<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
            <rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/">
            <channel>
               <title>First Verdict Media - Politics</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Fri, 26 Jun 2026 02:02:17 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - Politics</title>
            	<url>https://www.firstverdict.com/resource/img/logo.png</url>
            	<link>https://www.firstverdict.com</link>
            	</image>
            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/literature/himachal/himachal-under-financial-strain-plans-to-raise-a-new-loan-of-700-crore-in-june]]></guid>
                       <title><![CDATA[वित्तीय दबाव में हिमाचल: जून में 700 करोड़ का नया कर्ज लेने की तैयारी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/literature/himachal/himachal-under-financial-strain-plans-to-raise-a-new-loan-of-700-crore-in-june]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही राज्य सरकार अब 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। वित्त विभाग ने इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इससे पहले मई 2026 में सरकार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में अप्रैल माह में 900 करोड़ रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया गया था।

यदि यह नया ऋण स्वीकृत हो जाता है तो अप्रैल, मई और जून के दौरान राज्य सरकार की कुल उधारी 2,100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती हर महीने की प्रतिबद्ध देनदारियों का भुगतान है। राज्य को कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये, पेंशन भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये, पहले से लिए गए ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए 500 करोड़ रुपये तथा ऋण के मूलधन की अदायगी के लिए 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ती है। यानी हर महीने लगभग 3,600 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

वित्तीय संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 अप्रैल 2026 को सरकार ने कुछ श्रेणियों के अधिकारियों और माननीयों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था। हालांकि अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह स्थगित वेतन जून 2026 के वेतन के साथ जारी किया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

लगातार बढ़ती उधारी के बीच हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 1,11,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। विपक्ष जहां इसे सरकार की वित्तीय विफलता बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों, पेंशनरों और विकास कार्यों की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह कदम आवश्यक है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार बढ़ती उधारी हिमाचल की वित्तीय स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाएगी, या सरकार राजस्व बढ़ाने के अपने प्रयासों से इस संकट से बाहर निकल पाएगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही राज्य सरकार अब 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। वित्त विभाग ने इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इससे पहले मई 2026 में सरकार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में अप्रैल माह में 900 करोड़ रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया गया था।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">यदि यह नया ऋण स्वीकृत हो जाता है तो अप्रैल, मई और जून के दौरान राज्य सरकार की कुल उधारी 2,100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती हर महीने की प्रतिबद्ध देनदारियों का भुगतान है। राज्य को कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये, पेंशन भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये, पहले से लिए गए ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए 500 करोड़ रुपये तथा ऋण के मूलधन की अदायगी के लिए 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ती है। यानी हर महीने लगभग 3,600 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">वित्तीय संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 अप्रैल 2026 को सरकार ने कुछ श्रेणियों के अधिकारियों और माननीयों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था। हालांकि अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह स्थगित वेतन जून 2026 के वेतन के साथ जारी किया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">लगातार बढ़ती उधारी के बीच हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 1,11,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। विपक्ष जहां इसे सरकार की वित्तीय विफलता बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों, पेंशनरों और विकास कार्यों की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह कदम आवश्यक है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">अब बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार बढ़ती उधारी हिमाचल की वित्तीय स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाएगी, या सरकार राजस्व बढ़ाने के अपने प्रयासों से इस संकट से बाहर निकल पाएगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43042.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal under financial strain: Plans to raise a new loan of ₹700 crore in June.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/dear-sister-instead-of-the-scheme-rules-have-changed-girls-aged-18-20-wont-get-1500-rupees]]></guid>
                       <title><![CDATA[प्यारी बहना योजना के बदले नियम, 18-20 साल की युवतियों को नहीं मिलेंगे 1500 रुपये]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/dear-sister-instead-of-the-scheme-rules-have-changed-girls-aged-18-20-wont-get-1500-rupees]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के पात्रता नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधानों के अनुसार अब 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां इस योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये मासिक सहायता राशि की पात्र नहीं रहेंगी। सरकार द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के बाद इस आयु वर्ग की हजारों युवतियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि योजना को अधिक लक्षित और वित्तीय रूप से व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पात्रता मानदंडों में बदलाव किया गया है। पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी पात्र युवतियों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा था, लेकिन अब लाभार्थियों की श्रेणी को सीमित कर दिया गया है। इसके चलते कई परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो जाएगी।

सरकार का कहना है कि योजना का लाभ उन वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। हालांकि, विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की तैयारी कर रही युवतियों के लिए यह राशि सहारा साबित हो रही थी। नए नियम लागू होने के बाद प्रभावित युवतियों और उनके परिवारों में निराशा देखी जा रही है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अन्य पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p data-end="398" data-start="14"><span style="font-size:16px;"><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के पात्रता नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधानों के अनुसार अब 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां इस योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये मासिक सहायता राशि की पात्र नहीं रहेंगी। सरकार द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के बाद इस आयु वर्ग की हजारों युवतियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है।</span></p>

<p data-end="731" data-start="400"><span style="font-size:16px;">बताया जा रहा है कि योजना को अधिक लक्षित और वित्तीय रूप से व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पात्रता मानदंडों में बदलाव किया गया है। पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी पात्र युवतियों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा था, लेकिन अब लाभार्थियों की श्रेणी को सीमित कर दिया गया है। इसके चलते कई परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो जाएगी।</span></p>

<p data-end="1228" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="733"><span style="font-size:16px;">सरकार का कहना है कि योजना का लाभ उन वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। हालांकि, विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की तैयारी कर रही युवतियों के लिए यह राशि सहारा साबित हो रही थी। नए नियम लागू होने के बाद प्रभावित युवतियों और उनके परिवारों में निराशा देखी जा रही है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अन्य पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43029.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Dear sister, instead of the scheme, rules have changed; girls aged 18-20 won’t get 1500 rupees]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/breaking-news/himachal/decision-on-kishau-dam-today-sukhu-to-meet-amit-shah]]></guid>
                       <title><![CDATA[किशाऊ डैम पर फैसला आज, अमित शाह से मिलेंगे सुक्खू]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/breaking-news/himachal/decision-on-kishau-dam-today-sukhu-to-meet-amit-shah]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[





शिमला। बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह&nbsp;की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू&nbsp;राज्य का पक्ष रखेंगे। परियोजना से जुड़े बिजली उत्पादन, जल बंटवारे और वित्तीय भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।

किशाऊ बांध परियोजना राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देश्यीय योजना है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब सहित सात राज्यों की हिस्सेदारी है। यमुना नदी पर प्रस्तावित यह बांध मुख्य रूप से पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश को बड़े पैमाने पर पानी उपलब्ध होगा, जबकि बिजली उत्पादन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि चूंकि परियोजना का प्रमुख लाभ जल आपूर्ति के रूप में अन्य राज्यों को मिलने वाला है, इसलिए केंद्र सरकार को इसके बिजली और जल दोनों घटकों की लागत का पूर्ण वित्तपोषण करना चाहिए। राज्य सरकार का यह भी आग्रह है कि परियोजना से होने वाले विद्युत उत्पादन का 100 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समान रूप से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटा जाए।

बैठक में हिमाचल प्रदेश पौंग और भाखड़ा बांध विस्थापितों के लंबित पुनर्वास मामलों को भी उठाएगा। इसके अलावा, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़े बकाया भुगतान के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के साथ चल रहे विवाद के समाधान के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग भी रखी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान ने परियोजना की विद्युत लागत में हिस्सा वहन करने की इच्छा जताई है। हालांकि इन राज्यों ने इसके बदले हिमाचल प्रदेश के हिस्से के जल में अतिरिक्त भागीदारी की मांग रखी है। दिल्ली और राजस्थान अपने प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय को लिखित रूप में भेज चुके हैं, जबकि हरियाणा ने अतिरिक्त जल उपलब्धता के मुद्दे के समाधान के बाद इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है।

उल्लेखनीय है कि 22 मई 2026 को केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में हिमाचल प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर और एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने राज्य का पक्ष रखा था। अब गृह मंत्री स्तर पर होने वाली बैठक को परियोजना के भविष्य और राज्यों के बीच हितों के संतुलन के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।

किशाऊ बांध परियोजना पर होने वाला फैसला न केवल हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा और जल अधिकारों को प्रभावित करेगा, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास की दिशा भी तय करेगा।






]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
<div class="[--thread-content-max-width:40rem] @w-lg/main:[--thread-content-max-width:48rem] mx-auto max-w-(--thread-content-max-width) flex-1 group/turn-messages focus-visible:outline-hidden relative flex w-full min-w-0 flex-col agent-turn" data-conversation-screenshot-content="">
<div class="flex max-w-full flex-col gap-4 grow">
<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1" data-message-author-role="assistant" data-message-id="0fc2cd98-d146-4eb9-893b-46811c8556b2" data-message-model-slug="gpt-5-5" dir="auto">
<div class="flex w-full flex-col gap-1 empty:hidden">
<div class="markdown prose dark:prose-invert wrap-break-word w-full light markdown-new-styling">
<p data-end="614" data-start="191"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;"><strong>शिमला।</strong> बहुप्रतीक्षित <strong>किशाऊ बांध</strong> परियोजना को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री <strong>अमित शाह</strong>&nbsp;की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री <strong>सुखविंदर सिंह सुक्खू</strong>&nbsp;राज्य का पक्ष रखेंगे। परियोजना से जुड़े बिजली उत्पादन, जल बंटवारे और वित्तीय भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।</span></span></p>

<p data-end="1028" data-start="616"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">किशाऊ बांध परियोजना राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देश्यीय योजना है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब सहित सात राज्यों की हिस्सेदारी है। यमुना नदी पर प्रस्तावित यह बांध मुख्य रूप से पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश को बड़े पैमाने पर पानी उपलब्ध होगा, जबकि बिजली उत्पादन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।</span></span></p>

<p data-end="1449" data-start="1030"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि चूंकि परियोजना का प्रमुख लाभ जल आपूर्ति के रूप में अन्य राज्यों को मिलने वाला है, इसलिए केंद्र सरकार को इसके बिजली और जल दोनों घटकों की लागत का पूर्ण वित्तपोषण करना चाहिए। राज्य सरकार का यह भी आग्रह है कि परियोजना से होने वाले विद्युत उत्पादन का 100 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समान रूप से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटा जाए।</span></span></p>

<p data-end="1721" data-start="1451"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">बैठक में हिमाचल प्रदेश पौंग और भाखड़ा बांध विस्थापितों के लंबित पुनर्वास मामलों को भी उठाएगा। इसके अलावा, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़े बकाया भुगतान के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के साथ चल रहे विवाद के समाधान के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग भी रखी जाएगी।</span></span></p>

<p data-end="2122" data-start="1723"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">सूत्रों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान ने परियोजना की विद्युत लागत में हिस्सा वहन करने की इच्छा जताई है। हालांकि इन राज्यों ने इसके बदले हिमाचल प्रदेश के हिस्से के जल में अतिरिक्त भागीदारी की मांग रखी है। दिल्ली और राजस्थान अपने प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय को लिखित रूप में भेज चुके हैं, जबकि हरियाणा ने अतिरिक्त जल उपलब्धता के मुद्दे के समाधान के बाद इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है।</span></span></p>

<p data-end="2476" data-start="2124"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">उल्लेखनीय है कि 22 मई 2026 को केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में हिमाचल प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर और एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने राज्य का पक्ष रखा था। अब गृह मंत्री स्तर पर होने वाली बैठक को परियोजना के भविष्य और राज्यों के बीच हितों के संतुलन के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।</span></span></p>

<p data-end="2676" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="2478"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">किशाऊ बांध परियोजना पर होने वाला फैसला न केवल हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा और जल अधिकारों को प्रभावित करेगा, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास की दिशा भी तय करेगा।</span></span></p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43026.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Decision on Kishau Dam today, Sukhu to meet Amit Shah]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal-urban-body-elections-relief-for-government-from-supreme-court-mlas-allowed-to-vote-in-chairperson-and-vice-chairperson-elections]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल नगर निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट से सरकार को राहत, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में विधायक डाल सकेंगे वोट]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal-urban-body-elections-relief-for-government-from-supreme-court-mlas-allowed-to-vote-in-chairperson-and-vice-chairperson-elections]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों&mdash;नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों&mdash;में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष&nbsp;के चुनाव से पहले बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतरिम राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन चुनावों के दौरान विधायकों के मताधिकार पर रोक लगाई गई थी। शीर्ष अदालत के इस अंतरिम फैसले के बाद संबंधित क्षेत्रों के विधायक फिलहाल नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में होने वाले चुनावों में मतदान कर सकेंगे।।

मौजूदा स्थिति में प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषदों के साथ-साथ अर्की नगर पंचायत में भाजपा को केवल एक पार्षद की बढ़त हासिल है। वहीं, इन सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विधायकों को मतदान का अधिकार मिलने से इन निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। कई स्थानों पर दोनों दलों के बीच मतों की संख्या बराबर होने की संभावना बन गई है, जिसके चलते चुनाव परिणाम टॉस के जरिए तय होने की नौबत भी आ सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही वजह रही कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि विधायकों के मताधिकार का सीधा असर कई शहरी निकायों में सत्ता के संतुलन पर पड़ सकता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों&mdash;नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों&mdash;में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष&nbsp;के चुनाव से पहले बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतरिम राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन चुनावों के दौरान विधायकों के मताधिकार पर रोक लगाई गई थी। शीर्ष अदालत के इस अंतरिम फैसले के बाद संबंधित क्षेत्रों के विधायक फिलहाल नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में होने वाले चुनावों में मतदान कर सकेंगे।।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मौजूदा स्थिति में प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषदों के साथ-साथ अर्की नगर पंचायत में भाजपा को केवल एक पार्षद की बढ़त हासिल है। वहीं, इन सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विधायकों को मतदान का अधिकार मिलने से इन निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। कई स्थानों पर दोनों दलों के बीच मतों की संख्या बराबर होने की संभावना बन गई है, जिसके चलते चुनाव परिणाम टॉस के जरिए तय होने की नौबत भी आ सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही वजह रही कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि विधायकों के मताधिकार का सीधा असर कई शहरी निकायों में सत्ता के संतुलन पर पड़ सकता है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43023.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal Urban Body Elections: Relief for government from Supreme Court; MLAs allowed to vote in Chairperson and Vice-Chairperson elections.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/breaking-news/in-11-districts-of-the-state-panchayat-heads-and-deputy-heads-will-take-oath-today-and-the-ceremony-in-kangra-will-be-held-on-june-18]]></guid>
                       <title><![CDATA[प्रदेश के 11 जिलों में आज पंचायत प्रधान-उपप्रधान लेंगे शपथ, कांगड़ा में 18 जून को होगा समारोह]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/breaking-news/in-11-districts-of-the-state-panchayat-heads-and-deputy-heads-will-take-oath-today-and-the-ceremony-in-kangra-will-be-held-on-june-18]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा को छोड़कर राज्य के अन्य 11 जिलों में नव-निर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को आयोजित किया जाएगा। कांगड़ा जिले में यह कार्यक्रम 18 जून को होगा, जहां मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu स्वयं शपथ दिलाएंगे। मुख्यमंत्री 16 जून को दिल्ली में निर्धारित बैठक के चलते सोमवार के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।

प्रदेश सरकार ने पहले सभी 3,754 ग्राम पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों के लिए एक साथ शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन बाद में कांगड़ा जिले के लिए अलग से 18 जून की तिथि निर्धारित की गई। शेष 11 जिलों में आयोजित होने वाले समारोहों में राज्य सरकार के मंत्री और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

चंबा में विधानसभा अध्यक्ष Kuldeep Singh Pathania शपथ ग्रहण करवाएंगे, जबकि ऊना में उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri यह जिम्मेदारी निभाएंगे। सोलन में स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय मंत्री Dhani Ram Shandil, कुल्लू में कृषि एवं पशुपालन मंत्री Chandra Kumar तथा लाहुल-स्पीति में उप मुख्य सचेतक Keval Singh Pathania नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ दिलाएंगे।

इसी तरह सिरमौर में उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री Harshwardhan Chauhan, किन्नौर में राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री Jagat Singh Negi और शिमला में शिक्षा मंत्री Rohit Thakur शपथ ग्रहण समारोह की अगुवाई करेंगे। शिमला जिले की 441 पंचायतों के प्रधान और उपप्रधान होटल Peterhoff में दोपहर 12 बजे आयोजित कार्यक्रम में शपथ लेंगे।

मंडी में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री Anirudh Singh, बिलासपुर में तकनीकी शिक्षा एवं नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री Rajesh Dharmani तथा हमीरपुर में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री Yadvinder Goma शपथ दिलाएंगे।

जिला स्तरीय समारोहों में सांसदों, विधायकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भी प्रोटोकॉल के तहत आमंत्रित किया गया है। सभी नव-निर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।

किस जिले में कौन दिलाएगा शपथ?


