•   Friday Sep 25
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Demand to prevent overlapping in CBSE JBT recruitment; HP JBT aspirants submit memorandum to CM through DC.
In Education

CBSE JBT भर्ती में ओवरलैपिंग रोकने की मांग, HP JBT अभ्यर्थियों ने DC के माध्यम से CM को सौंपा ज्ञापन

  हिमाचल प्रदेश में CBSE JBT भर्ती के साथ अन्य भर्ती में एक साथ चयन के कारण संभावित ओवरलैपिंग को रोकने और HP JBT चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने की मांग उठी है। JBT भर्ती के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। HP JBT भर्ती कोड 25004 के तहत 600 पदों के लिए परीक्षा 25 से 27 फरवरी को हुई थी, जबकि CBSE JBT भर्ती कोड 26015 के 600 पदों के लिए परीक्षा 13 से 17 जून तक आयोजित की गई। दोनों भर्तियों में 300 से अधिक अभ्यर्थियों के समान रूप से चयनित होने की संभावना जताई गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि HP JBT भर्ती का परिणाम 14 अगस्त को घोषित हो चुका है। वहीं, CBSE JBT भर्ती में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होनी है। HPRCA की ओर से करीब 10 प्रतिशत वेटिंग पैनल रखने की स्थिति में 600 पदों पर लगभग 60 अभ्यर्थियों को ही वेटिंग में रखा जा सकेगा। ऐसे में संभावित रिक्त पदों को भरना मुश्किल हो सकता है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, HP JBT भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं, ताकि CBSE JBT के पद रिक्त न रहें। दूसरी, CBSE JBT की वेटिंग लिस्ट को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि संभावित रिक्त पदों को वेटिंग पैनल से भरा जा सके। तीसरी, CBSE JBT की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया HP JBT के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद शुरू की जाए। अभ्यर्थियों ने कहा है कि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई होने से दोनों भर्तियों में ओवरलैपिंग की समस्या कम हो सकती है और अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सकेगा।

NSS Foundation Day celebrated with great enthusiasm at GSSS Gummar.
In Education

GSSS गुम्मर में धूमधाम से मनाया गया NSS स्थापना दिवस

 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुम्मर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का स्थापना दिवस उत्साह एवं गरिमापूर्ण ढंग से मनाया गया। कार्यक्रम में NSS के उद्देश्यों, सेवा भावना एवं सामाजिक उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला गया। इस अवसर पर NSS स्वयंसेवियों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया तथा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, सामाजिक जागरूकता स्वच्छता ही सेवा एवं राष्ट्र निर्माण का संदेश रैली के माध्यम से  दिया। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजन किया l स्वयंसेवियों ने NSS के आदर्श वाक्य “Not Me But You” को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या  ममता भाटिया, उपप्रधानाचार्य  अशोक कुमार, NSS कार्यक्रम अधिकारी  शिव राम, महिला अधिकारी  रीना देवी, श्रमीनाक्षी वर्मा,  संदीप कौंडल सहित विद्यालय के समस्त अध्यापक उपस्थित रहे। प्रधानाचार्या  ममता भाटिया ने NSS स्वयंसेवियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वयंसेवियों को अनुशासन, सेवा और जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। NSS कार्यक्रम अधिकारी शिव राम  ने स्वयंसेवियों को NSS के इतिहास, उद्देश्यों एवं महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि NSS युवाओं में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विद्यालय के सभी अध्यापकों ने NSS स्वयंसेवियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा भविष्य में भी समाजहित की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया l

No more hassle of paying electricity bills! Payments will be possible with a single click, as the board brings all payment options onto one platform.
In News update

बिजली बिल भरने की झंझट होगी खत्म! एक क्लिक पर होगा भुगतान, सभी पेमेंट विकल्प एक मंच पर लाएगा बोर्ड

हिमाचल प्रदेश के करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल भुगतान की प्रक्रिया जल्द और आसान होने वाली है। बिजली बोर्ड अब UPI, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, BBPS, RTGS/NEFT, QR कोड, POS मशीन और WhatsApp पेमेंट जैसे अलग-अलग विकल्पों को एक ही डिजिटल मंच पर लाने की तैयारी कर रहा हैI नई व्यवस्था के लिए बोर्ड ने RBI से अधिकृत पेमेंट एग्रीगेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद उपभोक्ताओं को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाकर भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी। किसी भी माध्यम से किया गया भुगतान एकीकृत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगा और उसका रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध रहेगा।  बोर्ड इसके लिए एक यूनिफाइड वेब-बेस्ड डैशबोर्ड भी तैयार करेगा। इसमें अलग-अलग माध्यमों से आए भुगतानों की निगरानी, मिलान और वित्तीय विश्लेषण एक ही जगह से किया जा सकेगा। इससे भुगतान सफल हुआ या नहीं, पैसा खाते में पहुंचा या किसी तकनीकी दिक्कत के कारण अटका—इसकी जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी।  बोर्ड ने इस परियोजना के लिए योग्य पेमेंट एग्रीगेटरों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्रस्ताव मांगे हैं। निविदाएं 6 अक्तूबर 2026 शाम 5 बजे तक जमा की जा सकती हैं।   तीन महीने में 30 लाख से ज्यादा डिजिटल भुगतान मई से जुलाई 2026 के बीच बिजली बोर्ड को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से 30 लाख से अधिक भुगतान मिले, जिनसे करीब 2027 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई। इनमें BBPS के जरिए करीब 24.96 लाख लेनदेन हुए और 298.34 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। पेमेंट गेटवे से 4.28 लाख से अधिक लेनदेन हुए, जबकि RTGS/NEFT के जरिए करीब 46,950 लेनदेन में 1004.41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई।  नई व्यवस्था में RTGS और NEFT के भुगतान का उसी दिन सेटलमेंट करने का प्रावधान होगा। वहीं UPI, कार्ड, BBPS और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्राप्त राशि अधिकतम अगले कार्य दिवस तक बोर्ड के खाते में पहुंचाने की व्यवस्था होगी।  फिलहाल भी HPSEBL के उपभोक्ता पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए बिजली बिल देखने और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। 

After her father, daughter also found dead in the Sutlej in Shimla: How did the car end up in the gorge? Accident or something else? Police investigating.
In News update

शिमला में पिता के बाद बेटी भी सतलुज में मृत मिली: आखिर खाई में कैसे पहुंची कार? हादसा या कुछ और, जांच में जुटी पुलिस

