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               <title>First Verdict Media - National News</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Sat, 15 Aug 2026 17:37:04 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - National News</title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/commercial-lpg-cylinder-becomes-cheaper-by-18350-aviation-fuel-prices-also-reduced]]></guid>
                       <title><![CDATA[कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ ₹183.50 सस्ता, विमान ईंधन के दाम भी घटे]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/commercial-lpg-cylinder-becomes-cheaper-by-18350-aviation-fuel-prices-also-reduced]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 02 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[तेल विपणन कंपनियों ने होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की है। यह वर्ष 2026 में पहली बार है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम कम किए गए हैं। नई दरें 1 जुलाई से लागू हो गई हैं।

नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब ₹2,930 में उपलब्ध होगा। इससे पहले पिछले महीने इसकी कीमत बढ़कर ₹3,113 तक पहुंच गई थी, जो अब तक का उच्चतम स्तर था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद तेल कंपनियों ने यह राहत दी है, जिससे होटल और खाद्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में भी ₹5 प्रति लीटर की कमी की गई है। ईंधन की कीमतों में इस कटौती से विमानन कंपनियों की परिचालन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, जिसका लाभ भविष्य में यात्रियों को भी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p data-end="396" data-start="110"><span style="font-size:18px;">तेल विपणन कंपनियों ने होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले <strong data-end="242" data-start="199">19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर</strong> की कीमत में <strong data-end="266" data-start="255">₹183.50</strong> की कटौती की है। यह वर्ष 2026 में पहली बार है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम कम किए गए हैं। नई दरें <strong data-end="377" data-start="366">1 जुलाई</strong> से लागू हो गई हैं।</span></p>

<p data-end="768" data-start="398"><span style="font-size:18px;">नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब <strong data-end="482" data-start="472">₹2,930</strong> में उपलब्ध होगा। इससे पहले पिछले महीने इसकी कीमत बढ़कर <strong data-end="548" data-start="538">₹3,113</strong> तक पहुंच गई थी, जो अब तक का उच्चतम स्तर था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद तेल कंपनियों ने यह राहत दी है, जिससे होटल और खाद्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।</span></p>

<p data-end="1017" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="770"><span style="font-size:18px;">इसके साथ ही <strong data-end="802" data-start="782">विमान ईंधन (ATF)</strong> की कीमतों में भी <strong data-end="837" data-start="820">₹5 प्रति लीटर</strong> की कमी की गई है। ईंधन की कीमतों में इस कटौती से विमानन कंपनियों की परिचालन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, जिसका लाभ भविष्य में यात्रियों को भी मिलने की संभावना जताई जा रही है।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Commercial LPG cylinder becomes cheaper by ₹183.50; aviation fuel prices also reduced.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/first-prayer-performed-at-the-holy-cave-of-baba-amarnath-57-day-amarnath-yatra-to-begin-on-july-3]]></guid>
                       <title><![CDATA[बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में हुई प्रथम पूजा, 3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/first-prayer-performed-at-the-holy-cave-of-baba-amarnath-57-day-amarnath-yatra-to-begin-on-july-3]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 29 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के शुभारंभ से पहले सोमवार, 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में विराजमान हिमलिंग की पारंपरिक प्रथम पूजा संपन्न हुई। इसी के साथ वार्षिक अमरनाथ यात्रा की धार्मिक और औपचारिक शुरुआत हो गई।

प्रथम पूजा में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा, श्राइन बोर्ड और श्री बाबा अमरनाथ न्यास के पदाधिकारी, संत-महात्मा तथा गुफा के पुजारी शामिल हुए। इस दौरान यात्रा के सफल, सुरक्षित और मंगलमय संचालन की कामना की गई।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पवित्र गुफा में प्रथम पूजा करने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बाबा बर्फानी से देशवासियों की शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा के लिए प्रशासन, श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय समुदाय, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवक पूरी तरह तैयार हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा अनुभव देने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होने वाली प्रथम पूजा को अमरनाथ यात्रा का आधिकारिक धार्मिक शुभारंभ माना जाता है। इस वर्ष 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी। श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size: 18px;">श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के शुभारंभ से पहले सोमवार, 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में विराजमान हिमलिंग की पारंपरिक </span><strong style="font-size: 18px;">प्रथम पूजा</strong><span style="font-size: 18px;"> संपन्न हुई। इसी के साथ वार्षिक अमरनाथ यात्रा की धार्मिक और औपचारिक शुरुआत हो गई।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">प्रथम पूजा में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा, श्राइन बोर्ड और श्री बाबा अमरनाथ न्यास के पदाधिकारी, संत-महात्मा तथा गुफा के पुजारी शामिल हुए। इस दौरान यात्रा के सफल, सुरक्षित और मंगलमय संचालन की कामना की गई।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पवित्र गुफा में प्रथम पूजा करने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बाबा बर्फानी से देशवासियों की शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा के लिए प्रशासन, श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय समुदाय, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवक पूरी तरह तैयार हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा अनुभव देने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होने वाली प्रथम पूजा को अमरनाथ यात्रा का आधिकारिक धार्मिक शुभारंभ माना जाता है। इस वर्ष 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा <strong>3 जुलाई से 28 अगस्त (रक्षाबंधन)</strong> तक चलेगी। श्रद्धालु पारंपरिक <strong>पहलगाम</strong> और <strong>बालटाल</strong> दोनों मार्गों से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43065.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[First prayer performed at the holy cave of Baba Amarnath; 57-day Amarnath Yatra to begin on July 3.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/the-achievers/national-news/vishesh/hrtc-operations-to-halt-from-tonight-government-invokes-esma-against-employees-agitation]]></guid>
                       <title><![CDATA[बिलासपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेमलाल गौतम को पद्मश्री, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/the-achievers/national-news/vishesh/hrtc-operations-to-halt-from-tonight-government-invokes-esma-against-employees-agitation]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक और करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. प्रेमलाल गौतम को विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और दीर्घकालीन योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू&nbsp;ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

डॉ. गौतम कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र के देश के अग्रणी वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं। उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और बकव्हीट समेत 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके शोध और नवाचारों ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई है। डॉ. गौतम को मिला यह सम्मान न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p data-end="530" data-start="116"><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक और करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. प्रेमलाल गौतम को विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट और दीर्घकालीन योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू&nbsp;ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।</span></p>

<p data-end="1018" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="532"><span style="font-size:16px;">डॉ. गौतम कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र के देश के अग्रणी वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं। उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और बकव्हीट समेत 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके शोध और नवाचारों ने कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाई है। डॉ. गौतम को मिला यह सम्मान न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[HRTC operations to halt from tonight; government invokes ESMA against employees' agitation.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/breaking-news/setback-for-telegram-in-neet-row-delhi-high-court-upholds-ban-until-june-22]]></guid>
                       <title><![CDATA[NEET विवाद में टेलीग्राम को झटका: दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 जून तक बैन बरकरार रखा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/breaking-news/setback-for-telegram-in-neet-row-delhi-high-court-upholds-ban-until-june-22]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[दिल्ली हाई कोर्ट ने NEET परीक्षा से जुड़े विवाद में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को बड़ा झटका देते हुए केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा है। जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत जारी केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने माना कि मामले की संवेदनशीलता और आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है और उसके फैसले में किसी प्रकार की मनमानी या विचारहीनता नहीं दिखती। कोर्ट ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को इस मामले में आईटी अधिनियम के प्रावधानों से बाहर रखने का कोई आधार नहीं है। दरअसल, सरकार का आरोप है कि NEET परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्रों के प्रसार में इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह प्रतिबंध 22 जून तक जारी रहेगा। इस मामले को देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और ऑनलाइन माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">दिल्ली हाई कोर्ट ने NEET परीक्षा से जुड़े विवाद में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को बड़ा झटका देते हुए केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा है। जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने टेलीग्राम की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत जारी केंद्र सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने माना कि मामले की संवेदनशीलता और आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है और उसके फैसले में किसी प्रकार की मनमानी या विचारहीनता नहीं दिखती। कोर्ट ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को इस मामले में आईटी अधिनियम के प्रावधानों से बाहर रखने का कोई आधार नहीं है। दरअसल, सरकार का आरोप है कि NEET परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री और कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्रों के प्रसार में इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका पैदा हुई। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। हाई कोर्ट के ताजा फैसले के बाद यह प्रतिबंध 22 जून तक जारी रहेगा। इस मामले को देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और ऑनलाइन माध्यमों के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Setback for Telegram in NEET row: Delhi High Court upholds ban until June 22.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/major-questions-raised-over-neet-exam-security-hearing-today-on-plea-seeking-telegram-ban]]></guid>
                       <title><![CDATA[NEET परीक्षा की सुरक्षा पर बड़ा सवाल: टेलीग्राम प्रतिबंध की याचिका पर आज सुनवाई]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/major-questions-raised-over-neet-exam-security-hearing-today-on-plea-seeking-telegram-ban]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में कथित पेपर लीक और प्रश्नपत्रों के अवैध प्रसार को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और प्रश्नपत्रों को साझा करने के लिए किया जा रहा है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि परीक्षा संबंधी संवेदनशील सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने या उसके संचालन पर कड़े नियंत्रण संबंधी निर्देश जारी किए जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर त्वरित सुनवाई के लिए सहमति जताई है और बुधवार को इस पर सुनवाई होने की संभावना है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट का फैसला न केवल NEET बल्कि भविष्य में होने वाली अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा जगत, अभ्यर्थियों और अभिभावकों की नजरें अब अदालत की सुनवाई और संभावित निर्देशों पर टिकी हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p data-end="618" data-start="240"><span style="font-size:16px;">देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में कथित पेपर लीक और प्रश्नपत्रों के अवैध प्रसार को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों और प्रश्नपत्रों को साझा करने के लिए किया जा रहा है, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो रही है।</span></p>

<p data-end="946" data-start="620"><span style="font-size:16px;">याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि परीक्षा संबंधी संवेदनशील सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने या उसके संचालन पर कड़े नियंत्रण संबंधी निर्देश जारी किए जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर त्वरित सुनवाई के लिए सहमति जताई है और बुधवार को इस पर सुनवाई होने की संभावना है।</span></p>

<p data-end="1330" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="948"><span style="font-size:16px;">यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। हाईकोर्ट का फैसला न केवल NEET बल्कि भविष्य में होने वाली अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा जगत, अभ्यर्थियों और अभिभावकों की नजरें अब अदालत की सुनवाई और संभावित निर्देशों पर टिकी हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Major questions raised over NEET exam security: Hearing today on plea seeking Telegram ban.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/ugc-net-2026-admit-card-released-exam-to-be-held-from-june-22-to-30-check-the-complete-download-process-here]]></guid>
                       <title><![CDATA[UGC NET 2026: एडमिट कार्ड जारी, 22 से 30 जून तक होगी परीक्षा; यहां जानें डाउनलोड करने की पूरी प्रक्रिया]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/ugc-net-2026-admit-card-released-exam-to-be-held-from-june-22-to-30-check-the-complete-download-process-here]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट (UGC NET) जून 2026 सत्र की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी कर दिए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यूजीसी नेट परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 तक देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।

एनटीए द्वारा जारी सूचना के अनुसार, उम्मीदवार अपने आवेदन संख्या (Application Number) और जन्म तिथि (Date of Birth) की मदद से लॉगिन कर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID Proof) ले जाना अनिवार्य होगा।

यूजीसी नेट परीक्षा देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पद तथा पीएचडी प्रवेश पात्रता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है। इस बार भी लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे।

अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड में दर्ज सभी जानकारियों जैसे नाम, फोटो, हस्ताक्षर, परीक्षा तिथि, समय और परीक्षा केंद्र का पता ध्यानपूर्वक जांच लें। किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलने पर तुरंत एनटीए हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करें।

ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड:


	
	यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
	
	
	&ldquo;UGC NET June 2026 Admit Card&rdquo; लिंक पर क्लिक करें।
	
	
	आवेदन संख्या और जन्म तिथि दर्ज करें।
	
	
	लॉगिन करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
	
	
	इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।
	


परीक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी और दिशा-निर्देशों के लिए उम्मीदवारों को नियमित रूप से एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;"><strong>नई दिल्ली:</strong> राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने यूजीसी नेट (UGC NET) जून 2026 सत्र की परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी कर दिए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यूजीसी नेट परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 तक देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">एनटीए द्वारा जारी सूचना के अनुसार, उम्मीदवार अपने आवेदन संख्या (Application Number) और जन्म तिथि (Date of Birth) की मदद से लॉगिन कर एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र के साथ एक वैध फोटो पहचान पत्र (ID Proof) ले जाना अनिवार्य होगा।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">यूजीसी नेट परीक्षा देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), असिस्टेंट प्रोफेसर पद तथा पीएचडी प्रवेश पात्रता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है। इस बार भी लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे एडमिट कार्ड में दर्ज सभी जानकारियों जैसे नाम, फोटो, हस्ताक्षर, परीक्षा तिथि, समय और परीक्षा केंद्र का पता ध्यानपूर्वक जांच लें। किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलने पर तुरंत एनटीए हेल्पलाइन या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क करें।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;"><strong>ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड:</strong></span></p>

<ol>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।</span></p>
	</li>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">&ldquo;UGC NET June 2026 Admit Card&rdquo; लिंक पर क्लिक करें।</span></p>
	</li>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">आवेदन संख्या और जन्म तिथि दर्ज करें।</span></p>
	</li>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">लॉगिन करते ही एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।</span></p>
	</li>
	<li>
	<p><span style="font-size:16px;">इसे डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।</span></p>
	</li>
</ol>