	
		
			जिला
			मुख्य अतिथि
		
	
	
		
			चंबा
			कुलदीप सिंह पठानिया
		
		
			ऊना
			मुकेश अग्निहोत्री
		
		
			सोलन
			डॉ. धनी राम शांडिल
		
		
			कुल्लू
			चंद्र कुमार
		
		
			लाहुल-स्पीति
			केवल सिंह पठानिया
		
		
			सिरमौर
			हर्षवर्धन चौहान
		
		
			किन्नौर
			जगत सिंह नेगी
		
		
			शिमला
			रोहित ठाकुर
		
		
			मंडी
			अनिरुद्ध सिंह
		
		
			बिलासपुर
			राजेश धर्माणी
		
		
			हमीरपुर
			यादविंदर गोमा
		
	

]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा को छोड़कर राज्य के अन्य 11 जिलों में नव-निर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को आयोजित किया जाएगा। कांगड़ा जिले में यह कार्यक्रम 18 जून को होगा, जहां मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu स्वयं शपथ दिलाएंगे। मुख्यमंत्री 16 जून को दिल्ली में निर्धारित बैठक के चलते सोमवार के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">प्रदेश सरकार ने पहले सभी 3,754 ग्राम पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों के लिए एक साथ शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय किया था, लेकिन बाद में कांगड़ा जिले के लिए अलग से 18 जून की तिथि निर्धारित की गई। शेष 11 जिलों में आयोजित होने वाले समारोहों में राज्य सरकार के मंत्री और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">चंबा में विधानसभा अध्यक्ष Kuldeep Singh Pathania शपथ ग्रहण करवाएंगे, जबकि ऊना में उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri यह जिम्मेदारी निभाएंगे। सोलन में स्वास्थ्य एवं सामाजिक न्याय मंत्री Dhani Ram Shandil, कुल्लू में कृषि एवं पशुपालन मंत्री Chandra Kumar तथा लाहुल-स्पीति में उप मुख्य सचेतक Keval Singh Pathania नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को शपथ दिलाएंगे।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">इसी तरह सिरमौर में उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री Harshwardhan Chauhan, किन्नौर में राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री Jagat Singh Negi और शिमला में शिक्षा मंत्री Rohit Thakur शपथ ग्रहण समारोह की अगुवाई करेंगे। शिमला जिले की 441 पंचायतों के प्रधान और उपप्रधान होटल Peterhoff में दोपहर 12 बजे आयोजित कार्यक्रम में शपथ लेंगे।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मंडी में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री Anirudh Singh, बिलासपुर में तकनीकी शिक्षा एवं नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री Rajesh Dharmani तथा हमीरपुर में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री Yadvinder Goma शपथ दिलाएंगे।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">जिला स्तरीय समारोहों में सांसदों, विधायकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भी प्रोटोकॉल के तहत आमंत्रित किया गया है। सभी नव-निर्वाचित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।</span></p>

<p><strong><span style="font-size:16px;">किस जिले में कौन दिलाएगा शपथ?</span></strong></p>

<table>
	<thead>
		<tr>
			<th><span style="font-size:16px;">जिला</span></th>
			<th><span style="font-size:16px;">मुख्य अतिथि</span></th>
		</tr>
	</thead>
	<tbody>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">चंबा</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">कुलदीप सिंह पठानिया</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">ऊना</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">मुकेश अग्निहोत्री</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">सोलन</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">डॉ. धनी राम शांडिल</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">कुल्लू</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">चंद्र कुमार</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">लाहुल-स्पीति</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">केवल सिंह पठानिया</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">सिरमौर</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">हर्षवर्धन चौहान</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">किन्नौर</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">जगत सिंह नेगी</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">शिमला</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">रोहित ठाकुर</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">मंडी</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">अनिरुद्ध सिंह</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">बिलासपुर</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">राजेश धर्माणी</span></td>
		</tr>
		<tr>
			<td><span style="font-size:16px;">हमीरपुर</span></td>
			<td><span style="font-size:16px;">यादविंदर गोमा</span></td>
		</tr>
	</tbody>
</table>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43022.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[In 11 districts of the state, panchayat heads and deputy heads will take oath today, and the ceremony in Kangra will be held on June 18.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/-mla-15-1781247702]]></guid>
                       <title><![CDATA[हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार, MLA वोट पर 15 जून को सुनवाई]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/-mla-15-1781247702]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 12 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला: हिमाचल&nbsp;प्रदेश में नगर निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। दरअसल, विगत 4 जून को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर&nbsp; नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायक के वोट पर रोक लगा दी थी।&nbsp;इसके बाद से ही अटकलें थी की प्रदेश सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है, और अब अपेक्षा अनुसार&nbsp;हाईकोर्ट के इस फैसले को सुक्खू सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। आगामी 15 जून को इसे लेकर सुनवाई होनी है।


आपको बता दें प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सिर्फ एक पार्षद&nbsp;का अंतर है। मसलन परवाणु,&nbsp;रामपुर और नाहन नगर परिषद, तथा अर्की नगर पंचायत में भाजपा के पास सिर्फ एक पार्षद अधिक है। इन सभी हलकों में कांग्रेस के विधायक है और ऐसे में यदि विधायक का वोट मान्य होता है तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का फैसला सम्भवतः टॉस से होगा। ये ही कारण है कि सुक्खू सरकार ने इस&nbsp; मसले पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> हिमाचल&nbsp;प्रदेश में नगर निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। दरअसल, विगत 4 जून को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर&nbsp; नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायक के वोट पर रोक लगा दी थी।&nbsp;इसके बाद से ही अटकलें थी की प्रदेश सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है, और अब अपेक्षा अनुसार&nbsp;हाईकोर्ट के इस फैसले को सुक्खू सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। आगामी 15 जून को इसे लेकर सुनवाई होनी है।</p>

<p><br />
आपको बता दें प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सिर्फ एक पार्षद&nbsp;का अंतर है। मसलन <strong>परवाणु,&nbsp;रामपुर</strong> और <strong>नाहन</strong> नगर परिषद, तथा <strong>अर्की</strong> नगर पंचायत में भाजपा के पास सिर्फ एक पार्षद अधिक है। इन सभी हलकों में कांग्रेस के विधायक है और ऐसे में यदि विधायक का वोट मान्य होता है तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का फैसला सम्भवतः टॉस से होगा। ये ही कारण है कि सुक्खू सरकार ने इस&nbsp; मसले पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/images243006.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/kangra-urban-local-body-elections-heighten-bjps-concerns-all-eyes-fixed-on-may-31]]></guid>
                       <title><![CDATA[कांगड़ा शहरी निकाय चुनावों ने बढ़ाई भाजपा की चिंता, 31 मई पर टिकी सबकी नजर]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/kangra-urban-local-body-elections-heighten-bjps-concerns-all-eyes-fixed-on-may-31]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 20 May 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सबसे अहम राजनीतिक जिला कांगड़ा में शहरी निकाय चुनावों के नतीजों ने प्रदेश की सियासत का पारा बढ़ा दिया है। सत्ता की दिशा तय करने वाले कांगड़ा में कांग्रेस का प्रदर्शन भाजपा के लिए चिंता का कारण बनता दिख रहा है। पांच नगर परिषदों में से चार पर कांग्रेस ने मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि भाजपा केवल नगरोटा बगवां में बढ़त बनाए रखने में सफल रही है।

सबसे ज्यादा चर्चा कांगड़ा नगर परिषद को लेकर हो रही है, जहां भाजपा बड़ी मुश्किल से क्लीन स्वीप होने से बच पाई है। वहीं सांसद राजीव भारद्वाज के गृह क्षेत्र नूरपुर में भी पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। इसी तरह देहरा और ज्वालामुखी में भी भाजपा को खास सफलता नहीं मिली। इन नतीजों ने भाजपा संगठन के भीतर मंथन की जरूरत को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि अगर कांगड़ा जैसे निर्णायक जिले में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहता है तो 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए आसान नहीं होगा।

अब सबकी निगाहें 31 मई को आने वाले नगर निगम चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं। चार नगर निगमों में से दो पालमपुर और धर्मशाला कांगड़ा जिले में आते हैं। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि यहां बेहतर प्रदर्शन कर पार्टी राजनीतिक संदेश देने में कामयाब होगी। ये चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़े गए हैं, इसलिए इन्हें 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। यदि नगर निगम चुनावों में भी भाजपा के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आते, तो प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठना तय माना जा रहा है। पार्टी के भीतर भी नेतृत्व को लेकर तीखे सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल भाजपा के वरिष्ठ नेता जीत का दावा कर रहे हैं। अब इंतजार 31 मई का है, जब यह साफ होगा कि किसे राहत मिलेगी और किसे बड़ा राजनीतिक झटका लगेगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सबसे अहम राजनीतिक जिला कांगड़ा में शहरी निकाय चुनावों के नतीजों ने प्रदेश की सियासत का पारा बढ़ा दिया है। सत्ता की दिशा तय करने वाले कांगड़ा में कांग्रेस का प्रदर्शन भाजपा के लिए चिंता का कारण बनता दिख रहा है। पांच नगर परिषदों में से चार पर कांग्रेस ने मजबूत पकड़ बनाई है, जबकि भाजपा केवल नगरोटा बगवां में बढ़त बनाए रखने में सफल रही है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सबसे ज्यादा चर्चा कांगड़ा नगर परिषद को लेकर हो रही है, जहां भाजपा बड़ी मुश्किल से क्लीन स्वीप होने से बच पाई है। वहीं सांसद राजीव भारद्वाज के गृह क्षेत्र नूरपुर में भी पार्टी का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। इसी तरह देहरा और ज्वालामुखी में भी भाजपा को खास सफलता नहीं मिली। इन नतीजों ने भाजपा संगठन के भीतर मंथन की जरूरत को और बढ़ा दिया है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि अगर कांगड़ा जैसे निर्णायक जिले में पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहता है तो 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए आसान नहीं होगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अब सबकी निगाहें 31 मई को आने वाले नगर निगम चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं। चार नगर निगमों में से दो पालमपुर और धर्मशाला कांगड़ा जिले में आते हैं। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि यहां बेहतर प्रदर्शन कर पार्टी राजनीतिक संदेश देने में कामयाब होगी। ये चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़े गए हैं, इसलिए इन्हें 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। यदि नगर निगम चुनावों में भी भाजपा के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं आते, तो प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठना तय माना जा रहा है। पार्टी के भीतर भी नेतृत्व को लेकर तीखे सवाल खड़े हो सकते हैं। हालांकि फिलहाल भाजपा के वरिष्ठ नेता जीत का दावा कर रहे हैं। अब इंतजार 31 मई का है, जब यह साफ होगा कि किसे राहत मिलेगी और किसे बड़ा राजनीतिक झटका लगेगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42986.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Kangra-Urban-Local-Body-Elections-Heighten-BJP's-Concerns-All-Eyes-Fixed-on-May-31]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/the-lotus-blooms-for-the-first-time-in-a-congress-stronghold-political-equations-shift-in-rampur]]></guid>
                       <title><![CDATA[कांग्रेस के गढ़ में पहली बार खिला कमल, रामपुर में बदले राजनीतिक समीकरण]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/the-lotus-blooms-for-the-first-time-in-a-congress-stronghold-political-equations-shift-in-rampur]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 19 May 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस और होली लॉज का मजबूत गढ़ माने जाने वाले रामपुर में पहली बार भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बहुमत हासिल किया है। इसे आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

नगर परिषद रामपुर के 9 वार्डों में से 5 पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार 4 वार्डों में ही जीत हासिल कर सके। हालांकि दोनों दलों के बीच वोटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं रहा, लेकिन भाजपा ने एक सीट की बढ़त के साथ परिषद पर कब्जा जमा लिया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जीत सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि रामपुर के बदलते राजनीतिक माहौल को भी दर्शाती है। जिस क्षेत्र में भाजपा कभी विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाई, वहीं अब नगर परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का प्रदर्शन मजबूत रहा है।

इस परिणाम को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और होली लॉज के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नंदलाल यहां बेहद कम अंतर से जीत दर्ज कर पाए थे। उस समय कांग्रेस ने रामपुर सीट बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी।

अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या रामपुर में कांग्रेस और होली लॉज की पकड़ कमजोर पड़ रही है, या फिर 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी दोबारा मजबूती से वापसी करेगी। फिलहाल नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के रामपुर बुशहर नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस और होली लॉज का मजबूत गढ़ माने जाने वाले रामपुर में पहली बार भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बहुमत हासिल किया है। इसे आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नगर परिषद रामपुर के 9 वार्डों में से 5 पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार 4 वार्डों में ही जीत हासिल कर सके। हालांकि दोनों दलों के बीच वोटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं रहा, लेकिन भाजपा ने एक सीट की बढ़त के साथ परिषद पर कब्जा जमा लिया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जीत सिर्फ स्थानीय निकाय चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि रामपुर के बदलते राजनीतिक माहौल को भी दर्शाती है। जिस क्षेत्र में भाजपा कभी विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाई, वहीं अब नगर परिषद में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का प्रदर्शन मजबूत रहा है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस परिणाम को लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और होली लॉज के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नंदलाल यहां बेहद कम अंतर से जीत दर्ज कर पाए थे। उस समय कांग्रेस ने रामपुर सीट बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या रामपुर में कांग्रेस और होली लॉज की पकड़ कमजोर पड़ रही है, या फिर 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी दोबारा मजबूती से वापसी करेगी। फिलहाल नगर परिषद चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42979.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[The-Lotus-Blooms-for-the-First-Time-in-a-Congress-Stronghold-Political-Equations-Shift-in-Rampur]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/congressdistrictpresidentstrainingcamptobeginindharamshalaonapril21rahulgandhitoattend]]></guid>
                       <title><![CDATA[धर्मशाला में 21अप्रैल से कांग्रेस जिला अध्यक्षों का प्रशिक्षण शिविर, राहुल गांधी करेंगे शिरकत]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/congressdistrictpresidentstrainingcamptobeginindharamshalaonapril21rahulgandhitoattend]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 09 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिला अध्यक्षों के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशों पर धर्मशाला में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 30 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और जम्मू-कश्मीर के जिला अध्यक्ष भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी मुख्य रूप से शामिल होंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने बुधवार को शिमला स्थित प्रदेश पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

प्रशिक्षण के दौरान जिला अध्यक्ष विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों से संवाद भी करेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण और किन्नौर के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कार्यक्रम से पहले कर दी जाएगी, ताकि वे भी इसमें शामिल हो सकें। उन्होंने आगे बताया कि कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन हो चुका है और एक-दो दिनों में ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियां भी कर दी जाएंगी। इसके बाद जिला कमेटियों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर विनय कुमार ने कहा कि ये चुनाव पार्टी के लिए सेमीफाइनल की तरह हैं, क्योंकि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी इन्हें गंभीरता से ले रही है। जिला परिषद के लिए उन्हीं उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पार्टी की विचारधारा से जुड़े हों। यदि किसी क्षेत्र में एक से अधिक दावेदार सामने आते हैं, तो उनके बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल है। मुख्यमंत्री द्वारा पेश बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। साथ ही, आगामी नगर निगम चुनावों के लिए मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, जिसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिला अध्यक्षों के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशों पर धर्मशाला में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 30 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और जम्मू-कश्मीर के जिला अध्यक्ष भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी मुख्य रूप से शामिल होंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार ने बुधवार को शिमला स्थित प्रदेश पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रशिक्षण के दौरान जिला अध्यक्ष विभिन्न गांवों का दौरा कर लोगों से संवाद भी करेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण और किन्नौर के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कार्यक्रम से पहले कर दी जाएगी, ताकि वे भी इसमें शामिल हो सकें। उन्होंने आगे बताया कि कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन हो चुका है और एक-दो दिनों में ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियां भी कर दी जाएंगी। इसके बाद जिला कमेटियों के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर विनय कुमार ने कहा कि ये चुनाव पार्टी के लिए सेमीफाइनल की तरह हैं, क्योंकि अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी इन्हें गंभीरता से ले रही है। जिला परिषद के लिए उन्हीं उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पार्टी की विचारधारा से जुड़े हों। यदि किसी क्षेत्र में एक से अधिक दावेदार सामने आते हैं, तो उनके बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल है। मुख्यमंत्री द्वारा पेश बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। साथ ही, आगामी नगर निगम चुनावों के लिए मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, जिसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42861.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Congress_district_presidents_training_camp_to_begin_in_Dharamshala_on_April_21_Rahul_Gandhi_to_attend]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/himachal/haryana-congress-mlas-met-with-cm-sukhus-political-advisor-police-deployed-entry-restricted-for-outsiders]]></guid>
                       <title><![CDATA[हरियाणा कांग्रेस विधायकों से मिले सीएम सुक्खू के पॉलिटिकल एडवाइजर, पुलिस तैनात, बाहरी लोगों की एंट्री बंद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/himachal/haryana-congress-mlas-met-with-cm-sukhus-political-advisor-police-deployed-entry-restricted-for-outsiders]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 14 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने हरियाणा के 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी क्षेत्र में गलू स्थित ट्विन टावर होटल में ठहराया है। होटल परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां दिन-रात पुलिस का पहरा लगा हुआ है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ट्विन टावर होटल पहुंचे और हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद वे शिमला लौट गए।