शिमला के सुन्नी में पिता की मौत के बाद बेटी भी लापता, सतलुज में तलाश जारी; आखिर खाई तक कैसे पहुंची पिकअप? शिमला जिले के सुन्नी के ओगली क्षेत्र से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए पिता-बेटी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। करीब एक सप्ताह बाद पिता कुलदीप का शव सतलुज नदी से बरामद हुआ, जबकि उनकी 18 वर्षीय बेटी स्नेहा की तलाश अभी भी जारी है।  जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर की शाम कुलदीप अपनी बेटी स्नेहा के साथ पिकअप में कुमारसैन की ओर गए थे। रात करीब 1:30 बजे उन्होंने पत्नी को फोन कर बताया था कि वे पंदोआ पहुंच गए हैं और करीब 10 मिनट में घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए।  परिजनों ने तलाश शुरू की तो ओगली के पास उनकी पिकअप सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। वाहन का कंडक्टर साइड का शीशा टूटा हुआ था। इसी वजह से परिवार ने किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले।  जांच के दौरान CCTV में सुबह करीब 4 बजे पिकअप की आवाजाही कोठी, ओगली और चेबड़ी क्षेत्र में दिखाई दी। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों और सतलुज नदी के किनारे सर्च अभियान चलाया।  करीब सात-आठ दिन बाद मंडी जिले के करला गांव के पास सतलुज नदी में नाव चलाने वालों ने एक शव देखा। पुलिस और परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान कुलदीप के रूप में की। बाजुओं पर बने त्रिशूल और गले पर लिखे 'मां' शब्द से भी पहचान की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।  अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कुलदीप और उनकी बेटी पिकअप से अलग कैसे हुए और वाहन सड़क से किस तरह वहां पहुंचा? वाहन का शीशा टूटने और पिता का शव सतलुज में मिलने के बाद पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह।  फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस स्नेहा की तलाश पर है। सतलुज और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा चुका है और CCTV समेत अन्य सुरागों की जांच की जा रही है। 

Elderly man falls victim to cyber fraud: Call received from someone posing as a bank manager; ₹5.51 lakh siphoned off from account.
In crime

साइबर ठगी का शिकार बने बुजुर्ग : फर्जी बैंक मैनेजर बनकर आया फ़ोन,खाते से उड़ाए 5.51 लाख रुपये

हिमाचल के शिमला जिले  में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शातिर ठग ने खुद को बैंक मैनेजर बताकर एक बुजुर्ग को फोन किया और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी लेने के बाद उनके खाते से 5.51 लाख रुपये उड़ा लिए। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग के मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को बैंक का मैनेजर बताया। उसने बैंक खाते से संबंधित जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर बुजुर्ग को झांसे में लिया। इसके बाद ठग ने उनसे कुछ जानकारी हासिल की और देखते ही देखते खाते से बड़ी रकम निकाल ली। खाते से 5.51 लाख रुपये की निकासी होने का पता चलने पर बुजुर्ग के होश उड़ गए। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने साइबर ठगी की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर प्रतिक्रिया देने से पहले बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें।

Mirabai Chanu's remarkable feat at the Asian Games after 28 years; creates history by winning a silver medal.
In Sports

28 साल बाद एशियन गेम्स में मीराबाई चानू का कमाल, सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास

भारत की स्टार वेटलिफ्टर (भारोत्तोलक) मीराबाई चानू ने ऐची-नागोया एशियाई खेल 2026 में महिलाओं के 49 किलोग्राम भार वर्ग में रजत (सिल्वर) पदक जीतकर इतिहास रच दिया हैमीराबाई ने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाया, जिससे उनका कुल वजन 198 किलोग्राम रहा। इस पदक के साथ भारत को वेटलिफ्टिंग में 28 साल बाद एशियन गेम्स का मेडल मिला है। इससे पहले साल 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने कांस्य पदक जीता था।पहला एशियन गेम्स मेडल: ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाली मीराबाई का एशियाई खेलों में यह पहला पदक है।गोल्ड मेडल: उत्तर कोरिया की री सोंग-गम ने इस स्पर्धा में स्वर्ण (गोल्ड) पदक हासिल किया।

Tragic incident in Nerwa, Chopal: Two sisters die of snakebite; both girls found unconscious in the room.
In News update

चौपाल के नेरवा में दर्दनाक हादसा : सांप के डसने से दो सगी बहनों की मौत , कमरे में बेहोश मिलीं दोनों बच्चियां

शिमला जिले के उपमंडल चौपाल के नेरवा क्षेत्र के टेलर गांव में साप के डसने साई दो सगी बहनो की मौत हो गई I  मृतकों की पहचान महक (10) और कनक (7) पुत्रियां जितेंद्र निवासी गांव टेलर, डाकघर थंगाड तहसील नेरवा के रूप में हुई है।  पुलिस के अनुसार 20 सितंबर की रात दोनों बहनें अपने माता-पिता के साथ मकान की धरातल मंजिल के एक कमरे में सोई थीं। अगले दिन सुबह पिता काम से बाहर चले गए, जबकि मां सपना खेतों में काम करने चली गईं। करीब आठ बजे मां घर लौटी तो दोनों बच्चियां कमरे में बेहोशी की हालत में पड़ी थीं। आवाज लगाने और उठाने का प्रयास करने के बावजूद दोनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उसी समय माँ ने एक साप को कमरे से बहार जाते हुए देखा I परिजनों को आशंका हुई की दोनों बचियों को सांप ने डसा है I  परिजनों ने तुरंत दोनों बचियों को उपचार के लिए  स्थानीय अस्पताल त्यूनी उत्तराखंड पहुंचाया I प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहड़ू रेफर किया गया। वहां से दोनों को आगामी उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। 21 सितंबर को रात करीब 2:46 बजे पुलिस पिकेट आईजीएमसी से थाना नेरवा को सूचना मिली कि दोनों बच्चियों को उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया है, जहां उपचार के दौरान महक की मौत हो गई।पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंचने के लिए रवाना हुए, इसी दौरान कनक की भी मौत की सूचना मिली। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकों की अंतिम राय अभी प्राप्त होना बाकी है। पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई शुरू की है। प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर दोनों बहनों की मौत जहरीले सांप के काटने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस की ओर से मामले में अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। इस विषय में एसडीएम चौपाल हेमचंद वर्मा ने कहा कि मृतक बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं प्राप्त हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यदि मृत्यु का कारण सर्पदंश बताया जाएगा तो सरकारी राहत मैनुअल के अनुसार परिवार को राहत राशि प्रदान कर दी जाएगी।       

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‘1500 रुपये कब दोगे?’ पालमपुर में BJP महिला मोर्चा का हल्ला बोल, कांग्रेस सरकार के खिलाफ निकाली आक्रोश रैली

In Politics
When will you pay the ₹1,500?

