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               <title>First Verdict Media - Solan</title>
               <link>https://www.firstverdict.com</link>
               <lastBuildDate><![CDATA[Fri, 01 May 2026 08:47:04 +0530]]></lastBuildDate>
            <language>en</language>	<image>
            	<title>First Verdict Media - Solan</title>
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            <description>First Verdict Media provides the latest information from and in-depth coverage of India and the world. Find breaking news, India news, Himachal news, top stories, elections, politics, business, cricket, movies, lifestyle, health, videos, photos and more.</description>
            
           <item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/heat-wave-alert-in-4-districts-of-himachal-rain-and-snow-expected-from-this-day-know-the-weather-update]]></guid>
                       <title><![CDATA[कुनिहार: गम्बरपुल-बनोह सरली मार्ग पर कार दुर्घटनाग्रस्त]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/heat-wave-alert-in-4-districts-of-himachal-rain-and-snow-expected-from-this-day-know-the-weather-update]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Sun, 26 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[गम्बरपुल-बनोह सरली सड़क पर रविवार को एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का कारण वाहन के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। हादसे में चालक को मामूली चोटें आई हैं, जबकि बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के मुताबिक कार चंडी से जयनगर की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक वाहन के ब्रेक फेल हो गए। सामने से बाइक आ रही थी, जिसे बचाने के लिए चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए कार को पहाड़ की ओर मोड़ दिया। इसके बाद वाहन पहाड़ से टकराकर पलट गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार में चालक अकेला सवार था। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और न ही किसी अन्य व्यक्ति को चोट पहुंची। चालक पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का नंबर HP 14 D 0263 बताया गया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">गम्बरपुल-बनोह सरली सड़क पर रविवार को एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का कारण वाहन के ब्रेक फेल होना बताया जा रहा है। हादसे में चालक को मामूली चोटें आई हैं, जबकि बड़ा हादसा टल गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जानकारी के मुताबिक कार चंडी से जयनगर की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक वाहन के ब्रेक फेल हो गए। सामने से बाइक आ रही थी, जिसे बचाने के लिए चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए कार को पहाड़ की ओर मोड़ दिया। इसके बाद वाहन पहाड़ से टकराकर पलट गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार में चालक अकेला सवार था। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और न ही किसी अन्य व्यक्ति को चोट पहुंची। चालक पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन का नंबर HP 14 D 0263 बताया गया है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42918.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Heat wave alert in 4 districts of Himachal, rain and snow expected from this day: Know the weather update]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/dehra-earth-day-celebrated-with-enthusiasm-in-sai-international-school]]></guid>
                       <title><![CDATA[देहरा: साई इंटरनेशनल स्कूल में उत्साह के साथ मनाया गया "पृथ्वी दिवस"]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/dehra-earth-day-celebrated-with-enthusiasm-in-sai-international-school]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 22 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[साई इंटरनेशनल स्कूल में पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु एक विशेष प्रातःकालीन सभा का आयोजन किया गया।
सभा के दौरान विद्यार्थियों के समक्ष प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए गए, जिनमें माँ पृथ्वी की देखभाल के महत्व को उजागर किया गया। कक्षा 2 एवं 3 के विद्यार्थियों ने एक सुंदर नाटक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने सराहा।
कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों ने &lsquo;बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट&rsquo; गतिविधि में भाग लेकर अपनी सृजनात्मकता का प्रदर्शन किया और पुनः उपयोग व पुनर्चक्रण का महत्व बताया। वहीं कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कला के जरिए पृथ्वी के प्रति प्रेम और चिंता व्यक्त की। नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी एवं कक्षा 1 के नन्हे बच्चों ने फैंसी ड्रेस और स्वच्छता गतिविधियों में भाग लेकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस मौके पर विद्यालय के चेयरमैन रामिंदर बावा और प्रधानाचार्या&nbsp; मीरा गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">साई इंटरनेशनल स्कूल में पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु एक विशेष प्रातःकालीन सभा का आयोजन किया गया।<br />
सभा के दौरान विद्यार्थियों के समक्ष प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए गए, जिनमें माँ पृथ्वी की देखभाल के महत्व को उजागर किया गया। कक्षा 2 एवं 3 के विद्यार्थियों ने एक सुंदर नाटक के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने सराहा।<br />
कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों ने &lsquo;बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट&rsquo; गतिविधि में भाग लेकर अपनी सृजनात्मकता का प्रदर्शन किया और पुनः उपयोग व पुनर्चक्रण का महत्व बताया। वहीं कक्षा 6 से 9 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कला के जरिए पृथ्वी के प्रति प्रेम और चिंता व्यक्त की। नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी एवं कक्षा 1 के नन्हे बच्चों ने फैंसी ड्रेस और स्वच्छता गतिविधियों में भाग लेकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।<br />
इस मौके पर विद्यालय के चेयरमैन रामिंदर बावा और प्रधानाचार्या&nbsp; मीरा गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42914.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Dehra: "Earth Day" celebrated with enthusiasm in Sai International School]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/chester-hills-controversy-director-hansraj-thakur-presents-his-side-of-the-story-regarding-the-project]]></guid>
                       <title><![CDATA[चेस्टर हिल्स विवाद: प्रोजेक्ट को लेकर अब संचालक हंसराज ठाकुर ने रखा अपना पक्ष]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/chester-hills-controversy-director-hansraj-thakur-presents-his-side-of-the-story-regarding-the-project]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 17 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सोलन में &lsquo;चेस्टर हिल्स&rsquo; प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब इसके संचालक हंसराज ठाकुर ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर सामने आ रही कुछ जानकारियां तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। ठाकुर के अनुसार, &lsquo;चेस्टर हिल्स-2&rsquo; और &lsquo;4&rsquo; एक वैध आवासीय परियोजना है, जिसे सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और अनुमतियों के तहत विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट की लागत को लेकर जो बड़े आंकड़े सार्वजनिक रूप से चर्चा में हैं, वे वास्तविकता से मेल नहीं खाते। उनके अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹150 करोड़ है।

हंसराज ठाकुर ने बताया कि यह प्रोजेक्ट वर्षों की मेहनत, बैंक ऋण और निजी निवेश के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास RERA, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, नगर निगम सोलन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों की आवश्यक मंजूरियां मौजूद हैं।

इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है, वहीं परियोजना से जुड़े कुछ खरीदारों और परिवारों की ओर से भी स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।

ठाकुर ने आग्रह किया है कि मामले को लेकर सभी पक्ष तथ्यों के आधार पर स्थिति देखें और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जानकारी का संज्ञान लिया जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।आपको बता दें कि यह मामला उपायुक्त&nbsp;सोलन के पास है और जांच की जा रही हैं ।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोलन में &lsquo;चेस्टर हिल्स&rsquo; प्रोजेक्ट को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब इसके संचालक हंसराज ठाकुर ने सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।</span><span style="font-size: 18px;">उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर सामने आ रही कुछ जानकारियां तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। ठाकुर के अनुसार, &lsquo;चेस्टर हिल्स-2&rsquo; और &lsquo;4&rsquo; एक वैध आवासीय परियोजना है, जिसे सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और अनुमतियों के तहत विकसित किया जा रहा है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट की लागत को लेकर जो बड़े आंकड़े सार्वजनिक रूप से चर्चा में हैं, वे वास्तविकता से मेल नहीं खाते। उनके अनुसार, परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹150 करोड़ है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हंसराज ठाकुर ने बताया कि यह प्रोजेक्ट वर्षों की मेहनत, बैंक ऋण और निजी निवेश के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास RERA, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, नगर निगम सोलन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों की आवश्यक मंजूरियां मौजूद हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है, वहीं परियोजना से जुड़े कुछ खरीदारों और परिवारों की ओर से भी स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ठाकुर ने आग्रह किया है कि मामले को लेकर सभी पक्ष तथ्यों के आधार पर स्थिति देखें और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी जानकारी का संज्ञान लिया जाए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।आपको बता दें कि यह मामला उपायुक्त</span>&nbsp;<span style="font-size:18px;">सोलन के पास है और जांच की जा रही हैं ।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42905.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Chester Hills controversy: Director Hansraj Thakur presents his side of the story regarding the project]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-captain-investiture-ceremony-organised-at-dayanand-adarsh-vidyalaya]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: दयानंद आदर्श विद्यालय में कैप्टन इन्वेस्टिचर सेरेमनी का हुआ आयोजन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-captain-investiture-ceremony-organised-at-dayanand-adarsh-vidyalaya]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 13 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सोमवार को दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में कैप्टन इन्वेस्टिचर सेरेमनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मंत्र उच्चारण के साथ हुई। विद्यालय की प्रधानाचार्य उषा मित्तल ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा की भावना विकसित होती है। उन्होंने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं भी दीं।

इस अवसर पर विद्यालय के हेड बॉय सुहान और हेड गर्ल रक्षिता ठाकुर बनीं, जबकि अक्षरा वर्मा को वाइस कैप्टन की जिम्मेदारी सौंपी गई। विद्यालय के चारों सदनों में भी कैप्टन और प्रीफेक्ट नियुक्त किए गए विरजानंद सदन की कैप्टन राशि और वंश राठौर प्रीफेक्ट बने, दयानंद सदन की कैप्टन नंदिनी शर्मा और देव भारद्वाज प्रीफेक्ट बने, श्रद्धानंद सदन की कैप्टन रिद्धिमा वर्धन और कार्तिकेय सूद प्रीफेक्ट बने, वहीं विवेकानंद सदन की कैप्टन तानिया शर्मा और हर्ष कश्यप प्रीफेक्ट बने।

स्पोर्ट्स कैप्टन के रूप में सुजल ठाकुर और परमिता ठाकुर को नियुक्त किया गया, जबकि असिस्टेंट स्पोर्ट्स कैप्टन का दायित्व भी उन्हें सौंपा गया। हेड ऑफ वॉलंटियर्स के रूप में यश वर्मा और शुभम छेत्री को जिम्मेदारी मिली। स्कूल पुलिस की जिम्मेदारी याशिका भारद्वाज और इको क्लब कैप्टन सुहानी बनीं। प्रधानाचार्य उषा मित्तल ने सभी चयनित छात्रों को सैशेज और बैज पहनाकर सम्मानित किया और शुभकामनाएं दीं। हेड बॉय और हेड गर्ल के नेतृत्व में परेड का आयोजन किया गया तथा स्पोर्ट्स प्रभारी बीना कौशिक, जगदीश और सुश्री निशा की अध्यक्षता में शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। सभी विद्यार्थियों ने अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन कनन भंडारी और हरजीत ठाकुर द्वारा किया गया। अंत में मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया गया और कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोमवार को दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में कैप्टन इन्वेस्टिचर सेरेमनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और मंत्र उच्चारण के साथ हुई। विद्यालय की प्रधानाचार्य उषा मित्तल ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा की भावना विकसित होती है। उन्होंने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं भी दीं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर विद्यालय के हेड बॉय सुहान और हेड गर्ल रक्षिता ठाकुर बनीं, जबकि अक्षरा वर्मा को वाइस कैप्टन की जिम्मेदारी सौंपी गई। विद्यालय के चारों सदनों में भी कैप्टन और प्रीफेक्ट नियुक्त किए गए विरजानंद सदन की कैप्टन राशि और वंश राठौर प्रीफेक्ट बने, दयानंद सदन की कैप्टन नंदिनी शर्मा और देव भारद्वाज प्रीफेक्ट बने, श्रद्धानंद सदन की कैप्टन रिद्धिमा वर्धन और कार्तिकेय सूद प्रीफेक्ट बने, वहीं विवेकानंद सदन की कैप्टन तानिया शर्मा और हर्ष कश्यप प्रीफेक्ट बने।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">स्पोर्ट्स कैप्टन के रूप में सुजल ठाकुर और परमिता ठाकुर को नियुक्त किया गया, जबकि असिस्टेंट स्पोर्ट्स कैप्टन का दायित्व भी उन्हें सौंपा गया। हेड ऑफ वॉलंटियर्स के रूप में यश वर्मा और शुभम छेत्री को जिम्मेदारी मिली। स्कूल पुलिस की जिम्मेदारी याशिका भारद्वाज और इको क्लब कैप्टन सुहानी बनीं। प्रधानाचार्य उषा मित्तल ने सभी चयनित छात्रों को सैशेज और बैज पहनाकर सम्मानित किया और शुभकामनाएं दीं। हेड बॉय और हेड गर्ल के नेतृत्व में परेड का आयोजन किया गया तथा स्पोर्ट्स प्रभारी बीना कौशिक, जगदीश और सुश्री निशा की अध्यक्षता में शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। सभी विद्यार्थियों ने अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन कनन भंडारी और हरजीत ठाकुर द्वारा किया गया। अंत में मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया गया और कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42889.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Captain Investiture Ceremony organised at Dayanand Adarsh ​​Vidyalaya]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/traffic-increased-on-the-solan-shimla-route-over-the-weekend-with-active-police-arrangements-keeping-the-traffic-smooth]]></guid>
                       <title><![CDATA[वीकेंड पर सोलन-शिमला रूट पर बढ़ा ट्रैफिक, पुलिस की सक्रिय व्यवस्था से यातायात रहा सुचारू]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/traffic-increased-on-the-solan-shimla-route-over-the-weekend-with-active-police-arrangements-keeping-the-traffic-smooth]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 13 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शिमला जिला में 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 के बीच वीकेंड के दौरान पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी आवाजाही के कारण सोलन-शिमला राष्ट्रीय मार्ग पर यातायात का वॉल्यूम उल्लेखनीय रूप से बढ़ा। इसके बावजूद जिला पुलिस की प्रभावी एवं मैदानी स्तर पर सक्रिय तैनाती के चलते पूरे मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से संचालित होता रहा।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 10 अप्रैल को लगभग 17000 वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई, जिनमें करीब 7000 वाहन अन्य राज्यों से संबंधित थे। 11 अप्रैल को यह संख्या बढ़कर लगभग 19,000 हो गई, जिनमें करीब 9,000 बाहरी राज्य के वाहन शामिल रहे। वहीं 12 अप्रैल को सायं 6 बजे तक ही लगभग 11000 वाहन इस मार्ग से गुजर चुके थे, जिनमें करीब 5,500 अन्य राज्यों के वाहन थे।

बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जिला पुलिस ने पूर्व योजना के तहत विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया। सभी गजेटेड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड में मौजूद रहे, जबकि संबंधित थाना प्रभारियों (SHOs) ने स्वयं सड़कों पर उतरकर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई तथा निरंतर निगरानी सुनिश्चित की गई।

पुलिस की सतर्कता के कारण पूरे वीकेंड के दौरान कहीं भी लंबा जाम या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई, जिससे आम जनता और पर्यटकों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सकी। शिमला पुलिस यातायात व्यवस्था बनाए रखने में आप सभी के सहयोग की आभारी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिमला जिला में 10 अप्रैल से 12 अप्रैल 2026 के बीच वीकेंड के दौरान पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी आवाजाही के कारण सोलन-शिमला राष्ट्रीय मार्ग पर यातायात का वॉल्यूम उल्लेखनीय रूप से बढ़ा। इसके बावजूद जिला पुलिस की प्रभावी एवं मैदानी स्तर पर सक्रिय तैनाती के चलते पूरे मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से संचालित होता रहा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 10 अप्रैल को लगभग 17000 वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई, जिनमें करीब 7000 वाहन अन्य राज्यों से संबंधित थे। 11 अप्रैल को यह संख्या बढ़कर लगभग 19,000 हो गई, जिनमें करीब 9,000 बाहरी राज्य के वाहन शामिल रहे। वहीं 12 अप्रैल को सायं 6 बजे तक ही लगभग 11000 वाहन इस मार्ग से गुजर चुके थे, जिनमें करीब 5,500 अन्य राज्यों के वाहन थे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जिला पुलिस ने पूर्व योजना के तहत विशेष ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया। सभी गजेटेड अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड में मौजूद रहे, जबकि संबंधित थाना प्रभारियों (SHOs) ने स्वयं सड़कों पर उतरकर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई तथा निरंतर निगरानी सुनिश्चित की गई।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पुलिस की सतर्कता के कारण पूरे वीकेंड के दौरान कहीं भी लंबा जाम या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई, जिससे आम जनता और पर्यटकों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिल सकी। शिमला पुलिस यातायात व्यवस्था बनाए रखने में आप सभी के सहयोग की आभारी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42886.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Traffic increased on the Solan-Shimla route over the weekend, with active police arrangements keeping the traffic smooth.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/massivefirebreaksoutinhimachalskasauliseveralshopsguttedinflames]]></guid>
                       <title><![CDATA[हिमाचल के कसौली में भीषण अग्निकांड, धू-धू कर जली कई दुकानें]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/himachal/massivefirebreaksoutinhimachalskasauliseveralshopsguttedinflames]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 13 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[
हिमाचल प्रदेश के कसौली की हेरिटेज मार्केट में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर कई दुकानें जलकर राख हो गईं। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। बताया जा रहा है कि आग सुबह करीब 3:30 बजे लगी। शुरुआती अंदेशे के मुताबिक आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इस हादसे में करीब 12 से 14 गैस सिलेंडर फटने की भी सूचना है, जिससे आग और भड़क गई। अब तक लगभग सात दुकानें पूरी तरह जल चुकी हैं। इनमें मोमोज, खिलौने, कपड़ों की दुकानें और एक कैफे शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि आग की शुरुआत इसी कैफे से हुई। प्रशासन की ओर से एसडीएम कसौली महेंद्र प्रताप सिंह और धर्मपुर के एसएचओ मौके पर मौजूद हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><br />
<span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के कसौली की हेरिटेज मार्केट में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर कई दुकानें जलकर राख हो गईं। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। बताया जा रहा है कि आग सुबह करीब 3:30 बजे लगी। शुरुआती अंदेशे के मुताबिक आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस हादसे में करीब 12 से 14 गैस सिलेंडर फटने की भी सूचना है, जिससे आग और भड़क गई। अब तक लगभग सात दुकानें पूरी तरह जल चुकी हैं। इनमें मोमोज, खिलौने, कपड़ों की दुकानें और एक कैफे शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि आग की शुरुआत इसी कैफे से हुई। प्रशासन की ओर से एसडीएम कसौली महेंद्र प्रताप सिंह और धर्मपुर के एसएचओ मौके पर मौजूद हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42883.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Massive_fire_breaks_out_in_Himachal's_Kasauli_several_shops_gutted_in_flames]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solanindoorsportschampionshipconcludesatshooliniuniversity]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय में हुआ इंडोर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solanindoorsportschampionshipconcludesatshooliniuniversity]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 09 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शूलिनी विश्वविद्यालय में इंडोर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का सफल समापन हुआ, जिसमें विभिन्न खेलों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चैंपियनशिप में टेबल टेनिस, बैडमिंटन और शतरंज सहित कई इंडोर खेलों का आयोजन किया गया। छात्रों ने प्रतियोगिता के दौरान असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और खेल भावना का प्रदर्शन किया, जिससे यह आयोजन प्रतिस्पर्धी और मनोरंजक बना रहा।

शतरंज में अभिषेक कुमार झा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि विनम्र सिंह गांधी उपविजेता रहे। टेबल टेनिस के लड़कों के एकल वर्ग में अभिषेक विजेता रहे, वहीं रिजुल दूसरे स्थान पर रहे। लड़कों के युगल में रिजुल और मृदुल ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि अभिषेक और सूरज ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन स्पर्धाओं में भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। महिलाओं के एकल वर्ग में मृगना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि निमिषा उपविजेता रहीं। पुरुष एकल में अनिमीष ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, उसके बाद दीपांश दूसरे स्थान पर रहे। महिला युगल में मृगना और अनुष्का की जोड़ी चैंपियन बनी, जबकि श्रीजल और दिव्यांश उपविजेता रहीं। पुरुष युगल में वंश और दीपांश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अनिमीष और रोहनीत उपविजेता रहे।&nbsp;

मिश्रित युगल में आदित्य और मृगना ने चैंपियनशिप जीती, जबकि कुणाल और सुहाना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पुरस्कार वितरण समारोह में शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पी. के. खोसला ने विजेताओं को सम्मानित किया और सभी प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। सभा को संबोधित करते हुए प्रोफेसर खोसला ने अनुशासन, टीम वर्क और समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने में खेलों के महत्व पर जोर दिया और छात्रों को ऐसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। खेल विभाग द्वारा 3 अप्रैल से 7 अप्रैल तक आयोजित, यह कार्यक्रम प्रोफेसर नीरज गंडोत्रा, एसोसिएट डीन, छात्र कल्याण के मार्गदर्शन में संचालित किया गया, जिन्होंने छात्रों को अकादमिक गतिविधियों और खेलों में सक्रिय भागीदारी के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शूलिनी विश्वविद्यालय में इंडोर स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का सफल समापन हुआ, जिसमें विभिन्न खेलों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चैंपियनशिप में टेबल टेनिस, बैडमिंटन और शतरंज सहित कई इंडोर खेलों का आयोजन किया गया। छात्रों ने प्रतियोगिता के दौरान असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और खेल भावना का प्रदर्शन किया, जिससे यह आयोजन प्रतिस्पर्धी और मनोरंजक बना रहा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शतरंज में अभिषेक कुमार झा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि विनम्र सिंह गांधी उपविजेता रहे। टेबल टेनिस के लड़कों के एकल वर्ग में अभिषेक विजेता रहे, वहीं रिजुल दूसरे स्थान पर रहे। लड़कों के युगल में रिजुल और मृदुल ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि अभिषेक और सूरज ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। बैडमिंटन स्पर्धाओं में भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। महिलाओं के एकल वर्ग में मृगना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि निमिषा उपविजेता रहीं। पुरुष एकल में अनिमीष ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, उसके बाद दीपांश दूसरे स्थान पर रहे। महिला युगल में मृगना और अनुष्का की जोड़ी चैंपियन बनी, जबकि श्रीजल और दिव्यांश उपविजेता रहीं। पुरुष युगल में वंश और दीपांश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अनिमीष और रोहनीत उपविजेता रहे।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मिश्रित युगल में आदित्य और मृगना ने चैंपियनशिप जीती, जबकि कुणाल और सुहाना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। पुरस्कार वितरण समारोह में शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पी. के. खोसला ने विजेताओं को सम्मानित किया और सभी प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। सभा को संबोधित करते हुए प्रोफेसर खोसला ने अनुशासन, टीम वर्क और समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने में खेलों के महत्व पर जोर दिया और छात्रों को ऐसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। खेल विभाग द्वारा 3 अप्रैल से 7 अप्रैल तक आयोजित, यह कार्यक्रम प्रोफेसर नीरज गंडोत्रा, एसोसिएट डीन, छात्र कल्याण के मार्गदर्शन में संचालित किया गया, जिन्होंने छात्रों को अकादमिक गतिविधियों और खेलों में सक्रिय भागीदारी के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42868.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan_Indoor_Sports_Championship_concludes_at_Shoolini_University]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/kunihar-association-roars-in-kunihar-over-pending-demands-of-pensioners-warns-the-government]]></guid>
                       <title><![CDATA[ पेंशनर्स की लंबित मांगों पर कुनिहार में गरजी एसोसिएशन, सरकार को दी चेतावनी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/kunihar-association-roars-in-kunihar-over-pending-demands-of-pensioners-warns-the-government]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 07 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार की मासिक बैठक मंगलवार को अध्यक्ष विनोद जोशी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर गहन चर्चा करते हुए सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की गई।&nbsp;बैठक में सदस्यों ने महंगाई भत्ते (डीए) की सभी बकाया किस्तों का तुरंत भुगतान करने की मांग उठाई। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कम्यूटेशन मामले को लेकर कहा गया कि वर्तमान में 15 वर्ष तक की कटौती अवधि को घटाकर 10 वर्ष 8 माह किया जाए, जैसा कि कई अन्य राज्यों में पहले ही लागू किया जा चुका है।

एसोसिएशन ने 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पेंशनर्स को क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मूल पेंशन में जोड़ने की मांग भी रखी। इसके अलावा 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के वित्तीय लाभ देने पर जोर दिया गया।

सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार पेंशनर्स के मामलों में भेदभावपूर्ण नीति अपना रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेंशनर्स के साथ &ldquo;बंदरबांट&rdquo; जैसी स्थिति नहीं होनी चाहिए और सभी लंबित मामलों का समान रूप से समाधान किया जाए।

