<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
            <rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/">
            <channel>
               <title>First Verdict Media - News update</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 23:07:59 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - News update</title>
            	<url>https://www.firstverdict.com/resource/img/logo.png</url>
            	<link>https://www.firstverdict.com</link>
            	</image>
            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/rain-has-stopped-the-sky-will-clear-up-now-weather-to-be-clear-from-september-30]]></guid>
                       <title><![CDATA[बारिश थमी, अब खिलेगा आसमान; 30 सितंबर से मौसम साफ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/rain-has-stopped-the-sky-will-clear-up-now-weather-to-be-clear-from-september-30]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में बारिश के दौर के बाद अब मौसम में सुधार के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर से 5 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम के मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश से राहत मिलेगी और आसमान साफ रहने के साथ धूप खिल सकती है।
हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश थमने के बाद तापमान में भी हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा सकता है। प्रदेश में बीते दिनों हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ था, ऐसे में मौसम साफ होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में बारिश के दौर के बाद अब मौसम में सुधार के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर से 5 अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम के मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश से राहत मिलेगी और आसमान साफ रहने के साथ धूप खिल सकती है।<br />
हालांकि कुछ स्थानों पर स्थानीय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश थमने के बाद तापमान में भी हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा सकता है। प्रदेश में बीते दिनों हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ था, ऐसे में मौसम साफ होने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43259.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Rain has stopped, the sky will clear up now; weather to be clear from September 30.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/weather-to-turn-again-in-himachal-rain-expected-for-four-days-heavy-rain-alert-issued-for-six-districts-skies-overcast-in-shimla]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, चार दिन बरसेंगे बादल; छह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, शिमला में छाए बादल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/weather-to-turn-again-in-himachal-rain-expected-for-four-days-heavy-rain-alert-issued-for-six-districts-skies-overcast-in-shimla]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 26 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 26 सितंबर की शाम या रात से 29 सितंबर की सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर सक्रिय रहेगा। इस दौरान दक्षिण-पूर्वी हिमाचल और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। 27 सितंबर को बारिश का जोर सबसे अधिक रहने का अनुमान है।&nbsp;
राजधानी शिमला में शनिवार को सुबह धूप के बाद दोपहर में घने बादल छा गए। शिमला समेत सिरमौर, सोलन, मंडी और बिलासपुर के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।&nbsp;
27 सितंबर को सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर में येलो अलर्ट है। 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।&nbsp;
मौसम विभाग ने बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी है। 26 से 28 सितंबर के बीच शिमला, सोलन और सिरमौर में तथा 27 सितंबर को किन्नौर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा आने और सड़कें फिसलन भरी होने का खतरा बढ़ सकता है। खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण कृषि-बागवानी गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर से 2 अक्तूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जारी रह सकती है, लेकिन भारी बारिश की गतिविधि में कमी आने की संभावना है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 26 सितंबर की शाम या रात से 29 सितंबर की सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर सक्रिय रहेगा। इस दौरान दक्षिण-पूर्वी हिमाचल और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। 27 सितंबर को बारिश का जोर सबसे अधिक रहने का अनुमान है।&nbsp;<br />
राजधानी शिमला में शनिवार को सुबह धूप के बाद दोपहर में घने बादल छा गए। शिमला समेत सिरमौर, सोलन, मंडी और बिलासपुर के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान व्यापक बारिश होने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।&nbsp;<br />
27 सितंबर को सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर में येलो अलर्ट है। 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा।&nbsp;<br />
मौसम विभाग ने बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी दी है। 26 से 28 सितंबर के बीच शिमला, सोलन और सिरमौर में तथा 27 सितंबर को किन्नौर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।<br />
लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा आने और सड़कें फिसलन भरी होने का खतरा बढ़ सकता है। खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण कृषि-बागवानी गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।<br />
मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर से 2 अक्तूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश जारी रह सकती है, लेकिन भारी बारिश की गतिविधि में कमी आने की संभावना है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43240.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Weather to turn again in Himachal; rain expected for four days. Heavy rain alert issued for six districts; skies overcast in Shimla.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/no-more-hassle-of-paying-electricity-bills-payments-will-be-possible-with-a-single-click-as-the-board-brings-all-payment-options-onto-one-platform]]></guid>
                       <title><![CDATA[बिजली बिल भरने की झंझट होगी खत्म! एक क्लिक पर होगा भुगतान, सभी पेमेंट विकल्प एक मंच पर लाएगा बोर्ड]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/no-more-hassle-of-paying-electricity-bills-payments-will-be-possible-with-a-single-click-as-the-board-brings-all-payment-options-onto-one-platform]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 24 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
हिमाचल प्रदेश के करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान की प्रक्रिया जल्द और आसान होने वाली है। बिजली बोर्ड अब UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, BBPS, RTGS/NEFT, QR कोड, POS मशीन और WhatsApp पेमेंट जैसे अलग-अलग विकल्पों को एक ही डिजिटल मंच पर लाने की तैयारी कर रहा हैI
नई व्यवस्था के लिए बोर्ड ने RBI से अधिकृत पेमेंट एग्रीगेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद उपभोक्ताओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाकर भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। किसी भी माध्यम से किया गया भुगतान एकीकृत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगा और उसका रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध रहेगा।&nbsp;
बोर्ड इसके लिए एक यूनिफाइड वेब-बेस्ड डैशबोर्ड भी तैयार करेगा। इसमें अलग-अलग माध्यमों से आए भुगतानों की निगरानी, मिलान और वित्तीय विश्लेषण एक ही जगह से किया जा सकेगा। इससे भुगतान सफल हुआ या नहीं, पैसा खाते में पहुंचा या किसी तकनीकी दिक्कत के कारण अटका&mdash;इसकी जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी।&nbsp;
बोर्ड ने इस परियोजना के लिए योग्य पेमेंट एग्रीगेटरों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्रस्ताव मांगे हैं। निविदाएं 6 अक्तूबर 2026 शाम 5 बजे तक जमा की जा सकती हैं।&nbsp;
&nbsp;तीन महीने में 30 लाख से ज्यादा डिजिटल भुगतान
मई से जुलाई 2026 के बीच बिजली बोर्ड को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से 30 लाख से अधिक भुगतान मिले, जिनसे करीब 2027 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई। इनमें BBPS के जरिए करीब 24.96 लाख लेनदेन हुए और 298.34 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। पेमेंट गेटवे से 4.28 लाख से अधिक लेनदेन हुए, जबकि RTGS/NEFT के जरिए करीब 46,950 लेनदेन में 1004.41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई।&nbsp;
नई व्यवस्था में RTGS और NEFT के भुगतान का उसी दिन सेटलमेंट करने का प्रावधान होगा। वहीं UPI, कार्ड, BBPS और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्राप्त राशि अधिकतम अगले कार्य दिवस तक बोर्ड के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था होगी।&nbsp;
फिलहाल भी HPSEBL के उपभोक्ता पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए बिजली बिल देखने और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान की प्रक्रिया जल्द और आसान होने वाली है। बिजली बोर्ड अब UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, BBPS, RTGS/NEFT, QR कोड, POS मशीन और WhatsApp पेमेंट जैसे अलग-अलग विकल्पों को एक ही डिजिटल मंच पर लाने की तैयारी कर रहा हैI<br />
नई व्यवस्था के लिए बोर्ड ने RBI से अधिकृत पेमेंट एग्रीगेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद उपभोक्ताओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाकर भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। किसी भी माध्यम से किया गया भुगतान एकीकृत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगा और उसका रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध रहेगा।&nbsp;<br />
बोर्ड इसके लिए एक यूनिफाइड वेब-बेस्ड डैशबोर्ड भी तैयार करेगा। इसमें अलग-अलग माध्यमों से आए भुगतानों की निगरानी, मिलान और वित्तीय विश्लेषण एक ही जगह से किया जा सकेगा। इससे भुगतान सफल हुआ या नहीं, पैसा खाते में पहुंचा या किसी तकनीकी दिक्कत के कारण अटका&mdash;इसकी जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी।&nbsp;<br />
बोर्ड ने इस परियोजना के लिए योग्य पेमेंट एग्रीगेटरों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्रस्ताव मांगे हैं। निविदाएं 6 अक्तूबर 2026 शाम 5 बजे तक जमा की जा सकती हैं।&nbsp;<br />
&nbsp;तीन महीने में 30 लाख से ज्यादा डिजिटल भुगतान<br />
मई से जुलाई 2026 के बीच बिजली बोर्ड को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से 30 लाख से अधिक भुगतान मिले, जिनसे करीब 2027 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई। इनमें BBPS के जरिए करीब 24.96 लाख लेनदेन हुए और 298.34 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। पेमेंट गेटवे से 4.28 लाख से अधिक लेनदेन हुए, जबकि RTGS/NEFT के जरिए करीब 46,950 लेनदेन में 1004.41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई।&nbsp;<br />
नई व्यवस्था में RTGS और NEFT के भुगतान का उसी दिन सेटलमेंट करने का प्रावधान होगा। वहीं UPI, कार्ड, BBPS और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्राप्त राशि अधिकतम अगले कार्य दिवस तक बोर्ड के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था होगी।&nbsp;<br />
फिलहाल भी HPSEBL के उपभोक्ता पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए बिजली बिल देखने और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43225.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[No more hassle of paying electricity bills! Payments will be possible with a single click, as the board brings all payment options onto one platform.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/after-her-father-daughter-also-found-dead-in-the-sutlej-in-shimla-how-did-the-car-end-up-in-the-gorge-accident-or-something-else-police-investigating]]></guid>
                       <title><![CDATA[शिमला में पिता के बाद बेटी भी सतलुज में मृत मिली: आखिर खाई में कैसे पहुंची कार? हादसा या कुछ और, जांच में जुटी पुलिस]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/after-her-father-daughter-also-found-dead-in-the-sutlej-in-shimla-how-did-the-car-end-up-in-the-gorge-accident-or-something-else-police-investigating]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 24 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला के सुन्नी में पिता की मौत के बाद बेटी भी लापता, सतलुज में तलाश जारी; आखिर खाई तक कैसे पहुंची पिकअप?
शिमला जिले के सुन्नी के ओगली क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए पिता-बेटी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। करीब एक सप्ताह बाद पिता कुलदीप का शव सतलुज नदी से बरामद हुआ, जबकि उनकी 18 वर्षीय बेटी स्नेहा की तलाश अभी भी जारी है।&nbsp;
जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर की शाम कुलदीप अपनी बेटी स्नेहा के साथ पिकअप में कुमारसैन की ओर गए थे। रात करीब 1:30 बजे उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि वे पंदोआ पहुंच गए हैं और करीब 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए।&nbsp;
परिजनों ने तलाश शुरू की तो ओगली के पास उनकी पिकअप सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। वाहन का कंडक्टर साइड का शीशा टूटा हुआ था। इसी वजह से परिवार ने किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले।&nbsp;
जांच के दौरान CCTV में सुबह करीब 4 बजे पिकअप की आवाजाही कोठी, ओगली और चेबड़ी क्षेत्र में दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों और सतलुज नदी के किनारे सर्च अभियान चलाया।&nbsp;
करीब सात-आठ दिन बाद मंडी जिले के करला गांव के पास सतलुज नदी में नाव चलाने वालों ने एक शव देखा। पुलिस और परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान कुलदीप के रूप में की। बाजुओं पर बने त्रिशूल और गले पर लिखे &#39;मां&#39; शब्द से भी पहचान की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।&nbsp;
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुलदीप और उनकी बेटी पिकअप से अलग कैसे हुए और वाहन सड़क से किस तरह वहां पहुंचा? वाहन का शीशा टूटने और पिता का शव सतलुज में मिलने के बाद पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह।&nbsp;
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस स्नेहा की तलाश पर है। सतलुज और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा चुका है और CCTV समेत अन्य सुरागों की जांच की जा रही है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला के सुन्नी में पिता की मौत के बाद बेटी भी लापता, सतलुज में तलाश जारी; आखिर खाई तक कैसे पहुंची पिकअप?<br />
शिमला जिले के सुन्नी के ओगली क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए पिता-बेटी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। करीब एक सप्ताह बाद पिता कुलदीप का शव सतलुज नदी से बरामद हुआ, जबकि उनकी 18 वर्षीय बेटी स्नेहा की तलाश अभी भी जारी है।&nbsp;<br />
जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर की शाम कुलदीप अपनी बेटी स्नेहा के साथ पिकअप में कुमारसैन की ओर गए थे। रात करीब 1:30 बजे उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि वे पंदोआ पहुंच गए हैं और करीब 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए।&nbsp;<br />
परिजनों ने तलाश शुरू की तो ओगली के पास उनकी पिकअप सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। वाहन का कंडक्टर साइड का शीशा टूटा हुआ था। इसी वजह से परिवार ने किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले।&nbsp;<br />
जांच के दौरान CCTV में सुबह करीब 4 बजे पिकअप की आवाजाही कोठी, ओगली और चेबड़ी क्षेत्र में दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों और सतलुज नदी के किनारे सर्च अभियान चलाया।&nbsp;<br />
करीब सात-आठ दिन बाद मंडी जिले के करला गांव के पास सतलुज नदी में नाव चलाने वालों ने एक शव देखा। पुलिस और परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान कुलदीप के रूप में की। बाजुओं पर बने त्रिशूल और गले पर लिखे &#39;मां&#39; शब्द से भी पहचान की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।&nbsp;<br />
अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुलदीप और उनकी बेटी पिकअप से अलग कैसे हुए और वाहन सड़क से किस तरह वहां पहुंचा? वाहन का शीशा टूटने और पिता का शव सतलुज में मिलने के बाद पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह।&nbsp;<br />
फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस स्नेहा की तलाश पर है। सतलुज और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा चुका है और CCTV समेत अन्य सुरागों की जांच की जा रही है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43223.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[After her father, daughter also found dead in the Sutlej in Shimla: How did the car end up in the gorge? Accident or something else? Police investigating.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/tragic-incident-in-nerwa-chopal-two-sisters-die-of-snakebite-both-girls-found-unconscious-in-the-room]]></guid>