पालमपुर: हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली निकालकर जमकर प्रदर्शन किया। महिला मोर्चा ने कांग्रेस सरकार को चुनाव के दौरान किए गए 1500 रुपये देने के वादे की याद दिलाई और सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले महिलाओं से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन सरकार बनने के बाद उन वादों को पूरा करने में गंभीरता नहीं दिखाई गई। महिला मोर्चा ने कहा कि 1500 रुपये देने का वादा महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मदद से जुड़ा था, लेकिन लंबे समय बाद भी महिलाएं इस वादे के पूरा होने का इंतजार कर रही हैं। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ अपना रोष जताया। रैली के दौरान भाजपा नेताओं और महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को चुनावी वादों को याद रखना चाहिए और जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। भाजपा महिला मोर्चा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने महिलाओं से किए वादों को जल्द पूरा नहीं किया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 

थाईलैंड से आई डायलिसिस फ्लूइड की सप्लाई जांच में फेल, बिलासपुर एम्स में मचा हड़कंप

In Health
Dialysis fluid supply from Thailand fails quality test; panic ensues at AIIMS Bilaspur.

बिलासपुर एम्स में उपयोग किए जाने वाले डायलिसिस फ्लूइड का सैंपल गुणवत्ता जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरा। यह सप्लाई थाईलैंड से प्राप्त हुई थी। सैंपल के असफल पाए जाने के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित बैच की आपूर्ति और उपयोग को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। डायलिसिस फ्लूइड मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित बैच की सप्लाई की समीक्षा की जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि फ्लूइड निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर क्यों खरा नहीं उतरा। सैंपल के असफल पाए जाने के बाद अस्पताल में डायलिसिस सेवाओं और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों और सप्लायर से आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। थाईलैंड से प्राप्त इस सप्लाई के सैंपल की जांच में सामने आई खामी के बाद इसके उपयोग और उपलब्ध स्टॉक का भी सत्यापन किया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और अधिकारियों के निर्णय के आधार पर की जाएगी।

CBSE JBT भर्ती में ओवरलैपिंग रोकने की मांग, HP JBT अभ्यर्थियों ने DC के माध्यम से CM को सौंपा ज्ञापन

In Education
Demand to prevent overlapping in CBSE JBT recruitment; HP JBT aspirants submit memorandum to CM through DC.

  हिमाचल प्रदेश में CBSE JBT भर्ती के साथ अन्य भर्ती में एक साथ चयन के कारण संभावित ओवरलैपिंग को रोकने और HP JBT चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति देने की मांग उठी है। JBT भर्ती के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजकर इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। HP JBT भर्ती कोड 25004 के तहत 600 पदों के लिए परीक्षा 25 से 27 फरवरी को हुई थी, जबकि CBSE JBT भर्ती कोड 26015 के 600 पदों के लिए परीक्षा 13 से 17 जून तक आयोजित की गई। दोनों भर्तियों में 300 से अधिक अभ्यर्थियों के समान रूप से चयनित होने की संभावना जताई गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि HP JBT भर्ती का परिणाम 14 अगस्त को घोषित हो चुका है। वहीं, CBSE JBT भर्ती में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होनी है। HPRCA की ओर से करीब 10 प्रतिशत वेटिंग पैनल रखने की स्थिति में 600 पदों पर लगभग 60 अभ्यर्थियों को ही वेटिंग में रखा जा सकेगा। ऐसे में संभावित रिक्त पदों को भरना मुश्किल हो सकता है। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, HP JBT भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं, ताकि CBSE JBT के पद रिक्त न रहें। दूसरी, CBSE JBT की वेटिंग लिस्ट को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए, ताकि संभावित रिक्त पदों को वेटिंग पैनल से भरा जा सके। तीसरी, CBSE JBT की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया HP JBT के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद शुरू की जाए। अभ्यर्थियों ने कहा है कि इन मांगों पर जल्द कार्रवाई होने से दोनों भर्तियों में ओवरलैपिंग की समस्या कम हो सकती है और अधिक से अधिक योग्य अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सकेगा।

28 साल बाद एशियन गेम्स में मीराबाई चानू का कमाल, सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास

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Mirabai Chanu's remarkable feat at the Asian Games after 28 years; creates history by winning a silver medal.

भारत की स्टार वेटलिफ्टर (भारोत्तोलक) मीराबाई चानू ने ऐची-नागोया एशियाई खेल 2026 में महिलाओं के 49 किलोग्राम भार वर्ग में रजत (सिल्वर) पदक जीतकर इतिहास रच दिया हैमीराबाई ने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाया, जिससे उनका कुल वजन 198 किलोग्राम रहा। इस पदक के साथ भारत को वेटलिफ्टिंग में 28 साल बाद एशियन गेम्स का मेडल मिला है। इससे पहले साल 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने कांस्य पदक जीता था।पहला एशियन गेम्स मेडल: ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाली मीराबाई का एशियाई खेलों में यह पहला पदक है।गोल्ड मेडल: उत्तर कोरिया की री सोंग-गम ने इस स्पर्धा में स्वर्ण (गोल्ड) पदक हासिल किया।

कल से शुरू होंगे चैत्र नवरात्रि, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और कलश स्थापना की विधि

In First Blessing
Chaitra_Navratri_will begin_tomorrow_know_the_auspicious_time_for_worship_and_the_method_of_Kalash_installation

हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि की पूजा का खास महत्व होता है। यह मां दुर्गा की पूजा का बड़ा पर्व माना जाता है। शक्ति की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। इस साल नवरात्रि कई ज्योतिषीय संयोगों के कारण विशेष मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब 72 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब नवरात्रि की शुरुआत अमावस्या तिथि के प्रभाव में होगी और उसी दिन कलश स्थापना की जाएगी। चूंकि 19 मार्च को सूर्योदय अमावस्या में होगा, इसलिए उसी दिन से नवरात्रि की शुरुआत मानी जाएगी और कलश स्थापना भी उसी दिन की जाएगी। इस दौरान लोग घर में घटस्थापना के अलावा व्रत रखते हैं और मां दुर्गा की पूजा करते हैं। कई लोग इन नौ दिनों को साधना और आत्मशुद्धि का समय भी मानते हैं। चैत्र नवरात्रि 2026 प्रतिपदा तिथि  हिंदू पंचांग के अनुसार, गुरुवार को कलश स्थापना के साथ नवरात्रि प्रारंभ हो जाएगी। ऐसे में 19 मार्च को कलश की स्थापना कर दुर्गा माता की पूजा आरंभ की जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि का आरंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। इस बार प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। इसी वजह से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से मानी जाएगी। घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त चैत्र नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा के साथ कलश स्थापना की जाती है। 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे के बीच घटस्थापना करना शुभ रहेगा। यदि इस समय में स्थापना संभव न हो, तो अभिजीत मुहूर्त में भी यह कार्य किया जा सकता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। लेकिन मंदिरों और पंडालों में कलश स्थापना का सबसे उत्तम मुहूर्त अभिजीत होगा। इन्हीं शुभ मुहूर्त में विधि पूर्वक कलश स्थापना करने के पश्चात विधि-विधान से पूजा करना शुभ फलदायी रहेगा। घटस्थापना की सामग्री  हल्दी, कुंकू, गुलाल, रांगोली, सिंदूर, कपूर, जनेऊ, धूपबत्ती, निरांजन, आम के पत्ते, पूजा के पान, हार-फूल, पंचामृत, गुड़ खोपरा, खारीक, बदाम, सुपारी, सिक्के, नारियल, पांच प्रकार के फल, चौकी पाट, कुश का आसन, नैवेद्य आदि।  कलश स्थापना की विधि पूजा स्थल को साफ करें और चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें। मिट्टी के पात्र (मिट्टी की बेदी) में पवित्र मिट्टी भरें और उसमें जौ बोएं। तांबे या मिट्टी के कलश पर कलावा बांधें और स्वास्तिक बनाएं। कलश को जल और गंगाजल से भरें। कलश में सुपारी, सिक्का, अक्षत (चावल), हल्दी की गांठ डालें। कलश के मुंह पर आम के 5-7 पत्ते लगाएं। नारियल को लाल चुनरी में लपेटकर कलावे से बांधें और कलश के ऊपर (अंकुरित भाग ऊपर रखते हुए) रखें। अब कलश को जौ वाले पात्र के बीच में स्थापित करें। दीपक जलाएं, माता दुर्गा का ध्यान करें और 9 दिनों के व्रत का संकल्प लें।  पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना की जाती है, जिनमें पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विशेष महत्व होता है। माता शैलपुत्री का स्वरूप शांत, सरल, करुणामयी और सौम्य माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वे अपने भक्तों को संकटों से बचाती हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। इसलिए चैत्र नवरात्रि के पहले दिन विधि-विधान के साथ मां शैलपुत्री की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।  

पाताल भुवनेश्वर मंदिर: रहस्य, आस्था और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम

In Entertainment
Patal Bhuvaneshwar Temple: A wonderful confluence of mystery, faith and spirituality

  क्या आपने कभी कल्पना की है कि कहीं ऐसा स्थान भी हो सकता है, जहां सृष्टि के अंत का रहस्य छिपा हो? कोई ऐसा मंदिर, जहां चारों धामों के दर्शन एक ही स्थान पर संभव हों? उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित पाताल भुवनेश्वर मंदिर ऐसा ही एक रहस्यमयी और दिव्य स्थल है, जो हर भक्त को आस्था, रहस्य और आध्यात्मिकता की गहराइयों से जोड़ता है। यह मंदिर एक गुफा के भीतर स्थित है, जिसे प्राचीन काल से चमत्कारी और गूढ़ माना गया है। गुफा में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है मानो आप किसी अद्भुत आध्यात्मिक संसार में प्रवेश कर चुके हों। मान्यता है कि यहां भगवान शिव के साथ-साथ 33 कोटि देवी-देवताओं का वास है। यहां स्थित भगवान गणेश का कटा हुआ मस्तक स्वयं में एक रहस्य है, जो इस स्थान की अलौकिकता को और भी गहरा बनाता है। यहां स्थित शिवलिंग के बारे में मान्यता है कि वह निरंतर बढ़ रहा है, और जिस दिन वह गुफा की छत से टकराएगा, उस दिन प्रलय होगा। यह धारणा श्रद्धालुओं को एक अकल्पनीय आध्यात्मिक अनुभव और चेतना की गहराई से जोड़ती है।गुफा के भीतर चार रहस्यमयी द्वार मानव जीवन के चार प्रमुख पड़ावों का प्रतीक माने जाते हैं। कहा जाता है कि रावण की मृत्यु के बाद पाप द्वार और महाभारत युद्ध के बाद रण द्वार बंद हो गए। अब केवल धर्म द्वार और मोक्ष द्वार खुले हैं, जो जीवन के सत्य और मोक्ष के मार्ग की ओर संकेत करते हैं। पौराणिक इतिहास की दृष्टि से इस मंदिर का उल्लेख त्रेता युग में मिलता है। सूर्य वंश के राजा ऋतुपर्ण ने सबसे पहले इस गुफा की खोज की थी। कहा जाता है कि पांडवों ने भी यहां भगवान शिव के साथ चौपड़ खेला था। बाद में 819 ईस्वी में जगत गुरु शंकराचार्य ने इस स्थल की पुनः खोज की और यहां पूजा आरंभ की। कैसे पहुंचे पाताल भुवनेश्वर? यह दिव्य स्थल पिथौरागढ़ से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है, जबकि सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन टनकपुर है। सड़क मार्ग से यह स्थान सुगम रूप से जुड़ा हुआ है और उत्तराखंड के खूबसूरत पर्वतीय रास्तों से होकर गुज़रता है, जो यात्रा को और भी आनंददायक बना देता है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि रहस्य और आध्यात्मिकता के अनूठे संगम के कारण भी यह स्थल भक्तों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पाताल भुवनेश्वर की इस अद्भुत गुफा में जाकर आप स्वयं उस दिव्यता और रहस्यमय ऊर्जा का अनुभव कर सकते हैं, जो सदियों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती आ रही है।

आय लाखों में, जमीन खरीदी 13 करोड़ की! विजिलेंस के रडार पर मामला, IT विभाग और ED को भेजा जाएगा रिकॉर्ड

In News
Income in the lakhs, yet land worth ₹13 crore purchased! The matter is on the Vigilance radar; records will be sent to the Income Tax Department and the ED.

