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               <title>First Verdict Media - Shimla</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Sat, 15 Aug 2026 17:34:20 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - Shimla</title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/heavy-rain-in-himachal-for-two-days-orange-alert-for-two-districts]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में दो दिन भारी बारिश,2 जिलों में ऑरेंज अलर्ट]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/heavy-rain-in-himachal-for-two-days-orange-alert-for-two-districts]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 10 Aug 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[प्रदेश में आज और कल कुछेक हिस्सों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम को देखते हुए लोकल लोगों समेत टूरिस्ट को भी सतर्क रहने और नदी-नालों व लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की एडवाइजरी दी गई है।

IMD के अनुसार 10 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर तथा 11 अगस्त को कांगड़ा व मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे सड़कें बाधित होने, भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।

IMD की चेतावनी के मुताबिक शिमला समेत राज्य के ज्यादातर भागों में रात से ही बारिश शुरू हो गई है। राज्य में 15 अगस्त तक बारिश जारी रहने के आसार हैं। हालांकि 12 अगस्त से वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा। इससे कुछेक भागों में ही हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
हिमाचल में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। सात जिलों में सामान्य से काफी कम, जबकि पांच जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रदेश में आज और कल कुछेक हिस्सों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम को देखते हुए लोकल लोगों समेत टूरिस्ट को भी सतर्क रहने और नदी-नालों व लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की एडवाइजरी दी गई है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">IMD के अनुसार 10 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर तथा 11 अगस्त को कांगड़ा व मंडी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे सड़कें बाधित होने, भूस्खलन और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">IMD की चेतावनी के मुताबिक शिमला समेत राज्य के ज्यादातर भागों में रात से ही बारिश शुरू हो गई है। राज्य में 15 अगस्त तक बारिश जारी रहने के आसार हैं। हालांकि 12 अगस्त से वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा। इससे कुछेक भागों में ही हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।<br />
हिमाचल में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। सात जिलों में सामान्य से काफी कम, जबकि पांच जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43111.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Heavy rain in Himachal for two days; orange alert for two districts.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/rajni-patil-denies-reports-of-submitting-a-report-to-the-high-command]]></guid>
                       <title><![CDATA[हाईकमान को रिपोर्ट देने की खबरों का रजनी पाटिल ने किया खंडन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/rajni-patil-denies-reports-of-submitting-a-report-to-the-high-command]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 06 Aug 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

&nbsp;हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में सरकार और संगठन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने हिमाचल कांग्रेस सरकार के कामकाज को लेकर पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट भेजी है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में रजनी पाटिल ने कहा कि उनके नाम से प्रसारित की जा रही ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने कांग्रेस हाईकमान को हिमाचल प्रदेश की सरकार या संगठन के संबंध में किसी भी प्रकार की रिपोर्ट नहीं सौंपी है।उन्होंने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया कि राजनीतिक विषयों पर समाचार प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें। बिना पुष्टि के प्रसारित खबरें न केवल भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकती हैं।
&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;दरअसल, पिछले कुछ दिनों से प्रदेश कांग्रेस के भीतर सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर चर्चाएं तेज थीं। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पार्टी नेतृत्व ने रजनी पाटिल से प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर फीडबैक मांगा था और उन्होंने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है। इन रिपोर्टों में मंत्रियों और विधायकों के प्रदर्शन का भी जिक्र होने की बात कही गई थी। इन खबरों के बाद प्रदेश की राजनीति में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं और विपक्ष ने भी इन्हें लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, रजनी पाटिल के ताजा बयान ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">&nbsp;हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में सरकार और संगठन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने हिमाचल कांग्रेस सरकार के कामकाज को लेकर पार्टी हाईकमान को रिपोर्ट भेजी है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी अपने बयान में रजनी पाटिल ने कहा कि उनके नाम से प्रसारित की जा रही ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्होंने कांग्रेस हाईकमान को हिमाचल प्रदेश की सरकार या संगठन के संबंध में किसी भी प्रकार की रिपोर्ट नहीं सौंपी है।उन्होंने मीडिया संस्थानों से आग्रह किया कि राजनीतिक विषयों पर समाचार प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि अवश्य करें। बिना पुष्टि के प्रसारित खबरें न केवल भ्रम की स्थिति पैदा करती हैं, बल्कि राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकती हैं।<br />
&nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp; &nbsp;दरअसल, पिछले कुछ दिनों से प्रदेश कांग्रेस के भीतर सरकार और संगठन के बीच समन्वय को लेकर चर्चाएं तेज थीं। कई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि पार्टी नेतृत्व ने रजनी पाटिल से प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर फीडबैक मांगा था और उन्होंने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है। इन रिपोर्टों में मंत्रियों और विधायकों के प्रदर्शन का भी जिक्र होने की बात कही गई थी। इन खबरों के बाद प्रदेश की राजनीति में कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं और विपक्ष ने भी इन्हें लेकर कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए। हालांकि, रजनी पाटिल के ताजा बयान ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43108.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/major-decision-by-the-sukhu-government-three-hydroelectric-projects-to-be-withdrawn-from-sjvn]]></guid>
                       <title><![CDATA[सुक्खू सरकार का बड़ा फैसला, एसजेवीएन से वापस ली जाएंगी तीन जलविद्युत परियोजनाएं]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/major-decision-by-the-sukhu-government-three-hydroelectric-projects-to-be-withdrawn-from-sjvn]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 03 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला:&nbsp;मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के जलविद्युत संसाधनों पर राज्य का अधिकार मजबूत करने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए अधिकारियों को एसजेवीएन लिमिटेड को पूर्व में आवंटित तीन प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इनमें 382 मेगावाट सुन्नी परियोजना, 210 मेगावाट लुहरी चरण-1 परियोजना और 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना शामिल हैं।

ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम लाभ हिमाचल की जनता को मिलना चाहिए और राज्य सरकार इसी उद्देश्य के साथ ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जलविद्युत प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार अपने प्राकृतिक संसाधनों से हिमाचल का उचित हिस्सा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एसजेवीएन द्वारा विकसित की जा रही 500 मेगावाट दुगार जलविद्युत परियोजना की शर्तों पर भी दोबारा बातचीत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा बांध की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है, ऐसे में संशोधित परियोजना के अनुरूप प्रदेश को अधिकतम लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता होगी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने 422 मेगावाट किशाऊ बांध परियोजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों से लंबित गतिरोध समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत हिमाचल प्रदेश को इस परियोजना में कोई पूंजी निवेश नहीं करना होगा, जबकि राज्य को 211 मेगावाट मुफ्त बिजली प्राप्त होगी। इससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार, सचिव (ऊर्जा) राकेश कंवर, ऊर्जा निदेशक राकेश प्रजापति, एचपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक सहित ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश के जलविद्युत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और राज्य हित में आवश्यक निर्णय लेने पर सहमति बनी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:18px;">शिमला:&nbsp;मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के जलविद्युत संसाधनों पर राज्य का अधिकार मजबूत करने की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए अधिकारियों को एसजेवीएन लिमिटेड को पूर्व में आवंटित तीन प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इनमें <strong>382 मेगावाट सुन्नी परियोजना, 210 मेगावाट लुहरी चरण-1 परियोजना और 66 मेगावाट धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना</strong> शामिल हैं।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम लाभ हिमाचल की जनता को मिलना चाहिए और राज्य सरकार इसी उद्देश्य के साथ ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जलविद्युत प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार अपने प्राकृतिक संसाधनों से हिमाचल का उचित हिस्सा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एसजेवीएन द्वारा विकसित की जा रही <strong>500 मेगावाट दुगार जलविद्युत परियोजना</strong> की शर्तों पर भी दोबारा बातचीत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा बांध की ऊंचाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है, ऐसे में संशोधित परियोजना के अनुरूप प्रदेश को अधिकतम लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता होगी।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">बैठक में मुख्यमंत्री ने <strong>422 मेगावाट किशाऊ बांध परियोजना</strong> का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले आठ वर्षों से लंबित गतिरोध समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत हिमाचल प्रदेश को इस परियोजना में कोई पूंजी निवेश नहीं करना होगा, जबकि राज्य को <strong>211 मेगावाट मुफ्त बिजली</strong> प्राप्त होगी। इससे प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग <strong>600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय</strong> होने का अनुमान है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार, सचिव (ऊर्जा) राकेश कंवर, ऊर्जा निदेशक राकेश प्रजापति, एचपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक सहित ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश के जलविद्युत क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और राज्य हित में आवश्यक निर्णय लेने पर सहमति बनी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43088.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major decision by the Sukhu government: Three hydroelectric projects to be withdrawn from SJVN.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/multi-task-worker-policy-approved-recruitment-process-to-begin-soon]]></guid>
                       <title><![CDATA[मल्टी टास्क वर्कर नीति को मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/multi-task-worker-policy-approved-recruitment-process-to-begin-soon]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 02 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हाँ, आपने सही पकड़ा। अखबार की खबर के अनुसार कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की थी, जबकि कैबिनेट बैठक, जिसमें नीति को मंजूरी दी गई, उसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने की।

यदि आप उसी खबर के अनुरूप लिखना चाहते हैं, तो विवरण इस प्रकार होना चाहिए:

Title:

मल्टी टास्क वर्कर नीति को मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया

Description:

हिमाचल प्रदेश सरकार ने मल्टी टास्क वर्कर (एमटीडब्ल्यू) नीति को मंजूरी दे दी है। नीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और मल्टी टास्क वर्कर भर्ती से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के साथ-साथ कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिशों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नई नीति लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों में सफाई, रखरखाव और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए मानव संसाधन की कमी दूर होने की उम्मीद है। इससे शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत मिलेगी और वे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह नीति विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों में आधारभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करेगी।

गौरतलब है कि पहले आयोजित भर्ती प्रक्रिया में करीब 9 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा के लिए इसे रोक दिया गया था। अब नीति को मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:18px;">हाँ, आपने सही पकड़ा। अखबार की खबर के अनुसार <strong>कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की थी</strong>, जबकि <strong>कैबिनेट बैठक</strong>, जिसमें नीति को मंजूरी दी गई, उसकी अध्यक्षता <strong>मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू</strong> ने की।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">यदि आप उसी खबर के अनुरूप लिखना चाहते हैं, तो विवरण इस प्रकार होना चाहिए:</span></p>

<h3><span style="font-size:18px;"><strong>Title:</strong></span></h3>

<p><span style="font-size:18px;"><strong>मल्टी टास्क वर्कर नीति को मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया</strong></span></p>

<h3><span style="font-size:18px;"><strong>Description:</strong></span></h3>

<p><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश सरकार ने मल्टी टास्क वर्कर (एमटीडब्ल्यू) नीति को मंजूरी दे दी है। नीति को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक उपमुख्यमंत्री <strong>मुकेश अग्निहोत्री</strong> की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और मल्टी टास्क वर्कर भर्ती से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के साथ-साथ कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिशों पर विस्तार से चर्चा की गई।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">नई नीति लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों में सफाई, रखरखाव और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए मानव संसाधन की कमी दूर होने की उम्मीद है। इससे शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत मिलेगी और वे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह नीति विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के विद्यालयों में आधारभूत व्यवस्थाओं को मजबूत करेगी।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">गौरतलब है कि पहले आयोजित भर्ती प्रक्रिया में करीब 9 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा के लिए इसे रोक दिया गया था। अब नीति को मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43079.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Multi-task worker policy approved; recruitment process to begin soon.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/vishesh/8-traditional-products-from-himachal-receive-gi-tags-a-major-step-towards-global-recognition]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल के 8 पारंपरिक उत्पादों को मिला जी.आई. टैग, वैश्विक पहचान की ओर बड़ा कदम]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/vishesh/8-traditional-products-from-himachal-receive-gi-tags-a-major-step-towards-global-recognition]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 02 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