                       <title><![CDATA[चौपाल के नेरवा में दर्दनाक हादसा : सांप के डसने से दो सगी बहनों की मौत , कमरे में बेहोश मिलीं दोनों बच्चियां  ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/tragic-incident-in-nerwa-chopal-two-sisters-die-of-snakebite-both-girls-found-unconscious-in-the-room]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 23 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला जिले के उपमंडल चौपाल के नेरवा क्षेत्र के टेलर गांव में साप के डसने साई दो सगी बहनो की मौत हो गई I&nbsp; मृतकों की पहचान महक (10) और कनक (7) पुत्रियां जितेंद्र निवासी गांव टेलर, डाकघर थंगाड तहसील नेरवा के रूप में हुई है।&nbsp;
पुलिस के अनुसार 20 सितंबर की रात दोनों बहनें अपने माता-पिता के साथ मकान की धरातल मंजिल के एक कमरे में सोई थीं। अगले दिन सुबह पिता काम से बाहर चले गए, जबकि मां सपना खेतों में काम करने चली गईं। करीब आठ बजे मां घर लौटी तो दोनों बच्चियां कमरे में बेहोशी की हालत में पड़ी थीं। आवाज लगाने और उठाने का प्रयास करने के बावजूद दोनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
उसी समय माँ ने एक साप को कमरे से बहार जाते हुए देखा I परिजनों को आशंका हुई की दोनों बचियों को सांप ने डसा है I&nbsp; परिजनों ने तुरंत दोनों बचियों को उपचार के लिए&nbsp; स्थानीय अस्पताल त्यूनी उत्तराखंड पहुंचाया I प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहड़ू रेफर किया गया। वहां से दोनों को आगामी उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। 21 सितंबर को रात करीब 2:46 बजे पुलिस पिकेट आईजीएमसी से थाना नेरवा को सूचना मिली कि दोनों बच्चियों को उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया है, जहां उपचार के दौरान महक की मौत हो गई।पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचने के लिए रवाना हुए, इसी दौरान कनक की भी मौत की सूचना मिली। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकों की अंतिम राय अभी प्राप्त होना बाकी है। पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई शुरू की है। प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर दोनों बहनों की मौत जहरीले सांप के काटने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की ओर से मामले में अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस विषय में एसडीएम चौपाल हेमचंद वर्मा ने कहा कि मृतक बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं प्राप्त हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि मृत्यु का कारण सर्पदंश बताया जाएगा तो सरकारी राहत मैनुअल के अनुसार परिवार को राहत राशि प्रदान कर दी जाएगी।&nbsp; &nbsp;
&nbsp; &nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला जिले के उपमंडल चौपाल के नेरवा क्षेत्र के टेलर गांव में साप के डसने साई दो सगी बहनो की मौत हो गई I&nbsp; मृतकों की पहचान महक (10) और कनक (7) पुत्रियां जितेंद्र निवासी गांव टेलर, डाकघर थंगाड तहसील नेरवा के रूप में हुई है।&nbsp;<br />
पुलिस के अनुसार 20 सितंबर की रात दोनों बहनें अपने माता-पिता के साथ मकान की धरातल मंजिल के एक कमरे में सोई थीं। अगले दिन सुबह पिता काम से बाहर चले गए, जबकि मां सपना खेतों में काम करने चली गईं। करीब आठ बजे मां घर लौटी तो दोनों बच्चियां कमरे में बेहोशी की हालत में पड़ी थीं। आवाज लगाने और उठाने का प्रयास करने के बावजूद दोनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।<br />
उसी समय माँ ने एक साप को कमरे से बहार जाते हुए देखा I परिजनों को आशंका हुई की दोनों बचियों को सांप ने डसा है I&nbsp; परिजनों ने तुरंत दोनों बचियों को उपचार के लिए&nbsp; स्थानीय अस्पताल त्यूनी उत्तराखंड पहुंचाया I प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहड़ू रेफर किया गया। वहां से दोनों को आगामी उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। 21 सितंबर को रात करीब 2:46 बजे पुलिस पिकेट आईजीएमसी से थाना नेरवा को सूचना मिली कि दोनों बच्चियों को उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया है, जहां उपचार के दौरान महक की मौत हो गई।पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचने के लिए रवाना हुए, इसी दौरान कनक की भी मौत की सूचना मिली। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकों की अंतिम राय अभी प्राप्त होना बाकी है। पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई शुरू की है। प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर दोनों बहनों की मौत जहरीले सांप के काटने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की ओर से मामले में अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस विषय में एसडीएम चौपाल हेमचंद वर्मा ने कहा कि मृतक बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं प्राप्त हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि मृत्यु का कारण सर्पदंश बताया जाएगा तो सरकारी राहत मैनुअल के अनुसार परिवार को राहत राशि प्रदान कर दी जाएगी।&nbsp; &nbsp;<br />
&nbsp; &nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43220.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Tragic incident in Nerwa, Chopal: Two sisters die of snakebite; both girls found unconscious in the room.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/fierce-scuffle-breaks-out-between-three-people-in-solan-commotion-continues-for-a-long-time-video-goes-viral]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन में तीन लोगों के बीच जमकर हाथापाई, काफी देर चला हंगामा; वीडियो हुआ वायरल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/fierce-scuffle-breaks-out-between-three-people-in-solan-commotion-continues-for-a-long-time-video-goes-viral]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 23 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सोलन शहर के माल रोड स्थित चिल्ड्रन पार्क में&nbsp; &nbsp;तीन अधेड़ उम्र के लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तीनों के बीच काफी देर तक मारपीट होती दिखाई दे रही है।&nbsp;
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान तीनों एक-दूसरे से उलझते रहे। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। इस दौरान पार्क में मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गया I
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तीनों व्यक्तियों के शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद तीनों आपस में भिड़ गए।&nbsp;
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने चिल्ड्रन पार्क और आसपास के क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का हुड़दंग रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोलन शहर के माल रोड स्थित चिल्ड्रन पार्क में&nbsp; &nbsp;तीन अधेड़ उम्र के लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तीनों के बीच काफी देर तक मारपीट होती दिखाई दे रही है।&nbsp;<br />
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान तीनों एक-दूसरे से उलझते रहे। काफी देर तक चले हंगामे के बाद मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। इस दौरान पार्क में मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गया I<br />
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तीनों व्यक्तियों के शराब के नशे में होने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तौर पर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद तीनों आपस में भिड़ गए।&nbsp;<br />
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने चिल्ड्रन पार्क और आसपास के क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह का हुड़दंग रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जानी चाहिए।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43219.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Fierce scuffle breaks out between three people in Solan; commotion continues for a long time; video goes viral.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/major-police-crackdown-on-drug-network-in-solan-3-smugglers-arrested-5207-grams-of-chitta-and-616-grams-of-ice-seized]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन में नशे के नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 तस्कर गिरफ्तार; 52.07 ग्राम चिट्टा और 6.16 ग्राम ICE बरामद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/major-police-crackdown-on-drug-network-in-solan-3-smugglers-arrested-5207-grams-of-chitta-and-616-grams-of-ice-seized]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सोलन में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 52.07 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) और 6.16 ग्राम ICE बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब और जम्मू-कश्मीर से जुड़े आरोपी शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कश्मीर से ड्रग लेकर हिमाचल में सप्लाई करने का काम करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और नशे की खेप किन-किन जगहों पर पहुंचाई जानी थी।
पुलिस ने बरामद नशे को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। तीनों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोलन में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 52.07 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) और 6.16 ग्राम ICE बरामद की है।<br />
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब और जम्मू-कश्मीर से जुड़े आरोपी शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कश्मीर से ड्रग लेकर हिमाचल में सप्लाई करने का काम करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और नशे की खेप किन-किन जगहों पर पहुंचाई जानी थी।<br />
पुलिस ने बरामद नशे को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। तीनों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43209.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major police crackdown on drug network in Solan; 3 smugglers arrested; 52.07 grams of 'Chitta' and 6.16 grams of ICE seized.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/mla-vivek-sharma-interacted-with-residents-across-61-panchayats-in-kutlehar-stating-that-eligible-families-would-benefit-from-the-bpl-selection-process]]></guid>
                       <title><![CDATA[कुटलैहड़ की 61 पंचायतों में विधायक विवेक शर्मा ने किया संवाद, बोले- BPL चयन में पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/mla-vivek-sharma-interacted-with-residents-across-61-panchayats-in-kutlehar-stating-that-eligible-families-would-benefit-from-the-bpl-selection-process]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की 61 पंचायतों में संवाद कार्यक्रम के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर लोगों से मिले सुझावों और मांगों को व्यवस्थित तरीके से सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
विधायक ने बताया कि पंचायत सचिव के माध्यम से लोगों की समस्याओं और सुझावों को संकलित कर सरकार तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। यानी पंचायतों में संवाद के दौरान जो भी महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आएंगे, उन्हें सचिव के स्तर पर दर्ज किया जाएगा और संबंधित विभागों व सरकार के समक्ष रखा जाएगा। इससे गांवों की समस्याएं सीधे सरकार के संज्ञान में पहुंच सकेंगी।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल लोगों से संवाद करना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए उन्हें उचित मंच तक पहुंचाना भी है। पंचायतों में सड़कों, पेयजल, बिजली, विकास कार्यों और अन्य स्थानीय जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर भी लोगों की राय ली जा रही है।
विधायक विवेक शर्मा ने BPL परिवारों के चयन को लेकर कहा कि पात्र लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में वास्तविक रूप से पात्र परिवारों को प्राथमिकता मिले और जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें, इसका ध्यान रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि 61 पंचायतों से मिलने वाली जनता की आवाज को सचिवों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाकर संबंधित समस्याओं पर कार्रवाई करवाने का प्रयास किया जाएगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की 61 पंचायतों में संवाद कार्यक्रम के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने लोगों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर लोगों से मिले सुझावों और मांगों को व्यवस्थित तरीके से सरकार तक पहुंचाया जाएगा।<br />
विधायक ने बताया कि पंचायत सचिव के माध्यम से लोगों की समस्याओं और सुझावों को संकलित कर सरकार तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। यानी पंचायतों में संवाद के दौरान जो भी महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आएंगे, उन्हें सचिव के स्तर पर दर्ज किया जाएगा और संबंधित विभागों व सरकार के समक्ष रखा जाएगा। इससे गांवों की समस्याएं सीधे सरकार के संज्ञान में पहुंच सकेंगी।<br />
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल लोगों से संवाद करना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए उन्हें उचित मंच तक पहुंचाना भी है। पंचायतों में सड़कों, पेयजल, बिजली, विकास कार्यों और अन्य स्थानीय जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर भी लोगों की राय ली जा रही है।<br />
विधायक विवेक शर्मा ने BPL परिवारों के चयन को लेकर कहा कि पात्र लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में वास्तविक रूप से पात्र परिवारों को प्राथमिकता मिले और जरूरतमंद लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें, इसका ध्यान रखा जाएगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उन्होंने कहा कि 61 पंचायतों से मिलने वाली जनता की आवाज को सचिवों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाकर संबंधित समस्याओं पर कार्रवाई करवाने का प्रयास किया जाएगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43208.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[MLA Vivek Sharma interacted with residents across 61 panchayats in Kutlehar, stating that eligible families would benefit from the BPL selection process.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/plot-to-sell-10-tonnes-of-tmt-bars-and-dump-the-truck-into-a-gorge-in-sirmaur-police-investigation-uncovers-the-whole-scheme]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर में 10 टन सरिया बेचकर ट्रक खाई में गिराने की साजिश! पुलिस जांच ने खोला पूरा राज]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/plot-to-sell-10-tonnes-of-tmt-bars-and-dump-the-truck-into-a-gorge-in-sirmaur-police-investigation-uncovers-the-whole-scheme]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सिरमौर में एक ट्रक को खाई में गिराकर हादसा दिखाने की कोशिश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्रक में लदा करीब 10 टन सरिया पहले रास्ते में ही बेच दिया गया। इसके बाद ट्रक को खाई में गिरा दिया गया, ताकि पूरा मामला दुर्घटना जैसा लगे।
मामले की जांच शुरू होने के बाद पुलिस को घटनाक्रम पर संदेह हुआ। जांच में सामने आए तथ्यों ने कथित साजिश की परतें खोलनी शुरू कर दीं। पुलिस ने ट्रक और सरिए से जुड़े मामले की जांच करते हुए उन परिस्थितियों को खंगाला, जिनमें सरिया गायब हुआ और ट्रक खाई में पहुंचा।
पुलिस जांच के चलते साजिश को हादसे का रूप देने की कोशिश नाकाम हो गई। अब मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि सरिया किसे बेचा गया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और ट्रक को खाई में गिराने के पीछे असली मकसद क्या था।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सिरमौर में एक ट्रक को खाई में गिराकर हादसा दिखाने की कोशिश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्रक में लदा करीब 10 टन सरिया पहले रास्ते में ही बेच दिया गया। इसके बाद ट्रक को खाई में गिरा दिया गया, ताकि पूरा मामला दुर्घटना जैसा लगे।<br />
मामले की जांच शुरू होने के बाद पुलिस को घटनाक्रम पर संदेह हुआ। जांच में सामने आए तथ्यों ने कथित साजिश की परतें खोलनी शुरू कर दीं। पुलिस ने ट्रक और सरिए से जुड़े मामले की जांच करते हुए उन परिस्थितियों को खंगाला, जिनमें सरिया गायब हुआ और ट्रक खाई में पहुंचा।<br />
पुलिस जांच के चलते साजिश को हादसे का रूप देने की कोशिश नाकाम हो गई। अब मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि सरिया किसे बेचा गया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और ट्रक को खाई में गिराने के पीछे असली मकसद क्या था।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43207.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Plot to sell 10 tonnes of TMT bars and dump the truck into a gorge in Sirmaur! Police investigation uncovers the whole scheme.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/cm-sukhus-major-announcement-illegal-assets-of-drug-smugglers-to-be-confiscated-proceeds-to-be-used-for-public-welfare]]></guid>
