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               <title>First Verdict Media - International News</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Fri, 01 May 2026 08:50:53 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - International News</title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/iran-israelwar2000indiansailorsstrandedinthepersiangulfkulluscaptainramankapoorgaveinformation]]></guid>
                       <title><![CDATA[Iran Israel War: 'पर्शियन गल्फ' में फंसे 2000 भारतीय नाविक, कुल्लू के कैप्टन रमन कपूर ने दी जानकारी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/iran-israelwar2000indiansailorsstrandedinthepersiangulfkulluscaptainramankapoorgaveinformation]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 17 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[खाड़ी देश के &#39;पर्शियन गल्फ&#39; में फंसे हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कैप्टन रमन कपूर ने एक वीडियो जारी कर कहा कि अमेरिका-इजरायल और इरान युद्ध के कारण 20 हजार नाविकों में दहशत का माहौल है। इनमें करीब 2000 भारतीय नाविक हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध के कारण 500 से 700 समुद्री जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं। कैप्टन रमन ने कहा कि किसी भी शिप पर कभी भी अटैक हो रहा है। स्पेशियली उन शिप पर, जिनका कोई भी लिंक अमेरिका और इजरायल के साथ है, अगर वो मूवमेंट शुरू करते हैं। उन्होंने कहा कि इरान चाहता है कि पर्शियन गल्फ से (भारत और चीन को छोड़कर) अन्य देशों को कोई भी ऑयल टैंकर बाहर न जाए।

कैप्टन रमन ने कहा कि उनका शिप पर्शियन गल्फ में फंसा हुआ है। वह कुछ दिन पहले ही ईराक से कार्गो लोड करके आए हैं। उनकी स्थिति ऐसी है कि वह न तो बाहर जा सकते हैं और न ही रह सकते हैं। उनके पास शिप में अलर्ट रहने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं है। एयरपोर्ट और समुद्री रास्ते बंद हैं। कैप्टन कपूर ने बताया कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों के कारण इन जहाजों को फिलहाल आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे सभी जहाज समुद्र में एक ही जगह पर रुके हुए हैं और नाविक लगातार तनाव में हैं, जो लगातार अपने परिवारों से संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं। अनिश्चित हालात के बीच नाविकों को अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता सता रही है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">खाड़ी देश के &#39;पर्शियन गल्फ&#39; में फंसे हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के कैप्टन रमन कपूर ने एक वीडियो जारी कर कहा कि अमेरिका-इजरायल और इरान युद्ध के कारण 20 हजार नाविकों में दहशत का माहौल है। इनमें करीब 2000 भारतीय नाविक हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध के कारण 500 से 700 समुद्री जहाज समुद्र में फंसे हुए हैं। कैप्टन रमन ने कहा कि किसी भी शिप पर कभी भी अटैक हो रहा है। स्पेशियली उन शिप पर, जिनका कोई भी लिंक अमेरिका और इजरायल के साथ है, अगर वो मूवमेंट शुरू करते हैं। उन्होंने कहा कि इरान चाहता है कि पर्शियन गल्फ से (भारत और चीन को छोड़कर) अन्य देशों को कोई भी ऑयल टैंकर बाहर न जाए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कैप्टन रमन ने कहा कि उनका शिप पर्शियन गल्फ में फंसा हुआ है। वह कुछ दिन पहले ही ईराक से कार्गो लोड करके आए हैं। उनकी स्थिति ऐसी है कि वह न तो बाहर जा सकते हैं और न ही रह सकते हैं। उनके पास शिप में अलर्ट रहने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं है। एयरपोर्ट और समुद्री रास्ते बंद हैं। कैप्टन कपूर ने बताया कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों के कारण इन जहाजों को फिलहाल आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे सभी जहाज समुद्र में एक ही जगह पर रुके हुए हैं और नाविक लगातार तनाव में हैं, जो लगातार अपने परिवारों से संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे हैं। अनिश्चित हालात के बीच नाविकों को अपनी सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता सता रही है।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42688.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Iran-Israel_War_2,000_Indian_sailors_stranded_in_the_Persian_Gulf_Kullu's_Captain_Raman_Kapoor_gave_information]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/international-news/talks-started-between-army-and-protesters-to-make-interim-pm-in-nepal-names-of-kulman-ghisingh-and-sushila-karki-put-forward]]></guid>
                       <title><![CDATA[नेपाल: अंतरिम PM बनाने के लिए सेना-प्रदर्शनकारियों के बीच शुरू हुई बातचीत, कुलमान घिसिंग व सुशीला कार्की का नाम आगे]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/international-news/talks-started-between-army-and-protesters-to-make-interim-pm-in-nepal-names-of-kulman-ghisingh-and-sushila-karki-put-forward]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 11 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

नेपाल में हुए हिंसक आंदोलन के बाद आज गुरुवार को हालात कंट्रोल में है। लेकिन फिर भी सेना ने एहतियातन राजधानी समेत कई इलाकों में&nbsp; कर्फ्यू लगा रखा है। इस बीच, नेपाल में अंतरिम PM बनाने के लिए सेना-प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार,आर्मी हेडक्वार्टर में सुबह 10:30 बजे बातचीत शुरू हो गई थी। आपको बता दें कि सेना ने सभी पार्टी और नेताओं को भी इसके लिए अपनी अपनी राय देने को कहा है।

&nbsp;

मीडिया के कई रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पद के लिए नेपाल के लाइट मैन कहे जाने वाले कुलमान घिसिंग और सुशीला कार्की का नाम आगे आ रहा है। हालांकि PM की रेस में कुलमान घिसिंग का नाम सुशीला कार्की से भी आगे चल रहा है। अंतिम फैसला देखना काफी दिलचस्प होगा कि किसे PM के नेतृत्व के लिए आगे किया जाता है।&nbsp;

&nbsp;

सुशीला कार्की&nbsp;

सुशीला कार्की भ्रष्टाचार विरोधी शख्सियत के तौर पर जानी जाती हैं। इन्होनें भ्रष्टाचार के विरुद्ध कई बार सख्त बयान दिया है। आपको बता दें कि इन्होनें पॉलिटिकल साइंस में BHU से MA किया है। 2016 में वह नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनी।&nbsp;

&nbsp;

कुलमान घिसिंग&nbsp;

कुलमान घिसिंग को नेपाल के &#39;लाइट मैन&#39; भी कहा जाता है। उन्होंने जमशेदपुर, झारखण्ड से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की है। 1994 में नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) से जुड़े और इसके बाद घाटे में चल रहे NEA को मुनाफे में बदल दिया। नेपाल की बिजली व्यवस्था, जो कि बहुत खराब थी, उसे भी सुधारने का श्रेय इन्हें ही जाता है।&nbsp;

&nbsp;

नेपाल में इस तरह हुई हिंसक आंदोलन की शुरुआत

सरकार ने 4 सितंबर को 26 सोशल मीडिया प्लेटफार्म को बैन किया था। ये कहकर कि इन प्लेटफॉर्म्स ने रजिस्ट्रशन नहीं करवाए हैं। इसके बाद 8 सितंबर को सरकार के भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ नेपाल के युवाओं ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन शुरू कर दिए। यह&nbsp; प्रदर्शन धीरे धीरे हिंसा में प्रवर्तित हो गए और कई लोग इसमें मारे गए व कई ज़ख़्मी हुए। इसी बीच PM समेत कई मंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। साथ ही इस दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने सेना के सामने सामाजिक और राजनितिक सुधार को लेकर कई मांगे भी रखीं।&nbsp;

&nbsp;

आगे क्या होगा&nbsp;

बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने के लिए कहा जायेगा। विशेषज्ञ का मानना है कि 6 महीने में चुनाव कराने के लिए अंतरिम सरकार बन सकती है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेपाल में हुए हिंसक आंदोलन के बाद आज गुरुवार को हालात कंट्रोल में है। लेकिन फिर भी सेना ने एहतियातन राजधानी समेत कई इलाकों में&nbsp; कर्फ्यू लगा रखा है। इस बीच, नेपाल में अंतरिम PM बनाने के लिए सेना-प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार,आर्मी हेडक्वार्टर में सुबह 10:30 बजे बातचीत शुरू हो गई थी। आपको बता दें कि सेना ने सभी पार्टी और नेताओं को भी इसके लिए अपनी अपनी राय देने को कहा है।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मीडिया के कई रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पद के लिए नेपाल के लाइट मैन कहे जाने वाले कुलमान घिसिंग और सुशीला कार्की का नाम आगे आ रहा है। हालांकि PM की रेस में कुलमान घिसिंग का नाम सुशीला कार्की से भी आगे चल रहा है। अंतिम फैसला देखना काफी दिलचस्प होगा कि किसे PM के नेतृत्व के लिए आगे किया जाता है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">सुशीला कार्की&nbsp;</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सुशीला कार्की भ्रष्टाचार विरोधी शख्सियत के तौर पर जानी जाती हैं। इन्होनें भ्रष्टाचार के विरुद्ध कई बार सख्त बयान दिया है। आपको बता दें कि इन्होनें पॉलिटिकल साइंस में BHU से MA किया है। 2016 में वह नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनी।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">कुलमान घिसिंग&nbsp;</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कुलमान घिसिंग को नेपाल के &#39;लाइट मैन&#39; भी कहा जाता है। उन्होंने जमशेदपुर, झारखण्ड से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की है। 1994 में नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) से जुड़े और इसके बाद घाटे में चल रहे NEA को मुनाफे में बदल दिया। नेपाल की बिजली व्यवस्था, जो कि बहुत खराब थी, उसे भी सुधारने का श्रेय इन्हें ही जाता है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">नेपाल में इस तरह हुई हिंसक आंदोलन की शुरुआत</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सरकार ने 4 सितंबर को 26 सोशल मीडिया प्लेटफार्म को बैन किया था। ये कहकर कि इन प्लेटफॉर्म्स ने रजिस्ट्रशन नहीं करवाए हैं। इसके बाद 8 सितंबर को सरकार के भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ नेपाल के युवाओं ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन शुरू कर दिए। यह&nbsp; प्रदर्शन धीरे धीरे हिंसा में प्रवर्तित हो गए और कई लोग इसमें मारे गए व कई ज़ख़्मी हुए। इसी बीच PM समेत कई मंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। साथ ही इस दौरान प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने सेना के सामने सामाजिक और राजनितिक सुधार को लेकर कई मांगे भी रखीं।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">आगे क्या होगा&nbsp;</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बहुमत वाली पार्टी को सरकार बनाने के लिए कहा जायेगा। विशेषज्ञ का मानना है कि 6 महीने में चुनाव कराने के लिए अंतरिम सरकार बन सकती है।&nbsp;</span></div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Talks started between army and protesters to make interim PM in Nepal, names of Kulman Ghisingh and Sushila Karki put forward.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/international-news/nepal-protestors-demand-constitution-should-be-rewritten-investigation-should-be-done-into-the-looting-that-has-taken-place-for-last-3-decades]]></guid>
                       <title><![CDATA[नेपाल: प्रदर्शनकारियों की मांग- संविधान फिर से लिखा जाए, 3 दशकों से हुई लूट की हो जांच ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/international-news/nepal-protestors-demand-constitution-should-be-rewritten-investigation-should-be-done-into-the-looting-that-has-taken-place-for-last-3-decades]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 10 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

नेपाल में सरकार के खिलाफ हिंसक आंदोलन के बीच मंगलवार को सरकार का तख्तापलट हो चुका है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली समेत कई मंत्रियों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रदर्शनकारियों ने ओली सरकार को सत्ता से बेदखल करने में सफलता हासिल कर ली है। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने कई सामाजिक और राजनितिक सुधार किये जाने के लिए अब एक लंबी मांगें रखी है। प्रदर्शनकारियों ने यह मांग की है कि संविधान में संशोधन, शासन व्यवस्था में सुधार तथा पिछले 3 दशकों में नेताओं द्वारा लूटी गई सम्पत्तियों की जांच हो।&nbsp;

&nbsp;

इंडिया टुडे कि रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने एक बयान में कहा है कि, यह जो आंदोलन है, वह किसी भी पार्टी या व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि देश के लोगों के भविष्य के लिए है। प्रदर्शनकारियों ने यह उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति और नेपाली सेना उनकी मांगों को पूरा करेंगे।

&nbsp;

अभी तक&nbsp;घटीं ये घटनाएं&nbsp;
नेपाल में सरकारी के भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति समेत कई मंत्रियों और नेताओं के सरकारी-निजी आवासों पर हमला व तोड़फोड़ किया और साथ ही आगजनी भी की। संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट में भी आग लगा दी गई। आंदोलनकारियों द्वारा, प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर गोली चलाने का आदेश देने वाले DSP की भी पीट कर हत्या कर दी गई। पूर्व प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी व विदेश मंत्री को भी उनके घर में घुसकर पीटा गया। आंदोलनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनल की पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार को तो घर के अंदर घुसकर जिंदा जला दिया। वित्त मंत्री को भी सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया है। इन हालातों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को बंद कर दिया गया है। हालांकि कल रात मंगलवार से नेपाल की सेना ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है। वहीं राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिगदेल ने आंदोलन कर रहे युवाओं से शांति बनाये रखने और चर्चा के लिए आगे आने की अपील की है।

&nbsp;

यह भी पढ़ें&nbsp;

नेपाल: काठमांडू में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद होने से सैकड़ों भारतीय यात्री फंसे, सीमा पर लगा लंबा जाम

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेपाल में सरकार के खिलाफ हिंसक आंदोलन के बीच मंगलवार को सरकार का तख्तापलट हो चुका है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली समेत कई मंत्रियों ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रदर्शनकारियों ने ओली सरकार को सत्ता से बेदखल करने में सफलता हासिल कर ली है। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने कई सामाजिक और राजनितिक सुधार किये जाने के लिए अब एक लंबी मांगें रखी है। प्रदर्शनकारियों ने यह मांग की है कि संविधान में संशोधन, शासन व्यवस्था में सुधार तथा पिछले 3 दशकों में नेताओं द्वारा लूटी गई सम्पत्तियों की जांच हो।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इंडिया टुडे कि रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने एक बयान में कहा है कि, यह जो आंदोलन है, वह किसी भी पार्टी या व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि देश के लोगों के भविष्य के लिए है। प्रदर्शनकारियों ने यह उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति और नेपाली सेना उनकी मांगों को पूरा करेंगे।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>अभी तक&nbsp;घटीं ये घटनाएं&nbsp;</strong><br />
नेपाल में सरकारी के भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति समेत कई मंत्रियों और नेताओं के सरकारी-निजी आवासों पर हमला व तोड़फोड़ किया और साथ ही आगजनी भी की। संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट में भी आग लगा दी गई। आंदोलनकारियों द्वारा, प्रदर्शन करने वाले युवाओं पर गोली चलाने का आदेश देने वाले DSP की भी पीट कर हत्या कर दी गई। पूर्व प्रधानमंत्री, उनकी पत्नी व विदेश मंत्री को भी उनके घर में घुसकर पीटा गया। आंदोलनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनल की पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार को तो घर के अंदर घुसकर जिंदा जला दिया। वित्त मंत्री को भी सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया है। इन हालातों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को बंद कर दिया गया है। हालांकि कल रात मंगलवार से नेपाल की सेना ने सुरक्षा की कमान संभाल ली है। वहीं राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिगदेल ने आंदोलन कर रहे युवाओं से शांति बनाये रखने और चर्चा के लिए आगे आने की अपील की है।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>यह भी पढ़ें&nbsp;</strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><a href="https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/international-news/nepal-hundreds-of-indian-passengers-stranded-due-to-closure-of-international-airport-in-kathmandu-long-jam-at-the-border"><span style="color:#FF0000;"><span style="font-size:18px;"><strong>नेपाल: काठमांडू में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद होने से सैकड़ों भारतीय यात्री फंसे, सीमा पर लगा लंबा जाम</strong></span></span></a></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41424.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Nepal: Protestors demand- Constitution should be rewritten, investigation should be done into the looting that has taken place for last 3 decades.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/international-news/nepal-hundreds-of-indian-passengers-stranded-due-to-closure-of-international-airport-in-kathmandu-long-jam-at-the-border]]></guid>
                       <title><![CDATA[नेपाल: काठमांडू में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद होने से सैकड़ों भारतीय यात्री फंसे, सीमा पर लगा लंबा जाम ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/international-news/nepal-hundreds-of-indian-passengers-stranded-due-to-closure-of-international-airport-in-kathmandu-long-jam-at-the-border]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 10 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

