प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज दिख नहीं रही : राजेश धर्माणी
आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व संसदीय सचिव राजेश धर्माणी ने भाजपा सरकार पर करारे प्रहार करते हुए कहा कि इस समय प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज दिख नहीं रही है और ऐसा लगता है मानो सारा काम राम -भरोसे ही छोड़ दिया गया है। उन्होने कहा कि कोरोना महामारी लाक-डाउन एवं कर्फ़्यू में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं, कर्मचारियों, पेंशनरों, दुकानदारों, छोटे से लेकर बड़े उद्दयमियों, किसानों, बागवानों, फिल्मी कलाकारों, देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों, मजदूरों व श्रमिकों तथा किसानों सहित सभी वर्गों ने इस भयानक बीमारी से लड़ने के लिए अपनी- अपनी क्षमता के अनुसार सरकार को आर्थिक सहयोग किया है, जबकि इस दौरान सभी काम-धंधे बंद हो जाने के कारण करोड़ों प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंदों तथा निर्धनों का पेट पालने और उन्हें भूख के कारण आ रही परेशानियों से निजात दिलाने का भी महत्वपूर्ण मानवीय दाईत्व निभाया है। किन्तु यह बहुत ही चिंतनीय विषय है कि प्रदेश सरकार उस धन की लूट मचाने वालों को सख्ती से दंडित करने में असफल रही है।
उन्होने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर देश की जनता इंसान को बचाने में अपना हर संभव योगदान दे रही हैं ,तो दूसरी ओर सरकार में बैठे कुछ अधिकारी और राजनेता कथित धन अर्जित करने के जुगाड़ भिड़ा रहे हैं एवं भ्रष्टाचार के रिकार्ड स्थापित कर रहे हैं। उन्होने कहा कि शिमला में कथित स्वास्थ्य घोटाला, सेनेटाईजर घोटाला और बिलासपुर में पी पी किट की जगह रेन कोट खरीद घोटाला कुछ ऐसे घोटाले हैं, जिससे प्रदेश का सिर शर्म से झुका है। उन्होने कहा कि जनता ने बड़ी ही आशाओं व आकांक्षाओं के साथ भाजपा द्वारा उनसे किए गए वादे के अनुसार स्वच्छ व पारदर्शी सरकार देने के लिए चुना था, किन्तु अब जिस प्रकार के बड़े- बड़े घोटाले सार्वजनिक हो रहे हैं, उससे भाजपा का असली चेहरा सबके सामने उजागर हुआ है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव बिंदल से नैतिकता का हवाला देकर त्याग पत्र दिया है, जबकि इसके पीछे छिपा एजेंडा कुछ और है। उन्होने कहा कि यदि सरकार इस मामले पर गंभीर है तो उसे तुरंत इसकी जांच हाईकोर्ट के किसी न्यायाधीश या फिर सी बी आई को सौंप देनी चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और दोषियों को दंडित किया जा सके। उन्होने कहा कि देश पहले ही आर्थिक संकट का सामना करने को विवश हुआ है, क्यूँकि देश में पहले नोटबंदी और फिर जीएसटी की मार ने सभी छोटे व्यापारियों के काम-धंधे चौपट किए जबकि पेट्रोल व डीजल की बढ़ी अत्याधिक कीमतों ने मंहगाई को पंख लगाने का काम किया है, जिस कारण आम आदमी को दो वक्त की रोटी कमाने अथवा अपने परिवारों का पेट पालने के लाले पड़ गए हैं। राजेश धर्माणी ने कहा कि कोरोना कर्फ़्यू अथवा लाक डाउन समाप्त होने के बाद कांग्रेस पार्टी जनता की समस्याओं व कठिनाइयों को लेकर सड़कों पर उतरेगी और सरकार की गलत, अनुचित व अवैध गतिविधियों का पर्दाफ़ाश करेगी।
