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               <title>First Verdict Media - News</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Fri, 01 May 2026 08:48:35 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - News</title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/himachal/haryana-congress-mlas-met-with-cm-sukhus-political-advisor-police-deployed-entry-restricted-for-outsiders]]></guid>
                       <title><![CDATA[हरियाणा कांग्रेस विधायकों से मिले सीएम सुक्खू के पॉलिटिकल एडवाइजर, पुलिस तैनात, बाहरी लोगों की एंट्री बंद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/himachal/haryana-congress-mlas-met-with-cm-sukhus-political-advisor-police-deployed-entry-restricted-for-outsiders]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 14 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने हरियाणा के 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी क्षेत्र में गलू स्थित ट्विन टावर होटल में ठहराया है। होटल परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां दिन-रात पुलिस का पहरा लगा हुआ है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ट्विन टावर होटल पहुंचे और हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद वे शिमला लौट गए।

होटल की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भी पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति होटल परिसर तक न पहुंच सके। मीडिया को भी होटल से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। होटल के अंदर जाने की अनुमति केवल कर्मचारियों को ही दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ कांग्रेस विधायकों ने होटल से बाहर मॉर्निंग वॉक पर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ विधायक होटल परिसर के अंदर ही टहलते नजर आए, जबकि कई विधायक अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर देखते दिखाई दिए। शुक्रवार शाम हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों के अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और सांसद भी शिमला पहुंचे थे। इनके ठहरने की व्यवस्था अलग-अलग दो होटलों में की गई है। हरियाणा से आए कुछ नेता कुफरी स्थित रेडिसन होटल में भी ठहरे हुए हैं।

कांग्रेस को आशंका है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि छह विधायक अभी शिमला नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च की सुबह सभी विधायकों को शिमला से हरियाणा ले जाया जाएगा और उन्हें सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने हरियाणा के 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी क्षेत्र में गलू स्थित ट्विन टावर होटल में ठहराया है। होटल परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां दिन-रात पुलिस का पहरा लगा हुआ है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ट्विन टावर होटल पहुंचे और हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद वे शिमला लौट गए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">होटल की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भी पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति होटल परिसर तक न पहुंच सके। मीडिया को भी होटल से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। होटल के अंदर जाने की अनुमति केवल कर्मचारियों को ही दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ कांग्रेस विधायकों ने होटल से बाहर मॉर्निंग वॉक पर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ विधायक होटल परिसर के अंदर ही टहलते नजर आए, जबकि कई विधायक अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर देखते दिखाई दिए। शुक्रवार शाम हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों के अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और सांसद भी शिमला पहुंचे थे। इनके ठहरने की व्यवस्था अलग-अलग दो होटलों में की गई है। हरियाणा से आए कुछ नेता कुफरी स्थित रेडिसन होटल में भी ठहरे हुए हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कांग्रेस को आशंका है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि छह विधायक अभी शिमला नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च की सुबह सभी विधायकों को शिमला से हरियाणा ले जाया जाएगा और उन्हें सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[ Haryana-Congress-MLAs-met-with-CM-Sukhu's-political-advisor-police-deployed-entry-restricted-for-outsiders]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/karamchari-lehar/himachal/himachal-final-hearing-will-be-held-on-the-petition-regarding-outsourced-recruitments-know-the-full-news]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: आउटसोर्स भर्तियों की याचिका पर होगी अंतिम सुनवाई, जानें पूरी खबर ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/karamchari-lehar/himachal/himachal-final-hearing-will-be-held-on-the-petition-regarding-outsourced-recruitments-know-the-full-news]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 25 Dec 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 दिसंबर से इस मामले में अंतिम सुनवाई शुरू करने के आदेश जारी किए हैं। सरकारी व अर्ध-सरकारी विभागों, निगमों और बोर्डों में की जा रही आउटसोर्स भर्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर यह सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने मामले में आंशिक सुनवाई की। खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे सरकार द्वारा लागू की गई आउटसोर्स नीति की वैधता के प्रश्न तक ही अपनी दलीलें सीमित रखें। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राज्य में आउटसोर्स भर्तियों की आड़ में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। कई गैर-पंजीकृत और अनुभवहीन संस्थाओं को मैनपावर उपलब्ध कराने का जिम्मा सौंपा गया है।

अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि नई टेंडर प्रक्रिया के बावजूद अधिकांश मामलों में आउटसोर्स कर्मचारी वही रहते हैं, केवल ठेकेदार बदल जाते हैं, जिससे यह पूरी प्रक्रिया कमीशन के लेन-देन तक सीमित होकर रह जाती है। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट के संज्ञान में यह भी लाया गया कि हजारों नियमित पदों के बावजूद उनके विरुद्ध आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्तियां की गई हैं, जबकि नियमों के अनुसार आउटसोर्स व्यवस्था केवल आपात परिस्थितियों में ही लागू की जानी चाहिए। याचिकाओं में इस पूरे मामले की एसआईटी जांच की मांग की गई थी, हालांकि अदालत ने इसे फिलहाल उचित नहीं माना।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच के बजाय अभी आउटसोर्स नीति की वैधता पर ही विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने 7 नवंबर 2024 को आउटसोर्स भर्तियों पर पूर्ण रोक लगाई थी और 8 जनवरी 2025 को इस रोक को हटाने से इनकार कर दिया था। राज्य सरकार ने इन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगा दी थी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 दिसंबर से इस मामले में अंतिम सुनवाई शुरू करने के आदेश जारी किए हैं। सरकारी व अर्ध-सरकारी विभागों, निगमों और बोर्डों में की जा रही आउटसोर्स भर्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर यह सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने मामले में आंशिक सुनवाई की। खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे सरकार द्वारा लागू की गई आउटसोर्स नीति की वैधता के प्रश्न तक ही अपनी दलीलें सीमित रखें। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राज्य में आउटसोर्स भर्तियों की आड़ में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। कई गैर-पंजीकृत और अनुभवहीन संस्थाओं को मैनपावर उपलब्ध कराने का जिम्मा सौंपा गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि नई टेंडर प्रक्रिया के बावजूद अधिकांश मामलों में आउटसोर्स कर्मचारी वही रहते हैं, केवल ठेकेदार बदल जाते हैं, जिससे यह पूरी प्रक्रिया कमीशन के लेन-देन तक सीमित होकर रह जाती है। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट के संज्ञान में यह भी लाया गया कि हजारों नियमित पदों के बावजूद उनके विरुद्ध आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्तियां की गई हैं, जबकि नियमों के अनुसार आउटसोर्स व्यवस्था केवल आपात परिस्थितियों में ही लागू की जानी चाहिए। याचिकाओं में इस पूरे मामले की एसआईटी जांच की मांग की गई थी, हालांकि अदालत ने इसे फिलहाल उचित नहीं माना।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच के बजाय अभी आउटसोर्स नीति की वैधता पर ही विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने 7 नवंबर 2024 को आउटसोर्स भर्तियों पर पूर्ण रोक लगाई थी और 8 जनवरी 2025 को इस रोक को हटाने से इनकार कर दिया था। राज्य सरकार ने इन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगा दी थी।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal: Final hearing will be held on the petition regarding outsourced recruitments, know the full news]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/election/upchunav/himachal/notice-issued-to-himachal-government-and-kcc-bank-on-hoshiar-singhs-petition]]></guid>
                       <title><![CDATA[होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल सरकार और KCC बैंक को नोटिस जारी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/election/upchunav/himachal/notice-issued-to-himachal-government-and-kcc-bank-on-hoshiar-singhs-petition]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 30 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[देहरा विधानसभा उप चुनाव में BJP प्रत्याशी होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। अदालत ने हिमाचल सरकार और कांगड़ा को ऑपरेटिव बैंक को नोटिस जारी किए है। अब अगली सुनवाई में प्रदेश सरकार और KCB बैंक प्रबंधन को याचिकाकर्ता द्वारा लगाए आरोपों का जवाब अदालत में देना होगा। देहरा विधानसभा उप चुनाव में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीती हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उप चुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान KCB प्रबंधन ने 67 महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपए और हिमाचल सरकार ने देहरा विधानसभा की करीब 1000 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना से तीन महीने की राशि अकाउंट में डाली है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार ने चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। होशियार सिंह ने हाईकोर्ट से आचार संहिता के दौरान महिला मंडलों को पैसा बांटने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व विधायक होशियार सिंह के अनुसार, महिला मंडलों और महिलाओं को बांटी राशि की सरकार ने जानकारी छिपाए रखी। विधानसभा में भी इसका जवाब नहीं दिया। आरटीआई में भी जवाब देने से इनकार कर दिया। आरटीआई में अपील करने पर उन्हें इसका जवाब मिल पाया। आरटीआई के तहत डॉक्यूमेंट मिलने के बाद अब हाईकोर्ट में पिटीशन डाली जा रही है। होशियार सिंह ने बताया कि यदि सरकार ने समय पर सूचना दी होती, तो उन्होंने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को भी इसकी शिकायत दे दी होती। मगर ECI में शिकायत 45 दिन के भीतर देना होती है। 45 दिन में सरकार द्वारा सूचना छिपाने की वजह से वह इसकी शिकायत ECI को नहीं कर पाए। बहरहाल अब होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमाचल सरकार और केसीसी बैंक को नोटिस जारी किये है।&nbsp;&nbsp;

विधानसभा में भी गूंजा मामला&nbsp;
देहरा विधानसभा उप चुनाव में कैश फॉर वोट का मामला विधानसभा में भी कई बार गूंज चुका है। इसी मानसून सत्र में भी बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। मगर जवाब नहीं मिल पाया था। इस पर विपक्ष ने सदन में खूब हंगामा किया और सदन के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधीर शर्मा और आशीष शर्मा ने कहा कि जो जानकारी सदन में मांगी गई थी, वही सूचना उन्होंने आरटीआई के तहत ले ली है। अब तक यह मामला विधानसभा और सदन के बाहर गूंजता रहा है। इसी मामले में पूर्व विधायक होशियार सिंह ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को पहले ही शिकायत भेजकर सीएम की पत्नी एवं देहरा की MLA कमलेश ठाकुर को 6 साल के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग भी की है।

इस्तीफा दिया, भाजपा में गए और उपचुनाव हार गए !
विदित रहे कि हिमाचल में बीते 27 फरवरी 2024 को राज्यसभा चुनाव हुआ। देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला। इसके बाद, होशियार सिंह समेत तीन निर्दलीय विधायक और 6 कांग्रेस विधायकों समेत भाजपा में शामिल हुए। तीनों निर्दलीय ने 22 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दिया। 23 मार्च को दिल्ली में इन्होंने BJP का दामन थाम लिया। इस वजह से देहरा में 10 जुलाई 2024 को उप चुनाव हुए। बीजेपी ने होशियार सिंह को टिकट दिया और कांग्रेस ने सीएम सुखविंदर सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाया। 10 जुलाई को वोटिंग और 14 जुलाई को नतीजे आए। इनमें कमलेश ठाकुर 9399 वोट के अंतर से चुनाव जीत गईं और होशियार सिंह चुनाव हार गए।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">देहरा विधानसभा उप चुनाव में BJP प्रत्याशी होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। अदालत ने हिमाचल सरकार और कांगड़ा को ऑपरेटिव बैंक को नोटिस जारी किए है। अब अगली सुनवाई में प्रदेश सरकार और KCB बैंक प्रबंधन को याचिकाकर्ता द्वारा लगाए आरोपों का जवाब अदालत में देना होगा। देहरा विधानसभा उप चुनाव में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीती हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उप चुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान KCB प्रबंधन ने 67 महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपए और हिमाचल सरकार ने देहरा विधानसभा की करीब 1000 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना से तीन महीने की राशि अकाउंट में डाली है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार ने चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। होशियार सिंह ने हाईकोर्ट से आचार संहिता के दौरान महिला मंडलों को पैसा बांटने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पूर्व विधायक होशियार सिंह के अनुसार, महिला मंडलों और महिलाओं को बांटी राशि की सरकार ने जानकारी छिपाए रखी। विधानसभा में भी इसका जवाब नहीं दिया। आरटीआई में भी जवाब देने से इनकार कर दिया। आरटीआई में अपील करने पर उन्हें इसका जवाब मिल पाया। आरटीआई के तहत डॉक्यूमेंट मिलने के बाद अब हाईकोर्ट में पिटीशन डाली जा रही है। होशियार सिंह ने बताया कि यदि सरकार ने समय पर सूचना दी होती, तो उन्होंने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को भी इसकी शिकायत दे दी होती। मगर ECI में शिकायत 45 दिन के भीतर देना होती है। 45 दिन में सरकार द्वारा सूचना छिपाने की वजह से वह इसकी शिकायत ECI को नहीं कर पाए। बहरहाल अब होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमाचल सरकार और केसीसी बैंक को नोटिस जारी किये है।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विधानसभा में भी गूंजा मामला&nbsp;<br />
देहरा विधानसभा उप चुनाव में कैश फॉर वोट का मामला विधानसभा में भी कई बार गूंज चुका है। इसी मानसून सत्र में भी बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। मगर जवाब नहीं मिल पाया था। इस पर विपक्ष ने सदन में खूब हंगामा किया और सदन के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधीर शर्मा और आशीष शर्मा ने कहा कि जो जानकारी सदन में मांगी गई थी, वही सूचना उन्होंने आरटीआई के तहत ले ली है। अब तक यह मामला विधानसभा और सदन के बाहर गूंजता रहा है। इसी मामले में पूर्व विधायक होशियार सिंह ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को पहले ही शिकायत भेजकर सीएम की पत्नी एवं देहरा की MLA कमलेश ठाकुर को 6 साल के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग भी की है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस्तीफा दिया, भाजपा में गए और उपचुनाव हार गए !<br />
विदित रहे कि हिमाचल में बीते 27 फरवरी 2024 को राज्यसभा चुनाव हुआ। देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला। इसके बाद, होशियार सिंह समेत तीन निर्दलीय विधायक और 6 कांग्रेस विधायकों समेत भाजपा में शामिल हुए। तीनों निर्दलीय ने 22 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दिया। 23 मार्च को दिल्ली में इन्होंने BJP का दामन थाम लिया। इस वजह से देहरा में 10 जुलाई 2024 को उप चुनाव हुए। बीजेपी ने होशियार सिंह को टिकट दिया और कांग्रेस ने सीएम सुखविंदर सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाया। 10 जुलाई को वोटिंग और 14 जुलाई को नतीजे आए। इनमें कमलेश ठाकुर 9399 वोट के अंतर से चुनाव जीत गईं और होशियार सिंह चुनाव हार गए।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Notice-issued-to-Himachal-Government-and-KCC-Bank-on-Hoshiar-Singh's-petition]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/a-festival-in-which-arghya-is-offered-even-to-the-setting-sun-know-why-chhath-festival-is-celebrated]]></guid>
                       <title><![CDATA[एक ऐसा पर्व जिसमें डूबते सूरज को भी अर्घ्य दिया जाता है अर्ध्य, जानिए छठ पर्व क्यों मनाया जाता है ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/a-festival-in-which-arghya-is-offered-even-to-the-setting-sun-know-why-chhath-festival-is-celebrated]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 27 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;


छठ पर्व दिवाली के छह दिन बाद कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाने की परंपरा है। यह महापर्व चार दिनों तक मनाया जाता है। पहला दिन नहाय-खाय, दूसरा दिन खरना, तीसरा दिन शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य तथा चौथे दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर यह त्योहार संपन्न होता है। छठ पर्व 25 अक्टूबर से ही शुरू हो चुका है और आज इसका तीसरा दिन है। बीते कल खरना से ही व्रत रखने वाले लोगों का 36 घंटों का निर्जला उपवास शुरू हो चुका है। कल सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस पर्व का समापन होगा। यह खासकर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तरप्रदेश तथा नेपाल के तराई क्षेत्र में मनाया जाने वाला पर्व है। विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय विदेशों में भी इसे मनाते हैं।&nbsp;&nbsp;

छठ पूजा में मूर्तिपूजा नहीं बल्कि सूर्य तथा जल की पूजा की जाती है यानि प्रकृति की पूजा। छठ को शुद्धता तथा पवित्रता का महापर्व कहा जाता है। क्यों कि इसमें शुद्धता का बहुत ही ज्यादा ख्याल रखा जाता है। इस पर्व में पूरी श्रद्धा से मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ियों से शुद्ध घी से मिटटी या पीतल के बर्तन में प्रसाद बनाया जाता है। इस व्रत में चार दिनों तक बहुत ही कठोर नियम का पालन करना पड़ता है। इस वजह से इसे भक्ति और कठोर तप अद्भुत संगम कहा गया है। छठ महापर्व में डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर उनके व छठी मां के प्रति और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। इस पूजा में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। सूर्य देवता को जीवन, ऊर्जा तथा स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है और वहीं छठी मां को संतान की रक्षा का प्रतीक।

छठ पहला दिन
इस दिन व्रती सिर्फ एक समय ही शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं। चावल, चना दाल एवं कद्दू की सब्जी का प्रसाद बनाया जाता है। छठ मां&nbsp; और सूर्यदेव को भोग लगाने के बाद व्रती प्रसाद ग्रहण करते हैं और इसके बाद परिवार के सदस्य इसे ग्रहण करते हैं।&nbsp;

दूसरा दिन खरना
खरना के दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। सूर्यास्त के बाद दूध और गुड़ व चावल की खीर, रोटी तथा फल का प्रसाद छठी मां को अर्पित करते हैं। इसके बाद यह प्रसाद व्रतियों द्वारा ग्रहण किया जाता है। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद से ही 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास शुरू हो जाता है।&nbsp;

