धर्मपुर: अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा महाविद्यालय
राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर के खेल मैदान में सहारा फाउंडेशन धर्मपुर की ओर से अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाओं ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम में भाजपा की प्रदेश महामंत्री पायल वैद्य बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत सहारा फाउंडेशन धर्मपुर के अध्यक्ष रजत ठाकुर द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत और सम्मान करने से हुई। अपने संबोधन में पायल वैद्य ने महिलाओं की भूमिका को समाज की प्रगति का आधार बताते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और समाज का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर आगे आने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम में हिमाचल की प्रसिद्ध गायिका ममता भारद्वाज ने अपने मधुर गीतों से समां बांध दिया। उनके गीतों पर उपस्थित महिलाओं ने खूब आनंद लिया और पूरा माहौल उत्साह व उल्लास से भर गया। इस मौके पर क्षेत्र के विभिन्न महिला मंडलों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें लोकनृत्य, गीत और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान महिला मंडलों की ओर से समाज में बढ़ रही नशे की समस्या विशेषकर चिट्टे (नशे) को जड़ से खत्म करने की सामूहिक कसम भी खाई गई। वहीं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रियंका शर्मा और कल्पना ठाकुर ने भी मंच से अपने अंदाज में उपस्थित जनसमूह का खूब मनोरंजन किया और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में सहारा फाउंडेशन की ओर से क्षेत्र के विभिन्न महिला मंडलों को उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को समाज में अपनी भागीदारी मजबूत करने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने का मंच प्रदान करते हैं।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज जिला मंडी स्थित मेडिकल कॉलेज नेरचौक में रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारम्भ किया। इस विश्वस्तरीय आधुनिक तकनीक पर 28.44 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। उन्होंने यहां पर स्वयं पहली सर्जरी को देखा। इससे पूर्व, जिला शिमला के अटल सुपरस्पेशलिटी अस्पताल चमियाणा और जिला कांगड़ा के मेडिकल कॉलेज टांडा में रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही आईजीएमसी शिमला और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी जाएगी, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि चमियाणा में अब तक 151 तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में 92 ऑपरेशन रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से किए जा चुके है, जिसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एम्स दिल्ली के स्तर पर हाईएंड तकनीक का समावेश किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के मेडिकल कॉलेज रैफरल स्वास्थ्य संस्थान बनकर न रह जाएं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को भी एक्सपोजर विजिट पर भेजा जाएगा, ताकि वे आधुनिक तकनीक के बारे में और बेहतर जानकारी हासिल कर सकें। उन्होंने कहा, ‘‘बिगड़ी हुई व्यवस्थाओं को ठीक करने में समय लगता है। आरडीजी बंद होने के कारण प्रदेश के बजट से 10 हजार करोड़ कम हुए हैं, इसके बावजूद आने वाले समय में राज्य सरकार आधुनिक मेडिकल तकनीक पर तीन हजार करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज नेरचौक में हृदय रोग विभाग स्थापित किया जाएगा। कॉलेज के सभी विभागों में पीजी कोर्स शुरू किए जाएंगे। ऐसे सभी विभागों में जहां पीजी कोर्स शुरू करने के लिए प्रोफेसर नहीं है, उन्हें एकमुश्त रिलेक्सेशन (छूट) दी जाएगी, ताकि वहां पीजी कोर्स शुरू करने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में एस.आर.शिप के पद भी बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नेरचौक में रेडियोलॉजी विभाग के साथ-साथ सभी विभागों को सशक्त किया जाएगा और डॉक्टरों, पैरा मेडिकल और टेक्नीशियन के पदों को भरा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत फैसले के तहत सभी मेडिकल कॉलेजों में पीजी और एसआर शुरू की जाएंगी। राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए प्रयास कर रही है, ताकि प्रदेश के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि नेरचौक ट्रॉमा सेंटर में खाली पदों को भरा जाएगा, ताकि इमरजेंसी सेवाओं में सुधार हो सके। थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन के साथ-साथ लिनाक (LINAC) मशीन को शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही पैट स्कैन मशीन भी लगाई जाएगी। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का स्टाइपंड 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया है, जबकि सीनियर रेजिडेंट सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का स्टाइपंड एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.30 लाख रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज नेरचौक के डॉक्टरों और स्टाफ से भी संवाद किया और मेडिकल कॉलेज में विभिन्न सुविधाओं और कमियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के संबंध में मिले सुझावों को नीति में शामिल किया जाएगा, ताकि मरीजों को प्रदेश में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व वह आईजीएमसी शिमला, टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से भी इसी तर्ज पर संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के लिए 60-60 के सेक्शन बनाए जाएंगे। उसी अनुपात में स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज मंडी जिले के एक दिवसीय दौरे पर है। इस दौरान मुख्यमंत्री मंडी जिले को करोड़ों रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरे का मुख्य आकर्षण स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति का आगाज और नाचन विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास व उद्घाटन होगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह शिमला से हैलीकॉप्टर के माध्यम से सुंदरनगर पहुंचें। जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। सुंदरनगर में लैंड करने के बाद वे सड़क मार्ग द्वारा श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज नेरचौक के लिए प्रस्थान करेंगे। नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मुख्यमंत्री ऐतिहासिक पहल करते हुए 'रोबोटिक सर्जरी सुविधा' का विधिवत उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों के साथ एक अहम बैठक भी करेंगे। इस दौरान संस्थान की भविष्य की योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर चर्चा की जाएगी। नेरचौक के बाद दोपहर के समय मुख्यमंत्री नाचन विधानसभा क्षेत्र के दियारगी पहुंचेंगे। यहां सीएम क्षेत्र के विकास के लिए करोड़ों रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर बाद पुनः सुंदरनगर पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर के माध्यम से राजधानी शिमला के लिए रवाना हो जाएंगे।
जिला कारागार मंडी में बंद एक कैदी तक चिट्टा पहुंचाने के प्रयास का मामला सामने आया है। यह कोशिश जेल में चिट्टा तस्करी मामले में बंद आरोपी पति के लिए उसकी पत्नी ने की है। 1.3 ग्राम चिट्टा बरामद होने पर पुलिस ने आरोपी महिला को नियामानुसार गिरफ्तार किया और नोटिस पाबंद किया। पुलिस के अनुसार वीरवार दोपहर को नियमित मुलाकात के दौरान एक महिला की ओर से कपड़ों के माध्यम से संदिग्ध मादक पदार्थ जेल के अंदर भेजने का प्रयास किया, जिसे सुरक्षा जांच के दौरान बरामद कर लिया गया। सहायक अधीक्षक जेल मंडी की शिकायत पर यह मामला सामने आया। शिकायत में बताया गया कि जिला कारागार मंडी में बंद कैदियों की नियमित मुलाकात के दौरान सुनीता पत्नी सूरज कुमार शर्मा निवासी डाकघर बागाचनोगी जिला मंडी अपने पति से मिलने जेल पहुंची थी। मुलाकात के दौरान महिला कपड़ों के माध्यम से सफेद रंग का संदिग्ध पदार्थ जेल के अंदर भेजने का प्रयास किया। ड्यूटी पर तैनात जेल स्टाफ ने सुरक्षा जांच के दौरान उक्त पदार्थ को बरामद कर लिया। जांच में यह पदार्थ चिट्टा प्रतीत हुआ, जिसका कुल वजन लगभग 1.3 ग्राम पाया गया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। बता दें, चिट्टे के आदि आरोपी कई बार पुलिस के लिए आफत बन चुके हैं। चिट्टे की तलब होने व तबीयत बिगड़ने पर आरोपियों को अस्पताल ले जाना पड़ा है। इस मामले में भी चिट्टे की तलब को पूरा करने के लिए आरोपी की पत्नी को भी तस्करी में शामिल कर दिया। उधर, पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामले में नियमानुसार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
छोटी काशी मंडी में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी होली का त्योहार बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस बार भी होली का सामूहिक आयोजन सेरी मंच पर हुआ जिसमें हजारों की संख्या में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। यहां होली के आयोजकों द्वारा लोगों के लिए डीजे आदि का प्रबंध किया गया था जहां लोगों ने जमकर गुलाल भी उड़ाया और जी भरकर नाचे भी। सुबह करीब दसे बजे से दोहपर दो बजे यह भव्य आयोजन हुआ जिसमें सभी ने शिरकत की। पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी, डीसी मंडी अपूर्व देवगन और एसपी मंडी विनोद कुमार सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और सभी को होली की बधाई दी। इस भारी भरकम भीड़ को मैनेज करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। क्यूआरटी की टीमें भीड़ के अंदर पूरी तत्परता से डटी रही। वहीं, दूसरी तरह राज माधव राय मंदिर में भी भगवान श्री कृष्ण को होली लगाने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। बता दें कि राज माधव राय को मंडी रियासत का राजा कहा जाता है और भक्त इनके दरबार में आकर इन्हें गुलाल लगाकर मंगल कामनाएं मांगते हैं। दोपहर दो बजे के बाद राज माधव राय की पालकी के साथ ही छोटी काशी का होली का यह त्यौहार संपन्न हुआ। बता दें कि छोटी मंडी में होली के त्यौहार को हमेशा से ही एक दिन पहले मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसलिए यहां होली का त्यौहार हमेशा ही एक दिन पहले मनाया जाता है। लोग इस त्यौहार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मना सकें, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय अवकाश भी घोषित किया जाता है। स्थानीय निवासी संतोष सचदेवा, डा. दिनेश ठाकुर, कनव, दिनेश शर्मा, राज बिहारी कृष्ण दास और ऋषभ शर्मा ने बताया कि इस त्यौहार को लेकर उनके खासा उत्साह रहता है। लोग वर्ष भर इस त्यौहार का इंतज़ार करते हैं और इसे पूरे जोश के साथ मनाते हैं।
