धर्मशाला: मुख्यमंत्री ने रैत में रखी बीडीओ कार्यालय भवन की नींव
-भवन निर्माण पर खर्च होंगे 5.36 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज कांगड़ा जिला के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रैत में 5.36 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले खंड विकास अधिकारी के कार्यालय भवन का शिलान्यास किया। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल में तीन गारंटियां पूरी की हैं, जबकि पिछली भाजपा सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल मेें केवल मात्र प्रदेश की जनता को ठगने का ही कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में 1400 पद भरने की स्वीकृति प्रदान की है। एक वर्ष में सरकारी क्षेत्र में ही 20 हजार से अधिक रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार कर्ज पर कर्ज लेती रही लेकिन लोगों की भलाई के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मात्र एक वर्ष में 20 प्रतिशत तक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में कामयाब हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजस्व लोक अदालत में 45 हजार लंबित इंतकाल के मामलों को निपटारा किया, जो अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का राज्य सरकार का प्रयास है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार होम स्टे पर भी कानून लाई है, जिससे इसके संचालकों को फायदा होगा।
रविदास भवन, ओबीसी भवन, गद्दी भवन तथा राजपूत भवन निर्माण का भी दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री ने विधायक केवल सिंह पठानिया के आग्रह पर शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में रविदास भवन, ओबीसी भवन, गद्दी भवन तथा राजपूत भवन निर्माण का भी आश्वासन दिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि विधायक केवल पठानिया के प्रयासों से ही शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में बीडीओ कार्यालय का नया भवन स्वीकृत हुआ। यह भवन रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार होगा, ताकि स्थानीय निवासियों को इसका भरपूर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों का निर्माण कॉरपोरेट सेक्टर की तर्ज पर किया जा रहा है, ताकि कर्मचारियों को कार्यालय में बेहतर कार्य परिवेश मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने पंचायत घरों के निर्माण के लिए मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 1.14 करोड़ किया है। इसके साथ ही आपदा में लोगों को राहत प्रदान करने के लिए उनके विभाग ने 1085 करोड़ मनरेगा के माध्यम से स्वीकृत किए हैं।