नेपाल की राजधानी काठमांडू में सरकार के विरूद्ध हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और जगह जगह पर सेना को तैनात किये गए हैं। वहां के हालात गंभीर होने के चलते त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सभी घरेलू-अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बंद किया गया था। एयर ट्रैफिक कंट्रोल के मुताबिक एयरपोर्ट को 10 सितंबर 2025 की दोपहर 12 बजे तक के लिए बंद किया गया था। एयरपोर्ट बंद होने से यहां कई भारतीय यात्री और पर्यटक फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 800 पर्यटक पोखरा में फंसे हैं, जबकि काठमांडू में करीब 2000 यात्री फंसें हैं। एयरपोर्ट के बंद होने से नेपाल में फंसे भारतीयों को वापस आने के लिए वहां काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और यातायात पूरी तरह बाधित है।&nbsp;

हिंसक आंदोलन हुआ क्यों&nbsp;
नेपाल में यह हिंसक आंदोलन सरकार के भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन लगाए जाने के बाद हुआ। वहां के युवाओं में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन को लेकर काफी रोष था। इसी रोष के चलते वे सडकों पर उतर आए और हिंसक प्रदर्शन करने लगे। इस बीच वहां के युवाओं द्वारा काफी आगजनी और तोड़-फोड़ की गई और साथ ही संसद में घुसने की भी कोशिश की गई। इस बीच कई युवाओं की जान भी गई और कई मंत्रियों ने इस्तीफा भी दिया।&nbsp;&nbsp;

भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
सरकार ने भारतीय नागरिकों को स्थिति स्थिर होने तक नेपाल की यात्रा नहीं करने को कहा है। सरकार ने नेपाल में फंसें भारतीय नागरिकों को अपने वर्तमान सुरक्षित जगहों पर ही रहने को कहा है। साथ ही नेपाल के अधिकारियों और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी स्थानीय सुरक्षा निर्देश का पालन करने को भी कहा है। सरकार ने भारतीय नागरिकों की मदद के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं। नंबर हैं +977 980 860 2881 और +977-981 032 6134&nbsp;&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेपाल की राजधानी काठमांडू में सरकार के विरूद्ध हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और जगह जगह पर सेना को तैनात किये गए हैं। वहां के हालात गंभीर होने के चलते त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सभी घरेलू-अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए बंद किया गया था। एयर ट्रैफिक कंट्रोल के मुताबिक एयरपोर्ट को 10 सितंबर 2025 की दोपहर 12 बजे तक के लिए बंद किया गया था। एयरपोर्ट बंद होने से यहां कई भारतीय यात्री और पर्यटक फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि करीब 800 पर्यटक पोखरा में फंसे हैं, जबकि काठमांडू में करीब 2000 यात्री फंसें हैं। एयरपोर्ट के बंद होने से नेपाल में फंसे भारतीयों को वापस आने के लिए वहां काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और यातायात पूरी तरह बाधित है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>हिंसक आंदोलन हुआ क्यों&nbsp;</strong><br />
नेपाल में यह हिंसक आंदोलन सरकार के भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन लगाए जाने के बाद हुआ। वहां के युवाओं में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर बैन को लेकर काफी रोष था। इसी रोष के चलते वे सडकों पर उतर आए और हिंसक प्रदर्शन करने लगे। इस बीच वहां के युवाओं द्वारा काफी आगजनी और तोड़-फोड़ की गई और साथ ही संसद में घुसने की भी कोशिश की गई। इस बीच कई युवाओं की जान भी गई और कई मंत्रियों ने इस्तीफा भी दिया।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>भारतीय नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी</strong><br />
सरकार ने भारतीय नागरिकों को स्थिति स्थिर होने तक नेपाल की यात्रा नहीं करने को कहा है। सरकार ने नेपाल में फंसें भारतीय नागरिकों को अपने वर्तमान सुरक्षित जगहों पर ही रहने को कहा है। साथ ही नेपाल के अधिकारियों और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी स्थानीय सुरक्षा निर्देश का पालन करने को भी कहा है। सरकार ने भारतीय नागरिकों की मदद के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिए हैं। नंबर हैं +977 980 860 2881 और +977-981 032 6134&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41420.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Nepal: Hundreds of Indian passengers stranded due to closure of international airport in Kathmandu, long jam at the border.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sports/news/international-news/even-before-the-asia-cup-pakistani-batsman-retired-from-international-cricket-at-the-age-of-just-33]]></guid>
                       <title><![CDATA[एशिया कप से पहले ही पाकिस्तानी बल्लेबाज ने महज 33 की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sports/news/international-news/even-before-the-asia-cup-pakistani-batsman-retired-from-international-cricket-at-the-age-of-just-33]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 02 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

एशिया कप 2025 के शुरू होने में सिर्फ एक हफ्ता ही बचा है। इसी बीच आक्रामक बल्लेबाज आसिफ अली ने महज 33 की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दी है। लेकिन वह घरेलू और लीग क्रिकेट खेलते रहेंगें। आसिफ अली मुख्य रूप से एक फिनिशर और पावर हिटर के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने बताया कि क्रिकेट के मैदान पर अपने देश की सेवा करना उनके लिए सबसे गौरवपूर्ण अध्याय रहा है। आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। ऐसा बताया जा रहा है कि टीम से लगातार बाहर रहने की वजह से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट न खेलने का निर्णय लिया है।&nbsp;

आसिफ अली का क्रिकेट करियर
अली का क्रिकेट करियर बहुत ही छोटा रहा। उन्होंनें अप्रैल 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना T20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था और 2025 में संन्यास ले लिया। आपको बता दें कि उन्होंने 21 वनडे और 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया। वनडे फॉर्मेट में उन्होंने 3 अर्धशतकों के जरिए 382 रन बनाए, वहीं टी20 में 577 रन बनाए।&nbsp;

करियर में यादगार पारी
ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2021 में अफगानिस्तान के खिलाफ, जब पाकिस्तान को 12 गेंदों पर 24 रनों की आवश्यकता थी, तब उन्होंने करीम जनत के ओवर में 4 छक्के लगाए और सिर्फ 7 गेंदों पर ही 25 रन बनाकर जीत पक्की कर दी। यह पारी पाकिस्तान को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में बहुत अहम साबित हुई थी। इसके बाद अगले साल एशिया कप में भी उन्होंने भारत के खिलाफ 8 गेंदों में 16 रन बनाकर पाकिस्तान को जीत दिलाई थी। ये दोनों ही पारियां उनके करियर के शानदार पल रहे हैं। इन सब के बावजूद 2022 के T20 विश्व कप में उनका प्रदर्शन कुछ अच्छा नहीं था।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">एशिया कप 2025 के शुरू होने में सिर्फ एक हफ्ता ही बचा है। इसी बीच आक्रामक बल्लेबाज आसिफ अली ने महज 33 की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए दी है। लेकिन वह घरेलू और लीग क्रिकेट खेलते रहेंगें। आसिफ अली मुख्य रूप से एक फिनिशर और पावर हिटर के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने बताया कि क्रिकेट के मैदान पर अपने देश की सेवा करना उनके लिए सबसे गौरवपूर्ण अध्याय रहा है। आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। ऐसा बताया जा रहा है कि टीम से लगातार बाहर रहने की वजह से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट न खेलने का निर्णय लिया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>आसिफ अली का क्रिकेट करियर</strong><br />
अली का क्रिकेट करियर बहुत ही छोटा रहा। उन्होंनें अप्रैल 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना T20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था और 2025 में संन्यास ले लिया। आपको बता दें कि उन्होंने 21 वनडे और 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व किया। वनडे फॉर्मेट में उन्होंने 3 अर्धशतकों के जरिए 382 रन बनाए, वहीं टी20 में 577 रन बनाए।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>करियर में यादगार पारी</strong><br />
ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2021 में अफगानिस्तान के खिलाफ, जब पाकिस्तान को 12 गेंदों पर 24 रनों की आवश्यकता थी, तब उन्होंने करीम जनत के ओवर में 4 छक्के लगाए और सिर्फ 7 गेंदों पर ही 25 रन बनाकर जीत पक्की कर दी। यह पारी पाकिस्तान को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में बहुत अहम साबित हुई थी। इसके बाद अगले साल एशिया कप में भी उन्होंने भारत के खिलाफ 8 गेंदों में 16 रन बनाकर पाकिस्तान को जीत दिलाई थी। ये दोनों ही पारियां उनके करियर के शानदार पल रहे हैं। इन सब के बावजूद 2022 के T20 विश्व कप में उनका प्रदर्शन कुछ अच्छा नहीं था।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41375.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Even before the Asia Cup, Pakistani batsman retired from international cricket at the age of just 33.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/international-news/german-foreign-minister-wadefull-reached-bengaluru-told-the-importance-of-india-on-the-global-platform]]></guid>
                       <title><![CDATA[जर्मन विदेश मंत्री वाडेफुल पहुंचे बेंगलुरु, वैश्विक मंच पर बताया भारत का महत्व ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/international-news/german-foreign-minister-wadefull-reached-bengaluru-told-the-importance-of-india-on-the-global-platform]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 02 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[जर्मन संघीय विदेश मंत्री जोहान डेविड वाडेफुल मंगलवार सुबह भारत की दो दिवसीय दौरे पर बेंगलुरु पहुंचे हैं। उनकी यह यात्रा 2 से 3 सितंबर तक है। जर्मन विदेश मंत्री वाडेफुल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का दौरा करेंगे। बुधवार को वाडेफुल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिलेंगें और उनके साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें की होंगीं । इन बैठकों में उम्मीद है कि व्यापार, सुरक्षा, हरित ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक शासन जैसे मुख्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। उनसे मिलने के बाद वे दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से भेंट करेंगे और उसी दिन वह देश से लौट जाएंगे।&nbsp;

आपको बता दें कि जर्मन विदेश मंत्री वाडेफुल ने अपनी यात्रा से पहले, भारत-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक मंच पर एक प्रमुख भागीदार के रूप में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका का ज़िक्र किया था। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर वाडेफुल ने जर्मनी और भारत के बीच घनिष्ठ राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया था।&nbsp;
&nbsp;
भारत को &lsquo;इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार&rsquo; बताया&nbsp;
वाडेफुल ने भारत को &lsquo;इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार&rsquo; बताया है। वाडेफुल ने जर्मनी और भारत के बीच आपसी संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से घनिष्ठ संबंध हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सहयोग से लेकर इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स भर्ती जैसे क्षेत्रों में हमारी रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने की बहुत सी संभावनाएं हैं।&nbsp;

&nbsp;

अंतरराष्ट्रीय शांति व स्थिरता के लिए मिलकर काम करना चाहिए
वाडेफुल ने कहा कि भारत और जर्मनी को अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए एक साथ मिलकर काम करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश और सबसे बड़े लोकतंत्र के तौर पर भारत की आवाज वैश्विक मंचों पर बहुत प्रभावशाली हो रही है, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र परे भी सुनी जाती है।&nbsp;

&nbsp;

विदेश मंत्रालय के अनुसार
विदेश मंत्रालय के अनुसार यूरोप में भारत के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक जर्मनी है।&nbsp; वर्ष 2000 से ही भारत और जर्मनी ने एक &#39;रणनीतिक साझेदारी&#39; बनाए रखी है। 2011 में अंतर-सरकारी परामर्श (आईजीसी) की शुरुआत के बाद से यह और भी मजबूत हुआ है। सहयोग की समीक्षा को आईजीसी अधिक सक्षम बनाता है और मंत्रिमंडल स्तर पर जुड़ाव के नए अवसरों की पहचान करता है। भारत उन खास देशों में शामिल है जिनके साथ जर्मनी का ऐसा कम्युनिकेशन सिस्टम है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जर्मन संघीय विदेश मंत्री जोहान डेविड वाडेफुल मंगलवार सुबह भारत की दो दिवसीय दौरे पर बेंगलुरु पहुंचे हैं। उनकी यह यात्रा 2 से 3 सितंबर तक है। जर्मन विदेश मंत्री वाडेफुल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का दौरा करेंगे। बुधवार को वाडेफुल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मिलेंगें और उनके साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें की होंगीं । इन बैठकों में उम्मीद है कि व्यापार, सुरक्षा, हरित ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक शासन जैसे मुख्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। उनसे मिलने के बाद वे दिल्ली में विदेश मंत्री एस जयशंकर से भेंट करेंगे और उसी दिन वह देश से लौट जाएंगे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि जर्मन विदेश मंत्री वाडेफुल ने अपनी यात्रा से पहले, भारत-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक मंच पर एक प्रमुख भागीदार के रूप में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका का ज़िक्र किया था। सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर वाडेफुल ने जर्मनी और भारत के बीच घनिष्ठ राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया था।&nbsp;<br />
&nbsp;<br />
<strong>भारत को &lsquo;इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार&rsquo; बताया&nbsp;</strong><br />
वाडेफुल ने भारत को &lsquo;इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार&rsquo; बताया है। वाडेफुल ने जर्मनी और भारत के बीच आपसी संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से घनिष्ठ संबंध हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सहयोग से लेकर इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स भर्ती जैसे क्षेत्रों में हमारी रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने की बहुत सी संभावनाएं हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>अंतरराष्ट्रीय शांति व स्थिरता के लिए मिलकर काम करना चाहिए</strong><br />
वाडेफुल ने कहा कि भारत और जर्मनी को अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने के लिए एक साथ मिलकर काम करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश और सबसे बड़े लोकतंत्र के तौर पर भारत की आवाज वैश्विक मंचों पर बहुत प्रभावशाली हो रही है, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र परे भी सुनी जाती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>विदेश मंत्रालय के अनुसार</strong><br />
विदेश मंत्रालय के अनुसार यूरोप में भारत के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक जर्मनी है।&nbsp; वर्ष 2000 से ही भारत और जर्मनी ने एक &#39;रणनीतिक साझेदारी&#39; बनाए रखी है। 2011 में अंतर-सरकारी परामर्श (आईजीसी) की शुरुआत के बाद से यह और भी मजबूत हुआ है। सहयोग की समीक्षा को आईजीसी अधिक सक्षम बनाता है और मंत्रिमंडल स्तर पर जुड़ाव के नए अवसरों की पहचान करता है। भारत उन खास देशों में शामिल है जिनके साथ जर्मनी का ऐसा कम्युनिकेशन सिस्टम है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41369.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[German Foreign Minister Wadefull reached Bengaluru, told the importance of India on the global platform]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/international-news/earthquake-wreaks-havoc-in-afghanistan-622-killed-and-thousands-injured]]></guid>
                       <title><![CDATA[अफगानिस्तान में भूकंप से मची तबाही, 622 की मौत व हजारों घायल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/international-news/earthquake-wreaks-havoc-in-afghanistan-622-killed-and-thousands-injured]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 01 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

अफगानिस्तान में 31 अगस्त रविवार को देर रात भूकंप आया जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहर में आए इस भूकंप की तीव्रता 6.0 दर्ज़ की गई है जिससे वहां जान-माल की बड़ी क्षति होने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने बताया है कि इस भूकंप की वजह से 622 लोग मारे गए हैं,वहीं हजारों घायल हैं। ऐसी खबर है कि मौतें और चोटें मुख्य रूप से जालालाबाद और आसपास के क्षेत्रों में हुईं हैं।&nbsp;&nbsp;

नंगरहार इलाके में कई गांव मलबे का ढेर में तब्दील हो गए हैं क्यों यहां ज्यादातर मकान मिटटी के हैं। अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान के अनुसार, तालिबान सरकार ने हेलीकॉप्टरों से लोगों को बचने के लिए रेस्क्यू किया गया है। पड़ोसी राज्यों से भी बचाव टीमें कुनार और नंगरहार पहुंचीं हैं, जहां लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की टीम भी भूकंप से पीड़ित लोगों के लिए भोजन-पानी और मेडिकल मदद लेकर पहुंची है।