मंडी जिले के सुंदरनगर के बेच्छना गांव के निवासी और भारतीय सेना में नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ पर पहुंचकर इतिहास रच दिया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। यह विशेष अभियान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान और जवाहर पर्वतारोहण संस्थान के संयुक्त दल द्वारा संचालित किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पर्वतारोहण कौशल का प्रदर्शन करना था। नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह इस दल के महत्वपूर्ण सदस्य रहे और उन्होंने अपने अनुशासन, धैर्य और साहस से मिशन को सफल बनाया। बता दें कि दक्षिण अमेरिका में स्थित माउंट अकोंकागुआ लगभग 6,961 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे विश्व की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में गिना जाता है। यहां का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है। तेज बर्फीली हवाएं चलती हैं और ऑक्सीजन की भारी कमी पर्वतारोहियों की परीक्षा लेती है। इन कठिन परिस्थितियों के बीच 22 फरवरी 2026 को दोपहर 2:10 बजे नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह ने शिखर पर पहुंचकर तिरंगा लहराया और इतिहास रच दिया। वहीं इस खबर से सुंदरनगर के बेच्छना गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने भी नायब सूबेदार भूपेंद्र सिंह को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसे हिमाचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह हिमाचल की समृद्ध देव परंपरा, संस्कृति और अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन गया है। हिमाचल की छोटी काशी मंडी में आज से सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का आगाज हो रहा है। इसका शुभारंभ डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री दोपहर 3 बजे पड्डल मैदान में करेंगे। इससे पहले वह राज माधोराय मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लेंगे और पारंपरिक ‘जलेब’ (शोभा यात्रा) में शामिल होंगे। भगवान श्री राज माधोराय की अगुवाई में निकलने वाली भव्य जलेब इस पर्व का सबसे प्रमुख आकर्षण मानी जाती है। इस दिव्य शोभायात्रा में मंडी जनपद के लगभग 200 देवी-देवता अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और श्रद्धालुओं के साथ भाग लेंगे। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वेशभूषा के बीच निकलने वाली यह जलेब मंडी की समृद्ध देव संस्कृति और आस्था की अनूठी झलक पेश करती है। महोत्सव के दौरान हर शाम सेरी मंच पर भव्य सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन होगा। पहली सांस्कृतिक संध्या में इंडियन आइडल फेम नितिन, नेहा दीक्षित और नाटी किंग कुलदीप शर्मा अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कल यानी 17 फरवरी को काकू राम ठाकुर और सुनील राणा, जबकि 18 फरवरी को माउंट फैशन शो, इन्द्रजीत पॉल और बॉलीवुड पार्श्व गायक अरविंद राजपूत मंच पर प्रस्तुति देंगे। 19 फरवरी को ममता भारद्वाज, अरुण-अनुशीला जुगनी और कुमार साहिल दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। 20 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड के साथ गीता भारद्वाज और कुशांत भारद्वाज प्रस्तुति देंगे, जबकि 21 फरवरी को अंतिम सांस्कृतिक संध्या में ‘वॉयस ऑफ शिवरात्रि’ का फाइनल, हार्मनी ऑफ पाइंस और अन्य कलाकार आकर्षण का केंद्र होंगे। इस बार महोत्सव में अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक परेड विशेष आकर्षण रहेगी, जिसमें फ्रांस, अमेरिका, नाइजीरिया, तंजानिया, ताजिकिस्तान और श्रीलंका सहित कई देशों के कलाकार भाग लेंगे। इनके साथ हिमाचल, उत्तर भारत और मंडी के स्थानीय कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। महोत्सव से पहले रविवार शाम ब्यास नदी के तट पर स्थित पंचवक्त्र महादेव मंदिर के समीप भव्य ब्यास महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में आरती में भाग लिया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ब्यास महाआरती नई परंपरा के रूप में मंडी की धार्मिक पहचान को और सशक्त करेगी।
प्रदेश के मंडी जिला में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव का आगाज़ होने वाला है। 16 से 22 फरवरी तक इस महोत्सव की धूम लगेगी। इस दौरान 800 जवान सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे। जिसके लिए मंडी शहर को छह सेक्टरों में बांटा गया है और हर कोने पर पुलिस का पहरा रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। इस बात की जानकारी एसपी मंडी विनोद कुमार ने दी उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से पूरे शहर को छह सेक्टरों में बांटा गया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव एक बड़ा आयोजन है, जिसके लिए मंडी पुलिस ट्रैफिक प्लान पर भी काम कर रही है। यह प्लान जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। एसपी ने बताया कि उन्हें हाल ही में मंडी पुलिस की कमान सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता चिट्टे जैसे नशीले पदार्थों के तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाना रहेगी। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि किसी की जान न जाए। बता दें कि इस बार मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 16 से 22 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंडी पुलिस और प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियां कर रहा हैं। पूरे शहर में रंग-रोगन का कार्य चल रहा है और छोटी काशी को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के स्वागत के लिए मंडी पूरी तरह तैयार है।
जिला मंडी के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में बिजली चोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी से जुड़े एक स्थानीय नेता को बिजली विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने रंगे हाथों पकड़ा है। विभागीय जांच में बिजली चोरी के साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी पर करीब एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसे मौके पर ही डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से विभाग को जमा करवा दिया गया। जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग को लंबे समय से उनके परिसर में लगे मीटर की खपत को लेकर संदेह था, क्योंकि खपत का ग्राफ लगातार असामान्य रूप से कम दर्ज हो रहा था, जबकि 125 यूनिट मुफ्त बिजली सुविधा के बावजूद मीटर रीडिंग शून्य के आसपास बनी हुई थी। इसी आधार पर बिजली विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने सहायक अभियंता और एसडीओ की मौजूदगी में अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मुख्य सर्विस पीवीसी वायर को पंचर कर मीटर को बायपास किया गया था और सीधे अवैध कनेक्शन के माध्यम से बिजली का उपयोग किया जा रहा था। जांच के दौरान बिजली चोरी से संबंधित सभी साक्ष्य एकत्र किए गए और पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न उत्पन्न हो। बिजली विभाग के अनुसार, आरोपी लगभग एक वर्ष से बिजली चोरी कर रहा था, जिसके चलते विभाग को आर्थिक नुकसान हुआ। नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए विभाग ने बिजली चोरी का केस दर्ज किया और लगभग एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। आरोपी ने मौके पर ही अपनी गलती स्वीकार करते हुए डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से जुर्माने की राशि जमा करवा दी।
18 जनवरी 2026 को भारतीय डाक कर्मचारी संघ (BPEA) ग्रुप ‘C’ की सेंट्रल वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक मंडी, हिमाचल प्रदेश में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता माननीय अध्यक्ष द्वारा की गई। इसमें हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न मंडलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, विभागीय नीतियों तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने कर्मचारियों के हितों की रक्षा तथा लंबित मांगों के शीघ्र समाधान हेतु एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर संगठनात्मक ढांचे को सशक्त बनाने, सदस्यता अभियान को गति देने तथा जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं को प्रभावी रूप से उठाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान प्रवीन कुमार सलूरिया को सर्वसम्मति से BPEA ग्रुप ‘C’ हिमाचल प्रदेश का सर्किल सचिव निर्वाचित किया गया। इस अवसर पर नवनीत शर्मा, अध्यक्ष BPEA ग्रुप ‘C’ हिमाचल प्रदेश ने कहा कि संगठन कर्मचारियों के अधिकारों और कल्याण के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा तथा विभाग के साथ सकारात्मक संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। नव-निर्वाचित सर्किल सचिव प्रवीन कुमार सलूरिया ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कर्मचारियों से संगठित रहकर अपने अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
