कोविड महामारी में मुख्यमंत्री राहत कोष में आई राशि को सार्वजनिक करे सरकार : रामलाल ठाकुर
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने फिर से प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि कोविड 19 जैसी महामारी के दौरान प्रदेश की जनता ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जो पैसा दिया उसको सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रदेश के सूचना व लोक संपर्क विभाग के निदेशालय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को बताना चाहिए कि 22 मार्च को देश मे जनता कर्फ्यू लगाया गया था तो उस दिन से लेकर लॉक डाउन 4.0 तक कितना पैसा प्रदेश सरकार का गुणगान करने में और विज्ञापनों पर लगाया है और कितने पैसों के बड़े बड़े होर्डिंग्स आपके विभाग के माध्यम से लगाए गए है और कितने विज्ञापन आपने प्रदेश सरकार और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पर छापें है और किन किन जगहों पर यह होर्डिंग्स पूरे प्रदेश में लगाए गए है।
राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़े करते हुए कहा कि जहां प्रदेश सरकार इसोलेशन वार्ड, वेंटिलेटर और कोरोनटीन सेंटरों को लेकर भारी वित्तिय कमियों का सामना कर रही है वही पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग लोगों में जागरूकता फैलाने की बजाए प्रदेश सरकार की वाहवाही के विज्ञापन छाप कर कोविड19 के पैसों का बेवहज इस्तेमाल कर रहा है। इसके अलावा सूचना व जनसम्पर्क विभाग को यह भी बताना चाहिए कि अन्य विभागों का उन्होंने कितना पैसा सरकारी उनके विभाग के माध्यम से विज्ञापनों पर खर्च किया गया है।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के विज्ञापन भी सूचना व लोक सम्पर्क विभाग के माध्यम से ही लगाए गए है उनका हिसाब किताब भी लोंगो के सामने रखना होगा।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि जहां एक तरफ प्रदेश सरकार की कोविड19 जैसी आपात स्थिति से अर्थव्यवस्था बिगड़ी हुई है उसके बावजूद प्रदेश सरकार का सूचना व जनसंपर्क विभाग के माध्यम से जो प्रचार प्रसार चल रहा है व घोर निंदनीय है और बेवहज से पैसों की फिजूलखर्ची और जनता के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है। कोविड 19 माहामारी के दौरान प्रदेश सरकार ने जो पैसा विज्ञापनों व बड़े बड़े होर्डिंग्स लगाने पर किया है उसका ब्यौरा जनता के बीच रखा जाना चाहिए।
