हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होते ही सड़क दुर्घटनाओं के मामले भी तेजी से बढ़ने लगते हैं। आए दिन प्रदेश के किसी न किसी हिस्से से बरसात के दौरान सड़क हादसों के मामले सामने आते हैं। वहीं, बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण लैंडस्लाइड और पेड़ों के गिरने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। ताजा मामला सोलन जिले का है। जिले के सुबाथू के रडियाना में बीती देर रात एक पेड़ चलती गाड़ी के ऊपर गिर गया। हालांकि गनीमत रही की इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है और कार में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। सुबाथू के रडियाना में सोमवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच ये घटना घटी। जब कार मालिक अपने कारखाने में काम करने वालों को छोड़ने जा रहा था कि तभी तेज बारिश में एक पेड़ उनकी चलती गाड़ी पर गिर गया. जिसमें कार को खासा नुकसान हुआ हैं। खास कर कार की विंडस्क्रीन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। हादसे के समय कार में 4 लोग सवार थे, जो कि बिल्कुल सुरक्षित हैं। हालांकि गाड़ी पर पेड़ गिरने के चलते रोड बाधित हो गया है, जिसके चलते सिर्फ छोटी गाड़ियां ही यहां से गुजर पा रही हैं, लेकिन बड़े वाहन बीती रात से ही सड़क पर फंस गए हैं, जिससे सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया है। घटना की सूचना लोगों द्वारा पुलिस को दे दी गई है। ट्रक और बस यहां से नहीं निकल पा रहे हैं, जिसके कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि बरसात के मौसम में अकसर पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने का खतरा बना रहता है। प्रदेश में 27 और 28 अगस्त को भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में प्रशासन द्वारा भी लोगों से अपील की जा रही है कि जरूरत होने पर ही घरों से निकले और पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाते हुए खास सावधानी बरतें, ताकि कोई जान-माल का नुकसान न हो।
हिमाचल प्रदेश प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने काउंसलिंग के आधार पर जेबीटी शिक्षकों के पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी है। जेबीटी की बैचवाइज भर्ती (अनुबंध आधार) के लिए विभाग की ओर से नवंबर 2023 में काउंसलिंग आयोजित की गई थी। जेबीटी पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन संबंधित जिलों के अंतर्गत मेरिट, जिलों के लिए उनके द्वारा दी गई वरीयता के क्रम के आधार पर किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश संबंधित प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों की ओर से अलग से जारी किए जा रहे हैं। निदेशालय के अनुसार विभाग की ओर से 11 अक्तूबर 2023 को विज्ञापित कुल 1161 पदों के लिए 1122 चयनित अभ्यर्थियों का परिणाम घोषित किया गया है। उपयुक्त अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता के कारण 10 पद (2 ओबीसी डब्ल्यूएफएफ और 8 एससी डब्ल्यूएफएफ) भरे नहीं जा सके। 29 पदों (अनारक्षित-13, ईडब्ल्यूएस-6, एससी-6, एससी बीपीएल-1, ओबीसी-2 और एसटी-1) का परिणाम 2023 के सीडब्ल्यूपी संख्या 9043 तथा 2023 के सीडब्ल्यूपी संख्या 9032 और 9035 में उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर सुरक्षित रखा गया है। निदेशालय के अनुसार हालांकि, परिणाम तैयार करने में पूरी सावधानी बरती गई है, फिर भी अनजाने में हुई त्रुटि/तकनीकी त्रुटि की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को किसी भी समय उसमें सुधार करने का अधिकार है। नियुक्ति आदेश एवं अन्य जानकारी के लिए चयनित अभ्यर्थी संबंधित जिले के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र मंगलवार को 11 बजे शुरू होगा। 10 दिन तक चलने वाला सत्र 9 सितंबर तक चलेगा। चौदहवीं विधानसभा के छठे सत्र के पहले दिन विपक्ष प्रश्नकाल को बाधित कर हंगामा कर सकता है। सदन में सड़क-पुलों, आपदा, अपराध, नशा, स्कूलों के विलय जैसे कई विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में घमासान होगा। मानसून सत्र में 936 प्रश्न उठेंगे। इनमें से 640 तारांकित होंगे, जिन्हें मुख्यमंत्री और मंत्रियों के मौखिक जवाब के लिए भेजा गया है। 296 प्रश्न अतारांकित होंगे, जिनके उत्तर लिखित में दिए जाएंगे। सत्र से एक दिन पहले भाजपा ने विधायक दल की बैठक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई, जबकि कांग्रेस विधायक दल मंगलवार सुबह पलटवार के लिए रणनीतिक बैठक करेगा। सोमवार को विधानसभा परिसर शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र में सदस्यों से कुल 936 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं। इन्हें नियमानुसार सरकार को भेजा गया है। प्रश्नों के माध्यम से जो सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, उनमें मुख्यतया स्कूलों का विलय, प्रदेश में हाल में भारी वर्षा, बाढ़, प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न हुई स्थिति, सड़कों, पुलों का निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, कॉलेजों, स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों आदि का उन्नयन एवं विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की पदपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, पेयजल की आपूर्ति, युवाओं में बढ़ते नशे के प्रयोग की रोकथाम, बढ़ते आपराधिक मामलों, सौर ऊर्जा, परिवहन व्यवस्था, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि आदि पर आधारित हैं। सदस्यों ने प्रश्नों के माध्यम से अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित मुख्य मुद्दों को भी उजागर किया है। इसके अतिरिक्त नियम 62 के तहत 7, नियम 63 के तहत 1, नियम 101 के तहत 10 सूचनाएं, नियम 130 के तहत 20 और नियम 324 के तहत 4 सूचनाएं सदस्यों से प्राप्त हुई हैं। इन्हें भी आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को प्रेषित किया गया है। सत्र में इन सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी। पूर्व में पारित 5 बिलों पर राज्यपाल ने स्वीकृति दी है और इन्हें सदन के पटल पर रखा जाएगा। इन्हें अधिनियम के रूप में जाना जाएगा।
हिमाचल में सोलन जिले के बद्दी ट्रक यूनियन के समीप दो गुटों में हुई बहस मारपीट में बदल गई। इसमें डंडे के वार से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर घायल हैं। दोनों उपचार के लिए चंडीगढ़ और पंचकूला अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस के मुताबिक दोनों गुटों में मारपीट नशीले पदार्थों की सप्लाई के लेनदेन को लेकर हुई। इसकी पुलिस जांच कर रही है। मामले में संलिप्त आठ लोगों की पहचान कर ली गई है। पुलिस के अनुसार पंचकूला के सेक्टर 12 ए के मकान नंबर 119 निवासी राहुल राय, यूपी के जिला उन्नाव के 18 वर्षीय लक्ष्मी कांत पुत्र राजू और एक 17 वर्षीय नाबालिग यूनियन के पास नशीले पदार्थ (गांजे) की सप्लाई कर रहे थे। लेनदेन को लेकर कहासुनी हो गई और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। दूसरे गुट के करीब एक दर्जन लोगों ने तीनों पर डंडों से प्रहार शुरू किया। इससे राहुल राय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नाबालिग लड़का और लक्ष्मी कांत बुरी तरह से घायल हो गए। दोनों को बद्दी सीएचसी लाया गया। दोनों युवकों की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। वहीं मौके पर फोरेंसिक टीम ने कई जरूरी साक्ष्य भी जुटाए। एसपी इल्मा अफरोज ने जनता से अपील है कि वह किसी भी तरह की जानकारी जो इस मामले की जांच में सहायक हो, पुलिस के साथ साझा करें। उनकी दी गई जानकारी को गोपनीयता के साथ रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी तक आठ लोगों की पहचान की जा चुकी है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 103 और 3(5) के तहत मामला दर्ज जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी इल्मा अफरोज मौके पर पहुंचीं। घायल युवक लक्ष्मी कांत बद्दी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। एबुलेंस आने में एक घंटे का समय लगना था। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि एक घंटे तक यह जीवित नहीं रह पाएगा। इस पर एसपी ने बिना समय गंवाए घायल युवक को अपनी गाड़ी में पीजीआई ले जाकर स्वयं भर्ती कराया। इससे उसे समय पर उपचार मिला और युवक अब खतरे से बाहर है।
नौणी: एनएसयूआई (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) की नौणी यूनिट द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में बीते दिन वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रणजीत वर्मा, जो कि फार्म प्लस लेबोरेटरी के एमडी और वर्तमान में राज्य युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव हैं, ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। डॉ. वर्मा विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र भी रह चुके हैं। इस अभियान के तहत कई पौधे लगाए गए जो पर्यावरण को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने में सहायक होंगे। इस अवसर पर डाॅ वर्मा ने कहा कि, "प्रकृति और हमारे आस-पास के पर्यावरण का संरक्षण करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। हमें अपने जीवन में हर संभव प्रयास करना चाहिए ताकि हम अपनी धरती माता का पोषण कर सकें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण छोड़ सकें।" उन्होंने वृक्षारोपण जैसे अभियानों को भविष्य में भी जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाया।
** कटल नदी पर बड़ा पुल: हरप्रीत सिंह सैनी की राज्य सरकार से अपील बीते 20 अगस्त 2024 को ब्लॉक रामशहर, पंचायत बहेरी में भारी बारिश के चलते कटल नदी के ऊपर बने छोटे पुल पर एक गंभीर हादसा हुआ था। इस पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण गांव मंजयारी के निवासी रामस्वरूप शर्मा के पुत्र, शशिपाल शर्मा, अपनी मोटरसाइकिल समेत नदी के तेज बहाव में बह गए, जिससे उनका दुखद निधन हो गया। दुर्भाग्यवश, शशिपाल का दूसरे दिन 2 किलोमीटर दूर शव मिला। इस दुखद घटना के तुरंत बाद, हरप्रीत सिंह सैनी ने परिवार के साथ शोक व्यक्त किया और हादसे वाली जगह पर स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। हरप्रीत सिंह सैनी ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पुली की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की और आम जनों की जान माल की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस दुर्घटना को गहरे दुख के साथ संज्ञान में लेते हुए इसे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की कमी का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना दर्शाती है कि इस क्षेत्र में एक मजबूत और बड़ा पुल बनाना अत्यंत आवश्यक है। हरप्रीत सिंह सैनी ने इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि कटल नदी पर मौजूद छोटे पुल की जगह एक बड़ा और सुरक्षित पुल बनाया जाए, जो भारी बारिश और बाढ़ के समय में सुरक्षित रूप से पानी के प्रवाह को संभाल सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार को इस परियोजना को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सके। सैनी ने राज्य के लोक निर्माण विभाग से इस पुल के निर्माण के लिए जल्द से जल्द एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने और उसे मंजूरी के लिए आगे बढ़ाने की अपील की है। हरप्रीत सिंह सैनी ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर दृढ़ हैं और राज्य सरकार से इस मांग को पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने स्थानीय निवासियों को आश्वस्त किया कि वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और इस दिशा में राज्य सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे।