केंद्र और तीव्रता
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इस भूकंप की तीव्रता 6.0 तीव्रता का बताया है। यह भूकंप रविवार देर रात 11:47 बजे आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जो था वह जालालाबाद शहर से 27 किलोमीटर पूर्व में था और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। तालिबान सरकार ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच मुश्किल होने कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।&nbsp;

अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप क्यों&nbsp;
अफगानिस्तान हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला में पड़ता है और यहां टेक्टॉनिक्स प्लेट का सक्रिय जोन है। आपको बता दें कि यहां यूरोएशियन प्लेट, अरबियन प्लेट और इंडियन प्लेट के आपस में टकराने से यहां अक्सर भूकंप आते ही रहते हैं। साल में 100 से भी ज्यादा भूकंप आते हैं। यहां यह देखा गया है कि इंडियन प्लेट का यूरोएशियन प्लेट से टकराव 39 मिमी/वर्ष की रफ्तार से होता है। पिछले 10 सालों में 300 किमी के दायरे में 10 भूकंप ऐसे आए जिनकी तीव्रता&nbsp; 6.0 से ऊपर थी। 2015 में यहां सबसे घातक भूकंप आया था जिसकी तीव्रता 7.5 दर्ज़ की गई थी।2023 में भी भयंकर भूकंप आया था जिसकी तीव्रता 6.3 मापी गई थी जिसमें करीब 1,500 मौतें हुई थी।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अफगानिस्तान में 31 अगस्त रविवार को देर रात भूकंप आया जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहर में आए इस भूकंप की तीव्रता 6.0 दर्ज़ की गई है जिससे वहां जान-माल की बड़ी क्षति होने की खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, अफगानिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने बताया है कि इस भूकंप की वजह से 622 लोग मारे गए हैं,वहीं हजारों घायल हैं। ऐसी खबर है कि मौतें और चोटें मुख्य रूप से जालालाबाद और आसपास के क्षेत्रों में हुईं हैं।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नंगरहार इलाके में कई गांव मलबे का ढेर में तब्दील हो गए हैं क्यों यहां ज्यादातर मकान मिटटी के हैं। अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता शराफत जमान के अनुसार, तालिबान सरकार ने हेलीकॉप्टरों से लोगों को बचने के लिए रेस्क्यू किया गया है। पड़ोसी राज्यों से भी बचाव टीमें कुनार और नंगरहार पहुंचीं हैं, जहां लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की टीम भी भूकंप से पीड़ित लोगों के लिए भोजन-पानी और मेडिकल मदद लेकर पहुंची है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>केंद्र और तीव्रता</strong><br />
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इस भूकंप की तीव्रता 6.0 तीव्रता का बताया है। यह भूकंप रविवार देर रात 11:47 बजे आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जो था वह जालालाबाद शहर से 27 किलोमीटर पूर्व में था और इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। तालिबान सरकार ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच मुश्किल होने कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>अफगानिस्तान में बार-बार भूकंप क्यों&nbsp;</strong><br />
अफगानिस्तान हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला में पड़ता है और यहां टेक्टॉनिक्स प्लेट का सक्रिय जोन है। आपको बता दें कि यहां यूरोएशियन प्लेट, अरबियन प्लेट और इंडियन प्लेट के आपस में टकराने से यहां अक्सर भूकंप आते ही रहते हैं। साल में 100 से भी ज्यादा भूकंप आते हैं। यहां यह देखा गया है कि इंडियन प्लेट का यूरोएशियन प्लेट से टकराव 39 मिमी/वर्ष की रफ्तार से होता है। पिछले 10 सालों में 300 किमी के दायरे में 10 भूकंप ऐसे आए जिनकी तीव्रता&nbsp; 6.0 से ऊपर थी। 2015 में यहां सबसे घातक भूकंप आया था जिसकी तीव्रता 7.5 दर्ज़ की गई थी।2023 में भी भयंकर भूकंप आया था जिसकी तीव्रता 6.3 मापी गई थी जिसमें करीब 1,500 मौतें हुई थी।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41361.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Earthquake wreaks havoc in Afghanistan, 622 killed and thousands injured]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/international-news/modi-jinping-bilateral-meeting-in-china-lasted-for-1-hour-whole-worlds-eyes-on-it]]></guid>
                       <title><![CDATA[चीन में 1 घंटे तक चली मोदी-जिनपिंग द्विपक्षीय बैठक, पूरी दुनिया की नज़र इस पर]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/international-news/modi-jinping-bilateral-meeting-in-china-lasted-for-1-hour-whole-worlds-eyes-on-it]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 31 Aug 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[पीएम नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने चीन के तिआनजिन पहुँचें हैं। इस SCO शिखर सम्मेलन से पहले ही आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई और यह लगभग 1 घंटे चली। प्रधानमंत्री मोदी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन में रहेंगें। आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी का यह चीन यात्रा 7 साल बाद हो रहा है। साथ ही मोदी की शी जिनपिंग से पिछली मुलाकात ब्रिक्स 2024 सम्मेलन रूस (कजान) में हुई थी। 2020 की गलवान झड़प के बाद पहली बार दोनों देशों ने सीमा और व्यापार से जुड़े मामलों पर सहमति बनाई है। ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि आर्थिक दबाव और वैश्विक हालात ने दोनों को साथ आने पर मजबूर किया है। इस बैठक में मोदी ने सीमा पर शांति और स्थिरता, आपसी सहयोग और संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी अपनी 4 दिवसीय यात्रा पर चीन पहुँचे हैं। पुतिन सर्वप्रथम चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।&nbsp; &nbsp;

प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच तिआनजिन में चल रही बातचीत अब ख़त्म हो गई है। इस मुलाकात में शी जिनपिंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से दोबारा मिलकर बहुत खुशी हुई। आपको बता दें कि इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ NSA अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, चीन में भारत के राजदूत प्रदीप रावत, जॉइंट सेक्रेटरी (ईस्ट एशिया) गौरांग लाल दास और पीएमओ से अतिरिक्त सचिव दीपक मित्तल उपस्थित थे। वहीं, शी जिनपिंग के साथ विदेश मंत्री वांग यी, प्रधानमंत्री ली कियांग, डायरेक्टर जनरल ऑफिस कैई ची और भारत में चीन के राजदूत शू फेहोंग भी उपस्थित रहे।&nbsp;

शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा
इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि &quot;सीमा प्रबंधन को लेकर हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौता हो गया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू की गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी बहाल हो रही हैं। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।&quot;&nbsp;&nbsp;

जिनपिंग ने कहा -ड्रैगन और हाथी साथ आने की जरूरत&nbsp;
शी जिनपिंग ने कहा, &quot;इस साल चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि, &#39;दुनिया परिवर्तन की ओर बढ़ रही है। चीन और भारत दो सबसे प्राचीन सभ्यताएं हैं। हम दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाले दो देश हैं और ग्लोबल साउथ का हिस्सा भी हैं। ऐसे में हमारा मित्र होना, अच्छे पड़ोसी बनना और ड्रैगन व हाथी का एक साथ आना बेहद जरूरी है।&#39; दोनों देशों के लिए यह जरुरी है कि हम अच्छे पड़ोसी बनें, साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता में मददगार हों और ड्रैगन और हाथी एक साथ आएं।&nbsp;

इन मुद्दों पर सहमति
5 साल बाद भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानें शुरू हुई हैं। भारत-चीन के बीच सीमा प्रबंधन पर सहमति बनी है। चीन ने भारत को रेयर अर्थ मिनरल्स बेचने तथा खाद-मशीनरी सप्लाई करने का आश्वाशन दिया है। साथ ही नाथु ला दर्रे से बॉर्डर ट्रेड फिर से शुरू करने के लिए भी चर्चा हुई। चीन ने भारत के श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर जाने की स्वीकृति दे दी है। पत्रकारों और पर्यटकों के लिए वीजा नियम को भी पहले से आसान किए गए हैं। SCO और BRICS संगठनों में भारत और चीन दोनों देश मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर का समर्थन दे रहे हैं।&nbsp;

चीन के साथ द्विपक्षीय बैठक खास क्यों&nbsp;
लेकिन मोदी-शी की इस मुलाकात को खास मानी जा रही है और वह इसलिए क्योंकि गलवान में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद मोदी का यह पहला चीन यात्रा है। साथ ही हाल के दिनों में ट्रंप का भारत पर 50 % टैरिफ लगाने की वजह से अमेरिका और भारत के रिश्तों में तनाव आया है और इस समस्या से निपटने के लिए नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं। भारत और चीन दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें शुरू हुईं, बॉर्डर ट्रेड पर बातचीत हुई और साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा भी शुरू हुई।&nbsp;

पूरी दुनिया कि नज़र इस समिट पर&nbsp;
आपको बता दें कि गलवान में हुई झड़प के बाद मोदी का यह पहला चीन यात्रा है। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, प्रधान मंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और चीन के बीच तनाव को कम करने और द्विपक्षीय बातचीत को बढ़ावा देने के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है। ट्रम्प ने SCO देशों पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाया है और ऐसे संकट के समय में यह उन देशों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है जो ट्रम्प के इस टैरिफ दबाव के खिलाफ एक साथ साझा मंच पर खड़े होने में जुटे हैं। इस समिट के जरिये ये SCO देश अमेरिका के नेतृत्व वाले ग्लोबल ऑर्डर का विकल्प के रूप में ऑप्शनल पावर बनने की कोशिश है। इस बार के समिट में केवल SCO सदस्य ही नहीं, बल्कि ऑब्जर्वर और पार्टनर देशों सहित 20 से ज्यादा देशों के नेता शामिल हो रहे हैं। इस सम्मलेन के जरिये यह भी संदेश देने की कोशिश होगी की जाएगी कि जो अमेरिकी की कोशिशें हैं-चीन, रूस, ईरान और अब भारत को अलग-थलग करने की, वो व्यर्थ रही हैं।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पीएम नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने चीन के तिआनजिन पहुँचें हैं। इस SCO शिखर सम्मेलन से पहले ही आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई और यह लगभग 1 घंटे चली। प्रधानमंत्री मोदी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन में रहेंगें। आपको बता दें कि नरेंद्र मोदी का यह चीन यात्रा 7 साल बाद हो रहा है। साथ ही मोदी की शी जिनपिंग से पिछली मुलाकात ब्रिक्स 2024 सम्मेलन रूस (कजान) में हुई थी। 2020 की गलवान झड़प के बाद पहली बार दोनों देशों ने सीमा और व्यापार से जुड़े मामलों पर सहमति बनाई है। ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि आर्थिक दबाव और वैश्विक हालात ने दोनों को साथ आने पर मजबूर किया है। इस बैठक में मोदी ने सीमा पर शांति और स्थिरता, आपसी सहयोग और संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी अपनी 4 दिवसीय यात्रा पर चीन पहुँचे हैं। पुतिन सर्वप्रथम चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।&nbsp; &nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच तिआनजिन में चल रही बातचीत अब ख़त्म हो गई है। इस मुलाकात में शी जिनपिंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से दोबारा मिलकर बहुत खुशी हुई। आपको बता दें कि इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ NSA अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, चीन में भारत के राजदूत प्रदीप रावत, जॉइंट सेक्रेटरी (ईस्ट एशिया) गौरांग लाल दास और पीएमओ से अतिरिक्त सचिव दीपक मित्तल उपस्थित थे। वहीं, शी जिनपिंग के साथ विदेश मंत्री वांग यी, प्रधानमंत्री ली कियांग, डायरेक्टर जनरल ऑफिस कैई ची और भारत में चीन के राजदूत शू फेहोंग भी उपस्थित रहे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा</strong><br />
इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि &quot;सीमा प्रबंधन को लेकर हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौता हो गया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू की गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी बहाल हो रही हैं। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।&quot;&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>जिनपिंग ने कहा -ड्रैगन और हाथी साथ आने की जरूरत&nbsp;</strong><br />
शी जिनपिंग ने कहा, &quot;इस साल चीन-भारत राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि, &#39;दुनिया परिवर्तन की ओर बढ़ रही है। चीन और भारत दो सबसे प्राचीन सभ्यताएं हैं। हम दुनिया की सबसे अधिक जनसंख्या वाले दो देश हैं और ग्लोबल साउथ का हिस्सा भी हैं। ऐसे में हमारा मित्र होना, अच्छे पड़ोसी बनना और ड्रैगन व हाथी का एक साथ आना बेहद जरूरी है।&#39; दोनों देशों के लिए यह जरुरी है कि हम अच्छे पड़ोसी बनें, साझेदार बनें जो एक-दूसरे की सफलता में मददगार हों और ड्रैगन और हाथी एक साथ आएं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन मुद्दों पर सहमति</strong><br />
5 साल बाद भारत-चीन के बीच सीधी उड़ानें शुरू हुई हैं। भारत-चीन के बीच सीमा प्रबंधन पर सहमति बनी है। चीन ने भारत को रेयर अर्थ मिनरल्स बेचने तथा खाद-मशीनरी सप्लाई करने का आश्वाशन दिया है। साथ ही नाथु ला दर्रे से बॉर्डर ट्रेड फिर से शुरू करने के लिए भी चर्चा हुई। चीन ने भारत के श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर जाने की स्वीकृति दे दी है। पत्रकारों और पर्यटकों के लिए वीजा नियम को भी पहले से आसान किए गए हैं। SCO और BRICS संगठनों में भारत और चीन दोनों देश मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर का समर्थन दे रहे हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>चीन के साथ द्विपक्षीय बैठक खास क्यों&nbsp;</strong><br />
लेकिन मोदी-शी की इस मुलाकात को खास मानी जा रही है और वह इसलिए क्योंकि गलवान में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद मोदी का यह पहला चीन यात्रा है। साथ ही हाल के दिनों में ट्रंप का भारत पर 50 % टैरिफ लगाने की वजह से अमेरिका और भारत के रिश्तों में तनाव आया है और इस समस्या से निपटने के लिए नए रास्ते तलाशे जा रहे हैं। भारत और चीन दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें शुरू हुईं, बॉर्डर ट्रेड पर बातचीत हुई और साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा भी शुरू हुई।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पूरी दुनिया कि नज़र इस समिट पर&nbsp;</strong><br />
आपको बता दें कि गलवान में हुई झड़प के बाद मोदी का यह पहला चीन यात्रा है। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, प्रधान मंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और चीन के बीच तनाव को कम करने और द्विपक्षीय बातचीत को बढ़ावा देने के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है। ट्रम्प ने SCO देशों पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाया है और ऐसे संकट के समय में यह उन देशों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है जो ट्रम्प के इस टैरिफ दबाव के खिलाफ एक साथ साझा मंच पर खड़े होने में जुटे हैं। इस समिट के जरिये ये SCO देश अमेरिका के नेतृत्व वाले ग्लोबल ऑर्डर का विकल्प के रूप में ऑप्शनल पावर बनने की कोशिश है। इस बार के समिट में केवल SCO सदस्य ही नहीं, बल्कि ऑब्जर्वर और पार्टनर देशों सहित 20 से ज्यादा देशों के नेता शामिल हो रहे हैं। इस सम्मलेन के जरिये यह भी संदेश देने की कोशिश होगी की जाएगी कि जो अमेरिकी की कोशिशें हैं-चीन, रूस, ईरान और अब भारत को अलग-थलग करने की, वो व्यर्थ रही हैं।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41350.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Modi-Jinping bilateral meeting in China lasted for 1 hour, whole world's eyes on it]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/international-news/urjit-patel-got-the-post-of-executive-director-in-imf-demonetization-took-place-during-his-tenure]]></guid>
                       <title><![CDATA[उर्जित पटेल को IMF में मिला एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर का पद, नोटबंदी इन्हीं के कार्यकाल में ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/international-news/urjit-patel-got-the-post-of-executive-director-in-imf-demonetization-took-place-during-his-tenure]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 29 Aug 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[भारत के पूर्व रिजर्व बैंक (RBI) गवर्नर उर्जित पटेल को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में एक बड़ा पद मिला है। उन्हें 3 साल के लिए IMF में कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। वे अब IMF की कार्यकारी बोर्ड की बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उर्जित पटेल यहां भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के ग्रुप का नेतृत्व करेंगे। पटेल साल 2016 में RBI के 24वें गवर्नर बने थे जबकि 2018 में, कुछ व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया था।&nbsp;

