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In Himachal too, 'Lumpy' infection spread among animals, 1000 animals got infected in the state, 51 died
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Lumpy Virus : हिमाचल में भी पशुओं में फैला 'लंपी' संक्रमण, प्रदेश में 1000 पशुओं को हुआ संक्रमण, 51 की मौत

गुजरात में पशुओं को मौत की नींद सुलाने वाला 'लंपी' वायरस देश भर में पांव पसार रहा है। इस बीमारी से शिमला सहित प्रदेश भर में हड़कंप मच गया है। गुजरात मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में दहशत मचाने के बाद हिमाचल में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हिमाचल में 'लंपी संक्रमण के, 1000 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि 51 पशुओं की मौत हो चुकी है। इस वायरस के फैलने से पशुओं को 105 से 107 डिग्री सेल्सियस तेज बुखार हो सकता है। इसके अतिरक्ति पशुओं के शरीर में निशान बनते हैं और बाद में निशान घाव बन जाते हैं। उन पशुओं के मुंह से लार टपकनी शुरू होती है। इस वायरस का सबसे ज्यादा संक्रमण गायों में हो रहा है।  वहीं पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया की हिमाचल में एक हज़ार मामले सामने आ चुके हैं। जबकि 51 पशुओं की मौत हो चुकी है। ये चिन्ता का विषय है। विभाग ने 'लंपी' वायरस से निबटने के लिए पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है। सभी जिलों में विभाग के अधिकारियों को बिना टेंडर के ही वैक्सीन खरीदने के निर्देश दिए हैं ताकि पशुओं को संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होंने बताया की प्रदेश के सभी जिलों में लंपी संक्रमण के मामले आ चुके है। इसलिए सरकार जल्द इसको महामारी घोषित करेगी। 

Uproar in the house on the second day of the monsoon session
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मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में हुआ हंगामा

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मानसून सक्रिय है और मानसून सत्र का आगाज़ हो चूका है। विधान सभा के अंदर मानसून सत्र के दूसरे दिन गहमा गेहमी देखने को मिली। जहां एक ओर विपक्ष ने अविश्वास पत्र लाकर सरकार को घेरा तो वहीं सत्ता पक्ष ने जमकर पलटवार किया। वहीं मानसून सत्र के दूसरे दिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जाने वाली है यह जनता का विश्वास खो चुकी है। महंगाई बेरोजगारी से जनता परेशान हो गई है। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा की बात करने वाली इस सरकार में 1574 रेप, 354 मर्डर और 119 महिलाओं के मर्डर हुए हैं। साथ ही उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस भर्ती का मामला सीबीआई को देने के बावजूद इसकी जाँच एसआईटी से कराई गई, यह पर्चा लीक नहीं नीलाम हुआ है। अग्निहोत्री ने कहा कि 6 से 8 लाख में यह पेपर बिका यह पैसा कहां गया , यह पैसा किसने इकट्ठा किया। पेपर बेचने वाले दो सौ के करीब लोग गिरफ्तार हुए लेकिन जो पैसा पेपर बेच कर इकट्ठा हुआ वह कहां है इसकी जाँच कौन करेगा। उन्होंने कहा कि इस सरकार में हर जगह पेपर लीक हुए है। उन्होंने कहा कि  65 हजार करोड़ के 69 नेशनल हाईवे के लिए यह सरकार जमीन अधिग्रहण तक नहीं कर पाई। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। वहीं CM जयराम ने कहा कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया तुरंत जाँच के आदेश दिए गए। 204 आरोपी आज सलाखों के पीछे है। CM ने कहा कि 2016 में कांग्रेस (Congress) सरकार में पेपर लीक हुआ। कांग्रेस ने तब पेपर रद्द क्यों नहीं किया। 

Water level of Sutlej increased in Karsog, water flowing over the road
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करसोग में सतलुज का जलस्तर बढ़ा, रास्ते के उपर से बह रहा पानी

जिला मंडी के तहत करसोग सहित पहाड़ों में रात से हो रही भारी बारिश से सतलुज नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। चाबा में जिला मंडी और जिला शिमला को जोड़ने वाले  पुल पर लोगों का आना जाना बंद हो गया है। सतलुज नदी  का पानी पुल को जोड़ने वाले रास्ते के ऊपर से बह रहा है। इस वजह से शिमला जिला के तहत विभिन्न क्षेत्रों में जरूरी कार्य से जाने वाले लोग नदी के किनारे में फंस गए है। स्थिति ये की नदी का  पानी एकदम से पुल के साथ बह रहा है। अगर बारिश का क्रम जारी रहा तो पुल के बहने का अंदेशा बना हुआ है। दो साल पहले भी सतलुज नदी में आई बाढ़ की वजह से पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके बाद नदी को क्रॉस करने के लिए झूला लगाया गया था, लेकिन स्थानीय जनता के विरोध के बाद चाबा में पैदल चलने के लिए फिर से पुल लगाया गया था। वहीं आज रक्षाबंधन का पर्व है। ऐसे में जल स्तर बढ़ जाने की वजह से  महिलाओं की दिक्कतें बढ़ गई है। यही नहीं छात्र और कर्मचारी भी नदी के किनारे फंस गए है। वहीं प्रशासन ने लगातार जारी बारिश को देखते हुए एडवाइजरी जारी कर दी है। एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर का कहना है की लगातार बारिश से नदी में जल स्तर बढ़ गया है। ऐसे में लोग किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। उन्होंने लोगों सावधानी बरतने की अपील की है। 

Kullu: Heavy floods in Ani, shops opened, city bridge in danger
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Kullu : आनी में भारी बाढ़, दुकानें बही, खतरे की जद में आया शहर का पुल