तीसरा दिन&nbsp;
खरना के बाद से ही इस दिन भर निर्जला उपवास पर रहते हैं व्रती। सूर्य डूबने से पहले व्रती स्नान कर स्वच्छ बिल्कुल नए कपड़े पहनते हैं। इसके बाद बांस की सूप में घी से बना ठेकुआ, चावल और घी से बना लड्डू, नारियल, गन्ना समेत कई फल और साथ ही घी का दीपक इस सूप पर रखते हैं। फिर नदी किनारे घाट पर जाकर पानी में खड़े होकर हाथ में इस सूप को लेकर डूबता हुए सूर्य को देखते हुए परिक्रमा करते हुए आराधना करते हैं। व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य व छठी मां का आभार व्यक्त करते हैं।&nbsp;

चौथा दिन&nbsp;
सुबह सूर्य देव के उगने से पहले व्रती स्नान कर फिर से बिल्कुल नए स्वच्छ कपड़े पहनते हैं। इसके बाद बांस की सूप में ठेकुआ, चावल और घी से बना लड्डू, नारियल, गन्ना समेत कई फल और साथ ही घी का दीपक इस सूप पर रखते हैं। फिर नदी किनारे घाट पर जाकर पानी में खड़े होकर हाथ में इस सूप को लेकर उगते हुए सूर्य को देखते हुए परिक्रमा करते हुए उपासना करते हैं। व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य व छठी मां का आभार व्यक्त करते हैं। खरना के बाद से ही करीब 36 घंटे तक निर्जला उपवास के बाद इस दिन इस पर्व का समापन हो जाता है।&nbsp;

&nbsp;

इसे मनाने के पीछे पौराणिक कथाएं&nbsp;&nbsp;

द्वापर युग में माना जाता है कि पांडव के कठिन वक्त में द्रौपदी ने छठ व्रत कर सूर्य देव से अपने परिवार के लिए प्रार्थना की थी। वहीं, दूसरी तरफ कर्ण रोज स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देते थे और साथ ही सूर्य उपासना करने वाले इन्हें प्रथम साधक कहा जाता है। तब से इसे मनाया जाने लगा।&nbsp;

त्रेता युग में श्रीराम जब अयोध्या लौटे उसके बाद छठ व्रत शुरु हुई। रावण का वध करने पर माना जाता है कि श्रीराम को ब्रह्महत्या का पाप लग गया था। इससे मुक्ति पाने के लिए कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन श्रीराम व मां सीता ने छह दिनों तक सूर्य देव की पूजा की। तब से इसे छठ पर्व के रूप में मनाया जाने लगा।

मार्कण्डेय पुराण के मुताबिक़, सृष्टि की रचना के वक्त देवी प्रकृति छह भागों में विभाजित हुए। छठा अंश सबसे बेहद शक्तिशाली माने गए, जिसे छठी मां कहा गया। इन्हें ब्रह्मा जी की मानस पुत्री के रूप में पूजा जाता है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">छठ पर्व दिवाली के छह दिन बाद कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाने की परंपरा है। यह महापर्व चार दिनों तक मनाया जाता है। पहला दिन नहाय-खाय, दूसरा दिन खरना, तीसरा दिन शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य तथा चौथे दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर यह त्योहार संपन्न होता है। छठ पर्व 25 अक्टूबर से ही शुरू हो चुका है और आज इसका तीसरा दिन है। बीते कल खरना से ही व्रत रखने वाले लोगों का 36 घंटों का निर्जला उपवास शुरू हो चुका है। कल सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस पर्व का समापन होगा। यह खासकर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तरप्रदेश तथा नेपाल के तराई क्षेत्र में मनाया जाने वाला पर्व है। विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय विदेशों में भी इसे मनाते हैं।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">छठ पूजा में मूर्तिपूजा नहीं बल्कि सूर्य तथा जल की पूजा की जाती है यानि प्रकृति की पूजा। छठ को शुद्धता तथा पवित्रता का महापर्व कहा जाता है। क्यों कि इसमें शुद्धता का बहुत ही ज्यादा ख्याल रखा जाता है। इस पर्व में पूरी श्रद्धा से मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ियों से शुद्ध घी से मिटटी या पीतल के बर्तन में प्रसाद बनाया जाता है। इस व्रत में चार दिनों तक बहुत ही कठोर नियम का पालन करना पड़ता है। इस वजह से इसे भक्ति और कठोर तप अद्भुत संगम कहा गया है। छठ महापर्व में डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर उनके व छठी मां के प्रति और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। इस पूजा में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। सूर्य देवता को जीवन, ऊर्जा तथा स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है और वहीं छठी मां को संतान की रक्षा का प्रतीक।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>छठ पहला दिन</strong><br />
इस दिन व्रती सिर्फ एक समय ही शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं। चावल, चना दाल एवं कद्दू की सब्जी का प्रसाद बनाया जाता है। छठ मां&nbsp; और सूर्यदेव को भोग लगाने के बाद व्रती प्रसाद ग्रहण करते हैं और इसके बाद परिवार के सदस्य इसे ग्रहण करते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>दूसरा दिन खरना</strong><br />
खरना के दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। सूर्यास्त के बाद दूध और गुड़ व चावल की खीर, रोटी तथा फल का प्रसाद छठी मां को अर्पित करते हैं। इसके बाद यह प्रसाद व्रतियों द्वारा ग्रहण किया जाता है। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद से ही 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास शुरू हो जाता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>तीसरा दिन&nbsp;</strong><br />
खरना के बाद से ही इस दिन भर निर्जला उपवास पर रहते हैं व्रती। सूर्य डूबने से पहले व्रती स्नान कर स्वच्छ बिल्कुल नए कपड़े पहनते हैं। इसके बाद बांस की सूप में घी से बना ठेकुआ, चावल और घी से बना लड्डू, नारियल, गन्ना समेत कई फल और साथ ही घी का दीपक इस सूप पर रखते हैं। फिर नदी किनारे घाट पर जाकर पानी में खड़े होकर हाथ में इस सूप को लेकर डूबता हुए सूर्य को देखते हुए परिक्रमा करते हुए आराधना करते हैं। व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य व छठी मां का आभार व्यक्त करते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>चौथा दिन</strong>&nbsp;<br />
सुबह सूर्य देव के उगने से पहले व्रती स्नान कर फिर से बिल्कुल नए स्वच्छ कपड़े पहनते हैं। इसके बाद बांस की सूप में ठेकुआ, चावल और घी से बना लड्डू, नारियल, गन्ना समेत कई फल और साथ ही घी का दीपक इस सूप पर रखते हैं। फिर नदी किनारे घाट पर जाकर पानी में खड़े होकर हाथ में इस सूप को लेकर उगते हुए सूर्य को देखते हुए परिक्रमा करते हुए उपासना करते हैं। व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य व छठी मां का आभार व्यक्त करते हैं। खरना के बाद से ही करीब 36 घंटे तक निर्जला उपवास के बाद इस दिन इस पर्व का समापन हो जाता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इसे मनाने के पीछे पौराणिक कथाएं&nbsp;&nbsp;</strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">द्वापर युग में माना जाता है कि पांडव के कठिन वक्त में द्रौपदी ने छठ व्रत कर सूर्य देव से अपने परिवार के लिए प्रार्थना की थी। वहीं, दूसरी तरफ कर्ण रोज स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देते थे और साथ ही सूर्य उपासना करने वाले इन्हें प्रथम साधक कहा जाता है। तब से इसे मनाया जाने लगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">त्रेता युग में श्रीराम जब अयोध्या लौटे उसके बाद छठ व्रत शुरु हुई। रावण का वध करने पर माना जाता है कि श्रीराम को ब्रह्महत्या का पाप लग गया था। इससे मुक्ति पाने के लिए कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन श्रीराम व मां सीता ने छह दिनों तक सूर्य देव की पूजा की। तब से इसे छठ पर्व के रूप में मनाया जाने लगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मार्कण्डेय पुराण के मुताबिक़, सृष्टि की रचना के वक्त देवी प्रकृति छह भागों में विभाजित हुए। छठा अंश सबसे बेहद शक्तिशाली माने गए, जिसे छठी मां कहा गया। इन्हें ब्रह्मा जी की मानस पुत्री के रूप में पूजा जाता है।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41815.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[A festival in which Arghya is offered even to the setting sun, know why Chhath festival is celebrated.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/bihar-grand-alliance-fielded-254-candidates-on-243-seats-contested-against-each-other-know-what-is-the-whole-matter]]></guid>
                       <title><![CDATA[बिहार : महागठबंधन ने उतारे 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार, उतरे एक-दूसरे के खिलाफ, जानें क्या है पूरा मामला]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/bihar-grand-alliance-fielded-254-candidates-on-243-seats-contested-against-each-other-know-what-is-the-whole-matter]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 21 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

बिहार विधानसभा चुनाव में 6 नवंबर को पहले फेज का (121 सीट) तथा 11 नवंबर दूसरे फेज का (122 सीट) मतदान होना है। इस बीच गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर काफी खींचतान व बगावत देखने को मिल रही है। गठबंधन ने 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। गठबंधन में RJD ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 61, सीपीआई (एम) ने 20, सीपीआई ने 9, सीपीएम ने 6 तथा मुकेश सहनी की पार्टी ने 15 उम्मीदवार उतारे हैं।&nbsp;

हालात ऐसी बन चुकी है कि NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कहने वाला महागठबंधन अब एक-दूसरे के खिलाफ ही उतर आए हैं। आपको बता दें कि 12 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल-एक दूसरे के खिलाफ ही खड़े हो गए हैं। अब राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा होनी शुरू हो गई है और कि कहां तो महागठबंधन NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कर रहा था पर अब ये एक-दूसरे के खिलाफ ही खड़े हैं। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने महागठबंधन से किनारा कर लिया है।&nbsp;

सीएम फेस भी तय नहीं
NDA और महागठबंधन ने खुलकर सीएम फेस कि घोषणा नहीं की है। महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर खींचतान जारी है। हालांकि NDA नेता कह चुके हैं कि चुनाव में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार ही करेंगे।&nbsp;

इन 6 सीटों पर कांग्रेस-RJD आमने सामने&nbsp;
सिकंदरा - उदय नारायण चौधरी RJD VS विनोद चौधरी कांग्रेस
कहलगांव - रजनीश भारती RJD VS प्रवीण कुशवाहा कांग्रेस&nbsp;
वैशाली - अजय कुशवाहा RJD VS संजीव कुमार कांग्रेस&nbsp;
लालगंज - शिवानी शुक्ला RJD VS आदित्य कुमार कांग्रेस
वारिसलीगंज- अनिता देवी RJD VS सतीश कुमार कांग्रेस&nbsp;
सुल्तान गंज - चन्दन सिन्हा RJD VS ललन यादव कांग्रेस&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बिहार विधानसभा चुनाव में 6 नवंबर को पहले फेज का (121 सीट) तथा 11 नवंबर दूसरे फेज का (122 सीट) मतदान होना है। इस बीच गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर काफी खींचतान व बगावत देखने को मिल रही है। गठबंधन ने 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। गठबंधन में RJD ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 61, सीपीआई (एम) ने 20, सीपीआई ने 9, सीपीएम ने 6 तथा मुकेश सहनी की पार्टी ने 15 उम्मीदवार उतारे हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हालात ऐसी बन चुकी है कि NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कहने वाला महागठबंधन अब एक-दूसरे के खिलाफ ही उतर आए हैं। आपको बता दें कि 12 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल-एक दूसरे के खिलाफ ही खड़े हो गए हैं। अब राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा होनी शुरू हो गई है और कि कहां तो महागठबंधन NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कर रहा था पर अब ये एक-दूसरे के खिलाफ ही खड़े हैं। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने महागठबंधन से किनारा कर लिया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>सीएम फेस भी तय नहीं</strong><br />
NDA और महागठबंधन ने खुलकर सीएम फेस कि घोषणा नहीं की है। महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर खींचतान जारी है। हालांकि NDA नेता कह चुके हैं कि चुनाव में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार ही करेंगे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन 6 सीटों पर कांग्रेस-RJD आमने सामने&nbsp;</strong><br />
सिकंदरा - उदय नारायण चौधरी RJD VS विनोद चौधरी कांग्रेस<br />
कहलगांव - रजनीश भारती RJD VS प्रवीण कुशवाहा कांग्रेस&nbsp;<br />
वैशाली - अजय कुशवाहा RJD VS संजीव कुमार कांग्रेस&nbsp;<br />
लालगंज - शिवानी शुक्ला RJD VS आदित्य कुमार कांग्रेस<br />
वारिसलीगंज- अनिता देवी RJD VS सतीश कुमार कांग्रेस&nbsp;<br />
सुल्तान गंज - चन्दन सिन्हा RJD VS ललन यादव कांग्रेस&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41768.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Bihar: Grand alliance fielded 254 candidates on 243 seats, contested against each other, know what is the whole matter]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/even-today-is-amavasya-so-when-is-govardhan-puja-know-the-date-and-puja-time]]></guid>
                       <title><![CDATA[आज भी अमावस्या, तो गोवर्धन पूजा कब ? जानें डेट व पूजा मुहूर्त]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/even-today-is-amavasya-so-when-is-govardhan-puja-know-the-date-and-puja-time]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 21 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण तथा गोवर्धन पर्वत की पूजा&nbsp;होती है। गोवर्धन पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है। चूकि इस बार अमावस्या तिथि आज शाम 5 बजकर 54 मिनट तक है। इसके बाद ही शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरु होगी। इसीलिए पंचांग के अनुसार, आज शाम 5 बजकर 54 मिनट तक अमावस्या तिथि के चलते गोवर्धन पूजा आज नहीं बल्कि कल 22 अक्टूबर को की जाएगी।&nbsp;&nbsp;

पूजा का शुभ मुहूर्त
पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 03:13 बजे से शाम 05:49 बजे तक है। इस दिन स्वाति नक्षत्र के साथ प्रीति का भी संयोग रहेगा। इस दिन ग्रहों के राजा यानि सूर्य तुला राशि में रहेंगे और साथ ही यहां चंद्रमा भी गोचर करेंगे। इस वजह से यह समय पूजा के लिए बहुत ही शुभ रहेगा।

पूजा विधि
गोवर्धन पूजा पर भगवान कृष्ण तथा गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह उठकर घर को साफ कर लें। गाय के गोबर से गोवर्धन की आकृति बना कर, इसपर रोली व अक्षत रख लें। अब फूल, जल, घी, गुड़, दूध व खीर-पूरी का भोग लगाएं। इसके बाद वहां दीप जलाएं। अब गोवर्धन पर्वत के चारों ओर परिक्रमा करें और आखिर में आरती करें।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण तथा गोवर्धन पर्वत की पूजा&nbsp;होती</span><span style="font-size:18px;"> है। गोवर्धन पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है। चूकि इस बार अमावस्या तिथि आज शाम 5 बजकर 54 मिनट तक है। इसके बाद ही शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरु होगी। इसीलिए पंचांग के अनुसार, आज शाम 5 बजकर 54 मिनट तक अमावस्या तिथि के चलते गोवर्धन पूजा आज नहीं बल्कि कल 22 अक्टूबर को की जाएगी।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पूजा का शुभ मुहूर्त</strong><br />
पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 03:13 बजे से शाम 05:49 बजे तक है। इस दिन स्वाति नक्षत्र के साथ प्रीति का भी संयोग रहेगा। इस दिन ग्रहों के राजा यानि सूर्य तुला राशि में रहेंगे और साथ ही यहां चंद्रमा भी गोचर करेंगे। इस वजह से यह समय पूजा के लिए बहुत ही शुभ रहेगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पूजा विधि</strong><br />
गोवर्धन पूजा पर भगवान कृष्ण तथा गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह उठकर घर को साफ कर लें। गाय के गोबर से गोवर्धन की आकृति बना कर, इसपर रोली व अक्षत रख लें। अब फूल, जल, घी, गुड़, दूध व खीर-पूरी का भोग लगाएं। इसके बाद वहां दीप जलाएं। अब गोवर्धन पर्वत के चारों ओर परिक्रमा करें और आखिर में आरती करें।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41767.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Even today is Amavasya, so when is Govardhan Puja? Know the date and puja time]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/why-is-diwali-celebrated-know-the-reason-behind-it]]></guid>
                       <title><![CDATA[क्यों मनाई जाती है दिवाली, जानिए इसके पीछे क्या है वजह ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/why-is-diwali-celebrated-know-the-reason-behind-it]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 17 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

देशभर में दीपावली को बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। हर साल यह कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस बार दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक है।&nbsp;

इस दिन लोग लक्ष्मी-गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और भाई दूज के दिन यह समाप्त हो जाता है। लक्ष्मी-गणेश के आगमन के लिए लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं और दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाते हैं। लोग इस पर्व पर उपहार स्वरूप एक दूसरे को मिठाईयां भी बांटतें हैं।&nbsp; &nbsp;

इस त्योहार को मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं
वाल्मीकि रामायण व रामचरितमानस के अनुसार, त्रेता में जब भगवान राम रावण का वध कर, चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके जब अयोध्या लौटे थे तब अयोध्या वासियों ने उनका स्वागत दीप प्रज्वलित कर किया था। माना जाता है कि तभी से बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में इसे मनाया जाने लगा।&nbsp;

दूसरी प्रचलित कथा यह है कि सतयुग में जब देवताओं ने दानवों के संग समुद्र मंथन किया, तब इससे अमृत कलश लिए भगवान धनवंतरि प्रकट हुए। जिस दिन भगवान धनवंतरि अमृत कलश लिए प्रकट हुए उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी। मान्यता है कि तभी से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाने की परंपरा चल पड़ी।