** स्पीकर की बुलाई बैठक से बीजेपी का किनारा, संसदीय कार्य मंत्री भड़के हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र शांति पूर्वक चल सके इसके लिए विधानसभा स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, लेकिन इस बैठक में विपक्ष का कोई भी नेता नहीं पहुंचा। इससे विधानसभा सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। विधानसभा सत्र से पहले स्पीकर की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाना आम प्रक्रिया है। बैठक के दौरान पक्ष-विपक्ष कैसे शांतिपूर्ण तरीके से सदन को चलाए सदन की कोई कार्रवाई हंगामे की भेंट ना चढ़े और ज्यादा से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हो इसके लिए स्पीकर की ओर से सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती है, लेकिन बीजेपी ने बैठक में शामिल न होकर अपने तेवर दिखा दिए हैं। वहीं, उद्योग एवं संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि, 'सर्वदलीय बैठक में नहीं आना दुर्भाग्यपूर्ण हैं। ये परंपरा रही है कि सत्र से पहले स्पीकर सभी दलों को बुलाते हैं। सभी पक्षों के लोग अपना पक्ष रखते हैं, लेकिन बीजेपी की तरफ कोई बैठक में नहीं आया है। ये अच्छी परंपरा नही हैं। स्पीकर का कार्यालय निर्दलीय है और दलगत राजनीति से ऊपर है। सदन में कौन किन मुद्दों को रखना चाहता है इस पर चर्चा होती है। आमतौर पर मानसून सत्र 5 से 6 दिन का रखा जाता है, लेकिन पहली बार ये सत्र दस दिन तक रखा गया है, क्योंकि सरकार की मंशा है कि हर सदस्य अपना पक्ष रखे और कोई सकारात्मक सुधार कोई सरकार को देता है उसे सरकार मानेगी। बैठक से पहले उन्होंने नेता विपक्ष से बात की थी। सरकार चाहती है कि सदन एकदम अच्छे से चले।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सेशन कल यानी मंगलवार से आरंभ होगा। इस बार मानसून सेशन दस दिन का होगा। ये 27 अगस्त से 9 सितंबर तक चलेगा। पूर्वाह्न 11 बजे से आरंभ हो रहे सेशन में सबसे पहले दिवंगत सदस्यों के प्रति शोक उद्गार रखे जाएंगे। सदन के पूर्व सदस्यों टेक चंद, नारायण सिंह स्वामी व दौलतराम चौधरी की स्मृतियों को साझा किया जाएगा। उसके बाद प्रश्नकाल में सहारा योजना, मंडी हवाई अड्डा, आपदा से नुकसान, स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सवाल आएंगे। इसके अलावा कुछ विधेयक भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर व अन्य नियम-130 के तहत प्रस्ताव लाएंगे कि सदन में बरसात से हुए नुकसान पर चर्चा की जाए। इस प्रस्ताव में पहली बार विधायक बनी लाहौल-स्पीति की अनुराधा राणा भी शामिल होंगी। इसके अलावा नियम-62 के तहत भी दो प्रस्ताव पहले दिन की कार्यवाही की लिस्ट में हैं। मंडी जिला के धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर हमीरपुर-मंडी नेशनल हाईवे की खराब हालत और नेशनल हाईवे के निर्माण से सिंचाई योजनाओं के प्रभावित होने और घरों को पहुंचे नुकसान पर ध्यान आकर्षित करेंगे। इसी प्रकार, भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार नगरोटा बगवां के ट्रांसपोर्टर से करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार न करने पर नियम-62 के तहत सदन का ध्यान आकर्षित करेंगे। प्रश्नकाल में तारांकित व अतारांकित दोनों को मिलाकर कुल 54 सवाल लिस्टेड हैं। इनमें 36 सवाल तारांकित हैं। सदन की पहले ही दिन की कार्यवाही हंगामेदार होने के आसार हैं। प्रश्नकाल में अधिकांश सवाल युवा विधायकों की तरफ से पूछे जाएंगे। भाजपा के दीप राज, डॉ. जनक राज व लोकेंद्र की तरफ से कई सवाल पहले दिन की कार्यसूची में शामिल हैं। ये अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की समस्याओं को उठाएंगे। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए और फिर उपचुनाव जीतकर आए इंद्र दत्त लखनपाल व सुधीर शर्मा के सवाल भी पहले दिन की कार्यसूची में शामिल हैं। इसके अलावा बरसात के दौरान हुए नुकसान को लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच तकरार के आसार हैं। सदन की कार्यवाही से पहले स्पीकर के कक्ष में सर्वदलीय बैठक होगी। हिमाचल में दो ही दल हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा अन्य किसी दल का यहां कोई सदस्य नहीं है। पिछली बार सदन में अवश्य राकेश सिंघा के रूप में एक विधायक माकपा से थे। ऐसे में सर्वदलीय बैठक में भाजपा और कांग्रेस के ही सदस्य होंगे। स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग की अपील करेंगे। भाजपा एवं कांग्रेस के विधायक दल की अलग-अलग मीटिंग होगी। दोनों दल सदन में अपनी रणनीति पर चर्चा करेंगे। सत्ता पक्ष सेशन में विपक्ष की तरफ से उठाए जाने वाले मुद्दों पर तर्कपूर्ण उत्तर देने की रणनीति तैयार करेगा। कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग की अगुवाई सीएम सुक्खू करेंगे और भाजपा की बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर करेंगे। इस बार सेशन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी अतिरिक्त रूप से की गई है। सैकड़ों पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात होंगे। करीब 600 जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। परिसर में एक एंबुलेंस भी डॉक्टर की सुविधा के साथ मौजूद होगी।
हिमाचल में लाखों एपीएल परिवारों के लिए इस बार भी राहत की खबर है। सरकार ने सितंबर महीने के लिए डिपुओं में दिए जाने वाले सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। इसके मुताबिक प्रदेश के पांच हजार से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने दिए जाने वाले राशन के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। एपीएल परिवारों को सितंबर महीने में भी 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा। राहत की बात ये है कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों को दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। हिमाचल में उससे पहले हर दो तीन महीने में सस्ते राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता था, लेकिन अब एक साल से राशन की मात्रा में कोई फेरबदल नहीं किया जा रहा है, जिससे लाखों एपीएल परिवारों ने कुछ राहत मिलेगी। हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा रहा है। इस बार भी समय पर बारिश न होने से बुआई पर असर पड़ा है, जिससे बाजार में डिमांड और सप्लाई में अंतर नजर आ सकता है। ऐसे में खुले बाजार में खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे लोगों की डिपुओं पर निर्भरता अधिक बढ़ गई है। उपभोक्ता अब डिपुओं में मिलने वाले सस्ते राशन का कोटा नहीं छोड़ते हैं। ऐसे उचित मूल्य की दुकानों में सस्ते राशन की लिफ्टिंग 100 फीसदी पहुंच गई है। केंद्र सरकार ने सितंबर माह के लिए राशन कोटे का आवंटन किया है। प्रदेश भर में अगले महीने उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से एपीएल परिवारों के लिए 20,952 मीट्रिक टन राशन वितरित किया जाएगा, जिसमें 14,490 मीट्रिक टन गेहूं का आटा और 6,382 मीट्रिक टन चावल की मात्रा शामिल है। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को 29 अगस्त से सस्ते राशन के परमिट जारी होंगे। प्रदेश में कुल राशन कार्ड धारकों की संख्या 19,65,589 है, इसमें एपीएल परिवारों की कुल संख्या 12,24,448 है। इसमें 11,52,003 एपीएल परिवार है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की कुल संख्या 72,445 है। इसके तहत एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है. जिसमें एपीएल परिवारों आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड दिया जाएगा।
**'मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना' लागू करने का मंत्रिमंडल ने लिया फैसला हिमाचल प्रदेश में अब विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं और विकलांग माता-पिता के बच्चों के पालन पोषण और शिक्षा के लिए हिमाचल सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। बीते कल मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमे ‘मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना’ को लागू करने का फैसला लिया गया। इसका उद्देश्य एकल महिलाओं और विकलांग माता-पिता को अपने बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को 18 साल की आयु तक शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए 1,000 रुपये का मासिक अनुदान मिलेगा। इसके अलावा, इस योजना के तहत ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के साथ उच्च शिक्षा के लिए पढ़ाई का खर्च और हॉस्टल के खर्च के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
पुलिस कर्मियों के रियायती सफर के एवज में अब एचआरटीसी को हर महीने करीब 9 करोड़ रुपये मिलेंगे। बीते 15 सालों से पुलिस कर्मियों केे रियायती यात्रा सुविधा के एवज में एचआरटीसी को 110 रुपये के हिसाब से महज 1.98 करोड़ मिल रहे थे। एचआरटीसी प्रबंधन ने प्रदेश सरकार को इसे भी निगम के घाटे का बड़ा कारण बताया था। मंत्रिमंडल की बैठक में रियायती यात्रा सुविधा के एवज में 110 रुपये मासिक के स्थान पर 500 रुपये लेने का फैसला लिया है। पिछली मंत्रिमंडल की बैठक में पुलिस कर्मियों की एचआरटीसी बसों में रियायती यात्रा सुविधा बंद कर दी गई थी। निर्णय लिया गया था कि पुलिस जवानों को परिवहन निगम की बसों में यात्रा करते हुए टिकट लेकर यात्रा करनी होगी। ऑन ड्यूटी बस सफर करने पर पुलिस जवान अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह टीए-डीए क्लेम कर सकेंगे। बीते 15 सालों से पुलिस कर्मी मासिक महज 110 रुपये देकर निगम की बसों में रियायती सफर कर रहे थे। एचआरटीसी प्रबंधन का दावा था कि पुलिस विभाग से निगम को मासिक महज 1.98 करोड़ रुपये मिल रहे हैं और भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। पुलिस की मुफ्त यात्रा बंद होने से हर महीने 35 करोड़ की अतिरिक्त आय होगी। रियायती यात्रा सुविधा वापस लेने के बाद पुलिस कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों से मिलकर यात्रा सुविधा बहाल रखने की मांग की थी। इस बीच परिवहन निगम ने सभी कर्मचारियों को बसों में रियायती सफर करने वाले सभी वर्गों के यात्रियों को जीरो टिकट जारी करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे निगम की बसों में रियायती यात्रा का लाभ लेने वाले लोगों का सही आंकड़ा मिल सके और सरकार को इससे अवगत करवाया जा सके।
प्रदेश में सोमवार को मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 27 और 28 अगस्त को अधिकांश जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 29 से 31 अगस्त तक प्रदेश में फिर से साफ रहने के आसार हैं। रविवार को राजधानी शिमला में सुबह के समय मौसम साफ रहा। दोपहर बाद बादल झमाझम बरसे। शाम को फिर शहर में मौसम साफ होने के साथ धूप खिली। धर्मशाला, ऊना, सोलन, कुफरी, नारकंडा, जुब्बड़हट्टी में भी बारिश हुई। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में रविवार को मौसम मिलाजुला रहा। 29.9, नाहन में 29.2, मनाली में 24.8 और शिमला में 22.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
