डॉ. विक्रांत शर्मा, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिजाइन एंड ऑटोमेशन; डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिजाइन एंड ऑटोमेशन; तथा&nbsp; कुनाल बैंस, रजिस्ट्रार, जीएनए यूनिवर्सिटी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">जीएनए यूनिवर्सिटी ने शिक्षकों के योगदान और अकादमिक उत्कृष्टता को सम्मान देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय परिसर में &lsquo;आभार 2026&rsquo; अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाब क्षेत्र के 100 से अधिक विद्यालयों के 300 से ज्यादा शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">समारोह में&nbsp; हरजिंदर कौर (PES), जिला शिक्षा अधिकारी, होशियारपुर ने बतौर विशिष्ट अतिथि शिरकत की। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित सेवाएं देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्यक्रम का शुभारंभ जीएनए यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, युवा प्रतिभाओं को दिशा देने और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जिला शिक्षा अधिकारी हरजिंदर कौर ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास, अनुशासन, मूल्यों और व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के लिए जीएनए यूनिवर्सिटी की पहल की सराहना की।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्यक्रम के दौरान &lsquo;Happiness Unlocked&rsquo; विषय पर निश्चल महाजन ने विशेष संवादात्मक सत्र आयोजित किया। उन्होंने सकारात्मक सोच, खुशी और व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में संतुलन बनाए रखने को लेकर शिक्षकों के साथ महत्वपूर्ण विचार साझा किए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर डॉ. समीर वर्मा, डीन, जीएनए बिजनेस स्कूल ने कहा कि शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करना उनके समर्पण और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में दिए गए योगदान को सम्मान देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए विश्वविद्यालय शिक्षा जगत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">समारोह में डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन एकेडमिक्स; डॉ. विक्रांत शर्मा, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिजाइन एंड ऑटोमेशन; डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिजाइन एंड ऑटोमेशन; तथा&nbsp; कुनाल बैंस, रजिस्ट्रार, जीएनए यूनिवर्सिटी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43215.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[GNA University honored teachers at 'Aabhar 2026']]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/students-lock-the-gates-of-the-technical-university-protest-over-various-demandsincluding-the-appointment-of-a-permanent-vice-chancellorenters-its-23rd-day]]></guid>
                       <title><![CDATA[तकनीकी विश्वविद्यालय के गेट पर छात्रों का ताला, स्थायी VC समेत कई मांगों को लेकर 23 दिन से आंदोलन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/students-lock-the-gates-of-the-technical-university-protest-over-various-demandsincluding-the-appointment-of-a-permanent-vice-chancellorenters-its-23rd-day]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 11 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[तकनीकी विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर छात्र पिछले 23 दिनों से धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के बीच छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध जताया।
छात्रों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति (VC) की नियुक्ति समेत कई मुद्दे शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर उचित कदम नहीं उठाया गया है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। मुख्य गेट पर ताला लगाने के बाद विश्वविद्यालय में माहौल गरमा गया है।
छात्रों का आरोप है कि वे पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। अब छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है।
वहीं, छात्रों के लगातार प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय में स्थायी VC समेत सभी लंबित मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">तकनीकी विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर छात्र पिछले 23 दिनों से धरने पर बैठे हैं। आंदोलन के बीच छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध जताया।<br />
छात्रों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति (VC) की नियुक्ति समेत कई मुद्दे शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर उचित कदम नहीं उठाया गया है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।<br />
छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। मुख्य गेट पर ताला लगाने के बाद विश्वविद्यालय में माहौल गरमा गया है।<br />
छात्रों का आरोप है कि वे पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। अब छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला लिया है।<br />
वहीं, छात्रों के लगातार प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। छात्रों की मांग है कि विश्वविद्यालय में स्थायी VC समेत सभी लंबित मुद्दों का जल्द समाधान किया जाए।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43197.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Students lock the gates of the technical university; protest over various demands—including the appointment of a permanent Vice-Chancellor—enters its 23rd day.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/cm-sukhus-gift-to-nlu-shimla-new-hostels-to-be-built-major-solution-for-low-voltage-issues-also-in-the-works]]></guid>
                       <title><![CDATA[NLU शिमला को CM सुक्खू की सौगात! नए छात्रावास बनेंगे, लो वोल्टेज की समस्या पर भी होगा बड़ा समाधान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/cm-sukhus-gift-to-nlu-shimla-new-hostels-to-be-built-major-solution-for-low-voltage-issues-also-in-the-works]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 11 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) शिमला में विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने छात्राओं के लिए नए हॉस्टल के निर्माण, कम वोल्टेज की समस्या दूर करने और पीने के पानी की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए हैं।
छात्राओं के लिए नया हॉस्टल बनने से उन्हें रहने की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होने से बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। इसके साथ ही पीने के पानी की समस्या को भी दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।
वहीं, NLU के कुलपति ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया। उन्होंने विश्वविद्यालय की जरूरतों को गंभीरता से लेने और विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद किया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) शिमला में विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने छात्राओं के लिए नए हॉस्टल के निर्माण, कम वोल्टेज की समस्या दूर करने और पीने के पानी की व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए हैं।<br />
छात्राओं के लिए नया हॉस्टल बनने से उन्हें रहने की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान होने से बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। इसके साथ ही पीने के पानी की समस्या को भी दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।<br />
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर माहौल उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।<br />
वहीं, NLU के कुलपति ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया। उन्होंने विश्वविद्यालय की जरूरतों को गंभीरता से लेने और विद्यार्थियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद किया।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43195.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[CM Sukhu's gift to NLU Shimla! New hostels to be built; major solution for low-voltage issues also in the works.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/dress-code-uniform-and-building-color-scheme-finalized-for-cbse-schools-government-committed-to-providing-quality-education-to-students-close-to-their-homes]]></guid>
                       <title><![CDATA[सीबीएसई स्कूलों के लिए ड्रेस कोड, यूनिफॉर्म और भवन रंग योजना तय विद्यार्थियों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/dress-code-uniform-and-building-color-scheme-finalized-for-cbse-schools-government-committed-to-providing-quality-education-to-students-close-to-their-homes]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 10 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
हिमाचल प्रदेश के&nbsp; मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज&nbsp; शिक्षा विभाग की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म तथा स्कूल भवनों के लिए रंग योजना को अंतिम रूप देने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों की विशिष्ट यूनिफॉर्म हरे रंग की थीम पर आधारित होगी। इन स्कूलों की महिला शिक्षिकाएं हल्के लाइलैक (बैंगनी) रंग की पोशाक पहनेंगी, जबकि पुरुष शिक्षक हल्के नीले रंग की पैंट और शर्ट पहनेंगे। इन स्कूलों के भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों से रंगा जाएगा। शिक्षकों का ड्रेस कोड साफ-सुथरा, औपचारिक, शालीन और पेशेवर होगा तथा इसमें न्यूनतम सहायक वस्तुओं का प्रयोग किया जाएगा। डयूटी के दौरान शिक्षकों को अपना पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को उनके घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए जाएंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के&nbsp; मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज&nbsp; शिक्षा विभाग की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म तथा स्कूल भवनों के लिए रंग योजना को अंतिम रूप देने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों की विशिष्ट यूनिफॉर्म हरे रंग की थीम पर आधारित होगी। इन स्कूलों की महिला शिक्षिकाएं हल्के लाइलैक (बैंगनी) रंग की पोशाक पहनेंगी, जबकि पुरुष शिक्षक हल्के नीले रंग की पैंट और शर्ट पहनेंगे। इन स्कूलों के भवनों को ऑलिव ग्रीन और सैंड बेज रंगों से रंगा जाएगा। शिक्षकों का ड्रेस कोड साफ-सुथरा, औपचारिक, शालीन और पेशेवर होगा तथा इसमें न्यूनतम सहायक वस्तुओं का प्रयोग किया जाएगा। डयूटी के दौरान शिक्षकों को अपना पहचान पत्र पहनना भी अनिवार्य होगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को उनके घरों के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के लिए अतिरिक्त 5 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए जाएंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43192.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Dress code, uniform, and building color scheme finalized for CBSE schools Government committed to providing quality education to students close to their homes]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/himachal-state-selection-commission-declares-results-of-political-science-teacher-recruitment-exam-3650-candidates-had-applied]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल राज्य चयन आयोग ने राजनीतिक शास्त्र शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम किया घोषित, 3650 ने किया था आवेदन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/himachal-state-selection-commission-declares-results-of-political-science-teacher-recruitment-exam-3650-candidates-had-applied]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 09 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने राजनीतिक शास्त्र शिक्षक के 95 पदों के लिए आयोजित कंप्यूटर आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। पोस्ट कोड 26028 के तहत शिक्षक राजनीतिक शास्त्र के इन पदों के लिए कुल 3650 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 3002 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 648 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

आयोग ने परीक्षा में प्रदर्शन और निर्धारित अनुपात के आधार पर 239 अभ्यर्थियों को आगामी चयन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन के लिए अस्थायी रूप से शॉर्टलिस्ट किया है।
इन पदों के लिए कंप्यूटर आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट 29 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया था। 95 पदों में सामान्य वर्ग के 36, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 12, स्वतंत्रता सेनानी वार्ड के एक, अन्य पिछड़ा वर्ग के 16, अन्य पिछड़ा वर्ग बीपीएल के तीन, अनुसूचित जाति के 18, अनुसूचित जाति बीपीएल के तीन, अनुसूचित जाति स्वतंत्रता सेनानी वार्ड का एक, अनुसूचित जनजाति के चार और अनुसूचित जनजाति बीपीएल का एक पद शामिल है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल राज्य चयन आयोग हमीरपुर ने राजनीतिक शास्त्र शिक्षक के 95 पदों के लिए आयोजित कंप्यूटर आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। पोस्ट कोड 26028 के तहत शिक्षक राजनीतिक शास्त्र के इन पदों के लिए कुल 3650 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 3002 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 648 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आयोग ने परीक्षा में प्रदर्शन और निर्धारित अनुपात के आधार पर 239 अभ्यर्थियों को आगामी चयन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन के लिए अस्थायी रूप से शॉर्टलिस्ट किया है।<br />
इन पदों के लिए कंप्यूटर आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट 29 जुलाई 2026 को आयोजित किया गया था। 95 पदों में सामान्य वर्ग के 36, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 12, स्वतंत्रता सेनानी वार्ड के एक, अन्य पिछड़ा वर्ग के 16, अन्य पिछड़ा वर्ग बीपीएल के तीन, अनुसूचित जाति के 18, अनुसूचित जाति बीपीएल के तीन, अनुसूचित जाति स्वतंत्रता सेनानी वार्ड का एक, अनुसूचित जनजाति के चार और अनुसूचित जनजाति बीपीएल का एक पद शामिल है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43186.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal State Selection Commission declares results of Political Science teacher recruitment exam; 3,650 candidates had applied.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/himachal-reaches-995-literacy-from-798-setting-a-new-benchmark-the-state-to-be-honored-in-delhi-today]]></guid>
                       <title><![CDATA[7.98% से 99.5% तक पहुंचा हिमाचल, साक्षरता की नई मिसाल; दिल्ली में आज होगा प्रदेश का सम्मान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/himachal-reaches-995-literacy-from-798-setting-a-new-benchmark-the-state-to-be-honored-in-delhi-today]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 08 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

