•   Wednesday Dec 08
In Scoop

Amidst the threat of Omicron, the figure of Corona is again scared, so many new cases of corona infection have come to the fore in the last hour.
In corona update

ओमिक्रॉन के खतरे के बीच फिर डरा रहा कोरोना का आंकड़ा, बीते घंटे में कोरोना संक्रमण के इतने नए मामले आए सामने

ओमिक्रॉन के खतरे के बीच कोरोना ने एक बार फिर से टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल, आज यानी बुधवार को मंगलवार की तुलना में 1500 से अधिक मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 8,439 मामले सामने आए हैं और 195 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान 9,525 लोग स्वस्थ भी हुए। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब कुल 93,733 सक्रिय मरीज बचे हैं। वहीं देश में अब तक कोरोना के कुल 3,46,56,822 मामले आ चुके हैं जबकि कुल 3,40,89,137 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं कुल मृतकों की संख्या की बात करें तो यह 4,73,952 हो गई है। देश में अब तक टीके की कुल 129.5 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी मंगलवार के आंकड़े के अनुसार बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 6,822 मामले सामने आए थे जो कि 558 दिनों में सबसे कम थे। लेकिन आज फिर से लगभग 2000 मरीजों की बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं इस दौरान 220 लोगों की मौत भी हुई थी। इसके अलावा 10,004 लोग स्वस्थ भी हुए और रिकवरी दर 98.36 फीसदी पहुंच गई थी।  

Section 144 implemented in Lucknow amid the danger of new variant Omicron of Corona
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कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खतरे बीच लखनऊ में धारा 144 लागू

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने करीब एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। पुलिस ने ये फैसला क्रिसमस, नए साल के जश्न, कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खतरे, आने वाले दिनों में होने वाली परीक्षाओं और विभिन्न किसान संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन के मद्देनज़र लिया है। लखनऊ ज़िले में 7 दिसंबर यानी आज से 5 जनवरी 2022 तक के लिए धारा 144 लागू रहेगी। क्रिसमस, 31 दिसंबर और नए साल की पार्टियों के दौरान कोरोना वायरस प्रोटाकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। इसके लिए पुलिस ने मास्क लगाना और दो गज की दूरी का पालन करना अनिवार्य कर दिया है। लखनऊ पुलिस ने मंगलवार को इसको  लेकर एक आदेश जारी किया। पुलिस आयुक्त डी के ठाकुर ने बताया कि शासन द्वारा लागू किये गये कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से अनुपालन करना होगा।  इस दौरान विधानभवन और उसके आस-पास एक किलोमीटर के दायरे में विशेष सतर्कता रहेगी। इस परिधि में इक्का, तांगा, अग्नेयाश्त्र, ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, ऑनलाइन गतिविधियों पर साइबर क्राइम सेल की कड़ी नजर रहेगी। ऑनलाइन अफवाहें फैलाने वालों और आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक, अब बंद स्थानों पर होने वाली शादियों और अन्य आयोजनों में एक वक्त पर 100 अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा कोविड हेल्प डेस्क की बनाना भी आवश्यक होगा। 

Opposition parties united against the suspension of 12 MPs from Rajya Sabha, boycotted the proceedings
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राज्यसभा से 12 सांसदों के निलंबन के खिलाफ विपक्षी दल एकजुट, कार्यवाही का किया बहिष्कार

राज्यसभा से विपक्षी सांसदों के निलंबन के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में विरोध जारी है। विपक्षी नेताओं ने आज दिन भर सदन के बहिष्कार करने का ऐलान किया है।  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के मुताबिक, राज्यसभा में विपक्ष के सभी सांसद संसद परिसर में सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक गांधी मूर्ति के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे। खड़गे ने लोकसभा के विपक्षी नेताओं से भी इस प्रदर्शन में समर्थन देने की अपील की है। ऐसे में अगर लोकसभा के विपक्षी सांसद भी सदन का बहिष्कार करते है तो आज संसद की कार्यवाही चलने की संभावना नहीं है।   

Doctors' strike continues due to Omicron threat
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ओमिक्रोन के खतरे के चलते डॉक्टरों की हड़ताल जारी

कोरोना का ओमिक्रोन वेरिएंट अब कई देशों समेत भारत में भी फैल चुका है। एक तरफ जहां भारत में हर रोज कोरोना के इस वेरिएंट के संक्रमितों को मामला बढ़ता जा रहा है वहीं  NEET-PG काउंसलिंग में देरी के विरोध में दिल्ली के अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। डॉक्टरों द्वारा किए जा रहे हड़ताल के चलते मरीजों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के चलते कई अस्पतालों में न तो इमरजेंसी चल रही है और न ही OPD में डॉक्टर देख रहे हैं।  दरअसल नीट PG काउंसलिंग नहीं होने की वजह से कई अस्पतालों में डॉक्टरों की भर्ती नहीं हो रही जिससे रेजिडेंट डॉक्टर्स को कई परेशानिया झेलनी पड़ रही हैं। रुकी हुई भर्तियों को देखते हुए फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स असोसिएशन ने देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की थी। वहीं हड़ताल को बढ़ता देख सरकार की तरफ से डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज सुनील कुमार रेजिडेंट डॉक्टरों को समझाने के लिए पहुंचे। जिनका हड़ताल कर रहे डॉक्टरों ने पुरजोर विरोध किया। लगातार 27 नवंबर से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे रेजिडेंट डॉक्टरों ने मांगे पूरी ना होने के चलते आज से ओपीडी के साथ-साथ इमरजेंसी सेवा भी बंद कर दी।  बता दें कि राजधानी दिल्ली के अस्पताल RML और लेडी हॉर्डिंग में भी रेजिडेंट डॉक्टर ने सभी तरह की ओपीडी सुविधा को बंद कर दिया है।  जिसके बाद अस्पतालों में आने वाले लाखों मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं 2 दिन पहले भी सफदरजंग में फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी, लेकिन उनकी मांगें पूरी नहीं की गई। जिसके बाद बढ़ा कदम उठाते हुए आज रेजिडेंट डॉक्टर्स ने ओपीडी और इमरजेंसी सेवा को बंद कर दिया है। 

