कोरोना से कम अंतर्कलह से ज्यादा जूझ रही सरकार : हीरा पाल सिंह ठाकुर
भाजपा सरकार कोरोना से कम और अंतकर्लह से ज्यादा जूझ रही है। हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बना है जहां कोरोना काल में ईमानदारी से काम करने की बजाय घोटालों को अंजाम देकर जन-जन से धोखा किया गया है। यह बात हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ सचिव और वर्तमान में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक हीरा पाल सिंह ठाकुर ने कही।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य विभाग भी है इसलिए उनकी भी नैतिक जिम्मेवारी बनती है कि वह इस मामले में जवाब दें। उन्होंने कहा कि आनन-फानन में प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष से त्यागपत्र ले लिया गया और केंद्रीय अध्यक्ष ने भी उसे तुरंत स्वीकृत कर दिया लेकिन मुख्यमंत्री के पास स्वास्थ्य विभाग होने के नाते उनसे प्रश्न तक नहीं पूछा गया यह कहां तक उचित है।
उन्होंने कहा अगर स्वच्छ व पारदर्शी प्रशासन मुहैया करवाना चाहते हैं तो वह स्वास्थ्य विभाग की खरीद फरोख्त की जांच किसी सवतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराने की चेष्टा करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं दिख रही है। अफसरशाही वेलगाम हो चुकी है। कोरोना के दौरान अफसरशाही दवारा लिए गए गलत निर्णय सांयकाल को सीएम कार्यालय दवारा वापिस लिए जाने को प्रदेश की जनता देख चुकी है। सीएम आफिस की अफसरशाही पर पकड़ नी होने का यह जीता जागता उदाहरण है। भ्रष्टाचार से घिरी सरकार अव जांच की वजाए लीपापोती करने में ही व्यस्त दिख रही है।
उन्होंने कहा कि इधर करोना महामारी फैली हुई है और प्रदेश सरकार में मंत्री बेतुके बयान दे रहे हैं तथा वर्चुअल रैलियों की बात की जा रही है उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में इस तरह की रैलियां करना कहां तक उचित है इसका जवाब भी मुख्यमंत्री को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में अब तक जयराम सरकार कोई भी जनहित या समाज हित का कार्य करने में नाकाम रही है।
उन्होंने कहा कि विकास तो दूर की बात है सड़के, पेयजल योजनाएं, स्वास्थ्य संस्थान शिक्षा संस्थानों जैसे महत्वपूर्ण विभागों में राशि खर्च ना होने से लैप्स हो रही है। लेकिन जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य मरम्मत तक के लिए तरस गए हैं।