<p><span style="font-size:16px;">परीक्षा से संबंधित नवीनतम जानकारी और दिशा-निर्देशों के लिए उम्मीदवारों को नियमित रूप से एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43034.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[UGC NET 2026: Admit card released; exam to be held from June 22 to 30; check the complete download process here.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/major-decision-on-kishau-dam-project-himachal-to-receive-100-crore-units-of-electricity-consensus-reached-on-reducing-financial-burden-by-2000-crore]]></guid>
                       <title><![CDATA[किशाऊ बांध परियोजना पर बड़ा फैसला: हिमाचल को मिलेगी 100 करोड़ यूनिट बिजली, 2,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ घटाने पर बनी सहमति]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/major-decision-on-kishau-dam-project-himachal-to-receive-100-crore-units-of-electricity-consensus-reached-on-reducing-financial-burden-by-2000-crore]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के लिए बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए लंबे समय से लंबित वित्तीय मुद्दों को उठाया। बैठक के दौरान लगभग आठ वर्षों से लागत वहन को लेकर अटकी हुई 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जाता है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करेंगे। इससे हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा और राज्य को परियोजना से मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लगातार केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह सकारात्मक पहल सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया और प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास किए। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े विकासात्मक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करना और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव को कम करना आवश्यक है।

किशाऊ बांध परियोजना के पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी प्राप्त होगी। मौजूदा बिजली दरों के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगी, जिससे राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा दीर्घकालिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों पर सहमति बनाई गई। राज्य सरकार ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना के क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र और राजस्व में दीर्घकालिक लाभ देखने को मिलेंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश के लिए बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए लंबे समय से लंबित वित्तीय मुद्दों को उठाया। बैठक के दौरान लगभग आठ वर्षों से लागत वहन को लेकर अटकी हुई 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जाता है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करेंगे। इससे हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा और राज्य को परियोजना से मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लगातार केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह सकारात्मक पहल सामने आई है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया और प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास किए। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े विकासात्मक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करना और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव को कम करना आवश्यक है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">किशाऊ बांध परियोजना के पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी प्राप्त होगी। मौजूदा बिजली दरों के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगी, जिससे राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा दीर्घकालिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों पर सहमति बनाई गई। राज्य सरकार ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना के क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र और राजस्व में दीर्घकालिक लाभ देखने को मिलेंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Major decision on Kishau Dam project: Himachal to receive 100 crore units of electricity; consensus reached on reducing financial burden by ₹2,000 crore.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/the-first-phase-of-census-2027-in-himachal-pradesh-starts-today-door-to-door-survey-will-continue-until-july-15]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण आज से शुरू, 15 जुलाई तक चलेगा घर-घर सर्वे]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/the-first-phase-of-census-2027-in-himachal-pradesh-starts-today-door-to-door-survey-will-continue-until-july-15]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण मंगलवार, 16 जून से शुरू हो गया है। इस चरण के तहत राज्यभर में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का कार्य 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। पहली बार इस प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संग्रहण और सत्यापन अधिक तेज और पारदर्शी होगा।

अधिकारियों के अनुसार इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवार की संरचना, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस सहित विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दलों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित हो सके।

जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और विभिन्न कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार साबित होते हैं। इसलिए इसे देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायदों में से एक माना जाता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण मंगलवार, 16 जून से शुरू हो गया है। इस चरण के तहत राज्यभर में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का कार्य 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। पहली बार इस प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संग्रहण और सत्यापन अधिक तेज और पारदर्शी होगा।</span></span></p>

<p><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">अधिकारियों के अनुसार इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवार की संरचना, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस सहित विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दलों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित हो सके।</span></span></p>

<p><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और विभिन्न कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार साबित होते हैं। इसलिए इसे देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायदों में से एक माना जाता है।</span></span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43028.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[The first phase of Census-2027 in Himachal Pradesh starts today, door-to-door survey will continue until July 15]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/centre-strict-on-irregularities-in-neet-exam-big-decision-to-temporarily-ban-telegram-in-india]]></guid>
                       <title><![CDATA[NEET परीक्षा में गड़बड़ियों पर केंद्र सख्त, भारत में टेलीग्राम पर अस्थायी रोक का बड़ा फैसला]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/centre-strict-on-irregularities-in-neet-exam-big-decision-to-temporarily-ban-telegram-in-india]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को ऐसे कई डिजिटल नेटवर्क और चैनलों की जानकारी मिली थी, जिनके माध्यम से परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री, प्रश्नपत्र और अन्य संवेदनशील दस्तावेज साझा किए जाने की आशंका जताई गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाया जा सके और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। इस बीच लाखों छात्र, अभिभावक और टेलीग्राम उपयोगकर्ता इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><strong>नई दिल्ली:</strong> देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों को ऐसे कई डिजिटल नेटवर्क और चैनलों की जानकारी मिली थी, जिनके माध्यम से परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री, प्रश्नपत्र और अन्य संवेदनशील दस्तावेज साझा किए जाने की आशंका जताई गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाया जा सके और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। इस बीच लाखों छात्र, अभिभावक और टेलीग्राम उपयोगकर्ता इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।</span></span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43027.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Centre strict on irregularities in NEET exam, big decision to temporarily ban Telegram in India]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/breaking-news/himachal/decision-on-kishau-dam-today-sukhu-to-meet-amit-shah]]></guid>
                       <title><![CDATA[किशाऊ डैम पर फैसला आज, अमित शाह से मिलेंगे सुक्खू]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/breaking-news/himachal/decision-on-kishau-dam-today-sukhu-to-meet-amit-shah]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[





शिमला। बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह&nbsp;की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू&nbsp;राज्य का पक्ष रखेंगे। परियोजना से जुड़े बिजली उत्पादन, जल बंटवारे और वित्तीय भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।

किशाऊ बांध परियोजना राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देश्यीय योजना है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब सहित सात राज्यों की हिस्सेदारी है। यमुना नदी पर प्रस्तावित यह बांध मुख्य रूप से पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश को बड़े पैमाने पर पानी उपलब्ध होगा, जबकि बिजली उत्पादन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि चूंकि परियोजना का प्रमुख लाभ जल आपूर्ति के रूप में अन्य राज्यों को मिलने वाला है, इसलिए केंद्र सरकार को इसके बिजली और जल दोनों घटकों की लागत का पूर्ण वित्तपोषण करना चाहिए। राज्य सरकार का यह भी आग्रह है कि परियोजना से होने वाले विद्युत उत्पादन का 100 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समान रूप से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटा जाए।

बैठक में हिमाचल प्रदेश पौंग और भाखड़ा बांध विस्थापितों के लंबित पुनर्वास मामलों को भी उठाएगा। इसके अलावा, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़े बकाया भुगतान के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के साथ चल रहे विवाद के समाधान के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग भी रखी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान ने परियोजना की विद्युत लागत में हिस्सा वहन करने की इच्छा जताई है। हालांकि इन राज्यों ने इसके बदले हिमाचल प्रदेश के हिस्से के जल में अतिरिक्त भागीदारी की मांग रखी है। दिल्ली और राजस्थान अपने प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय को लिखित रूप में भेज चुके हैं, जबकि हरियाणा ने अतिरिक्त जल उपलब्धता के मुद्दे के समाधान के बाद इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है।

उल्लेखनीय है कि 22 मई 2026 को केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में हिमाचल प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर और एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने राज्य का पक्ष रखा था। अब गृह मंत्री स्तर पर होने वाली बैठक को परियोजना के भविष्य और राज्यों के बीच हितों के संतुलन के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।

किशाऊ बांध परियोजना पर होने वाला फैसला न केवल हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा और जल अधिकारों को प्रभावित करेगा, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास की दिशा भी तय करेगा।






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                       <content:encoded><![CDATA[<div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
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<p data-end="614" data-start="191"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;"><strong>शिमला।</strong> बहुप्रतीक्षित <strong>किशाऊ बांध</strong> परियोजना को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री <strong>अमित शाह</strong>&nbsp;की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री <strong>सुखविंदर सिंह सुक्खू</strong>&nbsp;राज्य का पक्ष रखेंगे। परियोजना से जुड़े बिजली उत्पादन, जल बंटवारे और वित्तीय भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।</span></span></p>

<p data-end="1028" data-start="616"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">किशाऊ बांध परियोजना राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देश्यीय योजना है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब सहित सात राज्यों की हिस्सेदारी है। यमुना नदी पर प्रस्तावित यह बांध मुख्य रूप से पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश को बड़े पैमाने पर पानी उपलब्ध होगा, जबकि बिजली उत्पादन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।</span></span></p>

<p data-end="1449" data-start="1030"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि चूंकि परियोजना का प्रमुख लाभ जल आपूर्ति के रूप में अन्य राज्यों को मिलने वाला है, इसलिए केंद्र सरकार को इसके बिजली और जल दोनों घटकों की लागत का पूर्ण वित्तपोषण करना चाहिए। राज्य सरकार का यह भी आग्रह है कि परियोजना से होने वाले विद्युत उत्पादन का 100 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समान रूप से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटा जाए।</span></span></p>

<p data-end="1721" data-start="1451"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">बैठक में हिमाचल प्रदेश पौंग और भाखड़ा बांध विस्थापितों के लंबित पुनर्वास मामलों को भी उठाएगा। इसके अलावा, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़े बकाया भुगतान के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के साथ चल रहे विवाद के समाधान के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग भी रखी जाएगी।</span></span></p>

<p data-end="2122" data-start="1723"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">सूत्रों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान ने परियोजना की विद्युत लागत में हिस्सा वहन करने की इच्छा जताई है। हालांकि इन राज्यों ने इसके बदले हिमाचल प्रदेश के हिस्से के जल में अतिरिक्त भागीदारी की मांग रखी है। दिल्ली और राजस्थान अपने प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय को लिखित रूप में भेज चुके हैं, जबकि हरियाणा ने अतिरिक्त जल उपलब्धता के मुद्दे के समाधान के बाद इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है।</span></span></p>

<p data-end="2476" data-start="2124"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">उल्लेखनीय है कि 22 मई 2026 को केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में हिमाचल प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर और एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने राज्य का पक्ष रखा था। अब गृह मंत्री स्तर पर होने वाली बैठक को परियोजना के भविष्य और राज्यों के बीच हितों के संतुलन के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।</span></span></p>

<p data-end="2676" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="2478"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">किशाऊ बांध परियोजना पर होने वाला फैसला न केवल हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा और जल अधिकारों को प्रभावित करेगा, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास की दिशा भी तय करेगा।</span></span></p>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Decision on Kishau Dam today, Sukhu to meet Amit Shah]]></media:description>
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                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal-urban-body-elections-relief-for-government-from-supreme-court-mlas-allowed-to-vote-in-chairperson-and-vice-chairperson-elections]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल नगर निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट से सरकार को राहत, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में विधायक डाल सकेंगे वोट]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal-urban-body-elections-relief-for-government-from-supreme-court-mlas-allowed-to-vote-in-chairperson-and-vice-chairperson-elections]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों&mdash;नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों&mdash;में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष&nbsp;के चुनाव से पहले बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतरिम राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन चुनावों के दौरान विधायकों के मताधिकार पर रोक लगाई गई थी। शीर्ष अदालत के इस अंतरिम फैसले के बाद संबंधित क्षेत्रों के विधायक फिलहाल नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में होने वाले चुनावों में मतदान कर सकेंगे।।