India included in the list of countries with poor and high inequality
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भारत गरीब और असमानता वाले देशों की सूची में हुआ शामिल

भारत एक गरीब और काफी असमानता वाले देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां वर्ष 2021 में एक फीसदी आबादी के पास राष्ट्रीय आय का 22 फीसदी हिस्सा है जबकि निचले तबके के पास 13 फीसदी है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। 'विश्व असमानता रिपोर्ट 2022' शीर्षक वाली रिपोर्ट के लेखक लुकास चांसल हैं जो कि 'वर्ल्ड इनइक्यूलैटी लैब' के सह-निदेशक हैं। इस रिपोर्ट को तैयार करने में फ्रांस के अर्थशास्त्री थॉमस पिकेट्टी समेत कई विशेषज्ञों ने सहयोग दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब दुनिया के सर्वाधिक असमानता वाले देशों की सूची में शामिल हो गया है।  रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की वयस्क आबादी की औसत राष्ट्रीय आय 2,04,200 रुपये है जबकि निचले तबके की आबादी (50 प्रतिशत) की आय 53,610 रुपये है और शीर्ष 10 फीसदी आबादी की आय इससे करीब 20 गुना (11,66,520 रुपये) अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की शीर्ष 10 फीसदी आबादी के पास कुल राष्ट्रीय आय का 57 फीसदी, जबकि एक फीसदी आबादी के पास 22 फीसदी है। वहीं, नीचे से 50 फीसदी आबादी की इसमें हिससेदारी मात्र 13 फीसदी है। इसके मुताबिक, भारत में औसत घरेलू संपत्ति 9,83,010 रुपये है। 

Farmers' organizations will meet again this afternoon on the proposals of the government
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सरकार के प्रस्तावों पर आज दोपहर फिर होगी किसान संगठनों की बैठक

पीएम ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था। हालांकि केंद्र के इस फैसले के बाद भी किसानों का आंदोलन जारी है। कृषि से जुड़ी मांगों को लेकर किसानों के आंदोलन के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दरअसल संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर आज दोपहर 2 बजे बैठक करेगा। SKM ने मंगलवार को कहा कि उसने आंदोलन को समाप्त करने का अनुरोध करने वाले सरकार के प्रस्ताव का जवाब दिया है, जिसमें कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संगठन ने कहा कि उसने किसानों पर दर्ज फर्जी मामले वापस लेने के लिये आंदोलन समाप्त करने की सरकार की पूर्व शर्त पर भी स्पष्टीकरण मांगा है। किसान नेताओं ने कहा कि वे इस मुद्दे पर बुधवार यानी आज दोपहर 2 बजे एक और बैठक करेंगे।   

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में केन्द्र सरकार पर बोला जोरदार हमला

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में केन्द्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को लेकर असंवेदनसील है। सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार देश की संपत्तियों को बेचने का काम कर रही है। सीमा विवाद पर बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष सीमा पर असुरक्षा को लेकर चर्चा करना चाहता है, लेकिन सरकार इसको लेकर तैयार नहीं है। उन्होंने केन्द्र सरकार की महंगाई और विनिवेश की नीति को लेकर आड़े हाथों लिया। सोनिया गांधी ने राज्यसभा में 12 सांसदों के निलंबन को अनुचित करार दिया। इसके साथ ही, उन्होंने प्रदर्शनकारी किसानों को याद कर कहा- "आइए बलिदान देने वाले 700 प्रदर्शनकारी किसानों का सम्मान करें।"  कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार भारत की संपत्ति बेचती है।  लगातार बढ़ रही महंगाई करोड़ों परिवार के मासिक बजट को खराब कर रही है। 

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जयराम सरकार अब कुछ ही दिनों की मेहमान : अजय महाजन | Himachal News

In Politics
Jairam Sarkar is now a guest for a few days: Ajay Mahajan

प्रदेश में बढ़ती महंगाई को लेकर विपक्ष लगातर सरकार का घेराव कर रहा है। पूर्व विधायक अजय महाजन ने महंगाई व बेरोजगारी पर सरकार को आड़े हाथ लिया है। अजय महाजन का कहना है कि बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से आम आदमी त्रस्त हो गया है। महंगाई कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। इससे साबित होता है कि प्रदेश सरकार की नीतियां जन विरोधी हैं। जनता त्रस्त है पर सरकार कोई भी जनकल्याण का फैसला नहीं ले रही है। अजय महाजन का कहना है कि जनता ज्यादा परेशान न हो यह सरकार अब कुछ ही दिनों की मेहमान है। कांग्रेस सत्ता में आते ही आम आदमी की परेशानी को दूर करने के लिए जन कल्याण की नीतियां बनाएगी और लोगों को महंगाई व बेरोजगारी की समस्याओं से निजात दिलाएगी। अजय महाजन का कहना कि हाल ही में हुई जेसीसी की बैठक में कर्मचारियों को कोई फायदा नहीं हुआ है। जिस छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। उसमें तो पहले ही पांच साल का विलंब हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू न कर सिर्फ 2009 की नोटिफिकेशन को मानकर कर्मचारियों के हितों के साथ कुठाराघात किया है, 2009 की नोटिफिकेशन तो ओल्ड पेंशन स्कीम का ही एक हिस्सा है। हजारों आउटसोर्स कर्मचारी जो सरकारी कर्मचारी के बराबर काम करते हैं, इसके लिए कोई नीति न लाकर सरकार ने कर्मचारी हितैषी न होने का प्रमाण दिया है। अजय महाजन का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जनकल्याण के कार्य किए जिस कारण वह लोगों के दिलों में आज भी राजा की तरह राज करते हैं। जबकि भाजपा ने 2017 के विजन डॉक्यूमेंट में जो वादे कर्मचारियों से किए थे उन्हें ही पूरा करने में चार साल का विलंब कर दिया है। यही कारण है कि जनता ने उपचुनाव में चारों सीटें कांग्रेस को दिलवाकर बता दिया है कि सरकार की मशीनरी हांफ गई है। महंगाई व बेरोजगारी पर कोई लगाम नहीं है।   Himachal Pradesh News | Himachal Politics

