ऑनलाइन साइबर ठगी के मामलों में नूरपुर पुलिस ने सफलता हासिल की है। जिला नूरपुर में वर्ष 2023 एवं 2024 के दौरान पुलिस थाना नूरपुर में ऑनलाइन साइबर ठगी के दो मामले दर्ज हुए थे। जिसमें पहला मामला 23.03.2023 को IPC की धारा 420 के तहत शिकायतकर्ता हरबंस सिंह निवासी तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से 03 लाख रुपये की ठगी के आरोप में दर्ज किया गया था। वहीं दूसरा मामला 18.01.2024 को IPC की धारा 420 के तहत शिकायतकर्ता शिमला देवी निवासी तहसील नूरपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) से अज्ञात आरोपियों द्वारा फोन कॉल के माध्यम से कुल 3,20,000/- रुपये गूगल पे के माध्यम से ठगने के आरोप में दर्ज किए गए थे। दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जिला नूरपुर द्वारा विशेष रणनीति के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग, बैंक लेन-देन की जांच तथा अन्य राज्यों में दबिश देकर लगातार कार्रवाई की। टीम के सतत प्रयासों से पहले मामले में शिकायतकर्ता हरबंस सिंह को 03 लाख रुपये वापस दिलाने में सफलता प्राप्त हुई है। दूसरे मामले में जांच के दौरान पुलिस टीम जब आरोपी की गिरफ्तारी हेतु बिहार पहुंची तो मुख्य आरोपी महाबीर कुमार निवासी पश्चिम चंपारण, बिहार वहां से फरार होकर गुजरात भाग गया। पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए आरोपी को सूरत (गुजरात) से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है तथा इन मामलों में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (एआईएमएसएस) चमियाणा परिसर में मंगलवार सुबह एक कुत्ता मानव पैर का हिस्सा मुंह में लेकर घूमता हुआ दिखाई दिया। इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह इंसानी अंग अस्पताल में की गई एम्प्यूटेशन (शरीर का अंग काटने) प्रक्रिया के बाद मेडिकल वेस्ट में रखा गया था। यह किसी दुर्घटना के मामले में किया गया था। अस्पताल प्रशासन ने इस लापरवाही के संबंध में सफाई सुपरवाइजर से जवाब तलब किया है। अस्पताल के स्तर पर यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि कटे हुए अंगों के निपटान की उचित व्यवस्था होती है। पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है। इस समिति में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट लीलावती, बायो मेडिकल वेस्ट के नोडल अधिकारी राजेश वर्मा और मैट्रन लीला बोध को शामिल किया गया है। यह समिति मामले की पूरी जांच कर तथ्यों का पता लगाएगी, जिम्मेदारी तय करेगी और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए संभावित चूक की पहचान करेगी। प्रशासन के अनुसार, समिति आज शाम 5 बजे तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन ने हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर संकट में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले बड़े-बड़े मंचों से घोषणा की गई थी कि आधुनिक रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा आम लोगों को राहत देने के लिए लाई जाएगी और इसे हिमकेयर के दायरे में शामिल किया जाएगा, लेकिन आज स्थिति यह है कि न केवल रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ा दी गई है बल्कि सामान्य उपचार भी महंगा कर दिया गया है। यह सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात है, जिनके लिए ये योजनाएं जीवनरेखा मानी जाती थीं। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार एक ओर मुफ्त इलाज का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी ओर आयुष्मान भारत और हिमकेयर के तहत अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा। करोड़ों रुपये की देनदारी लंबित होने के कारण कई अस्पताल योजनाओं के मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं या फिर आधा-अधूरा इलाज कर उन्हें बाहर से दवाइयां और इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार की प्रशासनिक विफलता और आर्थिक कंगाली का परिणाम है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में कैंसर, हृदय रोग, किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों की जीवनरक्षक दवाइयों की भारी कमी बनी हुई है। मरीजों को हजारों रुपये के इंजेक्शन और जरूरी दवाइयां निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं। गरीब परिवार, जो इन योजनाओं के सहारे इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, उन्हें निराशा हाथ लग रही है। कई मामलों में ऑपरेशन टल रहे हैं, जांचें बाहर करवानी पड़ रही हैं और मरीज आर्थिक व मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में साफ अंतर दिखाई दे रहा है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील व्यवस्था के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जब सरकार ने खुद रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा का प्रचार किया, तो उसे यह भी सुनिश्चित करना चाहिए था कि उसका लाभ गरीबों तक पहुंचे। लेकिन अब फीस बढ़ाकर इसे आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है और उसे न तो मरीजों की चिंता है और न ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की कोई ठोस योजना। उन्होंने मांग की कि हिमकेयर और आयुष्मान के तहत लंबित सभी भुगतान तुरंत जारी किए जाएं, अस्पतालों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और रोबोटिक सर्जरी की बढ़ी हुई फीस को तुरंत वापस लिया जाए। यदि सरकार ने शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो भाजपा इस जनविरोधी नीति के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को अपनी विफलताओं का जवाब देना ही होगा।
मंडी जिले के सुंदरनगर के बेच्छना गांव के निवासी और भारतीय सेना में नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ पर पहुंचकर इतिहास रच दिया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। यह विशेष अभियान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और जवाहर पर्वतारोहण संस्थान के संयुक्त दल द्वारा संचालित किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पर्वतारोहण कौशल का प्रदर्शन करना था। नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह इस दल के महत्वपूर्ण सदस्य रहे और उन्होंने अपने अनुशासन, धैर्य और साहस से मिशन को सफल बनाया। बता दें कि दक्षिण अमेरिका में स्थित माउंट अकोंकागुआ लगभग 6,961 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे विश्व की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है। यहां का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है। तेज बर्फीली हवाएं चलती हैं और ऑक्सीजन की भारी कमी पर्वतारोहियों की परीक्षा लेती है। इन कठिन परिस्थितियों के बीच 22 फरवरी 2026 को दोपहर 2:10 बजे नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह ने शिखर पर पहुंचकर तिरंगा लहराया और इतिहास रच दिया। वहीं इस खबर से सुंदरनगर के बेच्छना गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने भी नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसे हिमाचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
जिला पुलिस शिमला ने छोटा शिमला मंदिर में हुई दान पेटी चोरी के मामले का त्वरित खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चोरी हुई दान पेटी तथा नकद राशि भी बरामद कर ली है। इस सम्बन्ध में थाना पूर्व (PS East) में अभियोग संख्या 16/2026 दिनांक 23.02.2026 को धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (पूर्व धारा 379 आईपीसी) के अंतर्गत मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। सूचना मिलते ही थाना पूर्व शिमला की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और संदिग्धों से पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्यों व स्थानीय सूचना के आधार पर पुलिस ने जय प्रकाश (31 वर्ष) पुत्र जलम सिंह, निवासी गांव फागू, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान चोरी हुई दान पेटी गांव कुम्हाली (कुसुम्पटी वन क्षेत्र) के समीप से बरामद की गई। आरोपी के कब्जे से नकद राशि भी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है। वहीं जिला पुलिस ने धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि दान पेटियों व अन्य मूल्यवान वस्तुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त निगरानी, सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था तथा सतर्कता बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