मौजूदा स्थिति में प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषदों के साथ-साथ अर्की नगर पंचायत में भाजपा को केवल एक पार्षद की बढ़त हासिल है। वहीं, इन सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विधायकों को मतदान का अधिकार मिलने से इन निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। कई स्थानों पर दोनों दलों के बीच मतों की संख्या बराबर होने की संभावना बन गई है, जिसके चलते चुनाव परिणाम टॉस के जरिए तय होने की नौबत भी आ सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही वजह रही कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि विधायकों के मताधिकार का सीधा असर कई शहरी निकायों में सत्ता के संतुलन पर पड़ सकता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों&mdash;नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों&mdash;में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष&nbsp;के चुनाव से पहले बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतरिम राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन चुनावों के दौरान विधायकों के मताधिकार पर रोक लगाई गई थी। शीर्ष अदालत के इस अंतरिम फैसले के बाद संबंधित क्षेत्रों के विधायक फिलहाल नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में होने वाले चुनावों में मतदान कर सकेंगे।।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मौजूदा स्थिति में प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषदों के साथ-साथ अर्की नगर पंचायत में भाजपा को केवल एक पार्षद की बढ़त हासिल है। वहीं, इन सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विधायकों को मतदान का अधिकार मिलने से इन निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। कई स्थानों पर दोनों दलों के बीच मतों की संख्या बराबर होने की संभावना बन गई है, जिसके चलते चुनाव परिणाम टॉस के जरिए तय होने की नौबत भी आ सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही वजह रही कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि विधायकों के मताधिकार का सीधा असर कई शहरी निकायों में सत्ता के संतुलन पर पड़ सकता है।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal Urban Body Elections: Relief for government from Supreme Court; MLAs allowed to vote in Chairperson and Vice-Chairperson elections.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/neet-ug-2026-exam-cancelled-re-exam-to-be-held]]></guid>
                       <title><![CDATA[NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: दोबारा होगा एग्जाम ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/national-news/neet-ug-2026-exam-cancelled-re-exam-to-be-held]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 12 May 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। पेपर लीक के आरोपों और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी से यह फैसला लिया गया। मामले की जांच अब CBI करेगी।
NTA के मुताबिक छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और पुराने परीक्षा केंद्र ही बनाए रखे जाएंगे। री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी होंगे, वहीं परीक्षा फीस भी वापस की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गैंग तक पहुंच गए थे। राजस्थान SOG ने जयपुर समेत कई जगहों पर कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दावा है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल हूबहू परीक्षा में आए।
बताया जा रहा है कि करीब 23 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। नई परीक्षा तारीखों का ऐलान जल्द किया जाएगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। पेपर लीक के आरोपों और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद केंद्र सरकार की मंजूरी से यह फैसला लिया गया। मामले की जांच अब CBI करेगी।<br />
NTA के मुताबिक छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और पुराने परीक्षा केंद्र ही बनाए रखे जाएंगे। री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी होंगे, वहीं परीक्षा फीस भी वापस की जाएगी।<br />
जांच में सामने आया है कि पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गैंग तक पहुंच गए थे। राजस्थान SOG ने जयपुर समेत कई जगहों पर कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दावा है कि बायोलॉजी और केमिस्ट्री के कई सवाल हूबहू परीक्षा में आए।<br />
बताया जा रहा है कि करीब 23 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। नई परीक्षा तारीखों का ऐलान जल्द किया जाएगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42964.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[NEET UG 2026 exam cancelled: re-exam to be held]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/mid-day-meal-at-a-government-school-in-bihar-sparks-uproar-with-over-150-children-falling-ill-claims-of-finding-a-baby-snake-in-the-plate]]></guid>
                       <title><![CDATA[बिहार के सरकारी स्कूल में मिड-डे मील से मचा हड़कंप, 150 से ज्यादा बच्चे बीमार; थाली में ‘सांप का बच्चा’ मिलने का दावा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/mid-day-meal-at-a-government-school-in-bihar-sparks-uproar-with-over-150-children-falling-ill-claims-of-finding-a-baby-snake-in-the-plate]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 08 May 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[बिहार के सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित मिडिल स्कूल बलवाहा में गुरुवार को मिड-डे मील खाने के बाद बड़ा हड़कंप मच गया। भोजन करने के बाद 150 से अधिक स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।
ग्रामीणों का दावा है कि एक बच्चे की थाली में मरा हुआ सांप का बच्चा मिला था। हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल में सुबह करीब 9 बजे कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को मिड-डे मील परोसा जा रहा था। इसी दौरान एक बच्चे की थाली में संदिग्ध वस्तु दिखाई देने के बाद अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने उसे कीड़ा बताया, जबकि ग्रामीणों ने सांप का बच्चा होने का दावा किया।
घटना के बाद कई बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत हुई। बच्चों को महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में अचानक बड़ी संख्या में बच्चों के पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना से नाराज ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने मिड-डे मील सप्लाई करने वाली एनजीओ पर घटिया और बासी खाना देने के आरोप लगाए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।
स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनुपमा कुमारी ने बताया कि भोजन वितरण से पहले नियमानुसार खाने की जांच की गई थी। उन्होंने कहा कि जैसे ही थाली में संदिग्ध वस्तु दिखी, तुरंत भोजन वितरण रोक दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। प्रशासन ने फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बिहार के सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित मिडिल स्कूल बलवाहा में गुरुवार को मिड-डे मील खाने के बाद बड़ा हड़कंप मच गया। भोजन करने के बाद 150 से अधिक स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया।<br />
ग्रामीणों का दावा है कि एक बच्चे की थाली में मरा हुआ सांप का बच्चा मिला था। हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल में सुबह करीब 9 बजे कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को मिड-डे मील परोसा जा रहा था। इसी दौरान एक बच्चे की थाली में संदिग्ध वस्तु दिखाई देने के बाद अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने उसे कीड़ा बताया, जबकि ग्रामीणों ने सांप का बच्चा होने का दावा किया।<br />
घटना के बाद कई बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत हुई। बच्चों को महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में अचानक बड़ी संख्या में बच्चों के पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना से नाराज ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने मिड-डे मील सप्लाई करने वाली एनजीओ पर घटिया और बासी खाना देने के आरोप लगाए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।<br />
स्कूल की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनुपमा कुमारी ने बताया कि भोजन वितरण से पहले नियमानुसार खाने की जांच की गई थी। उन्होंने कहा कि जैसे ही थाली में संदिग्ध वस्तु दिखी, तुरंत भोजन वितरण रोक दिया गया।<br />
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। प्रशासन ने फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए हैं और भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।<br />
फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Mid-day meal at a government school in Bihar sparks uproar, with over 150 children falling ill; claims of finding a 'baby snake' in the plate]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/himachal/12weeksmaternityleaveevenforadoptionsupremecourtshistoricdecision]]></guid>
                       <title><![CDATA[बच्चा गोद लेने पर भी 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/himachal/12weeksmaternityleaveevenforadoptionsupremecourtshistoricdecision]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 17 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महिलाओं के हक में एक एतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब बच्चा गोद लेने पर भी मां को 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि गोद लिए गए बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो, मां को पूरे 12 हफ्ते की छुट्टी दी जाएगी। कोर्ट ने उस कानूनी प्रावधान को निरस्त कर दिया है, जिसमें सिर्फ तीन महीने तक की उम्र के बच्चे को गोद लेने पर ही मैटरनिटी लीव की अनुमति थी, लेकिन अब ऐसी कोई शर्त नहीं है। मौजूदा समय में यह नियम है कि बच्चा गोद लेने वाली मां को 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव तभी मिलेगी जब गोद लिया गया बच्चा तीन महीने से कम उम्र का हो।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि एक बायोलॉजिकल मां की तरह ही गोद लिए गए बच्चे की मां को भी मैटरनिटी लीव मिलने चाहिए। कोर्ट का मानना है कि मैटरनिटी का अधिकार और बच्चे की देखभाल की जरूरत उम्र पर निर्भर नहीं करती। कोर्ट ने तीन महीने की उम्र सीमा को हटाते हुए कहा कि ये भेदभाव करता है। कोर्ट ने माना कि बच्चे को गोद लेने वाली मां को भी बच्चे के साथ इमोशनल तालमेल बिठाने और उसकी देखभाल के लिए समय की जरूरत होती है। इसके अलावा कोर्ट ने इस प्रक्रिया में पिताओं की भूमिका पर भी बात की। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वो पितृत्व अवकाश पर भी एक ठोस नीति बनाने पर विचार करे। कोर्ट का मानना है कि बच्चे के पालन पोषण में पिता की भागीदारी भी उतनी अहम है। इसलिए इसे सामाजिक सुरक्षा लाभ के दायरे में लाना चाहिए
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महिलाओं के हक में एक एतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब बच्चा गोद लेने पर भी मां को 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि गोद लिए गए बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो, मां को पूरे 12 हफ्ते की छुट्टी दी जाएगी। कोर्ट ने उस कानूनी प्रावधान को निरस्त कर दिया है, जिसमें सिर्फ तीन महीने तक की उम्र के बच्चे को गोद लेने पर ही मैटरनिटी लीव की अनुमति थी, लेकिन अब ऐसी कोई शर्त नहीं है। मौजूदा समय में यह नियम है कि बच्चा गोद लेने वाली मां को 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव तभी मिलेगी जब गोद लिया गया बच्चा तीन महीने से कम उम्र का हो।</p>

<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि एक बायोलॉजिकल मां की तरह ही गोद लिए गए बच्चे की मां को भी मैटरनिटी लीव मिलने चाहिए। कोर्ट का मानना है कि मैटरनिटी का अधिकार और बच्चे की देखभाल की जरूरत उम्र पर निर्भर नहीं करती। कोर्ट ने तीन महीने की उम्र सीमा को हटाते हुए कहा कि ये भेदभाव करता है। कोर्ट ने माना कि बच्चे को गोद लेने वाली मां को भी बच्चे के साथ इमोशनल तालमेल बिठाने और उसकी देखभाल के लिए समय की जरूरत होती है। इसके अलावा कोर्ट ने इस प्रक्रिया में पिताओं की भूमिका पर भी बात की। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वो पितृत्व अवकाश पर भी एक ठोस नीति बनाने पर विचार करे। कोर्ट का मानना है कि बच्चे के पालन पोषण में पिता की भागीदारी भी उतनी अहम है। इसलिए इसे सामाजिक सुरक्षा लाभ के दायरे में लाना चाहिए</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42695.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[12_weeks_maternity_leave_even_for_adoption_Supreme_Court's_historic_decision]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/jammu-blast-in-srinagar-police-station-9-dead-and-32-injured]]></guid>
                       <title><![CDATA[जम्मू: श्रीनगर के थाने में धमाका, 9 मौ*तें और 32 घायल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/jammu-blast-in-srinagar-police-station-9-dead-and-32-injured]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 15 Nov 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के नौगाम पुलिस थाने में शुक्रवार रात करीब 11:20 बजे भारी विस्फोट हुआ। इसमें नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 पुलिसकर्मियों समेत 32 लोग घायल हो गए। धमाके से लगी भीषण आग में वहां खड़े एक दर्जन से अधिक वाहन जल गए। सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल मामले में हाल ही में जब्त किए गए विस्फोटकों के एक बड़े जखीरे की सैंपलिंग करते समय ये धमाका हुआ है। जब्त किया विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट और एनपीएस था।&nbsp;

विस्फोट होने के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया। वहीं, घटनास्थल की ओर जाने वाले सभी रास्ते भी बंद कर दिए। सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद से सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉ. मुजम्मिल गनई के दो ठिकानों से 360 किलो और 2,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट व एनपीएस जब्त किया था। बताया जा रहा है कि विस्फोटक सामग्री को पुलिस नौगाम पुलिस स्टेशन में लाई गई थी। इस मॉड्यूल के मुजम्मिल समेत 9 संदिग्धों को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर चुकी है।

&nbsp;
विस्फोट के कारणों की जांच अभी जारी है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि पुलिस थाना नौगाम की एफआईआर संख्या 162/2025 की जांच के दौरान, 9 और 10 नवंबर 2025 को फरीदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ, रसायन और रीजेंट बरामद किए गए थे। यह बरामदगी, बाकी बरामदगी की तरह, पुलिस स्टेशन नौगाम के खुले क्षेत्र में सुरक्षित रूप से ले जाकर रखी गई थी। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के नौगाम पुलिस थाने में शुक्रवार रात करीब 11:20 बजे भारी विस्फोट हुआ। इसमें नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 पुलिसकर्मियों समेत 32 लोग घायल हो गए। धमाके से लगी भीषण आग में वहां खड़े एक दर्जन से अधिक वाहन जल गए। सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल मामले में हाल ही में जब्त किए गए विस्फोटकों के एक बड़े जखीरे की सैंपलिंग करते समय ये धमाका हुआ है। जब्त किया विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट और एनपीएस था।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विस्फोट होने के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया। वहीं, घटनास्थल की ओर जाने वाले सभी रास्ते भी बंद कर दिए। सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद से सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़े डॉ. मुजम्मिल गनई के दो ठिकानों से 360 किलो और 2,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट व एनपीएस जब्त किया था। बताया जा रहा है कि विस्फोटक सामग्री को पुलिस नौगाम पुलिस स्टेशन में लाई गई थी। इस मॉड्यूल के मुजम्मिल समेत 9 संदिग्धों को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर चुकी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">&nbsp;<br />
विस्फोट के कारणों की जांच अभी जारी है। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि पुलिस थाना नौगाम की एफआईआर संख्या 162/2025 की जांच के दौरान, 9 और 10 नवंबर 2025 को फरीदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ, रसायन और रीजेंट बरामद किए गए थे। यह बरामदगी, बाकी बरामदगी की तरह, पुलिस स्टेशन नौगाम के खुले क्षेत्र में सुरक्षित रूप से ले जाकर रखी गई थी। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41992.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Jammu-Blast-in-Srinagar-police-station-9-dead-and-32-injured]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/bihar-grand-alliance-fielded-254-candidates-on-243-seats-contested-against-each-other-know-what-is-the-whole-matter]]></guid>
                       <title><![CDATA[बिहार : महागठबंधन ने उतारे 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार, उतरे एक-दूसरे के खिलाफ, जानें क्या है पूरा मामला]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/bihar-grand-alliance-fielded-254-candidates-on-243-seats-contested-against-each-other-know-what-is-the-whole-matter]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 21 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

बिहार विधानसभा चुनाव में 6 नवंबर को पहले फेज का (121 सीट) तथा 11 नवंबर दूसरे फेज का (122 सीट) मतदान होना है। इस बीच गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर काफी खींचतान व बगावत देखने को मिल रही है। गठबंधन ने 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। गठबंधन में RJD ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 61, सीपीआई (एम) ने 20, सीपीआई ने 9, सीपीएम ने 6 तथा मुकेश सहनी की पार्टी ने 15 उम्मीदवार उतारे हैं।&nbsp;

हालात ऐसी बन चुकी है कि NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कहने वाला महागठबंधन अब एक-दूसरे के खिलाफ ही उतर आए हैं। आपको बता दें कि 12 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल-एक दूसरे के खिलाफ ही खड़े हो गए हैं। अब राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा होनी शुरू हो गई है और कि कहां तो महागठबंधन NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कर रहा था पर अब ये एक-दूसरे के खिलाफ ही खड़े हैं। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने महागठबंधन से किनारा कर लिया है।&nbsp;

सीएम फेस भी तय नहीं
NDA और महागठबंधन ने खुलकर सीएम फेस कि घोषणा नहीं की है। महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर खींचतान जारी है। हालांकि NDA नेता कह चुके हैं कि चुनाव में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार ही करेंगे।&nbsp;