                       <title><![CDATA[सीएम सुक्खू का बड़ा ऐलान: नशा तस्करों की अवैध संपत्ति होगी जब्त, जनता के काम आएगा पैसा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/cm-sukhus-major-announcement-illegal-assets-of-drug-smugglers-to-be-confiscated-proceeds-to-be-used-for-public-welfare]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नशा तस्करों ने अवैध तरीके से जो संपत्तियां बनाई हैं, उन्हें जब्त किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की आर्थिक ताकत को खत्म करना है।
सीएम ने कहा कि नशा तस्करी से कमाई गई संपत्ति को किसी भी सूरत में सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। कानून के तहत ऐसी संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि नशे के काले कारोबार से कमाया गया पैसा आखिरकार जनता के हित में इस्तेमाल हो।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। पुलिस और संबंधित विभागों को नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों का पता लगाने पर भी जोर देने की बात कही गई है।
सरकार का मानना है कि केवल तस्करों को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे के पूरे आर्थिक नेटवर्क पर चोट करना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत अवैध संपत्तियों को जब्त कर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की कमर तोड़ने की तैयारी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नशा तस्करों ने अवैध तरीके से जो संपत्तियां बनाई हैं, उन्हें जब्त किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की आर्थिक ताकत को खत्म करना है।<br />
सीएम ने कहा कि नशा तस्करी से कमाई गई संपत्ति को किसी भी सूरत में सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। कानून के तहत ऐसी संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। सरकार यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है कि नशे के काले कारोबार से कमाया गया पैसा आखिरकार जनता के हित में इस्तेमाल हो।<br />
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाएगा। पुलिस और संबंधित विभागों को नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों का पता लगाने पर भी जोर देने की बात कही गई है।<br />
सरकार का मानना है कि केवल तस्करों को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नशे के पूरे आर्थिक नेटवर्क पर चोट करना जरूरी है। इसी रणनीति के तहत अवैध संपत्तियों को जब्त कर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की कमर तोड़ने की तैयारी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43206.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[CM Sukhu's major announcement: Illegal assets of drug smugglers to be confiscated; proceeds to be used for public welfare.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/-rain-havoc-20-meter-stretch-of-kotwali-khaniyara-road-damaged]]></guid>
                       <title><![CDATA[ बारिश का कहर: कोतवाली-खनियारा सड़क का 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/-rain-havoc-20-meter-stretch-of-kotwali-khaniyara-road-damaged]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[लगातार बारिश के चलते कोतवाली-खनियारा सड़क को नुकसान पहुंचा है। सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। बारिश जारी रहने पर नुकसान बढ़ने की भी संभावना है। संबंधित विभाग की ओर से सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक मरम्मत कार्य किए जाने की जरूरत है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:18px;">लगातार बारिश के चलते कोतवाली-खनियारा सड़क को नुकसान पहुंचा है। सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे इस मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। बारिश जारी रहने पर नुकसान बढ़ने की भी संभावना है। संबंधित विभाग की ओर से सड़क की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक मरम्मत कार्य किए जाने की जरूरत है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43205.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Rain Havoc: 20-meter stretch of Kotwali-Khaniyara road damaged.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/crime/655-crore-fake-itc-racket-busted-pharma-company-md-arrested-in-himachal]]></guid>
                       <title><![CDATA[6.55 करोड़ के फर्जी ITC खेल का पर्दाफाश, हिमाचल में फार्मा कंपनी का MD गिरफ्तार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/crime/655-crore-fake-itc-racket-busted-pharma-company-md-arrested-in-himachal]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में फर्जी इनवॉइस के जरिए करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और GST रिफंड के कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। CGST आयुक्त कार्यालय शिमला के प्रिवेंटिव विंग ने कार्रवाई करते हुए करीब 6.55 करोड़ रुपये के अपात्र ITC का मामला पकड़ा है। इस मामले में त्रिलोकपुर स्थित समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गौरव जैन को गिरफ्तार किया गया है।&nbsp;
जांच के दौरान सामने आया कि समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ड्यूल हेल्थकेयर ने कथित तौर पर कई फर्जी और गैर-मौजूद सप्लायर फर्मों के बिलों के आधार पर ITC का लाभ लिया। जांच में करीब 5.55 करोड़ रुपये का ITC 10 गैर-मौजूद फर्मों से जुड़े इनवॉइस के जरिए लेने की बात सामने आई है।&nbsp;
अधिकारियों को ऐसे बिल भी मिले, जिनमें माल की सप्लाई दिखाई गई थी, लेकिन ई-वे बिल और टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उस माल की वास्तविक आवाजाही की पुष्टि नहीं हो सकी। आरोप है कि फर्जी तरीके से हासिल ITC को GST रिफंड के दावों में शामिल कर सरकारी खजाने से नकद रिफंड लेने का प्रयास किया गया
शेल कंपनी बनाकर चल रहा था खेल
जांच में फर्जी फर्मों, बिना वास्तविक माल की सप्लाई के इनवॉइस, संदिग्ध अकाउंटिंग एंट्री और शेल इकाइयों के इस्तेमाल के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। अधिकारियों ने कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं और डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सऐप चैट तथा बैंकिंग लेन-देन की भी जांच की गई।&nbsp;
जांच एजेंसी के अनुसार ड्यूल हेल्थकेयर का इस्तेमाल कथित तौर पर शेल इकाई के रूप में किया जा रहा था और इसके संचालन में गौरव जैन की सक्रिय भूमिका सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 69(1) के तहत गिरफ्तार किया गया है।&nbsp;
ITC का मतलब: Input Tax Credit यानी कारोबार में खरीदे गए सामान या सेवाओं पर दिए गए GST का क्रेडिट, जिसे नियमों के तहत टैक्स देनदारी में समायोजित किया जा सकता है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में फर्जी इनवॉइस के जरिए करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और GST रिफंड के कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। CGST आयुक्त कार्यालय शिमला के प्रिवेंटिव विंग ने कार्रवाई करते हुए करीब 6.55 करोड़ रुपये के अपात्र ITC का मामला पकड़ा है। इस मामले में त्रिलोकपुर स्थित समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक गौरव जैन को गिरफ्तार किया गया है।&nbsp;<br />
जांच के दौरान सामने आया कि समय फार्मा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और ड्यूल हेल्थकेयर ने कथित तौर पर कई फर्जी और गैर-मौजूद सप्लायर फर्मों के बिलों के आधार पर ITC का लाभ लिया। जांच में करीब 5.55 करोड़ रुपये का ITC 10 गैर-मौजूद फर्मों से जुड़े इनवॉइस के जरिए लेने की बात सामने आई है।&nbsp;<br />
अधिकारियों को ऐसे बिल भी मिले, जिनमें माल की सप्लाई दिखाई गई थी, लेकिन ई-वे बिल और टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उस माल की वास्तविक आवाजाही की पुष्टि नहीं हो सकी। आरोप है कि फर्जी तरीके से हासिल ITC को GST रिफंड के दावों में शामिल कर सरकारी खजाने से नकद रिफंड लेने का प्रयास किया गया<br />
शेल कंपनी बनाकर चल रहा था खेल<br />
जांच में फर्जी फर्मों, बिना वास्तविक माल की सप्लाई के इनवॉइस, संदिग्ध अकाउंटिंग एंट्री और शेल इकाइयों के इस्तेमाल के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। अधिकारियों ने कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं और डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सऐप चैट तथा बैंकिंग लेन-देन की भी जांच की गई।&nbsp;<br />
जांच एजेंसी के अनुसार ड्यूल हेल्थकेयर का इस्तेमाल कथित तौर पर शेल इकाई के रूप में किया जा रहा था और इसके संचालन में गौरव जैन की सक्रिय भूमिका सामने आई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उन्हें केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 69(1) के तहत गिरफ्तार किया गया है।&nbsp;<br />
ITC का मतलब: Input Tax Credit यानी कारोबार में खरीदे गए सामान या सेवाओं पर दिए गए GST का क्रेडिट, जिसे नियमों के तहत टैक्स देनदारी में समायोजित किया जा सकता है।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/images243203.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[₹6.55 crore fake ITC racket busted; pharma company MD arrested in Himachal]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/apple-growers-anger-erupts-ca-companies-accused-of-arbitrary-practices-growers-demand-immediate-payment-instead-of-delays]]></guid>
                       <title><![CDATA[सेब बागवानों का फूटा गुस्सा, CA कंपनियों पर मनमानी का आरोप; बोले- पेमेंट में देरी नहीं, हाथों-हाथ चाहिए पैसा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/apple-growers-anger-erupts-ca-companies-accused-of-arbitrary-practices-growers-demand-immediate-payment-instead-of-delays]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के बीच बागवानों ने CA (कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर) स्टोरेज) कंपनियों की कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। बागवानों का कहना है कि सेब की फसल तैयार करने में वे पूरे साल मेहनत और पैसा लगाते हैं, लेकिन फसल बेचने के बाद भुगतान को लेकर उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बागवानों ने मांग उठाई है कि CA कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाई जाए और सेब की बिक्री के बाद भुगतान हाथों-हाथ किया जाए। उनका कहना है कि फसल का पैसा समय पर मिलने से वे अगले सीजन की तैयारी और अन्य जरूरी खर्च आसानी से कर सकेंगे।
बागवानों का आरोप है कि कुछ मामलों में भुगतान प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होती और उन्हें अपनी ही फसल की रकम के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से इस व्यवस्था की निगरानी करने की मांग की है।
बागवानों ने साफ कहा कि सेब कारोबार में पारदर्शिता जरूरी है। कंपनियों की शर्तों, सेब की कीमत और भुगतान की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि बागवानों के हितों से किसी तरह का समझौता न हो।
बागवानों की मांग है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और CA कंपनियों के साथ ऐसा नियम तय किया जाए, जिससे सेब की बिक्री और भुगतान की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और समयबद्ध हो।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के बीच बागवानों ने CA (कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर) स्टोरेज) कंपनियों की कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है। बागवानों का कहना है कि सेब की फसल तैयार करने में वे पूरे साल मेहनत और पैसा लगाते हैं, लेकिन फसल बेचने के बाद भुगतान को लेकर उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है।<br />
बागवानों ने मांग उठाई है कि CA कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाई जाए और सेब की बिक्री के बाद भुगतान हाथों-हाथ किया जाए। उनका कहना है कि फसल का पैसा समय पर मिलने से वे अगले सीजन की तैयारी और अन्य जरूरी खर्च आसानी से कर सकेंगे।<br />
बागवानों का आरोप है कि कुछ मामलों में भुगतान प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होती और उन्हें अपनी ही फसल की रकम के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से इस व्यवस्था की निगरानी करने की मांग की है।<br />
बागवानों ने साफ कहा कि सेब कारोबार में पारदर्शिता जरूरी है। कंपनियों की शर्तों, सेब की कीमत और भुगतान की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए, ताकि बागवानों के हितों से किसी तरह का समझौता न हो।<br />
बागवानों की मांग है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करे और CA कंपनियों के साथ ऐसा नियम तय किया जाए, जिससे सेब की बिक्री और भुगतान की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और समयबद्ध हो।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43201.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Apple growers' anger erupts; CA companies accused of arbitrary practices; growers demand immediate payment instead of delays.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/block-officer-arrested-for-demanding-a-22000-bribe-to-sign-the-file-regarding-tree-felling]]></guid>
                       <title><![CDATA[खैर कटान की फाइल पर साइन के लिए मांगी 22 हजार की रिश्वत, बीओ गिरफ्तार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/block-officer-arrested-for-demanding-a-22000-bribe-to-sign-the-file-regarding-tree-felling]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने वन विभाग के एक ब्लॉक अधिकारी (बीओ) को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर खैर कटान से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग को बताया कि खैर के पेड़ों के कटान से संबंधित फाइल पर साइन करने के लिए अधिकारी ने 22 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच की और रिश्वत की रकम के साथ आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता ने जैसे ही आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम दी, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है।
विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों से पूछताछ के साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खैर कटान से जुड़ी फाइल में नियमों का पालन हुआ था या नहीं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने वन विभाग के एक ब्लॉक अधिकारी (बीओ) को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी पर खैर कटान से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।<br />
शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग को बताया कि खैर के पेड़ों के कटान से संबंधित फाइल पर साइन करने के लिए अधिकारी ने 22 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच की और रिश्वत की रकम के साथ आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।<br />
निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता ने जैसे ही आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम दी, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है।<br />
विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों से पूछताछ के साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खैर कटान से जुड़ी फाइल में नियमों का पालन हुआ था या नहीं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43200.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Block Officer arrested for demanding a ₹22,000 bribe to sign the file regarding tree felling.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/a-divorce-deed-written-on-stamp-paper-is-not-valid-court-approval-is-mandatory]]></guid>
                       <title><![CDATA[स्टांप पेपर पर लिखा तलाकनामा मान्य नहीं, कोर्ट की मंज़ूरी ज़रूरी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/a-divorce-deed-written-on-stamp-paper-is-not-valid-court-approval-is-mandatory]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ स्टांप पेपर पर आपसी सहमति से तैयार किया गया तलाकनामा विवाह को कानूनी रूप से खत्म नहीं करता। तलाक को वैध बनाने के लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया और अदालत की मंजूरी जरूरी है।
कोर्ट ने साफ किया कि पति-पत्नी के बीच समझौता या स्टांप पेपर पर तैयार दस्तावेज अपने आप में तलाक की डिक्री का विकल्प नहीं हो सकता। यानी केवल यह लिख देना कि दोनों पक्ष अलग हो गए हैं, पर्याप्त नहीं है।
अदालत की इस टिप्पणी का सीधा मतलब है कि विवाह संबंध खत्म करने के लिए कानून में तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। निजी तौर पर तैयार किए गए दस्तावेज के आधार पर कोई व्यक्ति खुद को कानूनी रूप से तलाकशुदा नहीं मान सकता।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में वैवाहिक स्थिति तय करने के लिए सक्षम अदालत की भूमिका अहम है। इसलिए पति-पत्नी को सिर्फ स्टांप पेपर या आपसी समझौते के भरोसे तलाक की कानूनी स्थिति मान लेने से बचना चाहिए।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि सिर्फ स्टांप पेपर पर आपसी सहमति से तैयार किया गया तलाकनामा विवाह को कानूनी रूप से खत्म नहीं करता। तलाक को वैध बनाने के लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया और अदालत की मंजूरी जरूरी है।<br />
कोर्ट ने साफ किया कि पति-पत्नी के बीच समझौता या स्टांप पेपर पर तैयार दस्तावेज अपने आप में तलाक की डिक्री का विकल्प नहीं हो सकता। यानी केवल यह लिख देना कि दोनों पक्ष अलग हो गए हैं, पर्याप्त नहीं है।<br />
