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               <title>First Verdict Media - News</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 23:07:56 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - News</title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/employee-moves-high-court-seeking-service-up-to-age-60-court-orders-reappointment-to-the-same-post-after-retirement]]></guid>
                       <title><![CDATA[60 साल सेवा की मांग पर हाईकोर्ट पहुंचा कर्मचारी, रिटायरमेंट के बाद उसी पद पर दोबारा नियुक्ति के आदेश]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/employee-moves-high-court-seeking-service-up-to-age-60-court-orders-reappointment-to-the-same-post-after-retirement]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 58 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त किए गए कर्मचारी को अंतरिम राहत देते हुए उसी पद और उसी स्थान पर दोबारा नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। मामला ठाकुरदास बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य से जुड़ा है।&nbsp;
याचिकाकर्ता को 30 अप्रैल 2026 को 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर रिटायर कर दिया गया था। कर्मचारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि उसे 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने का अधिकार है और दोबारा उसी पद पर काम करने की अनुमति मांगी।
मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का अवसर दिया गया था, लेकिन रिट याचिका और स्थगन आवेदन पर जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत कर्मचारी को वहीं और उसी पद पर पुन: सेवा में लेने का आदेश दिया, जहां वह सेवानिवृत्ति के समय तैनात था।&nbsp;
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश अंतिम फैसला नहीं है और आगे आने वाले आदेशों के अधीन रहेगा। यदि कर्मचारी को कोई सेवानिवृत्ति लाभ मिल चुका है, तो उसे विभाग को वापस करना होगा। इसके लिए कर्मचारी को राशि दो सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी, जिसके बाद उसे अदालत के आदेश के अनुसार तत्काल सेवा में लिया जाएगा।
मामले की अगली सुनवाई 27 अक्तूबर 2026 को होगी। आदेश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल की खंडपीठ ने पारित किया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 58 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त किए गए कर्मचारी को अंतरिम राहत देते हुए उसी पद और उसी स्थान पर दोबारा नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। मामला ठाकुरदास बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य एवं अन्य से जुड़ा है।&nbsp;<br />
याचिकाकर्ता को 30 अप्रैल 2026 को 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर रिटायर कर दिया गया था। कर्मचारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि उसे 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने का अधिकार है और दोबारा उसी पद पर काम करने की अनुमति मांगी।<br />
मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का अवसर दिया गया था, लेकिन रिट याचिका और स्थगन आवेदन पर जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसके बाद अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत कर्मचारी को वहीं और उसी पद पर पुन: सेवा में लेने का आदेश दिया, जहां वह सेवानिवृत्ति के समय तैनात था।&nbsp;<br />
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश अंतिम फैसला नहीं है और आगे आने वाले आदेशों के अधीन रहेगा। यदि कर्मचारी को कोई सेवानिवृत्ति लाभ मिल चुका है, तो उसे विभाग को वापस करना होगा। इसके लिए कर्मचारी को राशि दो सप्ताह के भीतर जमा करनी होगी, जिसके बाद उसे अदालत के आदेश के अनुसार तत्काल सेवा में लिया जाएगा।<br />
मामले की अगली सुनवाई 27 अक्तूबर 2026 को होगी। आदेश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल की खंडपीठ ने पारित किया।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Employee moves High Court seeking service up to age 60; court orders reappointment to the same post after retirement.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/former-minister-major-vijay-singh-mankotia-passes-away-breathed-his-last-at-the-age-of-87]]></guid>
                       <title><![CDATA[पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया का निधन, 87 की उम्र में ली अंतिम सांस]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/former-minister-major-vijay-singh-mankotia-passes-away-breathed-his-last-at-the-age-of-87]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया का मंगलवार सुबह 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें कांगड़ा के सिटी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से शाहपुर, कांगड़ा और प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है।&nbsp;
मेजर मनकोटिया राजनीति में आने से पहले भारतीय सेना में अधिकारी रहे। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और 1982 में शाहपुर से निर्दलीय विधायक बनकर राजनीतिक सफर शुरू किया। वह 1985, 1990, 1993 और 2003 में भी शाहपुर से विधायक चुने गए और कुल पांच बार विधानसभा पहुंचे।&nbsp;
उन्होंने हिमाचल सरकार में दो बार मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनके पास पर्यटन, नागरिक उड्डयन और कानून जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे। वह हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष भी रहे।
उनका राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा। 2007, 2012 और 2017 के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ राजनीतिक मतभेद भी लंबे समय तक चर्चा में रहे। 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था I
निधन की सूचना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई नेताओं ने शोक जताया। परिवार के सदस्य विदेश में रहते हैं, इसलिए उनके पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की तारीख और समय तय किया जाएगा। मेजर मनकोटिया अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए है I
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया का मंगलवार सुबह 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें कांगड़ा के सिटी अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से शाहपुर, कांगड़ा और प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है।&nbsp;<br />
मेजर मनकोटिया राजनीति में आने से पहले भारतीय सेना में अधिकारी रहे। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और 1982 में शाहपुर से निर्दलीय विधायक बनकर राजनीतिक सफर शुरू किया। वह 1985, 1990, 1993 और 2003 में भी शाहपुर से विधायक चुने गए और कुल पांच बार विधानसभा पहुंचे।&nbsp;<br />
उन्होंने हिमाचल सरकार में दो बार मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उनके पास पर्यटन, नागरिक उड्डयन और कानून जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे। वह हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष भी रहे।<br />
उनका राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा। 2007, 2012 और 2017 के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ राजनीतिक मतभेद भी लंबे समय तक चर्चा में रहे। 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था I<br />
निधन की सूचना के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई नेताओं ने शोक जताया। परिवार के सदस्य विदेश में रहते हैं, इसलिए उनके पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की तारीख और समय तय किया जाएगा। मेजर मनकोटिया अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए है I</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43255.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Former Minister Major Vijay Singh Mankotia passes away; breathed his last at the age of 87.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/major-accident-during-a-kabaddi-match-in-kangra-concrete-roof-collapses-suddenly-25-people-injured-3-in-critical-condition]]></guid>
                       <title><![CDATA[कांगड़ा में कबड्डी मैच के दौरान बड़ा हादसा, अचानक गिरा लेंटर; 25 लोग घायल, 3 की हालत गंभीर]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/major-accident-during-a-kabaddi-match-in-kangra-concrete-roof-collapses-suddenly-25-people-injured-3-in-critical-condition]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कांगड़ा में कबड्डी मैच के दौरान बड़ा हादसा, लेंटर गिरने से 25 घायल; 3 गंभीर

कांगड़ा जिले में कबड्डी मैच के दौरान बड़ा हादसा हो गया। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एक लेंटर पर चढ़े हुए थे। इसी दौरान लेंटर अचानक गिर गया, जिससे वहां मौजूद करीब 25 लोग घायल हो गए।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा रेफर किया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लेंटर पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और हादसे के कारणों की जांच शुरू की।

