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               <title>First Verdict Media - News update</title>
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               <lastBuildDate><![CDATA[Fri, 26 Jun 2026 02:01:56 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - News update</title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/news-update/himachal/recruitment-of-656-drivers-at-a-daily-wage-of-1500-begins-at-hrtc-government-takes-a-tough-stance-on-the-strike]]></guid>
                       <title><![CDATA[HRTC में ₹1500 प्रतिदिन वेतन पर 656 ड्राइवरों की भर्ती शुरू, हड़ताल पर सरकार सख्त]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/news-update/himachal/recruitment-of-656-drivers-at-a-daily-wage-of-1500-begins-at-hrtc-government-takes-a-tough-stance-on-the-strike]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[





हिमाचल प्रदेश में HRTC कर्मचारियों द्वारा 25 जून से प्रस्तावित हड़ताल को लेकर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए निगम की सेवाओं को आवश्यक सेवा घोषित कर दिया है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से &#39;एस्मा&#39; (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है, जिसके तहत HRTC कर्मियों की हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेशों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

सरकार का कहना है कि प्रदेशभर में लाखों यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। इसी उद्देश्य से HRTC प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अस्थायी ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। निगम ने रिकॉर्ड समय में भर्ती नीति तैयार करते हुए राज्य के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालयों में 24 जून को दोपहर 12 बजे से वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करने का निर्णय लिया है।

इस भर्ती अभियान के तहत प्रदेश के 31 डिपो के लिए लगभग 656 अस्थायी ड्राइवरों की नियुक्ति की जाएगी। भर्ती के लिए अभ्यर्थियों के पास मैट्रिक उत्तीर्ण प्रमाणपत्र, वैध HTV/HMV ड्राइविंग लाइसेंस तथा भारी वाहन चलाने का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य रखा गया है।

सरकार और HRTC कर्मचारी यूनियनों के बीच लंबित वित्तीय देयों को लेकर जारी विवाद के बीच यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इन व्यवस्थाओं के माध्यम से बस सेवाओं को सुचारू बनाए रखा जाएगा और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं, कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।






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                       <content:encoded><![CDATA[<div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
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<p data-end="581" data-start="184"><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश में HRTC कर्मचारियों द्वारा 25 जून से प्रस्तावित हड़ताल को लेकर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए निगम की सेवाओं को आवश्यक सेवा घोषित कर दिया है। सरकार ने तत्काल प्रभाव से &#39;एस्मा&#39; (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है, जिसके तहत HRTC कर्मियों की हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। आदेशों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।</span></p>

<p data-end="998" data-start="583"><span style="font-size:16px;">सरकार का कहना है कि प्रदेशभर में लाखों यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। इसी उद्देश्य से HRTC प्रबंधन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अस्थायी ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। निगम ने रिकॉर्ड समय में भर्ती नीति तैयार करते हुए राज्य के सभी क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालयों में 24 जून को दोपहर 12 बजे से वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करने का निर्णय लिया है।</span></p>

<p data-end="1263" data-start="1000"><span style="font-size:16px;">इस भर्ती अभियान के तहत प्रदेश के 31 डिपो के लिए लगभग 656 अस्थायी ड्राइवरों की नियुक्ति की जाएगी। भर्ती के लिए अभ्यर्थियों के पास मैट्रिक उत्तीर्ण प्रमाणपत्र, वैध HTV/HMV ड्राइविंग लाइसेंस तथा भारी वाहन चलाने का कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य रखा गया है।</span></p>

<p data-end="1630" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="1265"><span style="font-size:16px;">सरकार और HRTC कर्मचारी यूनियनों के बीच लंबित वित्तीय देयों को लेकर जारी विवाद के बीच यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि इन व्यवस्थाओं के माध्यम से बस सेवाओं को सुचारू बनाए रखा जाएगा और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं, कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।</span></p>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Recruitment of 656 drivers at a daily wage of ₹1,500 begins at HRTC; government takes a tough stance on the strike.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/breaking-news/news-update/himachal/hrtc-operations-to-halt-from-tonight-government-invokes-esma-against-employees-agitation]]></guid>
                       <title><![CDATA[आज रात से थमेंगे HRTC के पहिए, कर्मचारियों के आंदोलन पर सरकार ने लगाया एस्मा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/breaking-news/news-update/himachal/hrtc-operations-to-halt-from-tonight-government-invokes-esma-against-employees-agitation]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 24 जून की मध्यरात्रि से &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेशभर में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह तक एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और इसके बाधित होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे पारंपरिक हड़ताल नहीं कर रहे हैं, बल्कि &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; के तहत ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

एचआरटीसी की करीब 2800 बसें प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं देती हैं। ऐसे में यदि आंदोलन जारी रहता है तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size: 16px;">हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 24 जून की मध्यरात्रि से &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेशभर में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह तक एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और इसके बाधित होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे पारंपरिक हड़ताल नहीं कर रहे हैं, बल्कि &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; के तहत ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">एचआरटीसी की करीब 2800 बसें प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं देती हैं। ऐसे में यदि आंदोलन जारी रहता है तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[HRTC operations to halt from tonight; government invokes ESMA against employees' agitation.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/major-decision-on-kishau-dam-project-himachal-to-receive-100-crore-units-of-electricity-consensus-reached-on-reducing-financial-burden-by-2000-crore]]></guid>
                       <title><![CDATA[किशाऊ बांध परियोजना पर बड़ा फैसला: हिमाचल को मिलेगी 100 करोड़ यूनिट बिजली, 2,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ घटाने पर बनी सहमति]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/major-decision-on-kishau-dam-project-himachal-to-receive-100-crore-units-of-electricity-consensus-reached-on-reducing-financial-burden-by-2000-crore]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के लिए बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए लंबे समय से लंबित वित्तीय मुद्दों को उठाया। बैठक के दौरान लगभग आठ वर्षों से लागत वहन को लेकर अटकी हुई 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जाता है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करेंगे। इससे हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा और राज्य को परियोजना से मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लगातार केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह सकारात्मक पहल सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया और प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास किए। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े विकासात्मक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करना और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव को कम करना आवश्यक है।

किशाऊ बांध परियोजना के पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी प्राप्त होगी। मौजूदा बिजली दरों के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगी, जिससे राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा दीर्घकालिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों पर सहमति बनाई गई। राज्य सरकार ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना के क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र और राजस्व में दीर्घकालिक लाभ देखने को मिलेंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश के लिए बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए लंबे समय से लंबित वित्तीय मुद्दों को उठाया। बैठक के दौरान लगभग आठ वर्षों से लागत वहन को लेकर अटकी हुई 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जाता है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करेंगे। इससे हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा और राज्य को परियोजना से मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लगातार केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह सकारात्मक पहल सामने आई है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया और प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास किए। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े विकासात्मक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करना और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव को कम करना आवश्यक है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">किशाऊ बांध परियोजना के पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी प्राप्त होगी। मौजूदा बिजली दरों के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगी, जिससे राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा दीर्घकालिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों पर सहमति बनाई गई। राज्य सरकार ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना के क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र और राजस्व में दीर्घकालिक लाभ देखने को मिलेंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Major decision on Kishau Dam project: Himachal to receive 100 crore units of electricity; consensus reached on reducing financial burden by ₹2,000 crore.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/the-first-phase-of-census-2027-in-himachal-pradesh-starts-today-door-to-door-survey-will-continue-until-july-15]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण आज से शुरू, 15 जुलाई तक चलेगा घर-घर सर्वे]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/the-first-phase-of-census-2027-in-himachal-pradesh-starts-today-door-to-door-survey-will-continue-until-july-15]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण मंगलवार, 16 जून से शुरू हो गया है। इस चरण के तहत राज्यभर में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का कार्य 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। पहली बार इस प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संग्रहण और सत्यापन अधिक तेज और पारदर्शी होगा।

अधिकारियों के अनुसार इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवार की संरचना, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस सहित विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दलों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित हो सके।

जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और विभिन्न कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार साबित होते हैं। इसलिए इसे देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायदों में से एक माना जाता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण मंगलवार, 16 जून से शुरू हो गया है। इस चरण के तहत राज्यभर में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का कार्य 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। पहली बार इस प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संग्रहण और सत्यापन अधिक तेज और पारदर्शी होगा।</span></span></p>

<p><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">अधिकारियों के अनुसार इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवार की संरचना, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस सहित विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दलों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित हो सके।</span></span></p>

<p><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और विभिन्न कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार साबित होते हैं। इसलिए इसे देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायदों में से एक माना जाता है।</span></span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43028.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[The first phase of Census-2027 in Himachal Pradesh starts today, door-to-door survey will continue until July 15]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news-update/himachal/changes-in-panchayati-raj-rules-suggestions-will-be-sought-from-the-public-what-other-important-decisions-did-the-cabinet-take]]></guid>
                       <title><![CDATA[पंचायती राज नियमों में बदलाव, जनता से मांगे जाएंगे सुझाव, कैबिनेट ने और क्या लिए अहम फैसले]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news-update/himachal/changes-in-panchayati-raj-rules-suggestions-will-be-sought-from-the-public-what-other-important-decisions-did-the-cabinet-take]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 07 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। प्रस्ताव के अनुसार, जो पंचायतें बेस ईयर 2010 से लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में फिर से आरक्षित नहीं किया जाएगा। कैबिनेट ने सोशल सिक्योरिटी पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत &lsquo;बेसहारा&rsquo; शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और लाभ लेने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए नियमों के अनुसार जिन महिलाओं को उनके पति ने छोड़ दिया है, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनके पास आय का कोई अलग स्रोत नहीं है, उन्हें बेसहारा महिला माना जाएगा।

सरकार ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है, जिससे राज्य के बच्चों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने वन-टाइम एमनेस्टी स्कीम का लाभ लेने के बावजूद शुरू न हो सके 15 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स को रद्द करने की मंजूरी दी। साथ ही मंडी जिले के पंडोह में 10 मेगावाट का छोटा जलविद्युत परियोजना भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को आवंटित करने का निर्णय लिया गया है, बशर्ते बोर्ड राज्य सरकार को अनुपयोगी जमीन वापस करेगा। इसके बदले राज्य को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत बिजली अपने हिस्से के रूप में मिलेगी। कैबिनेट ने सिंगल विलेज और मल्टी विलेज जल योजनाओं के इन-विलेज इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्राम पंचायतों को सौंपने के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस पॉलिसी को मंजूरी दी।

दूध उत्पादकों को संगठित करने के लिए कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के डेयरी किसानों को मिलाकर धगवार में रीजनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड बनाने की स्वीकृति दी गई। धगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के संचालन और प्रबंधन के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कैबिनेट ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ रूट पर हेली-टैक्सी सेवा की उड़ानों को सप्ताह में तीन से बढ़ाकर 12 करने का फैसला किया। अब सप्ताह में छह दिन रोज़ दो उड़ानें संचालित होंगी और राज्य सरकार ऑपरेशन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग देगी। जल शक्ति विभाग में जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन केंद्र से फंड न मिलने के कारण राज्य के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा विभाग के सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 जूनियर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने को मंजूरी दी। वहीं सहकारिता विभाग में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के दो और इंस्पेक्टर कोऑपरेटिव सोसाइटीज के 30 पद भरने की अनुमति दी गई। शिक्षा विभाग के स्पोर्ट्स हॉस्टलों में 16 कोचों की भर्ती को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही हमीरपुर जिले के खरड़ी स्थित स्पोर्ट्स हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 100 बेड करने और इसका नाम स्टेट लेवल स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रखने का फैसला किया गया। कैबिनेट ने ऊना जिले के गगरेट में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिस स्थापित करने, नूरपुर में पुलिस पोस्ट कोटला को पुलिस स्टेशन में अपग्रेड करने और टाहलीवाल में फायर पोस्ट को सब फायर स्टेशन में बदलने को भी मंजूरी दी।

शिमला जिले की कोटखाई तहसील के मौजा कुफ्टू और सिरमौर जिले के पांवटा साहिब तहसील के मौजा हरिपुर टोहाना में जमीन केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया।मंत्रिमंडल ने लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के लिए वर्ष 2016 में चयनित बचे सात उम्मीदवारों को पटवारी के रिक्त पदों पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश लीज नियम, 2013 में संशोधन कर हिमुडा को 80 वर्ष तक की भूमि लीज देने की अनुमति भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत उन पार्ट-टाइम वाटर कैरियर्स की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। प्रस्ताव के अनुसार, जो पंचायतें बेस ईयर 2010 से लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में फिर से आरक्षित नहीं किया जाएगा। कैबिनेट ने सोशल सिक्योरिटी पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत &lsquo;बेसहारा&rsquo; शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और लाभ लेने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए नियमों के अनुसार जिन महिलाओं को उनके पति ने छोड़ दिया है, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनके पास आय का कोई अलग स्रोत नहीं है, उन्हें बेसहारा महिला माना जाएगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सरकार ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है, जिससे राज्य के बच्चों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने वन-टाइम एमनेस्टी स्कीम का लाभ लेने के बावजूद शुरू न हो सके 15 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स को रद्द करने की मंजूरी दी। साथ ही मंडी जिले के पंडोह में 10 मेगावाट का छोटा जलविद्युत परियोजना भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को आवंटित करने का निर्णय लिया गया है, बशर्ते बोर्ड राज्य सरकार को अनुपयोगी जमीन वापस करेगा। इसके बदले राज्य को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत बिजली अपने हिस्से के रूप में मिलेगी। कैबिनेट ने सिंगल विलेज और मल्टी विलेज जल योजनाओं के इन-विलेज इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्राम पंचायतों को सौंपने के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस पॉलिसी को मंजूरी दी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दूध उत्पादकों को संगठित करने के लिए कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के डेयरी किसानों को मिलाकर धगवार में रीजनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड बनाने की स्वीकृति दी गई। धगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के संचालन और प्रबंधन के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कैबिनेट ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ रूट पर हेली-टैक्सी सेवा की उड़ानों को सप्ताह में तीन से बढ़ाकर 12 करने का फैसला किया। अब सप्ताह में छह दिन रोज़ दो उड़ानें संचालित होंगी और राज्य सरकार ऑपरेशन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग देगी। जल शक्ति विभाग में जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन केंद्र से फंड न मिलने के कारण राज्य के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा विभाग के सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 जूनियर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने को मंजूरी दी। वहीं सहकारिता विभाग में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के दो और इंस्पेक्टर कोऑपरेटिव सोसाइटीज के 30 पद भरने की अनुमति दी गई। शिक्षा विभाग के स्पोर्ट्स हॉस्टलों में 16 कोचों की भर्ती को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही हमीरपुर जिले के खरड़ी स्थित स्पोर्ट्स हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 100 बेड करने और इसका नाम स्टेट लेवल स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रखने का फैसला किया गया। कैबिनेट ने ऊना जिले के गगरेट में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिस स्थापित करने, नूरपुर में पुलिस पोस्ट कोटला को पुलिस स्टेशन में अपग्रेड करने और टाहलीवाल में फायर पोस्ट को सब फायर स्टेशन में बदलने को भी मंजूरी दी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला जिले की कोटखाई तहसील के मौजा कुफ्टू और सिरमौर जिले के पांवटा साहिब तहसील के मौजा हरिपुर टोहाना में जमीन केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया।मंत्रिमंडल ने लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के लिए वर्ष 2016 में चयनित बचे सात उम्मीदवारों को पटवारी के रिक्त पदों पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश लीज नियम, 2013 में संशोधन कर हिमुडा को 80 वर्ष तक की भूमि लीज देने की अनुमति भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत उन पार्ट-टाइम वाटर कैरियर्स की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42631.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Changes-in-Panchayati-Raj-rules-suggestions-will-be-sought-from-the-public-what-other-important-decisions-did-the-cabinet-take?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/news-update/delhi-court-pm-modis-degree-will-not-be-made-public-delhi-high-court-rejects-cic-order]]></guid>
                       <title><![CDATA[PM मोदी की डिग्री नहीं होगी सार्वजनिक, दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज किया CIC का आदेश]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/news-update/delhi-court-pm-modis-degree-will-not-be-made-public-delhi-high-court-rejects-cic-order]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 25 Aug 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को CIC (केंद्रीय सूचना आयुक्त) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक की डिग्री की जानकारी पब्लिक करने का निर्देश दिया था।&nbsp;कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय की याचिका स्वीकार कर CIC के निर्देश को पलटते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रेजुएशन डिग्री का विवरण पब्लिक करने की जरुरत नहीं है। अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रेजुएशन की डिग्री का विवरण सार्वजनिक करने के लिए बाध्य नहीं है।&nbsp;

वर्ष 2016 में, CIC ने 1978 में BA का एग्जाम पास करने वाले सभी छात्रों के रिकॉर्ड की जांच के आदेश दिए थे। ऐसा कहा जाता है कि उस दौरान PM नरेंद्र मोदी ने भी यह एग्जाम पास किया था।&nbsp; उस वक्त दिल्ली विश्वविद्यालय ने CIC के इस निर्देश को चुनौती दी थी, जिस पर रोक लगा दी गई थी।&nbsp;

सुनवाई के दौरान, DU की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपने तर्क में कहा कि CIC के आदेश को खारिज कर दिया जाना चाहिए क्योंकि व्यक्ति के &#39;निजता का अधिकार&#39; &#39;जानने के अधिकार&#39; से ज़्यादा जरुरी है।&nbsp;

