नड्डा का गृह जिला होने के बावजूद, बिलासपुर क्षेत्रीय अस्पताल की स्तिथि दयनीय : आशीष ठाकुर
युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर निशाना साधते हुए कहा है कि बिलासपुर जिला का क्षेत्रीय अस्पताल आज तक सिर्फ राजनीति का शिकार हुआ है। आज भी यंहा पर लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नही मिल पा रही है जिसकी वजह से लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है और भारी भरकम अदायगी करनी पड़ रही है।
युवा नेता ने कहा कि बड़े की दुर्भाग्य की बात है कि पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का गृह जिला होने के बाबजूद आज भी क्षेत्रीय अस्पताल की स्थिति दयनीय है। नड्डा ने अपने कार्यकाल में बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवायों को सुदृढ करने में कोई दिलचस्पी नही दिखाई जिसका यह नतीजा है। नड्डा सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। आज नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने है पर उन्होंने अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन नही किया है।
आशीष ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर क्षेत्रीय अस्पताल में आज तक सिटी स्कैन मशीन कार्य नही करती है उन्होंने कहा कि इसके लिए युवा कांग्रेस ने कई बार आवाज बुलंद की पर स्वास्थ्य विभाग के कानों में जूं तक नही रेंगी आज लोगो को मजबूरन सिटी स्कैन करवाने के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन में भी लेवल 2 अल्ट्रासाउंड नही हो पा रहे है जिससे गर्भवती महिलाओं को निजी अस्पतालों में हज़ारों रुपये खर्चने पड़ रहे है।
युवा नेता ने कहा कि बिलासपुर जिला की जनसंख्या 4 लाख से ज्यादा होने के बाबजूद सिर्फ 2 ही स्त्री रोग विशेषज्ञ क्षेत्रीय अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रही है। चिकित्सकों की संख्या कम होने के वजह से गांव की भोली भाली जनता को निजी अस्पतालों में जाकर गर्भवती महिलाओं का इलाज करवाना पड़ रहा है बदले में निजी अस्पतालों में खूब लूट घसूट मचा रखी है। एक महिला को प्रसव के दौरान 25 से 30 हजार रुपये की राशि इन निजी अस्पतालों में खर्च करने पड़ रही है। बिलासपुर जिला में सभी लोग इतने सक्षम नही है कि वो इतना पैसा खर्च कर सके।
आशीष ठाकुर ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में आज भी सिर्फ एक मेडिसिन स्पेशलिस्ट है, एक चिकित्सक 24 घण्टे लगातार कार्य नही कर सकते है जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। युवा नेता ने यह भी कहा कि बिलासपुर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के नाक तले पीपीई किट घोटाला हुआ जिसकी अभी जांच चल रही है। आशीष ठाकुर ने प्रदेश सरकार से पूछा जब सरकार ने 64 अधिकारियों को संदिग्ध सूची में डाला था तो उनको किस आधार पर फिर से जिला के स्वास्थ्य विभाग का आला अफसर नियुक्त कर दिया।
युवा नेता ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द बंद पड़ी सिटी स्कैन मशीन और अल्ट्रासाउंड मशीन को चलाया जाए और कम से कम 2 और स्त्री रोग विशेषज्ञ ओर 2 अन्य मेडिसिन स्पेशलिस्ट की नियुक्ति क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में की जाए ताकि निजी अस्पतालों की लूट घसूट बंद हो और जनता को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
