•   Tuesday Oct 19
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himachal pradesh corona vaccine update october 2021
In corona update

हिमाचल : राज्य में 55 प्रतिशत से अधिक पात्र आबादी को लगाई जा चुकी है कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक

स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि कोविड-19 के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में चलाए जा रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान के अन्तर्गत राज्य में कुल लक्षित पात्र आबादी में से 55.6 प्रतिशत आबादी को कोविड वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रभावी कोविड-19 टीकाकरण अभियान के कारण ही राज्य सरकार प्रदेश में कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने में काफी हद तक सफल हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 55 लाख 23 हजार पात्र लोग है, जिनका कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्य के दृष्टिगत राज्य में अब तक 30,71,853 लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाई जा चुकी हैं। प्रवक्ता ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाने के लिए लक्षित पात्र आबादी का टीकाकरण करने में जिला किन्नौर 102.8 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर जहां प्रदेश भर में अग्रणी बना हुआ हैं, वहीं जिला लाहौल-स्पीति 82.1 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर दूसरे जबकि जिला सोलन 73.6 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर तीसरे स्थान पर बना हुआ हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक लगाने में जिला बिलासपुर ने 64.7 प्रतिशत, जिला चंबा ने 42.5 प्रतिशत, जिला हमीरपुर ने 56.7 प्रतिशत, जिला कांगड़ा ने 51.1 प्रतिशत, जिला कुल्लू ने 53.6 प्रतिशत, जिला मंडी ने 51.8 प्रतिशत, जिला शिमला ने 60.2 प्रतिशत, जिला सिरमौर ने 44 प्रतिशत और जिला ऊना ने 61.3 प्रतिशत लक्ष्य को हासिल किया हैं। प्रवक्ता ने पहली खुराक लगवा चुके सभी पात्र लोगों से दूसरी खुराक लगवाने के लिए निर्धारित समयावधि पूरी होते ही जल्द से जल्द कोविड-19 के खिलाफ अपनी दूसरी खुराक लगवाने का आग्रह किया हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से बचाव के दृष्टिगत टीकाकरण के बाद भी कोविड अनुरूप व्यवहार जैसे परस्पर दूरी बनाए रखना, साबुन से हाथ धोना या सैनिटाईजर से हाथ साफ करना और मास्क का उपयोग करना आदि नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।

Corona vaccination figure in India crosses 99 crores
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भारत में कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 99 करोड़ के पार

भारत में मंगलवार तक कोरोना वैक्सीन की 99 करोड़ से ज्यादा डोज दी गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने यह जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा-"हम 99 करोड़ पर हैं। इसके लिए आगे बढ़े भारत और हमारे 100 करोड़ कोविड-19 वैक्सीनेशन की दिशा में तेजी से बढ़ना जारी रखे।" भारत में कोविड-19 वैक्सीनेशन अभियान 16 जनवरी को शुरू की गई थी। शुरुआत में स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाई गई। इसके बाद 2 फरवरी से वैक्सीनेशन के लिए फ्रंटलाइन वर्कर्स को इसके लिए योग्य माना गया। इसमें केन्द्र और राज्य के पुलिसकर्मियों, आर्म्ड फोर्स, होम गार्ड्स, सिविल डिफेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट वॉलेंटियर्स, म्यूनिसिपल वर्कर्स, जेल स्टाफ, कंटेनमेंट और सर्विलांस जोन में लगे पीआरआई स्टाफ और रिवेन्यू वर्कर्स, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स और इलैक्शन स्टाफ को शामिल किया गया था। 

Sirmaur: Unknown vehicle hit three workers on National Highway-7, condition critical, driver absconding
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सिरमौर : नेशनल हाईवे-7 पर अज्ञात वाहन ने तीन मज़दूरों को मारी टक्कर, हालत गंभीर, चालक फरार

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब-कालाअंब नेशनल हाईवे-7 पर एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। नेशनल हाईवे-7 पर एक अज्ञात वाहन ने तीन मजदूरों को टक्कर मारकर बुरी तरह घायल कर दिया। इस हादसे को अंजाम देने के बाद चालक घटना स्थल से फरार हो गया। घायलों को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया गया है। उधर, सूचना मिलते ही माजरा पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक हादसा टोकियों गांव के समीप पेश आया। बताया जा रहा है कि तीन मजदूर बेहड़ेवाला स्थित जूता कंपनी में ड्यूटी के लिए पैदल जा रहे थे कि अचानक अज्ञात वाहन ने तीनों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में सलमान खान पुत्र अहमद अली निवासी सैनवाला मुबारकपुर, सुरेश देवी पत्नी महेंद्र सिंह निवासी टोकियों सैनवाला व पूनम यादव पुत्री रघु यादव निवासी लखीमपुर खीरी (यूपी) घायल हुए हैं।   

Congress will give 40 percent tickets to women in UP elections, Priyanka Gandhi announced
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यूपी चुनाव में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देगी कांग्रेस, प्रियंका गांधी ने किया ऐलान

उत्तर प्रदेश में कई सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले पूरी तरह से एक्शन में आ गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार जनाधार बढ़ाने की कोशिश में लगी हैं। इसी सिलसिले में यूपी चुनाव को लेकर कांग्रेस की रणनीति बताने के लिए उन्होंने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि ''आने वाले उत्तर प्रदेश के चुनावों में हम 40% टिकट (उम्मीदवार) हम महिलाओं को देंगें। यह निर्णय उन सब महिलाओं के लिए है जो चाहती हैं कि उत्तर प्रदेश में बदलाव आए, प्रदेश आगे बढ़े।'' उन्होंने कहा कि ''महिलायें राजनीति में पूरी भागीदार होंगी। 2019 के चुनाव में जब आयी थी तो इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुछ लड़कियां मिली थी, उन्होंने बताया था कि होस्टल में लड़के लड़कियों के लिए कानून अलग थे।  ये निर्णय उसके लिए जिसने गंगा यात्रा के दौरान मुझसे कहा था कि मेरे गांव में पाठशाला नहीं है। प्रयागराज की पारो के लिए जिसने हाथ पकड़कर कहा कि मैं नेता बनना चाहती हूं। '' प्रियंका गांधी ने कहा कि ''महिला को टिकट जाति के नहीं, सक्षमता के आधार पर दिया जाएगा। उसके क्षेत्र में लोग कितना पसंद करते हैं यह आधार होगा। हमें प्रत्याशी मिलेंगे भी, लड़ेंगी भी। इस बार मजबूत नहीं होंगी तो अगली बार होंगी। 2024 में इससे अधिक महिलाओं को मौका मिल सकता है। ''प्रियंका ने कहा कि ''मेरा बस चलता तो 50 फीसदी करती। इसके पीछे मुख्य सोच ये है कि जो महिला है वो एक जुट होकर फ़ोर्स नहीं बन रही। उसे जाति धर्म में बांटा जा रहा है। उन्हें लगता है कि गैस से खुश कर लेंगे।''