दिल्ली विश्वविद्यालय ने&nbsp;तर्क दिया
यूनिवर्सिटी ने अपने तर्क में कहा कि वह छात्रों की जानकारी को वह नैतिक दायित्व के अनुसार सुरक्षित रखता है और अगर जो जनहित में नहीं है, &#39;केवल जिज्ञासा&#39; के आधार पर, RTI कानून के तहत निजी जानकारी मांगने का औचित्य नहीं बनता।&nbsp; यूनिवर्सिटी ने तर्क दिया, &quot;धारा 6 में यह अनिवार्य प्रावधान है कि जानकारी देनी होगी, यही मकसद है, लेकिन आरटीआई अधिनियम किसी की जिज्ञासा को शांत करने के लिए नहीं है.&quot;

DU कोर्ट के सामने PM मोदी की डिग्री प्रस्तुत करने को तैयार है
हालांकि दिल्ली विश्वविद्यालय ने कोर्ट को बताया कि वह PM मोदी के डिग्री रिकॉर्ड कोर्ट के सामने प्रस्तुत करने के लिए तैयार है, पर RTI अधिनियम के तहत &#39;अजनबियों द्वारा जांच&#39; के लिए उन्हें सार्वजानिक नहीं किया जा सकता है।&nbsp;

जस्टिस सचिन दत्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय की अपील स्वीकार कर CIC के आदेश को रद्द कर दिया। विपक्षी दल प्रधानमंत्री मोदी की शैक्षिक डिग्रियों की प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालयों ने सार्वजनिक रूप से उनकी वैधता की पुष्टि की है।&nbsp;&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को CIC (केंद्रीय सूचना आयुक्त) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की स्नातक की डिग्री की जानकारी पब्लिक करने का निर्देश दिया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 18px;">कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय की याचिका स्वीकार कर CIC के निर्देश को पलटते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रेजुएशन डिग्री का विवरण पब्लिक करने की जरुरत नहीं है। अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रेजुएशन की डिग्री का विवरण सार्वजनिक करने के लिए बाध्य नहीं है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वर्ष 2016 में, CIC ने 1978 में BA का एग्जाम पास करने वाले सभी छात्रों के रिकॉर्ड की जांच के आदेश दिए थे। ऐसा कहा जाता है कि उस दौरान PM नरेंद्र मोदी ने भी यह एग्जाम पास किया था।&nbsp; उस वक्त दिल्ली विश्वविद्यालय ने CIC के इस निर्देश को चुनौती दी थी, जिस पर रोक लगा दी गई थी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सुनवाई के दौरान, DU की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपने तर्क में कहा कि CIC के आदेश को खारिज कर दिया जाना चाहिए क्योंकि व्यक्ति के &#39;निजता का अधिकार&#39; &#39;जानने के अधिकार&#39; से ज़्यादा जरुरी है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>दिल्ली विश्वविद्यालय ने&nbsp;तर्क दिया</strong><br />
यूनिवर्सिटी ने अपने तर्क में कहा कि वह छात्रों की जानकारी को वह नैतिक दायित्व के अनुसार सुरक्षित रखता है और अगर जो जनहित में नहीं है, &#39;केवल जिज्ञासा&#39; के आधार पर, RTI कानून के तहत निजी जानकारी मांगने का औचित्य नहीं बनता।&nbsp; यूनिवर्सिटी ने तर्क दिया, &quot;धारा 6 में यह अनिवार्य प्रावधान है कि जानकारी देनी होगी, यही मकसद है, लेकिन आरटीआई अधिनियम किसी की जिज्ञासा को शांत करने के लिए नहीं है.&quot;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>DU कोर्ट के सामने PM मोदी की डिग्री प्रस्तुत करने को तैयार है</strong><br />
हालांकि दिल्ली विश्वविद्यालय ने कोर्ट को बताया कि वह PM मोदी के डिग्री रिकॉर्ड कोर्ट के सामने प्रस्तुत करने के लिए तैयार है, पर RTI अधिनियम के तहत &#39;अजनबियों द्वारा जांच&#39; के लिए उन्हें सार्वजानिक नहीं किया जा सकता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जस्टिस सचिन दत्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय की अपील स्वीकार कर CIC के आदेश को रद्द कर दिया। विपक्षी दल प्रधानमंत्री मोदी की शैक्षिक डिग्रियों की प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालयों ने सार्वजनिक रूप से उनकी वैधता की पुष्टि की है।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41295.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[PM Modi's degree will not be made public, Delhi High Court rejects CIC order]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/monsoon-session-impeachment-motion-against-justice-yashwant-verma-accepted-in-lok-sabha]]></guid>
                       <title><![CDATA[मानसून सत्र: लोकसभा में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/monsoon-session-impeachment-motion-against-justice-yashwant-verma-accepted-in-lok-sabha]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 12 Aug 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए 146 सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। अध्यक्ष ओम बिरला ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति की घोषणा की

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय पैनल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, &quot;प्रक्रिया अपना काम करेगी। एक निश्चित प्रक्रिया होती है, और मुझे नहीं लगता कि अभी कोई टिप्पणी करने की ज़रूरत है। महाभियोग समिति गठित करने का फैसला लिया गया है। उन्हें सभी सबूतों की जाँच करनी होगी और किसी नतीजे पर पहुँचना होगा।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए 146 सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। अध्यक्ष ओम बिरला ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति की घोषणा की</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय पैनल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, &quot;प्रक्रिया अपना काम करेगी। एक निश्चित प्रक्रिया होती है, और मुझे नहीं लगता कि अभी कोई टिप्पणी करने की ज़रूरत है। महाभियोग समिति गठित करने का फैसला लिया गया है। उन्हें सभी सबूतों की जाँच करनी होगी और किसी नतीजे पर पहुँचना होगा।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41164.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Monsoon Session: Impeachment motion against Justice Yashwant Verma accepted in Lok Sabha]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/health-services-will-be-strengthened-in-himachal-the-government-received-rs-101-18-crore-from-the-center]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती, सरकार को केंद्र से मिले 101.18 करोड़ रुपए ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/health-services-will-be-strengthened-in-himachal-the-government-received-rs-101-18-crore-from-the-center]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 11 Jun 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 101.18 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है। यह राशि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और शहरी स्वास्थ्य मिशन के लिए लचीले फंड के तौर पर दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना है। यह केंद्रीय सहायता विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने पर केंद्रित होगी। इस फंड का उपयोग मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और राज्य की समग्र स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा।&nbsp;केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अवर सचिव, मलाय कुमार हलधर ने इस संबंध में वित्त और स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेजा है। 22 मई को वित्त विभाग द्वारा जारी स्वीकृति आदेश में कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी रखी गई हैं जिसमें फंड का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। NHM के वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों का कड़ाई से पालन करना होगा। हिमाचल प्रदेश को यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत सरकार द्वारा जारी धनराशि के आधार पर उसकी 40% (या 10% केंद्र शासित प्रदेशों के लिए) हिस्सेदारी संबंधित खातों में जमा की जाए। राज्य या केंद्र शासित प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की स्पष्ट मंजूरी के बिना विभिन्न घटकों या गतिविधियों के बीच आवंटन या पुनर्विनियोजन में कोई बदलाव नहीं कर सकते।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 101.18 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है। यह राशि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और शहरी स्वास्थ्य मिशन के लिए लचीले फंड के तौर पर दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य और स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना है। यह केंद्रीय सहायता विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने पर केंद्रित होगी। इस फंड का उपयोग मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और राज्य की समग्र स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा।&nbsp;</span><span style="font-size: 18px;">केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अवर सचिव, मलाय कुमार हलधर ने इस संबंध में वित्त और स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेजा है। 22 मई को वित्त विभाग द्वारा जारी स्वीकृति आदेश में कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी रखी गई हैं जिसमें फंड का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। NHM के वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों का कड़ाई से पालन करना होगा। हिमाचल प्रदेश को यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत सरकार द्वारा जारी धनराशि के आधार पर उसकी 40% (या 10% केंद्र शासित प्रदेशों के लिए) हिस्सेदारी संबंधित खातों में जमा की जाए। राज्य या केंद्र शासित प्रदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की स्पष्ट मंजूरी के बिना विभिन्न घटकों या गतिविधियों के बीच आवंटन या पुनर्विनियोजन में कोई बदलाव नहीं कर सकते।</span></div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40627.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Health -services- will -be- strengthened- in- Himachal, -the- government -received- Rs -101.-18- crore- from- the- Center]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/himachal/today-cm-sukhu-will-attend-the-meeting-of-niti-aayog-the-meeting-will-be-chaired-by-pm-modi]]></guid>
                       <title><![CDATA[आज सीएम सुक्खू नीति आयोग की मीटिंग में होंगे शामिल, PM मोदी की अध्यक्षता में होगी मीटिंग	]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/himachal/today-cm-sukhu-will-attend-the-meeting-of-niti-aayog-the-meeting-will-be-chaired-by-pm-modi]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 24 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला से दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में&nbsp;
देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्यगण और सीईओ मौजूद रहेंगे।बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सहमति बनाना है कि किस प्रकार राज्य &#39;विकसित भारत&#39; के लक्ष्य को प्राप्त करने में आधारशिला बन सकते हैं। इस दौरान उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास और टिकाऊ रोजगार सृजन जैसे विषयों पर भी व्यापक चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस बैठक में हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण और लंबित मुद्दों को उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से हिमाचल प्रदेश के 4000 करोड़ रुपये के बकाया एरियर के भुगतान का मुद्दा उठाएंगे। यह राशि राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके भुगतान से प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी। केंद्र सरकार से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (राजस्व घाटा अनुदान) में वृद्धि की मांग कर सकते हैं। वही तुर्की से सेब आयात पर प्रतिबंध मुद्दा भी उठाएंगे। उन्होंने दिल्ली जाने से पहले ही इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिख दिया था।&nbsp;मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि तुर्की से हर साल एक लाख मीट्रिक टन से अधिक सेब का आयात हो रहा है, जिससे हिमाचल का 5500 करोड़ रुपये का सेब उद्योग संकट में आ गया है। यह आयात हिमाचल के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के सेब बागवानों के लिए भी बड़ी समस्या बन गया है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू पिछले तीन दिनों से दिल्ली में हैं और इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल के लिए आर्थिक मदद लाने का प्रयास किया है। उन्होंने बीते कल और परसों पांच केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल के लिए लंबित कई महत्वपूर्ण मामलों को उठाया है। उसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रविवार या सोमवार को शिमला लौटने की संभावना है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला से दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में&nbsp;<br />
देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्यगण और सीईओ मौजूद रहेंगे।बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सहमति बनाना है कि किस प्रकार राज्य &#39;विकसित भारत&#39; के लक्ष्य को प्राप्त करने में आधारशिला बन सकते हैं। इस दौरान उद्यमिता को बढ़ावा देने, कौशल विकास और टिकाऊ रोजगार सृजन जैसे विषयों पर भी व्यापक चर्चा होगी।<br />
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस बैठक में हिमाचल प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण और लंबित मुद्दों को उठा सकते हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से हिमाचल प्रदेश के 4000 करोड़ रुपये के बकाया एरियर के भुगतान का मुद्दा उठाएंगे। यह राशि राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके भुगतान से प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी। केंद्र सरकार से रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (राजस्व घाटा अनुदान) में वृद्धि की मांग कर सकते हैं। वही तुर्की से सेब आयात पर प्रतिबंध मुद्दा भी उठाएंगे। उन्होंने दिल्ली जाने से पहले ही इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिख दिया था।&nbsp;मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि तुर्की से हर साल एक लाख मीट्रिक टन से अधिक सेब का आयात हो रहा है, जिससे हिमाचल का 5500 करोड़ रुपये का सेब उद्योग संकट में आ गया है। यह आयात हिमाचल के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के सेब बागवानों के लिए भी बड़ी समस्या बन गया है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू पिछले तीन दिनों से दिल्ली में हैं और इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल के लिए आर्थिक मदद लाने का प्रयास किया है। उन्होंने बीते कल और परसों पांच केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल के लिए लंबित कई महत्वपूर्ण मामलों को उठाया है। उसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रविवार या सोमवार को शिमला लौटने की संभावना है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40436.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Today -CM- Sukhu -will -attend -the- meeting- of- Niti -Aayog-, the- meeting- will -be -chaired -by -PM- Modi]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/himachal/orange-alert-fo-r-4-days-of-heavy-rain-hailstorm-and-storm-in-himachal]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में 4 दिन भारी बारिश-ओले और तूफान का ऑरेंज अलर्ट ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/himachal/orange-alert-fo-r-4-days-of-heavy-rain-hailstorm-and-storm-in-himachal]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 22 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में अगले छह दिनों तक मौसम मौसम ख़राब रहने वाला है। मौसम विभाग ने 24 से 27 मई तक भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इस बदलाव को देखते हुए 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य चार जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे पेड़ों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके साथ ही, कई भागों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

आज का मौसम और आगे की संभावना
हालांकि, आज प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। शिमला के रिज पर पर्यटक सुहावने मौसम का आनंद लेते देखे गए। वहीं, कांगड़ा, चंबा, शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। कल से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) ज्यादा सक्रिय होगा, जिससे ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। परसों से पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने का पूर्वानुमान है, जो तापमान में गिरावट लाएगा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में जनजीवन को भी प्रभावित कर सकता है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में अगले छह दिनों तक मौसम मौसम ख़राब रहने वाला है। मौसम विभाग ने 24 से 27 मई तक भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की आशंका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इस बदलाव को देखते हुए 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य चार जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे पेड़ों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके साथ ही, कई भागों में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आज का मौसम और आगे की संभावना<br />
हालांकि, आज प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। शिमला के रिज पर पर्यटक सुहावने मौसम का आनंद लेते देखे गए। वहीं, कांगड़ा, चंबा, शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मंडी के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। कल से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) ज्यादा सक्रिय होगा, जिससे ज्यादातर हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। परसों से पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश होने का पूर्वानुमान है, जो तापमान में गिरावट लाएगा, लेकिन कुछ क्षेत्रों में जनजीवन को भी प्रभावित कर सकता है।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40412.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Orange- alert- fo-r 4 -days -of -heavy -rain, -hailstorm- and -storm- in -Himachal]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/nvs-recruitment-exam-cheating-racket-electronic-devices-in-undergarments-shocking-revelations-in-sit-investigation]]></guid>
                       <title><![CDATA[NVS भर्ती परीक्षा नकल रैकेट: अंडरगारमेंट में छिपाकर लाये थे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, SIT जांच में हुआ खुलासा ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/nvs-recruitment-exam-cheating-racket-electronic-devices-in-undergarments-shocking-revelations-in-sit-investigation]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 21 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की गैर-शिक्षण पदों की भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल का खुलासा हुआ है, जिसकी जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को कई चौंकाने वाले सबूत मिले हैं। पता चला है कि कई अभ्यर्थियों ने चेकिंग से बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को अपने अंडरगारमेंट्स में छिपा रखा था। इतना ही नहीं, कुछ केंद्रों पर तो अभ्यर्थियों से बाजू के नीचे से भी ये डिवाइस बरामद किए गए हैं।मंगलवार को पुलिस ने NVS गैर-शिक्षण जूनियर सचिवालय सेवा परीक्षा के दौरान गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों (सात पुरुष और एक महिला) को अदालत में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने उनकी पुलिस रिमांड तीन दिनों के लिए और बढ़ा दी है। शुरुआती जांच से साफ है कि यह मामला सरकारी भर्ती परीक्षा में संगठित और जानबूझकर की गई अनुचित गतिविधियों से जुड़ा है।&nbsp;पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े सभी रिकॉर्ड कब्जे में ले लिए हैं। इनमें अभ्यर्थियों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, एडमिट कार्ड और नकल के लिए इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस के पास अभ्यर्थियों के बयानों की प्रतियां भी हैं, जिनमें उन्होंने नकल करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस साथ ले जाने और गिरोह के संपर्क में आने व लेनदेन की बात कबूल की है। यह मामला भर्ती परीक्षाओं की शुचिता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है और जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने में लग&nbsp;हुई हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की गैर-शिक्षण पदों की भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल का खुलासा हुआ है, जिसकी जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को कई चौंकाने वाले सबूत मिले हैं। पता चला है कि कई अभ्यर्थियों ने चेकिंग से बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को अपने अंडरगारमेंट्स में छिपा रखा था। इतना ही नहीं, कुछ केंद्रों पर तो अभ्यर्थियों से बाजू के नीचे से भी ये डिवाइस बरामद किए गए हैं।मंगलवार को पुलिस ने NVS गैर-शिक्षण जूनियर सचिवालय सेवा परीक्षा के दौरान गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों (सात पुरुष और एक महिला) को अदालत में पेश किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने उनकी पुलिस रिमांड तीन दिनों के लिए और बढ़ा दी है। शुरुआती जांच से साफ है कि यह मामला सरकारी भर्ती परीक्षा में संगठित और जानबूझकर की गई अनुचित गतिविधियों से जुड़ा है।&nbsp;पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े सभी रिकॉर्ड कब्जे में ले लिए हैं। इनमें अभ्यर्थियों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, एडमिट कार्ड और नकल के लिए इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस के पास अभ्यर्थियों के बयानों की प्रतियां भी हैं, जिनमें उन्होंने नकल करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस साथ ले जाने और गिरोह के संपर्क में आने व लेनदेन की बात कबूल की है। यह मामला भर्ती परीक्षाओं की शुचिता पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है और जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने में लग&nbsp;हुई हैं।</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40405.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[NVS- recruitment -exam- cheating -racket-: Electronic- devices- in -undergarments,- shocking- revelations- in- SIT -investigation]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/vima-l-negi-death-case-family-members-accuse-government-of-bias-demand-for-cbi-investigation-intensifies]]></guid>
                       <title><![CDATA[विमल नेगी मौत मामला: परिजनों का सारकार पर पक्षपात का आरोप, CBI जांच की मांग तेज]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/vima-l-negi-death-case-family-members-accuse-government-of-bias-demand-for-cbi-investigation-intensifies]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 15 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला: HPPCL के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है। आज उनके परिजनों ने प्रदेश सरकार पर मामले की जांच में संदेहपूर्ण और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। विमल नेगी जनजातीय न्याय मंच के कार्यकारी अध्यक्ष भगत सिंह नेगी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर मौजूद भ्रष्टाचारियों और माफियाओं के गठजोड़ के कारण मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार और पूरे जनजातीय समाज की मांग है कि इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस प्रकरण को देखते हुए एक राज्य स्तरीय &#39;विमल नेगी जनजातीय न्याय मंच&#39; का गठन किया गया है। भगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि यह मंच पूरी तरह से गैर-राजनीतिक होगा और जनजातीय समुदाय के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएगा। मंच ने न्यायालय से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद जताई है और सवाल किया है कि सरकार मामले की जांच CBI को सौंपने से क्यों कतरा रही है।&nbsp;