आपको बता दें कि इस बोर्ड में IMF के 24 कार्यकारी निदेशक होते हैं। ये कार्यकारी निदेशक संस्था के रोजमर्रा के कार्यों पर नजर बनाये रहते हैं और इससे सम्बंधित महत्वपूर्ण फैसले लेते हैं।&nbsp;

उर्जित पटेल ने येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम.फिल. और लंदन विश्वविद्यालय से बी.एस.सी. की डिग्री हासिल की है।

उनकी भूमिकाएं
उर्जित पटेल IMF में 5 साल तक काम किया है। पहले वाशिंगटन डी.सी. और फिर 1992 में दिल्ली में IMF के उप-निवासी प्रतिनिधि के तौर पर उन्होंने कार्य किया। RBI गवर्नर से पहले, वह RBI के डिप्टी गवर्नर भी रहे हैं, जहां उन्होंने मौद्रिक नीति और शोध जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाले। 1998 से 2001 तक वे वित्त मंत्रालय में सलाहकार भी रह चुके हैं। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईडीएफसी लिमिटेड, एमसीएक्स लिमिटेड और गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम समेत सरकारी और प्राइवेट क्षेत्रों में भी काम कर चुके हैं।

यह नियुक्ति महत्वपूर्ण क्यों
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब भारत ने पाकिस्तान के लिए IMF के बेलआउट कार्यक्रमों का लगातार विरोध किया है और चिंता जाहिर की है कि इस्लामाबाद इस धन का उपयोग युद्ध और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ाने के लिए कर सकता है। आपको बता दें कि हाल ही में, IMF बोर्ड ने एक मौजूदा बहु-वर्षीय कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर का ऋण देने के लिए सहमति दी थी।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारत के पूर्व रिजर्व बैंक (RBI) गवर्नर उर्जित पटेल को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में एक बड़ा पद मिला है। उन्हें 3 साल के लिए IMF में कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। वे अब IMF की कार्यकारी बोर्ड की बैठकों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उर्जित पटेल यहां भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के ग्रुप का नेतृत्व करेंगे। पटेल साल 2016 में RBI के 24वें गवर्नर बने थे जबकि 2018 में, कुछ व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे दिया था।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि इस बोर्ड में IMF के 24 कार्यकारी निदेशक होते हैं। ये कार्यकारी निदेशक संस्था के रोजमर्रा के कार्यों पर नजर बनाये रहते हैं और इससे सम्बंधित महत्वपूर्ण फैसले लेते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उर्जित पटेल ने येल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएचडी, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम.फिल. और लंदन विश्वविद्यालय से बी.एस.सी. की डिग्री हासिल की है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>उनकी भूमिकाएं</strong><br />
उर्जित पटेल IMF में 5 साल तक काम किया है। पहले वाशिंगटन डी.सी. और फिर 1992 में दिल्ली में IMF के उप-निवासी प्रतिनिधि के तौर पर उन्होंने कार्य किया। RBI गवर्नर से पहले, वह RBI के डिप्टी गवर्नर भी रहे हैं, जहां उन्होंने मौद्रिक नीति और शोध जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाले। 1998 से 2001 तक वे वित्त मंत्रालय में सलाहकार भी रह चुके हैं। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईडीएफसी लिमिटेड, एमसीएक्स लिमिटेड और गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम समेत सरकारी और प्राइवेट क्षेत्रों में भी काम कर चुके हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>यह नियुक्ति महत्वपूर्ण क्यों</strong><br />
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब भारत ने पाकिस्तान के लिए IMF के बेलआउट कार्यक्रमों का लगातार विरोध किया है और चिंता जाहिर की है कि इस्लामाबाद इस धन का उपयोग युद्ध और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ाने के लिए कर सकता है। आपको बता दें कि हाल ही में, IMF बोर्ड ने एक मौजूदा बहु-वर्षीय कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर का ऋण देने के लिए सहमति दी थी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Urjit Patel got the post of Executive Director in IMF, demonetization took place during his tenure.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/to-the-point/travel/lifestyle/rural/news/opinion/national-news/international-news/himachal/-1744983168]]></guid>
                       <title><![CDATA[पांगी - हिमाचल की सबसे खतरनाक सड़क से जुड़ा गांव]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/to-the-point/travel/lifestyle/rural/news/opinion/national-news/international-news/himachal/-1744983168]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 18 Apr 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[पांगी - हिमाचल की सबसे खतरनाक सड़क से जुड़ा गांव
**सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा - यहाँ हर व्यवस्था बेहाल
**आरोप : HRTC बस ड्राइवर करते है मनमर्ज़ी, डिपू से नहीं मिलता पूरा राशन
**सड़क बंद हो तो कंधे पर उठा कर ले जाते है मरीज़
**मुख्यमंत्री के दौरे के&nbsp;बाद&nbsp;जगी&nbsp;उम्मीद
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: rgb(19, 19, 19); font-family: Roboto, Arial, sans-serif; font-size: 14px; white-space-collapse: preserve; background-color: rgba(0, 0, 0, 0.05);">पांगी - हिमाचल की सबसे खतरनाक सड़क से जुड़ा गांव<br />
**सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा - यहाँ हर व्यवस्था बेहाल<br />
**आरोप : HRTC बस ड्राइवर करते है मनमर्ज़ी, डिपू से नहीं मिलता पूरा राशन<br />
**सड़क बंद हो तो कंधे पर उठा कर ले जाते है मरीज़<br />
**मुख्यमंत्री के दौरे के&nbsp;बाद&nbsp;जगी&nbsp;उम्मीद</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/images/300x243/placeholder.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/international-news/taylor-swift-swiftnomics]]></guid>
                       <title><![CDATA[टेलर स्विफ्ट का Swift-Effect....... वो मॉडर्न पॉप सेंसेशन जो किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में फूंक देती हैं जान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/international-news/taylor-swift-swiftnomics]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 06 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[टेलर स्विफ्ट कई देशों को मंदी के दौर से उबार रही हैं... यह सुनने में काफी अजीब लग रहा है... मगर बिल्कुल सच है।

दरअसल, टेलर स्विफ्ट की लोकप्रियता का आलम यह है कि वह जिस भी शहर या देश में परफॉर्म करती हैं, वहां की जीडीपी को एकदम से बूस्ट कर देती हैं। यह कहानी शुरू हुई दक्षिण-पूर्व एशिया के छोटे से देश सिंगापुर से, जिसे 2023 में मंदी का खतरा नजर आने लगा था। यह वह समय था जब टेलर स्विफ्ट अपने वर्ल्ड टूर की योजना बना रही थीं।

जब सिंगापुर की सरकार को पता चला कि टेलर स्विफ्ट कॉन्सर्ट के लिए एशिया के किसी ऐसे देश की तलाश कर रही हैं, तो सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने टेलर स्विफ्ट के साथ छह शो को लेकर एक एग्रीमेंट साइन किया। इस एग्रीमेंट के तहत सिंगापुर में एक शो के बदले स्विफ्ट को लाखों डॉलर दिए गए, लेकिन साथ ही शर्त रखी गई कि वह अपने Eras Tour को सिंगापुर के अलावा किसी अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में लेकर नहीं जाएंगी। स्विफ्ट मान गईं।

सिंगापुर में टेलर स्विफ्ट के छह शो ने कमाल कर दिया और हिचकोले खा रही सिंगापुर की अर्थव्यवस्था को इससे 375 मिलियन डॉलर (37.5 करोड़ डॉलर) का सीधा फायदा हुआ। कैसे? वह भी समझते हैं।

कई सालों से मंदी की आशंका से घिरे देश में लोग कंजूस बन बैठे थे। बाजार वीरान पड़े थे, लोग खरीदारी करने से परहेज कर रहे थे। लेकिन जैसे ही टेलर स्विफ्ट के कॉन्सर्ट की खबर सार्वजनिक हुई, लोग टिकट खरीदने के लिए उमड़ पड़े। आसपास के देशों से पर्यटक सिंगापुर पहुंचने लगे। होटलों की बुकिंग में तेजी से इजाफा हुआ। तीन लाख से ज्यादा लोग इस कॉन्सर्ट में शामिल हुए थे। अकेले मार्च 2024 में सिंगापुर में 14 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे थे। फूड और ड्रिंक्स पर खर्च 30% बढ़ गया। होटलों के किराए में 10% तक की वृद्धि हुई थी।

टेलर स्विफ्ट का The Eras Tour अब तक पांच महाद्वीपों की यात्रा कर चुका है और टेलर अलग-अलग देशों में 149 शो कर चुकी हैं। स्विफ्ट की इसी लोकप्रियता को दुनियाभर में Swift-Effect और Swiftonomics का नाम दिया गया है। इसे कॉन्सर्ट इकोनॉमी भी कहा जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में &#39;कॉन्सर्ट इकोनॉमी&#39; का जिक्र किया था। उन्होंने यह जिक्र भारत में कोल्डप्ले बैंड के कॉन्सर्ट की शानदार सफलता के बाद किया था और कॉन्सर्ट इकोनॉमी में जबरदस्त संभावनाओं पर जोर दिया था।

यह कॉन्सर्ट इकोनॉमी भारत की जीडीपी के लिए भी बूस्टर का काम कर सकती है। उदाहरण के तौर पर, भारतीय कलाकार दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट्स से भी इकोनॉमी को बढ़ावा मिला है। इसी तरह, यह छोटे राज्यों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में भी इस तरह के कॉन्सर्ट्स आयोजित किए जाएं, तो यहां भी पर्यटन और अर्थव्यवस्था दोनों का विकास होगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">टेलर स्विफ्ट कई देशों को मंदी के दौर से उबार रही हैं... यह सुनने में काफी अजीब लग रहा है... मगर बिल्कुल सच है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दरअसल, टेलर स्विफ्ट की लोकप्रियता का आलम यह है कि वह जिस भी शहर या देश में परफॉर्म करती हैं, वहां की जीडीपी को एकदम से बूस्ट कर देती हैं। यह कहानी शुरू हुई दक्षिण-पूर्व एशिया के छोटे से देश सिंगापुर से, जिसे 2023 में मंदी का खतरा नजर आने लगा था। यह वह समय था जब टेलर स्विफ्ट अपने वर्ल्ड टूर की योजना बना रही थीं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जब सिंगापुर की सरकार को पता चला कि टेलर स्विफ्ट कॉन्सर्ट के लिए एशिया के किसी ऐसे देश की तलाश कर रही हैं, तो सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने टेलर स्विफ्ट के साथ छह शो को लेकर एक एग्रीमेंट साइन किया। इस एग्रीमेंट के तहत सिंगापुर में एक शो के बदले स्विफ्ट को लाखों डॉलर दिए गए, लेकिन साथ ही शर्त रखी गई कि वह अपने <em>Eras Tour</em> को सिंगापुर के अलावा किसी अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में लेकर नहीं जाएंगी। स्विफ्ट मान गईं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सिंगापुर में टेलर स्विफ्ट के छह शो ने कमाल कर दिया और हिचकोले खा रही सिंगापुर की अर्थव्यवस्था को इससे 375 मिलियन डॉलर (37.5 करोड़ डॉलर) का सीधा फायदा हुआ। कैसे? वह भी समझते हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कई सालों से मंदी की आशंका से घिरे देश में लोग कंजूस बन बैठे थे। बाजार वीरान पड़े थे, लोग खरीदारी करने से परहेज कर रहे थे। लेकिन जैसे ही टेलर स्विफ्ट के कॉन्सर्ट की खबर सार्वजनिक हुई, लोग टिकट खरीदने के लिए उमड़ पड़े। आसपास के देशों से पर्यटक सिंगापुर पहुंचने लगे। होटलों की बुकिंग में तेजी से इजाफा हुआ। तीन लाख से ज्यादा लोग इस कॉन्सर्ट में शामिल हुए थे। अकेले मार्च 2024 में सिंगापुर में 14 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे थे। फूड और ड्रिंक्स पर खर्च 30% बढ़ गया। होटलों के किराए में 10% तक की वृद्धि हुई थी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">टेलर स्विफ्ट का <em>The Eras Tour</em> अब तक पांच महाद्वीपों की यात्रा कर चुका है और टेलर अलग-अलग देशों में 149 शो कर चुकी हैं। स्विफ्ट की इसी लोकप्रियता को दुनियाभर में Swift-Effect और Swiftonomics का नाम दिया गया है। इसे कॉन्सर्ट इकोनॉमी भी कहा जाता है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में &#39;कॉन्सर्ट इकोनॉमी&#39; का जिक्र किया था। उन्होंने यह जिक्र भारत में कोल्डप्ले बैंड के कॉन्सर्ट की शानदार सफलता के बाद किया था और कॉन्सर्ट इकोनॉमी में जबरदस्त संभावनाओं पर जोर दिया था।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">यह कॉन्सर्ट इकोनॉमी भारत की जीडीपी के लिए भी बूस्टर का काम कर सकती है। उदाहरण के तौर पर, भारतीय कलाकार दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट्स से भी इकोनॉमी को बढ़ावा मिला है। इसी तरह, यह छोटे राज्यों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य में भी इस तरह के कॉन्सर्ट्स आयोजित किए जाएं, तो यहां भी पर्यटन और अर्थव्यवस्था दोनों का विकास होगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39430.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[taylor swift swiftnomics ]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/earth-shook-from-afghanistan-to-delhi-due-to-earthquake-intensity-was-61]]></guid>
                       <title><![CDATA[भूकंप से अफगानिस्तान से दिल्ली तक हिली धरती, 6.1 रही तीव्रता]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/earth-shook-from-afghanistan-to-delhi-due-to-earthquake-intensity-was-61]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 11 Jan 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[** हिंदुकुश में जमीन से 220 किमी नीचे था केंद्र
** फिलहाल किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं&nbsp;

अफगानिस्तान के हिंदुकुश में आज दोपहर बाद 2:20 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इसकी वजह से पाकिस्तान के इस्लामाबाद, रावलपिंडी और भारत में जम्मू-कश्मीर से दिल्ली तक धरती हिल गई।
&nbsp; &nbsp; नेशनल सेंटर फॉर सीसमोलॉजी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई। इसका केंद्र हिंदुकुश में जमीन से करीब 220 किलोमीटर नीचे था। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था। इसके झटके दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था। इसके झटके दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में महसूस किए गए।

दो माह पूर्व नेपाल में आया था 6.4 तीव्रता का भूकंप
गत वर्ष 4 नवंबर को रात 11:32 बजे नेपाल में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 157 लोगों की मौत हुई थी। तब दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और बिहार की राजधानी पटना में भी झटके महसूस किए गए थे। हालांकि भारत में किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><span style="color:#FF0000;"><span style="font-size:22px;">** हिंदुकुश में जमीन से 220 किमी नीचे था केंद्र<br />
** फिलहाल किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं&nbsp;</span></span></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अफगानिस्तान के हिंदुकुश में आज दोपहर बाद 2:20 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। इसकी वजह से पाकिस्तान के इस्लामाबाद, रावलपिंडी और भारत में जम्मू-कश्मीर से दिल्ली तक धरती हिल गई।<br />
&nbsp; &nbsp; नेशनल सेंटर फॉर सीसमोलॉजी के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई। इसका केंद्र हिंदुकुश में जमीन से करीब 220 किलोमीटर नीचे था। फिलहाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था। इसके झटके दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था। इसके झटके दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई शहरों में महसूस किए गए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><span style="font-size:22px;">दो माह पूर्व नेपाल में आया था 6.4 तीव्रता का भूकंप</span><br />
गत वर्ष 4 नवंबर को रात 11:32 बजे नेपाल में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 157 लोगों की मौत हुई थी। तब दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और बिहार की राजधानी पटना में भी झटके महसूस किए गए थे। हालांकि भारत में किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall34526.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Earth shook from Afghanistan to Delhi due to earthquake, intensity was 6.1]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/another-ship-hijacked-near-somalia]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोमालिया के पास एक और जहाज हाईजैक ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/another-ship-hijacked-near-somalia]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 05 Jan 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[-शिप में 15 भारतीय क्रू मेंबर्स हैं सवार
-जहाज पर हथियार लेकर उतरे 5-6 लोग