America: Parliamentary inquiry sitting on Amazon company for doing business wrongly in India
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अमेरिका : अमेजन कंपनी पर भारत में गलत तरीके से व्यापार करने को लेकर बैठी संसदीय जांच

भारत में गलत तरीके अपनाकर व्यापार करने, दूसरी कंपनियों की नकल कर अपने प्राइवेट ब्रांड बनाने और उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की आरोपी कंपनी अमेजन पर अमेरिकी सांसदों ने सवाल उठाए हैं। सांसदों के द्विदलीय समिति का कहना है कि अमेजन के पूर्व सीईओ जेफ बेजोस व अन्य शीर्ष अधिकारियों ने कांग्रेस समिति के सामने झूठ बोला और उन्हें गुमराह किया है। हाल ही में रायटर्स ने अमेजन के आतंरिक दस्तावेजों की जांच कर एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें पुष्टि की गई है कि कंपनी भारत में व्यापार के गलत तरीके अपना रही है। समिति के सदस्यों ने हाल ही में सामने इस मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि अमेजन के वरिष्ठ अधिकारियों की गवाही पर उन्हें संदेह है कि कंपनी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए किसी अन्य कंपनी के उत्पादों की नकल नहीं करती है। सांसदों की समिति ने इसको लेकर कंपनी के सीईओ एंडी जेसी को एक पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि अमेजन के प्रतिनिधि मंडल ने सांसदों की समिति को गुमराह किया है। प्रतिनिधि मंडल ने कानून का उल्लंघन किया है। अमेरिकी सांसदों की समिति ने अपने पत्र में कहा है कि अमेजन को अपनी पिछली गवाही, बयानों की पुष्टि करने व साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अंतिम मौका दिया जा रहा है। कंपनी ने पिछली गवाही में कहा था कि अमेजन किसी तीसरी कंपनी के डेटा का प्रयोग अपने ब्रांड के लिए नहीं करती है।

People's exodus started after attack on civilians in Jammu and Kashmir, new alert issued regarding terrorist conspiracy
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जम्मू-कश्मीर में आम नागरिकों पर हमले के बाद लोगों का पलायन शुरू, आतंकी साजिश को लेकर नया अलर्ट जारी

कश्मीर घाटी में आतंकी लगातार गैर स्थानीय लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। इस महीने ही आतंकियों ने अब तक 11 गैर-कश्मीरी लोगों को मार दिया है। इस वजह से घाटी में दहशत का माहौल है। लोग यहां से पलायन कर रहे हैं। हालांकि सुरक्षाबल आतंकियों को ढूंढकर उनका खात्मा कर रहे हैं। पुंछ के जंगलों में सेना का सर्च ऑपरेशन 9वें दिन भी जारी है। इस बीच घाटी में आतंकी साजिश को लेकर नया अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू कश्मीर घाटी में आतंकियों हमलों के बाद सबसे ज्यादा चिंता बिहार के लोगों की बढ़ी है। पिछले एक पखवारे में जम्मू कश्मीर में बिहार के चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आतंकियों के इस कायरतापूर्ण घटना को लेकर बिहार के उन लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं, जिनके परिजन दो जून की रोटी की जुगाड़ में जम्मू कश्मीर गए हैं।  जम्मू कश्मीर में 5 अक्टूबर को भागलपुर के वीरेंद्र पासवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शनिवार को बांका जिले के बाराहाट प्रखंड के रहने वाले अरविंद कुमार साह आतंकियों का निशाना बन गए। रविवार को बिहार के सीमांचल के अररिया जिले के रहने वाले राजा ऋषिदेव और योगेंद्र ऋषिदेव की आतंकियों ने हत्या कर दी। अररिया जिले के बौंसी थाना क्षेत्र के डाहटोला निवासी राजा ऋषिदेव की मौत की खबर सुनकर गांव में मातम पसर गया है। राजा रोजी रोजगार के लिए छह महीने पहले ही जम्मू कश्मीर गया था। उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस वजह से अब जम्मू-कश्मीर से लोग पलायन करने लगे हैं। 

Home Minister Amit Shah reached to meet PM Modi to discuss many other issues including Kashmir
In National News

कश्मीर समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए पीएम मोदी से मिलने पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह

कश्मीर में 15 दिनों के भीतर 13 से अधिक नागरिकों की हत्या ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है और इसी के बाद बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसी सिलसिले के चलते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए पीएम आवास पर पहुंचे हैं। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात कैबिनेट की बैठक से पहले हो रही है। इस बैठक में कश्मीर समेत कई अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इसके अलावा इस बैठक में आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकने के साथ-साथ कश्मीर के अंदर पल रहे अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई करने की भी बात चल रही है। वहीं इससे पहले अमित शाह ने सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर करीब छह घंटे लंबी बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने आंतरिक सुरक्षा को लेकर राज्यों के बीच समन्वय पर जोर दिया था।  

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किस्सा : नेताओं को भी रुलाता रहा है प्याज

