** कोर्ट के आदेश न माने तो विभागों पर लगेगा जुर्माना हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को सभी विभागों को अदालत के आदेशों की अनुपालना करने से संबंधित निर्देश जारी करने को कहा है। कई विभाग अदालत में जवाब दायर करने में आनाकानी कर रहे हैं और कुछ बहुत देरी से दे रहे हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभागों को चेतावनी जारी करते कहा कि अगर आदेशों की अनुपालना नहीं की गई तो संबंधित विभाग पर जुर्माना लगाया जाएगा। एक अन्य मामले में न्यायाधीश ज्योत्सना रिवॉल दुआ की अदालत ने शिक्षा विभाग को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर आदेशों की अनुपालना नहीं की गई तो उसे कॉस्ट लगाई जाएगी। दुआ की अदालत ने शिक्षा विभाग पर 5 मामलों में बीस-बीस हजार रुपये कॉस्ट लगाई है। जुर्माने की राशि को याचिकाकर्ता को देने को कहा है। प्रार्थियों ने अदालत से ताज मोहम्मद के मामले में पारित निर्णय के आधार पर उनकी अनुबंध की तिथि से वरिष्ठता व अन्य लाभ देने की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने मामले में शिक्षा विभाग को आदेश पारित कर दिए थे। विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की ओर से नाम की सिफारिश भेजने के बाद कर्मचारियों की पदोन्नति रोकना आसान नहीं होगा। हाईकोर्ट ने एफआईआर दर्ज होने के बाद निलंबित जिला अग्निशमन अधिकारी (डीएफओ) को पदोन्नति के साथ बहाल करने का फैसला सुनाया है। याचिकाकर्ता को विभाग में डीएफओ के पद पर पदोन्नत किया गया था। 28 सितंबर 2022 को डीपीसी की सिफारिश के बाद याचिकाकर्ता को डीएफओ के पद पर पदोन्नत किया गया। उसके अगले ही दिन 29 सितंबर को रिश्वत मांगने के मामले में विभाग को उपकरण सप्लाई करने वाले एक व्यक्ति ने उन पर एफआईआर दर्ज करवाई। 30 को विभाग ने याचिकाकर्ता की पदोन्नति रोक दी और उसे सेवाओं से भी निलंबित कर दिया। इसी फैसले के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर शिमला-कालका के बीच हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जनहित याचिका का निपटारा कर करते हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि इस मार्ग पर दोबारा अतिक्रमण न हो। अगर संबंधित अधिकारी को सूचना मिले कि फिर से किसी भी व्यक्ति ने अनाधिकृत निर्माण और अतिक्रमण किया है तो उसके खिलाफ वह तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें। सूचना मिलने के बाद अधिकारी अगर समय पर कार्रवाई नहीं करेंगे तो उनको बर्खास्त किया जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय करवाई के साथ-साथ आपराधिक मामला भी दायर होगा। जनहित याचिका का निपटारा न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश राकेश कैथला की खंडपीठ ने किया। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के निदेशक ने अदालत के 22 दिसंबर 2023 और 26 मार्च 2024 के आदेशों का अनुपालन करने पर 17 मई 2024 को हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया है। इसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जो भी अवैध निर्माण और अतिक्रमण किया गया है, उसे हटा दिया गया है। अदालत ने कहा कि ऐसे सभी मामलों को 31 मार्च 2025 तक समाप्त करने के आदेशों का अनुपालन करने को कहा है। बता दें कि वर्ष 2014 में राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़क पर गैर तरीके से अतिक्रमण, अवैध निर्माण और अनाधिकृत पार्किंग के कारण यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही थी। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया था। हाईकोर्ट ने संबंधित विभागों को प्रतिवादी बनाया था। जनहित याचिका के लंबित रहने के दौरान कुछ अन्य निजी व्यक्तियों को भी पार्टी बनाया गया था। संबंधित विभागों की ओर से पहले दायर हलफनामों में कहा गया था कि शिमला कालका राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अतिक्रमण, बडोग कसौली सड़क के किनारो पर अवैध निर्माण और जाबली में भी अवैध निर्माण पाया गया था।
हिमाचल में सरकारी विभाग और सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों में दो या इससे अधिक साल से खाली पड़े पदों को खत्म करने को लेकर जारी अधिसूचना के बाद सियासी भूचाल मच गया है, जिसको लेकर अब सोशल मीडिया में सरकार की खूब किरकिरी हो रही है। वहीं, विपक्ष ने भी पदों को समाप्त करने को लेकर सरकार को घेरा है, जिस पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। वहीं, सुक्खू सरकार के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी पदों को समाप्त किए जाने को लेकर कहा कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ये सही है कि हमारी वित्तीय स्थिति अनुकूल नहीं है। फिर भी हमारी सरकार विकास के कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने दो साल में 25 से 30 हजार नौकरियां पैदा की हैं। उन्होंने कहा कि हम आंकड़ों के साथ इसे विधानसभा में रखेंगे की किस-किस क्षेत्र में नौकरियां प्रदेश में दी गई हैं। कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "रोजगार के अवसर पैदा करना सरकार की जिम्मेवारी हैं। इसकी गंभीरता को समझते हुए हर कैबिनेट की मीटिंग में नए पद सृजित करना हमारी प्राथमिकता रहती है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेक्टर के अलावा हम निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। इसके लिए हम नई होम स्टे पॉलिसी भी ला रहे हैं, जिसे अगली कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा, जिसका प्रदेश के युवाओं को लाभ होगा। हमारी सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए लंबित रिजल्टों को भी समय-समय पर घोषित किया है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कहा कि जयराम ठाकुर जो कहते हैं कि कैबिनेट सब कमेटियां समय खरीदने को बनती है, तो वे अपनी सोच को हमारे ऊपर थोपने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि हाल ही में जो नया बवाल पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस बारे में बताना चाहता हूं कि वित्त विभाग ने कहा है कि जो पद बहुत समय से नहीं भरे गए हैं, उनको कन्वर्ट किया जा रहा है। ऐसे 15 साल पहले सृजित किए गए पदों का आज के दौर में कोई औचित्य नहीं है। ऐसे ने इन पदों को नई पोस्टों में कन्वर्ट किया जा रहा है। इसको जयराम ठाकुर राजनीतिक रंग देने का असफल प्रयास कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर खुद मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे हैं, जिसकी उनको पूरी जानकारी होनी चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वित्त विभाग का प्रयास रहता है कि सरकार की बचत हो सके, लेकिन इसका तात्पर्य यह नहीं है कि प्रदेश में रोजगार के अवसर को कम करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इसको लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि अगर इसमें कोई कमी है, जिससे युवाओं के हित प्रभावित हो रहे हैं तो हम इस विषय को अगली कैबिनेट में उठाएंगे, ताकि युवाओं के हितों की रक्षा हो। उन्होंने कहा कि सरकार कोई ऐसा फैसला नहीं लेगी, जिससे युवाओं का भविष्य अंधकार में जाए। मुख्यमंत्री ने इस पर स्थिति स्पष्ट की है, जो उन्होंने बात रखी है हम उससे सहमत हैं।
** सुक्खू सरकार को दी चेतावनी हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। अब संयुक्त कर्मचारी महासंघ भी हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारियों के समर्थन में उतर गया है। संघ ने सुक्खू सरकार को चेताते हुए कहा है कि सरकार वार्तालाप करके बिजली बोर्ड में चल रहे गतिरोध को तोड़ें, वरना प्रदेश में हालात बिगड़ जाएंगे। संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार ने बिजली बोर्ड में 51 पदों को समाप्त कर दिया, 81 ड्राइवरों को नौकरी से निकाल दिया है, ये फैसला दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने सरकार को अपनी मांगों को लेकर मेमोरेंडम दिया है। सरकार वार्तालाप करके उनकी मांगों पर विचार करे और नौकरियों को बहाल करें। वीरेंद्र चौहान ने कहा कि कर्मचारियों ने 28 तारीख को सांकेतिक प्रदर्शन का आह्वान किया है। सरकार अगर उनकी मांगों को नहीं मानती है तो बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के समर्थन में संयुक्त कर्मचारी महासंघ को भी मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा। वहीं, संयुक्त कर्मचारी महासंघ ने प्रदेश सरकार के दो साल या इससे अधिक समय से खाली चल रहे सभी पदों को समाप्त करने वाली नोटिफिकेशन पर हैरानी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस नोटिफिकेशन के बाद प्रदेश में खाली चल रहे हजारों पद समाप्त हो जाएंगे। वीरेंद्र चौहान ने कहा कि सीएम सूक्खु को अपने आस-पास अच्छे सलाहकारों की टीम रखनी चाहिए और कर्मचारी नेताओं से भी वार्तालाप करना चाहिए, ताकि इस तरह की अधिसूचना करने के बाद सीएम को स्वयं स्पष्टीकरण के लिए न आना पड़े।
हिमाचल प्रदेश में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी योजना हांफ गई है। लोगों को इस योजना के तहत डिपो में राशन नहीं मिल रहा है। इस योजना के तहत उपभोक्ता हिमाचल में कहीं भी किसी भी डिपो से राशन ले सकते हैं। लेकिन डिपो में लगी पॉश मशीनों में राशनकार्ड की एंट्री ही नहीं हो रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को दिक्कतें पेश आ रही हैं। शुरुआत में इस योजना के तहत लोगों को राशन मिलना शुरू हो गया था। इसके बाद साफ्टवेयर में बार-बार खराबी आने से योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। अब खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग एनआईसी के तहत इस योजना को सिरे चढ़ाने के प्रयास में है। हिमाचल में इस योजना को लागू हुए करीब तीन साल हो चुके हैं। चार जिलों में यह योजना शुरू की गई। लेकिन अब सिस्टम ठप पड़ गया है। हिमाचल के कई डिपो में ट्रायल पर इस योजना को शुरू किया गया था। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से कई परिवारों के ऐसे सदस्य पाए गए, जिनके दो-दो जगह पर राशन कार्ड में नाम है। ऐसे में विभाग की ओर से इन्हें राशन नहीं दिया गया। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक राम कुमार गौतम ने बताया कि एक सप्ताह के बाद सिस्टम ठीक हो जाएगा। एनआईसी से बातचीत करके इस योजना को शुरू किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश में साढ़े 19 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। प्रदेश सरकार की ओर से प्रति राशनकार्ड उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर तीन दालें (मलका, माश, दाल चना), दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), 500 ग्राम प्रति व्यक्ति चीनी और एक किलो नमक दिया जा रहा है। इसके अलावा आटा और चावल केंद्र सरकार सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है। तीन महीने तक डिपो से सस्ता राशन न लेने पर लोगों के राशनकार्ड ब्लॉक हो रहे हैं। दिक्कतें उन लोगों को आ रही है जो गांव से आकर शहर में रह रहे हैं। ऐसे में लोगों को घर जाकर राशन लेना पड़ रहा है।