सोमालिया तट पर एक और मालवाहक जहाज &#39;एमवी लीला नॉरफॉक&Oacute; हाईजैक हो गया है। जहाज बीते दिन हाईजैक हो गया था, जिसके बाद उसपर भारतीय सेना कड़ी निगरानी रख रही है। सोमालिया के तट के पास अगवा किए गए लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज पर चालक दल में 15 भारतीय सदस्य भी शामिल हैं। भारतीय नौसेना के विमान जहाज पर नजर रख रहे हैं और चालक दल के साथ संचार स्थापित किया गया है।
&nbsp; सैन्य अधिकारी ने बताया कि भारतीय नौसेना अपहृत जहाज एमवी लीला नॉरफॉक पर कड़ी निगरानी रख रही है, जिसके बारे में कल शाम जानकारी मिली थी। सोमालिया के तट के पास अगवा किए गए लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज पर चालक दल के 15 भारतीय सदस्य हैं। भारतीय नौसेना के विमान जहाज पर नजर रख रहे हैं और चालक दल के साथ भी कम्यूनिकेशन स्थापित किया गया है।
&nbsp; &nbsp;भारतीय नौसेना ने कहा कि जहाज ने ब्रिटेन के मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स पोर्टल पर एक संदेश भेजा था। इसमें कहा गया था कि 4 जनवरी की शाम को 5-6 लोग हथियारों के साथ जहाज पर उतरे। नौसेना ने कहा कि हाईजैक की सूचना मिलते ही एक मैरिटाइम पैट्रोलिंग एयरक्राफ्ट को जहाज की तरफ रवाना किया गया। एयरक्राफ्ट ने तड़के सुबह शिप की लोकेशन पर पहुंचकर क्रू से संपर्क किया है। सभी सुरक्षित हैं। नेवी का एयरक्राफ्ट लगातार आईएनएस चेन्नई की लोकेशन ट्रैक कर रहे हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="color:#FF0000;"><span style="font-size:22px;">-शिप में 15 भारतीय क्रू मेंबर्स हैं सवार<br />
-जहाज पर हथियार लेकर उतरे 5-6 लोग</span></span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">सोमालिया तट पर एक और मालवाहक जहाज &#39;एमवी लीला नॉरफॉक&Oacute; हाईजैक हो गया है। जहाज बीते दिन हाईजैक हो गया था, जिसके बाद उसपर भारतीय सेना कड़ी निगरानी रख रही है। सोमालिया के तट के पास अगवा किए गए लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज पर चालक दल में 15 भारतीय सदस्य भी शामिल हैं। भारतीय नौसेना के विमान जहाज पर नजर रख रहे हैं और चालक दल के साथ संचार स्थापित किया गया है।<br />
&nbsp; सैन्य अधिकारी ने बताया कि भारतीय नौसेना अपहृत जहाज एमवी लीला नॉरफॉक पर कड़ी निगरानी रख रही है, जिसके बारे में कल शाम जानकारी मिली थी। सोमालिया के तट के पास अगवा किए गए लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज पर चालक दल के 15 भारतीय सदस्य हैं। भारतीय नौसेना के विमान जहाज पर नजर रख रहे हैं और चालक दल के साथ भी कम्यूनिकेशन स्थापित किया गया है।<br />
&nbsp; &nbsp;भारतीय नौसेना ने कहा कि जहाज ने ब्रिटेन के मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स पोर्टल पर एक संदेश भेजा था। इसमें कहा गया था कि 4 जनवरी की शाम को 5-6 लोग हथियारों के साथ जहाज पर उतरे। नौसेना ने कहा कि हाईजैक की सूचना मिलते ही एक मैरिटाइम पैट्रोलिंग एयरक्राफ्ट को जहाज की तरफ रवाना किया गया। एयरक्राफ्ट ने तड़के सुबह शिप की लोकेशन पर पहुंचकर क्रू से संपर्क किया है। सभी सुरक्षित हैं। नेवी का एयरक्राफ्ट लगातार आईएनएस चेन्नई की लोकेशन ट्रैक कर रहे हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall34378.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Another ship hijacked near Somalia]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/48-people-have-died-so-far-in-the-earthquake-in-japan]]></guid>
                       <title><![CDATA[जापान में आए भूकंप में अब तक 48 लोगों की मौत]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/48-people-have-died-so-far-in-the-earthquake-in-japan]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 02 Jan 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[- 200 इमारतें जलीं, 1400 लोग बुलेट ट्रेन में फंसे
- इशिकावा में एक और भूकंप की चेतावनी

&nbsp;

&nbsp;

जापान के इशिकावा में नए साल के पहले दिन आए 7.6 की तीव्रता के भूकंप में अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है,&nbsp;
भूकंप से कई जगहों पर आग लग गई। इससे 200 इमारतें जलकर खाक हो चुकी हैं। 32,500 घरों में बिजली नहीं है। यहां एक और भूकंप की चेतावनी जारी की गई है। जापान में सोमवार को आए भूकंप से 6 दिन पहले यानी 27 दिसंबर को ही दुनिया के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट काशिवाजाकी कारिवा पर लगे बैन को हटाया गया था।&nbsp;
&nbsp; &nbsp;जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को जब भूकंप आया तो इसके टॉप फ्लोर के रिएक्टर नंबर 7 और रिएक्टर नंबर 2 पर रेडियोएक्टिव मैटीरियल बहने लगा था। हालांकि, बाद में बताया गया कि प्लांट पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:22px;"><span style="color:#FF0000;">- 200 इमारतें जलीं, 1400 लोग बुलेट ट्रेन में फंसे<br />
- इशिकावा में एक और भूकंप की चेतावनी</span></span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जापान के इशिकावा में नए साल के पहले दिन आए 7.6 की तीव्रता के भूकंप में अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है,&nbsp;<br />
भूकंप से कई जगहों पर आग लग गई। इससे 200 इमारतें जलकर खाक हो चुकी हैं। 32,500 घरों में बिजली नहीं है। यहां एक और भूकंप की चेतावनी जारी की गई है। जापान में सोमवार को आए भूकंप से 6 दिन पहले यानी 27 दिसंबर को ही दुनिया के सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट काशिवाजाकी कारिवा पर लगे बैन को हटाया गया था।&nbsp;<br />
&nbsp; &nbsp;जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को जब भूकंप आया तो इसके टॉप फ्लोर के रिएक्टर नंबर 7 और रिएक्टर नंबर 2 पर रेडियोएक्टिव मैटीरियल बहने लगा था। हालांकि, बाद में बताया गया कि प्लांट पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall34310.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ 48 people have died so far in the earthquake in Japan]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/earthquake-with-a-magnitude-of-75-hits-ishikawa-prefecture-in-japan-creates-chaos]]></guid>
                       <title><![CDATA[जापान के इशिकावा प्रान्त में 7.5 की तीव्रता से भूकंप के झटके , मची उथल -पुथल ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/earthquake-with-a-magnitude-of-75-hits-ishikawa-prefecture-in-japan-creates-chaos]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 01 Jan 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नए साल पर जापान के इशिकावा प्रान्त में 7.5 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. जिसके बाद से समंदर में उथल-पुथल तेज हो गई है. इसके अलावा जापान से कई डरावनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इशिकावा, निगाटा और टोयामा प्रान्त के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की है.
जापान के पीएम फुमियो किशिदा ने कहा कि यह सुनामी अनुमान से भी ज्यादा भयानक हो सकती है, इसलिए सुरक्षित स्थानों को न छोड़ें. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पानी का स्तर 5 मीटर (16.5 फीट) तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है. मौसम एजेंसी ने जापान के लोगों को उंचे स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नए साल पर जापान के इशिकावा प्रान्त में 7.5 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. जिसके बाद से समंदर में उथल-पुथल तेज हो गई है. इसके अलावा जापान से कई डरावनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इशिकावा, निगाटा और टोयामा प्रान्त के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की है.<br />
जापान के पीएम फुमियो किशिदा ने कहा कि यह सुनामी अनुमान से भी ज्यादा भयानक हो सकती है, इसलिए सुरक्षित स्थानों को न छोड़ें. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पानी का स्तर 5 मीटर (16.5 फीट) तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है. मौसम एजेंसी ने जापान के लोगों को उंचे स्थानों पर रहने की सलाह दी है.</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall34300.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Earthquake with a magnitude of 7.5 hits Ishikawa Prefecture in Japan, creates chaos]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/mumbai-plane-with-276-indians-stopped-in-france-for-4-days-reaches-mumbai]]></guid>
                       <title><![CDATA[मुंबई : फ्रांस में 4 दिन रोका 276 भारतीयों का विमान मुंबई पहुंचा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/mumbai-plane-with-276-indians-stopped-in-france-for-4-days-reaches-mumbai]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 26 Dec 2023 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[फ्रांस में मानव तस्करी के शक में रोका गया विमान मुंबई पहुंच गया है। विमान आज तड़के 4 बजे मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। इसने 25 दिसंबर की शाम पेरिस के वाट्री एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।&nbsp;
&nbsp; न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सुबह करीब 4:30 बजे रिपोर्ट दी कि इस फ्लाइट से 276 लोग लौटे हैं। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही सीआईएसएफ ने इनसे पूछताछ की। वहीं, कई लोग मीडिया के सवालों का जवाब देने से बचने के लिए भागते नजर आए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इनमें ज्यादातर लोग पंजाब, गुजरात और साउथ इंडिया के हैं।
&nbsp; &nbsp;पहले इस फ्लाइट के सोमवार दोपहर 2:20 बजे भारत आने की जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ लोग देश वापसी नहीं करना चाहते थे। इस वजह से फ्लाइट के उड़ान भरने में देरी हो गई। इन लोगों ने फ्रांस में ही शरण देने की मांग की थी।
&nbsp; दरअसल, 22 दिसंबर को दुबई से निकारागुआ जा रहे भारतीय नागरिकों वाला विमान वाट्री एयरपोर्ट पर ईंधन भरने के लिए उतरा था। इस दौरान फ्रांस के अधिकारियों को सूचना मिली कि इसमें मानव तस्करी के पीड़ितों को ले जाया जा रहा है, जिसके बाद फ्लाइट को उड़ान भरने से रोक दिया गया था।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:20px;">फ्रांस में मानव तस्करी के शक में रोका गया विमान मुंबई पहुंच गया है। विमान आज तड़के 4 बजे मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। इसने 25 दिसंबर की शाम पेरिस के वाट्री एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।&nbsp;<br />
&nbsp; न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सुबह करीब 4:30 बजे रिपोर्ट दी कि इस फ्लाइट से 276 लोग लौटे हैं। एयरपोर्ट पर पहुंचते ही सीआईएसएफ ने इनसे पूछताछ की। वहीं, कई लोग मीडिया के सवालों का जवाब देने से बचने के लिए भागते नजर आए। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इनमें ज्यादातर लोग पंजाब, गुजरात और साउथ इंडिया के हैं।<br />
&nbsp; &nbsp;पहले इस फ्लाइट के सोमवार दोपहर 2:20 बजे भारत आने की जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ लोग देश वापसी नहीं करना चाहते थे। इस वजह से फ्लाइट के उड़ान भरने में देरी हो गई। इन लोगों ने फ्रांस में ही शरण देने की मांग की थी।<br />
&nbsp; दरअसल, 22 दिसंबर को दुबई से निकारागुआ जा रहे भारतीय नागरिकों वाला विमान वाट्री एयरपोर्ट पर ईंधन भरने के लिए उतरा था। इस दौरान फ्रांस के अधिकारियों को सूचना मिली कि इसमें मानव तस्करी के पीड़ितों को ले जाया जा रहा है, जिसके बाद फ्लाइट को उड़ान भरने से रोक दिया गया था।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall34174.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Mumbai: Plane with 276 Indians stopped in France for 4 days, reaches Mumbai]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/pm-modi-said-on-pannu-case-small-incidents-do-not-affect-india-us-relations]]></guid>
                       <title><![CDATA[पन्नू मामले पर बोले पीएम मोदी, छोटी-मोटी घटनाओं से भारत-अमेरिका रिश्तों पर फर्क नहीं पड़ता ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/pm-modi-said-on-pannu-case-small-incidents-do-not-affect-india-us-relations]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 20 Dec 2023 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले पर बयान दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा &#39;छोटी-मोटी घटनाओं से भारत-अमेरिका रिश्तों पर कोई फर्क नहीं पड़ता।&#39; अगर हमारे देश का कोई नागरिक दूसरे देश में अच्छा या बुरा काम करता है तो हम जिम्मेदारी लेते हैं। हमें इस बारे में बताया गया है तो हम जांच करने के लिए तैयार हैं। हम कानून का पालन करते हैं।
&nbsp; दरअसल, अमेरिकी सरकार ने आरोप लगाया था कि न्यूयॉर्क में पन्नू पर जानलेवा हमले की साजिश रची गई थी। इसमें भारत का हाथ था। इस साजिश को नाकाम कर दिया गया। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि हमला किस दिन होने वाला था।
&nbsp; जून में पीएम नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के बाद ही अमेरिकी अधिकारियों ने भारत के सामने यह मुद्दा उठाया था। इस बात का खुलासा 22 नवंबर को पब्लिश हुई फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में हुआ था।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले पर बयान दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा &#39;छोटी-मोटी घटनाओं से भारत-अमेरिका रिश्तों पर कोई फर्क नहीं पड़ता।&#39; अगर हमारे देश का कोई नागरिक दूसरे देश में अच्छा या बुरा काम करता है तो हम जिम्मेदारी लेते हैं। हमें इस बारे में बताया गया है तो हम जांच करने के लिए तैयार हैं। हम कानून का पालन करते हैं।<br />
&nbsp; दरअसल, अमेरिकी सरकार ने आरोप लगाया था कि न्यूयॉर्क में पन्नू पर जानलेवा हमले की साजिश रची गई थी। इसमें भारत का हाथ था। इस साजिश को नाकाम कर दिया गया। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि हमला किस दिन होने वाला था।<br />
&nbsp; जून में पीएम नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के बाद ही अमेरिकी अधिकारियों ने भारत के सामने यह मुद्दा उठाया था। इस बात का खुलासा 22 नवंबर को पब्लिश हुई फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में हुआ था।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall34062.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[PM Modi said on Pannu case, small incidents do not affect India-US relations]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/was-dawood-ibrahim-really-poisoned-or-a-rumour]]></guid>
                       <title><![CDATA[दाऊद इब्राहिम को सच में दिया गया जहर या अफवाह?]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/was-dawood-ibrahim-really-poisoned-or-a-rumour]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 18 Dec 2023 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[-सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही खबर&nbsp;
-कराची में अस्पताल में भर्ती बताया जा रहा अंडर वर्ल्ड डॉन

भारत के मोस्ट वांटेड मुंबई हमले के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम को जहर दिए जाने की खबर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। खबरों के अनुसार उसे कराची में जहर दिया गया है और वह अस्पताल में भर्ती है। हालांकि दाऊद को जहर दिए जाने की खबरों को लेकर किसी तरह का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
&nbsp; &nbsp; वहीं, मुंबई और नई दिल्ली में पुलिस और खुफिया अधिकारियों ने अब तक स्थिति पर चुप्पी साध रखी है और दावा किया है कि ऐसी कई रिपोर्टें हैं, जो नियमित रूप से सामने आती रहती हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर अफवाहें होती हैं।
&nbsp; &nbsp; दरअसल सोशल मीडिया के अनुसार दाऊद इब्राहिम को कराची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि किसी अनजान शख्स ने उसे जहर दिया है। खबरों के मुताबिक जिस अस्पताल में दाऊद भर्ती है, वहां कड़ी सुरक्षा है, वहां किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। सिर्फ शीर्ष अधिकारी और परिवारजन ही वहां जा सकते हैं।