शिमला। कभी देश के सबसे कम साक्षर राज्यों में शामिल हिमाचल प्रदेश ने अब साक्षरता के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 1951 में प्रदेश की साक्षरता दर सिर्फ 7.98 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 99.5 फीसदी हो गई है। इस उपलब्धि के साथ हिमाचल देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। 99.7 फीसदी साक्षरता के साथ गोवा पहले नंबर पर है।&nbsp;
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर 8 सितंबर को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण साक्षरता की उपलब्धि के लिए सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि शामिल होंगे। प्रदेश की ओर से साक्षरता अभियान की उपलब्धियों और काम करने के तरीके की प्रस्तुति भी दी जाएगी।&nbsp;
आजादी के बाद हिमाचल के सामने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी चुनौती थी। 1951 में प्रदेश की कुल साक्षरता दर केवल 7.98 फीसदी थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1961 में यह 21.03 फीसदी, 1971 में 31.71 फीसदी, 1981 में 42.33 फीसदी, 1991 में 63.75 फीसदी, 2001 में 76.48 फीसदी और 2011 में 82.80 फीसदी पहुंची।&nbsp;
इसके बाद लगातार चलाए गए शिक्षा और साक्षरता अभियानों से प्रदेश ने तेजी से प्रगति की। कठिन पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दूरदराज के क्षेत्रों तक स्कूल और शिक्षा की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया गया।&nbsp;
साक्षरता अभियान के तहत वर्ष 2023-24 में 94,930 निरक्षरों की पहचान की गई थी। इनमें से दो वर्षों में 66 हजार से ज्यादा लोगों को साक्षर बनाया गया। अब प्रदेश में करीब 28,480 निरक्षर लोग शेष हैं।&nbsp;
अभियान में केवल पढ़ना-लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को बुनियादी गणना, डिजिटल भुगतान, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई।&nbsp;
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि साक्षरता की बड़ी चुनौती पार करने के बाद अब सरकार का फोकस शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी स्कूलों-कॉलेजों को मजबूत करने पर है। उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति, तबादलों में पारदर्शिता और स्कूलों में बेहतर व्यवस्था पर जोर दिया है।&nbsp;
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले कई शिक्षण संस्थानों को लेकर सरकार को नए सिरे से विचार करना होगा। सरकारी स्कूलों में पिछले 15 वर्षों में करीब चार लाख छात्रों की कमी को उन्होंने बड़ी चुनौती बताया।
यानी 1951 में 7.98 फीसदी से शुरू हुआ हिमाचल का साक्षरता सफर आज 99.5 फीसदी तक पहुंच चुका है। अब प्रदेश की अगली चुनौती हर व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच के साथ-साथ सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला। कभी देश के सबसे कम साक्षर राज्यों में शामिल हिमाचल प्रदेश ने अब साक्षरता के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 1951 में प्रदेश की साक्षरता दर सिर्फ 7.98 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 99.5 फीसदी हो गई है। इस उपलब्धि के साथ हिमाचल देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। 99.7 फीसदी साक्षरता के साथ गोवा पहले नंबर पर है।&nbsp;<br />
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर 8 सितंबर को नई दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश को पूर्ण साक्षरता की उपलब्धि के लिए सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर कार्यक्रम में बतौर विशेष अतिथि शामिल होंगे। प्रदेश की ओर से साक्षरता अभियान की उपलब्धियों और काम करने के तरीके की प्रस्तुति भी दी जाएगी।&nbsp;<br />
आजादी के बाद हिमाचल के सामने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी चुनौती थी। 1951 में प्रदेश की कुल साक्षरता दर केवल 7.98 फीसदी थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1961 में यह 21.03 फीसदी, 1971 में 31.71 फीसदी, 1981 में 42.33 फीसदी, 1991 में 63.75 फीसदी, 2001 में 76.48 फीसदी और 2011 में 82.80 फीसदी पहुंची।&nbsp;<br />
इसके बाद लगातार चलाए गए शिक्षा और साक्षरता अभियानों से प्रदेश ने तेजी से प्रगति की। कठिन पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद दूरदराज के क्षेत्रों तक स्कूल और शिक्षा की सुविधा पहुंचाने पर जोर दिया गया।&nbsp;<br />
साक्षरता अभियान के तहत वर्ष 2023-24 में 94,930 निरक्षरों की पहचान की गई थी। इनमें से दो वर्षों में 66 हजार से ज्यादा लोगों को साक्षर बनाया गया। अब प्रदेश में करीब 28,480 निरक्षर लोग शेष हैं।&nbsp;<br />
अभियान में केवल पढ़ना-लिखना ही नहीं, बल्कि लोगों को बुनियादी गणना, डिजिटल भुगतान, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई।&nbsp;<br />
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि साक्षरता की बड़ी चुनौती पार करने के बाद अब सरकार का फोकस शिक्षा की गुणवत्ता और सरकारी स्कूलों-कॉलेजों को मजबूत करने पर है। उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति, तबादलों में पारदर्शिता और स्कूलों में बेहतर व्यवस्था पर जोर दिया है।&nbsp;<br />
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले कई शिक्षण संस्थानों को लेकर सरकार को नए सिरे से विचार करना होगा। सरकारी स्कूलों में पिछले 15 वर्षों में करीब चार लाख छात्रों की कमी को उन्होंने बड़ी चुनौती बताया।<br />
यानी 1951 में 7.98 फीसदी से शुरू हुआ हिमाचल का साक्षरता सफर आज 99.5 फीसदी तक पहुंच चुका है। अब प्रदेश की अगली चुनौती हर व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच के साथ-साथ सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43174.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal reaches 99.5% literacy from 7.98%, setting a new benchmark; the state to be honored in Delhi today.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/teachers-day-celebrated-with-great-enthusiasm-at-iec-university-students-won-the-hearts-of-their-teachers-with-cultural-performances]]></guid>
                       <title><![CDATA[IEC विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से छात्रों ने जीता गुरुओं का दिल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/teachers-day-celebrated-with-great-enthusiasm-at-iec-university-students-won-the-hearts-of-their-teachers-with-cultural-performances]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 07 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[IEC विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से छात्रों ने जीता गुरुओं का दिल

