किसानों को ठगती आ रही भाजपा सरकार : रामलाल ठाकुर
पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक श्री नयना देवी जी राम लाल ठाकुर ने केंद्र की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश मे जब जब भी भाजपा की सरकारें बनी तब तब देश का किसान ठगा गया है।
राम लाल ठाकुर ने कहा देश मे किसान सम्मान निधि के नाम से एक योजना शुरू की गई। उस योजना के अनुसार देश के हर किसान को वर्ष में 6000 रुपये तीन किस्तों में देने होते है। लेकिन इस योजना का जिस धड़ल्ले से दुरपयोग किया जा रहा है उससे देश का किसान ठगा सा महसूस कर रहा है। इस योजना को सिर्फ उन राज्यो में इस्तेमाल किया जाता है जिन राज्यों में भविष्य में चुनाव होने तय हो। पिछले वर्ष जब मई माह में देश मे लोकसभा के चुनाव थे तब फरवरी 2019 से लेकर अप्रैल 2019 तक किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि का पैसा डाला जाता है। उसके बाद जब केंद्र की सरकार बन जाती है किसानों को इस किसान सम्मान निधि से वंचित रखा जाता है। उसके बाद जिन जिन राज्यों में चुनावों की घोषणा होती है तो उन उन राज्यों के किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये हस्तांतरित कर दिए जाते है उसके बाद किसानों को भगवान के भरोसे छोड़ जाता है। यह देश के किसानों के साथ भद्दा मजाक हो रहा। देशभर के करोड़ों किसानों को सिर्फ वोटों के लिए ठगने हेतु इस योजना को फायदे वाली योजना बता कर किसानों से छल किया जा रहा है।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि अगर मैं हिमाचल प्रदेश के किसानों की बात करूँ तो इस किसान योजना पहली किस्त फरवरी 2019 में जारी की गई थी। किसान योजना दूसरी किस्त अप्रैल 2019 को जारी की गई थी जबकि मई महीने में लोकसभा के चुनाव थे। किसान योजना तीसरी किश्त अगस्त में जारी की जानी थी जो अभी तक भी जारी नहीं की गई है और किसान योजना चौथी किस्त जनवरी 2020 में जारी की जानी थी वह भी अभी तक नहीं आ सकी है और जबकि इस किसान योजना पाचवी किस्त अप्रैल, 2020 में जारी की जानी थी वह भी नहीं दी गई है तो अब तो किसान योजना छठी किस्त का भी समय हो चुका है उसको तो हिमाचल प्रदेश के किसान भूल ही जाए। राम लाल ठाकुर ने एक बार किसानो के मसले पर देश और प्रदेश की सरकार को चेताया कि किसानों से इस प्रकार की ठगी बंद कर देनी चाहिए।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि लॉक डाउन के समय अगर देश का किसान अगर मजबूती से नहीं खड़ा होता तो आज देश व प्रदेश में भुखमरी जैसे हालात होते। उन्होंने कहा कि यह देश मे देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवारलाल नेहरू की देन है जिन्होंने देश को हरित क्रांति जैसी योजनाएं देकर देश के अन्न भंडार भरे और देश के किसान को मजबूत करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि इस मुददे पर अगर हम भूतकाल में झांके तो पता चलता है कि चाहे पूरे विश्व में हरित क्रांति के जनक के रुप में भले ही प्रोफेसर नारमन बोरलॉग को देखा जाता हो, लेकिन भारत में हरित क्रांति के जनक के रुप में एम एस स्वामीनाथन का ही नाम लिया जाता है। क्योंकि स्वामीनाथन ने तत्कालीन कृषि मंत्री सी सुब्रहण्यम के साथ मिलकर देश में हरित क्रांति लाने पर बल दिया था और देश के प्रथम प्रधानमंत्री मंत्री ने यह सोच पैदा की थी। आजादी से पहले ही पश्चिम बंगाल में भीषण अकाल पड़ा, जिसमें लाखों लोगों की मौत हो गई। 1947 में मिली आजादी के देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने भी कृषि क्षेत्र पर ही जोर तो दिया था, लेकिन वर्तमान की सरकारों ने पूर्व की सरकारों से सीखना तो दूर पर किसानों को किसान सम्मान निधि योजना बना कर ठगना जरूर शुरू कर दिया है।