अदालत की इस टिप्पणी का सीधा मतलब है कि विवाह संबंध खत्म करने के लिए कानून में तय प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। निजी तौर पर तैयार किए गए दस्तावेज के आधार पर कोई व्यक्ति खुद को कानूनी रूप से तलाकशुदा नहीं मान सकता।<br />
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में वैवाहिक स्थिति तय करने के लिए सक्षम अदालत की भूमिका अहम है। इसलिए पति-पत्नी को सिर्फ स्टांप पेपर या आपसी समझौते के भरोसे तलाक की कानूनी स्थिति मान लेने से बचना चाहिए।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43199.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[A divorce deed written on stamp paper is not valid; court approval is mandatory.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/education-minister-clarifies-delhi-visit-congress-concerned-over-shimla-zila-parishad-election-results]]></guid>
                       <title><![CDATA[दिल्ली दौरे को लेकर शिक्षा मंत्री की सफाई, शिमला जिला परिषद चुनाव के नतीजों पर कांग्रेस चिंतित]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/education-minister-clarifies-delhi-visit-congress-concerned-over-shimla-zila-parishad-election-results]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 11 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अपने हालिया दिल्ली दौरे को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका दिल्ली जाना व्यक्तिगत कार्यक्रम से जुड़ा था। इस दौरान वरिष्ठ नेताओं से उनकी मुलाकात संयोगवश हुई।
वहीं, शिमला जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को लेकर रोहित ठाकुर ने चिंता जताई। उन्होंने माना कि चुनावी प्रदर्शन को लेकर पार्टी को गंभीरता से मंथन करने की जरूरत है।
शिक्षा मंत्री के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस संगठन और नेतृत्व को लेकर समीक्षा और सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और संगठन को अधिक सक्रिय बनाने पर भी ध्यान दिया जा सकता है।
रोहित ठाकुर ने दिल्ली दौरे को लेकर लग रही अटकलों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसे किसी राजनीतिक बैठक या विशेष रणनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं, जिला परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन पर चिंता जाहिर की है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला: शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अपने हालिया दिल्ली दौरे को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका दिल्ली जाना व्यक्तिगत कार्यक्रम से जुड़ा था। इस दौरान वरिष्ठ नेताओं से उनकी मुलाकात संयोगवश हुई।<br />
वहीं, शिमला जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन को लेकर रोहित ठाकुर ने चिंता जताई। उन्होंने माना कि चुनावी प्रदर्शन को लेकर पार्टी को गंभीरता से मंथन करने की जरूरत है।<br />
शिक्षा मंत्री के बयान से संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस संगठन और नेतृत्व को लेकर समीक्षा और सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और संगठन को अधिक सक्रिय बनाने पर भी ध्यान दिया जा सकता है।<br />
रोहित ठाकुर ने दिल्ली दौरे को लेकर लग रही अटकलों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इसे किसी राजनीतिक बैठक या विशेष रणनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं, जिला परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन पर चिंता जाहिर की है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43196.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Education Minister clarifies Delhi visit; Congress concerned over Shimla Zila Parishad election results.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/rain-wreaks-havoc-70-roads-closed-in-himachal-power-and-water-supply-schemes-also-disrupted]]></guid>
                       <title><![CDATA[बारिश बनी आफत ! हिमाचल में 70 सड़के बंद , बिजली पानी की योजनाएं भी ठप]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/rain-wreaks-havoc-70-roads-closed-in-himachal-power-and-water-supply-schemes-also-disrupted]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 11 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। 30 जून से 10 सितंबर 2026 तक प्रदेश में 1,63,882.59 लाख रुपये यानी करीब 1,638.83 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी संचयी रिपोर्ट में सामने आया है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 116 लोगों की मौत हुई है। इनमें भूस्खलन से 18, डूबने से 15, बिजली गिरने से 12 और पेड़ या बड़ी चट्टान गिरने से 40 लोगों की मौत शामिल है। इसके अलावा 10 मौतें सड़क हादसों में दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में 172 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में भी दर्ज होने का उल्लेख है।
कांगड़ा में सबसे ज्यादा नुकसान
जिला स्तर पर सबसे अधिक नुकसान कांगड़ा में 447.17 लाख रुपये दर्ज किया गया है। इसके बाद मंडी में 297.57 लाख, चंबा में 294.10 लाख, शिमला में 376.65 लाख और सोलन में 164.88 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।
70 सड़कें बंद
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में 70 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा मंडी में 30 सड़कें, कुल्लू में 11, शिमला में 11, कांगड़ा में 10, सिरमौर में 4, ऊना में 3 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़क बंद है।
इनमें मंडी के सराज की 25, सुंदरनगर की 1, सरकाघाट की 3 और थलौट की 1 सड़क शामिल है। कुल्लू में कुल्लू उपमंडल की 4, बंजार की 2, आनी की 3 और निरमंड की 2 सड़कें प्रभावित हैं।
बिजली-पानी की सप्लाई भी प्रभावित
बारिश का असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। शिमला जिले में 2 बिजली ट्रांसफार्मर और 2 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से बंद मार्गों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में सुविधाएं बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
बारिश से बचाव और बहाली की चुनौती
लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन बंद मार्गों को खोलने के साथ बिजली और पेयजल व्यवस्था बहाल करने में जुटा है। लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।&nbsp; &nbsp;&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। 30 जून से 10 सितंबर 2026 तक प्रदेश में 1,63,882.59 लाख रुपये यानी करीब 1,638.83 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी संचयी रिपोर्ट में सामने आया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक 116 लोगों की मौत हुई है। इनमें भूस्खलन से 18, डूबने से 15, बिजली गिरने से 12 और पेड़ या बड़ी चट्टान गिरने से 40 लोगों की मौत शामिल है। इसके अलावा 10 मौतें सड़क हादसों में दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में 172 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में भी दर्ज होने का उल्लेख है।<br />
कांगड़ा में सबसे ज्यादा नुकसान<br />
जिला स्तर पर सबसे अधिक नुकसान कांगड़ा में 447.17 लाख रुपये दर्ज किया गया है। इसके बाद मंडी में 297.57 लाख, चंबा में 294.10 लाख, शिमला में 376.65 लाख और सोलन में 164.88 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।<br />
70 सड़कें बंद<br />
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में 70 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा मंडी में 30 सड़कें, कुल्लू में 11, शिमला में 11, कांगड़ा में 10, सिरमौर में 4, ऊना में 3 और लाहौल-स्पीति में 1 सड़क बंद है।<br />
इनमें मंडी के सराज की 25, सुंदरनगर की 1, सरकाघाट की 3 और थलौट की 1 सड़क शामिल है। कुल्लू में कुल्लू उपमंडल की 4, बंजार की 2, आनी की 3 और निरमंड की 2 सड़कें प्रभावित हैं।<br />
बिजली-पानी की सप्लाई भी प्रभावित<br />
बारिश का असर बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। शिमला जिले में 2 बिजली ट्रांसफार्मर और 2 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की ओर से बंद मार्गों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में सुविधाएं बहाल करने के प्रयास जारी हैं।<br />
बारिश से बचाव और बहाली की चुनौती<br />
लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन बंद मार्गों को खोलने के साथ बिजली और पेयजल व्यवस्था बहाल करने में जुटा है। लोगों को मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।&nbsp; &nbsp;&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43194.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Rain wreaks havoc! 70 roads closed in Himachal; power and water supply schemes also disrupted.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/case-of-financial-irregularities-at-mandi-head-post-office-female-employee-suspended-inquiry-committee-to-fully-investigate-the-embezzlement]]></guid>
                       <title><![CDATA[मंडी हेड पोस्ट ऑफिस में पैसों की गड़बड़ी का मामला, महिला कर्मचारी सस्पेंड; जांच कमेटी करेगी गबन की पूरी पड़ताल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/case-of-financial-irregularities-at-mandi-head-post-office-female-employee-suspended-inquiry-committee-to-fully-investigate-the-embezzlement]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 10 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[मंडी हेड पोस्ट ऑफिस में पैसों से जुड़ी गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। मामले में एक महिला कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, एक व्यक्ति की शिकायत के बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी सामने आने के बाद महिला कर्मचारी पर कार्रवाई की गई।
मामले की पूरी सच्चाई जानने के लिए विभाग ने जांच कमेटी बनाई है। कमेटी यह पता लगाएगी कि कितने रुपये की गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल विभाग ने गबन की सही रकम का खुलासा नहीं किया है।
सस्पेंड महिला कर्मचारी की नई तैनाती सुंदरनगर हेड पोस्ट ऑफिस में की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई होगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मंडी हेड पोस्ट ऑफिस में पैसों से जुड़ी गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। मामले में एक महिला कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया गया है।<br />
मिली जानकारी के मुताबिक, एक व्यक्ति की शिकायत के बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी सामने आने के बाद महिला कर्मचारी पर कार्रवाई की गई।<br />
मामले की पूरी सच्चाई जानने के लिए विभाग ने जांच कमेटी बनाई है। कमेटी यह पता लगाएगी कि कितने रुपये की गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल विभाग ने गबन की सही रकम का खुलासा नहीं किया है।<br />
सस्पेंड महिला कर्मचारी की नई तैनाती सुंदरनगर हेड पोस्ट ऑफिस में की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई होगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43188.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Case of financial irregularities at Mandi Head Post Office: Female employee suspended; inquiry committee to fully investigate the embezzlement.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/leader-of-opposition-takes-a-dig-at-the-government-in-mandi-work-in-himachal-has-stalled-while-the-entire-cabinet-is-camping-in-delhi]]></guid>
                       <title><![CDATA[मंडी में नेता प्रतिपक्ष का सरकार पर तंज- हिमाचल में काम ठप, दिल्ली में डेरा डाले बैठा पूरा मंत्रिमंडल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/leader-of-opposition-takes-a-dig-at-the-government-in-mandi-work-in-himachal-has-stalled-while-the-entire-cabinet-is-camping-in-delhi]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 09 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[मंडी: नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार चलाने के बजाय पूरा मंत्रिमंडल दिल्ली में डेरा डाले हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय सरकार के मंत्री दिल्ली की राजनीति में व्यस्त हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में आम लोग कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता अपनी समस्याओं को लेकर सरकार की ओर देख रही है, लेकिन मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल के सदस्य दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में सरकार की जरूरत है, तब मंत्री दिल्ली में क्यों बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को दिल्ली की राजनीति के बजाय हिमाचल के लोगों और प्रदेश के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने उन्हें शासन चलाने की जिम्मेदारी दी है, न कि लगातार दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने की। उन्होंने सरकार से जनता की समस्याओं का समाधान करने और प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने की मांग की।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मंडी: नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार चलाने के बजाय पूरा मंत्रिमंडल दिल्ली में डेरा डाले हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय सरकार के मंत्री दिल्ली की राजनीति में व्यस्त हैं।<br />
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में आम लोग कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता अपनी समस्याओं को लेकर सरकार की ओर देख रही है, लेकिन मुख्यमंत्री समेत मंत्रिमंडल के सदस्य दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।<br />
उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में सरकार की जरूरत है, तब मंत्री दिल्ली में क्यों बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को दिल्ली की राजनीति के बजाय हिमाचल के लोगों और प्रदेश के विकास पर ध्यान देना चाहिए।<br />
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने उन्हें शासन चलाने की जिम्मेदारी दी है, न कि लगातार दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहने की। उन्होंने सरकार से जनता की समस्याओं का समाधान करने और प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने की मांग की।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43184.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Leader of Opposition takes a dig at the government in Mandi: Work in Himachal has stalled, while the entire cabinet is camping in Delhi.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/flood-risk-rises-due-to-debris-accumulation-in-rivers-chief-minister-sukhu-raises-the-issue-of-dredging-with-union-minister-bhupender-yadav]]></guid>
                       <title><![CDATA[नदियों में जमा मलबे से बढ़ रहा बाढ़ का खतरा, मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से उठाया ड्रेजिंग का मुद्दा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/flood-risk-rises-due-to-debris-accumulation-in-rivers-chief-minister-sukhu-raises-the-issue-of-dredging-with-union-minister-bhupender-yadav]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 08 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेजिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यधिक बारिश, बाढ़ और फ्लैश फ्लड के कारण हिमाचल की नदियों में बड़ी मात्रा में मलबा, बोल्डर, पत्थर और रेत जमा हो जाती है। इससे नदियों की पानी ले जाने की क्षमता प्रभावित होती है और आसपास की मानव बस्तियों, सड़कों, पुलों, वनों तथा अन्य महत्वपूर्ण ढांचे पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि आपदा के जोखिम को कम करने के लिए ऐसे संवेदनशील नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक और समयबद्ध ड्रेजिंग जरूरी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हिमाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक ड्रेजिंग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।<br />
मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यधिक बारिश, बाढ़ और फ्लैश फ्लड के कारण हिमाचल की नदियों में बड़ी मात्रा में मलबा, बोल्डर, पत्थर और रेत जमा हो जाती है। इससे नदियों की पानी ले जाने की क्षमता प्रभावित होती है और आसपास की मानव बस्तियों, सड़कों, पुलों, वनों तथा अन्य महत्वपूर्ण ढांचे पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि आपदा के जोखिम को कम करने के लिए ऐसे संवेदनशील नदी क्षेत्रों में वैज्ञानिक और समयबद्ध ड्रेजिंग जरूरी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43181.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Flood risk rises due to debris accumulation in rivers; Chief Minister Sukhu raises the issue of dredging with Union Minister Bhupender Yadav.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/why-are-employees-of-the-same-department-in-himachal-being-given-different-da-rates]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में एक ही विभाग के कर्मचारियों को क्यों दिया जा रहा अलग-अलग DA?]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/why-are-employees-of-the-same-department-in-himachal-being-given-different-da-rates]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 08 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की.

दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही.

सरकार ने क्या कहा?

सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.





&nbsp;

&nbsp;






हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की.

दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही.

सरकार ने क्या कहा?

सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.





&nbsp;

&nbsp;






हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की.

दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही.

सरकार ने क्या कहा?

सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.





&nbsp;

&nbsp;





हिमाचल में एक ही विभाग के कर्मचारियों को क्यों दिया जा रहा अलग-अलग डा?

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;


हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की.
दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाहीI
सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.



]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div class="jsx-3406305518" id="newsroom-bodyText" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px auto; max-width: 1366px; padding: 0px; word-break: break-word; color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; font-size: 17px;">
<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की.</span></p>

<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;">दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही.</span></p>

<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;"><span style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; font-weight: bolder;">सरकार ने क्या कहा?</span></span></p>

<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;">सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.</span></p>
</div>

<div class="jsx-3406305518" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; font-size: 17px; display: flex; justify-content: center;">
<div class="jsx-eb6ff2cd00c29bec gpt-ads__wrapper" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; min-width: 728px; min-height: 90px;">
<div class="jsx-eb6ff2cd00c29bec" data-ad-unit="/175434344/hi-hp-center-728x90-d" data-google-query-id="CPjPsonl3pYDFQMHZgQd_IAFOQ" id="div-gpt-ad-1703830066631-0" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ;">
<div id="div-gpt-ad-1703830066631-0" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ;">&nbsp;</div>

<div id="google_ads_iframe_/175434344/hi-hp-center-728x90-d_1__container__" style="border: 0pt; box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; width: 728px; height: 0px;">&nbsp;</div>
</div>
</div>
</div>

<div class="jsx-3406305518" id="newsroom-bodyText" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 20px auto 0px; max-width: 1366px; padding: 0px; word-break: break-word; color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; font-size: 17px;">
<div class="jsx-3406305518" id="newsroom-bodyText" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px auto; max-width: 1366px; padding: 0px; word-break: break-word; color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; font-size: 17px;">
<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की.</span></p>

<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;">दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही.</span></p>

<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;"><span style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; font-weight: bolder;">सरकार ने क्या कहा?</span></span></p>

<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;">सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.</span></p>
</div>

<div class="jsx-3406305518" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; font-size: 17px; display: flex; justify-content: center;">
<div class="jsx-eb6ff2cd00c29bec gpt-ads__wrapper" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; min-width: 728px; min-height: 90px;">
<div class="jsx-eb6ff2cd00c29bec" data-ad-unit="/175434344/hi-hp-center-728x90-d" data-google-query-id="CPjPsonl3pYDFQMHZgQd_IAFOQ" id="div-gpt-ad-1703830066631-0" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ;">
<div id="div-gpt-ad-1703830066631-0" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ;">&nbsp;</div>

<div id="google_ads_iframe_/175434344/hi-hp-center-728x90-d_1__container__" style="border: 0pt; box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; width: 728px; height: 0px;">&nbsp;</div>
</div>
</div>
</div>

<div class="jsx-3406305518" id="newsroom-bodyText" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 20px auto 0px; max-width: 1366px; padding: 0px; word-break: break-word; color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; font-size: 17px;">
<div class="jsx-3406305518" id="newsroom-bodyText" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px auto; max-width: 1366px; padding: 0px; word-break: break-word; color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; font-size: 17px;">
<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की.</span></p>

<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;">दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाही.</span></p>

<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;"><span style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; font-weight: bolder;">सरकार ने क्या कहा?</span></span></p>

<p style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 0px 0px 20px; clear: both; line-height: 26px; float: none !important;"><span style="font-size:18px;">सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.</span></p>
</div>

