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               <title>First Verdict Media - Lahaul and Spiti</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Fri, 01 May 2026 08:51:39 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - Lahaul and Spiti</title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/hrtc-leh-keylong-delhi-bus-service-discontinued-route-to-be-resumed-in-2026]]></guid>
                       <title><![CDATA[HRTC लेह-केलांग-दिल्ली बस सेवा बंद, 2026 में होगा रूट जारी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/hrtc-leh-keylong-delhi-bus-service-discontinued-route-to-be-resumed-in-2026]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 31 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[देश के सबसे ऊंचे और लंबे रूट पर चलने वाली लेह-केलांग-दिल्ली हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा इस सीजन के लिए बंद कर दी गई है। अब यात्री इस रूट पर अगले सीजन यानी मई-जून 2026 में ही सफर कर पाएंगे। निगम ने इस बार यह सेवा 11 जून को शुरू की थी, लेकिन बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण सिर्फ डेढ़ महीने बाद ही बस इस रूट पर चली&nbsp;है। यह बस सेवा चार दर्रों बारालाचा, नकीला, लाचुलुंगला और तंगलंगला से होकर गुजरती है और इसे देश की सबसे दुर्गम एवं ऊंचाई वाले रूटों में गिना जाता है। लेह से दिल्ली की दूरी करीब 1,026 किलोमीटर है। जिसे यह बस लगभग 36 घंटे में तय करती है। केलांग बस अड्डा प्रभारी प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस बार लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण न केवल यह रूट प्रभावित हुआ, बल्कि हिमाचल और लद्दाख का पर्यटन कारोबार भी काफी प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा इस बार लेह-दिल्ली बस सेवा नो प्रॉफिट-नो लॉस की स्थिति में रही है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">देश के सबसे ऊंचे और लंबे रूट पर चलने वाली लेह-केलांग-दिल्ली हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा इस सीजन के लिए बंद कर दी गई है। अब यात्री इस रूट पर अगले सीजन यानी मई-जून 2026 में ही सफर कर पाएंगे। निगम ने इस बार यह सेवा 11 जून को शुरू की थी, लेकिन बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण सिर्फ डेढ़ महीने बाद ही बस इस रूट पर चली</span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">&nbsp;है</span><span style="font-size:18px;">। यह बस सेवा चार दर्रों बारालाचा, नकीला, लाचुलुंगला और तंगलंगला से होकर गुजरती है और इसे देश की सबसे दुर्गम एवं ऊंचाई वाले रूटों में गिना जाता है। लेह से दिल्ली की दूरी करीब 1,026 किलोमीटर है। जिसे यह बस लगभग 36 घंटे में तय करती है। केलांग बस अड्डा प्रभारी प्रकाश शर्मा ने बताया कि इस बार लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण न केवल यह रूट प्रभावित हुआ, बल्कि हिमाचल और लद्दाख का पर्यटन कारोबार भी काफी प्रभावित रहा है। उन्होंने कहा इस बार लेह-दिल्ली बस सेवा नो प्रॉफिट-नो लॉस की स्थिति में रही </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">है</span><span style="font-size:18px;">।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41848.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[HRTC-Leh-Keylong-Delhi-bus-service-discontinued-route-to-be-resumed-in-2026]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/lahaulspitisituationworsenedduetoflashfloodwar-roomestablishedinsissu]]></guid>
                       <title><![CDATA[लाहौल-स्पीति : फ्लैश फ्लड से बिगड़े हालात, सिस्सू में ‘वार रूम’ स्थापित]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/lahaulspitisituationworsenedduetoflashfloodwar-roomestablishedinsissu]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 28 Aug 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का प्रकोप जारी है। बादल फटने और फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत एवं पुनर्स्थापना कार्य शुरू कर दिए हैं। उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए सिस्सू में विशेष &ldquo;वार रूम&rdquo; स्थापित किया गया है।

&nbsp;NDRF, SDRF और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई हैं, वहीं बीआरओ (BRO) सड़कों की बहाली का कार्य कर रहा है। फंसे हुए पर्यटकों को नजदीकी होम-स्टे और होटलों में सुरक्षित शिफ्ट किया गया है।

राहत व्यवस्था के तहत मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जबकि स्टिंगरी क्षेत्र में ट्रकों के चालकों के लिए खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा थिरोट पावर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया गया है और अधिकारियों को शीघ्र बिजली बहाली के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त ईंधन और राशन उपलब्ध है।

जिला प्रशासन ने होटलों व दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल अधिकृत दरों और एमआरपी पर ही बिक्री करें। वहीं, रास्ते में फंसे कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और सभी पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित हैं। जिला प्रशासन और पुलिस लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय हैं।

आपातकालीन संपर्क नंबर
DDMA: 9459461355
DPCR: 898809229
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का प्रकोप जारी है। बादल फटने और फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत एवं पुनर्स्थापना कार्य शुरू कर दिए हैं। उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए सिस्सू में विशेष &ldquo;वार रूम&rdquo; स्थापित किया गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">&nbsp;NDRF, SDRF और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार रेस्क्यू कार्य में जुटी हुई हैं, वहीं बीआरओ (BRO) सड़कों की बहाली का कार्य कर रहा है। फंसे हुए पर्यटकों को नजदीकी होम-स्टे और होटलों में सुरक्षित शिफ्ट किया गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राहत व्यवस्था के तहत मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जबकि स्टिंगरी क्षेत्र में ट्रकों के चालकों के लिए खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा थिरोट पावर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया गया है और अधिकारियों को शीघ्र बिजली बहाली के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त ईंधन और राशन उपलब्ध है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जिला प्रशासन ने होटलों व दुकानदारों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल अधिकृत दरों और एमआरपी पर ही बिक्री करें। वहीं, रास्ते में फंसे कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और सभी पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित हैं। जिला प्रशासन और पुलिस लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपातकालीन संपर्क नंबर<br />
DDMA: 9459461355<br />
DPCR: 898809229</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41319.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Lahaul_Spiti_Situation_worsened_due_to_flash_flood_war room_established_in_Sissu]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/cloudburst-at-three-places-in-lahaul-valley-roads-closed-debris-in-fields]]></guid>
                       <title><![CDATA[लाहौल घाटी में तीन स्थानों पर बादल फटे, सड़कें बंद, खेतों में मलबा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/cloudburst-at-three-places-in-lahaul-valley-roads-closed-debris-in-fields]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 02 Aug 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

&nbsp;हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को मौसम का कहर देखने को मिला। घाटी में तीन अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आईं। सबसे पहले तिंदी के पास पूहरे नाले में बादल फटने से बाढ़ आ गई, जिसमें एक वाहन मलबे में फंस गया। गनीमत रही कि वाहन चालक समय रहते बाहर निकल आया और जान बच गई। इस घटना के बाद उदयपुर-किलाड़ सड़क मार्ग भी अवरुद्ध हो गया, जिसे बीआरओ ने शाम तक बहाल कर दिया।

दूसरी घटना यांगला घाटी में सामने आई, जहां बाढ़ का मलबा खेतों में घुस गया। किसान किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। वहीं, तीसरी घटना जिस्पा क्षेत्र में हुई, जहां अचानक आई बाढ़ के कारण सड़क पर मलबा आ गया। सड़क तीन घंटे तक बंद रही, लेकिन किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।&nbsp;मौसम विभाग ने राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आगे भी भारी बारिश और बादल फटने की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p data-end="172" data-start="102">&nbsp;</p>

<p data-end="583" data-start="174"><span style="font-size:18px;">&nbsp;हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में शुक्रवार को मौसम का कहर देखने को मिला। घाटी में तीन अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आईं। सबसे पहले तिंदी के पास पूहरे नाले में बादल फटने से बाढ़ आ गई, जिसमें एक वाहन मलबे में फंस गया। गनीमत रही कि वाहन चालक समय रहते बाहर निकल आया और जान बच गई। इस घटना के बाद उदयपुर-किलाड़ सड़क मार्ग भी अवरुद्ध हो गया, जिसे बीआरओ ने शाम तक बहाल कर दिया।</span></p>

<p data-end="859" data-start="585"><span style="font-size:18px;">दूसरी घटना यांगला घाटी में सामने आई, जहां बाढ़ का मलबा खेतों में घुस गया। किसान किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। वहीं, तीसरी घटना जिस्पा क्षेत्र में हुई, जहां अचानक आई बाढ़ के कारण सड़क पर मलबा आ गया। सड़क तीन घंटे तक बंद रही, लेकिन किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।&nbsp;</span><span style="font-size: 18px;">मौसम विभाग ने राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आगे भी भारी बारिश और बादल फटने की आशंका जताई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/images241111.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Cloudburst at three places in Lahaul valley, roads closed, debris in fields]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/two-children-drowned-while-bathing-in-a-water-tank-in-lahaul]]></guid>
                       <title><![CDATA[लाहौल में पानी के टैंक में नहाने के लिए उतरे दो बच्चों की डूबने से मौत]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/two-children-drowned-while-bathing-in-a-water-tank-in-lahaul]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 21 Jul 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के लाहौल के दालंग स्थित आर्मी कैंप के पास प्रवासी मजदूरों के दो बच्चों की पानी के टैंक में नहाते समय डूबने से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार बच्चों के माता-पिता खेतों के काम कर रहे थे। इस बीच तीन बच्चे नहाने के लिए पानी के टैंक में उतरे लेकिन डूबने से दो की माैत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव अपने कब्जे में लिए। डीएसपी केलांग रश्मि शर्मा ने कहा कि शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए हैं।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के लाहौल के दालंग स्थित आर्मी कैंप के पास प्रवासी मजदूरों के दो बच्चों की पानी के टैंक में नहाते समय डूबने से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार बच्चों के माता-पिता खेतों के काम कर रहे थे। इस बीच तीन बच्चे नहाने के लिए पानी के टैंक में उतरे लेकिन डूबने से दो की माैत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव अपने कब्जे में लिए। डीएसपी केलांग रश्मि शर्मा ने कहा कि शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए हैं।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41014.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Two children drowned while bathing in a water tank in Lahaul]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/major-action-by-lahaul-police-235-boxes-of-foreign-liquor-recovered-from-a-truck-in-sarchu]]></guid>
                       <title><![CDATA[ लाहौल पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सर्चू में ट्रक से विदेशी शराब की 235 पेटियां हुई बरामद ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/major-action-by-lahaul-police-235-boxes-of-foreign-liquor-recovered-from-a-truck-in-sarchu]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 11 Jul 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[जिला लाहौल एवं स्पीति पुलिस ने सर्चू चेक पोस्ट पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की है। यह कार्रवाई नियमित गश्त और ट्रैफिक चेकिंग के दौरान की गई जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक ट्रक जो मंडी से लेह की ओर जा रहा था उसमे अवैध रूप से शराब छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए प्रभारी थाना केलांग के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ट्रक को रात लगभग 7:30 बजे रोका। चालक की पहचान देवेंद्र पुत्र कृपाल सिंह, निवासी गांव बगा, डा. सियांज, तह. चच्योट, जिला मंडी, उम्र 36 वर्ष, के रूप में हुई है।
&nbsp;ट्रक की तलाशी ली गई, जिसमें से 235 पेटियां विदेशी शराब&nbsp; बरामद की गईं, जिनमें प्रत्येक पेटी में 750 मि.ली. की 12 बोतलें थीं। इसके साथ ही ट्रक से 250 बैग सीमेंट भी पाए गए। चालक द्वारा शराब के परिवहन संबंधी कोई वैध परमिट/लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया, जो कि हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 की धारा 39(1)(a) के अंतर्गत मामला दर्ज कर दिए गया है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जिला लाहौल एवं स्पीति पुलिस ने सर्चू चेक पोस्ट पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की बड़ी खेप बरामद की है। यह कार्रवाई नियमित गश्त और ट्रैफिक चेकिंग के दौरान की गई जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक ट्रक जो मंडी से लेह की ओर जा रहा था उसमे अवैध रूप से शराब छिपाकर ले जाई जा रही है। सूचना पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए प्रभारी थाना केलांग के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ट्रक को रात लगभग 7:30 बजे रोका। चालक की पहचान देवेंद्र पुत्र कृपाल सिंह, निवासी गांव बगा, डा. सियांज, तह. चच्योट, जिला मंडी, उम्र 36 वर्ष, के रूप में हुई है।<br />
&nbsp;ट्रक की तलाशी ली गई, जिसमें से 235 पेटियां विदेशी शराब&nbsp; बरामद की गईं, जिनमें प्रत्येक पेटी में 750 मि.ली. की 12 बोतलें थीं। इसके साथ ही ट्रक से 250 बैग सीमेंट भी पाए गए। चालक द्वारा शराब के परिवहन संबंधी कोई वैध परमिट/लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया, जो कि हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 की धारा 39(1)(a) के अंतर्गत मामला दर्ज कर दिए गया है।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40925.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major action by Lahaul Police: 235 boxes of foreign liquor recovered from a truck in Sarchu]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/bhim-setu-in-udaipur-dedicated-to-the-nation-union-defense-minister-inaugurated-the-double-lane-bridge]]></guid>
                       <title><![CDATA[उदयपुर में भीम सेतु राष्ट्र को समर्पित: केंद्रीय रक्षा मंत्री ने डबल लेन पुल का किया उद्घाटन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/bhim-setu-in-udaipur-dedicated-to-the-nation-union-defense-minister-inaugurated-the-double-lane-bridge]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 07 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जिला लाहौल-स्पिति के उदयपुर में नवनिर्मित डबल लेन पुल (भीम सेतु) को राष्ट्र को समर्पित करने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया। यह पुल सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित किया गया है और क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस पुल का लोकार्पण समारोह बीआरओ के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में आयोजित किया गया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने वर्चुअल माध्यम से इस समारोह में भाग लिया।