हिमाचल प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान के तहत पुलिस लगातार तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में मंडी जिला पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस थाना सुंदरनगर की टीम ने पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 61 किलो 205 ग्राम अफीम डोडा (पोस्त) बरामद किया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह सुंदरनगर थाना पुलिस ने अलसू चौक पर नाकाबंदी कर वाहनों की नियमित जांच शुरू की थी। इसी दौरान मंडी की ओर से आ रही एक पिकअप जीप को शक के आधार पर जांच के लिए रोका गया। वाहन में सवार व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने पिकअप की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस ने गाड़ी में छुपाकर रखी गई भारी मात्रा में अफीम डोडा (पोस्त) बरामद की। कुल 61 किलो 205 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ, जो कि व्यावसायिक मात्रा में आता है। पुलिस ने मौके पर ही पिकअप वाहन को कब्जे में ले लिया और दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह निवासी मोगा, पंजाब और रामपाल निवासी लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें नियमानुसार कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी साक्षी वर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ मंडी पुलिस का अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती से जारी रहेगा और तस्करों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में गंभीर हादसें टलने का नाम ही नहीं ले रहे है। सिरमाैर जिले के बाद अब मंडी जिला में एक और बस हादसा हुआ है। मंडी जिले में गोभड़ता से सरकाघाट जा रही HRTC की एक बस शनिवार सुबह करीब 8:00 बजे हवाणी के पास हादसे का शिकार हो गई। हादसे के समय बस में करीब 15 यात्री सवार थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार चालक को अधिक चोटें आई हैं। जबकि कुछ यात्रियों को भी मामूली चोटें आई हैं। अधिकतर यात्री पूरी तरह से सुरक्षित बताए जा रहे हैं। हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। बस सड़क से नीचे लुढ़ककर खेत में जा गिरी है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। सभी घायलों को बस से निकालकर उन्हें तुरंत प्रभाव से निजी वाहनों के माध्यम से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डीएसपी सरकाघाट संजीव गौतम ने बताया कि पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। घायलों को उपचार के लिए सरकाघाट ले जाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में मकर संक्रांति का पर्व पूरे श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर शिमला जिला स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल तत्तापानी में आज सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सतलुज नदी के किनारे स्थित सल्फर युक्त गर्म पानी के कुंडों में आस्था की डुबकी लगाई। प्रदेश में मकर संक्रांति को ‘माघ साजा’ के नाम से जाना जाता है, जो माघ महीने की शुरुआत और सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तत्तापानी में सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ठंड के बावजूद श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर कुंडों में स्नान करते नजर आए। मान्यता है कि यहां स्नान करने से त्वचा रोग दूर होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। स्नान के साथ-साथ तत्तापानी में श्रद्धालुओं के लिए करीब 3 क्विंटल खिचड़ी भी परोसी जा रही है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में तत्तापानी में साढ़े चार क्विंटल खिचड़ी परोसकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जा चुका है। पर्व के दौरान प्रदेशभर में पारंपरिक व्यंजनों का भी विशेष महत्व रहता है। घर-घर में लाल चावल, अखरोट, खुमानी और भंगजीरी से बनी खिचड़ी, जिसे स्थानीय भाषा में ‘किसर’ कहा जाता है, तैयार की गई और प्रसाद के रूप में वितरित की गई। कई स्थानों पर तुलादान की परंपरा भी निभाई गई। तत्तापानी के पंडित टेकचंद शर्मा ने बताया कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद 22 सितंबर 1952 को तत्तापानी आए थे और उन्होंने यहां स्नान सरोवर का उद्घाटन किया था। उस उद्घाटन की पट्टिका को समाजसेवी प्रेम रैना ने आज भी सुरक्षित रखा है। हालांकि, राष्ट्रपति द्वारा उद्घाटित वह सरोवर अब कौल डैम के कारण जलमग्न हो चुका है। साल 2013 में सतलुज नदी पर कौल डैम बनने के बाद पुराना जलाशय डूब गया था। इसके पश्चात जियोलॉजिकल विभाग द्वारा ड्रिलिंग कर नदी के किनारे गर्म पानी निकाला गया और नए कुंडों का निर्माण किया गया, जिनमें आज श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तत्तापानी को ऋषि जमदग्नि और भगवान परशुराम की तपोस्थली माना जाता है। कहा जाता है कि त्रेता युग में महर्षि जमदग्नि ने यहां पत्नी रेणुका और पुत्र परशुराम के साथ तप किया था। हिमाचल में मकर संक्रांति, 'माघ साजा' के रूप में, केवल एक त्योहार नहीं बल्कि प्रकृति, विज्ञान और संस्कृति का संगम है, जहाँ लोग सूर्य के उत्तरायण होने पर खुशियाँ मनाते हैं, पवित्र जल में डुबकी लगाते हैं और 'किसर' जैसी पारंपरिक चीजें खाकर एक-दूसरे से जुड़ते हैं, खासकर तत्तापानी के गर्म पानी के कुंडों में स्नान और खिचड़ी का प्रसाद, जो इस पर्व को और भी खास बनाता है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के अंतर्गत करसोग उपमंडल में एक सड़क हादसा पेश आया है। यहाँ चरखड़ी के पास 'चेतन कोच' नामक एक निजी बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय बस में चालक और परिचालक समेत कुल चार लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचित किया। इस दुर्घटना में बस में सवार व्यक्ति घायल हुए हैं और एक बुजुर्ग की मौत हो गई है। सभी घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर पांगणा अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। वहीं बुजुर्ग मृतक की पहचान कलावती पत्नी ओमप्रकाश निवासी चरखड़ी के रूप में हुई है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया हैं। जिसकी पुष्टि एसडीएम सुन्दर नगर द्वारा की गई। हादसे के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर सड़क की खराब हालत या तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है। पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए घटना की जांच शुरू कर दी है।
पूर्व मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह द्वारा धर्मपुर को भविष्य में जिला बनाने की मांग उठाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। बयान के बाद जहां धर्मपुर क्षेत्र के लोग इसे लंबे समय से चली आ रही जायज मांग बता रहे हैं, वहीं सरकाघाट क्षेत्र से भी जिला बनाए जाने की पुरजोर मांग उठने लगी है। धर्मपुर समर्थकों का कहना है कि क्षेत्र भौगोलिक रूप से विस्तृत है और दूर-दराज के गांवों से जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका तर्क है कि धर्मपुर को जिला बनाए जाने से प्रशासनिक सेवाएं बेहतर होंगी, विकास कार्यों में तेजी आएगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। वहीं सरकाघाट समर्थकों का कहना है कि सरकाघाट पहले से ही एक प्रमुख प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र है, जहां सड़क, परिवहन और अन्य मूलभूत सुविधाएं अपेक्षाकृत बेहतर हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय के लिए सरकाघाट अधिक उपयुक्त स्थान है। दोनों ही क्षेत्रों के समर्थक सोशल मीडिया पर आंकड़ों, नक्शों और पुराने सरकारी प्रस्तावों के माध्यम से अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिला बनाने का मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और भावनात्मक भी है। फिलहाल सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से चर्चा तेज हुई है, उससे साफ है कि आने वाले समय में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।
धर्मपुर बाजार में शीतला माता मंदिर के पास चौक के समीप हाई-सेंसिटिव कैमरा स्थापित किए जाने के बाद अब यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर पुलिस की सख्त नजर रहेगी। इस आधुनिक कैमरे की मदद से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालक अब पुलिस की निगरानी से बच नहीं सकेंगे। तय गति सीमा से अधिक रफ्तार, बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने सहित अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर सीधे चालान काटे जाएंगे। पुलिस के अनुसार, इस कैमरे के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी। थाना प्रभारी ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। धर्मपुर पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि धर्मपुर क्षेत्र के लिए विभाग द्वारा कुल दो हाई-सेंसिटिव कैमरे स्वीकृत किए गए हैं। पहला कैमरा सरकाघाट के कैंची मोड़ के ऊपर पहले ही स्थापित किया जा चुका है, जबकि दूसरा कैमरा धर्मपुर बाजार में शीतला माता मंदिर के पास लगाया गया है। इन कैमरों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश में एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने दो दिवसीय हड़ताल के आह्वान पर मंडी जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने शहर में शव यात्रा निकाली और चौहटा में सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान एक एंबुलेंस कर्मी ने खुद पर डीजल छिड़क लिया और आत्मदाह का प्रयास किया। इस बीच हरकत में आए अन्य कर्मियों ने तुरंत उसे धक्का देकर हटाया और झुलसने से बचा लिया। इस दौरान एंबुलेंस कर्मियों का जमकर गुस्सा फूटा। बता दें कि बीते 25 दिसंबर 2025 को रात 8 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल के तहत मंडी जिला के 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मचारी शनिवार को भी पूर्ण हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय मंडी में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और शहर में शव यात्रा निकालकर अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रबंधन के प्रति विरोध दर्ज कराया। पुलता दहन के बीच एंबुलेंस कर्मियों ने जमकर गुब्बार निकाला। यूनियन और सीटू पदाधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मेडस्वान फाउंडेशन कंपनी द्वारा वर्ष 2022 में नियुक्त किए गए हैं। इससे पहले वर्ष 2010 में इन कर्मचारियों की नियुक्ति जीवीके कंपनी द्वारा की गई थी, लेकिन उस दौरान भी कर्मचारियों को छंटनी भत्ता, ग्रेच्युटी और अन्य वैधानिक लाभ नहीं दिए गए। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मिशन की भूमिका को मूक दर्शक बताया गया। यूनियन नेताओं का आरोप है कि वर्तमान में भी नियोक्ता कंपनी द्वारा कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा और उनसे 12 घंटे की ड्यूटी करवाई जाती है, जबकि ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता। यूनियन के माध्यम से जब कर्मचारी अपनी मांगें उठाते हैं तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
