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               <title>First Verdict Media - Sirmaur</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Tue, 29 Sep 2026 23:08:27 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - Sirmaur</title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/rain-alert-in-himachal-heavy-rain-warning-for-sirmaur-shimla-and-solan-also-advised-to-stay-alert]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में बारिश का अलर्ट: सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी, शिमला-सोलन भी रहें सतर्क]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal/rain-alert-in-himachal-heavy-rain-warning-for-sirmaur-shimla-and-solan-also-advised-to-stay-alert]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 25 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में 26 सितंबर से मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 26 से 29 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। सबसे ज्यादा असर 27 और 28 सितंबर को देखने को मिल सकता है।&nbsp;
सिरमौर में 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 26 सितंबर को भी जिले में भारी बारिश की चेतावनी है। शिमला और सोलन में 27 व 28 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मंडी में भी 27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।&nbsp;
इस दौरान कई क्षेत्रों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है। 27 सितंबर को कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।&nbsp;
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कों, अचानक बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। खासकर सिरमौर, सोलन, शिमला और मंडी के पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी रहेगी।&nbsp;
बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे प्रदेश में मौसम ठंडा होने लगेगा।&nbsp;
वहीं, हिमाचल में मानसून अब विदाई के चरण में है। इसके बावजूद पश्चिमी विक्षोभ और बदलती मौसम प्रणाली के कारण सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल रहा है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में 26 सितंबर से मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 26 से 29 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। सबसे ज्यादा असर 27 और 28 सितंबर को देखने को मिल सकता है।&nbsp;<br />
सिरमौर में 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 26 सितंबर को भी जिले में भारी बारिश की चेतावनी है। शिमला और सोलन में 27 व 28 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मंडी में भी 27 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है।&nbsp;<br />
इस दौरान कई क्षेत्रों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी है। 27 सितंबर को कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।&nbsp;<br />
मौसम विभाग ने बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कों, अचानक बढ़ते जलस्तर और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। खासकर सिरमौर, सोलन, शिमला और मंडी के पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी रहेगी।&nbsp;<br />
बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे प्रदेश में मौसम ठंडा होने लगेगा।&nbsp;<br />
वहीं, हिमाचल में मानसून अब विदाई के चरण में है। इसके बावजूद पश्चिमी विक्षोभ और बदलती मौसम प्रणाली के कारण सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश का एक और दौर देखने को मिल रहा है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43237.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Rain alert in Himachal: Heavy rain warning for Sirmaur; Shimla and Solan also advised to stay alert.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/plot-to-sell-10-tonnes-of-tmt-bars-and-dump-the-truck-into-a-gorge-in-sirmaur-police-investigation-uncovers-the-whole-scheme]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर में 10 टन सरिया बेचकर ट्रक खाई में गिराने की साजिश! पुलिस जांच ने खोला पूरा राज]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/plot-to-sell-10-tonnes-of-tmt-bars-and-dump-the-truck-into-a-gorge-in-sirmaur-police-investigation-uncovers-the-whole-scheme]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 12 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सिरमौर में एक ट्रक को खाई में गिराकर हादसा दिखाने की कोशिश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्रक में लदा करीब 10 टन सरिया पहले रास्ते में ही बेच दिया गया। इसके बाद ट्रक को खाई में गिरा दिया गया, ताकि पूरा मामला दुर्घटना जैसा लगे।
मामले की जांच शुरू होने के बाद पुलिस को घटनाक्रम पर संदेह हुआ। जांच में सामने आए तथ्यों ने कथित साजिश की परतें खोलनी शुरू कर दीं। पुलिस ने ट्रक और सरिए से जुड़े मामले की जांच करते हुए उन परिस्थितियों को खंगाला, जिनमें सरिया गायब हुआ और ट्रक खाई में पहुंचा।
पुलिस जांच के चलते साजिश को हादसे का रूप देने की कोशिश नाकाम हो गई। अब मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि सरिया किसे बेचा गया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और ट्रक को खाई में गिराने के पीछे असली मकसद क्या था।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सिरमौर में एक ट्रक को खाई में गिराकर हादसा दिखाने की कोशिश का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ट्रक में लदा करीब 10 टन सरिया पहले रास्ते में ही बेच दिया गया। इसके बाद ट्रक को खाई में गिरा दिया गया, ताकि पूरा मामला दुर्घटना जैसा लगे।<br />
मामले की जांच शुरू होने के बाद पुलिस को घटनाक्रम पर संदेह हुआ। जांच में सामने आए तथ्यों ने कथित साजिश की परतें खोलनी शुरू कर दीं। पुलिस ने ट्रक और सरिए से जुड़े मामले की जांच करते हुए उन परिस्थितियों को खंगाला, जिनमें सरिया गायब हुआ और ट्रक खाई में पहुंचा।<br />
पुलिस जांच के चलते साजिश को हादसे का रूप देने की कोशिश नाकाम हो गई। अब मामले में यह पता लगाया जा रहा है कि सरिया किसे बेचा गया, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और ट्रक को खाई में गिराने के पीछे असली मकसद क्या था।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43207.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Plot to sell 10 tonnes of TMT bars and dump the truck into a gorge in Sirmaur! Police investigation uncovers the whole scheme.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sports/sirmours-star-shines-in-thailand-fencer-vishwajeet-wins-a-medal-for-the-country]]></guid>
                       <title><![CDATA[थाईलैंड में चमका सिरमौर का सितारा, तलवारबाज विश्वजीत ने जीता देश के लिए मेडल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sports/sirmours-star-shines-in-thailand-fencer-vishwajeet-wins-a-medal-for-the-country]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 10 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के रहने वाले तलवारबाज विश्वजीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और हिमाचल का नाम रोशन किया है। थाईलैंड में आयोजित तलवारबाजी प्रतियोगिता में विश्वजीत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए मेडल जीता।
विश्वजीत की इस उपलब्धि से उनके परिवार, कोच और पूरे सिरमौर में खुशी की लहर है। उन्होंने कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
विश्वजीत का सफर यहीं खत्म नहीं हुआ है। उनका अगला बड़ा सपना ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। इसके लिए वह लगातार अपनी फिटनेस, तकनीक और खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में जुटे हैं।
विश्वजीत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीतना उनके लिए गर्व का पल है। अब वह ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का सपना पूरा करना चाहते हैं।
सिरमौर के इस युवा खिलाड़ी की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हिमाचल की प्रतिभाएं मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकती हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के रहने वाले तलवारबाज विश्वजीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और हिमाचल का नाम रोशन किया है। थाईलैंड में आयोजित तलवारबाजी प्रतियोगिता में विश्वजीत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए मेडल जीता।<br />
विश्वजीत की इस उपलब्धि से उनके परिवार, कोच और पूरे सिरमौर में खुशी की लहर है। उन्होंने कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।<br />
विश्वजीत का सफर यहीं खत्म नहीं हुआ है। उनका अगला बड़ा सपना ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है। इसके लिए वह लगातार अपनी फिटनेस, तकनीक और खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में जुटे हैं।<br />
विश्वजीत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के लिए पदक जीतना उनके लिए गर्व का पल है। अब वह ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का सपना पूरा करना चाहते हैं।<br />
सिरमौर के इस युवा खिलाड़ी की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हिमाचल की प्रतिभाएं मेहनत और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकती हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43190.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sirmour's star shines in Thailand; fencer Vishwajeet wins a medal for the country.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/deluge-of-sewage-in-sirmaur-filth-outside-government-ration-warehouse-insidequestions-raised-about-the-sanitation-system]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर में सीवरेज का सैलाब! बाहर गंदगी , अंदर सरकारी राशन का गोदाम - स्वछता व्यवस्ता पर उठे सवाल ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/deluge-of-sewage-in-sirmaur-filth-outside-government-ration-warehouse-insidequestions-raised-about-the-sanitation-system]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 03 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[जिले में स्वच्छता व्यवस्था की बदहाली का एक मामला सामने आया है। सरकारी राशन के गोदाम के बाहर सीवरेज का गंदा पानी बहता नजर आ रहा है, जबकि इसी परिसर के अंदर सरकारी राशन का भंडारण किया जा रहा है। हालातों ने स्वच्छता और राशन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीवरेज के पानी और गंदगी के कारण गोदाम के आसपास बदबू और अस्वच्छ माहौल बना हुआ है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि जहां आम लोगों के लिए वितरित होने वाला सरकारी राशन रखा जाता है, वहां साफ-सफाई और स्वच्छता के इंतजाम इतने बदहाल कैसे हो सकते हैं?

मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि सीवरेज की समस्या का जल्द समाधान किया जाए और राशन के भंडारण स्थल की साफ-सफाई व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

फिलहाल यह मामला सरकारी व्यवस्थाओं और स्वच्छता इंतजामों पर सवाल खड़े कर रहा है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जिले में स्वच्छता व्यवस्था की बदहाली का एक मामला सामने आया है। सरकारी राशन के गोदाम के बाहर सीवरेज का गंदा पानी बहता नजर आ रहा है, जबकि इसी परिसर के अंदर सरकारी राशन का भंडारण किया जा रहा है। हालातों ने स्वच्छता और राशन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सीवरेज के पानी और गंदगी के कारण गोदाम के आसपास बदबू और अस्वच्छ माहौल बना हुआ है। ऐसे में लोगों का सवाल है कि जहां आम लोगों के लिए वितरित होने वाला सरकारी राशन रखा जाता है, वहां साफ-सफाई और स्वच्छता के इंतजाम इतने बदहाल कैसे हो सकते हैं?</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि सीवरेज की समस्या का जल्द समाधान किया जाए और राशन के भंडारण स्थल की साफ-सफाई व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">फिलहाल यह मामला सरकारी व्यवस्थाओं और स्वच्छता इंतजामों पर सवाल खड़े कर रहा है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43151.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Deluge of sewage in Sirmaur! Filth outside, government ration warehouse inside—questions raised about the sanitation system.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/health/news-update/hospital-negligence-in-himachal-oxygen-ran-out-90-year-old-woman-writhed-in-agony-for-two-hours-nurse-accused-of-misconduct-uproar-at-the-hospital]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में अस्पताल की लापरवाही ? ऑक्सीजन खत्म , 90 साल की वृद्धा 2  घंटे तक तड़पती रही : नर्स पर बदसलूकी का आरोप, अस्पताल में हंगामा ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/health/news-update/hospital-negligence-in-himachal-oxygen-ran-out-90-year-old-woman-writhed-in-agony-for-two-hours-nurse-accused-of-misconduct-uproar-at-the-hospital]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 03 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
पांवटा साहिब (सिरमौर): सिविल अस्पताल पांवटा साहिब की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है
जानकारी के मुताबिक, गिरिपार क्षेत्र के बाईला-गुजोन गांव की मुंगा देवी अस्पताल के फीमेल वार्ड में उपचाराधीन हैं। परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे उनका ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी स्टाफ से नया सिलिंडर लगाने का आग्रह किया, लेकिन करीब 5 बजे तक ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। इस दौरान वृद्धा को सांस लेने में परेशानी होती रही।
परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने दोबारा ऑक्सीजन लगाने की मांग की तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और पुलिस बुलाने की धमकी दी गई। एक शिकायत में तीमारदारों को वार्ड के दरवाजे से बाहर धक्का देने और अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिजनों का दावा है कि कथित बदसलूकी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास है। अस्पताल में तत्काल सुनवाई नहीं होने पर परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और ऑक्सीजन सिलिंडर बदलकर वृद्धा को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई गई।&nbsp;
मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन डॉ. राकेश प्रताप ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है तो इसकी जानकारी जुटाकर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में ऑक्सीजन उपलब्द करवाने में हुई देरी और नर्स पर लगाए गए बदसलूकी के आरोपों की जांच बाकी है I सम्बंधित&nbsp; स्टाफ पक्ष सामने आने के बाद ही स्तिथि पूरी तरह स्पष्ट होगी I


