पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के सौदागरों के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के चलते एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (JMFC) इंदौरा की अदालत ने NDPS एक्ट के एक मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में थाना इंदौरा के अंतर्गत पुलिस ने संजीव कुमार उर्फ प्रिंस पुत्र अशोक कुमार, निवासी वार्ड नंबर-3 डमटाल, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा को 3.90 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस टीम ने मामले की गहन जांच कर पुख्ता साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने 5 मार्च 2026 को आरोपी संजीव कुमार को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस के अनुसार दोषी संजीव कुमार एक आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ डमटाल और इंदौरा क्षेत्रों में चोरी, मारपीट, अवैध शराब तस्करी और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। नूरपुर पुलिस का कहना है कि इस सजा से क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों को कड़ा संदेश गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस के साथ साझा करें। अपराधियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए हिमाचल पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
तहसील खुंडियां के गांव बलाहड़ की कौशल्या देवी का सेना सहारा बनी। फरवरी 1972 में उनके माता-पिता ने उनका विवाह किया था। कुछ समय तक सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में उनके पति की नौकरी चली गई और परिवार का गुजारा मेहनत-मजदूरी से होने लगा। दिसंबर 2009 में अचानक उनके पति का निधन हो गया, जिसके बाद कौशल्या देवी अपने माता-पिता पर निर्भर हो गईं। कोरोना काल के दौरान अप्रैल 2020 में उनके पिता लाल सिंह का देहांत हो गया और चार साल बाद जून 2024 में उनकी माता विद्या देवी भी चल बसीं। इससे कौशल्या देवी पूरी तरह अकेली रह गईं और आर्थिक संकट का सामना करने लगीं। पूर्व सैनिक लीग खुंडियां के चेयरमैन एवं समाजसेवी रिटायर्ड कर्नल एम.एस. राणा ने बताया कि जुलाई 2024 में डीएससी रिकॉर्ड के माध्यम से कौशल्या देवी की डिपेंडेंट पेंशन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई थी। रिकॉर्ड में उनकी जन्म तिथि और सिविल दस्तावेजों में अंतर पाया गया, जिसे ठीक करवाने में लगभग एक वर्ष का समय लगा। सितंबर 2025 में पूर्व सैनिक लीग खुंडियां की टीम ने सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर जिला सैनिक कल्याण विभाग धर्मशाला के माध्यम से रिकॉर्ड कार्यालय भेजे। इसके बाद सेना की ओर से कौशल्या देवी को लगभग 18 हजार रुपये की मासिक डिपेंडेंट पेंशन स्वीकृत कर दी गई, जिससे उन्हें आर्थिक सहारा मिला है। कौशल्या देवी ने इस सहयोग के लिए भारतीय सेना, जिला सैनिक कल्याण विभाग धर्मशाला के डिप्टी डायरेक्टर कर्नल गोपाल सिंह गुलेरिया तथा पूर्व सैनिक लीग खुंडियां की टीम—कर्नल एम.एस. राणा, कैप्टन कर्म सिंह, कैप्टन कश्मीर सिंह, सूबेदार मेजर माधो राम, सूबेदार मेजर रणबीर सिंह और नायब सूबेदार अमर सिंह—का निस्वार्थ सेवा के लिए आभार व्यक्त किया है। कर्नल राणा ने बताया कि ऐसे मामलों में उन्हीं बेटियों को डिपेंडेंट पेंशन मिलती है जिनके परिवार की मासिक आय नौ हजार रुपये से कम हो और जो अन्य निर्धारित शर्तों को भी पूरा करती हों। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक लीग खुंडियां सैन्य परिवारों के कार्यों में मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहती है और खुंडियां के अलावा बाहरी क्षेत्रों के परिवार भी यहां से अपने कार्य करवाने आते हैं।
पठानकोट से संबंध रखने वाले युवा इशित महाजन ने मुंबई में पंजाब का नाम रोशन किया है। उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में राष्ट्रीय स्तर की डिजाइनिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इशित के पिता रॉकी एक टेलर हैं और पठानकोट में रॉकी स्टूडियो नाम से टेलरिंग की दुकान चलाते है, जबकि इशित एटलस स्किल टेक युनिवर्सिटी मुंबई में फैशन डिजाइनिंग के छात्र हैं और भारत भर से फैशन डिजाइनिंग में 10 हजार डिजाइनर में से पहले उसने टॉप 16 में जगह बनाई और अब प्रथम स्थान प्राप्त कर न केवल पठानकोट बल्कि पूरे पंजाब का नाम मुंबई में चमकाया है। उन्होंने लिवा प्रोटेज विनर का खिताब अपने नाम किया है।
बाबा कांशी राम राजकीय महाविद्यालय डाडासीबा के करियर एवं मार्गदर्शन प्रकोष्ठ द्वारा करियर पॉइंट अकादमी डाडासीबा के सहयोग से महाविद्यालय परिसर में एक विशेष करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम प्रभारी डॉ. राम पाल द्वारा स्वागत भाषण के साथ किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहने तथा समय का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रजनी संख्यान ने अपने संबोधन में छात्र जीवन में करियर के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में सही मार्गदर्शन, निरंतर परिश्रम और उचित रणनीति के माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संसाधन व्यक्ति मनोज कुमार, निदेशक-सह-स्वामी, करियर पॉइंट अकादमी डाडासीबा ने करियर के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति तथा समय प्रबंधन के महत्व पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। विद्यार्थियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राम पाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रोफेसर दविंदर सिंह, प्रोफेसर खेम चंद, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष अंजना देवी तथा अधीक्षक ग्रेड–II कुंता देवी सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
हरिपुर में 27 फरवरी को सुबह 09:00 बजे से सायं कार्य समाप्त होने तक 11 के.वी. दौलतपुर फीडर के जरूरी रखरखाव हेतु फीडर के अंतर्गत आने वाले गांवों जोकि दौलतपुर, तकीपुर, जलाडी, कुल्थी, धमेड, जन्यांकड़, घट्टा, जतेहर, चौंदा, कोपर लाहड, टल्ला, तर्खानकर, रसूह तथा फर्ना आदि की विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियंता आदित्य सूद ने दी। साथ ही धीरा में भी विद्युत उपमंडल डरोह के अंतर्गत आने वाले विद्युत अनुभाग कार्यालय धीरा की 11 के.वी. काहनफट फीडर की नई 11 के. वी. लाइन के दूसरे चरण का कार्य आरंभ किए जाने के कारण भदरोल, काहनफट, पनयाली, लाहरु आदि गांवों में 27 फरवरी को सुबह 9:30 बजे से लेकर कार्य समाप्ति तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक अभियन्ता सुभाष कुमार ने दी।
भारतीय मजदूर संघ हिमाचल प्रदेश इकाई ने विभिन्न मजदूर संगठनों के साथ नूरपुर, व फतेहपुर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने फतेहपुर सब्जी मंडी से हाड़ा बाजार होते हुए फतेहपुर बाजार तक रैली निकाली और तहसीलदार फतेहपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। वहीं नूरपुर में जिला मजदूर संघ प्रधान पुरुषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में मजदूरों नें विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर जोरदार हल्ला बोला और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर रोष जताया। मंजदूर संगठन ने मुख्यमंत्री हिमाचल ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को एस डी एम नूरपुर के माध्यम से 24 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए कर्मचारियों तथा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग उठाई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि एक माह के भीतर मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश भर में जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघ पदाधिकारियों के अनुसार 20–21 दिसंबर 2025 को ऊना और मेहतपुर में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कर्मचारियों व श्रमिकों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। ज्ञापन में असंगठित क्षेत्र एवं योजना कर्मियों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने, सभी कर्मचारियों को EPF, ESI और HRA का लाभ देने तथा HRA की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। इसके अलावा आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मिड-डे मील कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने तथा 5 लाख रुपये ग्रेच्युटी देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। संघ ने राज्य कर्मचारियों के लंबित एरियर और महंगाई भत्ते की किस्तें जारी करने तथा सातवें वेतनमान के लाभ सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही कर्मचारियों के हित में समान वेतन नीति लागू करने और विभिन्न विभागों में लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने पर भी जोर दिया गया। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, जिनका शीघ्र समाधान आवश्यक है। संघ ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया है। इसके अतिरिक्त परिवहन कर्मचारियों की समस्याओं को उठाते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान, समय पर वेतन भुगतान तथा वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग की गई है। ज्ञापन में विभागवार मांगें भी शामिल हैं, जिनमें पदोन्नति प्रक्रियाओं में तेजी, आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करना, पंचायत चौकीदारों व टेलरिंग टीचरों को नियमित करना तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन व मेडिकल बिलों का समय पर भुगतान करना प्रमुख है। संघ ने कहा कि मांगों पर जल्द निर्णय न होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार की उपस्थिति में आज ज्वाली में इलेक्ट्रिक बस का सफल ट्रायल रन किया गया। इस अवसर पर एसडीएम नरेंद्र जरियाल, एचआरटीसी के डीएम पंकज चड्डा, आरएम विजय चौधरी,अन्य विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि इनके संचालन खर्च भी पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में कम होते हैं। उन्होंने बताया कि इन बसों के संचालन से यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित एवं सुगम सफर की सुविधा मिलेगी। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित ये बसें सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार द्वारा और अधिक इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी, जिन्हें प्रदेश के अंतरराज्यीय रूटों पर चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को सुविधाजनक एवं पर्यावरण हितैषी परिवहन उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हरित ऊर्जा और सतत विकास को प्राथमिकता दे रही है तथा सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण हितैषी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