** रात 12 बजे निकाली जाएगी कृष्ण भगवान के बाल रूप की भव्य झांकी ठाकुर द्वार मन्दिर कुनिहार में मंदिर कमेटी द्वारा कृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। हाटकोट पंचायत प्रधान जगदीश अत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि मन्दिर में रात 9 बजे से 12 बजे तक भजन संध्या का आयोजन होगा व हर वर्ष की भांति रात ठीक 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव के समय कृष्ण भगवान के बाल रूप की भव्य झांकी निकाली जाएगी, जिसमे समस्त क्षेत्र वासी झूमते ,नाचते गाते हुए बाल गोपाल के दर्शन कर इस क्षण का भरपूर आनंद लेंगे। उन्होंने बताया कि मन्दिर परिसर में आयोजित की जा रही सात दिवसीय भागवत कथा में प्रतिदिन सैंकड़ों लोग कथा श्रवण करने पहुंच रहे है। 27अगस्त को इस कथा का समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक रहेगा, उसके उपरांत हवन व पूर्णाहुति के साथ कथा को विराम दिया जाएगा। 27अगस्त को क्षेत्र वासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति ने सभी क्षेत्र वासियों से इन कार्यक्रमों में बढ़चढ़ कर भाग लेने की अपील की है।
** 15 घंटे ट्रैफिक जाम में फंसे श्रद्धालु हिमाचल प्रदेश में सोमवार, 26 अगस्त से आधिकारिक तौर पर उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा शुरू हो रही है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग मणिमहेश यात्रा के लिए चंबा जिले के भरमौर पहुंच रहे हैं। वहीं, यात्रा के अधिकारिक तौर पर शुरू होने से भरमौर नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की मानों बाढ़ आ गई हो। नेशनल हाईवे पर पिछले करीब 15 घंटो से मणिमहेश यात्री ट्रैफिक में फंसे हुए हैं। लूणा से लेकर दुनाली, खड़ा मुख से भरमौर तक जगह-जगह जाम लगा हुआ है। इस जाम में सैकड़ों के हिसाब से गाड़ियां व मोटरसाइकिल फंसे हुई हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा भी मौके पर लगातार ट्रैफिक को बहाल किए जाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हाईवे पर गाड़ियां इतनी ज्यादा तादाद में हैं कि अभी तक जाम की स्थिति बनी हुई है, जिसमें यात्री भी खासे परेशान हो रहे हैं। बता दें कि मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी पर्व पर उम्मीद से कहीं ज्यादा यात्री भरमौर की ओर पहुंच रहे हैं। पहाड़ी इलाका, सड़क के कई हिस्से तंग होने और दोनों तरफ से बड़े वाहनों की आवाजाही के कारण यहां पर पिछले तीन दिन से लोग यूं ही जाम की समस्या का सामना कर रहे हैं। मगर शनिवार शाम को नेशनल हाईवे पर जो जाम लगा वो अभी तक बहाल होने का नाम नहीं ले रहा है। जन्माष्टमी के पहले ही जाम को बहाल करने और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने में पुलिस प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। आलम ये है कि यहां पर लोग अपनी गाड़ियों को छोड़कर पैदल ही मणिमहेश की ओर रुख करने को मजबूर हो गए हैं। हर साल मणिमहेश यात्रा के सफल आयोजन को लेकर कई बैठकें की जाती हैं, जिसमें सड़कों की दशा को सुधारने की ओर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है, लेकिन पिछले करीब 10 सालों से यहां पर एनएच द्वारा सड़क चौड़ीकरण का काम चला हुआ है, जो कि कछुआ गति से आगे बढ़ रहा है। सरकार और प्रशासन द्वारा भी अभी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिसके कारण हर साल यहां पर श्रद्धालुओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बग्गा से लेकर भरमौर तक सड़क की खराब दशा यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों को परेशानी में डाल रहा है।
सांईं इंटरनेशनल स्कूल में कृष्ण जन्माष्टमी का एक भव्य और रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नन्हें मुन्हें बच्चों ने राधा और कृष्ण की वेशभूषा में सजीव होकर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया।कक्षा प्री-नर्सरी , नर्सरी केजी और कक्षा प्रथम के बच्चे पारंपरिक रूप से राधा और कृष्ण के वेश में आए। बच्चों द्वारा नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। इस अवसर की शोभा बढ़ाने के लिए 'दही हांडी' का भी आयोजन किया गया। स्कूल चेयरमैन रमिंदर बावा ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी।
**पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा यूपीएस के उपरान्त कर्मचारियों के मन से सेवानिवृति के बाद आर्थिक असुरक्षा की शंका का भाव हुआ समाप्त ** धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को यूनिफाइड पेंशन स्कीम की मंजूरी पर धन्यवाद व्यक्त किया वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को मंजूरी देने के फैसले का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय को कर्मचारियों के हित में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया, जिससे सरकारी कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित और संरक्षित रहेगा। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के पश्चात यूनिफाइड पेंशन स्कीम द्वारा मिलने वाले वित्तीय सुरक्षा लाभों से कर्मचारी और अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा। 25 वर्ष नौकरी करने के पश्चात कर्मचारियों को उसकी एवरेज बेसिक पे का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा और यदि कर्मचारी 10 साल नौकरी करता है तो उसको कम से कम ₹10000 पेंशन प्रतिमाह जरूर मिलेगी यही नहीं सेवानिवृत कर्मचारियों की मृत्यु के पश्चात उसकी पत्नी को 60% पेंशन मिलेगी। यूनिफाइड पेंशन स्कीम आने के उपरांत जो कर्मचारी और अधिकारियों के मन में सेवा निवृत्ति के पश्चात आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक शंका का माहौल बना हुआ था वह समाप्त होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि UPS के तहत कर्मचारियों के भविष्य की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस योजना के अंतर्गत, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों द्वारा अंशदान किया जाएगा, जो एक केंद्रीय कोष में जमा होगा। इस कोष का सुरक्षित और पारदर्शी निवेश किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को उनकी सेवा के बाद पेंशन के रूप में एक स्थिर आय प्राप्त होगी। यह स्थिरता कर्मचारियों के लिए वित्तीय सुरक्षा का आधार बनेगी। प्रो धूमल ने कहा कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम में पेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी और स्थिर बनाया गया है। सरकार द्वारा कोष का प्रबंधन किया जाएगा, जिससे पेंशन की राशि का निर्धारण निष्पक्ष और संतुलित तरीके से होगा। इससे कर्मचारियों को पेंशन के मामले में किसी भी तरह की असुरक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि UPS ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बीच के अंतर को समाप्त कर दिया है। यह समायोजन सभी कर्मचारियों को एक समान पेंशन का अधिकार देता है, जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी असमानता का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह समायोजन विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है जो पुरानी और नई पेंशन योजनाओं के बीच भ्रमित थे। उन्होंने कहा कि UPS के माध्यम से सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। पेंशन की राशि को इस प्रकार से निर्धारित किया गया है कि वह कर्मचारियों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हो। इससे कर्मचारियों को वित्तीय स्वतंत्रता मिलेगी और वे सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने जीवन को सम्मानजनक तरीके से जी सकेंगे। प्रो धूमल ने कहा कि यह योजना न केवल कर्मचारियों के लिए लाभकारी है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करेगी। UPS के माध्यम से कर्मचारियों को पेंशन की गारंटी मिलने से उनके परिवार के सदस्य भी सुरक्षित और संरक्षित महसूस करेंगे। प्रो. धूमल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह योजना कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि UPS न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें उनके योगदान को उचित सम्मान देने में भी सहायक होगी। प्रो. धूमल ने आशा व्यक्त की कि इस योजना से कर्मचारियों को आत्मविश्वास मिलेगा और वे अपनी सेवाओं को और भी अधिक समर्पण और उत्साह के साथ निभा सकेंगे।
हिमाचल में प्रदेश सरकार जहां करोड़ों के बल्क ड्रग फार्मा पार्क के निर्माण के लिए प्रयासरत है, वहीं हर महीने फेल हो रहे दवाओं के सैंपल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हिमाचल में बन रही दवाओं के लगातार फेल हो रहे सैंपल से फार्मा हब के नाम से मशहूर हिमाचल का नाम खराब हो रहा है। हिमाचल में करीब 600 फार्मा कंपनियां सालाना 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करती हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की जांच में एक के बाद एक हिमाचल में बनी दवाओं के सैंपल फेल हो रहे हैं। इस साल अब तक प्रदेश में बनी 85 से अधिक दवाओं के सैंपल फेल हो चुके हैं। बीते साल भी जनवरी से लेकर जुलाई तक 107 दवाओं के सैंपल फेल हुए थे। इसके बाद सरकार ने टास्क फोर्स गठित कर दोषियों पर कार्रवाई करने का दावा किया था, बावजूद इसके दवाओं के सैंपल फेल होने का सिलसिला लगातार जारी है। दवा निर्माता कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए सब स्टैंडर्ड दवाएं बना रही हैं। हिमाचल में बीबीएन, पांवटा साहिब, कालाअंब, सोलन, संसारपुर टैरेस, गगरेट, मेहतपुर व कुमारहट्टी औद्योगिक क्षेत्र हैं। जीवन रक्षक दवाओं के अलावा हार्ट, किडनी, बुखार, मधुमेह, एलर्जी, दर्द, सर्दी-जुकाम, बीपी, गैस, उल्टी, हड्डियों के दर्द, कान, आंख व दांतों के दर्द जैसी दवाओं के सैंपल बार-बार फेल हो रहे हैं। केंद्रीय दवा मानक एवं नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने प्रदेश में बनने वाली दवाओं के सैंपल फेल होने पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय दवा मानक नियंत्रक संगठन (सीडीएसओ) हर महीने राष्ट्रीय स्तर पर ड्रग अलर्ट जारी करता है। इसमें जिन दवाओं के सैंपल फेल होते हैं, उनकी सूची जारी की जाती है। बाजार में ये दवाएं उपलब्ध होने के कारण लोग इन दवाओं का सेवन कर लेते हैं क्योंकि सैंपल फेल होने के बाद ही इन दवाओं का स्टॉक वापस मंगवाया जाता है। इससे पहले यह दवाएं बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध होती हैं। प्रदेश में अगस्त में 20 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इन सभी दवाओं के स्टॉक को बाजार से वापस मंगवा लिया है। सभी दवा उत्पादकों को नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। एक सप्ताह में सभी दवाएं वापस कंपनी में पहुंच जाएंगी। जिन कंपनियों में दवाओं के अधिक सैंपल फेल हुए हैं, अब वहां के कर्मचारियों को एक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं दवा नियंत्रक अधिकारियों का कहना है कि सैंपल फेल होने के कारण गुणवत्ता ही नहीं कई अन्य कारण भी होते हैं। कई बार लेबल सही नहीं होता है। यही नहीं जहां पर स्टोर में दवा रखी होती है वहां पर तापमान की कंडीशन क्या है, इससे भी सैंपल फेल होना निर्भर करता है। अधिकारियों के अनुसार हिमाचल में दवाओं के सैंपल फेल होने की रेशो अन्य राज्यों से कम है। प्रदेश में केवल एक फीसदी दवाओं के ही सैंपल फेल हुए हैं जोकि अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम हैं। हिमाचल में दवा कंपनियों के 90 फीसदी सैंपल लिए जाते हैं जबकि देश के अन्य राज्यों के केवल दस फीसदी ही सैंपल लिए जाते हैं। हिमाचल की कंपनियों की बनी दवाओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है। यही कारण है कि हिमाचल की 250 दवा कंपनियों को विदेशी एजेंसियों ने अप्रूवल दी है। प्रदेश में दवाओं के सैंपल लेने की रेशो अन्य राज्यों से 9 गुणा अधिक है। 90 फीसदी सैंपल प्रदेश से उठाए जाते हैं। केवल 10 फीसदी सैंपल अन्य राज्यों से लिए जाते हैं। सैंपल फेल होने के बाद सभी दवाइयां बाजार से वापस मंगवाई जाती हैं। फेल होने के कारणों का पता लगाया जाता है। दोबारा सैंपल फेल न हों इसके लिए विभाग की ओर से औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