सीएसआईआर-आईएचबीटी (CSIR-IHBT), पालमपुर के वैज्ञानिकों के दल ने 'सीएसआईआर स्मार्ट विलेज मिशन मोड प्रोजेक्ट' के तहत 8 से 10 फरवरी, 2026 तक केंद्रपाड़ा (ओडिशा) के कुसुनपुर गाँव का दौरा किया। यह पहल प्रधानमंत्री के "विकसित भारत" के दृष्टिकोण के अनुरूप है। इस दौरे के दौरान, टीम ने आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने और तकनीकी प्रसार की रणनीतिक संभावनाओं की पहचान करने के लिए ग्रामीणों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत अधिकारियों, 'नेचर्स क्लब' के सदस्यों, शिक्षकों और छात्रों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में सीएसआईआर-आईएचबीटी की परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों पर तकनीकी व्याख्यान और प्रदर्शनी-सह-प्रदर्शन भी आयोजित किए गए। स्थानीय स्तर पर इन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए, टीम ने समुदाय को उच्च गुणवत्ता वाले फूलों के बीज और पोषण से भरपूर खाद्य उत्पाद वितरित किए। चर्चाओं से यह निष्कर्ष निकला कि व्यावसायिक पुष्पकृषि, शुष्क पुष्प तकनीक, मधुमक्खी पालन और स्थानीय जैव-संसाधनों का मूल्यवर्धन, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा, टीम ने महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए वैज्ञानिक हस्तक्षेपों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम का समापन किसानों के लिए उठी हुई नर्सरी क्यारी तैयार करने के व्यावहारिक प्रदर्शन के साथ हुआ।
हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में 1 मार्च से 4 मार्च तक राष्ट्रीय स्तरीय होली उत्सव-2026 आयोजित होने जा रहा है। इस बार इस उत्सव में कई नई गतिविधियां शामिल की जा रही हैं। उत्सव को आकर्षक बनाने के लिए आयोजन समिति विशेष प्रयास कर रही है। वहीं उत्सव के उद्घाटन अवसर पर 1 मार्च की शाम को टीहरा के ऐतिहासिक किले से आकाशीय लालटेन उड़ाई जाएंगी। ये लालटेन उत्सव स्थल चौगान की ओर जाएंगी, जिससे सुजानपुर का आसमान रोशनी से जगमगा उठेगा। जिसकी जानकारी उपायुक्त एवं राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव सुजानपुर-2026 की आयोजन समिति की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ ने दी। इस दौरान ऐतिहासिक किले के परिसर में दीप भी प्रज्जवलित किए जाएंगे। यह उद्घाटन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण होगा। उपायुक्त ने यह भी बताया कि 3 मार्च की शाम 6:30 बजे व्यास नदी के किनारे व्यास आरती का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि होली उत्सव को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई अन्य गतिविधियों की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। इस होली मेले में प्रदेश के मुख्यमंत्री बतौर मुख्य अतिथि आते हैं। तथा क्षेत्र के विकास के लिए कई योजनाएं उनके द्वारा लाई जाती हैं। वहीं 10 मार्च को सुजानपुर में भव्य एयर शो आयोजित होगा, जिसके लिए रक्षा मंत्रालय से भी मंजूरी मिल चुकी है।
योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंसेज ने बाइटएक्सएल के सहयोग से "जनरेटिव एआई पर एक व्यावहारिक कार्यशाला: निर्माण, सृजन और स्वचालन" शीर्षक से एक आकर्षक और व्यावहारिक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का संचालन बाइटएक्सएल के डॉ. शमनेश शर्मा ने किया, जिन्होंने जनरेटिव एआई और स्वचालन के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र पर एक ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने छात्रों को चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी, परप्लेक्सिटी, माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट, नोटबुक एलएम, जैपियर और एन8एन सहित कई उन्नत एआई उपकरणों से परिचित कराया। लाइव प्रदर्शनों और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से, प्रतिभागियों ने विचारों को बुद्धिमान समाधानों में, संकेतों को उत्पादकता में और अवधारणाओं को स्वचालित कार्यप्रवाहों में परिवर्तित करना सीखा। इस सत्र में विभिन्न विषयों के छात्रों ने भाग लिया, जिससे यह अत्यधिक संवादात्मक और आकर्षक बन गया। प्रतिभागियों ने संकेत इंजीनियरिंग, एआई-संचालित अनुसंधान, सामग्री निर्माण और कार्यप्रवाह स्वचालन में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इस कार्यशाला में जनरेटिव एआई के व्यापार, मीडिया, अनुसंधान और डेटा प्रबंधन में वास्तविक अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डाला गया। योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंसेज के प्रमुख डॉ. पंकज वैद्य ने कहा कि इस तरह की उद्योग-उन्मुख कार्यशालाएं अकादमिक शिक्षा और व्यावसायिक आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटने में सहायक होती हैं। इस कार्यक्रम ने छात्रों को उभरती प्रौद्योगिकियों से परिचित कराया और उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में करियर के अवसरों का पता लगाने के लिए तैयार किया।
देहरा क्षेत्र में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय देहरा को अवैध खनन के संबंध में एक शिकायत भाजपा नेता डॉ. सुकृत सागर नाम से प्राप्त हुई। उक्त शिकायत के आधार पर मामले को आगे थाना हरिपुर को मार्क भी कर दिया गया। इसी प्रकार की एक शिकायत माइनिंग विभाग को भी भेजी गई, जिसे संबंधित अधिकारियों ने बिना सत्यापन के अग्रेषित कर दिया। मामले ने तब तूल पकड़ा जब डॉ. सुकृत सागर ने स्पष्ट किया कि उक्त शिकायतें उन्होंने नहीं भेजी हैं और इन पत्रों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। उन्होंने इसे उनके नाम का दुरुपयोग बताते हुए गंभीर आपत्ति जताई। डॉ. सुकृत सागर ने कहा कि यह उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की घटनाएं राजनीति में गिरते स्तर को दर्शाती हैं, जहां जनसेवा और मुद्दों की बहस के बजाय व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मेरे नाम से झूठी शिकायतें भेजना एक धोखाधड़ीपूर्ण कृत्य है, जिसका उद्देश्य मेरी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। लेकिन मैं ऐसी साजिशों और रंजिशों से डरने वाला नहीं हूं।” डॉ. सुकृत सागर ने इस संबंध में थाना हरिपुर में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है और अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
जिला सोलन में उप-रोजगार कार्यालयों में आगामी 26 और 27 फरवरी, 2026 को कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला रोजगार अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि 26 फरवरी को उप-रोजगार कार्यालय, मॉडल कैरियर सेंटर, बद्दी में 57 पदों के लिए और 27 फरवरी को उप-रोजगार कार्यालय, नालागढ़ में 86 पदों के लिए भर्ती कैंपस इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। जगदीश कुमार ने बताया कि 26 फरवरी को मैसर्ज़ हिम इंजीनियर इंडिया प्रा. लि., बद्दी के वेल्डर, प्रेस ऑपरेटर, ड्राइवर ट्रक के 17 पद तथा मैसर्ज़ अर्युदा ग्लोबल, चंडीगढ़ के ऑपरेटर, टेली कॉलर, कोऑर्डिनेटर और फील्ड इंजीनियर के 40 पदों के लिए इंटरव्यू आयोजित होंगे। वहीं 27 फरवरी को मैसर्ज़ पेंगुइन इलेक्ट्रॉनिक प्रा. लि., नालागढ़ द्वारा ट्रेनी के 80 पद और मैसर्ज़ कोमेड केमिकल, बद्दी द्वारा एग्जीक्यूटिव, हेल्पर व केमिस्ट के 6 पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू होंगे। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, आईटीआई, वेल्डर, बी.फार्मा, डी.फार्मा, बी.टेक इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आयु 19 से 40 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. पर पंजीकरण कर अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। जगदीश कुमार ने बताया कि उम्मीदवारों को सभी अनिवार्य प्रमाण पत्र और दस्तावेजों सहित प्रातः 10.30 बजे संबंधित उप-रोजगार कार्यालय में पहुंचना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कैंपस इंटरव्यू में भाग लेने के लिए कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा।
विदेश में बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर ठगी करने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला ने शिमला की रहने वाली महिला से विदेश भेजने के लिए वीजा बनाने के नाम पर 25 लाख की धोखाधड़ी की थी। इसकी शिकायत शिमला पुलिस थाने में की गई थी। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस थाना बालुगंज में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह ने बताया कि इस संबंध में अभियोग संख्या 205/25 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसकी बहन भावना को कनाडा भेजने के नाम पर आरोपियों ने करीब ₹25,00,000 की धोखाधड़ी की। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस ने चंडीगढ़ के समीप खरड़ क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं अन्य लोग भी इस ठगी का शिकार तो नहीं हुए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विदेश भेजने के नाम पर किसी भी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसकी वैधता और दस्तावेजों की पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।