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रक्कड़ निवासी नेक राम और उनके परिवार के नाम करीब 13 करोड़ रुपये की जमीन खरीद का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) की जांच में परिवार की घोषित आय और जमीन खरीद के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। अब विजिलेंस मामले से जुड़े रिकॉर्ड आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजने की तैयारी कर रहा है।  विजिलेंस ने वर्ष 2011 से 2025 के बीच नेक राम, उनकी पत्नी और मां के नाम धर्मशाला और पालमपुर तहसील के अलग-अलग क्षेत्रों में खरीदी गई जमीन का रिकॉर्ड खंगाला। जांच में इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई गई है। अब एजेंसी यह पता लगा रही है कि इतनी बड़ी संपत्ति खरीदने के लिए रकम कहां से आई।  जांच रिकॉर्ड के अनुसार नेक राम ने वर्ष 2011-12 में 2.08 लाख रुपये, 2012-13 में 2.69 लाख रुपये और 2013-14 में 3.93 लाख रुपये की वार्षिक आय दर्शाई थी। इसके बावजूद वर्ष 2011 में करीब 48.50 लाख रुपये और 2013 में करीब 23.95 लाख रुपये की जमीन खरीद का रिकॉर्ड मिला।  वहीं वर्ष 2025-26 में नेक राम ने अपनी आय 12.04 लाख रुपये बताई, जबकि इसी अवधि में उनके, उनकी पत्नी और मां के नाम करीब 48.44 लाख रुपये की जमीन खरीद दर्ज मिली।  विजिलेंस ने परिवार के बैंक खातों की भी पड़ताल की है। जांच के अनुसार एक खाते में जनवरी 2013 में करीब एक लाख रुपये थे, जो अप्रैल 2022 तक घटकर 17 रुपये रह गए। दूसरे खाते में अगस्त 2013 में करीब 5 हजार रुपये थे, जबकि फरवरी 2025 में इसमें 2.62 लाख रुपये मिले।  विजिलेंस अब यह भी जांच कर रही है कि जमीन खरीद के लिए कहीं किसी अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों ने तो रकम उपलब्ध नहीं कराई। बैंक लेनदेन, आयकर रिटर्न और परिवार के सदस्यों के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। इसी वित्तीय पहलू को देखते हुए रिकॉर्ड आयकर विभाग और ED को भेजने की कार्रवाई प्रस्तावित है।  मामला सिर्फ जमीन खरीद और आय के अंतर तक सीमित नहीं है। विजिलेंस की FIR में सरकारी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी के आरोप भी दर्ज हैं। गलत म्यूटेशन दर्ज करने और सरकारी भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में एक महिला का नाम कब्जे के तौर पर दर्ज करने से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।  मामले में तत्कालीन तहसीलदार अमर सिंह, कानूनगो वीरेंद्र कुमार, पटवारी मनीष कुमार, नेक राम, उनकी पत्नी किरण बाला, मंगला देवी समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस का कहना है कि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है।  फिलहाल विजिलेंस जमीन के सौदों, पैसों के स्रोत और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी कड़ियों की जांच कर रही है।

कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ ₹183.50 सस्ता, विमान ईंधन के दाम भी घटे

In National News
Commercial LPG cylinder becomes cheaper by ₹183.50; aviation fuel prices also reduced.

तेल विपणन कंपनियों ने होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की कटौती की है। यह वर्ष 2026 में पहली बार है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम कम किए गए हैं। नई दरें 1 जुलाई से लागू हो गई हैं। नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम का कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब ₹2,930 में उपलब्ध होगा। इससे पहले पिछले महीने इसकी कीमत बढ़कर ₹3,113 तक पहुंच गई थी, जो अब तक का उच्चतम स्तर था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद तेल कंपनियों ने यह राहत दी है, जिससे होटल और खाद्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में भी ₹5 प्रति लीटर की कमी की गई है। ईंधन की कीमतों में इस कटौती से विमानन कंपनियों की परिचालन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, जिसका लाभ भविष्य में यात्रियों को भी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति, 19 जून को हो सकते हैं ऐतिहासिक हस्ताक्षर

In International News
Agreement on a peace deal between the US and Iran, historic signing could happen on June 19

कई महीनों तक चली तनावपूर्ण और जटिल वार्ताओं के बाद अमेरिका और ईरान युद्ध विराम (सीजफायर) और शांति समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण सहमति पर पहुंच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को सोशल मीडिया के माध्यम से घोषणा की कि ईरान के साथ समझौता तय हो गया है। वहीं, ईरान ने भी आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि दोनों देशों ने सीजफायर से जुड़े समझौता ज्ञापन (MoU) को अंतिम रूप दे दिया है। ट्रम्प ने अपने बयान में कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोला जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर लागू अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के सामान्य होने का संकेत देते हुए कहा, “दुनिया के जहाज अपने इंजन चालू कर लें, तेल को बहने दें।” यदि यह समझौता औपचारिक रूप से संपन्न होता है, तो तेहरान और वॉशिंगटन के बीच पिछले 47 वर्षों में यह पहली उच्चस्तरीय कूटनीतिक बैठक होगी। हालांकि समझौते का पूरा दस्तावेज अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इसमें सैन्य कार्रवाई रोकने, होर्मुज स्ट्रेट को पुनः खोलने, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने, ईरान के कुछ फ्रीज किए गए फंड जारी करने और परमाणु कार्यक्रम व प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक बातचीत जारी रखने का ढांचा शामिल है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने स्पष्ट किया है कि अंतिम समझौते के बाद शुरू होने वाली 60 दिवसीय वार्ता अमेरिका द्वारा किए जाने वाले तीन प्रमुख कदमों पर निर्भर करेगी। ईरान ने शर्त रखी है कि अमेरिका पहले नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करे, सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोके और ईरान के फ्रीज किए गए वित्तीय संसाधनों को जारी करे। इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही आगे की वार्ताओं और समझौतों की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

अधजली सिगरेट, चाय के झूठे प्याले और अधूरा इश्क़..