फिलहाल घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। प्रशासन की ओर से घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि लेंटर की क्षमता कितनी थी और उस पर कितने लोग मौजूद थे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कांगड़ा में कबड्डी मैच के दौरान बड़ा हादसा, लेंटर गिरने से 25 घायल; 3 गंभीर</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कांगड़ा जिले में कबड्डी मैच के दौरान बड़ा हादसा हो गया। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एक लेंटर पर चढ़े हुए थे। इसी दौरान लेंटर अचानक गिर गया, जिससे वहां मौजूद करीब 25 लोग घायल हो गए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा रेफर किया गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लेंटर पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और हादसे के कारणों की जांच शुरू की।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">फिलहाल घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। प्रशासन की ओर से घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि लेंटर की क्षमता कितनी थी और उस पर कितने लोग मौजूद थे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43249.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major accident during a kabaddi match in Kangra; concrete roof collapses suddenly; 25 people injured, 3 in critical condition.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/weather-to-take-a-turn-again-in-himachal-snowfall-alert-for-kinnaur-and-lahaul-spiti-rain-expected-in-shilla-sirmaur]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में फिर करवट लेगा  मौसम , किन्नौर लाहौल स्पीति में बर्फ़बारी का अलर्ट ; शिला सिरमौर में बरसेगे बादल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/weather-to-take-a-turn-again-in-himachal-snowfall-alert-for-kinnaur-and-lahaul-spiti-rain-expected-in-shilla-sirmaur]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने फिर करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
रविवार को रोहतांग दर्रा, किन्नौर और स्पीति की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई। स्पीति घाटी के कुछ इलाकों में भी ताजा हिमपात हुआ, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को सितंबर में ही सर्दी का अहसास होने लगा।
मौसम विभाग के अनुसार 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों व पर्यटकों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 सितंबर तक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और प्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद मौसम में कुछ राहत मिलने की संभावना है, हालांकि 30 सितंबर से 2 अक्तूबर के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश फिर हो सकती है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने फिर करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।<br />
रविवार को रोहतांग दर्रा, किन्नौर और स्पीति की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी दर्ज की गई। स्पीति घाटी के कुछ इलाकों में भी ताजा हिमपात हुआ, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को सितंबर में ही सर्दी का अहसास होने लगा।<br />
मौसम विभाग के अनुसार 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।<br />
बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों व पर्यटकों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है।<br />
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 29 सितंबर तक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और प्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद मौसम में कुछ राहत मिलने की संभावना है, हालांकि 30 सितंबर से 2 अक्तूबर के बीच कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश फिर हो सकती है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43247.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Weather to take a turn again in Himachal; snowfall alert for Kinnaur and Lahaul-Spiti; rain expected in Shilla, Sirmaur.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/bustle-and-excitement-witnessed-at-the-jai-budheshwar-fair-bjp-district-secretary-sunil-kashyap-attended-as-the-chief-guest]]></guid>
                       <title><![CDATA[जय बूढ़ेश्वर मेले में दिखी रौनक, मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भाजपा जिला सचिव सुनील कश्यप]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/bustle-and-excitement-witnessed-at-the-jai-budheshwar-fair-bjp-district-secretary-sunil-kashyap-attended-as-the-chief-guest]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 28 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
बोहली, 27 सितंबर। जय बृजेश्वर मेला बोहली का आयोजन धार्मिक आस्था, उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। मेले में भाजपा सोलन जिला सचिव सुनील कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर अमित शर्मा, जिला संयोजक सहकारिता प्रकोष्ठ तथा मोहित शर्मा, अध्यक्ष युवा मोर्चा धर्मपुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मेला आयोजन समिति की ओर से प्रदीप जी एवं मदन जी ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि सुनील कश्यप ने बृजेश्वर महाराज के मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि मेले हमारी समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सद्भाव को मजबूत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।
उन्होंने कहा कि जय बृजेश्वर मेला बोहली क्षेत्र की धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें हर वर्ष स्थानीय लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा मेले के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। मेले में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में नजर आया।
आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों का मेले को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
बोहली, 27 सितंबर। जय बृजेश्वर मेला बोहली का आयोजन धार्मिक आस्था, उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। मेले में भाजपा सोलन जिला सचिव सुनील कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।<br />
इस अवसर पर अमित शर्मा, जिला संयोजक सहकारिता प्रकोष्ठ तथा मोहित शर्मा, अध्यक्ष युवा मोर्चा धर्मपुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मेला आयोजन समिति की ओर से प्रदीप जी एवं मदन जी ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया।<br />
मुख्य अतिथि सुनील कश्यप ने बृजेश्वर महाराज के मंदिर में पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि मेले हमारी समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सद्भाव को मजबूत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।<br />
उन्होंने कहा कि जय बृजेश्वर मेला बोहली क्षेत्र की धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण आयोजन है, जिसमें हर वर्ष स्थानीय लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा मेले के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।<br />
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। मेले में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में नजर आया।<br />
आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों का मेले को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43246.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Bustle and excitement witnessed at the Jai Budheshwar Fair; BJP District Secretary Sunil Kashyap attended as the chief guest.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/rain-alert-in-himachal-heavy-rain-warning-for-sirmaur-shimla-and-solan-also-advised-to-stay-alert]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में बारिश का अलर्ट: सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी, शिमला-सोलन भी रहें सतर्क]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/rain-alert-in-himachal-heavy-rain-warning-for-sirmaur-shimla-and-solan-also-advised-to-stay-alert]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 25 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में 26 सितंबर से मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 26 से 29 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। सबसे ज्यादा असर 27 और 28 सितंबर को देखने को मिल सकता है।&nbsp;
सिरमौर में 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 26 सितंबर को भी जिले में भारी बारिश की चेतावनी है। शिमला और सोलन में 27 व 28 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मंडी में भी 27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।&nbsp;
इस दौरान कई क्षेत्रों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है। 27 सितंबर को कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।&nbsp;
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कों, अचानक बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। खासकर सिरमौर, सोलन, शिमला और मंडी के पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी रहेगी।&nbsp;
बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे प्रदेश में मौसम ठंडा होने लगेगा।&nbsp;
वहीं, हिमाचल में मानसून अब विदाई के चरण में है। इसके बावजूद पश्चिमी विक्षोभ और बदलती मौसम प्रणाली के कारण सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल रहा है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में 26 सितंबर से मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 26 से 29 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। सबसे ज्यादा असर 27 और 28 सितंबर को देखने को मिल सकता है।&nbsp;<br />
सिरमौर में 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 26 सितंबर को भी जिले में भारी बारिश की चेतावनी है। शिमला और सोलन में 27 व 28 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मंडी में भी 27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।&nbsp;<br />
इस दौरान कई क्षेत्रों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है। 27 सितंबर को कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।&nbsp;<br />
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कों, अचानक बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। खासकर सिरमौर, सोलन, शिमला और मंडी के पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी रहेगी।&nbsp;<br />
बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे प्रदेश में मौसम ठंडा होने लगेगा।&nbsp;<br />
वहीं, हिमाचल में मानसून अब विदाई के चरण में है। इसके बावजूद पश्चिमी विक्षोभ और बदलती मौसम प्रणाली के कारण सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल रहा है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43237.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Rain alert in Himachal: Heavy rain warning for Sirmaur; Shimla and Solan also advised to stay alert.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/income-in-the-lakhs-yet-land-worth-13-crore-purchased-the-matter-is-on-the-vigilance-radar-records-will-be-sent-to-the-income-tax-department-and-the-ed]]></guid>
                       <title><![CDATA[आय लाखों में, जमीन खरीदी 13 करोड़ की! विजिलेंस के रडार पर मामला, IT विभाग और ED को भेजा जाएगा रिकॉर्ड]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/income-in-the-lakhs-yet-land-worth-13-crore-purchased-the-matter-is-on-the-vigilance-radar-records-will-be-sent-to-the-income-tax-department-and-the-ed]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 23 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रक्कड़ निवासी नेक राम और उनके परिवार के नाम करीब 13 करोड़ रुपये की जमीन खरीद का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) की जांच में परिवार की घोषित आय और जमीन खरीद के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। अब विजिलेंस मामले से जुड़े रिकॉर्ड आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजने की तैयारी कर रहा है।&nbsp;
विजिलेंस ने वर्ष 2011 से 2025 के बीच नेक राम, उनकी पत्नी और मां के नाम धर्मशाला और पालमपुर तहसील के अलग-अलग क्षेत्रों में खरीदी गई जमीन का रिकॉर्ड खंगाला। जांच में इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई है। अब एजेंसी यह पता लगा रही है कि इतनी बड़ी संपत्ति खरीदने के लिए रकम कहां से आई।&nbsp;
जांच रिकॉर्ड के अनुसार नेक राम ने वर्ष 2011-12 में 2.08 लाख रुपये, 2012-13 में 2.69 लाख रुपये और 2013-14 में 3.93 लाख रुपये की वार्षिक आय दर्शाई थी। इसके बावजूद वर्ष 2011 में करीब 48.50 लाख रुपये और 2013 में करीब 23.95 लाख रुपये की जमीन खरीद का रिकॉर्ड मिला।&nbsp;
वहीं वर्ष 2025-26 में नेक राम ने अपनी आय 12.04 लाख रुपये बताई, जबकि इसी अवधि में उनके, उनकी पत्नी और मां के नाम करीब 48.44 लाख रुपये की जमीन खरीद दर्ज मिली।&nbsp;
विजिलेंस ने परिवार के बैंक खातों की भी पड़ताल की है। जांच के अनुसार एक खाते में जनवरी 2013 में करीब एक लाख रुपये थे, जो अप्रैल 2022 तक घटकर 17 रुपये रह गए। दूसरे खाते में अगस्त 2013 में करीब 5 हजार रुपये थे, जबकि फरवरी 2025 में इसमें 2.62 लाख रुपये मिले।&nbsp;
विजिलेंस अब यह भी जांच कर रही है कि जमीन खरीद के लिए कहीं किसी अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों ने तो रकम उपलब्ध नहीं कराई। बैंक लेनदेन, आयकर रिटर्न और परिवार के सदस्यों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। इसी वित्तीय पहलू को देखते हुए रिकॉर्ड आयकर विभाग और ED को भेजने की कार्रवाई प्रस्तावित है।&nbsp;
मामला सिर्फ जमीन खरीद और आय के अंतर तक सीमित नहीं है। विजिलेंस की FIR में सरकारी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी के आरोप भी दर्ज हैं। गलत म्यूटेशन दर्ज करने और सरकारी भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में एक महिला का नाम कब्जे के तौर पर दर्ज करने से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।&nbsp;
मामले में तत्कालीन तहसीलदार अमर सिंह, कानूनगो वीरेंद्र कुमार, पटवारी मनीष कुमार, नेक राम, उनकी पत्नी किरण बाला, मंगला देवी समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस का कहना है कि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है।&nbsp;
फिलहाल विजिलेंस जमीन के सौदों, पैसों के स्रोत और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रक्कड़ निवासी नेक राम और उनके परिवार के नाम करीब 13 करोड़ रुपये की जमीन खरीद का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) की जांच में परिवार की घोषित आय और जमीन खरीद के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। अब विजिलेंस मामले से जुड़े रिकॉर्ड आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजने की तैयारी कर रहा है।&nbsp;<br />
विजिलेंस ने वर्ष 2011 से 2025 के बीच नेक राम, उनकी पत्नी और मां के नाम धर्मशाला और पालमपुर तहसील के अलग-अलग क्षेत्रों में खरीदी गई जमीन का रिकॉर्ड खंगाला। जांच में इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई है। अब एजेंसी यह पता लगा रही है कि इतनी बड़ी संपत्ति खरीदने के लिए रकम कहां से आई।&nbsp;<br />
जांच रिकॉर्ड के अनुसार नेक राम ने वर्ष 2011-12 में 2.08 लाख रुपये, 2012-13 में 2.69 लाख रुपये और 2013-14 में 3.93 लाख रुपये की वार्षिक आय दर्शाई थी। इसके बावजूद वर्ष 2011 में करीब 48.50 लाख रुपये और 2013 में करीब 23.95 लाख रुपये की जमीन खरीद का रिकॉर्ड मिला।&nbsp;<br />
वहीं वर्ष 2025-26 में नेक राम ने अपनी आय 12.04 लाख रुपये बताई, जबकि इसी अवधि में उनके, उनकी पत्नी और मां के नाम करीब 48.44 लाख रुपये की जमीन खरीद दर्ज मिली।&nbsp;<br />
विजिलेंस ने परिवार के बैंक खातों की भी पड़ताल की है। जांच के अनुसार एक खाते में जनवरी 2013 में करीब एक लाख रुपये थे, जो अप्रैल 2022 तक घटकर 17 रुपये रह गए। दूसरे खाते में अगस्त 2013 में करीब 5 हजार रुपये थे, जबकि फरवरी 2025 में इसमें 2.62 लाख रुपये मिले।&nbsp;<br />
विजिलेंस अब यह भी जांच कर रही है कि जमीन खरीद के लिए कहीं किसी अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों ने तो रकम उपलब्ध नहीं कराई। बैंक लेनदेन, आयकर रिटर्न और परिवार के सदस्यों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। इसी वित्तीय पहलू को देखते हुए रिकॉर्ड आयकर विभाग और ED को भेजने की कार्रवाई प्रस्तावित है।&nbsp;<br />
मामला सिर्फ जमीन खरीद और आय के अंतर तक सीमित नहीं है। विजिलेंस की FIR में सरकारी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी के आरोप भी दर्ज हैं। गलत म्यूटेशन दर्ज करने और सरकारी भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में एक महिला का नाम कब्जे के तौर पर दर्ज करने से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।&nbsp;<br />
मामले में तत्कालीन तहसीलदार अमर सिंह, कानूनगो वीरेंद्र कुमार, पटवारी मनीष कुमार, नेक राम, उनकी पत्नी किरण बाला, मंगला देवी समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस का कहना है कि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है।&nbsp;<br />
फिलहाल विजिलेंस जमीन के सौदों, पैसों के स्रोत और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43218.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Income in the lakhs, yet land worth ₹13 crore purchased! The matter is on the Vigilance radar; records will be sent to the Income Tax Department and the ED.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/pickup-truck-overturns-in-rabaun-solan-two-injured-in-the-accident]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन के रबौण में पलटी पिकअप, हादसे में दो लोग घायल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/pickup-truck-overturns-in-rabaun-solan-two-injured-in-the-accident]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सोलन के रबौण क्षेत्र में एक पिकअप वाहन पलटने से हादसा हो गया। हादसे में पिकअप सवार दो लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रबौण के तीखे मोड़ पर पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में दो लोगों को चोटें आई हैं।
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार हादसे में बड़ा नुकसान टल गया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोलन के रबौण क्षेत्र में एक पिकअप वाहन पलटने से हादसा हो गया। हादसे में पिकअप सवार दो लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।<br />
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रबौण के तीखे मोड़ पर पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में दो लोगों को चोटें आई हैं।<br />
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू की। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार हादसे में बड़ा नुकसान टल गया।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43202.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Pickup truck overturns in Rabaun, Solan; two injured in the accident.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/the-plight-of-himachals-artists-a-mere-2000-honorarium-after-hours-of-rehearsals-and-performancesand-even-that-requires-waiting-for-months]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल के कलाकारों का दर्द! घंटों रिहर्सल और प्रस्तुति के बाद सिर्फ 2 हजार मेहनताना, उसके लिए भी महीनों करना पड़ता है इंतजार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/the-plight-of-himachals-artists-a-mere-2000-honorarium-after-hours-of-rehearsals-and-performancesand-even-that-requires-waiting-for-months]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 10 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[गोपी जैक्स ने आरोप लगाया कि प्रदेश में होने वाले कई बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाहरी राज्यों से कलाकारों को बुलाकर उन पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, जबकि स्थानीय कलाकारों को नाममात्र का मानदेय दिया जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब हिमाचल की लोक संस्कृति को स्थानीय कलाकार ही अपनी कला के जरिए आगे बढ़ा रहे हैं तो उन्हें उचित आर्थिक सम्मान क्यों नहीं दिया जाता.
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><span style="color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048;">गोपी जैक्स ने आरोप लगाया कि प्रदेश में होने वाले कई बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाहरी राज्यों से कलाकारों को बुलाकर उन पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, जबकि स्थानीय कलाकारों को नाममात्र का मानदेय दिया जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब हिमाचल की लोक संस्कृति को स्थानीय कलाकार ही अपनी कला के जरिए आगे बढ़ा रहे हैं तो उन्हें उचित आर्थिक सम्मान क्यों नहीं दिया जाता.</span></span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43187.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[The plight of Himachal's artists! A mere ₹2,000 honorarium after hours of rehearsals and performances—and even that requires waiting for months.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/trouble-mounts-for-bpl-families-re-verification-of-income-certificates-deadline-set]]></guid>
                       <title><![CDATA[BPL परिवारों की बढ़ी मुश्किलें! आय प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच, तय हुई आखिरी तारीख]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/trouble-mounts-for-bpl-families-re-verification-of-income-certificates-deadline-set]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 08 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में बीपीएल श्रेणी के तहत चयनित लोगों को जारी किए गए आय प्रमाण पत्रों की अब दोबारा जांच की जाएगी. उपमंडल अधिकारी (नागरिक) रामपुर बुशहर की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. आदेश के अनुसार 50 हजार और 75 हजार तक की वार्षिक आय दर्शाने वाले उन सभी आय प्रमाण पत्रों का पुनः सत्यापन किया जाएगा, जो बीपीएल श्रेणी में चयनित व्यक्तियों को जारी किए गए हैं.पुनः सत्यापन के दौरान संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रत्येक मामले में जांच करेंगे. यह जांच संबंधित ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, ग्राम पंचायत प्रधान और संबंधित वार्ड सदस्य की समिति के साथ परामर्श कर की जाएगी. जांच में संबंधित व्यक्ति और परिवार की वास्तविक आय, आर्थिक स्थिति और आय प्रमाण पत्र जारी करने के आधार की पड़ताल की जाएगी. इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रमाण पत्र उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप है या नहीं.प्रत्येक आय प्रमाण पत्र की सत्यापन रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि जांच के बाद प्रमाण पत्र सही पाया गया है अथवा नहीं. एसडीएम कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को यह पूरी प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. मामले को अति आवश्यक और समयबद्ध बताया गया है.
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; color: black; font-size: 17px; line-height: 26px; font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; float: none !important; text-align: justify;"><span style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; font-weight: bolder; font-size: 18px;">&nbsp;</span>जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में बीपीएल श्रेणी के तहत चयनित लोगों को जारी किए गए आय प्रमाण पत्रों की अब दोबारा जांच की जाएगी. उपमंडल अधिकारी (नागरिक) रामपुर बुशहर की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. आदेश के अनुसार 50 हजार और 75 हजार तक की वार्षिक आय दर्शाने वाले उन सभी आय प्रमाण पत्रों का पुनः सत्यापन किया जाएगा, जो बीपीएल श्रेणी में चयनित व्यक्तियों को जारी किए गए हैं.पुनः सत्यापन के दौरान संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रत्येक मामले में जांच करेंगे. यह जांच संबंधित ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, ग्राम पंचायत प्रधान और संबंधित वार्ड सदस्य की समिति के साथ परामर्श कर की जाएगी. जांच में संबंधित व्यक्ति और परिवार की वास्तविक आय, आर्थिक स्थिति और आय प्रमाण पत्र जारी करने के आधार की पड़ताल की जाएगी. इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रमाण पत्र उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड और मौके की वास्तविक स्थिति के अनुरूप है या नहीं.प्रत्येक आय प्रमाण पत्र की सत्यापन रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि जांच के बाद प्रमाण पत्र सही पाया गया है अथवा नहीं. एसडीएम कार्यालय ने संबंधित अधिकारियों को यह पूरी प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं. मामले को अति आवश्यक और समयबद्ध बताया गया है.</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43178.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Trouble mounts for BPL families! Re-verification of income certificates; deadline set.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/obc-morcha-rallies-in-dharamshala-massive-protest-outside-the-dc-office-demanding-a-separate-headcount-in-the-census]]></guid>
                       <title><![CDATA[धर्मशाला में गरजा OBC मोर्चा! जनगणना में अलग गिनती की मांग पर DC ऑफिस के बाहर जोरदार प्रदर्शन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/obc-morcha-rallies-in-dharamshala-massive-protest-outside-the-dc-office-demanding-a-separate-headcount-in-the-census]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[धर्मशाला: जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC की अलग से गणना करवाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने बुधवार को धर्मशाला में जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता डीसी कार्यालय के बाहर जुटे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।&nbsp;
प्रदर्शन से पहले मोर्चा की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें केंद्र सरकार से OBC की वैज्ञानिक, प्रमाणिक और अलग गणना करवाने की मांग रखी गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश में OBC की वास्तविक आबादी का सही आंकड़ा सामने आना बेहद जरूरी है। उनका तर्क है कि सही आंकड़े मिलने के बाद शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी योजनाओं के लिए बेहतर नीतियां तैयार की जा सकेंगी।&nbsp;
मोर्चा ने मांग रखी कि जिस तरह SC और ST की जनगणना की जाती है, उसी तर्ज पर OBC की भी अलग से गणना हो। इसके साथ ही प्रत्येक जाति के लिए अलग और विशिष्ट कोड निर्धारित करने तथा ओपन कॉलम की जगह मानकीकृत व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।&nbsp;
OBC विशेष वर्ग से महेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि जनगणना में OBC की वास्तविक संख्या दर्ज होना सामाजिक न्याय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जातिवार आंकड़ों के संग्रह और सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी और वैज्ञानिक बनाने की भी मांग उठाई।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">धर्मशाला: जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC की अलग से गणना करवाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने बुधवार को धर्मशाला में जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता डीसी कार्यालय के बाहर जुटे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।&nbsp;<br />
प्रदर्शन से पहले मोर्चा की ओर से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें केंद्र सरकार से OBC की वैज्ञानिक, प्रमाणिक और अलग गणना करवाने की मांग रखी गई।<br />
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश में OBC की वास्तविक आबादी का सही आंकड़ा सामने आना बेहद जरूरी है। उनका तर्क है कि सही आंकड़े मिलने के बाद शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी योजनाओं के लिए बेहतर नीतियां तैयार की जा सकेंगी।&nbsp;<br />
मोर्चा ने मांग रखी कि जिस तरह SC और ST की जनगणना की जाती है, उसी तर्ज पर OBC की भी अलग से गणना हो। इसके साथ ही प्रत्येक जाति के लिए अलग और विशिष्ट कोड निर्धारित करने तथा ओपन कॉलम की जगह मानकीकृत व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।&nbsp;<br />
OBC विशेष वर्ग से महेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि जनगणना में OBC की वास्तविक संख्या दर्ज होना सामाजिक न्याय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जातिवार आंकड़ों के संग्रह और सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी और वैज्ञानिक बनाने की भी मांग उठाई।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43146.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[OBC Morcha rallies in Dharamshala! Massive protest outside the DC office demanding a separate headcount in the census.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news/news-update/major-change-in-scholarship-rules-a-student-can-now-receive-more-than-one-scholarship]]></guid>
                       <title><![CDATA[छात्रवृत्ति नियमों में बड़ा बदलाव, अब एक विद्यार्थी को मिल सकती है एक से ज्यादा स्कॉलरशिप]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news/news-update/major-change-in-scholarship-rules-a-student-can-now-receive-more-than-one-scholarship]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[NSP पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रवृत्ति के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब पात्र विद्यार्थी एक मेरिट आधारित छात्रवृत्ति के साथ-साथ पात्रता पूरी करने पर एक से अधिक कल्याणकारी छात्रवृत्तियों का लाभ उठा सकेंगे।
केंद्र सरकार ने मौजूदा &lsquo;वन स्टूडेंट-वन स्कॉलरशिप&rsquo; व्यवस्था को बदलकर &lsquo;वन स्टूडेंट-मल्टीपल स्कॉलरशिप&rsquo; करने का फैसला लिया है। यानी अगर कोई विद्यार्थी पहले से कल्याणकारी छात्रवृत्ति ले रहा है और बाद में मेरिट आधारित छात्रवृत्ति के लिए पात्र हो जाता है, तो उसे मेरिट छात्रवृत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। इसी तरह मेरिट छात्रवृत्ति लेने वाला विद्यार्थी पात्रता पूरी करने पर कल्याणकारी छात्रवृत्ति भी ले सकेगा।
वहीं विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया भी आसान की गई है। पहली बार आवेदन करते समय भरी गई सामान्य जानकारी को आगे के आवेदनों में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। बाद के आवेदनों में विद्यार्थी को केवल संबंधित योजना की जानकारी भरनी होगी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
अगर आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो विद्यार्थी को योजना से जुड़ी जानकारी में सुधार का मौका दिया जाएगा। वहीं सामान्य शैक्षणिक या संस्थान संबंधी जानकारी में बदलाव करने के लिए पहले जमा किए गए सभी आवेदन वापस लेने होंगे।
नए प्रावधान के तहत संस्थानों के नोडल अधिकारियों को भी विद्यार्थी के सभी छात्रवृत्ति आवेदनों और उनकी स्थिति दिखाई देगी। इससे आवेदन के सत्यापन की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
जिला उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों को इन नए नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। संस्थानों से कहा गया है कि नोटिस बोर्ड, प्रार्थना सभा और जागरूकता अभियानों के जरिए विद्यार्थियों को जानकारी दी जाए और निर्धारित समय सीमा में आवेदन करवाए जाएं।
यानी 2026-27 से विद्यार्थियों को ज्यादा छात्रवृत्ति के अवसर मिलने के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले आसान होने वाली है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">NSP पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से छात्रवृत्ति के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब पात्र विद्यार्थी एक मेरिट आधारित छात्रवृत्ति के साथ-साथ पात्रता पूरी करने पर एक से अधिक कल्याणकारी छात्रवृत्तियों का लाभ उठा सकेंगे।<br />
केंद्र सरकार ने मौजूदा &lsquo;वन स्टूडेंट-वन स्कॉलरशिप&rsquo; व्यवस्था को बदलकर &lsquo;वन स्टूडेंट-मल्टीपल स्कॉलरशिप&rsquo; करने का फैसला लिया है। यानी अगर कोई विद्यार्थी पहले से कल्याणकारी छात्रवृत्ति ले रहा है और बाद में मेरिट आधारित छात्रवृत्ति के लिए पात्र हो जाता है, तो उसे मेरिट छात्रवृत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। इसी तरह मेरिट छात्रवृत्ति लेने वाला विद्यार्थी पात्रता पूरी करने पर कल्याणकारी छात्रवृत्ति भी ले सकेगा।<br />
वहीं विद्यार्थियों के लिए आवेदन प्रक्रिया भी आसान की गई है। पहली बार आवेदन करते समय भरी गई सामान्य जानकारी को आगे के आवेदनों में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। बाद के आवेदनों में विद्यार्थी को केवल संबंधित योजना की जानकारी भरनी होगी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।<br />
अगर आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो विद्यार्थी को योजना से जुड़ी जानकारी में सुधार का मौका दिया जाएगा। वहीं सामान्य शैक्षणिक या संस्थान संबंधी जानकारी में बदलाव करने के लिए पहले जमा किए गए सभी आवेदन वापस लेने होंगे।<br />
नए प्रावधान के तहत संस्थानों के नोडल अधिकारियों को भी विद्यार्थी के सभी छात्रवृत्ति आवेदनों और उनकी स्थिति दिखाई देगी। इससे आवेदन के सत्यापन की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता आने की उम्मीद है।<br />
जिला उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक अनिल कुमार ने बताया कि सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों को इन नए नियमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। संस्थानों से कहा गया है कि नोटिस बोर्ड, प्रार्थना सभा और जागरूकता अभियानों के जरिए विद्यार्थियों को जानकारी दी जाए और निर्धारित समय सीमा में आवेदन करवाए जाएं।<br />
यानी 2026-27 से विद्यार्थियों को ज्यादा छात्रवृत्ति के अवसर मिलने के साथ-साथ आवेदन प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले आसान होने वाली है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43144.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major change in scholarship rules: a student can now receive more than one scholarship.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/-246-fir]]></guid>
                       <title><![CDATA[हमीरपुर की ताल कृषि सहकारी सभा में 2.46 करोड़ की गड़बड़ी! विजिलेंस का बड़ा एक्शन, छह लोगों पर FIR]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/-246-fir]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में ताल कृषि सहकारी सभा में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच के बाद विजिलेंस ने मामले में छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
बताया जा रहा है कि सहकारी सभा में करीब 2 करोड़ 46 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस ने जांच आगे बढ़ाई और अब छह लोगों को FIR में नामजद किया है।
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद सहकारी क्षेत्र में भी हड़कंप मच गया है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम में गड़बड़ी कैसे हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और पैसे का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
फिलहाल मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में गड़बड़ी से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में ताल कृषि सहकारी सभा में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच के बाद विजिलेंस ने मामले में छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।<br />
बताया जा रहा है कि सहकारी सभा में करीब 2 करोड़ 46 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस ने जांच आगे बढ़ाई और अब छह लोगों को FIR में नामजद किया है।<br />
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद सहकारी क्षेत्र में भी हड़कंप मच गया है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम में गड़बड़ी कैसे हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और पैसे का इस्तेमाल किस तरह किया गया।<br />
फिलहाल मामले में जांच जारी है और आने वाले दिनों में गड़बड़ी से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की उम्मीद है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43143.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[हमीरपुर की ताल कृषि सहकारी सभा में 2.46 करोड़ की गड़बड़ी! विजिलेंस का बड़ा एक्शन, छह लोगों पर FIR]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/electricity-board-employees-raise-their-voices-in-shimla-for-the-restoration-of-ops-hold-a-rally-at-chaura-maidan-and-shout-slogans-fiercely-against-the-government]]></guid>
                       <title><![CDATA[OPS बहाली के लिए शिमला में गरजे बिजली बोर्ड कर्मचारी, चौड़ा मैदान में निकाली रैली; सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/electricity-board-employees-raise-their-voices-in-shimla-for-the-restoration-of-ops-hold-a-rally-at-chaura-maidan-and-shout-slogans-fiercely-against-the-government]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली और आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बुधवार को शिमला के चौड़ा मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया।
बड़ी संख्या में बिजली बोर्ड कर्मचारी चौड़ा मैदान में जुटे और रैली निकालकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगें जल्द पूरी करने की मांग उठाई।
कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन योजना उनके भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी सरकार से ठोस फैसला लेने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और OPS बहाली समेत अन्य लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए।
चौड़ा मैदान में हुए इस प्रदर्शन के चलते काफी देर तक माहौल गरमाया रहा और कर्मचारियों ने एकजुट होकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पुरानी पेंशन योजना यानी OPS की बहाली और आउटसोर्स कर्मचारियों के समायोजन की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बुधवार को शिमला के चौड़ा मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया।<br />
बड़ी संख्या में बिजली बोर्ड कर्मचारी चौड़ा मैदान में जुटे और रैली निकालकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगें जल्द पूरी करने की मांग उठाई।<br />
कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी पेंशन योजना उनके भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसके साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी सरकार से ठोस फैसला लेने की मांग की गई।<br />
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और OPS बहाली समेत अन्य लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए।<br />
चौड़ा मैदान में हुए इस प्रदर्शन के चलते काफी देर तक माहौल गरमाया रहा और कर्मचारियों ने एकजुट होकर सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43141.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Electricity Board employees raise their voices in Shimla for the restoration of OPS; hold a rally at Chaura Maidan and shout slogans fiercely against the government.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/heavy-rain-alert-for-himachal-roads-submerged-in-kangra-rain-to-continue-until-september-4-monsoon-season-rainfall-10-below-normal]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट:कांगड़ा में सड़कें जलमग्न, 4 सितंबर तक बरसेंगे बादल; मानसून सीजन में सामान्य से 10% कम बरसात]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/heavy-rain-alert-for-himachal-roads-submerged-in-kangra-rain-to-continue-until-september-4-monsoon-season-rainfall-10-below-normal]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 01 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है। कांगड़ा सहित कई जिलों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। कांगड़ा में कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 4 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और सड़कें प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहने के बावजूद पिछले कुछ दिनों से कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों और प्रशासन को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
कांगड़ा में बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश होने पर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की स्थिति भी पैदा हो सकती है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में आगामी दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है। कांगड़ा सहित कई जिलों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। कांगड़ा में कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br />
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 4 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और सड़कें प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।<br />
वहीं, हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में मानसून के दौरान बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहने के बावजूद पिछले कुछ दिनों से कई क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों और प्रशासन को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।<br />
कांगड़ा में बारिश के कारण कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश होने पर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की स्थिति भी पैदा हो सकती है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।<br />
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43128.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Heavy rain alert for Himachal: Roads submerged in Kangra, rain to continue until September 4; monsoon season rainfall 10% below normal.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/300-electric-buses-arrive-in-himachal-deputy-cm-says-public-transport-will-improve-alongside-environmental-conservation]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में पहुंचीं 300 इलेक्ट्रिक बसें, डिप्टी सीएम बोले—पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर होगा सार्वजनिक परिवहन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/300-electric-buses-arrive-in-himachal-deputy-cm-says-public-transport-will-improve-alongside-environmental-conservation]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 31 Aug 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला: हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में करीब 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं। उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इन बसों को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और रूटों पर चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है।&nbsp;
इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मुख्य उद्देश्य डीजल बसों पर निर्भरता कम करना और हिमाचल के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखना है। जिन रूटों पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हो चुके हैं, वहां इन बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में पुराने डीजल वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक बसों से बदला जाए।&nbsp;
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, नई इलेक्ट्रिक बसें स्थानीय रूटों के साथ-साथ जरूरत के अनुसार लंबी दूरी के रूटों पर भी चलाई जाएंगी। पालमपुर में हाल ही में 10 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। वहीं बिलासपुर, कांगड़ा और शिमला ग्रामीण सहित कई क्षेत्रों को भी नई ई-बसें उपलब्ध करवाई गई हैं।&nbsp;
सरकार ने भविष्य में एचआरटीसी के बेड़े में 1,000 और इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों, पीजीआई, एम्स बिलासपुर और प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू करने की योजना है। इससे लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">शिमला: हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में करीब 300 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं। उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इन बसों को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और रूटों पर चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है।&nbsp;<br />
इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मुख्य उद्देश्य डीजल बसों पर निर्भरता कम करना और हिमाचल के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखना है। जिन रूटों पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हो चुके हैं, वहां इन बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में पुराने डीजल वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक बसों से बदला जाए।&nbsp;<br />
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, नई इलेक्ट्रिक बसें स्थानीय रूटों के साथ-साथ जरूरत के अनुसार लंबी दूरी के रूटों पर भी चलाई जाएंगी। पालमपुर में हाल ही में 10 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। वहीं बिलासपुर, कांगड़ा और शिमला ग्रामीण सहित कई क्षेत्रों को भी नई ई-बसें उपलब्ध करवाई गई हैं।&nbsp;<br />
सरकार ने भविष्य में एचआरटीसी के बेड़े में 1,000 और इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों, पीजीआई, एम्स बिलासपुर और प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू करने की योजना है। इससे लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43125.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[300 electric buses arrive in Himachal; Deputy CM says public transport will improve alongside environmental conservation.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/jwalamukhi-school-student-sucide-matter]]></guid>
                       <title><![CDATA[जवालामुखी:खुंडिया छात्र मौत मामले में पूर्व सैनिक लीग ने तहसीलदार खुंडिया को सौंपा ज्ञापन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/jwalamukhi-school-student-sucide-matter]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 07 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp; सोशल मीडिया पर चर्चित निजी स्कूल के छात्र मौत मामले को लेकर अब पूर्व सैनिक लीग खुंडिया ने तहसीलदार खुंडिया को ज्ञापन सौंप स्कूल प्रशासन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई&nbsp;करने की मांग की है।&nbsp; साथ ही उन्होंने कहा की देहरा के उक्त निजी स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिसकी तारीख का ऐलान भी जल्द कर दिया जाएगा । पूर्व सैनिक लीग के पदाधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच सुनिश्चित की जाए।&nbsp;