समारोह के दौरान रक्षा मंत्री ने अन्य राज्यों के लिए 50 सड़कों और पुलों सहित कई महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया, जिनमें उदयपुर में 4.7 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भीम सेतु भी शामिल है। इस पुल का निर्माण 20 फरवरी, 2023 को प्रारंभ हुआ था और यह 17 जनवरी, 2025 को पूर्ण हुआ।

राज्यपाल ने इस पुल के सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह नया पुल 21 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा है, जिसकी भार क्षमता 70आर है। इस पुल के निर्माण से क्षेत्र में कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

राज्यपाल ने प्रोजेक्ट दीपक के मुख्य अभियंता राजीव कुमार और उनकी टीम, साथ ही 94 सड़क निर्माण कंपनी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।

इस मौके पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके अलावा राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह, प्रोजेक्ट दीपक के मुख्य अभियंता राजीव कुमार और बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी भी इस समारोह में उपस्थित थे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जिला लाहौल-स्पिति के उदयपुर में नवनिर्मित डबल लेन पुल (भीम सेतु) को राष्ट्र को समर्पित करने के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया। यह पुल सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित किया गया है और क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस पुल का लोकार्पण समारोह बीआरओ के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में आयोजित किया गया। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने वर्चुअल माध्यम से इस समारोह में भाग लिया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">समारोह के दौरान रक्षा मंत्री ने अन्य राज्यों के लिए 50 सड़कों और पुलों सहित कई महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया, जिनमें उदयपुर में 4.7 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भीम सेतु भी शामिल है। इस पुल का निर्माण 20 फरवरी, 2023 को प्रारंभ हुआ था और यह 17 जनवरी, 2025 को पूर्ण हुआ।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राज्यपाल ने इस पुल के सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह नया पुल 21 मीटर लंबा और 10 मीटर चौड़ा है, जिसकी भार क्षमता 70आर है। इस पुल के निर्माण से क्षेत्र में कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार होगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राज्यपाल ने प्रोजेक्ट दीपक के मुख्य अभियंता राजीव कुमार और उनकी टीम, साथ ही 94 सड़क निर्माण कंपनी के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस मौके पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया। इसके अलावा राज्यपाल के सचिव सीपी वर्मा, पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह, प्रोजेक्ट दीपक के मुख्य अभियंता राजीव कुमार और बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारी भी इस समारोह में उपस्थित थे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40251.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Bhim Setu in Udaipur dedicated to the nation: Union Defense Minister inaugurated the double lane bridge]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/lahul-spiti-udaipur-kilad-road-blocked-due-to-landslide-near-kadu-nala-bro-is-doing-relief-work]]></guid>
                       <title><![CDATA[Lahul Spiti: कडू नाला के पास भूस्खलन से उदयपुर–किलाड़ मार्ग अवरुद्ध, BRO कर रहा राहत कार्य]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/lahul-spiti-udaipur-kilad-road-blocked-due-to-landslide-near-kadu-nala-bro-is-doing-relief-work]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Apr 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

उदयपुर से किलाड़/पांगी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग दिनांक 10 अप्रैल को कडू नाला के पास हुए भूस्खलन के कारण पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इस मार्ग पर हुई भारी चट्टान गिरने की घटना के तुरंत बाद जिला पुलिस ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) के साथ समन्वय स्थापित किया और राहत कार्य शुरू करवाया। BRO द्वारा मौके पर मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। BRO अधिकारियों के अनुसार, मार्ग को दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे के बीच हल्के वाहनों के लिए खोलने की संभावना है। मौके पर BRO और जिला पुलिस की टीमें लगातार मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

130 पुलिस कर्मियों और यात्रियों को सुरक्षित ठहराया गया

भूस्खलन के चलते मार्ग पर फंसे सभी यात्रियों को जिला पुलिस द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अतिरिक्त, मौके पर ड्यूटी पर तैनात 130 पुलिस कर्मियों को भी सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही मार्ग आवागमन के लिए पूर्ण रूप से सुरक्षित घोषित किया जाएगा, यात्रियों को उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया जाएगा।

पुलिस की अपील: अफवाहों से बचें, सहयोग करें

इस संबंध में उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय)&nbsp;ने आमजन से अपील की है कि वे जिला प्रशासन और BRO का सहयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। पुलिस प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<h3 data-end="275" data-start="190" style="text-align: justify;">&nbsp;</h3>

<p data-end="582" data-start="277" style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उदयपुर से किलाड़/पांगी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग दिनांक 10 अप्रैल को कडू नाला के पास हुए भूस्खलन के कारण पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इस मार्ग पर हुई भारी चट्टान गिरने की घटना के तुरंत बाद जिला पुलिस ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) के साथ समन्वय स्थापित किया और राहत कार्य शुरू करवाया। BRO द्वारा मौके पर मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। BRO अधिकारियों के अनुसार, मार्ग को दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे के बीच हल्के वाहनों के लिए खोलने की संभावना है। मौके पर BRO और जिला पुलिस की टीमें लगातार मौजूद हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।</span></p>

<p data-end="936" data-start="878" style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong data-end="936" data-start="878">130 पुलिस कर्मियों और यात्रियों को सुरक्षित ठहराया गया</strong></span></p>

<p data-end="1309" data-start="938" style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भूस्खलन के चलते मार्ग पर फंसे सभी यात्रियों को जिला पुलिस द्वारा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अतिरिक्त, मौके पर ड्यूटी पर तैनात 130 पुलिस कर्मियों को भी सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही मार्ग आवागमन के लिए पूर्ण रूप से सुरक्षित घोषित किया जाएगा, यात्रियों को उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया जाएगा।</span></p>

<p data-end="1357" data-start="1311" style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong data-end="1357" data-start="1311">पुलिस की अपील: अफवाहों से बचें, सहयोग करें</strong></span></p>

<p data-end="1635" data-start="1359" style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस संबंध में उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय)&nbsp;ने आमजन से अपील की है कि वे जिला प्रशासन और BRO का सहयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें। पुलिस प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी किए जा रहे हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40004.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Lahul Spiti: Udaipur-Kilad road blocked due to landslide near Kadu Nala, BRO is doing relief work]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-first-photographic-evidence-of-woolly-flying-squirrel-found-in-miyar-valley]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल : मियार घाटी में प्राप्त हुआ ऊनी उड़ने वाली गिलहरी का पहला फोटोग्राफिक साक्ष्य  ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-first-photographic-evidence-of-woolly-flying-squirrel-found-in-miyar-valley]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 05 Apr 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[वन विभाग के एक प्रवक्ता ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश वन विभाग के वन्यजीव विभाग द्वारा लाहौल एवं स्पीति जिले की मियार घाटी में किए गए कैमरा टैपिंग सर्वेक्षण के दौरान ऊनी उड़ने वाली गिलहरी (यूपेटॉरस सिनेरेउस) का पहला फोटोग्राफिक साक्ष्य प्राप्त किया है। यह कैमरा सर्वेक्षण 10 अक्तूबर से 4 दिसम्बर तक आयोजित किया गया था।&nbsp;उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम हिमालय की इस विलक्षण और दुर्लभ प्रजाति को लगभग सात दशकों तक विलुप्त माना जाता था, जब तक कि 1994 में इसकी पुनः खोज नहीं हुई। हिमाचल प्रदेश में इसकी उपस्थिति राज्य के लिए जैव विविधता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह स्तनपायी प्रजातियों की सूची में एक उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है।यह सर्वेक्षण हिम तेंदुए की संख्या आकलन के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित स्नो लैपड़ पॉपुलेशन एसेसमेंट इन इंडिया (एसपीएआई) प्रोटोकॉल के अंतर्गत किया गया। अध्ययन क्षेत्र में 62 कैमरा ट्रैप लगाए गए थे। यह सर्वेक्षण वन विभाग के वन्यजीव प्रभाग द्वारा प्राकृतिक संरक्षण फाउंडेशन (एनसीएफ) के सहयोग से संपन्न किया गया।

इन दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप की स्थापना का कार्य स्पीति के किब्बर गांव के स्थानीय युवाओं द्वारा किया गया, जो वर्ष 2010 से ऊपरी स्पीति लैंडस्केप में ऐसे सर्वेक्षणों से जुड़े हुए हैं। इनके साथ लाहौल से एक समर्पित स्थानीय वन्यजीव एवं संरक्षण कार्यकर्ता भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि कैमरा ट्रैप्स ने ऊनी उड़ने वाली गिलहरी के अलावा कई अन्य महत्त्वपूर्ण वन्यजीवों जैसे हिम तेंदुआ, लाल लोमड़ी, हिमालयी भेड़िया और नेवला की भी उपस्थिति दर्ज की है। ये प्रजातियाँ आमतौर पर वृक्षरेखा के ठीक ऊपर के क्षेत्रों तथा चट्टानी ढलानों वाले पारिस्थितिक तंत्र में पाई जाती हैं, जो ऊनी उड़ने वाली गिलहरी की पसंदीदा प्राकृतिक आवास श्रेणियों में आते हैं। वन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह खोज न केवल मियार घाटी की जैविक विविधता को दर्शाती है, बल्कि हिमालयी पारिस्थितिक तंत्र की समृद्धता और संरक्षण की आवश्यकता की भी पुष्टि करती है। यह अध्ययन भविष्य में वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वन विभाग के एक प्रवक्ता ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश वन विभाग के वन्यजीव विभाग द्वारा लाहौल एवं स्पीति जिले की मियार घाटी में किए गए कैमरा टैपिंग सर्वेक्षण के दौरान ऊनी उड़ने वाली गिलहरी (यूपेटॉरस सिनेरेउस) का पहला फोटोग्राफिक साक्ष्य प्राप्त किया है। यह कैमरा सर्वेक्षण 10 अक्तूबर से 4 दिसम्बर तक आयोजित किया गया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 18px;">उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम हिमालय की इस विलक्षण और दुर्लभ प्रजाति को लगभग सात दशकों तक विलुप्त माना जाता था, जब तक कि 1994 में इसकी पुनः खोज नहीं हुई। हिमाचल प्रदेश में इसकी उपस्थिति राज्य के लिए जैव विविधता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और यह स्तनपायी प्रजातियों की सूची में एक उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है।</span><span style="font-size: 18px;">यह सर्वेक्षण हिम तेंदुए की संख्या आकलन के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित स्नो लैपड़ पॉपुलेशन एसेसमेंट इन इंडिया (एसपीएआई) प्रोटोकॉल के अंतर्गत किया गया। अध्ययन क्षेत्र में 62 कैमरा ट्रैप लगाए गए थे। यह सर्वेक्षण वन विभाग के वन्यजीव प्रभाग द्वारा प्राकृतिक संरक्षण फाउंडेशन (एनसीएफ) के सहयोग से संपन्न किया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इन दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप की स्थापना का कार्य स्पीति के किब्बर गांव के स्थानीय युवाओं द्वारा किया गया, जो वर्ष 2010 से ऊपरी स्पीति लैंडस्केप में ऐसे सर्वेक्षणों से जुड़े हुए हैं। इनके साथ लाहौल से एक समर्पित स्थानीय वन्यजीव एवं संरक्षण कार्यकर्ता भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि कैमरा ट्रैप्स ने ऊनी उड़ने वाली गिलहरी के अलावा कई अन्य महत्त्वपूर्ण वन्यजीवों जैसे हिम तेंदुआ, लाल लोमड़ी, हिमालयी भेड़िया और नेवला की भी उपस्थिति दर्ज की है। ये प्रजातियाँ आमतौर पर वृक्षरेखा के ठीक ऊपर के क्षेत्रों तथा चट्टानी ढलानों वाले पारिस्थितिक तंत्र में पाई जाती हैं, जो ऊनी उड़ने वाली गिलहरी की पसंदीदा प्राकृतिक आवास श्रेणियों में आते हैं। वन विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह खोज न केवल मियार घाटी की जैविक विविधता को दर्शाती है, बल्कि हिमालयी पारिस्थितिक तंत्र की समृद्धता और संरक्षण की आवश्यकता की भी पुष्टि करती है। यह अध्ययन भविष्य में वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39930.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Himachal: First -photographic -evidence- of -woolly- flying -squirrel -found- in- Miyar -Valley]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/now-ips-ilma-afroz-will-be-sp-of-lahaul-spiti-chief-secretary-issued-orders]]></guid>
                       <title><![CDATA[अब IPS इल्मा अफरोज होगी लाहौल-स्पीति की SP ,मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/now-ips-ilma-afroz-will-be-sp-of-lahaul-spiti-chief-secretary-issued-orders]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 10 Mar 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश की महिला आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज अब लाहौल-स्पीति की नई पुलिस अधीक्षक होगी।&nbsp; इस संदर्भ में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए हैं। इसे लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए है। इल्मा अफ़रोज़ के लाहौल-स्पीति में कार्यभार संभालने के बाद एसपी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे कार्तिकेन गोकुलचंद भारमुक्त हो जाएंगे। बता दे कि इल्मा अफरोज ने 7 जनवरी, 2024 को बद्दी के एसपी के रूप में कार्यभार संभाला था। अगस्त 2024 में, इल्मा ने विधायक रामकुमार चौधरी की पत्नी की माइनिंग से जुड़ी गाड़ियों के चालान काटे, जिससे विधायक नाराज हो गए। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और विधायक ने इल्मा को विधानसभा से विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिलवा दिया। फिर 6 नवंबर, 2024 को सीएम के साथ डीसी-एसपी की बैठक से लौटने के बाद इल्मा अफरोज ने लंबी छुट्टी ली थी। इसके बाद सरकार ने बद्दी के एसपी का अतिरिक्त कार्यभार विनोद कुमार को सौंपा। हाईकोर्ट के आदेशों के कारण सरकार इल्मा का ट्रांसफर नहीं कर पा रही थी। लेकिन लगभग 40 दिन बाद जब इल्मा ड्यूटी पर लौटी, तो उन्होंने बद्दी के बजाय पुलिस मुख्यालय में ज्वाइन किया।, और तब से वह पुलिस मुख्यालय में तैनात थीं। अब, सरकार ने इल्मा अफरोज को लाहौल-स्पीति का एसपी नियुक्त किया है। इस बीच, सुच्चा सिंह नामक एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इल्मा को एसपी बद्दी नियुक्त करने का आग्रह किया था। हालांकि, राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इल्मा ने खुद ही बद्दी से ट्रांसफर की मांग की थी। इसके बाद, हाईकोर्ट ने इल्मा के ट्रांसफर पर लगी स्टे को हटा दिया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश की महिला आईपीएस अधिकारी इल्मा अफरोज अब लाहौल-स्पीति की नई पुलिस अधीक्षक होगी।&nbsp; इस संदर्भ में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए हैं। इसे लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आदेश जारी कर दिए है। इल्मा अफ़रोज़ के लाहौल-स्पीति में कार्यभार संभालने के बाद एसपी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे कार्तिकेन गोकुलचंद भारमुक्त हो जाएंगे। बता दे कि इल्मा अफरोज ने 7 जनवरी, 2024 को बद्दी के एसपी के रूप में कार्यभार संभाला था। अगस्त 2024 में, इल्मा ने विधायक रामकुमार चौधरी की पत्नी की माइनिंग से जुड़ी गाड़ियों के चालान काटे, जिससे विधायक नाराज हो गए। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और विधायक ने इल्मा को विधानसभा से विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिलवा दिया। फिर 6 नवंबर, 2024 को सीएम के साथ डीसी-एसपी की बैठक से लौटने के बाद इल्मा अफरोज ने लंबी छुट्टी ली थी। इसके बाद सरकार ने बद्दी के एसपी का अतिरिक्त कार्यभार विनोद कुमार को सौंपा। हाईकोर्ट के आदेशों के कारण सरकार इल्मा का ट्रांसफर नहीं कर पा रही थी। लेकिन लगभग 40 दिन बाद जब इल्मा ड्यूटी पर लौटी, तो उन्होंने बद्दी के बजाय पुलिस मुख्यालय में ज्वाइन किया।, और तब से वह पुलिस मुख्यालय में तैनात थीं। अब, सरकार ने इल्मा अफरोज को लाहौल-स्पीति का एसपी नियुक्त किया है। इस बीच, सुच्चा सिंह नामक एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इल्मा को एसपी बद्दी नियुक्त करने का आग्रह किया था। हालांकि, राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इल्मा ने खुद ही बद्दी से ट्रांसफर की मांग की थी। इसके बाद, हाईकोर्ट ने इल्मा के ट्रांसफर पर लगी स्टे को हटा दिया।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39691.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Now- IPS -Ilma -Afroz -will -be- SP -of -Lahaul-Spiti-, Chief -Secretary- issued -orders]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/-]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: भारी बारिश ने बढ़ाई लोगों की मुसीबते, कई जगह हो रहा भूस्खलन, कई सड़के बंद...मौसम विभाग ने आज भी जारी किया अलर्ट ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/-]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 28 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;पिछले 24 घंटों से हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश और बर्फबारी ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मचाई है। बारिश के कारण कई नदियाँ उफान पर आ गईं हैं, वहीं भूस्खलन और बर्फबारी से प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और मंडी जैसे इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है, और प्रशासन ने इन क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में शैक्षिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। वही मौसम विभाग ने आज भी भारी बारिश का अलर्ट&nbsp; जारी किया है खासतौर पर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, और यहां आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है।&nbsp;&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