हिमाचल परिवहन सेवा निवृत कर्मचारी कल्याण मंच के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बृजलाल ठाकुर व अर्की इकाई के अध्यक्ष बलबीर चौधरी ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि कल्याण मंच , सचिवालय कर्मचारी महासंघ द्वारा उठाई कर्मचारियों की मांगों का पुरजोर समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि सरकार 1जनवरी 2016 से नए वेतनमान की बकाया राशि व महंगाई भत्ते की बकाया राशि, शेष बची महंगाई भत्ते की 12 प्रतिशत किस्तों को जल्द जारी करे। परिवहन से सेवा निवृत कर्मचारियों की बकाया देनदारियों का भुगतान शीघ्र कर अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं होता है तो कल्याण मंच, सचिवालय कर्मचारी महासंघ के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़ा है। और कल्याण मंच अपनी लंबित मांगों के लिए आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने सरकार को चेताया कि समय रहते पेंशनरों की सभी देनदारियां व मांगे पूरी की जाए अन्यथा परिणाम गंभीर होगें, जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी।
हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक आज संडे को होने जा रही है। प्रदेश सचिवालय में दोपहर 12 बजे सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस कैबिनेट मीटिंग में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले 8 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों में सैकड़ों पदों को भरने का निर्णय मुहर लगी थी। अब मानसून सत्र से ठीक दो दिन पहले होने जा रही मंत्रिमंडल की बैठक में कई मसलों पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान बैठक में विभिन्न विभागों के कई एजेंडे लाए जा सकते हैं। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार वर्तमान में खराब वित्तीय हालत से जूझ रही है। सरकार का खजाना खाली है, जिससे सरकार के पास कर्मचारियों का डीए और एरियर के भुगतान तक पैसे नहीं हैं। ऐसे में 15 अगस्त को कर्मचारियों को डीए की किस्त जारी न होने से कर्मचारी नाराज चल रहे हैं, जिसके लिए हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी परिसंघ सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ डीए और एरियर के भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कर्मचारी नेता अफसरशाही और नेताओं की फिजूलखर्ची को लेकर उठा सवाल उठा रहे हैं, लेकिन सरकार का तर्क है कि वित्तीय संकट के कारण डीए और एरियर के भुगतान को अभी खजाने में पैसे नहीं है। ऐसे में आज होने वाली कैबिनेट की मीटिंग में खराब वित्तीय हालातों से पार पाने पर चर्चा हो सकती है। इस दौरान कैबिनेट में कई कड़े निर्णय भी लिए जा सकते हैं, ताकि कर्मचारियों को देनदारियां को कम किया जा सके। प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति और कर्मचारियों की देनदारी के साथ बेरोजगारी भी एक बहुत बड़ी समस्या है, जिससे निपटने के लिए कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए नए पद सृजित करने का भी निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, विभिन्न विभागों में खाली चल रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के खाली पदों को भरने के लिए भर्तियां करने पर फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस बीच कैबिनेट की बैठक मानसून सत्र से दो दिन पहले होने जा रही है, जिसमें मानसून सत्र में विपक्ष के सवालों को लेकर रणनीति तैयार की जा सकती है।
कुनिहार के 108 सेवा में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों ने आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस में एक महिला की सुरक्षित डिलीवरी करवाई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरेश कुमार की पत्नी सीता देवी (20) को शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। परिवार वालों ने 108एंबुलेंस को बुलाया। सूचना मिलते ही कुनिहार से एंबुलेंस गांव पहुंची और एंबुलेस गर्भवती सीता देवी को लेकर गांव से कुछ ही दुरी पर पहुंची थी कि तभी सीता देवी की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई। महिला की अत्याधिक प्रसव पीड़ा को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों ने एंबुलेंस रुकवा कर एंबुलेंस में ही डिलीवरी करवाने का फैसला लिया। एंबुलेंस 108 के ईएमटी अनिता और चालक सुरेश कुमार ने रास्ते में गाड़ी रोककर महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई। सीता ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस कर्मियों ने उनको सिविल अस्पताल कुनिहार में भर्ती कराया। एंबुलेंस चालक सुरेश कुमार और ईएमटी अनिता ने बताया कि जरा भी देर हो जाती तो महिला व बच्चे की जान पर बन सकती थी। अधिक प्रसव पीड़ा देखकर सड़क किनारे एंबुलेंस खड़ी कर आशा वर्कर रंजना के साथ मिलकर महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया। सिविल अस्पताल कुनिहार में भर्ती जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य और सुरक्षित हैं। सीता देवी का यह पहला बेटा है। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा 108गाड़ी में ही सुरक्षित डिलीवरी करवाने के लिए लोग स्वास्थ्य कर्मियों की भूरी भूरी प्रसंसा कर रहे हैं।
**आचार्य हेमन्त गर्ग बोले, संस्कार अच्छे न होने से बिगड़ता हैं व्यक्ति कुनिहार में चल रही भागवत कथा के चौथे दिन कथा वाचक आचार्य हेमन्त गर्ग ने उपस्थित जन समूह को अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्याम से जिसका संबंध होता है उसके जीवन में घनश्याम की कृपा हमेशा रहती हैं और जहां संस्कार अच्छे नहीं होते वहां मनुष्य बिगड़ जाता है। आचार्य ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति संस्कारित नहीं है उसमे उसके माता का दोष पाया जाता है और यदि कृपणता है तो वह वंश दोष से आती है यदि व्यक्ति के पास धन का अभाव है तो वह मनुष्य का खुद का दोष होता है। इसलिए अगर इन दोषो का नाश करना हो तो सिर्फ और सिर्फ भगवान के नाम का सहारा लेना चाहिए, उन्होंने कहा कि प्रह्लाद ने एक राक्षस कूल में जन्म लेकर भगवान को इसलिए प्राप्त किया क्युकि उसे विश्वास था कि कैसी भी अवस्था हो भगवान हर समय हमारा साथ देंगे। परन्तुं आजकल व्यक्ति हरकिसी व्यक्ति पर भरोसा कर लेता हैं परन्तुं भगवान पर भरोसा नहीं करता। यही उसके पतन का कारण बनता है । उन्होंने कहा कि भक्त के जीवन में हमेशा मीरा की जैसी भक्ति, शबरी की तरह भगवान को पाने की इच्छा और ध्रुव की तरह दृढ़ निश्चय होना चाहिए तब जीवन में सफलता प्राप्त होती हैं। इसके साथ ही उन्होंने आज कि कृष्ण जन्म की कथा का विस्तृत सार सुनाया, जिसे सुनकर सभी लोग खूब आनंदित हुए।
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुनिहार में कृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय की छात्राओं ने सुंदर व आकर्षक परिधानों में कृष्ण व राधा रानी बनकर एक से एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सभी ने बच्चो द्वारा पेश की गई प्रस्तुतियों को खूब सराहा। प्रधानाचार्या दीपिका शर्मा ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी पर्व की बधाई व शुभकामनाएं दी और जन्माष्टमी पर्व के बारे में जानकारी साझा की । इस अवसर पर विद्यालय स्टाफ और बीएड प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों कर्मचारियों ने सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। कर्मचारी पेंडिंग डीए और एरियर की मांग कर रहे हैं, जिसके चलते कर्मचारी में भारी गुस्सा है। इसी बीच कर्मचारियों सड़क पर उतरे तो हिमाचल सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी ने सरकारी कर्मचारियों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि सरकार के पास कोई नोट छापने की मशीन नहीं है। अगर कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें वर्तमान में मिलने वाली सुविधाएं मिलती रहें तो उन्हें सरकार के साथ खड़े होना होगा। मंत्री के इस बयान से कर्मचारियों में खासा रोष है। हिमाचल प्रदेश सचिवालय परिसंघ के चेयरमैन संजीव शर्मा ने मंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहा कि बिलासपुर से बाहर चुनाव लड़ कर दिखाएं, उनके खिलाफ मेरा कर्मचारी खड़ा होगा। इतना ही नहीं संजीव शर्मा ने कहा कि राजेश धर्माणी मंत्री बनने के लायक ही नहीं थे, उन्हें तो जबरदस्ती मंत्री बनाया गया है।
** राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों ने मनमोहा बी एल सेंट्रल पब्लिक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुनिहार में जन्माष्टमी पर्व मनाया गया I इस समारोह में मुख्याध्यापिका सुषमा शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की I मंच का संचालन करते हुए शिवानी ठाकुर ने मुख्यातिथि का भव्य स्वागत किया I मुख्यातिथि ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कियाI इस पर्व में विद्यालय के नन्हे मुन्हे बच्चों द्वारा भगवान् कृष्ण, राधा रानी और गोकुल की गोपियाँ बन कर रंगा रंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल ने बताया की नन्हे मुन्हे बच्चों ने राधा कृष्ण के वेश भूषा में उनके भजनों पर नृत्य किया और सबका मन मोह लिया I विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व अध्यापक अभिभावक संघ के अध्यक्ष ने भी सभी बच्चों ,अध्यापकों और अभिभावकों को जन्माष्टमी की बधाई दी I इस अवसर पर सभी अद्यापक वर्ग और बच्चे मौजूद रहे I कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को मिठाई बांटी गई।
मुख्य संसदीय सचिव (लोक निर्माण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग) संजय अवस्थी 24 व 25 अगस्त, 2024 को अर्की विधानसभा क्षेत्र के प्रवास पर आ रहे हैं। संजय अवस्थी 24 अगस्त को प्रातः 11.15 बजे उपमण्डलाधिकारी कार्यालय अर्की में सायर मेले की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तदोपरांत दोपहर 02.00 बजे से 04.00 बजे तक अर्की स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में जन समस्याएं सुनेंगे। संजय अवस्थी 25 अगस्त को दोपहर 12.15 बजे ग्राम पंचायत सूरजपुर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय, पथेड़ में स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर का शुभारम्भ करेंगे। मुख्य संसदीय सचिव तत्पश्चात दोपहर 02.00 बजे शिवा क्लब धुन्धन द्वारा आयोजित वॉलीबॉल तथा कबड्डी प्रतियोगिता की अध्यक्षता करेंगे।