बैठक में पेंशन से संबंधित जेसीसी (संयुक्त सलाहकार समिति) की बैठक शीघ्र बुलाने की मांग भी उठाई गई। साथ ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों को लेकर सरकार की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि बजट उपलब्ध कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पेंशन वेलफेयर एसोसिएशन कुनिहार की मासिक बैठक मंगलवार को अध्यक्ष विनोद जोशी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर गहन चर्चा करते हुए सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की गई।&nbsp;</span><span style="font-size: 18px;">बैठक में सदस्यों ने महंगाई भत्ते (डीए) की सभी बकाया किस्तों का तुरंत भुगतान करने की मांग उठाई। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कम्यूटेशन मामले को लेकर कहा गया कि वर्तमान में 15 वर्ष तक की कटौती अवधि को घटाकर 10 वर्ष 8 माह किया जाए, जैसा कि कई अन्य राज्यों में पहले ही लागू किया जा चुका है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">एसोसिएशन ने 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले पेंशनर्स को क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मूल पेंशन में जोड़ने की मांग भी रखी। इसके अलावा 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बिना किसी भेदभाव के वित्तीय लाभ देने पर जोर दिया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार पेंशनर्स के मामलों में भेदभावपूर्ण नीति अपना रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेंशनर्स के साथ &ldquo;बंदरबांट&rdquo; जैसी स्थिति नहीं होनी चाहिए और सभी लंबित मामलों का समान रूप से समाधान किया जाए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बैठक में पेंशन से संबंधित जेसीसी (संयुक्त सलाहकार समिति) की बैठक शीघ्र बुलाने की मांग भी उठाई गई। साथ ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों को लेकर सरकार की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि बजट उपलब्ध कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42846.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[ Kunihar: Association roars in Kunihar over pending demands of pensioners, warns the government]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-health-check-up-camp-organised-at-sai-international-school]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन : साई इंटरनेशनल स्कूल में स्वास्थ्य जांच शिविर का हुआ आयोजन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-health-check-up-camp-organised-at-sai-international-school]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 07 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[साई इंटरनेशनल स्कूल में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर&nbsp; स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माधयम से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं स्टाफ में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
स्वास्थ्य शिविर में सोलन के प्रसिद्ध चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान दी, जिनमें डॉ. तरुण भारद्वाज (दंत चिकित्सक), डॉ. विनोद सूरी एवं डॉ. सुखदा सूरी (होम्योपैथिक विशेषज्ञ), डॉ. विनय पटियाल (त्वचा विशेषज्ञ), डॉ. रविकांत सूद (जनरल फिजिशियन), डॉ. संजय ग्रोवर (नेत्र विशेषज्ञ) तथा डॉ. रवि वर्मा (एमडी पीडियाट्रिक्स, एपेक्स अस्पताल) शामिल रहे।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन&nbsp; रामिंदर बावा एवं प्रिंसिपल मीरा गुप्ता ने सभी डॉक्टरों को प्लांटर्स दे कर सम्मानित किया।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">साई इंटरनेशनल स्कूल में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर&nbsp; स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माधयम से विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं स्टाफ में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।<br />
स्वास्थ्य शिविर में सोलन के प्रसिद्ध चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान दी, जिनमें डॉ. तरुण भारद्वाज (दंत चिकित्सक), डॉ. विनोद सूरी एवं डॉ. सुखदा सूरी (होम्योपैथिक विशेषज्ञ), डॉ. विनय पटियाल (त्वचा विशेषज्ञ), डॉ. रविकांत सूद (जनरल फिजिशियन), डॉ. संजय ग्रोवर (नेत्र विशेषज्ञ) तथा डॉ. रवि वर्मा (एमडी पीडियाट्रिक्स, एपेक्स अस्पताल) शामिल रहे।<br />
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन&nbsp; रामिंदर बावा एवं प्रिंसिपल मीरा गुप्ता ने सभी डॉक्टरों को प्लांटर्स दे कर सम्मानित किया।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42843.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Health check-up camp organised at Sai International School]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/ministervikramadityasinghtovisitsolanonapriltolayfoundationstoneforindoorstadium]]></guid>
                       <title><![CDATA[7 अप्रैल को सोलन दौरे पर मंत्री विक्रमादित्य सिंह, कुठाड़ में रखेंगे इंडोर स्टेडियम की आधारशिला]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/ministervikramadityasinghtovisitsolanonapriltolayfoundationstoneforindoorstadium]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 06 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह 7 अप्रैल, 2026 को सोलन जिला के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री सुबह 11:00 बजे दून विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठाड़ में इंडोर स्टेडियम की आधारशिला रखेंगे। इसके उपरांत वह सुबह 11:15 बजे टैगोर वनस्थली पब्लिक स्कूल, कुठाड़ में आयोजित &lsquo;इन्वेस्टीचर सेरेमनी 2026-27&rsquo; में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह 7 अप्रैल, 2026 को सोलन जिला के प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री सुबह 11:00 बजे दून विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठाड़ में इंडोर स्टेडियम की आधारशिला रखेंगे। इसके उपरांत वह सुबह 11:15 बजे टैगोर वनस्थली पब्लिक स्कूल, कुठाड़ में आयोजित &lsquo;इन्वेस्टीचर सेरेमनी 2026-27&rsquo; में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42838.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Minister_Vikramaditya_Singh_to_visit_Solan_on_April_to_lay_foundation_stone_for_indoor_stadium]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-electricity-supply-will-be-disrupted-in-these-areas-on-april-3]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: 3 अप्रैल को इन क्षेत्रों में बाधित रहेगी विद्युत आपूर्ति ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-electricity-supply-will-be-disrupted-in-these-areas-on-april-3]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 01 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन के अनुसार आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते 3 अप्रैल, 2026 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक जराश, सूर्य किरण, बेर की सेर तथा आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। राहुल वर्मा ने कहा कि खराब मौसम या किसी अपरिहार्य कारण के चलते निर्धारित समय और तिथि में बदलाव संभव है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग करने की अपील की है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन के अनुसार आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते 3 अप्रैल, 2026 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक जराश, सूर्य किरण, बेर की सेर तथा आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। राहुल वर्मा ने कहा कि खराब मौसम या किसी अपरिहार्य कारण के चलते निर्धारित समय और तिथि में बदलाव संभव है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग करने की अपील की है।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42811.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Electricity supply will be disrupted in these areas on April 3.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/uproar-over-decision-to-make-kunihar-a-nagar-panchayat-demand-for-denotification-gains-momentum]]></guid>
                       <title><![CDATA[कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के फैसले पर बवाल, डिनोटिफिकेशन की मांग ने पकड़ा जोर]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/uproar-over-decision-to-make-kunihar-a-nagar-panchayat-demand-for-denotification-gains-momentum]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 01 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के फैसले के खिलाफ क्षेत्र में विरोध तेज होता जा रहा है। कुनिहार विकास सभा, महिला मंडल कोठी और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस निर्णय पर कड़ा ऐतराज जताते हुए हाटकोट, कोठी और कुनिहार पंचायतों को नगर पंचायत घोषित करने के नोटिफिकेशन को तुरंत डिनोटिफाई करने की मांग उठाई है।

कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तंवर के नेतृत्व में कार्यकारिणी सदस्यों भागमल तंवर, ज्ञान ठाकुर, दीप राम ठाकुर, बाबूराम तंवर, नागेंद्र ठाकुर, संतराम, देवी राम मेहता, ज्ञान गर्ग, सनी राघव, ओम प्रकाश ठाकुर, सोहनलाल, राजेंद्र गर्ग, जगदीश ठाकुर, रामचंद, बलवीर चौधरी और धर्म सिंह सहित महिला मंडल कोठी व अन्य संस्थाओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सरकार ने बिना स्थानीय लोगों की सहमति के यह निर्णय लिया, जो जनभावनाओं के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार सरकार और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे क्षेत्रवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि कुनिहार अभी भी पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में लोग खेती-बाड़ी और पशुपालन पर निर्भर हैं। नगर पंचायत बनने से न केवल उनकी पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि उन पर टैक्स और अन्य नियमों का अतिरिक्त बोझ भी पड़ सकता है।

विकास सभा ने तर्क दिया कि कांगड़ा जोन में कई नगर पंचायतों को जनता के विरोध के बाद डिनोटिफाई किया जा चुका है। वहीं, कंडाघाट को भी 23 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा लोगों की मांग को स्वीकार करते हुए डिनोटिफाई किया गया। ऐसे में कुनिहार के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है, यह सवाल भी उठने लगे हैं।

संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि सरकार को राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर निर्णय लेने चाहिए। जनता के हितों की अनदेखी करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत व्यवस्था में ही उनकी भागीदारी और अधिकार सुरक्षित हैं, जबकि नगर पंचायत बनने से उनकी पारंपरिक संरचना कमजोर हो सकती है। इसलिए वे किसी भी कीमत पर इस फैसले को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं। अंत में कुनिहार विकास सभा और सभी संगठनों ने एक स्वर में सरकार से मांग की है कि कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के नोटिफिकेशन को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और क्षेत्र को पहले की तरह पंचायत व्यवस्था में ही रखा जाए, ताकि लोगों का सरकार पर विश्वास बना रहे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के फैसले के खिलाफ क्षेत्र में विरोध तेज होता जा रहा है। कुनिहार विकास सभा, महिला मंडल कोठी और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस निर्णय पर कड़ा ऐतराज जताते हुए हाटकोट, कोठी और कुनिहार पंचायतों को नगर पंचायत घोषित करने के नोटिफिकेशन को तुरंत डिनोटिफाई करने की मांग उठाई है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तंवर के नेतृत्व में कार्यकारिणी सदस्यों भागमल तंवर, ज्ञान ठाकुर, दीप राम ठाकुर, बाबूराम तंवर, नागेंद्र ठाकुर, संतराम, देवी राम मेहता, ज्ञान गर्ग, सनी राघव, ओम प्रकाश ठाकुर, सोहनलाल, राजेंद्र गर्ग, जगदीश ठाकुर, रामचंद, बलवीर चौधरी और धर्म सिंह सहित महिला मंडल कोठी व अन्य संस्थाओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सरकार ने बिना स्थानीय लोगों की सहमति के यह निर्णय लिया, जो जनभावनाओं के खिलाफ है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार सरकार और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे क्षेत्रवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि कुनिहार अभी भी पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में लोग खेती-बाड़ी और पशुपालन पर निर्भर हैं। नगर पंचायत बनने से न केवल उनकी पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि उन पर टैक्स और अन्य नियमों का अतिरिक्त बोझ भी पड़ सकता है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विकास सभा ने तर्क दिया कि कांगड़ा जोन में कई नगर पंचायतों को जनता के विरोध के बाद डिनोटिफाई किया जा चुका है। वहीं, कंडाघाट को भी 23 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा लोगों की मांग को स्वीकार करते हुए डिनोटिफाई किया गया। ऐसे में कुनिहार के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है, यह सवाल भी उठने लगे हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि सरकार को राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर निर्णय लेने चाहिए। जनता के हितों की अनदेखी करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत व्यवस्था में ही उनकी भागीदारी और अधिकार सुरक्षित हैं, जबकि नगर पंचायत बनने से उनकी पारंपरिक संरचना कमजोर हो सकती है। इसलिए वे किसी भी कीमत पर इस फैसले को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं। अंत में कुनिहार विकास सभा और सभी संगठनों ने एक स्वर में सरकार से मांग की है कि कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के नोटिफिकेशन को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और क्षेत्र को पहले की तरह पंचायत व्यवस्था में ही रखा जाए, ताकि लोगों का सरकार पर विश्वास बना रहे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42807.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Uproar over decision to make Kunihar a Nagar Panchayat, demand for denotification gains momentum]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-district-level-shooting-competition-to-be-held-at-kaithlighat-from-april-3-to-5]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: 3 से 5 अप्रैल तक कैथलीघाट में आयोजित होगी जिला स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-district-level-shooting-competition-to-be-held-at-kaithlighat-from-april-3-to-5]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 01 Apr 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सोलन जिला राइफल एसोसिएशन 3 अप्रैल से 5 अप्रैल तक कंडाघाट के कैथलीघाट, महालक्ष्मी फर्नीचर के समीप 11वीं जिला स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता 2026 का आयोजन करने जा रहा है। यह प्रतियोगिता हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन के तत्वावधान में होगी।

जिला राइफल एसोसिएशन के महासचिव विजय ठाकुर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में .22 राइफल (50 मीटर), .22 पिस्टल (50 व 25 मीटर), .32 सेंटर फायर पिस्टल (25 मीटर) और ट्रैप शूटिंग (12 बोर) की प्रतियोगिताएं होंगी। 10 मीटर एयर पिस्टल व राइफल प्रतियोगिताएं भी इसी अवधि में श्री बालाजी गनफायर शूटिंग अकादमी, छावनी रेस्टोरेंट के नजदीक, बायपास रोड़ सोलन में आयोजित की जाएंगी।

ठाकुर ने कहा कि प्रतियोगिता हेतु आर्म्स और एम्युनिशन प्रतिभागी शूटर्स को एसोसिएशन द्वारा मौके पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेना अनिवार्य किया गया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोलन जिला राइफल एसोसिएशन 3 अप्रैल से 5 अप्रैल तक कंडाघाट के कैथलीघाट, महालक्ष्मी फर्नीचर के समीप 11वीं जिला स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता 2026 का आयोजन करने जा रहा है। यह प्रतियोगिता हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन के तत्वावधान में होगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जिला राइफल एसोसिएशन के महासचिव विजय ठाकुर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में .22 राइफल (50 मीटर), .22 पिस्टल (50 व 25 मीटर), .32 सेंटर फायर पिस्टल (25 मीटर) और ट्रैप शूटिंग (12 बोर) की प्रतियोगिताएं होंगी। 10 मीटर एयर पिस्टल व राइफल प्रतियोगिताएं भी इसी अवधि में श्री बालाजी गनफायर शूटिंग अकादमी, छावनी रेस्टोरेंट के नजदीक, बायपास रोड़ सोलन में आयोजित की जाएंगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">ठाकुर ने कहा कि प्रतियोगिता हेतु आर्म्स और एम्युनिशन प्रतिभागी शूटर्स को एसोसिएशन द्वारा मौके पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेना अनिवार्य किया गया है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42805.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: District level shooting competition to be held at Kaithlighat from April 3 to 5]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/kunihar-robotics-lab-inaugurated-at-svn-school-students-of-the-area-will-get-modern-technical-knowledge]]></guid>
                       <title><![CDATA[कुनिहार: SVN स्कूल में रोबोटिक्स लैब का शुभारंभ, क्षेत्र के विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक तकनीकी ज्ञान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/kunihar-robotics-lab-inaugurated-at-svn-school-students-of-the-area-will-get-modern-technical-knowledge]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 31 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[क्षेत्र के अग्रणी शैक्षणिक संस्थान द एसवीएन स्कूल में अत्याधुनिक रोबोटिक्स एवं इनोवेशन लैब का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विद्यालय के चेयरमैन टी.सी. गर्ग और सीनियर डायरेक्टर लुपिन गर्ग ने लैब की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से यह आधुनिक सुविधा साकार हो पाई, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, एसवीएन स्कूल क्षेत्र का पहला ऐसा संस्थान बन गया है, जहां विद्यार्थियों को रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस लैब के माध्यम से छात्र-छात्राएं कोडिंग, रोबोट निर्माण और विभिन्न नवाचार गतिविधियों में भाग लेकर अपने कौशल को निखार सकेंगे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी युग का है और रोबोटिक्स भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही तकनीकी शिक्षा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।

