विधायक राम लाल ठाकुर प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन को लिया घेरे में
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व विधायक राम लाल ठाकुर प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन को घेरते हुए कहा कि एकदम से जो बिलासपुर जिला मुख्यालय को कन्टेनमेंट जोन और बफर जोन घोषित किया गया वह कहीं न कहीं स्थानीय प्रशासन व प्रदेश सरकार की ढील का नतीजा है। एक तरह जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिदिन कोविड19 से बचने के उपायों व सावधानियों को खुल कर बता रहा है तो प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रशासन क्यों नहीं पूरे एहतियात बरत रहा है। प्रदेश परिवहन के परिचालक का आपातकालीन स्थियों में ड्यूटी देना, अन्य प्रदेशों में फंसे हिमाचल के लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाना एक बड़े जोखिम का काम होता है।
उन्होंने कहा अगर मैं कहूं तो यह एक कोरोना योद्धा का साहस है लेकिन इनके साहस और इनकी देखभाल का जिम्मा तो इनके विभाग, स्थानीय प्रशासन व प्रदेश सरकार का है। जब प्रदेश सरकार या अन्य जिलों के स्थानीय प्रशासन ने कोविड 19 महामारी के चलते जिन-जिन गाड़ियों का इस्तेमाल लोंगो को प्रदेश से बाहर छोड़ने व लाने का काम किया तो क्या उनके चालकों, परिचालकों और अन्य स्टाफ के सदस्यों को संस्थागत कोरोनटीन क्यों नहीं किया?
उन्होंने कहा कि आज जिला मुख्यालय बिलासपुर में जिस तरह से परिवहन निगम के परिचालक में कोरोना महामारी के संक्रमण पाए गए है वह गंभीर चिंता का विषय है, उस परिचालक को संस्थागत कोरोनटीन करना चाहिए था न कि होम कोरोनटीन करना चाहिए था और उसका तुरन्त कोविड 19 का टेस्ट करवाकर ही अगला निर्णय लेना चाहिए था, जबकि यह एक प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन व हिमाचल पथ परिवहन निगम की बड़ी त्रुटि है, कि उनकी नाक तले एक बहुत बड़ी भूल हुई है।
राम लाल ने चुटकी लेते हुए और प्रदेश सरकार पर फब्तिय कसते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि जो इस गंभीर महामारी के समय जो स्वास्थ्य विभाग की खरीद फरोख्त में हेराफेरी करने से अगर वक्त मिल गया है तो प्रशासनिक व्यवस्था पर भी जरा ध्यान दे दे। क्योंकि जिस लापरवाही से आज जिला मुख्यालय बिलासपुर को कंटोनमेंट जोन और बफर जोन घोषित किया गया है कहीं प्रदेश के अन्य स्थानों में ऐसी स्थिति न आ जाए। वैसे ही लोगों के मन मे भय की स्थिति बनी हुई है उसके ऊपर आर्थिक मंदी का यह दौर और उसके ऊपर से सरकार व प्रशासन की लापरवाही कहीं पूरे प्रदेश की जनता को न ले डूबे। उन्होंने कहा कि कोविड 19 महामारी से निपटने के बहाने की अन्य घोटालों को भी अंजाम दिया जा रहा है और प्रदेश सरकार व प्रशासन बिल्कुल भी संवेदनशील नही है जिससे लोगों का वर्तमान सरकार से विश्वास ही उठ गया है।