सड़कें बंद और लैंडस्लाइड्स:

नेशनल हाईवे 5, जो शिमला को किन्नौर से जोड़ता है, निगुलसरी के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। इसके अलावा, होली-चंबा सड़क भी गरोला के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गई है। इस भूस्खलन में एक बस भी पलट गई, लेकिन गनीमत रही कि वह खाई में नहीं गिरी।

चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे और मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर भी जगह-जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात बाधित हो गया है।

&nbsp;

कुल्लू में जलस्तर बढ़ा और लैंडस्लाइड:

कुल्लू के गांधीनगर में नाले का जलस्तर बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, सोलंग नाला में तीन फीट तक ताजा बर्फबारी हुई, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और यातायात बाधित हुआ है।&nbsp;कुल्लू जिले के बंजार तहसील में हॉस्पिटल के पास भी भूस्खलन हुआ, जिससे एक गाड़ी इसकी चपेट में आ गई।

&nbsp;

ऊहल नदी का उफान और शानन परियोजना:

ऊहल नदी के जलस्तर के बढ़ने के कारण शानन परियोजना के बैराज गेट खोलने पड़े हैं। निचले इलाकों में रहने वालों को नदी किनारे सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पांवटा साहिब में लैंडस्लाइड के कारण NH-707 तीन घंटे से बंद है, जिससे यात्री परेशान हैं। प्रदेश सरकार ने भारी बारिश के मद्देनजर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से, भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और यात्रा में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">&nbsp;पिछले 24 घंटों से हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश और बर्फबारी ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तबाही मचाई है। बारिश के कारण कई नदियाँ उफान पर आ गईं हैं, वहीं भूस्खलन और बर्फबारी से प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। शिमला, कुल्लू, चंबा, किन्नौर और मंडी जैसे इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है, और प्रशासन ने इन क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। भारी बारिश और बर्फबारी के चलते चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों में शैक्षिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। वही मौसम विभाग ने आज भी भारी बारिश का अलर्ट&nbsp; जारी किया है खासतौर पर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, और यहां आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है।&nbsp;&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">सड़कें बंद और लैंडस्लाइड्स:</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेशनल हाईवे 5, जो शिमला को किन्नौर से जोड़ता है, निगुलसरी के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। इसके अलावा, होली-चंबा सड़क भी गरोला के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गई है। इस भूस्खलन में एक बस भी पलट गई, लेकिन गनीमत रही कि वह खाई में नहीं गिरी।</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे और मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर भी जगह-जगह भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात बाधित हो गया है।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">कुल्लू में जलस्तर बढ़ा और लैंडस्लाइड:</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कुल्लू के गांधीनगर में नाले का जलस्तर बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, सोलंग नाला में तीन फीट तक ताजा बर्फबारी हुई, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और यातायात बाधित हुआ है।&nbsp;</span><span style="font-size: 18px;">कुल्लू जिले के बंजार तहसील में हॉस्पिटल के पास भी भूस्खलन हुआ, जिससे एक गाड़ी इसकी चपेट में आ गई।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">ऊहल नदी का उफान और शानन परियोजना:</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ऊहल नदी के जलस्तर के बढ़ने के कारण शानन परियोजना के बैराज गेट खोलने पड़े हैं। निचले इलाकों में रहने वालों को नदी किनारे सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पांवटा साहिब में लैंडस्लाइड के कारण NH-707 तीन घंटे से बंद है, जिससे यात्री परेशान हैं। प्रदेश सरकार ने भारी बारिश के मद्देनजर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से, भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से बचने के लिए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और यात्रा में सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है।</span></div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39599.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[हिमाचल-भारी- बारिश- ने- बढ़ाई -लोगों- की- मुसीबते- कई -जगह- हो- रहा- भूस्खलन- कई- सड़के- बंद-मौसम- विभाग- ने- आज- भी- जारी- किया- अलर्ट]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/-1740633498]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: दो दिन बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट...बर्फबारी से कई सड़के और बिजली ट्रांसफॉर्मर बंद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/-1740633498]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 27 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है, जिसके कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव रहेगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। खासतौर पर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, और यहां आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है। लाहौल स्पीति में पिछले दो दिनों से हो रही बर्फबारी ने इलाके की स्थिति को गंभीर बना दिया है। कई इलाकों में तीन फीट से भी अधिक बर्फबारी हो चुकी है, जिससे पूरा जिला बाकी दुनिया से कट चुका है। अटल टनल रोहतांग भी वाहनों के लिए बंद कर दी गई है। मौसम विभाग ने आज और कल के लिए भारी स्नोफॉल का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे और भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लाहौल स्पीति प्रशासन ने हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया है। अधिक ढलान वाले इलाकों में बर्फ के पहाड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और बर्फबारी से संबंधित गतिविधियों से दूर रहें।