अटल शिक्षा कुंज, कालू झंडा। अटल शिक्षा कुंज, कालू झंडा स्थित IEC विश्वविद्यालय में भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस बेहद उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने अपने प्राध्यापकों और गुरुजनों के सम्मान में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रल्हाद गुप्ता और वरिष्ठ संकाय सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इनमें शास्त्रीय नृत्य, संगीत और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने वाली लघु नाटिकाएं शामिल रहीं।
छात्रों ने अपने शिक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।
समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रल्हाद गुप्ता ने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण करना और उन्हें समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने सभी प्राध्यापकों को उनके निरंतर मार्गदर्शन और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए धन्यवाद दिया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">IEC विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से छात्रों ने जीता गुरुओं का दिल</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अटल शिक्षा कुंज, कालू झंडा। अटल शिक्षा कुंज, कालू झंडा स्थित IEC विश्वविद्यालय में भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस बेहद उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने अपने प्राध्यापकों और गुरुजनों के सम्मान में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए।<br />
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रल्हाद गुप्ता और वरिष्ठ संकाय सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इनमें शास्त्रीय नृत्य, संगीत और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने वाली लघु नाटिकाएं शामिल रहीं।<br />
छात्रों ने अपने शिक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।<br />
समारोह को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रल्हाद गुप्ता ने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण करना और उन्हें समाज का जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने सभी प्राध्यापकों को उनके निरंतर मार्गदर्शन और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए धन्यवाद दिया।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43173.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Teachers' Day celebrated with great enthusiasm at IEC University; students won the hearts of their teachers with cultural performances.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/education-system-exposed-in-the-assembly-177-schools-lack-buildings-studentsthe-futureare-studying-in-rest-houses-and-panchayat-buildings]]></guid>
                       <title><![CDATA[विधानसभा में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल: 177 स्कूल भवनविहीन, रेस्ट हाउस-पंचायत भवन में पढ़ रहा भविष्य]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/education-system-exposed-in-the-assembly-177-schools-lack-buildings-studentsthe-futureare-studying-in-rest-houses-and-panchayat-buildings]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 04 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल विधानसभा में शिक्षा व्यवस्था की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। प्रदेश के 177 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है। कई जगह बच्चे पंचायत भवन, रेस्ट हाउस, सामुदायिक केंद्र और दूसरे स्कूलों के कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि 12 स्कूलों के भवन प्राकृतिक आपदा के कारण असुरक्षित हो चुके हैं। 28 स्कूलों के नए भवन बन रहे हैं, जबकि 14 के लिए पैसा जारी किया जा चुका है। बाकी स्कूलों के लिए जमीन की समस्या बड़ी अड़चन बनी हुई है।
वहीं, पिछले तीन साल में बंद हुए 1,526 स्कूलों में से 1,473 भवन आज भी शिक्षा विभाग के पास हैं। इनमें से 577 भवन दूसरे विभागों और संस्थाओं को इस्तेमाल के लिए दे दिए गए हैं।
सबसे हैरान करने वाली तस्वीर चंबा के कुनरा स्कूल की है, जहां 99 बच्चे फिलहाल रेस्ट हाउस के महज चार कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल विधानसभा में शिक्षा व्यवस्था की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। प्रदेश के 177 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है। कई जगह बच्चे पंचायत भवन, रेस्ट हाउस, सामुदायिक केंद्र और दूसरे स्कूलों के कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं।<br />
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि 12 स्कूलों के भवन प्राकृतिक आपदा के कारण असुरक्षित हो चुके हैं। 28 स्कूलों के नए भवन बन रहे हैं, जबकि 14 के लिए पैसा जारी किया जा चुका है। बाकी स्कूलों के लिए जमीन की समस्या बड़ी अड़चन बनी हुई है।<br />
वहीं, पिछले तीन साल में बंद हुए 1,526 स्कूलों में से 1,473 भवन आज भी शिक्षा विभाग के पास हैं। इनमें से 577 भवन दूसरे विभागों और संस्थाओं को इस्तेमाल के लिए दे दिए गए हैं।<br />
सबसे हैरान करने वाली तस्वीर चंबा के कुनरा स्कूल की है, जहां 99 बच्चे फिलहाल रेस्ट हाउस के महज चार कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43160.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Education system exposed in the Assembly: 177 schools lack buildings; students—the future—are studying in rest houses and panchayat buildings.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news-update/himachal/promotions-galore-at-himachal-secretariat-18-senior-assistants-promoted-to-superintendent-grade-ii-set-to-shoulder-major-responsibilities]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल सचिवालय में प्रमोशन की सौगात! 18 सीनियर असिस्टेंट बने सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II, अब संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news-update/himachal/promotions-galore-at-himachal-secretariat-18-senior-assistants-promoted-to-superintendent-grade-ii-set-to-shoulder-major-responsibilities]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 04 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कर्मचारियों को प्रमोशन की सौगात मिली है। सचिवालय में कार्यरत 18 सीनियर असिस्टेंट को सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II के पद पर पदोन्नति दी गई है। इस प्रमोशन के बाद अब ये कर्मचारी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
सरकार की ओर से जारी आदेशों के तहत इन कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे सीनियर असिस्टेंट अब सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II के तौर पर विभागीय कामकाज को आगे बढ़ाएंगे। प्रमोशन मिलने से कर्मचारियों में भी खुशी का माहौल है।
नई जिम्मेदारी के तहत पदोन्नत कर्मचारियों को कार्यालयी कार्यों की निगरानी, फाइलों के निपटारे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण काम संभालने होंगे। इससे सचिवालय के कामकाज में भी जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा होने की उम्मीद है।
प्रमोशन को कर्मचारियों के अनुभव और सेवाओं की मान्यता के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों ने इसे अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कर्मचारियों को प्रमोशन की सौगात मिली है। सचिवालय में कार्यरत 18 सीनियर असिस्टेंट को सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II के पद पर पदोन्नति दी गई है। इस प्रमोशन के बाद अब ये कर्मचारी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।<br />
सरकार की ओर से जारी आदेशों के तहत इन कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे सीनियर असिस्टेंट अब सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II के तौर पर विभागीय कामकाज को आगे बढ़ाएंगे। प्रमोशन मिलने से कर्मचारियों में भी खुशी का माहौल है।<br />
नई जिम्मेदारी के तहत पदोन्नत कर्मचारियों को कार्यालयी कार्यों की निगरानी, फाइलों के निपटारे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण काम संभालने होंगे। इससे सचिवालय के कामकाज में भी जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा होने की उम्मीद है।<br />
प्रमोशन को कर्मचारियों के अनुभव और सेवाओं की मान्यता के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों ने इसे अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43157.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Promotions Galore at Himachal Secretariat! 18 Senior Assistants Promoted to Superintendent Grade-II; Set to Shoulder Major Responsibilities.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/20-years-of-computer-education-efforts-bear-fruit-subhash-chand-from-lahad-to-receive-state-teacher-award]]></guid>
                       <title><![CDATA[20 साल की कंप्यूटर शिक्षा रंग लाई , लाहड के सुभाष चंद को मिलेगा राज्य शिक्षक सम्मान  ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/20-years-of-computer-education-efforts-bear-fruit-subhash-chand-from-lahad-to-receive-state-teacher-award]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 03 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
कांगड़ा के लंबागांव खंड की तलवाड़ पंचायत के लाहड़ गांव निवासी सुभाष चंद को राज्य शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चुना गया है। करीब दो दशक से कंप्यूटर शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे सुभाष चंद को 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल कविंदर गुप्ता सम्मानित&nbsp;करेंगे&nbsp;

सुभाष चंद वर्तमान में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (श्रेणी-ए), मंडी में कंप्यूटर प्रशिक्षण अनुदेशक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2001 में मंडी से अपने शिक्षण करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में करीब दो वर्ष तक केंद्रीय विद्यालय मंडी में विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा देने के बाद वर्ष 2006 में हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत सेवाएं शुरू कीं।&nbsp;