विधानसभा क्षेत्र ज्वालामुखी के अंतर्गत अंब पठियार स्थित राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी पंडित सुशील रत्न राजकीय महाविद्यालय ज्वालामुखी किए जाने के मामले में सवाल उठना शुरू हो गए हैं। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर एक नोटिस भी वायरल हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रणजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने नोटिस के माध्यम से वर्ष 1905 से 1947 तक पंडित सुशील रत्न के योगदान संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या महाविद्यालय में कोई लाइब्रेरी या रिकॉर्ड उपलब्ध है, जहां उनके सम्मान और उपाधियों का उल्लेख हो। यदि गलत तथ्यों के आधार पर कॉलेज का नामकरण किया गया है तो यह गंभीर विषय है। वहीं, पंचायत की वर्तमान प्रधान सुमन लता ने कहा कि पंचायत को इस संबंध में पूर्व सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान घोषणा की गई थी, जिसके बाद नामकरण किया गया। उधर, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन भारद्वाज ने इसे किसी की शरारत करार दिया है। उनका कहना है कि सभी औपचारिकताएं और सरकारी नोटिफिकेशन पूरे होने के बाद ही नामकरण किया गया है। इस मामले में विधायक संजय रत्न ने कहा कि ऐसा कोई भी नोटिस उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। पिता ने देश के लिए अपना बलिदान ओर योगदान दिया है। कॉलेज का नाम सरकार की ओर से रखा गया है। नोटिस का कोई औचित्य ही नहीं है। देश में हजारों ऐसे संस्थान है, जहां बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के ऊपर कॉलेज स्कूलों के नाम रखे गए हैं।
पुलिस ट्रेनिंग काॅलेज डरोह में प्रशिक्षण ले रही प्रशिक्षु महिला कांस्टेबल को अश्लील मैसेज भेजने के आरोप में इसी संस्थान में तैनात हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक डीआईजी उत्तरी रेंज सौम्या सांबशिवन ने तत्काल प्रभाव से हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की और विभागीय जांच के आदेश जारी किए। सूत्रों के अनुसार महिला कांस्टेबल ने पांच दिन पहले डीआईजी नॉर्थ रेंज को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि हेड कांस्टेबल की ओर से उसे व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक और अश्लील मैसेज भेजे जा रहे हैं। शिकायत में स्क्रीन शॉट और डिजिटल साक्ष्यों का भी उल्लेख बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में आरोप गंभीर पाए जाने पर हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या हेड कांस्टेबल ने अपने पद का दुरुपयोग किया और क्या आईटी एक्ट तथा अन्य प्रासंगिक धाराएं लागू होती हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि डिजिटल माध्यम से होने वाले उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस विभाग में प्रशिक्षण के लिए आई युवती के याैन उत्पीड़न की शिकायत पर डीआईजी सौम्या सांबशिवन ने जो संवेदनशीलता दिखाई है, वह काबिलेतारीफ है। उम्मीद है कि मामले की सही जांच कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।
जोगिंदरनगर नेरोगेज रेल लाइन के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लगभग तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चक्की रेलवे का नवनिर्मित पुल पूरी तरह तैयार हो गया है। करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस आधुनिक और सुदृढ़ पुल का यातायात नियंत्रण कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस), नॉर्दर्न सर्कल दिनेश देसवाल ने रेल डिवीजन जम्मू के डिवीजनल मैनेजर विबेक सहित तकनीकी टीम के साथ गहन निरीक्षण किया और इसे संचालन के लिए हरी झंडी दे दी। निरीक्षण के दौरान सीआरएस दिनेश देसवाल ने पुल की संरचनात्मक मजबूती, ट्रैक फिटिंग, लोड क्षमता, सुरक्षा उपकरणों और अन्य सभी तकनीकी मानकों की बारीकी से जांच की। उन्होंने निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता वाला बताते हुए रेलवे इंजीनियरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चक्की रेल ब्रिज पूरी मजबूती से बनाया गया है तथा शेष औपचारिकताएं पूरी होते ही इस रूट पर रेल संचालन शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में आई भारी बारिश और चक्की खड्ड में आए तेज बहाव ने पुराने रेलवे पुल को क्षतिग्रस्त कर बहा दिया था, जिससे पंजाब के पठानकोट से कांगड़ा घाटी तक का रेल संपर्क पूरी तरह टूट गया था। लगभग तीन वर्षों तक नेरोगेज रेल सेवा बंद रहने से हजारों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार और पर्यटन उद्योग को भी बड़ा झटका लगा। सीआरएस की मंजूरी के बाद अब पठानकोट–कांगड़ा–बैजनाथ नेरोगेज रेल लाइन पर ट्रेनों के संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही रेल सेवा बहाल कर दी जाएगी। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि कांगड़ा घाटी में फिर से रेल की सीटी गूंजेगी, जिससे आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, रोजगार व स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
जिला कांगड़ा के राजकीय मांडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल फतेहपुर के बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले ऑटोमोबाइल विषय के छात्र लक्ष्मण ने कबाड़ और पुराने वाहनों के पार्ट्स से एक अनोखा वर्किंग मॉडल तैयार कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यह उपकरण ट्रैक्टर की तरह दिखता भी है और चलता भी है। खास बात यह है कि यह पेट्रोल से संचालित होता है और पूरी तरह कार्यशील है। सीमित संसाधनों के बावजूद छात्र ने अपनी तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच का बेहतरीन परिचय दिया है। लक्ष्मण ने पुराने इंजन पार्ट्स, बेकार पड़ी धातु सामग्री और अन्य अनुपयोगी ऑटो पार्ट्स को एकत्र कर उन्हें नई संरचना में ढालते हुए यह मॉडल तैयार किया। उनका कहना है कि यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और प्रयोग का अवसर मिले तो वे कबाड़ से भी उपयोगी और नवाचारी उपकरण बना सकते हैं। यह प्रयास ‘वेस्ट टू बेस्ट’ की अवधारणा को साकार करता है और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है। ऑटोमोबाइल के शिक्षक रविंद्र सिंह ने बताया कि छात्र ने अपनी मेहनत और लगन से इस मॉडल को तैयार किया है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। वहीं शिक्षक प्रमोद सिंह ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि व्यावसायिक शिक्षा स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के लिए सार्थक सिद्ध हो रही है। पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थी व्यावहारिक रूप से भी सक्षम बन रहे हैं। विद्यालय स्टाफ एवं शिक्षक युद्धबीर, नरदेव सिंह, पंकज, नीतू शर्मा, मनजीत कौर और पूजा चौधरी ने भी छात्र की इस उपलब्धि की सराहना की। क्षेत्रवासियों ने लक्ष्मण के प्रयास को सराहा और उम्मीद जताई कि भविष्य में वह अपने क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, इंदौरा के विद्यार्थियों ने “युवा चेंज मेकर्स” नेतृत्व विकास कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह कार्यक्रम हमीरपुर के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम का शुभारंभ जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में किया गया, जबकि पंजीकरण प्रक्रिया 25 जनवरी 2026 से आरंभ हुई। एक वर्ष की इस फेलोशिप का उद्देश्य युवाओं को राजनीतिक समझ, सुशासन की दक्षता तथा सामाजिक संवेदनशीलता से युक्त नेतृत्व के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम के विभिन्न चरणों के उपरांत 40 से 50 युवाओं का चयन किया जाएगा, जिनमें से अंतिम चरण में 17 से 21 “चेंज मेकर्स” चुने जाएंगे। चयनित प्रतिभागी सीधे सांसद के साथ क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं पर कार्य करेंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 21 युवाओं को ₹1,21,000 की प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव ग्रांट) प्रदान की जाएगी। इस पहल के अंतर्गत कॉलेज के विद्यार्थियों ने युवाओं का ऑनलाइन पंजीकरण एवं नामांकन भी करवाया। छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अधिक से अधिक युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं के लिए सार्वजनिक जीवन में प्रवेश का एक सशक्त एवं संरचित मंच सिद्ध होगा, जिससे वे अपनी नेतृत्व क्षमता का विकास कर समाज और राज्य के समग्र विकास में सक्रिय योगदान दे सकेंगे। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होते हैं। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यदि प्रत्येक सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र में इस प्रकार की पहल करे, तो प्रत्येक क्षेत्र की प्रगति देश की समग्र उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।
मिनर्वा कॉलेज ऑफ़ फार्मेसी, इंदौरा के बी.फार्मेसी छठे सत्र के छात्रों के लिए एक दिवसीय औद्योगिक दौरे का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों ने अमृतसर में स्थित एकअग्रणी फार्मास्युटिकल कंपनी एस्पेन लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड का दौरा किया, जिस से उन्हें वास्तविक औद्योगिक वातावरण तथा दवा निर्माण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। इस औद्योगिक भ्रमण में कॉलेज के दो प्राध्यापक मिस्टर अजय शर्मा व मिस कोमल कश्यप भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्रों ने विभिन्न विभागों का अवलोकन किया तथा उद्योग विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को फार्मास्युटिकल उद्योग की कार्यप्रणाली, नवीनतम तकनीकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। छात्रों ने कंपनी के विभिन्न विभागों जैसे उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और उन्नत उपकरण संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। औद्योगिक दौरे के दौरान, छात्रों को वास्तविक जीवन की औद्योगिक प्रक्रियाओं को नज़दीक से देखने का अवसर मिला, जिस से उनके शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़ा जा सका। कॉलेज प्रबंधक इंजीनियर जे.एस.पटियाल का मानना है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस प्रकार के औद्योगिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं, इसलिए संस्थान हमेशा ऐसे आयोजनों के लिए तत्पर रहता है। मिनर्वा ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस के डीन अकादमिक प्रोफेसर बी.डी.शर्मा का कहना है कि ऐसे दौरे छात्रों के लिए भविष्य के करियर हेतु भी महत्वपूर्ण सीख प्रदान करते हैं, और यह उनकी औद्योगिक समझ तथा व्यावसायिक कौशलों को निखारने में सहायक होते हैं। कॉलेज प्राचार्य डॉ. कपिल कुमार वर्मा का कहना है कि औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में एक सक्षम और जिम्मेदार फार्मासिस्ट बन सकें।