In Politics
Anecdote: Onion has been making politicians cry

हिमाचल में उपचुनाव है और सियासत चरम पर। महंगाई को लेकर विपक्ष ने हल्ला बोल दिया है और महंगाई इस चुनाव में बड़ा मुद्दा है। लगातार बढ़ रही प्याज की कीमत भी सियासी चर्चा का विषय बन गई है। देश की सियासत पर नज़र डाले तो महंगाई हमेशा से चुनावी मुद्दा रहा है, विशेषकर प्याज के दामों ने कई बार सियासतगारों को रुलाया है। विपक्ष में बैठे नेताओं ने कई मर्तबा प्याज को चुनावी हथियार बनाया है। आपातकाल के बाद जब 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनी थी तब विपक्ष में बैठी इंदिरा गांधी के पास कोई बड़ा मुद्दा नहीं था जिससे वो सरकार को घेर सके। तब प्याज की कीमतें आसमान छूने लगी और बैठे बिठायें इंदिरा गाँधी को एक मुद्दा मिल गया। प्याज की बढ़ती कीमतों की तरफ ध्यान खींचने के लिए कांग्रेस नेता सीएम स्टीफन तब संसद में प्याज की माला पहन कर पहुँच गए और प्याज पॉलिटिक्स का जादू लोगों के सिर चढ़ कर बोलने लगा। 1980 के आम चुनाव में इंदिरा गांधी ने प्याज की माला पहनकर प्रचार किया। फिर वर्ष 1998 में केंद्र में जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी तो प्याज की कीमतों ने फिर रुलाना शुरू कर दिया। तब  दिल्ली में भाजपा की सरकार थी और विधानसभा चुनाव दस्तक दे रहे थे। फिर एक बार कांग्रेस ने प्याज का जबरदस्त राजनीतिक इस्तेमाल किया और इस मुद्दे पर भाजपा को जमकर घेरा। नतीजन चुनाव में मुख्यमंत्री सुषमा स्वराज के नेतृत्व वाली भाजपा बुरी तरह हार गई। इसी तरह 1998 में महाराष्ट्र में प्याज की भारी किल्लत थी और प्याज की कीमत आसमान पर। तब कांग्रेसी नेता छगन भुजबल ने दिवाली पर महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर जोशी को मिठाई के डिब्बे में रखकर प्याज भेजे थे। 

दिल्ली में डेंगू से इस साल मौत का पहला मामला आया सामने

In Health
This year's first case of death due to dengue came to light in Delhi

राष्ट्रीय राजधानी में इस साल डेंगू से मौत का पहला मामला सामने आया है। अब तक यहां डेंगू के कुल 723 मामले सामने आ चुके हैं। नगर निकाय की ओर से सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया गया कि इस साल, दिल्ली में सामने आए डेंगू के कुल मामलों में से इस महीने 16 अक्टूबर तक 382 मामले सामने आए। दिल्ली में इस साल नौ अक्टूबर तक डेंगू के कुल 480 मामले ही सामने आए थे। नगर निकाय की ओर से मच्छर जनित बीमारियों के संबंध में सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मौसम में 16 अक्टूबर तक डेंगू से एक व्यक्ति की मौत हुई और कुल 723 मामले सामने आए। इस अवधि में 2018 के बाद से ये सर्वाधिक मामले हैं। इस साल सितंबर में 217 मामले सामने आए थे, जोकि पिछले तीन सालों में इस अवधि में सामने आए सर्वाधिक मामले थे। 2016 और 2017 में डेंगू के कारण 10-10 मौतें हुई थीं। वहीं 2018, 2019 और 2020 में 4, 2 और 1 मौत हुई थी। 

फर्स्ट टर्म नवंबर और सेकंड टर्म की परीक्षाएं 15 अप्रैल के बाद होगी आयोजित- स्कूल शिक्षा बोर्ड

In Education
First term November and second term examinations will be held after April 15- Board of School Education

पिछले सप्ताह स्कूल शिक्षा बोर्ड की वर्चुअल बैठक में हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ द्वारा टर्म परीक्षाओं को लेकर सुझाव दिए गए थे। जिसमें से बहुत से सुझावों को बोर्ड की ऑफलाइन बैठक में मान लिया गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन सुरेश सोनी की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में शिक्षक महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार, जिला कांगड़ा के अध्यक्ष जोगिंदर शर्मा और मंडी विभाग के प्रमुख शशि शर्मा ने भाग लिया। सुंदरनगर में जारी प्रेस बयान के माध्यम से जानकारी देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी दर्शन लाल ने बताया कि महासंघ द्वारा शीतकालीन अवकाश को देखते हुए फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं को 5 दिसंबर से पहले संपन्न करवाने की बात कही गई थी। बैठक में इस संबंध में बोर्ड द्वारा  फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं को नवंबर से शुरू करके 5 दिसंबर तक समाप्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ शीतकालीन अवकाश के बाद सेकंड टर्म की परीक्षाओं के लिए बच्चों को तैयारी के लिए कम समय मिल रहा था। जिसे लेकर महासंघ द्वारा सेकंड टर्म की परीक्षाओं को 15 अप्रैल के बाद करवाने बारे अपनी सहमति प्रदान कर दी है। इसके साथ बैठक में फर्स्ट टाइम की परीक्षाओं का मूल्यांकन स्थानीय स्कूल स्तर पर करने का निर्णय लिया गया है। पांचवी से आठवीं कक्षा तक की पंजीकरण शुल्क माफ करने के साथ 9वी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की फर्स्ट और सेकंड टर्म बोर्ड परीक्षा शुल्क में ₹100 की रियायत प्रदान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शिक्षक महासंघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में सरकार और बोर्ड का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा कोविड-19 के चलते उत्पन्न हुई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी निर्णय विद्यार्थियों और अध्यापकों के हित में लिए गए हैं।