युवा मोर्चा सुन्नी मंडल द्वारा आयोजित एंटी ड्रग्स क्रिकेट कप का समापन सुन्नी कॉलेज मैदान में सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों की ओर प्रेरित करना रहा। समापन समारोह में प्रदेश कार्यालय सचिव, भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, हिमाचल प्रदेश, कमलेश शर्मा बतौर विशेष अतिथि उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि आज नशा युवाओं के भविष्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है और इससे लड़ने के लिए समाज को मिलकर आगे आना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने, अपने साथियों को प्रेरित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। प्रतियोगिता में टीम थाथल अम्ब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्राप्त की। वहीं फ्रेंड्स-11 दाढ़गी उपविजेता रही, जिसे 51 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। समापन अवसर पर विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष नारायण, सुन्नी मंडल की सचिव सुनीता शर्मा, महामंत्री यश शर्मा, उपाध्यक्ष साहिल वर्मा, युवा मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता पारुल शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजकों ने भविष्य में भी नशे के खिलाफ ऐसे जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा दी जाएगी।
शिमला जिले के रामपुर बुशहर के धार गौरा ग्राम पंचायत क्षेत्र के डोईगाड़ में रविवार दिन में गोलीबारी की घटना सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोली चलाने वाला आरोपी फुंजा का निवासी बताया जा रहा है, जबकि पीड़ित की पहचान राजेश डोगरा निवासी फनोटी डोभी के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक, सुबह के समय दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर कहासुनी हुई थी। पीड़ित राजेश डोगरा का आरोप है कि बहस के दौरान आरोपी सुरेश शर्मा ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। कुछ समय बाद जब उसने आरोपी को पिस्टल के साथ देखा तो वह डरकर मौके से भागने लगा। इसी दौरान आरोपी ने पीछे से फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि गोली पीड़ित के सिर के पास से गुजरते हुए पास में खड़ी एक गाड़ी के शीशे से जा टकराई। गनीमत रही कि इस हमले में वह बच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुरेश शर्मा को हिरासत में ले लिया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और गोली चलाने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
कसौली चौक, धर्मपुर के समीप खड़ा किया गया एक टिप्पर चोरी होने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर वाहन बरामद कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन मालिक ने 21 फरवरी को अपना टिप्पर नंबर HP-64C-9622 कसौली चौक के पास खड़ा किया था। 22 फरवरी को जब उसका कंडक्टर उक्त स्थान पर पहुंचा तो टिप्पर वहां नहीं मिला। इसके बाद वाहन मालिक ने अपने स्तर पर आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बताया गया है कि उक्त टिप्पर को दो महीने पहले ही खरीदा गया था। अज्ञात व्यक्ति द्वारा 21/22 फरवरी की रात को वाहन चोरी कर लिया गया। चोरी हुए टिप्पर की अनुमानित कीमत करीब 42 लाख रुपये बताई गई है। इस संबंध में पुलिस थाना धर्मपुर में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और थाना स्तर पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने संभावित मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और विभिन्न टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए 22-02-2026 को चोरी हुआ टिप्पर हरियाणा राज्य के जिला नूंह क्षेत्र से सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में संलिप्त अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं तथा मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
राजधानी शिमला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। तारा देवी और शोधी के बीच एक बस में सवार युवक को 6.300 चिट्टे ग्राम (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार युवक की पहचान ममलिंग क्षेत्र निवासी सुभाष चंद के रूप में हुई है। पुलिस ने नियमित चेकिंग के दौरान बस को रोका और संदेह के आधार पर तलाशी ली, जिसमें युवक के कब्जे से उक्त मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि नशा कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है।
डाडा सीबा क्षेत्र के अंतर्गत आरा चौक स्थित खतरनाक यू-टर्न मोड़ पर रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 6:30 बजे के करीब संसारपुर टैरस से बाया जौड़बड होते हुए हमीरपुर की ओर जा रही बेकरी के सामान से लदी एक पिकअप गाड़ी मोड़ पर अनियंत्रित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही पिकअप आरा चौक के तीखे मोड़ पर पहुंची, चालक ने ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन ब्रेक सही तरीके से काम न करने के कारण वाहन मोड़ नहीं काट सका और सड़क से नीचे उतराई वाले कच्चे रास्ते की ओर चला गया। गाड़ी पास के मकानों के नजदीक पत्थरों से टकराकर रुक गई। गनीमत यह रही कि उस समय सामने से कोई अन्य वाहन नहीं आ रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। चालक ने बताया कि अचानक ब्रेक कम लगने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि वाहन को आंशिक क्षति पहुंची है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आरा चौक का यह यू-टर्न पहले भी कई दुर्घटनाओं का कारण बन चुका है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इस खतरनाक मोड़ पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और क्रैश बैरियर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
शिमला के कुमारसेन थाना के अंतर्गत पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को चरस की खेप के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जोगशा के पास नेशनल हाईवे-05 पर नाकेबंदी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 91.10 ग्राम चरस बरामद की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुमारसैन थाने की टीम, जिसमें महिला मुख्य आरक्षी सविता भी शामिल थीं, एनएच-05 पर नियमित गश्त और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने शक के आधार पर एक ऑल्टो कार को रुकवाया। वाहन की गहन तलाशी लेने पर पुलिस को 91.10 ग्राम चरस बरामद हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अमित कुमार (22) पुत्र निवासी गांव माहोली, डाकघर तेशन, तहसील कुमारसेन तथा राजेश (42) निवासी गांव डमाड़ी, डाकघर व तहसील कुमारसेन, के रूप में हुई है। पुलिस ने मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को शिमला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर सुरक्षित खोजकर मशोबरा नारी निकेतन में सुरक्षित पहुंचाया। दरअसल 21 फरवरी को शाम के समय सखी वन स्टॉप सेंटर मशोबरा द्वारा पुलिस चौकी मशोबरा को सूचना दी गई कि शैल्टर केस की एक महिला (उम्र लगभग 48 वर्ष), जो मानसिक रूप से अस्वस्थ है, नंगे पांव सेंटर से बाहर निकलकर बालिका आश्रम की ओर जंगल में चली गई है। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस चौकी मशोबरा की टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई तथा सखी वन स्टॉप सेंटर के स्टाफ के साथ मिलकर आसपास के जंगल व क्षेत्र में व्यापक तलाश अभियान चलाया गया। स्थानीय लोगों से भी संपर्क कर खोजबीन की गई। थोड़े समय बाद पुलिस टीम को उक्त महिला बालिका आश्रम के नीचे जंगल क्षेत्र में नंगे पांव मिली, जिसकी पहचान सखी वन स्टॉप सेंटर की कर्मचारीयों द्वारा की गई। पुलिस टीम द्वारा महिला को सुरक्षित वापस सखी वन स्टॉप सेंटर लाया गया। आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत महिला को सुरक्षित रूप से नारी निकेतन मशोबरा में पहुंचाया गया है।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में सोसाइटी ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन & रिसर्च द्वारा आयोजित 15वें वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी के छात्र ने शानदार सफलता हासिल की। सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मोनिका गुलाटी डॉ. जी डी. गुप्ता तथा डॉ. उपेंद्र नगीच उपस्थित रहे। इस सम्मेलन में पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में कुल 138 प्रतिभागियों ने भाग लिया। लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी के एम. फार्मेसी (फार्मास्यूटिक्स) के छात्र अभिषेक शर्मा ने अपने उत्कृष्ट शोध कार्य के माध्यम से पोस्टर प्रेजेंटेशन में द्वितीय स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि पर संस्थान के प्रबंधक एवं निदेशक डॉ. रण सिंह तथा प्राचार्य एवं निदेशक डॉ. एम. एस. अशावत ने छात्र को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। फार्मास्यूटिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय पंडित ने भी अभिषेक शर्मा को उनकी सफलता पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके अतिरिक्त, संस्थान से एम. फार्मेसी के 25 तथा फार्म.