<div class="jsx-3406305518" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; font-size: 17px; display: flex; justify-content: center;">
<div class="jsx-eb6ff2cd00c29bec gpt-ads__wrapper" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; min-width: 728px; min-height: 90px;">
<div class="jsx-eb6ff2cd00c29bec" data-ad-unit="/175434344/hi-hp-center-728x90-d" data-google-query-id="CPjPsonl3pYDFQMHZgQd_IAFOQ" id="div-gpt-ad-1703830066631-0" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ;">
<div id="div-gpt-ad-1703830066631-0" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ;">&nbsp;</div>

<div id="google_ads_iframe_/175434344/hi-hp-center-728x90-d_1__container__" style="border: 0pt; box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; width: 728px; height: 0px;">&nbsp;</div>
</div>
</div>
</div>

<div class="jsx-3406305518" id="newsroom-bodyText" style="border: 0px solid rgb(237, 242, 247); box-sizing: border-box; --tw-border-spacing-x: 0; --tw-border-spacing-y: 0; --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-pan-x: ; --tw-pan-y: ; --tw-pinch-zoom: ; --tw-scroll-snap-strictness: proximity; --tw-gradient-from-position: ; --tw-gradient-via-position: ; --tw-gradient-to-position: ; --tw-ordinal: ; --tw-slashed-zero: ; --tw-numeric-figure: ; --tw-numeric-spacing: ; --tw-numeric-fraction: ; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(66,153,225,.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow-colored: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-backdrop-blur: ; --tw-backdrop-brightness: ; --tw-backdrop-contrast: ; --tw-backdrop-grayscale: ; --tw-backdrop-hue-rotate: ; --tw-backdrop-invert: ; --tw-backdrop-opacity: ; --tw-backdrop-saturate: ; --tw-backdrop-sepia: ; margin: 20px auto 0px; max-width: 1366px; padding: 0px; word-break: break-word; color: rgb(0, 0, 0); font-family: __Noto_Sans_8df048, __Noto_Sans_Fallback_8df048; font-size: 17px; text-align: justify;">
<p><span style="font-size:18px;">हिमाचल में एक ही विभाग के कर्मचारियों को क्यों दिया जा रहा अलग-अलग डा?</span></p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>

<p><br />
<span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में एक ही विभाग के तहत आने वाले तीन सार्वजनिक उपक्रमों (कॉरपोरेशनों) के कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अलग-अलग दर को लेकर सवाल उठा है. ऊर्जा विभाग के अधीन आने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL), हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPTCL) और हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में कर्मचारियों को एक समान दर से महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है. हाल ही में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में यह मामला उठने के बाद सरकार ने इसकी वजह स्पष्ट की.<br />
दरअसल, पांवटा साहिब से भाजपा विधायक सुख राम चौधरी ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि HPSEBL और HPPTCL के कर्मचारियों को 60 फीसदी, जबकि HPPCL के कर्मचारियों को केवल 45 फीसदी DA क्यों मिल रहा है? विधायक ने सरकार से इस अंतर की वजह जाननी चाहीI<br />
सरकार ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि यह कहना पूरी तरह सही नहीं है कि अलग-अलग उपक्रमों के सभी कर्मचारियों को केवल कंपनी या उपक्रम के आधार पर 60 या 45 फीसदी DA दिया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, इन उपक्रमों में कार्यरत कर्मचारी अलग-अलग पेंशन और भविष्य निधि (Provident Fund) व्यवस्था के तहत आते हैं. सरकार ने बताया कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में 60 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है. वहीं, एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 45 फीसदी की दर से DA मिल रहा है.</span></p>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43179.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Why are employees of the same department in Himachal being given different DA rates?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/vishwa-hindu-parishads-foundation-day-and-shri-krishna-janmashtami-celebrations-observed-with-great-enthusiasm-and-devotion]]></guid>
                       <title><![CDATA[धूमधाम एवं श्रद्धाभाव से मनाया गया विश्व हिंदू परिषद का स्थापना दिवस एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/vishwa-hindu-parishads-foundation-day-and-shri-krishna-janmashtami-celebrations-observed-with-great-enthusiasm-and-devotion]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 07 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
चंडीगढ़, 7 सितंबर को&nbsp; विश्व हिंदू परिषद (विहिप) चंडीगढ़ महानगर की ओर से विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह का भव्य आयोजन रविवार को सेक्टर-29 ए स्थित सेवा भारती के प्लॉट नंबर-1 में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में इंद्रप्रस्थ क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं विश्व हिंदू परिषद के माननीय नीरज दौनेरिया मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, धर्म एवं सत्य की स्थापना के संदेश तथा राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्य पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन किया।
समारोह के दौरान विश्व हिंदू परिषद की स्थापना के उद्देश्य, संगठन की सामाजिक एवं धार्मिक भूमिका तथा हिंदू समाज की एकजुटता पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज को संगठित करने की प्रेरणा देता है।
विश्व हिंदू परिषद चंडीगढ़ महानगर मंत्री अंकुश गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम में चंडीगढ़ एवं लुधियाना विभाग संगठन मंत्री विकास बिश्नोई, पंजाब प्रांत कार्यकारी सदस्य कर्नल धर्मवीर, चंडीगढ़ विभाग मंत्री प्रदीप शर्मा, सह मंत्री सुरेश राणा, विश्व हिंदू परिषद चंडीगढ़ महानगर के अध्यक्ष अरविंद मोदगिल, उपाध्यक्ष राकेश चौधरी, उपाध्यक्ष रेनू रोहिल्ला, सह मंत्री पंकज शर्मा, चंडीगढ़ गौ रक्षा प्रमुख जितेंद्र सनातनी, सह प्रमुख जितेंद्र रावत, बजरंग दल संयोजक राकेश उप्पल, सह संयोजक संयम सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओत-प्रोत वातावरण बना रहा। जय श्रीराम और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। आयोजन ने श्रद्धालुओं में धार्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्व की भावना को भी मजबूत किया।
महंत मनोज शर्मा मनु जी महाराज ने कहा कि धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समारोह का संदेश स्पष्ट है कि सनातन संस्कृति की परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रहित में समाज को संगठित करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">चंडीगढ़, 7 सितंबर को&nbsp; विश्व हिंदू परिषद (विहिप) चंडीगढ़ महानगर की ओर से विश्व हिंदू परिषद स्थापना दिवस एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह का भव्य आयोजन रविवार को सेक्टर-29 ए स्थित सेवा भारती के प्लॉट नंबर-1 में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भाग लेकर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया।<br />
कार्यक्रम में इंद्रप्रस्थ क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं विश्व हिंदू परिषद के माननीय नीरज दौनेरिया मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, धर्म एवं सत्य की स्थापना के संदेश तथा राष्ट्र और समाज के प्रति कर्तव्य पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमूह का मार्गदर्शन किया।<br />
समारोह के दौरान विश्व हिंदू परिषद की स्थापना के उद्देश्य, संगठन की सामाजिक एवं धार्मिक भूमिका तथा हिंदू समाज की एकजुटता पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज को संगठित करने की प्रेरणा देता है।<br />
विश्व हिंदू परिषद चंडीगढ़ महानगर मंत्री अंकुश गुप्ता ने बताया कि कार्यक्रम में चंडीगढ़ एवं लुधियाना विभाग संगठन मंत्री विकास बिश्नोई, पंजाब प्रांत कार्यकारी सदस्य कर्नल धर्मवीर, चंडीगढ़ विभाग मंत्री प्रदीप शर्मा, सह मंत्री सुरेश राणा, विश्व हिंदू परिषद चंडीगढ़ महानगर के अध्यक्ष अरविंद मोदगिल, उपाध्यक्ष राकेश चौधरी, उपाध्यक्ष रेनू रोहिल्ला, सह मंत्री पंकज शर्मा, चंडीगढ़ गौ रक्षा प्रमुख जितेंद्र सनातनी, सह प्रमुख जितेंद्र रावत, बजरंग दल संयोजक राकेश उप्पल, सह संयोजक संयम सहित संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।<br />
समारोह के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओत-प्रोत वातावरण बना रहा। जय श्रीराम और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।<br />
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। आयोजन ने श्रद्धालुओं में धार्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्व की भावना को भी मजबूत किया।<br />
महंत मनोज शर्मा मनु जी महाराज ने कहा कि धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समारोह का संदेश स्पष्ट है कि सनातन संस्कृति की परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा राष्ट्रहित में समाज को संगठित करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43172.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Vishwa Hindu Parishad's Foundation Day and Shri Krishna Janmashtami celebrations observed with great enthusiasm and devotion.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/two-tunnels-on-the-manali-highway-are-ready-trial-runs-conducted-for-the-dayod-and-hanogi-tunnels-nhai-officials-and-jairam-thakur-inspected-the-siteswhen-will-vehicles-start-plying]]></guid>
                       <title><![CDATA[मनाली हाईवे की दो टनल तैयार , दयोड़ और हणोगी  टनल का ट्रायल , NHAI  अधिकारियों सुर जयराम ठाकुर ने किया निरिक्षण , कब से दौड़ेंगे वाहन ?]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/two-tunnels-on-the-manali-highway-are-ready-trial-runs-conducted-for-the-dayod-and-hanogi-tunnels-nhai-officials-and-jairam-thakur-inspected-the-siteswhen-will-vehicles-start-plying]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 07 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर दयोड़ से हणोगी के बीच बनी टनलों को लेकर बड़ी राहत की खबर है। NHAI अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने टनल का निरीक्षण किया और ट्रायल लिया।
NHAI ने एक टनल को अगले कुछ दिनों में ट्रायल बेस पर यातायात के लिए खोलने की तैयारी की है। शुरुआत में इसी एक टनल से दोनों तरफ के वाहन चलाए जाएंगे। दूसरी टनल का काम बाद में पूरा किया जाएगा।&nbsp;
हणोगी के पास पहाड़ी खिसकने से टनल के करीब 24 मीटर हिस्से को नुकसान पहुंचा था। इसकी मरम्मत पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।&nbsp;
टनल खुलने से कुल्लू-मनाली जाने वाले लोगों को पुराने खतरनाक और भूस्खलन वाले हाईवे से काफी राहत मिलेगी। साथ ही सफर भी आसान और सुरक्षित होने की उम्मीद है। दशहरे से पहले टनल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर दयोड़ से हणोगी के बीच बनी टनलों को लेकर बड़ी राहत की खबर है। NHAI अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने टनल का निरीक्षण किया और ट्रायल लिया।<br />
NHAI ने एक टनल को अगले कुछ दिनों में ट्रायल बेस पर यातायात के लिए खोलने की तैयारी की है। शुरुआत में इसी एक टनल से दोनों तरफ के वाहन चलाए जाएंगे। दूसरी टनल का काम बाद में पूरा किया जाएगा।&nbsp;<br />
हणोगी के पास पहाड़ी खिसकने से टनल के करीब 24 मीटर हिस्से को नुकसान पहुंचा था। इसकी मरम्मत पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।&nbsp;<br />
टनल खुलने से कुल्लू-मनाली जाने वाले लोगों को पुराने खतरनाक और भूस्खलन वाले हाईवे से काफी राहत मिलेगी। साथ ही सफर भी आसान और सुरक्षित होने की उम्मीद है। दशहरे से पहले टनल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43169.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Two tunnels on the Manali highway are ready; trial runs conducted for the Dayod and Hanogi tunnels. NHAI officials and Jairam Thakur inspected the sites—when will vehicles start plying?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/tragic-accident-in-kangra-college-student-killed-in-collision-between-hrtc-bus-and-bike]]></guid>
                       <title><![CDATA[काँगड़ा में दर्दनाक हादसा: HRTC बस और बाइक की टककर में कॉलेज छात्र की मौत   ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/tragic-accident-in-kangra-college-student-killed-in-collision-between-hrtc-bus-and-bike]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 07 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कांगड़ा: जसवां-परागपुर के चलाली में सोमवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां HRTC बस और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में 20 वर्षीय कॉलेज छात्र दीपक भारद्वाज की मौके पर ही मौत हो गई।&nbsp;
बताया जा रहा है कि दीपक रोज की तरह बाइक पर ढलियारा स्थित शिक्षण संस्थान जा रहा था। चलाली के एक तीखे मोड़ पर उसकी बाइक सामने से आ रही HRTC बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक की मौके पर ही जान चली गई।
सूचना मिलते ही मोइन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देहरा अस्पताल भेजा। पुलिस ने हादसे में शामिल HRTC बस को भी कब्जे में ले लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।&nbsp;
स्थानीय लोगों के अनुसार इस जगह पर पहले भी हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से ⁠स्पीड ब्रेकर और चेतावनी वाले साइन बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि आगे ऐसे हादसे रोके जा सकें।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कांगड़ा: जसवां-परागपुर के चलाली में सोमवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां HRTC बस और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में 20 वर्षीय कॉलेज छात्र दीपक भारद्वाज की मौके पर ही मौत हो गई।&nbsp;<br />
बताया जा रहा है कि दीपक रोज की तरह बाइक पर ढलियारा स्थित शिक्षण संस्थान जा रहा था। चलाली के एक तीखे मोड़ पर उसकी बाइक सामने से आ रही HRTC बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक की मौके पर ही जान चली गई।<br />
सूचना मिलते ही मोइन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देहरा अस्पताल भेजा। पुलिस ने हादसे में शामिल HRTC बस को भी कब्जे में ले लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।&nbsp;<br />
स्थानीय लोगों के अनुसार इस जगह पर पहले भी हादसे हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से ⁠स्पीड ब्रेकर और चेतावनी वाले साइन बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि आगे ऐसे हादसे रोके जा सकें।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43168.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Tragic accident in Kangra: College student killed in collision between HRTC bus and bike.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/lottery-system-adopted-for-agricultural-equipment-subsidies-farmers-not-guaranteed-aid-even-after-applying]]></guid>
                       <title><![CDATA[कृषि उपकरणों पर सब्सिडी के लिए अब लॉटरी का सहारा, आवेदन के बाद भी किसानों को पक्की नहीं मदद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/lottery-system-adopted-for-agricultural-equipment-subsidies-farmers-not-guaranteed-aid-even-after-applying]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 07 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला: हिमाचल में कृषि उपकरणों पर सब्सिडी लेने वाले किसानों के लिए व्यवस्था बदल दी गई है। अब सिर्फ आवेदन करने से सब्सिडी मिलना तय नहीं होगा। अगर तय लक्ष्य से ज्यादा आवेदन आते हैं तो कृषि विभाग लॉटरी के जरिए किसानों का चयन करेगा।
पहले सब्सिडी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलती थी। नई व्यवस्था से किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि अब सब्सिडी मिलना किस्मत पर निर्भर हो गया है।
एक किसान एक साल में अधिकतम दो कृषि उपकरणों के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद पांच साल तक दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकेगा।
योजना के तहत ट्रैक्टर, पावर टिलर, पावर वीडर, क्रॉप रीपर और रोटावेटर जैसे उपकरणों पर सब्सिडी दी जाती है। पात्र किसानों को उपकरणों पर 40 से 50 फीसदी तक अनुदान मिलता है।
किसान नेताओं ने लॉटरी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि सब्सिडी का लाभ आवेदन और जरूरत के आधार पर मिलना चाहिए, लॉटरी के भरोसे नहीं।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला: हिमाचल में कृषि उपकरणों पर सब्सिडी लेने वाले किसानों के लिए व्यवस्था बदल दी गई है। अब सिर्फ आवेदन करने से सब्सिडी मिलना तय नहीं होगा। अगर तय लक्ष्य से ज्यादा आवेदन आते हैं तो कृषि विभाग लॉटरी के जरिए किसानों का चयन करेगा।<br />
पहले सब्सिडी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलती थी। नई व्यवस्था से किसानों में नाराजगी है। किसानों का कहना है कि अब सब्सिडी मिलना किस्मत पर निर्भर हो गया है।<br />
एक किसान एक साल में अधिकतम दो कृषि उपकरणों के लिए आवेदन कर सकता है। इसके बाद पांच साल तक दोबारा आवेदन नहीं किया जा सकेगा।<br />
योजना के तहत ट्रैक्टर, पावर टिलर, पावर वीडर, क्रॉप रीपर और रोटावेटर जैसे उपकरणों पर सब्सिडी दी जाती है। पात्र किसानों को उपकरणों पर 40 से 50 फीसदी तक अनुदान मिलता है।<br />
किसान नेताओं ने लॉटरी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार से व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि सब्सिडी का लाभ आवेदन और जरूरत के आधार पर मिलना चाहिए, लॉटरी के भरोसे नहीं।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43165.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Lottery system adopted for agricultural equipment subsidies; farmers not guaranteed aid even after applying.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news-update/himachal/promotions-galore-at-himachal-secretariat-18-senior-assistants-promoted-to-superintendent-grade-ii-set-to-shoulder-major-responsibilities]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल सचिवालय में प्रमोशन की सौगात! 18 सीनियर असिस्टेंट बने सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II, अब संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/news-update/himachal/promotions-galore-at-himachal-secretariat-18-senior-assistants-promoted-to-superintendent-grade-ii-set-to-shoulder-major-responsibilities]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 04 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कर्मचारियों को प्रमोशन की सौगात मिली है। सचिवालय में कार्यरत 18 सीनियर असिस्टेंट को सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II के पद पर पदोन्नति दी गई है। इस प्रमोशन के बाद अब ये कर्मचारी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
सरकार की ओर से जारी आदेशों के तहत इन कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे सीनियर असिस्टेंट अब सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II के तौर पर विभागीय कामकाज को आगे बढ़ाएंगे। प्रमोशन मिलने से कर्मचारियों में भी खुशी का माहौल है।
नई जिम्मेदारी के तहत पदोन्नत कर्मचारियों को कार्यालयी कार्यों की निगरानी, फाइलों के निपटारे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण काम संभालने होंगे। इससे सचिवालय के कामकाज में भी जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा होने की उम्मीद है।
प्रमोशन को कर्मचारियों के अनुभव और सेवाओं की मान्यता के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों ने इसे अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p>हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कर्मचारियों को प्रमोशन की सौगात मिली है। सचिवालय में कार्यरत 18 सीनियर असिस्टेंट को सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II के पद पर पदोन्नति दी गई है। इस प्रमोशन के बाद अब ये कर्मचारी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।<br />
सरकार की ओर से जारी आदेशों के तहत इन कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे सीनियर असिस्टेंट अब सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-II के तौर पर विभागीय कामकाज को आगे बढ़ाएंगे। प्रमोशन मिलने से कर्मचारियों में भी खुशी का माहौल है।<br />
नई जिम्मेदारी के तहत पदोन्नत कर्मचारियों को कार्यालयी कार्यों की निगरानी, फाइलों के निपटारे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण काम संभालने होंगे। इससे सचिवालय के कामकाज में भी जिम्मेदारियों का बेहतर बंटवारा होने की उम्मीद है।<br />
प्रमोशन को कर्मचारियों के अनुभव और सेवाओं की मान्यता के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों ने इसे अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है।</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43157.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Promotions Galore at Himachal Secretariat! 18 Senior Assistants Promoted to Superintendent Grade-II; Set to Shoulder Major Responsibilities.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/torrential-rain-wreaks-havoc-in-solans-jabli-a-sudden-surge-of-water-crashes-into-a-shop-shopkeeper-narrowly-escapes-by-running-for-his-life-video-goes-viral]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन के जाबली में बारिश का तांडव! दुकान पर अचानक टूटा पानी का सैलाब, भागकर दुकानदार ने बचाई जान; वीडियो वायरल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/torrential-rain-wreaks-havoc-in-solans-jabli-a-sudden-surge-of-water-crashes-into-a-shop-shopkeeper-narrowly-escapes-by-running-for-his-life-video-goes-viral]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 03 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[धर्मपुर क्षेत्र के जाबली में गुरुवार सुबह तेज बारिश के दौरान अचानक भारी मात्रा में पानी दुकान की ओर आ गया। पानी का तेज बहाव देखकर दुकान में मौजूद दुकानदार ने बिना देर किए बाहर भागकर अपनी जान बचाई!