होटल की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भी पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति होटल परिसर तक न पहुंच सके। मीडिया को भी होटल से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। होटल के अंदर जाने की अनुमति केवल कर्मचारियों को ही दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ कांग्रेस विधायकों ने होटल से बाहर मॉर्निंग वॉक पर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ विधायक होटल परिसर के अंदर ही टहलते नजर आए, जबकि कई विधायक अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर देखते दिखाई दिए। शुक्रवार शाम हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों के अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और सांसद भी शिमला पहुंचे थे। इनके ठहरने की व्यवस्था अलग-अलग दो होटलों में की गई है। हरियाणा से आए कुछ नेता कुफरी स्थित रेडिसन होटल में भी ठहरे हुए हैं।

कांग्रेस को आशंका है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि छह विधायक अभी शिमला नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च की सुबह सभी विधायकों को शिमला से हरियाणा ले जाया जाएगा और उन्हें सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हरियाणा में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए विशेष रणनीति अपनाई है। पार्टी ने हरियाणा के 31 विधायकों को शिमला के पास कुफरी क्षेत्र में गलू स्थित ट्विन टावर होटल में ठहराया है। होटल परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां दिन-रात पुलिस का पहरा लगा हुआ है। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक सलाहकार सुनील बिट्टू ट्विन टावर होटल पहुंचे और हरियाणा कांग्रेस के विधायकों से मुलाकात की। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद वे शिमला लौट गए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">होटल की सुरक्षा को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर भी पुलिस तैनात की गई है, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति होटल परिसर तक न पहुंच सके। मीडिया को भी होटल से लगभग 200 मीटर पहले ही रोक दिया गया है। होटल के अंदर जाने की अनुमति केवल कर्मचारियों को ही दी गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह कुछ कांग्रेस विधायकों ने होटल से बाहर मॉर्निंग वॉक पर जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद कुछ विधायक होटल परिसर के अंदर ही टहलते नजर आए, जबकि कई विधायक अपने कमरों की खिड़कियों से बाहर देखते दिखाई दिए। शुक्रवार शाम हरियाणा कांग्रेस के 31 विधायकों के अलावा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और सांसद भी शिमला पहुंचे थे। इनके ठहरने की व्यवस्था अलग-अलग दो होटलों में की गई है। हरियाणा से आए कुछ नेता कुफरी स्थित रेडिसन होटल में भी ठहरे हुए हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कांग्रेस को आशंका है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए पार्टी ने अपने विधायकों को एक साथ सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि छह विधायक अभी शिमला नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के मुताबिक, 16 मार्च की सुबह सभी विधायकों को शिमला से हरियाणा ले जाया जाएगा और उन्हें सीधे मतदान स्थल तक पहुंचाया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42667.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Haryana-Congress-MLAs-met-with-CM-Sukhu's-political-advisor-police-deployed-entry-restricted-for-outsiders]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news-update/himachal/changes-in-panchayati-raj-rules-suggestions-will-be-sought-from-the-public-what-other-important-decisions-did-the-cabinet-take]]></guid>
                       <title><![CDATA[पंचायती राज नियमों में बदलाव, जनता से मांगे जाएंगे सुझाव, कैबिनेट ने और क्या लिए अहम फैसले]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news-update/himachal/changes-in-panchayati-raj-rules-suggestions-will-be-sought-from-the-public-what-other-important-decisions-did-the-cabinet-take]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 07 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। प्रस्ताव के अनुसार, जो पंचायतें बेस ईयर 2010 से लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में फिर से आरक्षित नहीं किया जाएगा। कैबिनेट ने सोशल सिक्योरिटी पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत &lsquo;बेसहारा&rsquo; शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और लाभ लेने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए नियमों के अनुसार जिन महिलाओं को उनके पति ने छोड़ दिया है, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनके पास आय का कोई अलग स्रोत नहीं है, उन्हें बेसहारा महिला माना जाएगा।

सरकार ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है, जिससे राज्य के बच्चों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने वन-टाइम एमनेस्टी स्कीम का लाभ लेने के बावजूद शुरू न हो सके 15 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स को रद्द करने की मंजूरी दी। साथ ही मंडी जिले के पंडोह में 10 मेगावाट का छोटा जलविद्युत परियोजना भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को आवंटित करने का निर्णय लिया गया है, बशर्ते बोर्ड राज्य सरकार को अनुपयोगी जमीन वापस करेगा। इसके बदले राज्य को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत बिजली अपने हिस्से के रूप में मिलेगी। कैबिनेट ने सिंगल विलेज और मल्टी विलेज जल योजनाओं के इन-विलेज इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्राम पंचायतों को सौंपने के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस पॉलिसी को मंजूरी दी।

दूध उत्पादकों को संगठित करने के लिए कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के डेयरी किसानों को मिलाकर धगवार में रीजनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड बनाने की स्वीकृति दी गई। धगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के संचालन और प्रबंधन के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कैबिनेट ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ रूट पर हेली-टैक्सी सेवा की उड़ानों को सप्ताह में तीन से बढ़ाकर 12 करने का फैसला किया। अब सप्ताह में छह दिन रोज़ दो उड़ानें संचालित होंगी और राज्य सरकार ऑपरेशन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग देगी। जल शक्ति विभाग में जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन केंद्र से फंड न मिलने के कारण राज्य के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा विभाग के सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 जूनियर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने को मंजूरी दी। वहीं सहकारिता विभाग में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के दो और इंस्पेक्टर कोऑपरेटिव सोसाइटीज के 30 पद भरने की अनुमति दी गई। शिक्षा विभाग के स्पोर्ट्स हॉस्टलों में 16 कोचों की भर्ती को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही हमीरपुर जिले के खरड़ी स्थित स्पोर्ट्स हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 100 बेड करने और इसका नाम स्टेट लेवल स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रखने का फैसला किया गया। कैबिनेट ने ऊना जिले के गगरेट में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिस स्थापित करने, नूरपुर में पुलिस पोस्ट कोटला को पुलिस स्टेशन में अपग्रेड करने और टाहलीवाल में फायर पोस्ट को सब फायर स्टेशन में बदलने को भी मंजूरी दी।

शिमला जिले की कोटखाई तहसील के मौजा कुफ्टू और सिरमौर जिले के पांवटा साहिब तहसील के मौजा हरिपुर टोहाना में जमीन केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया।मंत्रिमंडल ने लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के लिए वर्ष 2016 में चयनित बचे सात उम्मीदवारों को पटवारी के रिक्त पदों पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश लीज नियम, 2013 में संशोधन कर हिमुडा को 80 वर्ष तक की भूमि लीज देने की अनुमति भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत उन पार्ट-टाइम वाटर कैरियर्स की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज नियम, 1994 के नियम 28, 87, 88 और 89 में प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। प्रस्ताव के अनुसार, जो पंचायतें बेस ईयर 2010 से लगातार दो कार्यकाल तक आरक्षित रही हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनावों में फिर से आरक्षित नहीं किया जाएगा। कैबिनेट ने सोशल सिक्योरिटी पेंशन नियम, 2010 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इसके तहत &lsquo;बेसहारा&rsquo; शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और लाभ लेने के लिए प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। नए नियमों के अनुसार जिन महिलाओं को उनके पति ने छोड़ दिया है, जो उनके साथ नहीं रह रही हैं और जिनके पास आय का कोई अलग स्रोत नहीं है, उन्हें बेसहारा महिला माना जाएगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सरकार ने स्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति के तहत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है, जिससे राज्य के बच्चों को वित्तीय सहायता दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने वन-टाइम एमनेस्टी स्कीम का लाभ लेने के बावजूद शुरू न हो सके 15 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स को रद्द करने की मंजूरी दी। साथ ही मंडी जिले के पंडोह में 10 मेगावाट का छोटा जलविद्युत परियोजना भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को आवंटित करने का निर्णय लिया गया है, बशर्ते बोर्ड राज्य सरकार को अनुपयोगी जमीन वापस करेगा। इसके बदले राज्य को 13 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 5 प्रतिशत बिजली अपने हिस्से के रूप में मिलेगी। कैबिनेट ने सिंगल विलेज और मल्टी विलेज जल योजनाओं के इन-विलेज इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्राम पंचायतों को सौंपने के लिए ऑपरेशन और मेंटेनेंस पॉलिसी को मंजूरी दी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दूध उत्पादकों को संगठित करने के लिए कांगड़ा, हमीरपुर, चंबा और ऊना जिलों के डेयरी किसानों को मिलाकर धगवार में रीजनल कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड बनाने की स्वीकृति दी गई। धगवार मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के संचालन और प्रबंधन के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। कैबिनेट ने चंडीगढ़-शिमला-चंडीगढ़ रूट पर हेली-टैक्सी सेवा की उड़ानों को सप्ताह में तीन से बढ़ाकर 12 करने का फैसला किया। अब सप्ताह में छह दिन रोज़ दो उड़ानें संचालित होंगी और राज्य सरकार ऑपरेशन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग देगी। जल शक्ति विभाग में जल जीवन मिशन के तहत कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन केंद्र से फंड न मिलने के कारण राज्य के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मंत्रिमंडल ने तकनीकी शिक्षा विभाग के सरकारी इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों में 60 जूनियर असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने को मंजूरी दी। वहीं सहकारिता विभाग में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के दो और इंस्पेक्टर कोऑपरेटिव सोसाइटीज के 30 पद भरने की अनुमति दी गई। शिक्षा विभाग के स्पोर्ट्स हॉस्टलों में 16 कोचों की भर्ती को भी स्वीकृति दी गई। साथ ही हमीरपुर जिले के खरड़ी स्थित स्पोर्ट्स हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 100 बेड करने और इसका नाम स्टेट लेवल स्पोर्ट्स सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रखने का फैसला किया गया। कैबिनेट ने ऊना जिले के गगरेट में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिस स्थापित करने, नूरपुर में पुलिस पोस्ट कोटला को पुलिस स्टेशन में अपग्रेड करने और टाहलीवाल में फायर पोस्ट को सब फायर स्टेशन में बदलने को भी मंजूरी दी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला जिले की कोटखाई तहसील के मौजा कुफ्टू और सिरमौर जिले के पांवटा साहिब तहसील के मौजा हरिपुर टोहाना में जमीन केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए शिक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया।मंत्रिमंडल ने लाहौल-स्पीति और कुल्लू जिलों के लिए वर्ष 2016 में चयनित बचे सात उम्मीदवारों को पटवारी के रिक्त पदों पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश लीज नियम, 2013 में संशोधन कर हिमुडा को 80 वर्ष तक की भूमि लीज देने की अनुमति भी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त सिरमौर जिले में शिक्षा विभाग में कार्यरत उन पार्ट-टाइम वाटर कैरियर्स की सेवाएं नियमित करने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने 31 मार्च 2025 तक 11 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42631.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Changes-in-Panchayati-Raj-rules-suggestions-will-be-sought-from-the-public-what-other-important-decisions-did-the-cabinet-take?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/assemblysessionoppositionmovesadjournmentmotionoverdelayinpanchayatelectionsgovernmentagrees]]></guid>
                       <title><![CDATA[विधानसभा सत्र: पंचायत चुनाव में देरी पर विपक्ष ने पेश किया स्थगन प्रस्ताव, सरकार ने भरी हामी  ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/assemblysessionoppositionmovesadjournmentmotionoverdelayinpanchayatelectionsgovernmentagrees]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 26 Nov 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल की 14वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज धर्मशाला के तपोवन में शुरू हो गया है। 5 दिसंबर तक चलने वाले सत्र के दौरान कई मुद्दों पर तपोवन में चर्चा होगी। इस सत्र में कुल आठ बैठकें होंगी। पहले दिन सदन में प्रश्नकाल में गतिरोध पैदा कर विपक्ष ने पंचायतों के चुनाव में देरी करने पर सारा काम रोककर स्थगन प्रस्ताव लाया। इस पर हंगामा होने की आशंका थी पर सरकार ने चर्चा के लिए हामी भर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की सबसे बड़ी रक्षक कांग्रेस पार्टी है, महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में कांग्रेस ने आरक्षण का प्रावधान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूं तो यह मामला अर्धन्यायिक रहा है। लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने आज संविधान दिवस होने की बात की है तो सरकार ने इसे मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि कानून का यदि सही मायने में कोई संरक्षक है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। जो भी इस संबंध में कार्य हो रहा है वह कानून की परिधि में ही हो रहा है। कानून की परिभाषा को स्पष्ट करने का अधिकार न्यायालय के पास है और मामला कोर्ट में है। इससे पूर्व भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि सरकार सांविधानिक संस्थाओं का सम्मान करे। पंचायत चुनाव समय पर होने चाहिए। आज विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में संविधान की प्रस्तावना भी सभी से पढ़वाई। चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि 1975 में आपातकाल लगाकर भी इसी तरह से चुनाव टाले गए थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा प्रबंधन एक्ट लगाकर इसकी आड़ में चुनाव टाले जा रहे हैं। कोविड जैसा संकट होने के बावजूद भाजपा सरकार ने चुनाव करवाए। यह बहुत बड़ा संकट था। उससे बड़ा संकट आज की तिथि में नहीं है।