पाकिस्तान में इंटरनेट सेवाएं बाधित
वहीं पूरे पाकिस्तान में इंटरनेट सेवाओं में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में यूजर्स ने सोशल मीडिया साइटों तक पहुंचने में कठिनाइयों की शिकायत की है। लोगों ने कहा कि इंटरनेट की स्पीड बहुत धीमी गई है।&nbsp;
&nbsp;मीडिया आउटलेट ने बताया कि इस व्यवधान के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है, क्योंकि पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण ने इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है। लेकिन सोशल मीडिया से जुड़े कई लोगों द्वारा इंटरनेट सेवाओं के बाधित होने को भी दाऊद इब्राहिम को जहर देने की खबर से जोड़ा जा रहा है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:22px;"><span style="color:#FF0000;">-सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही खबर&nbsp;<br />
-कराची में अस्पताल में भर्ती बताया जा रहा अंडर वर्ल्ड डॉन</span></span></p>

<p><span style="font-size:18px;">भारत के मोस्ट वांटेड मुंबई हमले के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहिम को जहर दिए जाने की खबर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। खबरों के अनुसार उसे कराची में जहर दिया गया है और वह अस्पताल में भर्ती है। हालांकि दाऊद को जहर दिए जाने की खबरों को लेकर किसी तरह का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।<br />
&nbsp; &nbsp; वहीं, मुंबई और नई दिल्ली में पुलिस और खुफिया अधिकारियों ने अब तक स्थिति पर चुप्पी साध रखी है और दावा किया है कि ऐसी कई रिपोर्टें हैं, जो नियमित रूप से सामने आती रहती हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर अफवाहें होती हैं।<br />
&nbsp; &nbsp; दरअसल सोशल मीडिया के अनुसार दाऊद इब्राहिम को कराची के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि किसी अनजान शख्स ने उसे जहर दिया है। खबरों के मुताबिक जिस अस्पताल में दाऊद भर्ती है, वहां कड़ी सुरक्षा है, वहां किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है। सिर्फ शीर्ष अधिकारी और परिवारजन ही वहां जा सकते हैं।</span></p>

<p><br />
<span style="font-size:18px;"><span style="font-size:22px;">पाकिस्तान में इंटरनेट सेवाएं बाधित</span><br />
वहीं पूरे पाकिस्तान में इंटरनेट सेवाओं में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में यूजर्स ने सोशल मीडिया साइटों तक पहुंचने में कठिनाइयों की शिकायत की है। लोगों ने कहा कि इंटरनेट की स्पीड बहुत धीमी गई है।&nbsp;<br />
&nbsp;मीडिया आउटलेट ने बताया कि इस व्यवधान के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है, क्योंकि पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण ने इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया है। लेकिन सोशल मीडिया से जुड़े कई लोगों द्वारा इंटरनेट सेवाओं के बाधित होने को भी दाऊद इब्राहिम को जहर देने की खबर से जोड़ा जा रहा है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall34014.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Was Dawood Ibrahim really poisoned or a rumour?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/cm-sukhu-invites-dubai-investors-to-invest-in-himachal]]></guid>
                       <title><![CDATA[सीएम सुक्खू ने दुबई के निवेशकों को हिमाचल में निवेश का दिया न्योता]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/cm-sukhu-invites-dubai-investors-to-invest-in-himachal]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 16 Dec 2023 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[-दुबई के एमिरेत्स हिल्स में 50 प्रवासी हिमाचलियों के साथ की बैठक
-हिमाचल में 6,000 करोड़ निवेश करने के हैं इच्छुक दुबई के उद्योगपति
&nbsp;

हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू यूएई के दौरे पर हैं। वे वहां निवेशकों से हिमाचल में निवेश करने के लिए आमंत्रित करने गए हैं। उन्होंने शुक्रवार देर सायं यूएई के दुबई में हिमाचली निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने दुबई के एमिरेत्स हिल्स में 50 प्रवासी हिमाचलियों के साथ बैठक की। दुबई के उद्योगपतियों ने हिमाचल प्रदेश में 6,000 करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री सुक्खू शनिवार को दुबई से स्वदेश लौटेंगे। शनिवार को मुख्यमंत्री के दिल्ली में रुकने की संभावना है। रविवार को राजधानी शिमला पहुंचने के आसार हैं। मुख्यमंत्री के साथ सात सदस्यीय दल भी दुबई गया है। शुक्रवार सायं करीब 6 बजे प्रवासी हिमाचलियों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक शुरू हुई।&nbsp;
&nbsp; &nbsp; निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आपका अपना राज्य है। ऐसे में आप सबका फर्ज बनता है कि हिमाचल के विकास में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि हिमाचल में निवेश करने वाले निवेशकों को सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। विभिन्न औपचारिकताएं पूरा करने के लिए किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार सिंगल विंडो के माध्यम से स्वयं हर बाधा और औपचारिकता को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प रहेगी। बैठक में मौजूद अधिकारियों के अनुसार कई निवेशकों ने हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए सकारात्मक रुख अपनाया है। संभावित है कि करीब 6,000 करोड़ का निवेश होगा।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><span style="color:#FF0000;"><span style="font-size:22px;">-दुबई के एमिरेत्स हिल्स में 50 प्रवासी हिमाचलियों के साथ की बैठक<br />
-हिमाचल में 6,000 करोड़ निवेश करने के हैं इच्छुक दुबई के उद्योगपति</span></span></span><br />
&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू यूएई के दौरे पर हैं। वे वहां निवेशकों से हिमाचल में निवेश करने के लिए आमंत्रित करने गए हैं। उन्होंने शुक्रवार देर सायं यूएई के दुबई में हिमाचली निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने दुबई के एमिरेत्स हिल्स में 50 प्रवासी हिमाचलियों के साथ बैठक की। दुबई के उद्योगपतियों ने हिमाचल प्रदेश में 6,000 करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री सुक्खू शनिवार को दुबई से स्वदेश लौटेंगे। शनिवार को मुख्यमंत्री के दिल्ली में रुकने की संभावना है। रविवार को राजधानी शिमला पहुंचने के आसार हैं। मुख्यमंत्री के साथ सात सदस्यीय दल भी दुबई गया है। शुक्रवार सायं करीब 6 बजे प्रवासी हिमाचलियों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक शुरू हुई।&nbsp;<br />
&nbsp; &nbsp; निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आपका अपना राज्य है। ऐसे में आप सबका फर्ज बनता है कि हिमाचल के विकास में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि हिमाचल में निवेश करने वाले निवेशकों को सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। विभिन्न औपचारिकताएं पूरा करने के लिए किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार सिंगल विंडो के माध्यम से स्वयं हर बाधा और औपचारिकता को पूरा करने के लिए कृतसंकल्प रहेगी। बैठक में मौजूद अधिकारियों के अनुसार कई निवेशकों ने हिमाचल प्रदेश में निवेश के लिए सकारात्मक रुख अपनाया है। संभावित है कि करीब 6,000 करोड़ का निवेश होगा।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall33977.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[CM Sukhu invites Dubai investors to invest in Himachal]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/assembly-speaker-kuldeep-pathania-reached-switzerland]]></guid>
                       <title><![CDATA[स्विटजरलैंड पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/assembly-speaker-kuldeep-pathania-reached-switzerland]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 11 Oct 2023 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया स्पेन की राजधानी मैड्रिड तथा बर्सिलोना शहर में 6 दिनों के अध्ययन प्रवास के बाद आज स्विटजरलैंड के खूबसूरत शहर ल्यूसर्न पहुंचे। कुलदीप सिंह पठानिया 11 से 16 अक्तूबर तक स्विटजरलैंड के अध्ययन प्रवास पर रहेंगे।&nbsp;
&nbsp; &nbsp; &nbsp; गौरतलब है कि कुलदीप सिंह पठानियां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेने 1 अक्तूबर को घाना की राजधानी अक्रा गए थे। सम्मेलन उपरांत पठानियां 6 अक्तूबर से स्पेन तथा स्विटजरलैंड देशों के अध्ययन प्रवास पर हैं। पठानिया स्विटजरलैंड के शहर ल्यूसर्न तथा ज्यूरिख के अध्ययन प्रवास पर रहेंगे, जबकि वे 16 अक्तूबर को इस्तांबुल होते हुए नई दिल्ली स्वदेश लौटेंगे।&nbsp; पठानिया के साथ विधानसभा सचिव यशपॉल शर्मा भी अध्ययन प्रवास पर हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया स्पेन की राजधानी मैड्रिड तथा बर्सिलोना शहर में 6 दिनों के अध्ययन प्रवास के बाद आज स्विटजरलैंड के खूबसूरत शहर ल्यूसर्न पहुंचे। कुलदीप सिंह पठानिया 11 से 16 अक्तूबर तक स्विटजरलैंड के अध्ययन प्रवास पर रहेंगे।&nbsp;<br />
&nbsp; &nbsp; &nbsp; गौरतलब है कि कुलदीप सिंह पठानियां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेने 1 अक्तूबर को घाना की राजधानी अक्रा गए थे। सम्मेलन उपरांत पठानियां 6 अक्तूबर से स्पेन तथा स्विटजरलैंड देशों के अध्ययन प्रवास पर हैं। पठानिया स्विटजरलैंड के शहर ल्यूसर्न तथा ज्यूरिख के अध्ययन प्रवास पर रहेंगे, जबकि वे 16 अक्तूबर को इस्तांबुल होते हुए नई दिल्ली स्वदेश लौटेंगे।&nbsp; पठानिया के साथ विधानसभा सचिव यशपॉल शर्मा भी अध्ययन प्रवास पर हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall32718.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Assembly Speaker Kuldeep Pathania reached Switzerland]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/world-culture-festival-people-from-180-countries-gathered-on-the-second-day-to-pray-for-peace-in-ukraine]]></guid>
                       <title><![CDATA[विश्व संस्कृति महोत्सव : दूसरे दिन 180 देशों के लोग यूक्रेन में शांति के लिए प्रार्थना करने के लिए हुए एकत्रित ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/world-culture-festival-people-from-180-countries-gathered-on-the-second-day-to-pray-for-peace-in-ukraine]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 02 Oct 2023 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[जैसे ही पृष्ठभूमि में सैकड़ों झंडे एक साथ लहराने लगे, वातावरण में लोकप्रिय भावना एक बार फिर एकजुटता की थी, क्योंकि 180 देशों के लोग एक-दूसरे के साथ घुल-मिल कर नृत्य, संगीत और भोजन के माध्यम से वैश्विक संस्कृतियों का जश्न मना रहे थे। यह एक ऐसा भव्य कार्यक्रम था, जो वास्तव में भारत की शक्ति को विश्व स्तर पर एकजुट करने वाली शक्ति के रूप में दर्शाता है।
&nbsp; &nbsp; वॉशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल में दूसरे दिन की शुरुआत ऐतिहासिक लिंकन मेमोरियल में एक हजार लोगों के योगा मैट्स पर कदम रखने के साथ हुई, क्योंकि उन्हें वैश्विक आध्यात्मिक गुरु, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर द्वारा एक अद्वितीय योग, सांस और ध्यान के सत्र में भाग लेने का अवसर दिया गया। इसके साथ ही भावपूर्ण प्रदर्शनों, प्रेरणादायक संबोधनों और मानवीय जुड़ाव की एक अविस्मरणीय भावना से भरी शाम की रूपरेखा तैयार हो गई थी, जैसा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पहाड़ों से लेकर तटीय मैदानी इलाकों तक से तथा नदी घाटियों से लेकर रेगिस्तानों तक से आए लोगों का समूह यहां एकत्रित हो गया है। ऐसा करके, आपने (गुरुदेव) वैश्विक परिवार के एक सूक्ष्म जगत का निर्माण कर दिया है।&nbsp;
&nbsp; प्रस्तुत किए गए कई कला रूपों में प्रसिद्ध यूक्रेनी संगीतकार ओलेना अस्तशेवा द्वारा संचालित एक पारंपरिक यूक्रेनी गीत था, जिन्होंने युद्ध के कारण अपनी मातृभूमि छोड़ दी थी। प्रदर्शन से प्रभावित होकर, लोग गुरुदेव के नेतृत्व में यूक्रेन के लोगों के लिए एक सहज शांति प्रार्थना में शामिल हुए।
&nbsp; &nbsp;रेव्ह गेराल्ड एल डर्ले ने कहा, जिसे केवल एक रोमांचकारी भाषण के रूप में वर्णित किया जा सकता है कि हमें आर्ट ऑफ लिविंग का नाम बदलकर आर्ट ऑफ लिविंग प्रूफ करने की जरूरत है, क्योंकि आप (गुरुदेव) यह साबित कर रहे हैं कि आप प्यार कर सकते हैं, आप साझा कर सकते हैं। आपमें करुणा की भावना आ सकती है।&nbsp;
&nbsp; &nbsp;अमेरिकी उद्यम पूंजी निवेशक टिम ड्रेपर ने भी साझा किया कि हम (अमेरिकी) दूसरे देशों के लोगों को एलियन कहते थे। और यह कोई अच्छा शब्द नहीं था; और किसी तरह, हमने लोगों को एक साथ लाना शुरू कर दिया है, और गुरुदेव के नेतृत्व में, हम लोगों को एक साथ लाए हैं, और अब पृथ्वी पर कोई भी विदेशी नहीं है। लेकिन अगर इस धरती पर कोई एलियन होता और वे कहते कि मुझे अपने नेता के पास ले चलो, तो मैं उनके लिए गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर की ओर इशारा करूंगा।
दूसरे दिन के प्रतिष्ठित वक्ताओं में मॉरीशस के राष्ट्रपति, पृथ्वीराज सिंह रूपन; भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, अकी आबे, पूर्व प्रथम महिला और जापान के दिवंगत प्रधान मंत्री-शिंजो आबे की पत्नी; डॉ. विवेक मूर्ति, यूएस सर्जन जनरल अन्य लोगों के साथ उपस्थित थे।
&nbsp; दूसरे दिन की सांस्कृतिक झलकियों में नेशनल मॉल में 10,000 लोगों का गरबा प्रदर्शन शामिल था, जिसने इतिहास रच दिया क्योंकि लाखों लोग ग्रैमी विजेता, भारतीय अमेरिकी गायक, फालू शाह के गायन के नेतृत्व में ताल पर थिरकने लगे; 200-सशक्त&nbsp; उत्साहपूर्ण भांगड़ा प्रदर्शन; आयरिश स्टेप डांस; अनोखी अफगानी धुनें; 1,000 चीनी अमेरिकी गायकों और नर्तकियों का एक शानदार समूह, सॉन्ग्स एंड स्माइल्स और जैस्मीन फ्लावर गाते हुए कुंग फू प्रदर्शन, कलात्मकता और कल्पना के माध्यम से जीवंत किए गए राजसी ड्रेगन और शेरों के साथ किया कार्यक्रम; इंडोनेशिया, ब्राज़ील, बोलीविया और लैटिन अमेरिकी देशों के अविस्मरणीय प्रदर्शन; कुर्टिस ब्लो जैसे दिग्गजों के नेतृत्व में हिप हॉप और ब्रेकडांस कलाकार; 1200 लोगों का गॉस्पेल गाना बजानेवालों और पाकिस्तानी दल का मंत्रमुग्ध कर देने वाला प्रदर्शन भी था।
&nbsp;यूएस सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति ने साझा किया कि आज (डब्ल्यू.सी.एफ) जैसे उत्सव शक्तिशाली हैं क्योंकि वे हमें याद दिलाते हैं कि एक-दूसरे के साथ हमारे संबंध कितने आवश्यक हैं।&nbsp; और हमें उस अनुस्मारक की आज पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है क्योंकि अकेलापन और अलगाव महामारी बन गया है; जो मानसिक रोगों को बढ़ावा दे रही है, साथ ही मनोभ्रंश और हृदय रोग जैसी शारीरिक बीमारियों में भी योगदान दे रही है, और अब हमारे समुदायों की भलाई के लिए खतरा पैदा कर रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जैसे ही पृष्ठभूमि में सैकड़ों झंडे एक साथ लहराने लगे, वातावरण में लोकप्रिय भावना एक बार फिर एकजुटता की थी, क्योंकि 180 देशों के लोग एक-दूसरे के साथ घुल-मिल कर नृत्य, संगीत और भोजन के माध्यम से वैश्विक संस्कृतियों का जश्न मना रहे थे। यह एक ऐसा भव्य कार्यक्रम था, जो वास्तव में भारत की शक्ति को विश्व स्तर पर एकजुट करने वाली शक्ति के रूप में दर्शाता है।<br />
&nbsp; &nbsp; वॉशिंगटन डीसी के नेशनल मॉल में दूसरे दिन की शुरुआत ऐतिहासिक लिंकन मेमोरियल में एक हजार लोगों के योगा मैट्स पर कदम रखने के साथ हुई, क्योंकि उन्हें वैश्विक आध्यात्मिक गुरु, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर द्वारा एक अद्वितीय योग, सांस और ध्यान के सत्र में भाग लेने का अवसर दिया गया। इसके साथ ही भावपूर्ण प्रदर्शनों, प्रेरणादायक संबोधनों और मानवीय जुड़ाव की एक अविस्मरणीय भावना से भरी शाम की रूपरेखा तैयार हो गई थी, जैसा कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पहाड़ों से लेकर तटीय मैदानी इलाकों तक से तथा नदी घाटियों से लेकर रेगिस्तानों तक से आए लोगों का समूह यहां एकत्रित हो गया है। ऐसा करके, आपने (गुरुदेव) वैश्विक परिवार के एक सूक्ष्म जगत का निर्माण कर दिया है।&nbsp;<br />
&nbsp; प्रस्तुत किए गए कई कला रूपों में प्रसिद्ध यूक्रेनी संगीतकार ओलेना अस्तशेवा द्वारा संचालित एक पारंपरिक यूक्रेनी गीत था, जिन्होंने युद्ध के कारण अपनी मातृभूमि छोड़ दी थी। प्रदर्शन से प्रभावित होकर, लोग गुरुदेव के नेतृत्व में यूक्रेन के लोगों के लिए एक सहज शांति प्रार्थना में शामिल हुए।<br />
&nbsp; &nbsp;रेव्ह गेराल्ड एल डर्ले ने कहा, जिसे केवल एक रोमांचकारी भाषण के रूप में वर्णित किया जा सकता है कि हमें आर्ट ऑफ लिविंग का नाम बदलकर आर्ट ऑफ लिविंग प्रूफ करने की जरूरत है, क्योंकि आप (गुरुदेव) यह साबित कर रहे हैं कि आप प्यार कर सकते हैं, आप साझा कर सकते हैं। आपमें करुणा की भावना आ सकती है।&nbsp;<br />
&nbsp; &nbsp;अमेरिकी उद्यम पूंजी निवेशक टिम ड्रेपर ने भी साझा किया कि हम (अमेरिकी) दूसरे देशों के लोगों को एलियन कहते थे। और यह कोई अच्छा शब्द नहीं था; और किसी तरह, हमने लोगों को एक साथ लाना शुरू कर दिया है, और गुरुदेव के नेतृत्व में, हम लोगों को एक साथ लाए हैं, और अब पृथ्वी पर कोई भी विदेशी नहीं है। लेकिन अगर इस धरती पर कोई एलियन होता और वे कहते कि मुझे अपने नेता के पास ले चलो, तो मैं उनके लिए गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर की ओर इशारा करूंगा।<br />
दूसरे दिन के प्रतिष्ठित वक्ताओं में मॉरीशस के राष्ट्रपति, पृथ्वीराज सिंह रूपन; भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, अकी आबे, पूर्व प्रथम महिला और जापान के दिवंगत प्रधान मंत्री-शिंजो आबे की पत्नी; डॉ. विवेक मूर्ति, यूएस सर्जन जनरल अन्य लोगों के साथ उपस्थित थे।<br />
&nbsp; दूसरे दिन की सांस्कृतिक झलकियों में नेशनल मॉल में 10,000 लोगों का गरबा प्रदर्शन शामिल था, जिसने इतिहास रच दिया क्योंकि लाखों लोग ग्रैमी विजेता, भारतीय अमेरिकी गायक, फालू शाह के गायन के नेतृत्व में ताल पर थिरकने लगे; 200-सशक्त&nbsp; उत्साहपूर्ण भांगड़ा प्रदर्शन; आयरिश स्टेप डांस; अनोखी अफगानी धुनें; 1,000 चीनी अमेरिकी गायकों और नर्तकियों का एक शानदार समूह, सॉन्ग्स एंड स्माइल्स और जैस्मीन फ्लावर गाते हुए कुंग फू प्रदर्शन, कलात्मकता और कल्पना के माध्यम से जीवंत किए गए राजसी ड्रेगन और शेरों के साथ किया कार्यक्रम; इंडोनेशिया, ब्राज़ील, बोलीविया और लैटिन अमेरिकी देशों के अविस्मरणीय प्रदर्शन; कुर्टिस ब्लो जैसे दिग्गजों के नेतृत्व में हिप हॉप और ब्रेकडांस कलाकार; 1200 लोगों का गॉस्पेल गाना बजानेवालों और पाकिस्तानी दल का मंत्रमुग्ध कर देने वाला प्रदर्शन भी था।<br />
&nbsp;यूएस सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति ने साझा किया कि आज (डब्ल्यू.सी.एफ) जैसे उत्सव शक्तिशाली हैं क्योंकि वे हमें याद दिलाते हैं कि एक-दूसरे के साथ हमारे संबंध कितने आवश्यक हैं।&nbsp; और हमें उस अनुस्मारक की आज पहले से कहीं अधिक आवश्यकता है क्योंकि अकेलापन और अलगाव महामारी बन गया है; जो मानसिक रोगों को बढ़ावा दे रही है, साथ ही मनोभ्रंश और हृदय रोग जैसी शारीरिक बीमारियों में भी योगदान दे रही है, और अब हमारे समुदायों की भलाई के लिए खतरा पैदा कर रही है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall32517.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[World Culture Festival: People from 180 countries gathered on the second day to pray for peace in Ukraine.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/39-indian-cities-among-the-worlds-50-most-polluted-cities]]></guid>
                       <title><![CDATA[दुनिया के 50 सबसे प्रदूषित शहरों में 39 भारतीय शहर शामिल ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/39-indian-cities-among-the-worlds-50-most-polluted-cities]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 15 Mar 2023 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&#39;स्विस फर्म आईक्यूएयर ने जारी अपनी &lsquo;वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट&rsquo; में भारत को 2022 में दुनिया का आठवां सबसे प्रदूषित देश बताया, जो पिछले साल पांचवें स्थान पर था।&nbsp;दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में 50 शहरों में से 39 भारत के हैं।&nbsp;चाड, इराक, पाकिस्तान, बहरीन, बांग्लादेश, बुर्किना फासो, कुवैत, भारत, मिस्र और ताजिकिस्तान शीर्ष 10 सबसे प्रदूषित देश है, जबकि ऑस्ट्रेलिया, एस्टोनिया, फिनलैंड, ग्रेनाडा, आइसलैंड और न्यूजीलैंड ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पीएम25 दिशानिर्देश को पूरा किया। 131 देशों का डेटा 30,000 से अधिक ग्राउंड-आधारित मॉनिटरों से लिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में परिवहन क्षेत्र पीएम2.5 प्रदूषण का 20-35 प्रतिशत का कारण बनता है, जबकि प्रदूषण के अन्य स्रोत औद्योगिक इकाइयां, कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्र और बायोमास जलाना है।&nbsp;दो शीर्ष सबसे प्रदूषित शहरों, पाकिस्तान में लाहौर और चीन में होटन के बाद, राजस्थान का भिवाड़ी तीसरे स्थान पर है और चौथे स्थान पर दिल्ली है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">&#39;स्विस फर्म आईक्यूएयर ने जारी अपनी &lsquo;वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट&rsquo; में भारत को 2022 में दुनिया का आठवां सबसे प्रदूषित देश बताया, जो पिछले साल पांचवें स्थान पर था।&nbsp;दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में 50 शहरों में से 39 भारत के हैं।&nbsp;चाड, इराक, पाकिस्तान, बहरीन, बांग्लादेश, बुर्किना फासो, कुवैत, भारत, मिस्र और ताजिकिस्तान शीर्ष 10 सबसे प्रदूषित देश है, जबकि ऑस्ट्रेलिया, एस्टोनिया, फिनलैंड, ग्रेनाडा, आइसलैंड और न्यूजीलैंड ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पीएम25 दिशानिर्देश को पूरा किया। 131 देशों का डेटा 30,000 से अधिक ग्राउंड-आधारित मॉनिटरों से लिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में परिवहन क्षेत्र पीएम2.5 प्रदूषण का 20-35 प्रतिशत का कारण बनता है, जबकि प्रदूषण के अन्य स्रोत औद्योगिक इकाइयां, कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्र और बायोमास जलाना है।&nbsp;दो शीर्ष सबसे प्रदूषित शहरों, पाकिस्तान में लाहौर और चीन में होटन के बाद, राजस्थान का भिवाड़ी तीसरे स्थान पर है और चौथे स्थान पर दिल्ली है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall27830.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[39 Indian cities among the world's 50 most polluted cities]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/signs-of-earthquake-felt-again-in-turkey-syria-intensity-of-63-points-in-richter-scan]]></guid>
                       <title><![CDATA[तुर्की-सीरिया में फिर महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई तीव्रता]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/signs-of-earthquake-felt-again-in-turkey-syria-intensity-of-63-points-in-richter-scan]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 21 Feb 2023 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[तुर्की में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए है । रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.3 मापी गई है । यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र ने बताया कि तुर्किये-सीरिया सीमा क्षेत्र में दो किमी (1.2 मील) की गहराई में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। तुर्की&nbsp; के दक्षिणी प्रांत हाटे में सोमवार को दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। तुर्की के गृह मंत्री सुलेमान सोयलू&nbsp; ने कहा कि ताजा भूकंप में तीन लोगों की मौत हुई है और 213 घायल हुए हैं। भूकंप के झटके बाद लोग अपने घरों से बाहर आ गए और हर तरफ अफरा तफरी का माहौल दिखा।&nbsp;

