हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड सोलन के अनुसार आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते 3 अप्रैल, 2026 को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता राहुल वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक जराश, सूर्य किरण, बेर की सेर तथा आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। राहुल वर्मा ने कहा कि खराब मौसम या किसी अपरिहार्य कारण के चलते निर्धारित समय और तिथि में बदलाव संभव है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से सहयोग करने की अपील की है।
कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के फैसले के खिलाफ क्षेत्र में विरोध तेज होता जा रहा है। कुनिहार विकास सभा, महिला मंडल कोठी और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस निर्णय पर कड़ा ऐतराज जताते हुए हाटकोट, कोठी और कुनिहार पंचायतों को नगर पंचायत घोषित करने के नोटिफिकेशन को तुरंत डिनोटिफाई करने की मांग उठाई है। कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तंवर के नेतृत्व में कार्यकारिणी सदस्यों भागमल तंवर, ज्ञान ठाकुर, दीप राम ठाकुर, बाबूराम तंवर, नागेंद्र ठाकुर, संतराम, देवी राम मेहता, ज्ञान गर्ग, सनी राघव, ओम प्रकाश ठाकुर, सोहनलाल, राजेंद्र गर्ग, जगदीश ठाकुर, रामचंद, बलवीर चौधरी और धर्म सिंह सहित महिला मंडल कोठी व अन्य संस्थाओं ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि सरकार ने बिना स्थानीय लोगों की सहमति के यह निर्णय लिया, जो जनभावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार सरकार और प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे क्षेत्रवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि कुनिहार अभी भी पूर्णतः ग्रामीण क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में लोग खेती-बाड़ी और पशुपालन पर निर्भर हैं। नगर पंचायत बनने से न केवल उनकी पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि उन पर टैक्स और अन्य नियमों का अतिरिक्त बोझ भी पड़ सकता है। विकास सभा ने तर्क दिया कि कांगड़ा जोन में कई नगर पंचायतों को जनता के विरोध के बाद डिनोटिफाई किया जा चुका है। वहीं, कंडाघाट को भी 23 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा लोगों की मांग को स्वीकार करते हुए डिनोटिफाई किया गया। ऐसे में कुनिहार के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है, यह सवाल भी उठने लगे हैं। संयुक्त बयान में यह भी कहा गया कि सरकार को राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर निर्णय लेने चाहिए। जनता के हितों की अनदेखी करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया तो क्षेत्र में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत व्यवस्था में ही उनकी भागीदारी और अधिकार सुरक्षित हैं, जबकि नगर पंचायत बनने से उनकी पारंपरिक संरचना कमजोर हो सकती है। इसलिए वे किसी भी कीमत पर इस फैसले को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं। अंत में कुनिहार विकास सभा और सभी संगठनों ने एक स्वर में सरकार से मांग की है कि कुनिहार को नगर पंचायत बनाने के नोटिफिकेशन को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और क्षेत्र को पहले की तरह पंचायत व्यवस्था में ही रखा जाए, ताकि लोगों का सरकार पर विश्वास बना रहे।
सोलन जिला राइफल एसोसिएशन 3 अप्रैल से 5 अप्रैल तक कंडाघाट के कैथलीघाट, महालक्ष्मी फर्नीचर के समीप 11वीं जिला स्तरीय निशानेबाजी प्रतियोगिता 2026 का आयोजन करने जा रहा है। यह प्रतियोगिता हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन के तत्वावधान में होगी। जिला राइफल एसोसिएशन के महासचिव विजय ठाकुर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में .22 राइफल (50 मीटर), .22 पिस्टल (50 व 25 मीटर), .32 सेंटर फायर पिस्टल (25 मीटर) और ट्रैप शूटिंग (12 बोर) की प्रतियोगिताएं होंगी। 10 मीटर एयर पिस्टल व राइफल प्रतियोगिताएं भी इसी अवधि में श्री बालाजी गनफायर शूटिंग अकादमी, छावनी रेस्टोरेंट के नजदीक, बायपास रोड़ सोलन में आयोजित की जाएंगी। ठाकुर ने कहा कि प्रतियोगिता हेतु आर्म्स और एम्युनिशन प्रतिभागी शूटर्स को एसोसिएशन द्वारा मौके पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश राइफल एसोसिएशन द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेना अनिवार्य किया गया है।
क्षेत्र के अग्रणी शैक्षणिक संस्थान द एसवीएन स्कूल में अत्याधुनिक रोबोटिक्स एवं इनोवेशन लैब का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल रहा और बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। विद्यालय के चेयरमैन टी.सी. गर्ग और सीनियर डायरेक्टर लुपिन गर्ग ने लैब की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से यह आधुनिक सुविधा साकार हो पाई, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, एसवीएन स्कूल क्षेत्र का पहला ऐसा संस्थान बन गया है, जहां विद्यार्थियों को रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस लैब के माध्यम से छात्र-छात्राएं कोडिंग, रोबोट निर्माण और विभिन्न नवाचार गतिविधियों में भाग लेकर अपने कौशल को निखार सकेंगे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी युग का है और रोबोटिक्स भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही तकनीकी शिक्षा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। रोबोटिक्स लैब विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक सोच और समस्या समाधान क्षमता को विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही, यह लैब उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे विद्यालय का भ्रमण कर यहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं व विशेष कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त करें और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में भागीदार बनें। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि एसवीएन स्कूल निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है और विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, इस मौके पर विद्यालय स्टाफ सहित अभिभावक उपस्थित रहे।
डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में राज्य वन विभाग के सहयोग से किसान सहभागिता के माध्यम से विलुप्तप्राय एवं संकटग्रस्त औषधीय एवं सुगंधित पौधों (MAPs) के रणनीतिक प्राथमिकता निर्धारण” विषय पर एक इंटरएक्टिव बैठक का आयोजन किया गया। वन उत्पाद विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, वन अधिकारियों तथा प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर हिमाचल प्रदेश में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के संरक्षण, खेती और सतत उपयोग पर मंथन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन बल प्रमुख एवं जाइका वानिकी परियोजना के मुख्य परियोजना निदेशक डॉ. संजय सूद ने प्रदेश में औषधीय पौधों की खेती की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैज्ञानिक एवं आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित करने और हितधारकों की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुसंधान कार्यक्रम तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण इन पौधों के प्राकृतिक आवासों पर पड़ रहे प्रभाव की ओर भी ध्यान आकर्षित किया तथा जागरूकता एवं संरक्षण में शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि औषधीय खेती ग्रामीण आजीविका और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकती है। डॉ. सूद ने यह भी आश्वासन दिया कि जाइका वानिकी परियोजना औषधीय पौधों पर शोध के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि औषधीय पौधे किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने विभागों और किसानों के बीच समन्वित सहयोग पर बल देते हुए संकटग्रस्त एवं विलुप्तप्राय प्रजातियों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। कृषि योग्य भूमि की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने गहन खेती, अंतराफसलीकरण तथा प्राकृतिक खेती अपनाने की वकालत की, साथ ही गुणवत्ता मानकों और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी जोर दिया। इससे पूर्व, वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सी.एल. ठाकुर ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में औषधीय पौधों के महत्व पर प्रकाश डाला। वन उत्पाद विभाग के प्रमुख डॉ. यशपाल शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय वर्तमान में 32 औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर कार्य कर रहा है तथा कई प्रजातियों के लिए कृषि तकनीकों और नर्सरी उत्पादन विधियों का मानकीकरण किया जा चुका है। तकनीकी सत्र में हिमालयन फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट, शिमला के डॉ. संदीप शर्मा ने उनके संस्थान द्वारा किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। जाइका वानिकी परियोजना के मार्केटिंग प्रबंधक डॉ. राजेश चौहान ने परियोजना की गतिविधियों और औषधीय पौधों को बढ़ावा देने में हर्बल सेल की भूमिका के बारे में बताया। विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. रविंदर रैना ने दुर्लभ, संकटग्रस्त और विलुप्तप्राय औषधीय पौधों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इसके साथ ही, इन पौधों की खेती के भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श हेतु एक इंटरैक्टिव सत्र भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. संजय सूद ने वन विभाग के आईडीपी प्रोजेक्ट के सहयोग से स्थापित वन संसाधन एवं पर्यावरण उद्यमिता केंद्र का उद्घाटन भी किया। औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के अंतर्गत किसानों को चिरायता और कलिहारी के पौध सामग्री वितरित की गई। इस दौरान पांच प्रगतिशील किसानों—पवन कुमार (चंबा), ओम प्रकाश (कांगड़ा), राजेश कुमार कंवर एवं हरदेश बत्रा (सिरमौर) तथा कृपाल सिंह (शिमला)—को औषधीय पौधों की खेती एवं प्रोत्साहन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैधानिक अधिकारी- डॉ. एचपी संख्यान और डॉ. दौलत राम भारद्वाज, वन संरक्षक सोलन नरेंद्र प्रकाश भरोट, जाइका वानिकी परियोजना के परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नंद शर्मा, डीएफओ सोलन सहित वैज्ञानिक एवं वन अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।