इसी दिन सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद साहिब जी ग्वालियर किले से अपने साथ 52 कैदियों को जहांगीर की कैद से छुड़वाया था। इसी के उपलक्ष्य में सिख समुदाय के लोग में इस दिन को बंदी छोड़ दिवस यानी आजादी के दिन के रूप में मनाते हैं।&nbsp;

जैन धर्म में दिवाली भगवान महावीर के मोक्ष प्राप्ति के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। जैन ग्रंथों के अनुसार, भगवान महावीर को इसी दिन ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">देशभर में दीपावली को बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। हर साल यह कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस बार दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस दिन लोग लक्ष्मी-गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और भाई दूज के दिन यह समाप्त हो जाता है। लक्ष्मी-गणेश के आगमन के लिए लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं और दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाते हैं। लोग इस पर्व पर उपहार स्वरूप एक दूसरे को मिठाईयां भी बांटतें हैं।&nbsp; &nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इस त्योहार को मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं</strong><br />
वाल्मीकि रामायण व रामचरितमानस के अनुसार, त्रेता में जब भगवान राम रावण का वध कर, चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके जब अयोध्या लौटे थे तब अयोध्या वासियों ने उनका स्वागत दीप प्रज्वलित कर किया था। माना जाता है कि तभी से बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में इसे मनाया जाने लगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दूसरी प्रचलित कथा यह है कि सतयुग में जब देवताओं ने दानवों के संग समुद्र मंथन किया, तब इससे अमृत कलश लिए भगवान धनवंतरि प्रकट हुए। जिस दिन भगवान धनवंतरि अमृत कलश लिए प्रकट हुए उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी। मान्यता है कि तभी से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाने की परंपरा चल पड़ी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इसी दिन सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद साहिब जी ग्वालियर किले से अपने साथ 52 कैदियों को जहांगीर की कैद से छुड़वाया था। इसी के उपलक्ष्य में सिख समुदाय के लोग में इस दिन को बंदी छोड़ दिवस यानी आजादी के दिन के रूप में मनाते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जैन धर्म में दिवाली भगवान महावीर के मोक्ष प्राप्ति के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। जैन ग्रंथों के अनुसार, </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">भगवान महावीर</span><span style="font-size:18px;"> को इसी दिन ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41759.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Why is Diwali celebrated, know the reason behind it]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/do-not-do-these-things-by-mistake-on-diwali-on-the-day-of-kartik-amavasya]]></guid>
                       <title><![CDATA[कार्तिक अमावस्या के दिन दीपावली पर भूलकर न करें ये कार्य]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/do-not-do-these-things-by-mistake-on-diwali-on-the-day-of-kartik-amavasya]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 17 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

दीपावली हर साल कार्तिक अमावस्या को मनाने की परंपरा है। इस बार दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक है।&nbsp;

भारत को त्योहारों का देश माना जाता है। यहां हर साल कई त्योहार मनाए जाते हैं। देशभर में दीपावली बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। इस दिन लोग लक्ष्मी-गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और भाई दूज के दिन यह समाप्त हो जाता है। लक्ष्मी-गणेश के आगमन के लिए लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं और दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाते हैं। लोग इस पर्व पर उपहार स्वरूप एक दूसरे को मिठाईयां भी बांटतें हैं।&nbsp;

इस दिन ये कार्य बिल्कुल न करें
दीपावली अमावस्या के दिन कुछ चीजों को करने से मनाही होती है। माना जाता है कि अमावस्या पर नकारात्मक शक्तियां प्रबल रहती हैं। अमावस्या के दिन बाल काटना, नाखून काटना तथा गृह प्रवेश आदि नहीं करना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज व मांस-मदिरा आदि का भी सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी भी सुनसान जगह जाने से भी बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि अमावस्या के दिन इन कार्यों को करने से जीवन में कई समस्याएं आ सकती हैं। दिवाली की देर रात तक घर का मुख्य दरवाजा खुला रखें, बंद न रखें। कहा जाता है कि दिवाली की रात में मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घर आती हैं।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दीपावली हर साल कार्तिक अमावस्या को मनाने की परंपरा है। इस बार दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारत को त्योहारों का देश माना जाता है। यहां हर साल कई त्योहार मनाए जाते हैं। देशभर में दीपावली बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। इस दिन लोग लक्ष्मी-गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और भाई दूज के दिन यह समाप्त हो जाता है। लक्ष्मी-गणेश के आगमन के लिए लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं और दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाते हैं। लोग इस पर्व पर उपहार स्वरूप एक दूसरे को मिठाईयां भी बांटतें हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इस दिन ये कार्य बिल्कुल न करें</strong><br />
दीपावली अमावस्या के दिन कुछ चीजों को करने से मनाही होती है। माना जाता है कि अमावस्या पर नकारात्मक शक्तियां प्रबल रहती हैं। अमावस्या के दिन बाल काटना, नाखून काटना तथा गृह प्रवेश आदि नहीं करना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज व मांस-मदिरा आदि का भी सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी भी सुनसान जगह जाने से भी बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि अमावस्या के दिन इन कार्यों को करने से जीवन में कई समस्याएं आ सकती हैं। दिवाली की देर रात तक घर का मुख्य दरवाजा खुला रखें, बंद न रखें। कहा जाता है कि दिवाली की रात में मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घर आती हैं।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41757.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Do not do these things by mistake on Diwali on the day of Kartik Amavasya]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/20th-or-21st-october-know-the-date-of-diwali-and-auspicious-time-of-worship]]></guid>
                       <title><![CDATA[20 या 21 अक्टूबर? जानिए दीपावली की तारीख व पूजा का शुभ मुहूर्त  ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/20th-or-21st-october-know-the-date-of-diwali-and-auspicious-time-of-worship]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 16 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

इस साल दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दीपावली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे पुरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। इस दिन लोग माता लक्ष्मी, भगवान गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इससे घर परिवार में खुशहाली आती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दिन लोग अपने घरों में दीए जलाते हैं। मान्यता है कि रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम के अयोध्या लौटने पर पूरे गांव को दीपों से सजाया गया था। तब से इस दिन को अच्छाई की जीत तथा प्रकाश के उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा है। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से ही हो जाती है।

दिवाली&nbsp;&nbsp;
हर वर्ष दीपावली कार्तिक अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। इस बार अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:55 बजे समाप्त होगी। इसीलिए दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर को दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक रहेगा।&nbsp; &nbsp;

छोटी दिवाली&nbsp;
19 अक्तूबर को छोटी दिवाली मनाई जाएगी। छोटी दिवाली पर शाम को घर के बाहर मुख्य द्वार पर यम देव के लिए चार मुखी दीपक जलाने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।&nbsp;

इस बार की दिवाली बेहद खास
ज्योतिष के अनुसार, इस बार की दिवाली बहुत ही खास रहेगी। इस दिवाली पर 100 साल के बाद एक विशेष योग बनने जा रहा है जो कि बहुत ही दुर्लभ और शक्तिशाली होगा। इसकी वजह से 3 राशियां कर्क, वृश्चिक व तुला के जीवन में बहुत ही बड़े बदलाव होंगे। इस योग से जीवन में अपार धन, प्रतिष्ठा व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस साल दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दीपावली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे पुरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। इस दिन लोग माता लक्ष्मी, भगवान गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इससे घर परिवार में खुशहाली आती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दिन लोग अपने घरों में दीए जलाते हैं। मान्यता है कि रावण पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम के अयोध्या लौटने पर पूरे गांव को दीपों से सजाया गया था। तब से इस दिन को अच्छाई की जीत तथा प्रकाश के उत्सव के रूप में मनाने की परंपरा है। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से ही हो जाती है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>दिवाली&nbsp;&nbsp;</strong><br />
हर वर्ष दीपावली कार्तिक अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। इस बार अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:55 बजे समाप्त होगी। इसीलिए दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर को दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक रहेगा।&nbsp; &nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>छोटी दिवाली&nbsp;</strong><br />
19 अक्तूबर को छोटी दिवाली मनाई जाएगी। छोटी दिवाली पर शाम को घर के बाहर मुख्य द्वार पर यम देव के लिए चार मुखी दीपक जलाने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इस बार की दिवाली बेहद खास</strong><br />
ज्योतिष के अनुसार, इस बार की दिवाली बहुत ही खास रहेगी। इस दिवाली पर 100 साल के बाद एक विशेष योग बनने जा रहा है जो कि बहुत ही दुर्लभ और शक्तिशाली होगा। इसकी वजह से 3 राशियां कर्क, वृश्चिक व तुला के जीवन में बहुत ही बड़े बदलाव होंगे। इस योग से जीवन में अपार धन, प्रतिष्ठा व सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/images241746.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[20th or 21st October? Know the date of Diwali and auspicious time of worship]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/national-news/this-diwali-a-rare-rajyoga-will-be-formed-after-100-years-the-luck-of-these-people-will-open]]></guid>
                       <title><![CDATA[इस दिवाली पर 100 साल बाद बनेगा दुर्लभ राजयोग, इन लोगों की खुलेगी किस्मत ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/national-news/this-diwali-a-rare-rajyoga-will-be-formed-after-100-years-the-luck-of-these-people-will-open]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 14 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

हर वर्ष दीपावली का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस बार दीपावली अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:55 बजे समाप्त होगी। इसीलिए दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाया जायेगा। धनतेरस से ही इस त्योहार की शुरुआत हो जाती है। दीपावली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे पुरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। 20 अक्टूबर को लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक रहेगा।&nbsp;&nbsp;

ज्योतिष के अनुसार, इस बार की जो दिवाली का त्यौहार है वह बहुत ही खास रहेगा। इस दिवाली पर एक विशेष योग बनने जा रहा है जो कि बहुत ही दुर्लभ और शक्तिशाली माना जाता है। आपको बता दें कि यह योग 100 साल के बाद बनने जा रहा है। इस योग की वजह से 3 राशियों के जीवन में बहुत ही बड़े बदलाव होंगे। इस योग से जीवन में अपार धन, प्रतिष्ठा व सुख-समृद्धि आती है।&nbsp;

&nbsp;

दिवाली पर हंस महापुरुष राजयोग के बनने से इन राशियों को मिलेगा फायदा&nbsp;

1. कर्क
कर्क राशि वालों के लग्न भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने जा रहा है। यह योग करियर व आर्थिक रूप से बहुत ही शुभ रहेगा। रुके हुए काम भी पूर्ण होंगे। परिवार से मदद मिलेगा। मानसिक तनाव कम तथा सेहत में सुधार होगा।&nbsp;

2. वृश्चिक
वृश्चिक राशि वालों के नवम भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने वाला है। प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपके काम की सराहना होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। करियर में उन्नति होगी। धन लाभ के योग बनेंगें।&nbsp;

3. तुला
तुला राशि वालों के दशम भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने जा रहा है। यह योग तुला राशि वालों के लिए वरदान साबित होगा। करियर में उन्नति होगी और प्रमोशन या वेतन वृद्धि के संजोग बनेंगें। व्यापार करने वालो को भी होगा फायदा।

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हर वर्ष दीपावली का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस बार दीपावली अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3:45 बजे से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 5:55 बजे समाप्त होगी। इसीलिए दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाया जायेगा। धनतेरस से ही इस त्योहार की शुरुआत हो जाती है। दीपावली हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है जिसे पुरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। 20 अक्टूबर को लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक रहेगा।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ज्योतिष के अनुसार, इस बार की जो दिवाली का त्यौहार है वह बहुत ही खास रहेगा। इस दिवाली पर एक विशेष योग बनने जा रहा है जो कि बहुत ही दुर्लभ और शक्तिशाली माना जाता है। आपको बता दें कि यह योग 100 साल के बाद बनने जा रहा है। इस योग की वजह से 3 राशियों के जीवन में बहुत ही बड़े बदलाव होंगे। इस योग से जीवन में अपार धन, प्रतिष्ठा व सुख-समृद्धि आती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">दिवाली पर हंस महापुरुष राजयोग के बनने से इन राशियों को मिलेगा फायदा&nbsp;</span></strong></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>1. कर्क</strong><br />
कर्क राशि वालों के लग्न भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने जा रहा है। यह योग करियर व आर्थिक रूप से बहुत ही शुभ रहेगा। रुके हुए काम भी पूर्ण होंगे। परिवार से मदद मिलेगा। मानसिक तनाव कम तथा सेहत में सुधार होगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>2. वृश्चिक</strong><br />
वृश्चिक राशि वालों के नवम भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने वाला है। प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपके काम की सराहना होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। करियर में उन्नति होगी। धन लाभ के योग बनेंगें।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>3. तुला</strong><br />
तुला राशि वालों के दशम भाव में हंस महापुरुष राजयोग बनने जा रहा है। यह योग तुला राशि वालों के लिए वरदान साबित होगा। करियर में उन्नति होगी और प्रमोशन या वेतन वृद्धि के संजोग बनेंगें। व्यापार करने वालो को भी होगा फायदा।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41731.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[This Diwali, a rare Rajyoga will be formed after 100 years, the luck of these people will open.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/3-cough-syrups-pose-a-threat-to-life-who-issues-warning]]></guid>
                       <title><![CDATA[3 कफ सिरप से जान को खतरा, WHO ने जारी की चेतावनी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/3-cough-syrups-pose-a-threat-to-life-who-issues-warning]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 14 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बीते सोमवार को भारत में तीन मिलावटी कफ सिरप के खिलाफ चेतावनी जारी की है। जिन कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी हुई है वे श्रीसन फार्मास्यूटिकल की कोल्ड्रिफ, रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर तथा शेप फार्मा की रीलाइफ&nbsp;हैं। बताया जा रहा है कि इन तीनों कफ सिरप से जान के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।&nbsp;

आपको बता दें कि कोल्ड्रिफ वही सिरप है, जिसकी वजह से हाल में मध्य प्रदेश में सितंबर से अभी तक 5 वर्ष से कम उम्र वाले करीब&nbsp;25 बच्चों की जान चली गई है। सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल व एथिलीन ग्लाइकॉल शामिल थे जो किडनी कि लिए खतरनाक हैं। कोल्ड्रिफ में किडनी खराब करने वाला 48% जहरीले पदार्थ शामिल थे। इस कंपनी द्वारा नेशनल ड्रग सेफ्टी के कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, फिर भी कई सालों तक यह अपना कारोबार चलाती रही।&nbsp;

श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी को किया बंद&nbsp;
कोल्ड्रिफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम में श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा बनाई जाती थी। तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बीते कल सोमवार को इस फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी पर हमेशा के लिए ताला लगा दिया। मध्य प्रदेश पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को 9 अक्टूबर को चेन्नई से गिरफ्तार कर 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा दिया।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बीते सोमवार को भारत में तीन मिलावटी कफ सिरप के खिलाफ चेतावनी जारी की है। जिन कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी हुई है वे श्रीसन फार्मास्यूटिकल की कोल्ड्रिफ, रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर तथा शेप फार्मा की रीलाइफ&nbsp;हैं। बताया जा रहा है कि इन तीनों कफ सिरप से जान के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि कोल्ड्रिफ वही सिरप है, जिसकी वजह से हाल में मध्य प्रदेश में सितंबर से अभी तक 5 वर्ष से कम उम्र वाले करीब&nbsp;25 बच्चों की जान चली गई है। सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल व एथिलीन ग्लाइकॉल शामिल थे जो किडनी कि लिए खतरनाक हैं। कोल्ड्रिफ में किडनी खराब करने वाला 48% जहरीले पदार्थ शामिल थे। इस कंपनी द्वारा नेशनल ड्रग सेफ्टी के कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, फिर भी कई सालों तक यह अपना कारोबार चलाती रही।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी को किया बंद&nbsp;</strong><br />
कोल्ड्रिफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम में श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा बनाई जाती थी। तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बीते कल सोमवार को इस फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी पर हमेशा के लिए ताला लगा दिया। मध्य प्रदेश पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को 9 अक्टूबर को चेन्नई से गिरफ्तार कर 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा दिया।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41724.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[3 Cough syrups pose a threat to life, WHO issues warning]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/when-is-dhanteras-18th-or-19th-october-know-the-date-and-auspicious-time-of-puja]]></guid>
                       <title><![CDATA[18 या 19 अक्टूबर, धनतेरस कब है? जानें पूजा की डेट व शुभ मुहूर्त ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/when-is-dhanteras-18th-or-19th-october-know-the-date-and-auspicious-time-of-puja]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 13 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। इस बार कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 18 अक्टूबर को दोपहर 12:20 बजे से होगी और 19 अक्टूबर को दोपहर 1:53 बजे तक रहेगी। इसीलिए इस वर्ष धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी, भगवान कुबेर व धनवंतरी जी की पूजा की जाती है। मान्यता यह है कि इनकी पूजा से घर परिवार में सुख-संपन्नता बनी रहती है और खुशहाली आती है। इस दिन नई वस्तुएं खरीदने की भी परंपरा है क्यों कि कहा जाता है इस अवसर पर नई वस्तुओं की खरीदारी करने से धन-दौलत में बढ़ोतरी होती है। इस दिन सोना-चांदी के अलावा बर्तन तथा झाडू आदि भी खरीदने की परंपरा है। धनतेरस के साथ ही दीपावली पर्व की भी शुरुआत हो जाती है।&nbsp;

पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस को शाम में माता लक्ष्मी, भगवान धनवंतरि और कुबेर की पूजा की जाती है। धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त 18 अक्टूबर को शाम 7:11 बजे से रात 9:22 बजे तक है।&nbsp;