ऑनलाइन साइबर ठगी के मामलों में नूरपुर पुलिस ने सफलता हासिल की है। जिला नूरपुर में वर्ष 2023 एवं 2024 के दौरान पुलिस थाना नूरपुर में ऑनलाइन साइबर ठगी के दो मामले दर्ज हुए थे। जिसमें पहला मामला 23.03.2023 को IPC की धारा 420 के तहत शिकायतकर्ता हरबंस सिंह निवासी तहसील फतेहपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से 03 लाख रुपये की ठगी के आरोप में दर्ज किया गया था। वहीं दूसरा मामला 18.01.2024 को IPC की धारा 420 के तहत शिकायतकर्ता शिमला देवी निवासी तहसील नूरपुर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) से अज्ञात आरोपियों द्वारा फोन कॉल के माध्यम से कुल 3,20,000/- रुपये गूगल पे के माध्यम से ठगने के आरोप में दर्ज किए गए थे। दोनों मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जिला नूरपुर द्वारा विशेष रणनीति के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल ट्रैकिंग, बैंक लेन-देन की जांच तथा अन्य राज्यों में दबिश देकर लगातार कार्रवाई की। टीम के सतत प्रयासों से पहले मामले में शिकायतकर्ता हरबंस सिंह को 03 लाख रुपये वापस दिलाने में सफलता प्राप्त हुई है। दूसरे मामले में जांच के दौरान पुलिस टीम जब आरोपी की गिरफ्तारी हेतु बिहार पहुंची तो मुख्य आरोपी महाबीर कुमार निवासी पश्चिम चंपारण, बिहार वहां से फरार होकर गुजरात भाग गया। पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए आरोपी को सूरत (गुजरात) से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है तथा इन मामलों में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
बिक्रम ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही और वित्तीय कुप्रबंधन ने हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को गंभीर संकट में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि पहले बड़े-बड़े मंचों से घोषणा की गई थी कि आधुनिक रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा आम लोगों को राहत देने के लिए लाई जाएगी और इसे हिमकेयर के दायरे में शामिल किया जाएगा, लेकिन आज स्थिति यह है कि न केवल रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ा दी गई है बल्कि सामान्य उपचार भी महंगा कर दिया गया है। यह सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात है, जिनके लिए ये योजनाएं जीवनरेखा मानी जाती थीं। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि सरकार एक ओर मुफ्त इलाज का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी ओर आयुष्मान भारत और हिमकेयर के तहत अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा। करोड़ों रुपये की देनदारी लंबित होने के कारण कई अस्पताल योजनाओं के मरीजों को भर्ती करने से बच रहे हैं या फिर आधा-अधूरा इलाज कर उन्हें बाहर से दवाइयां और इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार की प्रशासनिक विफलता और आर्थिक कंगाली का परिणाम है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई अस्पतालों में कैंसर, हृदय रोग, किडनी और अन्य गंभीर बीमारियों की जीवनरक्षक दवाइयों की भारी कमी बनी हुई है। मरीजों को हजारों रुपये के इंजेक्शन और जरूरी दवाइयां निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं। गरीब परिवार, जो इन योजनाओं के सहारे इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, उन्हें निराशा हाथ लग रही है। कई मामलों में ऑपरेशन टल रहे हैं, जांचें बाहर करवानी पड़ रही हैं और मरीज आर्थिक व मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में साफ अंतर दिखाई दे रहा है। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील व्यवस्था के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। जब सरकार ने खुद रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा का प्रचार किया, तो उसे यह भी सुनिश्चित करना चाहिए था कि उसका लाभ गरीबों तक पहुंचे। लेकिन अब फीस बढ़ाकर इसे आम आदमी की पहुंच से बाहर कर दिया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है और उसे न तो मरीजों की चिंता है और न ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की कोई ठोस योजना। उन्होंने मांग की कि हिमकेयर और आयुष्मान के तहत लंबित सभी भुगतान तुरंत जारी किए जाएं, अस्पतालों में आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और रोबोटिक सर्जरी की बढ़ी हुई फीस को तुरंत वापस लिया जाए। यदि सरकार ने शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो भाजपा इस जनविरोधी नीति के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार को अपनी विफलताओं का जवाब देना ही होगा।
सीएसआईआर-आईएचबीटी (CSIR-IHBT), पालमपुर के वैज्ञानिकों के दल ने 'सीएसआईआर स्मार्ट विलेज मिशन मोड प्रोजेक्ट' के तहत 8 से 10 फरवरी, 2026 तक केंद्रपाड़ा (ओडिशा) के कुसुनपुर गाँव का दौरा किया। यह पहल प्रधानमंत्री के "विकसित भारत" के दृष्टिकोण के अनुरूप है। इस दौरे के दौरान, टीम ने आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने और तकनीकी प्रसार की रणनीतिक संभावनाओं की पहचान करने के लिए ग्रामीणों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायत अधिकारियों, 'नेचर्स क्लब' के सदस्यों, शिक्षकों और छात्रों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में सीएसआईआर-आईएचबीटी की परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों पर तकनीकी व्याख्यान और प्रदर्शनी-सह-प्रदर्शन भी आयोजित किए गए। स्थानीय स्तर पर इन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए, टीम ने समुदाय को उच्च गुणवत्ता वाले फूलों के बीज और पोषण से भरपूर खाद्य उत्पाद वितरित किए। चर्चाओं से यह निष्कर्ष निकला कि व्यावसायिक पुष्पकृषि, शुष्क पुष्प तकनीक, मधुमक्खी पालन और स्थानीय जैव-संसाधनों का मूल्यवर्धन, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा, टीम ने महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए वैज्ञानिक हस्तक्षेपों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम का समापन किसानों के लिए उठी हुई नर्सरी क्यारी तैयार करने के व्यावहारिक प्रदर्शन के साथ हुआ।
देहरा क्षेत्र में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय देहरा को अवैध खनन के संबंध में एक शिकायत भाजपा नेता डॉ. सुकृत सागर नाम से प्राप्त हुई। उक्त शिकायत के आधार पर मामले को आगे थाना हरिपुर को मार्क भी कर दिया गया। इसी प्रकार की एक शिकायत माइनिंग विभाग को भी भेजी गई, जिसे संबंधित अधिकारियों ने बिना सत्यापन के अग्रेषित कर दिया। मामले ने तब तूल पकड़ा जब डॉ. सुकृत सागर ने स्पष्ट किया कि उक्त शिकायतें उन्होंने नहीं भेजी हैं और इन पत्रों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। उन्होंने इसे उनके नाम का दुरुपयोग बताते हुए गंभीर आपत्ति जताई। डॉ. सुकृत सागर ने कहा कि यह उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की सुनियोजित साजिश है। उन्होंने कहा, “मेरे खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की घटनाएं राजनीति में गिरते स्तर को दर्शाती हैं, जहां जनसेवा और मुद्दों की बहस के बजाय व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मेरे नाम से झूठी शिकायतें भेजना एक धोखाधड़ीपूर्ण कृत्य है, जिसका उद्देश्य मेरी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। लेकिन मैं ऐसी साजिशों और रंजिशों से डरने वाला नहीं हूं।” डॉ. सुकृत सागर ने इस संबंध में थाना हरिपुर में औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई है और अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
डाडा सीबा क्षेत्र के अंतर्गत आरा चौक स्थित खतरनाक यू-टर्न मोड़ पर रविवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 6:30 बजे के करीब संसारपुर टैरस से बाया जौड़बड होते हुए हमीरपुर की ओर जा रही बेकरी के सामान से लदी एक पिकअप गाड़ी मोड़ पर अनियंत्रित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही पिकअप आरा चौक के तीखे मोड़ पर पहुंची, चालक ने ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन ब्रेक सही तरीके से काम न करने के कारण वाहन मोड़ नहीं काट सका और सड़क से नीचे उतराई वाले कच्चे रास्ते की ओर चला गया। गाड़ी पास के मकानों के नजदीक पत्थरों से टकराकर रुक गई। गनीमत यह रही कि उस समय सामने से कोई अन्य वाहन नहीं आ रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। चालक ने बताया कि अचानक ब्रेक कम लगने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया। इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि वाहन को आंशिक क्षति पहुंची है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आरा चौक का यह यू-टर्न पहले भी कई दुर्घटनाओं का कारण बन चुका है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इस खतरनाक मोड़ पर चेतावनी संकेतक बोर्ड, स्पीड ब्रेकर और क्रैश बैरियर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में सोसाइटी ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन & रिसर्च द्वारा आयोजित 15वें वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी में लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी के छात्र ने शानदार सफलता हासिल की। सम्मेलन के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मोनिका गुलाटी डॉ. जी डी. गुप्ता तथा डॉ. उपेंद्र नगीच उपस्थित रहे। इस सम्मेलन में पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में कुल 138 प्रतिभागियों ने भाग लिया। लॉरेट इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी के एम. फार्मेसी (फार्मास्यूटिक्स) के छात्र अभिषेक शर्मा ने अपने उत्कृष्ट शोध कार्य के माध्यम से पोस्टर प्रेजेंटेशन में द्वितीय स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि पर संस्थान के प्रबंधक एवं निदेशक डॉ. रण सिंह तथा प्राचार्य एवं निदेशक डॉ. एम. एस. अशावत ने छात्र को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। फार्मास्यूटिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय पंडित ने भी अभिषेक शर्मा को उनकी सफलता पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके अतिरिक्त, संस्थान से एम. फार्मेसी के 25 तथा फार्म.डी. के 30 विद्यार्थियों ने भी इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए। डॉ तरुण डॉ स्वाति सहायक प्रोफेसर केशव भी इस कांफ्रेंस मैं मौजूद रहे।