स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने भाजपा विधायक रणधीर शर्मा की ओर से स्थगन प्रस्ताव लाने के बाद सीएम को सदन की अगली कार्यसूची के बारे में अवगत करवाने की बात की। इस पर जयराम ठाकुर ने विरोध किया। इस पर स्पीकर ने नियम 72 का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा किया जा सकता है। इसके बाद सीएम ने कार्यसूची पढ़ी। सदन के पटल पर राष्ट्रपति और राज्यपाल से मंजूर विधेयक भी रखे गए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मंडी में सरकार के तीन साल पूरा होने पर जश्न नहीं, विजन बताएंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल की 14वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज धर्मशाला के तपोवन में शुरू हो गया है। 5 दिसंबर तक चलने वाले सत्र के दौरान कई मुद्दों पर तपोवन में चर्चा होगी। इस सत्र में कुल आठ बैठकें होंगी। पहले दिन सदन में प्रश्नकाल में गतिरोध पैदा कर विपक्ष ने पंचायतों के चुनाव में देरी करने पर सारा काम रोककर स्थगन प्रस्ताव लाया। इस पर हंगामा होने की आशंका थी पर सरकार ने चर्चा के लिए हामी भर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की सबसे बड़ी रक्षक कांग्रेस पार्टी है, महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में कांग्रेस ने आरक्षण का प्रावधान किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मुख्यमंत्री ने कहा कि यूं तो यह मामला अर्धन्यायिक रहा है। लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने आज संविधान दिवस होने की बात की है तो सरकार ने इसे मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि कानून का यदि सही मायने में कोई संरक्षक है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। जो भी इस संबंध में कार्य हो रहा है वह कानून की परिधि में ही हो रहा है। कानून की परिभाषा को स्पष्ट करने का अधिकार न्यायालय के पास है और मामला कोर्ट में है। इससे पूर्व भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने नियम 67 के तहत स्थगन प्रस्ताव लाते हुए कहा कि सरकार सांविधानिक संस्थाओं का सम्मान करे। पंचायत चुनाव समय पर होने चाहिए। आज विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में संविधान की प्रस्तावना भी सभी से पढ़वाई। चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि 1975 में आपातकाल लगाकर भी इसी तरह से चुनाव टाले गए थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा प्रबंधन एक्ट लगाकर इसकी आड़ में चुनाव टाले जा रहे हैं। कोविड जैसा संकट होने के बावजूद भाजपा सरकार ने चुनाव करवाए। यह बहुत बड़ा संकट था। उससे बड़ा संकट आज की तिथि में नहीं है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने भाजपा विधायक रणधीर शर्मा की ओर से स्थगन प्रस्ताव लाने के बाद सीएम को सदन की अगली कार्यसूची के बारे में अवगत करवाने की बात की। इस पर जयराम ठाकुर ने विरोध किया। इस पर स्पीकर ने नियम 72 का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा किया जा सकता है। इसके बाद सीएम ने कार्यसूची पढ़ी। सदन के पटल पर राष्ट्रपति और राज्यपाल से मंजूर विधेयक भी रखे गए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मंडी में सरकार के तीन साल पूरा होने पर जश्न नहीं, विजन बताएंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42069.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Assembly_session_Opposition_moves_adjournment_motion_over_delay_in_Panchayat_elections_government_agrees]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/bjp-attacks-sukhu-government-seeks-donations-at-panchayat-level-for-shri-renuka-ji-fair]]></guid>
                       <title><![CDATA[सुक्खू सरकार पर भाजपा का हमला, श्रीरेणुका जी मेले के लिए पंचायत स्तर पर दान मांग रही सरकार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/bjp-attacks-sukhu-government-seeks-donations-at-panchayat-level-for-shri-renuka-ji-fair]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 30 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी अंतरराष्ट्रीय मेले के आयोजन के लिए सरकार की ओर से पंचायत स्तर तक लोगों से भगवान के नाम पर दान मांगा जा रहा है। जिस पर हिमाचल भाजपा प्रवक्ता ने सुक्खू सरकार पर यह कहते हुए निशाना साधा कि प्रदेश सरकार अब पंचायत स्तर तक भीख मांगना शुरू कर चुकी है। विनय गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मेलों के आयोजन के लिए प्रदेश की सुक्खू सरकार अपने अधिकारियों से भीख मंगवा रही है। जिला पंचायत अधिकारी सिरमौर द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग कांग्रेस सरकार तथा जिला प्रशासन को जमकर कर कोस रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के संबंध में जिला सिरमौर के पंचायत अधिकारी द्वारा जिले के खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि मेले के आयोजन के लिए पंचायतों से दान राशि एकत्रित की जाए। इसी तर्ज पर सभी खंड विकास अधिकारियों ने जिले की सभी पंचायतों को पत्र लिखकर श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के लिए दान राशि देने का आदेश किया है। विनय गुप्ता ने कहा कि इससे मां श्रीरेणुकाजी और भगवान श्री परशुराम से जुड़ी आस्था को भी ठेस पहुंची है, और लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके गांव-गांव से भीख के जरिए पैसा इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष ही इस सरकार ने राज्य के अनेक धार्मिक मंदिरों से सरकारी योजनाओं को चलाने के लिए उपायुक्तों को पत्र लिखकर सरकार को पैसा देने का फरमान जारी किया था, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को भारी ठेस पहुंची थी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी अंतरराष्ट्रीय मेले के आयोजन के लिए सरकार की ओर से पंचायत स्तर तक लोगों से भगवान के नाम पर दान मांगा जा रहा है। जिस पर हिमाचल भाजपा प्रवक्ता ने सुक्खू सरकार पर यह कहते हुए निशाना साधा कि प्रदेश सरकार अब पंचायत स्तर तक भीख मांगना शुरू कर चुकी है। विनय गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मेलों के आयोजन के लिए प्रदेश की सुक्खू सरकार अपने अधिकारियों से भीख मंगवा रही है। जिला पंचायत अधिकारी सिरमौर द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग कांग्रेस सरकार तथा जिला प्रशासन को जमकर कर कोस रहे हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के संबंध में जिला सिरमौर के पंचायत अधिकारी द्वारा जिले के खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि मेले के आयोजन के लिए पंचायतों से दान राशि एकत्रित की जाए। इसी तर्ज पर सभी खंड विकास अधिकारियों ने जिले की सभी पंचायतों को पत्र लिखकर श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के लिए दान राशि देने का आदेश किया है। विनय गुप्ता ने कहा कि इससे मां श्रीरेणुकाजी और भगवान श्री परशुराम से जुड़ी आस्था को भी ठेस पहुंची है, और लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके गांव-गांव से भीख के जरिए पैसा इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष ही इस सरकार ने राज्य के अनेक धार्मिक मंदिरों से सरकारी योजनाओं को चलाने के लिए उपायुक्तों को पत्र लिखकर सरकार को पैसा देने का फरमान जारी किया था, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को भारी ठेस पहुंची थी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41839.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[BJP-attacks-Sukhu-government-seeks-donations-at-Panchayat-level-for-Shri-Renuka-Ji-fair]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/election/upchunav/himachal/notice-issued-to-himachal-government-and-kcc-bank-on-hoshiar-singhs-petition]]></guid>
                       <title><![CDATA[होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल सरकार और KCC बैंक को नोटिस जारी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/election/upchunav/himachal/notice-issued-to-himachal-government-and-kcc-bank-on-hoshiar-singhs-petition]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 30 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[देहरा विधानसभा उप चुनाव में BJP प्रत्याशी होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। अदालत ने हिमाचल सरकार और कांगड़ा को ऑपरेटिव बैंक को नोटिस जारी किए है। अब अगली सुनवाई में प्रदेश सरकार और KCB बैंक प्रबंधन को याचिकाकर्ता द्वारा लगाए आरोपों का जवाब अदालत में देना होगा। देहरा विधानसभा उप चुनाव में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीती हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उप चुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान KCB प्रबंधन ने 67 महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपए और हिमाचल सरकार ने देहरा विधानसभा की करीब 1000 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना से तीन महीने की राशि अकाउंट में डाली है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार ने चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। होशियार सिंह ने हाईकोर्ट से आचार संहिता के दौरान महिला मंडलों को पैसा बांटने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पूर्व विधायक होशियार सिंह के अनुसार, महिला मंडलों और महिलाओं को बांटी राशि की सरकार ने जानकारी छिपाए रखी। विधानसभा में भी इसका जवाब नहीं दिया। आरटीआई में भी जवाब देने से इनकार कर दिया। आरटीआई में अपील करने पर उन्हें इसका जवाब मिल पाया। आरटीआई के तहत डॉक्यूमेंट मिलने के बाद अब हाईकोर्ट में पिटीशन डाली जा रही है। होशियार सिंह ने बताया कि यदि सरकार ने समय पर सूचना दी होती, तो उन्होंने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को भी इसकी शिकायत दे दी होती। मगर ECI में शिकायत 45 दिन के भीतर देना होती है। 45 दिन में सरकार द्वारा सूचना छिपाने की वजह से वह इसकी शिकायत ECI को नहीं कर पाए। बहरहाल अब होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमाचल सरकार और केसीसी बैंक को नोटिस जारी किये है।&nbsp;&nbsp;

विधानसभा में भी गूंजा मामला&nbsp;
देहरा विधानसभा उप चुनाव में कैश फॉर वोट का मामला विधानसभा में भी कई बार गूंज चुका है। इसी मानसून सत्र में भी बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। मगर जवाब नहीं मिल पाया था। इस पर विपक्ष ने सदन में खूब हंगामा किया और सदन के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधीर शर्मा और आशीष शर्मा ने कहा कि जो जानकारी सदन में मांगी गई थी, वही सूचना उन्होंने आरटीआई के तहत ले ली है। अब तक यह मामला विधानसभा और सदन के बाहर गूंजता रहा है। इसी मामले में पूर्व विधायक होशियार सिंह ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को पहले ही शिकायत भेजकर सीएम की पत्नी एवं देहरा की MLA कमलेश ठाकुर को 6 साल के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग भी की है।

इस्तीफा दिया, भाजपा में गए और उपचुनाव हार गए !
विदित रहे कि हिमाचल में बीते 27 फरवरी 2024 को राज्यसभा चुनाव हुआ। देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला। इसके बाद, होशियार सिंह समेत तीन निर्दलीय विधायक और 6 कांग्रेस विधायकों समेत भाजपा में शामिल हुए। तीनों निर्दलीय ने 22 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दिया। 23 मार्च को दिल्ली में इन्होंने BJP का दामन थाम लिया। इस वजह से देहरा में 10 जुलाई 2024 को उप चुनाव हुए। बीजेपी ने होशियार सिंह को टिकट दिया और कांग्रेस ने सीएम सुखविंदर सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाया। 10 जुलाई को वोटिंग और 14 जुलाई को नतीजे आए। इनमें कमलेश ठाकुर 9399 वोट के अंतर से चुनाव जीत गईं और होशियार सिंह चुनाव हार गए।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">देहरा विधानसभा उप चुनाव में BJP प्रत्याशी होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। अदालत ने हिमाचल सरकार और कांगड़ा को ऑपरेटिव बैंक को नोटिस जारी किए है। अब अगली सुनवाई में प्रदेश सरकार और KCB बैंक प्रबंधन को याचिकाकर्ता द्वारा लगाए आरोपों का जवाब अदालत में देना होगा। देहरा विधानसभा उप चुनाव में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर चुनाव जीती हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि उप चुनाव में कोड ऑफ कंडक्ट के दौरान KCB प्रबंधन ने 67 महिला मंडलों को 50-50 हजार रुपए और हिमाचल सरकार ने देहरा विधानसभा की करीब 1000 महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना से तीन महीने की राशि अकाउंट में डाली है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सरकार ने चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया है। होशियार सिंह ने हाईकोर्ट से आचार संहिता के दौरान महिला मंडलों को पैसा बांटने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पूर्व विधायक होशियार सिंह के अनुसार, महिला मंडलों और महिलाओं को बांटी राशि की सरकार ने जानकारी छिपाए रखी। विधानसभा में भी इसका जवाब नहीं दिया। आरटीआई में भी जवाब देने से इनकार कर दिया। आरटीआई में अपील करने पर उन्हें इसका जवाब मिल पाया। आरटीआई के तहत डॉक्यूमेंट मिलने के बाद अब हाईकोर्ट में पिटीशन डाली जा रही है। होशियार सिंह ने बताया कि यदि सरकार ने समय पर सूचना दी होती, तो उन्होंने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को भी इसकी शिकायत दे दी होती। मगर ECI में शिकायत 45 दिन के भीतर देना होती है। 45 दिन में सरकार द्वारा सूचना छिपाने की वजह से वह इसकी शिकायत ECI को नहीं कर पाए। बहरहाल अब होशियार सिंह की याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट ने हिमाचल सरकार और केसीसी बैंक को नोटिस जारी किये है।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विधानसभा में भी गूंजा मामला&nbsp;<br />
देहरा विधानसभा उप चुनाव में कैश फॉर वोट का मामला विधानसभा में भी कई बार गूंज चुका है। इसी मानसून सत्र में भी बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था। मगर जवाब नहीं मिल पाया था। इस पर विपक्ष ने सदन में खूब हंगामा किया और सदन के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधीर शर्मा और आशीष शर्मा ने कहा कि जो जानकारी सदन में मांगी गई थी, वही सूचना उन्होंने आरटीआई के तहत ले ली है। अब तक यह मामला विधानसभा और सदन के बाहर गूंजता रहा है। इसी मामले में पूर्व विधायक होशियार सिंह ने हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को पहले ही शिकायत भेजकर सीएम की पत्नी एवं देहरा की MLA कमलेश ठाकुर को 6 साल के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग भी की है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस्तीफा दिया, भाजपा में गए और उपचुनाव हार गए !<br />
विदित रहे कि हिमाचल में बीते 27 फरवरी 2024 को राज्यसभा चुनाव हुआ। देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला। इसके बाद, होशियार सिंह समेत तीन निर्दलीय विधायक और 6 कांग्रेस विधायकों समेत भाजपा में शामिल हुए। तीनों निर्दलीय ने 22 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दिया। 23 मार्च को दिल्ली में इन्होंने BJP का दामन थाम लिया। इस वजह से देहरा में 10 जुलाई 2024 को उप चुनाव हुए। बीजेपी ने होशियार सिंह को टिकट दिया और कांग्रेस ने सीएम सुखविंदर सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाया। 10 जुलाई को वोटिंग और 14 जुलाई को नतीजे आए। इनमें कमलेश ठाकुर 9399 वोट के अंतर से चुनाव जीत गईं और होशियार सिंह चुनाव हार गए।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41837.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Notice-issued-to-Himachal-Government-and-KCC-Bank-on-Hoshiar-Singh's-petition]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/bihar-grand-alliance-fielded-254-candidates-on-243-seats-contested-against-each-other-know-what-is-the-whole-matter]]></guid>
                       <title><![CDATA[बिहार : महागठबंधन ने उतारे 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार, उतरे एक-दूसरे के खिलाफ, जानें क्या है पूरा मामला]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/bihar-grand-alliance-fielded-254-candidates-on-243-seats-contested-against-each-other-know-what-is-the-whole-matter]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 21 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

बिहार विधानसभा चुनाव में 6 नवंबर को पहले फेज का (121 सीट) तथा 11 नवंबर दूसरे फेज का (122 सीट) मतदान होना है। इस बीच गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर काफी खींचतान व बगावत देखने को मिल रही है। गठबंधन ने 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। गठबंधन में RJD ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 61, सीपीआई (एम) ने 20, सीपीआई ने 9, सीपीएम ने 6 तथा मुकेश सहनी की पार्टी ने 15 उम्मीदवार उतारे हैं।&nbsp;

हालात ऐसी बन चुकी है कि NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कहने वाला महागठबंधन अब एक-दूसरे के खिलाफ ही उतर आए हैं। आपको बता दें कि 12 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल-एक दूसरे के खिलाफ ही खड़े हो गए हैं। अब राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा होनी शुरू हो गई है और कि कहां तो महागठबंधन NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कर रहा था पर अब ये एक-दूसरे के खिलाफ ही खड़े हैं। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने महागठबंधन से किनारा कर लिया है।&nbsp;

सीएम फेस भी तय नहीं
NDA और महागठबंधन ने खुलकर सीएम फेस कि घोषणा नहीं की है। महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर खींचतान जारी है। हालांकि NDA नेता कह चुके हैं कि चुनाव में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार ही करेंगे।&nbsp;

इन 6 सीटों पर कांग्रेस-RJD आमने सामने&nbsp;
सिकंदरा - उदय नारायण चौधरी RJD VS विनोद चौधरी कांग्रेस
कहलगांव - रजनीश भारती RJD VS प्रवीण कुशवाहा कांग्रेस&nbsp;
वैशाली - अजय कुशवाहा RJD VS संजीव कुमार कांग्रेस&nbsp;
लालगंज - शिवानी शुक्ला RJD VS आदित्य कुमार कांग्रेस
वारिसलीगंज- अनिता देवी RJD VS सतीश कुमार कांग्रेस&nbsp;
सुल्तान गंज - चन्दन सिन्हा RJD VS ललन यादव कांग्रेस&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बिहार विधानसभा चुनाव में 6 नवंबर को पहले फेज का (121 सीट) तथा 11 नवंबर दूसरे फेज का (122 सीट) मतदान होना है। इस बीच गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर काफी खींचतान व बगावत देखने को मिल रही है। गठबंधन ने 243 सीटों पर 254 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। गठबंधन में RJD ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 61, सीपीआई (एम) ने 20, सीपीआई ने 9, सीपीएम ने 6 तथा मुकेश सहनी की पार्टी ने 15 उम्मीदवार उतारे हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हालात ऐसी बन चुकी है कि NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कहने वाला महागठबंधन अब एक-दूसरे के खिलाफ ही उतर आए हैं। आपको बता दें कि 12 सीटों पर महागठबंधन के घटक दल-एक दूसरे के खिलाफ ही खड़े हो गए हैं। अब राजनीतिक गलियारे में इसकी चर्चा होनी शुरू हो गई है और कि कहां तो महागठबंधन NDA के खिलाफ चुनाव लड़ने की बातें कर रहा था पर अब ये एक-दूसरे के खिलाफ ही खड़े हैं। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा ने महागठबंधन से किनारा कर लिया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>सीएम फेस भी तय नहीं</strong><br />
NDA और महागठबंधन ने खुलकर सीएम फेस कि घोषणा नहीं की है। महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर खींचतान जारी है। हालांकि NDA नेता कह चुके हैं कि चुनाव में एनडीए का नेतृत्व नीतीश कुमार ही करेंगे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन 6 सीटों पर कांग्रेस-RJD आमने सामने&nbsp;</strong><br />
सिकंदरा - उदय नारायण चौधरी RJD VS विनोद चौधरी कांग्रेस<br />
कहलगांव - रजनीश भारती RJD VS प्रवीण कुशवाहा कांग्रेस&nbsp;<br />
वैशाली - अजय कुशवाहा RJD VS संजीव कुमार कांग्रेस&nbsp;<br />
लालगंज - शिवानी शुक्ला RJD VS आदित्य कुमार कांग्रेस<br />
वारिसलीगंज- अनिता देवी RJD VS सतीश कुमार कांग्रेस&nbsp;<br />
सुल्तान गंज - चन्दन सिन्हा RJD VS ललन यादव कांग्रेस&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41768.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Bihar: Grand alliance fielded 254 candidates on 243 seats, contested against each other, know what is the whole matter]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/arjun-will-have-to-aim-for-the-first-ticket]]></guid>
                       <title><![CDATA[अर्जुन को पहले टिकट पर साधना होगा निशाना !]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/arjun-will-have-to-aim-for-the-first-ticket]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 16 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
ज्वाली में भाजपा की हालत निराली, एक फूल दो माली
2022 में अर्जुन ने सिर माथे लगाया था पार्टी का फैसला, पक्ष में जा सकता है ये फैक्टर&nbsp;&nbsp;
नहीं चला था सीटिंग विधायक का टिकट काटने का दांव
कांग्रेस में फिर नीरज पर रहेगी निगाह


&nbsp;

ज्वाली परंपरागत रूप से कांग्रेस के दबदबे वाली सीट रही है और यहाँ चौधरी चंद्र कुमार के परिवार का दबदबा रहा है। वर्तमान में&nbsp; खुद चौधरी चंद्र कुमार यहाँ से छठी बार विधायक है, जब उनके बेटे नीरज भारती दो बार विधायक रहे है।&nbsp; 2008 के परिसीमन के बाद ज्वाली निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में आया। इससे पहले फतेहपुर और ज्वाली दोनों एक हुआ करते थे। फतेहपुर को ज्वाली से अलग किया गया और पहले का गुलेर विधानसभा क्षेत्र&nbsp; ज्वाली&nbsp; विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में चौधरी चंद्र कुमार बेशक मंत्री है लेकिन उनकी उम्र 80&nbsp; पार है। ऐसे में संभवतः अगला चुनाव उनके बेटे नीरज भारती लड़ेंगे। यानी कांग्रेस में फेस लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं दिखता।&nbsp;