कुल्लू के आनी में गुरुवार सुबह भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। भारी वर्षा के बीच आनी के गुगरा नामक स्थान के पास बादल फटने से व्यापक नुकसान हुआ है। यहां बादल फटने से आई भयंकर बाढ़ के कारण एक चिलिंग प्लांट सहित दो गाड़ियों व एक बुलेट मोटरसाइकिल के बहने की सूचना है। उधर, आनी कस्बे के बीच से बहती देहुरी खड्ड में भी भारी वर्षा के चलते भयंकर बाढ़ आई है, जिससे आनी बाजार के पुराने बस अड्डे पर 12 दुकानें बह गई। आनी बाजार में देहुरी खड्ड पर एनएच पर बने बड़े पुल के ढहने की भी आशंका बनी हुई है और इसके साथ बने दूसरे मकानों को खतरा पैदा हो गया है। आनी कस्बे पर मंडराए इस खतरे से कस्बेवासी व दुकानदार बेहद ख़ौफ़ज़दा है। एसडीएम आनी नरेश वर्मा, तहसीलदार दलीप शर्मा तथा पुलिस विभाग की टीम बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए नदी के साथ सटे दुकानदारों व भवन मालिकों से नदी से दूर रहने और समय रहते दुकानों व मकान खाली करने का आहवान किया है। पुलिस विभाग की टीम भी कस्बे में सायरन बजाकर व लाउडस्पीकर द्वारा लोगों को बाढ़ के संभावित खतरे से सचेत कर रही है। वहीं विधायक किशोरी लाल सागर ने वीरवार को आनी विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश और बादल फटने की घटना से हुई भारी तबाही और इस आपदा में हुई मौत, घरों को हुए नुकसान पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि डीसी कुल्लू, एसडीएम आनी को उचित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। वहीं लोगों से इस बरसात में सावधानी और सुरक्षित रहने की अपील की है।  

Kullu: Debris entered the house after breaking the wall in Aani's chai, the death of the grandmother-Dohti sleeping inside
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Kullu : आनी के च्‍वाई में दीवार तोड़कर घर में घुसा मलबा, अंदर सो रही नानी-दोहती की मौत

जिला कुल्लू में भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। सबसे अधिक नुकसान आनी उपमंडल में हुआ है। आनी में चवाई के खदेड गांव में घर में साे रही एक महिला और लड़की की दबकर मौत हो गई। दरअसल घर के पीछे से भूस्‍खलन होने के कारण मलबा मकान की दीवार तोड़कर अंदर पहुंच गया व दोनों महिला व बची उस मलबे में दब गईं। हादसे का पता लगते ही आसपास के लोग एकत्र हुए और मलबे में दबी महिला और लड़की को निकालने में जुट गए। महिला की पहचान 55 वर्षीय चबेलू देवी निवासी खदेड, 17 वर्षीय कृतिका निवासी ऊर्टू निरमंड के रूप में हुई। हादसे के बाद गांव में मातम छा गया है। दोनों शवों को मलबे से निकाल लिया है। ये दोनों नानी-दोहती थीं। महिला के पति की मौत हो चुकी है व उसका कोई बेटा नहीं था। इस कारण महिला के साथ उसकी दोहती रहती थी। गौरतलब है कि प्रदेश भर में लगातार हो रही बारिश से जिला में भारी नुकसान हुआ है। उधर प्रशासन की ओर से एसडीएम आनी नरेश वर्मा ने लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है। प्रशासन की ओर से चिकित्सकों की टीम घटनास्थल पर भेज दी गई है। मौके पर ही पोस्टमार्टम किया जाएगा। एसडीएम ने लोगों से नदी नालों के समीप न जाने की अपील की है।

Landslide caused by heavy rains in Karsog, Karsog-Rampur road blocked
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Karsog News Update : करसोग में भारी बारिश से हुआ भूस्खलन, करसोग-रामपुर सड़क अवरूद्ध

जिला मंडी के करसोग में आधी रात से हो रही लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ हैं। यहां मनशान में भारी भूस्खलन से करसोग-रामपुर सड़क अवरूद्ध हो गई है। इस कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। छोटे वाहनों समेत बसें भी बीच रास्ते में फंस गई है। जिससे बसों में सफर कर रहे महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि इस बारे में फील्ड अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन लोगों के फोन तक नहीं उठाए जा रहे हैं। जिस कारण बारी बारिश में बीच रास्ते में फंसने के कारण लोग सुबह से ही परेशान हैं। यही नहीं भारी बारिश की वजह से अधिक भूस्खलन का भी खतरा बना हुआ है। समाज सेवी नेक राम का कहना है कि मनशाना के समीप सड़क पर भारी मलबा और चट्टाने आ गई है। जिस वजह से करसोग-रामपुर सड़क सुबह से बंद है। यहां सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई है। उन्होंने विभाग से जल्द सड़क जल्द खोलने का आग्रह किया है। लोक निर्माण विभाग पांगना सब डिवीजन के सहायक अभियंता ललित जरयाल का कहना है कि सड़क को खोलने के लिए जेसीबी भेजी गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही करसोग-रामपुर सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल किया जाएगा।

Former MLA Chaudhary Surendra Kaku gave one lakh to the Mahila Mandal of Kulthi village
In The Achievers

कांगड़ा : कुल्थी गांव के महिला मंडल को पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू दिए एक लाख