सानिया मिर्ज़ा ने जीता साल का पहला खिताब

In Sports
Sania Mirza won the first title of the year

भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने इस सीजन में ओस्ट्रावा ओपन महिला डबल्स का फाइनल जीत इस सीजन में अपना खाता खोला। सानिया ने चीन की अपनी जोड़ीदार शुआई झांग के साथ मिलकर ये खिताब अपने नाम किया। टूर्नामेंट में दूसरी रैकिंग की सानिया और झांग की जोड़ी ने एक घंटे 4 मिनट तक चले इस मैच में अमेरिका की क्रिस्टियन और न्यूजीलैंड की रोटलिफ की तीसरी वरीय जोड़ी के खिलाफ 6-3, 6-2 के अंतर से सीधे सेटों में जीत दर्ज की। सानिया ने इस सीजन में दूसरी बार किसी टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई थी। इस से पहले पिछले महीने सानिया अमेरिका में अपनी जोड़ीदार क्रिस्टीना के साथ डब्ल्यूटीए 250 क्लीवलैंड टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थीं।  फाइनल में सानिया और उनकी जोड़ीदार को हार का सामना करना पड़ा था। 34 साल की सानिया मिर्जा ने 20 महीने के बाद कोई डब्ल्यूटीए खिताब जीता है। उन्होंने आखिरी बार जनवरी 2020 में होबार्ट इंटरनेशनल टूर्नामेंट का खिताब जीता था। रविवार को ओस्ट्रावा ओपन में जीत के साथ ही सानिया के डबल्स टाईटल्स का आंकड़ा 43 पर पहुंच गया है। बता दें कि सानिया करियर में कुल छह ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं। सानिया ने महिला डबल्स में 2016 में ऑस्ट्रेलियन ओपन, 2015 में विम्बलडन और यूएस ओपन का खिताब जीता था। वहीं, मिक्स्ड डबल्स में वे 2009 में ऑस्ट्रेलियन ओपन, 2012 में फ्रेंच ओपन और 2014 में यूएस ओपन जीत चुकी हैं।

दिल्ली के ED दफ्तर पहुंची नोरा फतेही, रंगदारी मामले में होगी पूछताछ

In Entertainment
Nora Fatehi reaches Delhi's ED office, will be questioned in extortion case

बॉलीवुड अभिनेत्री और मॉडल नोरा फतेही रंगदारी के एक केस में पूछताछ के लिए दिल्ली में ED के दफ़्तर पहुंची हैं। दिल्ली की तिहाड़ जेल से 200 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले में नोरा फतेही से पूछताछ होगी। इस मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस को भी ED ने पूछताछ के लिए बुलाया है। जैकलीन के कल ED दफ़्तर आने की संभावना है। प्रवर्तन निदेशालय का साफ तौर पर कहना है कि पहले भी नोरा फतेही के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।  पहले जो बयान दर्ज किए गए थे उनमें विरोधाभाष पाया गया था। इसी के आधार पर उन्हें एक बार फिर दिल्ली दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।  हालांकि इस मामले में अभी नोरा फतेही को गवाह के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन आज शाम तक पूछताछ के बाद उन्हें लेकर आगे की स्थिति साफ हो पाएगी। बता दें कि नोरा फतेही से सुकेश चंद्रशेखर मामले में पूछताछ हो रही है, सुकेश चंद्र शेखर फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है और उसने जेल के अंदर से ही करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी की थी। ईडी ने सुकेश और उसकी कथित पत्नी अभिनेत्री लीना पॉल पर शिकंजा कसना शुरू किया है। सुकेश ने नोरा को अपने जाल में फंसा कर पैसे वसूलने की कोशिश की थी। 

सिरमौर : नेशनल हाईवे-7 पर अज्ञात वाहन ने तीन मज़दूरों को मारी टक्कर, हालत गंभीर, चालक फरार

In News
Sirmaur: Unknown vehicle hit three workers on National Highway-7, condition critical, driver absconding

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब-कालाअंब नेशनल हाईवे-7 पर एक दर्दनाक हादसा पेश आया है। नेशनल हाईवे-7 पर एक अज्ञात वाहन ने तीन मजदूरों को टक्कर मारकर बुरी तरह घायल कर दिया। इस हादसे को अंजाम देने के बाद चालक घटना स्थल से फरार हो गया। घायलों को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया गया है। उधर, सूचना मिलते ही माजरा पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक हादसा टोकियों गांव के समीप पेश आया। बताया जा रहा है कि तीन मजदूर बेहड़ेवाला स्थित जूता कंपनी में ड्यूटी के लिए पैदल जा रहे थे कि अचानक अज्ञात वाहन ने तीनों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में सलमान खान पुत्र अहमद अली निवासी सैनवाला मुबारकपुर, सुरेश देवी पत्नी महेंद्र सिंह निवासी टोकियों सैनवाला व पूनम यादव पुत्री रघु यादव निवासी लखीमपुर खीरी (यूपी) घायल हुए हैं।   

कश्मीर समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए पीएम मोदी से मिलने पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह

In National News
Home Minister Amit Shah reached to meet PM Modi to discuss many other issues including Kashmir

कश्मीर में 15 दिनों के भीतर 13 से अधिक नागरिकों की हत्या ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है और इसी के बाद बैठकों का दौर शुरू हो गया है। इसी सिलसिले के चलते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए पीएम आवास पर पहुंचे हैं। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात कैबिनेट की बैठक से पहले हो रही है। इस बैठक में कश्मीर समेत कई अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हो रही है। इसके अलावा इस बैठक में आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकने के साथ-साथ कश्मीर के अंदर पल रहे अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई करने की भी बात चल रही है। वहीं इससे पहले अमित शाह ने सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर करीब छह घंटे लंबी बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने आंतरिक सुरक्षा को लेकर राज्यों के बीच समन्वय पर जोर दिया था।  

अमेरिका : अमेजन कंपनी पर भारत में गलत तरीके से व्यापार करने को लेकर बैठी संसदीय जांच

In International News
America: Parliamentary inquiry sitting on Amazon company for doing business wrongly in India