वहीं, विमल नेगी के मामा राजिंदर नेगी ने सरकार के &#39;15 दिनों में निष्पक्ष जांच&#39; के आश्वासन पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि 58 दिन बीत जाने के बाद भी अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के अधीन हुई जांच की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। परिवार द्वारा RTI के माध्यम से रिपोर्ट की प्रति मांगने पर भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। राजिंदर नेगी ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने विमल नेगी का मोबाइल बरामद कर लिया था, लेकिन इस महत्वपूर्ण जानकारी को परिवार से छुपाया गया। उन्हें इस बारे में न्यायालय के माध्यम से पता चला। उन्होंने पेनड्राइव जैसे अन्य महत्वपूर्ण सबूतों का भी कोई उल्लेख न होने पर चिंता जताई और सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें मिटाने की आशंका व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस पर सरकार का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। अब, विमल नेगी के परिवार ने न्यायालय से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है और मामले को CBI को सौंपने की अपील की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके।&nbsp;&nbsp;
&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला: HPPCL के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता जा रहा है। आज उनके परिजनों ने प्रदेश सरकार पर मामले की जांच में संदेहपूर्ण और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। विमल नेगी जनजातीय न्याय मंच के कार्यकारी अध्यक्ष भगत सिंह नेगी ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर मौजूद भ्रष्टाचारियों और माफियाओं के गठजोड़ के कारण मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार और पूरे जनजातीय समाज की मांग है कि इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस प्रकरण को देखते हुए एक राज्य स्तरीय &#39;विमल नेगी जनजातीय न्याय मंच&#39; का गठन किया गया है। भगत सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि यह मंच पूरी तरह से गैर-राजनीतिक होगा और जनजातीय समुदाय के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएगा। मंच ने न्यायालय से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद जताई है और सवाल किया है कि सरकार मामले की जांच CBI को सौंपने से क्यों कतरा रही है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वहीं, विमल नेगी के मामा राजिंदर नेगी ने सरकार के &#39;15 दिनों में निष्पक्ष जांच&#39; के आश्वासन पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि 58 दिन बीत जाने के बाद भी अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) के अधीन हुई जांच की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। परिवार द्वारा RTI के माध्यम से रिपोर्ट की प्रति मांगने पर भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। राजिंदर नेगी ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने विमल नेगी का मोबाइल बरामद कर लिया था, लेकिन इस महत्वपूर्ण जानकारी को परिवार से छुपाया गया। उन्हें इस बारे में न्यायालय के माध्यम से पता चला। उन्होंने पेनड्राइव जैसे अन्य महत्वपूर्ण सबूतों का भी कोई उल्लेख न होने पर चिंता जताई और सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें मिटाने की आशंका व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पुलिस पर सरकार का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। अब, विमल नेगी के परिवार ने न्यायालय से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है और मामले को CBI को सौंपने की अपील की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उन्हें न्याय मिल सके।&nbsp;&nbsp;</span><br />
&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40337.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Vima-l Negi -death- case-: Family -members -accuse- government- of- bias, -demand- for- CBI- investigation- intensifies]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/himachal/weather-is-expected-to-remain-pleasant-in-himachal-for-the-next-five-days]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में अगले पांच दिन मौसम सुहावना रहने की संभावना ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/himachal/weather-is-expected-to-remain-pleasant-in-himachal-for-the-next-five-days]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 13 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला: हिमाचल प्रदेश के मौसम में आगामी पांच दिनों में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है कि प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम साफ रहेगा, जिससे धूप खिलेगी और तापमान में वृद्धि होगी। हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है। मई के मध्य में, प्रदेश ने लगभग डेढ़ सप्ताह तक लगातार बारिश और ओलावृष्टि का सामना किया था। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तो हल्की बर्फबारी भी हुई थी जिसके चलते वर्तमान में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। इस असामान्य मौसम के कारण, मध्यम और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खुशनुमा बना हुआ है और गर्मी का प्रभाव कम है। विशेष रूप से ऊना जिले को छोड़कर, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से कम है। लेकिन, मौसम विभाग का कहना है कि इस सप्ताह तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभावित है। इस तापमान वृद्धि से पहाड़ी क्षेत्रों में भी गर्मी महसूस होने लगेगी, जो अब तक अपेक्षाकृत शांत था।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला: हिमाचल प्रदेश के मौसम में आगामी पांच दिनों में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है कि प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम साफ रहेगा, जिससे धूप खिलेगी और तापमान में वृद्धि होगी। हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है। मई के मध्य में, प्रदेश ने लगभग डेढ़ सप्ताह तक लगातार बारिश और ओलावृष्टि का सामना किया था। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तो हल्की बर्फबारी भी हुई थी जिसके चलते वर्तमान में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है। इस असामान्य मौसम के कारण, मध्यम और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम खुशनुमा बना हुआ है और गर्मी का प्रभाव कम है। विशेष रूप से ऊना जिले को छोड़कर, प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से कम है। लेकिन, मौसम विभाग का कहना है कि इस सप्ताह तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभावित है। इस तापमान वृद्धि से पहाड़ी क्षेत्रों में भी गर्मी महसूस होने लगेगी, जो अब तक अपेक्षाकृत शांत था।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40298.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Weather is expected to remain pleasant in Himachal for the next five days]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/news-update/virat-kohli-retires-from-test-cricket-posted-the-information-on-instagram]]></guid>
                       <title><![CDATA[विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से लिया संन्यास, इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दी जानकारी  	]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/news-update/virat-kohli-retires-from-test-cricket-posted-the-information-on-instagram]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 12 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[भारतीय क्रिकेट टीम को एक हफ्ते में दो बड़े नुकसान हुए हैं। पहले कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया, और अब विराट कोहली ने भी यही फैसला किया है। कोहली ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर यह जानकारी दी। खबरें थीं कि उन्होंने बीसीसीआई को पहले ही बता दिया था, लेकिन बोर्ड चाहता था कि वे इंग्लैंड सीरीज तक रुकें। हालांकि, कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का ही फैसला किया। बुधवार को रोहित के संन्यास के बाद, कोहली का यह कदम भारत के लिए एक और बड़ा झटका है। फैंस इन दो बड़े खिलाड़ियों के संन्यास से दुखी हैं। अगले महीने भारत को इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलनी है।

कोहली ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?
विराट ने अपने पोस्ट में लिखा, &#39;टेस्ट क्रिकेट में पहली बार मैंने बैगी ब्लू जर्सी 14 साल पहले पहनी थी। ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह प्रारूप मुझे इस तरह के सफर पर ले जाएगा। इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे पहचान दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर साथ रखूंगा। सफेद जर्सी में खेलना मेरे लिए बहुत ही खास और निजी अनुभव है। परिश्रम, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता, लेकिन यह हमेशा आपके साथ रहते हैं। जब मैं इस प्रारूप से दूर जा रहा हूं, तो यह आसान नहीं है, लेकिन यह फिलहाल सही लगता है। मैंने इसमें अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है। मैं खेल के लिए, मैदान पर खेलने वाले लोगों के लिए और हर उस व्यक्ति के लिए आभारी हूं, जिसने मुझे इस सफर में आगे बढ़ाया। मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखूंगा।&#39; उन्होंने आगे अपनी टेस्ट कैप नंबर &#39;269&#39; लिखा और लिखा &#39;साइनिंग ऑफ&#39;।
&nbsp;

विराट अब सिर्फ वनडे में खेलेंगे
विराट अब सिर्फ वनडे में खेलते दिखाई पड़ेंगे। वह पिछले साल टीम इंडिया के टी20 विश्व कप जीतने के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले चुके हैं। कोहली ने कुल मिलाकर 123 टेस्ट खेले और इसकी 210 पारियों में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। इसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट करियर में कोहली ने कुल 1027 चौके और 30 छक्के लगाए। इसके अलावा टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 125 मैचों में 48.7 की औसत और 137.05 के स्ट्राइक रेट से 4188 रन बनाए। इसमें एक शतक और 38 अर्धशतक भी शामिल हैं। वनडे में कोहली 302 मैचों में 57.88 की औसत और 93.35 के स्ट्राइक रेट से 14181 रन बना चुके हैं। इसमें 51 शतक और 74 अर्धशतक शामिल हैं।
कोहली तीनों प्रारूप में रह चुके हैं कप्तान
कोहली तीनों प्रारूप में टीम इंडिया की कमान भी संभाल चुके हैं। वह 2014 में धोनी के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहली बार कप्तान बने थे। तब से लेकर 2022 में दक्षिण अफ्रीका दौरे तक टेस्ट में कप्तान रहे। वहीं, 2021 में उनसे टी20 और वनडे की कप्तानी छीन ली गई थी। कोहली ने अपना टेस्ट डेब्यू में 20 जून 2011 को सबिना पार्क में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। वहीं, आखिरी टेस्ट उन्होंने इसी साल सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारतीय क्रिकेट टीम को एक हफ्ते में दो बड़े नुकसान हुए हैं। पहले कप्तान रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया, और अब विराट कोहली ने भी यही फैसला किया है। कोहली ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर यह जानकारी दी। खबरें थीं कि उन्होंने बीसीसीआई को पहले ही बता दिया था, लेकिन बोर्ड चाहता था कि वे इंग्लैंड सीरीज तक रुकें। हालांकि, कोहली ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ने का ही फैसला किया। बुधवार को रोहित के संन्यास के बाद, कोहली का यह कदम भारत के लिए एक और बड़ा झटका है। फैंस इन दो बड़े खिलाड़ियों के संन्यास से दुखी हैं। अगले महीने भारत को इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलनी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>कोहली ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?</strong><br />
विराट ने अपने पोस्ट में लिखा, &#39;टेस्ट क्रिकेट में पहली बार मैंने बैगी ब्लू जर्सी 14 साल पहले पहनी थी। ईमानदारी से कहूं तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह प्रारूप मुझे इस तरह के सफर पर ले जाएगा। इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे पहचान दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर साथ रखूंगा। सफेद जर्सी में खेलना मेरे लिए बहुत ही खास और निजी अनुभव है। परिश्रम, लंबे दिन, छोटे-छोटे पल जिन्हें कोई नहीं देखता, लेकिन यह हमेशा आपके साथ रहते हैं। जब मैं इस प्रारूप से दूर जा रहा हूं, तो यह आसान नहीं है, लेकिन यह फिलहाल सही लगता है। मैंने इसमें अपना सबकुछ दिया है और इसने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है। मैं खेल के लिए, मैदान पर खेलने वाले लोगों के लिए और हर उस व्यक्ति के लिए आभारी हूं, जिसने मुझे इस सफर में आगे बढ़ाया। मैं हमेशा अपने टेस्ट करियर को मुस्कुराते हुए देखूंगा।&#39; उन्होंने आगे अपनी टेस्ट कैप नंबर &#39;269&#39; लिखा और लिखा &#39;साइनिंग ऑफ&#39;।</span><br />
&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>विराट अब सिर्फ वनडे में खेलेंगे</strong><br />
विराट अब सिर्फ वनडे में खेलते दिखाई पड़ेंगे। वह पिछले साल टीम इंडिया के टी20 विश्व कप जीतने के बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले चुके हैं। कोहली ने कुल मिलाकर 123 टेस्ट खेले और इसकी 210 पारियों में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। इसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट करियर में कोहली ने कुल 1027 चौके और 30 छक्के लगाए। इसके अलावा टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 125 मैचों में 48.7 की औसत और 137.05 के स्ट्राइक रेट से 4188 रन बनाए। इसमें एक शतक और 38 अर्धशतक भी शामिल हैं। वनडे में कोहली 302 मैचों में 57.88 की औसत और 93.35 के स्ट्राइक रेट से 14181 रन बना चुके हैं। इसमें 51 शतक और 74 अर्धशतक शामिल हैं।<br />
कोहली तीनों प्रारूप में रह चुके हैं कप्तान<br />
कोहली तीनों प्रारूप में टीम इंडिया की कमान भी संभाल चुके हैं। वह 2014 में धोनी के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहली बार कप्तान बने थे। तब से लेकर 2022 में दक्षिण अफ्रीका दौरे तक टेस्ट में कप्तान रहे। वहीं, 2021 में उनसे टी20 और वनडे की कप्तानी छीन ली गई थी। कोहली ने अपना टेस्ट डेब्यू में 20 जून 2011 को सबिना पार्क में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। वहीं, आखिरी टेस्ट उन्होंने इसी साल सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40292.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Virat Kohli retires from Test cricket, posted the information on Instagram...]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/news-update/himachal/good-news-all-32-airports-closed-including-shimla-dharamshala-kullu-are-open]]></guid>
                       <title><![CDATA[खुशखबरी! शिमला, धर्मशाला, कुल्लू सहित बंद किये गए सभी 32 हवाई अड्डे खुले]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/news-update/himachal/good-news-all-32-airports-closed-including-shimla-dharamshala-kullu-are-open]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 12 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नई दिल्ली: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और संबद्ध विमानन प्राधिकरणों ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उत्तरी और पश्चिमी भारत के 32 हवाई अड्डों पर सभी प्रकार की नागरिक उड़ान संचालन शुरू कर दिया गया है।&nbsp;&nbsp;

अस्थाई रूप से बंद था इन 32 हवाई अड्डों का संचालन&nbsp;