शिमला: मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए विशेष जागरूकता अभियान की होगी शुरुआत- मुख्यमंत्री | Shimla News

In Health
Shimla: Special awareness campaign will be started for mother and child health: Chief Minister

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य एक स्वस्थ समाज और समृद्ध हिमाचल के लिए महत्वपूर्ण है और इस बारे मे लोगों को जागरूक करने के लिए प्रदेश में एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। मुख़्यमंत्री ने मंगलवार को राज्य सरकार और नीति आयोग द्वारा पोषण और सहकारी संघवाद विषय पर आयोजित कार्यशाला को सम्बोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोषण को एक जन आंदोलन बनाने के लिए जमीनी स्तर पर और अधिक जागरूकता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पोषण जागरूकता के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया है और अब 18,925 आंगनबाड़ी और 5,99,643 लाभार्थियों को पोषण ट्रैक्कर पर पंजीकृत किया जा रहा  हैं। उन्होंने कहा कि अति कुपोषित एवं मध्यम कुपोषित बच्चों के प्रबंधन के लिए हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से एक मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को सबसे पसंदीदा पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए कृतसंकल्प है। हिमाचल का लगभग प्रत्येक क्षेत्र प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण है, लेकिन बेहतर सम्पर्क सुविधा यहां सबसे प्रमुख चुनौती है। उन्होंनेे कहा कि 15वें वित्त आयोग ने हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार और उन्नयन के लिए 400 करोड़ रूपये, मण्डी जिला में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रूपये और ज्वालामुखी मंदिर के लिए पेयजल और मल निकासी योजना के सुधारीकरण के लिए 20 करोड़ रूपये की अनुशंसा की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक राजस्व घाटे वाला राज्य है और विभिन्न आधारभूत संरचना परियोजनाओं में निवेश के लिए राज्य के पास सीमित साधन है। ऐसे में इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए उदार सहायता की आवश्यकता है। राज्य मे रेल सम्पर्क बढ़ाने पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें भू-अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस विषय पर राज्य को क्षतिपूर्ति प्रदान करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि इससे हिमाचल मे रेल नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सत्त यातायात व्यवस्था को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल पाॅलिसी तैयार की है ताकि हिमाचल प्रदेश को विद्युत गतिशीलता विकास और इलैक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में वैश्विक केन्द्र बनाया जा सके और विद्युत चालित वाहनों के लिए सार्वजनिक एवं निजी चार्जिंग आधारभूत संरचना तैयार की जा सके। इसके लिए विद्युत चालित वाहन निर्माता उद्योगों को अनुदान और प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने बजट का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवा क्षेत्र में व्यय कर रही है। खाद्य एवं फल प्रसंस्करण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि किसानों और बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।   Shimla | Himachal News

हिमाचल प्रदेश में शीतकालीन स्कूलों में दिसंबर में होंगी तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं

In Education
Board examinations of class III, V and VIII will be held in December in winter schools in Himachal Pradesh

शीतकालीन स्कूलों में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं दिसंबर में होंगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पहले प्रावधान को प्रदेश में इसी सत्र से हिमाचल प्रदेश सरकार लागू करने जा रही है। इन कक्षाओं के प्रश्नपत्र स्कूल शिक्षा बोर्ड तैयार करेगा। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच क्लस्टर, ब्लाक और जिला स्तर पर होगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों में मार्च में इन कक्षाओं की बोर्ड आधारित परीक्षाएं होंगी। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का नया प्रावधान लागू होते ही तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों पर अधिक फोकस किया जा रहा है। अब इन कक्षाओं में भी विद्यार्थियों को अंकों के आधार पर अगली कक्षाओं में भेजा जाएगा। कम अंक लाने पर विद्यार्थी फेल भी होंगे। जुलाई 2021 में हुई कैबिनेट बैठक में तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की भी परीक्षाएं लेने का फैसला लिया गया था।

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में भारत ने बेल्जियम को 1-0 से से दी मात,सेमीफाइनल में बनाई जगह

In Sports
India beat Belgium 1-0 in Junior Hockey World Cup, made it to the semi-finals

मौजूदा चैम्पियन भारत ने यूरोप की शीर्ष टीम बेल्जियम को 1-0 से हराकर एफआईएच जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इसके साथ ही भारत ने खिताब बचाने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा। लखनऊ में 2016 में पिछले टूर्नामेंट में बेल्जियम को 2-1 सहराकर खिताब जीतने वाले भारत ने जूनियर हॉकी यूरोपीय टीम पर अपना दबदबा बरकरार रखा है। शारदानंद तिवारी ने 21वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जो भारत के लिए अंतिम चार में पहुंचने के लिए पर्याप्त था। यह मैच दोनों टीमों के रक्षात्मक कौशल का शानदार उदाहरण रहा और भारत एक गोल दागने से आगे बढ़ने में सफल रहा। भारत शुक्रवार को सेमीफाइनल में पिछली बार के कांस्य पदक विजेता जर्मनी से भिड़ेगा। छह बार के चैम्पियन जर्मनी ने शूटआउट में स्पेन को 3-1 से हराया बेल्जियम ने आक्रामक शुरुआत करके भारत पर दबाव बनाया, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने किसी तरह की हड़बड़ी नहीं दिखाई और सहजता से हमलों को नाकाम किया। 