रोबोटिक्स लैब विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक सोच और समस्या समाधान क्षमता को विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही, यह लैब उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे विद्यालय का भ्रमण कर यहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं व विशेष कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त करें और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भागीदार बनें।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि एसवीएन स्कूल निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है और विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, इस मौके पर विद्यालय स्टाफ सहित अभिभावक उपस्थित रहे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">क्षेत्र के अग्रणी शैक्षणिक संस्थान द एसवीएन स्कूल में अत्याधुनिक रोबोटिक्स एवं इनोवेशन लैब का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विद्यालय के चेयरमैन टी.सी. गर्ग और सीनियर डायरेक्टर लुपिन गर्ग ने लैब की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से यह आधुनिक सुविधा साकार हो पाई, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, एसवीएन स्कूल क्षेत्र का पहला ऐसा संस्थान बन गया है, जहां विद्यार्थियों को रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस लैब के माध्यम से छात्र-छात्राएं कोडिंग, रोबोट निर्माण और विभिन्न नवाचार गतिविधियों में भाग लेकर अपने कौशल को निखार सकेंगे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी युग का है और रोबोटिक्स भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही तकनीकी शिक्षा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">रोबोटिक्स लैब विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक सोच और समस्या समाधान क्षमता को विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही, यह लैब उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे विद्यालय का भ्रमण कर यहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं व विशेष कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त करें और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भागीदार बनें।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि एसवीएन स्कूल निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है और विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, इस मौके पर विद्यालय स्टाफ सहित अभिभावक उपस्थित रहे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42799.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Kunihar: Robotics lab inaugurated at SVN School, students of the area will get modern technical knowledge]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-brainstorming-at-nauni-university-to-save-endangered-medicinal-plants]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: विलुप्त हो रहे औषधीय पौधों को बचाने के लिए नौणी विश्वविद्यालय में मंथन]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-brainstorming-at-nauni-university-to-save-endangered-medicinal-plants]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Mon, 30 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में राज्य वन विभाग के सहयोग से किसान सहभागिता के माध्यम से विलुप्तप्राय एवं संकटग्रस्त औषधीय एवं सुगंधित पौधों (MAPs) के रणनीतिक प्राथमिकता निर्धारण&rdquo; विषय पर एक इंटरएक्टिव बैठक का आयोजन किया गया। वन उत्पाद विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, वन अधिकारियों तथा प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर हिमाचल प्रदेश में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के संरक्षण, खेती और सतत उपयोग पर मंथन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन बल प्रमुख एवं जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक डॉ. संजय सूद ने प्रदेश में औषधीय पौधों की खेती की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैज्ञानिक एवं आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित करने और हितधारकों की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान कार्यक्रम तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण इन पौधों के प्राकृतिक आवासों पर पड़ रहे प्रभाव की ओर भी ध्यान आकर्षित किया तथा जागरूकता एवं संरक्षण में शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि औषधीय खेती ग्रामीण आजीविका और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकती है। डॉ. सूद ने यह भी आश्वासन दिया कि जाइका वानिकी परियोजना औषधीय पौधों पर शोध के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि औषधीय पौधे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विभागों और किसानों के बीच समन्वित सहयोग पर बल देते हुए संकटग्रस्त एवं विलुप्तप्राय प्रजातियों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। कृषि योग्य भूमि की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने गहन खेती, अंतराफसलीकरण तथा प्राकृतिक खेती अपनाने की वकालत की, साथ ही गुणवत्ता मानकों और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

इससे पूर्व, वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सी.एल. ठाकुर ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में औषधीय पौधों के महत्व पर प्रकाश डाला। वन उत्पाद विभाग के प्रमुख डॉ. यशपाल शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय वर्तमान में 32 औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर कार्य कर रहा है तथा कई प्रजातियों के लिए कृषि तकनीकों और नर्सरी उत्पादन विधियों का मानकीकरण किया जा चुका है।

तकनीकी सत्र में हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट, शिमला के डॉ. संदीप शर्मा ने उनके संस्थान द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। जाइका वानिकी परियोजना के मार्केटिंग प्रबंधक डॉ. राजेश चौहान ने परियोजना की गतिविधियों और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने में हर्बल सेल की भूमिका के बारे में बताया। विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. रविंदर रैना ने दुर्लभ, संकटग्रस्त और विलुप्तप्राय औषधीय पौधों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके साथ ही, इन पौधों की खेती के भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श हेतु एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. संजय सूद ने वन विभाग के आईडीपी प्रोजेक्ट के सहयोग से स्थापित वन संसाधन एवं पर्यावरण उद्यमिता केंद्र का उद्घाटन भी किया। औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के अंतर्गत किसानों को चिरायता और कलिहारी के पौध सामग्री वितरित की गई। इस दौरान पांच प्रगतिशील किसानों&mdash;पवन कुमार (चंबा), ओम प्रकाश (कांगड़ा), राजेश कुमार कंवर एवं हरदेश बत्रा (सिरमौर) तथा कृपाल सिंह (शिमला)&mdash;को औषधीय पौधों की खेती एवं प्रोत्साहन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैधानिक अधिकारी- डॉ. एचपी संख्यान और डॉ. दौलत राम भारद्वाज, वन संरक्षक सोलन नरेंद्र प्रकाश भरोट, जाइका वानिकी परियोजना के परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा, डीएफओ सोलन सहित वैज्ञानिक एवं वन अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में राज्य वन विभाग के सहयोग से किसान सहभागिता के माध्यम से विलुप्तप्राय एवं संकटग्रस्त औषधीय एवं सुगंधित पौधों (MAPs) के रणनीतिक प्राथमिकता निर्धारण&rdquo; विषय पर एक इंटरएक्टिव बैठक का आयोजन किया गया। वन उत्पाद विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, वन अधिकारियों तथा प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर हिमाचल प्रदेश में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के संरक्षण, खेती और सतत उपयोग पर मंथन किया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन बल प्रमुख एवं जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक डॉ. संजय सूद ने प्रदेश में औषधीय पौधों की खेती की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैज्ञानिक एवं आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित करने और हितधारकों की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान कार्यक्रम तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण इन पौधों के प्राकृतिक आवासों पर पड़ रहे प्रभाव की ओर भी ध्यान आकर्षित किया तथा जागरूकता एवं संरक्षण में शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि औषधीय खेती ग्रामीण आजीविका और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकती है। डॉ. सूद ने यह भी आश्वासन दिया कि जाइका वानिकी परियोजना औषधीय पौधों पर शोध के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि औषधीय पौधे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विभागों और किसानों के बीच समन्वित सहयोग पर बल देते हुए संकटग्रस्त एवं विलुप्तप्राय प्रजातियों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। कृषि योग्य भूमि की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने गहन खेती, अंतराफसलीकरण तथा प्राकृतिक खेती अपनाने की वकालत की, साथ ही गुणवत्ता मानकों और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी जोर दिया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इससे पूर्व, वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सी.एल. ठाकुर ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में औषधीय पौधों के महत्व पर प्रकाश डाला। वन उत्पाद विभाग के प्रमुख डॉ. यशपाल शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय वर्तमान में 32 औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर कार्य कर रहा है तथा कई प्रजातियों के लिए कृषि तकनीकों और नर्सरी उत्पादन विधियों का मानकीकरण किया जा चुका है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">तकनीकी सत्र में हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट, शिमला के डॉ. संदीप शर्मा ने उनके संस्थान द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। जाइका वानिकी परियोजना के मार्केटिंग प्रबंधक डॉ. राजेश चौहान ने परियोजना की गतिविधियों और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने में हर्बल सेल की भूमिका के बारे में बताया। विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. रविंदर रैना ने दुर्लभ, संकटग्रस्त और विलुप्तप्राय औषधीय पौधों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके साथ ही, इन पौधों की खेती के भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श हेतु एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर डॉ. संजय सूद ने वन विभाग के आईडीपी प्रोजेक्ट के सहयोग से स्थापित वन संसाधन एवं पर्यावरण उद्यमिता केंद्र का उद्घाटन भी किया। औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के अंतर्गत किसानों को चिरायता और कलिहारी के पौध सामग्री वितरित की गई। इस दौरान पांच प्रगतिशील किसानों&mdash;पवन कुमार (चंबा), ओम प्रकाश (कांगड़ा), राजेश कुमार कंवर एवं हरदेश बत्रा (सिरमौर) तथा कृपाल सिंह (शिमला)&mdash;को औषधीय पौधों की खेती एवं प्रोत्साहन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैधानिक अधिकारी- डॉ. एचपी संख्यान और डॉ. दौलत राम भारद्वाज, वन संरक्षक सोलन नरेंद्र प्रकाश भरोट, जाइका वानिकी परियोजना के परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा, डीएफओ सोलन सहित वैज्ञानिक एवं वन अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42784.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Brainstorming at Nauni University to save endangered medicinal plants]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/llegal-construction-in-solan-deoghat-by-ignoring-rera-rules-demand-for-action-from-deputy-commissioner]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: देओघाट में RERA नियमों को ताक में रख कर अवैध निर्माण, उपायुक्त से कार्रवाई की मांग]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/llegal-construction-in-solan-deoghat-by-ignoring-rera-rules-demand-for-action-from-deputy-commissioner]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 27 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सोलन के देओघाट क्षेत्र में अवैध निर्माण, सड़क अवरोध और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां सोलन के एक प्रतिष्ठित कारोबारी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क और बिजली लाइन को भी क्षतिग्रस्त किया जा रहा है और आरोप लगाया जा रहा है कि यह मामला रेरा के अधीन आता है तथा रेरा से कोई अनुमति नहीं ली गई है।

स्थानीय निवासी पीहा वर्मा ने उपायुक्त सोलन को लिखित शिकायत भेजकर तुरंत हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, देओघाट मुख्य बाजार से श्रम एवं रोजगार कार्यालय को जोड़ने वाली नगर निगम की सड़क, जो पिछले करीब 24 वर्षों से आम उपयोग में है, उसे अवरुद्ध और क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। यह सड़क न केवल संबंधित आवेदक के प्लॉट्स तक पहुंच प्रदान करती है, बल्कि आसपास के कई घरों और सरकारी कार्यालयों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है।

पीहा वर्मा ने बताया कि खसरा नंबर 817 में आशा देवी व अन्य द्वारा बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। आरोप है कि इस निर्माण के दौरान उक्त एमसी सड़क को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कानूनी रूप से गलत है। उन्होंने भारतीय उपबंध अधिनियम, 1882 का हवाला देते हुए कहा कि इस सड़क पर उनका स्थायी एवं निर्बाध अधिकार है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों को उखाड़कर जलाया गया और सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट्स को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इससे न केवल पर्यावरण को क्षति हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आवेदक ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर करीब 50 फीट तक ऊर्ध्वाधर कटाई की गई है, जो नियमों के विरुद्ध है। नियमानुसार 3.5 मीटर से अधिक कटाई की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा, यह कार्य पास से गुजर रही 33 केवी बिजली लाइन के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि परियोजना क्षेत्र 2500 वर्गमीटर से अधिक है, जिससे यह मामला रेरा (RERA) के दायरे में आता है, लेकिन इसकी जानकारी संबंधित प्राधिकरण को नहीं दी गई है और नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है।

पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं: निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से रोका जाए, निर्माण स्वीकृति की जांच करवाई जाए, 33 केवी बिजली लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, अवैध पेड़ कटान की जांच हो, सरकारी भूमि में की गई कटाई की जांच हो तथा उक्त सड़क को किसी भी हालत में बंद न होने दिया जाए। साथ ही, पीहा वर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्हें न्यायालय का सहारा लेना पड़ेगा।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोलन के देओघाट क्षेत्र में अवैध निर्माण, सड़क अवरोध और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां सोलन के एक प्रतिष्ठित कारोबारी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क और बिजली लाइन को भी क्षतिग्रस्त किया जा रहा है और आरोप लगाया जा रहा है कि यह मामला रेरा के अधीन आता है तथा रेरा से कोई अनुमति नहीं ली गई है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">स्थानीय निवासी पीहा वर्मा ने उपायुक्त सोलन को लिखित शिकायत भेजकर तुरंत हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, देओघाट मुख्य बाजार से श्रम एवं रोजगार कार्यालय को जोड़ने वाली नगर निगम की सड़क, जो पिछले करीब 24 वर्षों से आम उपयोग में है, उसे अवरुद्ध और क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। यह सड़क न केवल संबंधित आवेदक के प्लॉट्स तक पहुंच प्रदान करती है, बल्कि आसपास के कई घरों और सरकारी कार्यालयों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पीहा वर्मा ने बताया कि खसरा नंबर 817 में आशा देवी व अन्य द्वारा बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। आरोप है कि इस निर्माण के दौरान उक्त एमसी सड़क को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कानूनी रूप से गलत है। उन्होंने भारतीय उपबंध अधिनियम, 1882 का हवाला देते हुए कहा कि इस सड़क पर उनका स्थायी एवं निर्बाध अधिकार है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों को उखाड़कर जलाया गया और सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट्स को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इससे न केवल पर्यावरण को क्षति हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आवेदक ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर करीब 50 फीट तक ऊर्ध्वाधर कटाई की गई है, जो नियमों के विरुद्ध है। नियमानुसार 3.5 मीटर से अधिक कटाई की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा, यह कार्य पास से गुजर रही 33 केवी बिजली लाइन के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शिकायत में यह भी कहा गया है कि परियोजना क्षेत्र 2500 वर्गमीटर से अधिक है, जिससे यह मामला रेरा (RERA) के दायरे में आता है, लेकिन इसकी जानकारी संबंधित प्राधिकरण को नहीं दी गई है और नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं: निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से रोका जाए, निर्माण स्वीकृति की जांच करवाई जाए, 33 केवी बिजली लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, अवैध पेड़ कटान की जांच हो, सरकारी भूमि में की गई कटाई की जांच हो तथा उक्त सड़क को किसी भी हालत में बंद न होने दिया जाए। साथ ही, पीहा वर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्हें न्यायालय का सहारा लेना पड़ेगा।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42769.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[llegal construction in Solan Deoghat by ignoring RERA rules, demand for action from Deputy Commissioner]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/all-round-development-of-kasauli-assembly-constituency-is-a-priority-vinod-sultanpuri]]></guid>
                       <title><![CDATA[कसौली विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास प्राथमिकता: विनोद सुल्तानपुरी]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/all-round-development-of-kasauli-assembly-constituency-is-a-priority-vinod-sultanpuri]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 27 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने गत दिवस कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खंड में विभिन्न विकासात्मक कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है।&nbsp;

विधायक ने लगभग 28 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक सेवा केंद्र हरिपुर, 2.75 लाख रुपये की लागत से मुख्य मार्ग से गांव बनगला तक संपर्क मार्ग तथा 3 लाख रुपये की लागत से कमलजीत के घर से मोहन लाल के घर तक पक्की सड़क का लोकार्पण शामिल है। इसके अतिरिक्त 9.1 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्र खनेरी तथा 5 लाख रुपये की लागत से बनने वाले खेल मैदान जगोटा का शिलान्यास भी किया गया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों में गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि ग्रामीणों की आर्थिकी सुदृढ़ हो सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बजट में प्राकृतिक खेती से उगाई जाने वाली गेहूं, मक्की व हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। इस अवसर पर विधायक ने नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न करवाया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी कविता गौतम, ग्राम पंचायत रणों के पूर्व प्रधान संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत अन्हेच के पूर्व प्रधान मोहन लाल, ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी के पूर्व प्रधान हरिश कौशल, ग्राम पंचायत हरिपुर के पूर्व उपप्रधान अफजल बेग, पूर्व बीडीसी सदस्य दलेन्द्र शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने गत दिवस कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खंड में विभिन्न विकासात्मक कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विधायक ने लगभग 28 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक सेवा केंद्र हरिपुर, 2.75 लाख रुपये की लागत से मुख्य मार्ग से गांव बनगला तक संपर्क मार्ग तथा 3 लाख रुपये की लागत से कमलजीत के घर से मोहन लाल के घर तक पक्की सड़क का लोकार्पण शामिल है। इसके अतिरिक्त 9.1 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्र खनेरी तथा 5 लाख रुपये की लागत से बनने वाले खेल मैदान जगोटा का शिलान्यास भी किया गया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों में गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि ग्रामीणों की आर्थिकी सुदृढ़ हो सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बजट में प्राकृतिक खेती से उगाई जाने वाली गेहूं, मक्की व हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। इस अवसर पर विधायक ने नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न करवाया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी कविता गौतम, ग्राम पंचायत रणों के पूर्व प्रधान संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत अन्हेच के पूर्व प्रधान मोहन लाल, ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी के पूर्व प्रधान हरिश कौशल, ग्राम पंचायत हरिपुर के पूर्व उपप्रधान अफजल बेग, पूर्व बीडीसी सदस्य दलेन्द्र शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42768.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[All-round development of Kasauli assembly constituency is a priority: Vinod Sultanpuri]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-review-meeting-of-district-level-public-distribution-committee-and-vigilance-committee-held]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: ज़िला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति एवं सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक आयोजित]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-review-meeting-of-district-level-public-distribution-committee-and-vigilance-committee-held]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 27 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[सोलन में ज़िला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति एवं सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक हुई। मनमोहन शर्मा ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला सोलन में पेट्रोल, डीजल तथा घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और ज़िला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।

मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला सोलन में वर्तमान में 20 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। इनके पास 2,07,021 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित बनाई जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे एलपीजी, पेट्रोल तथा डीजल की आपूर्ति को लेकर घबराएं नहीं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर ज़िला प्रशासन इस दिशा में पूर्ण सजग है।

उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण के कार्य में प्रयुक्त वाहनों पर लाउडस्पीकर स्थापित करने तथा निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार गैस सिलेंडर वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के निरीक्षकों को बाज़ार में व्यावसायिक सिलेंडरों की जांच करने के भी निर्देश दिए, ताकि नियमानुसार सुचारू व्यवस्था बनी रहे।

उपायुक्त ने कहा कि ज़िला में 354 उचित मूल्य की दुकानों द्वारा दिसंबर, 2025 से फरवरी, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को उनकी पात्रता के अनुसार आवश्यक वस्तुएं वितरित की गई हैं। इनमें लगभग 5950 क्विंटल चीनी, लगभग 29,437 क्विंटल चावल, लगभग 52,900 क्विंटल गेहूं का आटा, लगभग 7437 क्विंटल दालें, लगभग 1668 क्विंटल आयोडाइज़्ड नमक तथा 5,61,385 लीटर खाद्य तेल वितरित किया गया है।

उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को उचित मूल्य की दुकानों में विक्रय की जा रही खाद्य वस्तुओं का समय-समय पर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न स्थानों पर उचित मूल्य की दुकानें खोलने के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।

उपायुक्त ने कहा कि ज़िला सोलन में 1064 विद्यालयों में 54,503 बच्चों को मिड-डे मील के तहत दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मिड-डे मील में दिए जाने वाले भोजन की समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

इस अवसर पर ज़िला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले श्रवण कुमार हिमालयन, ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिंद्र प्रकाश राणा, ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार, खंड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान, उपनिदेशक प्राथमिक शिक्षा रीता गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">सोलन में ज़िला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति एवं सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक हुई। मनमोहन शर्मा ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला सोलन में पेट्रोल, डीजल तथा घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और ज़िला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला सोलन में वर्तमान में 20 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। इनके पास 2,07,021 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित बनाई जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे एलपीजी, पेट्रोल तथा डीजल की आपूर्ति को लेकर घबराएं नहीं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर ज़िला प्रशासन इस दिशा में पूर्ण सजग है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण के कार्य में प्रयुक्त वाहनों पर लाउडस्पीकर स्थापित करने तथा निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार गैस सिलेंडर वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के निरीक्षकों को बाज़ार में व्यावसायिक सिलेंडरों की जांच करने के भी निर्देश दिए, ताकि नियमानुसार सुचारू व्यवस्था बनी रहे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उपायुक्त ने कहा कि ज़िला में 354 उचित मूल्य की दुकानों द्वारा दिसंबर, 2025 से फरवरी, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को उनकी पात्रता के अनुसार आवश्यक वस्तुएं वितरित की गई हैं। इनमें लगभग 5950 क्विंटल चीनी, लगभग 29,437 क्विंटल चावल, लगभग 52,900 क्विंटल गेहूं का आटा, लगभग 7437 क्विंटल दालें, लगभग 1668 क्विंटल आयोडाइज़्ड नमक तथा 5,61,385 लीटर खाद्य तेल वितरित किया गया है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को उचित मूल्य की दुकानों में विक्रय की जा रही खाद्य वस्तुओं का समय-समय पर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न स्थानों पर उचित मूल्य की दुकानें खोलने के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उपायुक्त ने कहा कि ज़िला सोलन में 1064 विद्यालयों में 54,503 बच्चों को मिड-डे मील के तहत दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मिड-डे मील में दिए जाने वाले भोजन की समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अवसर पर ज़िला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले श्रवण कुमार हिमालयन, ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिंद्र प्रकाश राणा, ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार, खंड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान, उपनिदेशक प्राथमिक शिक्षा रीता गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42767.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Review meeting of District Level Public Distribution Committee and Vigilance Committee held]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-shoolini-university-ranked-among-top-500-universities-globally-in-7-subjects-qs-ranking-2026]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: शूलिनी विवि को 7 विषयों में वैश्विक स्तर पर शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में मिला स्थान, क्यूएस रैंकिंग 2026]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-shoolini-university-ranked-among-top-500-universities-globally-in-7-subjects-qs-ranking-2026]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 26 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शूलिनी विश्वविद्यालय ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में सात विषयों में विश्व के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। मुख्य उपलब्धियों में, कृषि और वानिकी को वैश्विक स्तर पर 251-300 श्रेणी में स्थान मिला, जिससे भारत में इसे छठा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि पर्यावरण विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 301-350 श्रेणी में और भारत में 11वां स्थान मिला। फार्मेसी और फार्माकोलॉजी को वैश्विक स्तर पर 351-400 श्रेणी में स्थान मिला और भारत में इसे 15वां स्थान प्राप्त हुआ।

अपनी वैश्विक स्थिति को और मजबूत करते हुए, सामग्री विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, रसायन विज्ञान और जैविक विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 401-450 श्रेणी में स्थान मिला। सामग्री विज्ञान ने भारत में 16वां स्थान प्राप्त किया, जबकि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी तथा रसायन विज्ञान को 17वां स्थान मिला। साथ ही जीव विज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 501-550 के दायरे में रखा गया और भारत में समग्र रूप से 17वां स्थान प्राप्त हुआ। यह विश्वविद्यालय के विविध शैक्षणिक विषयों में निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है। ये रैंकिंग विश्वविद्यालय के अनुसंधान-आधारित शिक्षा, अंतःविषयक शिक्षण और वैश्विक सहयोग पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को उजागर करती हैं।

शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि विश्वविद्यालय की वैश्विक रैंकिंग में लगातार वृद्धि यह दर्शाती है कि भारतीय संस्थान स्पष्ट दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रति समर्पण के साथ उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि शूलिनी परिवार के प्रत्येक सदस्य की है। प्रो-वाइस चांसलर,&nbsp;विशाल आनंद ने कहा कि ये रैंकिंग विश्वविद्यालय को अपने शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र, उद्योग साझेदारी और वैश्विक पहुंच को मजबूत करने के लिए और अधिक प्रेरित करेंगी। उन्होंने परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने और छात्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि क्यूएस रैंकिंग में यह उल्लेखनीय उपलब्धि संकाय और छात्रों द्वारा प्रदर्शित कड़ी मेहनत, नवाचार और अनुसंधान उत्कृष्टता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर सार्थक प्रभाव डालने वाले ज्ञान के सृजन के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय, भारत के प्रमुख अनुसंधान-उन्मुख निजी विश्वविद्यालयों में से एक है। नवाचार, पेटेंट और वैश्विक सहयोग पर विशेष बल देने के लिए प्रसिद्ध, यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार शीर्ष संस्थानों में शामिल रहा है। अंतरविषयक शिक्षा, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और एक जीवंत अनुसंधान संस्कृति पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह विश्वविद्यालय भविष्य के नेताओं को पोषित करना जारी रखता है और वैज्ञानिक और शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-size:18px;">शूलिनी विश्वविद्यालय ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में सात विषयों में विश्व के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। मुख्य उपलब्धियों में, कृषि और वानिकी को वैश्विक स्तर पर 251-300 श्रेणी में स्थान मिला, जिससे भारत में इसे छठा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि पर्यावरण विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 301-350 श्रेणी में और भारत में 11वां स्थान मिला। फार्मेसी और फार्माकोलॉजी को वैश्विक स्तर पर 351-400 श्रेणी में स्थान मिला और भारत में इसे 15वां स्थान प्राप्त हुआ।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">अपनी वैश्विक स्थिति को और मजबूत करते हुए, सामग्री विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, रसायन विज्ञान और जैविक विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 401-450 श्रेणी में स्थान मिला। सामग्री विज्ञान ने भारत में 16वां स्थान प्राप्त किया, जबकि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी तथा रसायन विज्ञान को 17वां स्थान मिला। साथ ही जीव विज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 501-550 के दायरे में रखा गया और भारत में समग्र रूप से 17वां स्थान प्राप्त हुआ। यह विश्वविद्यालय के विविध शैक्षणिक विषयों में निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है। ये रैंकिंग विश्वविद्यालय के अनुसंधान-आधारित शिक्षा, अंतःविषयक शिक्षण और वैश्विक सहयोग पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को उजागर करती हैं।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि विश्वविद्यालय की वैश्विक रैंकिंग में लगातार वृद्धि यह दर्शाती है कि भारतीय संस्थान स्पष्ट दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रति समर्पण के साथ उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि शूलिनी परिवार के प्रत्येक सदस्य की है। प्रो-वाइस चांसलर,&nbsp;विशाल आनंद ने कहा कि ये रैंकिंग विश्वविद्यालय को अपने शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र, उद्योग साझेदारी और वैश्विक पहुंच को मजबूत करने के लिए और अधिक प्रेरित करेंगी। उन्होंने परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने और छात्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता पर जोर दिया।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि क्यूएस रैंकिंग में यह उल्लेखनीय उपलब्धि संकाय और छात्रों द्वारा प्रदर्शित कड़ी मेहनत, नवाचार और अनुसंधान उत्कृष्टता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर सार्थक प्रभाव डालने वाले ज्ञान के सृजन के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।</span></p>