मनोज कुमार। कांगड़ा पूर्व विधायक चौधरी सुरेंद्र काकू अपनी जन आशीर्वाद यात्रा लेकर व नारी नमन करने के लिए गांव कुल्थी पहुंचे व महिला मंडलों के विकास के लिए महिला मंडल को एक लाख रुपए महिला मंडल के आंगन में फर्श व टाइल डालने के लिए महिला मंडल को दे दिए गए हैं। जलाड़ी के हार जलाड़ी से गांव खर्ट तक बनेर खड्ड पर पुल लाकर दिया। काम युद्ध स्तर पर है। दौलतपुर, जलाड़ी व दुगियाल गांव में  2 करोड़ रुपए से व ढूंढणी माता से घट्टा में 1 करोड़ 75 लाख से व  घट्टा, चोंदा, धमेड़ व चेलियां गांव में 2.50 करोड़ रुपए से नई सड़क बना कर दी। 11 करोड़ रुपए से अटल बिहारी वाजपेई तकीपुर कॉलेज का निर्माण करवा कर दिया। अब कुल्थी-सपड़ी से चोंदा गांव तक नई सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिसका एक करोड़ रुपए खर्चा आएगा, कुल्थी से कोई गांव तक सड़क व ओल्ड डिस्पेंसरी सड़क व जटेहड़ से जन्यानकड़ व जन्यानकड़ से संगम सड़क व कुल्थी से जटेहड़ सड़क मेरे समय काल में निकली गई थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से दबा दी गई थी। अब मैं फॉरेस्ट विभाग से मंजूरी लेकर आया हूं, अब इन सड़को का निर्माण करवाया जाएगा। कांगड़ा विधानसभा के हर क्षेत्र में विकास करवाया जा रहा है। जनता के घर दरवार विकास पहुंचाया जा रहा है। सड़कें चकाचक की जा रही हैं। अब कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में विकास रंगत नजर आ रहा है। आगे भी विकास जारी रहेगा।

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सोलन : कई पदाधिकारी, पार्षद रहे नदारद, कहीं ये अंतर्कलह कांग्रेस को ले न बैठे !

In Politics

कई पदाधिकारी, पार्षद रहे नदारद, कहीं ये अंतर्कलह कांग्रेस को ले न बैठे ! - सोलन में रोजगार संघर्ष यात्रा निकालने वाली कांग्रेस खुद दिखी संघर्षरत सोलन कांग्रेस की रोजगार संघर्ष यात्रा में पार्टी के कई चेहरे नहीं दिखे जिनमें शहरी कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल है। संगठन के कई पूर्व पदाधिकारी भी इस आयोजन से दूर दिखे। इत्तेफ़ाक़ की बात है इन सभी को रविवार को ही निजी आवश्यक काम था। दूसरा इत्तेफ़ाक़ ये है कि ये सभी सुखविंद्र सिंह सुक्खू के समर्थक माने जाते है। अब जब नेता ही मौजूद नहीं थे तो जाहिर है इनके समर्थक भी मुश्किल ही इस संघर्ष में पहुंचे हो।      सोलन शहर में कांग्रेस की ये संघर्ष यात्रा निकली जहाँ नगर निगम पर कांग्रेस का कब्ज़ा है। नगर निगम में कांग्रेस के 9 पार्षद है पर इस आयोजन में सिर्फ चार दिखे। पांच पार्षद संघर्ष यात्रा में संघर्ष करने ही नहीं पहुंचे। ऐसे में सोलन निर्वाचन क्षेत्र में फिर अपनी जीत का दावा करने वाली कांग्रेस को इस संदर्भ में आत्ममंथन जरूर करना होगा। माहिर मान रहे है कि बीते कुछ वक्त में कसौली कांग्रेस में जो एक्शन दिखा है, रविवार को सोलन में उसका रिएक्शन देखने को मिला है। हालात ये ही रहे तो इसका खमियाजा कांग्रेस के साथ -साथ कर्नल धनीराम शांडिल को भी भुगतना पड़ सकता है।       हालांकि इस रोजगार संघर्ष यात्रा में कांग्रेस भीड़ जुटाने में कामयाब रही। खास बात ये है कि सिर्फ सोलन निर्वाचन क्षेत्र ही नहीं अन्य तीन -चार निर्वाचन क्षेत्रों के लोग भी इसमें शामिल हुए। बहरहाल जैसे तैसे कांग्रेस ने ठीक ठाक भीड़ तो जुटा ही ली। यहाँ गौर करने लायक बात ये भी है कि रमेश ठाकुर, रमेश चौहान और सुरेंद्र सेठी जैसे होलीलॉज के करीबी वरिष्ठ नेता मोर्चा संभाले हुए थे, सो पार्टी की लाज बचना तो लाजमी था।   कर्नल दमदार, पर स्थिति विकट: दस साल से विधायक होने के बावजूद कर्नल धनीराम शांडिल को लेकर सोलन निर्वाचन क्षेत्र में कोई विरोधी लहर नहीं दिखती। कहीं कम तो कहीं ज्यादा, पर कर्नल ने समूचे निर्वाचन क्षेत्र में काम जरूर किया है। इस पर उनकी ईमानदार छवि उन्हें और मजबूत करती है। इसमें भी कोई संशय नहीं है की सोलन निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के पास कर्नल से बेहतर कोई विकल्प नहीं दिखता। बावजूद इसके कर्नल की राह मुश्किल हो सकती है। एक और जहाँ कंडाघाट के वरिष्ठ नेता और होलीलॉज के करीबी रमेश ठाकुर के साथ कर्नल शांडिल के सियासी मतभेद पूरी तरह सुलझे हुए नहीं दिख रहे, वहीँ कर्नल के शागिर्दों में अधिकांश सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निष्ठावान है। यानी खतरा है कि ऊपरी स्तर पर अगर कांग्रेस की अंतर्कलह की चक्की तेज हुई, तो कर्नल बेवजह न पीस जाएं। हालांकि कर्नल शांडिल बेहद अनुभवी नेता है और गुटबाजी से भी दूर। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि वो इस स्थिति से कैसे निपटते है।