सोलन के देओघाट क्षेत्र में अवैध निर्माण, सड़क अवरोध और पर्यावरणीय नुकसान को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां सोलन के एक प्रतिष्ठित कारोबारी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क और बिजली लाइन को भी क्षतिग्रस्त किया जा रहा है और आरोप लगाया जा रहा है कि यह मामला रेरा के अधीन आता है तथा रेरा से कोई अनुमति नहीं ली गई है। स्थानीय निवासी पीहा वर्मा ने उपायुक्त सोलन को लिखित शिकायत भेजकर तुरंत हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, देओघाट मुख्य बाजार से श्रम एवं रोजगार कार्यालय को जोड़ने वाली नगर निगम की सड़क, जो पिछले करीब 24 वर्षों से आम उपयोग में है, उसे अवरुद्ध और क्षतिग्रस्त किया जा रहा है। यह सड़क न केवल संबंधित आवेदक के प्लॉट्स तक पहुंच प्रदान करती है, बल्कि आसपास के कई घरों और सरकारी कार्यालयों के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग है। पीहा वर्मा ने बताया कि खसरा नंबर 817 में आशा देवी व अन्य द्वारा बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू किया गया है। आरोप है कि इस निर्माण के दौरान उक्त एमसी सड़क को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है, जो कानूनी रूप से गलत है। उन्होंने भारतीय उपबंध अधिनियम, 1882 का हवाला देते हुए कहा कि इस सड़क पर उनका स्थायी एवं निर्बाध अधिकार है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान पेड़ों को उखाड़कर जलाया गया और सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट्स को भी नुकसान पहुंचाया गया है। इससे न केवल पर्यावरण को क्षति हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आवेदक ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर करीब 50 फीट तक ऊर्ध्वाधर कटाई की गई है, जो नियमों के विरुद्ध है। नियमानुसार 3.5 मीटर से अधिक कटाई की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा, यह कार्य पास से गुजर रही 33 केवी बिजली लाइन के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि परियोजना क्षेत्र 2500 वर्गमीटर से अधिक है, जिससे यह मामला रेरा (RERA) के दायरे में आता है, लेकिन इसकी जानकारी संबंधित प्राधिकरण को नहीं दी गई है और नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं: निर्माण कार्य को तुरंत प्रभाव से रोका जाए, निर्माण स्वीकृति की जांच करवाई जाए, 33 केवी बिजली लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, अवैध पेड़ कटान की जांच हो, सरकारी भूमि में की गई कटाई की जांच हो तथा उक्त सड़क को किसी भी हालत में बंद न होने दिया जाए। साथ ही, पीहा वर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्हें न्यायालय का सहारा लेना पड़ेगा।
कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने गत दिवस कसौली विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर विकास खंड में विभिन्न विकासात्मक कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कसौली विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। विधायक ने लगभग 28 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 8 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक सेवा केंद्र हरिपुर, 2.75 लाख रुपये की लागत से मुख्य मार्ग से गांव बनगला तक संपर्क मार्ग तथा 3 लाख रुपये की लागत से कमलजीत के घर से मोहन लाल के घर तक पक्की सड़क का लोकार्पण शामिल है। इसके अतिरिक्त 9.1 लाख रुपये की लागत से बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्र खनेरी तथा 5 लाख रुपये की लागत से बनने वाले खेल मैदान जगोटा का शिलान्यास भी किया गया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण किए जाएं तथा कार्यों में गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि ग्रामीणों की आर्थिकी सुदृढ़ हो सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा बजट में प्राकृतिक खेती से उगाई जाने वाली गेहूं, मक्की व हल्दी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। इस अवसर पर विधायक ने नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न करवाया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी कविता गौतम, ग्राम पंचायत रणों के पूर्व प्रधान संजीव ठाकुर, ग्राम पंचायत अन्हेच के पूर्व प्रधान मोहन लाल, ग्राम पंचायत पट्टा बरावरी के पूर्व प्रधान हरिश कौशल, ग्राम पंचायत हरिपुर के पूर्व उपप्रधान अफजल बेग, पूर्व बीडीसी सदस्य दलेन्द्र शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
सोलन में ज़िला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति एवं सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक हुई। मनमोहन शर्मा ने समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला सोलन में पेट्रोल, डीजल तथा घरेलू गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और ज़िला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। मनमोहन शर्मा ने कहा कि ज़िला सोलन में वर्तमान में 20 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। इनके पास 2,07,021 घरेलू गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित बनाई जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे एलपीजी, पेट्रोल तथा डीजल की आपूर्ति को लेकर घबराएं नहीं। प्रदेश सरकार के निर्देश पर ज़िला प्रशासन इस दिशा में पूर्ण सजग है। उन्होंने सभी गैस एजेंसियों को रसोई गैस सिलेंडरों के वितरण के कार्य में प्रयुक्त वाहनों पर लाउडस्पीकर स्थापित करने तथा निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार गैस सिलेंडर वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के निरीक्षकों को बाज़ार में व्यावसायिक सिलेंडरों की जांच करने के भी निर्देश दिए, ताकि नियमानुसार सुचारू व्यवस्था बनी रहे। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला में 354 उचित मूल्य की दुकानों द्वारा दिसंबर, 2025 से फरवरी, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं को उनकी पात्रता के अनुसार आवश्यक वस्तुएं वितरित की गई हैं। इनमें लगभग 5950 क्विंटल चीनी, लगभग 29,437 क्विंटल चावल, लगभग 52,900 क्विंटल गेहूं का आटा, लगभग 7437 क्विंटल दालें, लगभग 1668 क्विंटल आयोडाइज़्ड नमक तथा 5,61,385 लीटर खाद्य तेल वितरित किया गया है। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को उचित मूल्य की दुकानों में विक्रय की जा रही खाद्य वस्तुओं का समय-समय पर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न स्थानों पर उचित मूल्य की दुकानें खोलने के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि ज़िला सोलन में 1064 विद्यालयों में 54,503 बच्चों को मिड-डे मील के तहत दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मिड-डे मील में दिए जाने वाले भोजन की समय-समय पर जांच करने के निर्देश दिए। बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर ज़िला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले श्रवण कुमार हिमालयन, ज़िला पंचायत अधिकारी जोगिंद्र प्रकाश राणा, ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार, खंड विकास अधिकारी सोलन रमेश शर्मा, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान, उपनिदेशक प्राथमिक शिक्षा रीता गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में सात विषयों में विश्व के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण वैश्विक उपलब्धि हासिल की है। मुख्य उपलब्धियों में, कृषि और वानिकी को वैश्विक स्तर पर 251-300 श्रेणी में स्थान मिला, जिससे भारत में इसे छठा स्थान प्राप्त हुआ, जबकि पर्यावरण विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 301-350 श्रेणी में और भारत में 11वां स्थान मिला। फार्मेसी और फार्माकोलॉजी को वैश्विक स्तर पर 351-400 श्रेणी में स्थान मिला और भारत में इसे 15वां स्थान प्राप्त हुआ। अपनी वैश्विक स्थिति को और मजबूत करते हुए, सामग्री विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, रसायन विज्ञान और जैविक विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 401-450 श्रेणी में स्थान मिला। सामग्री विज्ञान ने भारत में 16वां स्थान प्राप्त किया, जबकि इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी तथा रसायन विज्ञान को 17वां स्थान मिला। साथ ही जीव विज्ञान को राष्ट्रीय स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक विज्ञान को वैश्विक स्तर पर 501-550 के दायरे में रखा गया और भारत में समग्र रूप से 17वां स्थान प्राप्त हुआ। यह विश्वविद्यालय के विविध शैक्षणिक विषयों में निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है। ये रैंकिंग विश्वविद्यालय के अनुसंधान-आधारित शिक्षा, अंतःविषयक शिक्षण और वैश्विक सहयोग पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को उजागर करती हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, प्रो. पी.के. खोसला ने कहा कि विश्वविद्यालय की वैश्विक रैंकिंग में लगातार वृद्धि यह दर्शाती है कि भारतीय संस्थान स्पष्ट दृष्टिकोण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रति समर्पण के साथ उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि शूलिनी परिवार के प्रत्येक सदस्य की है। प्रो-वाइस चांसलर, विशाल आनंद ने कहा कि ये रैंकिंग विश्वविद्यालय को अपने शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र, उद्योग साझेदारी और वैश्विक पहुंच को मजबूत करने के लिए और अधिक प्रेरित करेंगी। उन्होंने परिवर्तनकारी शिक्षा प्रदान करने और छात्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की निरंतर प्रतिबद्धता पर जोर दिया। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. अतुल खोसला ने कहा कि क्यूएस रैंकिंग में यह उल्लेखनीय उपलब्धि संकाय और छात्रों द्वारा प्रदर्शित कड़ी मेहनत, नवाचार और अनुसंधान उत्कृष्टता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर सार्थक प्रभाव डालने वाले ज्ञान के सृजन के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हिमाचल प्रदेश के सोलन में स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय, भारत के प्रमुख अनुसंधान-उन्मुख निजी विश्वविद्यालयों में से एक है। नवाचार, पेटेंट और वैश्विक सहयोग पर विशेष बल देने के लिए प्रसिद्ध, यह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार शीर्ष संस्थानों में शामिल रहा है। अंतरविषयक शिक्षा, अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और एक जीवंत अनुसंधान संस्कृति पर ध्यान केंद्रित करते हुए, यह विश्वविद्यालय भविष्य के नेताओं को पोषित करना जारी रखता है और वैज्ञानिक और शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