कुछ चीजें भूलकर न खरीदें&nbsp;
मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करने से धन-दौलत बढ़ता है पर कुछ चीजें ऐसी भी है जिसे भूलकर भी नहीं खरीदना चाहिए। जैसे कि&nbsp;लोहे की वस्तुएं न खरीदें। लोहे से बनी वस्तुएं खरीदना अशुभ माना जाता है। क्यों कि लोहा को शनि का कारक माना जाता है और यह अशुभ होता है। इस दिन को शीशे का सामान भी न खरीदें। शीशा को अस्थिरता का प्रतीक माना गया है। साथ ही इस शुभ दिन पर चाकू, कैंची, पिन, सुई या किसी भी तरह की नुकीली चीजें खरीदने से बचना चाहिए क्यों कि इसे अशुभ माना गया है।&nbsp;

क्यों मनाया जाता है&nbsp;
जब देवताओं तथा असुरों ने समुद्र मंथन किया, तब उस मंथन से बहुत सी कीमती चीजें निकली थीं और साथ ही माँ लक्ष्मी भी प्रकट हुईं थी। अंत में भगवान धन्वंतरि अमृत के कलश लेकर प्रकट हुए। इस अमृत के लिए देवताओं-असुरों के बीच लंबा संघर्ष चला। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को ही भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र में प्रकट हुए थे। तभी से इस तिथि को धनतेरस के रूप में मनाने और भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी व कुबेर देव की पूजा की जाने की परंपरा चली आ रही है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है। इस बार कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 18 अक्टूबर को दोपहर 12:20 बजे से होगी और 19 अक्टूबर को दोपहर 1:53 बजे तक रहेगी। इसीलिए इस वर्ष धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी, भगवान कुबेर व धनवंतरी जी की पूजा की जाती है। मान्यता यह है कि इनकी पूजा से घर परिवार में सुख-संपन्नता बनी रहती है और खुशहाली आती है। इस दिन नई वस्तुएं खरीदने की भी परंपरा है क्यों कि कहा जाता है इस अवसर पर नई वस्तुओं की खरीदारी करने से धन-दौलत में बढ़ोतरी होती है। इस दिन सोना-चांदी के अलावा बर्तन तथा झाडू आदि भी खरीदने की परंपरा है। धनतेरस के साथ ही दीपावली पर्व की भी शुरुआत हो जाती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पूजा का शुभ मुहूर्त</strong><br />
धनतेरस को शाम में माता लक्ष्मी, भगवान धनवंतरि और कुबेर की पूजा की जाती है। धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त 18 अक्टूबर को शाम 7:11 बजे से रात 9:22 बजे तक है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>कुछ चीजें भूलकर न खरीदें&nbsp;</strong><br />
मान्यता है कि इस दिन खरीदारी करने से धन-दौलत बढ़ता है पर कुछ चीजें ऐसी भी है जिसे भूलकर भी नहीं खरीदना चाहिए। जैसे कि&nbsp;लोहे की वस्तुएं न खरीदें। लोहे से बनी वस्तुएं खरीदना अशुभ माना जाता है। क्यों कि लोहा को शनि का कारक माना जाता है और यह अशुभ होता है। इस दिन को शीशे का सामान भी न खरीदें। शीशा को अस्थिरता का प्रतीक माना गया है। साथ ही इस शुभ दिन पर चाकू, कैंची, पिन, सुई या किसी भी तरह की नुकीली चीजें खरीदने से बचना चाहिए क्यों कि इसे अशुभ माना गया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>क्यों मनाया जाता है&nbsp;</strong><br />
जब देवताओं तथा असुरों ने समुद्र मंथन किया, तब उस मंथन से बहुत सी कीमती चीजें निकली थीं और साथ ही माँ लक्ष्मी भी प्रकट हुईं थी। अंत में भगवान धन्वंतरि अमृत के कलश लेकर प्रकट हुए। इस अमृत के लिए देवताओं-असुरों के बीच लंबा संघर्ष चला। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को ही भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र में प्रकट हुए थे। तभी से इस तिथि को धनतेरस के रूप में मनाने और भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी व कुबेर देव की पूजा की जाने की परंपरा चली आ रही है।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41715.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[When is Dhanteras, 18th or 19th October? Know the date and auspicious time of puja]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/sonam-wangchuks-wife-filed-habeas-corpus-petition-in-supreme-court]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोनम वांगचुक की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/sonam-wangchuks-wife-filed-habeas-corpus-petition-in-supreme-court]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 03 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अपने पति की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को&nbsp;सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। गीतांजलि ने दावा किया है कि उनके पति पर लगे सारे आरोप गलत हैं और उनकी गिरफ्तारी भी अवैध है। सोनम वांगचुक 24 सितंबर को लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किये गए थे।&nbsp;

गीतांजलि ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि उन्हें एक हफ्ता से सोनम की सेहत, उनकी हालत और साथ ही नजरबंदी के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। अंगमो ने अपने पति वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ NSA लगाने को कोर्ट में चुनौती दी है। अंगमो ने कहा कि उन्हें अभी तक सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी आर्डर की कॉपी भी नहीं मिली है। अंगमो PM मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह समेत लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता तक को पत्र लिख चुकी हैं।&nbsp;

बंदी प्रत्यक्षीकरण
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने का अधिकार हर नागरिक को होता है। अगर किसी व्यक्ति को गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में लिया गया है, तो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के तहत अदालत उस व्यक्ति को तुरंत कोर्ट में पेश करने का आदेश दे सकती है। आदेश जारी होते ही पुलिस को पूरी जानकारी कोर्ट के सामने पेश करनी होती है।

अंगमो ने लगाया आरोप
अंगमो का आरोप लगाया है कि उनके पति वांगचुक को चुप&nbsp;कराने के लिए कई महीने से विच हंट किया जा रहा है। वांगचुक हमेशा से गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन करते आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति सोनम वांगचुक पाकिस्तान गए थे तो इसमें गलत क्या है। वांगचुक जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित मीटिंग में गए थे।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अपने पति की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">2 अक्टूबर को&nbsp;</span><span style="font-size:18px;">सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। गीतांजलि ने दावा किया है कि उनके पति पर लगे सारे आरोप गलत हैं और उनकी गिरफ्तारी भी अवैध है। सोनम वांगचुक 24 सितंबर को लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किये गए थे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">गीतांजलि ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि उन्हें एक हफ्ता से सोनम की सेहत, उनकी हालत और साथ ही नजरबंदी के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। अंगमो ने अपने पति वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ NSA लगाने को कोर्ट में चुनौती दी है। अंगमो ने कहा कि उन्हें अभी तक सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी आर्डर की कॉपी भी नहीं मिली है। अंगमो PM मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह समेत लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता तक को पत्र लिख चुकी हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>बंदी प्रत्यक्षीकरण</strong><br />
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने का अधिकार हर नागरिक को होता है। अगर किसी व्यक्ति को गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में लिया गया है, तो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के तहत अदालत उस व्यक्ति को तुरंत कोर्ट में पेश करने का आदेश दे सकती है। आदेश जारी होते ही पुलिस को पूरी जानकारी कोर्ट के सामने पेश करनी होती है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>अंगमो ने लगाया आरोप</strong><br />
अंगमो का आरोप लगाया है कि उनके पति वांगचुक को चुप&nbsp;कराने के लिए कई महीने से विच हंट किया जा रहा है। वांगचुक हमेशा से गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन करते आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति सोनम वांगचुक पाकिस्तान गए थे तो इसमें गलत क्या है। वांगचुक जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित मीटिंग में गए थे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41644.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sonam Wangchuk's wife filed habeas corpus petition in Supreme Court]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/who-was-chhannulal-mishra-the-master-of-classical-singing-who-made-classical-music-famous-in-the-world]]></guid>
                       <title><![CDATA[कौन थे शास्त्रीय गायकी के उस्ताद छन्नूलाल मिश्र, जिन्होंने विश्व में दिलाई शास्त्रीय संगीत को प्रसिद्धि?]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/who-was-chhannulal-mishra-the-master-of-classical-singing-who-made-classical-music-famous-in-the-world]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 02 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक व पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र ने आज गुरुवार को करीब 90 साल की उम्र में मिर्जापुर में अंतिम सांस ली। शाम 7 बजे के करीब बनारस में उनका अंतिम संस्कार होगा। उनकी तबीयत लंबे समय से ठीक नहीं थी। उन्हें फेफड़ों में संक्रमण, डायबिटीज व ब्लड प्रेशर की समस्या थी। वे संगीत के किराना व बनारस घराने से ताल्लुक रखते थे। काशी की धरती पर ही वे शास्त्रीय संगीत को नए मुकाम पर ले गए और यहीं से वे विश्वभर में बनारस घराने का नाम रोशन किया। PM मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वे भारतीय कला-संस्कृति के समर्पित सेवक थे।

&nbsp;

बचपन बहुत ही कठिनायों में बीता&nbsp;

छन्नूलाल मिश्र का जन्म 1936 को अगस्त में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर में हुआ था। उनका बचपन बहुत ही कठिनायों में बीता था। आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। हालांकि संगीत उनके परिवार में सात पीढ़ियों से रचा-बसा था। उनके दादा एक प्रसिद्ध तबला वादक थे। संगीत के प्रति बहुत लगाव होने के चलते ही छन्नूलाल जब छह वर्ष के थे तभी से ही वे अपने पिता बद्री प्रसाद मिश्र से संगीत सीखना शुरू कर दिया था। नौ साल की उम्र में वे किराना घराने के उस्ताद अब्दुल गनी खान से खयाल सीखा। उसके बाद वे ठाकुर जयदेव सिंह से संगीत सीखा।&nbsp;

&nbsp;

कर्मभूमि रही बनारस&nbsp;

छन्नूलाल की कर्मभूमि बनारस था और वे किराना व बनारस घराना के गायक थे। वे खयाल, ठुमरी, भजन, दादरा, कजरी तथा चैती के लिए जाने जाते थे। गायकी की अद्भुत काम के लिए छन्नूलाल को वर्ष 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, वर्ष 2010 में पद्मभूषण वर्ष, वर्ष 2020 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

&nbsp;

पंडित मिश्र की गायिकी के कायल PM नरेंद्र मोदी भी रहे हैं। 2014 में जब मोदी काशी से चुनाव लड़े, तब वे छन्नूलाल मिश्र को अपना प्रस्तावक बनाया था।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक व पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र ने आज गुरुवार को करीब 90 साल की उम्र में मिर्जापुर में अंतिम सांस ली। शाम 7 बजे के करीब बनारस में उनका अंतिम संस्कार होगा। उनकी तबीयत लंबे समय से ठीक नहीं थी। उन्हें फेफड़ों में संक्रमण, डायबिटीज व ब्लड प्रेशर की समस्या थी। वे संगीत के किराना व बनारस घराने से ताल्लुक रखते थे। काशी की धरती पर ही वे शास्त्रीय संगीत को नए मुकाम पर ले गए और यहीं से वे विश्वभर में बनारस घराने का नाम रोशन किया। PM मोदी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वे भारतीय कला-संस्कृति के समर्पित सेवक थे।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">बचपन बहुत ही कठिनायों में बीता&nbsp;</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">छन्नूलाल मिश्र का जन्म 1936 को अगस्त में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर में हुआ था। उनका बचपन बहुत ही कठिनायों में बीता था। आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था। हालांकि संगीत उनके परिवार में सात पीढ़ियों से रचा-बसा था। उनके दादा एक प्रसिद्ध तबला वादक थे। संगीत के प्रति बहुत लगाव होने के चलते ही छन्नूलाल जब छह वर्ष के थे तभी से ही वे अपने पिता बद्री प्रसाद मिश्र से संगीत सीखना शुरू कर दिया था। नौ साल की उम्र में वे किराना घराने के उस्ताद अब्दुल गनी खान से खयाल सीखा। उसके बाद वे ठाकुर जयदेव सिंह से संगीत सीखा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">कर्मभूमि रही बनारस&nbsp;</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">छन्नूलाल की कर्मभूमि बनारस था और वे किराना व बनारस घराना के गायक थे। वे खयाल, ठुमरी, भजन, दादरा, कजरी तथा चैती के लिए जाने जाते थे। गायकी की अद्भुत काम के लिए छन्नूलाल को वर्ष 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, वर्ष 2010 में पद्मभूषण वर्ष, वर्ष 2020 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पंडित मिश्र की गायिकी के कायल PM नरेंद्र मोदी भी रहे हैं। 2014 में जब मोदी काशी से चुनाव लड़े, तब वे छन्नूलाल मिश्र को अपना प्रस्तावक बनाया था।</span></div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41627.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Who was Chhannulal Mishra, the master of classical singing, who made classical music famous in the world?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/gift-for-central-employees-before-festivals-30-days-bonus-announced]]></guid>
                       <title><![CDATA[त्योहारों से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा, 30 दिन के बोनस की घोषणा ​]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/gift-for-central-employees-before-festivals-30-days-bonus-announced]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 30 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

केंद्रीय कर्मचारियों को दशहरा-दिवाली पर बोनस का तोहफा देने का ऐलान हुआ है। वित्त मंत्रालय ने 2024-25 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर का अमाउंट बोनस के रूप में दिया जाएगा। आपको बता दें कि इसके लिए ग्रुप सी के सभी केंद्रीय कर्मचारी और साथ ही ग्रुप बी में आने वाले केंद्र के उन नॉन गजटेड कर्मचारियों को भी यह बोनस मिलेगा जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना के तहत नहीं आते हैं। केंद्र ने इस निर्णय से केंद्रीय कर्मचारियों व सुरक्षा बलों के जवानों को त्यौहार के समय में आर्थिक रूप से बहुत राहत दी है।&nbsp;

&nbsp;

इन कर्मचारियों को मिलेगा

इस बोनस का फायदा उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च 2025 तक सेवा में रहे या फिर जिन्होंने लगातार 6 महीने तक काम किया हो। साथ ही जिन्होंने पिछले 3 सालों में निर्धारित दिनों तक काम किया है, उन्हें भी बोनस मिलेगा। जिसने पूरे साल काम नहीं किया है, तो वह जितने महीने काम किया है, उसके अनुसार उन्हें बोनस मिलेगा। ऐसे एड-हॉक कर्मचारी, जिनकी सर्विस में कोई बाधा दिक्कत नहीं है, वे भी इस बोनस के पात्र होंगे। एडहॉक बोनस का फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के सभी पात्र कर्मियों को भी मिलेगा।&nbsp;

&nbsp;

पूरे वर्ष सर्विस में रहने वाले कर्मचारियों को 6,908 रूपए का बोनस तथा कैजुअल कर्मचारियों के लिए बोनस 1,184 रूपए&nbsp;तय हुई है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">केंद्रीय कर्मचारियों को दशहरा-दिवाली पर बोनस का तोहफा देने का ऐलान हुआ है। वित्त मंत्रालय ने 2024-25 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर का अमाउंट बोनस के रूप में दिया जाएगा। आपको बता दें कि इसके लिए ग्रुप सी के सभी केंद्रीय कर्मचारी और साथ ही ग्रुप बी में आने वाले केंद्र के उन नॉन गजटेड कर्मचारियों को भी यह बोनस मिलेगा जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना के तहत नहीं आते हैं। केंद्र ने इस निर्णय से केंद्रीय कर्मचारियों व सुरक्षा बलों के जवानों को त्यौहार के समय में आर्थिक रूप से बहुत राहत दी है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन कर्मचारियों को मिलेगा</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस बोनस का फायदा उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च 2025 तक सेवा में रहे या फिर जिन्होंने लगातार 6 महीने तक काम किया हो। साथ ही जिन्होंने पिछले 3 सालों में निर्धारित दिनों तक काम किया है, उन्हें भी बोनस मिलेगा। जिसने पूरे साल काम नहीं किया है, तो वह जितने महीने काम किया है, उसके अनुसार उन्हें बोनस मिलेगा। ऐसे एड-हॉक कर्मचारी, जिनकी सर्विस में कोई बाधा दिक्कत नहीं है, वे भी इस बोनस के पात्र होंगे। एडहॉक बोनस का फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के सभी पात्र कर्मियों को भी मिलेगा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पूरे वर्ष सर्विस में रहने वाले कर्मचारियों को 6,908 रूपए का बोनस तथा कैजुअल कर्मचारियों के लिए बोनस 1,184 <span style="text-align: justify;">रूपए&nbsp;</span>तय हुई है।&nbsp;</span></div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41610.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Gift for central employees before festivals, 30 days bonus announced]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/stampede-breaks-out-at-actor-joseph-vijays-rally-39-killed-so-far-many-injured-home-ministry-asks-for-report]]></guid>
                       <title><![CDATA[एक्टर जोशेफ विजय की रैली में मची भगदड़, अब तक 39 की गई जान, कई घायल, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/stampede-breaks-out-at-actor-joseph-vijays-rally-39-killed-so-far-many-injured-home-ministry-asks-for-report]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 28 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

तमिलनाडु के करूर में एक्टर जोशेफ विजय की रैली में बीते कल 27 सितंबर की शाम को भगदड़ मच गई। भगदड़ में करीब 39 लोगों की जानें गई हैं, जबकि 95 लोग घायल हैं। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले की रिपोर्ट मांगी है।