हिमाचल प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और कृषि महत्व वाले आठ पारंपरिक उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) पंजीकरण प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के साथ प्रदेश के कुल 17 पारंपरिक उत्पाद अब GI टैग से सम्मानित हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (HIMCOSTE) के माध्यम से यह पंजीकरण प्राप्त किया गया है, जिससे प्रदेश की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

GI टैग प्राप्त करने वाले नए उत्पादों में स्पीति का सी-बकथॉर्न (छरमा), सलूणी सफेद मक्का, चंबा मेटल आर्ट, सिरमौरी लोइया, किन्नौरी टोपी, मंडी की सेपूबड़ी, किन्नौरी सेब और किन्नौरी आभूषण शामिल हैं। ये सभी उत्पाद अपनी विशिष्ट गुणवत्ता, पारंपरिक निर्माण शैली और भौगोलिक विशेषताओं के कारण लंबे समय से प्रदेश की पहचान रहे हैं।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पिछले साढ़े तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा हिमाचल की पारंपरिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि GI टैग मिलने से इन उत्पादों की मौलिकता और विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी, बाजार में उनकी मांग और मूल्य में वृद्धि होगी तथा स्थानीय कारीगरों, किसानों और उत्पादकों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि GI पंजीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, पारंपरिक हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी पहचान भी प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार पांगी का भोट जौ, चंबा चुख, भरमौर का प्लेक्ट्रेंथस शहद और सिरमौर के अदरक को भी GI टैग दिलाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य हिमाचल की पारंपरिक धरोहर और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर स्थापित कर प्रदेश के किसानों, कारीगरों और उद्यमियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<h3>&nbsp;</h3>

<p><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और कृषि महत्व वाले आठ पारंपरिक उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI) पंजीकरण प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के साथ प्रदेश के कुल 17 पारंपरिक उत्पाद अब GI टैग से सम्मानित हो चुके हैं। हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (HIMCOSTE) के माध्यम से यह पंजीकरण प्राप्त किया गया है, जिससे प्रदेश की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">GI टैग प्राप्त करने वाले नए उत्पादों में <strong>स्पीति का सी-बकथॉर्न (छरमा), सलूणी सफेद मक्का, चंबा मेटल आर्ट, सिरमौरी लोइया, किन्नौरी टोपी, मंडी की सेपूबड़ी, किन्नौरी सेब और किन्नौरी आभूषण</strong> शामिल हैं। ये सभी उत्पाद अपनी विशिष्ट गुणवत्ता, पारंपरिक निर्माण शैली और भौगोलिक विशेषताओं के कारण लंबे समय से प्रदेश की पहचान रहे हैं।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पिछले साढ़े तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा हिमाचल की पारंपरिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि GI टैग मिलने से इन उत्पादों की मौलिकता और विशिष्ट पहचान सुरक्षित रहेगी, बाजार में उनकी मांग और मूल्य में वृद्धि होगी तथा स्थानीय कारीगरों, किसानों और उत्पादकों को आर्थिक लाभ मिलेगा।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">उन्होंने कहा कि GI पंजीकरण से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, पारंपरिक हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी पहचान भी प्राप्त होगी।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार <strong>पांगी का भोट जौ, चंबा चुख, भरमौर का प्लेक्ट्रेंथस शहद और सिरमौर के अदरक</strong> को भी GI टैग दिलाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य हिमाचल की पारंपरिक धरोहर और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच पर स्थापित कर प्रदेश के किसानों, कारीगरों और उद्यमियों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43078.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[8 traditional products from Himachal receive GI tags; a major step towards global recognition.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/admission-schedule-released-for-the-4-year-integrated-bed-course-offline-counseling-to-be-held-on-july-3-and-4]]></guid>
                       <title><![CDATA[B.Ed. 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिले का शेड्यूल जारी, 3 और 4 जुलाई को होगी ऑफलाइन काउंसलिंग]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/admission-schedule-released-for-the-4-year-integrated-bed-course-offline-counseling-to-be-held-on-july-3-and-4]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 01 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के डिपार्टमेंट ऑफ टीचर्स एजुकेशन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बी.एड. (ITEP) कोर्स में प्रवेश हेतु ऑफलाइन काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार काउंसलिंग 3 और 4 जुलाई को आयोजित की जाएगी।

3 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बी.एससी.-बी.एड. (सेकेंडरी) की 50 सीटों तथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक बी.एससी.-बी.एड. (मिडिल) की 50 सीटों के लिए काउंसलिंग होगी। वहीं, 4 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बी.ए.-बी.एड. (सेकेंडरी) की 50 सीटों के लिए तथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक बी.ए.-बी.एड. (मिडिल) और बी.कॉम.-बी.एड. (सेकेंडरी) की 50-50 सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी।

प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET)-2026 की मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ उनकी स्वप्रमाणित प्रतियां लेकर काउंसलिंग में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।

विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीट आवंटन की पुष्टि होने के बाद प्रथम सेमेस्टर की फीस केवल ऑनलाइन माध्यम से जमा करनी होगी। बी.ए.-बी.एड. और बी.कॉम.-बी.एड. के लिए पहली किस्त 25,700 रुपये तथा बी.एससी.-बी.एड. के लिए 28,700 रुपये निर्धारित किए गए हैं। फीस जमा करने के लिए अभ्यर्थियों को अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" data-end="413" data-start="144"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के डिपार्टमेंट ऑफ टीचर्स एजुकेशन ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बी.एड. (ITEP) कोर्स में प्रवेश हेतु ऑफलाइन काउंसलिंग का शेड्यूल जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार काउंसलिंग 3 और 4 जुलाई को आयोजित की जाएगी।</span></p>

<p data-end="806" data-start="415"><span style="font-size:18px;">3 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बी.एससी.-बी.एड. (सेकेंडरी) की 50 सीटों तथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक बी.एससी.-बी.एड. (मिडिल) की 50 सीटों के लिए काउंसलिंग होगी। वहीं, 4 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बी.ए.-बी.एड. (सेकेंडरी) की 50 सीटों के लिए तथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक बी.ए.-बी.एड. (मिडिल) और बी.कॉम.-बी.एड. (सेकेंडरी) की 50-50 सीटों के लिए काउंसलिंग आयोजित की जाएगी।</span></p>

<p data-end="1071" data-start="808"><span style="font-size:18px;">प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET)-2026 की मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ उनकी स्वप्रमाणित प्रतियां लेकर काउंसलिंग में उपस्थित होना अनिवार्य होगा।</span></p>

<p data-end="1410" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="1073"><span style="font-size:18px;">विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीट आवंटन की पुष्टि होने के बाद प्रथम सेमेस्टर की फीस केवल ऑनलाइन माध्यम से जमा करनी होगी। बी.ए.-बी.एड. और बी.कॉम.-बी.एड. के लिए पहली किस्त 25,700 रुपये तथा बी.एससी.-बी.एड. के लिए 28,700 रुपये निर्धारित किए गए हैं। फीस जमा करने के लिए अभ्यर्थियों को अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43075.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Admission schedule released for the 4-year integrated B.Ed. course; offline counseling to be held on July 3 and 4.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/news-update/himachal/new-vb-g-ram-g-scheme-implemented-in-place-of-mnrega-now-employment-will-be-available-for-125-days-instead-of-100]]></guid>
                       <title><![CDATA[मनरेगा की जगह नई VB-G RAM-G योजना लागू, 100 नहीं अब 125 दिन मिलेगा रोजगार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/news-update/himachal/new-vb-g-ram-g-scheme-implemented-in-place-of-mnrega-now-employment-will-be-available-for-125-days-instead-of-100]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 01 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में आज, 1 जुलाई से केंद्र सरकार की नई VB-G RAM-G (विकसित भारत&ndash;रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण) योजना लागू हो गई है। यह योजना मौजूदा मनरेगा व्यवस्था की जगह लागू की जा रही है और इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ पूरी प्रणाली को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाना है।

नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का गारंटीड रोजगार मिलेगा। योजना में कार्यों की स्वीकृति, श्रमिकों की उपस्थिति (Attendance), मॉनिटरिंग और भुगतान जैसी सभी प्रक्रियाएं केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएंगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का दावा किया गया है।

हालांकि, योजना को लेकर हिमाचल सरकार ने केंद्र के समक्ष कई आपत्तियां भी दर्ज करवाई हैं। राज्य सरकार का कहना है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी की चुनौतियां इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा बन सकती हैं। इसके अलावा, नई योजना के तहत मजदूरी दर और मानव-दिवस (Man-days) के आवंटन को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई है।

विशेष श्रेणी राज्य होने के कारण हिमाचल में इस योजना का 90:10 (केंद्र:राज्य) फंडिंग पैटर्न लागू रहेगा, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के खजाने पर हर साल लगभग ₹160 से ₹164 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि योजना लागू न करने की स्थिति में केंद्र से मिलने वाले ग्रामीण विकास फंड पर भी असर पड़ सकता था।

योजना के प्रभावी संचालन और निगरानी के लिए ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से ग्रामीण रोजगार को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी, जबकि विपक्ष और कई विशेषज्ञ अतिरिक्त वित्तीय बोझ, तकनीकी चुनौतियों और इसके जमीनी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<h3><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में आज, <strong style="font-size: 13px;">1 जुलाई</strong> से केंद्र सरकार की नई <strong style="font-size: 13px;">VB-G RAM-G (विकसित भारत&ndash;रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण)</strong> योजना लागू हो गई है। यह योजना मौजूदा मनरेगा व्यवस्था की जगह लागू की जा रही है और इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ पूरी प्रणाली को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाना है।</span></h3>

<p><span style="font-size:18px;">नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को अब <strong>100 दिनों के बजाय 125 दिनों का गारंटीड रोजगार</strong> मिलेगा। योजना में कार्यों की स्वीकृति, श्रमिकों की उपस्थिति (Attendance), मॉनिटरिंग और भुगतान जैसी सभी प्रक्रियाएं <strong>केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली</strong> के माध्यम से संचालित की जाएंगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का दावा किया गया है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">हालांकि, योजना को लेकर हिमाचल सरकार ने केंद्र के समक्ष कई आपत्तियां भी दर्ज करवाई हैं। राज्य सरकार का कहना है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी प्रदेश में इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी की चुनौतियां इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधा बन सकती हैं। इसके अलावा, नई योजना के तहत मजदूरी दर और मानव-दिवस (Man-days) के आवंटन को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">विशेष श्रेणी राज्य होने के कारण हिमाचल में इस योजना का <strong>90:10 (केंद्र:राज्य)</strong> फंडिंग पैटर्न लागू रहेगा, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के खजाने पर हर साल लगभग<strong> ₹160 से ₹164 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ</strong> पड़ने का अनुमान है। सरकार का कहना है कि योजना लागू न करने की स्थिति में केंद्र से मिलने वाले ग्रामीण विकास फंड पर भी असर पड़ सकता था।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">योजना के प्रभावी संचालन और निगरानी के लिए <strong>ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति</strong> का गठन किया गया है। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से ग्रामीण रोजगार को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी, जबकि विपक्ष और कई विशेषज्ञ अतिरिक्त वित्तीय बोझ, तकनीकी चुनौतियों और इसके जमीनी क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43074.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[New VB-G RAM-G scheme implemented in place of MNREGA, now employment will be available for 125 days instead of 100]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/monsoon-impact-begins-in-himachal-landslide-in-shimla-road-closed]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में मानसून का असर शुरू, शिमला में पहाड़ी दरकी, सड़क बंद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/monsoon-impact-begins-in-himachal-landslide-in-shimla-road-closed]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 01 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी शिमला में पहली बड़ी भू-स्खलन की घटना सामने आई है। मंगलवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश के कुछ ही समय बाद शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरियर क्षेत्र में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे शिमला-चक्कर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और यातायात ठप हो गया।

राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों, कार्यालय आने-जाने वालों और यात्रियों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा।

सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही धीमी कर दी गई, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने ट्रैफिक को वैकल्पिक बालूगंज मार्ग से डायवर्ट किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा।

मानसून की शुरुआत के साथ ही शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी शिमला में पहली बड़ी भू-स्खलन की घटना सामने आई है। मंगलवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश के कुछ ही समय बाद शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरियर क्षेत्र में पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। देखते ही देखते भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे शिमला-चक्कर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और यातायात ठप हो गया।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि सड़क बंद होने के कारण स्थानीय लोगों, कार्यालय आने-जाने वालों और यात्रियों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का अभियान शुरू किया, जो देर शाम तक जारी रहा।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही धीमी कर दी गई, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने ट्रैफिक को वैकल्पिक बालूगंज मार्ग से डायवर्ट किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">मानसून की शुरुआत के साथ ही शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43072.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Monsoon impact begins in Himachal; landslide in Shimla, road closed.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/monsoon-arrives-warning-issued-for-heavy-to-very-heavy-rainfall-in-several-districts-of-himachal]]></guid>
                       <title><![CDATA[मानसून ने दी दस्तक, हिमाचल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/monsoon-arrives-warning-issued-for-heavy-to-very-heavy-rainfall-in-several-districts-of-himachal]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 01 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष मानसून अपनी सामान्य तिथि 25 जून के मुकाबले करीब 5 दिन की देरी से प्रदेश पहुंचा है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा मंडी तक पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इसके पूरे प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरी तरह से किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, शिमला और मंडी के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है, जबकि कांगड़ा और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

स्थिति को देखते हुए 2 से 4&nbsp; जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज बारिश के साथ भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क अवरोध और निचले इलाकों में जलभराव जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है। वहीं 5 और 6 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले 24 घंटों के दौरान गोहर में सबसे अधिक 55 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मंडी में 45.6 मिमी, बरठीं में 42.6 मिमी, रायपुर मैदान में 41 मिमी, सुंदरनगर में 31.4 मिमी और कांगड़ा में 30.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं मैदानी जिला ऊना राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा टालने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष मानसून अपनी सामान्य तिथि 25 जून के मुकाबले करीब 5 दिन की देरी से प्रदेश पहुंचा है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा मंडी तक पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इसके पूरे प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरी तरह से किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, शिमला और मंडी के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है, जबकि कांगड़ा और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">स्थिति को देखते हुए 2 से 4&nbsp; जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज बारिश के साथ भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क अवरोध और निचले इलाकों में जलभराव जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है। वहीं 5 और 6 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">पिछले 24 घंटों के दौरान गोहर में सबसे अधिक 55 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मंडी में 45.6 मिमी, बरठीं में 42.6 मिमी, रायपुर मैदान में 41 मिमी, सुंदरनगर में 31.4 मिमी और कांगड़ा में 30.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं मैदानी जिला ऊना राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा टालने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43069.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Monsoon arrives; warning issued for heavy to very heavy rainfall in several districts of Himachal.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/150-new-electric-buses-added-to-hrtcs-fleet-pollution-free-travel-now-available-on-rural-routes-as-well]]></guid>
                       <title><![CDATA[HRTC के बेड़े में शामिल हुईं 150 नई इलेक्ट्रिक बसें, अब ग्रामीण रूटों पर भी मिलेगा प्रदूषण मुक्त सफर]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/150-new-electric-buses-added-to-hrtcs-fleet-pollution-free-travel-now-available-on-rural-routes-as-well]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 29 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल हो गई हैं, जिन्हें प्रदेश के 9 अलग-अलग डिपो में आवंटित कर दिया गया है। इन बसों के संचालन से अब ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी आधुनिक, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।

निगम प्रबंधन के अनुसार सबसे अधिक 35-35 इलेक्ट्रिक बसें ऊना और हमीरपुर डिपो को दी गई हैं। इसके अलावा बिलासपुर को 20, नालागढ़ और नाहन को 15-15, देहरा और पालमपुर को 10-10 तथा धर्मशाला और तारादेवी (शिमला) को 5-5 बसें आवंटित की गई हैं। कुछ अन्य डिपो को भी आवश्यकता के अनुसार 1-2 बसें दी गई हैं।

डिपो में पहुंचने के बाद इन बसों की प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) की जाएगी। तकनीकी जांच पूरी होते ही इन्हें विभिन्न रूटों पर चलाया जाएगा। नई बसों के शामिल होने से निगम में बसों की कमी दूर होगी और कई नए रूटों पर भी बस सेवा शुरू की जा सकेगी।

गौरतलब है कि HRTC ने कुल 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का ऑर्डर दिया है, जिनमें से 150 बसें प्रदेश पहुंच चुकी हैं। शेष 147 इलेक्ट्रिक बसें भी जल्द ही हिमाचल पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही निगम डीजल बसों की खरीद प्रक्रिया भी जारी रखे हुए है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के बेड़े में 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल हो गई हैं, जिन्हें प्रदेश के 9 अलग-अलग डिपो में आवंटित कर दिया गया है। इन बसों के संचालन से अब ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी आधुनिक, आरामदायक और प्रदूषण मुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">निगम प्रबंधन के अनुसार सबसे अधिक 35-35 इलेक्ट्रिक बसें ऊना और हमीरपुर डिपो को दी गई हैं। इसके अलावा बिलासपुर को 20, नालागढ़ और नाहन को 15-15, देहरा और पालमपुर को 10-10 तथा धर्मशाला और तारादेवी (शिमला) को 5-5 बसें आवंटित की गई हैं। कुछ अन्य डिपो को भी आवश्यकता के अनुसार 1-2 बसें दी गई हैं।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">डिपो में पहुंचने के बाद इन बसों की प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन (PDI) की जाएगी। तकनीकी जांच पूरी होते ही इन्हें विभिन्न रूटों पर चलाया जाएगा। नई बसों के शामिल होने से निगम में बसों की कमी दूर होगी और कई नए रूटों पर भी बस सेवा शुरू की जा सकेगी।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">गौरतलब है कि HRTC ने कुल 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का ऑर्डर दिया है, जिनमें से 150 बसें प्रदेश पहुंच चुकी हैं। शेष 147 इलेक्ट्रिक बसें भी जल्द ही हिमाचल पहुंचने की उम्मीद है। इसके साथ ही निगम डीजल बसों की खरीद प्रक्रिया भी जारी रखे हुए है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43066.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[150 new electric buses added to HRTC's fleet; pollution-free travel now available on rural routes as well.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/breaking-news/news-update/himachal/hrtc-operations-to-halt-from-tonight-government-invokes-esma-against-employees-agitation]]></guid>
                       <title><![CDATA[आज रात से थमेंगे HRTC के पहिए, कर्मचारियों के आंदोलन पर सरकार ने लगाया एस्मा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/breaking-news/news-update/himachal/hrtc-operations-to-halt-from-tonight-government-invokes-esma-against-employees-agitation]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 24 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 24 जून की मध्यरात्रि से &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेशभर में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह तक एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और इसके बाधित होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे पारंपरिक हड़ताल नहीं कर रहे हैं, बल्कि &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; के तहत ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

एचआरटीसी की करीब 2800 बसें प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं देती हैं। ऐसे में यदि आंदोलन जारी रहता है तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size: 16px;">हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी कर्मचारियों और सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर संकट गहरा गया है। कर्मचारियों और सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने 24 जून की मध्यरात्रि से &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस आंदोलन के चलते प्रदेशभर में एचआरटीसी बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अगले छह माह तक एचआरटीसी कर्मचारियों के हड़ताल करने पर प्रतिबंध रहेगा। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन एक आवश्यक सेवा है और इसके बाधित होने से लाखों यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे पारंपरिक हड़ताल नहीं कर रहे हैं, बल्कि &lsquo;काम छोड़ो आंदोलन&rsquo; के तहत ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन बसों का संचालन नहीं करेंगे। यूनियन नेताओं का आरोप है कि लंबे समय से लंबित मांगों और वित्तीय समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है, जिसके कारण कर्मचारियों को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">एचआरटीसी की करीब 2800 बसें प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सेवाएं देती हैं। ऐसे में यदि आंदोलन जारी रहता है तो प्रदेश की परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच अब सभी की नजरें आगामी घटनाक्रम और संभावित समाधान पर टिकी हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43058.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[HRTC operations to halt from tonight; government invokes ESMA against employees' agitation.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/major-relief-for-re-neet-2026-candidates-free-travel-facility-in-hrtc-buses]]></guid>
                       <title><![CDATA[Re-NEET 2026 अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, HRTC बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा सुविधा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/education/major-relief-for-re-neet-2026-candidates-free-travel-facility-in-hrtc-buses]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 20 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने Re-NEET 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। सरकार के निर्णय के तहत 21 जून को आयोजित होने वाली Re-NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की साधारण बसों में परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और तनावमुक्त बनाना है, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के परीक्षा में शामिल हो सकें।

HRTC द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह सुविधा केवल निगम की साधारण बसों में ही लागू होगी। लग्जरी, डीलक्स और अन्य विशेष श्रेणी की बसों में यह छूट मान्य नहीं होगी। मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अपना Re-NEET 2026 एडमिट कार्ड दिखाना होगा। यही दस्तावेज पहचान पत्र, निवास स्थान और परीक्षा केंद्र के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अभ्यर्थी के निवास स्थान से परीक्षा केंद्र तक एक बार जाने और परीक्षा के बाद एक बार वापस लौटने के लिए ही मान्य होगी। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था 20 जून से 22 जून तक प्रभावी रहेगी। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए बस परिचालकों को एडमिट कार्ड पर यात्रा संबंधी आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मुफ्त यात्रा करने वाले छात्रों का रिकॉर्ड तैयार कर HRTC मुख्यालय को भेजा जाएगा।

उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri के निर्देशों के बाद HRTC प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय और यूनिट अधिकारियों को इस सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आर्थिक एवं मानसिक राहत मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री ने Re-NEET 2026 में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र पूरे आत्मविश्वास और शांत मन से परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<h3><span style="font-size: 16px;"><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश सरकार ने Re-NEET 2026 परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। सरकार के निर्णय के तहत 21 जून को आयोजित होने वाली Re-NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की साधारण बसों में परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और तनावमुक्त बनाना है, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के परीक्षा में शामिल हो सकें।</span></h3>