भारत में गलत तरीके अपनाकर व्यापार करने, दूसरी कंपनियों की नकल कर अपने प्राइवेट ब्रांड बनाने और उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की आरोपी कंपनी अमेजन पर अमेरिकी सांसदों ने सवाल उठाए हैं। सांसदों के द्विदलीय समिति का कहना है कि अमेजन के पूर्व सीईओ जेफ बेजोस व अन्य शीर्ष अधिकारियों ने कांग्रेस समिति के सामने झूठ बोला और उन्हें गुमराह किया है। हाल ही में रायटर्स ने अमेजन के आतंरिक दस्तावेजों की जांच कर एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें पुष्टि की गई है कि कंपनी भारत में व्यापार के गलत तरीके अपना रही है। समिति के सदस्यों ने हाल ही में सामने इस मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि अमेजन के वरिष्ठ अधिकारियों की गवाही पर उन्हें संदेह है कि कंपनी अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए किसी अन्य कंपनी के उत्पादों की नकल नहीं करती है। सांसदों की समिति ने इसको लेकर कंपनी के सीईओ एंडी जेसी को एक पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि अमेजन के प्रतिनिधि मंडल ने सांसदों की समिति को गुमराह किया है। प्रतिनिधि मंडल ने कानून का उल्लंघन किया है। अमेरिकी सांसदों की समिति ने अपने पत्र में कहा है कि अमेजन को अपनी पिछली गवाही, बयानों की पुष्टि करने व साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अंतिम मौका दिया जा रहा है। कंपनी ने पिछली गवाही में कहा था कि अमेजन किसी तीसरी कंपनी के डेटा का प्रयोग अपने ब्रांड के लिए नहीं करती है।