इन 6 सीटों पर कांग्रेस-RJD आमने सामने&nbsp;
सिकंदरा - उदय नारायण चौधरी RJD VS विनोद चौधरी कांग्रेस
कहलगांव - रजनीश भारती RJD VS प्रवीण कुशवाहा कांग्रेस&nbsp;
वैशाली - अजय कुशवाहा RJD VS संजीव कुमार कांग्रेस&nbsp;
लालगंज - शिवानी शुक्ला RJD VS आदित्य कुमार कांग्रेस
वारिसलीगंज- अनिता देवी RJD VS सतीश कुमार कांग्रेस&nbsp;
सुल्तान गंज - चन्दन सिन्हा RJD VS ललन यादव कांग्रेस&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बिहार विधानसभा चुनाव में 6 नवंबर को पहले फेज का (121 सीट) तथा 11 नवंबर दूसरे फेज का (122 सीट) मतदान होना है। इस बीच गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर काफी खींचतान व बगावत देखने को मिल रही है। गठबंधन ने 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। गठबंधन में RJD ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 61, सीपीआई (एम) ने 20, सीपीआई ने 9, सीपीएम ने 6 तथा मुकेश सहनी की पार्टी ने 15 उम्मीदवार उतारे हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हालात ऐसी बन चुकी है कि NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कहने वाला महागठबंधन अब एक-दूसरे के खिलाफ ही उतर आए हैं। आपको बता दें कि 12 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल-एक दूसरे के खिलाफ ही खड़े हो गए हैं। अब राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा होनी शुरू हो गई है और कि कहां तो महागठबंधन NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कर रहा था पर अब ये एक-दूसरे के खिलाफ ही खड़े हैं। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने महागठबंधन से किनारा कर लिया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>सीएम फेस भी तय नहीं</strong><br />
NDA और महागठबंधन ने खुलकर सीएम फेस कि घोषणा नहीं की है। महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर खींचतान जारी है। हालांकि NDA नेता कह चुके हैं कि चुनाव में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार ही करेंगे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन 6 सीटों पर कांग्रेस-RJD आमने सामने&nbsp;</strong><br />
सिकंदरा - उदय नारायण चौधरी RJD VS विनोद चौधरी कांग्रेस<br />
कहलगांव - रजनीश भारती RJD VS प्रवीण कुशवाहा कांग्रेस&nbsp;<br />
वैशाली - अजय कुशवाहा RJD VS संजीव कुमार कांग्रेस&nbsp;<br />
लालगंज - शिवानी शुक्ला RJD VS आदित्य कुमार कांग्रेस<br />
वारिसलीगंज- अनिता देवी RJD VS सतीश कुमार कांग्रेस&nbsp;<br />
सुल्तान गंज - चन्दन सिन्हा RJD VS ललन यादव कांग्रेस&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41768.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Bihar: Grand alliance fielded 254 candidates on 243 seats, contested against each other, know what is the whole matter]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/national-news/this-diwali-a-rare-rajyoga-will-be-formed-after-100-years-the-luck-of-these-people-will-open]]></guid>
                       <title><![CDATA[इस दिवाली पर 100 साल बाद बनेगा दुर्लभ राजयोग, इन लोगों की खुलेगी किस्मत ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/national-news/this-diwali-a-rare-rajyoga-will-be-formed-after-100-years-the-luck-of-these-people-will-open]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 14 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

हर वर्ष दीपावली का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस बार दीपावली अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:55 बजे समाप्त होगी। इसीलिए दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाया जायेगा। धनतेरस से ही इस त्योहार की शुरुआत हो जाती है। दीपावली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे पुरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। 20 अक्टूबर को लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक रहेगा।&nbsp;&nbsp;

ज्योतिष के अनुसार, इस बार की जो दिवाली का त्यौहार है वह बहुत ही खास रहेगा। इस दिवाली पर एक विशेष योग बनने जा रहा है जो कि बहुत ही दुर्लभ और शक्तिशाली माना जाता है। आपको बता दें कि यह योग 100 साल के बाद बनने जा रहा है। इस योग की वजह से 3 राशियों के जीवन में बहुत ही बड़े बदलाव होंगे। इस योग से जीवन में अपार धन, प्रतिष्ठा व सुख-समृद्धि आती है।&nbsp;

&nbsp;

दिवाली पर हंस महापुरुष राजयोग के बनने से इन राशियों को मिलेगा फायदा&nbsp;

1. कर्क
कर्क राशि वालों के लग्न भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने जा रहा है। यह योग करियर व आर्थिक रूप से बहुत ही शुभ रहेगा। रुके हुए काम भी पूर्ण होंगे। परिवार से मदद मिलेगा। मानसिक तनाव कम तथा सेहत में सुधार होगा।&nbsp;

2. वृश्चिक
वृश्चिक राशि वालों के नवम भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने वाला है। प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपके काम की सराहना होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। करियर में उन्नति होगी। धन लाभ के योग बनेंगें।&nbsp;

3. तुला
तुला राशि वालों के दशम भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने जा रहा है। यह योग तुला राशि वालों के लिए वरदान साबित होगा। करियर में उन्नति होगी और प्रमोशन या वेतन वृद्धि के संजोग बनेंगें। व्यापार करने वालो को भी होगा फायदा।

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हर वर्ष दीपावली का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस बार दीपावली अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:55 बजे समाप्त होगी। इसीलिए दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाया जायेगा। धनतेरस से ही इस त्योहार की शुरुआत हो जाती है। दीपावली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे पुरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। 20 अक्टूबर को लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक रहेगा।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ज्योतिष के अनुसार, इस बार की जो दिवाली का त्यौहार है वह बहुत ही खास रहेगा। इस दिवाली पर एक विशेष योग बनने जा रहा है जो कि बहुत ही दुर्लभ और शक्तिशाली माना जाता है। आपको बता दें कि यह योग 100 साल के बाद बनने जा रहा है। इस योग की वजह से 3 राशियों के जीवन में बहुत ही बड़े बदलाव होंगे। इस योग से जीवन में अपार धन, प्रतिष्ठा व सुख-समृद्धि आती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">दिवाली पर हंस महापुरुष राजयोग के बनने से इन राशियों को मिलेगा फायदा&nbsp;</span></strong></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>1. कर्क</strong><br />
कर्क राशि वालों के लग्न भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने जा रहा है। यह योग करियर व आर्थिक रूप से बहुत ही शुभ रहेगा। रुके हुए काम भी पूर्ण होंगे। परिवार से मदद मिलेगा। मानसिक तनाव कम तथा सेहत में सुधार होगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>2. वृश्चिक</strong><br />
वृश्चिक राशि वालों के नवम भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने वाला है। प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपके काम की सराहना होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। करियर में उन्नति होगी। धन लाभ के योग बनेंगें।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>3. तुला</strong><br />
तुला राशि वालों के दशम भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने जा रहा है। यह योग तुला राशि वालों के लिए वरदान साबित होगा। करियर में उन्नति होगी और प्रमोशन या वेतन वृद्धि के संजोग बनेंगें। व्यापार करने वालो को भी होगा फायदा।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41731.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[This Diwali, a rare Rajyoga will be formed after 100 years, the luck of these people will open.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/3-cough-syrups-pose-a-threat-to-life-who-issues-warning]]></guid>
                       <title><![CDATA[3 कफ सिरप से जान को खतरा, WHO ने जारी की चेतावनी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/3-cough-syrups-pose-a-threat-to-life-who-issues-warning]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 14 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बीते सोमवार को भारत में तीन मिलावटी कफ सिरप के खिलाफ चेतावनी जारी की है। जिन कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी हुई है वे श्रीसन फार्मास्यूटिकल की कोल्ड्रिफ, रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर तथा शेप फार्मा की रीलाइफ&nbsp;हैं। बताया जा रहा है कि इन तीनों कफ सिरप से जान के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।&nbsp;

आपको बता दें कि कोल्ड्रिफ वही सिरप है, जिसकी वजह से हाल में मध्य प्रदेश में सितंबर से अभी तक 5 वर्ष से कम उम्र वाले करीब&nbsp;25 बच्चों की जान चली गई है। सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल व एथिलीन ग्लाइकॉल शामिल थे जो किडनी कि लिए खतरनाक हैं। कोल्ड्रिफ में किडनी खराब करने वाला 48% जहरीले पदार्थ शामिल थे। इस कंपनी द्वारा नेशनल ड्रग सेफ्टी के कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, फिर भी कई सालों तक यह अपना कारोबार चलाती रही।&nbsp;

श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी को किया बंद&nbsp;
कोल्ड्रिफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम में श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा बनाई जाती थी। तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बीते कल सोमवार को इस फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी पर हमेशा के लिए ताला लगा दिया। मध्य प्रदेश पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को 9 अक्टूबर को चेन्नई से गिरफ्तार कर 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा दिया।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बीते सोमवार को भारत में तीन मिलावटी कफ सिरप के खिलाफ चेतावनी जारी की है। जिन कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी हुई है वे श्रीसन फार्मास्यूटिकल की कोल्ड्रिफ, रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर तथा शेप फार्मा की रीलाइफ&nbsp;हैं। बताया जा रहा है कि इन तीनों कफ सिरप से जान के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि कोल्ड्रिफ वही सिरप है, जिसकी वजह से हाल में मध्य प्रदेश में सितंबर से अभी तक 5 वर्ष से कम उम्र वाले करीब&nbsp;25 बच्चों की जान चली गई है। सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल व एथिलीन ग्लाइकॉल शामिल थे जो किडनी कि लिए खतरनाक हैं। कोल्ड्रिफ में किडनी खराब करने वाला 48% जहरीले पदार्थ शामिल थे। इस कंपनी द्वारा नेशनल ड्रग सेफ्टी के कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, फिर भी कई सालों तक यह अपना कारोबार चलाती रही।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी को किया बंद&nbsp;</strong><br />
कोल्ड्रिफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम में श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा बनाई जाती थी। तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बीते कल सोमवार को इस फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी पर हमेशा के लिए ताला लगा दिया। मध्य प्रदेश पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को 9 अक्टूबर को चेन्नई से गिरफ्तार कर 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा दिया।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41724.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[3 Cough syrups pose a threat to life, WHO issues warning]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/sonam-wangchuks-wife-filed-habeas-corpus-petition-in-supreme-court]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोनम वांगचुक की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/sonam-wangchuks-wife-filed-habeas-corpus-petition-in-supreme-court]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 03 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अपने पति की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को&nbsp;सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। गीतांजलि ने दावा किया है कि उनके पति पर लगे सारे आरोप गलत हैं और उनकी गिरफ्तारी भी अवैध है। सोनम वांगचुक 24 सितंबर को लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किये गए थे।&nbsp;

गीतांजलि ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि उन्हें एक हफ्ता से सोनम की सेहत, उनकी हालत और साथ ही नजरबंदी के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। अंगमो ने अपने पति वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ NSA लगाने को कोर्ट में चुनौती दी है। अंगमो ने कहा कि उन्हें अभी तक सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी आर्डर की कॉपी भी नहीं मिली है। अंगमो PM मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह समेत लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता तक को पत्र लिख चुकी हैं।&nbsp;

बंदी प्रत्यक्षीकरण
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने का अधिकार हर नागरिक को होता है। अगर किसी व्यक्ति को गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में लिया गया है, तो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के तहत अदालत उस व्यक्ति को तुरंत कोर्ट में पेश करने का आदेश दे सकती है। आदेश जारी होते ही पुलिस को पूरी जानकारी कोर्ट के सामने पेश करनी होती है।

अंगमो ने लगाया आरोप
अंगमो का आरोप लगाया है कि उनके पति वांगचुक को चुप&nbsp;कराने के लिए कई महीने से विच हंट किया जा रहा है। वांगचुक हमेशा से गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन करते आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति सोनम वांगचुक पाकिस्तान गए थे तो इसमें गलत क्या है। वांगचुक जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित मीटिंग में गए थे।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अपने पति की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">2 अक्टूबर को&nbsp;</span><span style="font-size:18px;">सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। गीतांजलि ने दावा किया है कि उनके पति पर लगे सारे आरोप गलत हैं और उनकी गिरफ्तारी भी अवैध है। सोनम वांगचुक 24 सितंबर को लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किये गए थे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">गीतांजलि ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि उन्हें एक हफ्ता से सोनम की सेहत, उनकी हालत और साथ ही नजरबंदी के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। अंगमो ने अपने पति वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ NSA लगाने को कोर्ट में चुनौती दी है। अंगमो ने कहा कि उन्हें अभी तक सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी आर्डर की कॉपी भी नहीं मिली है। अंगमो PM मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह समेत लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता तक को पत्र लिख चुकी हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>बंदी प्रत्यक्षीकरण</strong><br />
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने का अधिकार हर नागरिक को होता है। अगर किसी व्यक्ति को गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में लिया गया है, तो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के तहत अदालत उस व्यक्ति को तुरंत कोर्ट में पेश करने का आदेश दे सकती है। आदेश जारी होते ही पुलिस को पूरी जानकारी कोर्ट के सामने पेश करनी होती है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>अंगमो ने लगाया आरोप</strong><br />
अंगमो का आरोप लगाया है कि उनके पति वांगचुक को चुप&nbsp;कराने के लिए कई महीने से विच हंट किया जा रहा है। वांगचुक हमेशा से गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन करते आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति सोनम वांगचुक पाकिस्तान गए थे तो इसमें गलत क्या है। वांगचुक जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित मीटिंग में गए थे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41644.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sonam Wangchuk's wife filed habeas corpus petition in Supreme Court]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/who-was-chhannulal-mishra-the-master-of-classical-singing-who-made-classical-music-famous-in-the-world]]></guid>
                       <title><![CDATA[कौन थे शास्त्रीय गायकी के उस्ताद छन्नूलाल मिश्र, जिन्होंने विश्व में दिलाई शास्त्रीय संगीत को प्रसिद्धि?]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/who-was-chhannulal-mishra-the-master-of-classical-singing-who-made-classical-music-famous-in-the-world]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 02 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक व पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र ने आज गुरुवार को करीब 90 साल की उम्र में मिर्जापुर में अंतिम सांस ली। शाम 7 बजे के करीब बनारस में उनका अंतिम संस्कार होगा। उनकी तबीयत लंबे समय से ठीक नहीं थी। उन्हें फेफड़ों में संक्रमण, डायबिटीज व ब्लड प्रेशर की समस्या थी। वे संगीत के किराना व बनारस घराने से ताल्लुक रखते थे। काशी की धरती पर ही वे शास्त्रीय संगीत को नए मुकाम पर ले गए और यहीं से वे विश्वभर में बनारस घराने का नाम रोशन किया। PM मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वे भारतीय कला-संस्कृति के समर्पित सेवक थे।