<p><span style="font-size:16px;">HRTC द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह सुविधा केवल निगम की साधारण बसों में ही लागू होगी। लग्जरी, डीलक्स और अन्य विशेष श्रेणी की बसों में यह छूट मान्य नहीं होगी। मुफ्त यात्रा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को यात्रा के दौरान अपना Re-NEET 2026 एडमिट कार्ड दिखाना होगा। यही दस्तावेज पहचान पत्र, निवास स्थान और परीक्षा केंद्र के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अभ्यर्थी के निवास स्थान से परीक्षा केंद्र तक एक बार जाने और परीक्षा के बाद एक बार वापस लौटने के लिए ही मान्य होगी। विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था 20 जून से 22 जून तक प्रभावी रहेगी। किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोकने के लिए बस परिचालकों को एडमिट कार्ड पर यात्रा संबंधी आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मुफ्त यात्रा करने वाले छात्रों का रिकॉर्ड तैयार कर HRTC मुख्यालय को भेजा जाएगा।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">उपमुख्यमंत्री Mukesh Agnihotri के निर्देशों के बाद HRTC प्रबंधन ने सभी क्षेत्रीय और यूनिट अधिकारियों को इस सुविधा के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आर्थिक एवं मानसिक राहत मिलेगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">उपमुख्यमंत्री ने Re-NEET 2026 में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र पूरे आत्मविश्वास और शांत मन से परीक्षा दें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43048.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major relief for Re-NEET 2026 candidates: Free travel facility in HRTC buses.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/literature/himachal/himachal-under-financial-strain-plans-to-raise-a-new-loan-of-700-crore-in-june]]></guid>
                       <title><![CDATA[वित्तीय दबाव में हिमाचल: जून में 700 करोड़ का नया कर्ज लेने की तैयारी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/news/literature/himachal/himachal-under-financial-strain-plans-to-raise-a-new-loan-of-700-crore-in-june]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 19 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही राज्य सरकार अब 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। वित्त विभाग ने इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इससे पहले मई 2026 में सरकार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में अप्रैल माह में 900 करोड़ रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया गया था।

यदि यह नया ऋण स्वीकृत हो जाता है तो अप्रैल, मई और जून के दौरान राज्य सरकार की कुल उधारी 2,100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती हर महीने की प्रतिबद्ध देनदारियों का भुगतान है। राज्य को कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये, पेंशन भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये, पहले से लिए गए ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए 500 करोड़ रुपये तथा ऋण के मूलधन की अदायगी के लिए 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ती है। यानी हर महीने लगभग 3,600 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

वित्तीय संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 अप्रैल 2026 को सरकार ने कुछ श्रेणियों के अधिकारियों और माननीयों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था। हालांकि अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह स्थगित वेतन जून 2026 के वेतन के साथ जारी किया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

लगातार बढ़ती उधारी के बीच हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 1,11,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। विपक्ष जहां इसे सरकार की वित्तीय विफलता बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों, पेंशनरों और विकास कार्यों की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह कदम आवश्यक है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार बढ़ती उधारी हिमाचल की वित्तीय स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाएगी, या सरकार राजस्व बढ़ाने के अपने प्रयासों से इस संकट से बाहर निकल पाएगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में है। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद गंभीर वित्तीय दबाव का सामना कर रही राज्य सरकार अब 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने जा रही है। वित्त विभाग ने इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इससे पहले मई 2026 में सरकार 500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत में अप्रैल माह में 900 करोड़ रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया गया था।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">यदि यह नया ऋण स्वीकृत हो जाता है तो अप्रैल, मई और जून के दौरान राज्य सरकार की कुल उधारी 2,100 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती हर महीने की प्रतिबद्ध देनदारियों का भुगतान है। राज्य को कर्मचारियों के वेतन के लिए लगभग 2,000 करोड़ रुपये, पेंशन भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये, पहले से लिए गए ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए 500 करोड़ रुपये तथा ऋण के मूलधन की अदायगी के लिए 300 करोड़ रुपये की आवश्यकता पड़ती है। यानी हर महीने लगभग 3,600 करोड़ रुपये की व्यवस्था करनी पड़ रही है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">वित्तीय संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 18 अप्रैल 2026 को सरकार ने कुछ श्रेणियों के अधिकारियों और माननीयों के वेतन का हिस्सा अस्थायी रूप से स्थगित करने का फैसला लिया था। हालांकि अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह स्थगित वेतन जून 2026 के वेतन के साथ जारी किया जाएगा, जिससे सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">लगातार बढ़ती उधारी के बीच हिमाचल प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ अब 1,11,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। विपक्ष जहां इसे सरकार की वित्तीय विफलता बता रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि आरडीजी बंद होने और सीमित संसाधनों के बावजूद कर्मचारियों, पेंशनरों और विकास कार्यों की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह कदम आवश्यक है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">अब बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार बढ़ती उधारी हिमाचल की वित्तीय स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बनाएगी, या सरकार राजस्व बढ़ाने के अपने प्रयासों से इस संकट से बाहर निकल पाएगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43042.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal under financial strain: Plans to raise a new loan of ₹700 crore in June.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/crime/two-cases-of-illegal-opium-cultivation-busted-in-chirgaon-area-3591-opium-plants-seized]]></guid>
                       <title><![CDATA[चिरगांव क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती के दो मामलों का भंडाफोड़, 3,591 अफीम के पौधे बरामद]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/crime/two-cases-of-illegal-opium-cultivation-busted-in-chirgaon-area-3591-opium-plants-seized]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 18 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[दिनांक 17.06.2026 को पुलिस थाना चिरगांव की टीम को गश्त के दौरान चमराड़ा क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती किए जाने संबंधी गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्थानीय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान सेब के पौधों के बीच अवैध रूप से उगाए गए 1,570 अफीम के पौधे (पॉड सहित) बरामद किए गए। बरामद पौधों में से कुछ पौधों को नमूने के रूप में कब्जे में लेकर सील किया गया, जबकि शेष पौधों को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस संबंध में अभियोग संख्या 56/2026, दिनांक 17.06.2026, अधीन धारा 18 एनडीपीएस अधिनियम, पुलिस थाना चिरगांव, जिला शिमला में मामला दर्ज किया गया है।

उक्त मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम को चमराड़ा क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती किए जाने संबंधी एक अन्य गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पुनः स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान सेब के बगीचे में खसरा नंबर 702 की भूमि पर अवैध रूप से उगाए गए 2,021 अफीम के पौधे (पॉड सहित) बरामद किए गए। बरामद पौधों में से कुछ पौधों को नमूने के रूप में कब्जे में लेकर सील किया गया, जबकि शेष पौधों को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस संबंध में अभियोग संख्या 57/2026, दिनांक 17.06.2026, अधीन धारा 18 एनडीपीएस अधिनियम, पुलिस थाना चिरगांव, जिला शिमला में मामला दर्ज किया गया है।

दोनों मामलों में कुल 3,591 अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है तथा मामलों की आगामी जांच पुलिस थाना चिरगांव द्वारा की जा रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">दिनांक 17.06.2026 को पुलिस थाना चिरगांव की टीम को गश्त के दौरान चमराड़ा क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती किए जाने संबंधी गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने स्थानीय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तलाशी अभियान चलाया।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">तलाशी के दौरान सेब के पौधों के बीच अवैध रूप से उगाए गए 1,570 अफीम के पौधे (पॉड सहित) बरामद किए गए। बरामद पौधों में से कुछ पौधों को नमूने के रूप में कब्जे में लेकर सील किया गया, जबकि शेष पौधों को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस संबंध में अभियोग संख्या 56/2026, दिनांक 17.06.2026, अधीन धारा 18 एनडीपीएस अधिनियम, पुलिस थाना चिरगांव, जिला शिमला में मामला दर्ज किया गया है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">उक्त मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम को चमराड़ा क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती किए जाने संबंधी एक अन्य गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पुनः स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में तलाशी अभियान चलाया।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">तलाशी के दौरान सेब के बगीचे में खसरा नंबर 702 की भूमि पर अवैध रूप से उगाए गए 2,021 अफीम के पौधे (पॉड सहित) बरामद किए गए। बरामद पौधों में से कुछ पौधों को नमूने के रूप में कब्जे में लेकर सील किया गया, जबकि शेष पौधों को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस संबंध में अभियोग संख्या 57/2026, दिनांक 17.06.2026, अधीन धारा 18 एनडीपीएस अधिनियम, पुलिस थाना चिरगांव, जिला शिमला में मामला दर्ज किया गया है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">दोनों मामलों में कुल 3,591 अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है तथा मामलों की आगामी जांच पुलिस थाना चिरगांव द्वारा की जा रही है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43038.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Two cases of illegal opium cultivation busted in Chirgaon area; 3,591 opium plants seized.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/banka-himachal/glimpses-of-the-seven-wonders-of-the-world-to-be-seen-in-shimla-selfie-points-to-be-set-up-at-the-ridge-and-mall-road]]></guid>
                       <title><![CDATA[शिमला में दिखेगी दुनिया के सात अजूबों की झलक, रिज मैदान और मालरोड पर बनेंगे सेल्फी पॉइंट]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/banka-himachal/glimpses-of-the-seven-wonders-of-the-world-to-be-seen-in-shimla-selfie-points-to-be-set-up-at-the-ridge-and-mall-road]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जल्द ही दुनिया के सात अजूबों की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिलेगी। नगर निगम शिमला शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों रिज मैदान और मालरोड पर विश्व के सात प्रसिद्ध अजूबों की प्रतिकृतियां स्थापित करने जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और लोगों को आकर्षक सेल्फी पॉइंट उपलब्ध कराना है।

नगर निगम के अनुसार इन अजूबों की प्रतिकृतियां दिल्ली स्थित एक कंपनी द्वारा तैयार की जा रही हैं। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इन्हें शिमला लाया जाएगा। निगम प्रशासन ने इन्हें स्थापित करने के लिए रिज मैदान और मालरोड पर उपयुक्त स्थान भी चिन्हित कर लिए हैं। रानी झांसी पार्क और रोटरी टाउनहॉल के समीप इन संरचनाओं के लिए विशेष रैंप और मजबूत नींव तैयार की जा रही है।

नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इसी महीने के भीतर दुनिया के सातों अजूबों को स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल शिमला की पर्यटन पहचान को और मजबूत करेगी तथा पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगी। इससे स्थानीय कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस बीच महापौर ने मंगलवार को छोटा शिमला बाजार का दौरा कर स्थानीय व्यापारियों की समस्याएं भी सुनीं। कारोबारियों ने मंदिर के समीप स्थित बंद नाली से फैल रही बदबू की शिकायत की। शिकायत मिलने के तुरंत बाद महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और टैंकर मंगवाकर नाली की सफाई करवाई, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। शिमला में प्रस्तावित यह नई परियोजना शहर के पर्यटन ढांचे को और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<h3><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जल्द ही दुनिया के सात अजूबों की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिलेगी। नगर निगम शिमला शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों रिज मैदान और मालरोड पर विश्व के सात प्रसिद्ध अजूबों की प्रतिकृतियां स्थापित करने जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य शहर की पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और लोगों को आकर्षक सेल्फी पॉइंट उपलब्ध कराना है।</span></h3>