मंडी जिले की बल्ह घाटी में बुधवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ रिहायशी इलाकों में घुस आया और तीन गांवों में लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेंदुए ने सबसे पहले चंडयाल बस्ती में दस्तक दी। अचानक हुए हमले से ग्रामीण संभल भी नहीं पाए थे कि वह भड़याल की ओर बढ़ गया। इन दोनों स्थानों पर तेंदुए के हमले में चार लोग घायल हो गए। इसके बाद तेंदुआ मलवाणा गांव पहुंचा, जहां उसने 40 वर्षीय बलवीर सिंह (निवासी भ्यूली) पर हमला कर दिया। बलवीर अपने रिश्तेदारों से मिलने यहां आया हुआ था। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना में घायल हुए लोगों में बिहार निवासी साहिब सिंह के अलावा स्थानीय निवासी दीनानाथ, चंपा देवी, जनित और रेखा देवी शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आत्मरक्षा के लिए एकजुट होकर तेंदुए का सामना किया। बताया जा रहा है कि जवाबी कार्रवाई में तेंदुए को मार गिराया गया। वन विभाग ने तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को प्रशासन की ओर से त्वरित आर्थिक सहायता और हरसंभव मदद प्रदान की जा रही है। वहीं मंडी के डीएफओ वासु डोगर ने बताया कि वन विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं और यह जांच की जा रही है कि तेंदुआ अचानक इतना आक्रामक क्यों हो गया।
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मण्डप की 11वीं कक्षा की छात्रा साक्षी वर्मा का चयन राष्ट्रीय स्तर की टेबल टेनिस प्रतियोगिता के लिए हुआ है। साक्षी की इस उपलब्धि से विद्यालय सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। साक्षी वर्मा ने हाल ही में ऊना में आयोजित राज्य स्तरीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिसमें जिला मंडी की टीम ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर साक्षी का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया गया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता से पूर्व साक्षी 18 दिसंबर 2025 से 20 दिसंबर 2025 तक मंडी में आयोजित कोचिंग कैंप में भाग लेगी। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर की टेबल टेनिस प्रतियोगिता 26 दिसंबर 2025 से 30 दिसंबर 2025 तक तमिलनाडु में आयोजित की जाएगी। इस उपलब्धि पर 17 दिसंबर 2025 को विद्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार, डीपीई रमेश कुमार, अन्य सहयोगी स्टाफ तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान जयपाल ने साक्षी वर्मा को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर साक्षी को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई।
हिमाचल प्रदेश सरकार का तीन साल का कार्यकाल वीरवार को पूरा होने पर मंडी में जन संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिसके लिए प्रदेश भर से कांग्रेस कार्यकर्ता मंडी के पड्डल मैदान में पहुंच रहे है। सुक्खू सरकार ने इनकी आवाजाही के लिए एचआरटीसी के 31 डिपुओं से 1073 बसें लगाई हैं। जिसके कारण अन्य लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है बुधवार से ही बसों के इंतजार में सवारियां परेशान होती रहीं। निगम ने बसों के रूट क्लब कर दिए हैं। समारोह स्थल पर पहुंचने वाले लोगों को वापस निगम की बसों में गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। वहीं, रूटों को क्लब किए जाने से सवारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। बसों की आवाजाही कम होने से लोगों को टैक्सी करके या फिर कई घंटों रुकने के बाद बस मिलने पर कार्यस्थल पहुंचना पड़ा। बुधवार सुबह से ही इन बसों को विभिन्न क्षेत्रों के लिए भेजना शुरू कर दिया गया। इसके अलावा निगम के बेड़े में जो बसें खड़ी थीं, उन्हें भी इस समारोह में लोगों को लाने के लिए लगाया गया है। उधर, परिवहन निगम ने मंडी में बस अड्डे के साथ ही इन बसों को खड़े करने के लिए जगह बनाई है। उधर, परिवहन निगम का दावा है कि जिन रूटों पर पांच से छह बसें भेजी जाती थीं, वहां एक से दो रूट पर बसें नहीं भेजी गई हैं। लोगों को परेशानी न हो, इसके चलते कुछ एक रूटों को एक दूसरे के साथ जोड़ा गया है। चीफ जनरल मैनेजर पंकज सिंघल ने कहा कि लोगों को परेशानी नहीं होने दी जा रही है। ज्यादातर उन बसों को भेजा गया है, जो वर्कशॉप या अन्य स्थानों पर खड़ी थीं।
मंडी जिला के उपमंडल धर्मपुर के रियूर गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार कुछ शरारती तत्वों ने बेसहारा घूम रहे बैलों को बेरहमी से धक्के मारकर खाई में फेंक दिया। घटना की सूचना मिलते ही शिवद्वाला गांव से ताल्लुक रखने वाले समाजसेवी कश्मीर सिंह, संजय कुमार, अमर चंद, विजय कुमार और राम चंद मौके पर पहुँचे और बैलों को खाई से बाहर निकालने का साहसिक प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद लोगों ने अधिकांश बैलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक बैल की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल यह बैल उठ भी नहीं पा रहा था। समाजसेवियों ने इसकी सूचना पशु चिकित्सकों को दी तुंरत पशुपालन विभाग के चिकित्सक ने घटनास्थल पर जाकर घायल पशुओं का प्राथमिक उपचार किया। घटनास्थल पर मौजूद समाजसेवियों ने इसे “मानवता को झकझोर देने वाली दरिंदगी” बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौ-संरक्षण की बात तो खूब होती है, लेकिन बेसहारा पशुओं की सुरक्षा के लिए जमीनी स्तर पर अभी भी संवेदनशीलता की कमी साफ दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोक पाना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीण यह भी मांग कर रहे हैं कि बेसहारा पशुओं के लिए स्थायी प्रबंध किए जाएं और गांव-गांव में निगरानी बढ़ाई जाए। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। धर्मपुर के लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई भी शरारती तत्व गौवंश के साथ ऐसी निर्दयता करने की हिम्मत न कर सके। एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल से बात करने पर उन्होंने कहा कि इस घटना की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।
मंडी सरकाघाट के त्रिफालघाट में रविवार को रंजाह राम राव वेलफेयर सोसायटी द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का आयोजन NGO स्वर्गीय रंजाह राम राव वेलफेयर सोसायटी तथा मणिमहेश लंगर कमेटी वहाल नवाने के संयुक्त तत्वावधान से होगा। इस शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा मेडिसिन, आंख, ईएनटी, स्त्री रोग, बाल रोग, सर्जरी, ऑर्थो OPD, कार्डियोलॉजी एवं सांस संबंधी रोगों की जांच की जाएगी। शिविर में आने वाले लोगों को मुफ्त प्राथमिक जांच, मुफ्त दवाइयाँ, मुफ्त चश्मे तथा हेल्थ काउंसलिंग उपलब्ध करवाई जाएगी। अखिल गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि जो भी लोग अपने स्वास्थ्य की जांच करवाना चाहते हैं, वे इस शिविर में अवश्य पधारें और उपलब्ध कराई जा रही सभी सेवाओं का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 8261843411, 7018625583, 9817401532, 9816578887।
मंडी जिले में हुए दिल दहला देने वाले तेजाब कांड की पीड़ित महिला ममता ठाकुर ने बुधवार (19 नवंबर) रात करीब 12 बजे पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। चार दिनों तक जिंदगी और मौत से जंग लड़ते हुए आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गई। ममता ने मौत से पहले अपनी आखिरी इच्छा जाहिर की थी, जिसे जो भी सुन रहा है उसकी आंसू से आंसू छलक रहे हैं। इस दर्दनाक वारदात ने पूरे मंडी जिला समेत हिमाचल प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ममता ने मौत से पहले अपने परिवार को हनुमान घाट, मंडी में ही अंतिम संस्कार करने की इच्छा बताई थी। ममता ने कहा था कि वह अपना अंतिम संस्कार ससुराल में नहीं चाहती। ममता की आखिरी इच्छा ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ममता की मौत के बाद इस मामले में बड़ा कानूनी बदलाव किया गया है। पहले आरोपी पति नंदलाल के खिलाफ बीएनएस की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज था, लेकिन अब पुलिस धारा 302 (हत्या) भी जोड़ने जा रही है। वही, पुलिस ने परिजनों से सूचना मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी हैं। शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा, जिसके बाद परिवार को सौंप दिया जाएगा और आगे की प्रक्रिया पूरी अमल में लाई जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक निजी बस हादसे का शिकार हुई है। मंडी से धर्मपुर रूट पर जा रही ठाकुर कोच की बस बरोटी से पहले मलौन नामक जगह पर हादसे का शिकार हुई। जिससे सवारियों में अफरा तफरी मच गई। हालांकि, गनीमत रही की बस में सवार किसी भी सवारी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। जानकारी के अनुसार, ठाकुर कोच बस मंडी से धर्मपुर रूट पर चलती है। बस बुधवार करीब नौ बजे बरोटी से एक किमी पहले मलौन में सड़क से पलट गई। मलौन के रहने वाले प्रवीण ठाकुर ने बताया कि उनके घर के ठीक सामने यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि जहां हादसा हुआ है। वहां पर सड़क ठीक है। लेकिन किसी तकनीकी खराबी की वजह से यह हादसा हुआ है। फिलहाल, धर्मपुर पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हैं।