लगभग 20 वर्षों की इस शिक्षण यात्रा में उन्होंने हजारों युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल प्रदान किए। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाले कई विद्यार्थी आज हिमाचल प्रदेश और केंद्र सरकार, सरकारी बैंकों के अलावा निजी क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं।&nbsp;
सुभाष चंद तकनीक में लगातार हो रहे बदलावों के साथ खुद को अपडेट करते रहे और विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटर तकनीक व रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाले एक प्रशिक्षु ने इस साल जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में मंडी में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी उसने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर विभाग की ओर से सुभाष चंद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।&nbsp;
निर्वाचन और सामाजिक जिम्मेदारियों में भी आगे
शिक्षण के साथ सुभाष चंद ने सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। मतदाता जागरूकता और निर्वाचन संबंधी कार्यों में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2022 और 2024 में दो बार प्रशस्ति पत्र मिल चुका है। उन्होंने युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने में भी भूमिका निभाई।&nbsp;
इसके अलावा मंडी में आयोजित अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया के दौरान भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई, जिसके लिए सेना भर्ती कार्यालय मंडी की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया।&nbsp;
राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मंडी के प्रधानाचार्य अभियंता अजेश कुमार सहित तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और विभाग के निदेशक रोहित राठौर ने उन्हें बधाई दी है। संस्थान के स्टाफ ने भी इसे सुभाष चंद की मेहनत के साथ-साथ पूरे संस्थान के लिए गौरव का क्षण बताया।&nbsp;
सुभाष चंद का कहना है कि शिक्षण उनके लिए महज नौकरी नहीं, बल्कि समाज और युवा पीढ़ी की सेवा का माध्यम है। उनके राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन से लाहड़ गांव, तलवाड़ पंचायत और पूरे लंबागांव क्षेत्र में खुशी का माहौल
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">कांगड़ा के लंबागांव खंड की तलवाड़ पंचायत के लाहड़ गांव निवासी सुभाष चंद को राज्य शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चुना गया है। करीब दो दशक से कंप्यूटर शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे सुभाष चंद को 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल कविंदर गुप्ता सम्मानित&nbsp;करेंगे&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सुभाष चंद वर्तमान में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (श्रेणी-ए), मंडी में कंप्यूटर प्रशिक्षण अनुदेशक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2001 में मंडी से अपने शिक्षण करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में करीब दो वर्ष तक केंद्रीय विद्यालय मंडी में विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा देने के बाद वर्ष 2006 में हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत सेवाएं शुरू कीं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">लगभग 20 वर्षों की इस शिक्षण यात्रा में उन्होंने हजारों युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल प्रदान किए। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाले कई विद्यार्थी आज हिमाचल प्रदेश और केंद्र सरकार, सरकारी बैंकों के अलावा निजी क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं।&nbsp;<br />
सुभाष चंद तकनीक में लगातार हो रहे बदलावों के साथ खुद को अपडेट करते रहे और विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटर तकनीक व रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेने वाले एक प्रशिक्षु ने इस साल जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में मंडी में पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी उसने तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर विभाग की ओर से सुभाष चंद को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।&nbsp;<br />
निर्वाचन और सामाजिक जिम्मेदारियों में भी आगे<br />
शिक्षण के साथ सुभाष चंद ने सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। मतदाता जागरूकता और निर्वाचन संबंधी कार्यों में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2022 और 2024 में दो बार प्रशस्ति पत्र मिल चुका है। उन्होंने युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने में भी भूमिका निभाई।&nbsp;<br />
इसके अलावा मंडी में आयोजित अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया के दौरान भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई, जिसके लिए सेना भर्ती कार्यालय मंडी की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया।&nbsp;<br />
राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान मंडी के प्रधानाचार्य अभियंता अजेश कुमार सहित तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और विभाग के निदेशक रोहित राठौर ने उन्हें बधाई दी है। संस्थान के स्टाफ ने भी इसे सुभाष चंद की मेहनत के साथ-साथ पूरे संस्थान के लिए गौरव का क्षण बताया।&nbsp;<br />
सुभाष चंद का कहना है कि शिक्षण उनके लिए महज नौकरी नहीं, बल्कि समाज और युवा पीढ़ी की सेवा का माध्यम है। उनके राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन से लाहड़ गांव, तलवाड़ पंचायत और पूरे लंबागांव क्षेत्र में खुशी का माहौल</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43152.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[20 years of computer education efforts bear fruit; Subhash Chand from Lahad to receive State Teacher Award.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/education/the-atmosphere-in-the-assembly-heated-up-over-the-university-bill-bjp-attacks-amendments-threaten-university-autonomyc]]></guid>
                       <title><![CDATA[विधानसभा में यूनिवर्सिटी बिल पर गरमा गया माहौल! BJP का हमला—संशोधन से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खतरे में]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/education/the-atmosphere-in-the-assembly-heated-up-over-the-university-bill-bjp-attacks-amendments-threaten-university-autonomyc]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में हिमाचल प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। सरकार ने विधेयक को विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, योग्यता आधारित चयन और वित्तीय अनुशासन मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया है।&nbsp;
विधेयक के तहत प्रदेश के छह सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती व्यवस्था में बदलाव प्रस्तावित है। शिक्षकों की भर्ती हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी HPPSC के माध्यम से और गैर-शिक्षक पदों पर भर्ती हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग या सरकार की ओर से अधिसूचित एजेंसी के जरिए किए जाने का प्रावधान है।&nbsp;
इसके साथ ही विश्वविद्यालयों की वित्त समिति की कमान वित्त सचिव को देने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इससे सरकारी धन के इस्तेमाल में जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन बढ़ेगा।&nbsp;
वहीं BJP ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए खतरा बताया। विपक्ष का तर्क है कि विश्वविद्यालयों की अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक स्वतंत्रता होती है और सरकार का हस्तक्षेप बढ़ने से उनकी स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है।
दूसरी ओर सरकार का कहना है कि इस संशोधन का मकसद विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करना नहीं, बल्कि भर्ती में पारदर्शिता, योग्यता आधारित चयन और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करना है।&nbsp;
इस विधेयक के दायरे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर और अटल मेडिकल रिसर्च विश्वविद्यालय नेरचौक शामिल हैं l
अब सदन में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच यह मुद्दा खासा गरमाने के आसार हैं कि विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के नाम पर सरकारी निगरानी कितनी होनी चाहिए और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कैसे बरकरार रखी जाए।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में हिमाचल प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। सरकार ने विधेयक को विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, योग्यता आधारित चयन और वित्तीय अनुशासन मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया है।&nbsp;<br />
विधेयक के तहत प्रदेश के छह सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती व्यवस्था में बदलाव प्रस्तावित है। शिक्षकों की भर्ती हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी HPPSC के माध्यम से और गैर-शिक्षक पदों पर भर्ती हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग या सरकार की ओर से अधिसूचित एजेंसी के जरिए किए जाने का प्रावधान है।&nbsp;<br />
इसके साथ ही विश्वविद्यालयों की वित्त समिति की कमान वित्त सचिव को देने का प्रस्ताव है। सरकार का कहना है कि इससे सरकारी धन के इस्तेमाल में जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन बढ़ेगा।&nbsp;<br />
वहीं BJP ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए खतरा बताया। विपक्ष का तर्क है कि विश्वविद्यालयों की अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक स्वतंत्रता होती है और सरकार का हस्तक्षेप बढ़ने से उनकी स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है।<br />
दूसरी ओर सरकार का कहना है कि इस संशोधन का मकसद विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता खत्म करना नहीं, बल्कि भर्ती में पारदर्शिता, योग्यता आधारित चयन और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करना है।&nbsp;<br />
इस विधेयक के दायरे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर, वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर और अटल मेडिकल रिसर्च विश्वविद्यालय नेरचौक शामिल हैं l<br />
अब सदन में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच यह मुद्दा खासा गरमाने के आसार हैं कि विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के नाम पर सरकारी निगरानी कितनी होनी चाहिए और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कैसे बरकरार रखी जाए।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43147.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[The atmosphere in the Assembly heated up over the University Bill! BJP attacks: Amendments threaten university autonomy.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news/news-update/major-change-in-scholarship-rules-a-student-can-now-receive-more-than-one-scholarship]]></guid>
                       <title><![CDATA[छात्रवृत्ति नियमों में बड़ा बदलाव, अब एक विद्यार्थी को मिल सकती है एक से ज्यादा स्कॉलरशिप]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news/news-update/major-change-in-scholarship-rules-a-student-can-now-receive-more-than-one-scholarship]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[NSP पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रवृत्ति के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब पात्र विद्यार्थी एक मेरिट आधारित छात्रवृत्ति के साथ-साथ पात्रता पूरी करने पर एक से अधिक कल्याणकारी छात्रवृत्तियों का लाभ उठा सकेंगे।
केंद्र सरकार ने मौजूदा &lsquo;वन स्टूडेंट-वन स्कॉलरशिप&rsquo; व्यवस्था को बदलकर &lsquo;वन स्टूडेंट-मल्टीपल स्कॉलरशिप&rsquo; करने का फैसला लिया है। यानी अगर कोई विद्यार्थी पहले से कल्याणकारी छात्रवृत्ति ले रहा है और बाद में मेरिट आधारित छात्रवृत्ति के लिए पात्र हो जाता है, तो उसे मेरिट छात्रवृत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। इसी तरह मेरिट छात्रवृत्ति लेने वाला विद्यार्थी पात्रता पूरी करने पर कल्याणकारी छात्रवृत्ति भी ले सकेगा।
वहीं विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया भी आसान की गई है। पहली बार आवेदन करते समय भरी गई सामान्य जानकारी को आगे के आवेदनों में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। बाद के आवेदनों में विद्यार्थी को केवल संबंधित योजना की जानकारी भरनी होगी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
अगर आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो विद्यार्थी को योजना से जुड़ी जानकारी में सुधार का मौका दिया जाएगा। वहीं सामान्य शैक्षणिक या संस्थान संबंधी जानकारी में बदलाव करने के लिए पहले जमा किए गए सभी आवेदन वापस लेने होंगे।
नए प्रावधान के तहत संस्थानों के नोडल अधिकारियों को भी विद्यार्थी के सभी छात्रवृत्ति आवेदनों और उनकी स्थिति दिखाई देगी। इससे आवेदन के सत्यापन की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
जिला उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों को इन नए नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। संस्थानों से कहा गया है कि नोटिस बोर्ड, प्रार्थना सभा और जागरूकता अभियानों के जरिए विद्यार्थियों को जानकारी दी जाए और निर्धारित समय सीमा में आवेदन करवाए जाएं।
यानी 2026-27 से विद्यार्थियों को ज्यादा छात्रवृत्ति के अवसर मिलने के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले आसान होने वाली है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">NSP पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रवृत्ति के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब पात्र विद्यार्थी एक मेरिट आधारित छात्रवृत्ति के साथ-साथ पात्रता पूरी करने पर एक से अधिक कल्याणकारी छात्रवृत्तियों का लाभ उठा सकेंगे।<br />
केंद्र सरकार ने मौजूदा &lsquo;वन स्टूडेंट-वन स्कॉलरशिप&rsquo; व्यवस्था को बदलकर &lsquo;वन स्टूडेंट-मल्टीपल स्कॉलरशिप&rsquo; करने का फैसला लिया है। यानी अगर कोई विद्यार्थी पहले से कल्याणकारी छात्रवृत्ति ले रहा है और बाद में मेरिट आधारित छात्रवृत्ति के लिए पात्र हो जाता है, तो उसे मेरिट छात्रवृत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। इसी तरह मेरिट छात्रवृत्ति लेने वाला विद्यार्थी पात्रता पूरी करने पर कल्याणकारी छात्रवृत्ति भी ले सकेगा।<br />
वहीं विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया भी आसान की गई है। पहली बार आवेदन करते समय भरी गई सामान्य जानकारी को आगे के आवेदनों में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। बाद के आवेदनों में विद्यार्थी को केवल संबंधित योजना की जानकारी भरनी होगी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।<br />
अगर आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो विद्यार्थी को योजना से जुड़ी जानकारी में सुधार का मौका दिया जाएगा। वहीं सामान्य शैक्षणिक या संस्थान संबंधी जानकारी में बदलाव करने के लिए पहले जमा किए गए सभी आवेदन वापस लेने होंगे।<br />
नए प्रावधान के तहत संस्थानों के नोडल अधिकारियों को भी विद्यार्थी के सभी छात्रवृत्ति आवेदनों और उनकी स्थिति दिखाई देगी। इससे आवेदन के सत्यापन की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आने की उम्मीद है।<br />
जिला उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों को इन नए नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। संस्थानों से कहा गया है कि नोटिस बोर्ड, प्रार्थना सभा और जागरूकता अभियानों के जरिए विद्यार्थियों को जानकारी दी जाए और निर्धारित समय सीमा में आवेदन करवाए जाएं।<br />
यानी 2026-27 से विद्यार्थियों को ज्यादा छात्रवृत्ति के अवसर मिलने के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले आसान होने वाली है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43144.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major change in scholarship rules: a student can now receive more than one scholarship.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news-update/education-board-gets-tough-on-dummy-admissions-strict-action-to-be-taken-against-schools-flouting-rules]]></guid>
                       <title><![CDATA[डमी दाखिलों को लेकर सख्त हुआ शिक्षा बोर्ड, नियमो कीअनदेखी करने वाले स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई   ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news-update/education-board-gets-tough-on-dummy-admissions-strict-action-to-be-taken-against-schools-flouting-rules]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 01 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
धर्मशाला। बोर्ड परीक्षाओं में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों का &lsquo;डमी एडमिशन&rsquo; करवाने वाले स्कूल अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के रडार पर आ गए हैं। बोर्ड ऐसे निजी व सरकारी संबद्ध स्कूलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने चेतावनी दी है कि छात्रों को नियमित कक्षाओं में पढ़ाए बिना सीधे बोर्ड परीक्षा में बिठाने की व्यवस्था कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि डमी एडमिशन की शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। आरोप सही साबित होने पर संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति का सही और अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि हाजिरी रजिस्टर में किसी भी तरह की हेराफेरी या गलत जानकारी देने को गंभीर अनियमितता माना जाएगा। प्रबंधन को सुनिश्चित करना होगा कि पंजीकृत छात्र वास्तव में कक्षाओं में आकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की आड़ में डमी दाखिले की बढ़ती प्रवृत्ति पर बोर्ड ने चिंता जताई है।
शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि समग्र विकास के लिए नियमित कक्षा-अध्ययन, प्रायोगिक कार्य और शिक्षक मार्गदर्शन बेहद जरूरी हैं। केवल कागजी दाखिला शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करता है। उन्होंने छात्रों व अभिभावकों से ऐसे संस्थानों के झांसे में न आने की अपील की।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">धर्मशाला। बोर्ड परीक्षाओं में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों का &lsquo;डमी एडमिशन&rsquo; करवाने वाले स्कूल अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के रडार पर आ गए हैं। बोर्ड ऐसे निजी व सरकारी संबद्ध स्कूलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने चेतावनी दी है कि छात्रों को नियमित कक्षाओं में पढ़ाए बिना सीधे बोर्ड परीक्षा में बिठाने की व्यवस्था कतई बर्दाश्त नहीं होगी।<br />
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि डमी एडमिशन की शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। आरोप सही साबित होने पर संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्यों को विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति का सही और अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखने के आदेश दिए गए हैं।<br />
उन्होंने कहा कि हाजिरी रजिस्टर में किसी भी तरह की हेराफेरी या गलत जानकारी देने को गंभीर अनियमितता माना जाएगा। प्रबंधन को सुनिश्चित करना होगा कि पंजीकृत छात्र वास्तव में कक्षाओं में आकर पढ़ाई कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की आड़ में डमी दाखिले की बढ़ती प्रवृत्ति पर बोर्ड ने चिंता जताई है।<br />
शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि समग्र विकास के लिए नियमित कक्षा-अध्ययन, प्रायोगिक कार्य और शिक्षक मार्गदर्शन बेहद जरूरी हैं। केवल कागजी दाखिला शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करता है। उन्होंने छात्रों व अभिभावकों से ऐसे संस्थानों के झांसे में न आने की अपील की।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/images/300x243/placeholder.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Education board gets tough on dummy admissions; strict action to be taken against schools flouting rules.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/blow-to-tgt-teachers-seniority-special-benefits-withdrawn-following-high-court-ruling-major-order-from-the-directorate]]></guid>
                       <title><![CDATA[TGT शिक्षकों की वरिष्टता पर चला हथोड़ा! हाईकोर्ट के फैसले के बाद विशेष लाभ वापस, निदेशालय का बड़ा आदेश]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/blow-to-tgt-teachers-seniority-special-benefits-withdrawn-following-high-court-ruling-major-order-from-the-directorate]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 01 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल के हजारों TGT शिक्षकों को बड़ा झटका, विशेष वरिष्ठता लाभ वापस; हाईकोर्ट के फैसले के बाद निदेशालय ने बदली अंतिम सूची
शिमला। हिमाचल प्रदेश के हजारों टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता को प्रभावित करने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2006 और 2007 में नियुक्त टीजीटी शिक्षकों को दिया गया विशेष वरिष्ठता लाभ वापस ले लिया है। ये लाभ पहले वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों के आधार पर दिए गए थे। अब हाईकोर्ट के फैसलों के अनुपालन में निदेशालय ने अंतिम वरिष्ठता सूची में आंशिक संशोधन करते हुए संबंधित शिक्षकों को दिए गए विशेष लाभ को हटा दिया है।
निदेशालय की ओर से इस संबंध में बाकायदा कार्यालय आदेश जारी किया गया है। इसके बाद 2006-07 में नियुक्त उन टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता पर असर पड़ेगा, जिन्हें पूर्व में वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों के आधार पर वरिष्ठता का लाभ मिला था।
मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2006-07 में नियुक्त टीजीटी शिक्षक अलग भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित हुए थे। इन शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 2005 में जारी किए गए अलग विज्ञापन के आधार पर हुई थी। ऐसे में उन्हें वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों में दिए गए वरिष्ठता लाभ का हकदार नहीं माना जा सकता।
अदालत ने यह भी कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया को लेकर निर्धारित समय में कोई कानूनी चुनौती नहीं दी, वे बाद में उस प्रक्रिया से जुड़े मामलों में दिए गए लाभ का दावा नहीं कर सकते।
निदेशालय की यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों के अनुपालन में की गई है। विशेष रूप से एलपीए संख्या 836/2025 (कौशल चंद्र बनाम राज्य सरकार एवं अन्य) में 25 फरवरी 2026 को दिए गए फैसले के बाद स्थिति स्पष्ट हुई। अदालत के निर्देशों के आधार पर निदेशालय ने अब अंतिम वरिष्ठता सूची में संशोधन किया है।
वर्ष 2002 और 2012 की चयन प्रक्रियाओं से जुड़े कर्मचारियों को पूर्व में अदालत के निर्देशों के अनुसार वरिष्ठता संबंधी लाभ दिए गए थे। वहीं, वर्ष 2006-07 में नियुक्त टीजीटी शिक्षक वर्ष 2005 के अलग विज्ञापन के तहत चयनित हुए थे। इसलिए उन्हें 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विशेष वरिष्ठता लाभ से अलग रखा गया है।
निदेशालय के इस फैसले से संबंधित टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता, पदोन्नति और उससे जुड़े सेवा लाभों पर असर पड़ सकता है। विशेष वरिष्ठता लाभ वापस लिए जाने के बाद अब उनकी स्थिति संशोधित अंतिम वरिष्ठता सूची के अनुसार तय होगी। शिक्षकों के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है, क्योंकि वरिष्ठता का सीधा संबंध भविष्य की पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों से होता है।
हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में निदेशालय की ओर से उठाए गए इस कदम को 2006-07 बैच के टीजीटी शिक्षकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल के हजारों TGT शिक्षकों को बड़ा झटका, विशेष वरिष्ठता लाभ वापस; हाईकोर्ट के फैसले के बाद निदेशालय ने बदली अंतिम सूची<br />
शिमला। हिमाचल प्रदेश के हजारों टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता को प्रभावित करने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2006 और 2007 में नियुक्त टीजीटी शिक्षकों को दिया गया विशेष वरिष्ठता लाभ वापस ले लिया है। ये लाभ पहले वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों के आधार पर दिए गए थे। अब हाईकोर्ट के फैसलों के अनुपालन में निदेशालय ने अंतिम वरिष्ठता सूची में आंशिक संशोधन करते हुए संबंधित शिक्षकों को दिए गए विशेष लाभ को हटा दिया है।<br />
निदेशालय की ओर से इस संबंध में बाकायदा कार्यालय आदेश जारी किया गया है। इसके बाद 2006-07 में नियुक्त उन टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता पर असर पड़ेगा, जिन्हें पूर्व में वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों के आधार पर वरिष्ठता का लाभ मिला था।<br />
मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2006-07 में नियुक्त टीजीटी शिक्षक अलग भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित हुए थे। इन शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 2005 में जारी किए गए अलग विज्ञापन के आधार पर हुई थी। ऐसे में उन्हें वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों में दिए गए वरिष्ठता लाभ का हकदार नहीं माना जा सकता।<br />
अदालत ने यह भी कहा कि जिन अभ्यर्थियों ने वर्ष 2002 की भर्ती प्रक्रिया को लेकर निर्धारित समय में कोई कानूनी चुनौती नहीं दी, वे बाद में उस प्रक्रिया से जुड़े मामलों में दिए गए लाभ का दावा नहीं कर सकते।<br />
निदेशालय की यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों के अनुपालन में की गई है। विशेष रूप से एलपीए संख्या 836/2025 (कौशल चंद्र बनाम राज्य सरकार एवं अन्य) में 25 फरवरी 2026 को दिए गए फैसले के बाद स्थिति स्पष्ट हुई। अदालत के निर्देशों के आधार पर निदेशालय ने अब अंतिम वरिष्ठता सूची में संशोधन किया है।<br />
वर्ष 2002 और 2012 की चयन प्रक्रियाओं से जुड़े कर्मचारियों को पूर्व में अदालत के निर्देशों के अनुसार वरिष्ठता संबंधी लाभ दिए गए थे। वहीं, वर्ष 2006-07 में नियुक्त टीजीटी शिक्षक वर्ष 2005 के अलग विज्ञापन के तहत चयनित हुए थे। इसलिए उन्हें 2002 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विशेष वरिष्ठता लाभ से अलग रखा गया है।<br />
निदेशालय के इस फैसले से संबंधित टीजीटी शिक्षकों की वरिष्ठता, पदोन्नति और उससे जुड़े सेवा लाभों पर असर पड़ सकता है। विशेष वरिष्ठता लाभ वापस लिए जाने के बाद अब उनकी स्थिति संशोधित अंतिम वरिष्ठता सूची के अनुसार तय होगी। शिक्षकों के लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है, क्योंकि वरिष्ठता का सीधा संबंध भविष्य की पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों से होता है।<br />
हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में निदेशालय की ओर से उठाए गए इस कदम को 2006-07 बैच के टीजीटी शिक्षकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।<br />
&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43129.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Blow to TGT Teachers' Seniority! Special Benefits Withdrawn Following High Court Ruling; Major Order from the Directorate.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/solan-song-competition-held-at-dayanand-adarsh-vidyalaya]]></guid>
                       <title><![CDATA[ सोलन :दयानन्द आदर्श विद्यालय में हुआ सॉन्ग प्रतियोगिता का आयोजन ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/solan-song-competition-held-at-dayanand-adarsh-vidyalaya]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 27 Aug 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[दयानन्द आदर्श विद्यालय के प्रांगण में कक्षा आठवीं -नौवीं&nbsp; &nbsp;के विद्यार्थियों के लिए सोलो सॉन्ग और डुएट सॉन्ग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया I&nbsp;