सड़कें और बिजली आपूर्ति पर असर

किन्नौर और लाहौल स्पीति में ताजा बर्फबारी के कारण 220 से अधिक सड़कों और 250 बिजली ट्रांसफार्मरों का संचालन ठप हो गया है। इससे क्षेत्र के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई है और यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है और लोगों को जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहा है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों को घरों में सुरक्षित रहने और बर्फबारी से संबंधित गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम की स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए लोगों से अपील की जाती है कि वे प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतें।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है, जिसके कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव रहेगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी। खासतौर पर, कांगड़ा, चंबा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, और यहां आंधी-तूफान की भी चेतावनी दी गई है। लाहौल स्पीति में पिछले दो दिनों से हो रही बर्फबारी ने इलाके की स्थिति को गंभीर बना दिया है। कई इलाकों में तीन फीट से भी अधिक बर्फबारी हो चुकी है, जिससे पूरा जिला बाकी दुनिया से कट चुका है। अटल टनल रोहतांग भी वाहनों के लिए बंद कर दी गई है। मौसम विभाग ने आज और कल के लिए भारी स्नोफॉल का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे और भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लाहौल स्पीति प्रशासन ने हिमस्खलन का अलर्ट जारी किया है। अधिक ढलान वाले इलाकों में बर्फ के पहाड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और बर्फबारी से संबंधित गतिविधियों से दूर रहें।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सड़कें और बिजली आपूर्ति पर असर</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">किन्नौर और लाहौल स्पीति में ताजा बर्फबारी के कारण 220 से अधिक सड़कों और 250 बिजली ट्रांसफार्मरों का संचालन ठप हो गया है। इससे क्षेत्र के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई है और यातायात प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है और लोगों को जरूरी सहायता पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहा है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों को घरों में सुरक्षित रहने और बर्फबारी से संबंधित गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम की स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए लोगों से अपील की जाती है कि वे प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतें।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39585.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal- Orange- alert- of- rain- and- snowfall -for- two -days-many -roads -and -power -transformers -closed- due- to- snowfall.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-these-two-days-many-important-documents-including-himachali-certificate-will-not-be-issued-to-people-know-why]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: इन दो दिन अब लोगों के नहीं बनेंगे हिमाचली प्रमाण-पत्र सहित कई ज़रूरी कागजात, जानिए क्यों    ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-these-two-days-many-important-documents-including-himachali-certificate-will-not-be-issued-to-people-know-why]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 24 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;हिमाचल प्रदेश में राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुक्खू सरकार द्वारा नायब तहसीलदारों, पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर में डालने की अधिसूचना जारी करने के बाद से संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी और कानूनगो महासंघ में नाराजगी है। इस निर्णय को लेकर महासंघ ने आगामी 25 और 27 फरवरी को सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया है, जिसका असर प्रदेशभर में लोगों के प्रमाण पत्र, रजिस्ट्रियां, लोन, और ई-केवाईसी प्रक्रियाओं पर पड़ेगा। इससे आम जनता को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने दो दिन के भीतर उचित निर्णय नहीं लिया, तो 28 फरवरी से वे अनिश्चितकालीन पेन डाउन स्ट्राइक शुरू कर देंगे। सुक्खू सरकार ने राज्य कैडर की अधिसूचना जारी कर नायब तहसीलदार, पटवारी और कानूनगो के प्रमोशन चैनल को प्रभावित कर दिया है, जिससे महासंघ के सदस्य परेशान हैं। राज्य में इन पदों पर कुल 3,342 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 488 पद खाली हैं। 2,828 पटवारी और कानूनगो 25 और 27 फरवरी को अवकाश पर जाएंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में रुकावट आ सकती है।
यह पहली बार नहीं है कि इन कर्मचारियों ने विरोध किया है। पिछले साल जुलाई में भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था और 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हुई बैठक के बाद ही उन्होंने काम पर लौटने का निर्णय लिया था। इसके बाद, महासंघ ने अपनी आठ मुख्य मांगों को बलवान कमेटी के सामने रखा था, जो अब सरकार के पास सिफारिश भेज चुकी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p>&nbsp;हिमाचल प्रदेश में राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सुक्खू सरकार द्वारा नायब तहसीलदारों, पटवारियों और कानूनगो को स्टेट कैडर में डालने की अधिसूचना जारी करने के बाद से संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी और कानूनगो महासंघ में नाराजगी है। इस निर्णय को लेकर महासंघ ने आगामी 25 और 27 फरवरी को सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया है, जिसका असर प्रदेशभर में लोगों के प्रमाण पत्र, रजिस्ट्रियां, लोन, और ई-केवाईसी प्रक्रियाओं पर पड़ेगा। इससे आम जनता को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने दो दिन के भीतर उचित निर्णय नहीं लिया, तो 28 फरवरी से वे अनिश्चितकालीन पेन डाउन स्ट्राइक शुरू कर देंगे। सुक्खू सरकार ने राज्य कैडर की अधिसूचना जारी कर नायब तहसीलदार, पटवारी और कानूनगो के प्रमोशन चैनल को प्रभावित कर दिया है, जिससे महासंघ के सदस्य परेशान हैं। राज्य में इन पदों पर कुल 3,342 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 488 पद खाली हैं। 2,828 पटवारी और कानूनगो 25 और 27 फरवरी को अवकाश पर जाएंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों में रुकावट आ सकती है।<br />
यह पहली बार नहीं है कि इन कर्मचारियों ने विरोध किया है। पिछले साल जुलाई में भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया था और 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हुई बैठक के बाद ही उन्होंने काम पर लौटने का निर्णय लिया था। इसके बाद, महासंघ ने अपनी आठ मुख्य मांगों को बलवान कमेटी के सामने रखा था, जो अब सरकार के पास सिफारिश भेज चुकी है।</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39573.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal: These two days, many important documents including Himachali certificate will not be issued to people, know why]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/weather-forecast-to-remain-bad-in-himachal-pradesh-for-next-4-days-good-rain-and-snowfall-expected-across-the-state]]></guid>
                       <title><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश में आगामी 4 दिन मौसम खराब रहने का अनुमान, प्रदेश भर में अच्छी बारिश-बर्फबारी की उम्मीद ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/weather-forecast-to-remain-bad-in-himachal-pradesh-for-next-4-days-good-rain-and-snowfall-expected-across-the-state]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 24 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में मौसम विज्ञान केंद्र 25 फरवरी की देर शाम से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान जताया है. प्रदेश भर में इसका असर 28 फरवरी तक देखने को मिलेगा. मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि 26 और 27 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश बर्फबारी होने के आसार हैं. वहीं अब तक प्रदेश में सर्दियां शुष्क रही हैं. पूरे सीजन के दौरान प्रदेश में सामान्य से लगभग 69 फ़ीसदी कब बारिश दर्ज की गई है. शिमला मौसम विज्ञान केंद्र में मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि. 25 फरवरी की देर शाम से हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. इसका असर 28 फरवरी तक प्रदेश भर में देखने को मिलेगा. वहीं पहली और दो मार्च को भी प्रदेश भर में मौसम खराब बना रहेगा. इस दौरान 26 और 27 फरवरी को प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अच्छी बारिश बर्फबारी होने की संभावना है. इसको लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है. साथ ही कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना है. इसको देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में इस बार सर्दियां शुष्क रही हैं. प्रदेश भर में पूरे सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश बर्फबारी दर्ज की गई. मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश भर में पूरे सीजन के दौरान सामान्य से 69 फ़ीसदी कम बारिश दर्ज की गई. जनवरी महीने में सामान्य 85 फ़ीसदी कम बारिश हुई. वहीं फरवरी महीने में अब तक सामान्य से 52 फ़ीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. इसके चलते पूरे सीजन के दौरान दिन के तापमान औसतन चार से पांच डिग्री ऊपर देखने को मिले. फिलहाल प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य चल रहे हैं मगर दिन के तापमान में उछाल देखा जा रहा है. हालांकि प्रदेश में मौसम बिगड़ने के बाद दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी. इसके चलते मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 26 और 27 फरवरी को प्रदेश में कोल्ड डे का अलर्ट भी जारी किया गया है&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में मौसम विज्ञान केंद्र 25 फरवरी की देर शाम से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने का अनुमान जताया है. प्रदेश भर में इसका असर 28 फरवरी तक देखने को मिलेगा. मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि 26 और 27 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश बर्फबारी होने के आसार हैं. वहीं अब तक प्रदेश में सर्दियां शुष्क रही हैं. पूरे सीजन के दौरान प्रदेश में सामान्य से लगभग 69 फ़ीसदी कब बारिश दर्ज की गई है. शिमला मौसम विज्ञान केंद्र में मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि. 25 फरवरी की देर शाम से हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. इसका असर 28 फरवरी तक प्रदेश भर में देखने को मिलेगा. वहीं पहली और दो मार्च को भी प्रदेश भर में मौसम खराब बना रहेगा. इस दौरान 26 और 27 फरवरी को प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अच्छी बारिश बर्फबारी होने की संभावना है. इसको लेकर मौसम विज्ञान केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है. साथ ही कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना है. इसको देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में इस बार सर्दियां शुष्क रही हैं. प्रदेश भर में पूरे सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश बर्फबारी दर्ज की गई. मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश भर में पूरे सीजन के दौरान सामान्य से 69 फ़ीसदी कम बारिश दर्ज की गई. जनवरी महीने में सामान्य 85 फ़ीसदी कम बारिश हुई. वहीं फरवरी महीने में अब तक सामान्य से 52 फ़ीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. इसके चलते पूरे सीजन के दौरान दिन के तापमान औसतन चार से पांच डिग्री ऊपर देखने को मिले. फिलहाल प्रदेश में न्यूनतम तापमान सामान्य चल रहे हैं मगर दिन के तापमान में उछाल देखा जा रहा है. हालांकि प्रदेश में मौसम बिगड़ने के बाद दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी. इसके चलते मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 26 और 27 फरवरी को प्रदेश में कोल्ड डे का अलर्ट भी जारी किया गया है&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39568.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Weather forecast to remain bad in Himachal Pradesh for next 4 days, good rain and snowfall expected across the state]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/weather-will-change-in-himachal-from-tonightorange-alert-issued-regarding-rain-and-snowfall]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में आज रात से मौसम बदलेगा करवट...बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/weather-will-change-in-himachal-from-tonightorange-alert-issued-regarding-rain-and-snowfall]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 19 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
** चम्बा कांगड़ा कुल्लू मंडी में भारी बारिश और बर्फबारी की आशंका



हिमाचल में&nbsp; आज देर रात से मौसम करवट बदलने वाला है। मौसम विभाग ने आज देर रात से कई हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।इस दौरान खास कर चम्बा कांगड़ा कुल्लू मंडी में भारी बारिश और बर्फबारी की आशंका जताई है। इसके साथ ही शिमला में बारिश जबकि कुफरी नारकंडा ओर ऊपरी क्षेत्रो में बर्फबारी हो सकती है। 20 फरवरी को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में आंधी व तूफान चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। 21 से 23 फरवरी तक अधिक ऊंचे क्षेत्रों में ही मौसम खराब रहेगा। इससे लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा जिला की अधिक ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो सकता है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ हो जाएगा। मौसम विभाग के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान मौसम साफ बना रहा है लेकिन आज डेरा से प्रदेश में पश्चिमी विकशॉप सक्रिय हो रहा है जिसके चलते देर रात से प्रदेश के चार जिलों में कांगड़ा मंडी कुल्लू चंबा में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी मौसम खराब बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विकशॉप का असर 21 फरवरी की सुबह तक रहेगा इसके बाद मौसम साफ रहेगा।&nbsp; बीते दिनों मौसम साफ रहने से तापमान में उछाल आया है लेकिन बारिश और बराबरी होने से तापमान में भारी गिरावट आने की भी आशंका है।
प्रदेश में इस बार सर्दियों में भी सूखे जैसे हालात बने हुए है। शिमला सहित कई हिस्सों में बर्फबारी बारिश काफी कम हुई हुई है। इस&nbsp; विंटर सीजन&nbsp; एक जनवरी से 17 फरवरी के बीच में नॉर्मल से 79 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में 142.1 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 29.6 मिलीमीटर ही बादल बरसे है।इसकी मार गेहूं की फसल के अलावा सेब के बगीचों पर पड़ रही है। हालांकि आगामी दो दिन बारिश बर्फबारी को।लेकर अलर्ट जारी किया गया है ऐसे में किसान बागवानों को राहत मिल सकती है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<blockquote>
<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">** चम्बा कांगड़ा कुल्लू मंडी में भारी बारिश और बर्फबारी की आशंका</span></p>
</blockquote>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">हिमाचल में&nbsp; आज देर रात से मौसम करवट बदलने वाला है। मौसम विभाग ने आज देर रात से कई हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।इस दौरान खास कर चम्बा कांगड़ा कुल्लू मंडी में भारी बारिश और बर्फबारी की आशंका जताई है। इसके साथ ही शिमला में बारिश जबकि कुफरी नारकंडा ओर ऊपरी क्षेत्रो में बर्फबारी हो सकती है। 20 फरवरी को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में आंधी व तूफान चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। 21 से 23 फरवरी तक अधिक ऊंचे क्षेत्रों में ही मौसम खराब रहेगा। इससे लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा जिला की अधिक ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो सकता है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ हो जाएगा। मौसम विभाग के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान मौसम साफ बना रहा है लेकिन आज डेरा से प्रदेश में पश्चिमी विकशॉप सक्रिय हो रहा है जिसके चलते देर रात से प्रदेश के चार जिलों में कांगड़ा मंडी कुल्लू चंबा में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी मौसम खराब बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विकशॉप का असर 21 फरवरी की सुबह तक रहेगा इसके बाद मौसम साफ रहेगा।&nbsp; बीते दिनों मौसम साफ रहने से तापमान में उछाल आया है लेकिन बारिश और बराबरी होने से तापमान में भारी गिरावट आने की भी आशंका है।<br />
प्रदेश में इस बार सर्दियों में भी सूखे जैसे हालात बने हुए है। शिमला सहित कई हिस्सों में बर्फबारी बारिश काफी कम हुई हुई है। इस&nbsp; विंटर सीजन&nbsp; एक जनवरी से 17 फरवरी के बीच में नॉर्मल से 79 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में 142.1 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 29.6 मिलीमीटर ही बादल बरसे है।इसकी मार गेहूं की फसल के अलावा सेब के बगीचों पर पड़ रही है। हालांकि आगामी दो दिन बारिश बर्फबारी को।लेकर अलर्ट जारी किया गया है ऐसे में किसान बागवानों को राहत मिल सकती है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39535.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Weather will change in Himachal from tonight...Orange alert issued regarding rain and snowfall]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/ration-card-consumers-will-get-refined-oil-in-the-depot-next-month]]></guid>
                       <title><![CDATA[प्रदेश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को अगले महीने डिपो में मिलेगा रिफाइंड तेल ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/ration-card-consumers-will-get-refined-oil-in-the-depot-next-month]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 18 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के राशन कार्ड धारकों के लिए एक अच्छी खबर आई है। खाद्य आपूर्ति निगम ने लंबे समय से प्रतीक्षित रिफाइंड तेल की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले महीने से राशन डिपो में रिफाइंड तेल उपलब्ध होने लगेगा। कंपनियों को 28 फरवरी तक तेल के सैंपल जमा करने का समय दिया गया है, जिनकी गुणवत्ता की जांच के बाद 11 मार्च को तकनीकी बिड खोली जाएगी। खाद्य आपूर्ति निगम का दावा है कि 20 मार्च के बाद उपभोक्ताओं को डिपो में तेल मिलने लगेगा। इस नई व्यवस्था के तहत, राशन कार्ड धारकों को एक लीटर सरसों तेल और एक लीटर रिफाइंड तेल मिलेगा। साथ ही, डिपो होल्डरों को तीन महीने का सरसों तेल का कोटा एक साथ देने के निर्देश भी दिए गए हैं, जो पहले एक महीने का दिया जाता था। तेल की सप्लाई अब शुरू कर दी गई है, और दूरदराज क्षेत्रों में सरसों तेल की खेप भेजी जा रही है। हिमाचल प्रदेश में लगभग 19.5 लाख राशन कार्ड उपभोक्ता हैं, और सरकार द्वारा उन्हें दो लीटर तेल, तीन किलो दालें (मलका माश और दाल चना), चीनी और नमक सब्सिडी पर दिया जा रहा है। आटा और चावल केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराया जाता है। खाद्य आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक, अरविंद शर्मा ने बताया कि रिफाइंड तेल की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, और अब अगले चरण की तैयारी की जा रही है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के राशन कार्ड धारकों के लिए एक अच्छी खबर आई है। खाद्य आपूर्ति निगम ने लंबे समय से प्रतीक्षित रिफाइंड तेल की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले महीने से राशन डिपो में रिफाइंड तेल उपलब्ध होने लगेगा। कंपनियों को 28 फरवरी तक तेल के सैंपल जमा करने का समय दिया गया है, जिनकी गुणवत्ता की जांच के बाद 11 मार्च को तकनीकी बिड खोली जाएगी। खाद्य आपूर्ति निगम का दावा है कि 20 मार्च के बाद उपभोक्ताओं को डिपो में तेल मिलने लगेगा। इस नई व्यवस्था के तहत, राशन कार्ड धारकों को एक लीटर सरसों तेल और एक लीटर रिफाइंड तेल मिलेगा। साथ ही, डिपो होल्डरों को तीन महीने का सरसों तेल का कोटा एक साथ देने के निर्देश भी दिए गए हैं, जो पहले एक महीने का दिया जाता था। तेल की सप्लाई अब शुरू कर दी गई है, और दूरदराज क्षेत्रों में सरसों तेल की खेप भेजी जा रही है। हिमाचल प्रदेश में लगभग 19.5 लाख राशन कार्ड उपभोक्ता हैं, और सरकार द्वारा उन्हें दो लीटर तेल, तीन किलो दालें (मलका माश और दाल चना), चीनी और नमक सब्सिडी पर दिया जा रहा है। आटा और चावल केंद्र सरकार द्वारा मुहैया कराया जाता है। खाद्य आपूर्ति निगम के महाप्रबंधक, अरविंद शर्मा ने बताया कि रिफाइंड तेल की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, और अब अगले चरण की तैयारी की जा रही है।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39526.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Ration card consumers will get refined oil in the depot next month]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/district-police-department-bid-farewell-to-lahaul-spiti-superintendent-of-police-mayank-chaudhary-now-he-will-take-charge-in-dehra]]></guid>
                       <title><![CDATA[लाहौल-स्पीति पुलिस अधीक्षक मयंक चौधरी को जिला पुलिस विभाग ने दी विदाई, अब  देहरा में संभालेंगे कार्यभार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/district-police-department-bid-farewell-to-lahaul-spiti-superintendent-of-police-mayank-chaudhary-now-he-will-take-charge-in-dehra]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 18 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
विदाई समारोह का किया गया आयोजन&nbsp;
**अब देहरा के नए पुलिस अधीक्षक का संभालेंगे कार्यभार&nbsp;