धर्मपुर उपमंडल की सरसकान पंचायत में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक स्वचालित (ऑटोमैटिक) मौसम केंद्र जल्द स्थापित किया जाएगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय टीम ने सोमवार को पंचायत का तड़ा रकबा में स्थल निरीक्षण किया। पंचायत प्रधान उमेश ललित ने बताया कि यह नवीनतम तकनीक से लैस मौसम केंद्र तापमान, आर्द्रता, वायुमंडलीय दबाव, हवा की गति व दिशा तथा वर्षा जैसे सभी महत्वपूर्ण मौसम मापदंडों को स्वतः मापने, रिकॉर्ड करने और संचारित करने में सक्षम होगा। यह केंद्र कृषि, जलवायु विज्ञान, अनुसंधान और मौसम पूर्वानुमान के लिए सटीक एवं वास्तविक समय का डेटा उपलब्ध करवाएगा। प्रधान ने बताया कि इस केंद्र से न केवल सरसकान पंचायत बल्कि खाहला क्षेत्र की दस पंचायतों के साथ-साथ धर्मपुर, बहरी, भरौरी, बिंगा, सरी, लौंगनी, तनेहड़, सिद्धपुर, ततोहली, परडाना सहित करीब 30 पंचायतों को जलवायु पैटर्न तथा लम्बे समय के परिवर्तनों के अध्ययन में अहम लाभ मिलेगा। इंजीनियर करण और इंजीनियर प्रीतिका चौहान ने बताया कि यह मौसम केंद्र पूर्णतया ऑटोमैटिक होगा तथा बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के लंबे समय तक निरंतर डेटा रिकॉर्ड और संग्रहित करता रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यह केंद्र वेब आधारित नवीनतम तकनीकों से लैस होगा, जिससे डेटा वास्तविक समय में मौसम विज्ञानियों और विशेषज्ञों तक पहुंच सकेगा तथा मौसम पूर्वानुमान और विश्लेषण अधिक सटीक बनेगा। युक्त निरीक्षण टीम में एएफडी दिल्ली से नेहा पाटिल और प्रभाष दुबे, साथ ही उपप्रधान सुनील कुमार, सचिव सुरेश ठाकुर, राम लाल राणा, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
जीवनसाथी ज़रूरी है… लेकिन भरोसे के रिश्ते में अगर धोखा छिपा हो तो क्या किया जाए? हिमाचल प्रदेश में शादी के नाम पर ठगी का ऐसा गिरोह सामने आया है, जिसने कई परिवारों की खुशियाँ छीन लीं… हिमाचल प्रदेश में महिलाओं का एक ऐसा गिरोह सक्रिय हो गया है, जो शादी के नाम पर लोगों को ठग रहा है। ताज़ा मामला कांगड़ा और मंडी ज़िलों से सामने आया है, जहाँ लुधियाना की पाँच महिलाओं ने हिमाचल के युवकों से शादी की और फिर जेवरात लेकर फरार हो गईं। जानकारी के अनुसार, इन महिलाओं ने पहले मैरिज ब्यूरो के माध्यम से हिमाचल के व्यक्तियों से शादी की। शादी के बाद कुछ दिनों तक सब सामान्य चलता रहा, लेकिन मौका मिलते ही महिलाएँ कीमती गहने और नकदी लेकर रफूचक्कर हो गईं। एक मामला तो ऐसा भी सामने आया है जहाँ महिला ने पूरे 25 दिन तक शादीशुदा जीवन निभाया, ताकि घरवालों का भरोसा पूरी तरह जीत सके और फिर अचानक जेवर लेकर गायब हो गई। इसके बाद पीड़ितों ने मैरिज ब्यूरो के संचालक से संपर्क किया। मैरिज ब्यूरो के मालिक ने भी सहयोग दिखाते हुए पुलिस की मदद की, जिसके चलते पाँचों महिलाओं को पकड़ लिया गया। हालाँकि पीड़ित परिवारों का दावा है कि यह गिरोह सिर्फ पाँच महिलाओं तक सीमित नहीं है इसमें और भी कई सदस्य जुड़े हुए हैं। आज तड़के पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर थाना नगरोटा बगवां पहुँचे। उनका कहना है कि यह संगठित गिरोह कई राज्यों में सक्रिय है और भोले-भाले लोगों को शादी के झांसे में फँसाकर लाखों की ठगी कर रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। लेकिन इस घटना ने मैरिज ब्यूरो के माध्यम से होने वाली शादियों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में मंडी सदर के भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के मंच पर खड़े होकर कहा कि यहां मौजूद सभी मेरा परिवार है। मैं इन्हीं लोगों के बीच से आया हूं। आपदा में हुई तबाही को लेकर भाजपा विधायक ने कहा कि हिमाचल को इस समय किसी पार्टी की नहीं बल्कि राहत की दरकार है और सभी को मिलकर मदद करनी होगी। भाजपा और कांग्रेस को एक साथ आगे आकर ऐसे कार्यक्रम बनाने होंगे, जो पार्टी से हटकर हो और प्रदेश के हित में हो। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी सड़कों की बहाली नहीं हुई, जिसे लेकर आए दिन लोगों से शिकायत मिल रही है। उन्होंने कहा कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र की सनौर घाटी की सड़कें अभी भी बंद पड़ी हुई है। जिस कारण बागवानों का लाखों रुपए का सेब बगीचों में ही सड़ गया। हालात यहां ऐसे बयां कर रहे हैं कि एक साल तक यह सड़क खुलने वाली भी नहीं है। हम सरकार को दोष नहीं दे रहे हैं, लेकिन किसानों-बागवानों का बहुत नुकसान हुआ है। अनिल शर्मा ने कहा कि सिर्फ घर टूटने वाले प्रभावितों को ही नहीं, बल्कि किसानों और बागवानों को भी राहत मिलनी चाहिए, क्योंकि आपदा ने उनकी मेहनत और जीविका दोनों को तबाह कर दिया है। उन्होंने सीएम से मांग की कि जिन मकानों को आपदा ने रहने योग्य नहीं छोड़ा है, उन परिवारों को भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकान की तरह 7 लाख रुपये की राहत राशि दी जाए, जिससे वे अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकें। वहीं, इस दौरान भाजपा विधायक ने सुक्खू सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि "जिनके मकान टूटे हैं, उन्हें 7 लाख रुपए देकर आपने बहुत पुण्य काम किया है, मैं आपको बधाई देना चाहूंगा।" गौरतलब है कि 10 नवंबर को मंडी के पड्डल मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आपदा प्रभावित परिवारों को राहत राशि प्रदान की। कार्यक्रम में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए मुख्यमंत्री ने 4,914 लाभार्थियों को 81.28 करोड़ रुपये की राहत राशि वितरित की। आपदा में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 1,513 लाभार्थियों को 7 लाख रुपये में से 4-4 लाख रुपये की पहली किस्त दी गई। इनमें से 781 लाभार्थी मंडी, 631 लाभार्थी कुल्लू और 101 लाभार्थी बिलासपुर जिले के हैं। अब तक, मंडी जिले के 4,375 प्रभावित परिवारों को 14.46 करोड़ रुपये की राहत राशि बांटी जा चुकी है।
धर्मपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक व्यक्ति से 0.47 ग्राम चिट्टा हेरोइन बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDP&PS एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। धर्मपुर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए जिले भर में लगातार गश्त, ट्रैफिक चेकिंग और नाकाबंदी की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि नशे से संबंधित किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें, ताकि इस बुराई को समाज से खत्म किया जा सके। पुलिस ने कहा है कि नशा तस्करी की जानकारी देने वालो की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। बता दें कि पुलिस थाना धर्मपुर की टीम ने गन्तरयालु नाला के पास कुमार पुत्र मंजीत सिंह से 0.47 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया है आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना धर्मपुर में मामला दर्ज किया गया है और जांच अभी जारी है।
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान अपने घर खो चुके लोगों को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू राहत बांटेंगे। राहत आबंटन प्रोग्राम का आगाज मंडी के पड्डल मैदान में दस नवंबर को होगा। मंडी में होने वाले इस आपदा राहत आबंटन प्रोग्राम में कुल्लू, बिलासपुर और मंडी के वह प्रभावित शामिल होंगे, जिनके घर पूरी तरह से बारिश में तबाह हो चुके हैं या फिर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन ने लाभार्थियों को पड्डल मैदान तक लाने ले जाने का भी पूरा इंतजाम कर रखा है। मंडी जिला में तो संबंधित एसडीएम को प्रभावितों को पड्डल तक लाने के निर्देश दिए हैं। मंडी में 717 घर पूरी तरह से ध्वस्त हुए हैं। इसके अलावा 1400 से ज्यादा आंशिक रूप से टूटे हैं। मंडी जिला में आपदा राहत आबंटन के तहत करीब 2400 लोगों को राहत प्रदान की जाएगी। मंडी डीसी अपूर्व देवगन ने बताया कि दस नवंबर को मंडी, कुल्लू और बिलासपुर के उन प्रभावितों को राहत राशि बांटी जाएगी, जिनके घर पूरी तरह या फिर आंशिक रूप से गिर गए हैं।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजकीय महाविद्यालय की रोवर्स और रेंजर्स इकाई द्वारा फ्लैग डे बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वज फहराने के साथ हुई, जिसने एकता, अखंडता और राष्ट्र सेवा के मूल्यों को उजागर किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. विवेकानंद शर्मा द्वारा की गई। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए फ्लैग डे के महत्व पर प्रकाश डाला और युवाओं में राष्ट्रीय गौरव एवं उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. रमेश शर्मा और प्रो. मोहिंदर सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज सेवा और जन-जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन रोवर लीडर प्रो. जोगिंदर सिंह और रेंजर लीडर प्रो. शीतल भोपाल के नेतृत्व में किया गया। सभी प्रतिभागियों ने गर्व और सम्मान के साथ ध्वज गीत का सामूहिक गायन किया, जिससे वातावरण देशभक्ति के उत्साह से भर गया। कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्ति जागरूकता अभियान भी चलाया गया। विद्यार्थियों को नशे की बुराइयों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई तथा उन्हें स्वस्थ और संयमित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का समापन सेवा, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की शपथ के साथ हुआ।
सुंदरनगर में बुधवार शाम 35 वर्षीय व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की का पीछा करने का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, विशेष समुदाय से संबंधित आरोपी व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से 13 वर्षीय नाबालिग लड़की का पीछा कर रहा था। बुधवार शाम को जब वह अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से लड़की का पीछा करते हुए उसके घर के पास पहुंचा, तो लड़की के माता-पिता ने उसे पकड़ लिया। माता-पिता द्वारा विरोध करने और अपनी बेटी को परेशान न करने की चेतावनी देने पर आरोपी ने बहस शुरू कर दी और लड़की के पिता के साथ हाथापाई करने लगा। यह देखते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। नाबालिगा को तंग करने की बात सुनकर भीड़ का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने आरोपी की जमकर पिटाई कर दी। विरोध स्वरूप भीड़ ने उसका मुंह काला भी कर दिया। लड़की के पिता की सूचना पर तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर मेडिकल के लिए अस्पताल ले गई। स्थिति तब बिगड़ गई, जब घटना की खबर फैलते ही विशेष समुदाय के लोग बड़ी संख्या में थाना जा पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ में से कुछ लोग सीधे जांच अधिकारी के रूम में घुस गए। जांच अधिकारी के रूम में मौजूद लड़की के पिता और अन्य लोगों पर विशेष समुदाय के लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से थाने में भगदड़ मच गई। पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों ने बड़ी मुश्किल से दोनों पक्षों को अलग किया।