जन शिकायत निवारण के लिए मुख्यमंत्री की अनूठी पहल, लोगों के साथ डिनर भी करेंगे सुखविंदर सुक्खू दिल्ली दौरे से लौटते ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 26 अक्तूबर को शिमला जिला के दूरदराज क्षेत्र डोडरा-क्वार की महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ से लाभान्वित करेंगे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम डोडरा में करेंगे और देर शाम तक लोगों की समस्याएं सुनेंगे। वह क्वार में गांव के लोगों के साथ डिनर भी करेंगे। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दूरदराज के गांवों में जाकर लोगों की शिकायतों का उनके घर द्वार पर निवारण करना है और इसी तरह के निर्देश मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी जारी किए गए हैं, ताकि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी छोटी-छोटी शिकायतों के समाधान के लिए जिला मुख्यालयों में न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन की पहल और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने गांवों की ओर रुख करने का निर्णय लिया है, ताकि विकास कार्यों के माध्यम से उन्हें मुख्य धारा में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि गांव के लोग भोले-भाले तथा मेहनती हैं, जो रोजमर्रा की कठिनाइयों का डटकर सामना करते हैं तथा वर्तमान सरकार उनकी कठिनाइयों को बेहतर ढंग से समझने के लिए उनके घर द्वार पर जाकर उनसे संवाद करेगी और जन समस्याओं का मौके पर निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डोडरा-क्वार दौरे के दौरान जनसमूह को संबोधित करने के अलावा उनसे व्यक्तिगत रूप से भी मिलेंगे तथा अधिकारियों को लोगों की शिकायतों का तत्काल निवारण करने के निर्देश देंगे। एसडीएम डोडरा-क्वार धर्मेश ने कहा कि क्षेत्र के लोग मुख्यमंत्री की इस पहल से काफी उत्साहित हैं। राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की इस पहल के बाद कैबिनेट मंत्री भी नवंबर के महीने से इस तरह के दौरे शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री सुक्खू शनिवार 26 अक्तूबर को प्रात: 11:20 बजे चैधार मैदान में गसांगो से जिसकुन तक संपर्क सडक़ का उद्घाटन करेंगे और डोडरा से चमधार तक सडक़ और गांव पुजारली (डोडरा क्वार) से टाल पुल होते हुए उत्तराखंड सीमा तक संपर्क मार्ग का शिलान्यास करेंगे। इसके उपरांत वह जनता को संबोधित कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर बाद 2:10 बजे आईपीएच निरीक्षण हट क्वार में लोगों की समस्याएं सुनेंगे और क्वार में विभिन्न संस्थानों और अस्पतालों का दौरा करेंगे।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का मीडिया स्पष्टीकरण आज थोड़ी देरी से हुआ क्योंकि उनके पास बैक डेट की अधिसूचना हाथ नहीं आई थी। शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में जयराम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विचित्र परिस्थितियां चल रही हैं। व्यवस्था परिवर्तन के बजाय व्यवस्था पतन का कार्य चल रहा है। ऐसा हिमाचल के इतिहास में पहली बार हुआ है जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश में एक अधिसूचना जारी होती है, फिर उसके ऊपर प्रतिक्रिया आती है और उसके बाद उसे बैक डेट में बदल दिया जाता है। ऐसी ही अधिसूचना हिमाचल प्रदेश में नौकरियां समाप्ति की भी हुई। वैसे तो नोटिफिकेशन 26 अक्तूबर की है पर इसे 23 अक्तूबर की डेट में बनाया गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पल-पल पलटूराम की सरकार चल रही है। अधिसूचनाओं पर लीपापोती कर ठीक करने का प्रयास लगातार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आए थे तो कांग्रेस पार्टी झूठी गारंटियों का प्रचार कर रही थी, उनके नेताओं ने कहा था कि हिमाचल में 5 लाख नौकरियां, एक साल में एक लाख नौकरियां और 65,000 खाली पदों को भरा जाएगा। लेकिन दो साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है। यह जीरो परफॉर्मेंस वाली सरकार है, कांग्रेस सरकार ने जो वादे किए थे उसके विपरीत ही काम चल रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मीडिया को पूरी बातें पढ़कर आने को समझते हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश में दो ही लोग ज्ञान के भंडार हैं और कोई और बुद्धिजीवी इन अधिसूचनाओं को नहीं समझ सकता और विपक्ष तो बिल्कुल भी नहीं। हम निवेदन करेंगे कि मुख्यमंत्री जी आप पढ़कर आएं, पढ़ने का ज्ञान ना दें। जयराम ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में अधिकारियों का तांडव मचा हुआ है। इसीलिए बार-बार हर बात का स्पष्टीकरण देना पड़ता है। नौकरी समाप्ति को लेकर अधिसूचना का प्रदेश में व्यापक असर होगा। इसके मुताबिक आपने प्रदेश में 1.50 लाख नौकरियां को समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रो. प्रेम कुमार धूमल की भाजपा सरकार के समय जो अधिसूचना हुई थी उसमें किसी भी पद को समाप्त करने की बात नहीं थी, उल्टा पदों को नियमित करने की बात की गई थी। उसमें नौकरियों को बढ़ावा देने की बात की गई थी। साथ ही नौकरियां को पक्की बनाने की बात की गई थी। जयराम ने कहा कि यह सरकार अधिसूचना की सरकार बन कर रह गई है, टॉयलेट टैक्स अभी तक वापस नहीं लिया गया है पर उसकी अनेकों अधिसूचनाएं निकल गई हैं।
कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल सनवारा (किप्स) में सी.बी.एस.ई. की छात्र वर्ग की नेशनल वालीबॉल प्रतियोगिता का 25 अक्तूबर 2024 शुक्रवार को समापन हुआ। समापन समारोह में मोहन नगरेटा सेवानिवृत बॉलीबॉल कोच (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा राष्ट्रीय टीम के सेवानिवृत सहायक कोच सुभाष विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पाँच दिनों की यह नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश चौहान की देख-रेख में आयोजित की गई। खेल के पाँचवे और अंतिम दिन अंडर 19 श्रेणी में लक्ष्मी पब्लिक स्कूल दिल्ली प्रथम स्थान पर रहा, दूसरे स्थान पर कर्नल्स पब्लिक स्कूल गुरुग्राम रहा तथा तीसरे स्थान पर डॉ. ए. एल. इशरत मेमोरियल सनबीन स्कूल वाराणसी और फेलोशिप मिशन स्कूल जयपुर रहे। अंडर 17 श्रेणी में कर्नल्स पब्लिक स्कूल गुरुग्राम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, सेंट स्टीफ़न स्कूल दूसरे स्थान पर रहा तथा संजीवनी इंटरनेशनल स्कूल राजस्थान और एस. आर. ग्लोबल स्कूल लखनऊ ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंडर 14 श्रेणी में शाह सतनाम जी स्कूल सिरसा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, आर. पी. एस. पब्लिक स्कूल दूसरे स्थान पर रहा जबकि प्रिंस अकेडमी सिकर राजस्थान और सेंट स्टीफ़न स्कूल ने तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई। मुख्यातिथि ने अपने भाषण में विद्यालय द्वारा शिक्षा और खेलकूद के क्षेत्र में विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा सभी खिलाड़ियों को परितोषिक वितरित किए। विद्यालय के प्रबंध निदेशक हीरा ठाकुर, प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद व उप-प्रधानाचार्या पूनम ठाकुर ने सभी इस नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए सभी अधिकारियों, अध्यापकों और कर्मचारियों का धन्यवाद किया तथा सभी को स्मृति चिन्ह प्रदान किए।
** डी डी कश्यप बने प्रेस सचिव जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन जिला सोलन की कार्यकारिणी के चुनाव धर्मपुर के मनसा माता मंदिर परिसर में के डी शर्मा जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित किए गए,जिसमे जिला कार्यकारिणी के तमाम प्रतिनिधियों तथा 12 यूनिटों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस जिला कार्यकारिणी के चुनाव में हिमाचल प्रदेश कल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष आत्मा राम शर्मा विशेष रूप से उपस्थित हुए। आत्मा राम शर्मा ने पेंशनरों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा कि दीपावली त्यौहार के मध्य नजर इस माह 28 अक्तूबर को पेंशन ,साढ़े 22 प्रतिशत एरियर,75 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पेंशनरों को एरियर तथा 4 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किश्त जनवरी 2023 से देने की घोषणा का प्रदेश के तमाम पेंशनरों ने स्वागत किया है । साथ ही आत्मा राम शर्मा ने कहा कि जनवरी 2016 से फरवरी 2022 के बीच के पेंशनरों को नए छठे वेतन आयोग का न तो एरियर मिला है और न ही लिव इन केशमेंट का एरियर और न ही ग्रेजुएटी और न ही कम्युटेशन का एरियर मिला है, जिससे पेंशनरों में भारी रोष है, पेंशनरों में यह रोष भी है कि पिछले दो महीने पेंशन 9 व 10 तारीख को मिली। आत्माराम शर्मा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि पेंशनरों के सभी ड्यूज एक मुश्त दिए जाएं। इसके उपरांत चुनावी प्रक्रिया शुरू कि गई, जिसमे सबसे पहले जिला अध्यक्ष के डी शर्मा व महासचिव जगदीश पंवर ने जिला कार्यकारिणी का लेखा जोखा प्रस्तुत किया तथा के डी शर्मा ने पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर कार्यकारिणी के नए चुनाव करवाने की घोषणा की। तथा सुरेंद्र सिंह वर्मा संयुक्त सचिव राज्य कार्यकारिणी को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया। यह चुनाव संविधान प्रक्रिया के तहत सर्व सम्मति से सम्पन्न हुए, जिसमें एक बार फिर सातवीं बार के डी शर्मा को सर्वसम्मति से जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन जिला सोलन की कार्यकारिणी का प्रधान चुना गया। इसी तरह जी आर भारद्वाज को वरिष्ठ उपाध्यक्ष,जगदीश पंवर को महा सचिव,मनसा राम पाठक को कोषाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा नोमिनेट सदस्यों में उदय राम चौधरी मुख्य सलाहकार, पलक राम कश्यप को सलाहकार,मनोहर सिंह कंवर ,बेलीराम राठौर,दलीप राणा, हरिदत्त शर्मा,राम लाल शर्मा ,अंजना शर्मा व रेणुका शर्मा को उपाध्यक्ष, चैतराम भारद्वाज,पूर्ण चंद वर्मा,विजय राम ठाकुर को संयुक्त सचिव,देव कर्ण कौंडल को संगठन सचिव,डी डी कश्यप को प्रेस सचिव,रोशन लाल कानूनी सलाहकार,रोशन लाल वर्मा ,सूर्यकांत जोशी व नरेश घई को राज्य प्रतिनिधि बनाया गया। अंत में आत्मा राम शर्मा ने चुनावी प्रक्रिया सर्व सम्मति से पूर्ण होने तथा नई कार्यकारिणी को बधाई दी।
हिमाचल में दूर दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी समस्याओं को लेकर शिमला न आना पड़े, इसके लिए सुक्खू सरकार ने खुद घरद्वार पर जाकर लोगों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए अनूठी पहल की है। इसके तहत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज शिमला जिले के दूरदराज क्षेत्र डोडरा-क्वार की महिलाओं को ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना’ से लाभान्वित करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम डोडरा-क्वार में करेंगे। ऐसे में सीएम सुक्खू देर शाम तक लोगों की समस्याएं सुनेंगे और उनका मौके पर समाधान करने की भी कोशिश करेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दूरदराज के गांवों में जाकर लोगों की शिकायतों का उनके घरद्वार पर निवारण करना है। इसी तरह के निर्देश मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी जारी किए गए हैं। जो ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे, ताकि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपनी छोटी-छोटी शिकायतों के समाधान के लिए जिला मुख्यालयों में न जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन की पहल और राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने गांवों की ओर रुख करने का फैसला लिया है, ताकि विकास कार्यों के जरिए उन्हें मुख्य धारा में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि गांव के लोग भोले-भाले और मेहनती होते हैं। जो रोजमर्रा की कठिनाइयों का डटकर सामना करते हैं। ऐसे में वर्तमान सरकार उनकी कठिनाइयों को बेहतर ढंग से समझने के लिए उनके घरद्वार पर जाकर उनसे संवाद करेगी और जन समस्याओं का मौके पर निपटारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री डोडरा-क्वार दौरे के दौरान जनसमूह को संबोधित करने के अलावा उनसे व्यक्तिगत रूप से भी मिलेंगे और अधिकारियों को लोगों की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश देंगे ।
हिमाचल प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों की अन्य विभागों के कामों में तैनाती पर रोक लगा दी गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को निर्देशों का पालन करने के लिए पत्र जारी किया है। पत्र में स्पष्ट किया है कि चुनाव और जनगणना के कार्यों के अलावा किसी अन्य विभाग के काम के लिए शिक्षक नहीं जाएंगे। प्रशिक्षण और सेमीनार में जाने के लिए भी निदेशालय की मंजूरी लेनी होगी। शिक्षकों की गैरहाजिरी के चलते स्कूलों में प्रभावित हो रही पढ़ाई व्यवस्था का इसके लिए हवाला दिया गया है। सरकारी स्कूलों में गिरते शैक्षिक मानकों के मद्देनजर प्राइमरी कक्षाओं में शिक्षकों की मौजूदगी के महत्व पर जोर देते हुए यह निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में किए गए निरीक्षणों में चिंताजनक परिणाम सामने आए हैं, जिसमें राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) में राज्य की रैंकिंग 2021 में 13 से गिरकर 21 हो गई है। इसको देखते हुए कक्षा 1 से 5 तक के लिए अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देना शुरू किया गया है, लेकिन छात्रों की शिक्षा पर बाहरी गतिविधियों के लिए शिक्षकों की तैनाती के नकारात्मक प्रभाव सामने आ रहे हैं। कई प्राथमिक विद्यालय केवल एक या दो शिक्षकों के साथ संचालित होते हैं, जिससे उनकी अनुपस्थिति विशेष रूप से पढ़ाई का नुकसान कर रही है। ऐसे में निदेशालय ने अनिवार्य किया है कि चुनाव या जनगणना कर्तव्यों से संबंधित गतिविधियों के लिए शिक्षकों को निदेशालय से पूर्व अनुमति के बिना अनुपस्थित नहीं रहना चाहिए। शिक्षकों की अनधिकृत तैनाती के लिए जिला उपनिदेशकों को उत्तरदायी ठहराया जाएगा। पत्र में कहा है कि छात्रों के शैक्षिक अनुभवों की सुरक्षा के लिए इन दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयासों का आह्वान भी किया है। इन आदेशों का पालन नहीं होने की स्थिति में संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