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दुकानदार जैसे ही दुकान से बाहर निकलता है, उसके कुछ ही सेकंड बाद दुकान के ऊपर से पानी का तेज सैलाब नीचे की ओर आता है। अचानक आए पानी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।&nbsp;
बताया जा रहा है कि सुबह हुई भारी बारिश के बाद जाबली और आसपास के इलाकों में कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। फोरलेन की ओर से बहकर आया बारिश का पानी दुकानों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।&nbsp;
बारिश के कारण धर्मपुर क्षेत्र में जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पानी और मलबे के कारण आवाजाही बाधित हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।&nbsp;
जाबली की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान कुछ ही मिनटों में हालात किस तरह खतरनाक हो सकते हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">धर्मपुर क्षेत्र के जाबली में गुरुवार सुबह तेज बारिश के दौरान अचानक भारी मात्रा में पानी दुकान की ओर आ गया। पानी का तेज बहाव देखकर दुकान में मौजूद दुकानदार ने बिना देर किए बाहर भागकर अपनी जान बचाई!</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दुकानदार जैसे ही दुकान से बाहर निकलता है, उसके कुछ ही सेकंड बाद दुकान के ऊपर से पानी का तेज सैलाब नीचे की ओर आता है। अचानक आए पानी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।&nbsp;<br />
बताया जा रहा है कि सुबह हुई भारी बारिश के बाद जाबली और आसपास के इलाकों में कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई। फोरलेन की ओर से बहकर आया बारिश का पानी दुकानों तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।&nbsp;<br />
बारिश के कारण धर्मपुर क्षेत्र में जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पानी और मलबे के कारण आवाजाही बाधित हुई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।&nbsp;<br />
जाबली की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान कुछ ही मिनटों में हालात किस तरह खतरनाक हो सकते हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43154.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Torrential rain wreaks havoc in Solan's Jabli! A sudden surge of water crashes into a shop; shopkeeper narrowly escapes by running for his life; video goes viral.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/drug-trade-busted-in-baddi-nalagarh-25-million-intoxicating-pills-recovered-over-2000-kg-of-powder-seized]]></guid>
                       <title><![CDATA[बद्दी- नालागढ़ में नशे का कला कारोबार धवस्त !25 लाख नशीली गोलियां बरामद ,2 हज़ार किलो से ज़ादा पाउडर जब्त ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/drug-trade-busted-in-baddi-nalagarh-25-million-intoxicating-pills-recovered-over-2000-kg-of-powder-seized]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 03 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
सोलन: हिमाचल प्रदेश के फार्मा हब बद्दी-नालागढ़ में नशे के कथित अवैध कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ी कार्रवाई की है। NCB की चंडीगढ़ यूनिट ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 25 लाख नशीली/आदत लगाने वाली दवाओं की गोलियां और 2,000 किलोग्राम से अधिक टैपेंटाडोल बरामद किया है।
यह कार्रवाई सोमवार देर रात शुरू हुई और मंगलवार शाम तक जारी रही। NCB टीम ने नालागढ़ के जगातखाना गांव में किराये पर ली गई तीन दुकानों और बद्दी स्थित एक अनधिकृत गोदाम समेत कई स्थानों की तलाशी ली। कार्रवाई में हिमाचल प्रदेश राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन के छह ड्रग इंस्पेक्टर और पंजाब पुलिस के एक विशेषज्ञ ने भी सहयोग किया।
जांच में सामने आया कि जगातखाना स्थित शारिका बायोटेक में कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति के टैपेंटाडोल का निर्माण किया जा रहा था। कंपनी परिसर से करीब 40 किलो वजन वाले 30 ड्रम भी बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित यूनिट पहले भी निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर जांच के घेरे में रह चुकी है और फरवरी तक सील थी।
जांच में सामने आया कि जगातखाना स्थित शारिका बायोटेक में कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति के टैपेंटाडोल का निर्माण किया जा रहा था। कंपनी परिसर से करीब 40 किलो वजन वाले 30 ड्रम भी बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित यूनिट पहले भी निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर जांच के घेरे में रह चुकी है और फरवरी तक सील थी।
छापेमारी के बाद NCB ने फार्मा कंपनी के मालिक गौरव अग्रवाल को बद्दी स्थित उसके आवास से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 25 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए। एजेंसी अब दवाओं के निर्माण, भंडारण और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
NCB को शक है कि वैध चिकित्सा इस्तेमाल के लिए बनाई जाने वाली दवाओं को कथित तौर पर अवैध बाजार में पहुंचाने वाला बहुराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग डायवर्जन नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसी दवाओं की सप्लाई, खरीद-बिक्री, वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल को भी खंगाल रही है।
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में नशीली और नकली दवाओं को लेकर पहले भी कई बड़ी कार्रवाई हो चुकी हैं। हाल के दिनों में भी बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां और दवाएं बरामद की गई हैं। इससे फार्मा हब में दवाओं के कथित अवैध डायवर्जन को लेकर सुरक्षा और नियामक एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।&nbsp;
फिलहाल NCB की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां सप्लाई की जानी थीं और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">सोलन: हिमाचल प्रदेश के फार्मा हब बद्दी-नालागढ़ में नशे के कथित अवैध कारोबार के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बड़ी कार्रवाई की है। NCB की चंडीगढ़ यूनिट ने कई ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 25 लाख नशीली/आदत लगाने वाली दवाओं की गोलियां और 2,000 किलोग्राम से अधिक टैपेंटाडोल बरामद किया है।<br />
यह कार्रवाई सोमवार देर रात शुरू हुई और मंगलवार शाम तक जारी रही। NCB टीम ने नालागढ़ के जगातखाना गांव में किराये पर ली गई तीन दुकानों और बद्दी स्थित एक अनधिकृत गोदाम समेत कई स्थानों की तलाशी ली। कार्रवाई में हिमाचल प्रदेश राज्य औषधि नियंत्रण प्रशासन के छह ड्रग इंस्पेक्टर और पंजाब पुलिस के एक विशेषज्ञ ने भी सहयोग किया।<br />
जांच में सामने आया कि जगातखाना स्थित शारिका बायोटेक में कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति के टैपेंटाडोल का निर्माण किया जा रहा था। कंपनी परिसर से करीब 40 किलो वजन वाले 30 ड्रम भी बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित यूनिट पहले भी निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर जांच के घेरे में रह चुकी है और फरवरी तक सील थी।<br />
जांच में सामने आया कि जगातखाना स्थित शारिका बायोटेक में कथित तौर पर बिना जरूरी अनुमति के टैपेंटाडोल का निर्माण किया जा रहा था। कंपनी परिसर से करीब 40 किलो वजन वाले 30 ड्रम भी बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित यूनिट पहले भी निर्माण संबंधी अनियमितताओं को लेकर जांच के घेरे में रह चुकी है और फरवरी तक सील थी।<br />
छापेमारी के बाद NCB ने फार्मा कंपनी के मालिक गौरव अग्रवाल को बद्दी स्थित उसके आवास से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई के दौरान करीब 25 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए। एजेंसी अब दवाओं के निर्माण, भंडारण और सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।<br />
NCB को शक है कि वैध चिकित्सा इस्तेमाल के लिए बनाई जाने वाली दवाओं को कथित तौर पर अवैध बाजार में पहुंचाने वाला बहुराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग डायवर्जन नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसी दवाओं की सप्लाई, खरीद-बिक्री, वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल को भी खंगाल रही है।<br />
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र में नशीली और नकली दवाओं को लेकर पहले भी कई बड़ी कार्रवाई हो चुकी हैं। हाल के दिनों में भी बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां और दवाएं बरामद की गई हैं। इससे फार्मा हब में दवाओं के कथित अवैध डायवर्जन को लेकर सुरक्षा और नियामक एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।&nbsp;<br />
फिलहाल NCB की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां सप्लाई की जानी थीं और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43149.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Drug trade busted in Baddi-Nalagarh! 2.5 million intoxicating pills recovered; over 2,000 kg of powder seized.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/health/news-update/hospital-negligence-in-himachal-oxygen-ran-out-90-year-old-woman-writhed-in-agony-for-two-hours-nurse-accused-of-misconduct-uproar-at-the-hospital]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में अस्पताल की लापरवाही ? ऑक्सीजन खत्म , 90 साल की वृद्धा 2  घंटे तक तड़पती रही : नर्स पर बदसलूकी का आरोप, अस्पताल में हंगामा ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/health/news-update/hospital-negligence-in-himachal-oxygen-ran-out-90-year-old-woman-writhed-in-agony-for-two-hours-nurse-accused-of-misconduct-uproar-at-the-hospital]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 03 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
पांवटा साहिब (सिरमौर): सिविल अस्पताल पांवटा साहिब की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है
जानकारी के मुताबिक, गिरिपार क्षेत्र के बाईला-गुजोन गांव की मुंगा देवी अस्पताल के फीमेल वार्ड में उपचाराधीन हैं। परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे उनका ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी स्टाफ से नया सिलिंडर लगाने का आग्रह किया, लेकिन करीब 5 बजे तक ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। इस दौरान वृद्धा को सांस लेने में परेशानी होती रही।
परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने दोबारा ऑक्सीजन लगाने की मांग की तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और पुलिस बुलाने की धमकी दी गई। एक शिकायत में तीमारदारों को वार्ड के दरवाजे से बाहर धक्का देने और अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिजनों का दावा है कि कथित बदसलूकी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास है। अस्पताल में तत्काल सुनवाई नहीं होने पर परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और ऑक्सीजन सिलिंडर बदलकर वृद्धा को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई गई।&nbsp;
मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन डॉ. राकेश प्रताप ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है तो इसकी जानकारी जुटाकर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में ऑक्सीजन उपलब्द करवाने में हुई देरी और नर्स पर लगाए गए बदसलूकी के आरोपों की जांच बाकी है I सम्बंधित&nbsp; स्टाफ पक्ष सामने आने के बाद ही स्तिथि पूरी तरह स्पष्ट होगी I


