प्रदेश में बेरोजगारी की दर गम्भीर चिंता का विषय : रामलाल ठाकुर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, हिमाचल सरकार में पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जो बेरोजगारी की दर बढ़ रही है वह गम्भीर चिंता का विषय है। हिमाचल जैसे छोटे राज्य में बेरोजगारी दर 18 प्रतिशत के करीब होना यह इशारा करता है कि प्रदेश की हालत बहुत दयनीय होने वाली है। बेरोजगारी की दिशा में हिमाचल प्रदेश देश के बड़े राज्यों में शुमार हो गया है।
हिमाचल प्रदेश एक पर्यटक राज्य माना जाता है हिमाचल प्रदेश का पर्यटन सीजन इस बार धराशायी हो चुका है। एक तो पहले ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था पहले ही मंदी के दौर से गुजर रही थी उसके ऊपर कोविड 19 की वजह से जो पर्यटक सीजन को धक्का लगा है उससे बहुत से लोग बेरोजगार हो गए है। राम ठाकुर ने कहा हिमाचल प्रदेश को बाहरी राज्यों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राज मार्ग जैसे चंडीगढ़ से मनाली हो या चंडीगढ़ से किन्नौर हो या पठानकोट से चम्बा हो या धर्मशाला से पठानकोट हो या फिर चंडीगढ़ से धर्मशाला सभी पर ढाबा व्यवसाय को गहरा धक्का लगा है। इनके बारे में भी प्रदेश सरकार को गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार को उन लोंगो के बारे में भी सोचना होगा जो हिमाचल से बाहर निजि क्षेत्रों में नौकरी करते थे। अब उनकी नौकरियां चली गई है तो अब वह लोग इस कोरोना काल मे दोबारा नौकरियों की तलाश ने अन्य राज्यों या बड़े मेट्रो शहरों में भी नहीं जा पा रहे है उनको भी बेरोजगारों की श्रेणी में लाया जाय उनके लिये किसी व्यवसाय की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से कोरोना के मामले दिन प्रति दिन बढ़ रहे है तो बेरोजगारी की स्थिति बढ़ती ही जाएगी। प्रदेश सरकार को चाहिए एक तो प्रदेश के ग्रामीण इलाके में मनरेगा जैसी योजना को बढावा देकर इस योजना को ज्यादा सुदृढ़ करें, दूसरे कोई ऐसी योजना तैयार की जाए जिससे लघु उद्योग प्रदेश के शहरी व ग्रमीण क्षेत्र में स्थापित करवाए जाए, जिसमे प्रदेश के बेरोजगारों को सस्ते ब्याज पर ऋण देकर और टैक्स में छूट देकर स्वरोजगार की तरह आकर्षित किया जाए।
राम लाल ठाकुर ने प्रदेश सरकार को चेताया अगर ऐसी कोई योजना इन बेरोजगारों के बारे में लाई नहीं गई तो लोगों में अराजकता बढ़ेगी और गृह युद्ध जैसी स्थिति पनप सकती है।