एक्टर जोशेफ विजय ने 2 फरवरी 2024 को तमिलगा वेत्री काजहाम (TVK) पार्टी बना कर 2026 में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसी वजह से वे&nbsp; प्रदेशभर में रैलियां कर रहे हैं। हाल में करूर में रैली की गई। जोशेफ विजय सत्तारूढ़ DMK के सबसे बड़े विरोधी के रूप में राजनीति में आना चाहते हैं। TVK के सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर बताया गया कि जोशेफ विजय दोपहर 12 बजे तक सभा स्थल पहुंचेंगे। इस वजह से लोग सुबह 11 बजे से ही जुटने लगे, पर विजय तय किये गए समय पर नहीं आए, बल्कि वे करीब शाम 7.30 बजे आए।

भगदड़ मचने की वजह&nbsp;
रैली में केवल 10 हजार लोगों की अनुमति मिली थी, पर 50 हजार लोगों की भीड़ इकठ्ठी हो गई। विजय की प्रचार बस इसी भीड़ के बीच से आई, इससे लोगो की भीड़ में दबाव बढ़ा, लोग एक दूसरे पर गिरने लगे। इसी दौरान वहां भगदड़ मची। विजय ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। लेकिन तब तक स्थिति बेकाबू हो चुकी थी। भीड़ इतनी थी कि एम्बुलेंस व वॉलंटियर्स का गिरे हुए लोगों तक तुरंत पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया था।

घायलों से नहीं मिले जोशेफ विजय
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद विजय घायलों से नहीं मिले और न उनके प्रति कोई संवेदना उन्होंने जताई। वे चार्टर्ड फ्लाइट से सीधे चेन्नई चले गए। केवल उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा- वे बहुत दर्द व दुःख महसूस कर रहे हैं। वह करूर में जान गंवाने वालों के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।&nbsp;

पुलिस द्वारा TVK के जिला सचिव पर मामला दर्ज&nbsp;
करूर पुलिस ने TVK के करूर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी वीपी मथियाझागन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि प्रचार कार्यक्रम के दौरान मानदंडों के उल्लंघन के लिए बीएनएस की धारा 109, 110, 125B, 223 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

PMO ने&nbsp;2 लाख रुपए देने&nbsp;की घोषणा&nbsp;
PM नरेंद्र मोदी ने करूर हादसे में मारे गए मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और वहीं घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।&nbsp;

CM स्टालिन ने किया अस्पताल का दौरा&nbsp;
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि पहले कभी भी एक राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में हादसे में इतने लोग नहीं मारे गए। स्टालिन ने शनिवार देर रात को सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया।&nbsp; करूर में शनिवार के भगदड़ में घायल लोगों से मिलकर उनके बेहतर इलाज करने का उन्होंने आदेश दिया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रूपए व घायलों को 1 लाख रूपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">तमिलनाडु के करूर में एक्टर जोशेफ विजय की रैली में बीते कल 27 सितंबर की शाम को भगदड़ मच गई। भगदड़ में करीब 39 लोगों की जानें गई हैं, जबकि 95 लोग घायल हैं। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले की रिपोर्ट मांगी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">एक्टर जोशेफ विजय ने 2 फरवरी 2024 को तमिलगा वेत्री काजहाम (TVK) पार्टी बना कर 2026 में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसी वजह से वे&nbsp; प्रदेशभर में रैलियां कर रहे हैं। हाल में करूर में रैली की गई। जोशेफ विजय सत्तारूढ़ DMK के सबसे बड़े विरोधी के रूप में राजनीति में आना चाहते हैं। TVK के सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर बताया गया कि जोशेफ विजय दोपहर 12 बजे तक सभा स्थल पहुंचेंगे। इस वजह से लोग सुबह 11 बजे से ही जुटने लगे, पर विजय तय किये गए समय पर नहीं आए, बल्कि वे करीब शाम 7.30 बजे आए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>भगदड़ मचने की वजह&nbsp;</strong><br />
रैली में केवल 10 हजार लोगों की अनुमति मिली थी, पर 50 हजार लोगों की भीड़ इकठ्ठी हो गई। विजय की प्रचार बस इसी भीड़ के बीच से आई, इससे लोगो की भीड़ में दबाव बढ़ा, लोग एक दूसरे पर गिरने लगे। इसी दौरान वहां भगदड़ मची। विजय ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। लेकिन तब तक स्थिति बेकाबू हो चुकी थी। भीड़ इतनी थी कि एम्बुलेंस व वॉलंटियर्स का गिरे हुए लोगों तक तुरंत पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया था।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>घायलों से नहीं मिले जोशेफ विजय</strong><br />
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद विजय घायलों से नहीं मिले और न उनके प्रति कोई संवेदना उन्होंने जताई। वे चार्टर्ड फ्लाइट से सीधे चेन्नई चले गए। केवल उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा- वे बहुत दर्द व दुःख महसूस कर रहे हैं। वह करूर में जान गंवाने वालों के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पुलिस द्वारा TVK के जिला सचिव पर मामला दर्ज</strong>&nbsp;<br />
करूर पुलिस ने TVK के करूर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी वीपी मथियाझागन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि प्रचार कार्यक्रम के दौरान मानदंडों के उल्लंघन के लिए बीएनएस की धारा 109, 110, 125B, 223 के तहत मामला दर्ज हुआ है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>PMO ने&nbsp;2 लाख रुपए देने&nbsp;की घोषणा&nbsp;</strong><br />
PM नरेंद्र मोदी ने करूर हादसे में मारे गए मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और वहीं घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>CM स्टालिन ने किया अस्पताल का दौरा&nbsp;</strong><br />
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि पहले कभी भी एक राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में हादसे में इतने लोग नहीं मारे गए। स्टालिन ने शनिवार देर रात को सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया।&nbsp; करूर में शनिवार के भगदड़ में घायल लोगों से मिलकर उनके बेहतर इलाज करने का उन्होंने आदेश दिया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रूपए व घायलों को 1 लाख रूपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41594.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Stampede breaks out at actor Joseph Vijay's rally, 39 killed so far, many injured, Home Ministry asks for report]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/election-commission-is-strict-to-ensure-that-voter-list-is-not-misused-launches-e-sign-facility]]></guid>
                       <title><![CDATA[वोटर लिस्ट का मिसयूज न हो इसके लिए चुनाव आयोग सख्त, लांच की e-Sign सुविधा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/election-commission-is-strict-to-ensure-that-voter-list-is-not-misused-launches-e-sign-facility]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 24 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

भारतीय चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव से पहले ही e-Sign सुविधा लॉन्च कर दी है। इससे&nbsp;वोटर लिस्ट से नाम हटाना मुश्किल होगा। ऑनलाइन वोटर डिलीशन और करेक्शन में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए यह फैसला लिया गया है। इसके लिए चुनाव आयोग ने ECINet पोर्टल तथा ऐप पर e-sign फीचर शुरू किया है। अब से सभी आवेदन के लिए आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर से OTP द्वारा वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

&nbsp;

आपको बता दें कि हाल के दिनों में चुनाव आयोग पर कर्नाटक में हजारों वोटर डिलीट करने के आरोप लगे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था। इसके बाद ही चुनाव आयोग द्वारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सख्त करने का निर्णय लिया गया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगें और साथ ही अधिकारी भी उन पर कार्रवाई कर सकेंगें। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।&nbsp;

&nbsp;

e-Sign सुविधा

ई-साइन भारत सरकार द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के जरिए दी गई एक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक साइन सेवा है। यह यूजर्स को आधार नंबर का इस्तेमाल करके किसी डॉक्यूमेंट पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने की इजाजत देती है। अब इसके जरिए ही वोटर आईडी को डिलीट या सुधार करने के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस के रूप में शुरू किया गया है।&nbsp;

&nbsp;

वोटर लिस्ट का मिसयूज तथा फर्जी आवेदन रोकने में मदद

पहले केवल वोटर ID नंबर से मोबाइल नंबर लिंक करके फॉर्म को सबमिट जाता था। इससे कई बार गलत नंबर का भी उपयोग कर दिया जाता था। अब e-sign फीचर के अंतर्गत आधार नंबर डालना जरुरी होगा। इसके बाद आधार से लिंक मोबाइल पर OTP आएगा और फिर इस OTP को बताने के बाद ही फॉर्म सबमिट हो सकेगा। e-sign प्रोसेस हो जाने के बाद ही आवेदन करने वालों को फॉर्म जमा करने के लिए ECINet पोर्टल पर रि-डायरेक्ट कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि यह यह नियम Form 6 (न्यू रजिस्ट्रेशन), Form 7 (डिलीशन/ऑब्जेक्शन) तथा&nbsp; Form 8 (करेक्शन) पर लागू होगा।&nbsp;

&nbsp;

फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी होगा

चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी मतदाता का नाम ऑनलाइन सीधे डिलीट नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाना जरूरी है। मतदाता का नाम डिलीट किये जाने से पहले मतदाता को अपनी बात कहने का पूरा मौका दिया जाएगा।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारतीय चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव से पहले ही e-Sign सुविधा लॉन्च कर दी है। इससे&nbsp;वोटर लिस्ट से नाम हटाना मुश्किल होगा। ऑनलाइन वोटर डिलीशन और करेक्शन में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए यह फैसला लिया गया है। इसके लिए चुनाव आयोग ने ECINet पोर्टल तथा ऐप पर e-sign फीचर शुरू किया है। अब से सभी आवेदन के लिए आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर से OTP द्वारा वेरिफिकेशन जरूरी होगा।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि हाल के दिनों में चुनाव आयोग पर कर्नाटक में हजारों वोटर डिलीट करने के आरोप लगे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था। इसके बाद ही चुनाव आयोग द्वारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सख्त करने का निर्णय लिया गया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगें और साथ ही अधिकारी भी उन पर कार्रवाई कर सकेंगें। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>e-Sign सुविधा</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ई-साइन भारत सरकार द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के जरिए दी गई एक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक साइन सेवा है। यह यूजर्स को आधार नंबर का इस्तेमाल करके किसी डॉक्यूमेंट पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने की इजाजत देती है। अब इसके जरिए ही वोटर आईडी को डिलीट या सुधार करने के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस के रूप में शुरू किया गया है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>वोटर लिस्ट का मिसयूज तथा फर्जी आवेदन रोकने में मदद</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पहले केवल वोटर ID नंबर से मोबाइल नंबर लिंक करके फॉर्म को सबमिट जाता था। इससे कई बार गलत नंबर का भी उपयोग कर दिया जाता था। अब e-sign फीचर के अंतर्गत आधार नंबर डालना जरुरी होगा। इसके बाद आधार से लिंक मोबाइल पर OTP आएगा और फिर इस OTP को बताने के बाद ही फॉर्म सबमिट हो सकेगा। e-sign प्रोसेस हो जाने के बाद ही आवेदन करने वालों को फॉर्म जमा करने के लिए ECINet पोर्टल पर रि-डायरेक्ट कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि यह यह नियम Form 6 (न्यू रजिस्ट्रेशन), Form 7 (डिलीशन/ऑब्जेक्शन) तथा&nbsp; Form 8 (करेक्शन) पर लागू होगा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी होगा</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी मतदाता का नाम ऑनलाइन सीधे डिलीट नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाना जरूरी है। मतदाता का नाम डिलीट किये जाने से पहले मतदाता को अपनी बात कहने का पूरा मौका दिया जाएगा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41550.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Election Commission is strict to ensure that voter list is not misused, launches e-sign facility]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/first-blessing/news/national-news/how-to-worship-maa-chandraghanta-on-the-third-day-of-shardiya-navratri-tomorrow-know-the-auspicious-time-and-enjoyment]]></guid>
                       <title><![CDATA[शारदीय नवरात्रि के कल तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा कैसे करें ? जानें शुभ मुहूर्त व भोग ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/first-blessing/news/national-news/how-to-worship-maa-chandraghanta-on-the-third-day-of-shardiya-navratri-tomorrow-know-the-auspicious-time-and-enjoyment]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 23 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन कल बुधवार 24 सितंबर को है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां देवी के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होता है और इसी वजह से मां देवी को चंद्रघंटा कहा जाता है। मां चंद्रघंटा का वाहन बाघ है। इसीलिए ये बाघ पर सवार होती हैं। देवी का यह जो रूप है वो शांति, साहस तथा कल्याण का प्रतीक है। माना जाता है कि ये हमेशा अपने भक्तों की रक्षा के लिये समर्पित रहती हैं। भक्तों कि रक्षा के लिए वे हाथों में त्रिशूल, गदा और तलवार धारण की होती हैं। मां चंद्रघंटा भक्तों को शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं। परिवार में खुशियां आती हैं। इस दिन हरा, आसमानी तथा नारंगी रंग के कपड़े पहनना बहुत ही शुभ होता है।&nbsp;&nbsp;

शुभ मुहूर्त
24 सितंबर सुबह 4:35-5:23 बजे तक पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त,&nbsp; सुबह 9:11-10:57 बजे तक अमृत काल और इसके बाद दोपहर 2:14-3:02 बजे तक विजय मुहूर्त रहेगा।&nbsp;

मां चंद्रघंटा का भोग&nbsp;
माता चंद्रघंटा को गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाने से लोगों के सभी कष्टों दूर हो जाते हैं।&nbsp;

पूजा विधि&nbsp;
मां चंद्रघंटा को फूल, अक्षत, चंदन, सिंदूर अर्पण कर खीर का भोग लगाएं और कथा का पाठ करें। अंतिम में दीप जलाकर मंत्र का जप और आरती करें।

कथा&nbsp;
ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा ने चंद्रघंटा का रूप धारण कर दैत्यों के आंतक को समाप्त किया था। कहा जाता है जिस वक्त महिषासुर के आंतक से देवता परेशान हो रहे थे तो उस वक्त वे ब्रह्मा, विष्णु व महेश की शरण में चले गए। तब त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु व महेश के क्रोध से निकलने वाली&nbsp; ऊर्जा से मां चंद्रघंटा का रूप प्रकट हुआ था।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन कल बुधवार 24 सितंबर को है। नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां देवी के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित होता है और इसी वजह से मां देवी को चंद्रघंटा कहा जाता है। मां चंद्रघंटा का वाहन बाघ है। इसीलिए ये बाघ पर सवार होती हैं। देवी का यह जो रूप है वो शांति, साहस तथा कल्याण का प्रतीक है। माना जाता है कि ये हमेशा अपने भक्तों की रक्षा के लिये समर्पित रहती हैं। भक्तों कि रक्षा के लिए वे हाथों में त्रिशूल, गदा और तलवार धारण की होती हैं। मां चंद्रघंटा भक्तों को शांति और समृद्धि प्रदान करती हैं। परिवार में खुशियां आती हैं। इस दिन हरा, आसमानी तथा नारंगी रंग के कपड़े पहनना बहुत ही शुभ होता है।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>शुभ मुहूर्त</strong><br />
24 सितंबर सुबह 4:35-5:23 बजे तक पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त,&nbsp; सुबह 9:11-10:57 बजे तक अमृत काल और इसके बाद दोपहर 2:14-3:02 बजे तक विजय मुहूर्त रहेगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>मां चंद्रघंटा का भोग&nbsp;</strong><br />
माता चंद्रघंटा को गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाने से लोगों के सभी कष्टों दूर हो जाते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पूजा विधि&nbsp;</strong><br />
मां चंद्रघंटा को फूल, अक्षत, चंदन, सिंदूर अर्पण कर खीर का भोग लगाएं और कथा का पाठ करें। अंतिम में दीप जलाकर मंत्र का जप और आरती करें।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>कथा&nbsp;</strong><br />
ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा ने चंद्रघंटा का रूप धारण कर दैत्यों के आंतक को समाप्त किया था। कहा जाता है जिस वक्त महिषासुर के आंतक से देवता परेशान हो रहे थे तो उस वक्त वे ब्रह्मा, विष्णु व महेश की शरण में चले गए। तब त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु व महेश के क्रोध से निकलने वाली&nbsp; ऊर्जा से मां चंद्रघंटा का रूप प्रकट हुआ था।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41545.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[How to worship Maa Chandraghanta on the third day of Shardiya Navratri tomorrow? Know the auspicious time and enjoyment]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/5-countries-including-france-recognized-palestine-as-an-independent-country-netanyahu-angry-with-this-decision]]></guid>
                       <title><![CDATA[फ्रांस सहित 5 देशों ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश की मान्यता दी, इस फैसले से नेतन्याहू नाराज ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/5-countries-including-france-recognized-palestine-as-an-independent-country-netanyahu-angry-with-this-decision]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 23 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

फ्रांस, मोनाको, माल्टा, लक्जमबर्ग तथा बेल्जियम ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश की मान्यता दे दी है। कल सोमवार रात को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) के सदस्य देशों ने इजराइल-फिलिस्तीन विवाद के समाधान के लिए बैठक की और इसकी आधिकारिक घोषणा की। आपको बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता फ्रांस व सऊदी अरब कर रहे थे। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि फिलिस्तीनियों को राष्ट्र के तौर पर दर्जा देना, उनका अधिकार है, कोई उपहार नहीं। इसके बिना अशांति बनी रहेगी।&nbsp;

वहीं इजराइल ने इस पर आपत्ति जताई है। UN में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि इजराइल इसका जवाब देगा।

बेल्जियम ने शर्त के साथ मान्यता दी
बेल्जियम ने फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता तो दी है पर इसके लिए उसने एक शर्त रखी है। बेल्जियम ने शर्त में यह कहा कि गाजा में हमास को सत्ता से हटा देने के बाद ही यह कानूनी रूप से लागू होगी।&nbsp;

इससे पहले रविवार को ये 4 देशों- ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया तथा पुर्तगाल ने भी फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अभी तक लगभग 150 देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। चीन व रूस ने 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अमेरिका ऐसा देश है जिसने फिलिस्तीन को मान्यता नहीं दी है।