In Kavya Rath
Half-burnt cigarettes, empty cups of tea and incomplete love

साहिर लुधियानवी के अल्फाज़ न जाने कितनी अधूरी प्रेम कहानियों का दर्द बयाँ करते है। वह दर्द जो ख़ामोशी के नीचे दबे उस मशहूर मगर अनकहे एहसास की दास्तान है, जिसे हर आशिक़ ने हिज्र के बाद कहीं न कहीं महसूस किया है। अधूरे इश्क़ का अंजाम दिखाती उनके जीवन से जुड़ी एक कहानी जो शुरू तो हुई,  मगर मंज़िल तक कभी पहुँच न सकी। एक ऐसी मोहब्बत जो ज़माने की बनाई लकीरों से अलग थी, और जो आखिर में आधी जली सिगरेटों, चाय के झूठे प्यालों और ढेरों ख़तों में सिमटकर रह गई।  यह कहानी है उर्दू के मशहूर शायर साहिर लुधियानवी और पंजाब की पहली बाग़ी कवयित्री अमृता प्रीतम की। अधूरी मोहब्बत का यह एक ऐसा मुकम्मल फ़साना है, जिसके जैसा दूसरा ढूँढ पाना मुश्किल है; एक फ़साना जो मंज़िल तक पहुँचने से पहले लड़खड़ाया ज़रूर, मगर उसका असर कभी फीका नहीं पड़ा। 16 साल में अमृता की करवा दी गयी शादी   अमृता एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखती थी जहां धर्म के धागे इंसान की किस्मत तय किया करते थे। जहां उनकी नानी मां अन्य समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोगों के बर्तन भी अलग रखती थी, जहां शादी का मतलब जिंदगी भर का साथ होता था। ऐसे परिवार में जन्मी थी वो बेख़ौफ़ कवियत्री जिसने अपनी जिंदगी में दो लोगों से प्यार किया जिनमें से एक मुस्लमान था। ज़ाहिर है की अमृता प्रीतम वो महिला थी जो अपने दौर से बहुत आगे थी। अमृता जब 16 साल की थीं, तो उनकी शादी प्रीतम सिंह से करवा दी गई। शादी के बाद वे अमृता कौर से अमृता प्रीतम बन गई। अमृता ने अपने पति का नाम तो अपनाया लेकिन वो उनकी अभिन्न अंग नहीं बन पाई।  साहिर-अमृता की पहली मुलाकात  ये बात 1944 की है जब साहिर अमृता पहली बार एक दूसरे से मिले थे। जगह थी लाहौर और दिल्ली के बीच स्थित प्रीत नगर जहां एक बड़े मुशायरे का आयोजन किया गया था अमृता यहां पहुंची थी। इसी मुशायरे में आम सा दिखने वाला, लेकिन अच्छी कदकाठी का एक युवक भी आया था जिसका नाम था साहिर लुधियाना। साहिर जुनुनी और आदर्शवादी थे, अमृता बेहद दिलकश अपनी खूबसूरती में भी और अपनी लेखनी में भी। बेहद क्रांतिकारी मिजाज के साहिर अमृता को पहली ही मुलाक़ात में भा गए थे। वहीं अमृता भी पहली ही मुलाकात में साहिर को अपना दिल दे बैठी थी। इस मुलाकात में कोई बात नहीं हुई। दोनों घंटो खामोश बैठे रहें। शायद उस समय की मोहब्बत ख़ामोशी से शुरू हुआ करती होगी, वैसे भी जहां इश्क़ ब्यां करने के लिए लफ़्ज़ों की ज़रूरत पड़े वो मोहब्बत कैसी। अमृता ने लिखा, "मुझे नहीं मालूम की वो साहिर के लफ्जो की जादूगरी थी, या उनकी खामोश नज़र का कमाल था, लेकिन कुछ तो था जिसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया, आज जब उस रात को आँखें मूंद कर देखती हूँ तो ऐसा समझ आता है कि तकदीर ने मेरे दिल में इश्क़ का बीज डाला जिसे बारिश की फुहारों ने बढ़ा दिया, उस दिन बारिश हुई थी।"   साहिर से मिलने के बाद अमृता ने उनके लिए एक कविता भी लिखी थी 'अब रात गिरने लगी तो तू मिला है, तू भी उदास, चुप, शांत और अडोल। मैं भी उदास, चुप, शांत और अडोल। सिर्फ- दूर बहते समुद्र में तूफान है…' आत्मकथाओं में लिखे मोहब्बत के किस्से  साहिर और अमृता की प्रेम कहानी के किस्से इन दोनों की आत्मकथाओं में मिलते है, अपनी आत्मकथा रसीदी टिकट में अमृता प्रीतम ने साहिर के साथ हुई मुलाकातों का जिक्र किया है। वो लिखती है कि, "वो खामोशी से सिगरेट जलाता और फिर आधी सिगरेट ही बुझा देता, फिर एक नई सिगरेट जला लेता। जब तक वो विदा लेता, कमरा सिगरेट की महक से भर जाता। मैं इन सिगरेटों को हिफाजत से उठाकर अलमारी में रख देती और जब कमरे में अकेली होती तो उन सिगरेटों को एक-एक करके पीती। मेरी उंगलियों में फंसी सिगरेट, ऐसा लगता कि मैं उसकी उंगलियों को छू रही हूं। मुझे धुएं में उसकी शक्ल दिखाई पड़ती। ऐसे मुझे सिगरेट पीने की लत लग गई।"  अमृता लिखती है-   "यह आग की बात है  तूने यह बात सुनाई है  यही ज़िन्दगी की वहीं सिगरेट है  जो तूने कभी सुलगायी थी  चिंगारी तूने दी थी  ये दिल सदा जलता रहा  वक्त कलम पकड़ कर  कोई हिसाब लिखता रहा  ज़िन्दगी का अब गम नहीं  इस आग को संभाल ले  तेरे हाथ की खेर मांगती हूँ  अब और सिगरेट जला ले "  वैसे साहिर भी कुछ कम नहीं थे। उनकी ज़िंदगी से जुड़ा एक किस्सा अक्सर सुनाया जाता है। जब साहिर और संगीतकार जयदेव किसी गीत पर काम कर रहे थे, तभी जयदेव की नज़र साहिर के घर में रखे एक झूठे कप पर पड़ी। उन्होंने उसे साफ़ करने की बात कही, तो साहिर ने तुरंत रोकते हुए कहा "इसे मत छूना, अमृता ने आख़िरी बार यहीं बैठकर इसी कप में चाय पी थी।" अमृता और साहिर के बीच मोहब्बत तो थी, मगर उनकी राहों में कई रुकावटें थीं। अमृता जब साहिर से मिलीं, तब वे विवाहित थीं हालाँकि वह रिश्ता कभी भी उनके मन को रास नहीं आया। दूसरी ओर साहिर लुधियानवी नए रिश्ते की ज़िम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं थे। फिर भी, अमृता ही थीं जिन्होंने उनके दिल में एक ऐसी जगह बनाई जो कोई और कभी नहीं ले सका। साहिर की जीवनी “साहिर: ए पीपुल्स पोइट” के लेखक अक्षय मानवानी लिखते हैं कि अमृता शायद वह अकेली स्त्री थीं जो साहिर को शादी के लिए मना सकती थीं। एक बार अमृता जब दिल्ली में साहिर की माँ से मिलने आई थीं, तो उनके जाने के बाद साहिर ने अपनी माँ से कहा था "वो अमृता प्रीतम थी… जो आपकी बहू बन सकती थी।" लेकिन साहिर ने यह बात कभी अमृता से नहीं कही। शायद वही चुप्पी, वही अनकहा इज़हार, अमृता के दिल में इमरोज़ के लिए जगह बनाता चला गया। अमृता के जीवन में इमरोज़ का आना  अमृता इमरोज़ से 1958 में मिले, मिलते ही इमरोज़ को अमृता से इश्क़ हो गया। इमरोज़ एक चित्रकार थे साहिर और अमृता की मुलाकात तो यूं ही संयोग से हो गई थी, लेकिन इमरोज़ से तो अमृता की मुलाकात करवाई गई थी। एक दोस्त ने दोनों को मिलवाया था। इमरोज़ ने तब अमृता का साथ दिया जब साहिर को कोई और मिल गया था।  इमरोज़ के साथ अमृता ने अपनी जिंदगी के आखिरी 40 साल गुजारे, इमरोज़, अमृता की पेंटिंग भी बनाते और उनकी किताबों के कवर भी डिजाइन करते। इमरोज़ और अमृता एक छत के नीचे ज़रूर रहे मगर एक दूसरे के साथ नहीं। उनकी जिंदगी के ऊपर एक किताब भी है 'अमृता इमरोज़: एक प्रेम कहानी'। एक ही छत के नीचे दो अलग कमरे इन दोनों का बसेरा बनें। अपने एक लेख "मुझे फिर मिलेगी अमृता" में इमरोज़ लिखते है की कोई रिश्ता बांधने से नहीं बंधता न तो मैंने कभी अमृता से कहा कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ न कभी अमृता ने मुझसे। मैं तुम्हे फिर मिलूंगी कविता में शायद अमृता ने इमरोज़ के लिए ही लिखा था- "मैं तैनू फ़िर मिलांगी कित्थे ? किस तरह पता नई शायद तेरे ताखियल दी चिंगारी बण के तेरे केनवास ते उतरांगी जा खोरे तेरे केनवास दे उत्ते इक रह्स्म्यी लकीर बण के  खामोश तैनू तक्दी रवांगी जा खोरे सूरज दी लौ बण के तेरे रंगा विच घुलांगी जा रंगा दिया बाहवां विच बैठ के तेरे केनवास नु वलांगी पता नही किस तरह कित्थे        पर तेनु जरुर मिलांगी" इमरोज़ अमृता से बेइन्तिहाँ मोहब्बत करते थे मगर अमृता के दिलों दिमाग पर साहिर का राज था। किस्‍सा तो यह भी है कि इमरोज के पीछे स्‍कूटर पर बैठी अमृता सफर के दौरान ख्यालों में गुम होतीं तो इमरोज की पीठ पर अंगुलियां फेरकर 'साहिर' लिख दिया करती थीं। ये मोहब्बत अधूरी रही और इस मोहब्बत के गवाह बने आधी जली सिगरेट के टुकड़े, चाय का झूठा प्याला और ढेर सारे खुतूत।   