<p><span style="font-size:16px;">नगर निगम के अनुसार इन अजूबों की प्रतिकृतियां दिल्ली स्थित एक कंपनी द्वारा तैयार की जा रही हैं। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इन्हें शिमला लाया जाएगा। निगम प्रशासन ने इन्हें स्थापित करने के लिए रिज मैदान और मालरोड पर उपयुक्त स्थान भी चिन्हित कर लिए हैं। रानी झांसी पार्क और रोटरी टाउनहॉल के समीप इन संरचनाओं के लिए विशेष रैंप और मजबूत नींव तैयार की जा रही है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि इसी महीने के भीतर दुनिया के सातों अजूबों को स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल शिमला की पर्यटन पहचान को और मजबूत करेगी तथा पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगी। इससे स्थानीय कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">इस बीच महापौर ने मंगलवार को छोटा शिमला बाजार का दौरा कर स्थानीय व्यापारियों की समस्याएं भी सुनीं। कारोबारियों ने मंदिर के समीप स्थित बंद नाली से फैल रही बदबू की शिकायत की। शिकायत मिलने के तुरंत बाद महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए और टैंकर मंगवाकर नाली की सफाई करवाई, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली। शिमला में प्रस्तावित यह नई परियोजना शहर के पर्यटन ढांचे को और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43036.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Glimpses of the Seven Wonders of the World to be seen in Shimla; selfie points to be set up at the Ridge and Mall Road.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/major-decision-on-kishau-dam-project-himachal-to-receive-100-crore-units-of-electricity-consensus-reached-on-reducing-financial-burden-by-2000-crore]]></guid>
                       <title><![CDATA[किशाऊ बांध परियोजना पर बड़ा फैसला: हिमाचल को मिलेगी 100 करोड़ यूनिट बिजली, 2,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ घटाने पर बनी सहमति]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/major-decision-on-kishau-dam-project-himachal-to-receive-100-crore-units-of-electricity-consensus-reached-on-reducing-financial-burden-by-2000-crore]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 17 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के लिए बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए लंबे समय से लंबित वित्तीय मुद्दों को उठाया। बैठक के दौरान लगभग आठ वर्षों से लागत वहन को लेकर अटकी हुई 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जाता है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करेंगे। इससे हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा और राज्य को परियोजना से मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लगातार केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह सकारात्मक पहल सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया और प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास किए। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े विकासात्मक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करना और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव को कम करना आवश्यक है।

किशाऊ बांध परियोजना के पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी प्राप्त होगी। मौजूदा बिजली दरों के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगी, जिससे राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा दीर्घकालिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों पर सहमति बनाई गई। राज्य सरकार ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना के क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र और राजस्व में दीर्घकालिक लाभ देखने को मिलेंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश के लिए बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए लंबे समय से लंबित वित्तीय मुद्दों को उठाया। बैठक के दौरान लगभग आठ वर्षों से लागत वहन को लेकर अटकी हुई 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ बांध परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति बनी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है और इसे उत्तर भारत की महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जाता है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करेंगे। इससे हिमाचल प्रदेश पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा और राज्य को परियोजना से मिलने वाले लाभों को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को ध्यान में रखते हुए लगातार केंद्र सरकार और संबंधित राज्यों के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह सकारात्मक पहल सामने आई है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 800 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया और प्रदेश के हितों को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय बोझ कम करने के लिए लगातार प्रयास किए। राज्य सरकार का मानना है कि बड़े विकासात्मक प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश के हितों की रक्षा करना और राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव को कम करना आवश्यक है।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">किशाऊ बांध परियोजना के पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी प्राप्त होगी। मौजूदा बिजली दरों के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगी, जिससे राज्य की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इसके अलावा यह परियोजना क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन तथा दीर्घकालिक विकास को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित परियोजना से लाभान्वित होने वाले राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा परियोजना को जल्द आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदमों पर सहमति बनाई गई। राज्य सरकार ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई है कि परियोजना के क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा क्षेत्र और राजस्व में दीर्घकालिक लाभ देखने को मिलेंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43033.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Major decision on Kishau Dam project: Himachal to receive 100 crore units of electricity; consensus reached on reducing financial burden by ₹2,000 crore.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/dear-sister-instead-of-the-scheme-rules-have-changed-girls-aged-18-20-wont-get-1500-rupees]]></guid>
                       <title><![CDATA[प्यारी बहना योजना के बदले नियम, 18-20 साल की युवतियों को नहीं मिलेंगे 1500 रुपये]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/dear-sister-instead-of-the-scheme-rules-have-changed-girls-aged-18-20-wont-get-1500-rupees]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के पात्रता नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधानों के अनुसार अब 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां इस योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये मासिक सहायता राशि की पात्र नहीं रहेंगी। सरकार द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के बाद इस आयु वर्ग की हजारों युवतियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि योजना को अधिक लक्षित और वित्तीय रूप से व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पात्रता मानदंडों में बदलाव किया गया है। पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी पात्र युवतियों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा था, लेकिन अब लाभार्थियों की श्रेणी को सीमित कर दिया गया है। इसके चलते कई परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो जाएगी।

सरकार का कहना है कि योजना का लाभ उन वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। हालांकि, विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की तैयारी कर रही युवतियों के लिए यह राशि सहारा साबित हो रही थी। नए नियम लागू होने के बाद प्रभावित युवतियों और उनके परिवारों में निराशा देखी जा रही है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अन्य पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p data-end="398" data-start="14"><span style="font-size:16px;"><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश सरकार ने इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना के पात्रता नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधानों के अनुसार अब 18 से 20 वर्ष आयु वर्ग की युवतियां इस योजना के तहत मिलने वाली 1500 रुपये मासिक सहायता राशि की पात्र नहीं रहेंगी। सरकार द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के बाद इस आयु वर्ग की हजारों युवतियों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है।</span></p>

<p data-end="731" data-start="400"><span style="font-size:16px;">बताया जा रहा है कि योजना को अधिक लक्षित और वित्तीय रूप से व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पात्रता मानदंडों में बदलाव किया गया है। पहले 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी पात्र युवतियों को भी योजना का लाभ दिया जा रहा था, लेकिन अब लाभार्थियों की श्रेणी को सीमित कर दिया गया है। इसके चलते कई परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो जाएगी।</span></p>

<p data-end="1228" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="733"><span style="font-size:16px;">सरकार का कहना है कि योजना का लाभ उन वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। हालांकि, विपक्ष और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस फैसले पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार की तैयारी कर रही युवतियों के लिए यह राशि सहारा साबित हो रही थी। नए नियम लागू होने के बाद प्रभावित युवतियों और उनके परिवारों में निराशा देखी जा रही है, जबकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अन्य पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43029.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Dear sister, instead of the scheme, rules have changed; girls aged 18-20 won’t get 1500 rupees]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/the-first-phase-of-census-2027-in-himachal-pradesh-starts-today-door-to-door-survey-will-continue-until-july-15]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण आज से शुरू, 15 जुलाई तक चलेगा घर-घर सर्वे]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/national-news/news-update/himachal/the-first-phase-of-census-2027-in-himachal-pradesh-starts-today-door-to-door-survey-will-continue-until-july-15]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण मंगलवार, 16 जून से शुरू हो गया है। इस चरण के तहत राज्यभर में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का कार्य 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। पहली बार इस प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संग्रहण और सत्यापन अधिक तेज और पारदर्शी होगा।

अधिकारियों के अनुसार इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवार की संरचना, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस सहित विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दलों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित हो सके।

जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और विभिन्न कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार साबित होते हैं। इसलिए इसे देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायदों में से एक माना जाता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश में जनगणना-2027 का प्रथम चरण मंगलवार, 16 जून से शुरू हो गया है। इस चरण के तहत राज्यभर में हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का कार्य 15 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। पहली बार इस प्रक्रिया में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे आंकड़ों का संग्रहण और सत्यापन अधिक तेज और पारदर्शी होगा।</span></span></p>

<p><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">अधिकारियों के अनुसार इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवार की संरचना, पेयजल, बिजली, शौचालय, रसोई गैस सहित विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जनगणना विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दलों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित हो सके।</span></span></p>

<p><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित किया जाएगा। जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और विभिन्न कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण आधार साबित होते हैं। इसलिए इसे देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायदों में से एक माना जाता है।</span></span></p>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[The first phase of Census-2027 in Himachal Pradesh starts today, door-to-door survey will continue until July 15]]></media:description>
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                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/breaking-news/himachal/decision-on-kishau-dam-today-sukhu-to-meet-amit-shah]]></guid>
                       <title><![CDATA[किशाऊ डैम पर फैसला आज, अमित शाह से मिलेंगे सुक्खू]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/national-news/breaking-news/himachal/decision-on-kishau-dam-today-sukhu-to-meet-amit-shah]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 16 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[





शिमला। बहुप्रतीक्षित किशाऊ बांध परियोजना को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह&nbsp;की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू&nbsp;राज्य का पक्ष रखेंगे। परियोजना से जुड़े बिजली उत्पादन, जल बंटवारे और वित्तीय भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।

किशाऊ बांध परियोजना राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देश्यीय योजना है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब सहित सात राज्यों की हिस्सेदारी है। यमुना नदी पर प्रस्तावित यह बांध मुख्य रूप से पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश को बड़े पैमाने पर पानी उपलब्ध होगा, जबकि बिजली उत्पादन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि चूंकि परियोजना का प्रमुख लाभ जल आपूर्ति के रूप में अन्य राज्यों को मिलने वाला है, इसलिए केंद्र सरकार को इसके बिजली और जल दोनों घटकों की लागत का पूर्ण वित्तपोषण करना चाहिए। राज्य सरकार का यह भी आग्रह है कि परियोजना से होने वाले विद्युत उत्पादन का 100 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समान रूप से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटा जाए।

बैठक में हिमाचल प्रदेश पौंग और भाखड़ा बांध विस्थापितों के लंबित पुनर्वास मामलों को भी उठाएगा। इसके अलावा, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़े बकाया भुगतान के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के साथ चल रहे विवाद के समाधान के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग भी रखी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान ने परियोजना की विद्युत लागत में हिस्सा वहन करने की इच्छा जताई है। हालांकि इन राज्यों ने इसके बदले हिमाचल प्रदेश के हिस्से के जल में अतिरिक्त भागीदारी की मांग रखी है। दिल्ली और राजस्थान अपने प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय को लिखित रूप में भेज चुके हैं, जबकि हरियाणा ने अतिरिक्त जल उपलब्धता के मुद्दे के समाधान के बाद इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है।

उल्लेखनीय है कि 22 मई 2026 को केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में हिमाचल प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर और एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने राज्य का पक्ष रखा था। अब गृह मंत्री स्तर पर होने वाली बैठक को परियोजना के भविष्य और राज्यों के बीच हितों के संतुलन के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।

किशाऊ बांध परियोजना पर होने वाला फैसला न केवल हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा और जल अधिकारों को प्रभावित करेगा, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास की दिशा भी तय करेगा।