** 38 उड़ानें, 389 भक्तों ले किया सफर मणिमहेश यात्रा की हेलिटैक्सी सेवा के तहत शुक्रवार को दोनों तरफ कुल 38 उड़ानें ही हो पाई है, जबकि बीच में मौसम खराब होने के चलते कुछ समय के लिए उड़ाने भी नहीं हुई और तीन से चार मर्तबा हेलिकाप्टर को भी बीच राह से लौटना पड़ा है। प्रशासन से मिले आंकड़ों के तहत थुम्बी एविएशन के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 389 यात्रियों ने सफर किया है, जबकि सेवा प्रदान करने वाली अन्य कंपनी का आंकड़ा अभी तक एडीएम कार्यालय को नहीं मिल पाया था। उल्लेखनीय है कि मणिमहेश हेलिटैक्सी सेवा 22 अगस्त से आरंभ हुई है। शुक्रवार को भरमौर से गौरीकुंड के लिए हवाई उड़ानों का दूसरा दिन रहा। लिहाजा शुक्रवार को थुम्बी एविएशन की कुल 21 उड़ानें हुई, जिसमें 115 यात्रियों ने भरमौर से गौरीकुंड के लिए उडान भरी, जबकि 98 श्रद्धालुओं ने डल झील में आस्था की डुबकी लगाने के बाद गौरीकुंड से भरमौर की राह पकड़ी है। एडीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हेलिटैक्सी सेवा प्रदान कर रही दूसरी कंपनी राजस एयरो स्पोट्र्स के हेलीकाप्टर से भरमौर से गौरीकुंड के लिए 86 उड़ानें भरी, जबकि गौरीकुंड से भरमौर के लिए 90 यात्रियों ने सफर किया। इस तरह इस कंपनी के हेलिकाप्टर में शुक्रवार को कुल 176 ने सफर किया है। मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे के साथ ही चौरासी मंदिर परिसर में भी पूरी तरह से रौनक आ गई है। भगवान भोले नाथ के भजनों और उद्घोषों से पूरा भरमौर कस्बा शिवमयी हो गया है। श्रद्धालुओं के भारी संख्या में पहुंचने से यहां के कारोबारियों को भी बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है। उपमंडल मुख्यालय भरमौर समेत आसपास के हिस्सों के कारोबारियों को मणिमहेश यात्रा कारोबार के लिहाज से बड़ी लाभदायक रहती है। यात्रा के दिनों में स्थानीय लोगों द्वारा स्थानीय फसलों को बेचने के लिए सडक़ किनारे अस्थायी रूप से दुकानें लगाई जाती है।
प्रदेश के कॉलेजों के शिक्षकों को भी राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों के प्रोत्साहन के लिए शिक्षा विभाग नई योजना बना रहा है। अभी तक स्कूल स्तर के शिक्षकों को ही हर साल पांच सितंबर को सम्मानित किया जाता है। इसी वर्ष से कॉलेजों के शिक्षकों से भी आवेदन मांगकर पुरस्कार देने की योजना बनाई गई है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई विभागीय बैठक में इस योजना को शुरू करने का फैसला लिया गया। मंत्री ने अधिकारियों से इस बाबत विस्तृत योजना बनाने को कहा है। योजना से मुख्यमंत्री को अवगत करवाकर लागू किया जाएगा। हर साल शिक्षक दिवस पर स्कूलों में पढ़ाने वाले 30 शिक्षकों को सरकार सम्मानित करती है। कॉलेजों के शिक्षकों को इस योजना से अभी तक अलग रखा गया था। अब कॉलेज शिक्षकों के प्रोत्साहन के लिए अलग से योजना बनाकर सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार से इस योजना को मंजूरी मिलते ही प्रयास रहेंगे कि इसी वर्ष से सम्मानित किया जाए। स्कूली शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कारों के लिए चयनित करने के लिए 27 सितंबर से दूसरे चरण की छंटनी प्रक्रिया शुरू होगी। शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली चयन कमेटी इन शिक्षकों के साक्षात्कार लेगी। बीते दिनों ही शिक्षा विभाग ने पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के स्कूलों में जाकर उनकी उपलब्धियों का मूल्यांकन किया है। स्कूली बच्चों की परीक्षाएं भी ली गई हैं। बच्चों को प्राप्त होने वाले अंकों के आधार पर शिक्षकों का चयन राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में एसीसी, अंबुजा व अल्ट्राटेक कंपनियों ने प्रति बैग दस रुपये सीमेंट के दाम बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार से नए दाम पर सीमेंट बेचना शुरू कर दिया है। एसीसी सीमेंट विक्रेता पवन बरूर के मुताबिक एसीसी गोल्ड का दाम 460 रुपये प्रति बैग से बढ़कर 470 हो गया है। एसीसी सुरक्षा 430 रुपये में मिलेगा। अल्ट्राटेक सीमेंट विक्रेता सतपाल ने बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट का बैग 430 में मिलेगा। अंबुजा सीमेंट विक्रेता रोहित के मुताबिक 425 रुपये प्रति बैग बिकने वाला सीमेंट अब 435 में मिलेगा। सूत्रों के अनुसार जल्द 10 से 20 रुपये प्रति बैग दाम और बढ़ेंगे। राहत की बात यह है कि पिछले एक माह में सरिये के दाम 600 रुपये प्रति क्विंटल कम हुए हैं। बाजार में सरिया 5,500 से 5,700 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज यहां कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की हितैषी है। सरकार ने अपनी गारंटी को पूरा करते हुए पहली कैबिनेट बैठक में ही पुरानी पेंशन बहाल की और 1 लाख 36 हजार कर्मचारियों को उनका हक दिया। उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने पांच साल में एक बार भी कर्मचारियों की ओपीएस की मांग पर गौर नहीं किया बल्कि कर्मचारियों को प्रताड़ित किया गया। पुरानी पेंशन बहाल होने से पहले जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों 3,700 रुपये मिल रहे थे वहीं अब उन्हें 37,000 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है। लाखों कर्मचारियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और एरियर की जवाबदेही को लेकर मीडिया के सामने भी और विधानसभा में श्वेत पत्र लाकर भी बताया जा चुका है। 75 हजार करोड़ का बोझ अलग है, लोन अलग हैं। इसके अलावा पिछली सरकार कर्मचारियों की 10 हजार करोड़ की देनदारियां छोड़ कर गई है। नरेश चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया है और उन्हें सारे भुगतान इस वित्त वर्ष में किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जिस तरह का रुख अपनाया इस पर उन्हें बहुत अफसोस है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी मांग रखने का अधिकार है लेकिन मांग के साथ सरकार के खिलाफ आरोप-प्रत्योराप लगाकर आलोचना करना भी गलत है। उन्होंने कहा कि सचिवालय के कर्मचारी अन्यों के मुकाबले सरकार की आर्थिक स्थिति को बहुत ही बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कड़े फैसले ले रहे हैं। बिजली बोर्ड, एचआरटीसी, अन्य बोर्ड व निगम जो घाटे में चल रहे हैं और संभावनाएं तलाशी जा रही हैं कि उन्हें किस तरह घाटे से उबारा जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने जिस तरह का रवैया अपनाया उसकी सरकार को कभी उम्मीद नहीं थी। नरेश चौहान ने कहा कि सरकार को हर वर्ग के लिए काम करना है। किसानों, बागवानों बेरोजगारों हर वर्ग के लिए योजनाएं बनानी हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी बातचीत के जरिए सरकार के समक्ष अपनी मांग रखें तभी मिल बैठकर यह मसला सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में सरकार ने कर्मचारी हित में बहुत सारे फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कर्मचारियों का आह्वान किया कि कर्मचारी किसी भी तरह के बहकावे में न आएं।
चन्द्रयान-3 की चन्द्रमा पर सफल लैंडिंग की प्रथम वर्षगाँठ पर राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस के शुभ ऐतिहासिक अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सायरी में विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 'राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस' से सम्बन्धित भाषण, प्रश्नोत्तरी तथा कला प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को विज्ञान तथा विशेष तौर पर अन्तरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि तथा ज्ञान में वृद्धि का अवसर प्राप्त हुआ। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्रत्येक छात्र ने इन स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। इस अवसर पर भारती फांउडेशन के सौजन्य से 'राष्ट्रीय अन्तरिक्ष दिवस से सम्बन्धित छठी से बारहवीं कक्षा तक छात्रों की ऑनलाईन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी करवाई गई, जिसमें सभी विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यालय की प्रधानाचार्या इंदु शर्मा ने अपने संबोधन में इस अविस्मरणीय उपलब्धि हेतु भारतीय वैज्ञानिकों को साधुवाद दिया तथा बच्चों को अन्तरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ने व इसका गहन अध्ययन करने हेतु प्रेरित भी किया।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार चंडीगढ़-kullu -धर्मशाला को जोड़ने वाले नए हवाई रूट का प्रस्ताव तैयार कर रही है। इस पहल का उद्देश्य राज्य के दो प्रमुख पर्यटन स्थलों के बीच पर्यटकों की आवाजाही में बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है, जिसके लिए संबंधित एयरलाइंस कंपनी और अन्य एजेंसियों के साथ चर्चा की जा रही है। इसमें कुल्लू और धर्मशाला के बीच नई सीधी हवाई सेवा के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर हवाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 'राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सुविधा संपन्न पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई नए कदम उठाए जा रहे हैं और इस दिशा में हवाई सेवा को सुदृढ़ किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश अलौकिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है और यहां पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। प्रदेश सरकार बेहतर पर्यटन अधोसंरचना का विकास कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित कर रही है जिससे क्षेत्रीय आर्थिकी को बल मिलेगा.प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगी। प्रदेश सरकार के समग्र और समावेशी प्रयासों के फलस्वरूप राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों को देश के अन्य भागों से हवाई सेवा के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। लोगों को दिल्ली-शिमला-दिल्ली, शिमला-धर्मशाला-शिमला हवाई सेवा प्रतिदिन और अमृतसर-शिमला-अमृतसर और अमृतसर-कुल्लू-अमृतसर हवाई सेवा सप्ताह में तीन दिन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश में हवाई यात्रा सुविधा में वृद्धि करने के साथ-साथ राज्य सरकार नए हेलीपोर्ट भी विकसित कर रही है। प्रदेश की पर्यटन राजधानी जिला कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, चम्बा और किन्नौर जिला के रिकांगपिओ में हेलीपोर्ट के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 13 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी भौगोलिक क्षेत्र में हेलीपोर्ट पर्यटकों को आकर्षित करने और उनकी यात्रा सुगम बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में यह हेलीपोर्ट स्थानीय लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने में मददगार होंगे। इनके महत्त्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट निर्मित कर रही है। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने जिला कांगड़ा को हिमाचल की पर्यटन राजधानी घोषित किया है। पर्यटकों की सुविधा के लिए जिला में आवश्यक पर्यटन अधोसंरचना को स्तरोन्नत किया जा रहा है। इस दिशा में कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण किया जा रहा है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से यहां बड़े विमान उतर सकेंगे और इससे हवाई यात्रा की लागत में भी कमी आएगी। प्रदेश सरकार के इस कदम से क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