जानिए कैसे फैलता है मंकीपॉक्स, क्या है इसके लक्षण, कैसे करें बचाव

In Health
Know how monkeypox spreads, what are its symptoms, how to prevent

भारत में मंकीपॉक्स के पहले मामले की पुष्टि हो गई है। यूएई से केरल लौटे एक व्यक्ति को मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। व्यक्ति की जांच किए जाने पर मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार 50 देशों से ज्यादा देशों में मंकीपॉक्स के करीब 3,413 से ज्यादा मामले सामने आये हैं और 70 से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है।  कैसे फैलता है मंकीपॉक्स? मंकीपॉक्स के फैलने को लेकर उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाला वायरस है। मंकीपॉक्स स्मॉलपॉक्स की तरह ही एक वायरल इंफेक्शन है जो चूहे और खासकर बंदरों से इंसानों में फैल सकता है। वर्तमान में लगभग 99% मामले एमएसएम में हैं जो पुरुष-पुरुष के साथ यौन संबंध रखते हैं और लगभग 80% मामले यूरोप और फिर अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अन्य में हैं।  मंकीपॉक्स मुख्य रूप से बहुत करीबी व्यक्तिगत संपर्क बनाने के माध्यम से फैलता है।  कैसे करें मंकीपॉक्स से बचाव? मंकीपॉक्स से बचाव और इसके इलाज को लेकर डॉ. ईश्वर गिलाडा ने कहा कि वर्तमान में मंकीपॉक्स का कोई सटीक इलाज नहीं है। हां, चेचक का टीका उपयोगी हो सकता है क्योंकि यह मंकीपॉक्स को रोक सकता है और मंकीपॉक्स के इलाज के लिए चिकित्सीय एजेंट के रूप में कार्य कर सकता है। इससे बचाव के लिए हमें किसी भी सावधानी बरतनी होगी और मंकीपॉक्स से ग्रसित मरीज के संपर्क में ना आएं। साथ ही इसके फैलने के जो कारण बताए गए हैं वैसा भी ना करें। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई सभी वस्तुओं से दूर रहकर मंकीपॉक्स से बचा जा सकता है।  क्या हैं मंकीपॉक्स के लक्षण? मंकीपॉक्स के लक्षण चेचक के रोगियों में देखे गए लक्षणों के समान होते हैं. इसके शुरुआती लक्षण में पूरे शरीर पर गहरे लाल रंग के दाने, निमोनिया, तेज सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, ज्यादा थकान लगना, तेज बुखार आना, ठंड लगना, शरीर में सूजन और एनर्जी की कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। 

जेईई मेंस की परीक्षा में मिनर्वा कोचिंग संस्थान घुमारवीं के विद्यार्थियों का रहा शानदार प्रदर्शन

In Education First
जेईई मेंस की परीक्षा में मिनर्वा कोचिंग संस्थान घुमारवीं के विद्यार्थियों का रहा शानदार प्रदर्शन

  राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई मेंस 2022 की सत्र एक परीक्षा का परिणाम को जारी कर दिया है। परिणाम को बीती रात ऑनलाइन माध्यम से जारी किया गया है। इस परीक्षा में देश भर से करीब आठ लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इस राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षा में मिनर्वा शिक्षण व कोचिंग संस्थान के कुल 16 विद्यार्थियों का प्रसेंटाइल 85 से ऊपर है और 12 विद्यार्थियों ने 90 से ऊपर प्रसेंटाइल हासिल कर अपने उज्जवल भविष्य की नींव रखी है। मिनर्वा संस्थान के विद्यार्थी अक्षित शामा ने 98.70, तेजस्वनी 97.45, हर्षित शर्मा 97.07, आकृत ठाकुर 95.59, अभिवन्दन चन्देल 95.12, ओसिन शर्मा 94.67, साहिल शर्मा 94.39, सार्थक पुण्डीर 94.08, श्रेया शर्मा 93.16, रक्षित शर्मा 92.07, दिव्या 92.07, शिवांश सहगल 90.00, अभय शर्मा 87.29, शिवांश शर्मा 87.07, शर्मिष्ठा 86.00 तथा पियुष वशिष्ठ ने 85.25 अंक हासिल किये है।  इस मौके पर मिनर्वा संस्थान के संस्थापक व संयोजक प्रवेश चन्देल व राकेश चन्देल ने इन सभी विद्यार्थियों व इनके परिवारजनों को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि  वर्ष  2023 की जेईई, नीट व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ड्राॅपर बैच 25 जुलाई से शुरू हो रहा है। वहीं इस वर्ष की सैनिक स्कूल एडमिशन परीक्षा के लिए कक्षा 6 व कक्षा 9 के लिए बैच पहली अगस्त से शुरू हो जाएंगे।

हिमाचल प्रदेश के विकास ठाकुर ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को दिलाया रजत पदक, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने दी बधाई

In Sports
Vikas Thakur of Himachal Pradesh won silver medal for India in Commonwealth Games, former Chief Minister Prem Kumar Dhumal congratulated

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के पटनौण के रहने वाले वेटलिफ्टर विकास ठाकुर ने बर्मिंघम में हो रही राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को रजत पदक दिलाया। उन्होंने पुरुषों के 96 किग्रा भारवर्ग में यह मेडल अपने नाम किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में यह भारत का 12वां मेडल है, जबकि वेटलिफ्टिंग में आठवां मेडल है। वहीं, अगर इस मैच की बात करें तो विकास ने स्नैच राउंड में 155 और क्लीन एंड जर्क राउंड में 191 किग्रा भार उठाया। यानि, उन्होंने कुल 346 किग्रा भार उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया।  भारतीय वेटलिफ्टर विकास ठाकुर से आगे समोआ के डॉन ओपेलोग रहे। समोआ के डॉन ओपेलोग ने स्नैच राउंड में 171 और क्लीन एंड जर्क राउंड में 210 किग्रा भार उठाया. यानि, समोआ के वेटलिफ्टर ने कुल 381 किग्रा भार उठाया। दरअसल, यह कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकार्ड है. वहीं, विकास की बात करें तो उन्होंने पहले प्रयास में 149 किग्रा भार उठाया।  विकास ठाकुर ने पहले प्रयास के बाद 153 और फिर 155 किग्रा भार उठाया.। इस तरह स्नैच में विकास ठाकुर का बेस्ट परफॉरमेंस 155 किग्रा रहा। दरअसल, विकास ने क्लीन एंड जर्क राउंड के पहले प्रयास में 187 किग्रा भार उठाया, लेकिन प्रयास में उन्होंने अपने प्रदर्शन को बेहतर किया।दूसरे प्रयास में भारतीय वेटलिफ्टर ने 191 किग्रा भार उठा लिया।। वहीं, तीसरे प्रयास में विकास 190 किग्रा भार उठाना चाह रहे थे, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इस तरह स्नैच और क्लीन एंड जर्क को मिलाकर उन्होंने 346 किग्रा भार उठा लिया।  वहीं विकास की उपलब्धि के बाद पूरे प्रदेश  में ख़ुशी की लहर है। विकास के घर पर बधाइयों का ताँता लगा हुआ है। विकास की उपलब्धि पर पुर मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने उन्हें बधाई दी है। बधाई संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार विकास ने पदक जीता है। विकास पर सब को गर्व हैं। मैं इस युवा होनहार प्रदेश का नाम रोशन करने वाले इलाके के खिलाड़ी को बधाई और शुभकामनाएँ देता हूं और उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। 