पता मेरा तुझे मिट्टी कहेगी, समा जिसमें चुका सौ बार हूँ मैं

In Kavya Rath
I know I will call you soil, in which I have gone a hundred times

भारत का एक ऐसा कवि जिसे स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रकवि की ख्याति प्राप्त हुई। ऐसा कवि जिसकी कविताओं में एक ओर ओज, विद्रोह, आक्रोश और क्रान्ति की पुकार है तो दूसरी ओर कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति। एक ऐसा कवि जो साहित्य का वह सशक्त हस्ताक्षर हैं जिसकी कलम में दिनकर यानी सूर्य के समान चमक थी। हम बात कर रहे है रामधारी सिंह दिनकर की। उनकी ही लिखी कविता 'परिचय' की इन पंक्तियों से बेहतर भला उनका परिचय क्या हो सकता है ' मुझे क्या गर्व हो अपनी विभा का,चिता का धूलिकण हूँ , शार हूँ मैं ,पता मेरा तुझे मिट्टी कहेगी, समा जिसमें चूका सौ बार हूँ मैं ' 23 सितम्बर को राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती होती है। पूरा देश अपने राष्ट्रकवि को याद करता है, नमन करता है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' वो कवि है जिनकी रचनाओं  में ओज, शौर्य, प्रेम और सौंदर्य सब एक साथ आकार पाते हैं। वे आंदोलित भी करते हैं और आह्लादित भी। वे 'परशुराम की प्रतीक्षा' भी लिखते है और 'उर्वशी' भी। दिनकर द्वंद्वात्मक ऐक्य के कवि हैं।  उन्हें समय को साधने वाला कवि गया। पर दिनकर ‘राष्ट्रकवि’ ही नहीं 'जनकवि' भी थे। वे उन चंद कवियों में शुमार रहे है जिनके द्वारा लिखी गई पंक्तियाँ आज भी आम जनमानस द्वारा पढ़ी और दोहराई जाती है। दिनकर वो कवि थे जिन्होंने देश के क्रांतिकारी आंदोलन को अपनी कविता से स्वर दिया। दिनकर वो कवि थे जिनके द्वारा लिखी गई पंक्तियाँ 'सिंहासन खाली करो की जनता आती है' आज भी देश के जान आंदोलनों की आवाज है। रामधारी सिंह दिनकर जितने सुगढ़ कवि थे, उतने ही सचेत गद्य लेखक भी रहे। आज़ादी के बाद वे पंडित नेहरू और सत्ता के क़रीब भी रहे, कांग्रेस ने उन्हे राज्यसभा भी भेजा लेकिन राष्ट्रकवि का दायित्व उन्होंने हमेशा निभाया। दिनकर सारी उम्र सियासत से लोहा लेते रहे। उन्होंने कभी किसी नेता की जय-जयकार नहीं की, हमेशा उनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि रहा। एक वाकिया ऐसा ही है जब लालकिले की सीढ़ियों से उतरते हुए नेहरू लड़खड़ा गए..तभी दिनकर ने उनको सहारा दिया।  इसपर नेहरू ने कहा- शुक्रिया.., दिनकर तुरंत बोले-''जब-जब राजनीति लड़खड़ाएगी, तब-तब साहित्य उसे सहारा देगा।'' उनके ये तेवर ताउम्र बरकरार रहे। 11 वर्षों की नौकरी में 23 बार हुआ था स्थानांतरण राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की राष्ट्रभक्ति ब्रिटिश हुकूमत को रास नहीं आती थी। 11 वर्षों की नौकरी में उनका 23 बार स्थानांतरण किया गया, पर उन्होंने अंग्रेजी अत्याचार के विरूद्ध लिखना नहीं छोड़ा। 23 सितंबर,1908 को बेगूसराय के सिमरिया गांव में जन्मे रामधारी सिंह दिनकर जब दो वर्ष के थे तब उनके पिता रवि सिंह का देहांत हो गया था। मां मनरूप देवी ने ही उनका पालन-पोषण किया। पटना कॉलेज से हिन्दी में स्नातक की डिग्री लेने के बाद 1928 में साइमन कमीशन के भारत आगमन के विरोध में गांधी मैदान में हुए आंदोलन में वे शामिल हो गए। इसके उपरांत वर्ष 1934 में उन्होंने पटना निबंधन कार्यालय में सब रजिस्ट्रार के पद पर सरकारी नौकरी शुरू कर दी।1945 तक उन्होंने यह नौकरी की। फिर 1945 में उन्हें प्रचार निदेशालय में उप निदेशक बना दिया गया। 1947 में देश की आजादी मिलने तक उन्होंने नौकरी की। इस बीच दिनकर ने जब वर्ष 1935 में जब 'रेणुका' नामक कविता संग्रह की रचना की तो उनका तबादला पटना निबंधन कार्यालय से बाढ़ कार्यालय कर दिया गया। फिर वर्ष 1938 आया और उनका कविता संग्रह 'हुंकार' प्रकाशित हुआ, तब फिर उनपर ब्रिटिश सरकार विरोधी होने के आरोप लगे और उनका तबादला नरकटियागंज कर दिया गया। जब-जब उनकी कोई नई पुस्तक प्रकाशित होती, उनका तबादला भी साथ-साथ होता रहता। पर दिनकर की कलम की धार कम नहीं हुई। द्वितीय विश्व युद्ध के शुरू होते ही ब्रिटिश हुकूमत की आँखों में दिनकर और ज्यादा अखरने लगे और  उन्हें नौकरी छोड़ने को बाध्य किया जाने लगा। तब ब्रिटिश हुकूमत ने उनका तबादला 1945 में प्रचार विभाग में उप निदेशक के पद पर कर दिया। ब्रिटिश हुकूमत को उनसे शिकायत रहती थी कि उनकी रचनाओं से क्रांतिकारी आंदोलन को हवा मिलती थी, और ये सच भी था।   'उर्वशी' के लिए मिला ज्ञानपीठ पुरस्कार दिनकर ने  'रेणुका', 'हुंकार', 'रसवंती', 'द्वंद्व गीत', 'कुरुक्षेत्र', 'धूपछांह', 'समधनी', 'बापू' आदि महत्वपूर्ण कविता संग्रहों की रचना की थी। दिनकर को उनकी रचना 'उर्वशी' के लिए 1972 में ज्ञानपीठ पुरस्कार, 1959 में भारत सरकार की ओर से पद्मभूषण सम्मान एवं 1959 में ही 'संस्कृति के चार अध्याय' पुस्तक के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ये उनकी तठस्तता ही थी कि उनको सत्ता का विरोध करने के बावजूद साहित्य अकादमी पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्मविभूषण आदि तमाम बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया।   "सिंहासन खाली करो कि जनता आती है " सदियों की ठण्डी-बुझी राख सुगबुगा उठी मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो सिंहासन खाली करो कि जनता आती है   जनता ? हाँ, मिट्टी की अबोध मूरतें वही जाड़े-पाले की कसक सदा सहनेवाली जब अँग-अँग में लगे साँप हो चूस रहे तब भी न कभी मुँह खोल दर्द कहनेवाली जनता ? हाँ, लम्बी-बडी जीभ की वही कसम "जनता,सचमुच ही, बडी वेदना सहती है।" "सो ठीक, मगर, आखिर, इस पर जनमत क्या है ?" 'है प्रश्न गूढ़ जनता इस पर क्या कहती है ?" मानो,जनता ही फूल जिसे अहसास नहीं जब चाहो तभी उतार सजा लो दोनों में अथवा कोई दूधमुँही जिसे बहलाने के जन्तर-मन्तर सीमित हों चार खिलौनों में लेकिन होता भूडोल, बवण्डर उठते हैं जनता जब कोपाकुल हो भृकुटि चढाती है दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो सिंहासन खाली करो कि जनता आती है हुँकारों से महलों की नींव उखड़ जाती साँसों के बल से ताज हवा में उड़ता है जनता की रोके राह, समय में ताव कहाँ ? वह जिधर चाहती, काल उधर ही मुड़ता है अब्दों, शताब्दियों, सहस्त्राब्द का अन्धकार बीता; गवाक्ष अम्बर के दहके जाते हैं यह और नहीं कोई, जनता के स्वप्न अजय चीरते तिमिर का वक्ष उमड़ते जाते हैं सब से विराट जनतन्त्र जगत का आ पहुँचा तैंतीस कोटि-हित सिंहासन तय करो अभिषेक आज राजा का नहीं, प्रजा का है तैंतीस कोटि जनता के सिर पर मुकुट धरो आरती लिए तू किसे ढूँढ़ता है मूरख मन्दिरों, राजप्रासादों में, तहखानों में ? देवता कहीं सड़कों पर गिट्टी तोड़ रहे देवता मिलेंगे खेतों में, खलिहानों में फावड़े और हल राजदण्ड बनने को हैं धूसरता सोने से शृँगार सजाती है दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो सिंहासन खाली करो कि जनता आती है "कलम, आज उनकी जय बोल " जला अस्थियाँ बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल कलम, आज उनकी जय बोल। जो अगणित लघु दीप हमारे तूफानों में एक किनारे, जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन माँगा नहीं स्नेह मुँह खोल कलम, आज उनकी जय बोल। पीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएं, जिनके सिंहनाद से सहमी धरती रही अभी तक डोल कलम, आज उनकी जय बोल। अंधा चकाचौंध का