डी. के 30 विद्यार्थियों ने भी इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। डॉ तरुण डॉ स्वाति सहायक प्रोफेसर केशव भी इस कांफ्रेंस मैं मौजूद रहे।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। PIT NDPS Act के तहत जिला पुलिस ने 25 दिनों में 18 आदतन संगठित नशा तस्करों को डिटेंशन आदेश के आधार पर हिरासत में लेकर 3 माह के लिए जेल भेजा है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना जुब्बल की टीम ने 21 फरवरी 2026 को सुरेश कुमार उर्फ पप्पू, पुत्र प्रताप सिंह, निवासी गाँव शैलापानी (बढ़ाल), डाकघर दोची, तहसील जुब्बल को हिरासत में लिया गया। जिसके खिलाफ NDPS एक्ट में चिट्टा बरामदगी के 2 मामले दर्ज थे। वहीं दूसरा व्यक्ति रजत औक्टा उर्फ बन्नी, निवासी गाँव गुन्ट्र, पुराना जुब्बल, जिला शिमला जिसके खिलाफ भी NDPS एक्ट के तहत चिट्टा बरामदगी के तीन मामले दर्ज है। जिला पुलिस द्वारा उपरोक्त दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर नजरबंदी हेतु कंडा जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के अवैध व्यापार की आपूर्ति श्रृंखला को विखंडित करना, संगठित तस्करी नेटवर्क को कमजोर करना तथा संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में अवैध गतिविधियों में शामिल होने से रोकना है, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर लगाम लगाने के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को PIT NDPS अधिनियम के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक नजरबंदी) में लिया है। पुलिस का कहना है कि यह कदम समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने और भविष्य में अपराध रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह कार्रवाई (PIT NDPS) के प्रावधानों के तहत की गई है। पहला आरोपी मनोज उर्फ मन्ना, निवासी ग्राम कार्याली, डाकघर मलूथी, जिला शिमला के खिलाफ पुलिस थाना रामपुर में FIR संख्या 131/2023 और 30/2025 दर्ज हैं। पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों से सामने आया है कि वह एक संगठित ड्रग नेटवर्क का मुख्य संचालक है और पर्दे के पीछे से पूरे गिरोह को संचालित करता था। दूसरा आरोपी अंकित ठाकुर, निवासी ग्राम नीरथ, तहसील रामपुर, जिला शिमला के खिलाफ भी पुलिस थाना रामपुर में 47.74 ग्राम और 30.88 ग्राम चिट्टा बरामद होने के मामले दर्ज हैं। खुफिया सूचनाओं के आधार पर उसे भी गिरफ्तार किया गया है। तीसरा आरोपी गोविन्द सिंह को तीन मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ कुमारसेन और रामपुर थानों में दर्ज मामलों में कुल मिलाकर 6.30 ग्राम, 87.87 ग्राम और 6.13 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। वहीं चौथा आरोपी लोकिंदर कंवर को दो मामलों में गिरफ्तार किया गया था। कोटखाई थाना में दर्ज मामलों में उससे 52.75 ग्राम चरस, 3.17 ग्राम और 30.640 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों को निवारक नजरबंद करने का उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना और भविष्य में ऐसी गतिविधियों को रोकना है। जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और युवाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई आगे भी की जाएगी।
धर्मशाला के दाडी फीडर में 21 फरवरी को बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। यह जानकारी विद्युत उपमंडल नंबर-2 के सहायक अभियंता रमेश चंद ने दी है उन्होंने बताया कि विद्युत लाइनों के सामान्य रखरखाव कार्य के चलते 11 केवी दरी फीडर से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि पासू, भाटेड़, पंतेहड़, शीला चौक, शीला तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक अथवा कार्य पूर्ण होने तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मौसम खराब रहता है तो निर्धारित शटडाउन अगले दिन किया जाएगा। सहायक अभियंता ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि रखरखाव कार्य सुचारु रूप से संपन्न करने के लिए उपभोक्ता निर्धारित समय के दौरान आवश्यक प्रबंध कर लें।
जिला कुल्लू के अंतर्गत पुलिस थाना भून्तर की टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 फ़रवरी को पुलिस थाना भून्तर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ा भूईन स्थित एक रिहायशी मकान में दबिश दी। दबिश के दौरान कमरे में रह रहे किरायेदार अर्जन मसीह (21 वर्ष) पुत्र काला मसीह, निवासी वार्ड नं. 1 फॉरेस्ट चौक शमशी, डाकघर शमशी, तहसील भून्तर, जिला कुल्लू के कब्जे से 40 ग्राम चिट्टा/हेरोइन, ₹4,500 नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन तथा एक लाईटर बरामद किया गया। बरामदगी के संबंध में आरोपी के विरुद्ध पुलिस थाना भून्तर में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त, आपूर्ति स्रोत और संभावित नेटवर्क के संबंध में गहन जांच की जा रही है। मामले में आगामी कार्रवाई जारी है।
बी. एल. सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुनिहार में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा पर चर्चा विषय पर एक अत्यंत प्रेरणादायक, मार्गदर्शक एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त रखते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ सफलता की ओर अग्रसर करना रहा। अपने प्रेरक संबोधन में अध्यक्ष महोदय ने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा किसी भी छात्र के ज्ञान, अनुशासन और धैर्य की वास्तविक परीक्षा होती है, जिसे भय नहीं बल्कि अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बताते हुए नियमित अध्ययन और योजनाबद्ध तैयारी पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्मार्ट अध्ययन तकनीकों, प्रभावी संशोधन रणनीतियों, तथा पाठ्यक्रम को सरल एवं व्यवस्थित ढंग से तैयार करने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि “स्वास्थ्य ही धन है”, अतः परीक्षा के समय पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सकारात्मक दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को परीक्षा हॉल में पालन किए जाने वाले दिशानिर्देशों, अनावश्यक तुलना से बचने, तथा डिजिटल उपकरणों के सीमित एवं अनुशासित उपयोग के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और परीक्षा में सफलता हेतु माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसके अतिरिक्त, बच्चों को आत्मविश्वास बनाए रखने, सकारात्मक सोच विकसित करने, तथा तनाव-मुक्त रहकर परीक्षा देने के प्रभावी उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणास्पद बताते हुए विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के मार्गदर्शक कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर आत्मबल, अनुशासन और सफलता की दृढ़ इच्छा शक्ति को विकसित करते हैं, जिससे वे न केवल परीक्षा में बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
जिला रोजगार अधिकारी किन्नौर सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने जानकारी दी कि जिला किन्नौर में एसआईएस इंडिया लिमिटेड, आरटीए बिलासपुर द्वारा सुरक्षा गार्ड व सुरक्षा पर्यवेक्षक के लिए 120 पद निकाले गए हैं, जिसके लिए जिला रोजगार कार्यालय किन्नौर कैंपस साक्षात्कार करवा रहा है। उन्होंने बताया कि पर्यवेक्षकों का वेतन 17,500 से 23 हजार रुपए प्रतिमाह होगा। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास, आयु वर्ग 19 से 40 वर्ष, अभ्यर्थी की लम्बाई 168 सेंटीमीटर से ऊपर तथा वजन 54 किलोग्राम से अधिक होना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि इच्छुक उम्मीदवार जो इस पद से सम्बन्धित योग्यता रखते हो, वह अपने सभी अनिवार्य दस्तावेजों व बायो-डाटा सहित 26 फरवरी, 2026 को रोजगार कार्यालय रिकांग पिओ, 27 फरवरी, 2026 को उप रोजगार कार्यालय पूह व 28 फरवरी, 2026 को उप रोजगार कार्यालय भावानगर में प्रातः 11ः00 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। इसके अलावा चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को एक माह की ट्रेनिंग के दौरान किट आइटम के लिए 13,500 व 350 रुपए पंजीकरण की फीस रहेगी।