पर भाजपा में स्थिति इतनी सहज नहीं है। दरअसल 2017 के विधानसभा चुनाव में यहाँ भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। तब भाजपा के अर्जुन ठाकुर ने कांग्रेस के दिग्गज नेता चंद्र कुमार को 8213 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी थी। पर इसके बावजूद 2022 में भाजपा ने उनका टिकट काटकर संजय गुलेरिया पर दांव खेला। पर गुलेरिया मौके को भुना नहीं पाएं। दिलचस्प बात ये है कि टिकट काटने के बावजूद तब सीटिंग विधायक अर्जुन ठाकुर ने मुखालफत नहीं की, जबकि 2022 के चुनाव में प्रदेश की करीब एक तिहाई सीटों पर भाजपा के बागी खड़े थे। जानकार मानते है कि भविष्य में ये फैक्टर अर्जुन के पक्ष में जा सकता है।&nbsp;&nbsp;

संजय गुलेरिया की बात करें तो वे गज़ पार यानी नगरोटा सूरियाँ से ताल्लुक़ रखते हैं। इसमें भी कोई संशय नहीं है कि लम्बे समय से संजय गुलेरिया की ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। इसी के चलते 2022 में उन्हें चेहरा बनाया गया था, पर उन्हें जीत नहीं मिली। लेकिन क्या भाजपा उन्हें एक और मौका देगी, ये बड़ा सवाल है। दरअसल अर्जुन ठाकुर क्षेत्र में प्रो एक्टिव दिख रहे है। कहा जा सकता है कि वे अभी से इलेक्शन मोड में है। 2022 में पार्टी के निर्णय को सिर माथे से लगाने का सिला भी उन्हें मिल सकता है। यानी अर्जुन की दावेदारी मजबूत होगी।&nbsp;&nbsp;

फिलवक्त दो -दो मजबूत दावेदारों के चलते ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की हालत एक फूल दो माली जैसी है। जबकि कांग्रेस के लगभग स्थिति स्पष्ट सी है। ज्वाली&nbsp; विधानसभा क्षेत्र का परिणाम&nbsp; तो ख़ैर भविष्य के गर्भ में छिपा हैं लेकिन भाजपा के लिए पहली परीक्षा कैंडिडेट का चुनाव होगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<blockquote>
<p style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">ज्वाली में भाजपा की हालत निराली, एक फूल दो माली<br />
2022 में अर्जुन ने सिर माथे लगाया था पार्टी का फैसला, पक्ष में जा सकता है ये फैक्टर&nbsp;&nbsp;<br />
नहीं चला था सीटिंग विधायक का टिकट काटने का दांव<br />
कांग्रेस में फिर नीरज पर रहेगी निगाह</span></strong></p>
</blockquote>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size: 18px;">ज्वाली परंपरागत रूप से कांग्रेस के दबदबे वाली सीट रही है और यहाँ चौधरी चंद्र कुमार के परिवार का दबदबा रहा है। वर्तमान में&nbsp; खुद चौधरी चंद्र कुमार यहाँ से छठी बार विधायक है, जब उनके बेटे नीरज भारती दो बार विधायक रहे है।&nbsp; 2008 के परिसीमन के बाद ज्वाली निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में आया। इससे पहले फतेहपुर और ज्वाली दोनों एक हुआ करते थे। फतेहपुर को ज्वाली से अलग किया गया और पहले का गुलेर विधानसभा क्षेत्र&nbsp; ज्वाली&nbsp; विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में चौधरी चंद्र कुमार बेशक मंत्री है लेकिन उनकी उम्र 80&nbsp; पार है। ऐसे में संभवतः अगला चुनाव उनके बेटे नीरज भारती लड़ेंगे। यानी कांग्रेस में फेस लेकर कोई कन्फ्यूजन नहीं दिखता।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size: 18px;">पर भाजपा में स्थिति इतनी सहज नहीं है। दरअसल 2017 के विधानसभा चुनाव में यहाँ भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। तब भाजपा के अर्जुन ठाकुर ने कांग्रेस के दिग्गज नेता चंद्र कुमार को 8213 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी थी। पर इसके बावजूद 2022 में भाजपा ने उनका टिकट काटकर संजय गुलेरिया पर दांव खेला। पर गुलेरिया मौके को भुना नहीं पाएं। दिलचस्प बात ये है कि टिकट काटने के बावजूद तब सीटिंग विधायक अर्जुन ठाकुर ने मुखालफत नहीं की, जबकि 2022 के चुनाव में प्रदेश की करीब एक तिहाई सीटों पर भाजपा के बागी खड़े थे। जानकार मानते है कि भविष्य में ये फैक्टर अर्जुन के पक्ष में जा सकता है।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">संजय गुलेरिया की बात करें तो वे गज़ पार यानी नगरोटा सूरियाँ से ताल्लुक़ रखते हैं। इसमें भी कोई संशय नहीं है कि लम्बे समय से संजय गुलेरिया की ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में निरंतर सक्रिय है। इसी के चलते 2022 में उन्हें चेहरा बनाया गया था, पर उन्हें जीत नहीं मिली। लेकिन क्या भाजपा उन्हें एक और मौका देगी, ये बड़ा सवाल है। दरअसल अर्जुन ठाकुर क्षेत्र में प्रो एक्टिव दिख रहे है। कहा जा सकता है कि वे अभी से इलेक्शन मोड में है। 2022 में पार्टी के निर्णय को सिर माथे से लगाने का सिला भी उन्हें मिल सकता है। यानी अर्जुन की दावेदारी मजबूत होगी।&nbsp;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">फिलवक्त दो -दो मजबूत दावेदारों के चलते ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की हालत एक फूल दो माली जैसी है। जबकि कांग्रेस के लगभग स्थिति स्पष्ट सी है। ज्वाली&nbsp; विधानसभा क्षेत्र का परिणाम&nbsp; तो ख़ैर भविष्य के गर्भ में छिपा हैं लेकिन भाजपा के लिए पहली परीक्षा कैंडिडेट का चुनाव होगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41748.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Arjun will have to aim for the first ticket!]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/3-cough-syrups-pose-a-threat-to-life-who-issues-warning]]></guid>
                       <title><![CDATA[3 कफ सिरप से जान को खतरा, WHO ने जारी की चेतावनी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/3-cough-syrups-pose-a-threat-to-life-who-issues-warning]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 14 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बीते सोमवार को भारत में तीन मिलावटी कफ सिरप के खिलाफ चेतावनी जारी की है। जिन कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी हुई है वे श्रीसन फार्मास्यूटिकल की कोल्ड्रिफ, रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर तथा शेप फार्मा की रीलाइफ&nbsp;हैं। बताया जा रहा है कि इन तीनों कफ सिरप से जान के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।&nbsp;

आपको बता दें कि कोल्ड्रिफ वही सिरप है, जिसकी वजह से हाल में मध्य प्रदेश में सितंबर से अभी तक 5 वर्ष से कम उम्र वाले करीब&nbsp;25 बच्चों की जान चली गई है। सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल व एथिलीन ग्लाइकॉल शामिल थे जो किडनी कि लिए खतरनाक हैं। कोल्ड्रिफ में किडनी खराब करने वाला 48% जहरीले पदार्थ शामिल थे। इस कंपनी द्वारा नेशनल ड्रग सेफ्टी के कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, फिर भी कई सालों तक यह अपना कारोबार चलाती रही।&nbsp;

श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी को किया बंद&nbsp;
कोल्ड्रिफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम में श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा बनाई जाती थी। तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बीते कल सोमवार को इस फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी पर हमेशा के लिए ताला लगा दिया। मध्य प्रदेश पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को 9 अक्टूबर को चेन्नई से गिरफ्तार कर 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा दिया।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बीते सोमवार को भारत में तीन मिलावटी कफ सिरप के खिलाफ चेतावनी जारी की है। जिन कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी हुई है वे श्रीसन फार्मास्यूटिकल की कोल्ड्रिफ, रेडनेक्स फार्मास्यूटिकल्स की रेस्पिफ्रेश टीआर तथा शेप फार्मा की रीलाइफ&nbsp;हैं। बताया जा रहा है कि इन तीनों कफ सिरप से जान के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि कोल्ड्रिफ वही सिरप है, जिसकी वजह से हाल में मध्य प्रदेश में सितंबर से अभी तक 5 वर्ष से कम उम्र वाले करीब&nbsp;25 बच्चों की जान चली गई है। सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल व एथिलीन ग्लाइकॉल शामिल थे जो किडनी कि लिए खतरनाक हैं। कोल्ड्रिफ में किडनी खराब करने वाला 48% जहरीले पदार्थ शामिल थे। इस कंपनी द्वारा नेशनल ड्रग सेफ्टी के कई नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, फिर भी कई सालों तक यह अपना कारोबार चलाती रही।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी को किया बंद&nbsp;</strong><br />
कोल्ड्रिफ सिरप तमिलनाडु के कांचीपुरम में श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी द्वारा बनाई जाती थी। तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने बीते कल सोमवार को इस फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी पर हमेशा के लिए ताला लगा दिया। मध्य प्रदेश पुलिस की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को 9 अक्टूबर को चेन्नई से गिरफ्तार कर 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा दिया।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41724.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[3 Cough syrups pose a threat to life, WHO issues warning]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/sonam-wangchuks-wife-filed-habeas-corpus-petition-in-supreme-court]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोनम वांगचुक की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/sonam-wangchuks-wife-filed-habeas-corpus-petition-in-supreme-court]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 03 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अपने पति की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को&nbsp;सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। गीतांजलि ने दावा किया है कि उनके पति पर लगे सारे आरोप गलत हैं और उनकी गिरफ्तारी भी अवैध है। सोनम वांगचुक 24 सितंबर को लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किये गए थे।&nbsp;

गीतांजलि ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि उन्हें एक हफ्ता से सोनम की सेहत, उनकी हालत और साथ ही नजरबंदी के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। अंगमो ने अपने पति वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ NSA लगाने को कोर्ट में चुनौती दी है। अंगमो ने कहा कि उन्हें अभी तक सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी आर्डर की कॉपी भी नहीं मिली है। अंगमो PM मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह समेत लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता तक को पत्र लिख चुकी हैं।&nbsp;

बंदी प्रत्यक्षीकरण
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने का अधिकार हर नागरिक को होता है। अगर किसी व्यक्ति को गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में लिया गया है, तो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के तहत अदालत उस व्यक्ति को तुरंत कोर्ट में पेश करने का आदेश दे सकती है। आदेश जारी होते ही पुलिस को पूरी जानकारी कोर्ट के सामने पेश करनी होती है।

अंगमो ने लगाया आरोप
अंगमो का आरोप लगाया है कि उनके पति वांगचुक को चुप&nbsp;कराने के लिए कई महीने से विच हंट किया जा रहा है। वांगचुक हमेशा से गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन करते आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति सोनम वांगचुक पाकिस्तान गए थे तो इसमें गलत क्या है। वांगचुक जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित मीटिंग में गए थे।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अपने पति की तुरंत रिहाई की मांग को लेकर </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">2 अक्टूबर को&nbsp;</span><span style="font-size:18px;">सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। गीतांजलि ने दावा किया है कि उनके पति पर लगे सारे आरोप गलत हैं और उनकी गिरफ्तारी भी अवैध है। सोनम वांगचुक 24 सितंबर को लेह में हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किये गए थे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">गीतांजलि ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि उन्हें एक हफ्ता से सोनम की सेहत, उनकी हालत और साथ ही नजरबंदी के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। अंगमो ने अपने पति वांगचुक की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ NSA लगाने को कोर्ट में चुनौती दी है। अंगमो ने कहा कि उन्हें अभी तक सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी आर्डर की कॉपी भी नहीं मिली है। अंगमो PM मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह समेत लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता तक को पत्र लिख चुकी हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>बंदी प्रत्यक्षीकरण</strong><br />
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने का अधिकार हर नागरिक को होता है। अगर किसी व्यक्ति को गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में लिया गया है, तो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के तहत अदालत उस व्यक्ति को तुरंत कोर्ट में पेश करने का आदेश दे सकती है। आदेश जारी होते ही पुलिस को पूरी जानकारी कोर्ट के सामने पेश करनी होती है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>अंगमो ने लगाया आरोप</strong><br />
अंगमो का आरोप लगाया है कि उनके पति वांगचुक को चुप&nbsp;कराने के लिए कई महीने से विच हंट किया जा रहा है। वांगचुक हमेशा से गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन करते आए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति सोनम वांगचुक पाकिस्तान गए थे तो इसमें गलत क्या है। वांगचुक जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित मीटिंग में गए थे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41644.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sonam Wangchuk's wife filed habeas corpus petition in Supreme Court]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/gift-for-central-employees-before-festivals-30-days-bonus-announced]]></guid>
                       <title><![CDATA[त्योहारों से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा, 30 दिन के बोनस की घोषणा ​]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/gift-for-central-employees-before-festivals-30-days-bonus-announced]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 30 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

केंद्रीय कर्मचारियों को दशहरा-दिवाली पर बोनस का तोहफा देने का ऐलान हुआ है। वित्त मंत्रालय ने 2024-25 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर का अमाउंट बोनस के रूप में दिया जाएगा। आपको बता दें कि इसके लिए ग्रुप सी के सभी केंद्रीय कर्मचारी और साथ ही ग्रुप बी में आने वाले केंद्र के उन नॉन गजटेड कर्मचारियों को भी यह बोनस मिलेगा जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना के तहत नहीं आते हैं। केंद्र ने इस निर्णय से केंद्रीय कर्मचारियों व सुरक्षा बलों के जवानों को त्यौहार के समय में आर्थिक रूप से बहुत राहत दी है।&nbsp;

&nbsp;

इन कर्मचारियों को मिलेगा

इस बोनस का फायदा उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च 2025 तक सेवा में रहे या फिर जिन्होंने लगातार 6 महीने तक काम किया हो। साथ ही जिन्होंने पिछले 3 सालों में निर्धारित दिनों तक काम किया है, उन्हें भी बोनस मिलेगा। जिसने पूरे साल काम नहीं किया है, तो वह जितने महीने काम किया है, उसके अनुसार उन्हें बोनस मिलेगा। ऐसे एड-हॉक कर्मचारी, जिनकी सर्विस में कोई बाधा दिक्कत नहीं है, वे भी इस बोनस के पात्र होंगे। एडहॉक बोनस का फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के सभी पात्र कर्मियों को भी मिलेगा।&nbsp;

&nbsp;

पूरे वर्ष सर्विस में रहने वाले कर्मचारियों को 6,908 रूपए का बोनस तथा कैजुअल कर्मचारियों के लिए बोनस 1,184 रूपए&nbsp;तय हुई है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">केंद्रीय कर्मचारियों को दशहरा-दिवाली पर बोनस का तोहफा देने का ऐलान हुआ है। वित्त मंत्रालय ने 2024-25 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) का ऐलान किया है। इसके अंतर्गत पात्र कर्मचारियों को 30 दिन के वेतन के बराबर का अमाउंट बोनस के रूप में दिया जाएगा। आपको बता दें कि इसके लिए ग्रुप सी के सभी केंद्रीय कर्मचारी और साथ ही ग्रुप बी में आने वाले केंद्र के उन नॉन गजटेड कर्मचारियों को भी यह बोनस मिलेगा जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना के तहत नहीं आते हैं। केंद्र ने इस निर्णय से केंद्रीय कर्मचारियों व सुरक्षा बलों के जवानों को त्यौहार के समय में आर्थिक रूप से बहुत राहत दी है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन कर्मचारियों को मिलेगा</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस बोनस का फायदा उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो 31 मार्च 2025 तक सेवा में रहे या फिर जिन्होंने लगातार 6 महीने तक काम किया हो। साथ ही जिन्होंने पिछले 3 सालों में निर्धारित दिनों तक काम किया है, उन्हें भी बोनस मिलेगा। जिसने पूरे साल काम नहीं किया है, तो वह जितने महीने काम किया है, उसके अनुसार उन्हें बोनस मिलेगा। ऐसे एड-हॉक कर्मचारी, जिनकी सर्विस में कोई बाधा दिक्कत नहीं है, वे भी इस बोनस के पात्र होंगे। एडहॉक बोनस का फायदा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के सभी पात्र कर्मियों को भी मिलेगा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पूरे वर्ष सर्विस में रहने वाले कर्मचारियों को 6,908 रूपए का बोनस तथा कैजुअल कर्मचारियों के लिए बोनस 1,184 <span style="text-align: justify;">रूपए&nbsp;</span>तय हुई है।&nbsp;</span></div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41610.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Gift for central employees before festivals, 30 days bonus announced]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/stampede-breaks-out-at-actor-joseph-vijays-rally-39-killed-so-far-many-injured-home-ministry-asks-for-report]]></guid>
                       <title><![CDATA[एक्टर जोशेफ विजय की रैली में मची भगदड़, अब तक 39 की गई जान, कई घायल, गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/stampede-breaks-out-at-actor-joseph-vijays-rally-39-killed-so-far-many-injured-home-ministry-asks-for-report]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 28 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

तमिलनाडु के करूर में एक्टर जोशेफ विजय की रैली में बीते कल 27 सितंबर की शाम को भगदड़ मच गई। भगदड़ में करीब 39 लोगों की जानें गई हैं, जबकि 95 लोग घायल हैं। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले की रिपोर्ट मांगी है।