बुधवार रात कुनिहार पुलिस को गश्त के दौरान शिव गुफा के पास मुखबिर खास से सूचना मिली कि जाडली से बनिया देवी लिंक रोड़ की तरफ एक सफेद रंग की पिकअप (नंबर HP64D-3036) आ रही है, जिसे यदि रोककर चेक किया जाए तो भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हो सकती है। गाड़ी आने पर पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया और गाड़ी को सड़क के दाहिने तरफ लगवाया। इसके बाद गाड़ी चालक से उसका नाम व पता पूछा गया। पूछताछ में चालक ने अपना नाम बृजलाल पुत्र हरिचंद, गांव कासल, डाकघर पट्टामहलोग, तहसील कसौली, जिला सोलन बताया। पुलिस द्वारा गाड़ी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान गाड़ी की बॉडी से देशी शराब की कुल 1188 बोतलें तथा अंग्रेजी शराब की 600 बोतलें सीलशुदा बरामद हुईं। पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में लेकर धारा 39(1)(A) हिमाचल प्रदेश एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की पुष्टि डीएसपी सोलन अशोक चौहान ने की है।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने वंदना शर्मा मेमोरियल पुरस्कार 2026 के दौरान अपने संकाय और छात्र समुदाय की उत्कृष्ट महिला उपलब्धि धारकों को सम्मानित किया, उनकी दृढ़ता, संकल्प और उत्कृष्टता को मान्यता दी। फार्मास्युटिकल साइंसेज स्कूल की सहायक प्रोफेसर डॉ. मोनिका प्रकाश सिंह और बीटेक बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा रीत साहनी को क्रमशः संकाय और छात्र श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया। वुमेन ऑफ सब्सटेंस कार्यक्रम में उन महिलाओं की प्रेरणादायक यात्राओं को सम्मानित किया जिन्होंने व्यक्तिगत और व्यावसायिक चुनौतियों पर काबू पाने में साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है। बायोटेक्नोलॉजी स्कूल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नितिका ठाकुर ने संकाय श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि शेनाया शर्मा (बीबीए एलएलबी) को छात्रों में दूसरा स्थान मिला। अपनी भावुक यात्रा साझा करते हुए, डॉ. मोनिका पी. सिंह ने मातृत्व और शैक्षणिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौतियों के बारे में बताया। उन्होंने सामाजिक अपेक्षाओं और पारिवारिक दबावों का सामना करने के बावजूद, पीएचडी और शोध करते हुए अपनी छोटी बेटी से दूर रहने के अपराधबोध को उजागर किया। उन्होंने यह पुरस्कार अपनी बेटी तियाना प्रकाश सिंह को समर्पित किया और उन्हें अपनी शक्ति का स्रोत बताया। डॉ. नितिका ठाकुर ने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और सामाजिक मानदंडों से बंधे न रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अपने लक्ष्यों और जुनून के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। छात्र विजेता रीत साहनी ने खुद को "उत्तरजीवी" के बजाय "योद्धा" बताया और दूसरों को भी अपने संघर्षों का सामना शक्ति और साहस के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उपविजेता शेनाया शर्मा ने बताया कि उनकी यात्रा ने उन्हें आत्मनिर्भरता का महत्व सिखाया, एक ऐसा संदेश जो साथी छात्रों को गहराई से प्रभावित किया। सस्टेनेबिलिटी और कम्युनिटी एंगेजमेंट की निदेशक पूनम नंदा ने कहा, वंदना शर्मा मेमोरियल अवार्ड के माध्यम से, हमारा उद्देश्य उन महिलाओं को सम्मानित और प्रोत्साहित करना है जो अपनी यात्रा में असाधारण शक्ति, और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करती हैं। आज साझा की गई प्रत्येक कहानी एक सशक्त संदेश है कि साहस और आत्मविश्वास से चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से देशभर में आयोजित किए जा रहे ‘उपभोक्ता आउटरीच कार्यक्रम’ के तहत 27 मार्च 2026 को शूलिनी यूनिवर्सिटी के परिसर में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दूरसंचार सेवाओं, साइबर सुरक्षा और उपभोक्ता हितों से जुड़े नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान साइबर धोखाधड़ी से बचाव, दूरसंचार सेवाओं से संबंधित शिकायत निवारण तंत्र और हाल ही में लागू किए गए नियमों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इस आयोजन में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, उपभोक्ता संगठनों (NGOs), आम नागरिकों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं और अध्यापक भी भाग लेंगे। TRAI का यह प्रयास उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और उन्हें जागरूक एवं सतर्क बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बीएल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार को सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली द्वारा प्रतिष्ठित ग्रीन स्कूल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में विद्यालय को “वायु प्रदूषण और स्कूल” तथा “इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की भविष्य की भूमिका” विषयों पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय आवासीय कार्यशाला में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कार्यशाला 23 से 25 मार्च 2026 तक अनिल अग्रवाल पर्यावरण ट्रेनिंग संस्थान राजस्थान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें देशभर के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर स्कूलों में वायु गुणवत्ता सुधार के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की जा रही है। सीएसई, नई दिल्ली के समन्वयक नीरज कुमार ने जानकारी दी कि बीएल सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुनिहार के उप-प्रधानाचार्य एवं भौतिकी प्रवक्ता पुर्शोतम लाल इस राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विज्ञान पर्यवेक्षक, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा, सोलन कार्यालय के अमरीश ने कहा कि यह जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और महत्वपूर्ण अवसर है, जो उप निदेशक विद्यालय शिक्षा (प्रारंभिक), सोलन के मार्गदर्शन में सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली के सहयोग से संभव हुआ है। विद्यालय के अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने विशेष रूप से पुरषोत्तम लाल, समस्त स्टाफ, ईको क्लब प्रभारी सुश्री दिनाक्षी ठाकुर तथा समर्पित विद्यार्थियों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।
अर्की विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजय अवस्थी की अध्यक्षता में कुनिहार कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कुनिहार के दो विद्यालयों के विलय और उन्हें सीबीएसई बोर्ड में परिवर्तित किए जाने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि दोनों विद्यालयों के मर्ज होने के बाद क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अभिभावक अपने बच्चों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (एचपी बोर्ड) में पढ़ाना चाहते हैं, जबकि कुछ सीबीएसई बोर्ड को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र में दोनों विकल्प उपलब्ध होना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से आग्रह किया कि छात्रों के भविष्य और अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक विद्यालय को एचपी बोर्ड के अंतर्गत तथा दूसरे विद्यालय को सीबीएसई बोर्ड के तहत संचालित किया जाए। इस पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने प्रतिनिधिमंडल की बात को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर संवेदनशील है और छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस संबंध में कल तक निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी, ताकि क्षेत्र में चल रही अनिश्चितता समाप्त हो सके। विधायक संजय अवस्थी ने भी कहा कि क्षेत्र के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है और इस विषय का समाधान शीघ्र निकाला जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग जल्द ही ऐसा निर्णय लेगा, जिससे सभी पक्षों को संतुष्टि मिले। इस दौरान ग्राम पंचायत कुनिहार के पूर्व प्रधान राकेश ठाकुर, राजेंद्र शर्मा, एसएमसी अध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर, कृष्ण चंद, ज्ञान जोशी, अनिल तंवर, जगदीश गर्ग, विनोद वेंस, सतीश ठाकुर, राजेश शांडिल, पवन कुमार, दीपक चौधरी, कुलदीप पंवर, रामराज, विजय सिंह कंवर सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का आभार व्यक्त किया। इस संबंध में जानकारी ग्राम पंचायत कुनिहार के पूर्व प्रधान राकेश ठाकुर ने दी।
अपनी वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, शूलिनी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. शांतनु मुखर्जी को प्रतिष्ठित 23वीं विश्व मृदा विज्ञान कांग्रेस (WCSS 2026) में अपना शोध प्रस्तुत करने के लिए चुना गया है और उन्हें प्रतिष्ठित “नानजिंग पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। विश्व मृदा विज्ञान कांग्रेस इस क्षेत्र के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय मंचों में से एक है, जो दुनिया भर से 4,000 से अधिक वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को एक साथ लाता है, साथ ही मृदा और पर्यावरण विज्ञान में अत्याधुनिक विकास पर 120 से अधिक वैज्ञानिक सत्र और 1,000 शोध प्रस्तुतियाँ आयोजित करता है। डॉ. शांतनु का शोध मृदा और जल प्रणालियों में औषधीय प्रदूषण की बढ़ती वैश्विक चिंता को संबोधित करता है, विशेष रूप से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में। उनका नवोन्मेषी कार्य हिमालयी चीड़ की पत्तियों से बायोचार विकसित करने पर केंद्रित है, जिसका उपयोग हानिकारक संदूषकों, जैसे एंटीबायोटिक्स, को पर्यावरण से हटाने के लिए "सुपरसॉर्बेंट" के रूप में किया जाता है। यह अध्ययन एक सतत "अपशिष्ट से धन" दृष्टिकोण पर प्रकाश डालता है और चक्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान देता है। उनके शोध को मृदा सुधार और पर्यावरणीय स्थिरता पर एक विशेष सत्र में प्रस्तुति के लिए चुना गया है, जहां वे मृदा क्षरण और उभरते संदूषकों से निपटने के समाधान प्रदर्शित करेंगे। यह कार्य स्वच्छ जल, जलवायु कार्रवाई और सतत पारिस्थितिकी तंत्र सहित प्रमुख सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भी है। "नानजिंग विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार", जो चीन की मृदा विज्ञान सोसायटी और डब्ल्यूसीएस आयोजन समिति द्वारा प्रदान किया जाता है, विश्व स्तर पर उत्कृष्ट शोधकर्ताओं के एक चुनिंदा समूह को उनके वैज्ञानिक योगदान की मान्यता में दिया जाता है। इस पुरस्कार में वैश्विक सम्मेलन में भागीदारी को सुगम बनाने के लिए वित्तीय सहायता भी शामिल है। डॉ. शांतनु की डब्ल्यूसीएस 2026 में भागीदारी से वैश्विक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ाने के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
शूलिनी विश्वविद्यालय के विधि विज्ञान संकाय के कानूनी सहायता क्लिनिक ने सोलन के सुल्तानपुर पंचायत में घर-घर जाकर कानूनी जागरूकता अभियान का आयोजन किया। यह पहल सोलन के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में की गई, जिसका उद्देश्य महिलाओं के कानूनी अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्रों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इस अभियान का समन्वय विधि विज्ञान संकाय के सहायक प्रोफेसर विनीत कुमार ने कानूनी सहायता क्लिनिक के बैनर तले किया, और इसमें सुल्तानपुर पंचायत के प्रतिनिधियों का सहयोग भी शामिल था। विधि विज्ञान संकाय के 25 छात्रों की एक टीम ने इस अभियान में भाग लिया, और समुदाय की महिलाओं से बातचीत करके उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जानकारी दी।
हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री 22 मार्च, 2026 को सोलन जिले के नालागढ़ और दून उपमंडल के प्रवास पर रहेंगे। जानकारी के अनुसार, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री प्रातः 10:00 बजे बद्दी के हनुमान चौक में आयोजित ‘राज्य स्तरीय विश्व जल दिवस-2026’ समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इस अवसर पर जल संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री तदोपरांत दोपहर 2:30 बजे नालागढ़ के पीर स्थान में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी परिसर की आधारशिला रखेंगे। सांय 3:30 बजे मुकेश अग्निहोत्री नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के मलपुर में विभिन्न ट्यूबवेलों का शिलान्यास भी करेंगे। इस दौरे के दौरान स्थानीय प्रशासन ने उप मुख्यमंत्री के स्वागत और कार्यक्रमों की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।