**रेस्क्यू के लिए मंगवाया हेलीकॉप्टर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के बीड़ बिलिंग से उड़े तीन विदेशी पैराग्लाइडर कुल्लू जिला की ऊंची पहाड़ियों में फंसे गए हैं, जिनको रेस्क्यू करने के लिए कुल्लू जिला प्रशासन द्वारा सरकार से हेलीकॉप्टर की मांग की गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए कल्लू के एसडीएम विकास शुक्ला ने बताया कि बीड़ बिलिंग से तीन विदेशी पैराग्लाइडरों ने उड़ान भरी थी। जो दिशा भटक कर कुल्लू जिला में फोजल की ऊंची पहाड़ियों के बीच में फंस गए हैं, जिनमें एक पैराग्लाइडर यूके दूसरा न्यूजीलैंड तथा तीसरा ऑस्ट्रेलिया का बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इनमें उड़ान भरने वाला एक पैराग्लाइडर चालक घायल हो गया है। बताया कि तीनों विदेशी पैराग्लाइडर जिला की लगभग 4 से 5000 फीट की ऊंचाई पर फोजल की पहाड़ियों के बीच में फंसे हुए हैं, जिनको रेस्क्यू करने के लिए गई टीम ने हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करने का आग्रह किया है। विकास शुक्ला के मुताबिक प्रशासन द्वारा तीनो पेराग्लाइडरों को रेस्क्यू करने के लिए हेलीकॉप्टर मंगवाया गया है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
एसवीएन वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें छात्र खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में भाग लिया। समारोह मे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला अर्की के प्रधानाचार्य राज कुमार शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि भाग लिया। विद्यालय के अध्यक्ष टी सी गर्ग ने उद्घाटन समारोह में सभी छात्रों और शिक्षकों को संबोधित किया, और खेल के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रों ने उत्साहपूर्वक दौड़, जलेबी रेस, स्पून रेस, खो खो, कबड्डी, वॉलीबॉल आदि खेलों में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यातिथि द्वारा विजेता खिलाड़ियों को मैडल और सर्टिफिकेट दिए गए। स्कूल प्रधानाचार्य पदम नाभम ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया और खेल दिवस में सभी को एकजुट होकर खेलने और एक-दूसरे का सम्मान करने का संदेश दिया।
**निर्माण कार्य को समयबद्ध पूर्ण करने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार सांय नई दिल्ली के द्वारका में निर्माणाधीन हिमाचल निकेतन का दौरा कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को इसका निर्माण कार्य समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल निकेतन के निर्माण से हिमाचलवासियों को विभिन्न कार्यों के लिए राजधानी में ठहरने की सुविधा मिलेगी। इसकेे बनने से विशेषकर विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इस पांच मंजिला भवन का निर्माण 57.72 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
शिमला: पुलिस भर्ती की इच्छुक लड़कियां हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर जाकर जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन करें।आयोग की वेबसाइट पर ये आवेदन 31 अक्टूबर रात 11.59 बजे तक किया जा सकेगा। उसके बाद आवेदन की प्रक्रिया क्लोज कर दी जाएगी। इस तरह हिमाचल की बेटियों के पास अब सिर्फ छह दिन का समय बचा है। पुलिस में लड़कियों के 380 पद भरे जाने हैं । ये नियमित भर्ती है और इसमें लेवल-3 का पे-बैंड मिलेगा। यानी पे-स्केल 20200-64000 होगा। बड़ी बात है कि लड़कियों से आवेदन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। ये भर्ती नशे के खिलाफ विशेष कमांडो फोर्स के रूप में होगी। यदि किसी बेटी ने स्कूल में या कॉलेज में एनसीसी लिया होगा तो उसे चार अंक मिलेंगे। इसके अलावा हाइट के अंक भी मिलेंगे। इनमें से सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित 104 पद, स्वतंत्रता सेनानी परिवार वर्ग के 9, एक्स सर्विसमैन परिवार के लिए 31, होमगार्ड के 24 पद होंगे । इसके अलावा एससी वर्ग के लिए अनारक्षित पद 46, इसी वर्ग के स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्यों के लिए 5, बीपीएल के लिए 10, इसी वर्ग में एक्स सर्विस मैन वर्ग के लिए 11 पद हैं कुल पद 168 बनते हैं. एससी वर्ग में होम गार्ड के लिए 13 पद रखे गए हैं । इसमें कुल पद 85 बनते हैं । इसी तरह एसटी वर्ग के लिए अनारक्षित पद 13, इसी वर्ग के बीपीएल के लिए 3, वार्ड ऑफ एक्ससर्विस मैन कैटेगरी में 4 पदों को मिलाकर कुल 20 पद भरे जाने हैं । आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के लिए अनारक्षित पद 32 हैं । इसके अलावा तीन पद होम गार्ड के लिए हैं । ओबीसी में अनारक्षित वर्ग के लिए 38, वार्ड ऑफ फ्रीडम फाइटर्स के लिए 5, बीपीएल के लिए 11, व वार्ड ऑफ एक्स सर्विसमैन के लिए 7 पद रखे गए हैं । सभी वर्गों में ये कुल 380 पद बनते हैं ।
दिवाली से पहले हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य के डॉक्टरों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के निर्देशों पर राज्य सरकार ने पीजी कोर्स, सीनियर रेजीडेंसी (एसआरशिप) या डीएम स्तर की पढ़ाई करने वाले चिकित्सकों को अध्ययन अवकाश के दायरे से बाहर करने का निर्णय लिया है। इससे पहले मंत्रिमंडल के एक निर्णय में अध्ययन अवकाश पर जाने वालों का वेतन 40 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया था। इससे आगे की पढ़ाई करने वाले चिकित्सकों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से अब पीजी कोर्स करने वाले चिकित्सकों को उनका पूरा वेतन मिलेगा और उनकी पढ़ाई को ऑन ड्यूटी माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रशिक्षुओं को अब अपने कोर्स के दौरान पूरा वेतन मिलेगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपनी शैक्षणिक प्रतिबद्धताओं के साथ मरीजों की स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करते हैं। चिकित्सा क्षेत्र में उनके व्यावसायिक विकास और राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के लिए दोनों के मध्य सामंजस्य महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार की ओर से चिकित्सकों को पूरा वेतन प्रदान करने का उद्देश्य उनके समर्पण भाव को प्रोत्साहित करने के साथ उनके प्रशिक्षण तथा लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि करना है। इससे मरीजों के लिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित होगी और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली सुदृढ़ होगी, जिससे प्रदेश के लोग लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हाल ही में हुई बैठक में इनसे संबंधित मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर त्वरित निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संबंधित मामलों का निवारण करने के निर्देश दिए थे जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने अब पीजी पाठ्यक्रम करने वाले चिकित्सकों के लिए पूर्ण वेतन देने को स्वीकृति प्रदान की है। हिमाचल मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम करने वाले चिकित्सकों को पूर्ण वेतन प्रदान करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश ने कहा कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय से चिकित्सकों की एक बड़ी चिंता का समाधान हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता के साथ मामले पर विचार-विमर्श किया और चिकित्सकों के हित में त्वरित समाधान किया है। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के लिए चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया।इस निर्णय से चिकित्सकों का मनोबल और अधिक बढ़ा है। यह निर्णय मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होगी। इसके अतिरिक्त यह निर्णय राज्य भर में मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में योगदान देगा क्योंकि चिकित्सक अपनी पीजी पढ़ाई पूरी करने के बाद राज्य के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर प्रदेश के समग्र स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करेंगे।
दिवाली पर शिमला से प्रदेश भर के रूटों पर 37 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। शिमला आईएसबीटी स्थित एचआरटीसी कंट्रोल रूम में आई डिमांड के आधार पर 29 और 30 अक्तूबर को अतिरिक्त बसें चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। मंडलीय प्रबंधक एचआरटीसी शिमला की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार 29 और 30 अक्तूबर को शिमला से रिकांगपिओ के लिए 2, शिमला से कांगड़ा 3, शिमला से रामपुर 3, शिमला से रोहड़ू 3, शिमला से कुल्लू 3, शिमला से मंडी 2, शिमला से सरकाघाट 2, शिमला से पालमपुर 2, शिमला से धर्मशाला 3, शिमला से चंंडीगढ़ 5, शिमला से दिल्ली 4 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। निगम प्रबंधन ने अतिरिक्त बसें उपलब्ध करवाने का जिम्मा रिकांगपिओ, तारादेवी, रामपुर, रोहड़ू, शिमला ग्रामीण, शिमला लोकल, सोलन और करसोग डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधकों को सौंपा गया है। 30 अक्तूबर के लिए निगम को गुरुवार दोपहर तक मिली बसों की अतिरिक्त डिमांड के चलते शिमला से चौपाल रूट पर 1, शिमला से हमीरपुर के लिए 2 और शिमला से मंडी के लिए 2 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। दिवाली पर्व के मद्देनजर लोगों को आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े, इसके लिए एचआरटीसी अतिरिक्त बसों का संचालन कर रहा है। शिमला से प्रदेश के विभिन्न जिलों और शिमला जिले के अलग अलग क्षेत्रों के लिए बसों की डिमांड के चलते 37 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। यदि बसों की और अधिक मांग आती है तो उसे भी पूरा किया जाएगा।