आदमपुर,अम्बाला,अमृतसर,अवंतीपुर,बठिंडा,भुज,बीकानेर,चंडीगढ़,हलवारा,हिंडन,जैसलमेर,जम्मू,जामनगर,जोधपुर,कांडला,कांगड़ा (गग्गल),केशोद,किशनगढ़,कुल्लूमनाली(भुंतर),लेह,लुधियाना,मुंद्रा,नलिया,पठानकोट,पटियाला,पोरबंदर,राजकोट(हीरासर), सरसावा,शिमला,श्रीनगर,थोइस, उत्तरलाई की हवाई सेवा अब शुरू हो गई है।कॉर्पोरेट संचार निदेशालय, एएआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति और शेड्यूल की नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइंस से सीधे संपर्क करें। इसके अलावा, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित अपडेट्स के लिए एयरलाइंस की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा केंद्रों पर नजर रखें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।&nbsp;एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया है कि देश के 32&nbsp;हवाई अड्डों&nbsp;पर नागरिक विमान परिचालन तत्काल प्रभाव से फिर से शुरू कर दिया गया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">नई दिल्ली: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और संबद्ध विमानन प्राधिकरणों ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उत्तरी और पश्चिमी भारत के 32 हवाई अड्डों पर सभी प्रकार की नागरिक उड़ान संचालन शुरू कर दिया गया है।&nbsp;&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><strong>अस्थाई रूप से बंद था इन 32 हवाई अड्डों का संचालन</strong>&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;">आदमपुर,अम्बाला,अमृतसर,अवंतीपुर,बठिंडा,भुज,बीकानेर,चंडीगढ़,हलवारा,हिंडन,जैसलमेर,जम्मू,जामनगर,जोधपुर,कांडला,कांगड़ा (गग्गल),केशोद,किशनगढ़,कुल्लूमनाली(भुंतर),लेह,लुधियाना,मुंद्रा,नलिया,पठानकोट,पटियाला,पोरबंदर,राजकोट(हीरासर), सरसावा,शिमला,श्रीनगर,थोइस, उत्तरलाई की हवाई सेवा अब शुरू हो गई है।कॉर्पोरेट संचार निदेशालय, एएआई द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति और शेड्यूल की नवीनतम जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइंस से सीधे संपर्क करें। इसके अलावा, यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित अपडेट्स के लिए एयरलाइंस की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा केंद्रों पर नजर रखें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।&nbsp;<span style="font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, sans-serif; font-size: 20px; text-align: justify;">एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया है कि देश के 32&nbsp;</span><a href="https://www.patrika.com/national-news/after-operation-sindoor-the-government-took-a-big-decision-banned-flights-at-18-airports-till-may-10-19581231" rel="noopener" style="box-sizing: border-box; border: 0px solid rgb(229, 229, 229); --tw-translate-x: 0; --tw-translate-y: 0; --tw-rotate: 0; --tw-skew-x: 0; --tw-skew-y: 0; --tw-scale-x: 1; --tw-scale-y: 1; --tw-transform: translateX(0) translateY(0) rotate(0) skewX(0) skewY(0) scaleX(1) scaleY(1); --tw-border-opacity: 1; --tw-ring-inset: ; --tw-ring-offset-width: 0px; --tw-ring-offset-color: #fff; --tw-ring-color: rgba(59, 130, 246, 0.5); --tw-ring-offset-shadow: 0 0 #0000; --tw-ring-shadow: 0 0 #0000; --tw-shadow: 0 0 #0000; --tw-blur: ; --tw-brightness: ; --tw-contrast: ; --tw-grayscale: ; --tw-hue-rotate: ; --tw-invert: ; --tw-saturate: ; --tw-sepia: ; --tw-drop-shadow: ; --tw-filter: ; color: rgb(25, 125, 241); text-decoration: inherit; font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, sans-serif; font-size: 20px; text-align: justify;" target="_blank">हवाई अड्डों</a><span style="font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, sans-serif; font-size: 20px; text-align: justify;">&nbsp;पर नागरिक विमान परिचालन तत्काल प्रभाव से फिर से शुरू कर दिया गया है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40291.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Good -news- All- 32- airports -closed- including -Shimla-, Dharamshala-, Kullu- are- open]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/news-update/operation-sindoor-is-still-going-on-detailed-information-will-be-given-soon-big-statement-by-indian-air-force]]></guid>
                       <title><![CDATA["ऑपरेशन सिंदूर" अभी भी जारी है, जल्द दी जाएगी विस्तृत जानकारी, भारतीय वायुसेना का बड़ा बयान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/national-news/news-update/operation-sindoor-is-still-going-on-detailed-information-will-be-given-soon-big-statement-by-indian-air-force]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 11 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सीजफायर के बाद भारतीय वायुसेना (IAF) ने रविवार को एक अहम बयान जारी करते हुए बताया कि &lsquo;ऑपरेशन सिंदूर&rsquo; अभी भी क्रियान्वयन में है। वायुसेना के अनुसार, इस अभियान के तहत निर्धारित सभी लक्ष्यों को बेहद सटीकता और पूर्ण जिम्मेदारी के साथ पूरा कर लिया गया है। वायुसेना ने यह भी स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन पूरी रणनीतिक सोच और देशहित को ध्यान में रखते हुए संचालित किया गया। भारतीय वायुसेना ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचने की अपील की है। साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सीजफायर के बाद भारतीय वायुसेना (IAF) ने रविवार को एक अहम बयान जारी करते हुए बताया कि &lsquo;ऑपरेशन सिंदूर&rsquo; अभी भी क्रियान्वयन में है। वायुसेना के अनुसार, इस अभियान के तहत निर्धारित सभी लक्ष्यों को बेहद सटीकता और पूर्ण जिम्मेदारी के साथ पूरा कर लिया गया है। वायुसेना ने यह भी स्पष्ट किया कि यह ऑपरेशन पूरी रणनीतिक सोच और देशहित को ध्यान में रखते हुए संचालित किया गया। भारतीय वायुसेना ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचने की अपील की है। साथ ही यह आश्वासन भी दिया गया कि अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40284.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA["Operation- Sindoor"- is -still- going- on-, detailed -information- will- be- given -soon-, big- statement- by- Indian -Air -Force]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/civil-flight-operations-temporarily-suspended-at-32-airports-in-northern-and-western-india]]></guid>
                       <title><![CDATA[उत्तरी और पश्चिमी भारत के 32 हवाई अड्डों पर नागरिक उड़ान संचालन अस्थायी रूप से बंद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/civil-flight-operations-temporarily-suspended-at-32-airports-in-northern-and-western-india]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 11 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[नई दिल्ली: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और संबद्ध विमानन प्राधिकरणों ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उत्तरी और पश्चिमी भारत के 32 हवाई अड्डों पर सभी प्रकार की नागरिक उड़ान संचालन को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। यह बंदी 9 मई 2025 से लेकर 14 मई 2025 तक प्रभावी रहेगी, जिसकी समयावधि 15 मई 2025 को 0529 बजे (भारतीय मानक समय - आईएसटी) समाप्त होगी। यह निर्णय परिचालन संबंधी कारणों से लिया गया है।

इस अस्थायी बंदी से निम्नलिखित 32 हवाई अड्डे प्रभावित होंगे:

आदमपुर,अम्बाला,अमृतसर,अवंतीपुर, बठिंडा, भुज, बीकानेर,चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन,जैसलमेर,जम्मू,जामनगर,जोधपुर,कांडला,कांगड़ा (गग्गल),केशोद,किशनगढ़, कुल्लूमनाली(भुंतर),लेह,लुधियाना,मुंद्रा,नलिया,पठानकोट,पटियाला,पोरबंदर,राजकोट(हीरासर), सरसावा,शिमला,श्रीनगर,थोइस, उत्तरलाई की हवाई सेवा बंद रहेगी।&nbsp;
इस अवधि के दौरान, इन सभी सूचीबद्ध हवाई अड्डों पर किसी भी प्रकार की नागरिक उड़ान गतिविधि (यात्री उड़ानें, कार्गो उड़ानें आदि) संचालित नहीं की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने दिल्ली और मुंबई उड़ान सूचना क्षेत्रों (एफआईआर) के भीतर 25 हवाई यातायात सेवा (एटीएस) मार्गों के अस्थायी रूप से बंद रहने की अवधि को भी बढ़ा दिया है। यह बंदी 14 मई 2025 को 2359 यूटीसी (Coordinated Universal Time) तक लागू रहेगी, जो 15 मई 2025 को 0529 आईएसटी के समतुल्य है। इसका अर्थ है कि इस अवधि तक ये 25 विशिष्ट हवाई मार्ग जमीनी स्तर से लेकर असीमित ऊंचाई तक सभी विमानों के लिए अनुपलब्ध रहेंगे। यह विस्तार नोटम जी0555/25 के तहत किया गया है, जो पहले जारी किए गए नोटम जी0525/25 की जगह लेता है।
एएआई ने सभी एयरलाइंस और फ्लाइट ऑपरेटरों को सलाह दी है कि वे वर्तमान हवाई यातायात परामर्श को ध्यान में रखते हुए अपनी उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाएं। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो और हवाई यात्रा सुरक्षित बनी रहे। इस अस्थायी बंदी का प्रबंधन संबंधित हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) इकाइयों के समन्वय में किया जा रहा है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नई दिल्ली: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और संबद्ध विमानन प्राधिकरणों ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए उत्तरी और पश्चिमी भारत के 32 हवाई अड्डों पर सभी प्रकार की नागरिक उड़ान संचालन को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। यह बंदी 9 मई 2025 से लेकर 14 मई 2025 तक प्रभावी रहेगी, जिसकी समयावधि 15 मई 2025 को 0529 बजे (भारतीय मानक समय - आईएसटी) समाप्त होगी। यह निर्णय परिचालन संबंधी कारणों से लिया गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अस्थायी बंदी से निम्नलिखित 32 हवाई अड्डे प्रभावित होंगे:</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आदमपुर,अम्बाला,अमृतसर,अवंतीपुर, बठिंडा, भुज, बीकानेर,चंडीगढ़, हलवारा, हिंडन,जैसलमेर,जम्मू,जामनगर,जोधपुर,कांडला,कांगड़ा (गग्गल),केशोद,किशनगढ़, कुल्लूमनाली(भुंतर),लेह,लुधियाना,मुंद्रा,नलिया,पठानकोट,पटियाला,पोरबंदर,राजकोट(हीरासर), सरसावा,शिमला,श्रीनगर,थोइस, उत्तरलाई की हवाई सेवा बंद रहेगी।&nbsp;<br />
इस अवधि के दौरान, इन सभी सूचीबद्ध हवाई अड्डों पर किसी भी प्रकार की नागरिक उड़ान गतिविधि (यात्री उड़ानें, कार्गो उड़ानें आदि) संचालित नहीं की जाएगी।<br />
इसके अतिरिक्त, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने दिल्ली और मुंबई उड़ान सूचना क्षेत्रों (एफआईआर) के भीतर 25 हवाई यातायात सेवा (एटीएस) मार्गों के अस्थायी रूप से बंद रहने की अवधि को भी बढ़ा दिया है। यह बंदी 14 मई 2025 को 2359 यूटीसी (Coordinated Universal Time) तक लागू रहेगी, जो 15 मई 2025 को 0529 आईएसटी के समतुल्य है। इसका अर्थ है कि इस अवधि तक ये 25 विशिष्ट हवाई मार्ग जमीनी स्तर से लेकर असीमित ऊंचाई तक सभी विमानों के लिए अनुपलब्ध रहेंगे। यह विस्तार नोटम जी0555/25 के तहत किया गया है, जो पहले जारी किए गए नोटम जी0525/25 की जगह लेता है।<br />
एएआई ने सभी एयरलाइंस और फ्लाइट ऑपरेटरों को सलाह दी है कि वे वर्तमान हवाई यातायात परामर्श को ध्यान में रखते हुए अपनी उड़ानों के लिए वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाएं। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो और हवाई यात्रा सुरक्षित बनी रहे। इस अस्थायी बंदी का प्रबंधन संबंधित हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) इकाइयों के समन्वय में किया जा रहा है।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40283.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Civil- flight -operations- temporarily- suspended- at -32 -airports- in- northern -and- western- India]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/chandigarh-leave-of-all-medical-officers-cancelled-orders-issued-to-be-ready-for-emergency-duty-24-hours-a-day-and-7-days-a-week]]></guid>
                       <title><![CDATA[चंडीगढ़: सभी मेडिकल अधिकारियों की छुटि्टयां रद्द, 24 घंटे सातों दिन इमरजेंसी ड्यूटी के लिए तैयार रहने के आदेश]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/chandigarh-leave-of-all-medical-officers-cancelled-orders-issued-to-be-ready-for-emergency-duty-24-hours-a-day-and-7-days-a-week]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 08 May 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने अपनी तैयारियों को और भी सख्त कर दिया है। राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी और नेशनल हेल्थ मिशन चंडीगढ़ ने आज आदेश जारी कर सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात मेडिकल ऑफिसर्स और स्टाफ की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। कर्मचारियों को 24 घंटे, सातों दिन ड्यूटी के लिए तैयार रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यदि कोई कर्मचारी फोन बंद पाए गए या जवाब नहीं दिया, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पीजीआई के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. विपिन कौशल ने बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए अस्पताल में नेहरू ग्राउंड फ्लोर पर एक विशेष आपदा वार्ड तैयार किया गया है। इस वार्ड के लिए एक अलग एंट्री गेट भी बनाया गया है, हालांकि फिलहाल इसे सामान्य मरीजों के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। डायरेक्टर हेल्थ सर्विस डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि कोविड काल की तरह आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जल्द की जाएगी, लेकिन फिलहाल की व्यवस्थाएं पहले से कहीं अधिक बेहतर हैं।