&nbsp;

बचपन बहुत ही कठिनायों में बीता&nbsp;

छन्नूलाल मिश्र का जन्म 1936 को अगस्त में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर में हुआ था। उनका बचपन बहुत ही कठिनायों में बीता था। आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। हालांकि संगीत उनके परिवार में सात पीढ़ियों से रचा-बसा था। उनके दादा एक प्रसिद्ध तबला वादक थे। संगीत के प्रति बहुत लगाव होने के चलते ही छन्नूलाल जब छह वर्ष के थे तभी से ही वे अपने पिता बद्री प्रसाद मिश्र से संगीत सीखना शुरू कर दिया था। नौ साल की उम्र में वे किराना घराने के उस्ताद अब्दुल गनी खान से खयाल सीखा। उसके बाद वे ठाकुर जयदेव सिंह से संगीत सीखा।&nbsp;

&nbsp;

कर्मभूमि रही बनारस&nbsp;

छन्नूलाल की कर्मभूमि बनारस था और वे किराना व बनारस घराना के गायक थे। वे खयाल, ठुमरी, भजन, दादरा, कजरी तथा चैती के लिए जाने जाते थे। गायकी की अद्भुत काम के लिए छन्नूलाल को वर्ष 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, वर्ष 2010 में पद्मभूषण वर्ष, वर्ष 2020 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

&nbsp;

पंडित मिश्र की गायिकी के कायल PM नरेंद्र मोदी भी रहे हैं। 2014 में जब मोदी काशी से चुनाव लड़े, तब वे छन्नूलाल मिश्र को अपना प्रस्तावक बनाया था।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक व पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र ने आज गुरुवार को करीब 90 साल की उम्र में मिर्जापुर में अंतिम सांस ली। शाम 7 बजे के करीब बनारस में उनका अंतिम संस्कार होगा। उनकी तबीयत लंबे समय से ठीक नहीं थी। उन्हें फेफड़ों में संक्रमण, डायबिटीज व ब्लड प्रेशर की समस्या थी। वे संगीत के किराना व बनारस घराने से ताल्लुक रखते थे। काशी की धरती पर ही वे शास्त्रीय संगीत को नए मुकाम पर ले गए और यहीं से वे विश्वभर में बनारस घराने का नाम रोशन किया। PM मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वे भारतीय कला-संस्कृति के समर्पित सेवक थे।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">बचपन बहुत ही कठिनायों में बीता&nbsp;</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">छन्नूलाल मिश्र का जन्म 1936 को अगस्त में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर में हुआ था। उनका बचपन बहुत ही कठिनायों में बीता था। आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। हालांकि संगीत उनके परिवार में सात पीढ़ियों से रचा-बसा था। उनके दादा एक प्रसिद्ध तबला वादक थे। संगीत के प्रति बहुत लगाव होने के चलते ही छन्नूलाल जब छह वर्ष के थे तभी से ही वे अपने पिता बद्री प्रसाद मिश्र से संगीत सीखना शुरू कर दिया था। नौ साल की उम्र में वे किराना घराने के उस्ताद अब्दुल गनी खान से खयाल सीखा। उसके बाद वे ठाकुर जयदेव सिंह से संगीत सीखा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">कर्मभूमि रही बनारस&nbsp;</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">छन्नूलाल की कर्मभूमि बनारस था और वे किराना व बनारस घराना के गायक थे। वे खयाल, ठुमरी, भजन, दादरा, कजरी तथा चैती के लिए जाने जाते थे। गायकी की अद्भुत काम के लिए छन्नूलाल को वर्ष 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, वर्ष 2010 में पद्मभूषण वर्ष, वर्ष 2020 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पंडित मिश्र की गायिकी के कायल PM नरेंद्र मोदी भी रहे हैं। 2014 में जब मोदी काशी से चुनाव लड़े, तब वे छन्नूलाल मिश्र को अपना प्रस्तावक बनाया था।</span></div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41627.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Who was Chhannulal Mishra, the master of classical singing, who made classical music famous in the world?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/gift-for-central-employees-before-festivals-30-days-bonus-announced]]></guid>
                       <title><![CDATA[त्योहारों से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा, 30 दिन के बोनस की घोषणा ​]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/gift-for-central-employees-before-festivals-30-days-bonus-announced]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 30 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

केंद्रीय कर्मचारियों को दशहरा-दिवाली पर बोनस का तोहफा देने का ऐलान हुआ है। वित्त मंत्रालय ने 2024-25 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर का अमाउंट बोनस के रूप में दिया जाएगा। आपको बता दें कि इसके लिए ग्रुप सी के सभी केंद्रीय कर्मचारी और साथ ही ग्रुप बी में आने वाले केंद्र के उन नॉन गजटेड कर्मचारियों को भी यह बोनस मिलेगा जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना के तहत नहीं आते हैं। केंद्र ने इस निर्णय से केंद्रीय कर्मचारियों व सुरक्षा बलों के जवानों को त्यौहार के समय में आर्थिक रूप से बहुत राहत दी है।&nbsp;

&nbsp;

इन कर्मचारियों को मिलेगा

इस बोनस का फायदा उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च 2025 तक सेवा में रहे या फिर जिन्होंने लगातार 6 महीने तक काम किया हो। साथ ही जिन्होंने पिछले 3 सालों में निर्धारित दिनों तक काम किया है, उन्हें भी बोनस मिलेगा। जिसने पूरे साल काम नहीं किया है, तो वह जितने महीने काम किया है, उसके अनुसार उन्हें बोनस मिलेगा। ऐसे एड-हॉक कर्मचारी, जिनकी सर्विस में कोई बाधा दिक्कत नहीं है, वे भी इस बोनस के पात्र होंगे। एडहॉक बोनस का फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के सभी पात्र कर्मियों को भी मिलेगा।&nbsp;

&nbsp;

पूरे वर्ष सर्विस में रहने वाले कर्मचारियों को 6,908 रूपए का बोनस तथा कैजुअल कर्मचारियों के लिए बोनस 1,184 रूपए&nbsp;तय हुई है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">केंद्रीय कर्मचारियों को दशहरा-दिवाली पर बोनस का तोहफा देने का ऐलान हुआ है। वित्त मंत्रालय ने 2024-25 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर का अमाउंट बोनस के रूप में दिया जाएगा। आपको बता दें कि इसके लिए ग्रुप सी के सभी केंद्रीय कर्मचारी और साथ ही ग्रुप बी में आने वाले केंद्र के उन नॉन गजटेड कर्मचारियों को भी यह बोनस मिलेगा जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना के तहत नहीं आते हैं। केंद्र ने इस निर्णय से केंद्रीय कर्मचारियों व सुरक्षा बलों के जवानों को त्यौहार के समय में आर्थिक रूप से बहुत राहत दी है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन कर्मचारियों को मिलेगा</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस बोनस का फायदा उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च 2025 तक सेवा में रहे या फिर जिन्होंने लगातार 6 महीने तक काम किया हो। साथ ही जिन्होंने पिछले 3 सालों में निर्धारित दिनों तक काम किया है, उन्हें भी बोनस मिलेगा। जिसने पूरे साल काम नहीं किया है, तो वह जितने महीने काम किया है, उसके अनुसार उन्हें बोनस मिलेगा। ऐसे एड-हॉक कर्मचारी, जिनकी सर्विस में कोई बाधा दिक्कत नहीं है, वे भी इस बोनस के पात्र होंगे। एडहॉक बोनस का फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के सभी पात्र कर्मियों को भी मिलेगा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पूरे वर्ष सर्विस में रहने वाले कर्मचारियों को 6,908 रूपए का बोनस तथा कैजुअल कर्मचारियों के लिए बोनस 1,184 <span style="text-align: justify;">रूपए&nbsp;</span>तय हुई है।&nbsp;</span></div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41610.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Gift for central employees before festivals, 30 days bonus announced]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/stampede-breaks-out-at-actor-joseph-vijays-rally-39-killed-so-far-many-injured-home-ministry-asks-for-report]]></guid>
                       <title><![CDATA[एक्टर जोशेफ विजय की रैली में मची भगदड़, अब तक 39 की गई जान, कई घायल, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/stampede-breaks-out-at-actor-joseph-vijays-rally-39-killed-so-far-many-injured-home-ministry-asks-for-report]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 28 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

तमिलनाडु के करूर में एक्टर जोशेफ विजय की रैली में बीते कल 27 सितंबर की शाम को भगदड़ मच गई। भगदड़ में करीब 39 लोगों की जानें गई हैं, जबकि 95 लोग घायल हैं। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले की रिपोर्ट मांगी है।

एक्टर जोशेफ विजय ने 2 फरवरी 2024 को तमिलगा वेत्री काजहाम (TVK) पार्टी बना कर 2026 में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसी वजह से वे&nbsp; प्रदेशभर में रैलियां कर रहे हैं। हाल में करूर में रैली की गई। जोशेफ विजय सत्तारूढ़ DMK के सबसे बड़े विरोधी के रूप में राजनीति में आना चाहते हैं। TVK के सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर बताया गया कि जोशेफ विजय दोपहर 12 बजे तक सभा स्थल पहुंचेंगे। इस वजह से लोग सुबह 11 बजे से ही जुटने लगे, पर विजय तय किये गए समय पर नहीं आए, बल्कि वे करीब शाम 7.30 बजे आए।

भगदड़ मचने की वजह&nbsp;
रैली में केवल 10 हजार लोगों की अनुमति मिली थी, पर 50 हजार लोगों की भीड़ इकठ्ठी हो गई। विजय की प्रचार बस इसी भीड़ के बीच से आई, इससे लोगो की भीड़ में दबाव बढ़ा, लोग एक दूसरे पर गिरने लगे। इसी दौरान वहां भगदड़ मची। विजय ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। लेकिन तब तक स्थिति बेकाबू हो चुकी थी। भीड़ इतनी थी कि एम्बुलेंस व वॉलंटियर्स का गिरे हुए लोगों तक तुरंत पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया था।

घायलों से नहीं मिले जोशेफ विजय
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद विजय घायलों से नहीं मिले और न उनके प्रति कोई संवेदना उन्होंने जताई। वे चार्टर्ड फ्लाइट से सीधे चेन्नई चले गए। केवल उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा- वे बहुत दर्द व दुःख महसूस कर रहे हैं। वह करूर में जान गंवाने वालों के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।&nbsp;

पुलिस द्वारा TVK के जिला सचिव पर मामला दर्ज&nbsp;
करूर पुलिस ने TVK के करूर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी वीपी मथियाझागन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि प्रचार कार्यक्रम के दौरान मानदंडों के उल्लंघन के लिए बीएनएस की धारा 109, 110, 125B, 223 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

PMO ने&nbsp;2 लाख रुपए देने&nbsp;की घोषणा&nbsp;
PM नरेंद्र मोदी ने करूर हादसे में मारे गए मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और वहीं घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।&nbsp;