लाहौल-स्पीति पुलिस विभाग के अधिकारियों व जवानों ने पुलिस अधीक्षक&nbsp; मयंक चौधरी(आईपीएस) को ज़िला मुख्यालय केलांग में एक विदाई समारोह आयोजित कर विदाई दी। जिला लाहौल-स्पीति पुलिस विभाग के अधिकारियों व जवानों ने गहरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ पुलिस अधीक्षक को&nbsp; विदाई दी। उन्होंने बताया कि एसपी मयंक चौधरी का कार्यकाल दूरदर्शी नेतृत्व, अटूट समर्पण और जन सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण रहा है। उनके मार्गदर्शन में जिला पुलिस ने कानून प्रवर्तन और सामुदायिक विश्वास में नए मील के पत्थर हासिल किए। ईमानदारी और उत्कृष्टता की उनकी विरासत हमें प्रेरित करती रहेगी। हम उनके भविष्य के प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हैं और उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<blockquote>
<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विदाई समारोह का किया गया आयोजन&nbsp;<br />
**अब देहरा के नए पुलिस अधीक्षक का संभालेंगे कार्यभार&nbsp;</span></p>
</blockquote>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">लाहौल-स्पीति पुलिस विभाग के अधिकारियों व जवानों ने पुलिस अधीक्षक&nbsp; मयंक चौधरी(आईपीएस) को ज़िला मुख्यालय केलांग में एक विदाई समारोह आयोजित कर विदाई दी। जिला लाहौल-स्पीति पुलिस विभाग के अधिकारियों व जवानों ने गहरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ पुलिस अधीक्षक को&nbsp; विदाई दी। उन्होंने बताया कि एसपी मयंक चौधरी का कार्यकाल दूरदर्शी नेतृत्व, अटूट समर्पण और जन सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण रहा है। उनके मार्गदर्शन में जिला पुलिस ने कानून प्रवर्तन और सामुदायिक विश्वास में नए मील के पत्थर हासिल किए। ईमानदारी और उत्कृष्टता की उनकी विरासत हमें प्रेरित करती रहेगी। हम उनके भविष्य के प्रयासों के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हैं और उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39524.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[District Police Department bid farewell to Lahaul-Spiti Superintendent of Police Mayank Chaudhary, now he will take charge in Dehra]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/farmers-and-gardeners-are-worried-due-to-lack-of-snowfall-farmers-and-gardeners-are-worried-about-crop-production]]></guid>
                       <title><![CDATA[नहीं हो रही बारिश-बर्फ़बारी...बढ़ रही किसानों बागवानों की चिंता ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/farmers-and-gardeners-are-worried-due-to-lack-of-snowfall-farmers-and-gardeners-are-worried-about-crop-production]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 12 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
&nbsp;प्रदेश में बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से राज्य के किसान और बागवान परेशान नजर आ रहे हैं. जनवरी महीने में 84 फ़ीसदी और फरवरी महीने के 11 दिनों में 51 फ़ीसदी तक कम बारिश हुई है. बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से नकदी फसल के साथ सेब की पैदावार पर खतरा मंडरा रहा है. किसान-बागवान अपने साल भर की मेहनत को लेकर खासे चिंतित हैं. राज्य में कई ऐसे किसान और बागवान हैं, जिनकी रोज़ी-रोटी इसी के साथ जुड़ी हुई है. ऐसे में अगर मौसम का साथ नहीं मिलेगा, तो आने वाले समय में परेशानियां बढ़ सकती हैं. यह राज्य सरकार के लिए भी चिंता का विषय है। हिमाचल प्रदेश संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान का कहना है कि बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से सेब की पैदावार पर सीधा असर पड़ रहा है. बागवान अपने साल भर की मेहनत को लेकर बेहद चिंतित हैं. सर्दियों के मौसम में अब तक नाममात्र की बर्फबारी हुई है. बर्फबारी न होने की वजह से पौधे की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं. यही नहीं, बर्फबारी होने से कई ऐसे कीड़े-मकौड़े भी मर जाते हैं, जो पौधे को नुकसान पहुंचा सकते हैं.वहीं, युवा बागवान मोहित शर्मा ने भी बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से चिंता ज़ाहिर की है. उन्होंने कहा कि इसकी वजह से सेब की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा. बेहतर पैदावार के लिए पौधे को नमी की जरूरत होती है. बर्फ न होने की वजह से नमी नहीं मिल पा रही है. यह सभी बागवानों के लिए चिंता का विषय है.
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">&nbsp;प्रदेश में बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से राज्य के किसान और बागवान परेशान नजर आ रहे हैं. जनवरी महीने में 84 फ़ीसदी और फरवरी महीने के 11 दिनों में 51 फ़ीसदी तक कम बारिश हुई है. बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से नकदी फसल के साथ सेब की पैदावार पर खतरा मंडरा रहा है. किसान-बागवान अपने साल भर की मेहनत को लेकर खासे चिंतित हैं. राज्य में कई ऐसे किसान और बागवान हैं, जिनकी रोज़ी-रोटी इसी के साथ जुड़ी हुई है. ऐसे में अगर मौसम का साथ नहीं मिलेगा, तो आने वाले समय में परेशानियां बढ़ सकती हैं. यह राज्य सरकार के लिए भी चिंता का विषय है। हिमाचल प्रदेश संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान का कहना है कि बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से सेब की पैदावार पर सीधा असर पड़ रहा है. बागवान अपने साल भर की मेहनत को लेकर बेहद चिंतित हैं. सर्दियों के मौसम में अब तक नाममात्र की बर्फबारी हुई है. बर्फबारी न होने की वजह से पौधे की जरूरतें पूरी नहीं हो रही हैं. यही नहीं, बर्फबारी होने से कई ऐसे कीड़े-मकौड़े भी मर जाते हैं, जो पौधे को नुकसान पहुंचा सकते हैं.वहीं, युवा बागवान मोहित शर्मा ने भी बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से चिंता ज़ाहिर की है. उन्होंने कहा कि इसकी वजह से सेब की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा. बेहतर पैदावार के लिए पौधे को नमी की जरूरत होती है. बर्फ न होने की वजह से नमी नहीं मिल पा रही है. यह सभी बागवानों के लिए चिंता का विषय है.</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39482.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[There is no rain and snowfall...the worries of farmers and gardeners are increasing]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/weather-will-remain-bad-in-himachal-for-two-days-there-is-a-possibility-of-rain-in-high-altitude-areas]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में दो दिनों तक मौसम रहेगा खराब, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के भी है आसार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/weather-will-remain-bad-in-himachal-for-two-days-there-is-a-possibility-of-rain-in-high-altitude-areas]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 10 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर दो दिनों तक मौसम खराब रहने वाला है. हिमाचल प्रदेश की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 2 दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा. इस दौरान जिला चंबा, कुल्लू, लाहौल स्पीति और किन्नौर में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है. साथ ही जिला शिमला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हल्की बारिश देखने को मिल सकती है. हालांकि अन्य स्थानों पर केवल बादल छाए रहेंगे और बारिश या बर्फबारी जैसे कोई भी असर देखने को नहीं मिलेंगे.मौसम वैज्ञानिक शोभित कटियार ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है, जिसका असर हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले जिले चंबा, कुल्लू लाहौल स्पीति और किन्नौर में देखने को मिलेगा. इससे शिमला जिला के ऊंचाई वाले इलाकों में भी हल्की बर्फबारी देखने को मिल सकती है. हालांकि शहर पर बादल छाए रहेंगे. लेकिन, बारिश और बराबरी की कोई भी संभावना नहीं है. शोभित कटियार ने बताया कि इसके बाद अगले तीन दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा. इसके बाद 14 और 15 फरवरी को लाहौल स्पीति, कांगड़ा और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दूसरा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. साथ ही 17, 18 और 19 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों पर तीसरा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. इसका प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश देखने को मिलेगी. कटियार ने बताया कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक चल रहे है, जो आने वाले दिनों में सामान्य हो जाएंगे.&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर दो दिनों तक मौसम खराब रहने वाला है. हिमाचल प्रदेश की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 2 दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा. इस दौरान जिला चंबा, कुल्लू, लाहौल स्पीति और किन्नौर में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है. साथ ही जिला शिमला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हल्की बारिश देखने को मिल सकती है. हालांकि अन्य स्थानों पर केवल बादल छाए रहेंगे और बारिश या बर्फबारी जैसे कोई भी असर देखने को नहीं मिलेंगे.मौसम वैज्ञानिक शोभित कटियार ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है, जिसका असर हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले जिले चंबा, कुल्लू लाहौल स्पीति और किन्नौर में देखने को मिलेगा. इससे शिमला जिला के ऊंचाई वाले इलाकों में भी हल्की बर्फबारी देखने को मिल सकती है. हालांकि शहर पर बादल छाए रहेंगे. लेकिन, बारिश और बराबरी की कोई भी संभावना नहीं है. शोभित कटियार ने बताया कि इसके बाद अगले तीन दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा. इसके बाद 14 और 15 फरवरी को लाहौल स्पीति, कांगड़ा और चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दूसरा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. साथ ही 17, 18 और 19 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों पर तीसरा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. इसका प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश देखने को मिलेगी. कटियार ने बताया कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक चल रहे है, जो आने वाले दिनों में सामान्य हो जाएंगे.&nbsp;</span></div>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39464.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Weather will remain bad in Himachal for two days, there is a possibility of rain in high altitude areas.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal-engineer-employees-angry-over-abolition-of-706-posts-in-electricity-board-will-serve-today-wearing-black-badges]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: बिजली बोर्ड में 706 पद खत्म करने पर इंजीनियर-कर्मचारी नाराज, आज काले बिल्ले लगाकर देंगे सेवा ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal-engineer-employees-angry-over-abolition-of-706-posts-in-electricity-board-will-serve-today-wearing-black-badges]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 10 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में 706 पदों को समाप्त करने का आदेश जारी किया है, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी फैल गई है। इस निर्णय के विरोध में बिजली बोर्ड के कर्मचारी आज से काले बिल्ले पहनकर काम करने का निर्णय लिया है। शिमला स्थित मुख्य कार्यालय सहित राज्य के अन्य विद्युत मंडल और उप मंडल में कार्यरत इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और अन्य कर्मचारी भी इस विरोध में शामिल होंगे।यह निर्णय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रहा है, क्योंकि बोर्ड पहले ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा था। अब, 706 पदों की समाप्ति के कारण कार्यभार बढ़ने से कर्मचारियों पर दबाव और अधिक बढ़ गया है। इसी कारण, कर्मचारियों ने वर्क-टू-रूल आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है, जिसमें वे केवल निर्धारित समय तक ही काम करेंगे।अगर सरकार ने अपने फैसले को वापस नहीं लिया, तो कर्मचारियों ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर विरोध और हड़ताल की चेतावनी दी है। इस मुद्दे पर 11 फरवरी को हमीरपुर में पंचायत आयोजित की जाएगी, और इसके बाद अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में 706 पदों को समाप्त करने का आदेश जारी किया है, जिससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी फैल गई है। इस निर्णय के विरोध में बिजली बोर्ड के कर्मचारी आज से काले बिल्ले पहनकर काम करने का निर्णय लिया है। शिमला स्थित मुख्य कार्यालय सहित राज्य के अन्य विद्युत मंडल और उप मंडल में कार्यरत इंजीनियर, तकनीकी कर्मचारी और अन्य कर्मचारी भी इस विरोध में शामिल होंगे।</span><span style="font-size: 18px;">यह निर्णय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रहा है, क्योंकि बोर्ड पहले ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा था। अब, 706 पदों की समाप्ति के कारण कार्यभार बढ़ने से कर्मचारियों पर दबाव और अधिक बढ़ गया है। इसी कारण, कर्मचारियों ने वर्क-टू-रूल आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है, जिसमें वे केवल निर्धारित समय तक ही काम करेंगे।अगर सरकार ने अपने फैसले को वापस नहीं लिया, तो कर्मचारियों ने राज्यभर में बड़े पैमाने पर विरोध और हड़ताल की चेतावनी दी है। इस मुद्दे पर 11 फरवरी को हमीरपुर में पंचायत आयोजित की जाएगी, और इसके बाद अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।&nbsp;</span></div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39458.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal: Engineer-employees angry over abolition of 706 posts in Electricity Board, will serve today wearing black badges]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/outsourced-recruitment-will-continue-in-himachal-government-gets-relief-from-supreme-court]]></guid>
                       <title><![CDATA[  हिमाचल में आउटसोर्स भर्तियां रहेगी जारी, सरकार को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/outsourced-recruitment-will-continue-in-himachal-government-gets-relief-from-supreme-court]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 09 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स के माध्यम से होने वाली भर्तियों पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिससे राज्य सरकार को फिलहाल राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी है और सरकार को इस मामले में जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इस आदेश का सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने की।