आपातकालीन तैयारियों के तहत उठाए गए कदम

आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। नर्सिंग अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्टाफ को आपातकालीन स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को संभालने का प्रशिक्षण दें। इसके अलावा, जिन वार्डों में गोपनीयता की कमी थी, वहां अब ब्लैक चार्ट पेपर लगाकर गोपनीयता सुनिश्चित की जा रही है। मॉक ड्रिल के दौरान मरीजों और परिजनों को मोबाइल के उपयोग से भी रोका गया है, ताकि जानकारी लीक होने से बचा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत किया गया है। डॉ. अमनदीप सिंह की देखरेख में अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा रही है, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। इसके अलावा, पीए सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि सभी संदेश तुरंत और स्पष्ट रूप से कर्मचारियों तक पहुंच सकें।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने अपनी तैयारियों को और भी सख्त कर दिया है। राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी और नेशनल हेल्थ मिशन चंडीगढ़ ने आज आदेश जारी कर सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में तैनात मेडिकल ऑफिसर्स और स्टाफ की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। कर्मचारियों को 24 घंटे, सातों दिन ड्यूटी के लिए तैयार रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यदि कोई कर्मचारी फोन बंद पाए गए या जवाब नहीं दिया, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पीजीआई के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. विपिन कौशल ने बताया कि आपदा प्रबंधन के लिए अस्पताल में नेहरू ग्राउंड फ्लोर पर एक विशेष आपदा वार्ड तैयार किया गया है। इस वार्ड के लिए एक अलग एंट्री गेट भी बनाया गया है, हालांकि फिलहाल इसे सामान्य मरीजों के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। डायरेक्टर हेल्थ सर्विस डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि कोविड काल की तरह आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जल्द की जाएगी, लेकिन फिलहाल की व्यवस्थाएं पहले से कहीं अधिक बेहतर हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>आपातकालीन तैयारियों के तहत उठाए गए कदम</strong></span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। नर्सिंग अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्टाफ को आपातकालीन स्थिति में मरीजों और उनके परिजनों को संभालने का प्रशिक्षण दें। इसके अलावा, जिन वार्डों में गोपनीयता की कमी थी, वहां अब ब्लैक चार्ट पेपर लगाकर गोपनीयता सुनिश्चित की जा रही है। मॉक ड्रिल के दौरान मरीजों और परिजनों को मोबाइल के उपयोग से भी रोका गया है, ताकि जानकारी लीक होने से बचा जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत किया गया है। डॉ. अमनदीप सिंह की देखरेख में अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जा रही है, ताकि आपातकालीन स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। इसके अलावा, पीए सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि सभी संदेश तुरंत और स्पष्ट रूप से कर्मचारियों तक पहुंच सकें।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40254.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Chandigarh: Leave of all medical officers cancelled, orders issued to be ready for emergency duty 24 hours a day and 7 days a week]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/indian-student-dies-afte-r-being-shot-in-canada]]></guid>
                       <title><![CDATA[कनाडा में गोली लगने से भातरीय छात्रा की मौत ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/indian-student-dies-afte-r-being-shot-in-canada]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 20 Apr 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कनाडा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ एक 21 वर्षीय भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना का शिकार हो गईं। ओंटारियो के हैमिल्टन स्थित मोहॉक कॉलेज में पढ़ाई कर रहीं हरसिमरत गोलीबारी का शिकार तब हुई जब वह काम पर जाने के लिए एक बस स्टॉप पर खड़ी होकर बस का इंतजार कर रही थीं। पुलिस के अनुसार, पास ही दो कारों में सवार लोगों के बीच गोलीबारी हो रही थी, और इसी दौरान चली एक गोली हरसिमरत के सीने में जा लगी, जिससे उनकी जान चली गई। टोरंटो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में उन्होंने हरसिमरत को एक निर्दोष पीड़िता बताया, जो बस स्टॉप पर हुई गोलीबारी के बीच फंस गईं। महावाणिज्य दूतावास ने यह भी जानकारी दी कि स्थानीय पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और वे पीड़ित परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं, उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इस मुश्किल घड़ी में दूतावास ने हरसिमरत के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें शाम करीब 7:30 बजे हैमिल्टन के अपर जेम्स इलाके में गोलीबारी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने हरसिमरत को गंभीर रूप से घायल पाया, जिनके सीने में गोली लगी थी। तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें बचाया नहीं जा सका। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला है कि एक काले रंग की कार में सवार लोगों ने एक सफेद रंग की कार पर गोलियां चलाई थीं, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। इस गोलीबारी की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पास के एक घर में भी गोली खिड़की तोड़कर अंदर तक चली गई, जिससे घर में मौजूद लोग बाल-बाल बचे। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कनाडा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ एक 21 वर्षीय भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना का शिकार हो गईं। ओंटारियो के हैमिल्टन स्थित मोहॉक कॉलेज में पढ़ाई कर रहीं हरसिमरत गोलीबारी का शिकार तब हुई जब वह काम पर जाने के लिए एक बस स्टॉप पर खड़ी होकर बस का इंतजार कर रही थीं। पुलिस के अनुसार, पास ही दो कारों में सवार लोगों के बीच गोलीबारी हो रही थी, और इसी दौरान चली एक गोली हरसिमरत के सीने में जा लगी, जिससे उनकी जान चली गई। टोरंटो में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में उन्होंने हरसिमरत को एक निर्दोष पीड़िता बताया, जो बस स्टॉप पर हुई गोलीबारी के बीच फंस गईं। महावाणिज्य दूतावास ने यह भी जानकारी दी कि स्थानीय पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और वे पीड़ित परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं, उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। इस मुश्किल घड़ी में दूतावास ने हरसिमरत के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें शाम करीब 7:30 बजे हैमिल्टन के अपर जेम्स इलाके में गोलीबारी की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने हरसिमरत को गंभीर रूप से घायल पाया, जिनके सीने में गोली लगी थी। तत्काल उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें बचाया नहीं जा सका। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला है कि एक काले रंग की कार में सवार लोगों ने एक सफेद रंग की कार पर गोलियां चलाई थीं, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। इस गोलीबारी की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पास के एक घर में भी गोली खिड़की तोड़कर अंदर तक चली गई, जिससे घर में मौजूद लोग बाल-बाल बचे। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40076.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Indian student dies after being shot in Canada]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/wakf-amendment-bill-will-be-discussed-in-parliament-today-uproar-expected]]></guid>
                       <title><![CDATA[संसद में आज वक्फ संशोधन विधेयक पर आज होगी चर्चा, हंगामे की संभावना ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/news-update/wakf-amendment-bill-will-be-discussed-in-parliament-today-uproar-expected]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Apr 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[आज संसद में राजनीतिक तापमान चरम पर रहेगा क्योंकि लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को दोपहर 12 बजे पेश किया जाएगा। केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड की शक्तियों को नियंत्रित करने और संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से इस विधेयक को लाया है। सरकार और विपक्ष दोनों ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी रणनीतियां बना ली हैं, जिससे संसद में गरमागरम बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया है, हालांकि विपक्ष ने 12 घंटे की मांग की थी, जिसे सरकार ने ठुकरा दिया। चर्चा के बाद बिल को पारित करने की प्रक्रिया शुरू होगी और फिर इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। चूंकि राज्यसभा में एनडीए के पास बहुमत नहीं है, सरकार को अपने सहयोगी दलों और कुछ अन्य सांसदों का समर्थन जुटाना होगा। वहीं, विपक्ष की ओर से विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) या स्थायी समिति के पास भेजने की मांग उठ सकती है, जैसा कि अगस्त 2024 में भी हुआ था। अगर दोनों सदनों से विधेयक पारित हो जाता है, तो इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा और वक्फ बोर्ड के प्रबंधन, संपत्तियों के नियमन और अन्य प्रस्तावित बदलाव लागू हो जाएंगे। सरकार ने अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है, जिसमें उन्हें आज सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य है कि बजट सत्र के समापन से पहले, यानी 4 अप्रैल तक, इस विधेयक को दोनों सदनों से पास कराया जाए।
वहीं, विपक्षी दल जैसे कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) इस बिल का कड़ा विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यह विधेयक असंवैधानिक है और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर सीधा हमला है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे मुस्लिम समुदाय को कमजोर करने की साजिश बताया है। बिल में कुल 44 संशोधन प्रस्तावित हैं, जिनमें वक्फ बोर्ड की असीमित शक्तियों को कम करना, गैर-मुस्लिम सदस्यों को बोर्ड में शामिल करना, और संपत्ति विवादों के निपटारे के लिए कलेक्टर को अधिकार देना शामिल है। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और मुस्लिम महिलाओं को विशेष लाभ मिलेगा। आज संसद में सुबह 11 बजे सत्र शुरू होगा और दोपहर 12 बजे बिल पेश किया जाएगा। विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी की संभावना है, जिससे कार्यवाही में व्यवधान आ सकता है। शाम तक चर्चा पूरी होने के बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी, जो तय करेगा कि यह विधेयक आगे बढ़ेगा या नहीं।इस राजनीतिक मुकाबले में, सरकार और विपक्ष के बीच का यह टकराव न केवल संसद के भीतर, बल्कि देशभर में भी चर्चाओं का केंद्र रहेगा।&nbsp;&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आज संसद में राजनीतिक तापमान चरम पर रहेगा क्योंकि लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 को दोपहर 12 बजे पेश किया जाएगा। केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड की शक्तियों को नियंत्रित करने और संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से इस विधेयक को लाया है। सरकार और विपक्ष दोनों ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी रणनीतियां बना ली हैं, जिससे संसद में गरमागरम बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किया है, हालांकि विपक्ष ने 12 घंटे की मांग की थी, जिसे सरकार ने ठुकरा दिया। चर्चा के बाद बिल को पारित करने की प्रक्रिया शुरू होगी और फिर इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। चूंकि राज्यसभा में एनडीए के पास बहुमत नहीं है, सरकार को अपने सहयोगी दलों और कुछ अन्य सांसदों का समर्थन जुटाना होगा। वहीं, विपक्ष की ओर से विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) या स्थायी समिति के पास भेजने की मांग उठ सकती है, जैसा कि अगस्त 2024 में भी हुआ था। अगर दोनों सदनों से विधेयक पारित हो जाता है, तो इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा और वक्फ बोर्ड के प्रबंधन, संपत्तियों के नियमन और अन्य प्रस्तावित बदलाव लागू हो जाएंगे। सरकार ने अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है, जिसमें उन्हें आज सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य है कि बजट सत्र के समापन से पहले, यानी 4 अप्रैल तक, इस विधेयक को दोनों सदनों से पास कराया जाए।<br />
वहीं, विपक्षी दल जैसे कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) इस बिल का कड़ा विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यह विधेयक असंवैधानिक है और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर सीधा हमला है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे मुस्लिम समुदाय को कमजोर करने की साजिश बताया है। बिल में कुल 44 संशोधन प्रस्तावित हैं, जिनमें वक्फ बोर्ड की असीमित शक्तियों को कम करना, गैर-मुस्लिम सदस्यों को बोर्ड में शामिल करना, और संपत्ति विवादों के निपटारे के लिए कलेक्टर को अधिकार देना शामिल है। सरकार का दावा है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और मुस्लिम महिलाओं को विशेष लाभ मिलेगा। आज संसद में सुबह 11 बजे सत्र शुरू होगा और दोपहर 12 बजे बिल पेश किया जाएगा। विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी की संभावना है, जिससे कार्यवाही में व्यवधान आ सकता है। शाम तक चर्चा पूरी होने के बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी, जो तय करेगा कि यह विधेयक आगे बढ़ेगा या नहीं।इस राजनीतिक मुकाबले में, सरकार और विपक्ष के बीच का यह टकराव न केवल संसद के भीतर, बल्कि देशभर में भी चर्चाओं का केंद्र रहेगा।&nbsp;&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39885.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Wakf Amendment Bill will be discussed in Parliament today, uproar expected]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/himachal-the-period-of-rain-and-snowfall-will-start-again-from-march-9-know-where-the-weather-will-deteriorate]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: 9 मार्च से फिर शुरू होगा बारिश-बर्फबारी का दौर, जानिए कहाँ-कहाँ बिगड़ेगा मौसम ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/himachal-the-period-of-rain-and-snowfall-will-start-again-from-march-9-know-where-the-weather-will-deteriorate]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 07 Mar 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर अब और तेज़ होने वाला है, जिससे अगले पांच दिनों तक राज्य में लगातार बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 मार्च से वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर से सक्रिय होगा, जिसका असर 12 मार्च तक रहेगा। इस दौरान, चंबा, कांगड़ा और लाहौल स्पीति के ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। 10 और 11 मार्च को प्रदेश के मध्यम और उच्च इलाकों में भी बादल बरस सकते हैं, जबकि 12 मार्च को पूरे राज्य में भारी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हालांकि, 7 और 8 मार्च को मौसम साफ रहेगा, जिससे तापमान में उछाल आएगा। लेकिन 9 मार्च के बाद ठंड की वापसी हो सकती है। पिछले सप्ताह की बर्फबारी के बाद कई इलाकों में जनजीवन अभी भी सामान्य नहीं हो पाया है। लाहौल-स्पीति में कई संपर्क मार्ग बंद हैं और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित है। बावजूद इसके, बीआरओ ने कड़ी मेहनत के बाद कुछ प्रमुख सड़कों को खोलने में सफलता प्राप्त की है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में फिर से गिरावट आ सकती है और ठंड बढ़ने के साथ बर्फबारी और बारिश का सिलसिला तेज़ हो सकता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर अब और तेज़ होने वाला है, जिससे अगले पांच दिनों तक राज्य में लगातार बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 9 मार्च से वेस्टर्न डिस्टरबेंस फिर से सक्रिय होगा, जिसका असर 12 मार्च तक रहेगा। इस दौरान, चंबा, कांगड़ा और लाहौल स्पीति के ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। 10 और 11 मार्च को प्रदेश के मध्यम और उच्च इलाकों में भी बादल बरस सकते हैं, जबकि 12 मार्च को पूरे राज्य में भारी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हालांकि, 7 और 8 मार्च को मौसम साफ रहेगा, जिससे तापमान में उछाल आएगा। लेकिन 9 मार्च के बाद ठंड की वापसी हो सकती है। पिछले सप्ताह की बर्फबारी के बाद कई इलाकों में जनजीवन अभी भी सामान्य नहीं हो पाया है। लाहौल-स्पीति में कई संपर्क मार्ग बंद हैं और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित है। बावजूद इसके, बीआरओ ने कड़ी मेहनत के बाद कुछ प्रमुख सड़कों को खोलने में सफलता प्राप्त की है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में फिर से गिरावट आ सकती है और ठंड बढ़ने के साथ बर्फबारी और बारिश का सिलसिला तेज़ हो सकता है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39657.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal-The- period- of- rain- and- snowfall- will- start- again- from- March- 9- know- where- the- weather- will- deteriorate]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/first-kidnapping-then-forced-sex-then-electric-shock-applied-to-the-genitals]]></guid>
                       <title><![CDATA[पहले किडनैपिंग फिर ज़बरदस्ती बनाएं यौन सम्बन्ध फिर गुप्तांग में लगा दिया करंट ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/first-kidnapping-then-forced-sex-then-electric-shock-applied-to-the-genitals]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 20 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[मोहाली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिमला के एक युवक के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं। पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए की पढ़ाई कर रहे इस छात्र ने मोहाली के एक सरपंच और उसके दोस्त करम देव किडनैपिंग, यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, उसे पहले किडनैप किया गया, फिर जबरन यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं उसके गुप्तांग पर करंट लगाया गया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उसे धमकाकर उसके मोबाइल से 30,000 रुपये भी ट्रांसफर करवा लिए। इस घटना से टूट चुके युवक ने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया। 19 जनवरी को वह पिंजौर पहुंचा और खुदकुशी से पहले रोते हुए अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसे उसने अपने कुछ जानने वाले लोगो को&nbsp; भेजदी। वीडियो देखने के बाद कुछ लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे आत्महत्या करने से रोक लिया, लेकिन वह बेहोश हो गया। 21 जनवरी को जब उसे होश आया। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में युवक का मेडिकल हुआ है, जिसमें कुकुर्म की पुष्टि की गई है । शिमला पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला खरड़ पुलिस को ट्रांसफर किया है. खरड़ पुलिस ने राजपुरा के सरपंच सहित दो लोगों पर मामला दर्ज किया है मामले की आगामी जांच जारी है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मोहाली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिमला के एक युवक के साथ दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं। पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए की पढ़ाई कर रहे इस छात्र ने मोहाली के एक सरपंच और उसके दोस्त करम देव किडनैपिंग, यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार, उसे पहले किडनैप किया गया, फिर जबरन यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं उसके गुप्तांग पर करंट लगाया गया और इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उसे धमकाकर उसके मोबाइल से 30,000 रुपये भी ट्रांसफर करवा लिए। इस घटना से टूट चुके युवक ने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया। 19 जनवरी को वह पिंजौर पहुंचा और खुदकुशी से पहले रोते हुए अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसे उसने अपने कुछ जानने वाले लोगो को&nbsp; भेजदी। वीडियो देखने के बाद कुछ लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे आत्महत्या करने से रोक लिया, लेकिन वह बेहोश हो गया। 21 जनवरी को जब उसे होश आया। शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में युवक का मेडिकल हुआ है, जिसमें कुकुर्म की पुष्टि की गई है । शिमला पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला खरड़ पुलिस को ट्रांसफर किया है. खरड़ पुलिस ने राजपुरा के सरपंच सहित दो लोगों पर मामला दर्ज किया है मामले की आगामी जांच जारी है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39544.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[First kidnapping, then forced sex, then electric shock applied to the genitals.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/no-tax-on-income-up-to-rs-1275-lakh-benefit-on-choosing-new-regime-will-be-able-to-file-returns-for-4-years-together]]></guid>
                       <title><![CDATA[12.75 लाख तक की इनकम पर टैक्स नहीं, नई रिजीम चुनने पर फायदा; 4 साल का रिटर्न एकसाथ कर सकेंगे फाइल ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/no-tax-on-income-up-to-rs-1275-lakh-benefit-on-choosing-new-regime-will-be-able-to-file-returns-for-4-years-together]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 01 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
नई दिल्ली: वित्त मंत्री ने बजट में टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणा की। अब सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। वहीं टीडीएस में भी राहत दी गई है। सीनियर सिटीजन को भी इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिली है। हालांकि यह फायदा उन्हीं टैक्सपेयर्स को मिलेगा जो नई टैक्स व्यवस्था के अनुसार आईटीआर फाइल करेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को अब कोई भी इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसमें 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल है। सीतारमण ने कहा कि 18 लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले टैक्सपेयर्स को 70,000 रुपये की बचत होगी जबकि 25 लाख तक 1.10 लाख रुपये की बचत होगी। सीतारमण ने कहा कि ITR और टीडीएस की सीमा बढ़ाई गई है। टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। टैक्स डिडक्शन में बुजुर्गों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है।

Old Tax Regime के तहत इनकम टैक्स दरें&nbsp;
0-4 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।&nbsp;
4-8 लाख की आय पर 5 प्रतिशत
8-12 लाख की आय पर 10 प्रतिशत
12-16 लाख की आय पर 15 प्रतिशत
16-20 लाख की आय पर 20 प्रतिशत
20-24 लाख की आय पर 25 प्रतिशत
24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत

इन्हें नहीं मिलेगा फायदा
सालाना 12.75 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स में छूट उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनकी आय सिर्फ सैलरी से होगी। अगर वे शेयर मार्केट या किसी और माध्यम से कमाई करते हैं तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में उन्हें इनकम टैक्स देना होगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">नई दिल्ली: वित्त मंत्री ने बजट में टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी घोषणा की। अब सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। वहीं टीडीएस में भी राहत दी गई है। सीनियर सिटीजन को भी इनकम टैक्स में बड़ी राहत मिली है। हालांकि यह फायदा उन्हीं टैक्सपेयर्स को मिलेगा जो नई टैक्स व्यवस्था के अनुसार आईटीआर फाइल करेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि सालाना 12.75 लाख रुपये तक कमाने वालों को अब कोई भी इनकम टैक्स नहीं देना होगा। इसमें 75 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल है। सीतारमण ने कहा कि 18 लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाले टैक्सपेयर्स को 70,000 रुपये की बचत होगी जबकि 25 लाख तक 1.10 लाख रुपये की बचत होगी। सीतारमण ने कहा कि ITR और टीडीएस की सीमा बढ़ाई गई है। टीडीएस की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। टैक्स डिडक्शन में बुजुर्गों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">Old Tax Regime के तहत इनकम टैक्स दरें&nbsp;<br />
0-4 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।&nbsp;<br />
4-8 लाख की आय पर 5 प्रतिशत<br />
8-12 लाख की आय पर 10 प्रतिशत<br />
12-16 लाख की आय पर 15 प्रतिशत<br />
16-20 लाख की आय पर 20 प्रतिशत<br />
20-24 लाख की आय पर 25 प्रतिशत<br />
24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इन्हें नहीं मिलेगा फायदा<br />
सालाना 12.75 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स में छूट उन्हीं लोगों को मिलेगी, जिनकी आय सिर्फ सैलरी से होगी। अगर वे शेयर मार्केट या किसी और माध्यम से कमाई करते हैं तो उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में उन्हें इनकम टैक्स देना होगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39393.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[No tax on income up to Rs 12.75 lakh, benefit on choosing new regime; Will be able to file returns for 4 years together]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/budget-2025-120-airports-will-be-built-in-the-country-in-10-years]]></guid>
                       <title><![CDATA[बजट 2025 : 10 साल में देश में बनेंगे 120 एयरपोर्ट ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/budget-2025-120-airports-will-be-built-in-the-country-in-10-years]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 01 Feb 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाये जाएंगे। आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2025 में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए ये अहम घोषणा की है, जिसमें अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य हवाई यात्रा को सुलभ बनाना और एयर कनेक्टिविटी को मजबूती देना है, खासकर छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में। इस योजना से न केवल स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और उद्योगों को भी गति मिलेगी। नए एयरपोर्ट के निर्माण से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। यह कदम प्रधानमंत्री की &quot;उड़ान&quot; योजना के तहत लिया जा रहा है, जिसका मकसद छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को हवाई मार्ग से जोड़ना है। इससे न केवल यात्रा में सुगमता आएगी, बल्कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाये जाएंगे। आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2025 में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए ये अहम घोषणा की है, जिसमें अगले 10 सालों में देशभर में 120 नए एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव किया गया है। इसका उद्देश्य हवाई यात्रा को सुलभ बनाना और एयर कनेक्टिविटी को मजबूती देना है, खासकर छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों में। इस योजना से न केवल स्थानीय विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और उद्योगों को भी गति मिलेगी। नए एयरपोर्ट के निर्माण से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। यह कदम प्रधानमंत्री की &quot;उड़ान&quot; योजना के तहत लिया जा रहा है, जिसका मकसद छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को हवाई मार्ग से जोड़ना है। इससे न केवल यात्रा में सुगमता आएगी, बल्कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall39392.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Budget 2025: 120 airports will be built in the country in 10 years]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/breaking-news/news-update/cm-arvind-kejriwal-announced-his-resignation-will-make-someone-else-the-chief-minister]]></guid>
                       <title><![CDATA[CM अरविंद केजरीवाल ने किया इस्तीफे का ऐलान, किसी और को बनाएंगे मुख्यमंत्री]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/breaking-news/news-update/cm-arvind-kejriwal-announced-his-resignation-will-make-someone-else-the-chief-minister]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 15 Sep 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने अगले दो दिन में सीएम के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि अगले दो दिन में विधायक दल की बैठक होगी और नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा. अगला सीएम भी आम आदमी पार्टी से ही कोई होगा.&nbsp;