]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<pre aria-label="Translated text: Hospital negligence in Himachal? Oxygen ran out, 90-year-old woman writhed in agony for two hours; nurse accused of misconduct, uproar at the hospital." class="tw-data-text tw-text-large tw-ta" data-placeholder="Translation" data-ved="2ahUKEwjIpM376tGWAxWe2TgGHXPnHDEQ3ewLegQIDxAV" dir="ltr" id="tw-target-text" role="text" style="font-size: 28px; line-height: 36px; background-color: rgb(248, 249, 250); border-width: medium; border-style: none; border-color: currentcolor; border-image: none; padding: 2px 0.14em 2px 0px; position: relative; margin: -2px 0px; resize: none; font-family: inherit; overflow: hidden; width: 619.896px; outline: 0px; color: rgb(31, 31, 31);" tabindex="-1">
<span style="font-size:18px;">पांवटा साहिब (सिरमौर): सिविल अस्पताल पांवटा साहिब की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है
जानकारी के मुताबिक, गिरिपार क्षेत्र के बाईला-गुजोन गांव की मुंगा देवी अस्पताल के फीमेल वार्ड में उपचाराधीन हैं। परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब 3 बजे उनका ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी स्टाफ से नया सिलिंडर लगाने का आग्रह किया, लेकिन करीब 5 बजे तक ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। इस दौरान वृद्धा को सांस लेने में परेशानी होती रही।
परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने दोबारा ऑक्सीजन लगाने की मांग की तो कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और पुलिस बुलाने की धमकी दी गई। एक शिकायत में तीमारदारों को वार्ड के दरवाजे से बाहर धक्का देने और अभद्र भाषा इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। परिजनों का दावा है कि कथित बदसलूकी की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास है। अस्पताल में तत्काल सुनवाई नहीं होने पर परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और ऑक्सीजन सिलिंडर बदलकर वृद्धा को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई गई।&nbsp;
मामले को लेकर परिजनों ने अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी नाहन डॉ. राकेश प्रताप ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है तो इसकी जानकारी जुटाकर तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले में ऑक्सीजन उपलब्द करवाने में हुई देरी और नर्स पर लगाए गए बदसलूकी के आरोपों की जांच बाकी है I सम्बंधित&nbsp; स्टाफ पक्ष सामने आने के बाद ही स्तिथि पूरी तरह स्पष्ट होगी I
</span>
</pre>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43148.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Hospital negligence in Himachal? Oxygen ran out, 90-year-old woman writhed in agony for two hours; nurse accused of misconduct, uproar at the hospital.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/river-turns-into-a-peril-mi-17-becomes-a-savior-elderly-man-stranded-in-himachal-rescued-by-helicopter-young-man-also-saved-safely]]></guid>
                       <title><![CDATA[नदी बनी मुसीबत, MI-17 बना मसीहा! हिमाचल में फंसे बुजुर्ग का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू, युवक को भी सुरक्षित बचाया]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/river-turns-into-a-peril-mi-17-becomes-a-savior-elderly-man-stranded-in-himachal-rescued-by-helicopter-young-man-also-saved-safely]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. नाहन विकासखंड की बर्मा पापड़ी पंचायत में रूण नदी का जलस्तर बढ़ने से तेज बहाव में फंसे बुजुर्ग बनारसी दास को सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद से एयरलिफ्ट किया गया. वहीं, बुजुर्ग को बचाने के लिए नदी में उतरा युवक अंशुल भी कई घंटे तक नदी के बीच फंसा रहा, जिसे बाद में रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
&nbsp;सीस मामले में नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से संपर्क किया गया. इसके बाद सेना से सहायता मांगी गई और सहारनपुर से एमआई-17 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के लिए पहुंचा. विधायक के मुताबिक रेस्क्यू के समय अंधेरा हो चुका था, लेकिन हेलीकॉप्टर रात में भी रेस्क्यू उड़ान भरने में सक्षम था. बुजुर्ग को सुरक्षित निकाल लिया गया है और युवक अंशुल को भी रेस्क्यू टीम की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में मंगलवार को मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. नाहन विकासखंड की बर्मा पापड़ी पंचायत में रूण नदी का जलस्तर बढ़ने से तेज बहाव में फंसे बुजुर्ग बनारसी दास को सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद से एयरलिफ्ट किया गया. वहीं, बुजुर्ग को बचाने के लिए नदी में उतरा युवक अंशुल भी कई घंटे तक नदी के बीच फंसा रहा, जिसे बाद में रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया.<br />
&nbsp;सीस मामले में नाहन के विधायक अजय सोलंकी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से संपर्क किया गया. इसके बाद सेना से सहायता मांगी गई और सहारनपुर से एमआई-17 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के लिए पहुंचा. विधायक के मुताबिक रेस्क्यू के समय अंधेरा हो चुका था, लेकिन हेलीकॉप्टर रात में भी रेस्क्यू उड़ान भरने में सक्षम था. बुजुर्ग को सुरक्षित निकाल लिया गया है और युवक अंशुल को भी रेस्क्यू टीम की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43142.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[River turns into a peril, Mi-17 becomes a savior! Elderly man stranded in Himachal rescued by helicopter; young man also saved safely.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/states-elephant-corridor-to-be-built-in-sirmaur-crops-will-not-be-damaged]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमाैर में बनेगा प्रदेश का एलिफेंट कॉरिडोर, नहीं पहुंचाएंगे खेतों को नुकसान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/states-elephant-corridor-to-be-built-in-sirmaur-crops-will-not-be-damaged]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 02 Sep 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;

खेतों में खड़ी फसल और जंगलों के बीच बढ़ती हाथियों की आवाजाही नई चुनौती बनती जा रही है। उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क से निकलकर पांवटा साहिब से नाहन तक पहुंच रहे जंगली हाथियों को सुरक्षित प्राकृतिक रास्ता उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश का पहला एलिफेंट कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। हाथियों की लगातार बढ़ रही गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य स्तर पर इसे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा। सिरमौर में हाथियों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। पिछले कई वर्षों से यमुना नदी का जलस्तर कम होने के दौरान उत्तराखंड की तरफ से हाथी सिरमौर की सीमा में प्रवेश करते रहे हैं। पहले हाथियों की आवाजाही मुख्य रूप से बातामंडी, बहराल और सतीवाला तक सीमित रहती थी, जहां वे गन्ने और धान की फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद लौट जाते थे। अब हाथियों की आवाजाही पांवटा साहिब से लेकर नाहन सीमा तक देखी जा रही है।&nbsp;
हाथियों की बदलती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। उनके आने-जाने के पारंपरिक रास्तों, ठहरने वाले स्थानों और पसंदीदा क्षेत्रों का डाटा जीपीएस और आधुनिक मैपिंग टूल्स की मदद से जुटाया जा रहा है। इस डाटा को डिजिटल रूप में तैयार कर हाथियों के वास्तविक मूवमेंट रूट को चिह्नित किया जाएगा। इसी आधार पर प्रस्तावित कॉरिडोर की भौगोलिक सीमाएं तय होंगी।
हाथियों के संरक्षण की दिशा में हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2024 में प्रोजेक्ट एलिफेंट में नामित किया जा चुका है। इसके बाद मानव और हाथी संघर्ष को कम करने और हाथियों के संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार राजाजी नेशनल पार्क से सटे सिरमौर के जंगलों में पानी की उपलब्धता, घना वन क्षेत्र और अनुकूल वातावरण हाथियों को आकर्षित कर रहा है। पांवटा साहिब के वन मंडलाधिकारी वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि एलिफेंट कॉरिडोर को मंजूरी मिलने के बाद हाथियों के संरक्षण के लिए केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है।
वर्ष 2024 से अब तक हाथियों के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है। कोलर के समीप रात के समय हाथी के हमले में एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई थी। वहीं, वर्ष 2024 में पानीवाला खाला-सैनवाला के समीप जंगली हाथी ने शिलाई क्षेत्र के एक भेड़पालक पर हमला किया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी।
हाथियों की बढ़ती दस्तक का सीधा असर किसानों की खेती पर भी पड़ा है। इस वर्ष बहराल, सतीवाला, बातामंडी और माजरा-सतीवाला में हाथियों द्वारा आम के बगीचों और धान की फसल को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आए हैं। बातामंडी, बहराल और पातलियां क्षेत्र में पिछले करीब एक दशक से हाथियों के डर के कारण कई किसानों ने गन्ने की खेती छोड़ दी है या इसका रकबा काफी कम कर दिया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">खेतों में खड़ी फसल और जंगलों के बीच बढ़ती हाथियों की आवाजाही नई चुनौती बनती जा रही है। उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क से निकलकर पांवटा साहिब से नाहन तक पहुंच रहे जंगली हाथियों को सुरक्षित प्राकृतिक रास्ता उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश का पहला एलिफेंट कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। हाथियों की लगातार बढ़ रही गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य स्तर पर इसे मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के समक्ष रखा जाएगा। सिरमौर में हाथियों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। पिछले कई वर्षों से यमुना नदी का जलस्तर कम होने के दौरान उत्तराखंड की तरफ से हाथी सिरमौर की सीमा में प्रवेश करते रहे हैं। पहले हाथियों की आवाजाही मुख्य रूप से बातामंडी, बहराल और सतीवाला तक सीमित रहती थी, जहां वे गन्ने और धान की फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद लौट जाते थे। अब हाथियों की आवाजाही पांवटा साहिब से लेकर नाहन सीमा तक देखी जा रही है।&nbsp;<br />
हाथियों की बदलती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। उनके आने-जाने के पारंपरिक रास्तों, ठहरने वाले स्थानों और पसंदीदा क्षेत्रों का डाटा जीपीएस और आधुनिक मैपिंग टूल्स की मदद से जुटाया जा रहा है। इस डाटा को डिजिटल रूप में तैयार कर हाथियों के वास्तविक मूवमेंट रूट को चिह्नित किया जाएगा। इसी आधार पर प्रस्तावित कॉरिडोर की भौगोलिक सीमाएं तय होंगी।<br />
हाथियों के संरक्षण की दिशा में हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2024 में प्रोजेक्ट एलिफेंट में नामित किया जा चुका है। इसके बाद मानव और हाथी संघर्ष को कम करने और हाथियों के संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार राजाजी नेशनल पार्क से सटे सिरमौर के जंगलों में पानी की उपलब्धता, घना वन क्षेत्र और अनुकूल वातावरण हाथियों को आकर्षित कर रहा है। पांवटा साहिब के वन मंडलाधिकारी वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि एलिफेंट कॉरिडोर को मंजूरी मिलने के बाद हाथियों के संरक्षण के लिए केंद्र से विशेष आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है।<br />
वर्ष 2024 से अब तक हाथियों के हमले में दो लोगों की मौत हो चुकी है। कोलर के समीप रात के समय हाथी के हमले में एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई थी। वहीं, वर्ष 2024 में पानीवाला खाला-सैनवाला के समीप जंगली हाथी ने शिलाई क्षेत्र के एक भेड़पालक पर हमला किया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी।<br />
हाथियों की बढ़ती दस्तक का सीधा असर किसानों की खेती पर भी पड़ा है। इस वर्ष बहराल, सतीवाला, बातामंडी और माजरा-सतीवाला में हाथियों द्वारा आम के बगीचों और धान की फसल को नुकसान पहुंचाने के मामले सामने आए हैं। बातामंडी, बहराल और पातलियां क्षेत्र में पिछले करीब एक दशक से हाथियों के डर के कारण कई किसानों ने गन्ने की खेती छोड़ दी है या इसका रकबा काफी कम कर दिया है।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[State's elephant corridor to be built in Sirmaur; crops will not be damaged.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/monsoon-arrives-warning-issued-for-heavy-to-very-heavy-rainfall-in-several-districts-of-himachal]]></guid>
                       <title><![CDATA[मानसून ने दी दस्तक, हिमाचल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news-update/himachal/monsoon-arrives-warning-issued-for-heavy-to-very-heavy-rainfall-in-several-districts-of-himachal]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 01 Jul 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष मानसून अपनी सामान्य तिथि 25 जून के मुकाबले करीब 5 दिन की देरी से प्रदेश पहुंचा है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा मंडी तक पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इसके पूरे प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरी तरह से किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, शिमला और मंडी के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है, जबकि कांगड़ा और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

स्थिति को देखते हुए 2 से 4&nbsp; जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज बारिश के साथ भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क अवरोध और निचले इलाकों में जलभराव जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है। वहीं 5 और 6 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले 24 घंटों के दौरान गोहर में सबसे अधिक 55 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मंडी में 45.6 मिमी, बरठीं में 42.6 मिमी, रायपुर मैदान में 41 मिमी, सुंदरनगर में 31.4 मिमी और कांगड़ा में 30.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं मैदानी जिला ऊना राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा टालने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस वर्ष मानसून अपनी सामान्य तिथि 25 जून के मुकाबले करीब 5 दिन की देरी से प्रदेश पहुंचा है। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा मंडी तक पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इसके पूरे प्रदेश में सक्रिय होने की संभावना है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">मौसम विभाग के अनुसार मानसून पूरी तरह से किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, शिमला और मंडी के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है, जबकि कांगड़ा और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">स्थिति को देखते हुए 2 से 4&nbsp; जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज बारिश के साथ भूस्खलन, अचानक बाढ़, सड़क अवरोध और निचले इलाकों में जलभराव जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है। वहीं 5 और 6 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">पिछले 24 घंटों के दौरान गोहर में सबसे अधिक 55 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा मंडी में 45.6 मिमी, बरठीं में 42.6 मिमी, रायपुर मैदान में 41 मिमी, सुंदरनगर में 31.4 मिमी और कांगड़ा में 30.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं मैदानी जिला ऊना राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा टालने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।</span></p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Monsoon arrives; warning issued for heavy to very heavy rainfall in several districts of Himachal.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/weather-alert-for-himachal-thunderstorm-warning-for-10-districts-weather-to-remain-inclement-until-june-18]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में मौसम का अलर्ट: 10 जिलों में आंधी-तूफान की चेतावनी, 18 जून तक खराब रहेगा मौसम]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/breaking-news/weather-alert-for-himachal-thunderstorm-warning-for-10-districts-weather-to-remain-inclement-until-june-18]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 13 Jun 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
&nbsp;










शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदल ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में 18 जून तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश के कारण जलभराव और छोटे नालों के उफान पर आने की भी आशंका जताई है। पर्वतीय इलाकों में दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित हो सकता है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन भूस्खलन, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। वहीं किसानों और बागवानों को भी मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बागवानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फलों की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।








]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<div data-is-intersecting="true" data-turn-id-container="4ab3c905-3d75-48de-b394-772849021e29">
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<p data-end="290" data-start="0"><span style="font-size:18px;"><span style="font-family:times new roman,times,serif;"><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट बदल ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।</span></span></p>

