अब तक नहीं सुलझी हंसराज की मौत की गुत्थी, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
सदर विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता आशीष ठाकुर की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमण्डल उपायुक्त राजेश्वर गोयल से मिला, इस प्रतिनिधमंडल में कुहमझवाड़ पंचायत के प्रधान जगदीश ठाकुर व कुहमझवाड़ पंचायत के उपप्रधान धर्म सिंह ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश से मुलाकात कर उनके माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से युवा नेता ने बताया कि पिछले महीने की 10 तारीख को बिलासपुर जिला के स्वारघाट क्वारन्टीन सेंटर में कुहमझवाड़ पंचायत के लेंगड़ी गांव के हंसराज नामक युवक की मौत हो गई थी। मौत के बाद जनता के विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार जय राम ठाकुर ने उक्त मामले की मैजेस्ट्रीयल जांच के आदेश जारी किए थे जिसमें एडीएम बिलासपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को आदेश जारी किए थे कि उक्त मामले की जांच 5 दिन में पूरी की जाए,पर आज एक महीने का समय बीत जाने के बाबजूद जांच को सार्वजनिक नही किया गया है।
आशीष ठाकुर ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल के ध्यानार्थ लाया की उक्त परिवार को आज तक उस युवक का मृत्यु प्रमाण पत्र तक नही जारी किया गया है। आशीष ठाकुर ने कहा कि हंस राज की मौत की गुथी सुलझाने के लिए राज्यपाल महोदय खुद हस्तक्षेप करे और सरकार एवम प्रशासन को आदेश जारी करे कि जल्द से जल्द कारवाही अमल में लाई जाए और दोषियों को सजा दिलवाई जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने बरती थी लापरवाही
आशीष ठाकुर ने कहा कि उन्हें सूत्रों के हवाले से ज्ञात हुआ है कि 10 तारीख को जब उस युवक की मौत हुई थी और उसे स्वारघाट क्वारन्टीन सेंटर से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर लाया गया था तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा बहुत बड़ी लापरवाही बरती गई थी और उस युवक को चिकित्सकीय मदद जो मिलनी चाहिए थी उससे वंचित रखा गया। उन्हें मालूम हुआ है कि जैसे ही हंसराज को क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया उसे सबसे पहले अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ले जाया गया फिर वँहा कुछ लोग शोर मचाने लग गए फिर उसे स्ट्रेचर के द्वारा अस्पताल के प्रांगण में लाया गया जंहा लग्भग डेढ़ घण्टे तक उसी स्थिति में वँहा स्ट्रेचर पर रखा गया उसके बाद एक व्यक्ति ने उसे घसीटते हुए दूसरी 108 सेवा की गाड़ी में डाल दिया गया और वह गाड़ी भी अस्पताल में लग्भग 2 घण्टे के लिए खड़ी रही। अगर उक्त युवक को सही समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल जाती तो शायद वह युवक आज ज़िंदा होता। आशीष ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि 10 मई की सीसीटीवी फुटेज उक्त व्यक्ति के परिवार को सौंपी जाए ताकि सचाई लोगो के सामने आ सके।
किसी ने भी नहीं पहुँचाई आज तक आर्थिक मदद
युवा नेता ने कहा कि उक्त युवक बहुत ही निर्धन परिवार से सम्बन्ध रखता है,मौत के बाद आज तक सरकार और प्रशासन की तरफ से किसी भी तरह की आर्थिक मदद उक्त परिवार को नही पहुंचाई गई। युवा नेता नर कहा कि उन्हें पूर्व विश्वास है कि राज्यपाल महोदय इस मामले में खुद हस्तक्षेप करेंगे और उक्त परिवार को न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
अगर 15 दिनों में जांच सार्वजनिक न हुई तो होगा आंदोलन
ग्रामीणों ने कहा कि अगर 15 दिनों में उक्त मामले की जांच को पूर्ण कर सार्वजनिक नही किया गया तो क्षेत्र वासियों के साथ मिलकर एक बहुत बड़े आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी और इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार एवम जिला प्रशासन की होगी। इस मौके पर मृतक के दादा गजन राम, भाई देश राज, वार्ड सदस्या सर्लोचना देवी, मुंसी राम, बृज लाल, बाबू राम व कमल किशोर साथ रहे।