प्रिंसिपल उषा मित्तल ने बताया कि इस तरह के आयोजन द्वारा बच्चों का आत्मविश्वास मजबूत होता है I&nbsp;
कार्यक्रम का आगाज़ दीप प्रज्वलन एवं मंत्र उच्चारण द्वारा किया गया I इस प्रितियोगिता की मुख्यातिथि प्रिंसिपल उषा मित्तल रही I सोलो व डुएट प्रतियोगिता का आयोजन एक्टिविटी&nbsp; इंचार्ज संगीता के मार्गदर्शन में करवाया गयाI उन्होंने बताया कि सभी सॉन्ग बड़े ही मनमोहक थे I इस प्रतियोगिता के जज प्रिंसिपल उषा मित्तल , रोमिला कँवर , फुला धर , व समिति चंदेल रहे I वही क्लास आठवीं कक्षा में सोलो सॉन्ग प्रतियोगिता में&nbsp; पहला स्थान पर रूद्र, दूसरा स्थान&nbsp; पर अतुल और तीसरा स्थान&nbsp; पर&nbsp; ऋषब रहा I
वही कक्षा नवमीं में पहला स्थान&nbsp; पर सार्थक, दूसरा स्थान पर&nbsp; मृदुल और&nbsp; तीसरा स्थान पर&nbsp; तेजस रहा I लड़कियों के बीच में&nbsp; पहला स्थान पर सनाया ,दूसरा स्थान&nbsp; पर&nbsp; महक&nbsp; और तीसरा स्थान&nbsp; पर निष्ठां रही I
&nbsp;
डुएट सॉन्ग प्रतियोगिता में&nbsp; एक्स्ट्रा आर्डिनरी- अरमान रूद्र .पहला स्थान पर&nbsp; प्रोनिमा, प्रज्ञा ,दूसरा स्थान पर वैभव, गरिमा लविश अर्णव और तीसरा स्थान&nbsp; पर&nbsp; एंजेल महक , एव शर्मिष्ठा प्रांजल रहे I

&nbsp;