एक्टर जोशेफ विजय ने 2 फरवरी 2024 को तमिलगा वेत्री काजहाम (TVK) पार्टी बना कर 2026 में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसी वजह से वे&nbsp; प्रदेशभर में रैलियां कर रहे हैं। हाल में करूर में रैली की गई। जोशेफ विजय सत्तारूढ़ DMK के सबसे बड़े विरोधी के रूप में राजनीति में आना चाहते हैं। TVK के सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर बताया गया कि जोशेफ विजय दोपहर 12 बजे तक सभा स्थल पहुंचेंगे। इस वजह से लोग सुबह 11 बजे से ही जुटने लगे, पर विजय तय किये गए समय पर नहीं आए, बल्कि वे करीब शाम 7.30 बजे आए।

भगदड़ मचने की वजह&nbsp;
रैली में केवल 10 हजार लोगों की अनुमति मिली थी, पर 50 हजार लोगों की भीड़ इकठ्ठी हो गई। विजय की प्रचार बस इसी भीड़ के बीच से आई, इससे लोगो की भीड़ में दबाव बढ़ा, लोग एक दूसरे पर गिरने लगे। इसी दौरान वहां भगदड़ मची। विजय ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। लेकिन तब तक स्थिति बेकाबू हो चुकी थी। भीड़ इतनी थी कि एम्बुलेंस व वॉलंटियर्स का गिरे हुए लोगों तक तुरंत पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया था।

घायलों से नहीं मिले जोशेफ विजय
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद विजय घायलों से नहीं मिले और न उनके प्रति कोई संवेदना उन्होंने जताई। वे चार्टर्ड फ्लाइट से सीधे चेन्नई चले गए। केवल उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा- वे बहुत दर्द व दुःख महसूस कर रहे हैं। वह करूर में जान गंवाने वालों के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।&nbsp;

पुलिस द्वारा TVK के जिला सचिव पर मामला दर्ज&nbsp;
करूर पुलिस ने TVK के करूर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी वीपी मथियाझागन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि प्रचार कार्यक्रम के दौरान मानदंडों के उल्लंघन के लिए बीएनएस की धारा 109, 110, 125B, 223 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

PMO ने&nbsp;2 लाख रुपए देने&nbsp;की घोषणा&nbsp;
PM नरेंद्र मोदी ने करूर हादसे में मारे गए मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और वहीं घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।&nbsp;

CM स्टालिन ने किया अस्पताल का दौरा&nbsp;
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि पहले कभी भी एक राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में हादसे में इतने लोग नहीं मारे गए। स्टालिन ने शनिवार देर रात को सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया।&nbsp; करूर में शनिवार के भगदड़ में घायल लोगों से मिलकर उनके बेहतर इलाज करने का उन्होंने आदेश दिया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रूपए व घायलों को 1 लाख रूपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">तमिलनाडु के करूर में एक्टर जोशेफ विजय की रैली में बीते कल 27 सितंबर की शाम को भगदड़ मच गई। भगदड़ में करीब 39 लोगों की जानें गई हैं, जबकि 95 लोग घायल हैं। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले की रिपोर्ट मांगी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">एक्टर जोशेफ विजय ने 2 फरवरी 2024 को तमिलगा वेत्री काजहाम (TVK) पार्टी बना कर 2026 में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की। इसी वजह से वे&nbsp; प्रदेशभर में रैलियां कर रहे हैं। हाल में करूर में रैली की गई। जोशेफ विजय सत्तारूढ़ DMK के सबसे बड़े विरोधी के रूप में राजनीति में आना चाहते हैं। TVK के सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर बताया गया कि जोशेफ विजय दोपहर 12 बजे तक सभा स्थल पहुंचेंगे। इस वजह से लोग सुबह 11 बजे से ही जुटने लगे, पर विजय तय किये गए समय पर नहीं आए, बल्कि वे करीब शाम 7.30 बजे आए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>भगदड़ मचने की वजह&nbsp;</strong><br />
रैली में केवल 10 हजार लोगों की अनुमति मिली थी, पर 50 हजार लोगों की भीड़ इकठ्ठी हो गई। विजय की प्रचार बस इसी भीड़ के बीच से आई, इससे लोगो की भीड़ में दबाव बढ़ा, लोग एक दूसरे पर गिरने लगे। इसी दौरान वहां भगदड़ मची। विजय ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। लेकिन तब तक स्थिति बेकाबू हो चुकी थी। भीड़ इतनी थी कि एम्बुलेंस व वॉलंटियर्स का गिरे हुए लोगों तक तुरंत पहुंच पाना भी मुश्किल हो गया था।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>घायलों से नहीं मिले जोशेफ विजय</strong><br />
बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद विजय घायलों से नहीं मिले और न उनके प्रति कोई संवेदना उन्होंने जताई। वे चार्टर्ड फ्लाइट से सीधे चेन्नई चले गए। केवल उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा- वे बहुत दर्द व दुःख महसूस कर रहे हैं। वह करूर में जान गंवाने वालों के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं तथा घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पुलिस द्वारा TVK के जिला सचिव पर मामला दर्ज</strong>&nbsp;<br />
करूर पुलिस ने TVK के करूर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी वीपी मथियाझागन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि प्रचार कार्यक्रम के दौरान मानदंडों के उल्लंघन के लिए बीएनएस की धारा 109, 110, 125B, 223 के तहत मामला दर्ज हुआ है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>PMO ने&nbsp;2 लाख रुपए देने&nbsp;की घोषणा&nbsp;</strong><br />
PM नरेंद्र मोदी ने करूर हादसे में मारे गए मृतक के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और वहीं घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>CM स्टालिन ने किया अस्पताल का दौरा&nbsp;</strong><br />
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि पहले कभी भी एक राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम में हादसे में इतने लोग नहीं मारे गए। स्टालिन ने शनिवार देर रात को सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया।&nbsp; करूर में शनिवार के भगदड़ में घायल लोगों से मिलकर उनके बेहतर इलाज करने का उन्होंने आदेश दिया। मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 10 लाख रूपए व घायलों को 1 लाख रूपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41594.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Stampede breaks out at actor Joseph Vijay's rally, 39 killed so far, many injured, Home Ministry asks for report]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/election-commission-is-strict-to-ensure-that-voter-list-is-not-misused-launches-e-sign-facility]]></guid>
                       <title><![CDATA[वोटर लिस्ट का मिसयूज न हो इसके लिए चुनाव आयोग सख्त, लांच की e-Sign सुविधा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/election-commission-is-strict-to-ensure-that-voter-list-is-not-misused-launches-e-sign-facility]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 24 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

भारतीय चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव से पहले ही e-Sign सुविधा लॉन्च कर दी है। इससे&nbsp;वोटर लिस्ट से नाम हटाना मुश्किल होगा। ऑनलाइन वोटर डिलीशन और करेक्शन में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए यह फैसला लिया गया है। इसके लिए चुनाव आयोग ने ECINet पोर्टल तथा ऐप पर e-sign फीचर शुरू किया है। अब से सभी आवेदन के लिए आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर से OTP द्वारा वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

&nbsp;

आपको बता दें कि हाल के दिनों में चुनाव आयोग पर कर्नाटक में हजारों वोटर डिलीट करने के आरोप लगे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था। इसके बाद ही चुनाव आयोग द्वारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सख्त करने का निर्णय लिया गया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगें और साथ ही अधिकारी भी उन पर कार्रवाई कर सकेंगें। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।&nbsp;

&nbsp;

e-Sign सुविधा

ई-साइन भारत सरकार द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के जरिए दी गई एक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक साइन सेवा है। यह यूजर्स को आधार नंबर का इस्तेमाल करके किसी डॉक्यूमेंट पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने की इजाजत देती है। अब इसके जरिए ही वोटर आईडी को डिलीट या सुधार करने के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस के रूप में शुरू किया गया है।&nbsp;

&nbsp;

वोटर लिस्ट का मिसयूज तथा फर्जी आवेदन रोकने में मदद

पहले केवल वोटर ID नंबर से मोबाइल नंबर लिंक करके फॉर्म को सबमिट जाता था। इससे कई बार गलत नंबर का भी उपयोग कर दिया जाता था। अब e-sign फीचर के अंतर्गत आधार नंबर डालना जरुरी होगा। इसके बाद आधार से लिंक मोबाइल पर OTP आएगा और फिर इस OTP को बताने के बाद ही फॉर्म सबमिट हो सकेगा। e-sign प्रोसेस हो जाने के बाद ही आवेदन करने वालों को फॉर्म जमा करने के लिए ECINet पोर्टल पर रि-डायरेक्ट कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि यह यह नियम Form 6 (न्यू रजिस्ट्रेशन), Form 7 (डिलीशन/ऑब्जेक्शन) तथा&nbsp; Form 8 (करेक्शन) पर लागू होगा।&nbsp;

&nbsp;

फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी होगा

चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी मतदाता का नाम ऑनलाइन सीधे डिलीट नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाना जरूरी है। मतदाता का नाम डिलीट किये जाने से पहले मतदाता को अपनी बात कहने का पूरा मौका दिया जाएगा।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारतीय चुनाव आयोग ने बिहार चुनाव से पहले ही e-Sign सुविधा लॉन्च कर दी है। इससे&nbsp;वोटर लिस्ट से नाम हटाना मुश्किल होगा। ऑनलाइन वोटर डिलीशन और करेक्शन में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए यह फैसला लिया गया है। इसके लिए चुनाव आयोग ने ECINet पोर्टल तथा ऐप पर e-sign फीचर शुरू किया है। अब से सभी आवेदन के लिए आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर से OTP द्वारा वेरिफिकेशन जरूरी होगा।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि हाल के दिनों में चुनाव आयोग पर कर्नाटक में हजारों वोटर डिलीट करने के आरोप लगे थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था। इसके बाद ही चुनाव आयोग द्वारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया को सख्त करने का निर्णय लिया गया। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगें और साथ ही अधिकारी भी उन पर कार्रवाई कर सकेंगें। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>e-Sign सुविधा</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ई-साइन भारत सरकार द्वारा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के जरिए दी गई एक ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक साइन सेवा है। यह यूजर्स को आधार नंबर का इस्तेमाल करके किसी डॉक्यूमेंट पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर करने की इजाजत देती है। अब इसके जरिए ही वोटर आईडी को डिलीट या सुधार करने के लिए वेरिफिकेशन प्रोसेस के रूप में शुरू किया गया है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>वोटर लिस्ट का मिसयूज तथा फर्जी आवेदन रोकने में मदद</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पहले केवल वोटर ID नंबर से मोबाइल नंबर लिंक करके फॉर्म को सबमिट जाता था। इससे कई बार गलत नंबर का भी उपयोग कर दिया जाता था। अब e-sign फीचर के अंतर्गत आधार नंबर डालना जरुरी होगा। इसके बाद आधार से लिंक मोबाइल पर OTP आएगा और फिर इस OTP को बताने के बाद ही फॉर्म सबमिट हो सकेगा। e-sign प्रोसेस हो जाने के बाद ही आवेदन करने वालों को फॉर्म जमा करने के लिए ECINet पोर्टल पर रि-डायरेक्ट कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि यह यह नियम Form 6 (न्यू रजिस्ट्रेशन), Form 7 (डिलीशन/ऑब्जेक्शन) तथा&nbsp; Form 8 (करेक्शन) पर लागू होगा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>फिजिकल वेरिफिकेशन जरूरी होगा</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी मतदाता का नाम ऑनलाइन सीधे डिलीट नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाना जरूरी है। मतदाता का नाम डिलीट किये जाने से पहले मतदाता को अपनी बात कहने का पूरा मौका दिया जाएगा।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41550.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Election Commission is strict to ensure that voter list is not misused, launches e-sign facility]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/5-countries-including-france-recognized-palestine-as-an-independent-country-netanyahu-angry-with-this-decision]]></guid>
                       <title><![CDATA[फ्रांस सहित 5 देशों ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश की मान्यता दी, इस फैसले से नेतन्याहू नाराज ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/5-countries-including-france-recognized-palestine-as-an-independent-country-netanyahu-angry-with-this-decision]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 23 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

फ्रांस, मोनाको, माल्टा, लक्जमबर्ग तथा बेल्जियम ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश की मान्यता दे दी है। कल सोमवार रात को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) के सदस्य देशों ने इजराइल-फिलिस्तीन विवाद के समाधान के लिए बैठक की और इसकी आधिकारिक घोषणा की। आपको बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता फ्रांस व सऊदी अरब कर रहे थे। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि फिलिस्तीनियों को राष्ट्र के तौर पर दर्जा देना, उनका अधिकार है, कोई उपहार नहीं। इसके बिना अशांति बनी रहेगी।&nbsp;

वहीं इजराइल ने इस पर आपत्ति जताई है। UN में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि इजराइल इसका जवाब देगा।

बेल्जियम ने शर्त के साथ मान्यता दी
बेल्जियम ने फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता तो दी है पर इसके लिए उसने एक शर्त रखी है। बेल्जियम ने शर्त में यह कहा कि गाजा में हमास को सत्ता से हटा देने के बाद ही यह कानूनी रूप से लागू होगी।&nbsp;

इससे पहले रविवार को ये 4 देशों- ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया तथा पुर्तगाल ने भी फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अभी तक लगभग 150 देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। चीन व रूस ने 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अमेरिका ऐसा देश है जिसने फिलिस्तीन को मान्यता नहीं दी है।

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि अब गाजा के शासन में हमास की कोई दखल अंदाज़ी नहीं होगी। अब्बास ने गाजा में जंग खत्म होते ही चुनाव कराने और 3 महीने के अंदर एक अंतरिम संविधान तैयार करने का वादा किया है।&nbsp;

पश्चिमी देश फिलिस्तीन को मान्यता&nbsp;क्यों दे रहे
जानकारी के अनुसार कई सालों से पश्चिमी देश ये कहता आया है कि जब हालात ठीक होंगे तब फिलिस्तीन को देश के रूप में मान्यता दे दी जाएगी। गाजा में करीब 2 साल से जारी जंग में भुखमरी व बर्बादी देखने को मिल रही है। इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर इजराइल के बारे में दुनिया की राय बदल रही है। इसी के चलते कई देशों ने फिलिस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने का फैसला किया।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">फ्रांस, मोनाको, माल्टा, लक्जमबर्ग तथा बेल्जियम ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश की मान्यता दे दी है। कल सोमवार रात को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) के सदस्य देशों ने इजराइल-फिलिस्तीन विवाद के समाधान के लिए बैठक की और इसकी आधिकारिक घोषणा की। आपको बता दें कि इस बैठक की अध्यक्षता फ्रांस व सऊदी अरब कर रहे थे। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि फिलिस्तीनियों को राष्ट्र के तौर पर दर्जा देना, उनका अधिकार है, कोई उपहार नहीं। इसके बिना अशांति बनी रहेगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वहीं इजराइल ने इस पर आपत्ति जताई है। UN में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने कहा कि इजराइल इसका जवाब देगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>बेल्जियम ने शर्त के साथ मान्यता दी</strong><br />
बेल्जियम ने फिलिस्तीन को देश के तौर पर मान्यता तो दी है पर इसके लिए उसने एक शर्त रखी है। बेल्जियम ने शर्त में यह कहा कि गाजा में हमास को सत्ता से हटा देने के बाद ही यह कानूनी रूप से लागू होगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इससे पहले रविवार को ये 4 देशों- ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया तथा पुर्तगाल ने भी फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अभी तक लगभग 150 देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। चीन व रूस ने 1988 में फिलिस्तीन को मान्यता दी थी। अमेरिका ऐसा देश है जिसने फिलिस्तीन को मान्यता नहीं दी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि अब गाजा के शासन में हमास की कोई दखल अंदाज़ी नहीं होगी। अब्बास ने गाजा में जंग खत्म होते ही चुनाव कराने और 3 महीने के अंदर एक अंतरिम संविधान तैयार करने का वादा किया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>पश्चिमी देश फिलिस्तीन को मान्यता&nbsp;</strong></span><strong style="font-size: 18px; text-align: justify;">क्यों</strong><span style="font-size:18px;"><strong> दे रहे</strong><br />
जानकारी के अनुसार कई सालों से पश्चिमी देश ये कहता आया है कि जब हालात ठीक होंगे तब फिलिस्तीन को देश के रूप में मान्यता दे दी जाएगी। गाजा में करीब 2 साल से जारी जंग में भुखमरी व बर्बादी देखने को मिल रही है। इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर इजराइल के बारे में दुनिया की राय बदल रही है। इसी के चलते कई देशों ने फिलिस्तीन को राष्ट्र के तौर पर मान्यता देने का फैसला किया।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41535.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ 5 countries including France recognized Palestine as an independent country, Netanyahu angry with this decision]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-announced-gst-utsav-this-evening-said-the-festival-of-savings-for-the-countrymen-starts-from-navratri]]></guid>
                       <title><![CDATA[PM मोदी ने आज शाम ‘GST उत्सव’ की घोषणा की, कहा- नवरात्रि से देशवासियों के लिए बचत का त्योहार शुरू]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-announced-gst-utsav-this-evening-said-the-festival-of-savings-for-the-countrymen-starts-from-navratri]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

PM नरेंद्र मोदी ने आज शाम रविवार को देश के लोगों को संबोधित करते हुए कहा की कि कल नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से पूरे देश में &ldquo;GST उत्सव&rdquo; शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए बचत का त्योहार होगा। उन्होंने कहा कि इस नए GST ढांचे से वस्तुएं सस्ती होंगी और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।&nbsp;