दिल्ली के ED दफ्तर पहुंची नोरा फतेही, रंगदारी मामले में होगी पूछताछ

In Entertainment
Nora Fatehi reaches Delhi's ED office, will be questioned in extortion case

बॉलीवुड अभिनेत्री और मॉडल नोरा फतेही रंगदारी के एक केस में पूछताछ के लिए दिल्ली में ED के दफ़्तर पहुंची हैं। दिल्ली की तिहाड़ जेल से 200 करोड़ रुपये की रंगदारी के मामले में नोरा फतेही से पूछताछ होगी। इस मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस को भी ED ने पूछताछ के लिए बुलाया है। जैकलीन के कल ED दफ़्तर आने की संभावना है। प्रवर्तन निदेशालय का साफ तौर पर कहना है कि पहले भी नोरा फतेही के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।  पहले जो बयान दर्ज किए गए थे उनमें विरोधाभाष पाया गया था। इसी के आधार पर उन्हें एक बार फिर दिल्ली दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।  हालांकि इस मामले में अभी नोरा फतेही को गवाह के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन आज शाम तक पूछताछ के बाद उन्हें लेकर आगे की स्थिति साफ हो पाएगी। बता दें कि नोरा फतेही से सुकेश चंद्रशेखर मामले में पूछताछ हो रही है, सुकेश चंद्र शेखर फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है और उसने जेल के अंदर से ही करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी की थी। ईडी ने सुकेश और उसकी कथित पत्नी अभिनेत्री लीना पॉल पर शिकंजा कसना शुरू किया है। सुकेश ने नोरा को अपने जाल में फंसा कर पैसे वसूलने की कोशिश की थी। 

कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खतरे बीच लखनऊ में धारा 144 लागू

In News
Section 144 implemented in Lucknow amid the danger of new variant Omicron of Corona

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने करीब एक महीने के लिए धारा 144 लागू कर दी है। पुलिस ने ये फैसला क्रिसमस, नए साल के जश्न, कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के खतरे, आने वाले दिनों में होने वाली परीक्षाओं और विभिन्न किसान संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन के मद्देनज़र लिया है। लखनऊ ज़िले में 7 दिसंबर यानी आज से 5 जनवरी 2022 तक के लिए धारा 144 लागू रहेगी। क्रिसमस, 31 दिसंबर और नए साल की पार्टियों के दौरान कोरोना वायरस प्रोटाकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। इसके लिए पुलिस ने मास्क लगाना और दो गज की दूरी का पालन करना अनिवार्य कर दिया है। लखनऊ पुलिस ने मंगलवार को इसको  लेकर एक आदेश जारी किया। पुलिस आयुक्त डी के ठाकुर ने बताया कि शासन द्वारा लागू किये गये कोविड प्रोटोकाल का कड़ाई से अनुपालन करना होगा।  इस दौरान विधानभवन और उसके आस-पास एक किलोमीटर के दायरे में विशेष सतर्कता रहेगी। इस परिधि में इक्का, तांगा, अग्नेयाश्त्र, ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, ऑनलाइन गतिविधियों पर साइबर क्राइम सेल की कड़ी नजर रहेगी। ऑनलाइन अफवाहें फैलाने वालों और आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक, अब बंद स्थानों पर होने वाली शादियों और अन्य आयोजनों में एक वक्त पर 100 अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी रहेगी। इसके अलावा कोविड हेल्प डेस्क की बनाना भी आवश्यक होगा। 

पेट्रोल-डीजल के दामों में नहीं हुई कोई कटौती और बढ़ोतरी, जानिए आज के दाम | Petrol Diesel Prices India

In National News
There was no cut and increase in the prices of petrol and diesel, know today's price

सरकारी तेल कंपनियों ने आज भी पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई कटौती या बढ़ोतरी नहीं की है। एक महीने से ज्यादा समय से पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पेट्रोल के रेट की बात करें तो दिल्ली में पेट्रोल 95.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल 86.67 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। दिल्ली में पेट्रोल 95.41 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है जबकि डीजल का रेट 86.67 रुपये प्रति लीटर है। जबकि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 109.98 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर पर मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 104.67 रुपये और डीजल 89.79 रुपये प्रति लीटर के रेट पर बिक रहा है।  Petrol Diesel Prices India News Update

रूसी राष्ट्रपति पुतिन आज आएंगे भारत, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात | India News

In International News
Russian President Putin will come to India today, will meet PM Modi

भारत और रूस की दशकों पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज दिल्ली आ रहे हैं। कोरोना संकट की वजह से पुतिन का ये भारत दौरा बेहद छोटा यानी महज कुछ घंटों का रखा गया है, लेकिन इसका असर ना सिर्फ दोनों देशों के सबंधों पर होगा बल्कि इससे चीन और पाकिस्तान जैसे भारत के पड़ोसी देशों को भी बड़ा संदेश जाएगा। रूसी राष्ट्रपति पुतिन दोपहर बाद दिल्ली पहुंचेंगे और महज़ 6-7 घण्टे के लिए भारत में होंगे। इस दौरान दोनों मुल्कों के बीच कई स्तर पर बातचीत होगी। पहले दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच टू प्लस टू वार्ता होगी और इसके बाद शाम 5.30 बजे दिल्ली के हैदराबाद हाउस में राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 21वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सुरक्षा कारणों की वजह से राष्ट्रपति पुतिन के भारत पहुंचने के समय का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन अनुमान के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति दोपहर दो बजे भारत पहुंचेंगे और रात 9.30 बजे अपने वतन वापस लौट जाएंगे।    Russian President Putin will come to India today, will meet PM Narendra Modi