** प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा बोर्ड को लिखा पत्र माचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में भर्ती किए जाने वाले 245 स्पेशल एजुकेटर का टीचर एलीजिबिलिटी टेस्ट (टेट) होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने टेट करवाने के लिए शिक्षा बोर्ड को पत्र लिख दिया है। परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम भी स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ही तैयार करेगा। टेट पास को ही भर्ती में शामिल किया जाएगा। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए यह शिक्षक नियुक्त किए जाए रहे हैं। 21 वर्ष बाद इस श्रेणी में नियमित भर्ती होने जा रही है। शिक्षा विभाग में स्पेशल एजुकेटर के 245 पद भरे जाएंगे। शिक्षा विभाग ने भर्ती से संबंधित नियम अधिसूचित कर दिए हैं। प्राइमरी में 138 और अपर प्राइमरी में 107 एजुकेटर रखे जाएंगे। राज्य चयन आयोग हमीरपुर भर्ती करेगा। 18 से 45 वर्ष की आयु वाले भर्ती के लिए पात्र होंगे। हिमाचल में वर्ष 2003 के बाद पहली बार तृतीय श्रेणी यानी ग्रुप-सी के पदों पर नियमित आधार पर भर्ती होने जा रही है। 21 साल से आयोग के माध्यम से अनुबंध पर ही भर्तियां हो रही हैं। अब सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद होने जा रही स्पेशल एजुकेटर की भर्ती में पुरानी व्यवस्था बदल दी गई है। भविष्य में भर्ती नियमों में अनुबंध आधार पर नियुक्तियां करने का प्रावधान रखा गया है। पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को पढ़ाने वाले 138 स्पेशल एजुकेटरों के लिए 12वीं कक्षा में 50 फीसदी अंक की शैक्षणिक योग्यता रखी गई है। स्पेशल एजुकेटर विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने का काम करेंगे। हिमाचल में विशेष आवश्यकता वाले 5,000 से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। इन्हें स्पेशल एजुकेटर न होने के कारण सामान्य स्कूलों में ही पढ़ाना पड़ रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की तरफ से इनके लिए अलग से सुंदरनगर में एक सेंटर बनाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में बनीं हार्ट अटैक, ब्लड शुगर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों समेत कुल 23 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई हैं, जबकि देशभर में कुल 67 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और स्टेट ड्रग कंट्रोलर की ओर से दवाओं के सैंपल लिए गए थे। सीडीएससीओ के 49 में से 20 और ड्रग कंट्रोलर के 18 में से 3 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। 23 में से 12 सोलन, 10 सिरमौर और एक दवा कांगड़ा में बनी हैं। दवाएं मानकों पर सही न पाए जाने पर ड्रग कंट्रोलर की ओर से कंपनियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही इन दवाओं को बनाने के लाइसेंस भी रद्द कर दिए हैं। ड्रग कंट्रोलर ने कंपनियों को दवाओं का स्टॉक भी वापस मंगवाने के निर्देश दिए हैं। सितंबर के ड्रग अलर्ट में दवाओं के सैंपल फेल होने का खुलासा हुआ है। सिरमौर की पुष्कर फार्मा कंपनी की प्रसव में काम आने वाली ऑक्सीटोसिन और बद्दी की मर्टिन एवं ब्राउन कंपनी में बनी हार्ट अटैक की दवा कैल्शियम ग्लूकोनेट, पांवटा साहिब की जी लेबोट्री कंपनी में बनी निमोनिया की सेफ्ट्रिएक्सोन, संक्रमण की जेंटामाइसिन और ब्लड शुगर की दवा जेनरिकार्ट के सैंपल फेल हुए हैं। झाड़माजरी की इनोवो केपटेप कंपनी की निमेसुलाइड, सेलीब्रेटी बायोटेक कंपनी की सिप्रोविन, मखून माजरा की ऐरिसो फार्मास्युटिकल कंपनी की मोटोसेप के दो सैंपल फेल हुए हैं। कालाअंब के नितिन लाइफ साइंस की प्रोमेथाजिन, क्वालिटी फार्मास्युटिकल कंपनी की कैंसर की दवा इफोस्फामाईड, कालाअंब की डिजिटल विजन कंपनी की बुप्रोन एसआर, बद्दी की सेफोपेराजोन, पाइपेरासिलिन के सैंपल फेल हुए हैं। साइसरोज रेमडीज कंपनी की विटामिन-बी की न्यूरोपाइन दवा, सोलन स्थित जेएम लैब की ब्लड प्रेशर की दवा टोर्सेमि, बद्दी स्थित क्लस्टा फार्मास्युटिकल कंपनी में मधुमेह की दवा न्यूरोकेम, झाड़माजरी वेडस्प फार्मास्युटिकल कंपनी की संक्रमण की दवा इंडक्लेव और बद्दी की ट्रिविजन हेल्थ केयर कंपनी का दर्द की दवा स्टे हैप्पी ट्रिपसिन भी मानकों पर सही नहीं पाई गई है।
प्रदेश में 23 दिनों से बारिश नहीं हो रही है बारिश पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से बादल और बारिश इन दिनों गायब नजर आ रहे हैं। लंबे वक्त से बारिश न होने की वजह से मौसम शुष्क बना हुआ है । राज्य में रेनफॉल एक्टिविटी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, दो अक्टूबर मानसून के विदाई के साथ ही राज्य में रेनफॉल एक्टिविटी में जमी आई है। इसकी वजह से राज्य में ड्राई स्पेल देखा जा रहा है. ने वाले दिनों में भी मौसम साफ बने रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश में अक्टूबर महीने के अंत तक मौसम साफ रहेगा। प्रदेश भर में दोपहर के बाद धूप खिल रही है, लेकिन सुबह और शाम के वक्त ठंड महसूस की जा रही है । हिमाचल प्रदेश के छह जिले ऐसे हैं, जहां 100 फ़ीसदी तक कम बारिश हुई. यहां बीते 23 दिनों में शून्य मिलीमीटर बारिश हुई है । राज्य के बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कुल्लू, सिरमौर और सोलन जिला में शून्य मिलीमीटर बारिश हुई है। बात अगर अन्य छह जिलों की करें, तो बीते 23 दिनों में कांगड़ा में 1.5, किन्नौर में 0.4, लाहौल स्पीति में 0.1, मंडी में 3.4, शिमला में 0.2 और ऊना में 8.6 मिलीमीटर ही बारिश हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक कुलदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, अक्टूबर महीने में अमूमन कम ही बारिश होती है। राज्य में सामान्य तौर पर 22.3 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार अक्टूबर महीने में सिर्फ 0.7 मिलीमीटर ही बारिश हुई. आने वाले दिनों में भी मौसम साफ बने रहने का ही अनुमान है ।
द एसवीएन विद्यालय बड़ोर घाटी कुनिहार में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा पहली से लेकर कक्षा दसवीं तक के विद्यार्थियों ने बढ़ - चढ़कर भाग लिया। प्रदर्शनी में सभी विषयों अंग्रेजी, हिंदी, गणित ,विज्ञान सामाजिक विज्ञान ,कंप्यूटर से संबंधित विभिन्न मॉडलों व चार्टों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी का शुभारंभ स्कूल निदेशक लूपिन गर्ग ने किया। प्रधानाचार्य सागरिका बक्शी के निर्देशन में विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक मॉडल प्रस्तुत कर अपनी रचनात्मकता को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सभी अभिभावक भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे । अभिभावकों के समक्ष सभी विद्यार्थियों ने स्वयं द्वारा निर्मित मॉडलों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की। सभी अभिभावकों ने विद्यार्थियों के परिश्रम व अध्यापकों के प्रयासों की सराहना की। साथ ही प्रधानाचार्य सागरिका बक्शी की अध्यक्षता में दसवीं कक्षा के अभिभावकों के लिए विशेष रूप से ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रधानाचार्य ने आने वाली बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित निर्देशों व आगामी पुन: अध्ययन प्रणाली से उन्हें परिचित करवाया। निदेशक लूपिन गर्ग ने बातचीत में बताया कि स्कूल में विद्यार्थियों मे आत्म विश्वास बढ़ाने व सरल अधिगम के लिए गतिविधि आधारित पाठ्यक्रम चलाया जाता है, इस दौरान इन्होंने जितने भी मॉडल व चार्टों का निर्माण किया उनमें से कुछ प्रदर्शनी में शामिल किए गए हैं, जिनके द्वारा विद्यार्थियों की अधिगम क्षमता झलकती है। उन्होंने सभी अभिभावकों का स्वागत कर विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के लिए भी आभार प्रकट किया।
हिमाचल प्रदेश में अब नदी में आपदा के समय रात के समय भी रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा सकेगा। रिवर राफ्टिंग के माध्यम से युवा रात के समय रेस्क्यू कर सकेंगे और नदी में कोई शख्स फंस गया होगा तो उसे भी बचाया जा सकेगा । इसी विषय को लेकर जिला कुल्लू के मुख्यालय के साथ लगते पीरडी में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान 18 युवाओं को रिवर राफ्टिंग गाइड का कोर्स करवाया जा रहा है। इसमें नाइट रेस्क्यू का विषय भी विशेष रूप से शामिल है। नाइट रेस्क्यू के तहत युवाओं को इस बात का प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि नदी में किस तरह से रात के समय आपदा में बचाव कार्य किया जा सके और किस तरह से रात को रेस्क्यू करने में उन्हें आसानी हो सके। रिवर राफ्टिंग गाइड कोर्स के इंस्ट्रक्टर विक्की ने बताया "राफ्टिंग सेंटर पीरडी कुल्लू में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के माध्यम से एडवांस राफ्टिंग गाइड कोर्स कुल्लू घाटी के स्थानीय रिवर गाइड्स के लिए चलाया जा रहा है। इनको राफ्ट रेस्क्यू, नाइट नेविगेशन मार्च, कैजुअल्टी, इवैक्यूएशन आदि ड्रिल्स सिखाई जा रही है। इसी विषय के तहत प्रतिभागियों को आधी रात को ब्यास नदी में उतारा गया, जिसके चलते नदी में पूरी रात यह प्रतिभागी नाइट सर्च ऑपरेशन करते रहे । इंस्ट्रक्टर विक्की ने कहा एडवांस कोर्स में सर्वाइवल नाइट और नाइट सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन इस कोर्स का पार्ट है जो हर एक गाइड को करना अनिवार्य है । इसके अलावा रिवर राफ्टिंग के माध्यम से युवा अपने लिए रोजगार भी स्थापित कर रहे हैं और पर्यटक भी ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग का मजा ले रहे हैं।
राजकीय माध्यमिक पाठशाला रुगड़ा में संगम स्तरीय बाल मेले का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों के लिए विभिन्न बाल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। स्मृति कश्यप प्रधानाचार्या रा व मा विद्यालय कुफ्टू समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर मौजूद रही। आयोजकों द्वारा मुख्यातिथि का जोरदार स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्यातिथि ने बच्चो,अभिभावकों व अध्यापकों को बाल मेले की बधाई दी साथ ही सभी छात्रों को भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। रुगड़ा व कुफ़्टू विद्यालय के 62 बच्चों ने बाल मेले में आयोजित प्रतियोगिताओं में बढ़चढ़ कर भाग लिया। विज्ञान प्रश्नोत्तरी में आदर्श, मनीष तथा वंश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा एकल गीत में अदिति , एकल नृत्य में सर्वेश , भाषण प्रतियोगिता में महक चौहान, समूह गीत में शिवांगी एवं साथियों , समूह नृत्य में भाविका एवं साथियों, विज्ञान प्रदर्शनी में रायना, म्यूजिकल चेयर में पीयूष ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अंत में मुख्यातिथि ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर एसएमसी प्रधान रुगड़ा नीलम ठाकुर ,एसएमसी प्रधान कुफ्टू दीक्षा शर्मा तथा अध्यापकों में श्यामलाल ,राकेश परमार, मन्नू महेश, रविंद्र शर्मा, अशोक कुमार, दीपिका, पूनम, निशा, नीलम, एमसी सदस्य एवं अभिभावक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में अब उच्च पदों पर युक्तिकरण होगा। जरूरत के हिसाब से अधिकारियों की नियुक्तियां की जाएंगी। सचिवालय में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया। पड़ोसी राज्यों से भी अधिक प्रदेश की सप्लाई कॉस्ट को भी कम करने के लिए योजना बनाने पर सहमति बनी। कमेटी ने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों से भी चर्चा की। अगली बैठक में कैबिनेट को सौंपने के लिए रिपोर्ट तैयार हो सकती है। बोर्ड को आर्थिक तौर पर मजबूती के लिए मंत्री धर्माणी की अध्यक्षता में कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई है। मीडिया से मंत्री धर्माणी ने कहा कि बोर्ड के 261 अफसर पावर कॉरपोरेशन व ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन में सेवाएं दे रहे हैं। इन पदों की पदोन्नितयां बिना पद सृजित कर दी गईं। इसका असर फील्ड स्टाफ पर पड़ा। इसे चलाए रखने के लिए मेंटनेंस गैंग और आउटसोर्स पर भर्तियां करनी पड़ीं। काॅस्ट कटिंग के लिए फील्ड स्टाफ पर कट लगा। अब उच्च पदों पर युक्तिकरण का फैसला लिया गया है। विद्युत विनियामक आयोग ने बोर्ड को वित्तीय स्थिति में सुधार, कर्मचारी लागत कम करने के निर्देश दिए हैं। आयोग विद्युत क्षेत्र में सुधार और विद्युत दरें निर्धारित करता है। वर्तमान में बिजली की खरीद लागत 3.50 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि आपूर्ति की वास्तविक लागत 6.79 रुपये प्रति यूनिट हैै। देश में सबसे कम खरीद लागत के बावजूद उच्च कर्मी लागत के कारण उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली नहीं मिलती। जो सुधार के कदम उठाए जा रहे हैं, उनका असर पांच-छह वर्ष बाद दिखेगा। पूर्व सरकार की नीतियों के चलते बोर्ड में 11,500 पद रिक्त हैं।
सोलन अतिरिक्त उपायुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सोलन अजय यादव की अध्यक्षता में आज यहां मीडिया कर्मियों के लिए ‘आपदा प्रबंधन में मीडिया की भूमिका’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। अजय यादव ने कहा कि आपदा के समय मीडिया की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय मीडिया कर्मी लोगों को सही समय पर सही जानकारी उपलब्ध करवाएं ताकि आपदाओं से जानो-माल के नुकसान को न्यून किया जा सके। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तथ्यों पर आधारित सूचना पहुंचाना महत्वपूर्ण कार्य है। इस कार्य में मीडिया की भूमिका अहम होती है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय जिम्मेदारी के साथ कार्य करें ताकि लोगों में डर का माहौल न बनें। उन्होंने कहा कि ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपदा के समय विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अजय यादव ने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा के समय राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र के हेल्पलाइन नम्बर 1070, ज़िला आपातकालीन परिचालन केन्द्र 1077, आपातकालीन ऐम्बुलेंस सेवा 108, आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली 112 पर सम्पर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर एम.एस. इन्स्टिटूशन ऑफ कम्यूनिकेशन एण्ड मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. बी.एस. पंवर, राजकीय महाविद्यालय सोलन के सहायक प्राध्यापक डॉ. मुकेश शर्मा, अर्थ जस्ट संस्था से श्रुति ने अपने विचार रखें तथा मीडिया कर्मियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए। कार्यशाला में लगभग 35 मीडिया कर्मियों ने भाग लिया।