रोज़मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती&nbsp;
देश के नाम संबोधन में PM ने कहा कि इस नई GST दरों&nbsp; के लागू होने से लोग अपने पसंदीदा चीजें अब सस्ते दामों पर खरीद पाएंगें। देश की वर्तमान जरूरतों तथा भविष्य के सपनों को देखते हुए GST रिफॉर्म्स किए गए हैं। अब रोज़मर्रा की जरुरी चीजें जैसे कि दवाइयां, साबुन, स्वास्थ्य सेवाएं सब सस्&zwj;ती हो जायेगीं। इससे लोगो की बचत बढ़ेगी। गरीबों को टैक्&zwj;स के बोझ से राहत मिलेगी।&nbsp;

आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा
PM नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा। हर दुकान स्&zwj;वदेशी सामानों से सजे। उनका कहना है कि देश के लोग देश की बनी चीजें ही खरीदें और बेंचें। इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा। इससे देश मजबूत होगा और साथ ही देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगें। इससे भारतीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।&nbsp;

PM मोदी ने देश के लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि GST सुधारों से अब आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्गीय परिवारों और महिलाओं को लाभ मिलेगा। यह सुधार 2017 में GST लागू होने के बाद सबसे बड़ी अप्रत्यक्ष कर सुधार बताई जा रही है।&nbsp;

&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">PM नरेंद्र मोदी ने आज शाम रविवार को देश के लोगों को संबोधित करते हुए कहा की कि कल नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से पूरे देश में &ldquo;GST उत्सव&rdquo; शुरू हो जायेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए बचत का त्योहार होगा। उन्होंने कहा कि इस नए GST ढांचे से वस्तुएं सस्ती होंगी और कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>रोज़मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती&nbsp;</strong><br />
देश के नाम संबोधन में PM ने कहा कि इस नई GST दरों&nbsp; के लागू होने से लोग अपने पसंदीदा चीजें अब सस्ते दामों पर खरीद पाएंगें। देश की वर्तमान जरूरतों तथा भविष्य के सपनों को देखते हुए GST रिफॉर्म्स किए गए हैं। अब रोज़मर्रा की जरुरी चीजें जैसे कि दवाइयां, साबुन, स्वास्थ्य सेवाएं सब सस्&zwj;ती हो जायेगीं। इससे लोगो की बचत बढ़ेगी। गरीबों को टैक्&zwj;स के बोझ से राहत मिलेगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा</strong><br />
PM नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलना होगा। हर दुकान स्&zwj;वदेशी सामानों से सजे। उनका कहना है कि देश के लोग देश की बनी चीजें ही खरीदें और बेंचें। इससे देश का पैसा देश में ही रहेगा। इससे देश मजबूत होगा और साथ ही देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगें। इससे भारतीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">PM मोदी ने देश के लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि GST सुधारों से अब आम आदमी, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्गीय परिवारों और महिलाओं को लाभ मिलेगा। यह सुधार 2017 में GST लागू होने के बाद सबसे बड़ी अप्रत्यक्ष कर सुधार बताई जा रही है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41525.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[PM Modi announced 'GST Utsav' this evening, said - the festival of savings for the countrymen starts from Navratri.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/trumps-decision-causes-trouble-for-new-h1-b-visa-applicants-1-lakh-fee]]></guid>
                       <title><![CDATA[ट्रंप के फैसले से H1-B Visa के नए वीजा आवेदकों पर आई मुसीबत,1 लाख डॉलर फीस ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/trumps-decision-causes-trouble-for-new-h1-b-visa-applicants-1-lakh-fee]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों H1-B वीजा से जुड़े नए नियम जारी किए थे। ट्रंप ने अचानक H1-B वीजा की फीस बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर कर दी है। उनके इस निर्णय से अमेरिका में रह रहे H1-B वीजा धारकों सहित नए वीजा आवेदकों में हड़कंप मच गया। हालांकि इस बीच अब अमेरिका ने इस पर सफाई पेश की है। स्पष्ट किया गया है कि फीस बढ़ाई गई है पर यह फीस सालाना नहीं बल्कि वन टाइम होगी। साथ ही यह फीस केवल नए वीजा आवेदनों पर लागू होगी, न कि नवीनीकरण या मौजूदा वीजा पर।&nbsp;

आपको बता दें कि ट्रंप के इस फैसले के बाद कई बड़ी टेक कंपनियों ने तो अपने एम्प्लॉय को तुरंत अमेरिका रिटर्न होने के आदेश दे दिया था। लेकिन अमेरिकी अधिकारी द्वारा अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भारतीये पहले से ही H1-B Visa धारण किए हुए हैं, या जो लोग अपने वीजा का रिन्यूवल करवा रहे हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन पर यह नई फीस लागू नहीं की जा रही है। उन्हें दोबारा आने के लिए भी एक लाख डॉलर चुकाने नहीं होंगे। यह फीस सिर्फ नए वीजा आवेदको को देनी होगी।&nbsp;

सबसे अधिक असर भारतीयों पर
H-1B वीजा धारकों में करीब 70% भारतीय हैं। इस वजह से अमेरिका के इस फैसले से सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों हो सकता है।&nbsp; &nbsp;इसी को देखते हुए टेक कंपनियों ने अपने एम्प्लॉईज़ को तुरंत अलर्ट कर दिया था। मोदी सरकार ने सभी केंद्रों को सलाह दी है कि वे अगले 24 घंटों में अमेरिका वापस लौटने वाले सभी भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद प्रदान करें।&nbsp;

H1-B वीजा पर नए नियम&nbsp;
यह फीस सालाना नहीं, बल्कि वन टाइम है और यह सिर्फ नए आवेदनों पर लागू होगी। यह फीस पुराने H1-B वीजा होल्डर्स पर लागू नहीं होगी और नाहीं H1-B वीजा को रिन्यू कराने पर यह फीस लागू होगी। मीडिया के अनुसार, H-1B वीजा पर नया नियम 21 सितंबर से लागू किया जायेगा। H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को काम पर रखने की अनुमति देता है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों H1-B वीजा से जुड़े नए नियम जारी किए थे। ट्रंप ने अचानक H1-B वीजा की फीस बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर कर दी है। उनके इस निर्णय से अमेरिका में रह रहे H1-B वीजा धारकों सहित नए वीजा आवेदकों में हड़कंप मच गया। हालांकि इस बीच अब अमेरिका ने इस पर सफाई पेश की है। स्पष्ट किया गया है कि फीस बढ़ाई गई है पर यह फीस सालाना नहीं बल्कि वन टाइम होगी। साथ ही यह फीस केवल नए वीजा आवेदनों पर लागू होगी, न कि नवीनीकरण या मौजूदा वीजा पर।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि ट्रंप के इस फैसले के बाद कई बड़ी टेक कंपनियों ने तो अपने एम्प्लॉय को तुरंत अमेरिका रिटर्न होने के आदेश दे दिया था। लेकिन अमेरिकी अधिकारी द्वारा अब यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो भारतीये पहले से ही H1-B Visa धारण किए हुए हैं, या जो लोग अपने वीजा का रिन्यूवल करवा रहे हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन पर यह नई फीस लागू नहीं की जा रही है। उन्हें दोबारा आने के लिए भी एक लाख डॉलर चुकाने नहीं होंगे। यह फीस सिर्फ नए वीजा आवेदको को देनी होगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>सबसे अधिक असर भारतीयों पर</strong><br />
H-1B वीजा धारकों में करीब 70% भारतीय हैं। इस वजह से अमेरिका के इस फैसले से सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों हो सकता है।&nbsp; &nbsp;इसी को देखते हुए टेक कंपनियों ने अपने एम्प्लॉईज़ को तुरंत अलर्ट कर दिया था। मोदी सरकार ने सभी केंद्रों को सलाह दी है कि वे अगले 24 घंटों में अमेरिका वापस लौटने वाले सभी भारतीय नागरिकों को हर संभव मदद प्रदान करें।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>H1-B वीजा पर नए नियम&nbsp;</strong><br />
यह फीस सालाना नहीं, बल्कि वन टाइम है और यह सिर्फ नए आवेदनों पर लागू होगी। यह फीस पुराने H1-B वीजा होल्डर्स पर लागू नहीं होगी और नाहीं H1-B वीजा को रिन्यू कराने पर यह फीस लागू होगी। मीडिया के अनुसार, H-1B वीजा पर नया नियम 21 सितंबर से लागू किया जायेगा। H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को काम पर रखने की अनुमति देता है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41523.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Trump's decision causes trouble for new H1-B visa applicants, $1 lakh fee]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/amul-gave-a-big-gift-to-its-customers-around-700-products-will-become-cheaper-from-tomorrow]]></guid>
                       <title><![CDATA[अमूल ने दिया ग्राहकों को बड़ा तोहफ़ा, कल से होंगें करीब 700 प्रोडक्ट्स सस्ते ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/amul-gave-a-big-gift-to-its-customers-around-700-products-will-become-cheaper-from-tomorrow]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

कल 22 सितंबर से GST की नई दरें लागू हो जाएगीं। इससे अब बहुत से सामान सस्ते हो जाएगें। GST की नई दरों की वजह से अब देश की बड़ी डेयरी कंपनी अमूल ने भी अपने करीब 700 प्रोडक्ट्स को सस्ता करने की घोषणा कर दी है। यह फैसला हाल के दिनों में केंद्र द्वारा GST दरों में सुधार किए जाने के बाद लिया गया है। इसकी जानकारी बीते शनिवार को गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने दी और कहा कि नई कीमतें कल सोमबार 22 सितम्बर से लागू हों जाएगीं।&nbsp;

इन प्रोडक्ट्स पर हुई कटौती
दूध, घी, मक्खन, आइसक्रीम, पनीर, चीज़, चॉकलेट, बेकरी रेंज, फ्रोज़न स्नैक्स, कंडेंस्ड मिल्क, पीनट स्प्रेड तथा माल्ट-आधारित ड्रिंक्स जैसी सभी चीजें सस्ती होंगी। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहकों को सीधे तौर पर राहत मिलेगा।&nbsp;

आपको बता दें कि नई दरों के अनुसार, एक लीटर का अमूल ताज़ा टोन्ड यूएचटी मिल्क टेट्रा पैक अब 2.6% सस्ता हो गया है, वहीं अमूल गोल्ड स्टैंडर्डाइज्ड यूएचटी मिल्क अब 3.6% तक सस्ता हुआ है। 100 ग्राम मक्खन की कीमत 62 रुपये से घटाकर 58 रुपये की गई है। घी की कीमत 40 रुपये प्रति लीटर घटा दी गई है।&nbsp;

आम लोगों को&nbsp;फायदा के साथ ही खपत बढ़ने की उम्मीद
केंद्र के GST दरों में सुधार का सीधा फायदा अब ग्राहकों को मिलगा है। इससे आम लोगों को तो फायदा होगा ही साथ ही डेयरी सेक्टर की खपत भी बढ़ेगी। अमूल का कहना है कि दाम में कटौती की वजह से खपत बढ़ेगी। खासकर आइसक्रीम, मक्खन तथा चीज़ की मांग बढ़ेगी। मांग बढ़ने से कंपनी का व्यापार भी तेज़ी से बढ़ेगा और साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कल 22 सितंबर से GST की नई दरें लागू हो जाएगीं। इससे अब बहुत से सामान सस्ते हो जाएगें। GST की नई दरों की वजह से अब देश की बड़ी डेयरी कंपनी अमूल ने भी अपने करीब 700 प्रोडक्ट्स को सस्ता करने की घोषणा कर दी है। यह फैसला हाल के दिनों में केंद्र द्वारा GST दरों में सुधार किए जाने के बाद लिया गया है। इसकी जानकारी बीते शनिवार को गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने दी और कहा कि नई कीमतें कल सोमबार 22 सितम्बर से लागू हों जाएगीं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>इन प्रोडक्ट्स पर हुई कटौती</strong><br />
दूध, घी, मक्खन, आइसक्रीम, पनीर, चीज़, चॉकलेट, बेकरी रेंज, फ्रोज़न स्नैक्स, कंडेंस्ड मिल्क, पीनट स्प्रेड तथा माल्ट-आधारित ड्रिंक्स जैसी सभी चीजें सस्ती होंगी। कंपनी का मानना है कि इससे ग्राहकों को सीधे तौर पर राहत मिलेगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि नई दरों के अनुसार, एक लीटर का अमूल ताज़ा टोन्ड यूएचटी मिल्क टेट्रा पैक अब 2.6% सस्ता हो गया है, वहीं अमूल गोल्ड स्टैंडर्डाइज्ड यूएचटी मिल्क अब 3.6% तक सस्ता हुआ है। 100 ग्राम मक्खन की कीमत 62 रुपये से घटाकर 58 रुपये की गई है। घी की कीमत 40 रुपये प्रति लीटर घटा दी गई है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>आम लोगों को&nbsp;फायदा के साथ ही खपत बढ़ने की उम्मीद</strong><br />
केंद्र के GST दरों में सुधार का सीधा फायदा अब ग्राहकों को मिलगा है। इससे आम लोगों को तो फायदा होगा ही साथ ही डेयरी सेक्टर की खपत भी बढ़ेगी। अमूल का कहना है कि दाम में कटौती की वजह से खपत बढ़ेगी। खासकर आइसक्रीम, मक्खन तथा चीज़ की मांग बढ़ेगी। मांग बढ़ने से कंपनी का व्यापार भी तेज़ी से बढ़ेगा और साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41522.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Amul gave a big gift to its customers, around 700 products will become cheaper from tomorrow.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-will-address-the-nation-today-at-5-pm-gst-reforms-may-be-discussed]]></guid>
                       <title><![CDATA[PM मोदी आज शाम 5 बजे देश को करेंगे संबोधित, कल सोमबार से लागू GST की नई दरों पर हो सकती है चर्चा   ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/pm-modi-will-address-the-nation-today-at-5-pm-gst-reforms-may-be-discussed]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 21 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

प्रधान मंत्री मोदी आज शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री किन मुद्दों को लेकर संबोधन करेंगें, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। क्यों कि इसके बारे में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं हुआ है। ऐसी सम्भावना जताई जा रही है कि मोदी कल से लागू हो रहीं GST की नई दरों के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 12 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश को संबोधित किया था।&nbsp;

आपको बता दें कि PM मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में GST रिफॉर्म की बात की थी। उन्होंने कहा था कि दिवाली लोगों के लिए डबल गिफ्ट वाली होगी। उसके बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक की गई, जिसमें GST की दो दरें 12 % और 28 % को हटाने का फैसला लिया गया था। मोदी ने कहा था कि सरकार का लक्ष्य GST में सुधार लाकर आम लोगों की जिंदगी को आसान करना है। उन्होंने कहा था कि इन सुधारों से किसान, एमएसएमई सेक्टर और मध्यम वर्ग के साथ महिलाएं भी लाभान्वित होंगे। इससे छोटे व्यापारियों को भी व्यापार करने में आसानी आएगी।&nbsp;

आपको बता दें की GST की नई दरें आगामी कल सोमवार से लागू हो जाएंगी। इससे घरेलू सामानों और रोज मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती हो जाएगी।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रधान मंत्री मोदी आज शाम 5 बजे देश को संबोधित करेंगे। हालांकि प्रधानमंत्री किन मुद्दों को लेकर संबोधन करेंगें, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है। क्यों कि इसके बारे में कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं हुआ है। ऐसी सम्भावना जताई जा रही है कि मोदी कल से लागू हो रहीं GST की नई दरों के बारे में चर्चा कर सकते हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री ने 12 मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश को संबोधित किया था।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें कि PM मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से अपने संबोधन में GST रिफॉर्म की बात की थी। उन्होंने कहा था कि दिवाली लोगों के लिए डबल गिफ्ट वाली होगी। उसके बाद जीएसटी काउंसिल की बैठक की गई, जिसमें GST की दो दरें 12 % और 28 % को हटाने का फैसला लिया गया था। मोदी ने कहा था कि सरकार का लक्ष्य GST में सुधार लाकर आम लोगों की जिंदगी को आसान करना है। उन्होंने कहा था कि इन सुधारों से किसान, एमएसएमई सेक्टर और मध्यम वर्ग के साथ महिलाएं भी लाभान्वित होंगे। इससे छोटे व्यापारियों को भी व्यापार करने में आसानी आएगी।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">आपको बता दें की GST की नई दरें आगामी कल सोमवार से लागू हो जाएंगी। इससे घरेलू सामानों और रोज मर्रा की जरुरी चीजें सस्ती हो जाएगी।&nbsp;</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41521.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[PM Modi will address the nation today at 5 pm, there can be discussion on the new GST rates implemented from Monday tomorrow.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/digvijay-singh-raised-questions-on-evm-said-should-we-leave-the-elections-to-hackers]]></guid>
                       <title><![CDATA[दिग्विजय सिंह ने EVM पर उठाए सवाल, कहा- चुनाव को हैकर्स के सहारे छोड़ दें क्या ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/digvijay-singh-raised-questions-on-evm-said-should-we-leave-the-elections-to-hackers]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार वोट चोरी के आरोपों के बीच दिग्विजय सिंह ने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल खड़े किए हैं। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर आज शुक्रवार को बैलट पेपर वापस लाने की मांग करते हुए पोस्ट किया है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि इजरायली सॉफ्टवेयर का उपयोग कर चुनावों में हेरफेर किया जा रहा है। साथ ही भारत में मतदान की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि- &#39;आज के हाई-टेक जमाने में क्या हम देश के चुनाव हैकर्स के भरोसे छोड़ सकते हैं? जरा सोचिए। क्या भारत के चुनाव बैलट पेपर, यानी वोटिंग कागज से नहीं होने चाहिए?&#39;