<p><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय, भारत के प्रमुख अनुसंधान-उन्मुख निजी विश्वविद्यालयों में से एक है। नवाचार, पेटेंट और वैश्विक सहयोग पर विशेष बल देने के लिए प्रसिद्ध, यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार शीर्ष संस्थानों में शामिल रहा है। अंतरविषयक शिक्षा, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और एक जीवंत अनुसंधान संस्कृति पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह विश्वविद्यालय भविष्य के नेताओं को पोषित करना जारी रखता है और वैज्ञानिक और शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/images242757.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-kunihar-police-seized-1788-bottles-of-illicit-liquor-during-patrolling]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: कुनिहार पुलिस की कार्रवाई, गश्त के दौरान पकड़ी 1788 बोतल अवैध शराब ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-kunihar-police-seized-1788-bottles-of-illicit-liquor-during-patrolling]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 26 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[बुधवार रात कुनिहार पुलिस को गश्त के दौरान शिव गुफा के पास मुखबिर खास से सूचना मिली कि जाडली से बनिया देवी लिंक रोड़ की तरफ एक सफेद रंग की पिकअप (नंबर HP64D-3036) आ रही है, जिसे यदि रोककर चेक किया जाए तो भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हो सकती है।

गाड़ी आने पर पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया और गाड़ी को सड़क के दाहिने तरफ लगवाया। इसके बाद गाड़ी चालक से उसका नाम व पता पूछा गया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम बृजलाल पुत्र हरिचंद, गांव कासल, डाकघर पट्टामहलोग, तहसील कसौली, जिला सोलन बताया। पुलिस द्वारा गाड़ी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान गाड़ी की बॉडी से देशी शराब की कुल 1188 बोतलें तथा अंग्रेजी शराब की 600 बोतलें सीलशुदा बरामद हुईं। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर धारा 39(1)(A) हिमाचल प्रदेश एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की पुष्टि डीएसपी सोलन अशोक चौहान ने की है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बुधवार रात कुनिहार पुलिस को गश्त के दौरान शिव गुफा के पास मुखबिर खास से सूचना मिली कि जाडली से बनिया देवी लिंक रोड़ की तरफ एक सफेद रंग की पिकअप (नंबर HP64D-3036) आ रही है, जिसे यदि रोककर चेक किया जाए तो भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हो सकती है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">गाड़ी आने पर पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया और गाड़ी को सड़क के दाहिने तरफ लगवाया। इसके बाद गाड़ी चालक से उसका नाम व पता पूछा गया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम बृजलाल पुत्र हरिचंद, गांव कासल, डाकघर पट्टामहलोग, तहसील कसौली, जिला सोलन बताया। पुलिस द्वारा गाड़ी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान गाड़ी की बॉडी से देशी शराब की कुल 1188 बोतलें तथा अंग्रेजी शराब की 600 बोतलें सीलशुदा बरामद हुईं। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर धारा 39(1)(A) हिमाचल प्रदेश एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की पुष्टि डीएसपी सोलन अशोक चौहान ने की है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42755.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Kunihar police seized 1,788 bottles of illicit liquor during patrolling.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-shoolini-university-honours-women-awarded-the-vandana-sharma-memorial-award-2026]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय ने उत्कृष्ट महिला उपलब्धि धारकों को किया सम्मानित ]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-shoolini-university-honours-women-awarded-the-vandana-sharma-memorial-award-2026]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 25 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शूलिनी विश्वविद्यालय ने वंदना शर्मा मेमोरियल पुरस्कार 2026 के दौरान अपने संकाय और छात्र समुदाय की उत्कृष्ट महिला उपलब्धि धारकों को सम्मानित किया, उनकी दृढ़ता, संकल्प और उत्कृष्टता को मान्यता दी। फार्मास्युटिकल साइंसेज स्कूल की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका प्रकाश सिंह और बीटेक बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा रीत साहनी को क्रमशः संकाय और छात्र श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया। वुमेन ऑफ सब्सटेंस कार्यक्रम में उन महिलाओं की प्रेरणादायक यात्राओं को सम्मानित किया जिन्होंने व्यक्तिगत और व्यावसायिक चुनौतियों पर काबू पाने में साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है। बायोटेक्नोलॉजी स्कूल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिका ठाकुर ने संकाय श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि शेनाया शर्मा (बीबीए एलएलबी) को छात्रों में दूसरा स्थान मिला।

अपनी भावुक यात्रा साझा करते हुए, डॉ. मोनिका पी. सिंह ने मातृत्व और शैक्षणिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने सामाजिक अपेक्षाओं और पारिवारिक दबावों का सामना करने के बावजूद, पीएचडी और शोध करते हुए अपनी छोटी बेटी से दूर रहने के अपराधबोध को उजागर किया। उन्होंने यह पुरस्कार अपनी बेटी तियाना प्रकाश सिंह को समर्पित किया और उन्हें अपनी शक्ति का स्रोत बताया। डॉ. नितिका ठाकुर ने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और सामाजिक मानदंडों से बंधे न रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने लक्ष्यों और जुनून के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया।

छात्र विजेता रीत साहनी ने खुद को &quot;उत्तरजीवी&quot; के बजाय &quot;योद्धा&quot; बताया और दूसरों को भी अपने संघर्षों का सामना शक्ति और साहस के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उपविजेता शेनाया शर्मा ने बताया कि उनकी यात्रा ने उन्हें आत्मनिर्भरता का महत्व सिखाया, एक ऐसा संदेश जो साथी छात्रों को गहराई से प्रभावित किया। सस्टेनेबिलिटी और कम्युनिटी एंगेजमेंट की निदेशक पूनम नंदा ने कहा, वंदना शर्मा मेमोरियल अवार्ड के माध्यम से, हमारा उद्देश्य उन महिलाओं को सम्मानित और प्रोत्साहित करना है जो अपनी यात्रा में असाधारण शक्ति, और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करती हैं। आज साझा की गई प्रत्येक कहानी एक सशक्त संदेश है कि साहस और आत्मविश्वास से चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शूलिनी विश्वविद्यालय ने वंदना शर्मा मेमोरियल पुरस्कार 2026 के दौरान अपने संकाय और छात्र समुदाय की उत्कृष्ट महिला उपलब्धि धारकों को सम्मानित किया, उनकी दृढ़ता, संकल्प और उत्कृष्टता को मान्यता दी। फार्मास्युटिकल साइंसेज स्कूल की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका प्रकाश सिंह और बीटेक बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा रीत साहनी को क्रमशः संकाय और छात्र श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया। वुमेन ऑफ सब्सटेंस कार्यक्रम में उन महिलाओं की प्रेरणादायक यात्राओं को सम्मानित किया जिन्होंने व्यक्तिगत और व्यावसायिक चुनौतियों पर काबू पाने में साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है। बायोटेक्नोलॉजी स्कूल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिका ठाकुर ने संकाय श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि शेनाया शर्मा (बीबीए एलएलबी) को छात्रों में दूसरा स्थान मिला।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अपनी भावुक यात्रा साझा करते हुए, डॉ. मोनिका पी. सिंह ने मातृत्व और शैक्षणिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने सामाजिक अपेक्षाओं और पारिवारिक दबावों का सामना करने के बावजूद, पीएचडी और शोध करते हुए अपनी छोटी बेटी से दूर रहने के अपराधबोध को उजागर किया। उन्होंने यह पुरस्कार अपनी बेटी तियाना प्रकाश सिंह को समर्पित किया और उन्हें अपनी शक्ति का स्रोत बताया। डॉ. नितिका ठाकुर ने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और सामाजिक मानदंडों से बंधे न रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने लक्ष्यों और जुनून के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">छात्र विजेता रीत साहनी ने खुद को &quot;उत्तरजीवी&quot; के बजाय &quot;योद्धा&quot; बताया और दूसरों को भी अपने संघर्षों का सामना शक्ति और साहस के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उपविजेता शेनाया शर्मा ने बताया कि उनकी यात्रा ने उन्हें आत्मनिर्भरता का महत्व सिखाया, एक ऐसा संदेश जो साथी छात्रों को गहराई से प्रभावित किया। सस्टेनेबिलिटी और कम्युनिटी एंगेजमेंट की निदेशक पूनम नंदा ने कहा, वंदना शर्मा मेमोरियल अवार्ड के माध्यम से, हमारा उद्देश्य उन महिलाओं को सम्मानित और प्रोत्साहित करना है जो अपनी यात्रा में असाधारण शक्ति, और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करती हैं। आज साझा की गई प्रत्येक कहानी एक सशक्त संदेश है कि साहस और आत्मविश्वास से चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42750.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Shoolini University honours women awarded the Vandana Sharma Memorial Award 2026]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-trai-to-organise-consumer-outreach-programme-at-shoolini-university-on-march-27]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: शूलिनी यूनिवर्सिटी में 27 मार्च को ट्राई आयोजित करेगा 'उपभोक्ता आउटरीच कार्यक्रम']]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-trai-to-organise-consumer-outreach-programme-at-shoolini-university-on-march-27]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 25 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से देशभर में आयोजित किए जा रहे &lsquo;उपभोक्ता आउटरीच कार्यक्रम&rsquo; के तहत 27 मार्च 2026 को शूलिनी यूनिवर्सिटी के परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दूरसंचार सेवाओं, साइबर सुरक्षा और उपभोक्ता हितों से जुड़े नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान साइबर धोखाधड़ी से बचाव, दूरसंचार सेवाओं से संबंधित शिकायत निवारण तंत्र और हाल ही में लागू किए गए नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

इस आयोजन में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, उपभोक्ता संगठनों (NGOs), आम नागरिकों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं और अध्यापक भी भाग लेंगे। TRAI का यह प्रयास उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और उन्हें जागरूक एवं सतर्क बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से देशभर में आयोजित किए जा रहे &lsquo;उपभोक्ता आउटरीच कार्यक्रम&rsquo; के तहत 27 मार्च 2026 को शूलिनी यूनिवर्सिटी के परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दूरसंचार सेवाओं, साइबर सुरक्षा और उपभोक्ता हितों से जुड़े नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान साइबर धोखाधड़ी से बचाव, दूरसंचार सेवाओं से संबंधित शिकायत निवारण तंत्र और हाल ही में लागू किए गए नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस आयोजन में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, उपभोक्ता संगठनों (NGOs), आम नागरिकों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं और अध्यापक भी भाग लेंगे। TRAI का यह प्रयास उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और उन्हें जागरूक एवं सतर्क बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42747.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: TRAI to organise 'Consumer Outreach Programme' at Shoolini University on March 27]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-bl-school-kunihar-honored-with-green-school-award]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: बीएल स्कूल कुनिहार को ग्रीन स्कूल अवॉर्ड से किया गया सम्मानित]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-bl-school-kunihar-honored-with-green-school-award]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 25 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[बीएल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार को सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित ग्रीन स्कूल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में विद्यालय को &ldquo;वायु प्रदूषण और स्कूल&rdquo; तथा &ldquo;इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की भविष्य की भूमिका&rdquo; विषयों पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय आवासीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कार्यशाला 23 से 25 मार्च 2026 तक अनिल अग्रवाल पर्यावरण ट्रेनिंग संस्थान&nbsp; राजस्थान में आयोजित किया जा रहा है।&nbsp;