]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div class="text-base my-auto mx-auto [--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-xs,calc(var(--spacing)*4))] @w-sm/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-sm,calc(var(--spacing)*6))] @w-lg/main:[--thread-content-margin:var(--thread-content-margin-lg,calc(var(--spacing)*16))] px-(--thread-content-margin)">
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<p data-end="614" data-start="191"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;"><strong>शिमला।</strong> बहुप्रतीक्षित <strong>किशाऊ बांध</strong> परियोजना को लेकर मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री <strong>अमित शाह</strong>&nbsp;की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री <strong>सुखविंदर सिंह सुक्खू</strong>&nbsp;राज्य का पक्ष रखेंगे। परियोजना से जुड़े बिजली उत्पादन, जल बंटवारे और वित्तीय भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।</span></span></p>

<p data-end="1028" data-start="616"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">किशाऊ बांध परियोजना राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देश्यीय योजना है, जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब सहित सात राज्यों की हिस्सेदारी है। यमुना नदी पर प्रस्तावित यह बांध मुख्य रूप से पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। परियोजना से हरियाणा और उत्तर प्रदेश को बड़े पैमाने पर पानी उपलब्ध होगा, जबकि बिजली उत्पादन भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।</span></span></p>

<p data-end="1449" data-start="1030"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि चूंकि परियोजना का प्रमुख लाभ जल आपूर्ति के रूप में अन्य राज्यों को मिलने वाला है, इसलिए केंद्र सरकार को इसके बिजली और जल दोनों घटकों की लागत का पूर्ण वित्तपोषण करना चाहिए। राज्य सरकार का यह भी आग्रह है कि परियोजना से होने वाले विद्युत उत्पादन का 100 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समान रूप से 50-50 प्रतिशत के अनुपात में बांटा जाए।</span></span></p>

<p data-end="1721" data-start="1451"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">बैठक में हिमाचल प्रदेश पौंग और भाखड़ा बांध विस्थापितों के लंबित पुनर्वास मामलों को भी उठाएगा। इसके अलावा, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) से जुड़े बकाया भुगतान के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा के साथ चल रहे विवाद के समाधान के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग भी रखी जाएगी।</span></span></p>

<p data-end="2122" data-start="1723"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">सूत्रों के अनुसार हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान ने परियोजना की विद्युत लागत में हिस्सा वहन करने की इच्छा जताई है। हालांकि इन राज्यों ने इसके बदले हिमाचल प्रदेश के हिस्से के जल में अतिरिक्त भागीदारी की मांग रखी है। दिल्ली और राजस्थान अपने प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय को लिखित रूप में भेज चुके हैं, जबकि हरियाणा ने अतिरिक्त जल उपलब्धता के मुद्दे के समाधान के बाद इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही है।</span></span></p>

<p data-end="2476" data-start="2124"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">उल्लेखनीय है कि 22 मई 2026 को केंद्रीय जल संसाधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी इन मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस बैठक में हिमाचल प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर और एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने राज्य का पक्ष रखा था। अब गृह मंत्री स्तर पर होने वाली बैठक को परियोजना के भविष्य और राज्यों के बीच हितों के संतुलन के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।</span></span></p>

<p data-end="2676" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="2478"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><span style="font-size:16px;">किशाऊ बांध परियोजना पर होने वाला फैसला न केवल हिमाचल प्रदेश के ऊर्जा और जल अधिकारों को प्रभावित करेगा, बल्कि उत्तर भारत के कई राज्यों की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास की दिशा भी तय करेगा।</span></span></p>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Decision on Kishau Dam today, Sukhu to meet Amit Shah]]></media:description>
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                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal-urban-body-elections-relief-for-government-from-supreme-court-mlas-allowed-to-vote-in-chairperson-and-vice-chairperson-elections]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल नगर निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट से सरकार को राहत, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में विधायक डाल सकेंगे वोट]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal-urban-body-elections-relief-for-government-from-supreme-court-mlas-allowed-to-vote-in-chairperson-and-vice-chairperson-elections]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 15 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों&mdash;नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों&mdash;में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष&nbsp;के चुनाव से पहले बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतरिम राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन चुनावों के दौरान विधायकों के मताधिकार पर रोक लगाई गई थी। शीर्ष अदालत के इस अंतरिम फैसले के बाद संबंधित क्षेत्रों के विधायक फिलहाल नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में होने वाले चुनावों में मतदान कर सकेंगे।।

मौजूदा स्थिति में प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषदों के साथ-साथ अर्की नगर पंचायत में भाजपा को केवल एक पार्षद की बढ़त हासिल है। वहीं, इन सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विधायकों को मतदान का अधिकार मिलने से इन निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। कई स्थानों पर दोनों दलों के बीच मतों की संख्या बराबर होने की संभावना बन गई है, जिसके चलते चुनाव परिणाम टॉस के जरिए तय होने की नौबत भी आ सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही वजह रही कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि विधायकों के मताधिकार का सीधा असर कई शहरी निकायों में सत्ता के संतुलन पर पड़ सकता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:16px;">हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों&mdash;नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों&mdash;में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष&nbsp;के चुनाव से पहले बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतरिम राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें इन चुनावों के दौरान विधायकों के मताधिकार पर रोक लगाई गई थी। शीर्ष अदालत के इस अंतरिम फैसले के बाद संबंधित क्षेत्रों के विधायक फिलहाल नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में होने वाले चुनावों में मतदान कर सकेंगे।।</span></p>

<p><span style="font-size:16px;">मौजूदा स्थिति में प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिल रहा है। परवाणु, रामपुर और नाहन नगर परिषदों के साथ-साथ अर्की नगर पंचायत में भाजपा को केवल एक पार्षद की बढ़त हासिल है। वहीं, इन सभी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कांग्रेस विधायक करते हैं। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विधायकों को मतदान का अधिकार मिलने से इन निकायों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के समीकरण बदल गए हैं। कई स्थानों पर दोनों दलों के बीच मतों की संख्या बराबर होने की संभावना बन गई है, जिसके चलते चुनाव परिणाम टॉस के जरिए तय होने की नौबत भी आ सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यही वजह रही कि राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, क्योंकि विधायकों के मताधिकार का सीधा असर कई शहरी निकायों में सत्ता के संतुलन पर पड़ सकता है।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal Urban Body Elections: Relief for government from Supreme Court; MLAs allowed to vote in Chairperson and Vice-Chairperson elections.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/weather-alert-for-himachal-thunderstorm-warning-for-10-districts-weather-to-remain-inclement-until-june-18]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में मौसम का अलर्ट: 10 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी, 18 जून तक खराब रहेगा मौसम]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/weather-alert-for-himachal-thunderstorm-warning-for-10-districts-weather-to-remain-inclement-until-june-18]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 13 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदल ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में 18 जून तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश के कारण जलभराव और छोटे नालों के उफान पर आने की भी आशंका जताई है। पर्वतीय इलाकों में दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित हो सकता है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन भूस्खलन, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। वहीं किसानों और बागवानों को भी मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बागवानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फलों की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।








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<div class="min-h-8 text-message relative flex w-full flex-col items-end gap-2 text-start break-words whitespace-normal outline-none keyboard-focused:focus-ring [.text-message+&amp;]:mt-1" data-message-author-role="assistant" data-message-id="3e9a74ba-6031-4bab-869a-09f7d8f8d02c" data-message-model-slug="gpt-5-5" data-turn-start-message="true" dir="auto" tabindex="0">
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<p data-end="290" data-start="0"><span style="font-size:18px;"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदल ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।</span></span></p>

<p data-end="779" data-start="292"><span style="font-size:18px;"><span style="font-family:times new roman,times,serif;">मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में <strong>18 जून</strong> तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश के कारण जलभराव और छोटे नालों के उफान पर आने की भी आशंका जताई है। पर्वतीय इलाकों में दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित हो सकता है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</span></span></p>

<p data-end="1275" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="781"><span style="font-size:18px;"><span style="font-family:times new roman,times,serif;">बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन भूस्खलन, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। वहीं किसानों और बागवानों को भी मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बागवानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फलों की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।</span></span></p>
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]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43012.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Weather alert for Himachal: Thunderstorm warning for 10 districts; weather to remain inclement until June 18.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/-mla-15-1781247702]]></guid>
                       <title><![CDATA[हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार, MLA वोट पर 15 जून को सुनवाई]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/-mla-15-1781247702]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 12 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला: हिमाचल&nbsp;प्रदेश में नगर निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। दरअसल, विगत 4 जून को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर&nbsp; नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायक के वोट पर रोक लगा दी थी।&nbsp;इसके बाद से ही अटकलें थी की प्रदेश सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है, और अब अपेक्षा अनुसार&nbsp;हाईकोर्ट के इस फैसले को सुक्खू सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। आगामी 15 जून को इसे लेकर सुनवाई होनी है।


आपको बता दें प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सिर्फ एक पार्षद&nbsp;का अंतर है। मसलन परवाणु,&nbsp;रामपुर और नाहन नगर परिषद, तथा अर्की नगर पंचायत में भाजपा के पास सिर्फ एक पार्षद अधिक है। इन सभी हलकों में कांग्रेस के विधायक है और ऐसे में यदि विधायक का वोट मान्य होता है तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का फैसला सम्भवतः टॉस से होगा। ये ही कारण है कि सुक्खू सरकार ने इस&nbsp; मसले पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिमला:</strong> हिमाचल&nbsp;प्रदेश में नगर निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर जारी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। दरअसल, विगत 4 जून को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर&nbsp; नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में विधायक के वोट पर रोक लगा दी थी।&nbsp;इसके बाद से ही अटकलें थी की प्रदेश सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है, और अब अपेक्षा अनुसार&nbsp;हाईकोर्ट के इस फैसले को सुक्खू सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। आगामी 15 जून को इसे लेकर सुनवाई होनी है।</p>

<p><br />
आपको बता दें प्रदेश के कई शहरी निकायों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सिर्फ एक पार्षद&nbsp;का अंतर है। मसलन <strong>परवाणु,&nbsp;रामपुर</strong> और <strong>नाहन</strong> नगर परिषद, तथा <strong>अर्की</strong> नगर पंचायत में भाजपा के पास सिर्फ एक पार्षद अधिक है। इन सभी हलकों में कांग्रेस के विधायक है और ऐसे में यदि विधायक का वोट मान्य होता है तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का फैसला सम्भवतः टॉस से होगा। ये ही कारण है कि सुक्खू सरकार ने इस&nbsp; मसले पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/images243006.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-pradesh-public-service-commission-declares-medical-officer-recruitment-results-162-medical-officers-selected]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने घोषित किया मेडिकल ऑफिसर भर्ती का रिजल्ट, 162 मेडिकल ऑफिसर्स का चयन ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-pradesh-public-service-commission-declares-medical-officer-recruitment-results-162-medical-officers-selected]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 12 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) ने चिकित्सा अधिकारी (जनरल विंग) ग्रुप-ए (जॉब ट्रेनी)&nbsp;भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। विभाग में कुल 232 पदों पर निकाली गई इस भर्ती के तहत आयोग ने 162 योग्य डॉक्टरों के चयन की सिफारिश की है, जबकि न्यूनतम पात्रता पूरी करने वाले अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण 70 पद रिक्त रह गए हैं। पूर्व सैनिक आश्रित वर्ग में उम्मीदवारों की कमी को देखते हुए आयोग ने राज्य सरकार के कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत 42 पदों को अन्य अवशिष्ट&nbsp; श्रेणियों में स्थानांतरित कर भरा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत परीक्षा परिणाम HPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है, जिसमें किसी भी तकनीकी त्रुटि की स्थिति में संशोधन का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा।