सीएम अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए कहा, &quot;जब तक जनता की अदालत में जीत नहीं जाता हूं, तब तक मैं सीएम नहीं बनूंगा. मैं चाहता हूं कि दिल्ली का चुनाव नवंबर में हो. जनता वोट देकर जिताए, उसके बाद मैं सीएम की कुर्सी पर बैठूंगा.&quot;

&#39;ना झुकेंगे ना रुकेंगे और ना बिकेंगे&#39;- CM केजरीवाल
आप कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, &quot;जनता के आशीर्वाद से बीजेपी के सारे षड्यंत्र का मुकाबला करने की ताकत रखते हैं. बीजेपी के आगे हम ना झुकेंगे, ना रुकेंगे और ना बिकेंगे. आज दिल्ली के लिए कितना कुछ कर पाए क्योंकि हम ईमानदार हैं. आज ये (बीजेपी) हमारी ईमानदारी से डरते हैं क्योंकि ये ईमानदार नहीं है.&quot;

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, &quot;मैं &#39;पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा&#39; इस खेल का हिस्सा बनने नहीं आया था. दो दिन बाद मैं CM पद से इस्तीफा दे दूंगा. कानून की अदालत से मुझे इंसाफ मिला, अब जनता की अदालत मुझे इंसाफ देगी.&quot;

&#39;हमारे बड़े-बड़े दुश्मन हैं&#39;
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें वॉर्निंग दी गई कि अगर दूसरी बार लेटर लिखा तो जेल में फैमिली से मुलाकत बंद कर दी जाएगी. सीएम ने कहा, &quot;हमारे बड़े-बड़े दुश्मन हैं. सत्येंद्र जैन और अमानतुल्ला खान भी जल्द बाहर आएंगे. हम लोगों के ऊपर भगवान भोलेनाथ का हाथ है, उनका आशीर्वाद साथ रहता है.&quot;

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे जनता के बीच जाएंगे औऱ जनता की अदालत उनके मुख्यमंत्री होने या न होने का फैसला करेगी।&nbsp;आम आदमी पार्टी की रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वे जनता के बीच जाएंगे। वे जनता से पूछेंगे कि आप मुझे ईमानदार मानते हो भ्रष्ट। जनता के फैसले के बाद ही वे आगे कोई निर्णय करेंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="margin: 0px 0px 24px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, &quot;Fira Sans&quot;, &quot;Droid Sans&quot;, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif; font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto; width: 715px; font-size: 20px; line-height: 1.6; color: rgb(45, 45, 45); text-align: justify;">&nbsp;दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान कर दिया है. उन्होंने अगले दो दिन में सीएम के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि अगले दो दिन में विधायक दल की बैठक होगी और नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाएगा. अगला सीएम भी आम आदमी पार्टी से ही कोई होगा.&nbsp;</p>

<p style="margin: 0px 0px 24px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, &quot;Fira Sans&quot;, &quot;Droid Sans&quot;, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif; font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto; width: 715px; font-size: 20px; line-height: 1.6; color: rgb(45, 45, 45); text-align: justify;">सीएम अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और जनता को संबोधित करते हुए कहा, &quot;जब तक जनता की अदालत में जीत नहीं जाता हूं, तब तक मैं सीएम नहीं बनूंगा. मैं चाहता हूं कि दिल्ली का चुनाव नवंबर में हो. जनता वोट देकर जिताए, उसके बाद मैं सीएम की कुर्सी पर बैठूंगा.&quot;</p>

<p style="margin: 0px 0px 24px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, &quot;Fira Sans&quot;, &quot;Droid Sans&quot;, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif; font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto; width: 715px; font-size: 20px; line-height: 1.6; color: rgb(45, 45, 45); text-align: justify;"><strong style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: var(--primary-font); font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto;">&#39;ना झुकेंगे ना रुकेंगे और ना बिकेंगे&#39;- CM केजरीवाल</strong><br style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: var(--primary-font); font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto;" />
आप कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, &quot;जनता के आशीर्वाद से बीजेपी के सारे षड्यंत्र का मुकाबला करने की ताकत रखते हैं. बीजेपी के आगे हम ना झुकेंगे, ना रुकेंगे और ना बिकेंगे. आज दिल्ली के लिए कितना कुछ कर पाए क्योंकि हम ईमानदार हैं. आज ये (बीजेपी) हमारी ईमानदारी से डरते हैं क्योंकि ये ईमानदार नहीं है.&quot;</p>

<p style="margin: 0px 0px 24px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, &quot;Fira Sans&quot;, &quot;Droid Sans&quot;, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif; font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto; width: 715px; font-size: 20px; line-height: 1.6; color: rgb(45, 45, 45); text-align: justify;">मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, &quot;मैं &#39;पैसे से सत्ता और सत्ता से पैसा&#39; इस खेल का हिस्सा बनने नहीं आया था. दो दिन बाद मैं CM पद से इस्तीफा दे दूंगा. कानून की अदालत से मुझे इंसाफ मिला, अब जनता की अदालत मुझे इंसाफ देगी.&quot;</p>

<p style="margin: 0px 0px 24px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, &quot;Fira Sans&quot;, &quot;Droid Sans&quot;, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif; font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto; width: 715px; font-size: 20px; line-height: 1.6; color: rgb(45, 45, 45); text-align: justify;"><strong style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: var(--primary-font); font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto;">&#39;हमारे बड़े-बड़े दुश्मन हैं&#39;</strong><br style="margin: 0px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: var(--primary-font); font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto;" />
सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें वॉर्निंग दी गई कि अगर दूसरी बार लेटर लिखा तो जेल में फैमिली से मुलाकत बंद कर दी जाएगी. सीएम ने कहा, &quot;हमारे बड़े-बड़े दुश्मन हैं. सत्येंद्र जैन और अमानतुल्ला खान भी जल्द बाहर आएंगे. हम लोगों के ऊपर भगवान भोलेनाथ का हाथ है, उनका आशीर्वाद साथ रहता है.&quot;</p>

<p style="margin: 0px 0px 24px; padding: 0px; box-sizing: border-box; text-rendering: optimizespeed; font-family: &quot;Noto Sans Devanagari&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, Oxygen, Ubuntu, Cantarell, &quot;Fira Sans&quot;, &quot;Droid Sans&quot;, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif; font-stretch: normal; font-optical-sizing: auto; width: 715px; font-size: 20px; line-height: 1.6; color: rgb(45, 45, 45); text-align: justify;"><span style="color: rgb(33, 37, 41); font-family: &quot;Noto Sans&quot;, sans-serif; text-align: justify; box-sizing: border-box;">अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वे जनता के बीच जाएंगे औऱ जनता की अदालत उनके मुख्यमंत्री होने या न होने का फैसला करेगी।&nbsp;</span><span style="color: rgb(33, 37, 41); font-family: &quot;Noto Sans&quot;, sans-serif; text-align: justify;">आम आदमी पार्टी की रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वे जनता के बीच जाएंगे। वे जनता से पूछेंगे कि आप मुझे ईमानदार मानते हो भ्रष्ट। जनता के फैसले के बाद ही वे आगे कोई निर्णय करेंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall37776.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[CM Arvind Kejriwal announced his resignation, will make someone else the Chief Minister]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/sheikh-hasina-left-the-country-bangladesh-army-chief-announced-the-formation-of-interim-government]]></guid>
                       <title><![CDATA[शेख़ हसीना ने देश छोड़ा, बांग्लादेश के आर्मी चीफ़ ने अंतरिम सरकार के गठन का किया एलान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/sheikh-hasina-left-the-country-bangladesh-army-chief-announced-the-formation-of-interim-government]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 05 Aug 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[ढाका: बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के पद से इस्तीफे और देश छोड़ने के बाद आर्मी चीफ ने लोगों से शांति की अपील की है। बांग्लादेश के आर्मी चीफ वकार-उज-जमान ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि शेख हसीना ने पीएम पद छोड़ दिया है और देश छोड़कर चली गई हैं। ऐसे में राजनीतिक उथलपुथल को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों से बात की गई है और अब राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से मिलकर अंतरिम सरकार बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। हालांकि उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ उनकी बैठक में हसीना की पार्टी अवामी लीग से कोई शामिल नहीं हुआ। बैठक में जमात और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी से देश के मौजूदा हालात पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार सभी दलों की भागीदारी से बनेगी।


बांग्लादेश सेना प्रमुख ने लोगों से शांकि अपील करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्दी ही स्थिति में सुधार होगा। सेना प्रमुख वकार ने कहा कि उन्होंने सैनिकों को गोली ना चलाने का करने का निर्देश दिया है। ऐसे में लोग खुद घरों को लौटें और हिंसा बंद करें। ऐसे में स्थिति में सुधार होने पर कर्फ्यू और दूसरे प्रतिबंधों की आवश्यकता नहीं होगी। सेना प्रमुख ने विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई सभी मौतों की जांच कराए जाने का ऐलान किया है।

हिंसा को रोका जाए: आर्मी चीफ
जनरल वकार ने कहा कि देश में सभी तरह की हिंसा को तुरंत रोका जाए। उन्होंने छात्रों से वादा किया कि नई सरकार भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान हुई सभी मौतों के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी। ढाका विश्वविद्यालय के कानून विभाग के प्रोफेसर आसिफ नजरूल ने एक बयान जारी कर छात्रों से विरोध प्रदर्शन बंद करने का अनुरोध करने के लिए कहा गया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ढाका: बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के पद से इस्तीफे और देश छोड़ने के बाद आर्मी चीफ ने लोगों से शांति की अपील की है। बांग्लादेश के आर्मी चीफ वकार-उज-जमान ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि शेख हसीना ने पीएम पद छोड़ दिया है और देश छोड़कर चली गई हैं। ऐसे में राजनीतिक उथलपुथल को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों से बात की गई है और अब राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से मिलकर अंतरिम सरकार बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। हालांकि उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ उनकी बैठक में हसीना की पार्टी अवामी लीग से कोई शामिल नहीं हुआ। बैठक में जमात और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी से देश के मौजूदा हालात पर चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार सभी दलों की भागीदारी से बनेगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">बांग्लादेश सेना प्रमुख ने लोगों से शांकि अपील करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्दी ही स्थिति में सुधार होगा। सेना प्रमुख वकार ने कहा कि उन्होंने सैनिकों को गोली ना चलाने का करने का निर्देश दिया है। ऐसे में लोग खुद घरों को लौटें और हिंसा बंद करें। ऐसे में स्थिति में सुधार होने पर कर्फ्यू और दूसरे प्रतिबंधों की आवश्यकता नहीं होगी। सेना प्रमुख ने विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई सभी मौतों की जांच कराए जाने का ऐलान किया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिंसा को रोका जाए: आर्मी चीफ<br />
जनरल वकार ने कहा कि देश में सभी तरह की हिंसा को तुरंत रोका जाए। उन्होंने छात्रों से वादा किया कि नई सरकार भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन के दौरान हुई सभी मौतों के लिए न्याय सुनिश्चित करेगी। ढाका विश्वविद्यालय के कानून विभाग के प्रोफेसर आसिफ नजरूल ने एक बयान जारी कर छात्रों से विरोध प्रदर्शन बंद करने का अनुरोध करने के लिए कहा गया है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall37249.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sheikh Hasina left the country, Bangladesh Army Chief announced the formation of interim government]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/announcement-of-rs-50-thousand-as-immediate-relief-to-the-affected-people-and-rs-5000-for-house-on-rent-cm-sukhu]]></guid>
                       <title><![CDATA[प्रभावितों को फौरी राहत के रूप में 50 हजार और किराए पर मकान के लिए 5000 रुपये की घोषणा: सीएम सुक्खू ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/announcement-of-rs-50-thousand-as-immediate-relief-to-the-affected-people-and-rs-5000-for-house-on-rent-cm-sukhu]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 02 Aug 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला शिमला के रामपुर में बादल फटने के कारण प्रभावित हुए समेज क्षेत्र का दौरा कर राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। इस दुःखद् घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और आपदा प्रभावितों के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आपदा प्रभावित परिवार को तत्काल वित्तीय सहायता के रूप में 50 हजार रुपये और किराए पर आवासीय सुविधा के लिए तीन महीने के लिए प्रतिमाह पांच हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार भोजन, रसोई गैस, कंबल और चूल्हे जैसी मूलभूत वस्तुएं निःशुल्क प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को आश्वासन दिया कि उनके घरों के पुनर्निर्माण के लिए शीघ्र वित्तीय सहायता की घोषणा की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को विस्थापित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि इन परिवारों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समेज के विद्यार्थियों से भेंट की, जिनके आठ सहपाठी इस घटना के बाद लापता हैं। आठवीं कक्षा के विद्यार्थी राखी और कार्तिक ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस घटना से वे सदमें में हैं और उनका स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ढाढस बंधाते हुए उन्हें हौसला रखने और परिवार का सहयोग करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बेहतर और बड़ा स्कूल फिर से निर्मित किया जाएगा।
समेज की निवासी बिमला देवी ने बादल फटने की घटना वाली भयानक रात को याद करते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि गांव के लोग डर के साए में जी रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों के दुःख-दर्द को साझा किया और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। दुःख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और आपदा प्रभावितों को भरपूर सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आपदा को झेल रहा हर प्रभावित परिवार मेरे परिवार के सदस्य के समान है और प्रभावित परिवारों के लिए शीघ्र ही आपदा राहत की घोषणा की जाएगी।
उन्होंने जानकारी दी कि समेज में 33 लोग लापता हैं और आपदा में फंसे दस लोगों को सफलतापूर्वक सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा गांव में 38 घर और दो पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।&nbsp; &nbsp; &nbsp;&nbsp;
बाद में समेज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला, मंडी और कुल्लू में बादल फटने और भारी बारिश से मानव जीवन और संपत्ति को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इन जिलों में पांच स्थानों पर बादल फटेे हैं जिससे क्षेत्र में हर तरफ तबाही का खौफनाक मंजर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में यातायात और पैदल चलने योग्य 14 पुल, 115 घर, 23 गोशाला, 10 दुकानें और मछली फॉर्म की तीन दुकानें तबाह हो गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युद्ध स्तर पर बचाव और राहत कार्य कर रही है। अब तक आपदा में फंसे 55 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका हैै। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता के आधार पर सड़कों को बहाल करने के लिए कहा गया है ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सातवें वित्त आयोग के अध्यक्ष नदंलाल, आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार, उपायुक्त शिमला अनुुपम कश्यप, उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस. रवीश और अन्य अधिकारी इस दौरान उपस्थित थे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज जिला शिमला के रामपुर में बादल फटने के कारण प्रभावित हुए समेज क्षेत्र का दौरा कर राहत और पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया। इस दुःखद् घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और आपदा प्रभावितों के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आपदा प्रभावित परिवार को तत्काल वित्तीय सहायता के रूप में 50 हजार रुपये और किराए पर आवासीय सुविधा के लिए तीन महीने के लिए प्रतिमाह पांच हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार भोजन, रसोई गैस, कंबल और चूल्हे जैसी मूलभूत वस्तुएं निःशुल्क प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।<br />
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों को आश्वासन दिया कि उनके घरों के पुनर्निर्माण के लिए शीघ्र वित्तीय सहायता की घोषणा की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को विस्थापित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए ताकि इन परिवारों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।<br />
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समेज के विद्यार्थियों से भेंट की, जिनके आठ सहपाठी इस घटना के बाद लापता हैं। आठवीं कक्षा के विद्यार्थी राखी और कार्तिक ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस घटना से वे सदमें में हैं और उनका स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को ढाढस बंधाते हुए उन्हें हौसला रखने और परिवार का सहयोग करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बेहतर और बड़ा स्कूल फिर से निर्मित किया जाएगा।<br />
समेज की निवासी बिमला देवी ने बादल फटने की घटना वाली भयानक रात को याद करते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि गांव के लोग डर के साए में जी रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों के दुःख-दर्द को साझा किया और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। दुःख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और आपदा प्रभावितों को भरपूर सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आपदा को झेल रहा हर प्रभावित परिवार मेरे परिवार के सदस्य के समान है और प्रभावित परिवारों के लिए शीघ्र ही आपदा राहत की घोषणा की जाएगी।<br />
उन्होंने जानकारी दी कि समेज में 33 लोग लापता हैं और आपदा में फंसे दस लोगों को सफलतापूर्वक सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा गांव में 38 घर और दो पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं।&nbsp; &nbsp; &nbsp;&nbsp;<br />
बाद में समेज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला, मंडी और कुल्लू में बादल फटने और भारी बारिश से मानव जीवन और संपत्ति को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इन जिलों में पांच स्थानों पर बादल फटेे हैं जिससे क्षेत्र में हर तरफ तबाही का खौफनाक मंजर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में यातायात और पैदल चलने योग्य 14 पुल, 115 घर, 23 गोशाला, 10 दुकानें और मछली फॉर्म की तीन दुकानें तबाह हो गई हैं।<br />
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युद्ध स्तर पर बचाव और राहत कार्य कर रही है। अब तक आपदा में फंसे 55 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका हैै। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग को प्राथमिकता के आधार पर सड़कों को बहाल करने के लिए कहा गया है ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।<br />
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, सातवें वित्त आयोग के अध्यक्ष नदंलाल, आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार, उपायुक्त शिमला अनुुपम कश्यप, उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस. रवीश और अन्य अधिकारी इस दौरान उपस्थित थे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall37198.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Announcement of Rs 50 thousand as immediate relief to the affected people and Rs 5000 for house on rent: CM Sukhu]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/literature/news-update/himachal/52-soldiers-of-himachal-sacrificed-their-lives-in-kargil-war]]></guid>
                       <title><![CDATA[कारगिल युद्ध में हिमाचल के 52 जवानों ने दिया अपने जीवन का बलिदान ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/literature/news-update/himachal/52-soldiers-of-himachal-sacrificed-their-lives-in-kargil-war]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 26 Jul 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[राइफलमैन संजय कुमार और कैप्टेन विक्रम बत्रा को परमवीर चक्र से&nbsp; सम्मानित किया गया