CM स्टालिन ने किया अस्पताल का दौरा&nbsp;
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि पहले कभी भी एक राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में हादसे में इतने लोग नहीं मारे गए। स्टालिन ने शनिवार देर रात को सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया।&nbsp; करूर में शनिवार के भगदड़ में घायल लोगों से मिलकर उनके बेहतर इलाज करने का उन्होंने आदेश दिया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रूपए व घायलों को 1 लाख रूपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">तमिलनाडु के करूर में एक्टर जोशेफ विजय की रैली में बीते कल 27 सितंबर की शाम को भगदड़ मच गई। भगदड़ में करीब 39 लोगों की जानें गई हैं, जबकि 95 लोग घायल हैं। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले की रिपोर्ट मांगी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">एक्टर जोशेफ विजय ने 2 फरवरी 2024 को तमिलगा वेत्री काजहाम (TVK) पार्टी बना कर 2026 में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसी वजह से वे&nbsp; प्रदेशभर में रैलियां कर रहे हैं। हाल में करूर में रैली की गई। जोशेफ विजय सत्तारूढ़ DMK के सबसे बड़े विरोधी के रूप में राजनीति में आना चाहते हैं। TVK के सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर बताया गया कि जोशेफ विजय दोपहर 12 बजे तक सभा स्थल पहुंचेंगे। इस वजह से लोग सुबह 11 बजे से ही जुटने लगे, पर विजय तय किये गए समय पर नहीं आए, बल्कि वे करीब शाम 7.30 बजे आए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>भगदड़ मचने की वजह&nbsp;</strong><br />
रैली में केवल 10 हजार लोगों की अनुमति मिली थी, पर 50 हजार लोगों की भीड़ इकठ्ठी हो गई। विजय की प्रचार बस इसी भीड़ के बीच से आई, इससे लोगो की भीड़ में दबाव बढ़ा, लोग एक दूसरे पर गिरने लगे। इसी दौरान वहां भगदड़ मची। विजय ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। लेकिन तब तक स्थिति बेकाबू हो चुकी थी। भीड़ इतनी थी कि एम्बुलेंस व वॉलंटियर्स का गिरे हुए लोगों तक तुरंत पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया था।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>घायलों से नहीं मिले जोशेफ विजय</strong><br />
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद विजय घायलों से नहीं मिले और न उनके प्रति कोई संवेदना उन्होंने जताई। वे चार्टर्ड फ्लाइट से सीधे चेन्नई चले गए। केवल उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा- वे बहुत दर्द व दुःख महसूस कर रहे हैं। वह करूर में जान गंवाने वालों के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पुलिस द्वारा TVK के जिला सचिव पर मामला दर्ज</strong>&nbsp;<br />
करूर पुलिस ने TVK के करूर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी वीपी मथियाझागन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि प्रचार कार्यक्रम के दौरान मानदंडों के उल्लंघन के लिए बीएनएस की धारा 109, 110, 125B, 223 के तहत मामला दर्ज हुआ है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>PMO ने&nbsp;2 लाख रुपए देने&nbsp;की घोषणा&nbsp;</strong><br />
PM नरेंद्र मोदी ने करूर हादसे में मारे गए मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और वहीं घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>CM स्टालिन ने किया अस्पताल का दौरा&nbsp;</strong><br />
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि पहले कभी भी एक राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में हादसे में इतने लोग नहीं मारे गए। स्टालिन ने शनिवार देर रात को सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया।&nbsp; करूर में शनिवार के भगदड़ में घायल लोगों से मिलकर उनके बेहतर इलाज करने का उन्होंने आदेश दिया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रूपए व घायलों को 1 लाख रूपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41594.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Stampede breaks out at actor Joseph Vijay's rally, 39 killed so far, many injured, Home Ministry asks for report]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/election-commission-is-strict-to-ensure-that-voter-list-is-not-misused-launches-e-sign-facility]]></guid>
                       <title><![CDATA[वोटर लिस्ट का मिसयूज न हो इसके लिए चुनाव आयोग सख्त, लांच की e-Sign सुविधा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/election-commission-is-strict-to-ensure-that-voter-list-is-not-misused-launches-e-sign-facility]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 24 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

भारतीय चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव से पहले ही e-Sign सुविधा लॉन्च कर दी है। इससे&nbsp;वोटर लिस्ट से नाम हटाना मुश्किल होगा। ऑनलाइन वोटर डिलीशन और करेक्शन में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए यह फैसला लिया गया है। इसके लिए चुनाव आयोग ने ECINet पोर्टल तथा ऐप पर e-sign फीचर शुरू किया है। अब से सभी आवेदन के लिए आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर से OTP द्वारा वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

&nbsp;

आपको बता दें कि हाल के दिनों में चुनाव आयोग पर कर्नाटक में हजारों वोटर डिलीट करने के आरोप लगे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था। इसके बाद ही चुनाव आयोग द्वारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सख्त करने का निर्णय लिया गया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगें और साथ ही अधिकारी भी उन पर कार्रवाई कर सकेंगें। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।&nbsp;

&nbsp;

e-Sign सुविधा

ई-साइन भारत सरकार द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के जरिए दी गई एक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक साइन सेवा है। यह यूजर्स को आधार नंबर का इस्तेमाल करके किसी डॉक्यूमेंट पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने की इजाजत देती है। अब इसके जरिए ही वोटर आईडी को डिलीट या सुधार करने के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस के रूप में शुरू किया गया है।&nbsp;

&nbsp;

वोटर लिस्ट का मिसयूज तथा फर्जी आवेदन रोकने में मदद

पहले केवल वोटर ID नंबर से मोबाइल नंबर लिंक करके फॉर्म को सबमिट जाता था। इससे कई बार गलत नंबर का भी उपयोग कर दिया जाता था। अब e-sign फीचर के अंतर्गत आधार नंबर डालना जरुरी होगा। इसके बाद आधार से लिंक मोबाइल पर OTP आएगा और फिर इस OTP को बताने के बाद ही फॉर्म सबमिट हो सकेगा। e-sign प्रोसेस हो जाने के बाद ही आवेदन करने वालों को फॉर्म जमा करने के लिए ECINet पोर्टल पर रि-डायरेक्ट कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि यह यह नियम Form 6 (न्यू रजिस्ट्रेशन), Form 7 (डिलीशन/ऑब्जेक्शन) तथा&nbsp; Form 8 (करेक्शन) पर लागू होगा।&nbsp;

&nbsp;

फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी होगा

चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी मतदाता का नाम ऑनलाइन सीधे डिलीट नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाना जरूरी है। मतदाता का नाम डिलीट किये जाने से पहले मतदाता को अपनी बात कहने का पूरा मौका दिया जाएगा।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारतीय चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव से पहले ही e-Sign सुविधा लॉन्च कर दी है। इससे&nbsp;वोटर लिस्ट से नाम हटाना मुश्किल होगा। ऑनलाइन वोटर डिलीशन और करेक्शन में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए यह फैसला लिया गया है। इसके लिए चुनाव आयोग ने ECINet पोर्टल तथा ऐप पर e-sign फीचर शुरू किया है। अब से सभी आवेदन के लिए आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर से OTP द्वारा वेरिफिकेशन जरूरी होगा।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि हाल के दिनों में चुनाव आयोग पर कर्नाटक में हजारों वोटर डिलीट करने के आरोप लगे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था। इसके बाद ही चुनाव आयोग द्वारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सख्त करने का निर्णय लिया गया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगें और साथ ही अधिकारी भी उन पर कार्रवाई कर सकेंगें। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>e-Sign सुविधा</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ई-साइन भारत सरकार द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के जरिए दी गई एक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक साइन सेवा है। यह यूजर्स को आधार नंबर का इस्तेमाल करके किसी डॉक्यूमेंट पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने की इजाजत देती है। अब इसके जरिए ही वोटर आईडी को डिलीट या सुधार करने के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस के रूप में शुरू किया गया है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>वोटर लिस्ट का मिसयूज तथा फर्जी आवेदन रोकने में मदद</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पहले केवल वोटर ID नंबर से मोबाइल नंबर लिंक करके फॉर्म को सबमिट जाता था। इससे कई बार गलत नंबर का भी उपयोग कर दिया जाता था। अब e-sign फीचर के अंतर्गत आधार नंबर डालना जरुरी होगा। इसके बाद आधार से लिंक मोबाइल पर OTP आएगा और फिर इस OTP को बताने के बाद ही फॉर्म सबमिट हो सकेगा। e-sign प्रोसेस हो जाने के बाद ही आवेदन करने वालों को फॉर्म जमा करने के लिए ECINet पोर्टल पर रि-डायरेक्ट कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि यह यह नियम Form 6 (न्यू रजिस्ट्रेशन), Form 7 (डिलीशन/ऑब्जेक्शन) तथा&nbsp; Form 8 (करेक्शन) पर लागू होगा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी होगा</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी मतदाता का नाम ऑनलाइन सीधे डिलीट नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाना जरूरी है। मतदाता का नाम डिलीट किये जाने से पहले मतदाता को अपनी बात कहने का पूरा मौका दिया जाएगा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41550.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Election Commission is strict to ensure that voter list is not misused, launches e-sign facility]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/first-blessing/news/national-news/how-to-worship-maa-chandraghanta-on-the-third-day-of-shardiya-navratri-tomorrow-know-the-auspicious-time-and-enjoyment]]></guid>
                       <title><![CDATA[शारदीय नवरात्रि के कल तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा कैसे करें ? जानें शुभ मुहूर्त व भोग ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/first-blessing/news/national-news/how-to-worship-maa-chandraghanta-on-the-third-day-of-shardiya-navratri-tomorrow-know-the-auspicious-time-and-enjoyment]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 23 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन कल बुधवार 24 सितंबर को है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां देवी के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होता है और इसी वजह से मां देवी को चंद्रघंटा कहा जाता है। मां चंद्रघंटा का वाहन बाघ है। इसीलिए ये बाघ पर सवार होती हैं। देवी का यह जो रूप है वो शांति, साहस तथा कल्याण का प्रतीक है। माना जाता है कि ये हमेशा अपने भक्तों की रक्षा के लिये समर्पित रहती हैं। भक्तों कि रक्षा के लिए वे हाथों में त्रिशूल, गदा और तलवार धारण की होती हैं। मां चंद्रघंटा भक्तों को शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं। परिवार में खुशियां आती हैं। इस दिन हरा, आसमानी तथा नारंगी रंग के कपड़े पहनना बहुत ही शुभ होता है।&nbsp;&nbsp;

शुभ मुहूर्त
24 सितंबर सुबह 4:35-5:23 बजे तक पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त,&nbsp; सुबह 9:11-10:57 बजे तक अमृत काल और इसके बाद दोपहर 2:14-3:02 बजे तक विजय मुहूर्त रहेगा।&nbsp;

मां चंद्रघंटा का भोग&nbsp;
माता चंद्रघंटा को गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाने से लोगों के सभी कष्टों दूर हो जाते हैं।&nbsp;

पूजा विधि&nbsp;
मां चंद्रघंटा को फूल, अक्षत, चंदन, सिंदूर अर्पण कर खीर का भोग लगाएं और कथा का पाठ करें। अंतिम में दीप जलाकर मंत्र का जप और आरती करें।

कथा&nbsp;
ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा ने चंद्रघंटा का रूप धारण कर दैत्यों के आंतक को समाप्त किया था। कहा जाता है जिस वक्त महिषासुर के आंतक से देवता परेशान हो रहे थे तो उस वक्त वे ब्रह्मा, विष्णु व महेश की शरण में चले गए। तब त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु व महेश के क्रोध से निकलने वाली&nbsp; ऊर्जा से मां चंद्रघंटा का रूप प्रकट हुआ था।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन कल बुधवार 24 सितंबर को है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां देवी के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होता है और इसी वजह से मां देवी को चंद्रघंटा कहा जाता है। मां चंद्रघंटा का वाहन बाघ है। इसीलिए ये बाघ पर सवार होती हैं। देवी का यह जो रूप है वो शांति, साहस तथा कल्याण का प्रतीक है। माना जाता है कि ये हमेशा अपने भक्तों की रक्षा के लिये समर्पित रहती हैं। भक्तों कि रक्षा के लिए वे हाथों में त्रिशूल, गदा और तलवार धारण की होती हैं। मां चंद्रघंटा भक्तों को शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं। परिवार में खुशियां आती हैं। इस दिन हरा, आसमानी तथा नारंगी रंग के कपड़े पहनना बहुत ही शुभ होता है।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>शुभ मुहूर्त</strong><br />
24 सितंबर सुबह 4:35-5:23 बजे तक पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त,&nbsp; सुबह 9:11-10:57 बजे तक अमृत काल और इसके बाद दोपहर 2:14-3:02 बजे तक विजय मुहूर्त रहेगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>मां चंद्रघंटा का भोग&nbsp;</strong><br />
माता चंद्रघंटा को गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाने से लोगों के सभी कष्टों दूर हो जाते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पूजा विधि&nbsp;</strong><br />
मां चंद्रघंटा को फूल, अक्षत, चंदन, सिंदूर अर्पण कर खीर का भोग लगाएं और कथा का पाठ करें। अंतिम में दीप जलाकर मंत्र का जप और आरती करें।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>कथा&nbsp;</strong><br />
ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा ने चंद्रघंटा का रूप धारण कर दैत्यों के आंतक को समाप्त किया था। कहा जाता है जिस वक्त महिषासुर के आंतक से देवता परेशान हो रहे थे तो उस वक्त वे ब्रह्मा, विष्णु व महेश की शरण में चले गए। तब त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु व महेश के क्रोध से निकलने वाली&nbsp; ऊर्जा से मां चंद्रघंटा का रूप प्रकट हुआ था।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41545.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[How to worship Maa Chandraghanta on the third day of Shardiya Navratri tomorrow? Know the auspicious time and enjoyment]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/5-countries-including-france-recognized-palestine-as-an-independent-country-netanyahu-angry-with-this-decision]]></guid>
                       <title><![CDATA[फ्रांस सहित 5 देशों ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश की मान्यता दी, इस फैसले से नेतन्याहू नाराज ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/5-countries-including-france-recognized-palestine-as-an-independent-country-netanyahu-angry-with-this-decision]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 23 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

फ्रांस, मोनाको, माल्टा, लक्जमबर्ग तथा बेल्जियम ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश की मान्यता दे दी है। कल सोमवार रात को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) के सदस्य देशों ने इजराइल-फिलिस्तीन विवाद के समाधान के लिए बैठक की और इसकी आधिकारिक घोषणा की। आपको बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता फ्रांस व सऊदी अरब कर रहे थे। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि फिलिस्तीनियों को राष्ट्र के तौर पर दर्जा देना, उनका अधिकार है, कोई उपहार नहीं। इसके बिना अशांति बनी रहेगी।&nbsp;

वहीं इजराइल ने इस पर आपत्ति जताई है। UN में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि इजराइल इसका जवाब देगा।

बेल्जियम ने शर्त के साथ मान्यता दी
बेल्जियम ने फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता तो दी है पर इसके लिए उसने एक शर्त रखी है। बेल्जियम ने शर्त में यह कहा कि गाजा में हमास को सत्ता से हटा देने के बाद ही यह कानूनी रूप से लागू होगी।&nbsp;

इससे पहले रविवार को ये 4 देशों- ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया तथा पुर्तगाल ने भी फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अभी तक लगभग 150 देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। चीन व रूस ने 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अमेरिका ऐसा देश है जिसने फिलिस्तीन को मान्यता नहीं दी है।

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि अब गाजा के शासन में हमास की कोई दखल अंदाज़ी नहीं होगी। अब्बास ने गाजा में जंग खत्म होते ही चुनाव कराने और 3 महीने के अंदर एक अंतरिम संविधान तैयार करने का वादा किया है।&nbsp;