इस पूरी चयन प्रक्रिया को आयोग ने करीब सात महीनों के भीतर बेहद व्यवस्थित तरीके से पूरा किया, जिसकी शुरुआत 15 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी होने के साथ हुई थी। इसके बाद 22 फरवरी 2026 को स्क्रीनिंग टेस्ट और सब्जेक्ट एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) आयोजित किया गया और 16 मई को परिणाम आने के बाद 299 सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। जून महीने में आयोजित किए गए व्यक्तित्व परीक्षण के मूल्यांकन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की गई, जिसमें महिला अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया है; इसमें श्रेया वालिया ने पहला स्थान हासिल कर परीक्षा में टॉप किया है, जबकि श्रेया चंदेल दूसरे और शगुन शर्मा तीसरे स्थान पर रही हैं। टॉपर्स के अलावा रविकांत, शिवानी शर्मा, साक्षी ठाकुर, शुभांगी, आरती और दिव्या चौहान सहित कुल 162 सफल डॉक्टरों के नाम इस अंतिम सूची में शामिल हैं, जो जल्द ही प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) ने चिकित्सा अधिकारी (जनरल विंग) ग्रुप-ए (जॉब ट्रेनी)&nbsp;भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। विभाग में कुल 232 पदों पर निकाली गई इस भर्ती के तहत आयोग ने 162 योग्य डॉक्टरों के चयन की सिफारिश की है, जबकि न्यूनतम पात्रता पूरी करने वाले अभ्यर्थी उपलब्ध न होने के कारण 70 पद रिक्त रह गए हैं। पूर्व सैनिक आश्रित वर्ग में उम्मीदवारों की कमी को देखते हुए आयोग ने राज्य सरकार के कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत 42 पदों को अन्य अवशिष्ट&nbsp; श्रेणियों में स्थानांतरित कर भरा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत परीक्षा परिणाम HPPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है, जिसमें किसी भी तकनीकी त्रुटि की स्थिति में संशोधन का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">इस पूरी चयन प्रक्रिया को आयोग ने करीब सात महीनों के भीतर बेहद व्यवस्थित तरीके से पूरा किया, जिसकी शुरुआत 15 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी होने के साथ हुई थी। इसके बाद 22 फरवरी 2026 को स्क्रीनिंग टेस्ट और सब्जेक्ट एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) आयोजित किया गया और 16 मई को परिणाम आने के बाद 299 सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। जून महीने में आयोजित किए गए व्यक्तित्व परीक्षण के मूल्यांकन के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की गई, जिसमें महिला अभ्यर्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया है; इसमें श्रेया वालिया ने पहला स्थान हासिल कर परीक्षा में टॉप किया है, जबकि श्रेया चंदेल दूसरे और शगुन शर्मा तीसरे स्थान पर रही हैं। टॉपर्स के अलावा रविकांत, शिवानी शर्मा, साक्षी ठाकुर, शुभांगी, आरती और दिव्या चौहान सहित कुल 162 सफल डॉक्टरों के नाम इस अंतिम सूची में शामिल हैं, जो जल्द ही प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों में अपनी सेवाएं शुरू करेंगे&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43004.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal-Pradesh-Public-Service-Commission-declares-Medical-Officer-recruitment-results-162-Medical-Officers-selected]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-western-disturbance-to-become-active-in-the-state-from-today-rain-expected-over-the-next-six-days]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: प्रदेश में आज से पश्चिमी विक्षोभ होगा एक्टिव, अगले छह दिन बारिश के आसार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-western-disturbance-to-become-active-in-the-state-from-today-rain-expected-over-the-next-six-days]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 11 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। पहाड़ों पर इससे अगले छह दिन बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने आज व कल कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में भारी ओलावृष्टि-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलो में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछेक क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। 13 व 14 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला जिला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 व 16 जून वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर जरूर पड़ेगा, लेकिन राज्य के कुछेक भागों में हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है।

IMD के मुताबिक- राज्य में अगल छह दिनों के दौरान तापमान में तीन से चार डिग्री की कमी आएगी। बीते बुधवार तक अधिकांश शहरों का पारा सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक अधिक बना हुआ है। मगर आज से इसमे गिरावट आएगी। पहाड़ों के साथ साथ राज्य के मैदानी इलाकों में भी इससे मौसम सुहावना होगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। पहाड़ों पर इससे अगले छह दिन बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने आज व कल कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में भारी ओलावृष्टि-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलो में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान कुछेक क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। 13 व 14 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला जिला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 व 16 जून वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर जरूर पड़ेगा, लेकिन राज्य के कुछेक भागों में हल्की बारिश जारी रहने की संभावना है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">IMD के मुताबिक- राज्य में अगल छह दिनों के दौरान तापमान में तीन से चार डिग्री की कमी आएगी। बीते बुधवार तक अधिकांश शहरों का पारा सामान्य से 2 से 5 डिग्री तक अधिक बना हुआ है। मगर आज से इसमे गिरावट आएगी। पहाड़ों के साथ साथ राज्य के मैदानी इलाकों में भी इससे मौसम सुहावना होगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43001.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Himachal: Western Disturbance to become active in the state from today; rain expected over the next six days.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-pradesh-expects-rain-for-the-next-six-days-yellow-storm-alert-issued-for-three-districts]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में आगामी 6 दिन बारिश के आसार, 3 जिलों में तूफान का येलो अलर्ट जारी ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-pradesh-expects-rain-for-the-next-six-days-yellow-storm-alert-issued-for-three-districts]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 02 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह से रुक रुक कर बारिश हो रही है। आगामी छह दिन भी प्रदेश में बारिश दौर जारी रह सकता है। मौसम में बदलाव और बारिश के बाद पहाड़ों पर मौसम सुहावना हो गया है। देशभर से प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे टूरिस्ट सुहावने मौसम का आनंद उठा रहे हैं।

वहीं शिमला समेत राज्य के ज्यादातर भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। मौसम विभाग की मानें तो राज्य के कुछेक भागों में आज भी हल्की बारिश हो सकती है। 3 जून को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में आंधी व तूफान का यलो अलर्ट दिया गया है, जबकि 4 जून को किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में चेतावनी जारी की गई।

इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। वही 5 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिला में यलो अलर्ट दिया गया है। 6 और 7 जून को भी बारिश जारी रहने का अनुमान है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह से रुक रुक कर बारिश हो रही है। आगामी छह दिन भी प्रदेश में बारिश दौर जारी रह सकता है। मौसम में बदलाव और बारिश के बाद पहाड़ों पर मौसम सुहावना हो गया है। देशभर से प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे टूरिस्ट सुहावने मौसम का आनंद उठा रहे हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वहीं शिमला समेत राज्य के ज्यादातर भागों में आज सुबह से ही धूप खिली हुई है। मौसम विभाग की मानें तो राज्य के कुछेक भागों में आज भी हल्की बारिश हो सकती है। 3 जून को चंबा, कांगड़ा और कुल्लू में आंधी व तूफान का यलो अलर्ट दिया गया है, जबकि 4 जून को किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोड़कर अन्य सभी जिलों में चेतावनी जारी की गई।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। वही 5 जून को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिला में यलो अलर्ट दिया गया है। 6 और 7 जून को भी बारिश जारी रहने का अनुमान है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42996.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal Pradesh expects rain for the next six days; yellow storm alert issued for three districts]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-pradesh-issues-rain-alert-till-june-6-hailstorm-also-likely-weather-update]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में 6 जून तक बारिश का अलर्ट,ओलावृष्टि की भी संभावना: जाने मौसम अपडेट ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-pradesh-issues-rain-alert-till-june-6-hailstorm-also-likely-weather-update]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 01 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर आज भी जारी है। आगामी दिनों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र&nbsp; शिमला के अनुसार, 1 से 6 जून तक राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होगी।
IMD ने इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि 3 जून से प्रदेश में मौसम संबंधी गतिविधियां और तेज होंगी।

मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि निचले और मैदानी क्षेत्रों में भी वर्षा दर्ज की जा सकती है। 3, 5 और 6 जून को शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर और सोलन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

इससे पहले, 31 मई को मौसम विभाग ने शिमला, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया था। हालांकि, 1 और 2 जून के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं थी। 3 जून से फिर कई जिलों में खराब मौसम की स्थिति बनने की आशंका है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में दृश्यता कम होने, सड़कों पर फिसलन बढ़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अतिरिक्त, बागवानी और कृषि फसलों, विशेषकर सेब, गुठलीदार फलों और मौसमी सब्जियों को तेज हवाओं तथा ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचने की आशंका है।

किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 3 से 6 जून के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर आज भी जारी है। आगामी दिनों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र&nbsp; शिमला के अनुसार, 1 से 6 जून तक राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होगी।<br />
IMD ने इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि 3 जून से प्रदेश में मौसम संबंधी गतिविधियां और तेज होंगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि निचले और मैदानी क्षेत्रों में भी वर्षा दर्ज की जा सकती है। 3, 5 और 6 जून को शिमला, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर और सोलन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इससे पहले, 31 मई को मौसम विभाग ने शिमला, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया था। हालांकि, 1 और 2 जून के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं थी। 3 जून से फिर कई जिलों में खराब मौसम की स्थिति बनने की आशंका है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मौसम विभाग के पूर्वानुमान अनुसार आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में दृश्यता कम होने, सड़कों पर फिसलन बढ़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति भी बन सकती है। इसके अतिरिक्त, बागवानी और कृषि फसलों, विशेषकर सेब, गुठलीदार फलों और मौसमी सब्जियों को तेज हवाओं तथा ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचने की आशंका है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">किन्नौर और लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 3 से 6 जून के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42994.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal Pradesh issues rain alert till June 6, hailstorm also likely: Weather update]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/shimla-police-maintains-excellent-traffic-arrangements-during-tourist-season-720-lakh-vehicles-enter-the-city-in-a-month]]></guid>
                       <title><![CDATA[पर्यटन सीज़न में शिमला पुलिस की उत्कृष्ट यातायात व्यवस्था, एक महीने में 7.20 लाख वाहनों ने किया शहर में प्रवेश ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/shimla-police-maintains-excellent-traffic-arrangements-during-tourist-season-720-lakh-vehicles-enter-the-city-in-a-month]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 29 May 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[पर्यटन सीज़न के दौरान शिमला में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु शिमला पुलिस की व्यापक एवं सुनियोजित व्यवस्थाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 01 मई से 27 मई&nbsp; तक लगभग 7,20,000 वाहनों ने शिमला शहर में प्रवेश किया, और भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही होने बाद भी शिमला शहर में जाम की स्थिति देखने को नहीं मिली।&nbsp;

शिमला पुलिस द्वारा पूर्व नियोजित ट्रैफिक प्रबंधन, NCC ट्रैफिक वालंटियर्स, सिविल ट्रैफिक वालंटियर्स,अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी तथा लगातार फील्ड मॉनिटरिंग के माध्यम से यातायात को निरंतर सुचारू रखा गया। पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने दिन-रात मेहनत कर यह सुनिश्चित किया कि स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