हिमाचल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस मामले में अदालत में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि हिमाचल हाईकोर्ट ने 7 नवंबर 2024 को प्रदेश में आउटसोर्स पॉलिसी के तहत होने वाली भर्तियों पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने सरकार से यह भी कहा था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए उचित नियम बनाए जाएं। इसके बाद, राज्य सरकार ने इस रोक को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और अदालत के आदेशों के पालन के लिए एक हलफनामा प्रस्तुत किया।

हालांकि, 8 जनवरी 2025 को उच्च न्यायालय ने सरकार की अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें रोक हटाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने बताया कि वेकेशन के कारण केवल अति महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई हो रही है। इसके बाद, सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

&nbsp;

यह मामला वर्ष 2022 में दायर एक याचिका से जुड़ा हुआ है, जिसमें आउटसोर्स भर्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए गए थे। याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि राज्य के विभिन्न विभागों में आउटसोर्स के तहत भर्तियां बिना पारदर्शिता के की जा रही हैं और कारपोरेशन के तहत रजिस्टर्ड कंपनियां भी कटघरे में हैं। उच्च न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स के तहत नियुक्तियां स्वीकार नहीं की जाएं और विभाग को स्थायी नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स के माध्यम से होने वाली भर्तियों पर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिससे राज्य सरकार को फिलहाल राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी है और सरकार को इस मामले में जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इस आदेश का सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने की।</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इस मामले में अदालत में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि हिमाचल हाईकोर्ट ने 7 नवंबर 2024 को प्रदेश में आउटसोर्स पॉलिसी के तहत होने वाली भर्तियों पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने सरकार से यह भी कहा था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए उचित नियम बनाए जाएं। इसके बाद, राज्य सरकार ने इस रोक को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और अदालत के आदेशों के पालन के लिए एक हलफनामा प्रस्तुत किया।</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हालांकि, 8 जनवरी 2025 को उच्च न्यायालय ने सरकार की अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें रोक हटाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने बताया कि वेकेशन के कारण केवल अति महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई हो रही है। इसके बाद, सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">यह मामला वर्ष 2022 में दायर एक याचिका से जुड़ा हुआ है, जिसमें आउटसोर्स भर्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए गए थे। याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि राज्य के विभिन्न विभागों में आउटसोर्स के तहत भर्तियां बिना पारदर्शिता के की जा रही हैं और कारपोरेशन के तहत रजिस्टर्ड कंपनियां भी कटघरे में हैं। उच्च न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स के तहत नियुक्तियां स्वीकार नहीं की जाएं और विभाग को स्थायी नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।</span></div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39452.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Outsourced recruitment will continue in Himachal, government gets relief from Supreme Court]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/now-the-weather-will-change-in-himachal-there-will-be-rain-and-snowfall-meteorological-department-expressed-the-possibility]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में अब बदलेगा मौसम, होगी बारिश और बर्फबारी, मौसम विभाग ने जताई संभावना]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/now-the-weather-will-change-in-himachal-there-will-be-rain-and-snowfall-meteorological-department-expressed-the-possibility]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 08 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (WD) के सक्रिय होने से होने वाला है । मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों तक अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी के ऊंचे इलाकों में 8 और 10 फरवरी को बारिश-बर्फबारी का अधिक प्रभाव रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान इन क्षेत्रों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी। हालांकि, प्रदेश के मैदानी इलाकों में मौसम सामान्य रहेगा।

&nbsp;

हिमाचल के कई इलाकों में ठंड बढ़ी

प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी सर्दी बढ़ी है। शिमला में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जबकि प्रदेश का सबसे गर्म शहर ऊना का तापमान गिरकर 2.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अन्य क्षेत्रों में भी तापमान में गिरावट आई है, जैसे कि भुंतर (2.0 डिग्री), धर्मशाला (4.8 डिग्री), पालमपुर (3.5 डिग्री), सोलन (2.6 डिग्री) और बिलासपुर (3.9 डिग्री)। इस सर्द मौसम के बीच, हिमाचल प्रदेश के उच्च क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ठंड और बढ़ सकती है।

&nbsp;

विंटर सीजन में कम बारिश-बर्फबारी

विंटर सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 72 प्रतिशत कम बारिश-बर्फबारी हुई है। 1 जनवरी से 7 फरवरी तक 29.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य रूप से 104.7 मिलीमीटर बारिश होती है। इस वर्ष बर्फबारी और बारिश का स्तर काफी कम रहने से प्रदेश में सूखा और ठंड बढ़ने का असर देखा गया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ (WD) के सक्रिय होने से होने वाला है । मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों तक अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। लाहौल स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी के ऊंचे इलाकों में 8 और 10 फरवरी को बारिश-बर्फबारी का अधिक प्रभाव रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान इन क्षेत्रों की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी। हालांकि, प्रदेश के मैदानी इलाकों में मौसम सामान्य रहेगा।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल के कई इलाकों में ठंड बढ़ी</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी सर्दी बढ़ी है। शिमला में न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जबकि प्रदेश का सबसे गर्म शहर ऊना का तापमान गिरकर 2.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अन्य क्षेत्रों में भी तापमान में गिरावट आई है, जैसे कि भुंतर (2.0 डिग्री), धर्मशाला (4.8 डिग्री), पालमपुर (3.5 डिग्री), सोलन (2.6 डिग्री) और बिलासपुर (3.9 डिग्री)। इस सर्द मौसम के बीच, हिमाचल प्रदेश के उच्च क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ठंड और बढ़ सकती है।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विंटर सीजन में कम बारिश-बर्फबारी</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विंटर सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में सामान्य से 72 प्रतिशत कम बारिश-बर्फबारी हुई है। 1 जनवरी से 7 फरवरी तक 29.5 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य रूप से 104.7 मिलीमीटर बारिश होती है। इस वर्ष बर्फबारी और बारिश का स्तर काफी कम रहने से प्रदेश में सूखा और ठंड बढ़ने का असर देखा गया है।</span></div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39447.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Now the weather will change in Himachal, there will be rain and snowfall, Meteorological Department expressed the possibility]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/shock-to-employees-recruited-after-2003-in-himachal-they-will-not-get-seniority-financial-benefits]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में 2003 के बाद भर्ती कर्मचारियों को झटका: नहीं मिलेगा सिनियोरिटी-फाइनेंशियल बैनिफिट ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/shock-to-employees-recruited-after-2003-in-himachal-they-will-not-get-seniority-financial-benefits]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 08 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[**राज्यपाल ने कर्मचारी भर्ती विधेयक 2024 को दी मंजूरी

&nbsp;

हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2003 के बाद अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारियों को बैकडेट से सिनियरिटी और वित्तीय लाभ देने पर रोक लगा दी है। राज्यपाल शिव प्रताप की मंजूरी के बाद, राज्य सरकार ने हिमाचल सरकारी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें विधेयक 2024 को ई-गजट में प्रकाशित कर दिया है। यह विधेयक विधानसभा में विपक्ष के विरोध के बावजूद सुक्खू सरकार द्वारा पारित किया गया था। अब राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद, इस संशोधित विधेयक के तहत कर्मचारियों को उनके नियमित नियुक्ति की तिथि से ही सिनियरिटी और वित्तीय लाभ मिलेंगे। इससे पहले, उच्च न्यायालय के आदेशों के कारण अनुबंध कर्मचारियों को बैकडेट से सिनियरिटी और वित्तीय लाभ दिए जा रहे थे, जिससे राज्य सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था।

&nbsp;

क्यों किया गया यह बदलाव?

सालों तक अनुबंध कर्मचारियों को बैकडेट से वित्तीय लाभ और सिनियरिटी देने के आदेशों के चलते राज्य सरकार को भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा था। उच्च न्यायालय ने कुछ कर्मचारियों को बैकडेट से वित्तीय लाभ देने का आदेश दिया था, और इसके कारण सरकार पर करोड़ों रुपये का वित्तीय बोझ पड़ रहा था। इसके साथ ही, कर्मचारियों की सिनियरिटी लिस्ट में पिछले 21 वर्षों के आंकड़ों को भी संशोधित करना पड़ रहा था।

यह स्थिति विशेष रूप से कांग्रेस सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो गई थी, क्योंकि राज्य की आर्थिक स्थिति पहले ही गंभीर संकट का सामना कर रही थी। इन कारणों से, राज्य सरकार ने इस बदलाव की जरूरत महसूस की और हिमाचल सरकारी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें विधेयक 2024 में संशोधन किया। अब इस विधेयक के तहत कर्मचारियों को केवल उनकी नियमित सेवा की तिथि से ही सिनियरिटी और वित्तीय लाभ मिलेंगे, अनुबंध सेवाकाल को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।

&nbsp;

विधेयक में संशोधन के बाद क्या बदलेगा?

&nbsp;

इस संशोधन से, कर्मचारियों को बैकडेट से लाभ और सिनियरिटी नहीं मिलेगी, जो पहले उच्च न्यायालय के आदेशों के कारण मिल रही थी। सरकार के लिए यह बदलाव एक बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि इससे सरकार को आने वाले वर्षों में वित्तीय बोझ से बचने में मदद मिलेगी। अब कर्मचारियों को नियमित होने की तिथि से लाभ मिलेगा, और इस नए बदलाव के बाद यह भी सुनिश्चित किया गया है कि अनुबंध सेवाकाल को सिनियरिटी और वित्तीय लाभ के लिए नहीं जोड़ा जाएगा।

&nbsp;

राज्यपाल से मिली मंजूरी&nbsp;