&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size: 18px;">दयानन्द आदर्श विद्यालय के प्रांगण में कक्षा आठवीं -नौवीं&nbsp; &nbsp;के विद्यार्थियों के लिए सोलो सॉन्ग और डुएट सॉन्ग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया I&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रिंसिपल उषा मित्तल ने बताया कि इस तरह के आयोजन द्वारा बच्चों का आत्मविश्वास मजबूत होता है I&nbsp;<br />
कार्यक्रम का आगाज़ दीप प्रज्वलन एवं मंत्र उच्चारण द्वारा किया गया I इस प्रितियोगिता की मुख्यातिथि प्रिंसिपल उषा मित्तल रही I सोलो व डुएट प्रतियोगिता का आयोजन एक्टिविटी&nbsp; इंचार्ज संगीता के मार्गदर्शन में करवाया गयाI उन्होंने बताया कि सभी सॉन्ग बड़े ही मनमोहक थे I इस प्रतियोगिता के जज प्रिंसिपल उषा मित्तल , रोमिला कँवर , फुला धर , व समिति चंदेल रहे I वही क्लास आठवीं कक्षा में सोलो सॉन्ग प्रतियोगिता में&nbsp; पहला स्थान पर रूद्र, दूसरा स्थान&nbsp; पर अतुल और तीसरा स्थान&nbsp; पर&nbsp; ऋषब रहा I<br />
वही कक्षा नवमीं में पहला स्थान&nbsp; पर सार्थक, दूसरा स्थान पर&nbsp; मृदुल और&nbsp; तीसरा स्थान पर&nbsp; तेजस रहा I लड़कियों के बीच में&nbsp; पहला स्थान पर सनाया ,दूसरा स्थान&nbsp; पर&nbsp; महक&nbsp; और तीसरा स्थान&nbsp; पर निष्ठां रही I<br />
&nbsp;<br />
डुएट सॉन्ग प्रतियोगिता में&nbsp; एक्स्ट्रा आर्डिनरी- अरमान रूद्र .पहला स्थान पर&nbsp; प्रोनिमा, प्रज्ञा ,दूसरा स्थान पर वैभव, गरिमा लविश अर्णव और तीसरा स्थान&nbsp; पर&nbsp; एंजेल महक , एव शर्मिष्ठा प्रांजल रहे I</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43118.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Song competition held at Dayanand Adarsh ​​Vidyalaya.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/gna-university-organized-pg-orientation-2026]]></guid>
                       <title><![CDATA[GNA यूनिवर्सिटी ने पीजी ओरिएंटेशन 2026 का किया आयोजन ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/gna-university-organized-pg-orientation-2026]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 12 Aug 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[जीएनए यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा ने नव-प्रवेशित स्नातकोत्तर छात्रों के स्वागत के लिए PG Orientation 2026 का आयोजन किया। &ldquo;Discover, Inspire &amp; Transform&rdquo; थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल, इंडस्ट्री एक्सपोज़र और करियर विकास के अवसरों से परिचित कराया गया।

कार्यक्रम में छात्रों को अकादमिक शिक्षा के साथ उद्यमशील सोच, नेतृत्व, नवाचार, आलोचनात्मक चिंतन और व्यावहारिक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लाहौरी ज़ीरा के संस्थापक&nbsp; सौरभ मुंजाल का प्रेरणादायक उद्यमिता सत्र रहा। &ldquo;From Idea to Icon: Building a Brand That India Loves&rdquo; विषय पर उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नवाचार, ग्राहकों की समझ, मजबूत ब्रांडिंग और निरंतर प्रयासों से एक विचार को सफल ब्रांड में बदला जा सकता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जीएनए यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा ने नव-प्रवेशित स्नातकोत्तर छात्रों के स्वागत के लिए PG Orientation 2026 का आयोजन किया। &ldquo;Discover, Inspire &amp; Transform&rdquo; थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल, इंडस्ट्री एक्सपोज़र और करियर विकास के अवसरों से परिचित कराया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्यक्रम में छात्रों को अकादमिक शिक्षा के साथ उद्यमशील सोच, नेतृत्व, नवाचार, आलोचनात्मक चिंतन और व्यावहारिक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लाहौरी ज़ीरा के संस्थापक&nbsp; सौरभ मुंजाल का प्रेरणादायक उद्यमिता सत्र रहा। &ldquo;From Idea to Icon: Building a Brand That India Loves&rdquo; विषय पर उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नवाचार, ग्राहकों की समझ, मजबूत ब्रांडिंग और निरंतर प्रयासों से एक विचार को सफल ब्रांड में बदला जा सकता है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43113.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ GNA University organized PG Orientation 2026.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/punjabs-first-robotic-system-integration-lab-inaugurated-at-gna-university]]></guid>
                       <title><![CDATA[GNA यूनिवर्सिटी में हुआ पंजाब की पहली रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब का उद्घाटन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/punjabs-first-robotic-system-integration-lab-inaugurated-at-gna-university]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 07 Aug 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[उद्योग 4.0 शिक्षा एवं उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जीएनए यूनिवर्सिटी ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन में FANUC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के अंतर्गत पंजाब की पहली रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब का उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन चांसलर&nbsp; गुरदीप सिंह सिहरा एवं&nbsp; विनय कुमार एम.के., वाइस प्रेसिडेंट &ndash; एचआर, बीडी एवं आईआईआर, FANUC इंडिया लिमिटेड ने किया। इस अवसर पर प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा, वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा, डीन अकादमिक्स डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन, डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, रजिस्ट्रार डॉ. कुणाल बैंस, अंकित त्रिपाठी, असिस्टेंट मैनेजर &ndash; बीडी, FANUC इंडिया प्रा. लि.,&nbsp; विक्रमजीत सिंह, असिस्टेंट मैनेजर &ndash; सेल्स, FANUC इंडिया,&nbsp; प्रतीक वाधावन, सीईओ, सिस्टेक रोबोटिक्स तथा&nbsp; सुमित सैनी, डायरेक्टर, सिस्टेक रोबोटिक्स भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

नई स्थापित रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब विद्यार्थियों को इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, रोबोट प्रोग्रामिंग, पीएलसी इंटीग्रेशन, मशीन विज़न, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। FANUC, जो फैक्ट्री ऑटोमेशन के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनी है, 100 से अधिक देशों और 270 से अधिक सर्विस लोकेशनों के माध्यम से अपनी उन्नत रोबोटिक्स एवं सीएनसी तकनीकों द्वारा वैश्विक उद्योगों को सशक्त बना रही है। FANUC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय औद्योगिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनकी अनुसंधान क्षमता, रोजगार योग्यता तथा भविष्य की उन्नत विनिर्माण तकनीकों के लिए उनकी तैयारी और अधिक मजबूत होगी।

उद्घाटन समारोह के उपरांत जीएनए यूनिवर्सिटी एवं FANUC इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य रोबोटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, स्किल डेवलपमेंट, फैकल्टी प्रशिक्षण, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप, संयुक्त अनुसंधान तथा तकनीक-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा ने&nbsp;विनय कुमार एम.के. के साथ रोबोटिक्स एवं स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आधुनिक उद्योगों की मांगों के अनुरूप अत्यधिक कुशल मानव संसाधन तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पंजाब की पहली FANUC रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब की स्थापना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह प्रयोगशाला रोबोटिक्स शिक्षा, नवाचार तथा उन्नत विनिर्माण तकनीकों के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र सिद्ध होगी।

प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा ने जीएनए यूनिवर्सिटी एवं FANUC इंडिया के बीच हुए इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की साझेदारियां विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक अनुभव प्रदान करने तथा उन्हें तकनीक-आधारित भविष्य के करियर के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इस अवसर पर FANUC इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट&nbsp; विनय कुमार एम.के. ने जीएनए यूनिवर्सिटी में उपलब्ध विश्वस्तरीय अधोसंरचना एवं आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा, &quot;जीएनए यूनिवर्सिटी ने रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन शिक्षा के लिए एक उत्कृष्ट इकोसिस्टम विकसित किया है, जो भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित इंडियास्किल्स एवं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिताओं के उद्देश्यों के अनुरूप है।&quot; उन्होंने इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में जीएनए यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों द्वारा उत्तर भारत (रीजनल स्तर) पर स्वर्ण पदक तथा राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीतने पर विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि कौशल-आधारित शिक्षा एवं उन्नत विनिर्माण तकनीकों में विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता को दर्शाती है।

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन ने इस सहयोग तथा नई प्रयोगशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, &quot;रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब केवल एक नई प्रयोगशाला नहीं है, बल्कि यह नवाचार, कौशल विकास एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान का केंद्र है, जिसे सीएडी, सीएएम एवं सीएनसी सिम्युलेटर जैसी आधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ एकीकृत किया गया है।

वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन को पंजाब की पहली FANUC रोबोटिक्स सिस्टम इंटीग्रेशन लैब स्थापित करने पर बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर उद्योगोन्मुख शिक्षा वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।

डीन अकादमिक्स डॉ. मोनिका हंसपाल ने कहा कि FANUC इंडिया के साथ यह सहयोग अनुभवात्मक (एक्सपीरिएंशियल), उद्योग-समन्वित तथा परिणाम-आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा, &quot;यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा, नवाचार, बहुविषयक अनुसंधान, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप एवं कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करेगी।&quot;