]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<pre aria-label="Translated text: Hospital negligence in Himachal? Oxygen ran out, 90-year-old woman writhed in agony for two hours; nurse accused of misconduct, uproar at the hospital." class="tw-data-text tw-text-large tw-ta" data-placeholder="Translation" data-ved="2ahUKEwjIpM376tGWAxWe2TgGHXPnHDEQ3ewLegQIDxAV" dir="ltr" id="tw-target-text" role="text" style="font-size: 28px; line-height: 36px; background-color: rgb(248, 249, 250); border-width: medium; border-style: none; border-color: currentcolor; border-image: none; padding: 2px 0.14em 2px 0px; position: relative; margin: -2px 0px; resize: none; font-family: inherit; overflow: hidden; width: 619.896px; outline: 0px; color: rgb(31, 31, 31);" tabindex="-1">
<span style="font-size:18px;">पांवटा साहिब (सिरमौर): सिविल अस्पताल पांवटा साहिब की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है
जानकारी के मुताबिक, गिरिपार क्षेत्र के बाईला-गुजोन गांव की मुंगा देवी अस्पताल के फीमेल वार्ड में उपचाराधीन हैं। परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे उनका ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी स्टाफ से नया सिलिंडर लगाने का आग्रह किया, लेकिन करीब 5 बजे तक ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। इस दौरान वृद्धा को सांस लेने में परेशानी होती रही।
परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने दोबारा ऑक्सीजन लगाने की मांग की तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और पुलिस बुलाने की धमकी दी गई। एक शिकायत में तीमारदारों को वार्ड के दरवाजे से बाहर धक्का देने और अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिजनों का दावा है कि कथित बदसलूकी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास है। अस्पताल में तत्काल सुनवाई नहीं होने पर परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और ऑक्सीजन सिलिंडर बदलकर वृद्धा को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई गई।&nbsp;
मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन डॉ. राकेश प्रताप ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है तो इसकी जानकारी जुटाकर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में ऑक्सीजन उपलब्द करवाने में हुई देरी और नर्स पर लगाए गए बदसलूकी के आरोपों की जांच बाकी है I सम्बंधित&nbsp; स्टाफ पक्ष सामने आने के बाद ही स्तिथि पूरी तरह स्पष्ट होगी I
</span>
</pre>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43148.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Hospital negligence in Himachal? Oxygen ran out, 90-year-old woman writhed in agony for two hours; nurse accused of misconduct, uproar at the hospital.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/a-66-year-democratic-journey-tibetan-democracy-celebrated-in-dharamshala-tribute-paid-to-the-dalai-lamas-contribution]]></guid>
                       <title><![CDATA[66 साल का लोकतांत्रिक सफर !धर्मशाला में तिब्बत लोकतंत्र का जशन, दलाई लामा के योगदान को किया नमन ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/a-66-year-democratic-journey-tibetan-democracy-celebrated-in-dharamshala-tribute-paid-to-the-dalai-lamas-contribution]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[धर्मशाला: तिब्बती लोकतंत्र की स्थापना के 66 वर्ष पूरे होने पर धर्मशाला में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मैकलोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मंदिर में हुए इस कार्यक्रम में तिब्बती लोकतांत्रिक व्यवस्था के विकास और परम पावन दलाई लामा के योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में निर्वासित तिब्बती सरकार की ओर से मेधावी विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही तिब्बती कलाकारों और बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में रंग भर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद लोगों का खूब ध्यान खींचा।
कार्यक्रम के दौरान तिब्बती संस्कृति, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सिक्योंग पेपा त्सेरिंग ने कहा कि तिब्बती लोकतंत्र दलाई लामा की दूरदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों तक लोकतंत्र के इन मूल्यों को पहुंचाना सभी तिब्बतियों की जिम्मेदारी है।
बताया गया कि 2 सितंबर 1960 को पहली तिब्बती जनप्रतिनिधि सभा के गठन के साथ तिब्बती लोकतांत्रिक सरकार की औपचारिक शुरुआत हुई थी। इसके बाद 1991 में निर्वासित तिब्बती प्रशासन को लिखित संविधान आधारित आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदला गया और वर्ष 2001 से राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष चुनाव की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम के अंत में निर्वासित तिब्बती संसद ने भारत सरकार और भारतीय जनता के सहयोग के लिए आभार जताया और दलाई लामा की दीर्घायु तथा तिब्बत मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान की कामना की।&nbsp;&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">धर्मशाला: तिब्बती लोकतंत्र की स्थापना के 66 वर्ष पूरे होने पर धर्मशाला में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। मैकलोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मंदिर में हुए इस कार्यक्रम में तिब्बती लोकतांत्रिक व्यवस्था के विकास और परम पावन दलाई लामा के योगदान को याद किया गया।<br />
कार्यक्रम में निर्वासित तिब्बती सरकार की ओर से मेधावी विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही तिब्बती कलाकारों और बच्चों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में रंग भर दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद लोगों का खूब ध्यान खींचा।<br />
कार्यक्रम के दौरान तिब्बती संस्कृति, परंपरा और लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सिक्योंग पेपा त्सेरिंग ने कहा कि तिब्बती लोकतंत्र दलाई लामा की दूरदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम है।<br />
उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों तक लोकतंत्र के इन मूल्यों को पहुंचाना सभी तिब्बतियों की जिम्मेदारी है।<br />
बताया गया कि 2 सितंबर 1960 को पहली तिब्बती जनप्रतिनिधि सभा के गठन के साथ तिब्बती लोकतांत्रिक सरकार की औपचारिक शुरुआत हुई थी। इसके बाद 1991 में निर्वासित तिब्बती प्रशासन को लिखित संविधान आधारित आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदला गया और वर्ष 2001 से राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष चुनाव की शुरुआत हुई।<br />
कार्यक्रम के अंत में निर्वासित तिब्बती संसद ने भारत सरकार और भारतीय जनता के सहयोग के लिए आभार जताया और दलाई लामा की दीर्घायु तथा तिब्बत मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान की कामना की।&nbsp;&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43145.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[A 66-year democratic journey! Tibetan democracy celebrated in Dharamshala; tribute paid to the Dalai Lama's contribution.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item></channel>
            </rss>