जान से मारने की धमकी मिलने के बाद बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को मिला बंदूक का लाइसेंस

In Entertainment
Bollywood actor Salman Khan gets gun license after receiving death threats

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को पंजाबी सिंगर मूसेवाला की तरह  जान से मारने की धमकी मिलने के बाद उन्हें आर्म्स लाइसेंस मिल गया है। कुछ महीने पहले ही उन्हें और उनके पिता सलीम खान को जान से मारने की धमकी मिली थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार सलमान के पिता सलीम खान को एक चिट्ठी मॉनिंग वॉक के दौरान मिली थी, जिसमें लिखा गया था कि उनका हाल भी  पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की तरह किया जायगा। चिट्ठी मिलने के बाद सलमान अपनी और अपनी परिवार की सुरक्षा के लिए मुंबई पुलिस कमीश्नर से मिले थे। जिसको लेकर अभिनेता सलमान खान ने गन लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था। जिसे मुंबई पुलिस ने स्वीकार कर लिया है।  गौरतलब है कि सलमान और उनके पिता सलीम खान को जून 2022 में जान से मारने की धमकी मिली थी। इसके बाद से सलमान ने अपनी सुरक्षा बढ़ा ली थी आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें वह सलमान खान को मारने की धमकी देता है। यह मामला 1998 के काला हिरण केस को लेकर रहा था जिसमें सलमान मुख्य आरोपी हैं।  बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या 29 मई को पंजाब के मनसा जिले में उनके गांव मूसा में की गई थी। इस हत्या की कथित तौर पर जिम्मेदारी कनाडा में रहने वाले ​गोल्डी बरार ने ली थी। इस हत्या के बाद से पंजाब, दिल्ली और मुंबई की पुलिस मामले पर कार्रवाई कर रही है। इंटरपोल ने तभी से पंजाब के फरीदकोट में दर्ज दूसरे दो मामलों के संबंध में गोल्डी बरार का पता लगाने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।

Lumpy Virus : हिमाचल में भी पशुओं में फैला 'लंपी' संक्रमण, प्रदेश में 1000 पशुओं को हुआ संक्रमण, 51 की मौत

In News
In Himachal too, 'Lumpy' infection spread among animals, 1000 animals got infected in the state, 51 died

गुजरात में पशुओं को मौत की नींद सुलाने वाला 'लंपी' वायरस देश भर में पांव पसार रहा है। इस बीमारी से शिमला सहित प्रदेश भर में हड़कंप मच गया है। गुजरात मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में दहशत मचाने के बाद हिमाचल में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। हिमाचल में 'लंपी संक्रमण के, 1000 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि 51 पशुओं की मौत हो चुकी है। इस वायरस के फैलने से पशुओं को 105 से 107 डिग्री सेल्सियस तेज बुखार हो सकता है। इसके अतिरक्ति पशुओं के शरीर में निशान बनते हैं और बाद में निशान घाव बन जाते हैं। उन पशुओं के मुंह से लार टपकनी शुरू होती है। इस वायरस का सबसे ज्यादा संक्रमण गायों में हो रहा है।  वहीं पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बताया की हिमाचल में एक हज़ार मामले सामने आ चुके हैं। जबकि 51 पशुओं की मौत हो चुकी है। ये चिन्ता का विषय है। विभाग ने 'लंपी' वायरस से निबटने के लिए पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध है। सभी जिलों में विभाग के अधिकारियों को बिना टेंडर के ही वैक्सीन खरीदने के निर्देश दिए हैं ताकि पशुओं को संक्रमण से बचाया जा सके। उन्होंने बताया की प्रदेश के सभी जिलों में लंपी संक्रमण के मामले आ चुके है। इसलिए सरकार जल्द इसको महामारी घोषित करेगी। 

हैदराबाद में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू

In National News
BJP national executive meeting begins in Hyderabad

--बैठक में शामिल होंगे भाजपा के शीर्ष नेता भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा ने शनिवार को हैदराबाद में शुरू हुई दो दिवसीय भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाग लिया। हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, 19 राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कश्यप ने कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर में हुए विधानसभा चुनावों, कुछ निकाय चुनावों, रामपुर, आजमगढ़ के लोकसभा उपचुनावों और त्रिपुरा के विधानसभा उपचुनावों में भाजपा को भारी जीत मिली है। उन्होंने कहा कि अभी पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, आज पूरी दुनिया की आर्थिक विकास दर औसतन 6% है। वहीं, भारत की अर्थव्यवस्था 8.7% की दर से आगे बढ़ रही है। यह भी हमारी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। बूथ को मजबूत करना बहुत जरूरी है। बूथ अध्यक्ष और बूथ कार्यकर्ताओं से संपर्क हमारे लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि वे कार्यकर्ता हैं जो क्षेत्र में हमारी बात घर घर पहुंचा सकते हैं और अपनी बात सबके सामने रख सकते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हमारे लिए एक बड़ी सीखने की प्रक्रिया है। यह 2022 विधानसभा चुनावों में हमारी जीत का मार्ग प्रशस्त करेगी।

Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में इमरजेंसी का एलान, राष्ट्रपति गोटाबाया देश छोड़कर भागे, रानिल विक्रमसिंघे कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त

In International News
Sri Lanka Crisis news update 13 july 2022

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया के बुधवार तड़के देश छोड़ने कर मालदीव जाने के बाद इमरजेंसी का एलान किया गया है। राष्ट्रपति गोटाबाया के देश से भागने की खबर के बाद लोगों का हिंसक प्रदर्शन जारी है। बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। प्रदर्शनकारियों ने सेना की गाड़ी को भी रोक दिया है। जबकि, दूसरी तरफ गोटबाया राजपक्षे को आज श्रीलंका के राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देना था। लेकिन उनके इस कदम की वजह से वहां की जनता में भारी गुस्सा दिख रहा है। वहीं श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे के देश से भागने के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। बता दें श्रीलंका के पास सबसे जरूरी वस्तुओं के आयात के लिए भी विदेशी मुद्रा समाप्त हो गई है, जिससे उसके 22 मिलियन लोगों के लिए गंभीर कठिनाइयां पैदा हो गई हैं। देश अप्रैल में अपने 51 अरब डॉलर के विदेशी कर्ज के भुगतान में चूक गया और संभावित राहत के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ बातचीत कर रहा है। 

आम ओ ख़ास के शायर बशीर बद्र के 20 बेहतरीन शेर

In Kavya Rath
आम ओ ख़ास के शायर बशीर बद्र के 20 बेहतरीन शेर

बशीर बद्र शायरी के उन पैमानों को उजागर करते हैं जहां आसान शब्दों में गहरी बात कह दी जाती है। ऐसे शायर ही लोगों के दिलों तक का सफ़र कर पाते हैं। इसलिए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं है कि बशीर बद्र भी लोगों के शायर हैं जिन्हें आम से ख़ास तक हर कोई पसंद करता है। इनका पूरा नाम सैयद मोहम्मद बशीर है। भोपाल से ताल्लुकात रखने वाले बशीर बद्र का जन्म कानपुर में हुआ था। न जाने कितनी बार अपनी बात कहने के लिए बशीर साहब को संसद में भी पढ़ा जा चुका है। आइए पढ़ते हैं बशीर साहब के लिखे ऐसे ही कुछ ख़ास शेर    दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिन्दा न हों हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा जिस दिन से चला हूं मेरी मंज़िल पे नज़र है आंखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा शौहरत की बुलन्दी भी पल भर का तमाशा है जिस डाल पर बैठे हो, वो टूट भी सकती है मुहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला  उसे किसी की मुहब्बत का एतिबार नहीं उसे ज़माने ने शायद बहुत सताया है गुलाबों की तरह शबनम में अपना दिल भिगोते हैं मुहब्बत करने वाले ख़ूबसूरत लोग होते हैं चमकती है कहीं सदियों में आंसुओं से ज़मीं ग़ज़ल के शेर कहां रोज़-रोज़ होते हैं अबके आंसू आंखों से दिल में उतरे रुख़ बदला दरिया ने कैसा बहने का ज़हीन सांप सदा आस्तीन में रहते हैं ज़बां से कहते हैं दिल से मुआफ़ करते नहीं  सात सन्दूकों में भर कर दफ़्न कर दो नफ़रतें आज इन्सां को मोहब्बत की ज़रूरत है बहुत खुले से लॉन में सब लोग बैठें चाय पियें दुआ करो कि ख़ुदा हमको आदमी कर दे लहजा कि जैसे सुब्ह की ख़ुशबू अज़ान दे जी चाहता है मैं तेरी आवाज़ चूम लूं इतनी मिलती है मेरी ग़ज़लों से सूरत तेरी लोग तुझको मेरा महबूब समझते होंगे  मुझको शाम बता देती है तुम कैसे कपड़े पहने हो इस ख़ुशी में मुझे ख़याल आया ग़म के दिन कितने ख़ूबसूरत थे ऐसे मिलो कि अपना समझता रहे सदा जिस शख़्स से तुम्हारा दिली इख़्तिलाफ़ है सच सियासत से अदालत तक बहुत मसरूफ़ है झूट बोलो, झूट में अब भी मोहब्बत है बहुत किताबें, रिसाले न अख़़बार पढना मगर दिल को हर रात इक बार पढ़ना मुख़ालिफ़त से मेरी शख़्सियत संवरती है मैं दुश्मनों का बड़ा एहतेराम करता हूं       

बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा मौका...

In Job
Golden opportunity for unemployed youth...