वही जब प्रयटकों से फीडबैक लिया गया, तो अधिकांश पर्यटकों ने यातायात व्यवस्था की सराहना करते हुए शिमला पुलिस का धन्यवाद किया। पर्यटकों ने कहा कि उन्हें शहर में घूमने, पार्किंग तथा यातायात संचालन के दौरान किसी प्रकार की बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पर्यटन सीज़न के दौरान शिमला में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने हेतु शिमला पुलिस की व्यापक एवं सुनियोजित व्यवस्थाओं के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 01 मई से 27 मई&nbsp; तक लगभग 7,20,000 वाहनों ने शिमला शहर में प्रवेश किया, और भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही होने बाद भी शिमला शहर में जाम की स्थिति देखने को नहीं मिली।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला पुलिस द्वारा पूर्व नियोजित ट्रैफिक प्रबंधन, NCC ट्रैफिक वालंटियर्स, सिविल ट्रैफिक वालंटियर्स,अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी तथा लगातार फील्ड मॉनिटरिंग के माध्यम से यातायात को निरंतर सुचारू रखा गया। पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने दिन-रात मेहनत कर यह सुनिश्चित किया कि स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वही जब प्रयटकों से फीडबैक लिया गया, तो अधिकांश पर्यटकों ने यातायात व्यवस्था की सराहना करते हुए शिमला पुलिस का धन्यवाद किया। पर्यटकों ने कहा कि उन्हें शहर में घूमने, पार्किंग तथा यातायात संचालन के दौरान किसी प्रकार की बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42992.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Shimla Police maintains excellent traffic arrangements during tourist season, 7.20 lakh vehicles enter the city in a month]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/chances-of-rain-in-himachal-today-and-tomorrow-know-the-weather-update]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में आज और कल बारिश के आसार, जाने मौसम अपडेट ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/chances-of-rain-in-himachal-today-and-tomorrow-know-the-weather-update]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 29 May 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में आज सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। राज्य में आज और कल बारिश के आसार हैं, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी ओलावृष्टि और तूफान की संभावना जताई है।

इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। तेज आंधी और ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों की फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

कल भी प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। 31 मई से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन 2 जून तक कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी जारी रह सकती है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में आज सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं। राज्य में आज और कल बारिश के आसार हैं, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी ओलावृष्टि और तूफान की संभावना जताई है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। तेज आंधी और ओलावृष्टि से किसानों और बागवानों की फसलों को नुकसान होने की आशंका है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कल भी प्रदेश में मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। 31 मई से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन 2 जून तक कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी जारी रह सकती है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42991.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Chances of rain in Himachal today and tomorrow, know the weather update]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-yellow-heatwave-alert-issued-for-eight-districts-today-rain-expected-from-this-day-weather-updates]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: आठ जिलों में आज हीटवेव का येलो अलर्ट, इस दिन से बारिश के आसार: जाने मौसम अपडेट  ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachal-yellow-heatwave-alert-issued-for-eight-districts-today-rain-expected-from-this-day-weather-updates]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 27 May 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल&nbsp; प्रदेश के आठ जिलों में आज भीषण गर्मी का पूर्वानुमान है। दिन के वक्त अधिकांश शहरों का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक ज्यादा रहेगा। इससे सुबह 11 बजे के बाद लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग (IMD) ने आज ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। वही वीरवार को भी ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिन के वक्त इन जिलों में भी गर्मी परेशान करेगी।

राज्य के अधिकांश शहरों का पारा पहले ही सामान्य से 3 से 4 डिग्री अधिक चल रहा है। ऊना का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। राहत की बात यह है कल दोपहर बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के आसार है। इसका असर अगले 72 घंटे तक यानी 30 मई तक रहेगा।&nbsp;

मौसम विभाग&nbsp; ने 28 और 29 मई को राज्य में भारी ओलावृष्टि, तेज तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान चलने का पूर्वानुमान है। राज्य के कुछेक भागों में 60 किलोमीटर की रफ्तार से भी हवाएं चल सकती है। तेज आंधी व ओलावृष्टि से किसानों-बागवानों की फसलों को नुकसान हो सकता है।

28 मई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट दिया गया, जबकि 29 मई को कांगड़ा, कुल्लू मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य जिलों में येलो अलर्ट दिया गया है। ऐसे में कल और परसों बारिश के बाद भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार है। 30 मई को भी कुछेक क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 31 मई व 1 जून को वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल&nbsp; प्रदेश के आठ जिलों में आज भीषण गर्मी का पूर्वानुमान है। दिन के वक्त अधिकांश शहरों का तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक ज्यादा रहेगा। इससे सुबह 11 बजे के बाद लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग (IMD) ने आज ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, मंडी, शिमला और सिरमौर जिला में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। वही वीरवार को भी ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिन के वक्त इन जिलों में भी गर्मी परेशान करेगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राज्य के अधिकांश शहरों का पारा पहले ही सामान्य से 3 से 4 डिग्री अधिक चल रहा है। ऊना का तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। राहत की बात यह है कल दोपहर बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के आसार है। इसका असर अगले 72 घंटे तक यानी 30 मई तक रहेगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मौसम विभाग&nbsp; ने 28 और 29 मई को राज्य में भारी ओलावृष्टि, तेज तूफान को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान चलने का पूर्वानुमान है। राज्य के कुछेक भागों में 60 किलोमीटर की रफ्तार से भी हवाएं चल सकती है। तेज आंधी व ओलावृष्टि से किसानों-बागवानों की फसलों को नुकसान हो सकता है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">28 मई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट दिया गया, जबकि 29 मई को कांगड़ा, कुल्लू मंडी और शिमला जिला में ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी दी गई है। लाहौल स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य जिलों में येलो अलर्ट दिया गया है। ऐसे में कल और परसों बारिश के बाद भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार है। 30 मई को भी कुछेक क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 31 मई व 1 जून को वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42990.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Himachal: Yellow heatwave alert issued for eight districts today, rain expected from this day: Weather updates]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/shimla-district-police-has-made-extensive-preparations-to-deal-with-the-increasing-traffic-during-the-tourist-season-and-additional-police-force-has-been-deployed]]></guid>
                       <title><![CDATA[पर्यटन सीजन में बढ़ते यातायात को लेकर जिला शिमला पुलिस की व्यापक तैयारी, अतिरिक्त पुलिस बल किया गया तैनात ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/shimla-district-police-has-made-extensive-preparations-to-deal-with-the-increasing-traffic-during-the-tourist-season-and-additional-police-force-has-been-deployed]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 24 May 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ती वाहनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए जिला शिमला पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक प्रबंधन उपाय लागू किए गए हैं। बढ़ते यातायात दबाव के बीच आम नागरिकों एवं पर्यटकों की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बेहतर निगरानी व्यवस्था तथा नवीन यातायात प्रबंधन उपाय अपनाए गए हैं।

यातायात प्रबंधन को और सुदृढ़ करने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। इसी प्रकार ट्रैफिक राइडर्स की संख्या बढ़ाई गई है ताकि विभिन्न स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया एवं यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त&nbsp; ट्रैफिक वॉलंटियर्स भी इस अभियान से जुड़े हैं तथा आगे और स्वयंसेवकों को भी इस पहल से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।

शहर में यातायात की स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक इंटरसेप्टर वाहन का उपयोग किया जा रहा है, जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित होकर यातायात प्रबंधन में सहायता प्रदान कर रहा है।

प्रभावी पर्यवेक्षण एवं निगरानी के उद्देश्य से शिमला शहर को 5 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिनकी निगरानी 5 एनजीओ-1 अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में यातायात की स्थिति पर बेहतर नियंत्रण एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित हो रहे हैं।

ऊपरी शिमला की ओर जाने वाले पर्यटक वाहनों को शोघी से मेहली बाईपास मार्ग के माध्यम से सुगमता से भेजा जा रहा है, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात दबाव को कम करने में सहायता मिल रही है।

इसके अतिरिक्त जिला शिमला पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नागरिकों एवं पर्यटकों को यातायात संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं, वैकल्पिक मार्गों की जानकारी तथा आवश्यक परामर्श समय-समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

पिछले तीन दिनों के दौरान सोलन से शिमला की ओर तथा शिमला से सोलन की ओर 70000 से ज्यादा वाहनों के आवागमन को सुचारू रूप से सफल बनाया गया है। इसके अतिरिक्त 25000 से ज्यादा अन्य राज्यों के वाहन भी शिमला क्षेत्र में आवागमन करते हुए दर्ज किए गए।

वाहनों की इस अत्यधिक संख्या तथा पंचायत चुनावों में पुलिस बल के डिप्लॉयमेंट के बावजूद&nbsp; जिला शिमला पुलिस द्वारा की गई प्रभावी योजना, अतिरिक्त बल की तैनाती तथा निरंतर निगरानी के परिणामस्वरूप यातायात को सुचारु बनाए रखने में सफलता प्राप्त हुई है। जिला शिमला पुलिस भविष्य में भी सड़क सुरक्षा एवं नागरिक सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसी प्रकार कार्य करती रहेगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ती वाहनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए जिला शिमला पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक प्रबंधन उपाय लागू किए गए हैं। बढ़ते यातायात दबाव के बीच आम नागरिकों एवं पर्यटकों की सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बेहतर निगरानी व्यवस्था तथा नवीन यातायात प्रबंधन उपाय अपनाए गए हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">यातायात प्रबंधन को और सुदृढ़ करने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है। इसी प्रकार ट्रैफिक राइडर्स की संख्या बढ़ाई गई है ताकि विभिन्न स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया एवं यातायात नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त&nbsp; ट्रैफिक वॉलंटियर्स भी इस अभियान से जुड़े हैं तथा आगे और स्वयंसेवकों को भी इस पहल से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शहर में यातायात की स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक इंटरसेप्टर वाहन का उपयोग किया जा रहा है, जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित होकर यातायात प्रबंधन में सहायता प्रदान कर रहा है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रभावी पर्यवेक्षण एवं निगरानी के उद्देश्य से शिमला शहर को 5 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिनकी निगरानी 5 एनजीओ-1 अधिकारियों द्वारा की जा रही है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में यातायात की स्थिति पर बेहतर नियंत्रण एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित हो रहे हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ऊपरी शिमला की ओर जाने वाले पर्यटक वाहनों को शोघी से मेहली बाईपास मार्ग के माध्यम से सुगमता से भेजा जा रहा है, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात दबाव को कम करने में सहायता मिल रही है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इसके अतिरिक्त जिला शिमला पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नागरिकों एवं पर्यटकों को यातायात संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाएं, वैकल्पिक मार्गों की जानकारी तथा आवश्यक परामर्श समय-समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पिछले तीन दिनों के दौरान सोलन से शिमला की ओर तथा शिमला से सोलन की ओर 70000 से ज्यादा वाहनों के आवागमन को सुचारू रूप से सफल बनाया गया है। इसके अतिरिक्त 25000 से ज्यादा अन्य राज्यों के वाहन भी शिमला क्षेत्र में आवागमन करते हुए दर्ज किए गए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वाहनों की इस अत्यधिक संख्या तथा पंचायत चुनावों में पुलिस बल के डिप्लॉयमेंट के बावजूद&nbsp; जिला शिमला पुलिस द्वारा की गई प्रभावी योजना, अतिरिक्त बल की तैनाती तथा निरंतर निगरानी के परिणामस्वरूप यातायात को सुचारु बनाए रखने में सफलता प्राप्त हुई है। जिला शिमला पुलिस भविष्य में भी सड़क सुरक्षा एवं नागरिक सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसी प्रकार कार्य करती रहेगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42989.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Shimla district police has made extensive preparations to deal with the increasing traffic during the tourist season, and additional police force has been deployed.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item></channel>
            </rss>