कांग्रेस शासित शिमला नगर निगम शुक्रवार को अपना बजट पेश कर रहा है। महापौर सुरेंद्र अपना तीसरा बजट पेश करने के लिए बचत भवन पहुंचे और जैसे ही बजट पेश करने लगे तो भाजपा पार्षदों ने सदन के अंदर हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी करने लगे। भाजपा पार्षद परशुराम ने आरोप लगाया कि महापौर का कार्यकाल खत्म हो गया है और अभी यह सीट खाली है ढाई साल के लिए ही महापौर बनाया था और उनकी जगह किसी महिला को महापौर बनाया जाना था। लेकिन सरकार ने 5 साल के लिए कार्यकाल कर दिया है और इसकी अभी तक राज्यपाल से भी मंजूरी नहीं मिली है ऐसे में महापौर बजट पेश नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला भी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा कि ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब महापौर के पद पर महिला काबिज होनी थी। लेकिन सरकार ने 5 साल का कार्यकाल कर दिया है जोकि महिलाओ के साथ अन्याय है। साथ ही राज्यपाल से भी अभी कार्यकाल बढ़ाने को लेकर मंजूरी नहीं मिली है। महापौर सुरेंद्र चौहान बजट पेश नहीं कर सकते हैं। यह संविधान के खिलाफ है। भाजपा इसका विरोध करती है उन्होंने कहा कि दो बार पहले जो बजट पेश किया गया है उसमें जो वादे किए थे वह भी अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं ऐसे में झूठे वादे बजट में इस बार भी किए गए हैं इसका विरोध करते हैं।
छात्र राजनीति से अपनी अलग पहचान बनाने वाले शुभम वर्मा को NSUI संगठन का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जमीनी स्तर से कार्य करते हुए उन्होंने छात्र हितों और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। पूर्व में शिमला जिला अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव जैसे अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके शुभम वर्मा को आम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है। उनकी सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद आज शुभम वर्मा ने प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात की। इस दौरान युवाओं की भागीदारी, संगठन की आगामी रणनीति और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने शुभम वर्मा को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और आशा जताई कि वे संगठन को और अधिक मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं शुभम वर्मा ने कहा कि वे युवाओं की आवाज को मजबूती से सरकार और संगठन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। प्रदेश राजनीति में शुभम वर्मा की यह नई भूमिका युवा नेतृत्व के सशक्तिकरण के रूप में देखी जा रही है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), शिमला की ओर से पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय, कुनिहार में वीरवार को दो दिवसीय विकसित भारत चित्र प्रदर्शनी एवं जन सूचना अभियान का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों और युवाओं को देश की वैज्ञानिक, सामरिक और विकासात्मक उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में भारत के अंतरिक्ष अभियान की ऐतिहासिक सफलता चंद्रयान 3 से लेकर सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर तक की उपलब्धियों को आकर्षक चित्रों और विवरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। साथ ही सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की मारक क्षमता और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई। प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश की तीन रामसर साइट रेणुका झील, चंद्र ताल व पौंग डैम को भी प्रमुखता से दर्शाया गया। इसके अलावा ऐम्स बिलासपुर, आई आईटी मंडी सहित प्रदेश में विकसित हो रहे राष्ट्रीय राजमार्गों और केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार यादव ने किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका अहम है। इस तरह के आयोजन युवाओं को देश की उपलब्धियों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्र सूचना कार्यालय शिमला के सहायक निदेशक संजीव कुमार शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य आमजन विशेषकर युवाओं को केंद्र सरकार की योजनाओं और भारत की उपलब्धियों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम की शुरुआत जन जागरूकता रैली से हुई, जिसमें 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने विकसित भारत 2047 और स्वच्छता अभियान के संदेश के साथ लोगों को जागरूक किया। इसके बाद चित्रकला और नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यालय की उप प्राचार्य अनिता कंवर ने आभार व्यक्त किया। दूसरे दिन विकसित भारत विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
कालेश्वर इलेवन टीम ने बाबा ब्लोटू क्रिकेट टूर्नामेंट सीज़न 2 का फाइनल मुकाबला जीता। यह क्रिकेट मैच नलसुहा वॉरियर्स और कालेश्वर इलेवन के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में कालेश्वर इलेवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम कालेश्वर इलेवन को 11,000 रुपये की नकद राशि और बड़ी ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। साथ ही टीम के सभी खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। उपविजेता नलसुहा वॉरियर्स को 7,100 रुपये की धनराशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। इस टूर्नामेंट का आयोजन नलसुहा के युवाओं ने मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया था। टूर्नामेंट में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
शिमला पुलिस ने संजौली थाने में दर्ज मामले में गुम हुई एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार, तहसील अर्की (जिला सोलन) की रहने वाली एक लड़की 13 फरवरी 2026 को बिना बताए घर से चली गई थी। उसके पिता ने 15 फरवरी को थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने तुरंत तलाश शुरू की और लड़की को सुरक्षित ढूंढ लिया। जांच में पता चला कि वह अपनी मर्जी से घर से गई थी। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे उसके पिता को सौंप दिया। इस सम्बन्ध में पुलिस थाना संजौली में मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान जिला पुलिस शिमला ने सभी अभिभावकों एवं परिवारजनों से अपील की है कि वे बच्चों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें, उनकी भावनाओं और समस्याओं को गंभीरता से समझें तथा उनकी गरिमा का सम्मान करें। पुलिस ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें और उनके मित्र-मंडल व दिनचर्या पर संवेदनशील निगरानी रखें। पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि किसी प्रकार की गलत संगति, संदिग्ध गतिविधि या व्यवहार की जानकारी मिले तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बुधवार 18 फरवरी को थाना चिड़गांव क्षेत्र में पब्बर नदी के किनारे एक नेपाली मूल के व्यक्ति का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान राकेश प्रताप (36 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार शव पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। मृतक के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने के संकेत मिले हैं तथा उसके हाथ-पांव बंधे हुए थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, जिन्हें सुरक्षित कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं, जिनमें 17 फरवरी को मृतक के साथ दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए हैं। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है तथा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। घटनास्थल पर डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई है। पुलिस की विशेष टीमें तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला के जन्मदिन के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले प्रेरणा दिवस का आयोजन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी सदस्य कृतज्ञता, प्रेरणा और उत्कृष्टता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति नवप्रवर्तित प्रतिबद्धता की भावना से एकजुट हुए। समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय मंदिर में हवन के साथ हुआ, जिसके बाद वृंदावन उद्यान में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जो सतत विकास और पर्यावरण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। दिन का प्रमुख आकर्षण रतन टाटा गैलरी, टैगोर सेमिनार हॉल और पहल फाउंडेशन कियोस्क सहित महत्वपूर्ण सुविधाओं का उद्घाटन था। ये पहलें नवाचार, सामाजिक प्रभाव और अनुभवात्मक शिक्षा पर विश्वविद्यालय के निरंतर ध्यान को दर्शाती हैं। कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला ने सरोज खोसला के साथ मिलकर शूलिनी पहल फाउंडेशन के सहयोग से सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एक पहल, प्रोजेक्ट प्रगति कियोस्क का औपचारिक उद्घाटन किया। यह कियोस्क आसपास के गांवों की ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिसमें स्थानीय रूप से उत्पादित मसाले और मूल्यवर्धित वस्तुएं शामिल हैं, जिससे उन्हें व्यापक बाजारों से जुड़ने में मदद मिलती है। शूलिनी