क्षेत्र में रसोई गैस उपभोक्ताओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब गैस सिलेंडर लेने के लिए 45 दिन के अंतराल की अनिवार्यता ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इस नए नियम के चलते उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है और वे इसे अव्यवहारिक बता रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि उनकी घरेलू जरूरत के अनुसार 15 से 20 दिन में ही सिलेंडर खत्म हो जाता है, लेकिन अब 45 दिन का इंतजार करना मजबूरी बन गया है। ऐसे में रसोई का काम प्रभावित हो रहा है और लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर इन दिनों लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। उपभोक्ता सुबह से ही सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, लेकिन 45 दिन की शर्त पूरी न होने पर उन्हें वापस लौटा दिया जा रहा है। इससे लोगों को बार-बार एजेंसियों और गोदामों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के यह नियम लागू कर दिया गया, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। उनका कहना है कि अचानक लागू किए गए इस फैसले ने आम लोगों को परेशानी में डाल दिया है। कई परिवार ऐसे हैं, जहां महीने में दो से तीन सिलेंडर की खपत होती है। ऐसे में 45 दिन का अंतराल उनके लिए व्यावहारिक नहीं है। कुनिहार विकास सभा के अध्यक्ष धनीराम तनवर ने कहा कि एक ओर सरकार धुआं रहित रसोई की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसी नीतियां लागू की जा रही हैं, जो आम लोगों की परेशानियां बढ़ा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 45 दिन की अवधि को घटाकर 25 दिन किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। वहीं, हिन्दुस्तान जन सेवा समिति के अध्यक्ष आर.पी. जोशी ने नगर पंचायत क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि निर्धारित नियमों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाना अनिवार्य है, लेकिन कुनिहार में इस नियम का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने और 25 दिन के भीतर सिलेंडर उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करने की मांग की। उधर, हिमालयन खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सोलन श्रवण कुमार ने बताया कि 45 दिन का अंतराल पूरे देश में लागू किया गया है। इस संबंध में कंपनियां सरकार से बातचीत कर रही हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे घबराएं नहीं, घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल सुचारू रूप से जारी है। वहीं उपभोक्ताओं की प्रमुख मांगें- 45 दिन की शर्त को घटाकर 25 दिन किया जाए, गैस सिलेंडरों की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो, गैस सिलेंडरों की नियमित और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
शूलिनी विश्वविद्यालय का 9वां दीक्षांत समारोह 21 मार्च, 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर 1,087 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों के साथ-साथ 85 पीएचडी शोधार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी, जो शैक्षणिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी फोरम (NETF) के अध्यक्ष और NAAC के कार्यकारी समिति के अध्यक्ष डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे मुख्य अतिथि होंगे। दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि भी उपस्थित रहेंगे, जिनमें शोभित डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और ASSOCHAM-NCE के अध्यक्ष कुंवर शेखर विजेंद्र, एटलस स्किलटेक यूनिवर्सिटी, मुंबई के कुलपति डॉ. राजन वेलुकर IISER मोहाली के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, और JAN AI, बेंगलुरु के संस्थापक डॉ. मदन पदाकी शामिल हैं। शूलिनी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, प्रो-कुलाधिपति, कुलपति और शासी निकाय, प्रबंधन बोर्ड और अकादमिक परिषद के सदस्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे और स्नातक छात्रों को उपाधियाँ प्रदान करेंगे। कुल स्नातक छात्रों में से 518 छात्रों को स्नातकोत्तर उपाधियाँ प्राप्त होंगी, जबकि 569 छात्रों को विभिन्न विषयों में स्नातक उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, 85 शोधार्थियों को उनके उन्नत अनुसंधान योगदान के सम्मान में डॉक्टरेट उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। शैक्षणिक उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए, विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह के दौरान 30 विश्वविद्यालय पदक विजेताओं और 23 योग्यता प्रमाण पत्र धारकों को भी सम्मानित करेगा, जो उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन को पुरस्कृत करने पर विश्वविद्यालय के विशेष जोर को दर्शाता है।
जिला सोलन के तहत पुलिस थाना धर्मपुर की टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए चिट्टा/हेरोइन तस्करी से जुड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। जांच के दौरान इन आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात के समय उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था, जो पुलिस को देखकर वाहन रुकते ही मौके से फरार हो गया था। बाद में फरार आरोपी की पहचान सचिन ठाकुर (31), पुत्र इंदर सिंह ठाकुर, निवासी गांव शिल्ली, डाकघर दामकड़ी, तहसील व जिला सोलन के रूप में हुई। पुलिस थाना धरमपुर की टीम द्वारा उसकी लगातार तलाश की जा रही थी। तलाशी अभियान के दौरान आज 18 मार्च 2026 को पुलिस ने आरोपी सचिन ठाकुर को सोलन शहर से गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी नशा तस्करी के मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस थाना सदर सोलन में उसके खिलाफ चिट्टा/हेरोइन तस्करी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। इसके अलावा, उसे हिमाचल प्रदेश सरकार के आदेशानुसार 10 जून 2025 को PIT NDPS Act, 1988 की धारा 3(1) के तहत आदतन अपराधी मानते हुए तीन महीने के लिए जेल भेजा गया था। जेल से रिहा होने के बाद भी आरोपी ने फिर से नशा तस्करी में संलिप्तता जारी रखी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को 19 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
आईईसी विश्वविद्यालय के बिजनेस मैनेजमेंट और कॉमर्स विभाग द्वारा "गैमिफिकेशन: वित्तीय साक्षरता और सिक्योरिटीज मार्केट्स" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बी. कॉम, बीबीए, एमबीए और एम. कॉम के छात्रों ने भाग लिया। इस अवसर पर सेबी स्मार्ट सर्टिफाइड ट्रेनर विराज सिंगल मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों को वित्तीय साक्षरता और सिक्योरिटीज मार्केट्स के बारे में बड़ी ही सरल भाषा में समझाया। छात्रों ने भी चर्चा में बढ़ चढ़ कर भाग लिया और कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। इस कार्यशाला के अंत में, आईईसी विश्वविद्यालय के बिजनेस मैनेजमेंट और कॉमर्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विकास श्योरन ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला छात्रों के लिए बहुत उपयोगी रही और उन्हें वित्तीय साक्षरता और सिक्योरिटीज मार्केट्स के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिली। उन्होंने इस कार्यशाला के सफल आयोजन में सहयोग के लिए स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के डीन डॉ. रविंदर सिंह मदान का भी धन्यवाद किया।
दयानंद आदर्श विद्यालय, सोलन में मंगलवार 17 मार्च को कक्षा आठवीं एवं नौवीं के विद्यार्थियों के मध्य “नैतिक मूल्यों एवं चरित्र निर्माण का महत्व” विषय पर इंटर क्लास स्किट कॉम्पिटिशन का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा उनके व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या उषा मित्तल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्रतियोगिता के आयोजन विद्यालय की एक्टिविटी इंचार्ज (मिडिल क्लासेज) संगीता ठाकुर द्वारा की गई। इस प्रतियोगिता के निर्णायक गण - फूलाधर, रोमिला कंवर, सुमिति चंदेल थे। विद्यार्थियों ने अपनी सजीव और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से अनेक प्रेरणादायक संदेश दिए। स्किट्स के द्वारा मजबूत चरित्र निर्माण, माता-पिता, दादा-दादी एवं बड़ों का सम्मान तथा बालिका शिक्षा के महत्व जैसे विषयों को बहुत सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के अभिभावक भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय और प्रधानाचार्या का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें एक अच्छा इंसान बनने की दिशा में भी मार्गदर्शन दे रहा है। विद्यार्थियों के उत्कृष्ट अभिनय, प्रभावशाली संवाद और सशक्त संदेशों ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। प्रधानाचार्या उषा मित्तल ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं और कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अभिभावकों से विद्यालय के साथ निरंतर सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया। जूनियर श्रेणी में कक्षा 8वीं ‘बी’ की स्किट को “अत्यधिक सराहनीय” घोषित किया गया। इसका विषय “different sanskaar one lesson” था। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अर्श को (पिता की भूमिका के लिए) तथा द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार वंश को (पुत्र की भूमिका के लिए) दिया गया। जबकि “सराहनीय” स्किट कक्षा 8वीं ‘ए’ की रही, जिसका विषय “A father's sacrifices” था। सीनियर श्रेणी में “अत्यधिक सराहनीय” का पुरस्कार कक्षा 9वीं ‘ए’ को दिया गया, जिसका विषय “Break the chain,let girls study” था। द्वितीय सर्वश्रेष्ठ स्किट कक्षा 9वीं ‘सी’ की रही, जिसका विषय “Parents are not burden” था। तृतीय सर्वश्रेष्ठ स्किट का पुरस्कार कक्षा 9वीं ‘बी’ को दिया गया, जिनका विषय “old values new dreams” था। सीनियर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेताओं के रूप में नायशा (पुत्री की भूमिका), आदित्य (पिता की भूमिका) तथा परीक्षित (दादा की भूमिका) को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ, जिससे पूरे वातावरण में शांति और सकारात्मकता का संचार हुआ।