** यूपी से पकड़ा वाहन का सह चालक, पांच दिन का मिला पुलिस रिमांड सोलन के परवाणू से सेब की 476 पेटियां लाद कर राउरकेला के लिए रवाना हुए ट्रक के रास्ते गायब होने के मामले में पुलिस ने ट्रक के सह चालक को भी गिरफ्तार करने में सलता हासिल कर ली है। उसे यूपी के एटी से गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने गायब हुए ट्रक को भी बरामद कर लिया है। फिलहाल अदालत में पेश करके सहचालक को पांच दिन की पुलिस रिमांड हासिल कर ली है।उससे पूछताछ जारी है। इस मामले में ट्रक के चालक को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। सोलन के एसपी गौरव सिंह के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में ट्रक के चालक राजीव कुमार को पहले ही उत्तर प्रदेश के मेरठ से राजीव कुमार को पहले ही गिरफतार किया जा चुका है, जिससे गहनता से पूछताछ की गई पुछताछ के दौरान पाया गया कि उक्त मामले में अन्य आरोपी भी सलिंप्त हैं। पुलिस ने इस मामल में ट्रक के सह चालक अलीगढ़ के ओमनगर कालोनी के मूल निवासी और वर्तमान में खोडाखुर्द कालोनी गातियाबाद में रहने वाले 54 वर्षीय आरोपी सुरेन्द्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इस घटना क्रम में लापता हुए ट्रक संख्या यूपी-81 एफटी-3742 को भी बरामद करके पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि सुरेंद्र पहले भी अपराधिक वारदातों में संलिप्त रहा है। जिसके विरुद्ध पुलिस थाना एटा में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज है, जिसमे उसके कब्जा से अवैध शराब बरामद की गई थी । आरोपी को न्यायालय में पेश करके पांच दिन की पुलिस रिमाण्ड पर लिया गया, जिससे गहनता से पूछताछ की जा रही है ।
नालागढ़: उद्योग, संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि फार्मा लैब केम एक्सपो उद्योगपतियों को उत्पाद, प्रौद्योगिकी और नवाचारों को प्रदर्शित करने के लिए एक बेहतर मंच प्रदान कर रहा है। हर्षवर्द्धन चौहान आज बद्दी में फार्मा लेबकेम एक्सपो द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि फार्मा लैब केम एक्सपो अपने बेहतर अनुभव के साथ उद्योगपति को नए बाजारों से परिचित कराने और विकास को बढ़ावा देने के लिए सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से हिमाचल प्रदेश में निवेश करने के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सोलन ज़िला ने देश में औद्योगिक क्षेत्र के रूप में अपनी विशेष पहचान बनाई है। ज़िला का बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र हिमाचल का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र को एशिया के फार्मा हब के रूप में भी जाना जाता है। इस क्षेत्र में एशिया की लगभग 35 प्रतिशत दवाओं का उत्पादन किया जा रहा है। श्रम एवं रोजगार मंत्री ने कहा कि बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र ने खुद को एशिया के सबसे बड़े फार्मास्युटिकल हब के रूप में स्थापित किया है। यहां पर 900 से अधिक फार्मास्युटिकल कंपनियां हैैं। फार्मास्युटिकल कंपनियों में सिप्ला, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, कैडिला हेल्थकेयर, टोरेंट फार्मास्युटिकल्स, एबॉट लैबोरेटरीज, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स और मंजूश्री टेक्नोपैक जैसी बड़ी कंपनियां शामिल है। उद्योग मंत्री ने कहा कि विभागीय परियोजनाओं में हरित हिमाचल की परिकल्पना को साकार करने के दृष्टिगत दृढ़ता से कार्य किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विकसित हिमाचल की अवधारणा को पूरा करने के लिए सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ज़िला में प्रस्तावित सभी औद्योगिक परियोजनाओं व ईकाइयों को अमलीजामा पहनाने के लिए त्वरित व आवश्यक कदम उठाएं ताकि ज़िला व प्रदेश में निवेश के साथ-साथ रोज़गार के अधिक से अधिक अवसर सृजित हो सके। उद्योग मंत्री ने इससे पूर्व फार्मा लब कैंप एक्सपो के सौजन्य से आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ कर अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य संसदीय सचिव रामकुमार चौधरी तथा नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक बावा हरदीप सिंह ने भी अपने विचार रखे।इससे पूर्व फार्मा लेब केम के निदेशक अजीत कुमार शुक्ला ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की तथा एरोकलीन उद्योग के निदेशक अमरदीप ने धन्यवाद किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक बद्दी इलमा अफ़रोज़, बद्दी उद्योग के उपनिदेशक योगेश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा उद्योगपति कार्यक्रम में उपस्थित थे।
जलवायु परिवर्तन के चलते हिमालयी क्षेत्रों में स्नो लाइन की तरह अब कई प्रजातियों के पेड़ भी ऊपर की तरफ खिसक रहे हैं। बढ़ते तापमान के कारण कई प्रजातियां निचले क्षेत्रों में खत्म हो रही हैं। कई पेड़ अब ऊंचे क्षेत्रों में ही दिख रहे हैं। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला के हालिया अध्ययनों में सामने आया है कि कई पेड़ अब पहले के बजाय 100 से 300 और कुछ 1000 मीटर तक ऊंचाई की ओर बढ़ गए हैं। देवदार जो पहले 1,500 से 2,500 मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता था अब 3,000 मीटर के करीब ही देखा जा रहा है। हर दशक में पेड़ औसतन 20 से 25 मीटर ऊपर खिसक रहे हैं। अध्ययनों से पता चला है कि समग्र वृक्ष रेखा विशेष रूप से अल्पाइन क्षेत्रों में हर दशक में औसतन 20 से 25 मीटर ऊपर खिसक रही है। कम ऊंचाई की प्रजातियां जैसे बान ओक और चीड़ मध्य ऊंचाई के जंगलों में प्रवेश कर रही हैं। ऊंचाई की प्रजातियां सीमित होती जा रही अल्पाइन क्षेत्रों में सिमट रही हैं। हालांकि, बदलाव समान रूप से नहीं हो रहा है। कुछ प्रजातियां तेजी से प्रतिक्रिया कर रही हैं। अन्य धीमी गति से ऊपर बढ़ रही हैं। हिमालयी फर करीब 200–250 मीटर तक ऊपर खिसक चुका है। बर्च पहले से ही वृक्ष रेखा के निकट था, इसमें करीब 100–150 मीटर तक का बदलाव दिखा है। हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक विनीत जिस्टू ने माना कि जलवायु परिवर्तन से लगातार वनस्पति की ऊंचाई में बढ़ोतरी हो रही है। कुछ प्रजातियों पर बहुत बुरा असर हो रहा है और वे विलुप्त होने के कगार पर हैं। जलवायु परिवर्तन से वनस्पति पर हो रहे बदलाव को समझने के लिए वन विभाग और हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान वर्ष 2010 से शोध कर रहा है। शोध में कल्पा के चौरा कंडा, किन्नौर के नरदा कंडा और ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में उग रही वनस्पति की ऊंचाई को दर्ज किया जा रहा है। शोध के प्रारंभिक नतीजों में भी प्रजातियों की ऊंचाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सनातन धर्म के अनुसार इस साल 29 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा । यह त्योहार भगवान गणेश, माता लक्ष्मी और यक्षराज कुबेर की कृपा पाने के लिए मनाया जाता है और इस दिन खरीदारी करने का भी शास्त्रों में विधान लिखा गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जो खरीदारी की जाती है, उसका तीन गुना अधिक फल मिलता है । धनतेरस के साथ दीवाली त्योहार का भी शुभारंभ हो जाता है। आचार्य विजय कुमार ने कहा, "कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि भी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, जिस कारण इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी तिथि के नाम से जाना जाता है। इस साल त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 30 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर होगा । इसके अलावा इस दिन गोधूलि काल शाम 6 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर रात 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगा. ऐसे में भक्तों के लिए धनतेरस की पूजा के लिए 1 घंटा 42 मिनट का समय मिलेगा । आचार्य विजय कुमार ने कहा, "धनतेरस की पूजा हमेशा प्रदोष काल में की जाती है और इसी भगवान धन्वंतरि की पूजा करने के साथ साथ दीपदान भी किया जाता है। भक्त अपने घर के मेन गेट, या पानी के पास एक एक दीपक भी जलाए । शास्त्रों में मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। आचार्य विजय कुमार ने बताया कि धनतेरस के दिन त्रिपुष्कर योग बन रहा है । इस योग में खरीदारी करना बहुत शुभ होता है। यह योग सुबह 6 बजकर 31 मिनट से लेकर अगले दिन तक 10 बजकर 31 मिनट पर रहेगा. इस योग में की गई खरीदारी करने से चीजों में तीन गुणा वृद्धि होती है । धनतेरस के दिन अभिजीत मुहूर्त बन रहा है। इस योग में खरीदारी करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी । 29 अक्टूबर के दिन 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट के बीच लोग जरूर खरीदारी करें। धनतेरस के दिन सुबह भक्त स्नान करने के बाद भगवान गणेश, लक्ष्मी और कुबेर देव की स्थापना करें। उसके बाद इन सभी देवी देवताओं को मोली अर्पित करें । फिर पूजा में रोली अक्षत, पान का पत्ता, मिठाई, फल, फूल आदि चीजें भी अर्पित करें। साथ ही कुबेर देव को अपनी श्रद्धा के अनुसार चीजें अर्पित करें। इसके बाद भगवान धन्वंतरि और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और घी के दीपक से आरती उतारें। पूजा के बाद प्रसाद को सभी में बांट दें और रात्रि जागरण भी करें। शाम के समय मेन गेट और आंगन में दीपक भी जलाएं। क्योंकि दीपावली के पर्व की शुरुआत होती है ।
प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया है। अंबोटा ऊना के कुलदीप कुमार धीमान को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। कुलदीप कुमार पूर्व में उद्योग मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं। वह विधानसभा उपाध्यक्ष व अध्यक्ष वित्त आयोग भी रहे। वहीं जवाली कांगड़ा के दिग्विजय मल्होत्रा को आयोग का सदस्य बनाया गया है। इस संबंध में सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण विभाग की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है।