बता दें यह मामला खुंडिया थाना के अंतर्गत का है जहां ठम्बा निवासी 14 वर्षीय कबीर राणा ने घर पर अपनी इहलीला समाप्त कर ली थी। वहीं युवक के पिता ने स्कूल पर बच्चे के साथ होस्टल में प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं, जिस पर पुलिस मामले की गम्भीरता से जांच कर रही है। बहरहाल मामले में सत्यता क्या है वो तो पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। प्राथमिक स्थिति में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस बीच&nbsp; स्कूल प्रबंधन ने पुलिस की जांच में पूर्ण सहयोग करने की बात कही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size: 18px;">&nbsp; सोशल मीडिया पर चर्चित निजी स्कूल के छात्र मौत मामले को लेकर अब पूर्व सैनिक लीग खुंडिया ने तहसीलदार खुंडिया को ज्ञापन सौंप स्कूल प्रशासन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई&nbsp;करने की मांग की है।&nbsp; साथ ही उन्होंने कहा की देहरा के उक्त निजी स्कूल के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिसकी तारीख का ऐलान भी जल्द कर दिया जाएगा । पूर्व सैनिक लीग के पदाधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच सुनिश्चित की जाए।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बता दें यह मामला खुंडिया थाना के अंतर्गत का है जहां ठम्बा निवासी 14 वर्षीय कबीर राणा ने घर पर अपनी इहलीला समाप्त कर ली थी। वहीं युवक के पिता ने स्कूल पर बच्चे के साथ होस्टल में प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं, जिस पर पुलिस मामले की गम्भीरता से जांच कर रही है। बहरहाल मामले में सत्यता क्या है वो तो पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। प्राथमिक स्थिति में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस बीच&nbsp; स्कूल प्रबंधन ने पुलिस की जांच में पूर्ण सहयोग करने की बात कही है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43094.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[jwalamukhi-school-student-sucide-matter]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/commercial-lpg-cylinder-becomes-cheaper-by-18350-aviation-fuel-prices-also-reduced]]></guid>
                       <title><![CDATA[कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ ₹183.50 सस्ता, विमान ईंधन के दाम भी घटे]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/commercial-lpg-cylinder-becomes-cheaper-by-18350-aviation-fuel-prices-also-reduced]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 02 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[तेल विपणन कंपनियों ने होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की है। यह वर्ष 2026 में पहली बार है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम कम किए गए हैं। नई दरें 1 जुलाई से लागू हो गई हैं।

नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब ₹2,930 में उपलब्ध होगा। इससे पहले पिछले महीने इसकी कीमत बढ़कर ₹3,113 तक पहुंच गई थी, जो अब तक का उच्चतम स्तर था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद तेल कंपनियों ने यह राहत दी है, जिससे होटल और खाद्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में भी ₹5 प्रति लीटर की कमी की गई है। ईंधन की कीमतों में इस कटौती से विमानन कंपनियों की परिचालन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, जिसका लाभ भविष्य में यात्रियों को भी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p data-end="396" data-start="110"><span style="font-size:18px;">तेल विपणन कंपनियों ने होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले <strong data-end="242" data-start="199">19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर</strong> की कीमत में <strong data-end="266" data-start="255">₹183.50</strong> की कटौती की है। यह वर्ष 2026 में पहली बार है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम कम किए गए हैं। नई दरें <strong data-end="377" data-start="366">1 जुलाई</strong> से लागू हो गई हैं।</span></p>

<p data-end="768" data-start="398"><span style="font-size:18px;">नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब <strong data-end="482" data-start="472">₹2,930</strong> में उपलब्ध होगा। इससे पहले पिछले महीने इसकी कीमत बढ़कर <strong data-end="548" data-start="538">₹3,113</strong> तक पहुंच गई थी, जो अब तक का उच्चतम स्तर था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद तेल कंपनियों ने यह राहत दी है, जिससे होटल और खाद्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।</span></p>

<p data-end="1017" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="770"><span style="font-size:18px;">इसके साथ ही <strong data-end="802" data-start="782">विमान ईंधन (ATF)</strong> की कीमतों में भी <strong data-end="837" data-start="820">₹5 प्रति लीटर</strong> की कमी की गई है। ईंधन की कीमतों में इस कटौती से विमानन कंपनियों की परिचालन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, जिसका लाभ भविष्य में यात्रियों को भी मिलने की संभावना जताई जा रही है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43081.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Commercial LPG cylinder becomes cheaper by ₹183.50; aviation fuel prices also reduced.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/monsoon-impact-begins-in-himachal-landslide-in-shimla-road-closed]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में मानसून का असर शुरू, शिमला में पहाड़ी दरकी, सड़क बंद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/monsoon-impact-begins-in-himachal-landslide-in-shimla-road-closed]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 01 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी शिमला में पहली बड़ी भू-स्खलन की घटना सामने आई है। मंगलवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश के कुछ ही समय बाद शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरियर क्षेत्र में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे शिमला-चक्कर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और यातायात ठप हो गया।

राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों, कार्यालय आने-जाने वालों और यात्रियों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा।

सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही धीमी कर दी गई, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने ट्रैफिक को वैकल्पिक बालूगंज मार्ग से डायवर्ट किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा।