इसमें देशभर के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर स्कूलों में वायु गुणवत्ता सुधार के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की जा रही है। सीएसई, नई दिल्ली के समन्वयक नीरज कुमार&nbsp; ने जानकारी दी कि बीएल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार के उप-प्रधानाचार्य एवं भौतिकी प्रवक्ता पुर्शोतम लाल&nbsp; इस राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विज्ञान पर्यवेक्षक, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, सोलन कार्यालय के अमरीश&nbsp; ने कहा कि यह जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और महत्वपूर्ण अवसर है, जो उप निदेशक विद्यालय शिक्षा (प्रारंभिक), सोलन के मार्गदर्शन में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली के सहयोग से संभव हुआ है। विद्यालय के अध्यक्ष गोपाल शर्मा&nbsp; ने विशेष रूप से पुरषोत्तम लाल, समस्त स्टाफ, ईको क्लब प्रभारी सुश्री दिनाक्षी ठाकुर तथा समर्पित विद्यार्थियों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बीएल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार को सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित ग्रीन स्कूल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में विद्यालय को &ldquo;वायु प्रदूषण और स्कूल&rdquo; तथा &ldquo;इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की भविष्य की भूमिका&rdquo; विषयों पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय आवासीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कार्यशाला 23 से 25 मार्च 2026 तक अनिल अग्रवाल पर्यावरण ट्रेनिंग संस्थान&nbsp; राजस्थान में आयोजित किया जा रहा है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इसमें देशभर के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर स्कूलों में वायु गुणवत्ता सुधार के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की जा रही है। सीएसई, नई दिल्ली के समन्वयक नीरज कुमार&nbsp; ने जानकारी दी कि बीएल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार के उप-प्रधानाचार्य एवं भौतिकी प्रवक्ता पुर्शोतम लाल&nbsp; इस राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विज्ञान पर्यवेक्षक, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, सोलन कार्यालय के अमरीश&nbsp; ने कहा कि यह जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और महत्वपूर्ण अवसर है, जो उप निदेशक विद्यालय शिक्षा (प्रारंभिक), सोलन के मार्गदर्शन में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली के सहयोग से संभव हुआ है। विद्यालय के अध्यक्ष गोपाल शर्मा&nbsp; ने विशेष रूप से पुरषोत्तम लाल, समस्त स्टाफ, ईको क्लब प्रभारी सुश्री दिनाक्षी ठाकुर तथा समर्पित विद्यार्थियों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।&nbsp;</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42746.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: BL School Kunihar honored with Green School Award]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-a-congress-delegation-met-the-education-minister-regarding-the-schools-of-kunihar]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: कुनिहार के स्कूलों को लेकर शिक्षा मंत्री से मिला कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-a-congress-delegation-met-the-education-minister-regarding-the-schools-of-kunihar]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 25 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय अवस्थी की अध्यक्षता में कुनिहार कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कुनिहार के दो विद्यालयों के विलय और उन्हें सीबीएसई बोर्ड में परिवर्तित किए जाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि दोनों विद्यालयों के मर्ज होने के बाद क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अभिभावक अपने बच्चों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपी बोर्ड) में पढ़ाना चाहते हैं, जबकि कुछ सीबीएसई बोर्ड को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में दोनों विकल्प उपलब्ध होना आवश्यक है।

उन्होंने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि छात्रों के भविष्य और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक विद्यालय को एचपी बोर्ड के अंतर्गत तथा दूसरे विद्यालय को सीबीएसई बोर्ड के तहत संचालित किया जाए। इस पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर संवेदनशील है और छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस संबंध में कल तक निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी, ताकि क्षेत्र में चल रही अनिश्चितता समाप्त हो सके।

विधायक संजय अवस्थी ने भी कहा कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है और इस विषय का समाधान शीघ्र निकाला जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग जल्द ही ऐसा निर्णय लेगा, जिससे सभी पक्षों को संतुष्टि मिले। इस दौरान ग्राम पंचायत कुनिहार के पूर्व प्रधान&nbsp; राकेश ठाकुर, राजेंद्र शर्मा, एसएमसी अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, कृष्ण चंद, ज्ञान जोशी, अनिल तंवर, जगदीश गर्ग, विनोद वेंस, सतीश ठाकुर, राजेश शांडिल, पवन कुमार, दीपक चौधरी, कुलदीप पंवर, रामराज, विजय सिंह कंवर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का आभार व्यक्त किया। इस संबंध में जानकारी ग्राम पंचायत कुनिहार के पूर्व प्रधान राकेश ठाकुर ने दी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय अवस्थी की अध्यक्षता में कुनिहार कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कुनिहार के दो विद्यालयों के विलय और उन्हें सीबीएसई बोर्ड में परिवर्तित किए जाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि दोनों विद्यालयों के मर्ज होने के बाद क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अभिभावक अपने बच्चों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपी बोर्ड) में पढ़ाना चाहते हैं, जबकि कुछ सीबीएसई बोर्ड को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में दोनों विकल्प उपलब्ध होना आवश्यक है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उन्होंने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि छात्रों के भविष्य और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक विद्यालय को एचपी बोर्ड के अंतर्गत तथा दूसरे विद्यालय को सीबीएसई बोर्ड के तहत संचालित किया जाए। इस पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर संवेदनशील है और छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस संबंध में कल तक निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी, ताकि क्षेत्र में चल रही अनिश्चितता समाप्त हो सके।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">विधायक संजय अवस्थी ने भी कहा कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है और इस विषय का समाधान शीघ्र निकाला जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग जल्द ही ऐसा निर्णय लेगा, जिससे सभी पक्षों को संतुष्टि मिले। इस दौरान ग्राम पंचायत कुनिहार के पूर्व प्रधान&nbsp; राकेश ठाकुर, राजेंद्र शर्मा, एसएमसी अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, कृष्ण चंद, ज्ञान जोशी, अनिल तंवर, जगदीश गर्ग, विनोद वेंस, सतीश ठाकुर, राजेश शांडिल, पवन कुमार, दीपक चौधरी, कुलदीप पंवर, रामराज, विजय सिंह कंवर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का आभार व्यक्त किया। इस संबंध में जानकारी ग्राम पंचायत कुनिहार के पूर्व प्रधान राकेश ठाकुर ने दी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42744.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: A Congress delegation met the Education Minister regarding the schools of Kunihar.]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-shoolini-university-scientist-receives-global-nanjing-award-world-soil-science-congress-2026]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक को मिला वैश्विक ‘नानजिंग पुरस्कार विश्व मृदा विज्ञान कांग्रेस 2026]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-shoolini-university-scientist-receives-global-nanjing-award-world-soil-science-congress-2026]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Tue, 24 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[अपनी वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, शूलिनी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. शांतनु मुखर्जी को प्रतिष्ठित 23वीं विश्व मृदा विज्ञान कांग्रेस (WCSS 2026) में अपना शोध प्रस्तुत करने के लिए चुना गया है और उन्हें प्रतिष्ठित &ldquo;नानजिंग पुरस्कार&rdquo; से सम्मानित किया गया है। विश्व मृदा विज्ञान कांग्रेस इस क्षेत्र के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय मंचों में से एक है, जो दुनिया भर से 4,000 से अधिक वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक साथ लाता है, साथ ही मृदा और पर्यावरण विज्ञान में अत्याधुनिक विकास पर 120 से अधिक वैज्ञानिक सत्र और 1,000 शोध प्रस्तुतियाँ आयोजित करता है।

डॉ. शांतनु का शोध मृदा और जल प्रणालियों में औषधीय प्रदूषण की बढ़ती वैश्विक चिंता को संबोधित करता है, विशेष रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में। उनका नवोन्मेषी कार्य हिमालयी चीड़ की पत्तियों से बायोचार विकसित करने पर केंद्रित है, जिसका उपयोग हानिकारक संदूषकों, जैसे एंटीबायोटिक्स, को पर्यावरण से हटाने के लिए &quot;सुपरसॉर्बेंट&quot; के रूप में किया जाता है। यह अध्ययन एक सतत &quot;अपशिष्ट से धन&quot; दृष्टिकोण पर प्रकाश डालता है और चक्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान देता है।&nbsp;

उनके शोध को मृदा सुधार और पर्यावरणीय स्थिरता पर एक विशेष सत्र में प्रस्तुति के लिए चुना गया है, जहां वे मृदा क्षरण और उभरते संदूषकों से निपटने के समाधान प्रदर्शित करेंगे। यह कार्य स्वच्छ जल, जलवायु कार्रवाई और सतत पारिस्थितिकी तंत्र सहित प्रमुख सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भी है। &quot;नानजिंग विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार&quot;, जो चीन की मृदा विज्ञान सोसायटी और डब्ल्यूसीएस आयोजन समिति द्वारा प्रदान किया जाता है, विश्व स्तर पर उत्कृष्ट शोधकर्ताओं के एक चुनिंदा समूह को उनके वैज्ञानिक योगदान की मान्यता में दिया जाता है। इस पुरस्कार में वैश्विक सम्मेलन में भागीदारी को सुगम बनाने के लिए वित्तीय सहायता भी शामिल है। डॉ. शांतनु की डब्ल्यूसीएस 2026 में भागीदारी से वैश्विक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ाने के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">अपनी वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, शूलिनी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. शांतनु मुखर्जी को प्रतिष्ठित 23वीं विश्व मृदा विज्ञान कांग्रेस (WCSS 2026) में अपना शोध प्रस्तुत करने के लिए चुना गया है और उन्हें प्रतिष्ठित &ldquo;नानजिंग पुरस्कार&rdquo; से सम्मानित किया गया है। विश्व मृदा विज्ञान कांग्रेस इस क्षेत्र के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय मंचों में से एक है, जो दुनिया भर से 4,000 से अधिक वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक साथ लाता है, साथ ही मृदा और पर्यावरण विज्ञान में अत्याधुनिक विकास पर 120 से अधिक वैज्ञानिक सत्र और 1,000 शोध प्रस्तुतियाँ आयोजित करता है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">डॉ. शांतनु का शोध मृदा और जल प्रणालियों में औषधीय प्रदूषण की बढ़ती वैश्विक चिंता को संबोधित करता है, विशेष रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में। उनका नवोन्मेषी कार्य हिमालयी चीड़ की पत्तियों से बायोचार विकसित करने पर केंद्रित है, जिसका उपयोग हानिकारक संदूषकों, जैसे एंटीबायोटिक्स, को पर्यावरण से हटाने के लिए &quot;सुपरसॉर्बेंट&quot; के रूप में किया जाता है। यह अध्ययन एक सतत &quot;अपशिष्ट से धन&quot; दृष्टिकोण पर प्रकाश डालता है और चक्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान देता है।&nbsp;</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उनके शोध को मृदा सुधार और पर्यावरणीय स्थिरता पर एक विशेष सत्र में प्रस्तुति के लिए चुना गया है, जहां वे मृदा क्षरण और उभरते संदूषकों से निपटने के समाधान प्रदर्शित करेंगे। यह कार्य स्वच्छ जल, जलवायु कार्रवाई और सतत पारिस्थितिकी तंत्र सहित प्रमुख सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भी है। &quot;नानजिंग विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार&quot;, जो चीन की मृदा विज्ञान सोसायटी और डब्ल्यूसीएस आयोजन समिति द्वारा प्रदान किया जाता है, विश्व स्तर पर उत्कृष्ट शोधकर्ताओं के एक चुनिंदा समूह को उनके वैज्ञानिक योगदान की मान्यता में दिया जाता है। इस पुरस्कार में वैश्विक सम्मेलन में भागीदारी को सुगम बनाने के लिए वित्तीय सहायता भी शामिल है। डॉ. शांतनु की डब्ल्यूसीएस 2026 में भागीदारी से वैश्विक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ाने के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42738.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Shoolini University scientist receives global 'Nanjing Award' World Soil Science Congress 2026]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-students-of-shoolini-university-went-door-to-door-and-launched-a-legal-awareness-campaign]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय के छात्रों ने घर-घर जाकर चलाया कानूनी जागरूकता अभियान]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-students-of-shoolini-university-went-door-to-door-and-launched-a-legal-awareness-campaign]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 20 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शूलिनी विश्वविद्यालय के विधि विज्ञान संकाय के कानूनी सहायता क्लिनिक ने सोलन के सुल्तानपुर पंचायत में घर-घर जाकर कानूनी जागरूकता अभियान का आयोजन किया। यह पहल सोलन के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में की गई, जिसका उद्देश्य महिलाओं के कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्रों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।