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में बन रहे रेस्ट हाउस को लेकर विवाद हो गया है। ठेकेदार ने एक करोड़ रुपये का भुगतान न होने के कारण भवन पर ताला लगा दिया है। 3.73 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह तैयार किया गया है, जिसमें हर प्रकार की सुविधाओं का ध्यान रखा गया है। 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी बचा 5 प्रतिशत कार्य होना बाकि है। जिसमें कमरों का फर्नीचर और अन्य सामान शामिल है। सुंदरनगर लोक निर्माण विभाग का कहना है कि विश्राम गृह को ठेकेदार द्वारा आधिकारिक रूप से विभाग को नहीं सौंपा गया है। विश्राम गृह के रख रखाव का जिम्मा अभी तक ठेकेदार का ही है। इसमें रखा सामान और इसकी सुरक्षा भी ठेकेदार के ही पास है। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से ठेकेदार अपना ताला लगा सकता है। विभाग ने कहा, ठेकेदार की राशि की अदायगी के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। राशि का प्राविधान होने पर सारी कागजी कार्रवाई पूरी करने के उपरांत विश्राम गृह विभाग को मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत लौंगणी के तरैमला गांव के भारतीय सेना में कर्नल पद पर तैनात तेजेंद्र सिंह का हृदय गति रुकने से दिल्ली में निधन हो गया। कर्नल तेजेंद्र सिंह, कर्नल रूपचंद के पुत्र थे और वर्तमान में राष्ट्रीय राइफल्स में श्रीनगर में सेवाएं दे रहे थे। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ हुआ है। गमगीन परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। जानकारी के अनुसार, कर्नल तेजेंद्र सिंह दिल्ली से हवाई मार्ग द्वारा श्रीनगर लौटने वाले थे कि इसी दौरान उन्हें हृदयाघात हो गया, जिससे उनका देहांत हो गया। दिल्ली से उनके निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से देर रात तक घर पहुंचा। मंगलवार सुबह पैतृक गांव के श्मशान घाट में मृतक का पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
धंग्यारा गलु के पास सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा पेश आया। हादसे में बाइक और वैगनार के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। जिसमें बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान रवि कुमार (20) पुत्र मुरारी लाल, निवासी मठयाना के रूप में हुई है। घटना का पता चलते ही आसपास के लोग पहुंचे और हादसे में दूसरे गंभीर युवक को प्राथमिक उपचार के लिए ले गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही गोहर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, जहां युवक के शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी देवराज ने बताया पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
मंडी जिले के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के बिंगा गांव में इन दिनों अरबी, कचालू व अदरक खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे है। इस वर्ष बरसात अधिक होने के बावजूद भी गत वर्षों की भांति इन फसलों की पैदावार अच्छी हुई है। बता दें की गांव के किसानों द्वारा रासायनिक खाद का इस्तेमाल फसलों पर नहीं किया जाता है अरबी, कचालू, अदरक व अन्य फसलों के लिए लोग जैविक खाद का ही इस्तेमाल करते हैं यहां के किसानों द्वारा केंचुआ पिट बनाए गए हैं। किसानों द्वारा इसमें तैयार खाद का ही इस्तेमाल किया जाता है गौरतलब है की इस गांव की अरबी, कचालू खरीदनें के लिए लोग इस क्षेत्र के अलावा दूसरे जिलों और प्रदेश के बाहर से भी पहुंच रहे है। यहां के कचालू, अरबी का इस्तेमाल लोग अपने घरों में विवाह शादियों के दौरान धाम में मदरा(दम) बनाने और स्नैक्स के तौर पर भी करते हैं यहां पर किसानों को कचालू के ऑर्डर आना कई महीने पहले से ही शुरू हो जाते हैं इस बार यहां के कचालू 60 से 70 रूपये किलो में बिक रहें है और अदरक 70 से 100 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है लोगों द्वारा पिछले कई वर्षों से बंदरों के आंतक की वजह से परंपरागत खेती से मुंह मोड़ लेने के बाद इन फसलों की ओर रुझान बढ़ा जिसका गांव के किसानों को फायदा भी मिल रहा है। गांव के प्रोग्रेसिव किसान आशा राम व मोहन लाल का कहना है कि वह कचालू व अदरक की फसल से 30 से 40,000 रुपए प्रतिवर्ष कमा लेते हैं। गांव के अन्य किसानों विपिन कुमार, मेहर सिंह, बालम राम, नत्था सिंह, रामसरन, दुनीचंद, कपिल देव, प्रेम सिंह, नथुराम, केशव राम, विद्यासागर, परम देव, रामपाल, कश्मीर सिंह, अनु कुमार, राजेश कुमार, कृष्ण चंद, टेकचंद, पृथ्वीपाल, मीरा देवी, कुंती देवी, शकुंतला देवी, भूरी सिंह, इंदर सिंह, काकू, देशराज, विकी कुमार, दयालु राम, देशराज, कृष्ण चंद, सपना देवी, ओम प्रकाश, अजीत कुमार, ईश्वरदास, सरदारू राम व भादर सिंह धर्मू, ठाकरू, सुखराम, भागमल, अजीत सिंह, तुलाराम, कपूर सिंह, देशराज, निर्मला देवी, रामनाथ ठाकुर आदि ने कहा कि इन फसलों से जहां किसानों की आर्थिकी में इजाफा हुआ है वहीं पर बंदरों के आंतक से भी उन्हें निजात मिली है साथ ही 1000 क्विंटल से अधिक कचालू होने का अनुमान गांव के किसानों द्वारा लगाया जा रहा है।
मंडी-कुल्लू फोरलेन पर बुधवार सुबह एक युवती की निजी बस की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। निजी बस औट से कुल्लू की तरफ जा रही थी और जब साढ़े 10 बजे टकोली टोल प्लाजा के समीप रुकी तो बस में बैठी युवती भी बस से उतरने लगी। इसी दौरान वह बस की चपेट में आ गई। हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों की मदद से युवती को नागरिक अस्पताल नगवाईं ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी, डाॅक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान संजना (23) पुत्री गोपाल गांव किग्स, डाकघर पनारसा व तहसील औट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि संजना प्रतिदिन टोल प्लाजा के समीप शॉल बुनाई का काम सीखने के लिए आती थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हादसा बस चालक की लापरवाही से हुआ है।
धर्मपुर नशा मुक्ति अभियान समिति और हिमाचल ज्ञान विज्ञान एवं साक्षरता समिति द्वारा बुधवार को राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस मनाया गया। जिसमें युवाओं में बढ़ते नशे को रोकने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रीय कमेटी के अध्यक्ष डॉ. आई एस वर्मा ने की और एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल मुख्य अतिथि तथा डॉ. वीना राठौर, भूपेंद्र सिंह, भीम सिंह और सुनीता बिष्ट ने बतौर स्रोत व्यक्ति भाग लिया। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर के प्राचार्य, रिलायंस इंडस्ट्रीज के सलाहकार डॉ. अशवनी राठौर, सुरेंद्र सकलानी, कृष्ण देव गुलेरिया, रणताज़ राणा, सतीश कुमार, कंचना, सोमा, व्यासा, बिमला, रजनी सकलानी, कमला, राजेन्द्र पाल, कैप्टन राजेन्द्र, ऋत्विक कुमार सहित सैंकड़ों महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया। सम्मेलन में स्रोत व्यक्तियों के संबोधन के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए। नशा मुक्ति अभियान की राज्य स्रोत व्यक्ति डॉ. वीना राठौर ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को सिंथेटिक व अन्य नशे से दूर रखने में माताएं ही मुख्य भूमिका निभा सकती हैं। मंडी साक्षरता एवं ज्ञान विज्ञान समिति के संस्थापक सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि आज के समय की सबसे बड़ी समस्या व चुनौती बढ़ते नशे का प्रचलन है और कोई भी अभिभावक ये नहीं मान सकता है कि उसका बेटा और बेटी इसके जाल से बच सकता है। युवा पीढ़ी सिंथेटिक नशे की गिरफ़्त में बहुत तेजी से आ रही है। उन्होंने कहा कि धर्मपुर खण्ड के विभिन गांवों व क्षेत्रों में भी नशा बड़ी तेज़ी से फैल रहा है जिसे रोकना आज के समय की सबसे ज्यादा प्राथमिकता है। साक्षरता समिति के सचिव भीम सिंह ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए राज्य स्तरीय मंच गठित किया गया है जिसमें चालीस से ज़्यादा संगठन एकजुट हुए हैं। मढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉ. सुशांत शर्मा ने कहा कि जो बच्चे नशे के आदि हो गए हैं उन्हें अपराधी समझने की प्रवृत्ति बदलनी होगी और इसे एक बीमारी के रूप में ही समझना होगा। संस्थापक सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कहा कि आने वाले छह महीनों में इस अभियान को और व्यापक रूप दिया जाएगा। गांव-गांव में निगरानी कमेटियां गठित की जाएगी। बच्चों और युवाओं को खेलों में जोड़ने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के लिए सुभाष ने सीएम सुक्खू का आभार व्यक्त किया हैं। तहसील संधोल के भूर गांव के निवासी सुभाष चंद्र भी राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के लाभार्थी हैं। उन्हें प्रदेश सरकार की तरफ से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी मिली है। आजकल उनकी गाड़ी जल शक्ति विभाग पधर उपमंडल में लगी है। उन्होंने बताया कि उनकी हर माह 50 हजार रुपये की आय हो रही है। उन्होंने बेरोजगार युवाओं से भी अपील की है कि सरकार की ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर वे भी स्वरोजगार की राह अपना सकते हैं। सुभाष ने इसके लिए प्रदेश सरकार और विशेष तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया है।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंगलवार को थाना जोगिंदर नगर पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की गई है। इस बारे में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी जोगिंद्र नगर सकनी कपूर ने बताया कि पुलिस टीम ने कार्यवाही करते हुए दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया तथा उनके कब्जे से कुल 08.46 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में थाना जोगिंदर नगर में FIR NO. 175/25 दिनांक 14-10-2025, धारा 21 व 29 एन.डी.पी.