पता मेरा तुझे मिट्टी कहेगी, समा जिसमें चुका सौ बार हूँ मैं

In Kavya Rath
I know I will call you soil, in which I have gone a hundred times

भारत का एक ऐसा कवि जिसे स्वतंत्रता के बाद राष्ट्रकवि की ख्याति प्राप्त हुई। ऐसा कवि जिसकी कविताओं में एक ओर ओज, विद्रोह, आक्रोश और क्रान्ति की पुकार है तो दूसरी ओर कोमल श्रृंगारिक भावनाओं की अभिव्यक्ति। एक ऐसा कवि जो साहित्य का वह सशक्त हस्ताक्षर हैं जिसकी कलम में दिनकर यानी सूर्य के समान चमक थी। हम बात कर रहे है रामधारी सिंह दिनकर की। उनकी ही लिखी कविता 'परिचय' की इन पंक्तियों से बेहतर भला उनका परिचय क्या हो सकता है ' मुझे क्या गर्व हो अपनी विभा का,चिता का धूलिकण हूँ , शार हूँ मैं ,पता मेरा तुझे मिट्टी कहेगी, समा जिसमें चूका सौ बार हूँ मैं ' 23 सितम्बर को राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती होती है। पूरा देश अपने राष्ट्रकवि को याद करता है, नमन करता है। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' वो कवि है जिनकी रचनाओं  में ओज, शौर्य, प्रेम और सौंदर्य सब एक साथ आकार पाते हैं। वे आंदोलित भी करते हैं और आह्लादित भी। वे 'परशुराम की प्रतीक्षा' भी लिखते है और 'उर्वशी' भी। दिनकर द्वंद्वात्मक ऐक्य के कवि हैं।  उन्हें समय को साधने वाला कवि गया। पर दिनकर ‘राष्ट्रकवि’ ही नहीं 'जनकवि' भी थे। वे उन चंद कवियों में शुमार रहे है जिनके द्वारा लिखी गई पंक्तियाँ आज भी आम जनमानस द्वारा पढ़ी और दोहराई जाती है। दिनकर वो कवि थे जिन्होंने देश के क्रांतिकारी आंदोलन को अपनी कविता से स्वर दिया। दिनकर वो कवि थे जिनके द्वारा लिखी गई पंक्तियाँ 'सिंहासन खाली करो की जनता आती है' आज भी देश के जान आंदोलनों की आवाज है। रामधारी सिंह दिनकर जितने सुगढ़ कवि थे, उतने ही सचेत गद्य लेखक भी रहे। आज़ादी के बाद वे पंडित नेहरू और सत्ता के क़रीब भी रहे, कांग्रेस ने उन्हे राज्यसभा भी भेजा लेकिन राष्ट्रकवि का दायित्व उन्होंने हमेशा निभाया। दिनकर सारी उम्र सियासत से लोहा लेते रहे। उन्होंने कभी किसी नेता की जय-जयकार नहीं की, हमेशा उनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि रहा। एक वाकिया ऐसा ही है जब लालकिले की सीढ़ियों से उतरते हुए नेहरू लड़खड़ा गए..तभी दिनकर ने उनको सहारा दिया।  इसपर नेहरू ने कहा- शुक्रिया.., दिनकर तुरंत बोले-''जब-जब राजनीति लड़खड़ाएगी, तब-तब साहित्य उसे सहारा देगा।'' उनके ये तेवर ताउम्र बरकरार रहे। 11 वर्षों की नौकरी में 23 बार हुआ था स्थानांतरण राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की राष्ट्रभक्ति ब्रिटिश हुकूमत को रास नहीं आती थी। 11 वर्षों की नौकरी में उनका 23 बार स्थानांतरण किया गया, पर उन्होंने अंग्रेजी अत्याचार के विरूद्ध लिखना नहीं छोड़ा। 23 सितंबर,1908 को बेगूसराय के सिमरिया गांव में जन्मे रामधारी सिंह दिनकर जब दो वर्ष के थे तब उनके पिता रवि सिंह का देहांत हो गया था। मां मनरूप देवी ने ही उनका पालन-पोषण किया। पटना कॉलेज से हिन्दी में स्नातक की डिग्री लेने के बाद 1928 में साइमन कमीशन के भारत आगमन के विरोध में गांधी मैदान में हुए आंदोलन में वे शामिल हो गए। इसके उपरांत वर्ष 1934 में उन्होंने पटना निबंधन कार्यालय में सब रजिस्ट्रार के पद पर सरकारी नौकरी शुरू कर दी।1945 तक उन्होंने यह नौकरी की। फिर 1945 में उन्हें प्रचार निदेशालय में उप निदेशक बना दिया गया। 1947 में देश की आजादी मिलने तक उन्होंने नौकरी की। इस बीच दिनकर ने जब वर्ष 1935 में जब 'रेणुका' नामक कविता संग्रह की रचना की तो उनका तबादला पटना निबंधन कार्यालय से बाढ़ कार्यालय कर दिया गया। फिर वर्ष 1938 आया और उनका कविता संग्रह 'हुंकार' प्रकाशित हुआ, तब फिर उनपर ब्रिटिश सरकार विरोधी होने के आरोप लगे और उनका तबादला नरकटियागंज कर दिया गया। जब-जब उनकी कोई नई पुस्तक प्रकाशित होती, उनका तबादला भी साथ-साथ होता रहता। पर दिनकर की कलम की धार कम नहीं हुई। द्वितीय विश्व युद्ध के शुरू होते ही ब्रिटिश हुकूमत की आँखों में दिनकर और ज्यादा अखरने लगे और  उन्हें नौकरी छोड़ने को बाध्य किया जाने लगा। तब ब्रिटिश हुकूमत ने उनका तबादला 1945 में प्रचार विभाग में उप निदेशक के पद पर कर दिया। ब्रिटिश हुकूमत को उनसे शिकायत रहती थी कि उनकी रचनाओं से क्रांतिकारी आंदोलन को हवा मिलती थी, और ये सच भी था।   'उर्वशी' के लिए मिला ज्ञानपीठ पुरस्कार दिनकर ने  'रेणुका', 'हुंकार', 'रसवंती', 'द्वंद्व गीत', 'कुरुक्षेत्र', 'धूपछांह', 'समधनी', 'बापू' आदि महत्वपूर्ण कविता संग्रहों की रचना की थी। दिनकर को उनकी रचना 'उर्वशी' के लिए 1972 में ज्ञानपीठ पुरस्कार, 1959 में भारत सरकार की ओर से पद्मभूषण सम्मान एवं 1959 में ही 'संस्कृति के चार अध्याय' पुस्तक के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। ये उनकी तठस्तता ही थी कि उनको सत्ता का विरोध करने के बावजूद साहित्य अकादमी पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार, पद्मविभूषण आदि तमाम बड़े पुरस्कारों से नवाजा गया।   "सिंहासन खाली करो कि जनता आती है " सदियों की ठण्डी-बुझी राख सुगबुगा उठी मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो सिंहासन खाली करो कि जनता आती है   जनता ? हाँ, मिट्टी की अबोध मूरतें वही जाड़े-पाले की कसक सदा सहनेवाली जब अँग-अँग में लगे साँप हो चूस रहे तब भी न कभी मुँह खोल दर्द कहनेवाली जनता ? हाँ, लम्बी-बडी जीभ की वही कसम "जनता,सचमुच ही, बडी वेदना सहती है।" "सो ठीक, मगर, आखिर, इस पर जनमत क्या है ?" 'है प्रश्न गूढ़ जनता इस पर क्या कहती है ?" मानो,जनता ही फूल जिसे अहसास नहीं जब चाहो तभी उतार सजा लो दोनों में अथवा कोई दूधमुँही जिसे बहलाने के जन्तर-मन्तर सीमित हों चार खिलौनों में लेकिन होता भूडोल, बवण्डर उठते हैं जनता जब कोपाकुल हो भृकुटि चढाती है दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो सिंहासन खाली करो कि जनता आती है हुँकारों से महलों की नींव उखड़ जाती साँसों के बल से ताज हवा में उड़ता है जनता की रोके राह, समय में ताव कहाँ ? वह जिधर चाहती, काल उधर ही मुड़ता है अब्दों, शताब्दियों, सहस्त्राब्द का अन्धकार बीता; गवाक्ष अम्बर के दहके जाते हैं यह और नहीं कोई, जनता के स्वप्न अजय चीरते तिमिर का वक्ष उमड़ते जाते हैं सब से विराट जनतन्त्र जगत का आ पहुँचा तैंतीस कोटि-हित सिंहासन तय करो अभिषेक आज राजा का नहीं, प्रजा का है तैंतीस कोटि जनता के सिर पर मुकुट धरो आरती लिए तू किसे ढूँढ़ता है मूरख मन्दिरों, राजप्रासादों में, तहखानों में ? देवता कहीं सड़कों पर गिट्टी तोड़ रहे देवता मिलेंगे खेतों में, खलिहानों में फावड़े और हल राजदण्ड बनने को हैं धूसरता सोने से शृँगार सजाती है दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो सिंहासन खाली करो कि जनता आती है "कलम, आज उनकी जय बोल " जला अस्थियाँ बारी-बारी चिटकाई जिनमें चिंगारी, जो चढ़ गये पुण्यवेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल कलम, आज उनकी जय बोल। जो अगणित लघु दीप हमारे तूफानों में एक किनारे, जल-जलाकर बुझ गए किसी दिन माँगा नहीं स्नेह मुँह खोल कलम, आज उनकी जय बोल। पीकर जिनकी लाल शिखाएँ उगल रही सौ लपट दिशाएं, जिनके सिंहनाद से सहमी धरती रही अभी तक डोल कलम, आज उनकी जय बोल। अंधा चकाचौंध का मारा क्या जाने इतिहास बेचारा, साखी हैं उनकी महिमा के सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल कलम, आज उनकी जय बोल " कृष्ण की चेतावनी " वर्षों तक वन में घूम-घूम, बाधा-विघ्नों को चूम-चूम, सह धूप-घाम, पानी-पत्थर, पांडव आये कुछ और निखर। सौभाग्य न सब दिन सोता है, देखें, आगे क्या होता है। मैत्री की राह बताने को, सबको सुमार्ग पर लाने को, दुर्योधन को समझाने को, भीषण विध्वंस बचाने को, भगवान् हस्तिनापुर आये, पांडव का संदेशा लाये। ‘दो न्याय अगर तो आधा दो, पर, इसमें भी यदि बाधा हो, तो दे दो केवल पाँच ग्राम, रक्खो अपनी धरती तमाम। हम वहीं खुशी से खायेंगे, परिजन पर असि न उठायेंगे! दुर्योधन वह भी दे ना सका, आशीष समाज की ले न सका, उलटे, हरि को बाँधने चला, जो था असाध्य, साधने चला। जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। हरि ने भीषण हुंकार किया, अपना स्वरूप-विस्तार किया, डगमग-डगमग दिग्गज डोले, भगवान् कुपित होकर बोले- ‘जंजीर बढ़ा कर साध मुझे, हाँ, हाँ दुर्योधन! बाँध मुझे। यह देख, गगन मुझमें लय है, यह देख, पवन मुझमें लय है, मुझमें विलीन झंकार सकल, मुझमें लय है संसार सकल। अमरत्व फूलता है मुझमें, संहार झूलता है मुझमें। ‘उदयाचल मेरा दीप्त भाल, भूमंडल वक्षस्थल विशाल, भुज परिधि-बन्ध को घेरे हैं, मैनाक-मेरु पग मेरे हैं। दिपते जो ग्रह नक्षत्र निकर, सब हैं मेरे मुख के अन्दर। ‘दृग हों तो दृश्य अकाण्ड देख, मुझमें सारा ब्रह्माण्ड देख, चर-अचर जीव, जग, क्षर-अक्षर, नश्वर मनुष्य सुरजाति अमर। शत कोटि सूर्य, शत कोटि चन्द्र, शत कोटि सरित, सर, सिन्धु मन्द्र। ‘शत कोटि विष्णु, ब्रह्मा, महेश, शत कोटि जिष्णु, जलपति, धनेश, शत कोटि रुद्र, शत कोटि काल, शत कोटि दण्डधर लोकपाल। जञ्जीर बढ़ाकर साध इन्हें, हाँ-हाँ दुर्योधन! बाँध इन्हें। ‘भूलोक, अतल, पाताल देख, गत और अनागत काल देख, यह देख जगत का आदि-सृजन, यह देख, महाभारत का रण, मृतकों से पटी हुई भू है, पहचान, इसमें कहाँ तू है। ‘अम्बर में कुन्तल-जाल देख, पद के नीचे पाताल देख, मुट्ठी में तीनों काल देख, मेरा स्वरूप विकराल देख। सब जन्म मुझी से पाते हैं, फिर लौट मुझी में आते हैं। ‘जिह्वा से कढ़ती ज्वाल सघन, साँसों में पाता जन्म पवन, पड़ जाती मेरी दृष्टि जिधर, हँसने लगती है सृष्टि उधर! मैं जभी मूँदता हूँ लोचन, छा जाता चारों ओर मरण। ‘बाँधने मुझे तो आया है, जंजीर बड़ी क्या लाया है? यदि मुझे बाँधना चाहे मन, पहले तो बाँध अनन्त गगन। सूने को साध न सकता है, वह मुझे बाँध कब सकता है? ‘हित-वचन नहीं तूने माना, मैत्री का मूल्य न पहचाना, तो ले, मैं भी अब जाता हूँ, अन्तिम संकल्प सुनाता हूँ। याचना नहीं, अब रण होगा, जीवन-जय या कि मरण होगा। ‘टकरायेंगे नक्षत्र-निकर, बरसेगी भू पर वह्नि प्रखर, फण शेषनाग का डोलेगा, विकराल काल मुँह खोलेगा। दुर्योधन! रण ऐसा होगा। फिर कभी नहीं जैसा होगा। ‘भाई पर भाई टूटेंगे, विष-बाण बूँद-से छूटेंगे, वायस-श्रृगाल सुख लूटेंगे, सौभाग्य मनुज के फूटेंगे। आखिर तू भूशायी होगा, हिंसा का पर, दायी होगा।’ थी सभा सन्न, सब लोग डरे, चुप थे या थे बेहोश पड़े। केवल दो नर ना अघाते थे, धृतराष्ट्र-विदुर सुख पाते थे। कर जोड़ खड़े प्रमुदित, निर्भय, दोनों पुकारते थे ‘जय-जय’! ” परशुराम की प्रतीक्षा ” गरदन पर किसका पाप वीर ! ढोते हो ? शोणित से तुम किसका कलंक धोते हो ? उनका, जिनमें कारुण्य असीम तरल था, तारुण्य-ताप था नहीं, न रंच गरल था; सस्ती सुकीर्ति पा कर जो फूल गये थे, निर्वीर्य कल्पनाओं में भूल गये थे; गीता में जो त्रिपिटक-निकाय पढ़ते हैं, तलवार गला कर जो तकली गढ़ते हैं; शीतल करते हैं अनल प्रबुद्ध प्रजा का, शेरों को सिखलाते हैं धर्म अजा का; सारी वसुन्धरा में गुरु-पद पाने को, प्यासी धरती के लिए अमृत लाने को जो सन्त लोग सीधे पाताल चले थे, (अच्छे हैं अबः; पहले भी बहुत भले थे।) हम उसी धर्म की लाश यहाँ ढोते हैं, शोणित से सन्तों का कलंक धोते हैं। ” हमारे कृषक ” जेठ हो कि हो पूस, हमारे कृषकों को आराम नहीं है छूटे कभी संग बैलों का ऐसा कोई याम नहीं है मुख में जीभ शक्ति भुजा में जीवन में सुख का नाम नहीं है वसन कहाँ? सूखी रोटी भी मिलती दोनों शाम नहीं है बैलों के ये बंधू वर्ष भर क्या जाने कैसे जीते हैं बंधी जीभ, आँखें विषम गम खा शायद आँसू पीते हैं पर शिशु का क्या, सीख न पाया अभी जो आँसू पीना चूस-चूस सूखा स्तन माँ का, सो जाता रो-विलप नगीना विवश देखती माँ आँचल से नन्ही तड़प उड़ जाती अपना रक्त पिला देती यदि फटती आज वज्र की छाती कब्र-कब्र में अबोध बालकों की भूखी हड्डी रोती है दूध-दूध की कदम-कदम पर सारी रात होती है दूध-दूध औ वत्स मंदिरों में बहरे पाषान यहाँ है दूध-दूध तारे बोलो इन बच्चों के भगवान कहाँ हैं दूध-दूध गंगा तू ही अपनी पानी को दूध बना दे दूध-दूध उफ कोई है तो इन भूखे मुर्दों को जरा मना दे दूध-दूध दुनिया सोती है लाऊँ दूध कहाँ किस घर से दूध-दूध हे देव गगन के कुछ बूँदें टपका अम्बर से हटो व्योम के, मेघ पंथ से स्वर्ग लूटने हम आते हैं दूध-दूध हे वत्स! तुम्हारा दूध खोजने हम जाते हैं ” समर शेष है ” ढीली करो धनुष की डोरी, तरकस का कस खोलो , किसने कहा, युद्ध की वेला चली गयी, शांति से बोलो? किसने कहा, और मत वेधो ह्रदय वह्रि के शर से, भरो भुवन का अंग कुंकुम से, कुसुम से, केसर से? कुंकुम? लेपूं किसे? सुनाऊँ किसको कोमल गान? तड़प रहा आँखों के आगे भूखा हिन्दुस्तान । फूलों के रंगीन लहर पर ओ उतरनेवाले ! ओ रेशमी नगर के वासी! ओ छवि के मतवाले! सकल देश में हालाहल है, दिल्ली में हाला है, दिल्ली में रौशनी, शेष भारत में अंधियाला है । मखमल के पर्दों के बाहर, फूलों के उस पार, ज्यों का त्यों है खड़ा, आज भी मरघट-सा संसार । वह संसार जहाँ तक पहुँची अब तक नहीं किरण है जहाँ क्षितिज है शून्य, अभी तक अंबर तिमिर वरण है देख जहाँ का दृश्य आज भी अन्त:स्थल हिलता है माँ को लज्ज वसन और शिशु को न क्षीर मिलता है। पूज रहा है जहाँ चकित हो जन-जन देख अकाज सात वर्ष हो गये राह में, अटका कहाँ स्वराज? अटका कहाँ स्वराज? बोल दिल्ली! तू क्या कहती है? तू रानी बन गयी वेदना जनता क्यों सहती है? सबके भाग्य दबा रखे हैं किसने अपने कर में? उतरी थी जो विभा, हुई बंदिनी बता किस घर में । समर शेष है, यह प्रकाश बंदीगृह से छूटेगा और नहीं तो तुझ पर पापिनी! महावज्र टूटेगा । समर शेष है, उस स्वराज को सत्य बनाना होगा जिसका है ये न्यास उसे सत्वर पहुँचाना होगा धारा के मग में अनेक जो पर्वत खडे हुए हैं गंगा का पथ रोक इन्द्र के गज जो अडे हुए हैं। कह दो उनसे झुके अगर तो जग मे यश पाएंगे अड़े रहे अगर तो ऐरावत पत्तों से बह जाऐंगे। समर शेष है, जनगंगा को खुल कर लहराने दो, शिखरों को डूबने और मुकुटों को बह जाने दो, पथरीली ऊँची जमीन है? तो उसको तोडेंगे, समतल पीटे बिना समर कि भूमि नहीं छोड़ेंगे। समर शेष है, चलो ज्योतियों के बरसाते तीर, खण्ड-खण्ड हो गिरे विषमता की काली जंजीर। समर शेष है, अभी मनुज भक्षी हुंकार रहे हैं, गांधी का पी रुधिर जवाहर पर फुंकार रहे हैं, समर शेष है, अहंकार इनका हरना बाकी है, वृक को दंतहीन, अहि को निर्विष करना बाकी है। समर शेष है, शपथ धर्म की लाना है वह काल, विचरें अभय देश में गाँधी और जवाहर लाल, तिमिर पुत्र ये दस्यु कहीं कोई दुष्काण्ड रचें ना, सावधान हो खडी देश भर में गाँधी की सेना, बलि देकर भी बलि! स्नेह का यह मृदु व्रत साधो रे, मंदिर औ’ मस्जिद दोनों पर एक तार बाँधो रे। समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।