धर्मशाला के दाडी फीडर में 21 फरवरी को बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। यह जानकारी विद्युत उपमंडल नंबर-2 के सहायक अभियंता रमेश चंद ने दी है उन्होंने बताया कि विद्युत लाइनों के सामान्य रखरखाव कार्य के चलते 11 केवी दरी फीडर से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। उन्होंने बताया कि पासू, भाटेड़, पंतेहड़, शीला चौक, शीला तथा आसपास के क्षेत्रों में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक अथवा कार्य पूर्ण होने तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मौसम खराब रहता है तो निर्धारित शटडाउन अगले दिन किया जाएगा। सहायक अभियंता ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि रखरखाव कार्य सुचारु रूप से संपन्न करने के लिए उपभोक्ता निर्धारित समय के दौरान आवश्यक प्रबंध कर लें।
कालेश्वर इलेवन टीम ने बाबा ब्लोटू क्रिकेट टूर्नामेंट सीज़न 2 का फाइनल मुकाबला जीता। यह क्रिकेट मैच नलसुहा वॉरियर्स और कालेश्वर इलेवन के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में कालेश्वर इलेवन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम कालेश्वर इलेवन को 11,000 रुपये की नकद राशि और बड़ी ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। साथ ही टीम के सभी खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। उपविजेता नलसुहा वॉरियर्स को 7,100 रुपये की धनराशि और ट्रॉफी प्रदान की गई। इस टूर्नामेंट का आयोजन नलसुहा के युवाओं ने मिलकर नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया था। टूर्नामेंट में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर में एचआर इंडस्ट्रीज 21 फरवरी, 2026 को कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से युवकों का चयन स्थायी नौकरी के लिए करेगी। यह जानकारी देते हुए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर के प्रधानाचार्य ने बताया कि यह कंपनी कैंपस साक्षात्कार के माध्यम से 18 से 30 वर्ष तक के 100 अभ्यर्थियों का चयन नौकरी के लिए करेगी। वहीं संस्थान के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी ने बताया कि इस कैंपस साक्षात्कार में वे सभी युवक-युवतियाँ भाग ले सकते हैं जिन्होंने मशीनिस्ट, फिटर, वेल्डर, टर्नर, टूल एंड डाई मार्कर, ग्राइंडर, एलेक्ट्रोप्लेटिंग, इलेक्ट्रिकल तथा अन्य ट्रेड में आईटीआई की हो तथा जिनका उत्तीर्ण वर्ष 2020 से 2025 तक का है। कैंपस साक्षात्कार वाले दिन पर्सनल इंटरव्यू तथा मेडिकल चेक-अप के बाद कंपनी के अधिकारियों द्वारा अंतिम चयन किया जाएगा। कंपनी द्वारा चयनित होने पर अभ्यर्थियों को मासिक ₹18,697/- वेतन दिया जाएगा। ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 21 फरवरी, 2026 को सुबह 10:00 बजे अपने साथ 10वीं, 10+2, आईटीआई प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट साइज फोटो तथा इन सभी की फोटोस्टेट प्रतियां लेकर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नेहरनपुखर, जिला कांगड़ा (हि.प्र.) में पधारें तथा इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएँ।
उत्तम संकल्प एजुकेशन लिमिटेड ने दो दिवसीय मेगा स्कूल किट वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन ट्रस्ट की उपाध्यक्ष सलोचना देवी के कुशल नेतृत्व में दिनांक 16 एवं 17 फरवरी 2026 को किया गया था। इस सामाजिक पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना था। कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 450 से अधिक स्कूल किट (स्कूल बैग, कॉपियाँ, पेंसिल, शार्पनर एवं रबर) का वितरण लगभग 10 प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को किया गया। यह वितरण कार्यक्रम बेहर, बस्सी, थेडू, जम्बल, कनोल, चपलाह तथा तियामल स्थित विद्यालयों में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम समन्वयक सीए मस्तान सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराते हुए उन्हें ज्ञानार्जन एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर ट्रस्ट की उपाध्यक्ष सलोचना देवी ने अपने संदेश में कहा कि,“शिक्षा ही वह आधार है जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल न केवल विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा भी तय करती है।” इस आयोजन को सफल बनाने में जसवंत सिंह, शेली राजपूत, महेश जांगड़ा, राजन तथा अन्य सहयोगी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम के सामूहिक प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालयों के शिक्षकों एवं स्टाफ ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं सराहनीय कदम बताया।
गरली में स्थित लोटस इंटरनेशनल कॉन्वेंट स्कूल के पांच छात्रों ने जेईई मेन परीक्षा पास की है। शबस्तिक शर्मा, रितुल वशिष्ठ, आयुष ठाकुर, कार्तिक और आयुष ने जेईई मेन परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विद्यालय के निदेशक अश्विनी कुमार, सचिव गुरपाल सिंह पठानिया तथा प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने सभी विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को जाता है। प्रधानाचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि ये पांचों विद्यार्थी अब जेईई एडवांस परीक्षा में भी शामिल होंगे और उसके परिणाम के आधार पर उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा।
जिला पुलिस नूरपुर द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के अंतर्गत दिनांक आज यानि 16.02.2026 को पुलिस चौकी सदवां क्षेत्र में नशा तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई। नाकाबंदी एवं वाहन चेकिंग के दौरान समय करीब 05:15 बजे सदवां चौक पर एक मोटरसाइकिल नंबर HP-48B-6260 (Honda Shine) को जांच हेतु रोका गया। पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल पर सवार दोनों व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया, जिन्हें मौके पर काबू किया गया। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार एक व्यक्ति के पिट्ठू बैग से 717 ग्राम चरस/कैनाबिस बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थ तथा मोटरसाइकिल को पुलिस के कब्जे में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लाल हुसैन पुत्र नेक मोहम्मद निवासी गांव मलेठी, डाकघर सिलाघराट, जिला चम्बा, उम्र 20 वर्ष तथा मोहम्मद शरीफ पुत्र मूसा निवासी गांव भलू, डाकघर सिलाघराट, जिला चम्बा, उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई। इस संबंध में थाना नूरपुर में FIR नंबर 47/2026 दिनांक 16.02.2026 के तहत धारा 20, 25 व 29 ND&PS एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगामी जांच जारी है।
हिमाचल प्रदेश में नवाचार आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स (टीजीआई), ढलियारा, कांगड़ा में विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट, हरियाणा के सहयोग से एक आधुनिक मेमोरी लैब औपचारिक रूप से स्थापित की गई है। यह पहल क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए मस्तिष्क-आधारित शिक्षण प्रणाली और वैज्ञानिक संज्ञानात्मक प्रशिक्षण पद्धतियों को लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। यह मेमोरी लैब विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति, एकाग्रता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, निर्णय क्षमता तथा समग्र शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें संरचित मनोवैज्ञानिक आकलन उपकरण, माइंडफुलनेस अभ्यास तथा आधुनिक न्यूरो-लर्निंग तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यह परियोजना देश में कौशल-आधारित शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और वैज्ञानिक शिक्षण पद्धतियों पर बढ़ते राष्ट्रीय फोकस को भी दर्शाती है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. राजेश ठाकुर, प्रबंध निदेशक, ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, डॉ. जीतेंद्र कुमार जांगड़ा, संस्थापक निदेशक, विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट, प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. करण पठानिया, डॉ. बी. एस. चौहान, डॉ. विशाल राणा, तथा टीजीआई के संकाय सदस्यों और शैक्षणिक स्टाफ की उपस्थिति में हुआ। उनकी उपस्थिति ने इस पहल के शैक्षणिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. राजेश ठाकुर ने कहा कि आधुनिक शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों की मानसिक शक्ति, रचनात्मकता और भावनात्मक संतुलन के विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीजीआई में मेमोरी लैब की स्थापना संस्थान की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को उन्नत शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान कर उनका बौद्धिक और व्यक्तिगत विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। डॉ. जीतेंद्र कुमार जांगड़ा ने बताया कि मेमोरी लैब की अवधारणा मनोविज्ञान, न्यूरोसाइंस और व्यवहारिक अध्ययन के वैज्ञानिक शोध पर आधारित है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की क्षमता और मानसिक संरचना अलग होती है, जिसे सही आकलन और प्रशिक्षण द्वारा पहचाना और विकसित किया जा सकता है। यह लैब विद्यार्थियों को ओवरथिंकिंग कम करने, एकाग्रता बढ़ाने तथा मानसिक अनुशासन विकसित करने में सहायता करेगी और शिक्षकों को भी विद्यार्थियों की सीखने की शैली समझने में मदद करेगी। प्रो. करण पठानिया ने इस पहल को भविष्य-दृष्टि वाली शैक्षणिक सुधार पहल बताते हुए कहा कि 21वीं सदी में केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में स्मरण क्षमता, विश्लेषणात्मक