<p data-end="779" data-start="292"><span style="font-size:18px;"><span style="font-family:times new roman,times,serif;">मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में <strong>18 जून</strong> तक मौसम खराब बना रह सकता है। इस दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश के कारण जलभराव और छोटे नालों के उफान पर आने की भी आशंका जताई है। पर्वतीय इलाकों में दृश्यता कम होने से यातायात प्रभावित हो सकता है, जिससे वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</span></span></p>

<p data-end="1275" data-is-last-node="" data-is-only-node="" data-start="781"><span style="font-size:18px;"><span style="font-family:times new roman,times,serif;">बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन भूस्खलन, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। वहीं किसानों और बागवानों को भी मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार अपने कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बागवानी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फलों की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।</span></span></p>
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]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall43012.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Weather alert for Himachal: Thunderstorm warning for 10 districts; weather to remain inclement until June 18.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/nahanstatelevelinternationalwomensdaycelebrationtobeheldonmarch8]]></guid>
                       <title><![CDATA[नाहन: 8 मार्च को आयोजित होगा राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/nahanstatelevelinternationalwomensdaycelebrationtobeheldonmarch8]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 06 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास निदेशालय के तत्वावधान में 8 मार्च 2026 को जिला सिरमौर के नाहन में राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

उन्होंने बताया कि समारोह में प्रदेश भर से लगभग 10,000 महिलाएं भाग लेंगी। इनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, महिला मंडलों की सदस्य, पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों की निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होंगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह आयोजन महिलाओं के ऐतिहासिक संघर्षों, उपलब्धियों और समाज में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लैंगिक समानता तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नाहन में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे उनकी उद्यमिता और कौशल को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार अवसर भी उपलब्ध होंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास निदेशालय के तत्वावधान में 8 मार्च 2026 को जिला सिरमौर के नाहन में राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है। विभाग के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उन्होंने बताया कि समारोह में प्रदेश भर से लगभग 10,000 महिलाएं भाग लेंगी। इनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, महिला मंडलों की सदस्य, पंचायती राज संस्थाओं तथा शहरी स्थानीय निकायों की निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल होंगी। प्रवक्ता ने कहा कि यह आयोजन महिलाओं के ऐतिहासिक संघर्षों, उपलब्धियों और समाज में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लैंगिक समानता तथा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उन्होंने बताया कि नाहन में आयोजित इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और विशेष स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे उनकी उद्यमिता और कौशल को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार अवसर भी उपलब्ध होंगे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42625.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Nahan_State_level_International_Women's_Day_celebration_to_be_held_on_March_8]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/amassivefirebrokeoutin-nauhradharsirmaurwheresixpeopleandsomecattlewereburntalive]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर के नौहराधार में भीषण अग्निकांड, 6 लोगों समेत कुछ मवेशी जिं**दा ज**ले ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/amassivefirebrokeoutin-nauhradharsirmaurwheresixpeopleandsomecattlewereburntalive]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 15 Jan 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में बीती रात एक घर में भीषण आग लगने से छह लोग जिंदा जल गए। एक व्यक्ति को घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया। घायल को सोलन अस्पताल रेफर किया गया है। इसकी पुष्टि SDM संगड़ाह सुनील कायथ ने की है। मृतकों में तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल है। DC सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि यह हादसा नौहराधार के तलांगना गांव में बीती रात तीन बजे के बीच पेश आया। घर पर कुल सात लोग थे। इनमें से छह की मौत हो गई है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट से भड़की। इससे घर पर रखा LPG सिलेंडर फट गया, जिससे आग ने पूरे मकान को चपेट में ले लिया।

इस अग्निकांड में कुछ पालतू मवेशियों के भी जिंदा जलने की सूचना है। आग लगने के बाद मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह आग मोहन लाल के घर पर लगी। बताया जा रहा है कि सभी मृतक मोहन लाल के घर पर मेहमानी करने आए थे और हादसे का शिकार हो गए। मृतकों की पहचान नरेश पुत्र दुर्गा सिंह निवासी टपरोली राजगढ़, तृप्ता पत्नी नरेश निवासी टपरोली राजगढ़, कविता पत्नी लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, सारिका पुत्री लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, कृतिका पुत्री लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, कृतिक पुत्र लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल के तौर पर हुई है। वहीं लोकेंद्र इस हादसे में गंभीर रूप से घायल है। यानी लोकेंद्र की पत्नी और तीन बच्चे इस हादसे में नहीं रहे।

SDM संगड़ाह सुनील कायथ ने बताया कि अग्निकांड की सूचना के बाद वह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि आग अब कंट्रोल है। राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए है। जिस जगह यह हादसा हुआ है, वह अति दुर्गम क्षेत्र है। वहां मोबाइल सिंग्नल भी मौजूद नहीं है। इससे हादसे की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में बीती रात एक घर में भीषण आग लगने से छह लोग जिंदा जल गए। एक व्यक्ति को घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया। घायल को सोलन अस्पताल रेफर किया गया है। इसकी पुष्टि SDM संगड़ाह सुनील कायथ ने की है। मृतकों में तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल है। DC सिरमौर प्रियंका वर्मा ने बताया कि यह हादसा नौहराधार के तलांगना गांव में बीती रात तीन बजे के बीच पेश आया। घर पर कुल सात लोग थे। इनमें से छह की मौत हो गई है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट से भड़की। इससे घर पर रखा LPG सिलेंडर फट गया, जिससे आग ने पूरे मकान को चपेट में ले लिया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अग्निकांड में कुछ पालतू मवेशियों के भी जिंदा जलने की सूचना है। आग लगने के बाद मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह आग मोहन लाल के घर पर लगी। बताया जा रहा है कि सभी मृतक मोहन लाल के घर पर मेहमानी करने आए थे और हादसे का शिकार हो गए। मृतकों की पहचान नरेश पुत्र दुर्गा सिंह निवासी टपरोली राजगढ़, तृप्ता पत्नी नरेश निवासी टपरोली राजगढ़, कविता पत्नी लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, सारिका पुत्री लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, कृतिका पुत्री लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल, कृतिक पुत्र लोकेंद्र निवासी खुमड़ा चौपाल के तौर पर हुई है। वहीं लोकेंद्र इस हादसे में गंभीर रूप से घायल है। यानी लोकेंद्र की पत्नी और तीन बच्चे इस हादसे में नहीं रहे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">SDM संगड़ाह सुनील कायथ ने बताया कि अग्निकांड की सूचना के बाद वह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने बताया कि आग अब कंट्रोल है। राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए है। जिस जगह यह हादसा हुआ है, वह अति दुर्गम क्षेत्र है। वहां मोबाइल सिंग्नल भी मौजूद नहीं है। इससे हादसे की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42297.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[A_massive_fire_broke_out_in Nauhradhar_Sirmaur_where_six_people_and_some_cattle_were_burnt_alive.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachalthereisnoheartsurgeoninthisdistrictpatientsaregettingtreatmentfromoutsidestates]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: इस जिले में एक भी हार्ट सर्जन नहीं, बाहरी राज्यों से इलाज करवा रहें मरीज]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachalthereisnoheartsurgeoninthisdistrictpatientsaregettingtreatmentfromoutsidestates]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 16 Nov 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में स्थित डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मुद्दे पर भाजपा-कांग्रेस के बीच चल रही जबरदस्त राजनीति का खामियाजा सिरमौर जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है।&nbsp;लिहाजा यहां की जनता बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के दावे भी यहां खोखले साबित हो रहे है। इसका बड़ा अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला सिरमौर की लगभग 6 लाख की आबादी के दिलों का एक भी रखवाला नहीं है।&nbsp;

दरअसल हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार के गृह जिला सिरमौर में एक भी हार्ट सर्जन (हृदय रोग विशेषज्ञ) नहीं है। जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान मेडिकल काॅलेज एवं नाहन अस्पताल भी इससे अछूता है। जिला वासी एक लंबे अरसे से उनके दिलों के रखवाले का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज के नाम पर चल रही राजनीति के बीच इस गंभीर मुद्दे पर कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे है। सरकार चाहे इससे पहले भाजपा की रही है या फिर वर्तमान सरकार के 3 साल का कार्यकाल हो, इस मुद्दे पर किसी ने कुछ नहीं किया। हालांकि घोषणाओं के बीच पिछली भाजपा सरकार सत्ता से अलविदा जरूर हो गई।

मेडिकल कॉलेज ही नहीं सिरमौर में किसी सरकारी अस्पताल में भी हार्ट सर्जन नहीं है। यहां राजगढ़, पांवटा साहिब, ददाहू और सराहाँ सिविल अस्पताल हैं इसके अलावा संगड़ाह और शिलाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं। विडम्बना ये है कि मेडिकल कॉलेज के शिफ्टिंग और विस्तारीकरण को कांग्रेस और भाजपा आमने सामने रही है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कोई जिक्र नहीं किया जा रहा है। जबकि मरीज मेडिकल कॉलेज ही नहीं जिले के अन्य अस्पतालों में भी सुविधाओं की कमी का दंश झेल रहे हैं।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के मुख्यालय नाहन में स्थित डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के मुद्दे पर भाजपा-कांग्रेस के बीच चल रही जबरदस्त राजनीति का खामियाजा सिरमौर जिले की जनता को भुगतना पड़ रहा है।&nbsp;लिहाजा यहां की जनता बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर खुद को ठगा सा महसूस कर रही है। उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के दावे भी यहां खोखले साबित हो रहे है। इसका बड़ा अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला सिरमौर की लगभग 6 लाख की आबादी के दिलों का एक भी रखवाला नहीं है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">दरअसल हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार के गृह जिला सिरमौर में एक भी हार्ट सर्जन (हृदय रोग विशेषज्ञ) नहीं है। जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान मेडिकल काॅलेज एवं नाहन अस्पताल भी इससे अछूता है। जिला वासी एक लंबे अरसे से उनके दिलों के रखवाले का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज के नाम पर चल रही राजनीति के बीच इस गंभीर मुद्दे पर कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे है। सरकार चाहे इससे पहले भाजपा की रही है या फिर वर्तमान सरकार के 3 साल का कार्यकाल हो, इस मुद्दे पर किसी ने कुछ नहीं किया। हालांकि घोषणाओं के बीच पिछली भाजपा सरकार सत्ता से अलविदा जरूर हो गई।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मेडिकल कॉलेज ही नहीं सिरमौर में किसी सरकारी अस्पताल में भी हार्ट सर्जन नहीं है। यहां राजगढ़, पांवटा साहिब, ददाहू और सराहाँ सिविल अस्पताल हैं इसके अलावा संगड़ाह और शिलाई में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहे हैं। विडम्बना ये है कि मेडिकल कॉलेज के शिफ्टिंग और विस्तारीकरण को कांग्रेस और भाजपा आमने सामने रही है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कोई जिक्र नहीं किया जा रहा है। जबकि मरीज मेडिकल कॉलेज ही नहीं जिले के अन्य अस्पतालों में भी सुविधाओं की कमी का दंश झेल रहे हैं।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41999.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal_There_is_no_heart_surgeon_in_this_district_patients_are_getting_treatment_from_outside_states.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmaur-prisoner-serving-life-sentence-in-nahan-jail-escapes]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर: नाहन जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा कैदी हुआ फरार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmaur-prisoner-serving-life-sentence-in-nahan-jail-escapes]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sat, 08 Nov 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश की नाहन जेल में हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा 65 वर्षीय एक कैदी ओपन जेल से फरार हो गया है। पुलिस व जेल की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। फिलहाल कई घंटे बीत जाने के बाद भी कैदी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। नाहन जेल अधीक्षक भानु प्रकाश शर्मा ने कैदी के फरार होने की पुष्टि की है। नाहन जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी का आचरण काफी अच्छा था। इस वजह से उसे ओपन जेल में मंदिर में पूजा पाठ और साफ सफाई का काम सौंपा गया था।&nbsp;

जानकारी के अनुसार जेल से फरार हरियाणा के शाहबाद निवासी हरीश कुमार हत्या के एक मामले में 20 साल की सजा काट चुका है। हैरान करने वाली बात यह है कि उसके अच्छे व्यवहार के चलते लंबे समय से उसे ओपन जेल में रखा गया था। पिछले 6 माह से उसे मंदिर की देखरेख, पूजा अर्चना और साफ-सफाई का काम सौंपा गया था। इस बीच गत वीरवार की शाम वह मंदिर से फरार हो गया। जेल प्रशासन को इसकी भनक तब लगी जब रोल कॉल के दौरान वह जेल से गैरहाजिर पाया गया। जिस दिन ये कैदी फरार हुआ जेल अधीक्षक भी छुट्टी पर थे।&nbsp;