**तीन बार गुस्ताखी माफ़, चौथी बार रद्द होगा लाइसेंस शराब के शौकीनों के लिए यह खबर अच्छी है। अब शराब कारोबारी शराब के तय दरों से अधिक दाम वसूल नहीं पाएंगे। और अगर ऐसा कोई करता है तो आप इसकी शिकायत व्हाट्सप्प के जरिए कर सकते है। मनमानी दाम पर शराब बेचने वाले ऐसे कारोबारियों पर हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 व इसके तहत बनाए गए नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के जाँच में यदि कारोबारी ओवर चार्जिंग में दोषी पाए जाने पर ठेकेदार को पहले उल्लंघन पर 15000 रुपये, दूसरे उल्लंघन पर 25000 रुपये, तीसरे उल्लंघन पर 50000 रुपये और चौथे उल्लंघन पर एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। अगर कोई ठेकेदार ओवर चार्जिंग करते हुए चार बार से अधिक दोषी पाया जाता है तो संबंधित आबकारी अधिकारी तुरन्त जोनल कलेक्टर को ठेकेदार के विरूद्ध हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम 2011 की धारा 29 के अंतर्गत कार्रवाई के लिए सिफारिश करेगा। जिसके तहत ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित या रद्द हो सकता है। आबकारी आयुक्त डॉ यूनुस खान ने बताया कि आबकारी नीति के तहत बॉटल्ड इन ओरिजिन (सिंगल माल्ट, व्हिस्की, रम, जिन, वोदका, बायो बीयर/बायो वाइन, साइडर) पर 10 प्रतिशत लाभांश और भारत में निर्मित सभी बीयर ब्रांड पर 30 प्रतिशत लाभांश तय किया गया है। देसी शराब पर 30 प्रतिशत लाभांश, देश में बनी लो ब्रांड अंग्रेजी शराब पर 15 फीसदी और हाई ब्रांड शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया गया है। न्यूनतम विक्रय मूल्य से 10 से 30 फीसदी लाभांश से अधिक शराब के विक्रय से संबंधित शिकायत के लिए विभाग ने दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं। वाट्स-एप नम्बर 94183-31426 पर शिकायतकर्ता शिकायत कर सकते हैं ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
हिमाचल प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है। 24 अगस्त तक मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के आसार हैं। 25 से 27 अगस्त तक बादल बरसने की संभावना जताई गई है। वीरवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली। कहीं भी बारिश दर्ज नहीं हुई। प्रदेश में अभी भी 56 सड़कें, 10 बिजली ट्रांसफार्मर और 5 पेयजल योजनाएं ठप हैं। बारिश का दौर थमते ही मैदानी जिलों में उमस बढ़ गई है। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया। शुक्रवार और शनिवार को भी प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। 25 अगस्त से बारिश के आसार हैं। बुधवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 15.8, कल्पा में 15.0, धर्मशाला में 18.5, ऊना-कांगड़ा-मंडी में 22.5, नाहन में 23.3, केलांग में 9.8, सोलन में 19.5, मनाली में 18.8, बिलासपुर में 24.8, हमीरपुर में 23.1 और चंबा में 21.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
आज बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल कुनिहार के विद्यार्थियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौध रोपण किया। जानकारी देते हुए विद्यालय प्रधानाचार्य पुर्शोतम लाल ने बताया कि वन विभाग कुनिहार के उचित मार्गदर्शन में कुनिहार के गांव नगर सेहाँवा के वन क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के उपयोगी एवं औषधिय पौधों का रोपण किया गया l उन्होंने बताया कि इस पौधरोपण के पुनीत कार्य में स्कूल के चारों इकाइया, इको क्लब, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड एवं एनएसएस के 30 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के 100 पौधों का रोपण किया, जिनमें वीभिन्न प्रजातियों की औषधियां और आमला, बेहडा,जामुन, बांस, अनार, दाडु , पाजा के पौधों को रोपित किया गया l इस अवसर पर विभिन्न इकाइयों के प्रभारी, जिसमे इको क्लब की दीनाक्षी ठाकुर, एनएसएस की प्रभारी पूनम शर्मा, एनसीसी के प्रभारी अमरदेव एवं स्काउट एन्ड गाइड के प्रभारी पिंकी ठाकुर ने भी विद्यार्थीयों के साथ इस पौधरोपण कार्य में अपना सहयोग एवं मार्गदर्शन दिया। विद्यालय अध्यक्ष ने सभी इकाइयों के विद्यार्थियों द्वारा पौधरोपण करने पर सभी बच्चों को और अध्यापकों की प्रशंसा की है I इस अवसर पर वन विभाग कुनिहार रेंज के अधिकारी साहिल चंदेल ,वरिष्ठ फॉरेस्ट गार्ड संजीव कुमार, बीट गार्ड रीता दास भी उपस्थित रहे l
**प्रदेश सरकार ने लिया फैसला **मेडिकल कॉलेजो में रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी शाम 7 बजे से पहले होगी चेंज हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टर अब 12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं देंगे। इसमें ऑन काल ड्यूटी भी शामिल होगी। सरकार की ओर से वीरवार को यह निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं आदेश संबंधी कॉपी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य को भी भेजी गई हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नए रोस्टर के हिसाब से रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई जाए। इसके अलावा इन आदेशों की अनुपालना रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर सरकार को भेजी जाए। अभी तक आईजीएमसी, चमियाना, टांडा समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सक 36-36 घंटे तक ड्यूटी करते हैं। लगातार ड्यूटी देने और काम के बोझ के चलते मानसिक रूप से परेशान रहते हैं। ऐसे में अब रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सरकार ने काम के घंटे निर्धारित किए हैं। इसके अलावा सरकार ने नए आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाजा से शाम 7:00 बजे से पहले ही रेजिडेंट डॉक्टर की ड्यूटी चेंज हो जानी चाहिए। बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए जघन्य अपराध के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने काम के घंटे और सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद बाद सरकार हरकत में आई और वीरवार को यह फैसला सरकार ने लिया हैं। अस्पतालों में सेवाएं देने वाले चिकित्सक, जो आज काफी ऊंचे ओहदों पर पहुंच गए हैं, उनका भी कहना है कि यह सिस्टम सदियों पुराना था। लिहाजा अब इस सिस्टम के बदलने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों को राहत मिलेगी। वहीं काम को लेकर मानसिक रूप से बोझ बना रहता था, वह भी कम होगा।
**हिमाचल सचिवालय में कर्मचारियों का जनरल हाउस आज हिमाचल में डीए और एरियर समेत अन्य मांगों को लेकर आज सरकार पर फिर से कर्मचारियों का गुस्सा फूटेगा। शिमला स्थित सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में 21 अगस्त को हुए जनरल हाउस में कर्मचारी संगठनों ने सरकार को वार्ता के लिए गुरुवार तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने कर्मचारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवा परिसंघ के क्लास वन से लेकर क्लास फोर तक के सभी कर्मचारी शुक्रवार को फिर से सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण में एकत्रित होकर सरकार खिलाफ अपना गुबार निकालेंगे। हिमाचल में डीए और छठे वेतनमान का संशोधित एरियर न मिलने से कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। ऐसे में कर्मचारी संगठनों दो टूक चेतावनी दी है कि अब भी अगर सरकार की नींद नहीं टूटी तो विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होते ही कर्मचारी कैजुअल लीव पर चले जाएंगे। हिमाचल प्रदेश सचिवालय के आर्म्सडेल भवन के प्रांगण होने जा रहे जनरल हाउस में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन शामिल होंगे। जो डीए और एरियर की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। इसमें हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड एम्पलाईज यूनियन, लोकायुक्त कार्यालय कर्मचारी संगठन, हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय संगठन, स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ, हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ व जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट( आई टी) ने लिखित तौर पर जनरल हाउस का समर्थन किया है। ऐसे में आज ये सभी कर्मचारी संगठन भी आम सभा में शामिल होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। वित्तीय संकट से जूझ रही हिमाचल सरकार पर कर्मचारियों की देनदारी लगातार बढ़ रही है। इसमें पूर्व हिमाचल दिवस, स्वतंत्रता दिवस या दिवाली के मौके पर कर्मचारियों की देनदारियों को निपटाया जाता रहा है, लेकिन अब कर्ज के बोझ से दबी सरकार का खजाना कर्मचारियों के लिए खाली है। हालत ये है कि प्रदेश सरकार को डीए की तीन किस्त देनी है, जिसमें पहली किस्त 1 जनवरी 2023, दूसरी 1 जुलाई 2023 और तीसरी किस्त 1 जनवरी 2024 से दी जानी अभी बाकी है। इस पर अब 1 जुलाई 2024 से चौथी किस्त भी देय हो गई है। यही नहीं कर्मचारियों को अभी छठे वेतनमान का संशोधित एरियर नहीं मिला है, जिससे प्रदेश भर में विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठन अब सरकार से आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में उतर गए हैं।
** रिसेप्शन पर पहले आएगी मेल, तभी मिलेगी मंजूरी हिमाचल में अगर आम लोगों को मुख्यमंत्री से कोई काम है तो वे सचिवालय आने के कार्यक्रम को स्थगित कर दें। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आधिकारिक व्यस्तताओं के कारण आज आम जनता की समस्याएं नहीं सुन पाएंगे। ये जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी की गई है। सीएम सुक्खू हर शुक्रवार को आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। ऐसे में इस दिन प्रदेश भर के लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री से मिलने के लिए सचिवालय आते हैं। बता दें कि सीएम कार्यालय में सप्ताह भर लोगों की भीड़ न जुटे, इसलिए लोगों की सुविधा के लिए सचिवालय में बुधवार और शुक्रवार को खुला दरबार लगाने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस संगठन से जुड़े लोगों से मिलते हैं और शुक्रवार को सीएम आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। हिमाचल प्रदेश सचिवालय में आम जनता के प्रवेश के नियम बदल गए हैं। सचिवालय में रोजाना जुटने वाली अत्याधिक भीड़ को देखते हुए अब मंत्रियों और मुख्य संसदीय सचिवों से कार्यालयों में मिलने के लिए लोगों को पहले अनुमति लेनी होगी। इसके लिए मिलने आने वाले लोगों को पहले रिसेप्शन से संबंधित मंत्री या सीपीएस व अन्य अधिकारियों की शाखा को फोन करना होगा। इस दौरान अगर किसी से मिलना जरूरी होगा तो प्रवेश के लिए संबंधित कार्यालय से ईमेल भेजी जाएगी। इस औपचारिकता को पूरा करने के बाद ही सचिवालय में प्रवेश के लिए पास जारी किया जाएगा। ये व्यवस्था सुबह 10 से दोपहर बाद 1 बजे तक लागू रहेगी। इसके बाद मिलने वाले लोगों के लिए पहले की तरह ही पास बनेंगे। प्रदेश सचिवालय में लोगों की रोजाना अत्यधिक भीड़ जुटती है। इसमें बहुत से लोग तो मंत्रियों और सीपीएस से जरूरी काम होने पर ही सचिवालय आते हैं, लेकिन ऐसे भी कई लोग हैं जो रोजाना अनावश्यक ही सचिवालय के अंदर और बाहर चक्कर काटते हैं। ऐसे में बेकार ही सचिवालय की शाखाओं में घूमने से काम प्रभावित होता है। इसको देखते हुए सचिवालय प्रशासन विभाग ने नई व्यवस्था को लागू किया है, जिसमें रिसेप्शन से फोन कर पहले प्रवेश के लिए मंजूरी लेना जरूरी है। मुख्यमंत्री के सलाहकारों, ओएसडी से भी मुलाकात के लिए भी नई व्यवस्था के अंतर्गत प्रवेश दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने रविवार 25 अगस्त को कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले इस मीटिंग को बुलाया गया है। इसमें मानसून सत्र में पेश होने प्रस्तावित विभिन्न विधायकों को लेकर चर्चा की जा सकती है। माना जा रहा है कि कैबिनेट में विधेयकों के अलावा कर्मचारियों-पेंशनर के लंबित महंगाई भत्ते डीए व एरियर को लेकर भी चर्चा हो सकती है। वहीं, आपदा से जिन परिवारों को भारी नुकसान हुआ हैं, उनके राहत एवं पुनर्वास के लिए राहत पैकेज का भी कैबिनेट में ऐलान हो सकता है। इसी तरह विभिन्न विभागों में भर्तियों को भी मंजूरी मिल सकती है। कैबिनेट में विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर भी चर्चा हो सकती है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त से शुरू हो रहा है जो नौ सितंबर तक चलेगा।
शिमला जिले की फल मंडियों में सेब की आवक बढ़ना शुरू हो गई है। इसके चलते दाम में गिरावट आई है। एक हफ्ते में सेब के दाम 600 से 700 रुपये प्रति पेटी तक गिरे हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले ए ग्रेड के सेब की पेटी 2400 से 3600 रुपये तक बिक रही थी। बुधवार को फल मंडी में यही सेब दो हज़ार से 2,800 रुपये प्रति पेटी तक बिका। दाम में गिरावट से बागवान निराश हैं। भट्ठाकुफर फल मंडी में ठियोग से सेब की खेप लेकर आए बागवान रोहन नेगी ने बताया कि निचले और मध्यम इलाकों वाले सेब को हर वर्ष बेहतर दाम मिलते हैं। जब तक ऊंचाई वाले इलाकों में सेब सीजन शुरू होता है तो दाम नीचे गिर जाते हैं। इससे बागवानों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं मिल पाता। बागवान सुरेश ने बताया कि सूखा पड़ने से इस साल सेब की पैदावार बहुत ज्यादा प्रभावित हुई है। दूसरी ओर सीजन शुरू होने के बाद फसल के बेहतर दाम नहीं मिल रहे हैं। एक साल में एक पेटी के ऊपर खाद, स्प्रे से लेकर लेबर तक का करीब 750 रुपये का खर्चा आ जाता है। आढ़तियों के अनुसार इन दिनों फल मंडी में सबसे ज्यादा रॉयल सेब की खेप पहुंच रही है। वहीं इसके अलावा गोल्डन, स्पर और गाला सेब भी मंडी में आ रहा है। एपीएमसी के अनुसार भट्ठाकुफर फल मंडी में एक हफ्ता पहले 15 से 17 हजार सेब की पेटी मंडी पहुंच रही थी, वहीं बुधवार को मंडी में 23 से 24 हजार सेब की पेटी पहुंची है। आने वाले दिनों में आवक में बढ़ोतरी होनी की उम्मीद है। फल मंडी में एक हफ्ते में सेब की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिली है। आवक के मुकाबले मंडी में ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। इसके चलते दामों में 500 से 600 रुपये की गिरावट आई है।
हिमाचल प्रदेश में अब प्राइमरी और मिडल के बाद अब हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में भी शिक्षकों का युक्तीकरण शुरू होगा। नवीं से बारहवीं कक्षा वाले स्कूलों से आवश्यकता से अधिक नियुक्त शिक्षक शिफ्ट किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने उच्च शिक्षा निदेशालय से इसी माह सरप्लस शिक्षकों की सूची मांगी है। इसके अलावा पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूल मर्ज करने को लेकर भी विचार शुरू हो गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों की कम संख्या वाले उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों से कई विषय शिफ्ट होंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से विद्यार्थियों के दाखिलों का ब्योरा एकत्र कर लिया है। विषयवार और कक्षावार नामांकन की अलग-अलग से जानकारी भी ली गई है। कई वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कुछ विषयों में विद्यार्थियों का नामांकन बहुत कम है। ऐसे विषयों को साथ लगते अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में शिफ्ट करने का विचार है। कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों से संबंधित विषयों के शिक्षकों को आवश्यकता वाले स्कूलों में तैनाती दी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रवक्ता स्कूल न्यू, डीपीई सहित गैर शिक्षकों का युक्तीकरण करने का फैसला लिया है। इसके अलावा जिन स्कूलोंं में विद्यार्थियों के दाखिले कम हैं, ऐसे स्कूलों को मर्ज करने का प्रस्ताव भी बनाया जाएगा। विद्यार्थियों की कम संख्या वाले प्राथमिक और मिडल स्कूलों की तर्ज पर वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भी साथ लगते स्कूलों में मर्ज किए जा सकते हैं। बता दें कि बीते दिनों ही प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 99 स्कूल बंद करने का फैसला लिया है। पांच या पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 419 प्राथमिक और मिडल स्कूल मर्ज करने का निर्णय हुआ है। इन स्कूलों को दो से तीन किलोमीटर के दायरे वाले स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है।
15 किमी कम होगी कैथलीघाट से ढली की दूरी राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज सोलन जिला के कैथलीघाट के नजदीक शिमला बाइपास सुरंग-1 (पोर्टल-2) शुंगल का दौरा किया। उन्होंने प्रगति कार्य का निरीक्षण किया और परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। 28.5 किमी लंबे फोरलेन शिमला बाइपास (पैकेज-1 व 2) पर 10.6 किमी लंबी 10 सुरंगों का निर्माण किया जाना है और इसमें 27 बड़े पुल और वायाडक्ट भी होंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने आज बाईपास की टनल 1 की बाईं ट्यूब का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से कैथलीघाट से ढली की दूरी लगभग 15 किलोमीटर कम हो जाएगी तथा यात्रा में लगभग एक घंटे का समय बचेगा। उन्होंने कहा कि इस सुरंग के निर्माण से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लगभग 5,000 पेड़ों को कटने से बचाया है तथा मिट्टी के कटाव को भी रोका है। उन्होंने कहा कि यह सुरंग पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षित तथा सुगम यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इससे वाहनों के ईंधन की बचत होगी, जिससे वायु प्रदूषण तथा कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। वहीं, 10 सुरंगों के निर्माण से लगभग 22,500 पेड़ों को कटने से बचाया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के क्षेत्रीय अधिकरी अब्दुल बासित ने राज्यपाल को अवगत करवाया कि दोनों चरणों में सुरंग की कुल लंबाई 1,410 मीटर होगी और जनवरी 2025 तक इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस कार्य पर 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने अवगत करवाया कि शिमला बाइपास फोरलेन परियोजना की कैथलीघाट से ढली तक कुल लागत 4,800 करोड़ रुपये है और इस परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और एनएचएआई के अन्य अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।
भारत के निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ज़िला सोलन के पांचों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों में विद्यमान प्रविष्टियों का सत्यापन कार्य 08 अक्तूबर, 2024 तक किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां ज़िला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने दी। उन्होंने कहा कि सत्यापन कार्य के तहत 50-अर्की, 51-नालागढ़, 52-दून, 53-सोलन (अ.जा.) तथा 54-कसौली (अ.जा.) की निर्वाचन नामावली को शुद्ध एवं त्रुटिरहित तथा अद्यतन बनाए रखने के उद्देश्य से बूथ स्तरीय अधिकारी (बी.एल.ओ.) आज से 08 अक्तूबर, 2024 तक घर-घर जाकर फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का सत्यापन करेंगे। मनमोहन शर्मा ने कहा कि बी.एल.ओ. घर के मुखिया की सहायता से यह सुनिश्चित करेंगे कि परिवार के समस्त पात्र सदस्यों का नाम मतदाता सूची में दर्ज है तथा समस्त दर्ज विवरण सही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी निर्वाचक की मतदाता सूची की प्रविष्टि में किसी प्रकार की कोई भी अशुद्धि पाई जाती है तो उसे ठीक करने के लिए प्रारूप-8 के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रथम अक्तूबर, 2024 की अहर्ता तिथि के आधार पर मतदाता सूचियों में उन योग्य नागरिकों के सम्मिलित किए जाएंगे जो पंजीकरण से छूट गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम जनवरी, 2025 की अहर्ता तिथि के आधार पर योग्य भावी मतदाताओं के साथ-साथ ऐसे भावी मतदाता जो प्रथम अप्रैल, 2025, प्रथम जुलाई, 2025 तथा प्रथम अक्तूबर, 2025 को मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के पात्र होंगे की जानकारी भी प्राप्त की जाएगी। ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एक से अधिक स्थान पर दर्ज, मृत व स्थाई रूप से स्थानन्तरित, दोहरे पंजीकृत मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से अपमार्जित करने के लिए प्रारूप-7 के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान मतदाता सूचियों में विद्यमान खराब गुणवत्ता वाली फोटोग्राफ की पहचान कर सम्बन्धित मतदाता से नवीनतम रंगीन फोटो प्राप्त कर प्रारूप-8 के माध्यम से परिवर्तित करने की कार्यवाही भी की जाएगी। मनमोहन शर्मा ने ज़िला के समस्त पात्र मतदाताओं से आग्रह किया कि बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सूचियों के सत्यापन करने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें ताकि फोटोयुक्त मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित बनाया जा सके।