विश्वविद्यालय के विपणन और नवाचार निदेशक प्रो. आशीष खोसला ने कहा, “प्रेरणा दिवस हमें याद दिलाता है कि कुछ भी असंभव नहीं है। यह सबसे मूल्यवान सबक है जो हमने अपने कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला से सीखा है। उनकी दूरदृष्टि, दृढ़ संकल्प और लचीलेपन ने शूलिनी विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता के संस्थान के रूप में आकार दिया है और हमें और अधिक ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।” सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एसोसिएट डायरेक्टर और हेड, पायल जिंदल खन्ना ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रगति का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को लाभार्थी होने से स्वतंत्र उद्यमी बनने में सक्षम बनाना है। उन्होंने कृषि विभाग और खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के लिए भी आभार व्यक्त किया, जिनका नेतृत्व क्रमशः डॉ. सोमेश शर्मा और डॉ. दिनेश कुमार कर रहे हैं। शूलिनी पहल फाउंडेशन के राहुल बहादुर और इस पहल में शामिल स्वयंसेवकों के योगदान को भी सराहा गया। शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर विशाल आनंद ने आगामी चरण में इस पहल को 100 गांवों तक विस्तारित करने का अपना दृष्टिकोण साझा किया, ताकि व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा सके, बाजार तक पहुंच में सुधार किया जा सके और ग्रामीण उद्यम विकास के लिए एक स्थायी मॉडल का निर्माण किया जा सके। इस समारोह में युवराज स्टेडियम में चांसलर इलेवन और रजिस्ट्रार इलेवन के बीच पारंपरिक क्रिकेट मैच भी शामिल था, जिसमें चांसलर इलेवन विजयी रही।
बुधवार को जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की 88वीं वार्षिक आम साधारण बैठक सोलन में आयोजित की गई। यह बैठक वित्त वर्ष 2024-25 की वित्तीय स्थिति, उपलब्धियों एवं भावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श हेतु बुलाई गई थी। बैठक में विभिन्न सहकारी समितियों के 209 प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 87वीं आम सभा में प्रस्तुत किए गए सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा ने वित्त वर्ष 2024-25 के विस्तृत वित्तीय आंकड़े एवं उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। उन्होंने बताया कि बैंक ने चालू वित्त वर्ष में सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। चेयरमैन मुकेश शर्मा ने बैंक के कुशल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, प्रबंधन, कर्मचारियों एवं लाखों खाताधारकों का बैंक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान हेतु आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बैंक तकनीकी सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन, युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में और अधिक प्रभावी कदम उठाएगा। इस अवसर पर असिस्टेंट रजिस्ट्रार, सोलन गिरीश नड्डा, निदेशकगण योगेश भारतीय, संजीव कौशल, रोशन वर्मा, लाजकिशोर, लक्ष्मी ठाकुर, विजय ठाकुर, पीताम्बर नेगी, प्रबंध निदेशक पंकज सूद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई और सभी प्रतिनिधियों ने बैंक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर में एचआर इंडस्ट्रीज 21 फरवरी, 2026 को कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से युवकों का चयन स्थायी नौकरी के लिए करेगी। यह जानकारी देते हुए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह कंपनी कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से 18 से 30 वर्ष तक के 100 अभ्यर्थियों का चयन नौकरी के लिए करेगी। वहीं संस्थान के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी ने बताया कि इस कैंपस साक्षात्कार में वे सभी युवक-युवतियाँ भाग ले सकते हैं जिन्होंने मशीनिस्ट, फिटर, वेल्डर, टर्नर, टूल एंड डाई मार्कर, ग्राइंडर, एलेक्ट्रोप्लेटिंग, इलेक्ट्रिकल तथा अन्य ट्रेड में आईटीआई की हो तथा जिनका उत्तीर्ण वर्ष 2020 से 2025 तक का है। कैंपस साक्षात्कार वाले दिन पर्सनल इंटरव्यू तथा मेडिकल चेक-अप के बाद कंपनी के अधिकारियों द्वारा अंतिम चयन किया जाएगा। कंपनी द्वारा चयनित होने पर अभ्यर्थियों को मासिक ₹18,697/- वेतन दिया जाएगा। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 21 फरवरी, 2026 को सुबह 10:00 बजे अपने साथ 10वीं, 10+2, आईटीआई प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट साइज फोटो तथा इन सभी की फोटोस्टेट प्रतियां लेकर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) में पधारें तथा इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएँ।
उत्तम संकल्प एजुकेशन लिमिटेड ने दो दिवसीय मेगा स्कूल किट वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट की उपाध्यक्ष सलोचना देवी के कुशल नेतृत्व में दिनांक 16 एवं 17 फरवरी 2026 को किया गया था। इस सामाजिक पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 450 से अधिक स्कूल किट (स्कूल बैग, कॉपियाँ, पेंसिल, शार्पनर एवं रबर) का वितरण लगभग 10 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को किया गया। यह वितरण कार्यक्रम बेहर, बस्सी, थेडू, जम्बल, कनोल, चपलाह तथा तियामल स्थित विद्यालयों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम समन्वयक सीए मस्तान सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें ज्ञानार्जन एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर ट्रस्ट की उपाध्यक्ष सलोचना देवी ने अपने संदेश में कहा कि,“शिक्षा ही वह आधार है जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा भी तय करती है।” इस आयोजन को सफल बनाने में जसवंत सिंह, शेली राजपूत, महेश जांगड़ा, राजन तथा अन्य सहयोगी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालयों के शिक्षकों एवं स्टाफ ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं सराहनीय कदम बताया।
गरली में स्थित लोटस इंटरनेशनल कॉन्वेंट स्कूल के पांच छात्रों ने जेईई मेन परीक्षा पास की है। शबस्तिक शर्मा, रितुल वशिष्ठ, आयुष ठाकुर, कार्तिक और आयुष ने जेईई मेन परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विद्यालय के निदेशक अश्विनी कुमार, सचिव गुरपाल सिंह पठानिया तथा प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को जाता है। प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि ये पांचों विद्यार्थी अब जेईई एडवांस परीक्षा में भी शामिल होंगे और उसके परिणाम के आधार पर उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा।
शुभम वर्मा को NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी मिली है। शुभम वर्मा लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के करीबी और छात्र राजनीति से अपनी अलग पहचान बनाने वाले युवा है। उन्होंने पूर्व में शिमला जिला अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए संगठन को मजबूती प्रदान की है। संगठन में उनकी सक्रियता, मजबूत पकड़ और युवाओं के बीच प्रभावशाली छवि के चलते वे आम छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। जमीनी स्तर पर काम करने की उनकी शैली ने उन्हें पार्टी के भीतर एक सशक्त युवा चेहरा बना दिया है। इसी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले शुभम वर्मा आने वाले समय में संगठन के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
शिमला पुलिस ने गुमशुदगी की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को सुरक्षित बरामद किया। दरअसल 17 फरवरी 2026 को पुलिस थाना ननखड़ी में विपिन कुमार ने सूचना दी कि केशव पुत्र सनक बहादुर, निवासी गांव सिदिली (नेपाल), जो वर्तमान में गांव वरमैण डाकघर खराहण, तहसील ननखड़ी, जिला शिमला में रह रहा था, 16 फरवरी 2026 को खराहण से घर लौटते समय लापता हो गया है और देर रात तक वापस नहीं आया। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक टीम गठित कर तलाश अभियान शुरू किया। खोजबीन के दौरान केशव को खराहण में रविन्द्र सिंह की दुकान के पास एक गली में सोया हुआ पाया गया। पुलिस पूछताछ में केशव ने बताया कि उसने रात में अधिक शराब का सेवन कर लिया था, जिसके कारण वह रास्ते में ही सो गया। मौके पर रिश्तेदारों और गवाहों की उपस्थिति में उसकी जांच की गई, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। केशव ने भी स्वयं को सुरक्षित और ठीक बताया। पुलिस ने गवाहों और परिजनों के बयान दर्ज कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद केशव को उसके दामाद गोपाल के सुपुर्द कर दिया गया।
