हिमाचल के माहिर वरिष्ठ सर्जन डा. राजेश आहलुवालिया हो रहे सेवा निवृत्त
चिकित्सा और चिकित्सक का नाम तभी सार्थक होता है जब वह मरीज की भगवान रूपी कल्पना की कसौटियों पर खरा उतरता है। चिकित्सक को धरती पर भगवान कीसंज्ञा दी गई है और यही भगवान हमारे प्राणों की रक्षा भी करते हैं। किंतु ईमानदारी व लगन से काम करने वाले ऐसे भगवान लंबे समय तक याद रखे जाते हैं। अपने अनुभव और दक्षता से बड़े अस्पतालों में होने वाले जटिल आपरेशनों को बड़ी सहजता से हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे से राज्य में सफलता पूर्वक कई आपरेशन करने में माहिर वरिष्ठ सर्जन डा. राजेश आहलुवालिया इसी माह 30 जून को अपनी सरकारी सेवाओं से निवृत हो रहे हैं।
मूलत कांगड़ा जिला के रहने वाले डा. राजेश आहलुवालिया बिलासपुर जिला में पिछले चार सालों से अपनी सेवाएं दे रहे थे। डा. आहलुवालिया के पास एमएस यानि चिकित्सा अधीक्षक का पदभार भी है, जिसमें अस्पताल की व्यवस्था संभालना उनका मुख्य कार्य है, बावजूद इसके वे मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करना तथा असाध्य आपरेशनों को सफलता की कसौटी पर चढ़ाना इनकी दिनचर्या में शुमार रहा। यही कारण है कि डा. आहलुवालिया अपने स्टाफ के साथ-साथ जनता में लोकप्रिय रहे। प्लास्टिक सर्जरी, कैंसर व अन्य आपरेशनों की बात करें तो निजी अस्पताल व अन्य राज्यों में इन आपरेशन के लिए लाखों रूपये में खर्च होते है। जिन असाध्य आपरेषनों के लिए मरीजों को यहां से रैफर किया जाता रहा है, उन्हें बिलासपुर में ही आपरेट कर ठीक करने का गौरव भी डा. आहलुवालिया को हासिल है।
गौर हो कि जब से देश में लाॅकडाउन शुरू हुआ था तो उससे पहले से ही डा. आहलूवालिया अपने घर में नहीं गए है। लगभग 80 दिनों से वह अपने परिवार से दूर बैठे हुए है। ताकि वह लोगों को इस कोरोना काल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान कर सकें। डॉ. आहलूवालिया अपने कार्यकाल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने हेतू कई प्रमाण पत्र बतौर ईनाम भी प्राप्त कर चुके है।
चिकित्सा क्षेत्र में डा. राजेश आहलुवालिया का सफरनामा
चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेश आहलूवालिया ने 1992-95 शिमला आईजीएमसी से अपनी पीजी कंप्लीट की है। 1995-99 जिला अस्पताल हमीरपुर में अपनी सेवाएं दी है। उसके बाद 1999-2016 तक इन्होंने पालमपुर अस्पताल में 17 साल अपनी सेवाएं दी है। तत्पष्चातं बिलासपुर अस्पताल में पहली बार चिकित्सा अधीक्षक का पद भरे जाने के पर इनका तबादला पालमपुर से बिलासपुर जिला में हुआ था। उसके बाद डाॅ. आहलूवालिया ने 30 मई 2016 को बिलासपुर में चिकित्सा अधीक्षक का पदभार संभाला था।