एस. अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम विभोर शर्मा पुत्र स्वर्गीय शचिन्दा नंद निवासी गांव एवं डाकघर द्रुबल व नीतीश कुमार पुत्र सुरेन्द्र कुमार निवासी गांव गरोडू वार्ड नं. 3 डाकघर एवं तहसील जोगिंदर नगर जिला मंडी के निवासी है। थाना प्रभारी जोगिंद्र नगर सकनी कपूर ने कहा कि थाना जोगिंदर नगर पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस जनता से अपील करती है कि नशे से संबंधित किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें ताकि समाज को इस बुराई से मुक्त किया जा सके।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सौजन्य से ब्रह्माकुमारी मेडिकल विंग द्वारा नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शिव मन्दिर सरकाघाट में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर धर्मपुर के विधायक चन्द्रशेखर ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अपने संबोधन में उन्होंने नशा मुक्ति के लिए जन-जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे शिविर समाज को एक सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं। विधायक चन्द्रशेखर ने कहा कि नशा आज केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि यह पूरे समाज और देश के स्वास्थ्य व विकास के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय है, और इससे लड़ने के लिए जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार है। उन्होंने कहा कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब हम सब मिलकर नशे के खिलाफ एकजुट हों। इस दिशा में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान अत्यंत सराहनीय है। हमें विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी ऐसे जागरूकता शिविरों का विस्तार करना चाहिए, ताकि हर नागरिक नशामुक्त भारत के संकल्प में भागीदार बन सके। शिविर में पुलिस और चिकित्सा विभाग का भी सक्रिय सहयोग रहा। विशेषज्ञों द्वारा नशे के दुष्प्रभावों पर जानकारी दी गई तथा इससे बचने के उपायों पर प्रकाश डाला गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और नशामुक्त जीवन की शपथ ली। आयोजकों ने बताया कि ऐसे शिविर भविष्य में भी विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे।
सीटू से संबंधित मनरेगा एवं निर्माण मज़दूर यूनियन मंडी ज़िला कमेटी की बैठक ज़िला प्रधान राजेश शर्मा की अध्यक्षता में कॉमरेड तारा चन्द भवन मंडी में आयोजित की गई। जिसमें सीटू के ज़िला अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के अलावा गुरदास वर्मा, राजेन्द्र कुमार, ललित कुमार, रोशन लाल, सोहन सिंह, करतार सिंह चौहान, मॉन सिंह, प्यारे लाल, विद्यासागर और गुरवन्ती इत्यादि उपस्थित रहे। बैठक में मनरेगा मज़दूरों की मांगों व राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड से पिछले चार साल की वित्तिय सहायता जारी न होने के विषय में 1 नवंबर से गांव गांव में जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में मज़दूरों को मनरेगा में सौ दिनों का रोज़गार न मिलने पर भी चिंता व्यक्त की गई। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मनरेगा कानून में ये दिशा निर्देश दिए गए हैं कि जिन मज़दूरों के लिए आय का कोई दूसरा साधन नहीं है उन्हें प्राथमिकता दी जाए और वे सौ दिन के काम करने से वंचित न रहें लेकिन दूसरे जॉब कार्ड धारकों को इससे वंचित करने के कोई आदेश नहीं हैं लेकिन मौखिक रूप से ग्राम पंचायतों ने, पंचायत कर्मचारियों ने उन्हें वंचित कर दिया है जिसका यूनियन विरोध कर रही है और मनमर्ज़ी के इस फ़ैसले के खिलाफ अब यूनियन जनजागरण अभियान चलाएगी और खण्ड स्तर पर इसके खिलाफ धरना प्रदर्शन भी करेगी। इसके अलावा यूनियन मनरेगा मज़दूरों को हिमाचल सरकार का न्यून्तम दिहाड़ी 425 रु देने की भी मांग उठाएगी। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इन सब मुद्दों को लेकर यूनियन अभियान चलाने जा रही है और नवंबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में प्रदर्शन किए जाएंगे।
हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र में आग लगने से दो मंजिला मकान जलकर राख हो गया। यह आग ग्राम पंचायत जुफर कोट के कटगाड़ गांव में बीती रात 1 बजे लगी। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। आग लगने के दौरान परिवार के सभी सदस्य निचली मंजिल में सो रहे थे और ऊपर वाली मंजिल में आग भड़क गई। आग का पता लगते ही ग्रामीणों द्वारा परिवार के सदस्य को पहले सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे जानी नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, मगर लकड़ी के मकान की वजह से आग तेजी से फैली और आधे घंटे में जलकर राख हो गया। गांव तक सड़क सुविधा न होने की वजह से दमकल वाहन नहीं पहुंच पाए। आग से घर के अंदर रखा सारा सामान, जिसमें फर्नीचर, कपड़े, अनाज, कीमती दस्तावेज और नगदी सब जल गया। स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मकान तो रात में जलकर राख हो गया था। मगर लकड़ी के मकान की वजह से इसमें सुबह भी आग की लपटे उठती रही। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार तुलसी राम को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि ठंड के मौसम में उन्हें राहत मिल सके।
हिमाचल प्रदेश में मानसून विदा होने के बाद अक्टूबर में आसमान साफ रहने की उम्मीद होती है। लेकिन प्रदेश के कई क्षेत्रों में अब भी बारिश का दौर जारी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो चुकी है। वहीं, मंगलवार को मंडी जिले में माता शिकारी देवी मंदिर क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फवारी होने से पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं। उपमंडल थुनाग की चोटी पर विराजमान माता शिकारी में मंगलवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। पूरे सराज में सोमवार से बारिश का दौर जारी है। मंगलवार दोपहर बाद पारा काम होने से माता शिकारी देवी मंदिर के आस-पास ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। सराज में बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से थुनाग उपमंडल समेत मंडी जिला ठंड की चपेट में आ गया है। एसडीएम थुनाग विचित्र सिंह ने शिकारी माता मंदिर में सीजन की पहली बर्फबारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि रविवार को भी हवा के साथ फाहे गिरे थे, लेकिन मंगलवार को बर्फबारी हुई है। मौसम के खराब होने पर शिकारी माता मंदिर के ओर क्षेत्रों में न जाएं। क्षेत्र में बढ़ती ठंड और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है। खराब मौसम के दौरान ऐसी ऊंची पहाड़ियों की ओर रुख न करें, जिन क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना अधिक है। मंडी जिले की सबसे ऊंची चोटी पर विराजमान माता शिकारी के कपाट हर वर्ष 15 नवंबर के बाद से 4 से 5 मार्च तक के लिए बंद रहते हैं। क्योंकि इसके बाद इस क्षेत्र में बर्फबारी शुरू हो जाती है। एहतियात के तौर पर माता शिकारी देवी के कपाट बंद कर दिए जाते हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
हिमाचल प्रदेश में शिमला जा रही एचआरटीसी की बस औट टनल में दुर्घटनाग्रस्त हुई हैं। बताया जा रहा है कि कुल्लू से शिमला जा रही एचआरटीसी की एक बस बुधवार सुबह औट टनल के अंदर हादसे का शिकार हुई हैं। जानकारी के अनुसार, जैसे ही बस टनल के भीतर पहुंची, चालक बस से नियंत्रण खो बैठा और आगे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में बस और ट्रक में सवार छह लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल नगवाईं ले जाया गया हैं, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि सभी को मामूली चोटें आई हैं और कोई गंभीर रूप से घायल नहीं है। सूचना मिलते ही पुलिस थाना औट की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आगामी जांच जारी है। घायलों की पहचान राम दयाल पुत्र चमारु राम निवासी गांव भड़ोल, डाकघर भराडू, तहसील जोगेंद्र नगर, जिला मंडी, ज्योति प्रकाश पुत्र अच्छर सिंह निवासी गांव शिल्लीखड्ड, डाकघर कुफरी, तहसील पधर, जिला मंडी, खरनु राम पुत्र कौला राम निवासी गांव सिहणु, डाकघर हनोगी, तहसील बालीचौकी, जिला मंडी, राजीब पुत्र अमर नाथ निवासी गांव व डाकघर चांदपुर, तहसील सदर, जिला बिलासपुर (एचआरटीसी चालक), अमर सिंह पुत्र बलिराम निवासी गांव व डाकघर मोड़, तहसील करसोग, जिला मंडी (ट्रक चालक) तथा रमेश लाल पुत्र स्व. श्याम लाल निवासी गांव व डाकघर जिया, तहसील भुंतर, जिला कुल्लू के रूप में हुई है।
हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के सदर क्षेत्र में कटिंडी गांव में दिनदहाड़े 11 लाख रुपये की चोरी हुई। जिस समय चोरी हुई घर की महिला बुजुर्ग खेत गई थी और बहू शादी में गई थी। बताया जा रहा है कि निर्मला देवी अपनी बहू के साथ रहती है। इनका घर गांव से किनारे पर अकेला है और इनका बेटा बाहर नौकरी करता है। घर अकेला होने का फायदा चोरों ने उठाया। उन्होंने पहले मकान की रेकी कर रखी थी। निर्मला देवी की बहू सोमवार को शादी समारोह में गई थी और खुद बुजुर्ग महिला खेतों में। जब वह वापस आई तो उसने देखा कि घर के मुख्य गेट की ग्रिल का बड़ा ताला टूटा था। उन्होंने इसकी सूचना अपनी बहू पल्लवी को दी। जब बहू घर आई तो अंदर जाकर देखा तो तीन बेडरूम में रखी अलमारियों व लाॅकर को भी चोरों ने तोड़ डाला था। चोरों ने इनमें रखे दो मंगलसूत्र, तीन जोड़ी झुमके, तीन अंगूठियां, नौ नथ, एक टीक, एक क्लिप, दो जोड़ी कांटे, चांदी की ब्रेस्लेट, पायलें तीन जोड़ी तथा 22000 रुपये कैश गायब था। इसकी कुल लागत 11 लाख रुपये बनती है। बहू ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कटिंडी में दिन दिहाड़े चोरी होने पर लोगों में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन आरंभ कर दी है। एसएचओ पद्धर सौरभ ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द चोरों को पकड़ लिया जाएगा।