सोच, भावनात्मक स्थिरता और संचार कौशल का विकास भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह मेमोरी लैब अनुशासित, आत्मविश्वासी और सक्षम विद्यार्थियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। डॉ. बी. एस. चौहान ने भी मुख्यधारा की शिक्षा में मनोवैज्ञानिक जागरूकता और वैज्ञानिक शिक्षण उपकरणों के समावेश की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थियों के सामने तनाव, ध्यान भंग और सूचना का अत्यधिक दबाव बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिनसे निपटने में इस प्रकार की सुविधाएँ अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी। डॉ. विशाल राणा ने कहा कि यह पहल शिक्षकों के लिए भी उपयोगी है क्योंकि इससे विद्यार्थियों के व्यवहार, सीखने की प्रवृत्तियों और प्रेरणा के स्तर को समझने में सहायता मिलेगी, जिससे कक्षा शिक्षण अधिक प्रभावी और छात्र-केंद्रित बनेगा। कार्यक्रम के दौरान टीजीआई के संकाय सदस्यों ने इस सहयोग का स्वागत किया और मेमोरी लैब गतिविधियों को शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में शामिल करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर मेमोरी लैब के कार्यप्रणाली की झलक भी प्रस्तुत की गई, जिसमें स्मरण शक्ति बढ़ाने के अभ्यास, ध्यान सुधार तकनीक, व्यवहारिक आकलन तथा संज्ञानात्मक प्रशिक्षण सत्र शामिल थे। यह मेमोरी लैब विद्यार्थियों को स्मरण शक्ति और सीखने की गति में सुधार, एकाग्रता बढ़ाना और परीक्षा तनाव कम करना, प्राकृतिक प्रतिभा और योग्यता क्षेत्रों की पहचान, आत्मविश्वास, प्रेरणा और सकारात्मक सोच का विकास, करियर जागरूकता और जीवन कौशल विकास जैसे लाभ प्रदान किए। शिक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि इस प्रकार की लैब देश के प्रगतिशील संस्थानों में तेजी से अपनाई जा रही हैं और यह वैज्ञानिक, कौशल-आधारित तथा मनोवैज्ञानिक रूप से सहायक शिक्षा प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ठाकुर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के प्रबंधन ने क्षेत्र में उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने हेतु निरंतर नवाचार और छात्र-समर्थन पहलों को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मेमोरी लैब की स्थापना को संस्थान के बुनियादी ढांचे में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। विजडम ऑफ माइंड इंस्टीट्यूट ने देशभर के स्कूलों और कॉलेजों को भी इस मिशन से जुड़कर समान मेमोरी लैब स्थापित करने और शिक्षा परिवर्तन अभियान का हिस्सा बनने का आमंत्रण दिया है।
देहरा उपमंडल के चनौर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील वर्कर की दिन-दहाड़े बच्चों के सामने हत्या के विरोध में शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला देहरा द्वारा एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। जिस विद्यालय में बच्चे शिक्षा और सुरक्षा की भावना लेकर आते हैं, वहां इस प्रकार की जघन्य वारदात होना प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। धरने में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। जिला संयोजक भागमल ने कहा कि—“जब विद्यालय परिसर में खुलेआम हत्या हो सकती है तो सरकार की कानून-व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए? बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़े प्रभाव की जिम्मेदारी कौन लेगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और प्रशासन केवल घटना के बाद औपचारिक कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है।
ग्राम पंचायत सुरानी में वीरवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों को हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान वेल्फेयर अधिकारी खुंडिया मुजुल ठाकुर व उनके सहयोगी प्रीतम चन्द ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, एकल नारी योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की पात्रता, लाभ एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में लोगों को अवगत करवाया। उन्होंने पात्र व्यक्तियों से योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर पंचायत सचिव सुरानी उदय सिंह, पंचायत के पूर्व प्रधान बीरबल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने योजनाओं से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं को रखा, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं की सही जानकारी पहुँचाना तथा उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना रहा।
नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत नूरपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 11/12 फरवरी 2026 की मध्य रात्रि को गश्त एवं नाकाबंदी के दौरान भलूण पुल के समीप एक संदिग्ध वाहन स्कार्पियो (HP-01C-3118) की तलाशी ली गई, जिसमें से 200 ग्राम चरस बरामद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश शर्मा उर्फ विक्की निवासी जिला चंबा और अनिल कुमार निवासी जिला चंबा के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध पुलिस थाना नूरपुर में FIR नं. 44/2026 के तहत ND&PS एक्ट में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है।
श्रम कल्याण अधिकारी, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड कांगड़ा ने सूचित किया है कि हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों की ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से 28 फरवरी से पूर्व करवाई जानी है। ई-केवाईसी पूर्ण न करने की स्थिति में श्रमिक बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत किसी भी प्रकार का लाभ प्रदान नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया श्रम कल्याण कार्यालय, देहरा, आंगनबाड़ी कार्यालय के सामने, हरिपुर रोड़ पर नजदीक बस स्टैंड देहरा के कार्यालय में करवाई जा सकती है। उन्होेंने कहा कि सभी श्रमिक ई-केवाईसी करवाते समय अपने साथ कामगार कल्याण बोर्ड की पंजीकरण पुस्तिका अनिवार्य रूप से लेकर आए।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल ज्वालामुखी में विज्ञान एवं गणित से संबधित विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। सीनियर सेकेंडरी विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में अवनी का मॉडल प्रथम, सौरभ का द्वितीय, सुजल का तृतीय रहा। साइंस क्विज में सौरभ और अवनी ने प्रथम, महक और अक्षित ने द्वितीय, अभिषेक और आकृति ने तृतीय स्थान हासिल किया। मैथ्स ओलिंपियाड में पायल और सौरभ ने प्रथम, अक्षित और अभिषेक ने द्वितीय, हिमांशु और अक्षरा दोहर ने तृतीय स्थान हासिल किया। सीनियर वर्ग में विज्ञान मॉडल में इशांत का मॉडल प्रथम, हर्ष का द्वितीय और लखन का तृतीय रहा। मैथ्स ओलिंपियाड में हर्ष और इशांत ने प्रथम, अनवर और अर्जुन द्वितीय, आदित्य और लखन ने तृतीय स्थान हासिल किया। स्कूल के कार्यवाहक प्रधानाचार्य यशपाल नरोत्रा ने बच्चों को ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने का आह्वान किया जिससे उनकी विज्ञान एवं गणित के प्रति रुचि बढ़े। इस मौके पर राष्ट्रीय आविष्कार अभियान की प्रभारी सुखदा सूद प्रवक्ता गणित, रजनीश शर्मा प्रवक्ता रसायन विज्ञान, सुरजीत कुमार प्रवक्ता भौतिकी, अंकिता शर्मा प्रवक्ता जीव विज्ञान, प्रिया गुलेरिया टी जी टी विज्ञान, शशि पाल टी जी टी विज्ञान एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत नूरपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रमन कुमार निवासी डसौली (जवाली) व राशी निवासी पालमपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर हर्नोटा–डसौली रोड़ पर तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 212 ग्राम चरस बरामद की गई। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार महिला राशि डसौली में डील अनुसार रमन कुमार पुत्र विनोद कुमार को चरस की सप्लाई देने आई थी। पुलिस को इसकी गुप्त सूचना मिली थी जैसे ही महिला राशि ने डसौली में रमन कुमार को चरस की खेप दी तो पुलिस ने उन दोनों को रंगे हाथों धर दबोचा। इस संबंध में CASE FIR No. 27/2026 दिनांक 09.02.2026 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध धारा 20 एनडीपीएस अधिनियम के तहत पुलिस थाना ज्वाली में मामला दर्ज कर लिया है। एएसपी नूरपुर धर्म चंद वर्मा ने बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर डसौली में एक महिला राशि निवासी पालमपुर व पुरुष रमन कुमार को 212 ग्राम चरस के साथ पकड़ा है। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है तथा आगामी कार्रवाई जारी है।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में अध्ययनरत 1 शोधछात्रा व 7 पूर्व छात्रों ने एन.टी.ए. द्वारा विगत दिसम्बर माह में आयोजित हुई राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में सफलता हासिल की है। उक्त जानकारी देते हुए परिसर निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी व बी.एड.(शिक्षाशास्त्री) विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यदेव ने बताया कि जे.आर.एफ. की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले छात्रों में साहित्य विभाग में शोधरत छात्रा निशा देवी, पूर्व छात्रा प्रीति, दीपिका कौशल, गौरव अत्री, राहुल व शुभम भारद्वाज शामिल हैं । वहीं नेट परीक्षा में पूर्व छात्र साहिल व रितिका नेगी ने सफलता हासिल की है। सभी छात्रों की सफलता की प्रशंसा एवं उत्साह वर्धन करते हुए परिसर निदेशक प्रोफेसर सत्यम कुमारी व सहायक निदेशक प्रो. मंजूनाथ भट्ट ने कहा कि वेदव्यास परिसर के लिए यह गौरव का क्षण है तथा परिसर में अध्ययनरत अन्य सभी छात्रों के लिए भी यह प्रोत्साहन का विषय है। इससे प्रेरित होकर भविष्य में भी छात्र बढ़चढ़ कर इस प्रकार की विविध राज्यस्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तरीय परीक्षाओं में भाग ग्रहण कर सफलता हासिल कर सकेंगे।
अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस जिला नूरपुर द्वारा खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले 24 घंटों के दौरान पुलिस जिला नूरपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर विशेष चेकिंग अभियान और नाकाबंदी की गई। इस कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में संलिप्त एक जेसीबी मशीन और चार ट्रैक्टरों को पुलिस ने कब्जे में लिया है। इसके अलावा, अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ पांच चालान भी किए गए हैं। नूरपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर के शिक्षाशास्त्रविभाग (बी. एड. विभाग) के पहले व तीसरे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (मुख्यालय) के परीक्षा विभाग द्वारा घोषित कर दिया गया। जिसमें केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के 10 परिसरों में से बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर के बी. एड. विभाग के पहले सेमेस्टर के छात्र गोपालकृष्ण समूचे विश्वविद्यालय में पहले स्थान पर रहे। वहीं वेदव्यास परिसर की ही छात्रा लतीदेवी दूसरे व कंचन शर्मा, सूजल, चंद्रेश कुमारी व पल्लवी चारों छात्र छात्राएं तीसरे स्थान पर रहे। जानकारी देते हुए वेदव्यास परिसर के बी. एड. विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. सत्यदेव ने बताया कि तीसरे सेमेस्टर की छात्रा प्रियांशु, शालिनी, मनालिका, शीतल व यशपाल समूचे विश्वविद्यालय में पहले स्थान पर रहे। वहीं आशिमा कुमारी, कंचन, वेदप्रभा, अंकुर कुमार, आंचल, आशा कुमारी, अरविन कपू व अंशुल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं उन्होंने बताया कि मनोज कुमार, गौरव व विशाली देवी तीसरे स्थान पर रहे। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर की निदेशक प्रो.सत्यमकुमारी व सहनिदेशक प्रो. मंजूनाथ भट्ट के व परिसर के समस्त प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में इन छात्रों ने उत्तम श्रेणी प्राप्त कर वेदव्यास परिसर के साथ-साथ विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।
ज्वालामुखी क्षेत्र में परंपरा, संस्कृति और खेल भावना का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तिहरी रोड़ स्थित धुईया दी बा मैदान में लखदाता पीर छिंज मेले का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन 14 फरवरी को पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ किया जा रहा है। जिसमें की मुख्य अतिथि के रूप में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शिरकत करेंगे। इस भव्य दंगल मेले में भारत के विभिन्न राज्यों से नामचीन और अनुभवी पहलवान अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही इस बार मेले को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देते हुए ईरान और नेपाल से भी मशहूर पहलवानों के आने की पुष्टि हो चुकी है, जिससे दर्शकों को उच्च स्तर की रोमांचक कुश्तियां देखने का अवसर मिलेगा। दंगल मेले के कार्यक्रम संयोजक एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रमजान खान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन केवल कुश्ती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह मेला खेल, संस्कृति, मनोरंजन और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनेगा। मेले की गरिमा को बढ़ाने के लिए विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक व्यक्तित्वों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जा रही है। मनोरंजन के क्षेत्र में भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। मेले में पंजाबी, हिमाचली तथा कश्मीरी लोक और लोकप्रिय गायकों की शानदार प्रस्तुतियां होंगी, जो पूरे माहौल को संगीतमय और उत्सवमय बना देंगी। संगीत प्रेमियों के लिए यह आयोजन यादगार बनने वाला है। दंगल मेले में भाग लेने वाले पहलवानों के लिए कुल इनामी राशि ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) रखी गई है, जिससे खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। दंगल का शुभारंभ सुबह 11:00 बजे से किया जाएगा और मुकाबले देर शाम तक चलेंगे। दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला मैदान में वाहनों की पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रबंध किया गया है, ताकि दूर-दराज़ से आने वाले दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजकों ने समस्त प्रदेशवासियों, खेल प्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस भव्य दंगल मेले में शामिल हों, पहलवानों का उत्साहवर्धन करें और ज्वालामुखी की सांस्कृतिक परंपरा को और सशक्त बनाएं।
भारतीय जनता पार्टी देहरा के व्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अतुल महाजन द्वारा शीर्ष नेतृत्व से विचार-विमर्श के उपरांत संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में जिला सह-संयोजक तथा विभिन्न मंडलों में संयोजक एवं सह-संयोजकों की नियुक्ति की घोषणा की गई। इस क्रम में रणजीत सिंह को जिला सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। साथ ही मंडल खुंडियां में बलदेव सिंह को संयोजक तथा हरदीप सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, सतीश कुमार एवं सरबजीत सिंह को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। मंडल ज्वालामुखी में सुरेन्द्र कौशल को संयोजक तथा श्याम बिहारी, सुमन्य सूद, निखिल चौधरी एवं रिंकू को सह-संयोजक बनाया गया है। मंडल जसवां में राजीव शर्मा को संयोजक तथा अशोक कुमार, गुरमीत सिंह, राकेश कुमार एवं मोनू शर्मा को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार मंडल प्रागपुर में राजेंद्र को संयोजक तथा भूषण, मनोज, आकाश सूद एवं प्रदीप को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंडल हरिपुर में गुरदीप कुमार को संयोजक तथा जय गणेश, नितिन मुकेश, रजनीश शर्मा एवं गुरमीत सिंह को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है, जबकि मंडल ढलियारा में सुरजीत धीमान को संयोजक तथा सतीश चौहान, रजनीश, अनमोल शर्मा एवं गुरमीत सिंह को सह-संयोजक बनाया गया है। अतुल महाजन ने सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि व्यापार प्रकोष्ठ की यह नई टीम संगठन की नीतियों को व्यापारी वर्ग तक पहुँचाने, संवाद को मजबूत करने और पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करने में प्रभावी भूमिका निभाएगी।
वीरवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ज्वालामुखी में एनएसएस यूनिट द्वारा पोस्टर मेंकिंग, नारा लेखन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। एनएसएस प्रभारी राजेश कुमार एवं आरती शर्मा ने बताया कि नशा निवारण अभियान के तहत बाल स्कूल ज्वालामुखी में पिछले कई दिनों से ये अभियान चला हुआ है। इस के अंतर्गत रैली, पोस्टर मेंकिंग, नारा लेखन, स्किट, भाषण प्रतियोगिता करवाई जा रही है। स्कूल के कार्यकारी प्रधानाचार्य यशपाल नरोत्रा ने बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और स्वयंसेवियों से आग्रह किया कि वो लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करे।उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए पोस्टरों का भी अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि एनएसएस यूनिट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ज्वालामुखी समय समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करते रहते है। इस मौके पर नशा निवारण कमेटी के प्रभारी विकास धीमान और स्कूल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
आई.टी.आई. नैहरनपुखर में एक बार फिर युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है। आगामी 09 फरवरी 2026 को एल एंड टी स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, दिल्ली, वल्लभ एयर कंडीशनर, जालंधर एवं ए.आर. इंटरप्राइजेज द्वारा आई.टी.आई. नैहरनपुखर में लिखित परीक्षा एवं कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से युवाओं का चयन किया जाएगा। इस रोजगार मेले में स्कूल पासआउट एवं एन.सी.वी.टी., एस.सी.वी.टी. से फिटर, टर्नर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, मशीनिस्ट, टूल एंड डाई मेकर, मैकेनिक ट्रैक्टर, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक मोटर व्हीकल, मैकेनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, कोपा, कारपेंटर, ऑटो इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर,आर० ए० सी० सहित अन्य सभी आईटीआई ट्रेडों में कोर्स पूर्ण कर चुके सभी पुरुष एवं महिला अभ्यर्थी पात्र होंगे। कैंपस इंटरव्यू के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षुता (Apprenticeship) प्रशिक्षण हेतु अप्रेंटिसशिप एक्ट के अनुसार निर्धारित मानदेय प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी आई.टी.आई. नैहरनपुखर के प्रधानाचार्य ने देते हुए सभी आई.टी.आई. पास-आउट प्रशिक्षुओं से अपील की है कि वे इस मेले में बढ़-चढ़कर भाग लें। अधिक जानकारी के लिए संस्थान के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट ऑफिसर से दूरभाष नंबर 01970-292604, 8580668488 पर संपर्क किया जा सकता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर की एनएसएस इकाई द्वारा नशा विरोधी अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें एनएसएस स्वयंसेवकों ने नशा मुक्ति के संदेश देते हुए नारे लगाए और आम जनता को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त विद्यालय में भाषण प्रतियोगिता तथा पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यालय प्रधानाचार्य जोगिंदर कुमार ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इस कार्यक्रम में एन एस एस प्रभारी शिव राम, रीना देवी व विद्यालय के समस्त अध्यापकगण उपस्थित रहे।