** संयुक्त मोर्चा ने किया विरोध हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में आउटसोर्स से लगे 81 चालकों की सेवाएं समाप्त करने की तैयारी है। इसका हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त मोर्चा ने विरोध किया है। संयोजक लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरालाल वर्मा ने कहा कि संयुक्त मोर्चा इस विषय को सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस बारे बोर्ड की ओर से जारी किए गए निर्देश को तुरंत वापस लिया जाए। नेताओं ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि जिन आउटसोर्स कर्मियों ने 10-12 वर्ष बिजली बोर्ड में अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना देखकर कम वेतन पर लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं और आज उनकी सेवाएं समाप्त करना दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद है कि प्रदेश सरकार यदि आउटसोर्स कर्मियों के हित मे कोई नीति नहीं बना सकती है तो कम से कम उनको नौकरी से तो नहीं निकाला जाना चाहिए। यह लोकतांत्रिक सरकार की सामाजिक उत्थान की जिम्मेवारियों के अनुरूप नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस महंगाई के दौर मे यह कर्मी जहां मुश्किल से अपना गुजारा कर रहे हैं, वहीं अपनी अगली पीढ़ी को बेहतर स्वास्थ्य व शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं। मोर्चा ने बिजली बोर्ड मैनेजमेंट से आग्रह किया कि छंटनी के इन आदेशों को तुरंत रद्द किया जाए और आउटसोर्स कर्मियों को स्थायी नीति बनाई जाए। फ्रंट ने मांग की है कि बिजली बोर्ड में समाप्त किए गए 51 पदों को तुरंत बहाल किया जाए। आउटसोर्स पर रखे गए यह चालक बिजली बोर्ड के नहीं, बल्कि कंपनी के थे। बोर्ड इनकी सेवाएं ले रहा था। अब बिजली बोर्ड में स्क्रैप पॉलिसी में वाहनों को हटा दिया गया है तो अब इनसे काम नहीं लिया जा रहा था। इन्हें कंपनी ने ही वापस बुलाया है।
** सोलन डाइट ने की पहल जेबीटी प्रशिक्षुओं को निजी शिक्षण संस्थानों में भी नौकरी मिल सकेगी। इसके लिए डाइट सोलन ने पहल की है। इसमें डाइट की ओर से निजी शिक्षण संस्थानों के लिए कैंपस इंटरव्यू आयोजित कर प्रशिक्षुओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अब तक प्रशिक्षु जेबीटी करने के बाद कई वर्षों तक सरकारी नौकरी को लेकर घर पर बैठ जाते थे। अब उनके इस इंतजार के बीच में उन्हें रोजगार से भी जोड़ा जा रहा है। हाल में डाइट सोलन के आठ प्रशिक्षुओं का चयन सोलन समेत शिमला के निजी शिक्षण संस्थानों के लिए हुआ है। इसमें कुछ प्रशिक्षुओं को आउटऑफ स्कूल के लिए एक निजी संस्था ने चयनित किया है। इसमें उन्हें संस्था और विभाग की ओर से भी अच्छा पैकेज दिया गया है। डाइट सोलन के प्रिसिंपल डॉ. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षु अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी नौकरी पाने के लिए बारी के इंतजार में कई वर्ष घर पर ही लगा देते हैं। इस बीच न तो उनकी पाठन प्रक्रिया का विकास होता है, और नहीं उनके पास कोई अपना अनुभव रहता है। नई मुहिम के तहत वह कैंपस इंटरव्यू में भाग लेकर निजी शिक्षण संस्थानों में भी बच्चों को पढ़ा सकते हैं। इससे उनका अनुभव भी बढ़ेगा। हाल ही में डाइट सोलन के आठ प्रशिक्षुओं का चयन निजी शिक्षण संस्थानों के लिए हुआ है।
सोलन के एल.आर. इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी के बी.फार्मा 7वें सेमेस्टर के छात्र तरुण वर्मा ने विंटर वॉरियर्स चैंपियनशिप में आर्म रेसलिंग (राइट कैटेगरी) में स्वर्ण पदक जीता। यह चैंपियनशिप वर्कआउट वॉरियर जिम, शिमला के टूटीकंडी में राज्य स्तर पर आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश भर के खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में तरुण ने 80+ ओपन कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करते हुए स्वर्ण पदक जीता, साथ ही ‘चैंपियंस ऑफ चैंपियन’ की ट्रॉफी भी अपने नाम की।
राजकीय छात्र वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में मंगलवार 22 अक्तूबर से सात दिवसीय वार्षिक एनएसएस शिविर का शुभारम्भ किया जाएगा। एनएसएस प्रभारी लीला शंकर ने जानकारी देते हुए बताया कि 22अक्तूबर को 11बजे शिविर का शुभारंभ शिक्षा विभाग से सेवानिवृत अध्यापिका पुष्पा देवी द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सात दिवसीय शिविर में विद्यालय के 50 स्वयंसेवी छात्र एवं छात्राएं भाग लेंगे। शिविर के दौरान स्वयंसेवियों को राष्ट्र सेवा,समाज सेवा एवं नेतृत्व आदि हेतु प्रेरित किया जाएगा। प्रतिदिन अलग अलग विभागों व सामाजिक संस्थाओं से स्त्रोत व्यक्तियों द्वारा स्वयं सेवियों को अलग अलग विषयों बारे जागरूक किया जाएगा। पूरा सप्ताह स्वयंसेवी सुबह प्रभात फेरी में भाग लेकर अपनी दिनचर्या की शुरुआत करेंगे उसके बाद अलग अलग गतिविधियों में भाग लेंगे। स्वयं सेवियों द्वारा स्वच्छता व नशे के ऊपर जागरूकता रैली भी निकाली जाएगी।
सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली से पहले कई तोहफे दिए हैं। सरकार ने 75 साल से अधिक उम्र के पेंशनरों को नए संशोधित वेतनमान के बाद पेंशन का बकाया 22.50 प्रतिशत बचा एरियर देने के आदेश जारी किए हैं। कुल 45 प्रतिशत एरियर में से आधा यानी कि 22.50 फीसदी सरकार 9 अक्तूबर को पेंशन के साथ दे चुकी है। सरकार ने 75 साल से अधिक उम्र के करीब तीस हजार पेंशनरों को एक माह के अंदर ही पूरा एरियर दे दिया है। बताया जा रहा है कि 22.50 प्रतिशत एरियर पेंशनरों को 28 अक्तूबर को पेंशन के साथ ही जारी किया जा सकता है। सरकार ने हिमाचल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी नए वेतनमान का एरियर जारी करने के आदेश दिए हैं। इनकी संख्या करीब 25 हजार के आसपास बताई जा रही है। ग्रुप डी यानी चतुर्थ श्रेणी के हर कर्मी को नए वेतनमान के बकाया एरियर के 20 हजार रुपये जारी करने के सरकार के आदेश हैं। कर्मचारियों को एरियर अक्तूबर में ही देने के आदेश दिए गए हैं। एक जनवरी 2016 से नया वेतनमान लागू होने के बाद से इनका एरियर देय है। प्रधान सचिव वित्त ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, हिमाचल हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, मंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में एक चिट्ठी भेजी है। बता दें कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एरियर देने की घोषणा पहले ही की थी। एरियर हिमाचल प्रदेश सिविल सर्विसेज संशोधित वेतनमान नियम 2022 के तहत देय होगा। इससे पहले चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 60-60 हजार दिए गए थे और अब 20-20 हजार रुपये और दिए जाएंगे। हिमाचल सरकार के वित्त विभाग ने राज्य के करीब पौने दो लाख पेंशनरों को चार फीसदी महंगाई भत्ता जारी करने के भी आदेश जारी किए हैं। इसी माह पेंशन के साथ भत्ता दिया जाएगा। डीए की किस्त एक अक्तूबर 2024 से 38 से बढ़ाकर 42 प्रतिशत की गई है। एक जनवरी 2023 से लेकर 30 सितंबर 2024 तक के डीए के एरियर का भुगतान अलग आदेश के तहत किया जाएगा।
** लगभग 297 प्रतिभागियों ने प्रतिस्पर्धा में लिया भाग कसौली/हेमेन्द्र कंवर: मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल राजड़ी-जाबली में सब डिवीजन स्तर -1का दो दिवसीय चिल्ड्रेन साइंस कांग्रेस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अतिथि मोरपेन कंपनी बद्दी के मैनेजर विकास ठाकुर रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल प्रिंसिपल मोनिका ठाकुर ने की। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने विभिन्न वैज्ञानिक तकनीकों से बने माडल, सांइस क्वीज,तथा मैथ्स ओपनपियाड व अन्य कार्यक्रम किए गए । बच्चों ने बेहतरीन माडल प्रस्तुत किए जिसमें चंद्रयान -3, ओटोमेटिक ड्रेनेज सिस्टम, ड्रिप इरिगेशन,सोलर वाटर लिफ्ट इरीगेशन, हाइड्रोलिक पावर प्लांट,सहित सांइस क्वीज प्रतियोगिता के साथ अन्य कार्यक्रम किए गए। इस चिल्ड्रेन साइंस कांग्रेस कार्यक्रम के कार्डिनेटर अनिल शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम को बच्चों को वैज्ञानिक तौर पर तथा पर्यावरण के प्रति प्रेरित करने के लिए किया जाता है। इस आयोजन में कसौली सब डिवीजन के तहत आने वाले विभिन्न 48 निजी व सरकारी स्कूलों के जूनियर व सीनियर वर्ग के करीब 297 प्रतिभागियों ने प्रतिस्पर्धा में भाग लिया, जिसमें सीनियर साइंस माडल प्रदर्शनी में आरव सिंह पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू प्रथम, वैष्णव,आनंद पब्लिक स्कूल परवाणू द्वितीय व एकम कौर, पाइनग्रोव स्कूल धर्म पुर तृतीय स्थान पर रहे। जबकि जूनियर सांइस माडल में जयमन, पाइनग्रोव धर्म पुर प्रथम तथा अबन,एपीएस डगशाई द्वितीय तथा निरमित पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू के माडल तृतीय स्थान पर रहे। मैथ्स ओपनपियाड में जूनियर वर्ग में दिविज गर्ग,पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू , तथा युव महाजन, पाइनग्रोव स्कूल धर्म पुर द्वितीय,मयंक,एपीएस डगशाई तृतीय रहे व सीनियर वर्ग में शौर्य आयशर स्कूल परवाणू प्रथम, वान्या, पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू द्वितीय तथा आरव पाइनग्रोव स्कूल धर्म पुर तृतीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर सेकेंडरी वर्ग में विदेव प्रताप एपीएस डगशाई प्रथम रहे व चिराग,पाइनग्रोव स्कूल धर्म पुर द्वितीय तथा आरव रोहाल,आयशर स्कूल परवाणू तृतीय रहे। सांइस क्वीज जूनियर वर्ग में संस्कृति, दिव्या जैन आयशर स्कूल परवाणू प्रथम रहे। सीनियर वर्ग में तन्मय ,समर्थ पाइनग्रोव स्कूल सुबाथू तथा सीनियर सेकेंडरी वर्ग में यकश,अक्षरा आयशर स्कूल परवाणू प्रथम रहे।कार्यक्रम के समापन में मुख्य अतिथि जाबली एचपीएल उद्योग के संजीव बाटला व महेंद्र सिंह ने प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।इस मौके पर विभिन्न स्कूलों से आए प्रतिभागियों सहित स्कूल के अध्यापक व स्टाफ मौजूद रहा ।
दयानंद आदर्श विद्यालय के प्रांगण में आज मिडल क्लासेस के बच्चों के लिए माँ- बेटी और माँ - बेटा युगल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन। मध्य वर्ग की इंचार्ज अंजना के मार्गदर्शन में करवाया गया।स्कूल की प्रिंसिपल ऊषा मित्तल ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिता के आयोजन द्वारा उनके स्नेहपूर्ण बंधन को नृत्य के माध्यम से दर्शाना हैं। इस प्रतियोगिता में लगभग 17 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से माँ-बेटी में प्रज्ञा व ऋतु शर्मा ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। जिसमें सिद्दीका व अरुण शर्मा, मानवी व सीमा ने प्रथम स्थान हासिल किया। वही काव्य और अंशिका ने द्वितीय स्थान झटका। प्रतियोगिता में संगीता ठाकुर,अद्विता और रोहिणी शर्मा, अर्शिया और रीना रावत को कंसोलेशन प्राइज मिला। माँ-बेटे में सबसे अच्छा प्रदर्शन मेदांश और शिवानी गौतम का रहा। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रुद्र और अमित शर्मा, देवांश और शालिनी रहे। चिराग, चंद्रकांता और लविश, तृष्णा ने दूसरा स्थान हासिल किया। राजवीर- पूनम और विश्वजीत-सुनीता ने तृतीय स्थान झटका। अरमान-शैलजा को इस प्रतियोगिता में सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। अंत में शांति पाठ द्वारा कार्यक्रम का समापन किया गया।
*बैठक के आयोजन के लिए डीजीपी व पुलिस अधीक्षक सोलन का किया धन्यवाद प्रदेश पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार धनीराम तंनवर ने बताया कि पुलिस हैडक्वाटर द्वारा जो दिशा निर्देश पूरे हिमाचल के पुलिस अध्यक्षों को जारी हुए थे उनके मुताबिक सोलन पुलिस लाइन के मीटिंग हॉल में एडिशनल एसपी राजकुमार साहब की अध्यक्षता में पुरे जिला के पुलिस पेंशनर के साथ मीटिंग आयोजित की गई, जिसमें सर्वप्रथम संगठन द्वारा डी,जी,पी व पुलिस अधीक्षक सोलन का इस पहली मीटिंग के आयोजन पर धन्यवाद किया गया व अपनी पुरानी मांगों के बारे संगठन द्वारा अध्यक्ष के सामने प्रस्तुत किया गया। जैसे की पुलिस हैडक्वाटर द्वारा अंतिम सम्मान की पालना करने के लिए मांग रखी गई कि जिस प्रकार के आदेश हेडक्वार्टर द्वारा पूरे प्रदेश में जारी किए गए हैं उनकी पालना पूरी तरह से की जाए ना की अपनी मर्जी या आधा अधूरा सम्मान प्रदान किया जाए और आदेश के मुताबिक इस आदेश की कॉपी को हर जिला के थाना में नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए ताकि कोई भी अधिकारी यह ना कह सके कि उन्हें इस प्रकार के आदेश की जानकारी नहीं है जैसा कि पहले से होता रहा है। जब भी कोई पुलिस ऑफिसर थाना के निरीक्षण के लिए जाए तो यह सुनिश्चित किया जाए कि क्या अंतिम सम्मान के आदेश की कॉपी थाना के नोटिस बोर्ड पर लगी है या नहीं। पुलिस थाना और चौकियों में किसी पेंशनर के आने पर उनका पूरी तरह से सम्मान किया जाए और उनकी बात को गंभीरता से सुना जाए उसको सुलझाया जाए,जितने भी मेडिकल बिल पेंशनरों के कई सालों से पेंडिंग पड़े हैं उन्हें जल्दी से जल्दी भुगतान करने का कार्य किया जाए ताकि पुलिस पेंशनर अपना इलाज सही तरीके से समय पर करवा सके। पुलिस कैंटीन जो जिला के पुलिस लाइनों में स्थापित की गई है उसे हर थाना क्षेत्र में किसी निश्चित तिथि को मोबाइल कैंटीन के तौर पर भेजा जाए जहां से पेंशनर अपने नजदीकी स्थान से सस्ता सामान प्राप्त कर सके क्योंकि पुलिस लाइन बहुत से लोगों को सैकड़ो मील दूर पड़ती है। जिन पुलिस पेंशनरों के आइडेंटी कार्ड अभी तक नहीं बनाए गए हैं उन्हें जल्दी से पहचान पत्र तैयार करके दिए जाएं। धनीराम तनवर ने बताया कि एडिशनल साहब ने सभी पुलिस पेंशनर से आग्रह किया कि वह अपराधिक घटनाओं व सभी प्रकार के नशा बेचने व रखने वालों के बारे स्थानीय पुलिस की सहायता करें व उन्हें हर प्रकार का सहयोग दें। बैठक में सेवा निवृत्त पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कंवर , रामकुमार,मदन लाल श्याम लाल ठाकुर ,सतपाल, नेकीराम ,बेद ठाकुर ,जीत सिंह, संतराम चंदेल ,दीप राम ठाकुर ,नागेंद्र ठाकुर, रतिराम शर्मा, ओम ठाकुर ,लेख राम कायथ,पुष्पा सूद, पतराम ,जगदीश ठाकुर, जगदीश गर्ग ,धर्म सिंह ठाकुर, निर्मल ठाकुर सहित लगभग 70 सदस्यों ने भाग लिया।