हिमाचल प्रदेश में 14 फरवरी से 23 फरवरी तक होंगी विभागीय परीक्षाएं, ऐसे करें आवेदन

In Job
Departmental examinations will be held in Himachal from February 14 to February 23, apply like this

हिमाचल प्रदेश विभागीय परीक्षा बोर्ड के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के अधीन नियमित आधार पर सेवाएं प्रदान कर रहे पात्र अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए विभागीय परीक्षा का आयोजन 14 से 23 फरवरी, 2022 तक किया जाएगा। परीक्षाएं भारतीय प्रशासनिक सेवाएं, हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाएं, तहसीलदार/नायब तहसीलदार, भारतीय वन सेवाएं/हिमाचल प्रदेश वन सेवाएं के अधिकारियों, अन्य सभी राजपत्रित अधिकारियों और पात्र अराजपत्रित अधिकारियों तकनीकी और गैर-तकनीकी, राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग के आबकारी और कराधान निरीक्षक, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड निगम के अभियंता अधिकारियों, हिमाचल प्रदेश राज्य पर्यटन विभाग के सहायक अभियंता और राजस्व विभाग के पटवारियों के लिए विभागीय कानूनगो परीक्षा आयोजित की जा रही है। प्रवक्ता ने बताया कि केवल पेपर नम्बर-1 परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए राजकीय महाविद्यालय संजौली, राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला और राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मंडी में भी परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। अन्य सभी विषयों की परीक्षाएं राजकीय महाविद्यालय संजौली शिमला में ही आयोजित की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि जो उम्मीदवार विभागीय परीक्षाओं में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें मानव सम्पदा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इच्छुक उम्मीदवार अपने आवेदन 1 दिसम्बर से 31 दिसम्बरतक जमा करवा सकते हैं। प्रार्थियों द्वारा किए गए आवेदन तभी मान्य होंगे जब उन्हें विभाग द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। विभागाध्यक्ष प्रार्थियों द्वारा किए गए आवेदनों को 10 जनवरी, 2022 तक अनुमोदित कर पाएंगे और इसके उपरान्त विभागाध्यक्ष की विंडो स्वतः ही बंद हो जाएगी। उन्होंने बताया कि आवेदन फाॅर्म हिपा की वेबसाइट www.hipashimla.nic.in से डाउनलोड किया जा सकता है

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