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि अब गाजा के शासन में हमास की कोई दखल अंदाज़ी नहीं होगी। अब्बास ने गाजा में जंग खत्म होते ही चुनाव कराने और 3 महीने के अंदर एक अंतरिम संविधान तैयार करने का वादा किया है।&nbsp;

पश्चिमी देश फिलिस्तीन को मान्यता&nbsp;क्यों दे रहे
जानकारी के अनुसार कई सालों से पश्चिमी देश ये कहता आया है कि जब हालात ठीक होंगे तब फिलिस्तीन को देश के रूप में मान्यता दे दी जाएगी। गाजा में करीब 2 साल से जारी जंग में भुखमरी व बर्बादी देखने को मिल रही है। इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर इजराइल के बारे में दुनिया की राय बदल रही है। इसी के चलते कई देशों ने फिलिस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने का फैसला किया।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">फ्रांस, मोनाको, माल्टा, लक्जमबर्ग तथा बेल्जियम ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश की मान्यता दे दी है। कल सोमवार रात को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) के सदस्य देशों ने इजराइल-फिलिस्तीन विवाद के समाधान के लिए बैठक की और इसकी आधिकारिक घोषणा की। आपको बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता फ्रांस व सऊदी अरब कर रहे थे। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि फिलिस्तीनियों को राष्ट्र के तौर पर दर्जा देना, उनका अधिकार है, कोई उपहार नहीं। इसके बिना अशांति बनी रहेगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वहीं इजराइल ने इस पर आपत्ति जताई है। UN में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि इजराइल इसका जवाब देगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>बेल्जियम ने शर्त के साथ मान्यता दी</strong><br />
बेल्जियम ने फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता तो दी है पर इसके लिए उसने एक शर्त रखी है। बेल्जियम ने शर्त में यह कहा कि गाजा में हमास को सत्ता से हटा देने के बाद ही यह कानूनी रूप से लागू होगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इससे पहले रविवार को ये 4 देशों- ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया तथा पुर्तगाल ने भी फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अभी तक लगभग 150 देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। चीन व रूस ने 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अमेरिका ऐसा देश है जिसने फिलिस्तीन को मान्यता नहीं दी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि अब गाजा के शासन में हमास की कोई दखल अंदाज़ी नहीं होगी। अब्बास ने गाजा में जंग खत्म होते ही चुनाव कराने और 3 महीने के अंदर एक अंतरिम संविधान तैयार करने का वादा किया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पश्चिमी देश फिलिस्तीन को मान्यता&nbsp;</strong></span><strong style="font-size: 18px; text-align: justify;">क्यों</strong><span style="font-size:18px;"><strong> दे रहे</strong><br />
जानकारी के अनुसार कई सालों से पश्चिमी देश ये कहता आया है कि जब हालात ठीक होंगे तब फिलिस्तीन को देश के रूप में मान्यता दे दी जाएगी। गाजा में करीब 2 साल से जारी जंग में भुखमरी व बर्बादी देखने को मिल रही है। इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर इजराइल के बारे में दुनिया की राय बदल रही है। इसी के चलते कई देशों ने फिलिस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने का फैसला किया।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41535.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ 5 countries including France recognized Palestine as an independent country, Netanyahu angry with this decision]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/news/national-news/which-offerings-to-the-9-forms-of-maa-durga-during-navratri-and-what-is-its-significance]]></guid>
                       <title><![CDATA[नवरात्रि में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों को कौन सा भोग लगाएं और क्या हैं इसके महत्व ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/news/national-news/which-offerings-to-the-9-forms-of-maa-durga-during-navratri-and-what-is-its-significance]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 22 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आज सोमवार 22 सितंबर से हो गई है। नवरात्रि के 9 दिनों में देवी दुर्गा की 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। देवी के अलग अलग स्वरूप के लिए अलग-अलग भोग चढ़ाने की परंपरा है। नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों के साथ उनके प्रिय भोग के बारे में जान लेते हैं।&nbsp;

माता शैलपुत्री (पहला दिन)&nbsp;

पहले दिन&nbsp;गाय के घी से बना भोग मां शैलपुत्री को चढ़ाएं। इससे परिवार में सुख की प्राप्ति होती है। साथ ही इससे रोग से मुक्ति मिलती है और सभी तरह के कष्टों से भी निजात मिलता है।&nbsp;

माता ब्रह्मचारिणी (दूसरा दिन) 

दूसरा दिन&nbsp;मिश्री और शक्कर से बना भोग माता ब्रह्मचारिणी को बहुत प्रिय होता है। खीर का भोग चढ़ा सकते हैं। इससे परिवार में प्रेम बना रहता है। साथ ही इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है।&nbsp;

माता चंद्रघंटा (तीसरा दिन)

दूध से बना भोग चढ़ाएं इस तीसरे दिन। मां चंद्रघंटा को यह बहुत पसंद है। इससे घर में सुख-शांति आती है और खुशहाली बनी रहती है।&nbsp;

माता कूष्माण्डा (चौथा दिन) 

चौथे दिन माता कूष्माण्डा को मालपुआ का भोग बनाकर चढ़ाएं। इससे बुद्धि- ज्ञान बढ़ता है। धन की प्राप्ति होती है और समृद्धि बनी रहती है।&nbsp;

माता स्कंदमाता (पांचवां दिन)&nbsp;

केला का भोग लगाएं इस दिन। इससे स्कंदमाता प्रसन्न होती हैं। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रही है। मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।&nbsp;

माता कात्यायनी (छठा दिन)&nbsp;

छठे दिन माता कात्यायनी को शहद से बना पकवान चढ़ाएं। इससे त्वचा में निखार आता है और स्वास्थ्य में लाभ होता है। परिवार में प्रेम व मिठास बनी रहती है।&nbsp;

माता कालरात्रि (सातवां दिन)&nbsp;

मां कालरात्रि को गुड़ से बना भोग लगाएं इस दिन। इससे जीवन में कष्ट दूर होते हैं और मन को शांति मिलती है।&nbsp;

माता महागौरी (आठवां दिन)&nbsp;

माता महागौरी को नारियल या इससे बना भोग चढ़ा सकते हैं इस दिन। उन्हें ये बहुत प्रिय है। इससे घर परिवार में खुशहाली और सुख-शांति बनी रहती है।&nbsp;

माता सिद्धिदात्री (नौवां दिन)&nbsp;

माता सिद्धिदात्री को नौवें दिन खीर, चना और हलवा-पूरी का भोग चढ़ाएं। इससे माना जाता है कि मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही इससे जीवन में ज्ञान की वृद्धि होती है और आंतरिक शक्ति मिलती है। परिवार में खुशियां आती है।&nbsp;&nbsp;

&nbsp;

नवरात्रि का महत्व&nbsp;
नवरात्रि का जो पर्व है वह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मां दुर्गा ने महिषासुर राक्षस का वध करने के लिए 9 दिनों तक युद्ध किया था। महिषासुर का वध करके देवी ने धर्म की रक्षा की थी। इसीलिए नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। नवरात्रि में व्रत और पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि नवरात्र की प्रतिपदा सोमवार या रविवार को हो तो देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। देवी दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत ही शुभ माना जाता है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आज सोमवार 22 सितंबर से हो गई है। नवरात्रि के 9 दिनों में देवी दुर्गा की 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। देवी के अलग अलग स्वरूप के लिए अलग-अलग भोग चढ़ाने की परंपरा है। नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों के साथ उनके प्रिय भोग के बारे में जान लेते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता शैलपुत्री (पहला दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पहले दिन&nbsp;गाय के घी से बना भोग मां शैलपुत्री को </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">चढ़ाएं</span><span style="font-size:18px;">। इससे परिवार में सुख की प्राप्ति होती है। साथ ही इससे रोग से मुक्ति मिलती है और सभी तरह के कष्टों से भी निजात मिलता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता ब्रह्मचारिणी (दूसरा दिन) </strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दूसरा दिन&nbsp;मिश्री और शक्कर से बना भोग माता ब्रह्मचारिणी को बहुत प्रिय होता है। खीर का भोग चढ़ा सकते हैं। इससे परिवार में प्रेम बना रहता है। साथ ही इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता चंद्रघंटा (तीसरा दिन)</strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दूध से बना भोग चढ़ाएं इस तीसरे दिन। मां चंद्रघंटा को यह बहुत पसंद है। इससे घर में सुख-शांति आती है और खुशहाली बनी रहती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता कूष्माण्डा (चौथा दिन)</strong> </span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">चौथे दिन माता कूष्माण्डा को मालपुआ का भोग बनाकर चढ़ाएं। इससे बुद्धि- ज्ञान बढ़ता है। धन की प्राप्ति होती है और समृद्धि बनी रहती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता स्कंदमाता (पांचवां दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">केला का <span style="text-align: justify;">भोग</span> लगाएं इस दिन। इससे स्कंदमाता प्रसन्न होती हैं। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रही है। मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता कात्यायनी (छठा दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">छठे दिन माता कात्यायनी को शहद से बना पकवान चढ़ाएं। इससे त्वचा में निखार आता है और स्वास्थ्य में लाभ होता है। परिवार में प्रेम व मिठास बनी रहती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता कालरात्रि (सातवां दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मां कालरात्रि को गुड़ से बना भोग लगाएं इस दिन। इससे जीवन में कष्ट दूर होते हैं और मन को शांति मिलती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता महागौरी (आठवां दिन)&nbsp;</strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">माता महागौरी को नारियल या इससे <span style="text-align: justify;">बना</span> भोग चढ़ा सकते हैं इस दिन। उन्हें ये बहुत प्रिय है। इससे घर परिवार में खुशहाली और सुख-शांति बनी रहती है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>माता सिद्धिदात्री (नौवां दिन)</strong>&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">माता सिद्धिदात्री को नौवें दिन खीर, चना और हलवा-पूरी का भोग चढ़ाएं। इससे माना जाता है कि मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही इससे जीवन में ज्ञान की वृद्धि होती है और आंतरिक शक्ति मिलती है। परिवार में खुशियां आती है।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>नवरात्रि का महत्व&nbsp;</strong><br />
नवरात्रि का जो पर्व है वह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मां दुर्गा ने महिषासुर राक्षस का वध करने के लिए 9 दिनों तक युद्ध किया था। महिषासुर का वध करके देवी ने धर्म की रक्षा की थी। इसीलिए नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। नवरात्रि में व्रत और पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि नवरात्र की प्रतिपदा सोमवार या रविवार को हो तो देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। देवी दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत ही शुभ माना जाता है।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41532.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Which offerings to the 9 forms of Maa Durga during Navratri and what is its significance?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-announced-gst-utsav-this-evening-said-the-festival-of-savings-for-the-countrymen-starts-from-navratri]]></guid>
                       <title><![CDATA[PM मोदी ने आज शाम ‘GST उत्सव’ की घोषणा की, कहा- नवरात्रि से देशवासियों के लिए बचत का त्योहार शुरू]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-announced-gst-utsav-this-evening-said-the-festival-of-savings-for-the-countrymen-starts-from-navratri]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

PM नरेंद्र मोदी ने आज शाम रविवार को देश के लोगों को संबोधित करते हुए कहा की कि कल नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से पूरे देश में &ldquo;GST उत्सव&rdquo; शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए बचत का त्योहार होगा। उन्होंने कहा कि इस नए GST ढांचे से वस्तुएं सस्ती होंगी और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।&nbsp;

रोज़मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती&nbsp;
देश के नाम संबोधन में PM ने कहा कि इस नई GST दरों&nbsp; के लागू होने से लोग अपने पसंदीदा चीजें अब सस्ते दामों पर खरीद पाएंगें। देश की वर्तमान जरूरतों तथा भविष्य के सपनों को देखते हुए GST रिफॉर्म्स किए गए हैं। अब रोज़मर्रा की जरुरी चीजें जैसे कि दवाइयां, साबुन, स्वास्थ्य सेवाएं सब सस्&zwj;ती हो जायेगीं। इससे लोगो की बचत बढ़ेगी। गरीबों को टैक्&zwj;स के बोझ से राहत मिलेगी।&nbsp;

आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा
PM नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा। हर दुकान स्&zwj;वदेशी सामानों से सजे। उनका कहना है कि देश के लोग देश की बनी चीजें ही खरीदें और बेंचें। इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा। इससे देश मजबूत होगा और साथ ही देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगें। इससे भारतीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।&nbsp;

PM मोदी ने देश के लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि GST सुधारों से अब आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्गीय परिवारों और महिलाओं को लाभ मिलेगा। यह सुधार 2017 में GST लागू होने के बाद सबसे बड़ी अप्रत्यक्ष कर सुधार बताई जा रही है।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">PM नरेंद्र मोदी ने आज शाम रविवार को देश के लोगों को संबोधित करते हुए कहा की कि कल नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से पूरे देश में &ldquo;GST उत्सव&rdquo; शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए बचत का त्योहार होगा। उन्होंने कहा कि इस नए GST ढांचे से वस्तुएं सस्ती होंगी और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>रोज़मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती&nbsp;</strong><br />
देश के नाम संबोधन में PM ने कहा कि इस नई GST दरों&nbsp; के लागू होने से लोग अपने पसंदीदा चीजें अब सस्ते दामों पर खरीद पाएंगें। देश की वर्तमान जरूरतों तथा भविष्य के सपनों को देखते हुए GST रिफॉर्म्स किए गए हैं। अब रोज़मर्रा की जरुरी चीजें जैसे कि दवाइयां, साबुन, स्वास्थ्य सेवाएं सब सस्&zwj;ती हो जायेगीं। इससे लोगो की बचत बढ़ेगी। गरीबों को टैक्&zwj;स के बोझ से राहत मिलेगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा</strong><br />
PM नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा। हर दुकान स्&zwj;वदेशी सामानों से सजे। उनका कहना है कि देश के लोग देश की बनी चीजें ही खरीदें और बेंचें। इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा। इससे देश मजबूत होगा और साथ ही देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगें। इससे भारतीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">PM मोदी ने देश के लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि GST सुधारों से अब आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्गीय परिवारों और महिलाओं को लाभ मिलेगा। यह सुधार 2017 में GST लागू होने के बाद सबसे बड़ी अप्रत्यक्ष कर सुधार बताई जा रही है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41525.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[PM Modi announced 'GST Utsav' this evening, said - the festival of savings for the countrymen starts from Navratri.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/trumps-decision-causes-trouble-for-new-h1-b-visa-applicants-1-lakh-fee]]></guid>
                       <title><![CDATA[ट्रंप के फैसले से H1-B Visa के नए वीजा आवेदकों पर आई मुसीबत,1 लाख डॉलर फीस ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/trumps-decision-causes-trouble-for-new-h1-b-visa-applicants-1-lakh-fee]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों H1-B वीजा से जुड़े नए नियम जारी किए थे। ट्रंप ने अचानक H1-B वीजा की फीस बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर कर दी है। उनके इस निर्णय से अमेरिका में रह रहे H1-B वीजा धारकों सहित नए वीजा आवेदकों में हड़कंप मच गया। हालांकि इस बीच अब अमेरिका ने इस पर सफाई पेश की है। स्पष्ट किया गया है कि फीस बढ़ाई गई है पर यह फीस सालाना नहीं बल्कि वन टाइम होगी। साथ ही यह फीस केवल नए वीजा आवेदनों पर लागू होगी, न कि नवीनीकरण या मौजूदा वीजा पर।&nbsp;

आपको बता दें कि ट्रंप के इस फैसले के बाद कई बड़ी टेक कंपनियों ने तो अपने एम्प्लॉय को तुरंत अमेरिका रिटर्न होने के आदेश दे दिया था। लेकिन अमेरिकी अधिकारी द्वारा अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भारतीये पहले से ही H1-B Visa धारण किए हुए हैं, या जो लोग अपने वीजा का रिन्यूवल करवा रहे हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन पर यह नई फीस लागू नहीं की जा रही है। उन्हें दोबारा आने के लिए भी एक लाख डॉलर चुकाने नहीं होंगे। यह फीस सिर्फ नए वीजा आवेदको को देनी होगी।&nbsp;

सबसे अधिक असर भारतीयों पर
H-1B वीजा धारकों में करीब 70% भारतीय हैं। इस वजह से अमेरिका के इस फैसले से सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों हो सकता है।&nbsp; &nbsp;इसी को देखते हुए टेक कंपनियों ने अपने एम्प्लॉईज़ को तुरंत अलर्ट कर दिया था। मोदी सरकार ने सभी केंद्रों को सलाह दी है कि वे अगले 24 घंटों में अमेरिका वापस लौटने वाले सभी भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद प्रदान करें।&nbsp;