पश्चिमी देश फिलिस्तीन को मान्यता&nbsp;क्यों दे रहे
जानकारी के अनुसार कई सालों से पश्चिमी देश ये कहता आया है कि जब हालात ठीक होंगे तब फिलिस्तीन को देश के रूप में मान्यता दे दी जाएगी। गाजा में करीब 2 साल से जारी जंग में भुखमरी व बर्बादी देखने को मिल रही है। इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर इजराइल के बारे में दुनिया की राय बदल रही है। इसी के चलते कई देशों ने फिलिस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने का फैसला किया।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">फ्रांस, मोनाको, माल्टा, लक्जमबर्ग तथा बेल्जियम ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश की मान्यता दे दी है। कल सोमवार रात को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) के सदस्य देशों ने इजराइल-फिलिस्तीन विवाद के समाधान के लिए बैठक की और इसकी आधिकारिक घोषणा की। आपको बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता फ्रांस व सऊदी अरब कर रहे थे। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि फिलिस्तीनियों को राष्ट्र के तौर पर दर्जा देना, उनका अधिकार है, कोई उपहार नहीं। इसके बिना अशांति बनी रहेगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वहीं इजराइल ने इस पर आपत्ति जताई है। UN में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि इजराइल इसका जवाब देगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>बेल्जियम ने शर्त के साथ मान्यता दी</strong><br />
बेल्जियम ने फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता तो दी है पर इसके लिए उसने एक शर्त रखी है। बेल्जियम ने शर्त में यह कहा कि गाजा में हमास को सत्ता से हटा देने के बाद ही यह कानूनी रूप से लागू होगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इससे पहले रविवार को ये 4 देशों- ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया तथा पुर्तगाल ने भी फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अभी तक लगभग 150 देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। चीन व रूस ने 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अमेरिका ऐसा देश है जिसने फिलिस्तीन को मान्यता नहीं दी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि अब गाजा के शासन में हमास की कोई दखल अंदाज़ी नहीं होगी। अब्बास ने गाजा में जंग खत्म होते ही चुनाव कराने और 3 महीने के अंदर एक अंतरिम संविधान तैयार करने का वादा किया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पश्चिमी देश फिलिस्तीन को मान्यता&nbsp;</strong></span><strong style="font-size: 18px; text-align: justify;">क्यों</strong><span style="font-size:18px;"><strong> दे रहे</strong><br />
जानकारी के अनुसार कई सालों से पश्चिमी देश ये कहता आया है कि जब हालात ठीक होंगे तब फिलिस्तीन को देश के रूप में मान्यता दे दी जाएगी। गाजा में करीब 2 साल से जारी जंग में भुखमरी व बर्बादी देखने को मिल रही है। इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर इजराइल के बारे में दुनिया की राय बदल रही है। इसी के चलते कई देशों ने फिलिस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने का फैसला किया।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41535.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ 5 countries including France recognized Palestine as an independent country, Netanyahu angry with this decision]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/news/national-news/which-offerings-to-the-9-forms-of-maa-durga-during-navratri-and-what-is-its-significance]]></guid>
                       <title><![CDATA[नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों को कौन सा भोग लगाएं और क्या हैं इसके महत्व ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/news/national-news/which-offerings-to-the-9-forms-of-maa-durga-during-navratri-and-what-is-its-significance]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 22 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आज सोमवार 22 सितंबर से हो गई है। नवरात्रि के 9 दिनों में देवी दुर्गा की 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। देवी के अलग अलग स्वरूप के लिए अलग-अलग भोग चढ़ाने की परंपरा है। नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों के साथ उनके प्रिय भोग के बारे में जान लेते हैं।&nbsp;

माता शैलपुत्री (पहला दिन)&nbsp;

पहले दिन&nbsp;गाय के घी से बना भोग मां शैलपुत्री को चढ़ाएं। इससे परिवार में सुख की प्राप्ति होती है। साथ ही इससे रोग से मुक्ति मिलती है और सभी तरह के कष्टों से भी निजात मिलता है।&nbsp;

माता ब्रह्मचारिणी (दूसरा दिन) 

दूसरा दिन&nbsp;मिश्री और शक्कर से बना भोग माता ब्रह्मचारिणी को बहुत प्रिय होता है। खीर का भोग चढ़ा सकते हैं। इससे परिवार में प्रेम बना रहता है। साथ ही इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है।&nbsp;

माता चंद्रघंटा (तीसरा दिन)

दूध से बना भोग चढ़ाएं इस तीसरे दिन। मां चंद्रघंटा को यह बहुत पसंद है। इससे घर में सुख-शांति आती है और खुशहाली बनी रहती है।&nbsp;

माता कूष्माण्डा (चौथा दिन) 

चौथे दिन माता कूष्माण्डा को मालपुआ का भोग बनाकर चढ़ाएं। इससे बुद्धि- ज्ञान बढ़ता है। धन की प्राप्ति होती है और समृद्धि बनी रहती है।&nbsp;

माता स्कंदमाता (पांचवां दिन)&nbsp;

केला का भोग लगाएं इस दिन। इससे स्कंदमाता प्रसन्न होती हैं। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रही है। मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।&nbsp;

माता कात्यायनी (छठा दिन)&nbsp;

छठे दिन माता कात्यायनी को शहद से बना पकवान चढ़ाएं। इससे त्वचा में निखार आता है और स्वास्थ्य में लाभ होता है। परिवार में प्रेम व मिठास बनी रहती है।&nbsp;

माता कालरात्रि (सातवां दिन)&nbsp;

मां कालरात्रि को गुड़ से बना भोग लगाएं इस दिन। इससे जीवन में कष्ट दूर होते हैं और मन को शांति मिलती है।&nbsp;

माता महागौरी (आठवां दिन)&nbsp;

माता महागौरी को नारियल या इससे बना भोग चढ़ा सकते हैं इस दिन। उन्हें ये बहुत प्रिय है। इससे घर परिवार में खुशहाली और सुख-शांति बनी रहती है।&nbsp;

माता सिद्धिदात्री (नौवां दिन)&nbsp;

माता सिद्धिदात्री को नौवें दिन खीर, चना और हलवा-पूरी का भोग चढ़ाएं। इससे माना जाता है कि मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही इससे जीवन में ज्ञान की वृद्धि होती है और आंतरिक शक्ति मिलती है। परिवार में खुशियां आती है।&nbsp;&nbsp;

&nbsp;

नवरात्रि का महत्व&nbsp;
नवरात्रि का जो पर्व है वह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मां दुर्गा ने महिषासुर राक्षस का वध करने के लिए 9 दिनों तक युद्ध किया था। महिषासुर का वध करके देवी ने धर्म की रक्षा की थी। इसीलिए नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। नवरात्रि में व्रत और पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि नवरात्र की प्रतिपदा सोमवार या रविवार को हो तो देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। देवी दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत ही शुभ माना जाता है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आज सोमवार 22 सितंबर से हो गई है। नवरात्रि के 9 दिनों में देवी दुर्गा की 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। देवी के अलग अलग स्वरूप के लिए अलग-अलग भोग चढ़ाने की परंपरा है। नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों के साथ उनके प्रिय भोग के बारे में जान लेते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता शैलपुत्री (पहला दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पहले दिन&nbsp;गाय के घी से बना भोग मां शैलपुत्री को </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">चढ़ाएं</span><span style="font-size:18px;">। इससे परिवार में सुख की प्राप्ति होती है। साथ ही इससे रोग से मुक्ति मिलती है और सभी तरह के कष्टों से भी निजात मिलता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता ब्रह्मचारिणी (दूसरा दिन) </strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दूसरा दिन&nbsp;मिश्री और शक्कर से बना भोग माता ब्रह्मचारिणी को बहुत प्रिय होता है। खीर का भोग चढ़ा सकते हैं। इससे परिवार में प्रेम बना रहता है। साथ ही इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता चंद्रघंटा (तीसरा दिन)</strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दूध से बना भोग चढ़ाएं इस तीसरे दिन। मां चंद्रघंटा को यह बहुत पसंद है। इससे घर में सुख-शांति आती है और खुशहाली बनी रहती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता कूष्माण्डा (चौथा दिन)</strong> </span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">चौथे दिन माता कूष्माण्डा को मालपुआ का भोग बनाकर चढ़ाएं। इससे बुद्धि- ज्ञान बढ़ता है। धन की प्राप्ति होती है और समृद्धि बनी रहती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता स्कंदमाता (पांचवां दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">केला का <span style="text-align: justify;">भोग</span> लगाएं इस दिन। इससे स्कंदमाता प्रसन्न होती हैं। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रही है। मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता कात्यायनी (छठा दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">छठे दिन माता कात्यायनी को शहद से बना पकवान चढ़ाएं। इससे त्वचा में निखार आता है और स्वास्थ्य में लाभ होता है। परिवार में प्रेम व मिठास बनी रहती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता कालरात्रि (सातवां दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मां कालरात्रि को गुड़ से बना भोग लगाएं इस दिन। इससे जीवन में कष्ट दूर होते हैं और मन को शांति मिलती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता महागौरी (आठवां दिन)&nbsp;</strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">माता महागौरी को नारियल या इससे <span style="text-align: justify;">बना</span> भोग चढ़ा सकते हैं इस दिन। उन्हें ये बहुत प्रिय है। इससे घर परिवार में खुशहाली और सुख-शांति बनी रहती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता सिद्धिदात्री (नौवां दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">माता सिद्धिदात्री को नौवें दिन खीर, चना और हलवा-पूरी का भोग चढ़ाएं। इससे माना जाता है कि मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही इससे जीवन में ज्ञान की वृद्धि होती है और आंतरिक शक्ति मिलती है। परिवार में खुशियां आती है।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>नवरात्रि का महत्व&nbsp;</strong><br />
नवरात्रि का जो पर्व है वह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मां दुर्गा ने महिषासुर राक्षस का वध करने के लिए 9 दिनों तक युद्ध किया था। महिषासुर का वध करके देवी ने धर्म की रक्षा की थी। इसीलिए नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। नवरात्रि में व्रत और पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि नवरात्र की प्रतिपदा सोमवार या रविवार को हो तो देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। देवी दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत ही शुभ माना जाता है।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41532.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Which offerings to the 9 forms of Maa Durga during Navratri and what is its significance?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-announced-gst-utsav-this-evening-said-the-festival-of-savings-for-the-countrymen-starts-from-navratri]]></guid>
                       <title><![CDATA[PM मोदी ने आज शाम ‘GST उत्सव’ की घोषणा की, कहा- नवरात्रि से देशवासियों के लिए बचत का त्योहार शुरू]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-announced-gst-utsav-this-evening-said-the-festival-of-savings-for-the-countrymen-starts-from-navratri]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

PM नरेंद्र मोदी ने आज शाम रविवार को देश के लोगों को संबोधित करते हुए कहा की कि कल नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से पूरे देश में &ldquo;GST उत्सव&rdquo; शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए बचत का त्योहार होगा। उन्होंने कहा कि इस नए GST ढांचे से वस्तुएं सस्ती होंगी और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।&nbsp;

रोज़मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती&nbsp;
देश के नाम संबोधन में PM ने कहा कि इस नई GST दरों&nbsp; के लागू होने से लोग अपने पसंदीदा चीजें अब सस्ते दामों पर खरीद पाएंगें। देश की वर्तमान जरूरतों तथा भविष्य के सपनों को देखते हुए GST रिफॉर्म्स किए गए हैं। अब रोज़मर्रा की जरुरी चीजें जैसे कि दवाइयां, साबुन, स्वास्थ्य सेवाएं सब सस्&zwj;ती हो जायेगीं। इससे लोगो की बचत बढ़ेगी। गरीबों को टैक्&zwj;स के बोझ से राहत मिलेगी।&nbsp;

आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा
PM नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा। हर दुकान स्&zwj;वदेशी सामानों से सजे। उनका कहना है कि देश के लोग देश की बनी चीजें ही खरीदें और बेंचें। इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा। इससे देश मजबूत होगा और साथ ही देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगें। इससे भारतीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।&nbsp;

PM मोदी ने देश के लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि GST सुधारों से अब आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्गीय परिवारों और महिलाओं को लाभ मिलेगा। यह सुधार 2017 में GST लागू होने के बाद सबसे बड़ी अप्रत्यक्ष कर सुधार बताई जा रही है।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">PM नरेंद्र मोदी ने आज शाम रविवार को देश के लोगों को संबोधित करते हुए कहा की कि कल नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से पूरे देश में &ldquo;GST उत्सव&rdquo; शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए बचत का त्योहार होगा। उन्होंने कहा कि इस नए GST ढांचे से वस्तुएं सस्ती होंगी और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>रोज़मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती&nbsp;</strong><br />
देश के नाम संबोधन में PM ने कहा कि इस नई GST दरों&nbsp; के लागू होने से लोग अपने पसंदीदा चीजें अब सस्ते दामों पर खरीद पाएंगें। देश की वर्तमान जरूरतों तथा भविष्य के सपनों को देखते हुए GST रिफॉर्म्स किए गए हैं। अब रोज़मर्रा की जरुरी चीजें जैसे कि दवाइयां, साबुन, स्वास्थ्य सेवाएं सब सस्&zwj;ती हो जायेगीं। इससे लोगो की बचत बढ़ेगी। गरीबों को टैक्&zwj;स के बोझ से राहत मिलेगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा</strong><br />
PM नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा। हर दुकान स्&zwj;वदेशी सामानों से सजे। उनका कहना है कि देश के लोग देश की बनी चीजें ही खरीदें और बेंचें। इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा। इससे देश मजबूत होगा और साथ ही देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगें। इससे भारतीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">PM मोदी ने देश के लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि GST सुधारों से अब आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्गीय परिवारों और महिलाओं को लाभ मिलेगा। यह सुधार 2017 में GST लागू होने के बाद सबसे बड़ी अप्रत्यक्ष कर सुधार बताई जा रही है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41525.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[PM Modi announced 'GST Utsav' this evening, said - the festival of savings for the countrymen starts from Navratri.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/trumps-decision-causes-trouble-for-new-h1-b-visa-applicants-1-lakh-fee]]></guid>
                       <title><![CDATA[ट्रंप के फैसले से H1-B Visa के नए वीजा आवेदकों पर आई मुसीबत,1 लाख डॉलर फीस ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/trumps-decision-causes-trouble-for-new-h1-b-visa-applicants-1-lakh-fee]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों H1-B वीजा से जुड़े नए नियम जारी किए थे। ट्रंप ने अचानक H1-B वीजा की फीस बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर कर दी है। उनके इस निर्णय से अमेरिका में रह रहे H1-B वीजा धारकों सहित नए वीजा आवेदकों में हड़कंप मच गया। हालांकि इस बीच अब अमेरिका ने इस पर सफाई पेश की है। स्पष्ट किया गया है कि फीस बढ़ाई गई है पर यह फीस सालाना नहीं बल्कि वन टाइम होगी। साथ ही यह फीस केवल नए वीजा आवेदनों पर लागू होगी, न कि नवीनीकरण या मौजूदा वीजा पर।&nbsp;