हिमाचल के बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिलने जा रहा है. हिमाचल सिलेक्शन एसोसिएशन लिमिटेड  शिमला ने विभिन्न श्रेणियों के (634) पदों को भरने के लिए ऑनलाइन माध्यम द्वारा आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं. आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 जुलाई 2022 निर्धारित की गई है. एसोसिएशन के एचआर  निदेशक अश्वनी कुमार ने जानकारी देते हुए बताया, कि इसमें ब्रांच सेल्स ऑफिसर (18), बैंक कैश हैंडलिंग एग्जीक्यूटिव (19), एडमिनिस्ट्रेशन एग्जीक्यूटिव (20) , कस्टमर सपोर्ट रिप्रेजेंटेटिव (15), बैंक कैश कस्टोडियन (17), बैक एंड एग्जीक्यूटिव (12), रिलेशनशिप मैनेजर (50), सुरक्षा गार्ड (59), डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर (17), फॉर्म सेल्स एग्जीक्यूटिव (73),अकाउंटेंट फीमेल (22), वेल्डर (29), फिटर (32), टर्नर (39),इलेक्ट्रिशियन (35),  कस्टमर सर्विस एग्जीक्यूटिव (20), बैंक  लोनिंग एजेंट (19),  ऑफिस क्लर्क (18), कार्यालय सहायक (22), स्टाफ नर्स एएनएम,जीएनएम (26), सिक्योरिटी सुपरवाइजर (16),  एरिया मैनेजर (13) , बैंक एमआई रिकवरी एग्जीक्यूटिव (16), ड्राइवर (10), पीएन कम हेल्पर (17) पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की गई है. इन पदों के लिए आयु सीमा 18 वर्ष से लेकर 45 वर्ष तक निश्चित की गई है. उम्मीदवार यहां करें, आवेदन :- प्रदेश के इच्छुक महिला व पुरुष उम्मीदवार आवेदन करने के लिए  एसोसिएशन के व्हाट्सएप नंबर 62304-06027  पर अपना बायोडाटा  साधारण फोन नंबर सहित, आधार कार्ड, पुलिस चरित्र प्रमाण पत्र लेटेस्ट, पैन कार्ड, हिमाचली बोनाफाइड, रोजगार कार्यालय पंजीकरण प्रमाण पत्र ,एवं शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्रों की छाया प्रति स्कैनड पीडीएफ (PDF) बनाकर  निर्धारित तिथि  12 जुलाई 2022 तक अपना आवेदन भेज सकते हैं. एसोसिएशन द्वारा उम्मीदवारों  की चयन प्रक्रिया  छटनी परीक्षा/  लिखित परीक्षा (140) क्रमांक एवं इंटरव्यू (30) क्रमांक द्वारा ही किया  जाएगा. लिखित परीक्षा में  हिमाचल सामान्य ज्ञान, एवरीडे साइंस, कंप्यूटर न्यूमेरिकल एटीट्यूट, गणित, जनरल इंग्लिश, जनरल हिंदी ,समाजशास्त्र विषय से संबंधित ऑब्जेक्टिव टाइप (140) MCQ प्रश्न पूछे जाएंगे. संगठन द्वारा शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा 30 जुलाई 2022 को उम्मीदवारों के व्हाट्सएप नंबर पर ऑनलाइन ही ली जाएगी. उम्मीदवार पदनाम एवं शैक्षणिक योग्यता की  महत्वपूर्ण जानकारी एसोसिएशन की अधिकारिक वेबसाइट www.hpussa.in  पर देख सकते हैं.  यह  सभी पद हिमाचल प्रदेश के लिए ही आरक्षित किए गए हैं. एसोसिएशन द्वारा लिखित परीक्षा का परिणाम 28 अगस्त 2022 को घोषित किया जाएगा. लिखित परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क  सभी श्रेणियों  के वर्गों की कैटेगरी  जनरल ,एससी, एसटी, ओबीसी, फ्रीडम फाइटर, एपीएल, बीपीएल, फिजिकली डिसेबिलिटी, स्वतंत्रता सेनानी को (1770) रुपए आवेदन शुल्क जमा/चुकता करना होगा, जो कि  नॉन रिफंडेबल रहेगा. यह सभी पद (2) वर्ष के लिए (कॉन्ट्रैक्ट) अनुबंध आधार पर भरे जाएंगे, जिन्हें बाद में रेगुलर किया जाएगा.  असफल उम्मीदवारों को  भी एसोसिएशन द्वारा (F.S.E) के पद पर तैनात किया जाएगा. एसोसिएशन द्वारा चयनित उम्मीदवारों का मासिक वेतनमान ग्रेड-पे 10,500/- से लेकर 32,810/- तक सीटीसी  ग्रेड-पे दिया जाएगा. इसके अलावा प्रोविडेंट फंड ,जनरल प्रोविडेंट फंड, मेडिकल इंश्योरेंस, ओवरटाइम, प्रमोशन ,इंसेंटिव, बोनस की सुविधा भी मिलेगी. यह सभी पद (एमएनसी) मल्टीनेशनल कंपनियों , हॉस्पिटल,  मेडिकल कॉलेज, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक , इंडस बैंक, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा, रिलायंस बीपीओ कॉल सेंटर, चेकमेट, एचडीबी फाइनेंस, सतलुज मोटर्स,  सिग्मा,गोदरेज, कैडबरी ,डावर इंडिया, मणिपुरम फाइनेंस, एलआईसी कॉरपोरेशन,   सेक्टरों में भरे जाएंगे. इच्छुक उम्मीदवार अधिकतर जानकारी के लिए कार्यालय के  दूरभाष नंबर 01907292034 एवं प्लेसमेंट अधिकारियों  (एचआर) के मोबाइल नंबर 94181-39918, 62305-90985 ,94184-17434 पर संपर्क कर सकते हैं. नोट:( यह विज्ञापन सामग्री है)