मंडी जिले की 2 होनहार बेटियों ने हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता का परचम लहराते हुए सिविल जज का पद हासिल किया है। दाेनाें बेटियाें ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार का बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। दोनों की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। जानकारी के अनुसार सुंदरनगर उपमंडल की बरोटी ग्राम पंचायत के सोहर गांव निवासी राकेश कुमार की बेटी मीनाक्षी ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है। मीनाक्षी की प्रारंभिक शिक्षा डैहर के एक निजी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, का रुख किया जहां से उन्होंने एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। कानून के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता को और बढ़ाते हुए उन्होंने पटियाला स्थित प्रतिष्ठित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से एलएलएम की पढ़ाई पूरी की। वर्तमान में वह अपनी पीएचडी भी पूरी कर रही हैं। उनकी यह शैक्षिक यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। वहीं, जिले के पधर उपमंडल की सिमरन ने भी न्यायिक सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। सिमरन के पिता रविकांत मंडी जिला परिषद में डलाह (पधर) वार्ड से जिला परिषद सदस्य हैं। एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने के बावजूद सिमरन ने शिक्षा और न्याय के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का फैसला किया और अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। सिमरन की इस सफलता पर उनके परिवार और पूरे पधर क्षेत्र में जश्न का माहौल है।
हाल ही में आई भीषण बाढ़ से धर्मपुर और सोनखड्ड क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस बाढ़ का सबसे बड़ा कारण प्राकृतिक नहीं बल्कि मानवीय लापरवाही है। क्षेत्र में सड़कों की कटाई के बाद ठेकेदारों और निजी लोगों द्वारा मिट्टी की अवैध डंपिंग खुलेआम की गई, जिसने पानी के प्राकृतिक बहाव को रोक दिया। जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण और चौड़ीकरण कार्यों के दौरान निकली मिट्टी को निर्धारित स्थलों पर डालने के बजाय नालों और नदी किनारों पर ही फेंका गया। इससे जलधाराओं का मार्ग अवरुद्ध हो गया। भारी बारिश के समय पानी को रास्ता न मिलने के कारण गांवों और खेतों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी। स्थानीय लोगों ने कई बार मिट्टी डंपिंग की शिकायत की, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब इसका खामियाजा किसानों को अपनी फसलों के नुकसान और लोगों को घरों में घुसे पानी के रूप में भुगतना पड़ रहा है। गांव वासियों की मांग है कि सरकार अवैध मिट्टी डंपिंग करने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करे। साथ ही, भविष्य में ऐसे हालात से बचने के लिए नालों की सफाई और उचित ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। धर्मपुर से आगे हाजरी क्रशर के पास भी मिट्टी सीधे सोनखड्ड में फेंकी जा रही है जिसके कारण सोनखड्ड का जलस्तर बढ़ गया जिसने भी तबाही मचाने में अहम रोल निभाया है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि प्राकृतिक आपदाएं पूरी तरह से टाली नहीं जा सकतीं, लेकिन मानवीय गलतियों से होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। धर्मपुर-सोनखड्ड का यह मामला इसका ताजा उदाहरण है। स्थानीय लोगों राम सिंह, विधी चंद, विकास कुमार, लता देवी, बबली देवी का कहना है कि अगर सरकार दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं करती, तो आने वाले समय में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
धर्मपुर बस स्टैंड के साथ लगती सोन खड्ड में हाल ही में आए फ्लैश फ्लड से प्रभावित लोगों को प्रशासन द्वारा अब तक लगभग 13 लाख 60 हज़ार रुपये की फौरी राहत राशि वितरित की जा चुकी है। एसडीएम धर्मपुर जोगिंद्र पटियाल ने बुधवार को बताया कि इस आपदा में प्रभावित 99 दुकानदारों, 15 मकान मालिकों और 22 किरायेदारों को यह राहत राशि दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से जेसीबी मशीनों और विभागीय उपकरणों के माध्यम से सड़कों की बहाली और बस स्टैंड धर्मपुर पर भरी सिल्ट को हटाने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ के 44 जवान और स्थानीय पुलिस मिलकर ड्रोन कैमरों की मदद से आपदा में लापता हुए लोगों की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह राहत और बहाली कार्यों में जुटा हुआ है और जल्द ही धर्मपुर में बस सेवाएं सामान्य हो जाएंगी। हिमाचल पथ परिवहन निगम के मंडलीय प्रबंधक, मंडी उत्तम सिंह ने बताया कि हाल ही में धर्मपुर में आई फ्लैश फ्लड से एचआरटीसी बस स्टैंड को भारी नुकसान पहुंचा है। सोन खड्ड में आए उफान के चलते अब तक 20 बसें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बस स्टैंड की ग्राउंड फ्लोर और वर्कशॉप क्षेत्र में पानी घुसने से मोटी परत में सिल्ट भर गई है, जिसे निकालने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। क्षतिग्रस्त बसों को रिकवर करने के लिए एचआरटीसी डिवीजनल डिपो हमीरपुर और धर्मशाला से मैकेनिकल टीमें धर्मपुर भेजी गई हैं, जो बुधवार शाम तक पहुंच जाएंगी। फिलहाल सरकाघाट–धर्मपुर मार्ग पर दो बसें सवारियों की सुविधा के लिए चलाई जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि धर्मपुर डिपो की 28 अन्य बसें अभी अलग-अलग स्थानों पर फंसी हुई हैं, जिन्हें सड़क मार्ग बहाल होने पर क्रमवार चलाया जाएगा। स्थानीय यात्रियों को असुविधा न हो इसके लिए नजदीकी डिपो से भी बसें मंगवाई गई हैं ताकि दूरदराज क्षेत्रों के लिए अस्थायी सेवाएं जारी रखी जा सकें। उन्होंने बताया कि डिपो की लगभग 33 लाख रुपये की इन्वेंट्री क्षतिग्रस्त हो गई है। शेष सामग्री की स्थिति की जांच जारी है और जो वस्तुएं उपयोग योग्य होंगी, उन्हें कार्य में लिया जाएगा। इसके अलावा बसों में ईंधन आपूर्ति के लिए स्थापित 20 हजार लीटर क्षमता वाले पंप में भी गाद घुस गई है। इसमें करीब 15 हजार लीटर ईंधन मौजूद था। इस संबंध में इंडियन ऑयल से संपर्क कर सफाई और ईंधन की रिकवरी का कार्य शुरू किया जा रहा है। गत 15 और 16 सितम्बर की रात को हुई मूसलाधार बारिश ने धर्मपुर विद्युत उपमंडल की अधोसंरचना को बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार बारिश से 33 केवी और 11 केवी एचटी लाइनों के साथ-साथ एलटी लाइनें, डीटीआर स्टोर तथा 33/11 केवी उप-स्टेशन को भारी क्षति पहुंची है। रिपोर्ट के मुताबिक 2 किलोमीटर 33 केवी एचटी लाइन और 6 किलोमीटर 11 केवी एचटी लाइन क्षतिग्रस्त हुई हैं। वहीं 12 ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह या आंशिक रूप से खराब हो गए, जिससे अकेले इस मद में करीब 41.36 लाख का नुकसान हुआ। कुल मिलाकर 9.5 किलोमीटर एलटी लाइन और 110 पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं। सबसे अधिक नुकसान 225 लाख रुपये के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर को हुआ है। उप-स्टेशन की बाउंड्री वॉल, फेंसिंग, यार्ड, कंट्रोल रूम, और स्टोर सामग्री बह गई है। साथ ही विभाग के छह वाहन भी क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। कुल मिलाकर विभाग को इस आपदा में 460.87 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। विभाग का कहना है कि विद्युत आपूर्ति बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। लगातार हो रही बारिश और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण बिजली के खंभे और सामग्री साइट तक पहुंचाने की चुनौती के बावजूद विद्युत कर्मी बहाली के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर जारी है। सुंदरनगर उपमंडल के तहत आने वाली निहरी तहसील के ब्रगटा गांव में सोमवार रात को भूस्खलन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। जानकारी के अनुसार यहां भूस्खलन होने से पूरा घर जमींदोज हो गया। हादसे के समय घर में पांच लोग मौजूद थे। इस हादसे में तीन लोगों की माैत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और एक आठ महीने का बच्चा शामिल है। इसके अलावा दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मृतकों में तांगू देवी(33) पत्नी जय सिंह, कमला देवी(33) पत्नी देव राज और भीष्म सिंह(8 महीने) पुत्र देव राज शामिल हैं। सुरक्षित बचाए गए लोगों में खूब राम(65) पुत्र धनी राम और दर्शन देवी(58) पत्नी खूब राम शामिल हैं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमाार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी मंडी साक्षी वर्मा ने हादसे की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के अधिकतर मार्ग बंद पड़े हैं, जिस कारण घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। स्थानीय लोगों ने ही अपने स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को बाहर निकाला है। क्षेत्र में अभी भी रुक रुककर बारिश का दौर जारी है, जिस कारण बाकी राहत एवं बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। साथ ही पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
मंडी जिले में सोमवार रात को हुई भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई। सबसे ज्यादा असर धर्मपुर बाजार और आसपास के इलाकों में देखने को मिला, जहां से होकर बहने वाली सोन खड्ड और साने खड्ड अचानक विकराल रूप धारण कर गई। रात 11 बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ और करीब एक बजे तक हालात इतने बिगड़ गए कि लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। देखते ही देखते धर्मपुर का बस स्टैंड पूरी तरह पानी में डूब गया। यहां खड़ी निगम की बसें लबालब पानी में फंस गई और कुछ बसें तो तेज बहाव में बह भी गई। खड्ड के किनारे बने कई मकान पानी में डूब गए। घरों में पानी घुसने पर लोग दूसरी मंजिल और छतों पर शरण लेने को मजबूर हो गए। निजी वाहन, बाइक, स्कूटर और कारें भी तेज धारा में बह गई। धर्मपुर में बने एक होस्टल में 150 बच्चे फंसे हुए थे, जिन्होंने समय रहते ऊपर की मंजिलों पर जाकर अपनी जान बचाई। लोगों की चीख-पुकार और चारों तरफ फैली अफरा-तफरी ने पूरे इलाके को दहला दिया। डीएसपी धर्मपुर संजीव सूद ने बताया कि जैसे ही रात को तेज बारिश शुरू हुई, पुलिस और रेस्क्यू टीमें तुरंत ही सक्रिय हो गई। लोगों को सुरक्षित निकालने का काम पूरी रात चलता रहा। प्रशासन का कहना है कि नुकसान का जायजा लिया जा रहा है और हालात को सामान्य बनाने की कोशिशें जारी हैं।


















