आम आदमी पार्टी, हिमाचल प्रदेश इकाई केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश की आर्थिक घेराबंदी किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा करती है। केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग में अनुमानित 49,000 करोड़ रुपए की राज्य को उसके जायज़ हक की मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान राशि को पूरी तरह समाप्त कर हिमाचल की पीठ में छुरा घोंपा है। यह न केवल संघीय ढांचे का अपमान है, बल्कि पहाड़ की जनता के अस्तित्व पर सीधा प्रहार है। प्रेस के नाम जारी एक विज्ञप्ति में आम आदमी पार्टी के राज्य समन्वय समिति के सदस्य व कांगड़ा जिला के मीडिया प्रभारी कल्याण भंडारी ने भाजपा की केंद्र सरकार से सवाल किया है कि मैदानी राज्यों के लिए केंद्र की तिजोरी हमेशा खुली रहती है, लेकिन हिमाचल की बिजली, पानी और संसाधनों के बदले हमें आज भी ‘ठेंगा’ क्यों दिखाया जा रहा है? शानन विद्युत परियोजना और पंजाब पुनर्गठन के समय से चले आ रहे हमारे अधिकारों को भाजपा ने दिल्ली की सत्ता के अहंकार में रौंद दिया है। केंद्र सरकार ने हिमाचल की आर्थिक हजामत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। वर्ष 2023 की आपदा में प्रदेश में भयंकर तबाही की नाममात्र आर्थिक राहत को दो साल बाद जारी किया। 2025 की पहले से ज्यादा प्रलयकारी आपदा से मिले जख्मों को भरने के लिए अब तक केंद्र सरकार रहस्यमयी चुप्पी साधे हुए है, जो कि आम जनमानस की समझ से परे है। आम आदमी पार्टी सूबे की कांग्रेस सरकार को प्रशासनिक अक्षमता और लाचारी के चलते इस आर्थिक बदहाली का बराबर जिम्मेदार मानती है, जो कि कांग्रेस सरकार की दिशाहीनता भी है। भंडारी ने कहा कि आँचल फैलाने से राज्य नहीं चलते। सरकार एक तरफ खजाना खाली होने का रोना रोती है, और दूसरी तरफ फिजूलखर्ची के कूड़ेदान भरने में लगी है। आम आदमी पार्टी मांग करती है कि सरकार अपनी प्राथमिकताएं बदले और चादर देखकर पैर पसारना शुरू करे। जब तक प्रदेश के घाटे में चल रहे सफेद हाथी रूपी उपक्रम ताली बजाते रहेंगे, तब तक आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ता रहेगा। ऐसे में प्रदेश सरकार फिजूलखर्ची बंद कर आम जनमानस को राहत देने वाले आर्थिक मॉडल पर काम करे। कल्याण भंडारी ने जहाँ राज्य सरकार के केंद्र सरकार के आर्थिक प्रहार के संबंध में कैबिनेट बैठक और एक दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित करने के कदम का स्वागत किया है, वहीं इस बाबत सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हिमाचल की जनता को विश्वास दिलाती है कि हम पहाड़ के हक की लड़ाई लड़ेंगे। जल-जंगल-जमीन का मोल केंद्र को चुकाना ही होगा। पार्टी केंद्र सरकार से तत्काल रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट की कटौती वापस लेने तथा शानन प्रोजेक्ट और वाटर सेस जैसे मुद्दों पर हिमाचल को उसका वाजिब अदा करने की पुरज़ोर मांग करती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की अस्मिता से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में गुरुवार को उत्तर क्षेत्रीय रूपक महोत्सव का शुभारम्भ हुआ। दो दिवसीय इस नाट्य महोत्सव के प्रथम दिन मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री सम्मानित तथा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रो. अभिराज राजेन्द्र मिश्र उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संस्कृत के बिना भारत की कल्पना संभव नहीं है तथा सम्पूर्ण भारतीय एवं विश्व संस्कृति संस्कृत पर ही आश्रित है। यदि भारतीय संस्कृत और उसके विकास में अवरोध उत्पन्न होता है, तो यह सम्पूर्ण विश्व के लिए खतरे की घंटी सिद्ध होगा। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों से नाट्य मंचन के लिए आए प्रतिभागी छात्रों को शुभकामनाएं दीं तथा वेदव्यास परिसर से जुड़ी अपनी अनेक पुरानी स्मृतियों को भी साझा किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर से साहित्य विभाग की अध्यक्ष प्रो. सनन्दन कुमारी त्रिपाठी ने कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने छात्रों को साहित्य, नाट्य कला आदि क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी करने एवं विशेष रूप से संस्कृत नाटकों के मंचन हेतु प्रेरित किया। वहीं सारस्वत अतिथि के रूप में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के एकलव्य परिसर, त्रिपुरा से साहित्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुशान्तराज भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वेदव्यास परिसर बलाहर की निदेशिका प्रो. सत्यम कुमारी ने की। कार्यक्रम की संयोजिका प्रो. मोहिनी अरोड़ा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बलाहर परिसर में भारत के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार छात्रों द्वारा संस्कृत नाटकों का मंचन किया जा रहा है, जिससे संस्कृत का संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार व्यापक रूप से हो रहा है। उद्घाटन सत्र के उपरांत दीवान कृष्ण किशोर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, अम्बाला के छात्रों द्वारा नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसे दर्शकों ने अत्यंत सहृदयता से सराहा। इसके पश्चात केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के गंगानाथ झा परिसर, प्रयागराज के नाट्य प्रतिभागियों द्वारा संस्कृत नाटक अर्जुन उर्वशीयम् का मंचन किया गया, जिसकी प्रस्तुति अत्यंत मनमोहक एवं सराहनीय रही। शेष प्रतिभागियों की प्रस्तुतियाँ शुक्रवार को की जाएंगी। इस अवसर पर वेदव्यास परिसर के समस्त शिक्षक, गैर-शिक्षक कर्मचारी तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत बहुचर्चित डाडा सीबा रियासत मामले पर बड़ी अपडेट सामने आई है। बता दें कि राजा बृजेंद्र सिंह की रियासत पर अपना हक जताने वाली महिला मीनाक्षी सिंह और उसकी बेटी सिमरन सिंह को देश की सर्वोच्च अदालत से भी राहत नहीं मिल पाई है। हाईकोर्ट शिमला में स्टे की अर्जी खारिज होने के बाद सिमरन सिंह व मीनाक्षी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, परंतु वहाँ भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। वहीं इस मामले पर राजा बृजेंद्र सिंह के पावर ऑफ अटॉर्नी अधिवक्ता अमित राणा ने बताया कि हमने शुरू से ही सही रास्ता चुना है। अदालत का जो भी फैसला हुआ, हमने उसे स्वीकार किया है। अब जब देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला आ गया है, तो वह उम्मीद करते हैं कि लोग अब बरगलाना बंद करें और देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले का सम्मान करें। यह फैसला सम्मानित सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया है, जिसे अब स्वीकार कर लेना चाहिए।
ज्वालामुखी उपमंडल के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पलियार (लंघा), तहसील खुंडियां के +2 कक्षा के छात्र साहिल कुमार ने राज्यस्तरीय NSS गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेकर विद्यालय व क्षेत्र का नाम रोशन किया। साहिल कुमार ने 26 जनवरी 2026 को शिमला में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया था। साहिल कुमार का चयन राज्यस्तरीय परेड के लिए कई चरणों में हुआ। सबसे पहले जिला कांगड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बड़ोह में NSS का पाँच दिवसीय जिला स्तरीय शिविर आयोजित किया गया, जिसमें साहिल का चयन Pre-RD कैंप के लिए हुआ। इसके पश्चात जिला ऊना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय वाल ऊना में आयोजित पाँच दिवसीय Pre-RD कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर साहिल का चयन राज्यस्तरीय RD कैंप के लिए किया गया। इसके बाद शिमला जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लाल पानी में दस दिवसीय राज्यस्तरीय RD कैंप आयोजित हुआ, जहाँ से साहिल कुमार को रिज मैदान, शिमला में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने का गौरव प्राप्त हुआ। गणतंत्र दिवस परेड से लौटने पर साहिल कुमार का विद्यालय परिसर में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। विद्यालय प्रशासन की ओर से राकेश राणा ने साहिल कुमार को बधाई दी इस अवसर पर प्रवक्ता सीमा देवी एवं प्रवक्ता कुलदीप सिंह राणा ने भी साहिल कुमार और उनके परिवार को बधाई दी तथा भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में प्रवक्ता अमित कुमार, रंजना राणा, शशि कुमार, अनीता कुमारी, सपना देवी, ओंकार शर्मा, जगदीश चंद, हेडटीचर अरविंद राणा, पूजा शर्मा, बबिता ठाकुर, कमलेश कुमार सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
26 जनवरी को देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शिमला में आयोजित भव्य गणतंत्र दिवस परेड में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गुम्मर की छात्रा अंकिता ने भाग लिया। यह गणतंत्र दिवस परेड शिविर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) लालपानी, शिमला में 18 जनवरी से 27 जनवरी तक आयोजित किया गया था, जिसमें हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों से चयनित एनएसएस स्वयंसेवकों ने भाग लिया था। इस आयोजन में अंकिता की सहभागिता ने न केवल विद्यालय बल्कि समूचे क्षेत्र को गौरवान्वित किया। कड़ी अनुशासनात्मक तैयारी और समर्पण के साथ अंकिता ने परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। विद्यालय वापस लौटने पर छात्रा का प्रधानाचार्य एवं समस्त अध्यापक वर्ग द्वारा हार पहनाकर, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जोगिंदर कुमार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करती हैं। विद्यालय के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी शिव राम ने बताया कि यह उपलब्धि छात्रा की निरंतर मेहनत, अनुशासन तथा एनएसएस के मूल मूल्यों—सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण—का प्रतिफल है। इस अवसर पर विद्यालय की एनएसएस महिला कार्यक्रम अधिकारी रीना देवी सहित समस्त अध्यापकगण मौजूद रहे। सभी ने अंकिता के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएँ दीं।
कांगड़ा जिले में पालमपुर के पाहड़ा स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान की बस मंगलवार को उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जब वह बच्चों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। यह हादसा लाहट-शिवनगर मार्ग पर हुआ, जहाँ अनियंत्रित होकर बस सड़क पर ही पलट गई। जैसे ही चीख-पुकार मची, आस-पास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। प्रशासन के पहुंचने से पहले ही स्थानीय निवासियों ने भीतर फंसे बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत पालमपुर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे में 6 बच्चे समेत 4 शिक्षक घायल हुए है। वर्तमान में सभी का उपचार जारी है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस मार्ग पर यह हादसा हुआ, उसकी हालत लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। उबड़-खाबड़ और संकरे रास्ते के कारण यहाँ अक्सर वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है। हालांकि, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि दुर्घटना की असली वजह सड़क की हालत थी या फिर कोई तकनीकी खराबी।