इससे पहले टर्की और पड़ोसी सीरिया में छह फरवरी को भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.8 मापी गई थी। इसके एक-दो दिन बाद भी कई बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या 41,000 से ज्यादा हो गई है। ऐसे में एक बार फिर आए इस झटके ने चिंताएं बढ़ा दी हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">तुर्की में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए है । रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.3 मापी गई है । यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंपीय केंद्र ने बताया कि तुर्किये-सीरिया सीमा क्षेत्र में दो किमी (1.2 मील) की गहराई में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। तुर्की&nbsp; के दक्षिणी प्रांत हाटे में सोमवार को दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। तुर्की के गृह मंत्री सुलेमान सोयलू&nbsp; ने कहा कि ताजा भूकंप में तीन लोगों की मौत हुई है और 213 घायल हुए हैं। भूकंप के झटके बाद लोग अपने घरों से बाहर आ गए और हर तरफ अफरा तफरी का माहौल दिखा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इससे पहले टर्की और पड़ोसी सीरिया में छह फरवरी को भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.8 मापी गई थी। इसके एक-दो दिन बाद भी कई बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या 41,000 से ज्यादा हो गई है। ऐसे में एक बार फिर आए इस झटके ने चिंताएं बढ़ा दी हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall27336.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Signs of earthquake felt again in Turkey-Syria, intensity of 6.3 points in Richter scan]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/sri-lanka-crisis-news-update-13-july-2022]]></guid>
                       <title><![CDATA[Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में इमरजेंसी का एलान, राष्ट्रपति गोटाबाया देश छोड़कर भागे, रानिल विक्रमसिंघे कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/sri-lanka-crisis-news-update-13-july-2022]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 13 Jul 2022 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया के बुधवार तड़के देश छोड़ने कर मालदीव जाने के बाद इमरजेंसी का एलान किया गया है। राष्ट्रपति गोटाबाया के देश से भागने की खबर के बाद लोगों का हिंसक प्रदर्शन जारी है। बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। प्रदर्शनकारियों ने सेना की गाड़ी को भी रोक दिया है। जबकि, दूसरी तरफ गोटबाया राजपक्षे को आज श्रीलंका के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देना था।&nbsp;लेकिन उनके इस कदम की वजह से वहां की जनता में भारी गुस्सा दिख रहा है। वहीं श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश से भागने के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। बता दें श्रीलंका के पास सबसे जरूरी वस्तुओं के आयात के लिए भी विदेशी मुद्रा समाप्त हो गई है, जिससे उसके 22 मिलियन लोगों के लिए गंभीर कठिनाइयां पैदा हो गई हैं। देश अप्रैल में अपने 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज के भुगतान में चूक गया और संभावित राहत के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ बातचीत कर रहा है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया के बुधवार तड़के देश छोड़ने कर मालदीव जाने के बाद इमरजेंसी का एलान किया गया है। राष्ट्रपति गोटाबाया के देश से भागने की खबर के बाद लोगों का हिंसक प्रदर्शन जारी है। बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। प्रदर्शनकारियों ने सेना की गाड़ी को भी रोक दिया है। जबकि, दूसरी तरफ गोटबाया राजपक्षे को आज श्रीलंका के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देना था।&nbsp;लेकिन उनके इस कदम की वजह से वहां की जनता में भारी गुस्सा दिख रहा है। वहीं श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश से भागने के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। बता दें श्रीलंका के पास सबसे जरूरी वस्तुओं के आयात के लिए भी विदेशी मुद्रा समाप्त हो गई है, जिससे उसके 22 मिलियन लोगों के लिए गंभीर कठिनाइयां पैदा हो गई हैं। देश अप्रैल में अपने 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज के भुगतान में चूक गया और संभावित राहत के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ बातचीत कर रहा है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall22852.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sri Lanka Crisis news update 13 july 2022 ]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/sri-lanka-due-to-lack-of-funds-in-sri-lanka-the-government-closed-schools-and-government-offices-for-a-week]]></guid>
                       <title><![CDATA[Sri Lanka: श्रीलंका में धन की कमी के चलते सरकार ने एक हफ्ते के लिए बंद किए स्कूल और सरकारी दफ्तर ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/sri-lanka-due-to-lack-of-funds-in-sri-lanka-the-government-closed-schools-and-government-offices-for-a-week]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 19 Jun 2022 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में सरकार ने सोमवार से एक सप्ताह के लिए सरकारी दफ्तरों को बंद करने की घोषणा की है। जानकारी के मुताबिक, द्वीपीय देश में ईंधन संकट और गहराता जा रहा है जिसके चलते ये फैसला लिया गया है। बिजली आपूर्ति की समस्या की पृष्ठभूमि में श्रीलंका के शिक्षा मंत्रालय ने कोलंबो शहर के सभी सरकारी और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों से कहा है कि वे अगले सप्ताह से ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करें। देश में मौजूद ईंधन की मात्रा तेजी से कम होने के कारण श्रीलंका पर अपने आयात के लिए विदेशी मुद्रा में भुगतान करने का दबाव है, जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था रुक सी गयी है। लोक प्रशासन और आंतरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी सर्कुलर के अनुसार, &lsquo;&lsquo;ईंधन आपूर्ति की पाबंदियों, खराब सार्वजनिक परिवहन प्रणाली और निजी वाहनों के उपयोग में आने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह सर्कुलर सोमवार से न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति देता है।&rsquo;&rsquo; सर्कुलर के अनुसार, हालांकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले सभी कर्मचारी काम पर जारी रखेंगे। आर्थिक संकट के चलते श्रीलंका में खाद्य वस्तुओं, दवा, रसोई गैस, ईंधन और टॉयलेट पेपर जैसी आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हो गई है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस खरीदने के लिए लोगों को दुकानों के बाहर घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में सरकार ने सोमवार से एक सप्ताह के लिए सरकारी दफ्तरों को बंद करने की घोषणा की है। जानकारी के मुताबिक, द्वीपीय देश में ईंधन संकट और गहराता जा रहा है जिसके चलते ये फैसला लिया गया है। बिजली आपूर्ति की समस्या की पृष्ठभूमि में श्रीलंका के शिक्षा मंत्रालय ने कोलंबो शहर के सभी सरकारी और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों से कहा है कि वे अगले सप्ताह से ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करें। देश में मौजूद ईंधन की मात्रा तेजी से कम होने के कारण श्रीलंका पर अपने आयात के लिए विदेशी मुद्रा में भुगतान करने का दबाव है, जिसके कारण देश की अर्थव्यवस्था रुक सी गयी है। लोक प्रशासन और आंतरिक मामलों के मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी सर्कुलर के अनुसार, &lsquo;&lsquo;ईंधन आपूर्ति की पाबंदियों, खराब सार्वजनिक परिवहन प्रणाली और निजी वाहनों के उपयोग में आने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह सर्कुलर सोमवार से न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करने की अनुमति देता है।&rsquo;&rsquo; सर्कुलर के अनुसार, हालांकि स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले सभी कर्मचारी काम पर जारी रखेंगे। आर्थिक संकट के चलते श्रीलंका में खाद्य वस्तुओं, दवा, रसोई गैस, ईंधन और टॉयलेट पेपर जैसी आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हो गई है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस खरीदने के लिए लोगों को दुकानों के बाहर घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall22173.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sri Lanka: Due to lack of funds in Sri Lanka, the government closed schools and government offices for a week.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/video-of-us-president-enjoying-bts-song-goes-viral]]></guid>
                       <title><![CDATA[ बीटीएस के गाने का आनंद लेते अमेरिका के राष्ट्रपति का वीडियो हुआ वायरल ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/international-news/video-of-us-president-enjoying-bts-song-goes-viral]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 06 Jun 2022 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[मशहूर कोरियन बैंड बीटीएस के फैंस पूरी दुनिया में मौजूद हैं। बात करें भारत की तो बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग इनके दीवाने हुए जा रहे हैं। इन दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति भी बीटीएस के बड़े फैन नजर आ रहे हैं। दरअसल, हाल ही में कोरियाई -पॉप ग्रुप बीटीएस ने वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस का दौरा किया। इस दौरान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उनसे खास मुलाकात की और बीटीएस स्टार के लिए उनका मशहूर चार्टबस्टर गाना बटर भी बजाया। राष्ट्रपति बाइडेन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे बीटीएस के साथ उस गाने का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मशहूर कोरियन बैंड बीटीएस के फैंस पूरी दुनिया में मौजूद हैं। बात करें भारत की तो बच्चों से लेकर हर उम्र के लोग इनके दीवाने हुए जा रहे हैं। इन दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति भी बीटीएस के बड़े फैन नजर आ रहे हैं। दरअसल, हाल ही में कोरियाई -पॉप ग्रुप बीटीएस ने वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस का दौरा किया। इस दौरान राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उनसे खास मुलाकात की और बीटीएस स्टार के लिए उनका मशहूर चार्टबस्टर गाना बटर भी बजाया। राष्ट्रपति बाइडेन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे बीटीएस के साथ उस गाने का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall21825.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Video of US President enjoying BTS song goes viral]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sports/news/international-news/australian-cricketer-andrew-symonds-died-in-a-car-accident-a-wave-of-mourning-in-the-sports-world]]></guid>
                       <title><![CDATA[ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स का कार हादसे में निधन,खेल जगत में शोक की लहर। ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sports/news/international-news/australian-cricketer-andrew-symonds-died-in-a-car-accident-a-wave-of-mourning-in-the-sports-world]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 15 May 2022 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स का कार हादसे में निधन हो चूका है। वॉर्न के बाद दुनिया ने एक और दिग्गज क्रिकेटर खो दिया है। जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स का शनिवार रात सड़क हादसे में निधन हो गया है। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के मुताबिक साइमंड्स कार में अकेले थे, जब शनिवार देर रात टाउन्सविले में उनकी कार सड़क से उतरी, तो हादसे के बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी स्थिति काफी नाजुक थी, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। बता दें कि हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ने महान स्पिनर शेन वॉर्न को भी खोया था।&nbsp;&nbsp;

