बास्केटबॉल खेलमैदान में रिंग व बोर्ड को अज्ञात तत्वों ने तोड़ा
एक तरफ जहां पूरा विश्व कोरोना महामारी से लड़ रहा है, वही दूसरी तरफ कुछ शरारती तत्व देश की संपति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
लाॅकडाउन और कर्फयू में हो रही इस प्रकार की घटनाओं से समाज शर्मसार होता है। रौड़ा स्थित बास्केटबॉल खेलमैदान में चार महीने पहले सदर के विधायक सुभाष ठाकुर के प्रयासों से बास्केटबॉल के खिलाड़ियों को समर्पित लाखों रुपये की लागत से लगे रिंग व बोर्ड को अज्ञात तत्वों ने तोड़ दिया है जिससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में रोष की लहर है।
गौर हो कि इस मैदान का नाम बडे स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल प्री-एशियन, नार्थ जोन व दर्जनों नेशनल, राज्य व जिला बास्केटबॉल आदि में शुमार है। हाल ही में प्रतिष्ठित प्रदेश पुलिस महानिदेशक का पदभार संभालने वाले संजय कुंडू भी स्वयं जब जिला बिलासपुर के एसपी पद पर विराजमान थे तो इसी मैदान पर शाम-सवेरे अपनी फिटनेस व उदीयमान खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाने के लिए निरंतर आते थे और कई बेहतरीन खिलाड़ियों को पुलिस व अन्य विभागों में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। लाखों रुपये से निर्मित इस मैदान व उपकरणों को अक्सर कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पंहुचाया जाता रहा है जिसके चलते बार-बार प्रशासन से इस परिसर की फेंसिंग करने का अनुरोध होता रहा।
मौजूदा सदर विधायक ने अधिकारियों को इस बाबत निर्देश भी दिए है। आए दिन हो रहे तोड़फोड़ के कृत्यों से जहां सरकारी पैसे का नुकसान हो रहा है वहीं जिला के होनहार खिलाडियों व संघ के पदाधिकारिओं को हमेशा खेल गतिविधियां सुचारू रखने में खासी दिक्कत से गुजरना पड़ता है।
जिला बास्केटबॉल संघ के प्रधान डा. प्रवीण रनोट, महासचिव राजकुमार राणा, सँरक्षक पंकज धीमान, सलाहकार विजय सिंह चंदेल, सुरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष अभिशेक टेस्सू, उपप्रधान करतार सिंह ठाकुर, दीपक शर्मा, चयन समिति चेयरमैन केके नेगी, प्रशिक्षक नीलम राठौर, चेयरमैन तकनीकी समिति सुरेश कुमार, उपाध्यक्ष उषा ठाकुर, हर्ष दबड़ा के साथ साथ कार्यकारिणी सदस्यों व वरिष्ठ खिलाड़ियों ने सामूहिक तौर पर तोड़ फोड़ के इस उपद्रवी कार्य को अंजाम देने वालो के खिलाफ कठोरता से कार्यवाही करने की जिला प्रसाशन व पुलिस अधीक्षक से अपील की है। साथ ही इन सदस्यों नें जिला खेल अधिकारी से गुजारिश की विधायक सुभाष ठाकुर ने बास्केटबाल खेल मैदान में चारदीवारी लगाने के निर्देश दिए थे उसे अतिशीघ्र अमलीजामा पहनाते हुए कार्य को पूरा करने की दिशा में उचित कदम उठाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके।
