सात साल पहले बानी तहसील में आज भी कई मूलभूत सुविधाओं का आभाव
दाड़लाघाट में फरियादियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए वर्ष 2012 में दाड़लाघाट में उप तहसील तो खोल दी थी और इस सब तहसील के तहत 11 पटवार सर्कल आते हैं, पर यहां आने वाले फरयिादियों के बैठने के लिए कहीं जगह तक नहीं बनाई गई है। कोई खास सुविधा ना होने की वजह से फरियादियों को आसपास की दुकान व उप तहसील प्रांगण के पेड़ों के नीचे बैठना पड़ता है। तहसील करीब 7 वर्ष पहले से ही चालू हो गई थी इससे क्षेत्रीय लोगों को काफी खुशी भी हुई थी, लेकिन यहां अभी भी कई सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। क्योंकि इस तहसील पर अभी भी बहुत काम अधूरा पड़ा है।
यह जो तहसील का कार्यालय है वो अभी तक भी पशु औषधालय के पुराने भवन के तीन कमरों में ही चल रहा है। यहाँ पर रीडर, पंजीयन लिपिक, कार्यलय कानूनगो, लैंड रिकॉर्ड कम्प्यूटराइज्ड को बैठने व अभिलेख रखने हेतु कोई भी स्टोर नहीं है और न ही बैठक हॉल है जिस कारण कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा आए हुए फरियादियों को बैठने व खड़े होने की उचित जगह नहीं है जिस कारण धूप व बरसात के मौसम में लोगों को भारी परेशानी होती है,इसके अतिरिक्त डोकुमेन्टर राइटर, स्टैम्प वेंडर व नोटरी पब्लिक को बैठने की भी उचित व्यवस्था नहीं है, यहाँ पर पेयजल की भी सुविधा ठीक नहीं है। लोगों ने बताया कि यहाँ पर पेयजल विभाग की एक उठाऊ जल स्कीम है लेकिन यह स्कीम जब से बनी है उसी समय से खराब है और यहाँ पर पानी तीसरे व चौथे दिन आता है जिस कारण यहाँ आये फरियादियों को पेयजल समस्या का भी सामना करना पड़ता है,इसके अलावा यहाँ पर दो शौचालय भी बने है लेकिन उनके दरवाजे खराब है जिस कारण खासकर महिलाओं को शौच आदि करने में परेशानी झेलनी पड़ती है। इसके अतिरिक्त मुख्य मार्ग से जो लिंक सड़क उप तहसील कार्यालय को आती है वह भी ठीक नहीं है, उसमें भी गड्ढे ही गड्ढे हैं जिस कारण गाड़ी लाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है,इस कार्यालय में स्टाफ की भी कमी है जिसमें जूनियर ऑफिस असिस्टेंट व कार्यालय कानूनगो का पद खाली चल रहा है। कार्यलय कानूनगो का काम करने के लिए फील्ड से कानूनगो की ड्यूटी लगाई जाती है जिस कारण फील्ड का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि उप तहसील दाड़लाघाट के भवन का निर्माण किया जाए,लोगों को बैठने के लिए शेड बनाया जाए व यहाँ पर स्टाफ व अन्य जो भी कमियां है उसे जल्द पूरा किया जाए ताकि लोगों को आ रही परेशानियों से निजात मिल सके।
गौर रहे कि दाड़लाघाट क्षेत्र में स्थापित दो बड़े सीमेंट प्लांट है तो अम्बुजा सीमेंट कंपनी द्वारा तो दाड़लाघाट क्षेत्र में विकास को लेकर उनकी जिम्मेदारी होती है कि वो विकास को लेकर उचित कदम उठाए, लेकिन इस जिम्मेदारी में वो कितने जागरूक व रुचि रखते है तो सब तहसील में हो रही कमी इसमे साफ दिख रही है कि उनकी इसके प्रति कोई जिम्मेवारी नही है कि वो तहसील कार्यालय में चल रही समस्या में विकास को लेकर कोई ठोस कदम सुनिचित करे। क्योंकि सरकारी सहयोग के साथ उनका सहयोग होना चाहिये कि दाड़लाघाट सब तहसील कार्यालय में सबसे ज्यादा कार्य सीमेंट कंपनी का होता है और अम्बुजा सीमेंट प्लांट के अधिकारियों का आना जाना आए दिन वहाँ होता है ओर समाजिक दृष्टि से कंपनी सरकार के पास विकास कार्य को लेकर बड़ी बड़ी बातें करती आ रही है लेकिन इसमे साफ दिख रहा है कि सब तहसील कार्यालय में इस तरह से सारी बाते बेबुनियाद साबित हो रही है।
जब इस बारे नायब तहसीलदार दाड़लाघाट बसन्त लाल राजटा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इन समस्याओं बारे विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है।जल्द ही इन समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