कार्यक्रम का समापन &quot;रोबोट्स से स्मार्ट फैक्ट्री तक: एआई के साथ विनिर्माण के भविष्य का निर्माण&quot; विषय पर आयोजित एक घंटे के विशेषज्ञ सेमिनार के साथ हुआ, जिसे विनय कुमार एम.के. एवं अंकित त्रिपाठी ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स के विकास, कोलैबोरेटिव रोबोट्स (कोबोट्स), विनिर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIoT), डिजिटल ट्विन्स, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस तथा पारंपरिक उत्पादन इकाइयों को स्मार्ट फैक्ट्री में परिवर्तित करने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बॉडी-इन-व्हाइट (BIW) मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में रोबोटिक्स के विभिन्न अनुप्रयोगों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उद्योग 4.0 शिक्षा एवं उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए जीएनए यूनिवर्सिटी ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन में FANUC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के अंतर्गत पंजाब की पहली रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब का उद्घाटन किया। इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला का उद्घाटन चांसलर&nbsp; गुरदीप सिंह सिहरा एवं&nbsp; विनय कुमार एम.के., वाइस प्रेसिडेंट &ndash; एचआर, बीडी एवं आईआईआर, FANUC इंडिया लिमिटेड ने किया। इस अवसर पर प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा, वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा, डीन अकादमिक्स डॉ. मोनिका हंसपाल, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन, डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, रजिस्ट्रार डॉ. कुणाल बैंस, अंकित त्रिपाठी, असिस्टेंट मैनेजर &ndash; बीडी, FANUC इंडिया प्रा. लि.,&nbsp; विक्रमजीत सिंह, असिस्टेंट मैनेजर &ndash; सेल्स, FANUC इंडिया,&nbsp; प्रतीक वाधावन, सीईओ, सिस्टेक रोबोटिक्स तथा&nbsp; सुमित सैनी, डायरेक्टर, सिस्टेक रोबोटिक्स भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नई स्थापित रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब विद्यार्थियों को इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स, रोबोट प्रोग्रामिंग, पीएलसी इंटीग्रेशन, मशीन विज़न, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग तथा इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। FANUC, जो फैक्ट्री ऑटोमेशन के क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनी है, 100 से अधिक देशों और 270 से अधिक सर्विस लोकेशनों के माध्यम से अपनी उन्नत रोबोटिक्स एवं सीएनसी तकनीकों द्वारा वैश्विक उद्योगों को सशक्त बना रही है। FANUC सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय औद्योगिक तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, जिससे उनकी अनुसंधान क्षमता, रोजगार योग्यता तथा भविष्य की उन्नत विनिर्माण तकनीकों के लिए उनकी तैयारी और अधिक मजबूत होगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उद्घाटन समारोह के उपरांत जीएनए यूनिवर्सिटी एवं FANUC इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य रोबोटिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, स्किल डेवलपमेंट, फैकल्टी प्रशिक्षण, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप, संयुक्त अनुसंधान तथा तकनीक-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को बढ़ावा देना है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर चांसलर गुरदीप सिंह सिहरा ने&nbsp;विनय कुमार एम.के. के साथ रोबोटिक्स एवं स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने आधुनिक उद्योगों की मांगों के अनुरूप अत्यधिक कुशल मानव संसाधन तैयार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पंजाब की पहली FANUC रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब की स्थापना विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह प्रयोगशाला रोबोटिक्स शिक्षा, नवाचार तथा उन्नत विनिर्माण तकनीकों के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र सिद्ध होगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रो-चांसलर जसलीन सिहरा ने जीएनए यूनिवर्सिटी एवं FANUC इंडिया के बीच हुए इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की साझेदारियां विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक अनुभव प्रदान करने तथा उन्हें तकनीक-आधारित भविष्य के करियर के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर FANUC इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट&nbsp; विनय कुमार एम.के. ने जीएनए यूनिवर्सिटी में उपलब्ध विश्वस्तरीय अधोसंरचना एवं आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा, &quot;जीएनए यूनिवर्सिटी ने रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन शिक्षा के लिए एक उत्कृष्ट इकोसिस्टम विकसित किया है, जो भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित इंडियास्किल्स एवं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिताओं के उद्देश्यों के अनुरूप है।&quot; उन्होंने इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में जीएनए यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों द्वारा उत्तर भारत (रीजनल स्तर) पर स्वर्ण पदक तथा राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीतने पर विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि कौशल-आधारित शिक्षा एवं उन्नत विनिर्माण तकनीकों में विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता को दर्शाती है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. सी. आर. त्रिपाठी, डीन, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन ने इस सहयोग तथा नई प्रयोगशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, &quot;रोबोटिक सिस्टम इंटीग्रेशन लैब केवल एक नई प्रयोगशाला नहीं है, बल्कि यह नवाचार, कौशल विकास एवं अनुप्रयुक्त अनुसंधान का केंद्र है, जिसे सीएडी, सीएएम एवं सीएनसी सिम्युलेटर जैसी आधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ एकीकृत किया गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वाइस-चांसलर डॉ. हेमंत शर्मा ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, डिज़ाइन एंड ऑटोमेशन को पंजाब की पहली FANUC रोबोटिक्स सिस्टम इंटीग्रेशन लैब स्थापित करने पर बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर उद्योगोन्मुख शिक्षा वातावरण तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">डीन अकादमिक्स डॉ. मोनिका हंसपाल ने कहा कि FANUC इंडिया के साथ यह सहयोग अनुभवात्मक (एक्सपीरिएंशियल), उद्योग-समन्वित तथा परिणाम-आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा, &quot;यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला विद्यार्थियों को व्यावहारिक शिक्षा, नवाचार, बहुविषयक अनुसंधान, इंडस्ट्री सर्टिफिकेशन, इंटर्नशिप एवं कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करेगी।&quot;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्यक्रम का समापन &quot;रोबोट्स से स्मार्ट फैक्ट्री तक: एआई के साथ विनिर्माण के भविष्य का निर्माण&quot; विषय पर आयोजित एक घंटे के विशेषज्ञ सेमिनार के साथ हुआ, जिसे विनय कुमार एम.के. एवं अंकित त्रिपाठी ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स के विकास, कोलैबोरेटिव रोबोट्स (कोबोट्स), विनिर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIoT), डिजिटल ट्विन्स, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस तथा पारंपरिक उत्पादन इकाइयों को स्मार्ट फैक्ट्री में परिवर्तित करने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बॉडी-इन-व्हाइट (BIW) मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया में रोबोटिक्स के विभिन्न अनुप्रयोगों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया।</span></p>
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                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/leet-2026-results-declared-aman-from-shimla-tops-the-exam]]></guid>
                       <title><![CDATA[LEET-2026 का परिणाम घोषित, शिमला के अमन ने किया टॉप]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/leet-2026-results-declared-aman-from-shimla-tops-the-exam]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[










धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश के लिए आयोजित लेटरल एंट्री एंट्रेंस टेस्ट (LEET)-2026 का बहुप्रतीक्षित परिणाम घोषित कर दिया है। 14 जून को आयोजित इस परीक्षा में प्रदेशभर के 1,963 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है और अब उनकी नजरें आगामी काउंसलिंग एवं प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हैं।

तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव Ashok Pathak ने बताया कि इस वर्ष शिमला के अमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया है। अमन ने 400 में से 370 अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। वहीं, चंबा के मोहित कपूर 285 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि मंडी की नंदिनी ने 246 अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया।

बोर्ड ने परीक्षा परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है, जहां अभ्यर्थी अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड ऑनलाइन देख सकते हैं। परिणाम जारी होने के बाद सफल उम्मीदवारों के लिए प्रवेश प्रक्रिया का अगला चरण जल्द शुरू किया जाएगा।

बोर्ड सचिव ने बताया कि काउंसलिंग और सीट आवंटन से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं और अपडेट के लिए नियमित रूप से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

LEET-2026 के परिणामों के साथ अब प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग डिप्लोमा संस्थानों में प्रवेश का रास्ता खुल गया है। सफल अभ्यर्थी आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से अपनी पसंद के संस्थानों और शाखाओं में दाखिला प्राप्त कर सकेंगे।





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<p data-end="476" data-start="100"><span style="font-size:16px;"><strong>धर्मशाला।</strong> हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने इंजीनियरिंग डिप्लोमा में प्रवेश के लिए आयोजित लेटरल एंट्री एंट्रेंस टेस्ट (LEET)-2026 का बहुप्रतीक्षित परिणाम घोषित कर दिया है। 14 जून को आयोजित इस परीक्षा में प्रदेशभर के 1,963 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। परिणाम जारी होते ही विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल है और अब उनकी नजरें आगामी काउंसलिंग एवं प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हैं।</span></p>

<p data-end="876" data-start="478"><span style="font-size:16px;">तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline">Ashok Pathak</span> ने बताया कि इस वर्ष शिमला के अमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया है। अमन ने 400 में से 370 अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। वहीं, चंबा के मोहित कपूर 285 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि मंडी की नंदिनी ने 246 अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट सूची में तीसरा स्थान प्राप्त किया।</span></p>

<p data-end="1105" data-start="878"><span style="font-size:16px;">बोर्ड ने परीक्षा परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है, जहां अभ्यर्थी अपना रिजल्ट और स्कोरकार्ड ऑनलाइन देख सकते हैं। परिणाम जारी होने के बाद सफल उम्मीदवारों के लिए प्रवेश प्रक्रिया का अगला चरण जल्द शुरू किया जाएगा।</span></p>

<p data-end="1368" data-start="1107"><span style="font-size:16px;">बोर्ड सचिव ने बताया कि काउंसलिंग और सीट आवंटन से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सूचनाओं और अपडेट के लिए नियमित रूप से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।</span></p>

<p data-end="1619" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="1370"><span style="font-size:16px;">LEET-2026 के परिणामों के साथ अब प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग डिप्लोमा संस्थानों में प्रवेश का रास्ता खुल गया है। सफल अभ्यर्थी आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से अपनी पसंद के संस्थानों और शाखाओं में दाखिला प्राप्त कर सकेंगे।</span></p>
</div>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[LEET-2026 results declared; Aman from Shimla tops the exam.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/major-relief-for-re-neet-2026-candidates-free-travel-facility-in-hrtc-buses]]></guid>
                       <title><![CDATA[Re-NEET 2026 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, HRTC बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा सुविधा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/major-relief-for-re-neet-2026-candidates-free-travel-facility-in-hrtc-buses]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने Re-NEET 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। सरकार के निर्णय के तहत 21 जून को आयोजित होने वाली Re-NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की साधारण बसों में परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और तनावमुक्त बनाना है, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के परीक्षा में शामिल हो सकें।

HRTC द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह सुविधा केवल निगम की साधारण बसों में ही लागू होगी। लग्जरी, डीलक्स और अन्य विशेष श्रेणी की बसों में यह छूट मान्य नहीं होगी। मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अपना Re-NEET 2026 एडमिट कार्ड दिखाना होगा। यही दस्तावेज पहचान पत्र, निवास स्थान और परीक्षा केंद्र के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अभ्यर्थी के निवास स्थान से परीक्षा केंद्र तक एक बार जाने और परीक्षा के बाद एक बार वापस लौटने के लिए ही मान्य होगी। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था 20 जून से 22 जून तक प्रभावी रहेगी। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए बस परिचालकों को एडमिट कार्ड पर यात्रा संबंधी आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मुफ्त यात्रा करने वाले छात्रों का रिकॉर्ड तैयार कर HRTC मुख्यालय को भेजा जाएगा।

उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri के निर्देशों के बाद HRTC प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय और यूनिट अधिकारियों को इस सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आर्थिक एवं मानसिक राहत मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री ने Re-NEET 2026 में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र पूरे आत्मविश्वास और शांत मन से परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<h3><span style="font-size: 16px;"><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश सरकार ने Re-NEET 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। सरकार के निर्णय के तहत 21 जून को आयोजित होने वाली Re-NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की साधारण बसों में परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और तनावमुक्त बनाना है, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के परीक्षा में शामिल हो सकें।</span></h3>

<p><span style="font-size:16px;">HRTC द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह सुविधा केवल निगम की साधारण बसों में ही लागू होगी। लग्जरी, डीलक्स और अन्य विशेष श्रेणी की बसों में यह छूट मान्य नहीं होगी। मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अपना Re-NEET 2026 एडमिट कार्ड दिखाना होगा। यही दस्तावेज पहचान पत्र, निवास स्थान और परीक्षा केंद्र के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अभ्यर्थी के निवास स्थान से परीक्षा केंद्र तक एक बार जाने और परीक्षा के बाद एक बार वापस लौटने के लिए ही मान्य होगी। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था 20 जून से 22 जून तक प्रभावी रहेगी। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए बस परिचालकों को एडमिट कार्ड पर यात्रा संबंधी आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मुफ्त यात्रा करने वाले छात्रों का रिकॉर्ड तैयार कर HRTC मुख्यालय को भेजा जाएगा।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri के निर्देशों के बाद HRTC प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय और यूनिट अधिकारियों को इस सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आर्थिक एवं मानसिक राहत मिलेगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">उपमुख्यमंत्री ने Re-NEET 2026 में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र पूरे आत्मविश्वास और शांत मन से परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43048.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major relief for Re-NEET 2026 candidates: Free travel facility in HRTC buses.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/breaking-news/setback-for-telegram-in-neet-row-delhi-high-court-upholds-ban-until-june-22]]></guid>
                       <title><![CDATA[NEET विवाद में टेलीग्राम को झटका: दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 जून तक बैन बरकरार रखा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/breaking-news/setback-for-telegram-in-neet-row-delhi-high-court-upholds-ban-until-june-22]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[दिल्ली हाई कोर्ट ने NEET परीक्षा से जुड़े विवाद में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को बड़ा झटका देते हुए केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा है। जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत जारी केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने माना कि मामले की संवेदनशीलता और आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है और उसके फैसले में किसी प्रकार की मनमानी या विचारहीनता नहीं दिखती। कोर्ट ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को इस मामले में आईटी अधिनियम के प्रावधानों से बाहर रखने का कोई आधार नहीं है। दरअसल, सरकार का आरोप है कि NEET परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्रों के प्रसार में इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह प्रतिबंध 22 जून तक जारी रहेगा। इस मामले को देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और ऑनलाइन माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">दिल्ली हाई कोर्ट ने NEET परीक्षा से जुड़े विवाद में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को बड़ा झटका देते हुए केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा है। जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत जारी केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने माना कि मामले की संवेदनशीलता और आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है और उसके फैसले में किसी प्रकार की मनमानी या विचारहीनता नहीं दिखती। कोर्ट ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को इस मामले में आईटी अधिनियम के प्रावधानों से बाहर रखने का कोई आधार नहीं है। दरअसल, सरकार का आरोप है कि NEET परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्रों के प्रसार में इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह प्रतिबंध 22 जून तक जारी रहेगा। इस मामले को देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और ऑनलाइन माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43043.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Setback for Telegram in NEET row: Delhi High Court upholds ban until June 22.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/major-questions-raised-over-neet-exam-security-hearing-today-on-plea-seeking-telegram-ban]]></guid>
                       <title><![CDATA[NEET परीक्षा की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: टेलीग्राम प्रतिबंध की याचिका पर आज सुनवाई]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/major-questions-raised-over-neet-exam-security-hearing-today-on-plea-seeking-telegram-ban]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में कथित पेपर लीक और प्रश्नपत्रों के अवैध प्रसार को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और प्रश्नपत्रों को साझा करने के लिए किया जा रहा है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि परीक्षा संबंधी संवेदनशील सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने या उसके संचालन पर कड़े नियंत्रण संबंधी निर्देश जारी किए जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर त्वरित सुनवाई के लिए सहमति जताई है और बुधवार को इस पर सुनवाई होने की संभावना है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट का फैसला न केवल NEET बल्कि भविष्य में होने वाली अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा जगत, अभ्यर्थियों और अभिभावकों की नजरें अब अदालत की सुनवाई और संभावित निर्देशों पर टिकी हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p data-end="618" data-start="240"><span style="font-size:16px;">देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में कथित पेपर लीक और प्रश्नपत्रों के अवैध प्रसार को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और प्रश्नपत्रों को साझा करने के लिए किया जा रहा है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।</span></p>

<p data-end="946" data-start="620"><span style="font-size:16px;">याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि परीक्षा संबंधी संवेदनशील सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने या उसके संचालन पर कड़े नियंत्रण संबंधी निर्देश जारी किए जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर त्वरित सुनवाई के लिए सहमति जताई है और बुधवार को इस पर सुनवाई होने की संभावना है।</span></p>

<p data-end="1330" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="948"><span style="font-size:16px;">यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट का फैसला न केवल NEET बल्कि भविष्य में होने वाली अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा जगत, अभ्यर्थियों और अभिभावकों की नजरें अब अदालत की सुनवाई और संभावित निर्देशों पर टिकी हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43035.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major questions raised over NEET exam security: Hearing today on plea seeking Telegram ban.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/ugc-net-2026-admit-card-released-exam-to-be-held-from-june-22-to-30-check-the-complete-download-process-here]]></guid>
                       <title><![CDATA[UGC NET 2026: एडमिट कार्ड जारी, 22 से 30 जून तक होगी परीक्षा; यहां जानें डाउनलोड करने की पूरी प्रक्रिया]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/ugc-net-2026-admit-card-released-exam-to-be-held-from-june-22-to-30-check-the-complete-download-process-here]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट (UGC NET) जून 2026 सत्र की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी कर दिए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यूजीसी नेट परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 तक देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

एनटीए द्वारा जारी सूचना के अनुसार, उम्मीदवार अपने आवेदन संख्या (Application Number) और जन्म तिथि (Date of Birth) की मदद से लॉगिन कर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID Proof) ले जाना अनिवार्य होगा।

यूजीसी नेट परीक्षा देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पद तथा पीएचडी प्रवेश पात्रता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है। इस बार भी लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे।

अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड में दर्ज सभी जानकारियों जैसे नाम, फोटो, हस्ताक्षर, परीक्षा तिथि, समय और परीक्षा केंद्र का पता ध्यानपूर्वक जांच लें। किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलने पर तुरंत एनटीए हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करें।

ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड:


	
	यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
	
	
	&ldquo;UGC NET June 2026 Admit Card&rdquo; लिंक पर क्लिक करें।
	
	
	आवेदन संख्या और जन्म तिथि दर्ज करें।
	
	
	लॉगिन करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
	
	
	इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।
	


परीक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी और दिशा-निर्देशों के लिए उम्मीदवारों को नियमित रूप से एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;"><strong>नई दिल्ली:</strong> राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट (UGC NET) जून 2026 सत्र की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी कर दिए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यूजीसी नेट परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 तक देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">एनटीए द्वारा जारी सूचना के अनुसार, उम्मीदवार अपने आवेदन संख्या (Application Number) और जन्म तिथि (Date of Birth) की मदद से लॉगिन कर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID Proof) ले जाना अनिवार्य होगा।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">यूजीसी नेट परीक्षा देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पद तथा पीएचडी प्रवेश पात्रता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है। इस बार भी लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड में दर्ज सभी जानकारियों जैसे नाम, फोटो, हस्ताक्षर, परीक्षा तिथि, समय और परीक्षा केंद्र का पता ध्यानपूर्वक जांच लें। किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलने पर तुरंत एनटीए हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करें।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;"><strong>ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड:</strong></span></p>

<ol>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।</span></p>
	</li>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">&ldquo;UGC NET June 2026 Admit Card&rdquo; लिंक पर क्लिक करें।</span></p>
	</li>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">आवेदन संख्या और जन्म तिथि दर्ज करें।</span></p>
	</li>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">लॉगिन करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।</span></p>
	</li>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।</span></p>
	</li>
</ol>

<p><span style="font-size:16px;">परीक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी और दिशा-निर्देशों के लिए उम्मीदवारों को नियमित रूप से एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43034.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[UGC NET 2026: Admit card released; exam to be held from June 22 to 30; check the complete download process here.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/centre-strict-on-irregularities-in-neet-exam-big-decision-to-temporarily-ban-telegram-in-india]]></guid>
                       <title><![CDATA[NEET परीक्षा में गड़बड़ियों पर केंद्र सख्त, भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक का बड़ा फैसला]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/centre-strict-on-irregularities-in-neet-exam-big-decision-to-temporarily-ban-telegram-in-india]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को ऐसे कई डिजिटल नेटवर्क और चैनलों की जानकारी मिली थी, जिनके माध्यम से परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री, प्रश्नपत्र और अन्य संवेदनशील दस्तावेज साझा किए जाने की आशंका जताई गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाया जा सके और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। इस बीच लाखों छात्र, अभिभावक और टेलीग्राम उपयोगकर्ता इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><strong>नई दिल्ली:</strong> देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को ऐसे कई डिजिटल नेटवर्क और चैनलों की जानकारी मिली थी, जिनके माध्यम से परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री, प्रश्नपत्र और अन्य संवेदनशील दस्तावेज साझा किए जाने की आशंका जताई गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाया जा सके और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। इस बीच लाखों छात्र, अभिभावक और टेलीग्राम उपयोगकर्ता इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।</span></span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43027.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Centre strict on irregularities in NEET exam, big decision to temporarily ban Telegram in India]]></media:description>
                </media:content>   
                </item></channel>
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