मारा क्या जाने इतिहास बेचारा, साखी हैं उनकी महिमा के सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल कलम, आज उनकी जय बोल " कृष्ण की चेतावनी " वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें, आगे क्या होता है। मैत्री की राह बताने को, सबको सुमार्ग पर लाने को, दुर्योधन को समझाने को, भीषण विध्वंस बचाने को, भगवान् हस्तिनापुर आये, पांडव का संदेशा लाये। ‘दो न्याय अगर तो आधा दो, पर, इसमें भी यदि बाधा हो, तो दे दो केवल पाँच ग्राम, रक्खो अपनी धरती तमाम। हम वहीं खुशी से खायेंगे, परिजन पर असि न उठायेंगे! दुर्योधन वह भी दे ना सका, आशीष समाज की ले न सका, उलटे, हरि को बाँधने चला, जो था असाध्य, साधने चला। जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। हरि ने भीषण हुंकार किया, अपना स्वरूप-विस्तार किया, डगमग-डगमग दिग्गज डोले, भगवान् कुपित होकर बोले- ‘जंजीर बढ़ा कर साध मुझे, हाँ, हाँ दुर्योधन! बाँध मुझे। यह देख, गगन मुझमें लय है, यह देख, पवन मुझमें लय है, मुझमें विलीन झंकार सकल, मुझमें लय है संसार सकल। अमरत्व फूलता है मुझमें, संहार झूलता है मुझमें। ‘उदयाचल मेरा दीप्त भाल, भूमंडल वक्षस्थल विशाल, भुज परिधि-बन्ध को घेरे हैं, मैनाक-मेरु पग मेरे हैं। दिपते जो ग्रह नक्षत्र निकर, सब हैं मेरे मुख के अन्दर। ‘दृग हों तो दृश्य अकाण्ड देख, मुझमें सारा ब्रह्माण्ड देख, चर-अचर जीव, जग, क्षर-अक्षर, नश्वर मनुष्य सुरजाति अमर। शत कोटि सूर्य, शत कोटि चन्द्र, शत कोटि सरित, सर, सिन्धु मन्द्र। ‘शत कोटि विष्णु, ब्रह्मा, महेश, शत कोटि जिष्णु, जलपति, धनेश, शत कोटि रुद्र, शत कोटि काल, शत कोटि दण्डधर लोकपाल। जञ्जीर बढ़ाकर साध इन्हें, हाँ-हाँ दुर्योधन! बाँध इन्हें। ‘भूलोक, अतल, पाताल देख, गत और अनागत काल देख, यह देख जगत का आदि-सृजन, यह देख, महाभारत का रण, मृतकों से पटी हुई भू है, पहचान, इसमें कहाँ तू है। ‘अम्बर में कुन्तल-जाल देख, पद के नीचे पाताल देख, मुट्ठी में तीनों काल देख, मेरा स्वरूप विकराल देख। सब जन्म मुझी से पाते हैं, फिर लौट मुझी में आते हैं। ‘जिह्वा से कढ़ती ज्वाल सघन, साँसों में पाता जन्म पवन, पड़ जाती मेरी दृष्टि जिधर, हँसने लगती है सृष्टि उधर! मैं जभी मूँदता हूँ लोचन, छा जाता चारों ओर मरण। ‘बाँधने मुझे तो आया है, जंजीर बड़ी क्या लाया है? यदि मुझे बाँधना चाहे मन, पहले तो बाँध अनन्त गगन। सूने को साध न सकता है, वह मुझे बाँध कब सकता है? ‘हित-वचन नहीं तूने माना, मैत्री का मूल्य न पहचाना, तो ले, मैं भी अब जाता हूँ, अन्तिम संकल्प सुनाता हूँ। याचना नहीं, अब रण होगा, जीवन-जय या कि मरण होगा। ‘टकरायेंगे नक्षत्र-निकर, बरसेगी भू पर वह्नि प्रखर, फण शेषनाग का डोलेगा, विकराल काल मुँह खोलेगा। दुर्योधन! रण ऐसा होगा। फिर कभी नहीं जैसा होगा। ‘भाई पर भाई टूटेंगे, विष-बाण बूँद-से छूटेंगे, वायस-श्रृगाल सुख लूटेंगे, सौभाग्य मनुज के फूटेंगे। आखिर तू भूशायी होगा, हिंसा का पर, दायी होगा।’ थी सभा सन्न, सब लोग डरे, चुप थे या थे बेहोश पड़े। केवल दो नर ना अघाते थे, धृतराष्ट्र-विदुर सुख पाते थे। कर जोड़ खड़े प्रमुदित, निर्भय, दोनों पुकारते थे ‘जय-जय’! ” परशुराम की प्रतीक्षा ” गरदन पर किसका पाप वीर ! ढोते हो ? शोणित से तुम किसका कलंक धोते हो ? उनका, जिनमें कारुण्य असीम तरल था, तारुण्य-ताप था नहीं, न रंच गरल था; सस्ती सुकीर्ति पा कर जो फूल गये थे, निर्वीर्य कल्पनाओं में भूल गये थे; गीता में जो त्रिपिटक-निकाय पढ़ते हैं, तलवार गला कर जो तकली गढ़ते हैं; शीतल करते हैं अनल प्रबुद्ध प्रजा का, शेरों को सिखलाते हैं धर्म अजा का; सारी वसुन्धरा में गुरु-पद पाने को, प्यासी धरती के लिए अमृत लाने को जो सन्त लोग सीधे पाताल चले थे, (अच्छे हैं अबः; पहले भी बहुत भले थे।) हम उसी धर्म की लाश यहाँ ढोते हैं, शोणित से सन्तों का कलंक धोते हैं। ” हमारे कृषक ” जेठ हो कि हो पूस, हमारे कृषकों को आराम नहीं है छूटे कभी संग बैलों का ऐसा कोई याम नहीं है मुख में जीभ शक्ति भुजा में जीवन में सुख का नाम नहीं है वसन कहाँ? सूखी रोटी भी मिलती दोनों शाम नहीं है बैलों के ये बंधू वर्ष भर क्या जाने कैसे जीते हैं बंधी जीभ, आँखें विषम गम खा शायद आँसू पीते हैं पर शिशु का क्या, सीख न पाया अभी जो आँसू पीना चूस-चूस सूखा स्तन माँ का, सो जाता रो-विलप नगीना विवश देखती माँ आँचल से नन्ही तड़प उड़ जाती अपना रक्त पिला देती यदि फटती आज वज्र की छाती कब्र-कब्र में अबोध बालकों की भूखी हड्डी रोती है दूध-दूध की कदम-कदम पर सारी रात होती है दूध-दूध औ वत्स मंदिरों में बहरे पाषान यहाँ है दूध-दूध तारे बोलो इन बच्चों के भगवान कहाँ हैं दूध-दूध गंगा तू ही अपनी पानी को दूध बना दे दूध-दूध उफ कोई है तो इन भूखे मुर्दों को जरा मना दे दूध-दूध दुनिया सोती है लाऊँ दूध कहाँ किस घर से दूध-दूध हे देव गगन के कुछ बूँदें टपका अम्बर से हटो व्योम के, मेघ पंथ से स्वर्ग लूटने हम आते हैं दूध-दूध हे वत्स! तुम्हारा दूध खोजने हम जाते हैं ” समर शेष है ” ढीली करो धनुष की डोरी, तरकस का कस खोलो , किसने कहा, युद्ध की वेला चली गयी, शांति से बोलो? किसने कहा, और मत वेधो ह्रदय वह्रि के शर से, भरो भुवन का अंग कुंकुम से, कुसुम से, केसर से? कुंकुम? लेपूं किसे? सुनाऊँ किसको कोमल गान? तड़प रहा आँखों के आगे भूखा हिन्दुस्तान । फूलों के रंगीन लहर पर ओ उतरनेवाले ! ओ रेशमी नगर के वासी! ओ छवि के मतवाले! सकल देश में हालाहल है, दिल्ली में हाला है, दिल्ली में रौशनी, शेष भारत में अंधियाला है । मखमल के पर्दों के बाहर, फूलों के उस पार, ज्यों का त्यों है खड़ा, आज भी मरघट-सा संसार । वह संसार जहाँ तक पहुँची अब तक नहीं किरण है जहाँ क्षितिज है शून्य, अभी तक अंबर तिमिर वरण है देख जहाँ का दृश्य आज भी अन्त:स्थल हिलता है माँ को लज्ज वसन और शिशु को न क्षीर मिलता है। पूज रहा है जहाँ चकित हो जन-जन देख अकाज सात वर्ष हो गये राह में, अटका कहाँ स्वराज? अटका कहाँ स्वराज? बोल दिल्ली! तू क्या कहती है? तू रानी बन गयी वेदना जनता क्यों सहती है? सबके भाग्य दबा रखे हैं किसने अपने कर में? उतरी थी जो विभा, हुई बंदिनी बता किस घर में । समर शेष है, यह प्रकाश बंदीगृह से छूटेगा और नहीं तो तुझ पर पापिनी! महावज्र टूटेगा । समर शेष है, उस स्वराज को सत्य बनाना होगा जिसका है ये न्यास उसे सत्वर पहुँचाना होगा धारा के मग में अनेक जो पर्वत खडे हुए हैं गंगा का पथ रोक इन्द्र के गज जो अडे हुए हैं। कह दो उनसे झुके अगर तो जग मे यश पाएंगे अड़े रहे अगर तो ऐरावत पत्तों से बह जाऐंगे। समर शेष है, जनगंगा को खुल कर लहराने दो, शिखरों को डूबने और मुकुटों को बह जाने दो, पथरीली ऊँची जमीन है? तो उसको तोडेंगे, समतल पीटे बिना समर कि भूमि नहीं छोड़ेंगे। समर शेष है, चलो ज्योतियों के बरसाते तीर, खण्ड-खण्ड हो गिरे विषमता की काली जंजीर। समर शेष है, अभी मनुज भक्षी हुंकार रहे हैं, गांधी का पी रुधिर जवाहर पर फुंकार रहे हैं, समर शेष है, अहंकार इनका हरना बाकी है, वृक को दंतहीन, अहि को निर्विष करना बाकी है। समर शेष है, शपथ धर्म की लाना है वह काल, विचरें अभय देश में गाँधी और जवाहर लाल, तिमिर पुत्र ये दस्यु कहीं कोई दुष्काण्ड रचें ना, सावधान हो खडी देश भर में गाँधी की सेना, बलि देकर भी बलि! स्नेह का यह मृदु व्रत साधो रे, मंदिर औ’ मस्जिद दोनों पर एक तार बाँधो रे। समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।