मानसून की शुरुआत के साथ ही शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी शिमला में पहली बड़ी भू-स्खलन की घटना सामने आई है। मंगलवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश के कुछ ही समय बाद शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरियर क्षेत्र में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे शिमला-चक्कर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और यातायात ठप हो गया।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों, कार्यालय आने-जाने वालों और यात्रियों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही धीमी कर दी गई, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने ट्रैफिक को वैकल्पिक बालूगंज मार्ग से डायवर्ट किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">मानसून की शुरुआत के साथ ही शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43072.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Monsoon impact begins in Himachal; landslide in Shimla, road closed.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/first-prayer-performed-at-the-holy-cave-of-baba-amarnath-57-day-amarnath-yatra-to-begin-on-july-3]]></guid>
                       <title><![CDATA[बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में हुई प्रथम पूजा, 3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/first-prayer-performed-at-the-holy-cave-of-baba-amarnath-57-day-amarnath-yatra-to-begin-on-july-3]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 29 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के शुभारंभ से पहले सोमवार, 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में विराजमान हिमलिंग की पारंपरिक प्रथम पूजा संपन्न हुई। इसी के साथ वार्षिक अमरनाथ यात्रा की धार्मिक और औपचारिक शुरुआत हो गई।

प्रथम पूजा में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा, श्राइन बोर्ड और श्री बाबा अमरनाथ न्यास के पदाधिकारी, संत-महात्मा तथा गुफा के पुजारी शामिल हुए। इस दौरान यात्रा के सफल, सुरक्षित और मंगलमय संचालन की कामना की गई।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पवित्र गुफा में प्रथम पूजा करने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बाबा बर्फानी से देशवासियों की शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा के लिए प्रशासन, श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय समुदाय, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवक पूरी तरह तैयार हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा अनुभव देने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होने वाली प्रथम पूजा को अमरनाथ यात्रा का आधिकारिक धार्मिक शुभारंभ माना जाता है। इस वर्ष 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी। श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size: 18px;">श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के शुभारंभ से पहले सोमवार, 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में विराजमान हिमलिंग की पारंपरिक </span><strong style="font-size: 18px;">प्रथम पूजा</strong><span style="font-size: 18px;"> संपन्न हुई। इसी के साथ वार्षिक अमरनाथ यात्रा की धार्मिक और औपचारिक शुरुआत हो गई।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">प्रथम पूजा में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा, श्राइन बोर्ड और श्री बाबा अमरनाथ न्यास के पदाधिकारी, संत-महात्मा तथा गुफा के पुजारी शामिल हुए। इस दौरान यात्रा के सफल, सुरक्षित और मंगलमय संचालन की कामना की गई।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पवित्र गुफा में प्रथम पूजा करने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बाबा बर्फानी से देशवासियों की शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा के लिए प्रशासन, श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय समुदाय, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवक पूरी तरह तैयार हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा अनुभव देने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा पर होने वाली प्रथम पूजा को अमरनाथ यात्रा का आधिकारिक धार्मिक शुभारंभ माना जाता है। इस वर्ष 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा <strong>3 जुलाई से 28 अगस्त (रक्षाबंधन)</strong> तक चलेगी। श्रद्धालु पारंपरिक <strong>पहलगाम</strong> और <strong>बालटाल</strong> दोनों मार्गों से बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43065.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[First prayer performed at the holy cave of Baba Amarnath; 57-day Amarnath Yatra to begin on July 3.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/breaking-news/news-update/himachal/hrtc-operations-to-halt-from-tonight-government-invokes-esma-against-employees-agitation]]></guid>
                       <title><![CDATA[आज रात से थमेंगे HRTC के पहिए, कर्मचारियों के आंदोलन पर सरकार ने लगाया एस्मा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/breaking-news/news-update/himachal/hrtc-operations-to-halt-from-tonight-government-invokes-esma-against-employees-agitation]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 24 जून की मध्यरात्रि से &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेशभर में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह तक एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और इसके बाधित होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे पारंपरिक हड़ताल नहीं कर रहे हैं, बल्कि &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; के तहत ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

एचआरटीसी की करीब 2800 बसें प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं देती हैं। ऐसे में यदि आंदोलन जारी रहता है तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size: 16px;">हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 24 जून की मध्यरात्रि से &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेशभर में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह तक एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और इसके बाधित होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे पारंपरिक हड़ताल नहीं कर रहे हैं, बल्कि &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; के तहत ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">एचआरटीसी की करीब 2800 बसें प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं देती हैं। ऐसे में यदि आंदोलन जारी रहता है तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43058.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[HRTC operations to halt from tonight; government invokes ESMA against employees' agitation.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/literature/himachal/himachal-under-financial-strain-plans-to-raise-a-new-loan-of-700-crore-in-june]]></guid>
                       <title><![CDATA[वित्तीय दबाव में हिमाचल: जून में 700 करोड़ का नया कर्ज लेने की तैयारी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/literature/himachal/himachal-under-financial-strain-plans-to-raise-a-new-loan-of-700-crore-in-june]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही राज्य सरकार अब 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। वित्त विभाग ने इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इससे पहले मई 2026 में सरकार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में अप्रैल माह में 900 करोड़ रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया गया था।

यदि यह नया ऋण स्वीकृत हो जाता है तो अप्रैल, मई और जून के दौरान राज्य सरकार की कुल उधारी 2,100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती हर महीने की प्रतिबद्ध देनदारियों का भुगतान है। राज्य को कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये, पेंशन भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये, पहले से लिए गए ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए 500 करोड़ रुपये तथा ऋण के मूलधन की अदायगी के लिए 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ती है। यानी हर महीने लगभग 3,600 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

वित्तीय संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 अप्रैल 2026 को सरकार ने कुछ श्रेणियों के अधिकारियों और माननीयों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था। हालांकि अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह स्थगित वेतन जून 2026 के वेतन के साथ जारी किया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

लगातार बढ़ती उधारी के बीच हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 1,11,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। विपक्ष जहां इसे सरकार की वित्तीय विफलता बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों, पेंशनरों और विकास कार्यों की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह कदम आवश्यक है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार बढ़ती उधारी हिमाचल की वित्तीय स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाएगी, या सरकार राजस्व बढ़ाने के अपने प्रयासों से इस संकट से बाहर निकल पाएगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही राज्य सरकार अब 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। वित्त विभाग ने इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इससे पहले मई 2026 में सरकार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में अप्रैल माह में 900 करोड़ रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया गया था।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">यदि यह नया ऋण स्वीकृत हो जाता है तो अप्रैल, मई और जून के दौरान राज्य सरकार की कुल उधारी 2,100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती हर महीने की प्रतिबद्ध देनदारियों का भुगतान है। राज्य को कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये, पेंशन भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये, पहले से लिए गए ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए 500 करोड़ रुपये तथा ऋण के मूलधन की अदायगी के लिए 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ती है। यानी हर महीने लगभग 3,600 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">वित्तीय संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 अप्रैल 2026 को सरकार ने कुछ श्रेणियों के अधिकारियों और माननीयों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था। हालांकि अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह स्थगित वेतन जून 2026 के वेतन के साथ जारी किया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">लगातार बढ़ती उधारी के बीच हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 1,11,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। विपक्ष जहां इसे सरकार की वित्तीय विफलता बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों, पेंशनरों और विकास कार्यों की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह कदम आवश्यक है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">अब बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार बढ़ती उधारी हिमाचल की वित्तीय स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाएगी, या सरकार राजस्व बढ़ाने के अपने प्रयासों से इस संकट से बाहर निकल पाएगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43042.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal under financial strain: Plans to raise a new loan of ₹700 crore in June.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/himachal/haryana-congress-mlas-met-with-cm-sukhus-political-advisor-police-deployed-entry-restricted-for-outsiders]]></guid>
                       <title><![CDATA[हरियाणा कांग्रेस विधायकों से मिले सीएम सुक्खू के पॉलिटिकल एडवाइजर, पुलिस तैनात, बाहरी लोगों की एंट्री बंद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/himachal/haryana-congress-mlas-met-with-cm-sukhus-political-advisor-police-deployed-entry-restricted-for-outsiders]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 14 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने हरियाणा के 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी क्षेत्र में गलू स्थित ट्विन टावर होटल में ठहराया है। होटल परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां दिन-रात पुलिस का पहरा लगा हुआ है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ट्विन टावर होटल पहुंचे और हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद वे शिमला लौट गए।

होटल की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भी पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति होटल परिसर तक न पहुंच सके। मीडिया को भी होटल से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। होटल के अंदर जाने की अनुमति केवल कर्मचारियों को ही दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ कांग्रेस विधायकों ने होटल से बाहर मॉर्निंग वॉक पर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ विधायक होटल परिसर के अंदर ही टहलते नजर आए, जबकि कई विधायक अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर देखते दिखाई दिए। शुक्रवार शाम हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों के अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और सांसद भी शिमला पहुंचे थे। इनके ठहरने की व्यवस्था अलग-अलग दो होटलों में की गई है। हरियाणा से आए कुछ नेता कुफरी स्थित रेडिसन होटल में भी ठहरे हुए हैं।

कांग्रेस को आशंका है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि छह विधायक अभी शिमला नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च की सुबह सभी विधायकों को शिमला से हरियाणा ले जाया जाएगा और उन्हें सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने हरियाणा के 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी क्षेत्र में गलू स्थित ट्विन टावर होटल में ठहराया है। होटल परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां दिन-रात पुलिस का पहरा लगा हुआ है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ट्विन टावर होटल पहुंचे और हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद वे शिमला लौट गए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">होटल की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भी पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति होटल परिसर तक न पहुंच सके। मीडिया को भी होटल से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। होटल के अंदर जाने की अनुमति केवल कर्मचारियों को ही दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ कांग्रेस विधायकों ने होटल से बाहर मॉर्निंग वॉक पर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ विधायक होटल परिसर के अंदर ही टहलते नजर आए, जबकि कई विधायक अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर देखते दिखाई दिए। शुक्रवार शाम हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों के अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और सांसद भी शिमला पहुंचे थे। इनके ठहरने की व्यवस्था अलग-अलग दो होटलों में की गई है। हरियाणा से आए कुछ नेता कुफरी स्थित रेडिसन होटल में भी ठहरे हुए हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कांग्रेस को आशंका है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि छह विधायक अभी शिमला नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च की सुबह सभी विधायकों को शिमला से हरियाणा ले जाया जाएगा और उन्हें सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42667.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Haryana-Congress-MLAs-met-with-CM-Sukhu's-political-advisor-police-deployed-entry-restricted-for-outsiders]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/karamchari-lehar/himachal/himachal-final-hearing-will-be-held-on-the-petition-regarding-outsourced-recruitments-know-the-full-news]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: आउटसोर्स भर्तियों की याचिका पर होगी अंतिम सुनवाई, जानें पूरी खबर ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/karamchari-lehar/himachal/himachal-final-hearing-will-be-held-on-the-petition-regarding-outsourced-recruitments-know-the-full-news]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 25 Dec 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 दिसंबर से इस मामले में अंतिम सुनवाई शुरू करने के आदेश जारी किए हैं। सरकारी व अर्ध-सरकारी विभागों, निगमों और बोर्डों में की जा रही आउटसोर्स भर्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर यह सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने मामले में आंशिक सुनवाई की। खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे सरकार द्वारा लागू की गई आउटसोर्स नीति की वैधता के प्रश्न तक ही अपनी दलीलें सीमित रखें। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राज्य में आउटसोर्स भर्तियों की आड़ में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। कई गैर-पंजीकृत और अनुभवहीन संस्थाओं को मैनपावर उपलब्ध कराने का जिम्मा सौंपा गया है।

अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि नई टेंडर प्रक्रिया के बावजूद अधिकांश मामलों में आउटसोर्स कर्मचारी वही रहते हैं, केवल ठेकेदार बदल जाते हैं, जिससे यह पूरी प्रक्रिया कमीशन के लेन-देन तक सीमित होकर रह जाती है। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट के संज्ञान में यह भी लाया गया कि हजारों नियमित पदों के बावजूद उनके विरुद्ध आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्तियां की गई हैं, जबकि नियमों के अनुसार आउटसोर्स व्यवस्था केवल आपात परिस्थितियों में ही लागू की जानी चाहिए। याचिकाओं में इस पूरे मामले की एसआईटी जांच की मांग की गई थी, हालांकि अदालत ने इसे फिलहाल उचित नहीं माना।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच के बजाय अभी आउटसोर्स नीति की वैधता पर ही विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने 7 नवंबर 2024 को आउटसोर्स भर्तियों पर पूर्ण रोक लगाई थी और 8 जनवरी 2025 को इस रोक को हटाने से इनकार कर दिया था। राज्य सरकार ने इन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगा दी थी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 30 दिसंबर से इस मामले में अंतिम सुनवाई शुरू करने के आदेश जारी किए हैं। सरकारी व अर्ध-सरकारी विभागों, निगमों और बोर्डों में की जा रही आउटसोर्स भर्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर यह सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने मामले में आंशिक सुनवाई की। खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे सरकार द्वारा लागू की गई आउटसोर्स नीति की वैधता के प्रश्न तक ही अपनी दलीलें सीमित रखें। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि राज्य में आउटसोर्स भर्तियों की आड़ में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। कई गैर-पंजीकृत और अनुभवहीन संस्थाओं को मैनपावर उपलब्ध कराने का जिम्मा सौंपा गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि नई टेंडर प्रक्रिया के बावजूद अधिकांश मामलों में आउटसोर्स कर्मचारी वही रहते हैं, केवल ठेकेदार बदल जाते हैं, जिससे यह पूरी प्रक्रिया कमीशन के लेन-देन तक सीमित होकर रह जाती है। कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट के संज्ञान में यह भी लाया गया कि हजारों नियमित पदों के बावजूद उनके विरुद्ध आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्तियां की गई हैं, जबकि नियमों के अनुसार आउटसोर्स व्यवस्था केवल आपात परिस्थितियों में ही लागू की जानी चाहिए। याचिकाओं में इस पूरे मामले की एसआईटी जांच की मांग की गई थी, हालांकि अदालत ने इसे फिलहाल उचित नहीं माना।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच के बजाय अभी आउटसोर्स नीति की वैधता पर ही विचार किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने 7 नवंबर 2024 को आउटसोर्स भर्तियों पर पूर्ण रोक लगाई थी और 8 जनवरी 2025 को इस रोक को हटाने से इनकार कर दिया था। राज्य सरकार ने इन आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च 2025 को हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगा दी थी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42204.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal: Final hearing will be held on the petition regarding outsourced recruitments, know the full news]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/election/upchunav/himachal/notice-issued-to-himachal-government-and-kcc-bank-on-hoshiar-singhs-petition]]></guid>
                       <title><![CDATA[होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल सरकार और KCC बैंक को नोटिस जारी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/election/upchunav/himachal/notice-issued-to-himachal-government-and-kcc-bank-on-hoshiar-singhs-petition]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 30 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[देहरा विधानसभा उप चुनाव में BJP प्रत्याशी होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। अदालत ने हिमाचल सरकार और कांगड़ा को ऑपरेटिव बैंक को नोटिस जारी किए है। अब अगली सुनवाई में प्रदेश सरकार और KCB बैंक प्रबंधन को याचिकाकर्ता द्वारा लगाए आरोपों का जवाब अदालत में देना होगा। देहरा विधानसभा उप चुनाव में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीती हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उप चुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान KCB प्रबंधन ने 67 महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपए और हिमाचल सरकार ने देहरा विधानसभा की करीब 1000 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना से तीन महीने की राशि अकाउंट में डाली है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार ने चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। होशियार सिंह ने हाईकोर्ट से आचार संहिता के दौरान महिला मंडलों को पैसा बांटने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व विधायक होशियार सिंह के अनुसार, महिला मंडलों और महिलाओं को बांटी राशि की सरकार ने जानकारी छिपाए रखी। विधानसभा में भी इसका जवाब नहीं दिया। आरटीआई में भी जवाब देने से इनकार कर दिया। आरटीआई में अपील करने पर उन्हें इसका जवाब मिल पाया। आरटीआई के तहत डॉक्यूमेंट मिलने के बाद अब हाईकोर्ट में पिटीशन डाली जा रही है। होशियार सिंह ने बताया कि यदि सरकार ने समय पर सूचना दी होती, तो उन्होंने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को भी इसकी शिकायत दे दी होती। मगर ECI में शिकायत 45 दिन के भीतर देना होती है। 45 दिन में सरकार द्वारा सूचना छिपाने की वजह से वह इसकी शिकायत ECI को नहीं कर पाए। बहरहाल अब होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमाचल सरकार और केसीसी बैंक को नोटिस जारी किये है।&nbsp;&nbsp;

विधानसभा में भी गूंजा मामला&nbsp;
देहरा विधानसभा उप चुनाव में कैश फॉर वोट का मामला विधानसभा में भी कई बार गूंज चुका है। इसी मानसून सत्र में भी बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। मगर जवाब नहीं मिल पाया था। इस पर विपक्ष ने सदन में खूब हंगामा किया और सदन के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधीर शर्मा और आशीष शर्मा ने कहा कि जो जानकारी सदन में मांगी गई थी, वही सूचना उन्होंने आरटीआई के तहत ले ली है। अब तक यह मामला विधानसभा और सदन के बाहर गूंजता रहा है। इसी मामले में पूर्व विधायक होशियार सिंह ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को पहले ही शिकायत भेजकर सीएम की पत्नी एवं देहरा की MLA कमलेश ठाकुर को 6 साल के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग भी की है।

इस्तीफा दिया, भाजपा में गए और उपचुनाव हार गए !
विदित रहे कि हिमाचल में बीते 27 फरवरी 2024 को राज्यसभा चुनाव हुआ। देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला। इसके बाद, होशियार सिंह समेत तीन निर्दलीय विधायक और 6 कांग्रेस विधायकों समेत भाजपा में शामिल हुए। तीनों निर्दलीय ने 22 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दिया। 23 मार्च को दिल्ली में इन्होंने BJP का दामन थाम लिया। इस वजह से देहरा में 10 जुलाई 2024 को उप चुनाव हुए। बीजेपी ने होशियार सिंह को टिकट दिया और कांग्रेस ने सीएम सुखविंदर सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाया। 10 जुलाई को वोटिंग और 14 जुलाई को नतीजे आए। इनमें कमलेश ठाकुर 9399 वोट के अंतर से चुनाव जीत गईं और होशियार सिंह चुनाव हार गए।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">देहरा विधानसभा उप चुनाव में BJP प्रत्याशी होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। अदालत ने हिमाचल सरकार और कांगड़ा को ऑपरेटिव बैंक को नोटिस जारी किए है। अब अगली सुनवाई में प्रदेश सरकार और KCB बैंक प्रबंधन को याचिकाकर्ता द्वारा लगाए आरोपों का जवाब अदालत में देना होगा। देहरा विधानसभा उप चुनाव में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीती हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उप चुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान KCB प्रबंधन ने 67 महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपए और हिमाचल सरकार ने देहरा विधानसभा की करीब 1000 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना से तीन महीने की राशि अकाउंट में डाली है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार ने चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। होशियार सिंह ने हाईकोर्ट से आचार संहिता के दौरान महिला मंडलों को पैसा बांटने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पूर्व विधायक होशियार सिंह के अनुसार, महिला मंडलों और महिलाओं को बांटी राशि की सरकार ने जानकारी छिपाए रखी। विधानसभा में भी इसका जवाब नहीं दिया। आरटीआई में भी जवाब देने से इनकार कर दिया। आरटीआई में अपील करने पर उन्हें इसका जवाब मिल पाया। आरटीआई के तहत डॉक्यूमेंट मिलने के बाद अब हाईकोर्ट में पिटीशन डाली जा रही है। होशियार सिंह ने बताया कि यदि सरकार ने समय पर सूचना दी होती, तो उन्होंने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को भी इसकी शिकायत दे दी होती। मगर ECI में शिकायत 45 दिन के भीतर देना होती है। 45 दिन में सरकार द्वारा सूचना छिपाने की वजह से वह इसकी शिकायत ECI को नहीं कर पाए। बहरहाल अब होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमाचल सरकार और केसीसी बैंक को नोटिस जारी किये है।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विधानसभा में भी गूंजा मामला&nbsp;<br />
देहरा विधानसभा उप चुनाव में कैश फॉर वोट का मामला विधानसभा में भी कई बार गूंज चुका है। इसी मानसून सत्र में भी बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। मगर जवाब नहीं मिल पाया था। इस पर विपक्ष ने सदन में खूब हंगामा किया और सदन के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधीर शर्मा और आशीष शर्मा ने कहा कि जो जानकारी सदन में मांगी गई थी, वही सूचना उन्होंने आरटीआई के तहत ले ली है। अब तक यह मामला विधानसभा और सदन के बाहर गूंजता रहा है। इसी मामले में पूर्व विधायक होशियार सिंह ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को पहले ही शिकायत भेजकर सीएम की पत्नी एवं देहरा की MLA कमलेश ठाकुर को 6 साल के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग भी की है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस्तीफा दिया, भाजपा में गए और उपचुनाव हार गए !<br />
विदित रहे कि हिमाचल में बीते 27 फरवरी 2024 को राज्यसभा चुनाव हुआ। देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला। इसके बाद, होशियार सिंह समेत तीन निर्दलीय विधायक और 6 कांग्रेस विधायकों समेत भाजपा में शामिल हुए। तीनों निर्दलीय ने 22 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दिया। 23 मार्च को दिल्ली में इन्होंने BJP का दामन थाम लिया। इस वजह से देहरा में 10 जुलाई 2024 को उप चुनाव हुए। बीजेपी ने होशियार सिंह को टिकट दिया और कांग्रेस ने सीएम सुखविंदर सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाया। 10 जुलाई को वोटिंग और 14 जुलाई को नतीजे आए। इनमें कमलेश ठाकुर 9399 वोट के अंतर से चुनाव जीत गईं और होशियार सिंह चुनाव हार गए।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41837.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Notice-issued-to-Himachal-Government-and-KCC-Bank-on-Hoshiar-Singh's-petition]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/a-festival-in-which-arghya-is-offered-even-to-the-setting-sun-know-why-chhath-festival-is-celebrated]]></guid>
                       <title><![CDATA[एक ऐसा पर्व जिसमें डूबते सूरज को भी अर्घ्य दिया जाता है अर्ध्य, जानिए छठ पर्व क्यों मनाया जाता है ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/a-festival-in-which-arghya-is-offered-even-to-the-setting-sun-know-why-chhath-festival-is-celebrated]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 27 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;


छठ पर्व दिवाली के छह दिन बाद कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाने की परंपरा है। यह महापर्व चार दिनों तक मनाया जाता है। पहला दिन नहाय-खाय, दूसरा दिन खरना, तीसरा दिन शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य तथा चौथे दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर यह त्योहार संपन्न होता है। छठ पर्व 25 अक्टूबर से ही शुरू हो चुका है और आज इसका तीसरा दिन है। बीते कल खरना से ही व्रत रखने वाले लोगों का 36 घंटों का निर्जला उपवास शुरू हो चुका है। कल सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस पर्व का समापन होगा। यह खासकर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तरप्रदेश तथा नेपाल के तराई क्षेत्र में मनाया जाने वाला पर्व है। विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय विदेशों में भी इसे मनाते हैं।&nbsp;&nbsp;

छठ पूजा में मूर्तिपूजा नहीं बल्कि सूर्य तथा जल की पूजा की जाती है यानि प्रकृति की पूजा। छठ को शुद्धता तथा पवित्रता का महापर्व कहा जाता है। क्यों कि इसमें शुद्धता का बहुत ही ज्यादा ख्याल रखा जाता है। इस पर्व में पूरी श्रद्धा से मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ियों से शुद्ध घी से मिटटी या पीतल के बर्तन में प्रसाद बनाया जाता है। इस व्रत में चार दिनों तक बहुत ही कठोर नियम का पालन करना पड़ता है। इस वजह से इसे भक्ति और कठोर तप अद्भुत संगम कहा गया है। छठ महापर्व में डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर उनके व छठी मां के प्रति और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। इस पूजा में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। सूर्य देवता को जीवन, ऊर्जा तथा स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है और वहीं छठी मां को संतान की रक्षा का प्रतीक।