स्थानीय पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी से संकेत मिलता है कि रात 11 बजे के बाद एलिस रिवर ब्रिज के पास हर्वे रेंज रोड पर साइमंड्स की कार चल रही थी। सड़क से हटने के बाद कार अनबैलेंस हुई और हादसा हुआ। इमरजेंसी सेवाओं ने 46 वर्षीय साइमंड्स को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनको काफी ज्यादा चोट आए थे जिसके कारण उनका निधन हो गया।&nbsp;

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                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स का कार हादसे में निधन हो चूका है। वॉर्न के बाद दुनिया ने एक और दिग्गज क्रिकेटर खो दिया है। जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर एंड्रयू साइमंड्स का शनिवार रात सड़क हादसे में निधन हो गया है। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के मुताबिक साइमंड्स कार में अकेले थे, जब शनिवार देर रात टाउन्सविले में उनकी कार सड़क से उतरी, तो हादसे के बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी स्थिति काफी नाजुक थी, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। बता दें कि हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ने महान स्पिनर शेन वॉर्न को भी खोया था।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">स्थानीय पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी से संकेत मिलता है कि रात 11 बजे के बाद एलिस रिवर ब्रिज के पास हर्वे रेंज रोड पर साइमंड्स की कार चल रही थी। सड़क से हटने के बाद कार अनबैलेंस हुई और हादसा हुआ। इमरजेंसी सेवाओं ने 46 वर्षीय साइमंड्स को बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनको काफी ज्यादा चोट आए थे जिसके कारण उनका निधन हो गया।&nbsp;</span></p>

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                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall21162.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Australian cricketer Andrew Symonds died in a car accident, a wave of mourning in the sports world.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/international-news/nepal-prime-minister-sher-bahadur-deuba-will-be-visiting-india-from-1-3-april]]></guid>
                       <title><![CDATA[नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा अप्रैल में आएंगे भारत, पीएम मोदी से होगी मुलाकात]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/international-news/nepal-prime-minister-sher-bahadur-deuba-will-be-visiting-india-from-1-3-april]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 26 Mar 2022 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा अप्रैल के पहले सप्ताह में भारत का दौरा करेंगे।&nbsp; इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा देउबा वाराणसी का भी दौरा करेंगे। नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा 1 से 3 अप्रैल तक भारत के दौरे पर रहेंगे। वह 2 अप्रैल को पीएम से मुलाकात करेंगे। आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा वह वाराणसी भी जाएंगे।

जुलाई 2021 में पीएम बनने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। उन्होंने पीएम के रूप में अपने पहले के चार कार्यकालों में से प्रत्येक में भारत का दौरा किया है। पीएम के रूप में उनकी सबसे हालिया यात्रा 2017 में हुई थी। माना जा रहा है कि देउबा की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आवधिक उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को बल देगी, जो दोनों पक्षों को विकास, आर्थिक साझेदारी, व्यापार, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग, बिजली, संपर्क, लोगों से लोगों के बीच संपर्क और पारस्परिक हित के अन्य मुद्दों सहित द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करेगा।

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                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा अप्रैल के पहले सप्ताह में भारत का दौरा करेंगे।&nbsp; इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा देउबा वाराणसी का भी दौरा करेंगे। नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा 1 से 3 अप्रैल तक भारत के दौरे पर रहेंगे। वह 2 अप्रैल को पीएम से मुलाकात करेंगे। आधिकारिक कार्यक्रमों के अलावा वह वाराणसी भी जाएंगे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जुलाई 2021 में पीएम बनने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी। उन्होंने पीएम के रूप में अपने पहले के चार कार्यकालों में से प्रत्येक में भारत का दौरा किया है। पीएम के रूप में उनकी सबसे हालिया यात्रा 2017 में हुई थी। माना जा रहा है कि देउबा की यह यात्रा दोनों देशों के बीच आवधिक उच्च स्तरीय आदान-प्रदान को बल देगी, जो दोनों पक्षों को विकास, आर्थिक साझेदारी, व्यापार, स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग, बिजली, संपर्क, लोगों से लोगों के बीच संपर्क और पारस्परिक हित के अन्य मुद्दों सहित द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करने का अवसर प्रदान करेगा।</span></p>

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                <media:description type="plain"><![CDATA[nepal-prime-minister-sher-bahadur-deuba-will-be-visiting-india-from-1-3-april]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/russia-bombed-ukraines-sumy-city-on-the-13th-day-of-the-war]]></guid>
                       <title><![CDATA[युद्ध के 13वें दिन रूस ने यूक्रेन के सूमी शहर में की बमबारी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/international-news/russia-bombed-ukraines-sumy-city-on-the-13th-day-of-the-war]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 08 Mar 2022 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा पिछले महीने विशेष सैन्य अभियान की घोषणा के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं। रूस ने यूक्रेन के पांच शहरों में की युद्ध विराम की घोषणा की है। रूस का कहना है कि उसने मानवीय गलियारे खोलने का फैसला किया है। जिसमें अधिकांश मार्ग रूस या उसके सहयोगी बेलारूस की ओर जाते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के 13वें दिन भी जंग जारी है। युद्ध के 13वें दिन रूस ने मंगलवार को कीव, चेर्निहाइव, सुमी, खार्किव और मारियुपोल शहरों में मानवीय कारिडोर को खोलने के लिए युद्ध विराम की घोषणा की है। जिसमें अधिकांश मार्ग रूस या उसके सहयोगी बेलारूस की ओर जाते हैं। हालांकि, यूक्रेन ने रूस के इस कदम को एक पब्लिसिटी स्टंट बताया है। यूक्रेन ने कहा कि रूस लगातार उन पर हमले कर रहा है। हालांकि, यूक्रेन ने रूस के इस कदम को एक पब्लिसिटी स्टंट बताया है।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा भारत ने यूक्रेन से सभी निर्दोष नागरिकों, भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की मांग की है। दोनों पक्षों से हमारे आग्रह के बावजूद सूमी में फंसे हमारे छात्रों के लिए सुरक्षित गलियारा नहीं बन पाया। रूस ने मंगलवार को कीव, चेर्निहाइव, सुमी, खार्किव और मारियुपोल शहरों में मानवीय कारिडोर को खोलने के लिए युद्ध विराम की घोषणा की है। यूक्रेन में मास्को के समय अनुसार सुबह 10 बजे से युद्ध विराम की घोषणा की गई है। रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा सोमवार को बेलारूस में रूस और यूक्रेन के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने नागरिकों को निकालने के मुद्दों पर जोर दिया।

UNSC की बैठक में टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत पहले ही यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों को मानवीय सहायता भेज चुका है। इनमें दवाएं, टेंट, पानी के भंडारण टैंक, अन्य राहत सामग्री शामिल हैं। हम अन्य आवश्यकताओं की पहचान करने और उन्हें भेजने की प्रक्रिया में हैं। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर स्पेशल फ्लाइट रोमानिया से दिल्ली पहुंची। यूक्रेन से लौटे एक छात्रा ने बताया कि दूतावास की एडवाइजरी आने के बाद हम खारकीव से निकले और पिसोचिन तक 25 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size: 18px;"><strong>रूसी</strong> राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा पिछले महीने विशेष सैन्य अभियान की घोषणा के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं। रूस ने यूक्रेन के पांच शहरों में की युद्ध विराम की घोषणा की है। रूस का कहना है कि उसने मानवीय गलियारे खोलने का फैसला किया है। जिसमें अधिकांश मार्ग रूस या उसके सहयोगी बेलारूस की ओर जाते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के 13वें दिन भी जंग जारी है। युद्ध के 13वें दिन रूस ने मंगलवार को कीव, चेर्निहाइव, सुमी, खार्किव और मारियुपोल शहरों में मानवीय कारिडोर को खोलने के लिए युद्ध विराम की घोषणा की है। जिसमें अधिकांश मार्ग रूस या उसके सहयोगी बेलारूस की ओर जाते हैं। हालांकि, यूक्रेन ने रूस के इस कदम को एक पब्लिसिटी स्टंट बताया है। यूक्रेन ने कहा कि रूस लगातार उन पर हमले कर रहा है। हालांकि, यूक्रेन ने रूस के इस कदम को एक पब्लिसिटी स्टंट बताया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा भारत ने यूक्रेन से सभी निर्दोष नागरिकों, भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग की मांग की है। दोनों पक्षों से हमारे आग्रह के बावजूद सूमी में फंसे हमारे छात्रों के लिए सुरक्षित गलियारा नहीं बन पाया। रूस ने मंगलवार को कीव, चेर्निहाइव, सुमी, खार्किव और मारियुपोल शहरों में मानवीय कारिडोर को खोलने के लिए युद्ध विराम की घोषणा की है। यूक्रेन में मास्को के समय अनुसार सुबह 10 बजे से युद्ध विराम की घोषणा की गई है। रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा सोमवार को बेलारूस में रूस और यूक्रेन के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने नागरिकों को निकालने के मुद्दों पर जोर दिया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">UNSC की बैठक में टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत पहले ही यूक्रेन और उसके पड़ोसी देशों को मानवीय सहायता भेज चुका है। इनमें दवाएं, टेंट, पानी के भंडारण टैंक, अन्य राहत सामग्री शामिल हैं। हम अन्य आवश्यकताओं की पहचान करने और उन्हें भेजने की प्रक्रिया में हैं। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर स्पेशल फ्लाइट रोमानिया से दिल्ली पहुंची। यूक्रेन से लौटे एक छात्रा ने बताया कि दूतावास की एडवाइजरी आने के बाद हम खारकीव से निकले और पिसोचिन तक 25 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall19301.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Russia bombed Ukraine's Sumy city on the 13th day of the war]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/international-news/pm-modi-spoke-to-the-president-of-ukraine-for-35-minutes]]></guid>
                       <title><![CDATA[यूक्रेन के राष्ट्रपति से पीएम मोदी ने की 35 मिनट तक बात]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/international-news/pm-modi-spoke-to-the-president-of-ukraine-for-35-minutes]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 07 Mar 2022 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[फर्स्ट वर्डिक्ट। नई दिल्ली

रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन के शहरों पर हमला बोला था। रूस अब तक यूक्रेन के कई शहरों को तबाह कर चुका है। युद्ध के चलते यूक्रेन के लाखों लोग अन्य देशों में शरण ले चुके हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, पीएम मोदी से युद्ध को लेकर रूस के बातचीत करने का आग्रह भी कर चुके हैं। रूस और यू्क्रेन के बीच युद्ध अभी भी जारी है। यूक्रेन पर रूस के हमले का आज 12वां दिन है। इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत करेंगे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी आज दोनों देशों के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत करेंगे। 

वहीं रूस और यूक्रेन के बीच तीसरे दौर की बातचीत आज हो सकती है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। रूस के हमले के एलान के बाद यूक्रेन के राजदूत ने प्रधानमंत्री मोदी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की अपील की थी। यूक्रेन के राजदूत ने कहा था कि यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे तनाव में भारत अहम भूमिका अदा कर सकता है। उन्होंने पीएम मोदी से अपील करते हुए कहा कि वो तुरंत यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस बारे में बात करें। राजदूत ने कहा था कि मोदी इस समय बहुत बड़े नेता हैं, हम उनसे मदद की अपील करते हैं, दुनिया में तनाव को भारत ही कम कर सकता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>फर्स्ट वर्डिक्ट। नई दिल्ली</strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन के शहरों पर हमला बोला था। रूस अब तक यूक्रेन के कई शहरों को तबाह कर चुका है। युद्ध के चलते यूक्रेन के लाखों लोग अन्य देशों में शरण ले चुके हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की, पीएम मोदी से युद्ध को लेकर रूस के बातचीत करने का आग्रह भी कर चुके हैं। रूस और यू्क्रेन के बीच युद्ध अभी भी जारी है। यूक्रेन पर रूस के हमले का आज 12वां दिन है। इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत करेंगे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी आज दोनों देशों के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत करेंगे। </span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वहीं रूस और यूक्रेन के बीच तीसरे दौर की बातचीत आज हो सकती है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। रूस के हमले के एलान के बाद यूक्रेन के राजदूत ने प्रधानमंत्री मोदी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की अपील की थी। यूक्रेन के राजदूत ने कहा था कि यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे तनाव में भारत अहम भूमिका अदा कर सकता है। उन्होंने पीएम मोदी से अपील करते हुए कहा कि वो तुरंत यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस बारे में बात करें। राजदूत ने कहा था कि मोदी इस समय बहुत बड़े नेता हैं, हम उनसे मदद की अपील करते हैं, दुनिया में तनाव को भारत ही कम कर सकता है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall19267.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[PM Modi spoke to the President of Ukraine for 35 minutes]]></media:description>
                </media:content>   
                </item></channel>
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