कारगिल युद्ध में हिमाचल के 52 जवानों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था। इसमें कांगड़ा जिले के सबसे अधिक 15 जवान शहीद हुए थे। मंडी जिले से 11, हमीरपुर के सात, बिलासपुर के सात, शिमला से चार, ऊना से दो, सोलन और सिरमौर से दो-दो जबकि चंबा और कुल्लू जिले से एक-एक जवान शहीद हुआ था। कारगिल युद्ध में पहले शहीद कैप्टेन सौरभ कालिया भी हिमाचल के पालमपुर से ही ताल्लुख रखते थे। हिमाचल प्रदेश के राइफलमैन संजय कुमार और कैप्टेन विक्रम बत्रा को परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया।&nbsp;

&nbsp;

दुश्मन की मशीनगन से ही दुश्मन को भून डाला संजय कुमार ने&nbsp;


हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के रहने वाले संजय कुमार को इसी अदम्य साहस के लिए परमवीर चक्र का सम्मान मिला।प्वाइंट 4875 पर राइफलमैन संजय कुमार की बहादुरी ने भारतीय सेना को आगे बढ़ने का आधार दिया था। एक दिन पूर्व ही इस प्वाइंट पर संजय कुमार की चीते सी फुर्ती से दुश्मन पर कहर बनकर टूटी थी। संजय कुमार प्वाइंट 4875 पर पहुंचे ही थे कि उनका सामना दुश्मन के आटोमैटिक फायर से हो गया। संजय कुमार तीन दुश्मनों के साथ गुत्थमगुत्था हो गए। हैंड टू हैंड फाइट में संजय कुमार ने तीनों को मौत के घाट उतार दिया। दुश्मन टुकड़ी के शेष जवान घबराहट में अपनी यूनिवर्सल मशीन गन छोड़कर भागने लगे। बुरी तरह से घायल संजय कुमार ने उसी यूएमजी से भागते दुश्मनों को भी ढेर कर दिया।&nbsp;
&nbsp;


&nbsp;कैप्टेन विक्रम बत्रा की शाहदत की कसमें खाते है सैनिक&nbsp;


पहली जून 1999 को कैप्टेन विक्रम बत्रा की&nbsp; टुकड़ी को कारगिल युद्ध में भेजा गया। हम्प और राकी नाब स्थानों को जीतने के बाद उसी समय विक्रम को कैप्टन बना दिया गया। इसके बाद श्रीनगर-लेह मार्ग के ठीक ऊपर सबसे 5140 चोटी को पाक सेना से मुक्त करवाने का जिम्मा भी कैप्टन विक्रम बत्रा को दिया गया।विक्रम बत्रा ने अपने साथियों के साथ 20 जून 1999 को सुबह तीन बजकर 30 मिनट पर इस चोटी को अपने कब्जे में ले लिया।विक्रम बत्रा ने जब इस चोटी से रेडियो के जरिए अपना विजय &lsquo;यह दिल मांगे मोर&rsquo; कहा तो पुरे हिन्दुस्तान में उनका नाम छा गया।&nbsp; इसके बाद सेना ने चोटी 4875 को भी कब्जे में लेने का अभियान शुरू कर दिया, जिसकी&nbsp; बागडोर भी विक्रम को सौंपी गई। उन्होंने जान की परवाह न करते हुए लेफ्टिनेंट अनुज नैयर के साथ कई पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारा। कारगिल के युद्ध के दौरान उनका कोड नाम &#39;शेर शाह&#39; था। पॉइट 5140 चोटी पर हिम्मत की वजह से ये नाम मिला।कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा 7 जुलाई को शहीद हो गए।शहीद होने के बाद उन्हें परमवीर चक्र से नवाजा गया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राइफलमैन संजय कुमार और कैप्टेन विक्रम बत्रा को परमवीर चक्र से&nbsp; सम्मानित किया गया</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">कारगिल युद्ध में हिमाचल के 52 जवानों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था। इसमें कांगड़ा जिले के सबसे अधिक 15 जवान शहीद हुए थे। मंडी जिले से 11, हमीरपुर के सात, बिलासपुर के सात, शिमला से चार, ऊना से दो, सोलन और सिरमौर से दो-दो जबकि चंबा और कुल्लू जिले से एक-एक जवान शहीद हुआ था। कारगिल युद्ध में पहले शहीद कैप्टेन सौरभ कालिया भी हिमाचल के पालमपुर से ही ताल्लुख रखते थे। हिमाचल प्रदेश के राइफलमैन संजय कुमार और कैप्टेन विक्रम बत्रा को परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दुश्मन की मशीनगन से ही दुश्मन को भून डाला संजय कुमार ने&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के रहने वाले संजय कुमार को इसी अदम्य साहस के लिए परमवीर चक्र का सम्मान मिला।प्वाइंट 4875 पर राइफलमैन संजय कुमार की बहादुरी ने भारतीय सेना को आगे बढ़ने का आधार दिया था। एक दिन पूर्व ही इस प्वाइंट पर संजय कुमार की चीते सी फुर्ती से दुश्मन पर कहर बनकर टूटी थी। संजय कुमार प्वाइंट 4875 पर पहुंचे ही थे कि उनका सामना दुश्मन के आटोमैटिक फायर से हो गया। संजय कुमार तीन दुश्मनों के साथ गुत्थमगुत्था हो गए। हैंड टू हैंड फाइट में संजय कुमार ने तीनों को मौत के घाट उतार दिया। दुश्मन टुकड़ी के शेष जवान घबराहट में अपनी यूनिवर्सल मशीन गन छोड़कर भागने लगे। बुरी तरह से घायल संजय कुमार ने उसी यूएमजी से भागते दुश्मनों को भी ढेर कर दिया।&nbsp;</span><br />
&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">&nbsp;कैप्टेन विक्रम बत्रा की शाहदत की कसमें खाते है सैनिक&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">पहली जून 1999 को कैप्टेन विक्रम बत्रा की&nbsp; टुकड़ी को कारगिल युद्ध में भेजा गया। हम्प और राकी नाब स्थानों को जीतने के बाद उसी समय विक्रम को कैप्टन बना दिया गया। इसके बाद श्रीनगर-लेह मार्ग के ठीक ऊपर सबसे 5140 चोटी को पाक सेना से मुक्त करवाने का जिम्मा भी कैप्टन विक्रम बत्रा को दिया गया।विक्रम बत्रा ने अपने साथियों के साथ 20 जून 1999 को सुबह तीन बजकर 30 मिनट पर इस चोटी को अपने कब्जे में ले लिया।विक्रम बत्रा ने जब इस चोटी से रेडियो के जरिए अपना विजय &lsquo;यह दिल मांगे मोर&rsquo; कहा तो पुरे हिन्दुस्तान में उनका नाम छा गया।&nbsp; इसके बाद सेना ने चोटी 4875 को भी कब्जे में लेने का अभियान शुरू कर दिया, जिसकी&nbsp; बागडोर भी विक्रम को सौंपी गई। उन्होंने जान की परवाह न करते हुए लेफ्टिनेंट अनुज नैयर के साथ कई पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारा। कारगिल के युद्ध के दौरान उनका कोड नाम &#39;शेर शाह&#39; था। पॉइट 5140 चोटी पर हिम्मत की वजह से ये नाम मिला।कारगिल युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा 7 जुलाई को शहीद हो गए।शहीद होने के बाद उन्हें परमवीर चक्र से नवाजा गया।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall37064.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[52 soldiers of Himachal sacrificed their lives in Kargil war]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/literature/news-update/himachal/himachal-is-the-land-of-brave-warriors]]></guid>
                       <title><![CDATA[वीर रण बांकुरों की भूमि है हिमाचल   ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/literature/news-update/himachal/himachal-is-the-land-of-brave-warriors]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 26 Jul 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल देवभूमि ही नहीं वीर भूमि भी है। हिमाचल के वीर सपूतों ने जब-जब भी जरूरत पड़ी देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। बात चाहे सीमाओं की सुरक्षा की हो या फिर आतंकवादियों को ढेर करने की, देवभूमि के रणबांकुरे अग्रिम पंक्ति में रहे। सेना के पहले परमवीर चक्र विजेता हिमाचल से ही सम्बन्ध रखते है। कांगड़ा जिला के मेजर सोमनाथ शर्मा ने पहला परमवीर चक्र मेडल हासिल कर हिमाचली साहस से दुनिया का परिचय करवाया था। मेजर सोमनाथ ही नहीं, पालमपुर के कैप्टन विक्रम बत्रा, धर्मशाला के लेफ्टिनेंट कर्नल डीएस थापा और बिलासपुर के राइफलमैन संजय कुमार समेत प्रदेश के चार वीरों ने परमवीर चक्र हासिल कर हिमाचलियों के अदम्य साहस का परिचय दिया है। देश में अब तक दिए गए कुल 21 परमवीर चक्रों में से सबसे अधिक, चार परमवीर चक्र हिमाचल प्रदेश के नाम हैं।

1. मेजर सोमनाथ शर्मा
भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी-कमांडर मेजर सोमनाथ शर्मा ने 1947 में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत उनकी वीरता के लिए परमवीर चक्र से नवाजा गया। परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा का जन्म 31 जनवरी 1923 को कांगड़ा जिले में हुआ था। मेजर शर्मा मात्र 24 साल की उम्र में तीन नवंबर 1947 को पाकिस्तानी घुसपैठियों को बेदखल करते समय शहीद हो गए थे। युद्ध के दौरान जब वह एक साथी जवान की बंदूक में गोली भरने में मदद कर रहे थे तभी एक मोर्टार का गोला आकर गिरा। विस्फोट में उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। मेजर शर्मा सदैव अपनी पैंट की जेब में गीता रखते थे। जेब में रखी गीता और उनकी बंदूक के खोल से उनके पार्थिव शरीर की पहचान की गई थी।


2. कैप्टेन विक्रम बत्रा
विक्रम बत्रा भारतीय सेना के वो ऑफिसर थे, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की। इसके बाद उन्हें भारत के वीरता सम्मान परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया। ये वो जाबाज़ जवान है जिसने शहीद होने से पहले अपने बहुत से साथियों को बचाया और जिसके बारे में खुद इंडियन आर्मी चीफ ने कहा था कि अगर वो जिंदा वापस आता, तो इंडियन आर्मी का हेड बन गया होता। परमवीर चक्र पाने वाले विक्रम बत्रा आखिरी हैं। 7 जुलाई 1999 को उनकी मौत एक जख्मी ऑफिसर को बचाते हुए हुई थी। इस ऑफिसर को बचाते हुए कैप्टन ने कहा था, &lsquo;तुम हट जाओ. तुम्हारे बीवी-बच्चे हैं&rsquo;।


3.&nbsp; मेजर धनसिंह थापा
मेजर धनसिंह थापा परमवीर चक्र से सम्मानित नेपाली मूल के भारतीय सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान वर्ष&nbsp; 1962 मे मिला। वे अगस्त 1949में भारतीय सेना की आठवीं गोरखा राइफल्स में अधिकारी के रूप में शामिल हुए थे। भारत द्वारा अधिकृत विवादित क्षेत्र में बढ़ते चीनी घुसपैठ के जवाब में भारत सरकार ने &quot;फॉरवर्ड पॉलिसी&quot; को लागू किया। योजना यह थी कि चीन के सामने कई छोटी-छोटी पोस्टों की स्थापना की जाए। पांगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर 8 गोरखा राइफल्स की प्रथम बटालियन द्वारा स्थापित एक पोस्ट थी जो मेजर धन सिंह थापा की कमान में थी। जल्द ही यह पोस्ट चीनी सेनाओं द्वारा घेर ली गई। मेजर थापा और उनके सैनिकों ने इस पोस्ट पर होने वाले तीन आक्रमणों को असफल कर दिया। थापा सहित बचे लोगों को युद्ध के कैदियों के रूप में कैद कर लिया गया था। अपने महान कृत्यों और अपने सैनिकों को युद्ध के दौरान प्रेरित करने के उनके प्रयासों के कारण उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।


4. राइफल मैन संजय कुमार
परमवीर राइफलमैन संजय कुमार, वो जांबाज सिपाही है जिन्होंने कारगिल वॉर के दौरान अदम्य शौर्य का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को उसी के हथियार से धूल चटाई थी। लहूलुहान होने के बावजूद संजय कुमार तब तक दुश्मन से जूझते रहे थे, जब तक प्वाइंट फ्लैट टॉप दुश्मन से पूरी तरह खाली नहीं हो गया। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से भारतीय सेना में भर्ती हुए सूबेदार संजय कुमार की शौर्यगाथा प्रेरणादायक है। 4 जुलाई 1999 को राइफल मैन संजय कुमार जब चौकी नंबर 4875 पर हमले के लिए आगे बढ़े तो एक जगह से दुश्मन ऑटोमेटिक गन ने जबरदस्त गोलीबारी शुरू कर दी और टुकड़ी का आगे बढ़ना कठिन हो गया। ऐसी स्थिति में गंभीरता को देखते हुए राइफल मैन संजय कुमार ने तय किया कि उस ठिकाने को अचानक हमले से खामोश करा दिया जाए। इस इरादे से संजय ने यकायक उस जगह हमला करके आमने-सामने की मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानियों को मार गिराया। अचानक हुए हमले से दुश्मन बौखला कर भाग खड़ा हुआ और इस भगदड़ में दुश्मन अपनी यूनिवर्सल मशीनगन भी छोड़ गए। संजय कुमार ने वो गन भी हथियाई और उससे दुश्मन का ही सफाया शुरू कर दिया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल देवभूमि ही नहीं वीर भूमि भी है। हिमाचल के वीर सपूतों ने जब-जब भी जरूरत पड़ी देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। बात चाहे सीमाओं की सुरक्षा की हो या फिर आतंकवादियों को ढेर करने की, देवभूमि के रणबांकुरे अग्रिम पंक्ति में रहे। सेना के पहले परमवीर चक्र विजेता हिमाचल से ही सम्बन्ध रखते है। कांगड़ा जिला के मेजर सोमनाथ शर्मा ने पहला परमवीर चक्र मेडल हासिल कर हिमाचली साहस से दुनिया का परिचय करवाया था। मेजर सोमनाथ ही नहीं, पालमपुर के कैप्टन विक्रम बत्रा, धर्मशाला के लेफ्टिनेंट कर्नल डीएस थापा और बिलासपुर के राइफलमैन संजय कुमार समेत प्रदेश के चार वीरों ने परमवीर चक्र हासिल कर हिमाचलियों के अदम्य साहस का परिचय दिया है। देश में अब तक दिए गए कुल 21 परमवीर चक्रों में से सबसे अधिक, चार परमवीर चक्र हिमाचल प्रदेश के नाम हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">1. मेजर सोमनाथ शर्मा<br />
भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी-कमांडर मेजर सोमनाथ शर्मा ने 1947 में पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत उनकी वीरता के लिए परमवीर चक्र से नवाजा गया। परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा का जन्म 31 जनवरी 1923 को कांगड़ा जिले में हुआ था। मेजर शर्मा मात्र 24 साल की उम्र में तीन नवंबर 1947 को पाकिस्तानी घुसपैठियों को बेदखल करते समय शहीद हो गए थे। युद्ध के दौरान जब वह एक साथी जवान की बंदूक में गोली भरने में मदद कर रहे थे तभी एक मोर्टार का गोला आकर गिरा। विस्फोट में उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। मेजर शर्मा सदैव अपनी पैंट की जेब में गीता रखते थे। जेब में रखी गीता और उनकी बंदूक के खोल से उनके पार्थिव शरीर की पहचान की गई थी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">2. कैप्टेन विक्रम बत्रा<br />
विक्रम बत्रा भारतीय सेना के वो ऑफिसर थे, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अभूतपूर्व वीरता का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की। इसके बाद उन्हें भारत के वीरता सम्मान परमवीर चक्र से भी सम्मानित किया गया। ये वो जाबाज़ जवान है जिसने शहीद होने से पहले अपने बहुत से साथियों को बचाया और जिसके बारे में खुद इंडियन आर्मी चीफ ने कहा था कि अगर वो जिंदा वापस आता, तो इंडियन आर्मी का हेड बन गया होता। परमवीर चक्र पाने वाले विक्रम बत्रा आखिरी हैं। 7 जुलाई 1999 को उनकी मौत एक जख्मी ऑफिसर को बचाते हुए हुई थी। इस ऑफिसर को बचाते हुए कैप्टन ने कहा था, &lsquo;तुम हट जाओ. तुम्हारे बीवी-बच्चे हैं&rsquo;।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">3.&nbsp; मेजर धनसिंह थापा<br />
मेजर धनसिंह थापा परमवीर चक्र से सम्मानित नेपाली मूल के भारतीय सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान वर्ष&nbsp; 1962 मे मिला। वे अगस्त 1949में भारतीय सेना की आठवीं गोरखा राइफल्स में अधिकारी के रूप में शामिल हुए थे। भारत द्वारा अधिकृत विवादित क्षेत्र में बढ़ते चीनी घुसपैठ के जवाब में भारत सरकार ने &quot;फॉरवर्ड पॉलिसी&quot; को लागू किया। योजना यह थी कि चीन के सामने कई छोटी-छोटी पोस्टों की स्थापना की जाए। पांगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर 8 गोरखा राइफल्स की प्रथम बटालियन द्वारा स्थापित एक पोस्ट थी जो मेजर धन सिंह थापा की कमान में थी। जल्द ही यह पोस्ट चीनी सेनाओं द्वारा घेर ली गई। मेजर थापा और उनके सैनिकों ने इस पोस्ट पर होने वाले तीन आक्रमणों को असफल कर दिया। थापा सहित बचे लोगों को युद्ध के कैदियों के रूप में कैद कर लिया गया था। अपने महान कृत्यों और अपने सैनिकों को युद्ध के दौरान प्रेरित करने के उनके प्रयासों के कारण उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">4. राइफल मैन संजय कुमार<br />
परमवीर राइफलमैन संजय कुमार, वो जांबाज सिपाही है जिन्होंने कारगिल वॉर के दौरान अदम्य शौर्य का प्रदर्शन करते हुए दुश्मन को उसी के हथियार से धूल चटाई थी। लहूलुहान होने के बावजूद संजय कुमार तब तक दुश्मन से जूझते रहे थे, जब तक प्वाइंट फ्लैट टॉप दुश्मन से पूरी तरह खाली नहीं हो गया। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से भारतीय सेना में भर्ती हुए सूबेदार संजय कुमार की शौर्यगाथा प्रेरणादायक है। 4 जुलाई 1999 को राइफल मैन संजय कुमार जब चौकी नंबर 4875 पर हमले के लिए आगे बढ़े तो एक जगह से दुश्मन ऑटोमेटिक गन ने जबरदस्त गोलीबारी शुरू कर दी और टुकड़ी का आगे बढ़ना कठिन हो गया। ऐसी स्थिति में गंभीरता को देखते हुए राइफल मैन संजय कुमार ने तय किया कि उस ठिकाने को अचानक हमले से खामोश करा दिया जाए। इस इरादे से संजय ने यकायक उस जगह हमला करके आमने-सामने की मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानियों को मार गिराया। अचानक हुए हमले से दुश्मन बौखला कर भाग खड़ा हुआ और इस भगदड़ में दुश्मन अपनी यूनिवर्सल मशीनगन भी छोड़ गए। संजय कुमार ने वो गन भी हथियाई और उससे दुश्मन का ही सफाया शुरू कर दिया।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall37063.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal is the land of brave warriors]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/literature/news-update/himachal/story-of-the-real-hero-of-the-country-whom-pak-army-was-afraid-of]]></guid>
                       <title><![CDATA[ कहानी देश के उस रियल हीरो की जिससे डरती थी पाक आर्मी     ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/literature/news-update/himachal/story-of-the-real-hero-of-the-country-whom-pak-army-was-afraid-of]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 26 Jul 2024 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&quot;या तो मैं लहराते तिरंगे के पीछे आऊंगा, या तिरंगे में लिपटा हुआ आऊंगा। पर मैं आऊंगा जरूर।&quot;

