प्रदेश में सब कुछ सुचारू रूप से चलाने से पहले सोच ले सरकार : रामलाल ठाकुर
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री व श्री नयना देवी से विधायक राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को सलाह दी है कि प्रदेश में सब कुछ सुचारू रूप से चलाने से पहले कुछ डाक्टर विशेषज्ञों की राय और देश के अन्य राज्यों में कोविड 19 की स्थिति का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण हैं। अभी हिमाचल प्रदेश में 313 मामले कोविड -19 के आ चुके है जबकि पूरे देश मे कोविड -19 के मामले एक लाख पच्यासी हज़ार से ज्यादा हो चुके है, जो कि बहुत चिंता का विषय है।
राम लाल ठाकुर प्रदेश सरकार को यह कहते हुए सावधान किया कि जनवरी के आख़िरी में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला भारत में आया था और तब से अब तक एक लाख पच्यासी हज़ार से ज़्यादा मामले संक्रमण के सामने आ चुके हैं। अब तक पांच हज़ार से ज्यादा लोगों की संक्रमण की वजह से मौत भी हो चुकी है। 30 मई तक भारत में कोरोना टेस्ट का पॉजिटिव दर पांच फ़ीसदी हो चुकी है और संक्रमितों में मृत्यु दर करीब चार फ़ीसदी तक हो चली है। पिछले 15 दिनों में कोरोना के मामले यहाँ दोगुने होते जा रहे हैं. वहीं संक्रमितों के ठीक होने का दर 43फ़ीसदी के करीब हो चुका है। जिससे कि हमारा जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। देश मे की तमाम जगहों पर संक्रमण के हॉटस्पॉट और क्लस्टर बनें हैं। यह हॉटस्पॉट क्लस्टर हिमाचल प्रदेश में न बन जाएं तो एहतियात उठाने बहुत जरूरी है।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि यदि हम सरकारी आँकड़ों के मुताबिक अस्सी फ़ीसदी से ज़्यादा मामले पांच राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश में हैं और साठ से ज़्यादा संक्रमण के मामले पांच बड़े शहरों से है जिनमें मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे शहर शामिल हैं और इन्हीं जगहों पर हिमाचल प्रदेश के बहुत से युवा अपना रोजगार कमाते हैं तो ऐसे में प्रदेश में एहतियात बड़े जरूरी है। जिन लोगों की संक्रमण से मृत्यु हुई है उनमें से आधे से ज़्यादा साठ या उससे अधिक उम्र के लोग हैं। यह उन अंतरराष्ट्रीय आँकड़ों की तस्दीक करते हैं जिनके मुताबिक बुजुर्गों में संक्रमण का जोख़िम ज़्यादा है लेकिन संक्रमण का दर बढ़ता ही जा रहा है। पुणे की एक शीर्ष वायरोलॉजिस्ट गोखले का कहना है कि आने वाले कुछ हफ़्तों में हालात गंभीर होने जा रहे हैं।
दिल्ली और मुंबई के डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के मामले में इजाफ़े को देखते हुए अस्पताल में बिस्तर और दूसरे संसाधनों की मौजूदगी चिंता का सबब है जून-जुलाई में संक्रमण के मामलों में तेज़ी आने की उम्मीद है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश अस्पताल में बिस्तर और पर्याप्त सुविधाओं के ना होने की वजह से कई लोगों को मरने से नहीं रोका जा सकेगा। जबकि अभी कोरोना से हिमाचल में मृत्यु का आंकड़ा पांच है। हमे कोरोना को प्रदेश में रोकना होगा और इसकी प्रदेश में मृत्यु दर भी शून्य करनी होगी। विषय गम्भीर है प्रदेश सरकार को प्रदेश में सब कुछ सुचारू रूप से चलाने से पहले एक विस्तृत योजना और तथ्यों के अध्ययन की आवश्यकता होगी।