इस अभियान का समन्वय विधि विज्ञान संकाय के सहायक प्रोफेसर विनीत कुमार ने कानूनी सहायता क्लिनिक के बैनर तले किया, और इसमें सुल्तानपुर पंचायत के प्रतिनिधियों का सहयोग भी शामिल था। विधि विज्ञान संकाय के 25 छात्रों की एक टीम ने इस अभियान में भाग लिया, और समुदाय की महिलाओं से बातचीत करके उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जानकारी दी।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शूलिनी विश्वविद्यालय के विधि विज्ञान संकाय के कानूनी सहायता क्लिनिक ने सोलन के सुल्तानपुर पंचायत में घर-घर जाकर कानूनी जागरूकता अभियान का आयोजन किया। यह पहल सोलन के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में की गई, जिसका उद्देश्य महिलाओं के कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्रों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">इस अभियान का समन्वय विधि विज्ञान संकाय के सहायक प्रोफेसर विनीत कुमार ने कानूनी सहायता क्लिनिक के बैनर तले किया, और इसमें सुल्तानपुर पंचायत के प्रतिनिधियों का सहयोग भी शामिल था। विधि विज्ञान संकाय के 25 छात्रों की एक टीम ने इस अभियान में भाग लिया, और समुदाय की महिलाओं से बातचीत करके उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जानकारी दी।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42725.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Students of Shoolini University went door to door and launched a legal awareness campaign]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-deputy-chief-minister-on-tour-to-nalagarh-and-doon-region-on-march-22]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 22 मार्च को नालागढ़ और दून क्षेत्र के प्रवास पर]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solan-deputy-chief-minister-on-tour-to-nalagarh-and-doon-region-on-march-22]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Fri, 20 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 22 मार्च, 2026 को सोलन जिले के नालागढ़ और दून उपमंडल के प्रवास पर रहेंगे। जानकारी के अनुसार, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री प्रातः 10:00 बजे बद्दी के हनुमान चौक में आयोजित &lsquo;राज्य स्तरीय विश्व जल दिवस-2026&rsquo; समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर जल संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री तदोपरांत दोपहर 2:30 बजे नालागढ़ के पीर स्थान में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी परिसर की आधारशिला रखेंगे। सांय 3:30 बजे मुकेश अग्निहोत्री नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के मलपुर में विभिन्न ट्यूबवेलों का शिलान्यास भी करेंगे। इस दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन ने उप मुख्यमंत्री के स्वागत और कार्यक्रमों की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 22 मार्च, 2026 को सोलन जिले के नालागढ़ और दून उपमंडल के प्रवास पर रहेंगे। जानकारी के अनुसार, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री प्रातः 10:00 बजे बद्दी के हनुमान चौक में आयोजित &lsquo;राज्य स्तरीय विश्व जल दिवस-2026&rsquo; समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर जल संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उप मुख्यमंत्री तदोपरांत दोपहर 2:30 बजे नालागढ़ के पीर स्थान में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी परिसर की आधारशिला रखेंगे। सांय 3:30 बजे मुकेश अग्निहोत्री नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के मलपुर में विभिन्न ट्यूबवेलों का शिलान्यास भी करेंगे। इस दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन ने उप मुख्यमंत्री के स्वागत और कार्यक्रमों की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।</span></p>
]]></content:encoded>
                <media:content url="https://www.firstverdict.com/resource/images/news/imagesmall42724.jpg" type="image/jpeg" expression="full" width="299" height="242">
                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan: Deputy Chief Minister on tour to Nalagarh and Doon region on March 22]]></media:description>
                </media:content>   
                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/kunihar-gas-consumers-troubles-escalate-anger-flares-over-45-day-terms]]></guid>
                       <title><![CDATA[कुनिहार: गैस उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी, 45 दिन की शर्त पर भड़का लोगों का गुस्सा]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/kunihar-gas-consumers-troubles-escalate-anger-flares-over-45-day-terms]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 19 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब गैस सिलेंडर लेने के लिए 45 दिन के अंतराल की अनिवार्यता ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस नए नियम के चलते उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है और वे इसे अव्यवहारिक बता रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि उनकी घरेलू जरूरत के अनुसार 15 से 20 दिन में ही सिलेंडर खत्म हो जाता है, लेकिन अब 45 दिन का इंतजार करना मजबूरी बन गया है। ऐसे में रसोई का काम प्रभावित हो रहा है और लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं।

गैस एजेंसियों के बाहर इन दिनों लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन 45 दिन की शर्त पूरी न होने पर उन्हें वापस लौटा दिया जा रहा है। इससे लोगों को बार-बार एजेंसियों और गोदामों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के यह नियम लागू कर दिया गया, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। उनका कहना है कि अचानक लागू किए गए इस फैसले ने आम लोगों को परेशानी में डाल दिया है। कई परिवार ऐसे हैं, जहां महीने में दो से तीन सिलेंडर की खपत होती है। ऐसे में 45 दिन का अंतराल उनके लिए व्यावहारिक नहीं है।

कुनिहार विकास सभा के अध्यक्ष धनीराम तनवर ने कहा कि एक ओर सरकार धुआं रहित रसोई की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जो आम लोगों की परेशानियां बढ़ा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 45 दिन की अवधि को घटाकर 25 दिन किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। वहीं, हिन्दुस्तान जन सेवा समिति के अध्यक्ष आर.पी. जोशी ने नगर पंचायत क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि निर्धारित नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाना अनिवार्य है, लेकिन कुनिहार में इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने और 25 दिन के भीतर सिलेंडर उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करने की मांग की।

उधर, हिमालयन खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सोलन श्रवण कुमार ने बताया कि 45 दिन का अंतराल पूरे देश में लागू किया गया है। इस संबंध में कंपनियां सरकार से बातचीत कर रही हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे घबराएं नहीं, घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल सुचारू रूप से जारी है। वहीं उपभोक्ताओं की प्रमुख मांगें- 45 दिन की शर्त को घटाकर 25 दिन किया जाए, गैस सिलेंडरों की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो, गैस सिलेंडरों की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब गैस सिलेंडर लेने के लिए 45 दिन के अंतराल की अनिवार्यता ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस नए नियम के चलते उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है और वे इसे अव्यवहारिक बता रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि उनकी घरेलू जरूरत के अनुसार 15 से 20 दिन में ही सिलेंडर खत्म हो जाता है, लेकिन अब 45 दिन का इंतजार करना मजबूरी बन गया है। ऐसे में रसोई का काम प्रभावित हो रहा है और लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">गैस एजेंसियों के बाहर इन दिनों लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन 45 दिन की शर्त पूरी न होने पर उन्हें वापस लौटा दिया जा रहा है। इससे लोगों को बार-बार एजेंसियों और गोदामों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के यह नियम लागू कर दिया गया, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। उनका कहना है कि अचानक लागू किए गए इस फैसले ने आम लोगों को परेशानी में डाल दिया है। कई परिवार ऐसे हैं, जहां महीने में दो से तीन सिलेंडर की खपत होती है। ऐसे में 45 दिन का अंतराल उनके लिए व्यावहारिक नहीं है।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">कुनिहार विकास सभा के अध्यक्ष धनीराम तनवर ने कहा कि एक ओर सरकार धुआं रहित रसोई की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जो आम लोगों की परेशानियां बढ़ा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 45 दिन की अवधि को घटाकर 25 दिन किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। वहीं, हिन्दुस्तान जन सेवा समिति के अध्यक्ष आर.पी. जोशी ने नगर पंचायत क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि निर्धारित नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाना अनिवार्य है, लेकिन कुनिहार में इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने और 25 दिन के भीतर सिलेंडर उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करने की मांग की।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">उधर, हिमालयन खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सोलन श्रवण कुमार ने बताया कि 45 दिन का अंतराल पूरे देश में लागू किया गया है। इस संबंध में कंपनियां सरकार से बातचीत कर रही हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे घबराएं नहीं, घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल सुचारू रूप से जारी है। वहीं उपभोक्ताओं की प्रमुख मांगें- 45 दिन की शर्त को घटाकर 25 दिन किया जाए, गैस सिलेंडरों की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो, गैस सिलेंडरों की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।</span></p>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Kunihar: Gas consumers' troubles escalate, anger flares over 45-day terms]]></media:description>
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                </item><item>
                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solanshooliniuniversitytohold9thconvocationonmarch21]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय में 21 मार्च को आयोजित होगा 9वां दीक्षांत समारोह]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/solanshooliniuniversitytohold9thconvocationonmarch21]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Thu, 19 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[शूलिनी विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत समारोह 21 मार्च, 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर 1,087 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के साथ-साथ 85 पीएचडी शोधार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी, जो शैक्षणिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम (NETF) के अध्यक्ष और NAAC के कार्यकारी समिति के अध्यक्ष डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे मुख्य अतिथि होंगे। दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहेंगे, जिनमें शोभित डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और ASSOCHAM-NCE के अध्यक्ष कुंवर शेखर विजेंद्र, एटलस स्किलटेक यूनिवर्सिटी, मुंबई के कुलपति डॉ. राजन वेलुकर IISER मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, और JAN AI, बेंगलुरु के संस्थापक डॉ. मदन पदाकी शामिल हैं।

शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, प्रो-कुलाधिपति, कुलपति और शासी निकाय, प्रबंधन बोर्ड और अकादमिक परिषद के सदस्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे और स्नातक छात्रों को उपाधियाँ प्रदान करेंगे। कुल स्नातक छात्रों में से 518 छात्रों को स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्राप्त होंगी, जबकि 569 छात्रों को विभिन्न विषयों में स्नातक उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 85 शोधार्थियों को उनके उन्नत अनुसंधान योगदान के सम्मान में डॉक्टरेट उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। शैक्षणिक उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए, विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह के दौरान 30 विश्वविद्यालय पदक विजेताओं और 23 योग्यता प्रमाण पत्र धारकों को भी सम्मानित करेगा, जो उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन को पुरस्कृत करने पर विश्वविद्यालय के विशेष जोर को दर्शाता है।
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शूलिनी विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत समारोह 21 मार्च, 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर 1,087 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के साथ-साथ 85 पीएचडी शोधार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी, जो शैक्षणिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम (NETF) के अध्यक्ष और NAAC के कार्यकारी समिति के अध्यक्ष डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे मुख्य अतिथि होंगे। दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहेंगे, जिनमें शोभित डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और ASSOCHAM-NCE के अध्यक्ष कुंवर शेखर विजेंद्र, एटलस स्किलटेक यूनिवर्सिटी, मुंबई के कुलपति डॉ. राजन वेलुकर IISER मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, और JAN AI, बेंगलुरु के संस्थापक डॉ. मदन पदाकी शामिल हैं।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, प्रो-कुलाधिपति, कुलपति और शासी निकाय, प्रबंधन बोर्ड और अकादमिक परिषद के सदस्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे और स्नातक छात्रों को उपाधियाँ प्रदान करेंगे। कुल स्नातक छात्रों में से 518 छात्रों को स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्राप्त होंगी, जबकि 569 छात्रों को विभिन्न विषयों में स्नातक उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 85 शोधार्थियों को उनके उन्नत अनुसंधान योगदान के सम्मान में डॉक्टरेट उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। शैक्षणिक उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए, विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह के दौरान 30 विश्वविद्यालय पदक विजेताओं और 23 योग्यता प्रमाण पत्र धारकों को भी सम्मानित करेगा, जो उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन को पुरस्कृत करने पर विश्वविद्यालय के विशेष जोर को दर्शाता है।</span></p>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Solan_Shoolini_University_to_hold_9th_convocation_on_March_21]]></media:description>
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                       <guid isPermaLink="true"><![CDATA[https://www.firstverdict.com/absconding-accused-involved-in-chitta-smuggling-cases-arrested-in-solan]]></guid>
                       <title><![CDATA[सोलन में चिट्टा तस्करी के मामलों में संलिप्त फरार आरोपी गिरफ्तार]]></title>
                       <link><![CDATA[https://www.firstverdict.com/absconding-accused-involved-in-chitta-smuggling-cases-arrested-in-solan]]></link>
                       <pubDate><![CDATA[Wed, 18 Mar 2026 00:00:00 +0530]]></pubDate>
                       <description><![CDATA[जिला सोलन के तहत पुलिस थाना धर्मपुर की टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए चिट्टा/हेरोइन तस्करी से जुड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के दौरान इन आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात के समय उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था, जो पुलिस को देखकर वाहन रुकते ही मौके से फरार हो गया था।

बाद में फरार आरोपी की पहचान सचिन ठाकुर (31), पुत्र इंदर सिंह ठाकुर, निवासी गांव शिल्ली, डाकघर दामकड़ी, तहसील व जिला सोलन के रूप में हुई। पुलिस थाना धरमपुर की टीम द्वारा उसकी लगातार तलाश की जा रही थी। तलाशी अभियान के दौरान आज 18 मार्च 2026 को पुलिस ने आरोपी सचिन ठाकुर को सोलन शहर से गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी नशा तस्करी के मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस थाना सदर सोलन में उसके खिलाफ चिट्टा/हेरोइन तस्करी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। इसके अलावा, उसे हिमाचल प्रदेश सरकार के आदेशानुसार 10 जून 2025 को PIT NDPS Act, 1988 की धारा 3(1) के तहत आदतन अपराधी मानते हुए तीन महीने के लिए जेल भेजा गया था। जेल से रिहा होने के बाद भी आरोपी ने फिर से नशा तस्करी में संलिप्तता जारी रखी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को 19 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

&nbsp;
]]></description>
                       <content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">जिला सोलन के तहत पुलिस थाना धर्मपुर की टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए चिट्टा/हेरोइन तस्करी से जुड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के दौरान इन आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात के समय उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था, जो पुलिस को देखकर वाहन रुकते ही मौके से फरार हो गया था।</span></p>

<p style="text-align: justify;"><span style="font-size:18px;">बाद में फरार आरोपी की पहचान सचिन ठाकुर (31), पुत्र इंदर सिंह ठाकुर, निवासी गांव शिल्ली, डाकघर दामकड़ी, तहसील व जिला सोलन के रूप में हुई। पुलिस थाना धरमपुर की टीम द्वारा उसकी लगातार तलाश की जा रही थी। तलाशी अभियान के दौरान आज 18 मार्च 2026 को पुलिस ने आरोपी सचिन ठाकुर को सोलन शहर से गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी नशा तस्करी के मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस थाना सदर सोलन में उसके खिलाफ चिट्टा/हेरोइन तस्करी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। इसके अलावा, उसे हिमाचल प्रदेश सरकार के आदेशानुसार 10 जून 2025 को PIT NDPS Act, 1988 की धारा 3(1) के तहत आदतन अपराधी मानते हुए तीन महीने के लिए जेल भेजा गया था। जेल से रिहा होने के बाद भी आरोपी ने फिर से नशा तस्करी में संलिप्तता जारी रखी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को 19 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।</span></p>

<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
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                <media:description type="plain"><![CDATA[Absconding accused involved in Chitta smuggling cases arrested in Solan]]></media:description>
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