सूत्रों के अनुसार कैदी हरीश की पेरोल भी मंजूर हो चुकी थी। यहां तक की इस कैदी की प्रीमेच्योर रिहाई की फाइल भी लगी हुई थी। इसके बावजूद उसने फरार होने जैसा कदम उठाया। जानकारी मिली है कि हरीश को सांस की गंभीर समस्या है, जिसकी वजह से वह ज्यादा चल-फिर भी नहीं सकता और उसका लगातार उपचार भी चल रहा था। एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया, नाहन जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा हरीश कुमार उर्फ हंसराज जेल से फरार हो गया। जिसके खिलाफ पुलिस थाना नाहन में बीएनएस की धारा 262 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस फरार कैदी की तलाश कर रही है। इन दिनों नाहन जेल इस वजह से भी चर्चा में है, क्योंकि हाल ही में जेल में सजा काट रहे दो कैदियों की एक के बाद एक अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई थी। अस्पताल जाते समय ही दोनों ने दम तोड़ा था। अब कैदी के फरार होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश की नाहन जेल में हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा 65 वर्षीय एक कैदी ओपन जेल से फरार हो गया है। पुलिस व जेल की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। फिलहाल कई घंटे बीत जाने के बाद भी कैदी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। नाहन जेल अधीक्षक भानु प्रकाश शर्मा ने कैदी के फरार होने की पुष्टि की है। नाहन जेल अधीक्षक ने बताया कि कैदी का आचरण काफी अच्छा था। इस वजह से उसे ओपन जेल में मंदिर में पूजा पाठ और साफ सफाई का काम सौंपा गया था।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जानकारी के अनुसार जेल से फरार हरियाणा के शाहबाद निवासी हरीश कुमार हत्या के एक मामले में 20 साल की सजा काट चुका है। हैरान करने वाली बात यह है कि उसके अच्छे व्यवहार के चलते लंबे समय से उसे ओपन जेल में रखा गया था। पिछले 6 माह से उसे मंदिर की देखरेख, पूजा अर्चना और साफ-सफाई का काम सौंपा गया था। इस बीच गत वीरवार की शाम वह मंदिर से फरार हो गया। जेल प्रशासन को इसकी भनक तब लगी जब रोल कॉल के दौरान वह जेल से गैरहाजिर पाया गया। जिस दिन ये कैदी फरार हुआ जेल अधीक्षक भी छुट्टी पर थे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सूत्रों के अनुसार कैदी हरीश की पेरोल भी मंजूर हो चुकी थी। यहां तक की इस कैदी की प्रीमेच्योर रिहाई की फाइल भी लगी हुई थी। इसके बावजूद उसने फरार होने जैसा कदम उठाया। जानकारी मिली है कि हरीश को सांस की गंभीर समस्या है, जिसकी वजह से वह ज्यादा चल-फिर भी नहीं सकता और उसका लगातार उपचार भी चल रहा था। एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया, नाहन जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा हरीश कुमार उर्फ हंसराज जेल से फरार हो गया। जिसके खिलाफ पुलिस थाना नाहन में बीएनएस की धारा 262 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस फरार कैदी की तलाश कर रही है। इन दिनों नाहन जेल इस वजह से भी चर्चा में है, क्योंकि हाल ही में जेल में सजा काट रहे दो कैदियों की एक के बाद एक अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई थी। अस्पताल जाते समय ही दोनों ने दम तोड़ा था। अब कैदी के फरार होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41933.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sirmaur-Prisoner-serving-life-sentence-in-Nahan-jail-escapes]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/sirmaur-cm-sukhu-virtually-inaugurated-and-laid-the-foundation-stone-of-projects-worth-rs-2950-crore]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर: सीएम सुक्खू ने वर्चुअली किया 29.50 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/sirmaur-cm-sukhu-virtually-inaugurated-and-laid-the-foundation-stone-of-projects-worth-rs-2950-crore]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 31 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सिरमौर जिले के श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के लिए 29.50 करोड़ रुपये लागत की पांच विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास आज नई दिल्ली से वर्चुअली किए। उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक अजय सोलंकी, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी माइना बाग में मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने संगड़ाह तहसील के माइना बाग में 6.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन और नोहराधार में 2.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सब मार्किट यार्ड चरण-1 का उद्घाटन किया। उन्होंने दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली रेणुका जी-ददाहू बिरला सड़क, जल शक्ति विभाग उप मंडल नोहराधार के अंतर्गत रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए 17.89 करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई सुविधा और ग्राम पंचायत भराड़ी, नोहराधार के गांव चोकन, ठांडी, हरिजन बस्ती चुमानु और कुदाग के लिए 94 लाख की ग्रेविटी जलापूर्ति योजना रोंडी पुल का शिलान्यास किया।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सिरमौर जिले के श्री रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के लिए 29.50 करोड़ रुपये लागत की पांच विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास आज नई दिल्ली से वर्चुअली किए। उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक अजय सोलंकी, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी माइना बाग में मौजूद थे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मुख्यमंत्री ने संगड़ाह तहसील के माइना बाग में 6.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भवन और नोहराधार में 2.20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सब मार्किट यार्ड चरण-1 का उद्घाटन किया। उन्होंने दो करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली रेणुका जी-ददाहू बिरला सड़क, जल शक्ति विभाग उप मंडल नोहराधार के अंतर्गत रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लिए 17.89 करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई सुविधा और ग्राम पंचायत भराड़ी, नोहराधार के गांव चोकन, ठांडी, हरिजन बस्ती चुमानु और कुदाग के लिए 94 लाख की ग्रेविटी जलापूर्ति योजना रोंडी पुल का शिलान्यास किया।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41857.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sirmaur-CM-Sukhu-virtually-inaugurated-and-laid-the-foundation-stone-of-projects-worth-Rs-29.50-crore]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachalinternationalshrirenukajifairwillbeginfromtoday]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: आज से होगा अंर्तराष्ट्रीय श्री रेणुका जी मेले का आगाज]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/himachalinternationalshrirenukajifairwillbeginfromtoday]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 31 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[आज&nbsp;यानी शुक्रवार&nbsp;से&nbsp;अंतरराष्ट्रीय&nbsp;श्री रेणुका जी मेला शुरू हो रहा है, जो 5 नवम्बर तक चलेगा। यह मेला हिमाचल प्रदेश के प्राचीन मेलों में से एक है। हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी से पूर्णिमा तक उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री रेणुका जी में यह मेला मनाया जाता है। जनश्रुति के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम जामू कोटी से वर्ष में एक बार अपनी मां रेणुका जी से मिलने आते है। हर किसी को इस वक्त का बेसब्री से इंतजार होता है, जब उनके आराध्य देव भगवान परशुराम अपनी मां से मिलने तीर्थ स्थल श्री रेणुका जी पहुंचते हैं। मां-बेटे के इस मिलन का गवाह बनने के लिए हर वर्ष काफी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।&nbsp;

यह मेला श्री रेणुका मां के वात्सल्य एवं पुत्र की श्रद्धा का एक अनूठा संगम है, जो असंख्य लोगों की अटूट श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक है। मां श्री रेणुका जी यहां नारी देह के आकार की प्राकृतिक झील, जिसे मां रेणुका जी की प्रतिछाया भी माना जाता है,&nbsp;के रूप में&nbsp;स्थित है। इसी झील के किनारे मां रेणुका जी व भगवान परशुराम जी का भव्य मंदिर स्थित हैं। 6 दिवसीय इस मेले में आसपास के कई ग्राम देवता अपनी-अपनी पालकी में सुसज्जित होकर मां-बेटे के इस दिव्य मिलन में शामिल होते हैं। कई धार्मिक अनुष्ठान सांस्कृतिक कार्यक्रम, हवन, यज्ञ, प्रवचन एवं हर्षोल्लास इस मेले का भाग है।&nbsp;

महाभारत और अन्य पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार महर्षि जमदग्नि तपस्या में लीन रहते थे। ऋषि पत्नी रेणुका पतिव्रता रहते हुए धर्म कर्म में लीन रहती थी। वे प्रतिदिन गिरि गंगा का जल पीते थे और उससे ही स्नान करते थे। उनकी पतिव्रता पत्नी रेणुका कच्चे घड़े में नदी से पानी लाती थी। सतीत्व के कारण वह कच्चा घड़ा कभी नहीं गलता था। एक दिन जब वह पानी लेकर सरोवर से आ रही थी तो दूर एक गंधर्व जोड़े को कामक्रीड़ा में व्यस्त देखकर वो भी क्षण भर के लिए विचलित हो गई और आश्रम देरी से पहुंची। ऋषि जमदग्नि ने अन्तर्ज्ञान से जब विलंब का कारण जाना तो वो रेणुका के सतीत्व के प्रति आशंकित हो गए और उन्होंने एक-एक करके अपने 100 पुत्रों को माता का वध करने का आदेश दिया, परंतु उनमें से केवल पुत्र परशुराम ने ही पिता की आज्ञा का पालन करते हुए माता का वध कर दिया।&nbsp;

इस कृत्य से प्रसन्न होकर ऋषि जमदग्नि ने पुत्र से वर मांगने को कहा तो भगवान परशुराम ने अपने पिता से माता को पुनर्जीवित करने का वरदान मांगा। माता रेणुका ने वचन दिया कि वो प्रति वर्ष इस दिन डेढ़ घड़ी के लिए अपने पुत्र भगवान परशुराम से मिला करेंगी। तब से हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को भगवान परशुराम अपनी माता रेणुका से मिलने आते है और यह मेला आरंभ होता है। तब की डेढ़ घड़ी आज के डेढ़ दिन के बराबर है और पहले यह मेला डेढ़ दिन का हुआ करता था। जो वर्तमान में लोगों की श्रद्धा व जनसैलाब को देखते हुए&nbsp;कार्तिक शुक्ल दशमी से पूर्णिमा तक आयोजित किया जाता है।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size: 18px;">आज&nbsp;</span><span style="font-size: 18px;">यानी शुक्रवार&nbsp;से&nbsp;अंतरराष्ट्रीय&nbsp;</span><span style="font-size: 18px; text-align: justify;">श्री रेणुका जी</span><span style="font-size: 18px;"> मेला शुरू हो रहा है, जो 5 नवम्बर तक चलेगा। यह मेला हिमाचल प्रदेश के प्राचीन मेलों में से एक है। हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की दशमी से पूर्णिमा तक उत्तरी भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री रेणुका जी में यह मेला मनाया जाता है। जनश्रुति के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम जामू कोटी से वर्ष में एक बार अपनी मां रेणुका जी से मिलने आते है। हर किसी को इस वक्त का बेसब्री से इंतजार होता है, जब उनके आराध्य देव भगवान परशुराम अपनी मां से मिलने तीर्थ स्थल श्री रेणुका जी पहुंचते हैं। मां-बेटे के इस मिलन का गवाह बनने के लिए हर वर्ष काफी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">यह मेला श्री रेणुका मां के वात्सल्य एवं पुत्र की श्रद्धा का एक अनूठा संगम है, जो असंख्य लोगों की अटूट श्रद्धा एवं आस्था का प्रतीक है। मां श्री रेणुका जी यहां नारी देह के आकार की प्राकृतिक झील, जिसे मां रेणुका जी की प्रतिछाया भी माना जाता है,</span>&nbsp;<span style="font-size:18px;">के रूप में&nbsp;स्थित है। इसी झील के किनारे मां रेणुका जी व भगवान परशुराम जी का भव्य मंदिर स्थित हैं। 6 दिवसीय इस मेले में आसपास के कई ग्राम देवता अपनी-अपनी पालकी में सुसज्जित होकर मां-बेटे के इस दिव्य मिलन में शामिल होते हैं। कई धार्मिक अनुष्ठान सांस्कृतिक कार्यक्रम, हवन, यज्ञ, प्रवचन एवं हर्षोल्लास इस मेले का भाग है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">महाभारत और अन्य पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार महर्षि जमदग्नि तपस्या में लीन रहते थे। ऋषि पत्नी रेणुका पतिव्रता रहते हुए धर्म कर्म में लीन रहती थी। वे प्रतिदिन गिरि गंगा का जल पीते थे और उससे ही स्नान करते थे। उनकी पतिव्रता पत्नी रेणुका कच्चे घड़े में नदी से पानी लाती थी। सतीत्व के कारण वह कच्चा घड़ा कभी नहीं गलता था। एक दिन जब वह पानी लेकर सरोवर से आ रही थी तो दूर एक गंधर्व जोड़े को कामक्रीड़ा में व्यस्त देखकर वो भी क्षण भर के लिए विचलित हो गई और आश्रम देरी से पहुंची। ऋषि जमदग्नि ने अन्तर्ज्ञान से जब विलंब का कारण जाना तो वो रेणुका के सतीत्व के प्रति आशंकित हो गए और उन्होंने एक-एक करके अपने 100 पुत्रों को माता का वध करने का आदेश दिया, परंतु उनमें से केवल पुत्र परशुराम ने ही पिता की आज्ञा का पालन करते हुए माता का वध कर दिया।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस कृत्य से प्रसन्न होकर ऋषि जमदग्नि ने पुत्र से वर मांगने को कहा तो भगवान परशुराम ने अपने पिता से माता को पुनर्जीवित करने का वरदान मांगा। माता रेणुका ने वचन दिया कि वो प्रति वर्ष इस दिन डेढ़ घड़ी के लिए अपने पुत्र भगवान परशुराम से मिला करेंगी। तब से हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को भगवान परशुराम अपनी माता रेणुका से मिलने आते है और यह मेला आरंभ होता है। तब की डेढ़ घड़ी आज के डेढ़ दिन के बराबर है और पहले यह मेला डेढ़ दिन का हुआ करता था। जो वर्तमान में लोगों की श्रद्धा व जनसैलाब को देखते हुए&nbsp;कार्तिक शुक्ल दशमी से पूर्णिमा तक आयोजित किया जाता है।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41853.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal_International_Shri_Renuka_Ji_Fair_will_begin_from_today]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/bjp-attacks-sukhu-government-seeks-donations-at-panchayat-level-for-shri-renuka-ji-fair]]></guid>
                       <title><![CDATA[सुक्खू सरकार पर भाजपा का हमला, श्रीरेणुका जी मेले के लिए पंचायत स्तर पर दान मांग रही सरकार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/politics/himachal/bjp-attacks-sukhu-government-seeks-donations-at-panchayat-level-for-shri-renuka-ji-fair]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 30 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी अंतरराष्ट्रीय मेले के आयोजन के लिए सरकार की ओर से पंचायत स्तर तक लोगों से भगवान के नाम पर दान मांगा जा रहा है। जिस पर हिमाचल भाजपा प्रवक्ता ने सुक्खू सरकार पर यह कहते हुए निशाना साधा कि प्रदेश सरकार अब पंचायत स्तर तक भीख मांगना शुरू कर चुकी है। विनय गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मेलों के आयोजन के लिए प्रदेश की सुक्खू सरकार अपने अधिकारियों से भीख मंगवा रही है। जिला पंचायत अधिकारी सिरमौर द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग कांग्रेस सरकार तथा जिला प्रशासन को जमकर कर कोस रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के संबंध में जिला सिरमौर के पंचायत अधिकारी द्वारा जिले के खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि मेले के आयोजन के लिए पंचायतों से दान राशि एकत्रित की जाए। इसी तर्ज पर सभी खंड विकास अधिकारियों ने जिले की सभी पंचायतों को पत्र लिखकर श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के लिए दान राशि देने का आदेश किया है। विनय गुप्ता ने कहा कि इससे मां श्रीरेणुकाजी और भगवान श्री परशुराम से जुड़ी आस्था को भी ठेस पहुंची है, और लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके गांव-गांव से भीख के जरिए पैसा इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष ही इस सरकार ने राज्य के अनेक धार्मिक मंदिरों से सरकारी योजनाओं को चलाने के लिए उपायुक्तों को पत्र लिखकर सरकार को पैसा देने का फरमान जारी किया था, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को भारी ठेस पहुंची थी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है, जब किसी अंतरराष्ट्रीय मेले के आयोजन के लिए सरकार की ओर से पंचायत स्तर तक लोगों से भगवान के नाम पर दान मांगा जा रहा है। जिस पर हिमाचल भाजपा प्रवक्ता ने सुक्खू सरकार पर यह कहते हुए निशाना साधा कि प्रदेश सरकार अब पंचायत स्तर तक भीख मांगना शुरू कर चुकी है। विनय गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मेलों के आयोजन के लिए प्रदेश की सुक्खू सरकार अपने अधिकारियों से भीख मंगवा रही है। जिला पंचायत अधिकारी सिरमौर द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को लिखा गया पत्र सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग कांग्रेस सरकार तथा जिला प्रशासन को जमकर कर कोस रहे हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने कहा कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के संबंध में जिला सिरमौर के पंचायत अधिकारी द्वारा जिले के खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि मेले के आयोजन के लिए पंचायतों से दान राशि एकत्रित की जाए। इसी तर्ज पर सभी खंड विकास अधिकारियों ने जिले की सभी पंचायतों को पत्र लिखकर श्रीरेणुकाजी मेले के आयोजन के लिए दान राशि देने का आदेश किया है। विनय गुप्ता ने कहा कि इससे मां श्रीरेणुकाजी और भगवान श्री परशुराम से जुड़ी आस्था को भी ठेस पहुंची है, और लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके गांव-गांव से भीख के जरिए पैसा इकट्ठा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष ही इस सरकार ने राज्य के अनेक धार्मिक मंदिरों से सरकारी योजनाओं को चलाने के लिए उपायुक्तों को पत्र लिखकर सरकार को पैसा देने का फरमान जारी किया था, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को भारी ठेस पहुंची थी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41839.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[BJP-attacks-Sukhu-government-seeks-donations-at-Panchayat-level-for-Shri-Renuka-Ji-fair]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-43-roads-closed-due-to-rain-in-sirmaur-causing-heavy-damage-to-crops]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: सिरमौर में बारिश के चलते 43 सड़कें बंद, फसलों का हुआ भारी नुकसान ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-43-roads-closed-due-to-rain-in-sirmaur-causing-heavy-damage-to-crops]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 08 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही हैं। सिरमौर में भारी बारिश के चलते किसानों, बागवानो तथा आम लोगों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं जिला सिरमौर में लोक निर्माण विभाग के 43 सड़के बंद है। जिससे कि विभाग को एक करोड़ 24 लाख 30 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। 43 सड़कों में संगडाह मंडल की 7, शिलाई के 7, नाहन की पांच, राजगढ़ की 10, पांवटा साहिब की एक तथा सराहां की 13 सड़कें बुधवार को बाधित रही। इसकी अतिरिक्त भारी बारिश से रोहित पुत्र चंद देव निवासी भज्जी उपतहसील नराग के पक्के मकान को 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।&nbsp;

