संदौली में अधूरे काम पूरे नहीं करवा रही भाजपा सरकार : बंबर ठाकुर
बिलासपुर सदर के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बंबर ठाकुर ने कहा है कि अली खड्ड पर बने जबल पुल के समीप मारकंड-माकड़ी पंचायत के गाँव संदौली में एक नाले पर निर्मित किए जाने वाले कल्वर्ट के दोनों ओर की विंग वाल्स पिछले कई वर्षों से लाखों रुपए खर्च करके निर्मित की जा चुकी हैं, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार और इसके नेताओं तथा संबन्धित विभाग की लापरवाही के कारण लोगों की कठिनाइयों व समस्याओं की खुली अवहेलना करते हुए इस अधूरे पड़े कार्य को पूरा करने के लिए कल्वर्ट पर स्लैब तक नहीं डाला गया है, जिस कारण लोग भारी मुसीबतों का सामना करने को विवश है।
बंबर ठाकुर ने कहा कि पिछले दिन उन्होने इस क्षेत्र का दौरा किया और ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं के बार में उन्हें अवगत करवाते हुए उनके शीघ्र निराकरण करवाने का आग्रह किया है। बंबर ठाकुर ने कहा कि उन्होने विधायक रहते इस कल्वर्ट के लिए 4.50 लाख रुपए स्वीकृत करवाए थे, किन्तु न जाने फिर भी इस अधूरे पड़े कल्वर्ट को पूरा करने में इतनी लापरवाही क्यूँ बरती जा रही है। उन्होने कहा कि अब बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और कोरोना के बाद स्कूल के बच्चों को इस पुली के अभाव में आर- पार आना -जाना कठिन हो जाएगा।
बंबर ठाकुर ने कहा कि संदोली से बरोग, ठोडु, मंगरोट, मकड़ोग उठाऊ सिंचाई योजना काफी समय से खराब पड़ी हुई है, जिस कारण इन सभी गांवों के किसानों की सिंचित होने वाली भूमि बंजर पड़ी है और किसानों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। उन्होने कहा कि इस स्कीम की मोटरें कुछ वर्ष पूर्व चोरी हो गई थी इसलिए नई मोटरें स्थापित करने के लिए और स्कीम को सुचारु रूप से चलाने के लिए उन्होने 18 लाख रुपए स्वीकृत करवाए थे, किन्तु वह पैसा भी खर्च नहीं किया गया है और स्कीम को चालू न करने से किसान मटर, अदरक और टमाटर आदि फसलें न उगा पाने के कारण भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ी है।
उन्होने खेद व्यक्त किया कि जिन योजनाओं व कार्यों के लिए कांग्रेस सरकार ने धन उपलब्ध करवा कर निर्माण कार्य शुरू करवा दिया था, वे भी अधूरे पड़े हैं और उन्हें जान -बूझ कर पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होने कहा कि सरकार लोगों की कठिनाइयों के प्रति बिलकुल भी गंभीर नहीं दिख रही है और लोग विभिन्न कठिनाइयाँ व परेशानिया झेलने को विवश हो रहे हैं। उन्होने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इन कार्यों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो वे कोरोना संपात होने पर संबन्धित ग्रामीणों को साथ लेकर संघर्ष करने एवं सड़कों पर उतरने के लिए विवश होंगे, जिसका सारा उत्तरदायित्व सरकार पर होगा।