आईईसी विश्वविद्यालय ने विभिन्न प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों के साथ मिलकर फार्मेसी विभाग के छात्रों के लिए कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया। इस आयोजन में बी. फार्मेसी और एम. फार्मेसी के फाइनल ईयर और पास आउट छात्रों ने भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न फार्मा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने छात्रों को लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और विभिन्न मापदंडों पर परख कर उन्हें नौकरी के उपयुक्त अवसर प्रदान किए। इस प्लेसमेंट ड्राइव में इमैक्यूल लाइफसाइंसेज से गुणवत्ता उपाध्यक्ष मंगेश कोटेकर और मानव संसाधन अधिकारी गुरदास व सृष्टि जैन, एक्मे जेनेरिक्स से उत्पादन प्रबंधक संदीप और मानव संसाधन अधिकारी प्राणिका जैन और एक्मे फॉर्मूलेशन से मानव संसाधन अधिकारी रिंकू राणा विशेष तौर से उपस्थित रहे। उन्होंने कुछ छात्रों का मौके पर ही चयन कर लिया और अन्य छात्रों को भी भविष्य में अवसर देने की बात कही। आईईसी विश्वविद्यालय की सीनियर मैनेजमेंट ने चयनित छात्रों और ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर को इस कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। आईईसी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. प्रल्हाद गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन आईईसी विश्वविद्यालय के छात्रों को फार्मास्यूटिकल उद्योग में सफल करियर बनाने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि छात्र-हित के लिए इस प्रकार के और भी कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव जल्द ही आयोजित किए जा रहे हैं।
शूलिनी विश्वविद्यालय के तीन दिवसीय वार्षिक पुष्प उत्सव में 500 से अधिक आगंतुक शामिल हुए, जहां विश्वविद्यालय के फार्मों में उगाई गई 200 से अधिक किस्मों के फूलों का प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन हिमाचल प्रदेश के वन विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. पंकज खुल्लर ने किया। वानिकी प्रशासन में व्यापक अनुभव रखने वाले खुल्लर ने वानिकी और मृदा संरक्षण परियोजनाओं की योजना, कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन में कार्य किया है। इस अवसर पर उपस्थित एक अन्य अतिथि, रॉयल हॉर्टिकल्चरल सोसाइटी (यूके) के आजीवन सदस्य दुरलभ सिंह पुरी ने पुष्प उत्सव के आयोजन के प्रयासों की सराहना की और इसके व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, यह पहल लोगों को पौधे उगाने और प्रकृति को और अधिक गहराई से समझने के लिए प्रोत्साहित करती है। अपनी व्यक्तिगत पसंद साझा करते हुए, पुरी ने कहा कि बेगोनिया उनका पसंदीदा पौधा है, और यह उत्पादकों को पौधों की देखभाल के बारे में बहुमूल्य सबक सिखाता है, जिसमें कीटों, रोगों और बदलते पर्यावरणीय परिस्थितियों से निपटने का तरीका भी शामिल है। पुष्प उत्सव में स्कूली छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें सेंट ल्यूक स्कूल (सोलन), सोलन पब्लिक स्कूल, गीता आदर्श विद्यालया (सोलन) और सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल (कसौली) के समूह शामिल थे। उत्सव में और भी रौनक लाने के लिए एक लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 25 आगंतुकों को पुष्प उपहार मिले। इस वर्ष के आयोजन में 200 से अधिक प्रकार के पुष्पीय पौधे प्रदर्शित किए गए, जिनमें ऑर्किड, एंथुरियम, पिंक क्विल, ब्रोमेलियाड, रेनकुलस, बर्ड्स ऑफ पैराडाइज और बेगोनिया शामिल थे। छात्रों और कर्मचारियों द्वारा बनाई गई रचनात्मक कलाकृतियों और सजावटी व्यवस्थाओं ने उत्सव में कलात्मकता का स्पर्श जोड़ा। कुछ पौधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मंगवाए गए थे, जिनमें चीन से क्रिसमस कैक्टस शामिल था, जबकि बीज जर्मनी और इटली से आयात किए गए थे। लैंडस्केप और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स के निदेशक सुरेश शर्मा ने वर्षों से उत्सव के विकास के बारे में बताया। इस आयोजन में स्थिरता को प्रमुखता दी गई। अपशिष्ट पदार्थों से निर्मित कलाकृतियों ने दिखाया कि कैसे बेकार पड़ी वस्तुओं को उपयोगी और आकर्षक प्रदर्शनियों में परिवर्तित किया जा सकता है। स्थिरता और सामुदायिक सहभागिता की निदेशक पूनम नंदा ने महोत्सव के आयोजन और प्रबंधन में सहयोग करने वाले छात्रों के प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के नेतृत्वकर्ता भी उपस्थित थे, जिनमें कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला, प्रो-चांसलर विशाल आनंद, कुलपति प्रो. अतुल खोसला, न्यासी और उपाध्यक्ष अवनी खोसला और ट्रस्टी और निदेशक निष्ठा शुक्ला आनंद शामिल थीं।
सोलन जिले के नालागढ़ में दिनदहाड़े फायरिंग की घटना सामने आई है। वार्ड नंबर-2 में एक युवक गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान वार्ड नंबर-2 निवासी आमिर खान के रूप में हुई है। यह घटना दोपहर करीब 12 बजे के आसपास हुई। जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात युवक ने आमिर खान पर अचानक गोली चला दी। गोली आमिर खान के दाहिने हाथ में लगी, जबकि उसके कुछ छर्रे पेट में भी घुस गए। गोली गलने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद, आमिर ख़ान को उसके परिजन इलाज के लिए नालागढ़ अस्पताल ले गए। वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया। अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि गोली लगने का एक केस आया था। घायल की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे तुरंत PGI चंडीगढ़ भेजा गया है।
सोलन जिला में परवाणू पुलिस थाना के तहत भोजनगर गांव के समीप करालघाट के घने जंगल में संदिग्ध हालात में युवती और युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवक का शव फंदे से लटका मिला, जबकि युवती का शव जमीन पर पड़ा था। युवती के मुंह-नाक से खून निकल रहा था। जानकारी के अनुसार एक वाहन चालक करालघाट देवता के पास सोमवार शाम करीब 5:15 बजे गाड़ी रोककर मंदिर में गया तो अचानक उसने वहां पर युवक को पेड़ पर लटके देखा। उसने तुरंत इसकी सूचना भोजनगर पुलिस चौकी को दी। इस दौरान उसे यहां पर एक युवती जमीन पर पड़ी दिखी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान सामने आया कि युवक का शव पेड़ से लटका हुआ था। युवक की पहचान 22 वर्षीय करण निवासी खील को मोड़ (पडगयानी) जिला सोलन के रूप में की है, जबकि युवती की शिनाख्त याशिका लामा (20) निवासी गौतम बुद्ध विहार देउंघाट सोलन मूल निवासी नेपाल के तौर पर हुई है। लड़की के सिर पर हेलमेट था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। युवक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पुलिस मामले को लेकर परिजनों से भी पूछताछ कर रही है। डीएसपी परवाणू अनिल ने भी मौके का निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि शव कब्जे में ले लिए हैं। उधर, एसपी सोलन टी एसडी वर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हर पहलू से तफ्तीश में जुटी है। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी कई सबूत जुटाए है। परिजनों के भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देवठी के दो छात्रों ने एन.एम.एम.एस. (NMMS) छात्रवृत्ति परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विद्यालय की छात्रा दिशिता ठाकुर और लक्ष्य वर्मा ने इस छात्रवृत्ति परीक्षा को उत्तीर्ण कर विद्यालय सहित जिला का नाम रोशन किया है। छात्रा दिशिता ने इस परीक्षा में प्रदेश स्तर पर नौवां स्थान प्राप्त किया है। इस छात्रवृत्ति परीक्षा के अंतर्गत दोनों छात्रों को प्रतिवर्ष 12,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जो उन्हें कक्षा 9वीं से लेकर 12 कक्षा तक मिलती रहेगी। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य कमल चंद शर्मा ने इस उपलब्धि पर दोनों विद्यार्थियों को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानाचार्य ने बताया कि विद्यालय पिछले तीन वर्षों से लगातार इस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर रहा है। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षकों की मेहनत और मार्गदर्शन के कारण ही विद्यार्थी इस परीक्षा में सफलता हासिल कर रहे हैं। प्रधानाचार्य ने विशेष रूप से टी.जी.टी. (नॉन-मेडिकल) नलेंद्र वर्मा के मार्गदर्शन और प्रयासों की सराहना की, जिनकी मेहनत से विद्यार्थियों को इस परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करने में सहायता मिली। प्रधानाचार्य ने सभी विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी प्रकार मेहनत करने और विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
सोलन जिला के कण्डाघाट क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कण्डाघाट नगर पंचायत को डिनोटिफाई कर ग्राम पंचायत बनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार कण्डाघाट को पुनः ग्राम पंचायत बनाने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की गरिमामयी उपस्थिति में कांग्रेस सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों में आस्था व्यक्त करते हुए पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत सिरीनगर तथा भाजपा के प्रमुख नेता गुरविन्द्र सिंह लगभग 50 कार्यकर्त्ताओं सहित भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए। उन्होंने क्षेत्र में विकास की गति में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
धर्मपुर में 19.68 ग्राम चिट्टा/हेरोइन दो युवकों से बरामद किया गया। 10/11 मार्च 2026 की रात्रि को जिला पुलिस की एसआईयू (SIU) टीम ने पुलिस थाना धर्मपुर के क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक स्विफ्ट डिजायर कार में सवार दो युवकों के कब्जे से 19.68 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की। पुलिस टीम द्वारा दोनों आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार कर लिया गया है। इस संबंध में पुलिस थाना धर्मपुर में मामला दर्ज किया गया है तथा घटना में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर पुलिस कब्जे में ले लिया गया है। जाँच के दौरान पाया गया कि उक्त आरोपियों के साथ एक तीसरा युवक भी मौजूद था, जो पुलिस को देखकर गाड़ी रुकते ही रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है और उसे शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आज दिनांक 11-03-2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है तथा मामले में आगे की जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार एल.टी. लाइन के आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते 11 मार्च, 2026 को शहर के कुछ क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अधिशाषी अभियंता सोलन विपुल कश्यप ने दी। उन्होंने बताया कि 11 मार्च को दोपहर 12:00 बजे से सांय 05:00 बजे तक पुराना पावर हाउस मार्ग, लोक निर्माण विभाग कार्यालय, खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय, नया बस अड्डा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय तथा मॉर्डन ढाबा के आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से इस दौरान सहयोग करने की अपील की है, ताकि रखरखाव कार्य को समय पर और सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।