भारी बारिश से किसानों की मक्की, लहसुन, मटर, फ्रांसबिन, टमाटर और शिमला मिर्च की फसल को नुकसान हुआ है। वही नाहन कुमारहट्टी शिमला नेशनल हाईवे पर पानवा के समीप करीब 1 घंटे यातायात बंद रहा। यहां पर पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर हाईवे पर आ गए थे। इसके अलावा पूरे रास्ते में जगह-जगह पर छोटे-बड़े पत्थर गिरे हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। वही बिलासपुर में हुए दुखद हादसे के बाद, नाहन प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। नाहन विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े ब्लैक स्पॉट नेहली पर अब लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, नाहन वाया जमटा श्रीरेणुकाजी मार्ग को बुधवार शाम तक सभी तरह के यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

यह सुरक्षात्मक कदम इसलिए उठाया गया है, क्योंकि नेहली ब्लैक स्पॉट पर भारी भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बीते दो दिनों की बारिश के कारण यहाँ की चट्टानें रुक-रुक कर गिर रही थीं, और खतरनाक मलबा तथा चट्टानें कभी भी किसी बड़ी अनहोनी को जन्म दे सकती थीं। इस गंभीर खतरे की स्थिति को भाँपते हुए लोक निर्माण विभाग नाहन ने तुरंत पोकलैंन और अन्य मशीनरी लगाकर चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित करने और खतरनाक चट्टानों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।&nbsp;

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आलोक जवनेजा ने बताया कि मौके पर मशीनरी लगाई है और लगातार मालवा गिरने के क्रम को देखते हुए सड़क को सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए प्रशासन की अनुमति से अवरूद्ध कर दिया गया है। उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील की है और बताया कि छोटे वाहन वैकल्पिक मार्ग जमटा वाया बिरला-ददाहू होते हुए श्रीरेणुकाजी आदि क्षेत्रों की तरफ जा सकते हैं। विभाग का लक्ष्य है कि कार्य जल्द से जल्द पूरा हो, ताकि मार्ग को सुरक्षित रूप से खोला जा सके और बिलासपुर जैसे भीषण हादसे की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही हैं। सिरमौर में भारी बारिश के चलते किसानों, बागवानो तथा आम लोगों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं जिला सिरमौर में लोक निर्माण विभाग के 43 सड़के बंद है। जिससे कि विभाग को एक करोड़ 24 लाख 30 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। 43 सड़कों में संगडाह मंडल की 7, शिलाई के 7, नाहन की पांच, राजगढ़ की 10, पांवटा साहिब की एक तथा सराहां की 13 सड़कें बुधवार को बाधित रही। इसकी अतिरिक्त भारी बारिश से रोहित पुत्र चंद देव निवासी भज्जी उपतहसील नराग के पक्के मकान को 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारी बारिश से किसानों की मक्की, लहसुन, मटर, फ्रांसबिन, टमाटर और शिमला मिर्च की फसल को नुकसान हुआ है। वही नाहन कुमारहट्टी शिमला नेशनल हाईवे पर पानवा के समीप करीब 1 घंटे यातायात बंद रहा। यहां पर पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर हाईवे पर आ गए थे। इसके अलावा पूरे रास्ते में जगह-जगह पर छोटे-बड़े पत्थर गिरे हैं, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। वही बिलासपुर में हुए दुखद हादसे के बाद, नाहन प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। नाहन विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े ब्लैक स्पॉट नेहली पर अब लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, नाहन वाया जमटा श्रीरेणुकाजी मार्ग को बुधवार शाम तक सभी तरह के यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">यह सुरक्षात्मक कदम इसलिए उठाया गया है, क्योंकि नेहली ब्लैक स्पॉट पर भारी भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। बीते दो दिनों की बारिश के कारण यहाँ की चट्टानें रुक-रुक कर गिर रही थीं, और खतरनाक मलबा तथा चट्टानें कभी भी किसी बड़ी अनहोनी को जन्म दे सकती थीं। इस गंभीर खतरे की स्थिति को भाँपते हुए लोक निर्माण विभाग नाहन ने तुरंत पोकलैंन और अन्य मशीनरी लगाकर चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित करने और खतरनाक चट्टानों को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आलोक जवनेजा ने बताया कि मौके पर मशीनरी लगाई है और लगातार मालवा गिरने के क्रम को देखते हुए सड़क को सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही के लिए प्रशासन की अनुमति से अवरूद्ध कर दिया गया है। उन्होंने आम जनता से सहयोग की अपील की है और बताया कि छोटे वाहन वैकल्पिक मार्ग जमटा वाया बिरला-ददाहू होते हुए श्रीरेणुकाजी आदि क्षेत्रों की तरफ जा सकते हैं। विभाग का लक्ष्य है कि कार्य जल्द से जल्द पूरा हो, ताकि मार्ग को सुरक्षित रूप से खोला जा सके और बिलासपुर जैसे भीषण हादसे की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41682.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal-43-roads-closed-due-to-rain-in-Sirmaur-causing-heavy-damage-to-crops]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmaurdeadbodyfoundfloatingingiririverpanicinthearea]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर: गिरि नदी में तैरता मिला श*व, इलाके में दहशत ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmaurdeadbodyfoundfloatingingiririverpanicinthearea]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 05 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[राजगढ़ उपमंडल के करगाणू के समीप गिरि नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। स्थानीय लोग जब नदी किनारे पशु चरा रहे थे तो उन्हें पानी के बीच कुछ तैरता हुआ दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर पता चला कि वह एक शव है। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस चौकी यशवंतनगर को दी।

जानकारी मिलने पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि शव की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। मृतक की आयु लगभग 35 से 40 वर्ष के बीच आंकी जा रही है। शव को नागरिक अस्पताल राजगढ़ के शवगृह में रखा गया है। पुलिस ने पहचान व मृत्यु के कारणों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के थानों को भी व्यक्ति की पहचान के लिए सूचना भेजी गई है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">राजगढ़ उपमंडल के करगाणू के समीप गिरि नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। स्थानीय लोग जब नदी किनारे पशु चरा रहे थे तो उन्हें पानी के बीच कुछ तैरता हुआ दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर पता चला कि वह एक शव है। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस चौकी यशवंतनगर को दी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जानकारी मिलने पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि शव की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। मृतक की आयु लगभग 35 से 40 वर्ष के बीच आंकी जा रही है। शव को नागरिक अस्पताल राजगढ़ के शवगृह में रखा गया है। पुलिस ने पहचान व मृत्यु के कारणों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के थानों को भी व्यक्ति की पहचान के लिए सूचना भेजी गई है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41664.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sirmaur_Dead_body_found_floating_in_Giri_river_panic_in_the_area]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmaur-2-dead-on-the-spot-3-critical-after-wedding-party-car-falls-into-ditch]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर: बरातियों की कार खाई में गिरने से 2 की मौके पर मौ*त, 3 की हालत गंभीर]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmaur-2-dead-on-the-spot-3-critical-after-wedding-party-car-falls-into-ditch]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 02 Oct 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के नैनाटिक्कर ढंगयार सड़क पर दूल्हे के साथ बरात में जा रहे लोगों की कार दुर्घटनाग्रस्त हुई। ये हादसा किला कलाच के समीप वीरवार सुबह करीब 9:00 बजे के आसपास हुआ। इस कार में सवार पांच लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से तीनों घायलों को एमएमयू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सुल्तानपुर रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोलन जिला के अर्की उपमंडल के घेणा भूमती गांव से शादी की बरात पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के ढंगयार जा रही थी। जब बरात नैनाटिक्कर ढंगयार सड़क के पास पहुंची तो तो किला कलाच के समीप कार नंबर एचपी 11ए 3859 अनियंत्रित होकर करीब डेढ़ सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में वीरेंद्र और लीला दत्त की मौके पर मौत हो गई, जबकि चालक केशव, जयदेव तथा कमलचंद घायल हैं। जयदेव तथा केशव की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। पच्छाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