हिमाचली लोक संस्कृति के ध्वजवाहक थे लायक राम रफीक

In Banka Himachal
 Ram Rafiq was the flag bearer of Himachali folk culture

पहाड़ी लोक संस्कृति के नायक लायक राम रफ़ीक़ वो शक्सियत है जिन्होंने अपने जीवन का अंतिम दशक खुद तो अंधेरे में बिताया, मगर वो पहाड़ी गायकी को वो पहचान दे गए जो आज भी रोशन है। हिमाचल में पहाड़ी नाटियों का दौर बदलने वाले रफ़ीक़ एक ऐसे गीतकार थे जिन्होंने अपने जीवन में करीब 2500 से अधिक पहाड़ी गीत लिखकर इतिहास रचा। हिमाचल में शायद ही ऐसा कोई गायक होगा, जिसने पारंपरिक गीतों के पीछे छिपे इतिहास के जन्मदाता लायक राम रफीक के गानों को न गाया हो। आज भी रफीक के लिखे गानों को गुनगुनाया जाता है, गाया जाता है। उनके लिखे अमर गीत अब भी महफिलें लूटते है। प्रदेश का ऐसा शायद ही कोई क्षेत्र हो जहां शादी के डी जे या स्कूलों के सांस्कृतिक या अन्य आयोजनों में रफ़ीक के गीतों ने रंग न जमाया हो। नीलिमा बड़ी बांकी भाई नीलिमा नीलिमा.., होबे लालिए हो जैसे गीत हो या मां पर लिखा मार्मिक गीत 'सुपने दी मिले बोलो आमिएं तू मेरिए बेगे बुरो लागो तेरो आज, जिऊंदिए बोले थी तू झालो आगे रोएला बातो सच्ची निकली से आज' ...  रफीक कई कालजयी गीत लिख गए। रफीक आकाशवाणी शिमला से गायक और अपने गीतों की अनेक लाजवाब धुनों के रचयिता भी रहे।      अपना पूरा जीवन पहाड़ी संगीत पर न्योछावर करने वाले लायक राम रफीक का अंतिम समय बेहद दुखद व कठिनाओं से भरा रहा। ग्लूकोमा ने उनकी आंखों की रोशनी चुरा ली थी। उन्हें अपना अंतिम समय अँधेरे में बिताना पड़ा, मगर ये अंधापन भी उन्हें अपने आजीवन जुनून का पीछा करने से नहीं रोक सका - अंतिम सांस तक वो पहाड़ी गीत लिखते रहे। रफ़ीक़ शिमला में ठियोग के पास एक छोटे से गाँव (नालेहा) में रहा करते थे। कृषि परिवार में जन्मे और स्थानीय स्कूल में पढ़े लिखे। एक पुराने साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि वे मीट्रिक की परीक्षा भी पास नहीं कर पाए थे, स्कूल की किताबों में उनका मन ही नहीं लगता था। पर ठियोग की लाइब्रेरी में रखी साहित्यिक किताबों से मजबूत रिश्ता था। रफ़ीक़ पूरा दिन उस लाइब्रेरी में बैठ उर्दू और हिंदी की कविताओं से भरी किताबें पढ़ते रहते। इन्हीं कविताओं को पढ़ रफ़ीक़ को पहाड़ी बोली में कविताएं लिखने की प्रेरणा मिली और बस तभी से रफ़ीक़ ने अपने ख्यालों को शब्दों के ज़रिये गीत माला में पिरोना शुरू कर दिया।       हजारों लोकप्रिय गीतों के गीतकार लायक राम रफ़ीक उपेक्षा का शिकार रहे है। उनके गीतों को आवाज देकर न जाने कितने गायकों ने शोहरत कमाई और रफीक के हिस्से आई सिर्फ उपेक्षा। ये बेहद विडम्बना का विषय है कि रफीक के अनेक लोकप्रिय गीतों के विवरण में उनका नाम तक दर्ज नहीं है। न सिर्फ रफीक साहब बल्कि पहाड़ी संगीत जगत में गीतकार सबसे अधिक उपेक्षित वर्ग है। एसडी कश्यप को देते थे इंडस्ट्री में लाने का श्रेय : रफीक ने 78 साल की उम्र में अपनी आखिरी सांस लेने से पहले तक लगभग 2,500 गीत लिखे थे। रफ़ीक़ ने न सिर्फ नाटियों (लोक गीतों) की लोकप्रियता को बढ़ाने का कार्य किया बल्कि उन्हें व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक बनाने के लिए भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। रफीक के हिमाचल म्यूजिक इंडस्ट्री में आने से पहले,  संगीत निर्देशक एसडी कश्यप ने मंडी में हिमाचल प्रदेश का पहला स्टूडियो ( साउंड एंड साउंड स्टूडियो खोला था )। रफीक अक्सर इंटरव्यूज में ये कहा करते थे की उन्हें रचनाकार बनाने में एसडी कश्यप का बड़ा हाथ था। वे ही उन्हें इस इंडस्ट्री में लेकर आए थे। वे ठियोग से मंडी जा उन्हीं के स्टूडियो में अपने गाने रिकॉर्ड करवाया करते। रफ़ीक़ ने एक लम्बे अर्से तक आकाशवाणी में बतौर गायक भी कार्य किया।   रफीक के लिखे गीत सबको समझ आये:    हिमाचली नाटियों में वास्तविक प्रेम कहानियां, बहादुरी और अच्छे कामों की यादें संजोई जाती है। उस दौर में पहाड़ी नाटियों से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या थी भाषा। दरअसल हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में  हर 10-15 मील के बाद भाषा बदल जाती है। इसलिए, किसी विशेष क्षेत्र की भाषा में बनाए गए और गाए गए पारंपरिक गीतों को अन्य क्षेत्रों में उतना सराहा और समझा नहीं जाता था। इस दुविधा को दूर करने में रफीक का बड़ा हाथ रहा। वो ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर लिखते की हर किसी को वो समझ आ जाए। पारंपरिक नाटियों से हटकर, उन्होंने रोमांटिक गीतों को अपनी खूबी बना लिया और उन्हें एक सरल भाषा में लिखा। हर कोई उनके लिखे गाने समझने व गुनगुना लगा। ऊपरी शिमला क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषाओं पर उनकी जबरदस्त पकड़ थी। इसने उन्हें नाटियों के लिए एक बड़ा दर्शक वर्ग बनाने में मदद की, जिससे यह शैली व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक हो गई। उन लिखे गीतों को गाना हर नए पुराने सिंगर की डिमांड बन गई। गीत लिखने और बनाने के अपार प्रेम ने उन्हें पहाड़ी गीतों का सबसे उम्दा लेखक बना दिया।

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