सोलन जिला में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पिता ने अढ़ाई साल के बच्चे की हत्या कर दी। मामला सलोगड़ा का है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है और कोर्ट में पेश किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बालूघाटी के सलोगड़ा में नेपाली मूल की महिला तारा देवी पत्नी राजेंद्र ने बताया कि उसके अढ़ाई साल का बच्चा प्रवीन घर के आंगन में गिर गया था, जिसे इलाज के लिए वह अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जब मृतक बच्चे को दफनाने के लिए ले जाया जा रहा था, तब ग्रामीणों ने इसकी सूचना पंचायत प्रधान को दी और फिर मामले का दूसरा पहलू उजागर हुआ। जानकारी के अनुसार महिला तारा देवी अपने पहले पति राजेंद्र को छोडक़र वर्तमान पति राज थापा के साथ रह रही थी। अब राजेंद्र और राज थापा के बीच अढ़ाई साल के बच्चे के पालन-पोषण को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच 2 दिन पहले राज थापा, जो कि प्रवीन का सौतेला पिता था, ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि वारदात को नेचुरल डेथ का रूप दिया जा रहा था। अगर ग्रामीणों को बच्चे के दफनाने की सूचना नहीं मिलती, तो मामले का किसी को पता नहीं चल पाता। बहरहाल, पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी सोलन ने मामले की पुष्टी की है।
सोलन के जिला दण्डाधिकारी मनमोहन शर्मा ने आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए माल रोड पर वाहनों की आवाजाही को लेकर आवश्यक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 115 एवं 117, सड़क नियमन नियम, 1999 के नियम 15 एवं 17 तथा हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन नियम, 1999 के नियम 184 एवं 196 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लागू किए गए हैं। आदेशों के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवधि में 2 मार्च, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक पुराना उपायुक्त कार्यालय से पुराने बस अड्डे तक प्रतिदिन सायं 5:30 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। हालांकि यह आदेश रोगी वाहन (एंबुलेंस), अग्निशमन वाहन, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात वाहनों तथा कचरा उठाने वाले वाहनों पर लागू नहीं होंगे। प्रशासन द्वारा जारी ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
जिला एवं सत्र न्यायालय सोलन परिसर एवं कण्डाघाट, अर्की, कसौली, नालागढ़ न्यायालय परिसर में 14 मार्च, 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन की सचिव आकांक्षा डोगरा ने दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, चेक बाउंस मामले, वाहन चालान के मामले, धन वसूली के मामले इत्यादि की सुनवाई कर निपटारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटना क्लेम के मामले, श्रम विवाद के मामले, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन और भत्तों तथा सेवानिवृत्ति से संबंधित मामलों की सुनवाई कर निपटारा होगा। प्राधिकरण की सचिव ने कहा कि जो मामले अब तक न्यायालय में दायर नहीं हुए हैं, उनका भी लोक अदालत में निपटारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में समय एवं धन की बचत होती है। न्यायालय शुल्क नहीं लगता और पुराने मुकदमों का न्यायालय शुल्क वापस हो जाता है। इसमें किसी पक्ष को सजा भी नहीं होती। उन्होंने कहा कि वाहन चालान के मामलों में वर्चुअल कोर्ट की साइट पर जाकर भी भुगतान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति यदि अपने मामलों का निपटारा करवाना चाहता है तो 14 मार्च, 2026 से पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय सोलन व जिले के सभी न्यायालयों में सादे कागज पर आवेदन कर सकता है। जिस न्यायालय में मामला विचाराधीन है, वहां भी इस संबंध में आवेदन किया जा सकता है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने आज यहां नगर निगम सोलन की परिधि में नुकसान दायक सिद्ध हो रहे वृक्षों को हटाने के लिए प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। उद्योग मंत्री ने नगर निगम सोलन की परिधि में वृक्ष प्राधिकरण समिति द्वारा संस्तुत 28 वृक्षों को हटाने के लिए प्रस्तावित 13 स्थलों में से चंबाघाट में शिव मंदिर के समीप, नए बस स्टैंड के समीप लोहार मोहल्ला, नहोड़ गांव के समीप, ठोड़ो मैदान के समीप तथा खुंडीधार में निर्धारित स्थलों का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। हर्षवर्द्धन चौहान ने इस अवसर पर आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सोलन नगर निगम के क्षेत्र में वृक्ष कटान की अनुमति उन्हीं स्थानों पर दी जाएगी जहां पर जान-माल का खतरा हो। उन्होंने कहा कि एक पेड़ काटने के एवज में व्यक्ति को 05 पेड़ लगाना अनिवार्य होगा ताकि हरित क्षेत्र प्रभावित न हो। उद्योग मंत्री ने कहा कि हिमाचल में पर्यटन क्षेत्र आर्थिकी के आधार स्तम्भ में से एक है और हरित आवरण पर्यटकों की संख्या में वृद्धि तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वृक्ष कटान की अनुमति देते समय सभी आवश्यक पहलुओं का ध्यान रखा जाता है। उन्होंने इस अवसर पर नगर निगम सोलन की महापौर, पार्षदों तथा अधिकारियों से सोलन शहर के सौंदर्यकरण, मूलभूत सुविधाओं एवं अधोसंरचनात्मक आवश्यकताओं के सम्बन्ध में फीडबैक ली। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक पहलुओं को प्रदेश सरकार के ध्यान में लाया जाएगा। ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चन्द बरमानी, नगर निगम सोलन की महापौर ऊषा शर्मा, नगर निगम सोलन के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर, राजीव कौडा, संतोष ठाकुर, अभय, मनोनीत पार्षद रजत थापा, उप महाधिवक्ता रोहित शर्मा, हिमाचल प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य शोभित बहल, नगर निगम सोलन की आयुक्त एकता कापटा, ज़िला उद्योग महाप्रबंधक सुरेंद्र ठाकुर, उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल, नगर निगम सोलन के संयुक्त आयुक्त चेतन चौहान, ट्री ऑफिसर चन्द्रिका शर्मा सहित अन्य व्यक्ति एवं स्थानीय निवासी इस अवसर पर उपस्थित थे।
साई संजीवनी हॉस्पिटल में आपातकालीन सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए, प्रसिद्ध सर्जन डॉ. संजय अग्रवाल के नेतृत्व में डुओडेनल अल्सर परफोरेशन (आंत में छेद) का सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया। रोगी को तीव्र पेट दर्द, उल्टी तथा पेट में गंभीर संक्रमण (एक्यूट एब्डॉमेन) के लक्षणों के साथ अस्पताल लाया गया था। आवश्यक जांचों एवं चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद डुओडेनल अल्सर परफोरेशन की पुष्टि हुई। मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉ. संजय अग्रवाल एवं उनकी टीम ने पारंपरिक ओपन सर्जरी के स्थान पर आधुनिक लैप्रोस्कोपिक (दूरबीन विधि) तकनीक से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के दौरान डुओडेनम में हुए छेद की पहचान कर उसे सफलतापूर्वक लैप्रोस्कोपिक तकनीक से ठीक किया गया। सर्जरी बिना किसी जटिलता के संपन्न हुई। इस आधुनिक विधि से मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव, छोटे चीरे तथा शीघ्र स्वस्थ होने का लाभ मिला। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से स्वस्थ हो रहा है। यह सफल आपातकालीन सर्जरी सोलन में उन्नत लैप्रोस्कोपिक सुविधाओं की उपलब्धता को दर्शाती है, जिससे अब गंभीर मरीजों को उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो गई है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पेप्टिक अल्सर परफोरेशन जैसी गंभीर स्थिति में समय पर पहचान और शीघ्र सर्जरी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि देरी होने पर पेरिटोनाइटिस और सेप्सिस जैसी जानलेवा जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) ने शूलिनी विश्वविद्यालय के सहयोग से सोलन स्थित विश्वविद्यालय परिसर में एआईयू अन्वेषण 2025-26 अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस राष्ट्रीय छात्र अनुसंधान सम्मेलन में देश भर के संस्थानों से लगभग 200 छात्र और संकाय सदस्य एकत्रित हुए, जिन्होंने मौलिक अनुसंधान मॉडल, प्रोटोटाइप और नवोन्मेषी विचारों का प्रदर्शन किया। यह आयोजन बौद्धिक आदान-प्रदान और अकादमिक सहयोग के लिए एक जीवंत मंच साबित हुआ। एआईयू की प्रमुख छात्र अनुसंधान पहल, अन्वेषण का उद्देश्य युवा विद्वानों में वैज्ञानिक सोच, समस्या-समाधान कौशल और एक सशक्त अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देना है। संरचित प्रस्तुतियों और संवादात्मक सत्रों के माध्यम से, इस मंच ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ-साथ उभरती वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप अनुसंधान परिणामों को प्रस्तुत करने में सक्षम बनाया, जिससे नवाचार-आधारित विकास के महत्व को बल मिला। शूलिनी विश्वविद्यालय की मुख्य शिक्षण अधिकारी डॉ. आशू खोसला ने अपने स्वागत भाषण में शोध आधारित शिक्षा और नवाचार उन्मुख शिक्षण प्रणालियों के माध्यम से युवा प्रतिभाओं के पोषण के महत्व पर बल दिया। एआईयू के संयुक्त निदेशक डॉ. अमरिंदर पाणि ने अन्वेषण को छात्र नवाचार को समर्पित देश के सबसे बड़े शोध सम्मेलनों में से एक बताया। इस परिप्रेक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए, शूलिनी विश्वविद्यालय के नवाचार एवं विपणन विभाग के अध्यक्ष, प्रोफेसर आशीष खोसला ने अकादमिक मंचों में भागीदारी के महत्व पर बल दिया। मोहम्मद हिदायतुल्लाह द्वारा एक राष्ट्रीय विज्ञान संगोष्ठी में व्यक्त की गई टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि भागीदारी स्वयं एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अनुसंधान की सच्ची भावना सार्थक प्रश्न पूछने, साहस के साथ नवाचार करने और सामूहिक रूप से ज्ञान का निर्माण करने में निहित है। भारतीय अनुसंधान संस्थान (एआईयू) के अध्यक्ष, प्रोफेसर विनय पाठक ने प्राचीन विद्वानों, ऋषियों और गणितज्ञों द्वारा संवर्धित भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सा, गणित और खगोल विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भारतीय अनुसंधान ने ऐतिहासिक रूप से विश्व का नेतृत्व किया है। अपने संबोधन में, कुलपति प्रोफेसर पी. के. खोसला ने युवा शोधकर्ताओं को वैश्विक उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उन्हें सीमाओं से परे सोचने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और विज्ञान और नवाचार में नेतृत्व के पदों की आकांक्षा रखने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे भारत वैश्विक अनुसंधान मानचित्र पर प्रमुख स्थान प्राप्त कर सके। धन्यवाद ज्ञापन शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर, चंदर मोहन गुप्ता ने दिया, जिन्होंने कहा कि प्रत्येक नवाचार एक विचार से शुरू होता है और सार्थक अनुसंधान परिणामों में परिवर्तित होने के लिए व्यवस्थित अवधारणा की आवश्यकता होती है।
योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंसेज ने बाइटएक्सएल के सहयोग से "जनरेटिव एआई पर एक व्यावहारिक कार्यशाला: निर्माण, सृजन और स्वचालन" शीर्षक से एक आकर्षक और व्यावहारिक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का संचालन बाइटएक्सएल के डॉ. शमनेश शर्मा ने किया, जिन्होंने जनरेटिव एआई और स्वचालन के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र पर एक ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने छात्रों को चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी, परप्लेक्सिटी, माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट, नोटबुक एलएम, जैपियर और एन8एन सहित कई उन्नत एआई उपकरणों से परिचित कराया। लाइव प्रदर्शनों और व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से, प्रतिभागियों ने विचारों को बुद्धिमान समाधानों में, संकेतों को उत्पादकता में और अवधारणाओं को स्वचालित कार्यप्रवाहों में परिवर्तित करना सीखा। इस सत्र में विभिन्न विषयों के छात्रों ने भाग लिया, जिससे यह अत्यधिक संवादात्मक और आकर्षक बन गया। प्रतिभागियों ने संकेत इंजीनियरिंग, एआई-संचालित अनुसंधान, सामग्री निर्माण और कार्यप्रवाह स्वचालन में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। इस कार्यशाला में जनरेटिव एआई के व्यापार, मीडिया, अनुसंधान और डेटा प्रबंधन में वास्तविक अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डाला गया। योगानंद स्कूल ऑफ एआई, कंप्यूटर्स एंड डेटा साइंसेज के प्रमुख डॉ. पंकज वैद्य ने कहा कि इस तरह की उद्योग-उन्मुख कार्यशालाएं अकादमिक शिक्षा और व्यावसायिक आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटने में सहायक होती हैं। इस कार्यक्रम ने छात्रों को उभरती प्रौद्योगिकियों से परिचित कराया और उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में करियर के अवसरों का पता लगाने के लिए तैयार किया।
जिला सोलन में उप-रोजगार कार्यालयों में आगामी 26 और 27 फरवरी, 2026 को कैंपस इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला रोजगार अधिकारी जगदीश कुमार ने बताया कि 26 फरवरी को उप-रोजगार कार्यालय, मॉडल कैरियर सेंटर, बद्दी में 57 पदों के लिए और 27 फरवरी को उप-रोजगार कार्यालय, नालागढ़ में 86 पदों के लिए भर्ती कैंपस इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। जगदीश कुमार ने बताया कि 26 फरवरी को मैसर्ज़ हिम इंजीनियर इंडिया प्रा. लि., बद्दी के वेल्डर, प्रेस ऑपरेटर, ड्राइवर ट्रक के 17 पद तथा मैसर्ज़ अर्युदा ग्लोबल, चंडीगढ़ के ऑपरेटर, टेली कॉलर, कोऑर्डिनेटर और फील्ड इंजीनियर के 40 पदों के लिए इंटरव्यू आयोजित होंगे। वहीं 27 फरवरी को मैसर्ज़ पेंगुइन इलेक्ट्रॉनिक प्रा. लि., नालागढ़ द्वारा ट्रेनी के 80 पद और मैसर्ज़ कोमेड केमिकल, बद्दी द्वारा एग्जीक्यूटिव, हेल्पर व केमिस्ट के 6 पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू होंगे। उन्होंने बताया कि इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, आईटीआई, वेल्डर, बी.फार्मा, डी.फार्मा, बी.टेक इलेक्ट्रॉनिक्स तथा आयु 19 से 40 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार विभागीय पोर्टल ई.ई.एम.आई.एस. पर पंजीकरण कर अपनी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। जगदीश कुमार ने बताया कि उम्मीदवारों को सभी अनिवार्य प्रमाण पत्र और दस्तावेजों सहित प्रातः 10.30 बजे संबंधित उप-रोजगार कार्यालय में पहुंचना होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कैंपस इंटरव्यू में भाग लेने के लिए कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाएगा।
कसौली चौक, धर्मपुर के समीप खड़ा किया गया एक टिप्पर चोरी होने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर वाहन बरामद कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन मालिक ने 21 फरवरी को अपना टिप्पर नंबर HP-64C-9622 कसौली चौक के पास खड़ा किया था। 22 फरवरी को जब उसका कंडक्टर उक्त स्थान पर पहुंचा तो टिप्पर वहां नहीं मिला। इसके बाद वाहन मालिक ने अपने स्तर पर आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। बताया गया है कि उक्त टिप्पर को दो महीने पहले ही खरीदा गया था। अज्ञात व्यक्ति द्वारा 21/22 फरवरी की रात को वाहन चोरी कर लिया गया। चोरी हुए टिप्पर की अनुमानित कीमत करीब 42 लाख रुपये बताई गई है। इस संबंध में पुलिस थाना धर्मपुर में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और थाना स्तर पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने संभावित मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और विभिन्न टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए 22-02-2026 को चोरी हुआ टिप्पर हरियाणा राज्य के जिला नूंह क्षेत्र से सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में संलिप्त अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं तथा मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
बी. एल. सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल कुनिहार में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा पर चर्चा विषय पर एक अत्यंत प्रेरणादायक, मार्गदर्शक एवं विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय अध्यक्ष गोपाल शर्मा ने की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त रखते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ सफलता की ओर अग्रसर करना रहा। अपने प्रेरक संबोधन में अध्यक्ष महोदय ने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा किसी भी छात्र के ज्ञान, अनुशासन और धैर्य की वास्तविक परीक्षा होती है, जिसे भय नहीं बल्कि अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी बताते हुए नियमित अध्ययन और योजनाबद्ध तैयारी पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्मार्ट अध्ययन तकनीकों, प्रभावी संशोधन रणनीतियों, तथा पाठ्यक्रम को सरल एवं व्यवस्थित ढंग से तैयार करने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि “स्वास्थ्य ही धन है”, अतः परीक्षा के समय पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सकारात्मक दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों को परीक्षा हॉल में पालन किए जाने वाले दिशानिर्देशों, अनावश्यक तुलना से बचने, तथा डिजिटल उपकरणों के सीमित एवं अनुशासित उपयोग के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और परीक्षा में सफलता हेतु माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसके अतिरिक्त, बच्चों को आत्मविश्वास बनाए रखने, सकारात्मक सोच विकसित करने, तथा तनाव-मुक्त रहकर परीक्षा देने के प्रभावी उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणास्पद बताते हुए विद्यालय प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। विद्यालय प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के मार्गदर्शक कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर आत्मबल, अनुशासन और सफलता की दृढ़ इच्छा शक्ति को विकसित करते हैं, जिससे वे न केवल परीक्षा में बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी), शिमला की ओर से पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय, कुनिहार में वीरवार को दो दिवसीय विकसित भारत चित्र प्रदर्शनी एवं जन सूचना अभियान का शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों और युवाओं को देश की वैज्ञानिक, सामरिक और विकासात्मक उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में भारत के अंतरिक्ष अभियान की ऐतिहासिक सफलता चंद्रयान 3 से लेकर सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर तक की उपलब्धियों को आकर्षक चित्रों और विवरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। साथ ही सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की मारक क्षमता और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई। प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश की तीन रामसर साइट रेणुका झील, चंद्र ताल व पौंग डैम को भी प्रमुखता से दर्शाया गया। इसके अलावा ऐम्स बिलासपुर, आई आईटी मंडी सहित प्रदेश में विकसित हो रहे राष्ट्रीय राजमार्गों और केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य कृष्ण कुमार यादव ने किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका अहम है। इस तरह के आयोजन युवाओं को देश की उपलब्धियों से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पत्र सूचना कार्यालय शिमला के सहायक निदेशक संजीव कुमार शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य आमजन विशेषकर युवाओं को केंद्र सरकार की योजनाओं और भारत की उपलब्धियों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम की शुरुआत जन जागरूकता रैली से हुई, जिसमें 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने विकसित भारत 2047 और स्वच्छता अभियान के संदेश के साथ लोगों को जागरूक किया। इसके बाद चित्रकला और नारा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यालय की उप प्राचार्य अनिता कंवर ने आभार व्यक्त किया। दूसरे दिन विकसित भारत विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
शूलिनी विश्वविद्यालय ने कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला के जन्मदिन के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले प्रेरणा दिवस का आयोजन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी सदस्य कृतज्ञता, प्रेरणा और उत्कृष्टता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति नवप्रवर्तित प्रतिबद्धता की भावना से एकजुट हुए। समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय मंदिर में हवन के साथ हुआ, जिसके बाद वृंदावन उद्यान में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जो सतत विकास और पर्यावरण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। दिन का प्रमुख आकर्षण रतन टाटा गैलरी, टैगोर सेमिनार हॉल और पहल फाउंडेशन कियोस्क सहित महत्वपूर्ण सुविधाओं का उद्घाटन था। ये पहलें नवाचार, सामाजिक प्रभाव और अनुभवात्मक शिक्षा पर विश्वविद्यालय के निरंतर ध्यान को दर्शाती हैं। कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला ने सरोज खोसला के साथ मिलकर शूलिनी पहल फाउंडेशन के सहयोग से सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एक पहल, प्रोजेक्ट प्रगति कियोस्क का औपचारिक उद्घाटन किया। यह कियोस्क आसपास के गांवों की ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिसमें स्थानीय रूप से उत्पादित मसाले और मूल्यवर्धित वस्तुएं शामिल हैं, जिससे उन्हें व्यापक बाजारों से जुड़ने में मदद मिलती है। शूलिनी विश्वविद्यालय के विपणन और नवाचार निदेशक प्रो. आशीष खोसला ने कहा, “प्रेरणा दिवस हमें याद दिलाता है कि कुछ भी असंभव नहीं है। यह सबसे मूल्यवान सबक है जो हमने अपने कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला से सीखा है। उनकी दूरदृष्टि, दृढ़ संकल्प और लचीलेपन ने शूलिनी विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता के संस्थान के रूप में आकार दिया है और हमें और अधिक ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं।” सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एसोसिएट डायरेक्टर और हेड, पायल जिंदल खन्ना ने कहा कि प्रोजेक्ट प्रगति का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को लाभार्थी होने से स्वतंत्र उद्यमी बनने में सक्षम बनाना है। उन्होंने कृषि विभाग और खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन के लिए भी आभार व्यक्त किया, जिनका नेतृत्व क्रमशः डॉ. सोमेश शर्मा और डॉ. दिनेश कुमार कर रहे हैं। शूलिनी पहल फाउंडेशन के राहुल बहादुर और इस पहल में शामिल स्वयंसेवकों के योगदान को भी सराहा गया। शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर विशाल आनंद ने आगामी चरण में इस पहल को 100 गांवों तक विस्तारित करने का अपना दृष्टिकोण साझा किया, ताकि व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा सके, बाजार तक पहुंच में सुधार किया जा सके और ग्रामीण उद्यम विकास के लिए एक स्थायी मॉडल का निर्माण किया जा सके। इस समारोह में युवराज स्टेडियम में चांसलर इलेवन और रजिस्ट्रार इलेवन के बीच पारंपरिक क्रिकेट मैच भी शामिल था, जिसमें चांसलर इलेवन विजयी रही।