&nbsp;

दिग्विजय सिंह ने लिखा, &#39;EVM की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्ची हमारे हाथ में क्यों नहीं दी जाती? क्या ये मांग जायज नहीं है? सोचिए। जय सिया राम। जय बापू, जय भीम, जय संविधान।&#39;&nbsp;

&nbsp;

दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब राहुल गांधी ने कर्नाटक में करीब 6000 वोट डिलीट करने की कोशिश का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे को पुरे जोरशोर से उठाते हुए चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने वोट चोरी को लेकर आज फिर चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा। उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने से संबंधित अपने प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम इस्तेमाल कर वोट हटाए गए, उनको इसकी जानकारी ही नहीं थी। सुबह 4 बजे भी नाम हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए। इस पर कांग्रेस नेता ने कहा, &#39;सुबह चार बजे उठो, 36 सेकंड में दो वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ। ऐसे भी हुई वोट चोरी।&#39; उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार वोट चोरी के आरोपों के बीच दिग्विजय सिंह ने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल खड़े किए हैं। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर आज शुक्रवार को बैलट पेपर वापस लाने की मांग करते हुए पोस्ट किया है। दिग्विजय सिंह का कहना है कि इजरायली सॉफ्टवेयर का उपयोग कर चुनावों में हेरफेर किया जा रहा है। साथ ही भारत में मतदान की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि- &#39;आज के हाई-टेक जमाने में क्या हम देश के चुनाव हैकर्स के भरोसे छोड़ सकते हैं? जरा सोचिए। क्या भारत के चुनाव बैलट पेपर, यानी वोटिंग कागज से नहीं होने चाहिए?&#39;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दिग्विजय सिंह ने लिखा, &#39;EVM की वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्ची हमारे हाथ में क्यों नहीं दी जाती? क्या ये मांग जायज नहीं है? सोचिए। जय सिया राम। जय बापू, जय भीम, जय संविधान।&#39;&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब राहुल गांधी ने कर्नाटक में करीब 6000 वोट डिलीट करने की कोशिश का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे को पुरे जोरशोर से उठाते हुए चुनाव आयोग से सवाल कर रहे हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राहुल गांधी ने वोट चोरी को लेकर आज फिर चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा। उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने से संबंधित अपने प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम इस्तेमाल कर वोट हटाए गए, उनको इसकी जानकारी ही नहीं थी। सुबह 4 बजे भी नाम हटाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए। इस पर कांग्रेस नेता ने कहा, &#39;सुबह चार बजे उठो, 36 सेकंड में दो वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ। ऐसे भी हुई वोट चोरी।&#39; उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा और चोरों को बचाता रहा।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41508.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Digvijay Singh raised questions on EVM, said- should we leave the elections to hackers?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/jdu-takes-a-jibe-at-tejashwi-for-distributing-pens-he-spoiled-the-education-system-in-bihar-he-himself-did-not-complete-his-studies]]></guid>
                       <title><![CDATA[कलम बांटने पर, JDU ने तेजस्वी पर कसा तंज: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को ख़राब किया, खुद भी पढ़ाई पूरी नहीं की]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/jdu-takes-a-jibe-at-tejashwi-for-distributing-pens-he-spoiled-the-education-system-in-bihar-he-himself-did-not-complete-his-studies]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

बिहार में राजनीती अभी बहुत गरमाई हुई है। बिहार में होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगी हैं। इन दिनों विपक्षी पार्टी राजद के नेता तेजस्वी यादव भी अपनी &lsquo;बिहार अधिकार यात्रा&rsquo; के जरिए बिहार की जनता को लुभाने में जुटे हैं। इस बार चुनावी अभियान में तेजस्वी यादव का जो फोकस है वो बिहार के युवा वोटर्स हैं। इसीलिए बीते गुरुवार को वे बिहार अधिकार यात्रा में मोकामा पहुंचे और युवाओं को कलम बांटते हुए संदेश देते नज़र आए कि यदि उनकी सरकार आती है तो अपराध-भ्रष्टाचार समाप्त कर युवाओं को रोजगार देंगे। इस पर पलटवार करते जेडीयू नेता ने कहा कि तेजस्वी कलम बांटने में नहीं बल्कि इसे फेंकने में विश्वास करते हैं। इसी वजह से अवसर मिलने के बाद भी तेजस्वी ने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की। आपको बता दें कि इससे पहले जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर भी अपने जनसभाओं के दौरान युवाओं को कलम बांट चुके हैं।

&nbsp;

जेडीयू का पलटवार

जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि आजकल तेजस्वी कलम भी बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को पहले यह जानकारी साझा करना चाहिए कि भूतकाल में शिक्षा व्यवस्था को किसने खराब किया था, किनके शासन में बिहार की बड़ी आबादी को अशिक्षित रखने की साजिश की गई थी। अब ऐसे कृत्य का कोई औचित्य नहीं है।&nbsp;

&nbsp;

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी कलम बांटने में नहीं बल्कि इसे फेंकने में विश्वास करते हैं। इसी वजह से अवसर मिलने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बिहार में राजनीती अभी बहुत गरमाई हुई है। बिहार में होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जनता को अपने पक्ष में करने की कोशिश में लगी हैं। इन दिनों विपक्षी पार्टी राजद के नेता तेजस्वी यादव भी अपनी &lsquo;बिहार अधिकार यात्रा&rsquo; के जरिए बिहार की जनता को लुभाने में जुटे हैं। इस बार चुनावी अभियान में तेजस्वी यादव का जो फोकस है वो बिहार के युवा वोटर्स हैं। इसीलिए बीते गुरुवार को वे बिहार अधिकार यात्रा में मोकामा पहुंचे और युवाओं को कलम बांटते हुए संदेश देते नज़र आए कि यदि उनकी सरकार आती है तो अपराध-भ्रष्टाचार समाप्त कर युवाओं को रोजगार देंगे। इस पर पलटवार करते जेडीयू नेता ने कहा कि तेजस्वी कलम बांटने में नहीं बल्कि इसे फेंकने में विश्वास करते हैं। इसी वजह से अवसर मिलने के बाद भी तेजस्वी ने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की। आपको बता दें कि इससे पहले जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर भी अपने जनसभाओं के दौरान युवाओं को कलम बांट चुके हैं।</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;"><strong>जेडीयू का पलटवार</strong></span></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि आजकल तेजस्वी कलम भी बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को पहले यह जानकारी साझा करना चाहिए कि भूतकाल में शिक्षा व्यवस्था को किसने खराब किया था, किनके शासन में बिहार की बड़ी आबादी को अशिक्षित रखने की साजिश की गई थी। अब ऐसे कृत्य का कोई औचित्य नहीं है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि तेजस्वी कलम बांटने में नहीं बल्कि इसे फेंकने में विश्वास करते हैं। इसी वजह से अवसर मिलने के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की।</span></div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41504.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ JDU takes a jibe at Tejashwi for distributing pens: He spoiled the education system in Bihar, he himself did not complete his studies.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/rahul-gandhi-mentioned-gen-z-in-his-post-made-such-a-demand-accused-of-provoking-the-youth]]></guid>
                       <title><![CDATA[राहुल गांधी ने किया X पोस्ट में Gen-Z का ज़िक्र, की ऐसी मांग, लगा युवाओं को भड़काने का आरोप]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/rahul-gandhi-mentioned-gen-z-in-his-post-made-such-a-demand-accused-of-provoking-the-youth]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीते कल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। वोट चोरी के आरोप पर चुनाव आयोग ने भी जवाब दिया कि राहुल गांधी का जो आरोप है वोट चोरी का, वो गलत है। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति द्वारा हटाया नहीं जा सकता। पर कल शाम होते ही राहुल गांधी ने एक ऐसा पोस्ट भी कर दिया जिससे राजनीति में बवाल मच गया। दरअसल, राहुल गांधी ने इस पोस्ट के जरिए युवाओं, छात्रों और GenZ से कहा कि वे लोकतंत्र की रक्षा करेगें और वोट चोरी को रोकेंगे और इस मामले पर राहुल गांधी उनके साथ खड़े हैं। अब राहुल गांधी पर लगातार युवाओं को भड़काने का आरोप लग रहा है।&nbsp;

&nbsp;

नेपाल में हाल ही में Gen-Z आंदोलन हुए। इस आंदोलन के जरिए नेपाल में तख्तापलट हुआ और केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के जरिए भारत में भी नेपाल के Gen-Z जैसी मांग की है। जिसके चलते सोशल मीडिया पर राजनीतिक बवाल मच हुआ है।&nbsp; इस मामले पर भाजपा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। आपको बता दें कि BJP सांसद निशिकांत दुबे ने इस पर तीखा पलटवार किया है।&nbsp;

&nbsp;

BJP सांसद निशिकांत दुबे ने किया&nbsp;पलटवार&nbsp;

राहुल गांधी अपने पोस्ट में Gen-Z को लोकतंत्र का रक्षक बता रहे हैं। वे अब देश बचाने के लिए Gen-Z से आह्वान करते दिख रहे हैं। जबकि BJP का मानना है कि Gen-Z कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं करेगा। राहुल गांधी के पोस्ट के जवाब में निशिकांत दुबे ने कहा कि Gen-Z परिवारवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं और वह नेहरू, इंदिरा, राजीव, सोनिया के बाद राहुल को क्यों बर्दाश्त करेगा? उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि वे देश छोड़ने की तैयारी करें, Gen-Z आ रहा है।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बीते कल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक बार फिर चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। वोट चोरी के आरोप पर चुनाव आयोग ने भी जवाब दिया कि राहुल गांधी का जो आरोप है वोट चोरी का, वो गलत है। चुनाव आयोग का कहना है कि किसी भी वोट को ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति द्वारा हटाया नहीं जा सकता। पर कल शाम होते ही राहुल गांधी ने एक ऐसा पोस्ट भी कर दिया जिससे राजनीति में बवाल मच गया। दरअसल, राहुल गांधी ने इस पोस्ट के जरिए युवाओं, छात्रों और GenZ से कहा कि वे लोकतंत्र की रक्षा करेगें और वोट चोरी को रोकेंगे और इस मामले पर राहुल गांधी उनके साथ खड़े हैं। अब राहुल गांधी पर लगातार युवाओं को भड़काने का आरोप लग रहा है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">नेपाल में हाल ही में Gen-Z आंदोलन हुए। इस आंदोलन के जरिए नेपाल में तख्तापलट हुआ और केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट के जरिए भारत में भी नेपाल के Gen-Z जैसी मांग की है। जिसके चलते सोशल मीडिया पर राजनीतिक बवाल मच हुआ है।&nbsp; इस मामले पर भाजपा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है। आपको बता दें कि BJP सांसद निशिकांत दुबे ने इस पर तीखा पलटवार किया है।&nbsp;</span></div>

<div style="text-align: justify;">&nbsp;</div>

<div style="text-align: justify;"><strong><span style="font-size:18px;">BJP सांसद निशिकांत दुबे ने </span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">किया&nbsp;</span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">पलटवार&nbsp;</span></strong></div>

<div style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राहुल गांधी अपने पोस्ट में Gen-Z को लोकतंत्र का रक्षक बता रहे हैं। वे अब देश बचाने के लिए Gen-Z से आह्वान करते दिख रहे हैं। जबकि BJP का मानना है कि Gen-Z कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं करेगा। राहुल गांधी के पोस्ट के जवाब में निशिकांत दुबे ने कहा कि Gen-Z परिवारवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं और वह नेहरू, इंदिरा, राजीव, सोनिया के बाद राहुल को क्यों बर्दाश्त करेगा? उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि वे देश छोड़ने की तैयारी करें, Gen-Z आ रहा है।&nbsp;</span></div>

<div>&nbsp;</div>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41503.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Rahul Gandhi mentioned Gen-Z in his post, made such a demand, accused of provoking the youth]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/neeraj-chopra-neeraj-and-pakistans-nadeem-will-face-each-other-in-the-final-of-the-world-athletics-championship-will-these-two-join-hands]]></guid>
                       <title><![CDATA[विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में नीरज चोपड़ा, नीरज व पाकिस्तान के नदीम होंगें आमने-सामने, क्या ये हाथ मिलाएंगें ?]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/national-news/neeraj-chopra-neeraj-and-pakistans-nadeem-will-face-each-other-in-the-final-of-the-world-athletics-championship-will-these-two-join-hands]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 17 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;


जापान के टोक्यो में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भाला फेंक प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई है। अभी क्वालिफिकेशन राउंड चल रहा है। ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क 84.50 मीटर ही है। जबकि भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने आज प्रथम प्रयास में ही 84.85 मीटर का शानदार थ्रो फेंककर गुरुवार को होने वाले फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। इस राउंड के शीर्ष 12 एथलीट्स ही फाइनल के लिए क्वालिफाई कर सकेंगें।&nbsp;

&nbsp;

इसमें भारत के नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम आमने-सामने होंगे। पिछले संस्करण में नीरज ने 88.17 मीटर के थ्रो फेंककर गोल्ड जीता था, वहीं नदीम 87.82 मीटर के साथ सिल्वर तथा वादलेच 86.67 मीटर के साथ ब्रॉन्ज जीते थे।

&nbsp;

पाकिस्तान के नदीम भी शामिल&nbsp;

पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी इस प्रतियोगिता में भाग लिया है। वह ग्रुप बी में पूर्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स के साथ उतरेंगे। अनुमान है कि नीरज और अरशद की भिड़ंत गुरुवार को फाइनल में होगी। आपको बता दें कि 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद यह पहला अवसर होगा जब ये दोनों आमने-सामने होंगें। उस मुकाबले में नदीम ने 92.97 मीटर का थ्रो कर गोल्ड जीता था, जबकि नीरज ने 89.45 मीटर का थ्रो फेंककर सिल्वर जीता था। नीरज क्वालिफिकेशन के दौर में ग्रुप ए में और अरशद नदीम ग्रुप बी में हैं।&nbsp;

&nbsp;

इस बार नीरज लगातार 2 बार वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचना चाहते हैं। अगर नीरज इस बार भी गोल्ड जितने में सफल होते हैं, तो वह चेक लीजेंड तथा अपने कोच यान जेलेज्नी व ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स के बाद लगातार दो वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीतने वाले तीसरे पुरुष भाला फेंक खिलाड़ी बनेंगें।


&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<div style="text-align: justify;">
<div><span style="font-size:18px;">जापान के टोक्यो में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में भाला फेंक प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई है। अभी क्वालिफिकेशन राउंड चल रहा है। ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क 84.50 मीटर ही है। जबकि भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने आज प्रथम प्रयास में ही 84.85 मीटर का शानदार थ्रो फेंककर गुरुवार को होने वाले फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। इस राउंड के शीर्ष 12 एथलीट्स ही फाइनल के लिए क्वालिफाई कर सकेंगें।&nbsp;</span></div>

<div>&nbsp;</div>

<div><span style="font-size:18px;">इसमें भारत के नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम आमने-सामने होंगे। पिछले संस्करण में नीरज ने 88.17 मीटर के थ्रो फेंककर गोल्ड जीता था, वहीं नदीम 87.82 मीटर के साथ सिल्वर तथा वादलेच 86.67 मीटर के साथ ब्रॉन्ज जीते थे।</span></div>

<div>&nbsp;</div>

<div><strong><span style="font-size:18px;">पाकिस्तान के नदीम भी शामिल&nbsp;</span></strong></div>

<div><span style="font-size:18px;">पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम भी इस प्रतियोगिता में भाग लिया है। वह ग्रुप बी में पूर्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स के साथ उतरेंगे। अनुमान है कि नीरज और अरशद की भिड़ंत गुरुवार को फाइनल में होगी। आपको बता दें कि 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद यह पहला अवसर होगा जब ये दोनों आमने-सामने होंगें। उस मुकाबले में नदीम ने 92.97 मीटर का थ्रो कर गोल्ड जीता था, जबकि नीरज ने 89.45 मीटर का थ्रो फेंककर सिल्वर जीता था। नीरज क्वालिफिकेशन के दौर में ग्रुप ए में और अरशद नदीम ग्रुप बी में हैं।&nbsp;</span></div>

<div>&nbsp;</div>

<div><span style="font-size:18px;">इस बार नीरज लगातार 2 बार वर्ल्ड चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचना चाहते हैं। अगर नीरज इस बार भी गोल्ड जितने में सफल होते हैं, तो वह चेक लीजेंड तथा अपने कोच यान जेलेज्नी व ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स के बाद लगातार दो वर्ल्ड चैंपियनशिप खिताब जीतने वाले तीसरे पुरुष भाला फेंक खिलाड़ी बनेंगें।</span></div>
</div>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41495.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Neeraj Chopra, Neeraj and Pakistan's Nadeem will face each other in the final of the World Athletics Championship, will these two join hands?]]></media:description>
                </media:content>   
                </item></channel>
            </rss>