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विजिलेंस ने एक फॉरेस्ट गार्ड को 5 हजार रुपए रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया। विजिलेंस थाना बद्दी की टीम ने फॉरेस्ट गार्ड समीर को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई डीएसपी विजिलेंस डॉ. प्रतिभा चौहान के नेतृत्व में की गई। जानकारी के अनुसार- आरोपी फॉरेस्ट गार्ड नालागढ़ वन विभाग के तहत दभोटा बीट में तैनात था। उस पर पेड़ कटान से जुड़े एक मामले को रफा-दफा करने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग करने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना विजिलेंस विभाग को दी, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। विजिलेंस टीम ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और आरोपी फॉरेस्ट गार्ड को रिश्वत की राशि लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। आरोपी को विजिलेंस बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सके।
हमीरपुर के भोटा में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा पेश आया है। सुबह करीब पांच बजे रेस्ट हाउस के साथ लगती चाय की दुकान में ब्लास्ट हो गया, जिससे दुकान का शटर दूर जाकर गिरा। सिलेंडर फटने के बाद दुकान में भयंकर आग लग गई, जो कि साथ लगती किराना की दुकान तक पहुंच गई। इस दौरान आग बुझाते वक्त किराना दुकान के मालिक कमलेश कुमार उर्फ़ नाथूराम भी बुरी तरह झुलस गए। हादसा इतना खौफनाक था कि दुकान का शटर भी दूर जाकर गिरा और दुकान की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। जब सुबह सिलेंडर फटा तो अन्य दो लोग राकेश कुमार व पुरूषोत्तम भी घायल हुए हैं, जिन्हें हमीरपुर हॉस्पिटल भेज दिया गया है और एक को पीजीआई रेफर कर दिया है।
अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण (ईसोमसा) के प्रवक्ता ने बताया कि सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है, वे 28 फरवरी 2026 से पूर्व अपना ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूरा कर लें। उन्होंने बताया कि लाभार्थी अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र अथवा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों सहित ई-केवाईसी सत्यापन करवा सकते हैं। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि तक ई-केवाईसी न कराने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित पेंशनर अनुपलब्ध है या पेंशन प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है। ऐसे मामलों में पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन पेंशनभोगियों का आधार कार्ड नहीं बना है या उसमें किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक है, वे संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। ई-केवाईसी सत्यापन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक या संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर सकते हैं।
मंगलवार को राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में पेंशनरों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया। प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बकाया भुगतान व वित्तीय लाभ तुरंत जारी करने की मांग उठाई। पेंशनर्स का कहना है कि अब सरकार आरडीजी बंद होने का बहाना बना रही है। जबकि इसका वेतन और पेंशन भुगतान से कोई संबंध नहीं। सरकार अलग अलग नियुक्तियों से अपने खर्च बढ़ा रही है। पेंशनरों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार वित्तीय संकट का हवाला देकर ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन, संशोधित पेंशन और महंगाई भत्ते के एरियर का भुगतान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि 28 नवंबर 2025 को धर्मशाला में हुए प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने वार्ता का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक संघर्ष समिति के शिष्टमंडल को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। वक्ताओं ने कहा कि राजस्व अनुदान घाटा (RDG) बंद होने का पेंशन और वेतन से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने सरकार पर जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पदों पर नियुक्तियों पर खर्च बढ़ाने का आरोप लगाया। धरने में चेतावनी दी गई कि यदि बजट सत्र से पहले सरकार ने पेंशनरों से बातचीत नहीं की तो विधानसभा के बाहर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और रैली की जाएगी। संघर्ष समिति ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो पेंशनरों का आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदेश की राजधानी शिमला में चक्कर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी सोमवार को एक आधिकारिक ईमेल के जरिए भेजी गई थी, जिसके बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस के मुताबिक, यह ईमेल जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सिविल एवं सत्र प्रभाग शिमला के कार्यालय को प्राप्त हुआ था। ईमेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में बम रखा गया है। सूचना मिलते ही बालूगंज पुलिस थाने की टीम डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। अदालत भवन और आसपास के सभी क्षेत्रों की बारीकी से जांच की गई। हालांकि, तलाशी के दौरान कोई भी बम या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। जांच पूरी होने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित कर दिया गया और न्यायालय का कामकाज नियमित रूप से जारी रहा। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(1)(b), 351(3), 351(4) और 152 के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
जिला सोलन के धर्मपुर क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को जिला पुलिस की एसआईयू (SIU) टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि चंडीगढ़ से शिमला जा रही उत्तराखंड परिवहन की एक बस में मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने धर्मपुर क्षेत्र में बस को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान बस में सवार एक युवक के कब्जे से 10.01 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। आरोपी की पहचान दीपक (30) पुत्र भगत राम, निवासी गांव दोलग, तहसील कंडाघाट, जिला सोलन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को 17 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।
जिला सोलन के तहत पुलिस थाना धर्मपुर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक युवक को 2.22 ग्राम चिट्टा/हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में एफआईआर नंबर 44/2026 दिनांक 15.02.2026 को धारा 21 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 फरवरी को पुलिस चौकी सुबाथू की टीम नियमित गश्त पर थी। गश्त के दौरान जब टीम नया नगर स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस के समीप पहुंची तो एक युवक पैदल आता हुआ दिखाई दिया, जो पुलिस को देखकर घबरा गया। संदेह के आधार पर पुलिस टीम ने युवक को मौके पर रोका और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 2.22 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। आरोपी की पहचान वेद प्रकाश (30 वर्ष) निवासी गांव गंभरपुल, डाकघर हरिपुर, तहसील एवं जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ थाना धर्मपुर में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। मामले में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है तथा उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा मामले की आगामी जांच जारी है।
जिला पुलिस नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के अंतर्गत दिनांक आज यानि 16.02.2026 को पुलिस चौकी सदवां क्षेत्र में नशा तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई। नाकाबंदी एवं वाहन चेकिंग के दौरान समय करीब 05:15 बजे सदवां चौक पर एक मोटरसाइकिल नंबर HP-48B-6260 (Honda Shine) को जांच हेतु रोका गया। पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया, जिन्हें मौके पर काबू किया गया। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार एक व्यक्ति के पिट्ठू बैग से 717 ग्राम चरस/कैनाबिस बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थ तथा मोटरसाइकिल को पुलिस के कब्जे में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लाल हुसैन पुत्र नेक मोहम्मद निवासी गांव मलेठी, डाकघर सिलाघराट, जिला चम्बा, उम्र 20 वर्ष तथा मोहम्मद शरीफ पुत्र मूसा निवासी गांव भलू, डाकघर सिलाघराट, जिला चम्बा, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई। इस संबंध में थाना नूरपुर में FIR नंबर 47/2026 दिनांक 16.02.2026 के तहत धारा 20, 25 व 29 ND&PS एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगामी जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश में नवाचार आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स (टीजीआई), ढलियारा, कांगड़ा में विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट, हरियाणा के सहयोग से एक आधुनिक मेमोरी लैब औपचारिक रूप से स्थापित की गई है। यह पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मस्तिष्क-आधारित शिक्षण प्रणाली और वैज्ञानिक संज्ञानात्मक प्रशिक्षण पद्धतियों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। यह मेमोरी लैब विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति, एकाग्रता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, निर्णय क्षमता तथा समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें संरचित मनोवैज्ञानिक आकलन उपकरण, माइंडफुलनेस अभ्यास तथा आधुनिक न्यूरो-लर्निंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यह परियोजना देश में कौशल-आधारित शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और वैज्ञानिक शिक्षण पद्धतियों पर बढ़ते राष्ट्रीय फोकस को भी दर्शाती है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. राजेश ठाकुर, प्रबंध निदेशक, ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, डॉ. जीतेंद्र कुमार जांगड़ा, संस्थापक निदेशक, विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट, प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. करण पठानिया, डॉ. बी. एस. चौहान, डॉ. विशाल राणा, तथा टीजीआई के संकाय सदस्यों और शैक्षणिक स्टाफ की उपस्थिति में हुआ। उनकी उपस्थिति ने इस पहल के शैक्षणिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. राजेश ठाकुर ने कहा कि आधुनिक शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों की मानसिक शक्ति, रचनात्मकता और भावनात्मक संतुलन के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीजीआई में मेमोरी लैब की स्थापना संस्थान की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को उन्नत शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान कर उनका बौद्धिक और व्यक्तिगत विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। डॉ. जीतेंद्र कुमार जांगड़ा ने बताया कि मेमोरी लैब की अवधारणा मनोविज्ञान, न्यूरोसाइंस और व्यवहारिक अध्ययन के वैज्ञानिक शोध पर आधारित है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता और मानसिक संरचना अलग होती है, जिसे सही आकलन और प्रशिक्षण द्वारा पहचाना और विकसित किया जा सकता है। यह लैब विद्यार्थियों को ओवरथिंकिंग कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा मानसिक अनुशासन विकसित करने में सहायता करेगी और शिक्षकों को भी विद्यार्थियों की सीखने की शैली समझने में मदद करेगी। प्रो. करण पठानिया ने इस पहल को भविष्य-दृष्टि वाली शैक्षणिक सुधार पहल बताते हुए कहा कि 21वीं सदी में केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में स्मरण क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच, भावनात्मक स्थिरता और संचार कौशल का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मेमोरी लैब अनुशासित, आत्मविश्वासी और सक्षम विद्यार्थियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ. बी. एस. चौहान ने भी मुख्यधारा की शिक्षा में मनोवैज्ञानिक जागरूकता और वैज्ञानिक शिक्षण उपकरणों के समावेश की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थियों के सामने तनाव, ध्यान भंग और सूचना का अत्यधिक दबाव बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिनसे निपटने में इस प्रकार की सुविधाएँ अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी। डॉ. विशाल राणा ने कहा कि यह पहल शिक्षकों के लिए भी उपयोगी है क्योंकि इससे विद्यार्थियों के व्यवहार, सीखने की प्रवृत्तियों और प्रेरणा के स्तर को समझने में सहायता मिलेगी, जिससे कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनेगा। कार्यक्रम के दौरान टीजीआई के संकाय सदस्यों ने इस सहयोग का स्वागत किया और मेमोरी लैब गतिविधियों को शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में शामिल करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर मेमोरी लैब के कार्यप्रणाली की झलक भी प्रस्तुत की गई, जिसमें स्मरण शक्ति बढ़ाने के अभ्यास, ध्यान सुधार तकनीक, व्यवहारिक आकलन तथा संज्ञानात्मक प्रशिक्षण सत्र शामिल थे। यह मेमोरी लैब विद्यार्थियों को स्मरण शक्ति और सीखने की गति में सुधार, एकाग्रता बढ़ाना और परीक्षा तनाव कम करना, प्राकृतिक प्रतिभा और योग्यता क्षेत्रों की पहचान, आत्मविश्वास, प्रेरणा और सकारात्मक सोच का विकास, करियर जागरूकता और जीवन कौशल विकास जैसे लाभ प्रदान किए। शिक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार की लैब देश के प्रगतिशील संस्थानों में तेजी से अपनाई जा रही हैं और यह वैज्ञानिक, कौशल-आधारित तथा मनोवैज्ञानिक रूप से सहायक शिक्षा प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के प्रबंधन ने क्षेत्र में उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने हेतु निरंतर नवाचार और छात्र-समर्थन पहलों को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मेमोरी लैब की स्थापना को संस्थान के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट ने देशभर के स्कूलों और कॉलेजों को भी इस मिशन से जुड़कर समान मेमोरी लैब स्थापित करने और शिक्षा परिवर्तन अभियान का हिस्सा बनने का आमंत्रण दिया है।
दिनांक 15 फरवरी 2026 को लगभग दोपहर थाना छोटा शिमला को सूचना प्राप्त हुई कि विकासनगर निवासी एक व्यक्ति की दो नाबालिग बेटियाँ घर से बिना बताए कहीं चली गई हैं। परिजनों द्वारा अपने स्तर पर काफी तलाश करने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल पाया। इस संबंध मे थाना छोटा शिमला में शिकायत दर्ज की गई। सूचना मिलते ही थाना छोटा शिमला द्वारा तुरंत पुलिस टीम गठित कर तलाश अभियान शुरू किया गया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मोबाइल फोन तकनीक का उपयोग कर मात्र 3 घंटे के अथक प्रयास के बाद दोनों नाबालिग लड़कियों को KNH शिमला के पास सुरक्षित बरामद कर लिया। दोनों लड़कियों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया है।
अग्निवीर भर्ती योजना के तहत अग्निवीर के विभिन्न पदों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसकी जानकारी निदेशक सेना भर्ती कार्यालय हमीरपुर, कर्नल श्रीधर ने दी। उन्होंने बताया कि इस भर्ती के अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर टेक्निकल, अग्निवीर क्लर्क/एसकेटी, अग्निवीर ट्रेड्समैन (8वीं एवं 10वीं पास) तथा अग्निवीर महिला मिलिट्री पुलिस के पदों के लिए योग्य अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी 13 फरवरी से 1 अप्रैल तक भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। कर्नल श्रीधर ने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान यदि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या आती है, तो वे सेना भर्ती कार्यालय, हमीरपुर में व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, पंजीकरण के लिए अभ्यर्थी का ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है। उन्होंने अभ्यर्थियों से आग्रह किया गया है कि वे आवेदन करने से पूर्व सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और समय-सीमा के भीतर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें।
शिक्षक बनने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय एकीकृत बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब 12वीं के बाद ही विद्यार्थी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर स्नातक के साथ बीएड की डिग्री ले सकेंगे। इस पाठ्यक्रम में 250 सीटें हैं। प्रवेश राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय सामान्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभ्यर्थी 10 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा 17 अप्रैल को संभावित है। परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग को पांच इकाइयों को स्वीकृति मिली है। इनमें बीए बीएड माध्यमिक, बीए बीएड मध्य, बीएससी बीएड माध्यमिक, बीएससी बीएड मध्य और बीकॉम बीएड माध्यमिक शामिल हैं। प्रत्येक इकाई में 50 सीटें रखी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार बीते वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद से अनुमति मिलने के बाद अब सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। नए शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। परीक्षा शुल्क भी तय कर दिया है। सामान्य वर्ग के लिए 1200 रुपये, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1000 रुपये तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और तृतीय लिंग वर्ग के लिए 650 रुपये शुल्क निर्धारित किया है।


















