छठ पहला दिन
इस दिन व्रती सिर्फ एक समय ही शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं। चावल, चना दाल एवं कद्दू की सब्जी का प्रसाद बनाया जाता है। छठ मां&nbsp; और सूर्यदेव को भोग लगाने के बाद व्रती प्रसाद ग्रहण करते हैं और इसके बाद परिवार के सदस्य इसे ग्रहण करते हैं।&nbsp;

दूसरा दिन खरना
खरना के दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। सूर्यास्त के बाद दूध और गुड़ व चावल की खीर, रोटी तथा फल का प्रसाद छठी मां को अर्पित करते हैं। इसके बाद यह प्रसाद व्रतियों द्वारा ग्रहण किया जाता है। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद से ही 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास शुरू हो जाता है।&nbsp;

तीसरा दिन&nbsp;
खरना के बाद से ही इस दिन भर निर्जला उपवास पर रहते हैं व्रती। सूर्य डूबने से पहले व्रती स्नान कर स्वच्छ बिल्कुल नए कपड़े पहनते हैं। इसके बाद बांस की सूप में घी से बना ठेकुआ, चावल और घी से बना लड्डू, नारियल, गन्ना समेत कई फल और साथ ही घी का दीपक इस सूप पर रखते हैं। फिर नदी किनारे घाट पर जाकर पानी में खड़े होकर हाथ में इस सूप को लेकर डूबता हुए सूर्य को देखते हुए परिक्रमा करते हुए आराधना करते हैं। व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य व छठी मां का आभार व्यक्त करते हैं।&nbsp;

चौथा दिन&nbsp;
सुबह सूर्य देव के उगने से पहले व्रती स्नान कर फिर से बिल्कुल नए स्वच्छ कपड़े पहनते हैं। इसके बाद बांस की सूप में ठेकुआ, चावल और घी से बना लड्डू, नारियल, गन्ना समेत कई फल और साथ ही घी का दीपक इस सूप पर रखते हैं। फिर नदी किनारे घाट पर जाकर पानी में खड़े होकर हाथ में इस सूप को लेकर उगते हुए सूर्य को देखते हुए परिक्रमा करते हुए उपासना करते हैं। व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य व छठी मां का आभार व्यक्त करते हैं। खरना के बाद से ही करीब 36 घंटे तक निर्जला उपवास के बाद इस दिन इस पर्व का समापन हो जाता है।&nbsp;

&nbsp;

इसे मनाने के पीछे पौराणिक कथाएं&nbsp;&nbsp;

द्वापर युग में माना जाता है कि पांडव के कठिन वक्त में द्रौपदी ने छठ व्रत कर सूर्य देव से अपने परिवार के लिए प्रार्थना की थी। वहीं, दूसरी तरफ कर्ण रोज स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देते थे और साथ ही सूर्य उपासना करने वाले इन्हें प्रथम साधक कहा जाता है। तब से इसे मनाया जाने लगा।&nbsp;

त्रेता युग में श्रीराम जब अयोध्या लौटे उसके बाद छठ व्रत शुरु हुई। रावण का वध करने पर माना जाता है कि श्रीराम को ब्रह्महत्या का पाप लग गया था। इससे मुक्ति पाने के लिए कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन श्रीराम व मां सीता ने छह दिनों तक सूर्य देव की पूजा की। तब से इसे छठ पर्व के रूप में मनाया जाने लगा।

मार्कण्डेय पुराण के मुताबिक़, सृष्टि की रचना के वक्त देवी प्रकृति छह भागों में विभाजित हुए। छठा अंश सबसे बेहद शक्तिशाली माने गए, जिसे छठी मां कहा गया। इन्हें ब्रह्मा जी की मानस पुत्री के रूप में पूजा जाता है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">छठ पर्व दिवाली के छह दिन बाद कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाने की परंपरा है। यह महापर्व चार दिनों तक मनाया जाता है। पहला दिन नहाय-खाय, दूसरा दिन खरना, तीसरा दिन शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य तथा चौथे दिन सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर यह त्योहार संपन्न होता है। छठ पर्व 25 अक्टूबर से ही शुरू हो चुका है और आज इसका तीसरा दिन है। बीते कल खरना से ही व्रत रखने वाले लोगों का 36 घंटों का निर्जला उपवास शुरू हो चुका है। कल सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस पर्व का समापन होगा। यह खासकर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तरप्रदेश तथा नेपाल के तराई क्षेत्र में मनाया जाने वाला पर्व है। विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय विदेशों में भी इसे मनाते हैं।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">छठ पूजा में मूर्तिपूजा नहीं बल्कि सूर्य तथा जल की पूजा की जाती है यानि प्रकृति की पूजा। छठ को शुद्धता तथा पवित्रता का महापर्व कहा जाता है। क्यों कि इसमें शुद्धता का बहुत ही ज्यादा ख्याल रखा जाता है। इस पर्व में पूरी श्रद्धा से मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ियों से शुद्ध घी से मिटटी या पीतल के बर्तन में प्रसाद बनाया जाता है। इस व्रत में चार दिनों तक बहुत ही कठोर नियम का पालन करना पड़ता है। इस वजह से इसे भक्ति और कठोर तप अद्भुत संगम कहा गया है। छठ महापर्व में डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर उनके व छठी मां के प्रति और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है। इस पूजा में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। सूर्य देवता को जीवन, ऊर्जा तथा स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है और वहीं छठी मां को संतान की रक्षा का प्रतीक।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>छठ पहला दिन</strong><br />
इस दिन व्रती सिर्फ एक समय ही शुद्ध शाकाहारी भोजन करते हैं। चावल, चना दाल एवं कद्दू की सब्जी का प्रसाद बनाया जाता है। छठ मां&nbsp; और सूर्यदेव को भोग लगाने के बाद व्रती प्रसाद ग्रहण करते हैं और इसके बाद परिवार के सदस्य इसे ग्रहण करते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>दूसरा दिन खरना</strong><br />
खरना के दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। सूर्यास्त के बाद दूध और गुड़ व चावल की खीर, रोटी तथा फल का प्रसाद छठी मां को अर्पित करते हैं। इसके बाद यह प्रसाद व्रतियों द्वारा ग्रहण किया जाता है। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद से ही 36 घंटे का कठोर निर्जला उपवास शुरू हो जाता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>तीसरा दिन&nbsp;</strong><br />
खरना के बाद से ही इस दिन भर निर्जला उपवास पर रहते हैं व्रती। सूर्य डूबने से पहले व्रती स्नान कर स्वच्छ बिल्कुल नए कपड़े पहनते हैं। इसके बाद बांस की सूप में घी से बना ठेकुआ, चावल और घी से बना लड्डू, नारियल, गन्ना समेत कई फल और साथ ही घी का दीपक इस सूप पर रखते हैं। फिर नदी किनारे घाट पर जाकर पानी में खड़े होकर हाथ में इस सूप को लेकर डूबता हुए सूर्य को देखते हुए परिक्रमा करते हुए आराधना करते हैं। व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य व छठी मां का आभार व्यक्त करते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>चौथा दिन</strong>&nbsp;<br />
सुबह सूर्य देव के उगने से पहले व्रती स्नान कर फिर से बिल्कुल नए स्वच्छ कपड़े पहनते हैं। इसके बाद बांस की सूप में ठेकुआ, चावल और घी से बना लड्डू, नारियल, गन्ना समेत कई फल और साथ ही घी का दीपक इस सूप पर रखते हैं। फिर नदी किनारे घाट पर जाकर पानी में खड़े होकर हाथ में इस सूप को लेकर उगते हुए सूर्य को देखते हुए परिक्रमा करते हुए उपासना करते हैं। व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य व छठी मां का आभार व्यक्त करते हैं। खरना के बाद से ही करीब 36 घंटे तक निर्जला उपवास के बाद इस दिन इस पर्व का समापन हो जाता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इसे मनाने के पीछे पौराणिक कथाएं&nbsp;&nbsp;</strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">द्वापर युग में माना जाता है कि पांडव के कठिन वक्त में द्रौपदी ने छठ व्रत कर सूर्य देव से अपने परिवार के लिए प्रार्थना की थी। वहीं, दूसरी तरफ कर्ण रोज स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य देते थे और साथ ही सूर्य उपासना करने वाले इन्हें प्रथम साधक कहा जाता है। तब से इसे मनाया जाने लगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">त्रेता युग में श्रीराम जब अयोध्या लौटे उसके बाद छठ व्रत शुरु हुई। रावण का वध करने पर माना जाता है कि श्रीराम को ब्रह्महत्या का पाप लग गया था। इससे मुक्ति पाने के लिए कार्तिक शुक्ल षष्ठी के दिन श्रीराम व मां सीता ने छह दिनों तक सूर्य देव की पूजा की। तब से इसे छठ पर्व के रूप में मनाया जाने लगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मार्कण्डेय पुराण के मुताबिक़, सृष्टि की रचना के वक्त देवी प्रकृति छह भागों में विभाजित हुए। छठा अंश सबसे बेहद शक्तिशाली माने गए, जिसे छठी मां कहा गया। इन्हें ब्रह्मा जी की मानस पुत्री के रूप में पूजा जाता है।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41815.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[A festival in which Arghya is offered even to the setting sun, know why Chhath festival is celebrated.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/bihar-grand-alliance-fielded-254-candidates-on-243-seats-contested-against-each-other-know-what-is-the-whole-matter]]></guid>
                       <title><![CDATA[बिहार : महागठबंधन ने उतारे 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार, उतरे एक-दूसरे के खिलाफ, जानें क्या है पूरा मामला]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/bihar-grand-alliance-fielded-254-candidates-on-243-seats-contested-against-each-other-know-what-is-the-whole-matter]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 21 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

बिहार विधानसभा चुनाव में 6 नवंबर को पहले फेज का (121 सीट) तथा 11 नवंबर दूसरे फेज का (122 सीट) मतदान होना है। इस बीच गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर काफी खींचतान व बगावत देखने को मिल रही है। गठबंधन ने 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। गठबंधन में RJD ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 61, सीपीआई (एम) ने 20, सीपीआई ने 9, सीपीएम ने 6 तथा मुकेश सहनी की पार्टी ने 15 उम्मीदवार उतारे हैं।&nbsp;

हालात ऐसी बन चुकी है कि NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कहने वाला महागठबंधन अब एक-दूसरे के खिलाफ ही उतर आए हैं। आपको बता दें कि 12 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल-एक दूसरे के खिलाफ ही खड़े हो गए हैं। अब राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा होनी शुरू हो गई है और कि कहां तो महागठबंधन NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कर रहा था पर अब ये एक-दूसरे के खिलाफ ही खड़े हैं। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने महागठबंधन से किनारा कर लिया है।&nbsp;

सीएम फेस भी तय नहीं
NDA और महागठबंधन ने खुलकर सीएम फेस कि घोषणा नहीं की है। महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर खींचतान जारी है। हालांकि NDA नेता कह चुके हैं कि चुनाव में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार ही करेंगे।&nbsp;