बुधवार को जोगिंद्रा केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की 88वीं वार्षिक आम साधारण बैठक सोलन में आयोजित की गई। यह बैठक वित्त वर्ष 2024-25 की वित्तीय स्थिति, उपलब्धियों एवं भावी रणनीतियों पर विचार-विमर्श हेतु बुलाई गई थी। बैठक में विभिन्न सहकारी समितियों के 209 प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 87वीं आम सभा में प्रस्तुत किए गए सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैंक के चेयरमैन एडवोकेट मुकेश शर्मा ने वित्त वर्ष 2024-25 के विस्तृत वित्तीय आंकड़े एवं उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। उन्होंने बताया कि बैंक ने चालू वित्त वर्ष में सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। चेयरमैन मुकेश शर्मा ने बैंक के कुशल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, प्रबंधन, कर्मचारियों एवं लाखों खाताधारकों का बैंक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान हेतु आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बैंक तकनीकी सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन, युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में और अधिक प्रभावी कदम उठाएगा। इस अवसर पर असिस्टेंट रजिस्ट्रार, सोलन गिरीश नड्डा, निदेशकगण योगेश भारतीय, संजीव कौशल, रोशन वर्मा, लाजकिशोर, लक्ष्मी ठाकुर, विजय ठाकुर, पीताम्बर नेगी, प्रबंध निदेशक पंकज सूद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई और सभी प्रतिनिधियों ने बैंक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में विजिलेंस ने एक फॉरेस्ट गार्ड को 5 हजार रुपए रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया। विजिलेंस थाना बद्दी की टीम ने फॉरेस्ट गार्ड समीर को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई डीएसपी विजिलेंस डॉ. प्रतिभा चौहान के नेतृत्व में की गई। जानकारी के अनुसार- आरोपी फॉरेस्ट गार्ड नालागढ़ वन विभाग के तहत दभोटा बीट में तैनात था। उस पर पेड़ कटान से जुड़े एक मामले को रफा-दफा करने के बदले शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग करने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना विजिलेंस विभाग को दी, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। विजिलेंस टीम ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और आरोपी फॉरेस्ट गार्ड को रिश्वत की राशि लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। आरोपी को विजिलेंस बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा सके।
जिला सोलन के धर्मपुर क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को जिला पुलिस की एसआईयू (SIU) टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि चंडीगढ़ से शिमला जा रही उत्तराखंड परिवहन की एक बस में मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने धर्मपुर क्षेत्र में बस को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान बस में सवार एक युवक के कब्जे से 10.01 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। आरोपी की पहचान दीपक (30) पुत्र भगत राम, निवासी गांव दोलग, तहसील कंडाघाट, जिला सोलन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को 17 फरवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। साथ ही उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।
जिला सोलन के तहत पुलिस थाना धर्मपुर में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक युवक को 2.22 ग्राम चिट्टा/हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। इस संबंध में एफआईआर नंबर 44/2026 दिनांक 15.02.2026 को धारा 21 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 फरवरी को पुलिस चौकी सुबाथू की टीम नियमित गश्त पर थी। गश्त के दौरान जब टीम नया नगर स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस के समीप पहुंची तो एक युवक पैदल आता हुआ दिखाई दिया, जो पुलिस को देखकर घबरा गया। संदेह के आधार पर पुलिस टीम ने युवक को मौके पर रोका और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 2.22 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई। आरोपी की पहचान वेद प्रकाश (30 वर्ष) निवासी गांव गंभरपुल, डाकघर हरिपुर, तहसील एवं जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ थाना धर्मपुर में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। मामले में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है तथा उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा मामले की आगामी जांच जारी है।
अटल शिक्षा कुंज स्थित आईईसी विश्वविद्यालय में 'राब्ता' सांस्कृतिक संध्या का धूमधाम से आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि राम कुमार चौधरी, विधायक एवं आईईसी विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल के सम्मानित सदस्य, का कुलपति डॉ० अशोक पुरी एवं अन्य अधिकारियों ने शॉल-टोपी एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया। अपने प्रेरक अभिभाषण में राम कुमार चौधरी ने छात्रों को लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयासरत रहने एवं नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। छात्रों ने मॉडलिंग, गायन, हरियाणवी, राजस्थानी, अंतरराज्यीय, समकालीन, सेमी-क्लासिकल, सोलो, फनी, रेट्रो डांस, गिद्दा, नाटी, भांगड़ा प्रस्तुतियों के साथ-साथ एनसीसी कैडेट्स की विशेष प्रदर्शन एवं सूडान के छात्रों द्वारा अंतरराष्ट्रीय नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कुलपति डॉ० अशोक पुरी ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों की कलात्मक प्रतिभा निखारने हेतु ऐसे आयोजनों के प्रति कटिबद्ध है। कार्यक्रम के समापन पर बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रमाण-पत्र, पदक एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, सोलन से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते 12 फरवरी, 2026 को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता सोलन राहुल वर्मा ने दी। राहुल वर्मा ने बताया कि 12 फरवरी को प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक कण्डाघाट, दोलग, परोंथा, डेढ़घराट, शनेच, टिक्कर, मही, सिरीनगर, हाथों, पलेच, शलुमणा, हिमुडा, वाकनाघाट, छावशा, डुमैहर, कोट, क्वारग, कोठी, भारा, आंजी ब्राहमणा, सैंज, गोग, कैथलीघाट, शालाघाट, क्यारी बंगला, बीशा, बाशा, सुरो, जे.पी. विश्वविद्यालय, चायल, दोची, मिलिट्री स्कूल, जीत नगर, आलमपुर, भलावग, हिन्नर, कुरगल, मिहाणी, बिनू, डुबलू, टिक्कर, नगाली तथा आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उन्होंने बताया कि खराब मौसम अथवा अन्य तकनीकी कारणों से निर्धारित तिथि एवं समय में परिवर्तन किया जा सकता है।
शूलिनी विश्वविद्यालय के विधि संकाय के सोलह छात्रों ने YUKTI 2026 (ज्ञान और परिवर्तनकारी इंटर्नशिप के माध्यम से युवा मुक्त) कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। यह कार्यक्रम जनरल काउंसल्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (GCAI) द्वारा आयोजित एक प्रतिष्ठित माह-स्तरीय राष्ट्रीय अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम था। दीक्षांत समारोह डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित किया गया, जहां प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किए गए। देश भर के 15 विश्वविद्यालयों के कुल 120 विधि छात्रों को समारोह में प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किए गए, जो 5 जनवरी से 31 जनवरी, 2026 तक आयोजित इस प्रमुख कार्यक्रम के सफल समापन का प्रतीक है। इस पहल का उद्देश्य संरचित अनुभवात्मक अनुभव और पेशेवर मार्गदर्शन के माध्यम से अकादमिक शिक्षा और वास्तविक दुनिया के कानूनी अभ्यास के बीच की खाई को पाटना था। कार्यक्रम के दौरान, छात्रों ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय और भारतीय संसद का शैक्षणिक और संस्थागत दौरा किया, जिससे उन्हें न्यायिक और विधायी प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ। प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का भी दौरा किया, जिससे सेवा, उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के मूल्यों को सुदृढ़ किया गया। डॉ. रेणु पाल सूद, एसोसिएट प्रोफेसर, विधि विज्ञान संकाय, शूलिनी विश्वविद्यालय, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों का साथ दिया, ने कहा कि YUKTI 2026 एक परिवर्तनकारी शिक्षण अनुभव साबित हुआ। उन्होंने कहा, “कार्यक्रम ने हमारे छात्रों को कॉर्पोरेट, नियामक और शासन व्यवस्था में कानून के व्यावहारिक कामकाज का दुर्लभ राष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान किया। संरचित मार्गदर्शन, उद्योग जगत के साथ संवाद और संस्थागत दौरों ने उनके पेशेवर आत्मविश्वास और व्यावहारिक समझ को काफी बढ़ाया, जिससे वे वास्तव में भविष्य के लिए तैयार हो गए।
सोलन पुलिस ने उद्घोषित अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। पुलिस थाना धर्मपुर की टीम ने माननीय न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किए गए एक आरोपी को अंतर्राज्यीय स्तर पर की गई सुनियोजित एवं प्रभावी कार्रवाई के उपरांत गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस थाना धर्मपुर में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा यह कार्रवाई अमल में लाई गई। माननीय उप-मंडल पुलिस अधिकारी परवाणु के निर्देशन में गठित पुलिस टीम उद्घोषित अपराधी की तलाश हेतु विभिन्न संभावित स्थानों पर रवाना थी। तलाश के दौरान आरोपी दिला राम पुत्र लच्छी राम निवासी गांव मैणू, डा० पारनू, तहसील अर्की, जिला सोलन (हि.प्र.) को दिनांक 07.02.2026 को राजस्थान राज्य के जिला दौसा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उल्लेखनीय है कि उक्त आरोपी को माननीय न्यायालय ACJM कसौली द्वारा दिनांक 01.12.2025 को पुनः उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। आरोपी न्यायालय में विचारण के दौरान लगातार निर्धारित तिथियों पर उपस्थित नहीं हो रहा था तथा गिरफ्तारी से बचने के उद्देश्य से लंबे समय से रुहपोश चल रहा था, जिससे उसने न्यायालय द्वारा निर्धारित जमानत मुचलकों की शर्तों का उल्लंघन किया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी अन्य जिलों में भी इसी प्रकार के मामलों में वांछित है। आरोपी के विरुद्ध धर्मपुर थाना में FIR No. 40/26 दिनांक 08.02.2026 धारा 209 व 269 BNS के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच पुलिस थाना धर्मपुर द्वारा नियमानुसार की जा रही है।


















