H1-B वीजा पर नए नियम&nbsp;
यह फीस सालाना नहीं, बल्कि वन टाइम है और यह सिर्फ नए आवेदनों पर लागू होगी। यह फीस पुराने H1-B वीजा होल्डर्स पर लागू नहीं होगी और नाहीं H1-B वीजा को रिन्यू कराने पर यह फीस लागू होगी। मीडिया के अनुसार, H-1B वीजा पर नया नियम 21 सितंबर से लागू किया जायेगा। H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को काम पर रखने की अनुमति देता है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों H1-B वीजा से जुड़े नए नियम जारी किए थे। ट्रंप ने अचानक H1-B वीजा की फीस बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर कर दी है। उनके इस निर्णय से अमेरिका में रह रहे H1-B वीजा धारकों सहित नए वीजा आवेदकों में हड़कंप मच गया। हालांकि इस बीच अब अमेरिका ने इस पर सफाई पेश की है। स्पष्ट किया गया है कि फीस बढ़ाई गई है पर यह फीस सालाना नहीं बल्कि वन टाइम होगी। साथ ही यह फीस केवल नए वीजा आवेदनों पर लागू होगी, न कि नवीनीकरण या मौजूदा वीजा पर।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि ट्रंप के इस फैसले के बाद कई बड़ी टेक कंपनियों ने तो अपने एम्प्लॉय को तुरंत अमेरिका रिटर्न होने के आदेश दे दिया था। लेकिन अमेरिकी अधिकारी द्वारा अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भारतीये पहले से ही H1-B Visa धारण किए हुए हैं, या जो लोग अपने वीजा का रिन्यूवल करवा रहे हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन पर यह नई फीस लागू नहीं की जा रही है। उन्हें दोबारा आने के लिए भी एक लाख डॉलर चुकाने नहीं होंगे। यह फीस सिर्फ नए वीजा आवेदको को देनी होगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>सबसे अधिक असर भारतीयों पर</strong><br />
H-1B वीजा धारकों में करीब 70% भारतीय हैं। इस वजह से अमेरिका के इस फैसले से सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों हो सकता है।&nbsp; &nbsp;इसी को देखते हुए टेक कंपनियों ने अपने एम्प्लॉईज़ को तुरंत अलर्ट कर दिया था। मोदी सरकार ने सभी केंद्रों को सलाह दी है कि वे अगले 24 घंटों में अमेरिका वापस लौटने वाले सभी भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद प्रदान करें।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>H1-B वीजा पर नए नियम&nbsp;</strong><br />
यह फीस सालाना नहीं, बल्कि वन टाइम है और यह सिर्फ नए आवेदनों पर लागू होगी। यह फीस पुराने H1-B वीजा होल्डर्स पर लागू नहीं होगी और नाहीं H1-B वीजा को रिन्यू कराने पर यह फीस लागू होगी। मीडिया के अनुसार, H-1B वीजा पर नया नियम 21 सितंबर से लागू किया जायेगा। H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को काम पर रखने की अनुमति देता है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41523.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Trump's decision causes trouble for new H1-B visa applicants, $1 lakh fee]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/amul-gave-a-big-gift-to-its-customers-around-700-products-will-become-cheaper-from-tomorrow]]></guid>
                       <title><![CDATA[अमूल ने दिया ग्राहकों को बड़ा तोहफ़ा, कल से होंगें करीब 700 प्रोडक्ट्स सस्ते ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/amul-gave-a-big-gift-to-its-customers-around-700-products-will-become-cheaper-from-tomorrow]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

कल 22 सितंबर से GST की नई दरें लागू हो जाएगीं। इससे अब बहुत से सामान सस्ते हो जाएगें। GST की नई दरों की वजह से अब देश की बड़ी डेयरी कंपनी अमूल ने भी अपने करीब 700 प्रोडक्ट्स को सस्ता करने की घोषणा कर दी है। यह फैसला हाल के दिनों में केंद्र द्वारा GST दरों में सुधार किए जाने के बाद लिया गया है। इसकी जानकारी बीते शनिवार को गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने दी और कहा कि नई कीमतें कल सोमबार 22 सितम्बर से लागू हों जाएगीं।&nbsp;

इन प्रोडक्ट्स पर हुई कटौती
दूध, घी, मक्खन, आइसक्रीम, पनीर, चीज़, चॉकलेट, बेकरी रेंज, फ्रोज़न स्नैक्स, कंडेंस्ड मिल्क, पीनट स्प्रेड तथा माल्ट-आधारित ड्रिंक्स जैसी सभी चीजें सस्ती होंगी। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहकों को सीधे तौर पर राहत मिलेगा।&nbsp;

आपको बता दें कि नई दरों के अनुसार, एक लीटर का अमूल ताज़ा टोन्ड यूएचटी मिल्क टेट्रा पैक अब 2.6% सस्ता हो गया है, वहीं अमूल गोल्ड स्टैंडर्डाइज्ड यूएचटी मिल्क अब 3.6% तक सस्ता हुआ है। 100 ग्राम मक्खन की कीमत 62 रुपये से घटाकर 58 रुपये की गई है। घी की कीमत 40 रुपये प्रति लीटर घटा दी गई है।&nbsp;

आम लोगों को&nbsp;फायदा के साथ ही खपत बढ़ने की उम्मीद
केंद्र के GST दरों में सुधार का सीधा फायदा अब ग्राहकों को मिलगा है। इससे आम लोगों को तो फायदा होगा ही साथ ही डेयरी सेक्टर की खपत भी बढ़ेगी। अमूल का कहना है कि दाम में कटौती की वजह से खपत बढ़ेगी। खासकर आइसक्रीम, मक्खन तथा चीज़ की मांग बढ़ेगी। मांग बढ़ने से कंपनी का व्यापार भी तेज़ी से बढ़ेगा और साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कल 22 सितंबर से GST की नई दरें लागू हो जाएगीं। इससे अब बहुत से सामान सस्ते हो जाएगें। GST की नई दरों की वजह से अब देश की बड़ी डेयरी कंपनी अमूल ने भी अपने करीब 700 प्रोडक्ट्स को सस्ता करने की घोषणा कर दी है। यह फैसला हाल के दिनों में केंद्र द्वारा GST दरों में सुधार किए जाने के बाद लिया गया है। इसकी जानकारी बीते शनिवार को गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने दी और कहा कि नई कीमतें कल सोमबार 22 सितम्बर से लागू हों जाएगीं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन प्रोडक्ट्स पर हुई कटौती</strong><br />
दूध, घी, मक्खन, आइसक्रीम, पनीर, चीज़, चॉकलेट, बेकरी रेंज, फ्रोज़न स्नैक्स, कंडेंस्ड मिल्क, पीनट स्प्रेड तथा माल्ट-आधारित ड्रिंक्स जैसी सभी चीजें सस्ती होंगी। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहकों को सीधे तौर पर राहत मिलेगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि नई दरों के अनुसार, एक लीटर का अमूल ताज़ा टोन्ड यूएचटी मिल्क टेट्रा पैक अब 2.6% सस्ता हो गया है, वहीं अमूल गोल्ड स्टैंडर्डाइज्ड यूएचटी मिल्क अब 3.6% तक सस्ता हुआ है। 100 ग्राम मक्खन की कीमत 62 रुपये से घटाकर 58 रुपये की गई है। घी की कीमत 40 रुपये प्रति लीटर घटा दी गई है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>आम लोगों को&nbsp;फायदा के साथ ही खपत बढ़ने की उम्मीद</strong><br />
केंद्र के GST दरों में सुधार का सीधा फायदा अब ग्राहकों को मिलगा है। इससे आम लोगों को तो फायदा होगा ही साथ ही डेयरी सेक्टर की खपत भी बढ़ेगी। अमूल का कहना है कि दाम में कटौती की वजह से खपत बढ़ेगी। खासकर आइसक्रीम, मक्खन तथा चीज़ की मांग बढ़ेगी। मांग बढ़ने से कंपनी का व्यापार भी तेज़ी से बढ़ेगा और साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41522.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Amul gave a big gift to its customers, around 700 products will become cheaper from tomorrow.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-will-address-the-nation-today-at-5-pm-gst-reforms-may-be-discussed]]></guid>
                       <title><![CDATA[PM मोदी आज शाम 5 बजे देश को करेंगे संबोधित, कल सोमबार से लागू GST की नई दरों पर हो सकती है चर्चा   ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-will-address-the-nation-today-at-5-pm-gst-reforms-may-be-discussed]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

प्रधान मंत्री मोदी आज शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री किन मुद्दों को लेकर संबोधन करेंगें, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। क्यों कि इसके बारे में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं हुआ है। ऐसी सम्भावना जताई जा रही है कि मोदी कल से लागू हो रहीं GST की नई दरों के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 12 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश को संबोधित किया था।&nbsp;

आपको बता दें कि PM मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में GST रिफॉर्म की बात की थी। उन्होंने कहा था कि दिवाली लोगों के लिए डबल गिफ्ट वाली होगी। उसके बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक की गई, जिसमें GST की दो दरें 12 % और 28 % को हटाने का फैसला लिया गया था। मोदी ने कहा था कि सरकार का लक्ष्य GST में सुधार लाकर आम लोगों की जिंदगी को आसान करना है। उन्होंने कहा था कि इन सुधारों से किसान, एमएसएमई सेक्टर और मध्यम वर्ग के साथ महिलाएं भी लाभान्वित होंगे। इससे छोटे व्यापारियों को भी व्यापार करने में आसानी आएगी।&nbsp;

आपको बता दें की GST की नई दरें आगामी कल सोमवार से लागू हो जाएंगी। इससे घरेलू सामानों और रोज मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती हो जाएगी।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रधान मंत्री मोदी आज शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री किन मुद्दों को लेकर संबोधन करेंगें, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। क्यों कि इसके बारे में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं हुआ है। ऐसी सम्भावना जताई जा रही है कि मोदी कल से लागू हो रहीं GST की नई दरों के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 12 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश को संबोधित किया था।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि PM मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में GST रिफॉर्म की बात की थी। उन्होंने कहा था कि दिवाली लोगों के लिए डबल गिफ्ट वाली होगी। उसके बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक की गई, जिसमें GST की दो दरें 12 % और 28 % को हटाने का फैसला लिया गया था। मोदी ने कहा था कि सरकार का लक्ष्य GST में सुधार लाकर आम लोगों की जिंदगी को आसान करना है। उन्होंने कहा था कि इन सुधारों से किसान, एमएसएमई सेक्टर और मध्यम वर्ग के साथ महिलाएं भी लाभान्वित होंगे। इससे छोटे व्यापारियों को भी व्यापार करने में आसानी आएगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें की GST की नई दरें आगामी कल सोमवार से लागू हो जाएंगी। इससे घरेलू सामानों और रोज मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती हो जाएगी।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41521.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[PM Modi will address the nation today at 5 pm, there can be discussion on the new GST rates implemented from Monday tomorrow.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/last-solar-eclipse-today-know-what-time-it-will-start-what-will-be-the-impact-on-navratri-and-shraddha-activities]]></guid>
                       <title><![CDATA[आज अंतिम सूर्य ग्रहण, जानें कितने बजे शुरू होगा, नवरात्रि व श्राद्ध कार्य पर क्या असर होंगें ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/last-solar-eclipse-today-know-what-time-it-will-start-what-will-be-the-impact-on-navratri-and-shraddha-activities]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण आज रविवार को लगने जा रहा है। ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य को करना मना होता है। सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है और हर साल लगता है। आपको बता दें कि इस दिन सर्वपितृ अमावस्या भी है। अमावस्या के दिन लोग स्नान-दान करते हैं और साथ ही अपने पितरों के लिए श्राद्ध करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे पितृ दोष मिट जाता है और साथ ही जीवन में खुशियां बनी रहती है। लेकिन इस बार अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लगने के कारण पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किस तरह से किया जाएगा, इसके बारे में लोगों के मन में बहुत सी आशंकाएं है।

सूर्य ग्रहण का समय
भारत में सूर्य ग्रहण आज 21 सितंबर को रात 11 बजे शुरू होकर 22 सितंबर सुबह 3:23 बजे तक चलेगा। यह ग्रहण 4 घंटे 24 मिनट तक चलेगा।

इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल क्या&nbsp;मान्य होगा&nbsp;
शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है। शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल के समय कोई भी मांगलिक शुभ कार्य नहीं किया जाता है। सूतक काल में मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिया जाता है। लेकिन 21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इस कारण से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।&nbsp;

नवरात्रि व श्राद्ध कार्य नहीं होंगे बाधित
ज्योतिष के मुताबिक, जिस जगह पर सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देता है, वहां पर सूतक की मान्यताएं जो है वह लागू नहीं होती हैं। देश के किसी भी हिस्से में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इस कारण से सूर्य ग्रहण का असर भारत में नहीं होगा। इस वजह से नवरात्रि और श्राद्ध कार्य बिना किसी रुकावट के ही बेझिझक किए जा सकेंगें।&nbsp;&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण आज रविवार को लगने जा रहा है। ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य को करना मना होता है। सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है और हर साल लगता है। आपको बता दें कि इस दिन सर्वपितृ अमावस्या भी है। अमावस्या के दिन लोग स्नान-दान करते हैं और साथ ही अपने पितरों के लिए श्राद्ध करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे पितृ दोष मिट जाता है और साथ ही जीवन में खुशियां बनी रहती है। लेकिन इस बार अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लगने के कारण पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किस तरह से किया जाएगा, इसके बारे में लोगों के मन में बहुत सी आशंकाएं है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>सूर्य ग्रहण का समय</strong><br />
भारत में सूर्य ग्रहण आज 21 सितंबर को रात 11 बजे शुरू होकर 22 सितंबर सुबह 3:23 बजे तक चलेगा। यह ग्रहण 4 घंटे 24 मिनट तक चलेगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल </strong></span><strong style="font-size: 18px; text-align: justify;">क्या&nbsp;</strong><span style="font-size:18px;"><strong>मान्य होगा&nbsp;</strong><br />
शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले ही सूतक काल लग जाता है। शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल के समय कोई भी मांगलिक शुभ कार्य नहीं किया जाता है। सूतक काल में मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिया जाता है। लेकिन 21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। इस कारण से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>नवरात्रि व श्राद्ध कार्य नहीं होंगे बाधित</strong><br />
ज्योतिष के मुताबिक, जिस जगह पर सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देता है, वहां पर सूतक की मान्यताएं जो है वह लागू नहीं होती हैं। देश के किसी भी हिस्से में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इस कारण से सूर्य ग्रहण का असर भारत में नहीं होगा। इस वजह से नवरात्रि और श्राद्ध कार्य बिना किसी रुकावट के ही बेझिझक किए जा सकेंगें।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41519.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Last solar eclipse today, know what time it will start, what will be the impact on Navratri and Shraddha activities]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/digvijay-singh-raised-questions-on-evm-said-should-we-leave-the-elections-to-hackers]]></guid>
                       <title><![CDATA[दिग्विजय सिंह ने EVM पर उठाए सवाल, कहा- चुनाव को हैकर्स के सहारे छोड़ दें क्या ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/digvijay-singh-raised-questions-on-evm-said-should-we-leave-the-elections-to-hackers]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार वोट चोरी के आरोपों के बीच दिग्विजय सिंह ने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल खड़े किए हैं। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर आज शुक्रवार को बैलट पेपर वापस लाने की मांग करते हुए पोस्ट किया है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि इजरायली सॉफ्टवेयर का उपयोग कर चुनावों में हेरफेर किया जा रहा है। साथ ही भारत में मतदान की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि- &#39;आज के हाई-टेक जमाने में क्या हम देश के चुनाव हैकर्स के भरोसे छोड़ सकते हैं? जरा सोचिए। क्या भारत के चुनाव बैलट पेपर, यानी वोटिंग कागज से नहीं होने चाहिए?&#39;

&nbsp;

दिग्विजय सिंह ने लिखा, &#39;EVM की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्ची हमारे हाथ में क्यों नहीं दी जाती? क्या ये मांग जायज नहीं है? सोचिए। जय सिया राम। जय बापू, जय भीम, जय संविधान।&#39;&nbsp;

&nbsp;

दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब राहुल गांधी ने कर्नाटक में करीब 6000 वोट डिलीट करने की कोशिश का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे को पुरे जोरशोर से उठाते हुए चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने वोट चोरी को लेकर आज फिर चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा। उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने से संबंधित अपने प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम इस्तेमाल कर वोट हटाए गए, उनको इसकी जानकारी ही नहीं थी। सुबह 4 बजे भी नाम हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए। इस पर कांग्रेस नेता ने कहा, &#39;सुबह चार बजे उठो, 36 सेकंड में दो वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ। ऐसे भी हुई वोट चोरी।&#39; उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार वोट चोरी के आरोपों के बीच दिग्विजय सिंह ने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल खड़े किए हैं। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर आज शुक्रवार को बैलट पेपर वापस लाने की मांग करते हुए पोस्ट किया है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि इजरायली सॉफ्टवेयर का उपयोग कर चुनावों में हेरफेर किया जा रहा है। साथ ही भारत में मतदान की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि- &#39;आज के हाई-टेक जमाने में क्या हम देश के चुनाव हैकर्स के भरोसे छोड़ सकते हैं? जरा सोचिए। क्या भारत के चुनाव बैलट पेपर, यानी वोटिंग कागज से नहीं होने चाहिए?&#39;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दिग्विजय सिंह ने लिखा, &#39;EVM की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्ची हमारे हाथ में क्यों नहीं दी जाती? क्या ये मांग जायज नहीं है? सोचिए। जय सिया राम। जय बापू, जय भीम, जय संविधान।&#39;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब राहुल गांधी ने कर्नाटक में करीब 6000 वोट डिलीट करने की कोशिश का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे को पुरे जोरशोर से उठाते हुए चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राहुल गांधी ने वोट चोरी को लेकर आज फिर चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा। उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने से संबंधित अपने प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम इस्तेमाल कर वोट हटाए गए, उनको इसकी जानकारी ही नहीं थी। सुबह 4 बजे भी नाम हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए। इस पर कांग्रेस नेता ने कहा, &#39;सुबह चार बजे उठो, 36 सेकंड में दो वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ। ऐसे भी हुई वोट चोरी।&#39; उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41508.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Digvijay Singh raised questions on EVM, said- should we leave the elections to hackers?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/why-is-barley-sown-on-the-first-day-of-shardiya-navratri-know-what-is-its-importance]]></guid>
                       <title><![CDATA[शारदीय नवरात्र के पहले दिन क्यों बोए जाते हैं जौ? जानिए इसके क्या है महत्व  ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/why-is-barley-sown-on-the-first-day-of-shardiya-navratri-know-what-is-its-importance]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