इन 6 सीटों पर कांग्रेस-RJD आमने सामने&nbsp;
सिकंदरा - उदय नारायण चौधरी RJD VS विनोद चौधरी कांग्रेस
कहलगांव - रजनीश भारती RJD VS प्रवीण कुशवाहा कांग्रेस&nbsp;
वैशाली - अजय कुशवाहा RJD VS संजीव कुमार कांग्रेस&nbsp;
लालगंज - शिवानी शुक्ला RJD VS आदित्य कुमार कांग्रेस
वारिसलीगंज- अनिता देवी RJD VS सतीश कुमार कांग्रेस&nbsp;
सुल्तान गंज - चन्दन सिन्हा RJD VS ललन यादव कांग्रेस&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बिहार विधानसभा चुनाव में 6 नवंबर को पहले फेज का (121 सीट) तथा 11 नवंबर दूसरे फेज का (122 सीट) मतदान होना है। इस बीच गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर काफी खींचतान व बगावत देखने को मिल रही है। गठबंधन ने 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। गठबंधन में RJD ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 61, सीपीआई (एम) ने 20, सीपीआई ने 9, सीपीएम ने 6 तथा मुकेश सहनी की पार्टी ने 15 उम्मीदवार उतारे हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हालात ऐसी बन चुकी है कि NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कहने वाला महागठबंधन अब एक-दूसरे के खिलाफ ही उतर आए हैं। आपको बता दें कि 12 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल-एक दूसरे के खिलाफ ही खड़े हो गए हैं। अब राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा होनी शुरू हो गई है और कि कहां तो महागठबंधन NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कर रहा था पर अब ये एक-दूसरे के खिलाफ ही खड़े हैं। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने महागठबंधन से किनारा कर लिया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>सीएम फेस भी तय नहीं</strong><br />
NDA और महागठबंधन ने खुलकर सीएम फेस कि घोषणा नहीं की है। महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर खींचतान जारी है। हालांकि NDA नेता कह चुके हैं कि चुनाव में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार ही करेंगे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन 6 सीटों पर कांग्रेस-RJD आमने सामने&nbsp;</strong><br />
सिकंदरा - उदय नारायण चौधरी RJD VS विनोद चौधरी कांग्रेस<br />
कहलगांव - रजनीश भारती RJD VS प्रवीण कुशवाहा कांग्रेस&nbsp;<br />
वैशाली - अजय कुशवाहा RJD VS संजीव कुमार कांग्रेस&nbsp;<br />
लालगंज - शिवानी शुक्ला RJD VS आदित्य कुमार कांग्रेस<br />
वारिसलीगंज- अनिता देवी RJD VS सतीश कुमार कांग्रेस&nbsp;<br />
सुल्तान गंज - चन्दन सिन्हा RJD VS ललन यादव कांग्रेस&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41768.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Bihar: Grand alliance fielded 254 candidates on 243 seats, contested against each other, know what is the whole matter]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/even-today-is-amavasya-so-when-is-govardhan-puja-know-the-date-and-puja-time]]></guid>
                       <title><![CDATA[आज भी अमावस्या, तो गोवर्धन पूजा कब ? जानें डेट व पूजा मुहूर्त]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/even-today-is-amavasya-so-when-is-govardhan-puja-know-the-date-and-puja-time]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 21 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण तथा गोवर्धन पर्वत की पूजा&nbsp;होती है। गोवर्धन पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है। चूकि इस बार अमावस्या तिथि आज शाम 5 बजकर 54 मिनट तक है। इसके बाद ही शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरु होगी। इसीलिए पंचांग के अनुसार, आज शाम 5 बजकर 54 मिनट तक अमावस्या तिथि के चलते गोवर्धन पूजा आज नहीं बल्कि कल 22 अक्टूबर को की जाएगी।&nbsp;&nbsp;

पूजा का शुभ मुहूर्त
पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 03:13 बजे से शाम 05:49 बजे तक है। इस दिन स्वाति नक्षत्र के साथ प्रीति का भी संयोग रहेगा। इस दिन ग्रहों के राजा यानि सूर्य तुला राशि में रहेंगे और साथ ही यहां चंद्रमा भी गोचर करेंगे। इस वजह से यह समय पूजा के लिए बहुत ही शुभ रहेगा।

पूजा विधि
गोवर्धन पूजा पर भगवान कृष्ण तथा गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह उठकर घर को साफ कर लें। गाय के गोबर से गोवर्धन की आकृति बना कर, इसपर रोली व अक्षत रख लें। अब फूल, जल, घी, गुड़, दूध व खीर-पूरी का भोग लगाएं। इसके बाद वहां दीप जलाएं। अब गोवर्धन पर्वत के चारों ओर परिक्रमा करें और आखिर में आरती करें।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण तथा गोवर्धन पर्वत की पूजा&nbsp;होती</span><span style="font-size:18px;"> है। गोवर्धन पूजा कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को की जाती है। चूकि इस बार अमावस्या तिथि आज शाम 5 बजकर 54 मिनट तक है। इसके बाद ही शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरु होगी। इसीलिए पंचांग के अनुसार, आज शाम 5 बजकर 54 मिनट तक अमावस्या तिथि के चलते गोवर्धन पूजा आज नहीं बल्कि कल 22 अक्टूबर को की जाएगी।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पूजा का शुभ मुहूर्त</strong><br />
पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 03:13 बजे से शाम 05:49 बजे तक है। इस दिन स्वाति नक्षत्र के साथ प्रीति का भी संयोग रहेगा। इस दिन ग्रहों के राजा यानि सूर्य तुला राशि में रहेंगे और साथ ही यहां चंद्रमा भी गोचर करेंगे। इस वजह से यह समय पूजा के लिए बहुत ही शुभ रहेगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पूजा विधि</strong><br />
गोवर्धन पूजा पर भगवान कृष्ण तथा गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह उठकर घर को साफ कर लें। गाय के गोबर से गोवर्धन की आकृति बना कर, इसपर रोली व अक्षत रख लें। अब फूल, जल, घी, गुड़, दूध व खीर-पूरी का भोग लगाएं। इसके बाद वहां दीप जलाएं। अब गोवर्धन पर्वत के चारों ओर परिक्रमा करें और आखिर में आरती करें।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41767.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Even today is Amavasya, so when is Govardhan Puja? Know the date and puja time]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/why-is-diwali-celebrated-know-the-reason-behind-it]]></guid>
                       <title><![CDATA[क्यों मनाई जाती है दिवाली, जानिए इसके पीछे क्या है वजह ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/why-is-diwali-celebrated-know-the-reason-behind-it]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 17 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

देशभर में दीपावली को बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। हर साल यह कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस बार दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक है।&nbsp;

इस दिन लोग लक्ष्मी-गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और भाई दूज के दिन यह समाप्त हो जाता है। लक्ष्मी-गणेश के आगमन के लिए लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं और दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाते हैं। लोग इस पर्व पर उपहार स्वरूप एक दूसरे को मिठाईयां भी बांटतें हैं।&nbsp; &nbsp;

इस त्योहार को मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं
वाल्मीकि रामायण व रामचरितमानस के अनुसार, त्रेता में जब भगवान राम रावण का वध कर, चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके जब अयोध्या लौटे थे तब अयोध्या वासियों ने उनका स्वागत दीप प्रज्वलित कर किया था। माना जाता है कि तभी से बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में इसे मनाया जाने लगा।&nbsp;

दूसरी प्रचलित कथा यह है कि सतयुग में जब देवताओं ने दानवों के संग समुद्र मंथन किया, तब इससे अमृत कलश लिए भगवान धनवंतरि प्रकट हुए। जिस दिन भगवान धनवंतरि अमृत कलश लिए प्रकट हुए उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी। मान्यता है कि तभी से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाने की परंपरा चल पड़ी।

इसी दिन सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद साहिब जी ग्वालियर किले से अपने साथ 52 कैदियों को जहांगीर की कैद से छुड़वाया था। इसी के उपलक्ष्य में सिख समुदाय के लोग में इस दिन को बंदी छोड़ दिवस यानी आजादी के दिन के रूप में मनाते हैं।&nbsp;

जैन धर्म में दिवाली भगवान महावीर के मोक्ष प्राप्ति के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। जैन ग्रंथों के अनुसार, भगवान महावीर को इसी दिन ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">देशभर में दीपावली को बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। हर साल यह कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। इस बार दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस दिन लोग लक्ष्मी-गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और भाई दूज के दिन यह समाप्त हो जाता है। लक्ष्मी-गणेश के आगमन के लिए लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं और दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाते हैं। लोग इस पर्व पर उपहार स्वरूप एक दूसरे को मिठाईयां भी बांटतें हैं।&nbsp; &nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इस त्योहार को मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं</strong><br />
वाल्मीकि रामायण व रामचरितमानस के अनुसार, त्रेता में जब भगवान राम रावण का वध कर, चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके जब अयोध्या लौटे थे तब अयोध्या वासियों ने उनका स्वागत दीप प्रज्वलित कर किया था। माना जाता है कि तभी से बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में इसे मनाया जाने लगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दूसरी प्रचलित कथा यह है कि सतयुग में जब देवताओं ने दानवों के संग समुद्र मंथन किया, तब इससे अमृत कलश लिए भगवान धनवंतरि प्रकट हुए। जिस दिन भगवान धनवंतरि अमृत कलश लिए प्रकट हुए उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी। मान्यता है कि तभी से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस मनाने की परंपरा चल पड़ी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इसी दिन सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद साहिब जी ग्वालियर किले से अपने साथ 52 कैदियों को जहांगीर की कैद से छुड़वाया था। इसी के उपलक्ष्य में सिख समुदाय के लोग में इस दिन को बंदी छोड़ दिवस यानी आजादी के दिन के रूप में मनाते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जैन धर्म में दिवाली भगवान महावीर के मोक्ष प्राप्ति के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। जैन ग्रंथों के अनुसार, </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">भगवान महावीर</span><span style="font-size:18px;"> को इसी दिन ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Why is Diwali celebrated, know the reason behind it]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/do-not-do-these-things-by-mistake-on-diwali-on-the-day-of-kartik-amavasya]]></guid>
                       <title><![CDATA[कार्तिक अमावस्या के दिन दीपावली पर भूलकर न करें ये कार्य]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/astrology/first-blessing/news/do-not-do-these-things-by-mistake-on-diwali-on-the-day-of-kartik-amavasya]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 17 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

दीपावली हर साल कार्तिक अमावस्या को मनाने की परंपरा है। इस बार दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक है।&nbsp;

भारत को त्योहारों का देश माना जाता है। यहां हर साल कई त्योहार मनाए जाते हैं। देशभर में दीपावली बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। इस दिन लोग लक्ष्मी-गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और भाई दूज के दिन यह समाप्त हो जाता है। लक्ष्मी-गणेश के आगमन के लिए लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं और दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाते हैं। लोग इस पर्व पर उपहार स्वरूप एक दूसरे को मिठाईयां भी बांटतें हैं।&nbsp;

इस दिन ये कार्य बिल्कुल न करें
दीपावली अमावस्या के दिन कुछ चीजों को करने से मनाही होती है। माना जाता है कि अमावस्या पर नकारात्मक शक्तियां प्रबल रहती हैं। अमावस्या के दिन बाल काटना, नाखून काटना तथा गृह प्रवेश आदि नहीं करना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज व मांस-मदिरा आदि का भी सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी भी सुनसान जगह जाने से भी बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि अमावस्या के दिन इन कार्यों को करने से जीवन में कई समस्याएं आ सकती हैं। दिवाली की देर रात तक घर का मुख्य दरवाजा खुला रखें, बंद न रखें। कहा जाता है कि दिवाली की रात में मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घर आती हैं।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दीपावली हर साल कार्तिक अमावस्या को मनाने की परंपरा है। इस बार दिवाली 20 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सबसे शुभ समय शाम 7:08 बजे से लेकर रात 8:18 बजे तक है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारत को त्योहारों का देश माना जाता है। यहां हर साल कई त्योहार मनाए जाते हैं। देशभर में दीपावली बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाता है। इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना गया है। इस दिन लोग लक्ष्मी-गणेश व कुबेर की पूजा करते हैं। इस त्योहार की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है और भाई दूज के दिन यह समाप्त हो जाता है। लक्ष्मी-गणेश के आगमन के लिए लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं और दीप प्रज्वलित कर खुशियां मनाते हैं। लोग इस पर्व पर उपहार स्वरूप एक दूसरे को मिठाईयां भी बांटतें हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इस दिन ये कार्य बिल्कुल न करें</strong><br />
दीपावली अमावस्या के दिन कुछ चीजों को करने से मनाही होती है। माना जाता है कि अमावस्या पर नकारात्मक शक्तियां प्रबल रहती हैं। अमावस्या के दिन बाल काटना, नाखून काटना तथा गृह प्रवेश आदि नहीं करना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज व मांस-मदिरा आदि का भी सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन किसी भी सुनसान जगह जाने से भी बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि अमावस्या के दिन इन कार्यों को करने से जीवन में कई समस्याएं आ सकती हैं। दिवाली की देर रात तक घर का मुख्य दरवाजा खुला रखें, बंद न रखें। कहा जाता है कि दिवाली की रात में मां लक्ष्मी अपने भक्तों के घर आती हैं।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41757.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Do not do these things by mistake on Diwali on the day of Kartik Amavasya]]></media:description>
                </media:content>   
                </item></channel>
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