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]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के नैनाटिक्कर ढंगयार सड़क पर दूल्हे के साथ बरात में जा रहे लोगों की कार दुर्घटनाग्रस्त हुई। ये हादसा किला कलाच के समीप वीरवार सुबह करीब 9:00 बजे के आसपास हुआ। इस कार में सवार पांच लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से तीनों घायलों को एमएमयू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सुल्तानपुर रेफर किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सोलन जिला के अर्की उपमंडल के घेणा भूमती गांव से शादी की बरात पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के ढंगयार जा रही थी। जब बरात नैनाटिक्कर ढंगयार सड़क के पास पहुंची तो तो किला कलाच के समीप कार नंबर एचपी 11ए 3859 अनियंत्रित होकर करीब डेढ़ सौ मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में वीरेंद्र और लीला दत्त की मौके पर मौत हो गई, जबकि चालक केशव, जयदेव तथा कमलचंद घायल हैं। जयदेव तथा केशव की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। पच्छाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हादसे की जांच शुरू कर दी है।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41631.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sirmaur-2-dead-on-the-spot-3-critical-after-wedding-party-car-falls-into-ditch]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-road-transport-corporation-bus-met-with-an-accident-drivers-presence-of-mind-averted-a-major-accident]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस दुर्घटनाग्रस्त, ड्राइवर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-road-transport-corporation-bus-met-with-an-accident-drivers-presence-of-mind-averted-a-major-accident]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 30 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पथ परिवहन निगम की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है। जिला सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल के धाली डिब्बर से यह बस शिमला जा रही थी। मंगलवार सुबह 8 बजे के करीब बस का पट्टा टूटने के कारण यह दुर्घटनाग्रस्त हुई। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को पहाड़ी से टकराकर सड़क पर पलटा दिया। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। यदि बस खाई की तरफ असंतुलित हो जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। बस में आठ यात्री सवार थे। बस हादसे में चालक और परिचालक सहित महिला को चोटें आई हैं। अन्य लोगों को मामूली चोटें लगी हैं। घायलों को स्थानीय लोग अस्पताल ले गए हैं। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। पुलिस व प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। सड़क खुलवाने के लिए क्रेन मंगवाई गयी जिससे जल्द सड़क बहाल कर दी जाएगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पथ परिवहन निगम की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है। जिला सिरमौर के राजगढ़ उपमंडल के धाली डिब्बर से यह बस शिमला जा रही थी। मंगलवार सुबह 8 बजे के करीब बस का पट्टा टूटने के कारण यह दुर्घटनाग्रस्त हुई। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को पहाड़ी से टकराकर सड़क पर पलटा दिया। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। यदि बस खाई की तरफ असंतुलित हो जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था। बस में आठ यात्री सवार थे। बस हादसे में चालक और परिचालक सहित महिला को चोटें आई हैं। अन्य लोगों को मामूली चोटें लगी हैं। घायलों को स्थानीय लोग अस्पताल ले गए हैं। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। पुलिस व प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। सड़क खुलवाने के लिए क्रेन मंगवाई गयी जिससे जल्द सड़क बहाल कर दी जाएगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41607.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal-Road-Transport-Corporation-bus-met-with-an-accident-driver's-presence-of-mind-averted-a-major-accident]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-3-youths-including-2-brothers-drowned-in-paonta-yamuna-ghat-search-operation-underway]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: पांवटा यमुनाघाट में 2 सगे भाइयों सहित 3 युवक डू*बे, सर्च ऑप्रेशन जारी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-3-youths-including-2-brothers-drowned-in-paonta-yamuna-ghat-search-operation-underway]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 23 Sep 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में तीन लड़के यमुना नदी में डू*ब गए। पांवटा साहिब के यमुना घाट के पास पहले एक लड़का नहाने के लिए नदी में उतरा। उसे बचाने के लिए दो सगे भाई नदी में उतर गए और तीनों पानी के तेज बहाव में बह गए। यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे पेश आया। मगर अब तक तीनों लड़कों का सुराग नहीं मिल पाया है। स्थानीय प्रशासन ने इनकी तलाश के लिए गोताखोर बुलाए हैं। यमुना घाट के आसपास निरंतर पानी में डुबकी लगाकर लापता लड़कों की तलाश जारी हैं। तीनों लड़के शिलाई क्षेत्र के हैं। बताया जा रहा कि तीनों लड़के शिलाई के ग्वाली गांव अपने कुल देवता के स्नान के लिए हरिद्वार गए हुए थे। गांव के काफी संख्या में लोग भी देवता के साथ हरिद्वार गए थे। बीती शाम को ही ये लोग पांवटा साहिब पहुंचे। आज सुबह नदी में नहाने उतरने से यह हादसा हो गया।


पुलिस के अनुसार, सबसे पहले अमित (23) पुत्र जोगी राम नदी में नहाने उतरा। जैसे ही अमित पानी में डूबने लगा, उसे बचाने के लिए पीछे कमलेश (22) पुत्र प्रेम सिंह और उसका भाई रजनीश (20) नदी में उतरे। मगर तीनों ही&nbsp;पानी में डू*ब गए। आसपास मौजूद लोगों ने तीनों को नदी में काफी दूर तक बहते हुए देखा। SHO पांवटा साहिब देवी सिंह नेगी ने बताया- गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नदी में पानी अधिक होने से सुराग नहीं मिल पाया। एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा, DSP मानवेंद्र ठाकुर आदि अफसर मौके पर मौजूद हैं।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में तीन लड़के यमुना नदी में डू*ब गए। पांवटा साहिब के यमुना घाट के पास पहले एक लड़का नहाने के लिए नदी में उतरा। उसे बचाने के लिए दो सगे भाई नदी में उतर गए और तीनों पानी के तेज बहाव में बह गए। यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे पेश आया। मगर अब तक तीनों लड़कों का सुराग नहीं मिल पाया है। स्थानीय प्रशासन ने इनकी तलाश के लिए गोताखोर बुलाए हैं। यमुना घाट के आसपास निरंतर पानी में डुबकी लगाकर लापता लड़कों की तलाश जारी हैं। तीनों लड़के शिलाई क्षेत्र के हैं। बताया जा रहा कि तीनों लड़के शिलाई के ग्वाली गांव अपने कुल देवता के स्नान के लिए हरिद्वार गए हुए थे। गांव के काफी संख्या में लोग भी देवता के साथ हरिद्वार गए थे। बीती शाम को ही ये लोग पांवटा साहिब पहुंचे। आज सुबह नदी में नहाने उतरने से यह हादसा हो गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">पुलिस के अनुसार, सबसे पहले अमित (23) पुत्र जोगी राम नदी में नहाने उतरा। जैसे ही अमित पानी में डूबने लगा, उसे बचाने के लिए पीछे कमलेश (22) पुत्र प्रेम सिंह और उसका भाई रजनीश (20) नदी में उतरे। मगर तीनों ही&nbsp;</span><span style="font-size:18px;">पानी में डू*ब गए। आसपास मौजूद लोगों ने तीनों को नदी में काफी दूर तक बहते हुए देखा। SHO पांवटा साहिब देवी सिंह नेगी ने बताया- गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नदी में पानी अधिक होने से सुराग नहीं मिल पाया। एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा, DSP मानवेंद्र ठाकुर आदि अफसर मौके पर मौजूद हैं।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41544.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal-3-youths-including-2-brothers-drowned-in-Paonta-Yamuna-Ghat-search-operation-underway]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/orientation-program-organized-for-new-students-at-eternal-university]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर : इटरनल यूनिवर्सिटी में नए छात्रों के लिए हुआ ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/orientation-program-organized-for-new-students-at-eternal-university]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 14 Aug 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[इटरनल यूनिवर्सिटी में नए छात्रों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। इस वार्षिक कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण, संकाय सदस्यों, नियमों और परिसर की संस्कृति से परिचित कराना है। इसे हर वर्ष नियमित कक्षाओं के शुरू होने से पहले आयोजित किया जाता है, ताकि छात्र-छात्राएँ सहज रूप से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सामाजिक माहौल में अभ्यस्त हो सकें।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के माहौल, शैक्षणिक प्रणाली और उपलब्ध संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों से मिलवाया गया, साथ ही पाठ्यक्रम संरचना, कक्षाओं की कार्यप्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया के बारे में बताया गया। छात्रों को पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, खेल सुविधाएँ, तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले आध्यात्मिक कार्यक्रमों और गतिविधियों से भी अवगत कराया गया।

इस अवसर पर कलगीधर ट्रस्ट के प्रेज़िडेंट डॉ. दविंदर सिंह ने छात्राओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। उन्होंने संस्था के इतिहास और संतों के योगदान पर प्रकाश डाला तथा सभी नई छात्राओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

डॉ. नीलम कौर ने भी छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें एक आदर्श, चरित्रवान और अनुशासित विद्यार्थी बनने का संदेश दिया। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने सभी डीन और डायरेक्टर्स का परिचय कराया तथा उनके द्वारा दी जाने वाली शैक्षणिक और प्रशासनिक सेवाओं का उल्लेख किया।

मंच संचालन डॉ. अम्बिका शर्मा और डॉ. निविआ ने किया। इस दौरान विश्वविद्यालय की एक विशेष प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत की गई, जिसमें संस्थान की उपलब्धियों, विशेषताओं और शैक्षणिक माहौल का विस्तार से परिचय कराया गया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इटरनल यूनिवर्सिटी में नए छात्रों के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। इस वार्षिक कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के वातावरण, संकाय सदस्यों, नियमों और परिसर की संस्कृति से परिचित कराना है। इसे हर वर्ष नियमित कक्षाओं के शुरू होने से पहले आयोजित किया जाता है, ताकि छात्र-छात्राएँ सहज रूप से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सामाजिक माहौल में अभ्यस्त हो सकें।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के माहौल, शैक्षणिक प्रणाली और उपलब्ध संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें विश्वविद्यालय के अधिकारियों, संकाय सदस्यों और कर्मचारियों से मिलवाया गया, साथ ही पाठ्यक्रम संरचना, कक्षाओं की कार्यप्रणाली और मूल्यांकन प्रक्रिया के बारे में बताया गया। छात्रों को पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, खेल सुविधाएँ, तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के साथ-साथ विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले आध्यात्मिक कार्यक्रमों और गतिविधियों से भी अवगत कराया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर कलगीधर ट्रस्ट के प्रेज़िडेंट डॉ. दविंदर सिंह ने छात्राओं को उच्च शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी। उन्होंने संस्था के इतिहास और संतों के योगदान पर प्रकाश डाला तथा सभी नई छात्राओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">डॉ. नीलम कौर ने भी छात्राओं का स्वागत करते हुए उन्हें एक आदर्श, चरित्रवान और अनुशासित विद्यार्थी बनने का संदेश दिया। विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर ने सभी डीन और डायरेक्टर्स का परिचय कराया तथा उनके द्वारा दी जाने वाली शैक्षणिक और प्रशासनिक सेवाओं का उल्लेख किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मंच संचालन डॉ. अम्बिका शर्मा और डॉ. निविआ ने किया। इस दौरान विश्वविद्यालय की एक विशेष प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत की गई, जिसमें संस्थान की उपलब्धियों, विशेषताओं और शैक्षणिक माहौल का विस्तार से परिचय कराया गया।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41189.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Orientation program organized for new students at Eternal University]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmaur-two-villagers-set-an-example-of-animal-religion-travelled-3-km-carrying-a-sick-cow-on-their-back]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर: दो ग्रामीणों ने पेश की पशुधर्म की मिसाल, बीमार गाय को पीठ पर उठाकर तय किया 3 KM का सफर]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmaur-two-villagers-set-an-example-of-animal-religion-travelled-3-km-carrying-a-sick-cow-on-their-back]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 31 Jul 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल की एक दुर्गम पंचायत क्यारी गुंडाहां से इंसानियत और साहस की एक अनोखी कहानी सामने आई है।&nbsp;

जानकारी के अनुसार, गांव के ही एक किसान की गाय गंभीर रूप से बीमार हो गई थी। गाय की हालत हर बीतते दिन के साथ बिगड़ती जा रही थी, और उसे तुरंत इलाज की ज़रूरत थी। लेकिन गांव से एकमात्र पशु चिकित्सालय 3 किलोमीटर दूर था। बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण यह पहाड़ी रास्ता पूरी तरह से टूट चुका था। जगह-जगह मलबा और फिसलन थी, जिससे किसी भी वाहन का वहां तक पहुंचना नामुमकिन था। गांव वाले निराश हो चुके थे, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि अब गाय को बचाना संभव नहीं है।

ऐसे मुश्किल समय में गांव के ही दो बहादुर व्यक्ति, दया राम और लाल सिंह, आगे आए। उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको चौंका दिया। उन्होंने तय किया कि वे गाय को अपनी पीठ पर लादकर 3 किलोमीटर दूर अस्पताल तक पहुंचाएंगे। यह फैसला सिर्फ़ शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि अटूट साहस और गहरी आस्था का प्रतीक था। गाय का वज़न 2 क्विंटल से भी ज़्यादा था, लेकिन दोनों ने हार नहीं मानी। उन्होंने रस्सियों की मदद से गाय को सावधानी से अपनी पीठ पर बांधा और अपनी जान जोखिम में डालकर उस मुश्किल रास्ते पर निकल पड़े।