बीते गुरुवार को शाम मुख्यमंत्री सुक्खू अचानक राजभवन पहुंचे और विधेयक को मंजूरी दिलाने का आग्रह किया। गुरुवार को, मुख्यमंत्री सुक्खू अचानक राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से इस विधेयक की मंजूरी के लिए आग्रह किया, जिसके बाद राज्यपाल ने 24 घंटे के भीतर विधेयक को मंजूरी दे दी। इसके बाद राज्य सरकार ने देर शाम इसे राजपत्र में प्रकाशित किया।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">**राज्यपाल ने कर्मचारी भर्ती विधेयक 2024 को दी मंजूरी</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2003 के बाद अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारियों को बैकडेट से सिनियरिटी और वित्तीय लाभ देने पर रोक लगा दी है। राज्यपाल शिव प्रताप की मंजूरी के बाद, राज्य सरकार ने हिमाचल सरकारी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें विधेयक 2024 को ई-गजट में प्रकाशित कर दिया है। यह विधेयक विधानसभा में विपक्ष के विरोध के बावजूद सुक्खू सरकार द्वारा पारित किया गया था। अब राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद, इस संशोधित विधेयक के तहत कर्मचारियों को उनके नियमित नियुक्ति की तिथि से ही सिनियरिटी और वित्तीय लाभ मिलेंगे। इससे पहले, उच्च न्यायालय के आदेशों के कारण अनुबंध कर्मचारियों को बैकडेट से सिनियरिटी और वित्तीय लाभ दिए जा रहे थे, जिससे राज्य सरकार पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">क्यों किया गया यह बदलाव?</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सालों तक अनुबंध कर्मचारियों को बैकडेट से वित्तीय लाभ और सिनियरिटी देने के आदेशों के चलते राज्य सरकार को भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा था। उच्च न्यायालय ने कुछ कर्मचारियों को बैकडेट से वित्तीय लाभ देने का आदेश दिया था, और इसके कारण सरकार पर करोड़ों रुपये का वित्तीय बोझ पड़ रहा था। इसके साथ ही, कर्मचारियों की सिनियरिटी लिस्ट में पिछले 21 वर्षों के आंकड़ों को भी संशोधित करना पड़ रहा था।</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">यह स्थिति विशेष रूप से कांग्रेस सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण हो गई थी, क्योंकि राज्य की आर्थिक स्थिति पहले ही गंभीर संकट का सामना कर रही थी। इन कारणों से, राज्य सरकार ने इस बदलाव की जरूरत महसूस की और हिमाचल सरकारी कर्मचारी भर्ती और सेवा शर्तें विधेयक 2024 में संशोधन किया। अब इस विधेयक के तहत कर्मचारियों को केवल उनकी नियमित सेवा की तिथि से ही सिनियरिटी और वित्तीय लाभ मिलेंगे, अनुबंध सेवाकाल को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विधेयक में संशोधन के बाद क्या बदलेगा?</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस संशोधन से, कर्मचारियों को बैकडेट से लाभ और सिनियरिटी नहीं मिलेगी, जो पहले उच्च न्यायालय के आदेशों के कारण मिल रही थी। सरकार के लिए यह बदलाव एक बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि इससे सरकार को आने वाले वर्षों में वित्तीय बोझ से बचने में मदद मिलेगी। अब कर्मचारियों को नियमित होने की तिथि से लाभ मिलेगा, और इस नए बदलाव के बाद यह भी सुनिश्चित किया गया है कि अनुबंध सेवाकाल को सिनियरिटी और वित्तीय लाभ के लिए नहीं जोड़ा जाएगा।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राज्यपाल से मिली मंजूरी&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बीते गुरुवार को शाम मुख्यमंत्री सुक्खू अचानक राजभवन पहुंचे और विधेयक को मंजूरी दिलाने का आग्रह किया। गुरुवार को, मुख्यमंत्री सुक्खू अचानक राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से इस विधेयक की मंजूरी के लिए आग्रह किया, जिसके बाद राज्यपाल ने 24 घंटे के भीतर विधेयक को मंजूरी दे दी। इसके बाद राज्य सरकार ने देर शाम इसे राजपत्र में प्रकाशित किया।</span></div>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39446.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Shock to employees recruited after 2003 in Himachal: They will not get seniority-financial benefits.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-light-rain-started-in-kinnaur-and-lahaul-spiti-from-morning-it-may-rain-at-many-places-today]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सुबह से हल्की बारिश शुरू, आज कई जगह हो सकती है बारिश ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-light-rain-started-in-kinnaur-and-lahaul-spiti-from-morning-it-may-rain-at-many-places-today]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 04 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[**5 फरवरी दोपहर तक दिखेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर

**लहौल-स्पिति, किन्नौर चंबा और कांगड़ा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना&nbsp;

**फरवरी माह में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना

&nbsp;

&nbsp;

हिमाचल प्रदेश में आज से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। आज ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी व मध्यवर्ती तथा मैदानी क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की माने तो प्रदेशभर में आज दोपहर बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान लहौल-स्पिति, किन्नौर, चंबा और कांगड़ा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना है। वहीं मध्यवर्ती व मैदानी क्षेत्रों में हल्की&nbsp; बारिश हो सकती है जबकि कई क्षेत्रों में अंधड़-आंधी भी चल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप&nbsp; श्रीवास्तव ने कहा कि 4 फरवरी से पूरे उत्तर भारत मे पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। हिमाचल प्रदेश में आज सुबह से ही बादल छाए हैं। लाहौल स्पीति व किन्नौर में सुबह से ही हल्की बारिश व बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है। पूरे प्रदेश भर में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। मैदानी क्षेत्र में बारिश व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ का मुख्यतः असर 4 फरवरी की मध्य रात्रि को देखने को मिलेगा और यह 5 फरवरी की दोपहर तक रहेगा। उनोने कहा कि जनवरी माह में मात्र 13.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से काफी कम है। अमूमन जनवरी माह&nbsp; में 83.5 मिलीमीटर बारिश होती है। इस वर्ष जनवरी माह में 84%कम बारिश हुई है जो1901 से नौवीं बार कम बारिश हुई है। यह पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर होने का असर है। आने वाले दो दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी उसके बाद फिर तापमानों में उछाल आएगा। वहीं पूरे फरवरी माह में सामान्य से अधिक तापमान बने रहने की संभावना है।

&nbsp;

मंगलवार को राजधानी सहित पूरे प्रदेश भर में सुबह से ही बादल छाए रहे।पश्चिमी विक्षोभ का असर 4फरवरी की मध्यरात्रि को ज्यादा देखने को मिल सकता है 5&nbsp; फरवरी की दोपहर से मौसम साफ हो जाएगा।वहीं पूरे फरवरी माह में सामान्य से अधिक तापमान बने रहने की संभावना है।

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">**5 फरवरी दोपहर तक दिखेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">**लहौल-स्पिति, किन्नौर चंबा और कांगड़ा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">**फरवरी माह में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में आज से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। आज ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी व मध्यवर्ती तथा मैदानी क्षेत्रों में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग की माने तो प्रदेशभर में आज दोपहर बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान लहौल-स्पिति, किन्नौर, चंबा और कांगड़ा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना है। वहीं मध्यवर्ती व मैदानी क्षेत्रों में हल्की&nbsp; बारिश हो सकती है जबकि कई क्षेत्रों में अंधड़-आंधी भी चल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक कुलदीप&nbsp; श्रीवास्तव ने कहा कि 4 फरवरी से पूरे उत्तर भारत मे पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। हिमाचल प्रदेश में आज सुबह से ही बादल छाए हैं। लाहौल स्पीति व किन्नौर में सुबह से ही हल्की बारिश व बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है। पूरे प्रदेश भर में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। मैदानी क्षेत्र में बारिश व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ का मुख्यतः असर 4 फरवरी की मध्य रात्रि को देखने को मिलेगा और यह 5 फरवरी की दोपहर तक रहेगा। उनोने कहा कि जनवरी माह में मात्र 13.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से काफी कम है। अमूमन जनवरी माह&nbsp; में 83.5 मिलीमीटर बारिश होती है। इस वर्ष जनवरी माह में 84%कम बारिश हुई है जो1901 से नौवीं बार कम बारिश हुई है। यह पश्चिमी विक्षोभ का कमजोर होने का असर है। आने वाले दो दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी उसके बाद फिर तापमानों में उछाल आएगा। वहीं पूरे फरवरी माह में सामान्य से अधिक तापमान बने रहने की संभावना है।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मंगलवार को राजधानी सहित पूरे प्रदेश भर में सुबह से ही बादल छाए रहे।पश्चिमी विक्षोभ का असर 4फरवरी की मध्यरात्रि को ज्यादा देखने को मिल सकता है 5&nbsp; फरवरी की दोपहर से मौसम साफ हो जाएगा।वहीं पूरे फरवरी माह में सामान्य से अधिक तापमान बने रहने की संभावना है।</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39416.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal: Light rain started in Kinnaur and Lahaul-Spiti from morning, it may rain at many places today]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/will-boycott-mla-priority-meeting-to-be-held-on-3rd-and-4th-february-jairam-thakur]]></guid>
                       <title><![CDATA[3 और 4 फरवरी को होने वाली विधायक प्राथमिकता बैठक BJP करेगी बहिष्कार: जयराम ठाकुर]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/will-boycott-mla-priority-meeting-to-be-held-on-3rd-and-4th-february-jairam-thakur]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 02 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
**कहा, सुक्खू सरकार ने दो साल में नहीं किया कोई काम&nbsp;


&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 3 और 4 फरवरी को होने वाली विधायक प्राथमिकता बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में भाजपा के विधायकों द्वारा सुझाए गए किसी भी काम को सुक्खू सरकार ने प्राथमिकता नहीं दी है और इसके बजाय, भाजपा विधायकों को प्रताड़ित किया जा रहा ह। जयराम ठाकुर ने कहा कि विधायक प्राथमिकता बैठक में भाजपा के विधायक अपने क्षेत्रों की जरूरतों और विकास कार्यों को सरकार के सामने रखते हैं, लेकिन सरकार उनकी प्राथमिकताओं को अनसुना कर देती है। इसके बजाय, कांग्रेस के हार चुके और नकारे हुए नेताओं को तवज्जो दी जा रही है। अगर सरकार भाजपा विधायकों की बात नहीं सुन रही, तो विधायक प्राथमिकता बैठक का कोई अर्थ नहीं है, इसलिए भाजपा विधायक दल इस बैठक का बहिष्कार करेगा। पूर्व सरकार द्वारा शुरू किए गए कामों के उद्घाटन कार्यक्रमों में भाजपा के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप भी जयराम ठाकुर ने लगाया। उन्होंने कहा कि उद्घाटन कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जा रहा, और उद्घाटन पट्टिका पर उनका नाम तक नहीं लिखा जा रहा। इसके बजाय, कांग्रेस के नकारे हुए नेताओं को तवज्जो दी जा रही है। सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की हार के बाद से पुलिस का दुरुपयोग बढ़ गया है। भाजपा के विधायक और नेता सत्ता के दुरुपयोग के कारण लगातार प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं। पुलिस द्वारा जांच के नाम पर भाजपा नेताओं को घंटों थाने में बैठाया जा रहा है और उन्हें फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<blockquote>
<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">**कहा, सुक्खू सरकार ने दो साल में नहीं किया कोई काम&nbsp;</span></div>
</blockquote>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 3 और 4 फरवरी को होने वाली विधायक प्राथमिकता बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों में भाजपा के विधायकों द्वारा सुझाए गए किसी भी काम को सुक्खू सरकार ने प्राथमिकता नहीं दी है और इसके बजाय, भाजपा विधायकों को प्रताड़ित किया जा रहा ह। जयराम ठाकुर ने कहा कि विधायक प्राथमिकता बैठक में भाजपा के विधायक अपने क्षेत्रों की जरूरतों और विकास कार्यों को सरकार के सामने रखते हैं, लेकिन सरकार उनकी प्राथमिकताओं को अनसुना कर देती है। इसके बजाय, कांग्रेस के हार चुके और नकारे हुए नेताओं को तवज्जो दी जा रही है। अगर सरकार भाजपा विधायकों की बात नहीं सुन रही, तो विधायक प्राथमिकता बैठक का कोई अर्थ नहीं है, इसलिए भाजपा विधायक दल इस बैठक का बहिष्कार करेगा। पूर्व सरकार द्वारा शुरू किए गए कामों के उद्घाटन कार्यक्रमों में भाजपा के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का आरोप भी जयराम ठाकुर ने लगाया। उन्होंने कहा कि उद्घाटन कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जा रहा, और उद्घाटन पट्टिका पर उनका नाम तक नहीं लिखा जा रहा। इसके बजाय, कांग्रेस के नकारे हुए नेताओं को तवज्जो दी जा रही है। सुक्खू सरकार पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की हार के बाद से पुलिस का दुरुपयोग बढ़ गया है। भाजपा के विधायक और नेता सत्ता के दुरुपयोग के कारण लगातार प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं। पुलिस द्वारा जांच के नाम पर भाजपा नेताओं को घंटों थाने में बैठाया जा रहा है और उन्हें फर्जी मामलों में फंसाया जा रहा है।</span></div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39404.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[BJP will boycott the MLA priority meeting to be held on 3 and 4 February: Jairam Thakur]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/snowfall-on-high-peaks-yesterday-cold-increased-due-to-rain-in-plain-areas-weather-will-change-again-on-4th-and-5th-february]]></guid>
                       <title><![CDATA[बीते कल ऊंची चोटियों पर हिमपात, मैदानी क्षेत्रों में बारिश से बढ़ी ठंड, 4 और 5 फरवरी को फिर से बदलेगा मौसम ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/snowfall-on-high-peaks-yesterday-cold-increased-due-to-rain-in-plain-areas-weather-will-change-again-on-4th-and-5th-february]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 02 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शनिवार को हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों, जैसे रोहतांग, पांगी और भरमौर में हिमपात हुआ, जबकि राजधानी शिमला और मनाली समेत मैदानी क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। मौसम के इस बदलाव से सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ गई, और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे।&nbsp;रविवार और सोमवार को मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है, लेकिन 4 और 5 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से फिर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को भरमौर और पांगी की ऊपरी चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। इस बारिश से किसानों और बागवानों को राहत मिली है क्योंकि खेतों की नमी बढ़ी है, जिससे फसलों को फायदा होगा। कुल्लू और लाहौल की ऊंची चोटियों में भी सुबह से लेकर दोपहर तक रुक-रुक कर हल्की बर्फबारी जारी रही। रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा, राजा घेपन पीक और सीवी रेंज की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी हुई।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div><span style="font-size:18px;">शनिवार को हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों, जैसे रोहतांग, पांगी और भरमौर में हिमपात हुआ, जबकि राजधानी शिमला और मनाली समेत मैदानी क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। मौसम के इस बदलाव से सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ गई, और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहे।&nbsp;</span><span style="font-size: 18px;">रविवार और सोमवार को मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है, लेकिन 4 और 5 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से फिर बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को भरमौर और पांगी की ऊपरी चोटियों पर हल्का हिमपात हुआ, जबकि निचले क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। इस बारिश से किसानों और बागवानों को राहत मिली है क्योंकि खेतों की नमी बढ़ी है, जिससे फसलों को फायदा होगा। कुल्लू और लाहौल की ऊंची चोटियों में भी सुबह से लेकर दोपहर तक रुक-रुक कर हल्की बर्फबारी जारी रही। रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा, राजा घेपन पीक और सीवी रेंज की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी हुई।</span></div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39400.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Snowfall on high peaks yesterday, cold increased due to rain in plain areas, weather will change again on 4th and 5th February.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/no-tax-on-income-up-to-rs-1275-lakh-benefit-on-choosing-new-regime-will-be-able-to-file-returns-for-4-years-together]]></guid>
                       <title><![CDATA[12.75 लाख तक की इनकम पर टैक्स नहीं, नई रिजीम चुनने पर फायदा; 4 साल का रिटर्न एकसाथ कर सकेंगे फाइल ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/no-tax-on-income-up-to-rs-1275-lakh-benefit-on-choosing-new-regime-will-be-able-to-file-returns-for-4-years-together]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 01 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
नई दिल्ली: वित्त मंत्री ने बजट में टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणा की। अब सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। वहीं टीडीएस में भी राहत दी गई है। सीनियर सिटीजन को भी इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिली है। हालांकि यह फायदा उन्हीं टैक्सपेयर्स को मिलेगा जो नई टैक्स व्यवस्था के अनुसार आईटीआर फाइल करेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को अब कोई भी इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसमें 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल है। सीतारमण ने कहा कि 18 लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले टैक्सपेयर्स को 70,000 रुपये की बचत होगी जबकि 25 लाख तक 1.10 लाख रुपये की बचत होगी। सीतारमण ने कहा कि ITR और टीडीएस की सीमा बढ़ाई गई है। टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। टैक्स डिडक्शन में बुजुर्गों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है।