आपको बता दें कि ट्रंप के इस फैसले के बाद कई बड़ी टेक कंपनियों ने तो अपने एम्प्लॉय को तुरंत अमेरिका रिटर्न होने के आदेश दे दिया था। लेकिन अमेरिकी अधिकारी द्वारा अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भारतीये पहले से ही H1-B Visa धारण किए हुए हैं, या जो लोग अपने वीजा का रिन्यूवल करवा रहे हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन पर यह नई फीस लागू नहीं की जा रही है। उन्हें दोबारा आने के लिए भी एक लाख डॉलर चुकाने नहीं होंगे। यह फीस सिर्फ नए वीजा आवेदको को देनी होगी।&nbsp;

सबसे अधिक असर भारतीयों पर
H-1B वीजा धारकों में करीब 70% भारतीय हैं। इस वजह से अमेरिका के इस फैसले से सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों हो सकता है।&nbsp; &nbsp;इसी को देखते हुए टेक कंपनियों ने अपने एम्प्लॉईज़ को तुरंत अलर्ट कर दिया था। मोदी सरकार ने सभी केंद्रों को सलाह दी है कि वे अगले 24 घंटों में अमेरिका वापस लौटने वाले सभी भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद प्रदान करें।&nbsp;

H1-B वीजा पर नए नियम&nbsp;
यह फीस सालाना नहीं, बल्कि वन टाइम है और यह सिर्फ नए आवेदनों पर लागू होगी। यह फीस पुराने H1-B वीजा होल्डर्स पर लागू नहीं होगी और नाहीं H1-B वीजा को रिन्यू कराने पर यह फीस लागू होगी। मीडिया के अनुसार, H-1B वीजा पर नया नियम 21 सितंबर से लागू किया जायेगा। H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को काम पर रखने की अनुमति देता है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों H1-B वीजा से जुड़े नए नियम जारी किए थे। ट्रंप ने अचानक H1-B वीजा की फीस बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर कर दी है। उनके इस निर्णय से अमेरिका में रह रहे H1-B वीजा धारकों सहित नए वीजा आवेदकों में हड़कंप मच गया। हालांकि इस बीच अब अमेरिका ने इस पर सफाई पेश की है। स्पष्ट किया गया है कि फीस बढ़ाई गई है पर यह फीस सालाना नहीं बल्कि वन टाइम होगी। साथ ही यह फीस केवल नए वीजा आवेदनों पर लागू होगी, न कि नवीनीकरण या मौजूदा वीजा पर।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि ट्रंप के इस फैसले के बाद कई बड़ी टेक कंपनियों ने तो अपने एम्प्लॉय को तुरंत अमेरिका रिटर्न होने के आदेश दे दिया था। लेकिन अमेरिकी अधिकारी द्वारा अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भारतीये पहले से ही H1-B Visa धारण किए हुए हैं, या जो लोग अपने वीजा का रिन्यूवल करवा रहे हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन पर यह नई फीस लागू नहीं की जा रही है। उन्हें दोबारा आने के लिए भी एक लाख डॉलर चुकाने नहीं होंगे। यह फीस सिर्फ नए वीजा आवेदको को देनी होगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>सबसे अधिक असर भारतीयों पर</strong><br />
H-1B वीजा धारकों में करीब 70% भारतीय हैं। इस वजह से अमेरिका के इस फैसले से सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों हो सकता है।&nbsp; &nbsp;इसी को देखते हुए टेक कंपनियों ने अपने एम्प्लॉईज़ को तुरंत अलर्ट कर दिया था। मोदी सरकार ने सभी केंद्रों को सलाह दी है कि वे अगले 24 घंटों में अमेरिका वापस लौटने वाले सभी भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद प्रदान करें।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>H1-B वीजा पर नए नियम&nbsp;</strong><br />
यह फीस सालाना नहीं, बल्कि वन टाइम है और यह सिर्फ नए आवेदनों पर लागू होगी। यह फीस पुराने H1-B वीजा होल्डर्स पर लागू नहीं होगी और नाहीं H1-B वीजा को रिन्यू कराने पर यह फीस लागू होगी। मीडिया के अनुसार, H-1B वीजा पर नया नियम 21 सितंबर से लागू किया जायेगा। H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को काम पर रखने की अनुमति देता है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41523.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Trump's decision causes trouble for new H1-B visa applicants, $1 lakh fee]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/amul-gave-a-big-gift-to-its-customers-around-700-products-will-become-cheaper-from-tomorrow]]></guid>
                       <title><![CDATA[अमूल ने दिया ग्राहकों को बड़ा तोहफ़ा, कल से होंगें करीब 700 प्रोडक्ट्स सस्ते ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/amul-gave-a-big-gift-to-its-customers-around-700-products-will-become-cheaper-from-tomorrow]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

कल 22 सितंबर से GST की नई दरें लागू हो जाएगीं। इससे अब बहुत से सामान सस्ते हो जाएगें। GST की नई दरों की वजह से अब देश की बड़ी डेयरी कंपनी अमूल ने भी अपने करीब 700 प्रोडक्ट्स को सस्ता करने की घोषणा कर दी है। यह फैसला हाल के दिनों में केंद्र द्वारा GST दरों में सुधार किए जाने के बाद लिया गया है। इसकी जानकारी बीते शनिवार को गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने दी और कहा कि नई कीमतें कल सोमबार 22 सितम्बर से लागू हों जाएगीं।&nbsp;

इन प्रोडक्ट्स पर हुई कटौती
दूध, घी, मक्खन, आइसक्रीम, पनीर, चीज़, चॉकलेट, बेकरी रेंज, फ्रोज़न स्नैक्स, कंडेंस्ड मिल्क, पीनट स्प्रेड तथा माल्ट-आधारित ड्रिंक्स जैसी सभी चीजें सस्ती होंगी। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहकों को सीधे तौर पर राहत मिलेगा।&nbsp;

आपको बता दें कि नई दरों के अनुसार, एक लीटर का अमूल ताज़ा टोन्ड यूएचटी मिल्क टेट्रा पैक अब 2.6% सस्ता हो गया है, वहीं अमूल गोल्ड स्टैंडर्डाइज्ड यूएचटी मिल्क अब 3.6% तक सस्ता हुआ है। 100 ग्राम मक्खन की कीमत 62 रुपये से घटाकर 58 रुपये की गई है। घी की कीमत 40 रुपये प्रति लीटर घटा दी गई है।&nbsp;

आम लोगों को&nbsp;फायदा के साथ ही खपत बढ़ने की उम्मीद
केंद्र के GST दरों में सुधार का सीधा फायदा अब ग्राहकों को मिलगा है। इससे आम लोगों को तो फायदा होगा ही साथ ही डेयरी सेक्टर की खपत भी बढ़ेगी। अमूल का कहना है कि दाम में कटौती की वजह से खपत बढ़ेगी। खासकर आइसक्रीम, मक्खन तथा चीज़ की मांग बढ़ेगी। मांग बढ़ने से कंपनी का व्यापार भी तेज़ी से बढ़ेगा और साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।&nbsp;

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]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कल 22 सितंबर से GST की नई दरें लागू हो जाएगीं। इससे अब बहुत से सामान सस्ते हो जाएगें। GST की नई दरों की वजह से अब देश की बड़ी डेयरी कंपनी अमूल ने भी अपने करीब 700 प्रोडक्ट्स को सस्ता करने की घोषणा कर दी है। यह फैसला हाल के दिनों में केंद्र द्वारा GST दरों में सुधार किए जाने के बाद लिया गया है। इसकी जानकारी बीते शनिवार को गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने दी और कहा कि नई कीमतें कल सोमबार 22 सितम्बर से लागू हों जाएगीं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन प्रोडक्ट्स पर हुई कटौती</strong><br />
दूध, घी, मक्खन, आइसक्रीम, पनीर, चीज़, चॉकलेट, बेकरी रेंज, फ्रोज़न स्नैक्स, कंडेंस्ड मिल्क, पीनट स्प्रेड तथा माल्ट-आधारित ड्रिंक्स जैसी सभी चीजें सस्ती होंगी। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहकों को सीधे तौर पर राहत मिलेगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि नई दरों के अनुसार, एक लीटर का अमूल ताज़ा टोन्ड यूएचटी मिल्क टेट्रा पैक अब 2.6% सस्ता हो गया है, वहीं अमूल गोल्ड स्टैंडर्डाइज्ड यूएचटी मिल्क अब 3.6% तक सस्ता हुआ है। 100 ग्राम मक्खन की कीमत 62 रुपये से घटाकर 58 रुपये की गई है। घी की कीमत 40 रुपये प्रति लीटर घटा दी गई है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>आम लोगों को&nbsp;फायदा के साथ ही खपत बढ़ने की उम्मीद</strong><br />
केंद्र के GST दरों में सुधार का सीधा फायदा अब ग्राहकों को मिलगा है। इससे आम लोगों को तो फायदा होगा ही साथ ही डेयरी सेक्टर की खपत भी बढ़ेगी। अमूल का कहना है कि दाम में कटौती की वजह से खपत बढ़ेगी। खासकर आइसक्रीम, मक्खन तथा चीज़ की मांग बढ़ेगी। मांग बढ़ने से कंपनी का व्यापार भी तेज़ी से बढ़ेगा और साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।&nbsp;</span></p>

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]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Amul gave a big gift to its customers, around 700 products will become cheaper from tomorrow.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-will-address-the-nation-today-at-5-pm-gst-reforms-may-be-discussed]]></guid>
                       <title><![CDATA[PM मोदी आज शाम 5 बजे देश को करेंगे संबोधित, कल सोमबार से लागू GST की नई दरों पर हो सकती है चर्चा   ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-will-address-the-nation-today-at-5-pm-gst-reforms-may-be-discussed]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

प्रधान मंत्री मोदी आज शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री किन मुद्दों को लेकर संबोधन करेंगें, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। क्यों कि इसके बारे में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं हुआ है। ऐसी सम्भावना जताई जा रही है कि मोदी कल से लागू हो रहीं GST की नई दरों के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 12 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश को संबोधित किया था।&nbsp;

आपको बता दें कि PM मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में GST रिफॉर्म की बात की थी। उन्होंने कहा था कि दिवाली लोगों के लिए डबल गिफ्ट वाली होगी। उसके बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक की गई, जिसमें GST की दो दरें 12 % और 28 % को हटाने का फैसला लिया गया था। मोदी ने कहा था कि सरकार का लक्ष्य GST में सुधार लाकर आम लोगों की जिंदगी को आसान करना है। उन्होंने कहा था कि इन सुधारों से किसान, एमएसएमई सेक्टर और मध्यम वर्ग के साथ महिलाएं भी लाभान्वित होंगे। इससे छोटे व्यापारियों को भी व्यापार करने में आसानी आएगी।&nbsp;

आपको बता दें की GST की नई दरें आगामी कल सोमवार से लागू हो जाएंगी। इससे घरेलू सामानों और रोज मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती हो जाएगी।&nbsp;

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]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रधान मंत्री मोदी आज शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री किन मुद्दों को लेकर संबोधन करेंगें, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। क्यों कि इसके बारे में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं हुआ है। ऐसी सम्भावना जताई जा रही है कि मोदी कल से लागू हो रहीं GST की नई दरों के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 12 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश को संबोधित किया था।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि PM मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में GST रिफॉर्म की बात की थी। उन्होंने कहा था कि दिवाली लोगों के लिए डबल गिफ्ट वाली होगी। उसके बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक की गई, जिसमें GST की दो दरें 12 % और 28 % को हटाने का फैसला लिया गया था। मोदी ने कहा था कि सरकार का लक्ष्य GST में सुधार लाकर आम लोगों की जिंदगी को आसान करना है। उन्होंने कहा था कि इन सुधारों से किसान, एमएसएमई सेक्टर और मध्यम वर्ग के साथ महिलाएं भी लाभान्वित होंगे। इससे छोटे व्यापारियों को भी व्यापार करने में आसानी आएगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें की GST की नई दरें आगामी कल सोमवार से लागू हो जाएंगी। इससे घरेलू सामानों और रोज मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती हो जाएगी।&nbsp;</span></p>

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]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[PM Modi will address the nation today at 5 pm, there can be discussion on the new GST rates implemented from Monday tomorrow.]]></media:description>
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