भले ही कारगिल युद्ध को 25 वर्ष का वक्त बीत चूका हो लेकिन शहीद कप्तान विक्रम बत्रा की ये पंक्तियाँ आज भी हर हिंदुस्तानी के ज़हन में जीवित है। 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस है और 7 जुलाई वो तारीख है जब कारगिल के हीरो शहीद कप्तान विक्रम बत्रा ने शाहदत का जाम पिया। वहीँ कैप्टेन विक्रम बत्रा जिनके बारे में खुद इंडियन आर्मी चीफ ने कहा था कि अगर वो जिंदा वापस आता, तो इंडियन आर्मी का हेड बन गया होता।&nbsp;

&nbsp;

पालमपुर में हुई प्रारंभिक शिक्षा


कैप्&zwj;टन विक्रम बत्रा का जन्&zwj;म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर जिले के घुग्&zwj;गर में हुआ। शहीद बत्रा की मां जय कमल बत्रा एक प्राइमरी स्&zwj;कूल में टीचर थीं और ऐसे में कैप्&zwj;टन बत्रा की प्राइमरी शिक्षा घर पर ही हुई थी। शुरुआती शिक्षा पालमपुर में हासिल करने के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए वह चंडीगढ़ चले गए।

शहीद कैप्टेन विक्रम बत्रा के स्कूल के पास आर्मी का बेस कैम्प था। स्कूल आते-जाते समय वहां चलने वाली गतिविधियों को देखते रहते थे। सेना की कदमताल और ड्रमबीट की आवाज से उनके रोंगटे खड़े हो जाते थे।&nbsp;
शायद यही वो वक्त था जब वे सेना में शामिल होने का मन बन चुके थे।&nbsp;

&nbsp;


&quot;मां मुझे मर्चेंट नेवी में नहीं जाना, मैं आर्मी ज्वाइन करना चाहता हूं&quot;

&nbsp;

चंडीगढ़ में पढ़ते वक्त शहीद कैप्टेन विक्रम बत्रा ने मर्चेंट नेवी में जाने के लिए परीक्षा दी। परिणाम आया तो वह परीक्षा पास के चुके थे। कुछ ही दिनों में उनका नियुक्ति पत्र भी आ गया। जाने की सारी तैयारियां हो चुकी थीं। पर उनके मन में कुछ और ही चल रह था। इस बीच एक दिन वह मां की गोद में सिर रखकर बोले, मां मुझे मर्चेंट नेवी में नहीं जाना। मैं आर्मी ज्वाइन करना चाहता हूँ। इसके बाद वही हुआ जो वह चाहते थे।&nbsp;

&nbsp;

18 महीने की नौकरी के बाद ही जंग


विक्रम बत्रा की 13 JAK रायफल्स में 6 दिसम्बर 1997 को लेफ्टिनेंट के पोस्ट पर जॉइनिंग हुई थी।&nbsp;
महज 18 महीने की नौकरी के बाद 1999 में उन्हें कारगिल की लड़ाई में जाना पड़ा। वह बहादुरी से लड़े और सबसे पहले उन्होंने हम्प व राकी नाब पर भारत का झंड़ा फहराया। युद्ध के बीच में ही उन्हें कैप्टन बना दिया गया।&nbsp;

&nbsp;

जब कहा, &#39;ये दिल मांगे मोर&#39;


20 जून 1999 को कैप्&zwj;टन बत्रा को&nbsp; कारगिल की प्&zwj;वाइंट 5140 को&nbsp; दुश्&zwj;मनों से मुक्त करवाने का ज़िम्मा दिया गया। युद्ध रणनीति के लिहाज से ये चोटी भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी। कैप्टेन बत्रा ने इस चोटी को मुक्त करवाने के लिए अभियान छेड़ा और कई घंटों की गोलीबारी के बाद आखिरकार वह अपने मिशन में कामयाब हो गए। इस जीत के बाद जब उनकी प्रतिक्रिया ली गई तो उन्&zwj;होंने जवाब दिया, &#39;ये दिल मांगे मोर,&#39; बस इसी पल से ये पंक्तियाँ अमर हो गई।

&nbsp;

पाक ने दिया कोडनेम शेरशाह


कारगिल वॉर में&nbsp; कैप्&zwj;टन विक्रम बत्रा दुश्&zwj;मनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके थे। ऐसे में पाकिस्&zwj;तान की ओर से उनके लिए एक कोडनेम रखा गया और यह कोडनेम कुछ और नहीं बल्कि उनका निकनेम शेरशाह था। इस बात का खुलासा खुद कैप्&zwj;टन बत्रा ने युद्ध के दौरान ही दिए गए एक इंटरव्&zwj;यू में दी थी।

&nbsp;

साथी को बचाते हुए शहीद हुए शेरशाह


प्&zwj;वाइंट 5140 पर कब्जे के बाद कैप्टेन विक्रम बत्रा अगले प्वांइट 4875 को जीतने के लिए चल दिए। ये चोटी समुद्री तट से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर है और इस पर कब्जे के लिए 80 डिग्री की चढ़ाई पर चढ़ना था। पहला ऑपरेशन द्रास में हुआ था। कैप्टेन विक्रम बत्रा अपने साथियों के साथ पत्थरों का कवर ले कर दुश्मन पर फ़ायर कर रहे थे, तभी उनके एक साथी को गोली लगी और वो उनके सामने ही गिर गया। वो सिपाही खुले में पड़ा हुआ था। कैप्टेन विक्रम बत्रा और उनके एक साथी चट्टानों के पीछे बैठे थे। हालाँकि उस घायल सिपाही के बचने के आसार बेहद कम थे लेकिन कैप्टेन विक्रम बत्रा ने फैसला लिया की वे उस घायल सिपाही को रेस्क्यू करेंगे। जैसे ही उनके साथी चट्टान के बाहर कदम रखने वाले थे, विक्रम ने उन्हें कॉलर से पकड़ कर कहा, &quot;आपके तो परिवार और बच्चे हैं। मेरी अभी शादी नहीं हुई है। सिर की तरफ़ से मैं उठाउंगा। आप पैर की तरफ़ से पकड़िएगा।&#39;&nbsp; ये कह कर विक्रम आगे चले गए और जैसे ही वो उनको उठा रहे थे, उनको गोली लगी और वो वहीं गिर गए और शहीद हो गए।&nbsp;

&nbsp;

मरणोपरांत मिला परमवीर चक्र&nbsp;


कैप्टेन विक्रम बत्रा को मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र दिया गया। 26 जनवरी, 2000 को उनके पिता गिरधारीलाल बत्रा ने हज़ारों लोगों के सामने उस समय के राष्ट्रपति के आर नाराणयन से वो सम्मान हासिल किया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">&quot;या तो मैं लहराते तिरंगे के पीछे आऊंगा, या तिरंगे में लिपटा हुआ आऊंगा। पर मैं आऊंगा जरूर।&quot;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भले ही कारगिल युद्ध को 25 वर्ष का वक्त बीत चूका हो लेकिन शहीद कप्तान विक्रम बत्रा की ये पंक्तियाँ आज भी हर हिंदुस्तानी के ज़हन में जीवित है। 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस है और 7 जुलाई वो तारीख है जब कारगिल के हीरो शहीद कप्तान विक्रम बत्रा ने शाहदत का जाम पिया। वहीँ कैप्टेन विक्रम बत्रा जिनके बारे में खुद इंडियन आर्मी चीफ ने कहा था कि अगर वो जिंदा वापस आता, तो इंडियन आर्मी का हेड बन गया होता।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पालमपुर में हुई प्रारंभिक शिक्षा</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">कैप्&zwj;टन विक्रम बत्रा का जन्&zwj;म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर जिले के घुग्&zwj;गर में हुआ। शहीद बत्रा की मां जय कमल बत्रा एक प्राइमरी स्&zwj;कूल में टीचर थीं और ऐसे में कैप्&zwj;टन बत्रा की प्राइमरी शिक्षा घर पर ही हुई थी। शुरुआती शिक्षा पालमपुर में हासिल करने के बाद कॉलेज की पढ़ाई के लिए वह चंडीगढ़ चले गए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शहीद कैप्टेन विक्रम बत्रा के स्कूल के पास आर्मी का बेस कैम्प था। स्कूल आते-जाते समय वहां चलने वाली गतिविधियों को देखते रहते थे। सेना की कदमताल और ड्रमबीट की आवाज से उनके रोंगटे खड़े हो जाते थे।&nbsp;<br />
शायद यही वो वक्त था जब वे सेना में शामिल होने का मन बन चुके थे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">&quot;मां मुझे मर्चेंट नेवी में नहीं जाना, मैं आर्मी ज्वाइन करना चाहता हूं&quot;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">चंडीगढ़ में पढ़ते वक्त शहीद कैप्टेन विक्रम बत्रा ने मर्चेंट नेवी में जाने के लिए परीक्षा दी। परिणाम आया तो वह परीक्षा पास के चुके थे। कुछ ही दिनों में उनका नियुक्ति पत्र भी आ गया। जाने की सारी तैयारियां हो चुकी थीं। पर उनके मन में कुछ और ही चल रह था। इस बीच एक दिन वह मां की गोद में सिर रखकर बोले, मां मुझे मर्चेंट नेवी में नहीं जाना। मैं आर्मी ज्वाइन करना चाहता हूँ। इसके बाद वही हुआ जो वह चाहते थे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">18 महीने की नौकरी के बाद ही जंग</span></p>

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<span style="font-size:18px;">विक्रम बत्रा की 13 JAK रायफल्स में 6 दिसम्बर 1997 को लेफ्टिनेंट के पोस्ट पर जॉइनिंग हुई थी।&nbsp;<br />
महज 18 महीने की नौकरी के बाद 1999 में उन्हें कारगिल की लड़ाई में जाना पड़ा। वह बहादुरी से लड़े और सबसे पहले उन्होंने हम्प व राकी नाब पर भारत का झंड़ा फहराया। युद्ध के बीच में ही उन्हें कैप्टन बना दिया गया।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जब कहा, &#39;ये दिल मांगे मोर&#39;</span></p>

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<span style="font-size:18px;">20 जून 1999 को कैप्&zwj;टन बत्रा को&nbsp; कारगिल की प्&zwj;वाइंट 5140 को&nbsp; दुश्&zwj;मनों से मुक्त करवाने का ज़िम्मा दिया गया। युद्ध रणनीति के लिहाज से ये चोटी भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी। कैप्टेन बत्रा ने इस चोटी को मुक्त करवाने के लिए अभियान छेड़ा और कई घंटों की गोलीबारी के बाद आखिरकार वह अपने मिशन में कामयाब हो गए। इस जीत के बाद जब उनकी प्रतिक्रिया ली गई तो उन्&zwj;होंने जवाब दिया, &#39;ये दिल मांगे मोर,&#39; बस इसी पल से ये पंक्तियाँ अमर हो गई।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पाक ने दिया कोडनेम शेरशाह</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">कारगिल वॉर में&nbsp; कैप्&zwj;टन विक्रम बत्रा दुश्&zwj;मनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुके थे। ऐसे में पाकिस्&zwj;तान की ओर से उनके लिए एक कोडनेम रखा गया और यह कोडनेम कुछ और नहीं बल्कि उनका निकनेम शेरशाह था। इस बात का खुलासा खुद कैप्&zwj;टन बत्रा ने युद्ध के दौरान ही दिए गए एक इंटरव्&zwj;यू में दी थी।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">साथी को बचाते हुए शहीद हुए शेरशाह</span></p>

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<span style="font-size:18px;">प्&zwj;वाइंट 5140 पर कब्जे के बाद कैप्टेन विक्रम बत्रा अगले प्वांइट 4875 को जीतने के लिए चल दिए। ये चोटी समुद्री तट से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर है और इस पर कब्जे के लिए 80 डिग्री की चढ़ाई पर चढ़ना था। पहला ऑपरेशन द्रास में हुआ था। कैप्टेन विक्रम बत्रा अपने साथियों के साथ पत्थरों का कवर ले कर दुश्मन पर फ़ायर कर रहे थे, तभी उनके एक साथी को गोली लगी और वो उनके सामने ही गिर गया। वो सिपाही खुले में पड़ा हुआ था। कैप्टेन विक्रम बत्रा और उनके एक साथी चट्टानों के पीछे बैठे थे। हालाँकि उस घायल सिपाही के बचने के आसार बेहद कम थे लेकिन कैप्टेन विक्रम बत्रा ने फैसला लिया की वे उस घायल सिपाही को रेस्क्यू करेंगे। जैसे ही उनके साथी चट्टान के बाहर कदम रखने वाले थे, विक्रम ने उन्हें कॉलर से पकड़ कर कहा, &quot;आपके तो परिवार और बच्चे हैं। मेरी अभी शादी नहीं हुई है। सिर की तरफ़ से मैं उठाउंगा। आप पैर की तरफ़ से पकड़िएगा।&#39;&nbsp; ये कह कर विक्रम आगे चले गए और जैसे ही वो उनको उठा रहे थे, उनको गोली लगी और वो वहीं गिर गए और शहीद हो गए।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मरणोपरांत मिला परमवीर चक्र&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">कैप्टेन विक्रम बत्रा को मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र दिया गया। 26 जनवरी, 2000 को उनके पिता गिरधारीलाल बत्रा ने हज़ारों लोगों के सामने उस समय के राष्ट्रपति के आर नाराणयन से वो सम्मान हासिल किया।</span></p>
]]></content:encoded>
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