बारिश में भीगी हुई फिसलन भरी पगडंडियों पर हर कदम पर खतरा था। ज़रा सी चूक किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी, लेकिन उनका एक ही लक्ष्य था: &#39;&#39;गौ माता को बचाना&#39;&#39;। घंटों तक चले इस संघर्ष के बाद, जब वे अस्पताल पहुंचे और गाय को समय पर इलाज मिला, तो पूरा गांव भावुक हो गया। समय पर इलाज मिलने से गाय की जान बच गई और अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:20px;">हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई उपमंडल की एक दुर्गम पंचायत क्यारी गुंडाहां से इंसानियत और साहस की एक अनोखी कहानी सामने आई है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:20px;">जानकारी के अनुसार, गांव के ही एक किसान की गाय गंभीर रूप से बीमार हो गई थी। गाय की हालत हर बीतते दिन के साथ बिगड़ती जा रही थी, और उसे तुरंत इलाज की ज़रूरत थी। लेकिन गांव से एकमात्र पशु चिकित्सालय 3 किलोमीटर दूर था। बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण यह पहाड़ी रास्ता पूरी तरह से टूट चुका था। जगह-जगह मलबा और फिसलन थी, जिससे किसी भी वाहन का वहां तक पहुंचना नामुमकिन था। गांव वाले निराश हो चुके थे, क्योंकि उन्हें लग रहा था कि अब गाय को बचाना संभव नहीं है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:20px;">ऐसे मुश्किल समय में गांव के ही दो बहादुर व्यक्ति, दया राम और लाल सिंह, आगे आए। उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया जिसने सबको चौंका दिया। उन्होंने तय किया कि वे गाय को अपनी पीठ पर लादकर 3 किलोमीटर दूर अस्पताल तक पहुंचाएंगे। यह फैसला सिर्फ़ शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि अटूट साहस और गहरी आस्था का प्रतीक था। गाय का वज़न 2 क्विंटल से भी ज़्यादा था, लेकिन दोनों ने हार नहीं मानी। उन्होंने रस्सियों की मदद से गाय को सावधानी से अपनी पीठ पर बांधा और अपनी जान जोखिम में डालकर उस मुश्किल रास्ते पर निकल पड़े।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:20px;">बारिश में भीगी हुई फिसलन भरी पगडंडियों पर हर कदम पर खतरा था। ज़रा सी चूक किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी, लेकिन उनका एक ही लक्ष्य था: &#39;&#39;गौ माता को बचाना&#39;&#39;। घंटों तक चले इस संघर्ष के बाद, जब वे अस्पताल पहुंचे और गाय को समय पर इलाज मिला, तो पूरा गांव भावुक हो गया। समय पर इलाज मिलने से गाय की जान बच गई और अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41095.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Sirmaur: Two villagers set an example of animal religion, travelled 3 KM carrying a sick cow on their back]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/polyandry-tradition-revived-in-himachal-two-brothers-married-one-bride]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल में पुनर्जीवित हुई बहुपति परंपरा, दो भाइयों ने एक दुल्हन से रचाई शादी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/polyandry-tradition-revived-in-himachal-two-brothers-married-one-bride]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 20 Jul 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[जिला सिरमौर के गिरिपार के हाटी क्षेत्र में बरसों बाद शादी की जोड़ीदार प्रथा फिर जिंदा हुई है। क्षेत्र के दो भाइयों ने एक दुल्हन के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लिए।&nbsp;बीते दिनों दोनों भाइयों ने दुल्हन से पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी की। तीनों की रजामंदी से ऐसा हुआ है। शादी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पांडव कालीन परंपरा की आम लोगों में चर्चा हो रही है। हिमाचल के सिरमौर, किन्नौर और उत्तराखंड के जौंसार बावर जैसे क्षेत्रों में बहुपति प्रथा रही है।&nbsp;

शिलाई गांव के दो भाइयों प्रदीप सिंह व कपिल ने क्षेत्र की युवती से जोड़ीदारी प्रथा के अनुसार विवाह किया। दोनों भाइयों ने एक दुल्हन के साथ हजारों लोगों की मौजूदगी में विवाह की रस्में निभाईं। यह शादी हाटी समुदाय की जोड़ीदार परंपरा के अनुसार हुई, जिसमें एक पत्नी को दो या अधिक भाई साझा रूप से अपनाते हैं।&nbsp;

प्रदीप और कपिल नेगी ने इस परंपरा से शादी का फैसला लिया, जिसे वे विश्वास, देखभाल और साझी जिम्मेदारी का रिश्ता मानते हैं। केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार क्षेत्र&nbsp; के महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने कहा कि इस प्रथा के प्रचलन में महाभारत कालीन पांडव संस्कृति को मुख्य स्रोत के रूप में माना जाता है।&nbsp;

क्षेत्र के बुजुर्गों ध्यान सिंह, जालम सिंह, नैन सिंह, दिवडू राम ने बताया कि जोड़ीदारी प्रथा से शादी करने का कारण पुश्तैनी संपत्ति का विभाजन रोकना, महिलाओं को विधवा होने से बचाना और परिवार में एकता बनाए रखना था।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जिला सिरमौर के गिरिपार के हाटी क्षेत्र में बरसों बाद शादी की जोड़ीदार प्रथा फिर जिंदा हुई है। क्षेत्र के दो भाइयों ने एक दुल्हन के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लिए।&nbsp;</span><span style="font-size: 18px;">बीते दिनों दोनों भाइयों ने दुल्हन से पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी की। तीनों की रजामंदी से ऐसा हुआ है। शादी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस पांडव कालीन परंपरा की आम लोगों में चर्चा हो रही है। हिमाचल के सिरमौर, किन्नौर और उत्तराखंड के जौंसार बावर जैसे क्षेत्रों में बहुपति प्रथा रही है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिलाई गांव के दो भाइयों प्रदीप सिंह व कपिल ने क्षेत्र की युवती से जोड़ीदारी प्रथा के अनुसार विवाह किया। दोनों भाइयों ने एक दुल्हन के साथ हजारों लोगों की मौजूदगी में विवाह की रस्में निभाईं। यह शादी हाटी समुदाय की जोड़ीदार परंपरा के अनुसार हुई, जिसमें एक पत्नी को दो या अधिक भाई साझा रूप से अपनाते हैं।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रदीप और कपिल नेगी ने इस परंपरा से शादी का फैसला लिया, जिसे वे विश्वास, देखभाल और साझी जिम्मेदारी का रिश्ता मानते हैं। केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार क्षेत्र&nbsp; के महासचिव कुंदन सिंह शास्त्री ने कहा कि इस प्रथा के प्रचलन में महाभारत कालीन पांडव संस्कृति को मुख्य स्रोत के रूप में माना जाता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">क्षेत्र के बुजुर्गों ध्यान सिंह, जालम सिंह, नैन सिंह, दिवडू राम ने बताया कि जोड़ीदारी प्रथा से शादी करने का कारण पुश्तैनी संपत्ति का विभाजन रोकना, महिलाओं को विधवा होने से बचाना और परिवार में एकता बनाए रखना था।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41006.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Polyandry tradition revived in Himachal, two brothers married one bride]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/188-medicines-from-across-the-country-failed-along-with-59-from-himachal-fake-medicines-also-exposed]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल की 59 के साथ देशभर की 188 दवाएं फेल, नकली दवाओं का भी खुलासा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/188-medicines-from-across-the-country-failed-along-with-59-from-himachal-fake-medicines-also-exposed]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 20 Jul 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल की 59 दवाओं समेत देश की 188 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। इन दवाओं में 44 सोलन जिले में, 13 सिरमौर और एक-एक ऊना और कांगड़ा जिले में बनी हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और स्टेट ड्रग अथाॅरिटी की ओर से जारी ड्रग अलर्ट में सैंपल फेल पाए गए हैं। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें एंटी बायोटिक, एंटी डायबटिक, बीपी, पेट दर्द, प्रोस्टेट कैंसर, दर्द निवारक, विटामिन बी-12, कैंसर समेत कई दवाएं शामिल हैं। हिमाचल की 59 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इनमें राज्य के ड्रग अलर्ट में 36 और केंद्र के ड्रग अलर्ट में 23 दवाएं शामिल हैं।

इसके अलावा कैंसर और सोरायसिस में इस्तेमाल होने वाली इंजेक्शन के सैंपल भी फेल हुए हैं। मिथोट्रीक्सेट इंजेक्शन-15 जो अगस्त 2026 में एक्सपायर होगा और मुंबई के बीडीएच इंडस्टी लिमिटेड उद्योग में निर्मित है। इसी तरह चीन के शंघाई के बाॅयो फार्मास्यूटिकल उद्योग में निर्मित पेट और स्तन कैंसर की दवा डोसिटैक्सल हाइड्रॉस आईपी का सैंपल फेल पाया गया है। हिमाचल व देश के अन्य राज्यों में निर्मित पैरासिटामोल, विटामिन सी इंजेक्शन, रेबाप्रेजोल, टेलिमिस्ट्रिन, पेंटाप्रोजोल सोडियम इंजेक्शन, एमॉक्सीलिन और पोटाशियम इंजेक्शन सहित अन्य के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं।

जांच में तीन दवाएं नकली भी निकली हैं। इनमें टैक्सिम-ओ 200 जो साइनस, नाक, गले, कान के संक्रमण में उपयोग होती है और जुलाई 2024 में बनी है। थ्रोमबोफोब दवा जिसे रक्त के थक्के बनने से रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नकली पाई गई। रोसूवास एफ-10 जिसे कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह भी नकली नकली। इन दवा उद्योगों के नाम फिलहाल अंकित नहीं किए गए हैं।

वही राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि हिमाचल में बनी 59 दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। जुलाई के ड्रग अलर्ट में सैंपल फेल होने वाली 40 फीसदी दवाएं हैं। इन सभी संबंधित उद्योगों को नोटिस जारी किए जाएंगे और बाजार से सभी दवाओं को वापस मंगवाया जाएगा।&nbsp;

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल की 59 दवाओं समेत देश की 188 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। इन दवाओं में 44 सोलन जिले में, 13 सिरमौर और एक-एक ऊना और कांगड़ा जिले में बनी हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और स्टेट ड्रग अथाॅरिटी की ओर से जारी ड्रग अलर्ट में सैंपल फेल पाए गए हैं। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें एंटी बायोटिक, एंटी डायबटिक, बीपी, पेट दर्द, प्रोस्टेट कैंसर, दर्द निवारक, विटामिन बी-12, कैंसर समेत कई दवाएं शामिल हैं। हिमाचल की 59 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इनमें राज्य के ड्रग अलर्ट में 36 और केंद्र के ड्रग अलर्ट में 23 दवाएं शामिल हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इसके अलावा कैंसर और सोरायसिस में इस्तेमाल होने वाली इंजेक्शन के सैंपल भी फेल हुए हैं। मिथोट्रीक्सेट इंजेक्शन-15 जो अगस्त 2026 में एक्सपायर होगा और मुंबई के बीडीएच इंडस्टी लिमिटेड उद्योग में निर्मित है। इसी तरह चीन के शंघाई के बाॅयो फार्मास्यूटिकल उद्योग में निर्मित पेट और स्तन कैंसर की दवा डोसिटैक्सल हाइड्रॉस आईपी का सैंपल फेल पाया गया है। हिमाचल व देश के अन्य राज्यों में निर्मित पैरासिटामोल, विटामिन सी इंजेक्शन, रेबाप्रेजोल, टेलिमिस्ट्रिन, पेंटाप्रोजोल सोडियम इंजेक्शन, एमॉक्सीलिन और पोटाशियम इंजेक्शन सहित अन्य के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर सही नहीं पाए गए हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जांच में तीन दवाएं नकली भी निकली हैं। इनमें टैक्सिम-ओ 200 जो साइनस, नाक, गले, कान के संक्रमण में उपयोग होती है और जुलाई 2024 में बनी है। थ्रोमबोफोब दवा जिसे रक्त के थक्के बनने से रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नकली पाई गई। रोसूवास एफ-10 जिसे कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह भी नकली नकली। इन दवा उद्योगों के नाम फिलहाल अंकित नहीं किए गए हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">वही राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि हिमाचल में बनी 59 दवाओं के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। जुलाई के ड्रग अलर्ट में सैंपल फेल होने वाली 40 फीसदी दवाएं हैं। इन सभी संबंधित उद्योगों को नोटिस जारी किए जाएंगे और बाजार से सभी दवाओं को वापस मंगवाया जाएगा।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall41004.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ 188 medicines from across the country failed along with 59 from Himachal, fake medicines also exposed]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-a-farmer-in-daduwala-village-of-sirmaur-district-grew-the-worlds-most-expensive-mango]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल: सिरमौर जिला के डाडूवाला गांव में किसान ने उगाया दुनिया का सबसे महंगा आम ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal-a-farmer-in-daduwala-village-of-sirmaur-district-grew-the-worlds-most-expensive-mango]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 18 Jul 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की विक्रमबाग पंचायत के डाडूवाला गांव में एक किसान ने आम की दुनिया की सबसे महंगी किस्म उगाने में सफलता पाई है। किसान नवीन कुमार ने अपने बगीचे में मियाजाकी नस्ल का आम उगाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत 2,70,000 रुपये से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक है।