सांई इंटरनेशनल स्कूल में आज बारहवां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल के सीनियर विंग में हवन का आयोजन किया गया और वहीं जूनियर विंग में केक काटा गया। बच्चों ने हर्षोल्लास के साथ यह दिवस मनाया। एंजल, प्रणवि, सेजल,रिंपल,ओशिन, आरुषि, वर्णिका, दिव्यांशी,अवनि आदि ने सरस्वती वंदना में नृत्य प्रस्तुति दी और कुछ छात्रों ने अलग-अलग ग्रुपों में स्कूल के लिए विशेष शुभकामनाएं दीं। प्रधानाचार्य एवं अन्य अध्यापकों ने यज्ञ में आहुति दी। स्कूल प्रबंधक रमिंदर बाबा ने स्कूल के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 19 अक्टूबर को 2012 में डिग्री कॉलेज के समीप स्कूल की स्थापना की गई थी। 19 अक्टूबर 2012 में लगाया गया यह पौधा विशाल वृक्ष का रूप ले चुका है। सभी ने कर्तव्य निष्ठां की शपथ ली व प्रण लिया कि वे विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों के साथ शिक्षा प्रदान करेंगे।
त्योहारी सीजन की शुरुआत होते ही नगर निगम सोलन ने कमर कस ली है, त्योहारों में, बाजार में बिकने वाली मिठाईयां पनीर अन्य खाद्य पदार्थों की जांच खाद्य सुरक्षा विभाग के कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। अक्सर त्योहारों में मिलावट से बने खाद्य पदार्थों को बेचने के मामले सामने आते हैं, जिसके लिए त्योहारों में सबसे ज्यादा बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे जा रहे हैं ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ ना हो। इस बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग नगर निगम सोलन के असिस्टेंट कमिश्नर डॉ अतुल केस्था ने कहा कि इस वर्ष का त्यौहारी सीजन शुरू हो गया है, जिसके लिए सोलन उपायुक्त से हमें आदेश प्राप्त हो चुके हैं, जितने भी मिठाइयां रहेगी दूध से बने उत्पाद रहेंगे तथा बाहरी राज्यों से मिठाइयां हमारी अलग-अलग जगह में बिकती है उसके लिए एसडीएम सोलन के साथ मिलकर एक टीम बनाई जाएगी तथा इसको लेकर पूरे जिले में छापेमारी भी की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि जिन खाद्य पदार्थों पर हमें शक रहेगा उसके सैंपल लेकर जांच की जाएगी अगर जांच के दौरान कोई भी मिठाई व खाद्य सामग्री जांच के दौरान खाने योग्य नहीं हुई या उसके आसपास गंदगी पाई जाएगी तो सभी खाद्य पदार्थों को उसी समय नष्ट कर दिया जाएगा ताकि लोगों तक ऐसी चीजे ना पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जितने भी मिल्क प्रोडक्ट होते हैं उनका उत्पादन सोलन जिला तथा नगर निगम सोलन मे उतना नहीं होता है जितनी डिमांड होती है। तो इसके लिए बाहरी राज्यों से पनीर, खोवा,मावा इत्यादि को लाया जाता है। इसके लिए विभाग के द्वारा फूड सेफ्टी ऑफिसर को हर समय चौकन्ने रहने को कहा गया है वहीं अगर लोगों, पुलिस अथॉरिटी, तथा जिला प्रशासन से शिकायत मिलती है तो उस पर विभाग के द्वारा कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि नॉन वेजिटेरियन फूड आर्टिकल इसको लेकर भी विभाग सजक है और पिछले महीने इसको लेकर रॉ चिकन व रॉ मटन के चार सैंपल लिए गए थे, जिसकी रिपोर्ट कुछ दिनों में आने वाली है यदि आने वाले समय में कहीं से भी शिकायत प्राप्त होती है या हमें यह पता चलता है कि मटन पुराना हो चुका है या हाइजीन का ध्यान नहीं रखा जा रहा है तो उसकी मौके पर नष्ट कर दिया जाएगा व कार्यवाही की जाएगी।
** लाखों परिवारों की दिवाली में घुलेगी मिठास हिमाचल में फेस्टिव सीजन में महंगाई के बढ़ते बोझ ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। दिवाली के पहले ही बाजार में महंगाई ने एक तरह से आग लगा दी है। प्रदेश भर के बाजारों में रोज़मर्रा की ज़रूरतों की चीजों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो रही है। त्योहारी सीजन में प्याज के दाम बढ़कर 60 रुपए तक पहुंच गए हैं। टमाटर पहले ही 100 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। वहीं, खाद्य तेल की कीमतें 200 प्रति लीटर तक के आंकड़े को छू रही हैं। आटा-दाल चावल और चीनी के भाव भी सातवें आसमान पर हैं इससे त्योहारी सीजन में बाजार से राशन खरीदना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है ।खासकर आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से गरीब और निम्न वर्ग के लोगों को जीवन यापन करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर ये है कि डिपुओं के जरिए सरकार 100 ग्राम प्रति व्यक्ति अतिरिक्त चीनी का फेस्टिवल कोटा दे सकती है । इसके लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने एक प्रस्ताव सरकार को भेजा है। यहां से मंजूरी मिलते ही 19 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों को चीनी का फेस्टिवल कोटा जारी किया जाएगा। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की अधिक डिमांड रहती है, जिससे इन दिनों बाजारों में चीनी की खपत भी ज्यादा रहती है। ऐसे में चीनी का रिटेल भाव भी 48 रुपए किलो तक पहुंच गया है। वहीं, डिपुओं के जरिए लोगों को यही चीनी बाजार से सस्ते रेट पर उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में 5200 से अधिक डिपुओं के माध्यम से बीपीएल परिवारों को 13 रुपये प्रति किलो के हिसाब से चीनी दी जा रही है। इसी तरह से नॉन टैक्स पेयर एपीएल परिवारों को यही चीनी 33 रुपए प्रति किलो के हिसाब से उपलब्ध हो रही है। वहीं, टैक्स पेयर उपभोक्ताओं को डिपुओं में चीनी प्रति किलो के हिसाब से 44 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। उचित मूल्य की दुकानों के जरिए सरकार प्रति व्यक्ति 500 ग्राम चीनी का कोटा देती है, लेकिन फेस्टिवल सीजन में 100 ग्राम अतिरिक्त चीनी का कोटा मिलने से प्रति व्यक्ति 600 ग्राम चीनी मिलेगी ।
सुबाथू में महर्षि वाल्मीकि जी का 72वां प्रकट दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया ।13 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक प्रातः 04 बजे से लेकर 06 बजे तक परभातफेरी का आयोजन किया गया । प्रभात फेरी में महर्षि वाल्मीकि जी के भजनों का गुणगान किया गया, जिससे पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बना रहा।16 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि मंदिर में महाकाव्य रामायण का पाठ आरंभ हुआ और 17 अक्टूबर सुबह 11:00 बजे महाकाव्य रामायण का भोग डाला गया। 17 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जी की विशाल शोभायात्रा 2:00 बजे महर्षि वाल्मीकि मंदिर से आरंभ हुई । शोभा यात्रा का शुभाराम समाज सेवी तरसेम भारती( भारतीय जनता पार्टी) ने किया । शोभा यात्रा मंदिर प्रांगण से होकर लोवर बाजार, चौक बाजार, अपर बाजार, बस स्टैंड, कश्मीरी मोहल्ला से होते हुए वापिस मंदिर पहुंचे। शोभा यात्रा में बैंड पार्टी, ढोल तासे , महर्षि वाल्मीकि जी का स्वरूप और मुख्य आकर्षण का केंद्र बोलती झांकी ( लव कुश , राम लक्ष्मण, हनुमान, भरत शत्रुघ्न ) और काशू आर्ट ग्रुप दतियार ने महाकाली की झांकी, महादेव की भस्म आरती, बजरंग बली हनुमान की झांकी ने सबका मन मोह लिया। महर्षि वाल्मीकि जी के भजनों से पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बना रहा।18 अक्टूबर को मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया । वाल्मीकि सभा सुबाथू के कार्यकारिणी सदस्य कुलदीप थावरिया, रवि कुमार , अनिल गिल ,शिव कल्याण ,सचिव सुमित गिल ने सभी पहुंचे भक्तजनों का धन्यवाद किया।
सोलन/सन्नी गौतम: स्वयं को सोलन की देवभूमि अपार्टमेंट में एक फ्लैट का मालिक बताने वाले एक व्यक्ति ने कोटलानाला निवासी एक व्यक्ति को दस लाख का चूना लगा दिया। इस मामले में पीड़ित की शिकायत पर सदर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।सोलन के सदर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को दी गई शिकायत में कोटलानाला निवास संजय शर्मा ने बताया कि धीरज शर्मा नामक एक व्यक्ति ने स्वयं को देवभूमि अपार्टमेंट में एक फ्लैट का स्वामी बताते हुए गत वर्ष उसके साथ फ्लैट हस्तांतरित करने का सौदा किया था। इस पर इसने बैंक चैक के माध्यम से कुल 10 लाख रुपये बयाना राशि के रुप में धीरज शर्मा को प्रदान दिए थे। धीरज शर्मा ने उपरोक्त राशि के प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर उपरोक्त फ्लैट को इसके नाम हस्तांतरित करने का आश्वासन दिया था ।परन्तु 15 दिन बीतने के बावजूद धीरज ने न तो फ्लैट ही उसके नाम किया और न ही उसके रुपये लौटाए। इस बीच उसने मामूली धनराशि उसे अवश्य लौटाई। संजय शर्मा की शिकायत सदर पुलिस थाने में धीरज शर्माके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
**पथ संचलन के दौरान कुनिहार बाजार में जगह -जगह लोगो ने की पुष्प वर्षा कुनिहार में राष्ट्र सेविका समिति कुनिहार नगर द्वारा शस्त्र पूजन व पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जयंती शर्मा ने की तो वहीं ऊषा शर्मा व राष्ट्र सेविका समिति प्रांत संचालिका कमलेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। सर्व प्रथम शस्त्र पूजन व ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। राष्ट्र सेवा समिति कुनिहार नगर की ओर से ज्योति ने सभी अतिथियों का कार्यक्रम में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। भारत की प्राण शक्ति वंदेमातरम इस विषय पर कार्यक्रम की बौद्धिक वक्ता डॉ मुक्ता ने बताया भारत यानी राष्ट्र ये मातृभूमि ,भारत भूमि का मेरुदंड रीढ़ की हड्डी धर्म हैं। दो शब्दों और 6 अक्षरों से बना यह उदघोष बंदे मातरम इस राष्ट्र की प्राण शक्ति है। उन्होंने बताया कि विवेकानंद जी ने कहा था कि भारत की प्राण शक्ति कभी अक्रांत नहीं हुई। डॉ मुक्ता ने अपने वक्तव्य में अनेक राष्ट्र भक्ति के विचारों से सेविकाओं को अवगत करवाया। कार्यक्रम की अध्यक्षा जयंती शर्मा ने कहा कि इस तरह का अंतर्राष्ट्रीय स्तर का महिला संगठन जो महिलाओं के सर्वांगीण विकास हेतु कार्यरत है हम सभी को भी ऐसे संगठन का हिस्सा बनना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम स्थल तालाब मैदान से सभी सेविकाओं ने पथ संचलन में भाग लिया। बैंड की मधुर धुन पर कदम ताल करते हुए सेविकाएं पथ संचलन करते हुए पुराना बस अड्डा कुनिहार से पूरे बाजार से होते हुए वापिस कार्यक्रम स्थल पहुंची ,पूरे बाजार में जगह जगह सेविकाओं पर पुष्प बरसाए गए। इस कार्यक्रम में लगभग 170 सेविकाओं ने भाग लिया।
कुनिहार: जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन जिला सोलन के अध्यक्ष के डी शर्मा व जिला महा सचिव जगदीश पंवर ने अपने संयुक्त बयान में कहा है कि जिला कार्यकारिणी का चुनाव जो सितम्बर माह में होना अपेक्षित था। वह चुनाव 25 अक्तूबर (शुक्रवार) को मनसा माता मन्दिर परिसर धर्मपुर जिला सोलन में किया जाना निर्धारित किया गया है। उन्होंने समस्त जिला कार्यकारिणी पदाधिकारी तथा जिला के 11यूनिटों के तमाम प्रतिनिनियों (डेलीगेटस) से अपील की है कि दिनांक 25 अक्तुबर को सुबह ठीक 11 बजे मनसा माता मंदिर परिसर धर्मपुर में जिला कार्यकारिणी के होने वाले चुनाव में भाग लेना सुनिश्चित करें तथा उपस्थित होकर चुनाव प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करे। यह जानकारी जिला पेंशनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के जिला मिडिया प्रभारी डीडी कश्यप ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