हिमाचल में शिक्षा विभाग भरेगा जेबीटी के 810 पद, जानिए कहाँ भरे जाएंगे कितने पद

In Job
Education Department will fill 810 posts of JBT in Himachal, know where how many posts will be filled

हिमाचल प्रदेश सरकार के फैसले के बाद एलिमेंटरी शिक्षा निदेशालय ने हर जिले के जेबीटी के पदों की सूची जारी कर दी है। सरकार ने 810 पद भरने की मंजूरी दी थी। किस जिला में कितने पद भरने हैं, इसका फैसला विभाग ने लेना था। कांगड़ा जिला के हिस्से सबसे ज्यादा 130 तो मंडी के हिस्से 120 पद आए हैं। सरकार की स्वीकृति के बाद अब सभी जिलों को रोस्टर तय करना है। इसमें जिले में कितने पद बैच आधार पर व कितने कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भरे जाने हैं, इसका रोस्टर जिला उपनिदेशालय के स्तर पर तय होगा। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिला स्तर पर यह तय करने के बाद पूरा ब्योरा निदेशालय को भेजा जाना है। निदेशक एलिमेंटरी पंकज ललित की ओर से यह निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग के निर्देश के मुताबिक बिलासपुर में 30, चंबा में 100, हमीरपुर में 90, कुल्लू में 80, मंडी में 120, कांगड़ा में 130, ऊना में 30, शिमला 90, सिरमौर 90, सोलन में 40, लाहुल-स्पीति में 10 में पद भरे जाने हैं।

भाजपा की हालत अब जान चुकी है प्रदेश की जनता, उपचुनाव में देगी जवाब : कुलदीप राठौर

In upchunav
The condition of BJP is now known, the people of the state will answer in the by-election: Kuldeep Rathore

भाजपा अक्सर प्रदेश के असली मुद्दों को भटकाती रही है। भाजपा की हालत अब प्रदेश की जनता भी जान चुकी है। उपचुनाव में जनता इसका जवाब देगी। ये कहना है कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर का। कांग्रेस के लिए जोर शोर से प्रचार करने में जुटे राठौर ने कहा कि महंगाई पर कोई कार्रवाई करने एवं इसे नियंत्रित करने की बजाय सरकार तर्क देती है कि इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। सीमेंट, पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार का यह तर्क होता है। अगर सरकार का किसी चीज पर नियंत्रण नहीं है तो भाजपा स्पष्ट करें कि उनका नियंत्रण किस चीज पर है। जिस सरकार का किसी भी चीज पर नियंत्रण नहीं है तो वह सरकार क्यों है ? राठौर का कहना है कि जयराम सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि भाजपा विकास के नाम पर उपचुनाव में उतर रही है एवं जनता के समक्ष विकास कार्य लाए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार बताए कि पिछले 4 सालों में ऐसे कौन से 4 विकास कार्य किए हैं। प्रदेश सरकार बताए कि पिछले 4 साल में हिमाचल के लिए कौन सी बड़ी योजना लाए, कौन सा शैक्षणिक संस्थान या अस्पताल खोला ? उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों को प्रताड़ित कर रही है। जनमंच के माध्यम से अधिकारियों व कर्मचारियों को जनता के समक्ष ले जाकर जलील किया जा रहा है। उपचुनावों में कांग्रेस पर परिवारवाद के आरोप लगाने वाली सरकार यह क्यों भूल जाती है कि उनके खुद के मंत्री व विधायक परिवारवाद की उपज हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के केंद्रीय खेल व सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर खुद परिवारवाद की उपज है।

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