जानकारी के अनुसार नवीन कुमार ने दो साल पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित नर्सरी से मियाजाकी नस्ल के आम के पौधों को कूरियर के माध्यम से मंगवाया था। पौधे आने के बाद इसे बगीचे में लगाया। दो साल में ही इन पौधों ने फल दे दिए हैं। नवीन कुमार ने विदेशी नस्ल के इस महंगे मियाजाकी आम के अलावा अकेरिकन रेड पामर, रेड आइवरी आम, रेड बनाना आम, येलो बनाना आम, चकापात आम, नामडोकमाई आम भी सफलतापूर्वक उगाए हैं। अब उनका मकसद इन आम के बगीचे तैयार करने का है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की विक्रमबाग पंचायत के डाडूवाला गांव में एक किसान ने आम की दुनिया की सबसे महंगी किस्म उगाने में सफलता पाई है। किसान नवीन कुमार ने अपने बगीचे में मियाजाकी नस्ल का आम उगाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत 2,70,000 रुपये से 3 लाख रुपये प्रति किलो तक है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जानकारी के अनुसार नवीन कुमार ने दो साल पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित नर्सरी से मियाजाकी नस्ल के आम के पौधों को कूरियर के माध्यम से मंगवाया था। पौधे आने के बाद इसे बगीचे में लगाया। दो साल में ही इन पौधों ने फल दे दिए हैं। नवीन कुमार ने विदेशी नस्ल के इस महंगे मियाजाकी आम के अलावा अकेरिकन रेड पामर, रेड आइवरी आम, रेड बनाना आम, येलो बनाना आम, चकापात आम, नामडोकमाई आम भी सफलतापूर्वक उगाए हैं। अब उनका मकसद इन आम के बगीचे तैयार करने का है।</span></p>

<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40983.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal: A farmer in Daduwala village of Sirmaur district grew the world's most expensive mango]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmour-pre-primary-classes-started-in-government-primary-centre-school-bhatgarh]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर: राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला भाटगढ़ में पूर्व प्राथमिक (प्री प्राइमरी) कक्षाओं का शुभारंभ  ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmour-pre-primary-classes-started-in-government-primary-centre-school-bhatgarh]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 25 Jun 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[&nbsp;जिला सिरमौर के शिक्षा खण्ड ददाहू के अतंर्गत राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला भाटगढ़ में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के संचालन के शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ददाहु सतीश शर्मा ने शिरकत की। उनके साथ खंड प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील शर्मा और पूर्व अध्यक्ष&nbsp; सुरेश तोमर भी उपस्थित रहे।
इस पहल के तहत स्कूल प्रबंधन समिति ने अपने स्तर पर स्कूल में प्री प्राइमरी कक्षाओं का शुभारंभ किया है। मंगलवार से इसकी शुरुआत हो गई है। केंद्र अध्यक्ष शिक्षक रमेश कुमार चौहान और एसएमसी अध्यक्ष संदीप शर्मा ने बताया कि इस पहल से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर प्राप्त होंगे और उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आएगा। मुख्य अतिथि सतीश शर्मा ने अपने संबोधन में स्कूल शिक्षकों और एसएमसी सदस्यों को इस नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्कूल की यह पहल बच्चों के जीवन में मजबूत नींव रखने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस पहल की एक विशेष बात यह है कि खंड प्राथमिक अधिकारी से अनुमति मिलने से पहले ही स्थानीय संसाधनों और श्रमदान के माध्यम से छोटे बच्चों की सुरक्षा रैलिंग की व्यवस्था की गई। यह अन्य स्कूलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है। राजकीय प्रारंभिक केंद्र पाठशाला भाटगढ़ की यह पहल निश्चित ही क्षेत्र के बच्चों के भविष्य में सकारात्मक बदलाव लाएगी और उन्हें बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करेगी। हमें उम्मीद है कि यह पहल अन्य स्कूलों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">&nbsp;जिला सिरमौर के शिक्षा खण्ड ददाहू के अतंर्गत राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला भाटगढ़ में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के संचालन के शुभारंभ कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ददाहु सतीश शर्मा ने शिरकत की। उनके साथ खंड प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुनील शर्मा और पूर्व अध्यक्ष&nbsp; सुरेश तोमर भी उपस्थित रहे।<br />
इस पहल के तहत स्कूल प्रबंधन समिति ने अपने स्तर पर स्कूल में प्री प्राइमरी कक्षाओं का शुभारंभ किया है। मंगलवार से इसकी शुरुआत हो गई है। केंद्र अध्यक्ष शिक्षक रमेश कुमार चौहान और एसएमसी अध्यक्ष संदीप शर्मा ने बताया कि इस पहल से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर प्राप्त होंगे और उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आएगा। मुख्य अतिथि सतीश शर्मा ने अपने संबोधन में स्कूल शिक्षकों और एसएमसी सदस्यों को इस नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्कूल की यह पहल बच्चों के जीवन में मजबूत नींव रखने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस पहल की एक विशेष बात यह है कि खंड प्राथमिक अधिकारी से अनुमति मिलने से पहले ही स्थानीय संसाधनों और श्रमदान के माध्यम से छोटे बच्चों की सुरक्षा रैलिंग की व्यवस्था की गई। यह अन्य स्कूलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है। राजकीय प्रारंभिक केंद्र पाठशाला भाटगढ़ की यह पहल निश्चित ही क्षेत्र के बच्चों के भविष्य में सकारात्मक बदलाव लाएगी और उन्हें बेहतर शिक्षा के अवसर प्रदान करेगी। हमें उम्मीद है कि यह पहल अन्य स्कूलों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40736.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Sirmour: Pre-primary classes started in Government Primary Centre School Bhatgarh]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal-pradesh-young-man-dies-under-suspicious-circumstances-in-police-custody-two-policemen-suspended]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल प्रदेश: पुलिस हिरासत में युवक की संदिग्ध मौत, दो पुलिसकर्मी निलंबित]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/news/himachal-pradesh-young-man-dies-under-suspicious-circumstances-in-police-custody-two-policemen-suspended]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 23 Jun 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कालाअंब, सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कालाअंब पुलिस थाने में चोरी के आरोप में बंद हरियाणा के एक युवक की रविवार को हिरासत के दौरान कथित तौर पर मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि युवक ने कंबल के बॉर्डर से फंदा लगाकर आत्महत्या की है। इस मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, और एक गृह रक्षक को वापस भेज दिया गया है। मृतक की पहचान हरियाणा के नारायणगढ़ निवासी 36 वर्षीय अजय के रूप में हुई है। उसे शनिवार को पुलिस ने अप्रैल-मई में हुए ट्रांसफार्मर आदि के तार चोरी के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने अजय को पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए थे। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 3:30 बजे जानकारी मिली कि युवक ने लॉकअप में आत्महत्या कर ली है। पुलिस के अनुसार, अजय ने कंबल के बॉर्डर का इस्तेमाल कर खुदकुशी की। मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, अजय के माता-पिता नहीं हैं और उसका एक भाई बताया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि अजय नशे का आदी था और संभवतः नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छोटे मुंशी और जांच अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, थाने में तैनात एक गृह रक्षक को भी वापस भेज दिया गया है। एसपी ने जानकारी दी कि मामले में न्यायिक जांच बिठा दी गई है। इस जांच के बाद ही युवक की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कालाअंब, सिरमौर: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कालाअंब पुलिस थाने में चोरी के आरोप में बंद हरियाणा के एक युवक की रविवार को हिरासत के दौरान कथित तौर पर मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि युवक ने कंबल के बॉर्डर से फंदा लगाकर आत्महत्या की है। इस मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, और एक गृह रक्षक को वापस भेज दिया गया है। मृतक की पहचान हरियाणा के नारायणगढ़ निवासी 36 वर्षीय अजय के रूप में हुई है। उसे शनिवार को पुलिस ने अप्रैल-मई में हुए ट्रांसफार्मर आदि के तार चोरी के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने अजय को पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए थे। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 3:30 बजे जानकारी मिली कि युवक ने लॉकअप में आत्महत्या कर ली है। पुलिस के अनुसार, अजय ने कंबल के बॉर्डर का इस्तेमाल कर खुदकुशी की। मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, अजय के माता-पिता नहीं हैं और उसका एक भाई बताया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि अजय नशे का आदी था और संभवतः नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छोटे मुंशी और जांच अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, थाने में तैनात एक गृह रक्षक को भी वापस भेज दिया गया है। एसपी ने जानकारी दी कि मामले में न्यायिक जांच बिठा दी गई है। इस जांच के बाद ही युवक की मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40712.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Himachal Pradesh: Young man dies under suspicious circumstances in police custody, two policemen suspended]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/when-the-teacher-himself-became-a-predator-teacher-arrested-on-charges-of-molesting-girl-students]]></guid>
                       <title><![CDATA[जब शिक्षक हीं बना भक्षक ! छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के आरोप में अध्यापक गिरफ्तार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/when-the-teacher-himself-became-a-predator-teacher-arrested-on-charges-of-molesting-girl-students]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 22 Jun 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सिरमाैर जिले के राजगढ़ क्षेत्र के एक स्कूल के एक शिक्षक पर 24 छात्राओं ने अशोभनीय व्यवहार और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को छात्राओं के अभिभावक और स्थानीय लोग विद्यालय परिसर में एकत्र हो गए और उग्र प्रदर्शन किया। लोगों ने प्रधानाचार्य के विरुद्ध नारेबाजी की और बेटियों को न्याय दो के नारे लगाए। गंभीर स्थिति देखते हुए एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर व थाना प्रभारी विद्यालय पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रधानाचार्य पर मामले में उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

लोगों के आक्रोश को देखते हुए आरोपी अध्यापक विद्यालय से फरार हो गया। एसडीएम के हस्तक्षेप व प्राथमिकी दर्ज किए जाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को यह मामला विद्यालय प्रशासन के संज्ञान में शिक्षा संवाद के दौरान आया। इसके पश्चात यौन उत्पीड़न समिति की बैठक में छात्राओं को पक्ष रखने को कहा। उन्होंने बताया कि कैसे गणित का अध्यापक उनके साथ गंदा व्यवहार करता है। उधर, डीएसपी राजगढ़ का कार्यभार देख रहे मुकेश डढवाल ने बताया कि बीएनएस की धारा 75 व पोक्सो की 10 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने अध्यापक को गिरफ्तार कर लिया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सिरमाैर जिले के राजगढ़ क्षेत्र के एक स्कूल के एक शिक्षक पर 24 छात्राओं ने अशोभनीय व्यवहार और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को छात्राओं के अभिभावक और स्थानीय लोग विद्यालय परिसर में एकत्र हो गए और उग्र प्रदर्शन किया। लोगों ने प्रधानाचार्य के विरुद्ध नारेबाजी की और बेटियों को न्याय दो के नारे लगाए। गंभीर स्थिति देखते हुए एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर व थाना प्रभारी विद्यालय पहुंचे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रधानाचार्य पर मामले में उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">लोगों के आक्रोश को देखते हुए आरोपी अध्यापक विद्यालय से फरार हो गया। एसडीएम के हस्तक्षेप व प्राथमिकी दर्ज किए जाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को यह मामला विद्यालय प्रशासन के संज्ञान में शिक्षा संवाद के दौरान आया। इसके पश्चात यौन उत्पीड़न समिति की बैठक में छात्राओं को पक्ष रखने को कहा। उन्होंने बताया कि कैसे गणित का अध्यापक उनके साथ गंदा व्यवहार करता है। उधर, डीएसपी राजगढ़ का कार्यभार देख रहे मुकेश डढवाल ने बताया कि बीएनएस की धारा 75 व पोक्सो की 10 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने अध्यापक को गिरफ्तार कर लिया है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall40706.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ When the teacher himself became a predator! Teacher arrested on charges of molesting girl students]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmour-youth-arrested-on-charges-of-treason-in-paonta-sahib-had-posted-this-on-facebook]]></guid>
                       <title><![CDATA[सिरमौर:पांवटा साहिब में देशद्रोह के आरोप में युवक गिरफ्तार, फेसबुक पर डाली थी ये पोस्ट]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/sirmour-youth-arrested-on-charges-of-treason-in-paonta-sahib-had-posted-this-on-facebook]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 09 Jun 2025 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में पुलिस ने एक युवक को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी सुलेमान की हुई है, जिसके खिलाफ 27 मई को ही देशद्रोह की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया था, लेकिन रविवार को जैसे ही वह पांवटा साहिब लौटा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। सुलेमान को आज सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, पांवटा के बद्रीपुर क्षेत्र में सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले सुलेमान ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट में टूटे हुए जहाज के टुकड़ों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे वाली लाइन लिखी हुई थी। इसके अलावा, आरोपी ने अपनी पोस्ट में धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली भाषा का भी इस्तेमाल किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुलेमान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के अब्दुल्लागढ़ का रहने वाला है। पांवटा साहिब के डीएसपी मानवेंद्र सिंह ठाकुर ने पुष्टि की है कि सुलेमान के खिलाफ धारा-152 के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में पुलिस ने एक युवक को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी सुलेमान की हुई है, जिसके खिलाफ 27 मई को ही देशद्रोह की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी फरार हो गया था, लेकिन रविवार को जैसे ही वह पांवटा साहिब लौटा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। सुलेमान को आज सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, पांवटा के बद्रीपुर क्षेत्र में सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले सुलेमान ने सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी। इस पोस्ट में टूटे हुए जहाज के टुकड़ों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे वाली लाइन लिखी हुई थी। इसके अलावा, आरोपी ने अपनी पोस्ट में धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली भाषा का भी इस्तेमाल किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुलेमान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के अब्दुल्लागढ़ का रहने वाला है। पांवटा साहिब के डीएसपी मानवेंद्र सिंह ठाकुर ने पुष्टि की है कि सुलेमान के खिलाफ धारा-152 के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।</span></p>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Sirmour:- Youth- arrested- on -charges -of -treason -in -Paonta -Sahib-, had -posted- this -on- Facebook]]></media:description>
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