लॉरेट फार्मेसी शिक्षण संस्थान के इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब द्वारा 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के उपलक्ष्य पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में संस्थान की वीमेन सेल द्वारा “बालिकाओं को सशक्त बनाना, राष्ट्र को सशक्त बनाना” विषय पर एक सेमिनार भी आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सेंट्रल यूनिवर्सिटी धर्मशाला से प्रोफेसर मृदुला शर्मा तथा अधिवक्ता भावना शर्मा रहीं। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज प्रबंधन, प्राचार्य एवं निदेशक प्रोफेसर डॉ. एम. एस. आशावत द्वारा मुख्य वक्ताओं का पुष्पगुच्छ भेंट कर हार्दिक स्वागत किया गया। इसके पश्चात मुख्य वक्ताओं का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की मुख्य थीम “माय इंडिया, माय वोट” रही, जिसका उद्देश्य मतदाताओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को उनके मताधिकार के महत्व के प्रति जागरूक करना था। अपने संबोधन में प्रोफेसर मृदुला शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में प्रत्येक नागरिक के वोट की अहम भूमिका होती है। उन्होंने छात्रों को यह संदेश दिया कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि देश के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि युवा मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी न केवल चुनावी परिणामों को प्रभावित करती है, बल्कि समाज में जिम्मेदार नागरिक होने की भावना को भी सशक्त बनाती है। साथ ही उन्होंने छात्रों को डिजिटल एवं ऑफलाइन माध्यमों से मतदान प्रक्रिया की जानकारी लेने और अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया तथा प्रश्न-उत्तर सत्र में भी सक्रिय सहभागिता दिखाई। वहीं अधिवक्ता भावना शर्मा ने “बालिकाओं को सशक्त बनाना, राष्ट्र को सशक्त बनाना” विषय पर प्रेरक वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर प्रदान करने से न केवल उनका व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाने और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान “माय इंडिया, माय वोट” अभियान के अंतर्गत छात्रों और युवाओं ने मतदान की शपथ ली। शपथ के माध्यम से उन्होंने संकल्प लिया कि वे अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, मतदान के प्रति जिम्मेदार रहेंगे और दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करेंगे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. सीपीएस वर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने मुख्य वक्ताओं, शिक्षकों तथा सभी छात्रों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. विनय पंडित, डॉ. अमरदीप अंकलगी, डॉ. प्रतिमा आशावत, डॉ. परवीन, डॉ. अदिति कौशिक, डॉ. शिव कुमार खुशवा सहित संस्थान के अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
देहरा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय बलाहर इकाई द्वारा युवा पखवाड़ा के उपलक्ष्य पर अयोजित कबड्डी व वॉलीबॉल प्रतियोगिता उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि रमन शर्मा भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष ने युवाओं को नशे से दूर और खेलों के पास रहने का संदेश दिया। वहीं स्वामी विवेकानंद का युवाओं के जीवन में क्या महत्व है इसका मार्गदर्शन भी किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि अभिषेक तनवाल एबीवीपी राष्ट्रीय सोशल मीडिया सह संयोजक व एबीवीपी जिला देहरा संयोजक भागमल, इकाई अध्यक्ष प्रशांत शर्मा, इकाई मंत्री दिवेश शर्मा व भाजपा युवा मोर्चा प्रागपुर मंडल अध्यक्ष अक्षय अत्री, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष शंशाक मेहता, युवा मोर्चा जिला कार्यालय सचिव अंशुल राणा मौजूद रहे। पहला कबड्डी का मैच बलाहर की टीम व प्रागपुर की टीम की बीच खेला गया जिसमें प्रागपुर की टीम विजय रही, साथ ही वॉलीबॉल प्रतियोगिता का भी शुभारंभ भी किया।
धर्मशाला के सुलह विधानसभा क्षेत्र में मनरेगा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा को लेकर कांग्रेस द्वारा बूथ स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम पंचायत भद्रोल में आयोजित कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के चेयरमैन संजय सिंह चौहान ने कहा कि मनरेगा मजदूरों के अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुलह कांग्रेस उनके अधिकारों के लिए हर संभव प्रयास करेगी। संजय सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार मनरेगा योजना का नाम बदलकर इसे जड़ से खत्म करने की कोशिश कर रही है, जिसके विरोध में देशभर में रोष अभियान चलाया जा रहा है, जो अब एक संग्राम का रूप ले चुका है। इस अवसर पर खाद्य सामग्री आपूर्ति के निदेशक पुनीत मल्लि भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस इकाई और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें सुलह विधानसभा की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि वे संजय चौहान के साथ मिलकर इस जागरूकता अभियान को मजबूत कर सकें। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग और बीडीओ भेड़ू महादेव के सहयोग से ग्रामीणों को कृषि उपकरण भी वितरित किए गए, ताकि लोग आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं को राजनीति, पॉलिसी और नेतृत्वकर्ताओं की अगली पीढ़ी के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से आज धर्मशाला में एक लीडरशिप फेलोशिप कार्यक्रम “युवा चेंजमेकर्स” की शुरुआत की। धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में अनुराग सिंह ठाकुर ने प्रदेश के कोने-कोने से आए वरिष्ठ पत्रकारों, प्रतिष्ठित संस्थानों और जेन-जी इन्फ्लुएंसरों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान “युवा चेंजमेकर्स” की महत्ता, आवश्यकता, उपयोगिता और इसके प्रावधानों पर विस्तृत प्रकाश डाला। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा आबादी वाला देश है और भारतीय जनता पार्टी व मोदी सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने तथा भविष्य का नेतृत्व तैयार करने के लिए कृतसंकल्पित है। हाल के दिनों में हमने देखा कि विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा ने 45 वर्षीय युवा नितिन नबीन को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार 1,00,000 युवाओं को राजनीति में लाने की बात कही है। मेरे अपने हिमाचल प्रदेश के युवाओं को राजनीति में लाने, पॉलिसी की उनकी समझ को विकसित करने, नेतृत्वकर्ताओं की अगली पीढ़ी तैयार करने और उनकी क्षेत्रीय व राष्ट्रीय भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से मैं “युवा चेंजमेकर्स” नामक एक लीडरशिप फेलोशिप प्रोग्राम शुरू कर रहा हूँ। हम इस कार्यक्रम के माध्यम से राजनीति-कुशल, शासन-दक्ष, नीतिगत समझ रखने वाले और सामाजिक रूप से संवेदनशील नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम समाज के लिए जिम्मेदार, समझदार और आत्मविश्वास से परिपूर्ण युवाओं को तैयार करने की दिशा में एक पहल है, जो राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि युवा चेंजमेकर्स कार्यक्रम के चार मुख्य उद्देश्य हैं—युवा जुड़ाव, सामुदायिक प्रभाव, नेतृत्व विकास, प्रतिभा पाइपलाइन। युवाओं का चयन एक संरचित लीडरशिप प्लेटफॉर्म के लिए किया जाएगा। उन्हें वास्तविक जीवन के प्रोजेक्ट्स और मेंटरशिप से रूबरू कराया जाएगा। इसके तहत युवाओं को छोटे-छोटे माइक्रो प्रोजेक्ट्स दिए जाएंगे, जिनमें उन्हें अपने स्थानीय विधानसभा क्षेत्र या निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करना होगा। इसी तरह उन्हें राजनीति, शासन और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में एक परिपक्व नेता बनने के लिए तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के पहले चरण में हिमाचल स्थापना दिवस यानी 25 जनवरी से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए 10,000 रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य रखा गया है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किए जाएंगे। इसके लिए युवा हमारी वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर जा सकते हैं। हम कॉलेजों में जाकर कैंप लगाएंगे और अधिक से अधिक युवाओं को इस पहल से जोड़ेंगे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया होगी। स्टेप-1: आवेदन मूल्यांकन—नेतृत्व अनुभव, सामुदायिक जुड़ाव और कौशल के आधार पर किया जाएगा, साथ ही एक छोटा प्रेरणात्मक निबंध या वीडियो के माध्यम से यह बताया जाएगा कि युवा कौन-सा बदलाव लाना चाहते हैं। स्टेप-2: ऑनलाइन योग्यता और नेतृत्व परीक्षा—जिसमें युवाओं की क्रिटिकल थिंकिंग और समस्या-समाधान क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक जिले में लगभग 900 से 1200 उम्मीदवारों में से 100 से 150 युवाओं को जिला-स्तरीय साक्षात्कार के माध्यम से चयनित किया जाएगा। तीसरे चरण में चयनित युवा जिला युवा बूटकैंप में शामिल होंगे। चौथे चरण में पूरे प्रदेश से 200 से 300 युवा पांच दिवसीय प्रदेश-स्तरीय बूटकैंप का हिस्सा बनेंगे। इसके बाद एक बड़े कार्यक्रम में चुने गए फाइनलिस्ट युवाओं को अपने विज़न पेपर (अपने जिले या हिमाचल प्रदेश के लिए एक प्रकार का मेनिफेस्टो) प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, जिसका लाइव प्रसारण भी होगा। पांचवें चरण में 40 से 50 उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा और अंततः इनमें से 17 या 21 युवाओं को चेंजमेकर्स की भूमिका के लिए चुना जाएगा। जिस प्रकार जनप्रतिनिधि ईश्वर और संविधान की शपथ लेते हैं, उसी प्रकार युवा चेंजमेकर भी सेवा और समर्पण के साथ समाज को ईमानदार नेतृत्व देने की शपथ लेंगे। चयनित युवा चेंजमेकर्स के लिए यह एक वर्ष का फेलोशिप प्रोग्राम होगा और वे सीधे अनुराग सिंह ठाकुर के साथ उनके निर्वाचन क्षेत्र की परियोजनाओं में कार्य करेंगे। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “एक नेतृत्वकर्ता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि वह जनता को अपने विचारों से कैसे प्रभावित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने सबसे बड़ा उदाहरण हैं कि कैसे उन्होंने भारत की जनता को बड़े बदलावों के लिए प्रेरित किया।” इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर “युवा चेंजमेकर्स” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम के टॉप 21 युवाओं को 1 लाख 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। विकसित भारत का निर्माण विकसित हिमाचल के बिना अधूरा है और हमारे ये “युवा चेंजमेकर्स” विकसित हिमाचल के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


















