Old Tax Regime के तहत इनकम टैक्स दरें&nbsp;
0-4 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।&nbsp;
4-8 लाख की आय पर 5 प्रतिशत
8-12 लाख की आय पर 10 प्रतिशत
12-16 लाख की आय पर 15 प्रतिशत
16-20 लाख की आय पर 20 प्रतिशत
20-24 लाख की आय पर 25 प्रतिशत
24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत

इन्हें नहीं मिलेगा फायदा
सालाना 12.75 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स में छूट उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनकी आय सिर्फ सैलरी से होगी। अगर वे शेयर मार्केट या किसी और माध्यम से कमाई करते हैं तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में उन्हें इनकम टैक्स देना होगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">नई दिल्ली: वित्त मंत्री ने बजट में टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणा की। अब सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। वहीं टीडीएस में भी राहत दी गई है। सीनियर सिटीजन को भी इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिली है। हालांकि यह फायदा उन्हीं टैक्सपेयर्स को मिलेगा जो नई टैक्स व्यवस्था के अनुसार आईटीआर फाइल करेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को अब कोई भी इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसमें 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल है। सीतारमण ने कहा कि 18 लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले टैक्सपेयर्स को 70,000 रुपये की बचत होगी जबकि 25 लाख तक 1.10 लाख रुपये की बचत होगी। सीतारमण ने कहा कि ITR और टीडीएस की सीमा बढ़ाई गई है। टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। टैक्स डिडक्शन में बुजुर्गों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">Old Tax Regime के तहत इनकम टैक्स दरें&nbsp;<br />
0-4 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।&nbsp;<br />
4-8 लाख की आय पर 5 प्रतिशत<br />
8-12 लाख की आय पर 10 प्रतिशत<br />
12-16 लाख की आय पर 15 प्रतिशत<br />
16-20 लाख की आय पर 20 प्रतिशत<br />
20-24 लाख की आय पर 25 प्रतिशत<br />
24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इन्हें नहीं मिलेगा फायदा<br />
सालाना 12.75 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स में छूट उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनकी आय सिर्फ सैलरी से होगी। अगर वे शेयर मार्केट या किसी और माध्यम से कमाई करते हैं तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में उन्हें इनकम टैक्स देना होगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39393.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[No tax on income up to Rs 12.75 lakh, benefit on choosing new regime; Will be able to file returns for 4 years together]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/budget-2025-120-airports-will-be-built-in-the-country-in-10-years]]></guid>
                       <title><![CDATA[बजट 2025 : 10 साल में देश में बनेंगे 120 एयरपोर्ट ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/budget-2025-120-airports-will-be-built-in-the-country-in-10-years]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 01 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाये जाएंगे। आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2025 में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए ये अहम घोषणा की है, जिसमें अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य हवाई यात्रा को सुलभ बनाना और एयर कनेक्टिविटी को मजबूती देना है, खासकर छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में। इस योजना से न केवल स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और उद्योगों को भी गति मिलेगी। नए एयरपोर्ट के निर्माण से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। यह कदम प्रधानमंत्री की &quot;उड़ान&quot; योजना के तहत लिया जा रहा है, जिसका मकसद छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को हवाई मार्ग से जोड़ना है। इससे न केवल यात्रा में सुगमता आएगी, बल्कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाये जाएंगे। आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2025 में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए ये अहम घोषणा की है, जिसमें अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य हवाई यात्रा को सुलभ बनाना और एयर कनेक्टिविटी को मजबूती देना है, खासकर छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में। इस योजना से न केवल स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और उद्योगों को भी गति मिलेगी। नए एयरपोर्ट के निर्माण से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। यह कदम प्रधानमंत्री की &quot;उड़ान&quot; योजना के तहत लिया जा रहा है, जिसका मकसद छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को हवाई मार्ग से जोड़ना है। इससे न केवल यात्रा में सुगमता आएगी, बल्कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39392.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Budget 2025: 120 airports will be built in the country in 10 years]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/public-verdict/national-news/himachal/budget-2025-rs-500-crore-announced-for-excellence-in-artificial-intelligence-for-ai]]></guid>
                       <title><![CDATA[बजट 2025: एक्सीलेंस फॉर आर्टिफिशियल फॉर AI के लिए 500 करोड़ रुपए का ऐलान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/public-verdict/national-news/himachal/budget-2025-rs-500-crore-announced-for-excellence-in-artificial-intelligence-for-ai]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 01 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में तकनीकी क्षेत्र को लेकर एक अहम ऐलान किया। सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नवाचार और विकास को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष फंड देने की घोषणा की है। इस फंड का उद्देश्य AI के शोध, विकास, और शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, जिससे भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में एक नया मुकाम हासिल हो सके।
सरकार के इस ऐलान के तहत, AI आधारित परियोजनाओं, स्टार्टअप्स और संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे नए समाधान विकसित कर सकें और विभिन्न उद्योगों में AI का अधिकतम उपयोग कर सकें। इससे न केवल भारत में AI टेक्नोलॉजी की गति बढ़ेगी, बल्कि यह रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा और उद्योगों में कार्यक्षमता को सुधारने में मदद करेगा।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में तकनीकी क्षेत्र को लेकर एक अहम ऐलान किया। सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नवाचार और विकास को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष फंड देने की घोषणा की है। इस फंड का उद्देश्य AI के शोध, विकास, और शिक्षा को प्रोत्साहित करना है, जिससे भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में एक नया मुकाम हासिल हो सके।<br />
सरकार के इस ऐलान के तहत, AI आधारित परियोजनाओं, स्टार्टअप्स और संस्थानों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे नए समाधान विकसित कर सकें और विभिन्न उद्योगों में AI का अधिकतम उपयोग कर सकें। इससे न केवल भारत में AI टेक्नोलॉजी की गति बढ़ेगी, बल्कि यह रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा और उद्योगों में कार्यक्षमता को सुधारने में मदद करेगा।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39391.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Budget 2025: Rs 500 crore announced for Excellence in Artificial Intelligence for AI]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/himachal/budget-2025-loan-limit-on-kisan-credit-card-will-be-increased-from-rs-3-lakh-to-rs-5-lakh]]></guid>
                       <title><![CDATA[बजट 2025 : किसान क्रेडिट कार्ड पर कर्ज की लिमिट 3 लाख से बढ़ाकर होगी 5 लाख ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/himachal/budget-2025-loan-limit-on-kisan-credit-card-will-be-increased-from-rs-3-lakh-to-rs-5-lakh]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 01 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2025 में किसानों को लेकर महत्वपूर्ण ऐलान किया है। सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर कर्ज की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है। इस कदम से किसानों को कृषि कार्यों के लिए अधिक वित्तीय सहायता मिल सकेगी और वे अपनी खेती के लिए आवश्यक संसाधनों को आसानी से जुटा सकेंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का उद्देश्य किसानों को आसान और सस्ती क्रेडिट सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें। अब तक यह सुविधा अधिकतर छोटे और सीमांत किसानों तक सीमित थी, लेकिन इस सीमा में बढ़ोतरी से अब अधिक किसानों को लाभ मिलेगा और वे अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकेंगे। कृषि क्षेत्र को समर्पित इस बजट प्रस्ताव से सरकार का मकसद है कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जाए। साथ ही, यह कदम कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा और किसान की आय दोनों में वृद्धि हो सकेगी।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2025 में किसानों को लेकर महत्वपूर्ण ऐलान किया है। सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पर कर्ज की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है। इस कदम से किसानों को कृषि कार्यों के लिए अधिक वित्तीय सहायता मिल सकेगी और वे अपनी खेती के लिए आवश्यक संसाधनों को आसानी से जुटा सकेंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का उद्देश्य किसानों को आसान और सस्ती क्रेडिट सुविधा प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें। अब तक यह सुविधा अधिकतर छोटे और सीमांत किसानों तक सीमित थी, लेकिन इस सीमा में बढ़ोतरी से अब अधिक किसानों को लाभ मिलेगा और वे अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा सकेंगे। कृषि क्षेत्र को समर्पित इस बजट प्रस्ताव से सरकार का मकसद है कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जाए। साथ ही, यह कदम कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा, जिससे देश की खाद्य सुरक्षा और किसान की आय दोनों में वृद्धि हो सकेगी।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Budget 2025: Loan limit on Kisan Credit Card will be increased from Rs 3 lakh to Rs 5 lakh.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/himachal/all-eyes-on-the-budgetfinance-minister-sitharaman-reached-parliament-will-present-the-budget-at-11-am]]></guid>
                       <title><![CDATA[	बजट पर सबकी निगाहें...वित्त मंत्री सीतारमण पहुंची संसद ,11 बजे पेश बजट करेंगी पेश]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/himachal/all-eyes-on-the-budgetfinance-minister-sitharaman-reached-parliament-will-present-the-budget-at-11-am]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 01 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[आज पूरा देश संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2025 पर नजरें गड़ाए बैठा है। यह बजट आज सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। यह निर्मला सीतारमण का लगातार आठवां बजट होगा, और 2024 में बनी मोदी 3.0 सरकार का दूसरा पूर्ण बजट है।
गरीब, मिडिल-क्लास और वेतनभोगी वर्ग को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। खासकर इनकम टैक्स स्लैब में राहत और आर्थिक सुधारों की मांग की जा रही है। बजट से उम्मीद की जा रही है कि यह महंगाई से राहत देने और खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने वाले कदमों के साथ आएगा।बजट सेशन 2025 की शुरुआत शुक्रवार 31 जनवरी 2025 को हुई, जब वित्त मंत्री ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2025 पेश किया। इसमें देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, विकास दर, महंगाई और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। अब सभी की निगाहें आज के बजट पर टिकी हैं, जिसमें इन आंकड़ों के आधार पर नई नीतियां घोषित की जाएंगी।

बजट से पहले राष्ट्रपति से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मुलाकात
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना आठवां बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुरु से मिलने के लिए वित्त मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से रवाना हो गई हैं। पेपरलेस फॉर्मेट में वे पारंपरिक &lsquo;बही खाता&rsquo; के बजाय एक टैब के माध्यम से बजट पेश करेंगी और पढ़ेंगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आज पूरा देश संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले केंद्रीय बजट 2025 पर नजरें गड़ाए बैठा है। यह बजट आज सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। यह निर्मला सीतारमण का लगातार आठवां बजट होगा, और 2024 में बनी मोदी 3.0 सरकार का दूसरा पूर्ण बजट है।<br />
गरीब, मिडिल-क्लास और वेतनभोगी वर्ग को इस बजट से बड़ी उम्मीदें हैं। खासकर इनकम टैक्स स्लैब में राहत और आर्थिक सुधारों की मांग की जा रही है। बजट से उम्मीद की जा रही है कि यह महंगाई से राहत देने और खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने वाले कदमों के साथ आएगा।बजट सेशन 2025 की शुरुआत शुक्रवार 31 जनवरी 2025 को हुई, जब वित्त मंत्री ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे 2025 पेश किया। इसमें देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, विकास दर, महंगाई और भविष्य की संभावनाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। अब सभी की निगाहें आज के बजट पर टिकी हैं, जिसमें इन आंकड़ों के आधार पर नई नीतियां घोषित की जाएंगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बजट से पहले राष्ट्रपति से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मुलाकात<br />
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना आठवां बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुरु से मिलने के लिए वित्त मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से रवाना हो गई हैं। पेपरलेस फॉर्मेट में वे पारंपरिक &lsquo;बही खाता&rsquo; के बजाय एक टैब के माध्यम से बजट पेश करेंगी और पढ़ेंगी।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[All eyes on the budget...Finance Minister Sitharaman reached Parliament, will present the budget at 11 am]]></media:description>
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