हर वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत सोमवार 22 सितंबर से होने वाली है और 2 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन समाप्त होगी। नवरात्रि के दिनों में देवी दुर्गा की 9 रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन की भी परंपरा है। साथ ही शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन घटस्थापना भी की जाती है। घटस्थापना के समय जौ की सबसे पहले पूजा होती है और जौ को कलश में भी स्थापित किया जाता है। इस दौरान लोग मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत रखते हैं। अंत में दशमी के दिन रावण दहन होता है।&nbsp;ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में जौ बोने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि तो आती ही है और साथ ही घर का भंडार भी हमेशा भरा रहता है।&nbsp;&nbsp;

&nbsp;

कलश स्थापना की शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन ही कलश स्थापना की जाती है, जिसे घटस्थापना भी कहते हैं।&nbsp;

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त- 22 सितंबर 2025 को&nbsp; सुबह 6:09 बजे से 8:06 बजे तक है।&nbsp;

&nbsp;

नवरात्रि का महत्व&nbsp;

नवरात्रि का जो पर्व है वह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मां दुर्गा ने महिषासुर राक्षस का वध करने के लिए 9 दिनों तक युद्ध किया था। महिषासुर का वध करके देवी ने धर्म की रक्षा की थी। इसीलिए नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। नवरात्रि में व्रत और पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि नवरात्र की प्रतिपदा सोमवार या रविवार को हो तो देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। देवी दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत ही शुभ माना जाता है।&nbsp;

&nbsp;

जौ बोने का महत्व&nbsp;

ऐसी मान्यता है कि जब पृथ्वी पर असुरों और दैत्यों का अत्याचार बढ़ने पर मां दुर्गा ने असुरों का संहार किया। इस दौरान पृथ्वी पर अकाल की जैसी स्थिति हो गई थी। तब उस दौरान सबसे पहले पृथ्वी पर जौ उगे थे। इसी वजह से सनातन में नवरात्र के समय जौ बोने को शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसे लेकर एक दूसरी मान्यता भी है। ऐसा कहा जाता है कि जब ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना की थी, तब सबसे पहले जौ उगी थी।&nbsp;

&nbsp;

ऐसा कहा जाता है कि यदि जौ का रंग सफेद या हरा हो जाए, इससे जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं। वहीं यदि जौ अंकुरित हो जाए, तो&nbsp; इससे घर में खुशियों आती है।&nbsp; &nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हर वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत सोमवार 22 सितंबर से होने वाली है और 2 अक्टूबर को विजयदशमी के दिन समाप्त होगी। नवरात्रि के दिनों में देवी दुर्गा की 9 रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन की भी परंपरा है। साथ ही शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन घटस्थापना भी की जाती है। घटस्थापना के समय जौ की सबसे पहले पूजा होती है और जौ को कलश में भी स्थापित किया जाता है। इस दौरान लोग मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए व्रत रखते हैं। अंत में दशमी के दिन रावण दहन होता है।&nbsp;ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में जौ बोने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि तो आती ही है और साथ ही घर का भंडार भी हमेशा भरा रहता है।&nbsp;&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>कलश स्थापना की शुभ मुहूर्त</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नवरात्रि के पहले दिन ही कलश स्थापना की जाती है, जिसे घटस्थापना भी कहते हैं।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त- 22 सितंबर 2025 को&nbsp; सुबह 6:09 बजे से 8:06 बजे तक है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>नवरात्रि का महत्व&nbsp;</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नवरात्रि का जो पर्व है वह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। मां दुर्गा ने महिषासुर राक्षस का वध करने के लिए 9 दिनों तक युद्ध किया था। महिषासुर का वध करके देवी ने धर्म की रक्षा की थी। इसीलिए नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। नवरात्रि में व्रत और पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि नवरात्र की प्रतिपदा सोमवार या रविवार को हो तो देवी दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। देवी दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत ही शुभ माना जाता है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>जौ बोने का महत्व&nbsp;</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ऐसी मान्यता है कि जब पृथ्वी पर असुरों और दैत्यों का अत्याचार बढ़ने पर मां दुर्गा ने असुरों का संहार किया। इस दौरान पृथ्वी पर अकाल की जैसी स्थिति हो गई थी। तब उस दौरान सबसे पहले पृथ्वी पर जौ उगे थे। इसी वजह से सनातन में नवरात्र के समय जौ बोने को शुभ और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसे लेकर एक दूसरी मान्यता भी है। ऐसा कहा जाता है कि जब ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना की थी, तब सबसे पहले जौ उगी थी।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ऐसा कहा जाता है कि यदि जौ का रंग सफेद या हरा हो जाए, इससे जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं। वहीं यदि जौ अंकुरित हो जाए, तो&nbsp; इससे घर में खुशियों आती है।&nbsp; &nbsp;</span></div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Why is barley sown on the first day of Shardiya Navratri? Know what is its importance]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/jdu-takes-a-jibe-at-tejashwi-for-distributing-pens-he-spoiled-the-education-system-in-bihar-he-himself-did-not-complete-his-studies]]></guid>
                       <title><![CDATA[कलम बांटने पर, JDU ने तेजस्वी पर कसा तंज: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को ख़राब किया, खुद भी पढ़ाई पूरी नहीं की]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/jdu-takes-a-jibe-at-tejashwi-for-distributing-pens-he-spoiled-the-education-system-in-bihar-he-himself-did-not-complete-his-studies]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

बिहार में राजनीती अभी बहुत गरमाई हुई है। बिहार में होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगी हैं। इन दिनों विपक्षी पार्टी राजद के नेता तेजस्वी यादव भी अपनी &lsquo;बिहार अधिकार यात्रा&rsquo; के जरिए बिहार की जनता को लुभाने में जुटे हैं। इस बार चुनावी अभियान में तेजस्वी यादव का जो फोकस है वो बिहार के युवा वोटर्स हैं। इसीलिए बीते गुरुवार को वे बिहार अधिकार यात्रा में मोकामा पहुंचे और युवाओं को कलम बांटते हुए संदेश देते नज़र आए कि यदि उनकी सरकार आती है तो अपराध-भ्रष्टाचार समाप्त कर युवाओं को रोजगार देंगे। इस पर पलटवार करते जेडीयू नेता ने कहा कि तेजस्वी कलम बांटने में नहीं बल्कि इसे फेंकने में विश्वास करते हैं। इसी वजह से अवसर मिलने के बाद भी तेजस्वी ने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की। आपको बता दें कि इससे पहले जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर भी अपने जनसभाओं के दौरान युवाओं को कलम बांट चुके हैं।

&nbsp;

जेडीयू का पलटवार

जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि आजकल तेजस्वी कलम भी बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को पहले यह जानकारी साझा करना चाहिए कि भूतकाल में शिक्षा व्यवस्था को किसने खराब किया था, किनके शासन में बिहार की बड़ी आबादी को अशिक्षित रखने की साजिश की गई थी। अब ऐसे कृत्य का कोई औचित्य नहीं है।&nbsp;

&nbsp;

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी कलम बांटने में नहीं बल्कि इसे फेंकने में विश्वास करते हैं। इसी वजह से अवसर मिलने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बिहार में राजनीती अभी बहुत गरमाई हुई है। बिहार में होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगी हैं। इन दिनों विपक्षी पार्टी राजद के नेता तेजस्वी यादव भी अपनी &lsquo;बिहार अधिकार यात्रा&rsquo; के जरिए बिहार की जनता को लुभाने में जुटे हैं। इस बार चुनावी अभियान में तेजस्वी यादव का जो फोकस है वो बिहार के युवा वोटर्स हैं। इसीलिए बीते गुरुवार को वे बिहार अधिकार यात्रा में मोकामा पहुंचे और युवाओं को कलम बांटते हुए संदेश देते नज़र आए कि यदि उनकी सरकार आती है तो अपराध-भ्रष्टाचार समाप्त कर युवाओं को रोजगार देंगे। इस पर पलटवार करते जेडीयू नेता ने कहा कि तेजस्वी कलम बांटने में नहीं बल्कि इसे फेंकने में विश्वास करते हैं। इसी वजह से अवसर मिलने के बाद भी तेजस्वी ने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की। आपको बता दें कि इससे पहले जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर भी अपने जनसभाओं के दौरान युवाओं को कलम बांट चुके हैं।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>जेडीयू का पलटवार</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि आजकल तेजस्वी कलम भी बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को पहले यह जानकारी साझा करना चाहिए कि भूतकाल में शिक्षा व्यवस्था को किसने खराब किया था, किनके शासन में बिहार की बड़ी आबादी को अशिक्षित रखने की साजिश की गई थी। अब ऐसे कृत्य का कोई औचित्य नहीं है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी कलम बांटने में नहीं बल्कि इसे फेंकने में विश्वास करते हैं। इसी वजह से अवसर मिलने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की।</span></div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41504.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ JDU takes a jibe at Tejashwi for distributing pens: He spoiled the education system in Bihar, he himself did not complete his studies.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/rahul-gandhi-mentioned-gen-z-in-his-post-made-such-a-demand-accused-of-provoking-the-youth]]></guid>
                       <title><![CDATA[राहुल गांधी ने किया X पोस्ट में Gen-Z का ज़िक्र, की ऐसी मांग, लगा युवाओं को भड़काने का आरोप]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/rahul-gandhi-mentioned-gen-z-in-his-post-made-such-a-demand-accused-of-provoking-the-youth]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीते कल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। वोट चोरी के आरोप पर चुनाव आयोग ने भी जवाब दिया कि राहुल गांधी का जो आरोप है वोट चोरी का, वो गलत है। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति द्वारा हटाया नहीं जा सकता। पर कल शाम होते ही राहुल गांधी ने एक ऐसा पोस्ट भी कर दिया जिससे राजनीति में बवाल मच गया। दरअसल, राहुल गांधी ने इस पोस्ट के जरिए युवाओं, छात्रों और GenZ से कहा कि वे लोकतंत्र की रक्षा करेगें और वोट चोरी को रोकेंगे और इस मामले पर राहुल गांधी उनके साथ खड़े हैं। अब राहुल गांधी पर लगातार युवाओं को भड़काने का आरोप लग रहा है।&nbsp;

&nbsp;

नेपाल में हाल ही में Gen-Z आंदोलन हुए। इस आंदोलन के जरिए नेपाल में तख्तापलट हुआ और केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के जरिए भारत में भी नेपाल के Gen-Z जैसी मांग की है। जिसके चलते सोशल मीडिया पर राजनीतिक बवाल मच हुआ है।&nbsp; इस मामले पर भाजपा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। आपको बता दें कि BJP सांसद निशिकांत दुबे ने इस पर तीखा पलटवार किया है।&nbsp;

&nbsp;

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने किया&nbsp;पलटवार&nbsp;

राहुल गांधी अपने पोस्ट में Gen-Z को लोकतंत्र का रक्षक बता रहे हैं। वे अब देश बचाने के लिए Gen-Z से आह्वान करते दिख रहे हैं। जबकि BJP का मानना है कि Gen-Z कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं करेगा। राहुल गांधी के पोस्ट के जवाब में निशिकांत दुबे ने कहा कि Gen-Z परिवारवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं और वह नेहरू, इंदिरा, राजीव, सोनिया के बाद राहुल को क्यों बर्दाश्त करेगा? उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि वे देश छोड़ने की तैयारी करें, Gen-Z आ रहा है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीते कल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। वोट चोरी के आरोप पर चुनाव आयोग ने भी जवाब दिया कि राहुल गांधी का जो आरोप है वोट चोरी का, वो गलत है। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति द्वारा हटाया नहीं जा सकता। पर कल शाम होते ही राहुल गांधी ने एक ऐसा पोस्ट भी कर दिया जिससे राजनीति में बवाल मच गया। दरअसल, राहुल गांधी ने इस पोस्ट के जरिए युवाओं, छात्रों और GenZ से कहा कि वे लोकतंत्र की रक्षा करेगें और वोट चोरी को रोकेंगे और इस मामले पर राहुल गांधी उनके साथ खड़े हैं। अब राहुल गांधी पर लगातार युवाओं को भड़काने का आरोप लग रहा है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेपाल में हाल ही में Gen-Z आंदोलन हुए। इस आंदोलन के जरिए नेपाल में तख्तापलट हुआ और केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के जरिए भारत में भी नेपाल के Gen-Z जैसी मांग की है। जिसके चलते सोशल मीडिया पर राजनीतिक बवाल मच हुआ है।&nbsp; इस मामले पर भाजपा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। आपको बता दें कि BJP सांसद निशिकांत दुबे ने इस पर तीखा पलटवार किया है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">BJP सांसद निशिकांत दुबे ने </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">किया&nbsp;</span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">पलटवार&nbsp;</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राहुल गांधी अपने पोस्ट में Gen-Z को लोकतंत्र का रक्षक बता रहे हैं। वे अब देश बचाने के लिए Gen-Z से आह्वान करते दिख रहे हैं। जबकि BJP का मानना है कि Gen-Z कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं करेगा। राहुल गांधी के पोस्ट के जवाब में निशिकांत दुबे ने कहा कि Gen-Z परिवारवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं और वह नेहरू, इंदिरा, राजीव, सोनिया के बाद राहुल को क्यों बर्दाश्त करेगा? उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि वे देश छोड़ने की तैयारी करें, Gen-Z आ रहा है।&nbsp;</span></div>

<div>&nbsp;</div>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Rahul Gandhi mentioned Gen-Z in his post, made such a demand, accused of provoking the youth]]></media:description>
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                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/national-news/the-last-solar-eclipse-will-take-place-on-september-21-will-the-eclipse-disrupt-navratri-and-shraddha-functions]]></guid>
                       <title><![CDATA[21 सितंबर को लगेगा अंतिम सूर्य ग्रहण, ग्रहण से नवरात्रि व श्राद्ध कार्य होंगे बाधित ? ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/national-news/the-last-solar-eclipse-will-take-place-on-september-21-will-the-eclipse-disrupt-navratri-and-shraddha-functions]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

इस साल का दूसरा व अंतिम सूर्य ग्रहण रविवार, 21 सितंबर को आश्विन अमावस्या के दिन लगने जा रहा है। इसे शुभ नहीं माना जाता है। सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है और यह हर वर्ष लगता है। आपको बता दें कि इस दिन सर्वपितृ अमावस्या भी है। अमावस्या के दिन लोग स्नान-दान करते हैं और साथ ही अपने पितरों के लिए श्राद्ध व तर्पण करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे पितृ दोष मिटता है और साथ ही जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। लेकिन इस बार अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लगने के कारण पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किस तरह से किया जाएगा, इसके बारे में लोगों के मन में बहुत सी दुविधा है।

&nbsp;

सूर्य ग्रहण का समय

भारत में 21 सितंबर को रात 11 बजे शुरू होकर 22 सितंबर सुबह 3:23 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण 4 घंटे 24 मिनट तक चलेगा।

&nbsp;

भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण

21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण इस बार भारत में नहीं दिखने वाला है। चूकि भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा, इस वजह से इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण का जो सूतक काल है वो 12 घंटे पहले से लग जाता है।

&nbsp;

नवरात्रि व श्राद्ध कार्य नहीं होंगे बाधित

ज्योतिष के मुताबिक, जिस जगह पर सूर्य ग्रहण दिखाई देता है, वहीं पर सूतक की मान्यताएं जो है लागू होती हैं। देश के किसी भी हिस्से में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इस कारण से सूर्य ग्रहण का असर भारत में नहीं होगा। इस वजह से नवरात्रि और श्राद्ध कार्य बिना किसी बाधा के ही बेझिझक किए जा सकते हैं।&nbsp;&nbsp;

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]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस साल का दूसरा व अंतिम सूर्य ग्रहण रविवार, 21 सितंबर को आश्विन अमावस्या के दिन लगने जा रहा है। इसे शुभ नहीं माना जाता है। सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है और यह हर वर्ष लगता है। आपको बता दें कि इस दिन सर्वपितृ अमावस्या भी है। अमावस्या के दिन लोग स्नान-दान करते हैं और साथ ही अपने पितरों के लिए श्राद्ध व तर्पण करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे पितृ दोष मिटता है और साथ ही जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। लेकिन इस बार अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लगने के कारण पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध किस तरह से किया जाएगा, इसके बारे में लोगों के मन में बहुत सी दुविधा है।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>सूर्य ग्रहण का समय</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारत में 21 सितंबर को रात 11 बजे शुरू होकर 22 सितंबर सुबह 3:23 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण 4 घंटे 24 मिनट तक चलेगा।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>भारत में नहीं दिखेगा सूर्य ग्रहण</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण इस बार भारत में नहीं दिखने वाला है। चूकि भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा, इस वजह से इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण का जो सूतक काल है वो 12 घंटे पहले से लग जाता है।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>नवरात्रि व श्राद्ध कार्य नहीं होंगे बाधित</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ज्योतिष के मुताबिक, जिस जगह पर सूर्य ग्रहण दिखाई देता है, वहीं पर सूतक की मान्यताएं जो है लागू होती हैं। देश के किसी भी हिस्से में सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इस कारण से सूर्य ग्रहण का असर भारत में नहीं होगा। इस वजह से नवरात्रि और श्राद्ध कार्य बिना किसी बाधा के ही बेझिझक किए जा सकते हैं।&nbsp;&nbsp;</span></div>

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                <media:description type="plain"><![CDATA[The last solar eclipse will take place on September 21, will the eclipse disrupt Navratri and Shraddha functions?]]></media:description>
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