बिलासपुर जिला में परिवहन निगम के चालक व परिचालक परेशान
हिमाचल सरकार द्वारा हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें चलाने का निर्णय तो ले लिया गया है लेकिन इस बात का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जो चालक और परिचालक बसों को लेकर जा रहे हैं, उनके रहने और खाने की व्यवस्था कैसे की जाएगी। बिलासपुर में एक ऐसा उदाहरण सामने आया है जिसमें बिलासपुर से भ्यूंखर गांव को गई पथ परिवहन निगम की बस के चालक परिचालक को वहां के ग्रामीणों ने नल से पानी तक भी भरने नहीं दिया। परिणाम स्वरूप यह बस का रूट आज कैंसिल करना पड़ा है।
यही दिक्कत है अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में जा रही रूटों पर भी आ रही हैं ना तो चालक और परिचालकों के रहने की कोई व्यवस्था की गई है और ना ही उनके खाने और पीने का कोई प्रावधान है। अगर बात करें सवारियों की तो निश्चित रूप से अभी लोग बसों में नहीं बैठ रहे हैं और सवारियां बहुत कम है। जिसके चलते रेवेन्यू भी कम ही इकट्ठा हो रहा है।
बिलासपुर से पहले दिन 35 रूट भेजे गए थे तथा उन रूटों पर कुल आमदनी 54584 रुपए हुई थी जबकि दूसरे दिन 52 रूट बहाल किए गए जिन पर कुल आमदनी 86609 रुपये हुई। हैरानी तो इस बात की है कि परिचालकों को हाथ से टिकट काटने को कहा गया ह लेकिन लोग हाथ से कटे टिकट नही ले रहे। पता चला है कि टिकट काटने की 216 मशीनों में से 148 मशीनें खराब है और 68 मशीनें ऐसी हैं जो रुक-रुक कर चलती है। इस बारे में परिचालकों ने कई बार अपने अधिकारियों को बताया, लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी जबकि यह मामला। पिछले एक डेढ़ वर्ष से चला आ रहा है। बुधवार को बिलासपुर से दो और रुट भी आरम्भ किये हैं जिनमे मल्यावर तथा जाहु के रूट शामिल हैं। बाहरी जिलों से बसें नालागढ़ ,चम्बा व शिमला से आ रही हैं और बिलासपुर को क्रॉस कर रही हैं।
इस बारे में बिलासपुर पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी की गई है। उसमें पंचायत प्रधान को चालकों और परिचालकों के रहने और खाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। लेकिन पिछले दो दिनों में किसी भी पंचायत प्रधान ने इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं की है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से भी भ्यूंखर रूट बंद कर दिया गया है क्योंकि जब चालक और परिचालक को खाने और रहने की व्यवस्था नहीं होगी तो बसे इस तरह से कैसे चलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जो टिकटों को काटने की खराब मशीनें हैं, वह शिमला गई है और नई मशीनें अप्रैल में आनी थी, लेकिन कोविड -19 के कारण वह सप्लाई नहीं आ पाई है। इस बारे में शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जा रही है।