जयसिंहपुर: लोअर लंबागांव की बेटी अलीशा बनी ऑडिट इंस्पेक्टर

In Job
Jaisinghpur: Lower Lambagaon's daughter Alisha becomes audit inspector

जयसिंहपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले लोअर लंबागांव की अलीशा ने हिमाचल प्रदेश एलाइड सर्विसेज की परीक्षा पास कर प्रदेश का नाम रोशन किया है । अलीशा का चयन ऑडिट इंस्पेक्टर के पद हुआ है। अलीशा ने बाहरवीं ऐम अकादमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जयसिंहपुर से की है। उसके बाद अलीशा ने गवर्नमेंट डिग्री कालेज धर्मशाला से ग्रेजुएशन की । अलीशा के पिता सुमन कुमार हिमाचल पुलिस में कार्यरत हैं और माता स्नेहलता गृहिणी हैं। अलीशा के पिता सुमन कुमार ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह परिवार के लिए गौरव का क्षण है। वही अलीशा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को दिया है।

ममलेश्वर महादेव मंदिर: करसोग की धरती पर इतिहास, आस्था और महाभारत की अमर विरासत

In Banka Himachal
Mamleshwar Mahadev Temple: History, Faith, and the Immortal Legacy of the Mahabharata on the Soil of Karsog