** अगले महीने समीक्षा करेंगे सीएम हिमाचल में राजस्व से संबंधित लंबित मामलों का अब जल्द ही निपटारा होगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी लंबित राजस्व मामलों का निपटारा करने के लिए विशेष अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व लोक अदालतों के माध्यम से लंबित मामलों का निपटारा किया जा रहा है। इसमें और तेजी लाई जाने की आवश्यकता हैं। लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से छुटकारा मिलना चाहिए, जिस पर राजस्व अधिकारियों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को घर द्वार पर सुविधाएं देने के लिए वचनबद्ध है और लंबित राजस्व मामलों का निपटारा करना अति आवश्यक है।उन्होंने सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को दुरूस्ती से सभी लंबित मामलों का 31 अक्टूबर, 2024 तक निपटारा करने के निर्देश दिए हैं, जिसकी समीक्षा नवंबर महीने में की जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सभी उपायुक्त लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा के लिए अपने जिलों में एक-एक नोडल अधिकारी की तैनाती करें। इसकी सूचना डीसी को सरकार को भेजनी होगी, ताकि लंबित मामलों को समय सीमा के भीतर निपटाया जा सके। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के निपटारे के लिए उपायुक्तों को नायब तहसीलदार तक खाली पड़े पदों को भरने की शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह नवंबर माह में इस मामले की दोबारा समीक्षा करेंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों के लिए विशेष राहत पैकेज के रूप में 4500 करोड़ रुपए जारी किए हैं। इस धनराशि से प्रभावित परिवारों की सहायता करने को कहा गया है, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर छत नसीब हो सके। बता दें कि पिछले साल मानसून सीजन में 500 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा 10 करोड़ रुपए की सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था। पिछली बरसात में 23 हजार परिवार प्रभावित हुए थे, जिनके पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार ने 4,500 करोड़ रुपए का आपदा राहत पैकेज लागू किया है। इस पैकेज के तहत पूरी तरह से नष्ट हो चुके घरों के लिए मुआवजे की राशि 1.30 लाख रुपए से बढ़ाकर 7 लाख रुपए किया गया है।
कसौली/हेमेन्द्र कंवर: धर्मपुर ब्लॉक के तहत गुल्हाडी पंचायत के गांव छटेरा में ग्रामीणों के विरोध के बाद पानी का व्यवसायिक बोर करने आई मशीन को मौके से हटाया गया। उल्लेखनीय है कि गांव में चल रहे एक होटल निर्माण बिना पंचायत की एनओसी के पानी का बोर कर रहे थे, जिस पर ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तथा इसकी शिकायत पंचायत प्रधान ,पुलिस व जलशक्ति विभाग से की गई, जिस पर तुरन्त कार्रवाई करते हुए पंचायत उपप्रधान दिनेश गोवेर्धन, पंच रेखा तथा पुलिस मौके पर पहुची तथा बोर मशीन को रुकवाया गया। एनओसी मांगे जाने पर वहां मौजूद होटल के कर्मचारी एनओसी न दिखा पाए।जिसके बाद बोर मशीन को वापिस भेज़ा गया तथा होटल कर्मचारियों को चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में बिना पंचायत की अनुमति के बोर करने की कोशिश की गई तो उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं पंचायत उपप्रधान ने कहा कि छटेरा गांव में गर्मियों में पानी की काफी किल्लत आती है सभी ग्रामीण यहां के दो प्राकृतिक स्त्रोत (बावड़ी) पर निर्भर रहते है यदि कोई भी व्यवसायी यहाँ व्यवसाय के दृष्टिगत पानी का बोर करवाता है तो इसका सीधा असर प्राकृतिक स्तोत्रों पर पड़ेगा और ग्रामीणों को पानी से वंचित होना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने भी पंचायत प्रतिनिधि को साफ शब्दों में कहा है कि हम अपने बच्चों का भविष्य खतरे में नही डाल सकते।इसलिए भविष्य में भी पंचायत छटेरा गांव में किसी भी तरह की बोर के लिए अनुमति न दे। इस पर पंचायत उपप्रधान ने भी कहा कि सरकार द्वारा केवल घरेलू इस्तेमाल के लिए बोर ओपन किये गए है,व्यवसायिक गतिविधियों के लिए पंचायत की एनओसी आवश्यक है।
हिमाचल प्रदेश सरकार की युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान करने की पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। आज इस योजना के अंतर्गत पांच युवाओं का पहला बैच अपनी नई भूमिका शुरू करने के लिए सऊदी अरब पहुंच गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इन युवाओं को 31 अगस्त, 2024 को शिमला में नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। इन युवाओं में ऊना जिला के रजत कुमार, सुनील कुमार, जसप्रीत सिंह और अभिनव तथा जिला हमीरपुर के दिनेश शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने यूएई स्थित दुबई में ईएफएस फैसिलिटीज़ सर्विसिज ग्रुप लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षरित किया है। दिसम्बर, 2023 में मुख्यमंत्री की दुबई यात्रा के उपरांत इएफएस ने विदेश भर्ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हिमाचल से 15-20 प्रतिशत भर्तियां करने का लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत आतिथ्य, तकनीकी सेवाओं, हाउस कीपिंग, खाद्य व पेय पदार्थ और कार्यालय सहायक जैसे क्षेत्रों में प्रदेश से प्रतिवर्ष लगभग 1000 उम्मीदवारों को दुबई में रोजगार दिया जाएगा। इसके अलावा, श्रम एवं रोजगार विभाग को विदेश में कार्य कर रहे युवाओं का कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रदेश सरकार की विदेश में राज्य के युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने सिर्फ 20 माह के अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी क्षेत्र में 31000 पद सृजित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को विदेश में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए भी सकारात्मक दृष्टिकोण से कार्य कर रही है ताकि भविष्य में अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के लिए विदेश में और अवसर प्राप्त हो। इस पहल से राज्य के युवा ऐजेंटों के शोषण से बचेगें और विदेश में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार को और अधिक बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी स्टार्ट-अप योजना भी आरम्भ की है। इस योजना से राज्य के युवा स्वयं के उद्यम और स्थायी आजीविका अर्जन के लिए प्रेरित होंगे और आत्मनिर्भर बनेंगे।
सोलन/सन्नी गौतम: प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ड्रंक एंड ड्राइव के ख़िलाफ़ चलाये गये अभियान में सोलन पुलिस का प्रदर्शन पूरे प्रदेश में सर्वोत्तम रहा है। विगत एक वर्ष की अवधि के दौरान जिला सोलन पुलिस द्वारा जन-साधारण को सुरक्षित एवं भय मुक्त वातावरण उपलब्ध करवाने में सफलता हासिल की है। इसी क्रम में शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध 24 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलाये गये 15 दिवसीय प्रदेश व्यापी अभियान के दौरान जिला सोलन पुलिस द्वारा नशेड़ी चालकों के बिरूद्ध सबसे सख़्त कार्रवाई की गई है । इस अभियान के दौरान जिला सोलन पुलिस द्वारा अन्य जिलों की अपेक्षा शराब पीकर वाहन चलाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सबसे अधिक कार्रवाई करते हुए पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस अभियान के दौरान जिला पुलिस द्वारा सर्वाधिक कुल 218 चालान किये गये, जिनमें 57 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। शराब के नशे में वाहन चलाने वाले कुल 133 चालकों के ड्राईविंग लाईसैन्सों को रद्द करने के लिये सन्बन्धित विभागों को भेजा गया हैं। जो भी सभी ज़िलों में सबसे ज़्यादा है। इस प्रकार जिला पुलिस का नशेड़ियों, असमाजिक तत्वों, चोरों तथा नशा कारोबारियों के विरूद्ध अभियान लगातार जारी है। जिला पुलिस जन साधारण की जान-माल की सुरक्षा तथा उन्हें भय मुक्त वातावरण उपलब्ध करवाने के लिये प्रतिबद्ध है।
हिमाचल प्रदेश में सिरमौर पुलिस ने लाखों रुपए की ऑनलाइन ठगी के मामले में एक आरोपी को धर दबोचा है।आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने एजेंसी दिलाने के नाम पर पीड़ित से 30.87 लाख रुपए की ठगी की थी। आरोपी के खाते में ठगी के लाखों रुपए की ट्रांजेक्शन भी हुई है। मामले में गठित एसआईटी इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है। मामला सदर पुलिस थाना नाहन से जुड़ा है। एएसपी सिरमौर योगेश रोल्टा ने बताया कि गत 23 सितंबर को नाहन पुलिस थाने में पीयूष गुप्ता निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नाहन ने इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई थीं। शिकायत के मुताबिक पीयूष गुप्ता के साथ ‘कीया’ की एजेंसी दिलाने के नाम पर 30.87 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी हुई। इस पर पुलिस ने केस दर्ज किया। मामले की जांच के लिए नाहन शहर की गुन्नूघाट पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई सुरेश मेहता के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने जांच के दौरान इस मामले में आरोपी अनुराग गौतम निवासी बेगूसराय, बिहार को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी के खाते में ठगी के करीब 26.65 लाख रुपए की ट्रांसजेक्शन हुई है। अब एसआईटी इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पूछताछ के बाद सामने आएगा कि शातिर किस तरह से ऑनलाइन ठगी को अंजाम देते थे और कौन-कौन इस गिरोह में शामिल हैं।
हिमाचल के पालमपुर में मुख्य एसडीआरएफ प्रशिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण आपदा की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसलिए आपदाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित कर हमें इन चुनौतियों के साथ जीना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्याप्त धनराशि व्यय कर लोगों को आपदा से निपटने की तैयारियों के बारे में जागरूक कर रही है और आपदा से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए कई उपाय अपनाए जा रहे हैं। आपदा की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्राधिकरण को सदैव तैयार रहना चाहिए। इस दिशा में फ्रांस की एजेंसी एएफडी के सहयोग से 800 करोड़ रुपये की परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है और मिटीगेशन फंड से 500 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पालमपुर में एक मुख्य एसडीआरएफ प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की घोषणा भी की है। सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछले साल मानसून के दौरान प्रदेश के लोगों ने तबाही का मंजर देखा, जिसमें 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 10 हजार करोड़ रुपये की सार्वजनिक और निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से किसी प्रकार की वित्तीय सहायता न मिलने के बावजूद राज्य सरकार ने 23 हजार प्रभावित परिवारों का पुनर्वास किया और 4,500 करोड़ रुपये का आपदा राहत पैकेज लागू किया है। इस पैकेज के तहत पूरी तरह से नष्ट हो चुके घरों के लिए मुआवजे की राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर सात लाख रुपए की गई है। मुख्यमंत्री ने आपदा राहत प्रयासों में राजनीतिक हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश को अभी तक आपदा उपरांत आवश्यकता आकलन (पीडीएनए) के 10 हजार करोड़ रुपये नहीं मिले हैं। विपक्ष की ओर से खड़ी की गई हर बाधाओं के बावजूद उनके निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप इस दिशा में कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में राजनीति नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों को पूरी सहायता प्रदान की जानी चाहिए। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 72 घंटे तक उन्होंने स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बचाव व राहत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से राज्य से 75 हजार पर्यटकों और 15 हजार वाहनों को सुरक्षित निकालने का अभियान चलाया। सीएम ने कहा कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के बावजूद 48 घंटों के भीतर, बिजली, पानी और संचार जैसी आवश्यक सेवाओं को अस्थायी रूप से बहाल किया गया. जिससे राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिली। राज्य सरकार ने किसानों, विशेष रूप से सेब उत्पादकों की उपज को सुरक्षित रूप से मंडियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की, ताकि उन्हें अपने उत्पादों के बेहतर दाम मिले। विश्व बैंक, नीति आयोग और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने राज्य के प्रभावी आपदा प्रबंधन कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने आपदा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी की अगुवाई में प्रदेश सरकार ने लाहौल-स्पीति जिले के चंद्रताल से 303 फंसे पर्यटकों को सफलतापूर्वक बचाया और सभी पर्यटकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।


















