** केके पंत को मिला अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा हिमाचल प्रदेश सरकार ने सिविल सेवा बोर्ड की सिफारिशों पर 7 IAS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के आदेश जारी किए हैं। इसको लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने बकायदा अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना 20 अगस्त को जारी की गई। सेंट्रल डेप्युटेशन से लौटे केके पंत को अतिरिक्त मुख्य सचिव वन का जिम्मा सौंपा गया है। पंत को फाइनेंशियल कमिश्नर अपील का जिम्मा भी सौंपा गया है। यह अतिरिक्त प्रभार के तौर पर रहेगा। डॉ. अभिषेक जैन को डिजिटल टेक्नॉलजी का सेक्रेटरी बनाया गया है। इसके अलावा वह फाइनेंस, प्लानिंग, 20 सूत्री कार्यक्रम के सेक्रेटरी के तौर पर भी जिम्मा संभालेगें। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी को सचिव कार्मिक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसके अलावा सीपी वर्मा को राज्यपाल का सचिव लगाया गया है। राज्यपाल के पूर्व सचिव राजेश शर्मा को "ग्रामीण विकास और पंचायती राज" सचिव का जिम्मा सौंपा गया है। आईएएस अधिकारी प्रियंका बसु इंग्टी को "सचिव श्रम एवं रोजगार, मुद्रण एवं स्टेशनरी, मत्स्य पालन और युवा सेवाएं एवं खेल" का जिम्मा सौंपा गया है। IAS राकेश कंवर को "शिक्षा, पशुपालन, भाषा, कला और संस्कृति" का सचिव बनाया गया है। इसके अलावा इनके पास एमपीपी एवं पावर और एनसीईएस का अतिरिक्त कार्यभार रहेगा।
पैंन्शनर्ज एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी द्वारा पुराना अस्पताल सायरी के समीप वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ एवं पैन्शनर्ज कल्याण संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने लगभग 30 पोधों का पौधरोपण किया। पौधरोपण करने के साथ-साथ उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि वे इन पौधों का रख-रखाव भी करते रहेंगें। वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ, सायरी के प्रधान जगदीश भारद्वाज व पैंन्शनर्ज कल्याण संघ के अध्यक्ष बेली राम राठौर ने कहा कि पौधों का मनुष्य के जीवन में बहुत महत्व है क्योंकि पौधे मनुष्य को शुद्ध प्राण वायु हवा के रूप में देतें हैं व पर्यावरण को भी स्वच्छ रखते हैं। दोनों संघों ने लोंगों से अधिक से अधिक क्षेत्र में पौधरोपण करने की अपील की हैं।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने वाहन योग्य पुलों की रिपोर्ट मांगी है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को इस माह के अंत तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। लोक निर्माण विभाग ने इंजीनियरों को पुलों का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया कि प्रदेश में पुल कितने मजबूत एवं सुरक्षित हैं? ऑडिट रिपोर्ट के बाद जो पुल मरम्मत करने योग्य होंगे, उन्हें ठीक किया जाएगा। जो बिल्कुल खस्ताहाल हैं, उनकी जगह नए पुल का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग को वेली ब्रिज तैयार करने के भी निर्देश दिए है। खस्ताहाल पुलों की जगह पहले बेली ब्रिज स्थापित होंगे, उसके बाद आरसीसी के पुलों का निर्माण किया जाएगा। हिमाचल में बीते साल प्राकृतिक आपदा के चलते दो दर्जन पुल बाढ़ में बह गए, जबकि कई को नुकसान पहुंचा है। कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके चलते सरकार पुलों का ऑडिट करवा रही है। सरकार ने लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए हैं कि जोन, मंडल या उपमंडल स्तर पर इंजीनियरों की टीमों का गठन कर सभी पुलों का निरीक्षण करें। अगर इंजीनियरों को लगा कि पुल ठीक करने योग्य है, ऐसी स्थिति में ही उसे दुरुस्त करने का प्लान तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बीते साल आपदा के चलते लोक निर्माण विभाग को 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस बार भी कुल्लू और शिमला में बादल फटने से पुलों और सड़कों को 500 करोड़ का नुकसान हो चुका है। पानी के बहाव के साथ चट्टानें और पेड़ पुलों से टकराते हैं, इससे पुलों को नुकसान होता है। ऐसे में पुलों का ऑडिट जरूरी है।
मानसून सीजन खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। सितंबर माह से मानसून लौटना शुरू करेगा, लेकिन इससे पहले एक बार मानसून रफ्तार पकड़ चुका है। हिमाचल प्रदेश में कई दिनों से मौसम लगातार खराब बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को भी बारिश देखने को मिली है। वहीं, बारालाचा, कुंजुम पास, रोहतांग दर्रा, शिंकुला सहित कई चोटियों पर हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा को छोड़कर अन्य जिलों में 20 अगस्त से लेकर 22 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश, लैंडस्लाइड, बाढ़ और फ्लैश फ्लड को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग की ओर से जारी किए गए बुलेटिन के मुताबिक बारिश के कारण नदी, नाले उफान पर रह सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार 20 अगस्त को सबसे अधिक बारिश कांगड़ा में 39.9, मंडी में 37 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश लाहौल स्पीति में दर्ज की गई है, जबकि बीते स्पताह में कांगड़ा में सबसे अधिक 241.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश के कारण प्रदेश में तापमान सामान्य बना हुआ है। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है। सबसे अधिक तापमान ऊना में दर्ज किया गया है। वहीं, शिमला में 20 डिग्री, सुंदरनगर में 26, केलंग में 23 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बता दें कि वहीं, प्रदेश में 107 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ। इनमें शिमला में 48, मंडी और कुल्लू में 24-24 सड़कें बाधित हैं। कई क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली सेबा भी बाधित हैं। सोमवार को प्रदेश में 146 सड़कों पर यातायात ठप रहा। इसके अतिरिक्त 301 बिजली ट्रांसफार्मर और 20 जल आपूति योजनाएं ठप चल रही हैं। सबसे ज्यादा सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर शिमला, कुल्लू, मंडी जिले में प्रभावित हुई थी।
सेवा निवृत्ति कर्मचारी यूनियन कुनिहार इकाई ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन द्वारा उठाई कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है।आज प्रेस वार्ता में कुनिहार में कर्मचारी यूनियन संगठन इकाई के अध्यक्ष विनोद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि सचिवालय सेवाएं संगठन द्वारा उठाई गई कर्मचारियों की मांगों का कुनिहार पेंशनर एसोसिएशन भरपूर समर्थन करता है, जिसमें इकाई के सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा है कि महंगाई भत्ते की बकाया राशि शेष बची महंगाई भत्ते की 12 प्रतिशत किस्तों को जल्द जारी किया जाए। संशोधित वेतनमान की बकाया राशि का भी शीघ्र अति शीघ्र भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि सचिवालय यूनियन की ओर से उठाएं अन्य कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का भी पुरजोर समर्थन करते हैं। यदि इस विषय में संघर्ष की राह भी चुननी पड़ी तो सेवानिवृत कर्मचारी इसके लिए भी पीछे नहीं रहेंगे, जिसके लिए सभी सेवा निवृत कर्मचारी हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं संगठन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े है।
साई इंटरनेशनल स्कूल में बीते कल रक्षाबंधन का पर्व स्कूल के सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्री-नर्सरी से कक्षा दो तक के विद्यार्थी पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे आए। इस मौके पर राखी मेकिंग और थाली सजावट कर नन्हें बच्चों ने पर्व मनाया। रक्षा बंधन उत्सव में शिक्षकों ने छात्रों को इस त्योहार के महत्व को समझाया। वही नर्सरी एवं किंडर गार्डन की छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बांध इस त्योहार को मनाया। कक्षा 3 से कक्षा 8 तक की छात्राओं ने भी छात्रों को राखी बांधकर एकता का संदेश दिया। स्कूल प्रबंधक रमिंद्र बावा ने कहा कि हमारे त्योहार हमारी संस्कृति और परंपराओं को संयुक्त रूप से दर्शाने का काम करते हैं।
** मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि ** राजीव गांधी के योगदान को किया गया याद सद्भावना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज छोटा शिमला स्थित राजीव चौक पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की जयन्ती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को सद्भावना दिवस शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी को राष्ट्र आधुनिक भारत निर्माता के रूप में जानता है। प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान उन्होंने लोगों और समाज की सोच को बदलने के लिए अनेक दूरदर्शी निर्णय लिए। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल के दौरान वह नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के अध्यक्ष थे। एनएसयूआई की मांग पर राजीव गांधी ने युवाओं के मताधिकार के उपयोग की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की, ताकि देश का युवा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सके। उनके कार्यकाल की यह सबसे बड़ी उपलब्धि थी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी के दूरदर्शी निर्णयों के फलस्वरूप आज भारत सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी देश बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने जब भारत की सुपर कम्प्यूटर की मांग को ठुकराया, तब उनके सशक्त नेतृत्व ने देश ने सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए निर्णायक कदम उठाए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं के अधिकारों की उन्होंने पुरजोर वकालत की और पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने विधानसभा और संसद में महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण के लिए आवाज उठाई। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा व संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, पार्षदगण, मुख्यमंत्री के ओएसडी रितेश कपरेट और अन्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मंडी: कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के बाद देशभर में गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिला डॉक्टर की निर्मम हत्या के बाद से देशभर के डॉक्टर अपना रोष जाहिर कर रहे हैं। प्रदेशभर में 17 अगस्त से डॉक्टर हड़ताल पर हैं। मृतक महिला डॉक्टर के लिए न्याय और अपने लिए सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। मंडी जिले में लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर रखी हैं। हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ की बैठक में 20 अगस्त को भी ओपीडी बंद रखने और आपातकालीन सेवाओं को ही जारी रखने का निर्णय लिया गया है। कोलकाता में महिला डॉक्टर की रेप के बाद हत्या के विरोध में रेजिडेंट डॉक्टर्स, प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विभिन्न विभागों के डॉक्टर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। वहीं, ओपीडी सेवाएं बंद होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि आपात स्थिति में मरीजों को हर संभंव इलाज दिया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कोलकाता में प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी को लेकर पूरे देश में गुस्सा है। अस्पतालों में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर अपने कार्य स्थल पर ही सुरक्षित नहीं होंगे तो उनकी सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा जरूर होता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मामले का राजनितिकरण नहीं होना चाहिए और इस प्रकार के जघन्य अपराध में पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन कर रही महिला चिकित्सक ने कहा कि डॉक्टरों को रात्रि सेवा के दौरान अपनी सुरक्षा की चिंता होती है और इसके कारण उनका काम भी प्रभावित होता है। डॉक्टर के ऊपर पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित महिला डॉक्टर के मामले में जल्द से जल्द न्याय दिया जाए और डाक्टरों की सुरक्षा को सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।


















