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की करसोग घाटी को देवभूमि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यहां स्थित ममलेश्वर महादेव मंदिर न केवल करसोग की पहचान है, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के सबसे प्राचीन शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। सदियों पुराना यह मंदिर अपनी ऐतिहासिक विरासत, पौराणिक मान्यताओं और अनूठी विशेषताओं के कारण श्रद्धालुओं तथा शोधकर्ताओं के लिए समान रूप से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। करसोग नगर के मध्य स्थित ममलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास हजारों वर्षों पुराना माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं और लोककथाओं के अनुसार इसका संबंध सीधे महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि पांडव अपने अज्ञातवास के दौरान कुछ समय के लिए करसोग घाटी में रुके थे। इसी अवधि में उन्होंने यहां भगवान शिव की आराधना की और मंदिर की स्थापना की। यद्यपि इस संबंध में ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं, लेकिन स्थानीय समाज में यह विश्वास पीढ़ियों से चला आ रहा है। मंदिर का नाम "ममलेश्वर" भी अपने आप में विशेष महत्व रखता है। स्थानीय परंपराओं के अनुसार भगवान शिव यहां "ममलेश्वर महादेव" के रूप में विराजमान हैं और क्षेत्र के लोगों की रक्षा करते हैं। सदियों से यह मंदिर करसोग क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन का केंद्र रहा है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है यहां स्थित अखंड ज्योति और अखंड धूना। मान्यता है कि यह पवित्र अग्नि सदियों से निरंतर जल रही है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक मानते हैं। मंदिर में आने वाले भक्त इस धूने के दर्शन को अत्यंत शुभ मानते हैं। ममलेश्वर मंदिर की एक और अनूठी पहचान यहां सुरक्षित रखा गया विशाल गेहूं का दाना है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह दाना महाभारत काल का है और सामान्य गेहूं के दाने से कई गुना बड़ा है। इसे प्राचीन काल की समृद्धि और उस युग की विशिष्टता का प्रतीक माना जाता है। यह धरोहर वर्षों से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंदिर परिसर में रखा गया विशाल ढोल भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का विषय है। लोकमान्यताओं के अनुसार इसका संबंध भीमसेन से जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि पांडवों के करसोग प्रवास के दौरान इसका उपयोग किया जाता था। यद्यपि इसकी ऐतिहासिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय संस्कृति में इसका विशेष स्थान है। ममलेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथा राक्षस वध की है। लोककथाओं के अनुसार प्राचीन काल में करसोग क्षेत्र में एक भयानक राक्षस का आतंक था, जो प्रतिदिन गांव से एक व्यक्ति की बलि मांगता था। जब एक निर्धन परिवार के इकलौते पुत्र की बारी आई, तब भीमसेन ने स्वयं उसकी रक्षा का निर्णय लिया। कहा जाता है कि भीम ने राक्षस का वध कर क्षेत्र को उसके आतंक से मुक्त कराया। इस घटना के बाद लोगों की भगवान शिव और पांडवों के प्रति श्रद्धा और अधिक बढ़ गई। मंदिर की स्थापत्य कला भी इसकी विशेष पहचान है। पारंपरिक पहाड़ी शैली में निर्मित यह मंदिर पत्थर और लकड़ी की उत्कृष्ट कारीगरी का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मंदिर की नक्काशी, प्राचीन शिखर और पारंपरिक निर्माण शैली हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। समय-समय पर मंदिर का संरक्षण और जीर्णोद्धार किया गया, लेकिन इसकी मूल संरचना आज भी प्राचीन परंपराओं की झलक देती है। मंदिर परिसर में स्थापित पंचमुखी शिवलिंग और अन्य प्राचीन मूर्तियां भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती हैं। यहां प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है और वर्षभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन मास और अन्य शिव पर्वों पर मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ममलेश्वर महादेव मंदिर केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह करसोग की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का भी केंद्र है। स्थानीय लोग किसी भी शुभ कार्य, विवाह, गृह प्रवेश या नए व्यवसाय की शुरुआत से पहले भगवान ममलेश्वर का आशीर्वाद लेना शुभ मानते हैं। मंदिर आज भी क्षेत्र के लोगों की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बना हुआ है। करसोग की शांत वादियों के बीच स्थित ममलेश्वर महादेव मंदिर इतिहास, पौराणिक कथाओं और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। महाभारत काल से जुड़ी लोकमान्यताएं, अखंड धूना, विशाल गेहूं का दाना, भीम का ढोल और भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा इस मंदिर को हिमाचल प्रदेश के सबसे विशिष्ट धार्मिक स्थलों में शामिल करती हैं। यही कारण है कि सदियों बाद भी ममलेश्वर महादेव मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ रहा है।

11 साल बाद हरियाणा कांग्रेस को मिले जिला अध्यक्ष, हिमाचल में भी 9 महीने से इन्तजार

In Siyasatnama
CONGRESS-APPOINTED-32-DISTRICT-HEADS-IN-HARYANA

बगैर संगठन के ही हरियाणा में कई चुनाव लड़ने और हारने के  बाद  आखिरकार 11 साल बाद मंगलवार देर रात कांग्रेस ने हरियाणा में 32 जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा की है। पानीपत शहरी के अलावा सभी अन्य 32 संगठनत्मक ज़िलों में अध्यक्षों की नियुक्ति हो गई है। माना जा रहा है की संगठन की शेष नियुक्तियां भी जल्द होगी। इन नियुक्तियों में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का दबदबा रहा है। 32 में से 22 जिला अध्यक्ष हुड्डा गुट के बताए जा रहे हैं, जबकि सात सांसद कुमारी सैलजा, एक रणदीप सुरजेवाला और दो कैप्टन अजय यादव के समर्थक हैं।  इस सूचि में सिर्फ दो महिलाएं है। संतोष बेनीवाल को सिरसा और मेवात के शाहिदा खान, जो कि एकमात्र मुस्लिम नेता को कमान दी गई है। जबकि विधानसभा चुनाव लड़ चुके चार नेताओं को जिलाध्यक्ष बनाया है।  हरियाणा में हुई इन नियुक्तियों के बाद अब निगाहें हिमाचल पर टिकी है, जहँ नौ महीने से भी ज्यादा वक्त से राज्य, जिला और ब्लॉक इकाइयां भंग है। इस बीच  मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभग सिंह  का कार्यकाल भी पूरा हो चूका है और नए अध्यक्ष के एलान का इन्तजार भी जारी है।   ये 32 नेता बने, जिला अध्यक्ष  कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से सूची के अनुसार, अंबाला कैंट से परविंदर परी,  अंबाला सिटी से पवन अग्रवाल, अंबाला ग्रामीण से दुष्यंत चौहान, भिवानी ग्रामीण से अनिरुद्ध चौधरी, भिवानी शहरी से प्रदीप गुलिया, चरखी दादरी से सुशील धनक, फरीदाबाद से बलजीत कौशिक, फतेहाबाद से अरविंद शर्मा, गुरुग्राम ग्रामीण से वर्धन यादव, गुरुग्राम शहरी से पंकज दावर को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह, हिसार ग्रामीण से बृज लाल खोवाल, हिसार शहरी से बजरंग दास गर्ग, झज्जर से संजय यादव, जींद से ऋषि पाल, कैथल से रामचंदर गुज्जर, करनाल ग्रामीण से राजेश वैद, करनाल शहरी से पराग गाबा, कुरुक्षेत्र से मेवा सिंह, महेंद्रगढ़ से सत्यवीर यादव, मेवात (नूंह) से शाहिदा खान, पलवल से नेत्रपाल अधाना, पंचकूला से संजय चौहान, पानीपत ग्रामीण से रमेश मलिक, रेवाड़ी ग्रामीण से सुभाष चंद चौवरी, रेवाड़ी शहरी से प्रवीण चौधरी, रोहतक ग्रामीण से बलवान सिंह रंगा, रोहतक शहरी से कुलदीप सिंह, सिरसा से संतोष बेनिवाल, सोनीपत ग्रामीण से संजीव कुमार दहिया, सोनीपत शहरी से कमल देवान, यमुनानगर ग्रामीण से नरपाल सिंह और यमुनानगर शहरी से देवेंद्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है।  

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