प्राचीन ऐतिहासिक शक्ति स्थल बाड़ीधार में इस वर्ष नहीं होगा देव मिलन
कोरोना महामारी के चलते प्राचीन ऐतिहासिक शक्ति स्थल बाड़ीधार में इस वर्ष देव मिलन नहीं होगा। हर वर्ष 13 व 14 जून को होने वाले बाड़ीधार मेले के आयोजन में होने वाले देव मिलन को इस साल कोरोना महामारी के चलते नहीं कराया जाएगा। सरकार के आदेशों के ध्यान में रखते हुए कोरोना महामारी के चलते बाड़ादेव पांच पांडव मंदिर समिति सरयांज बाड़ीधार ने यह निर्णय लिया है। कमेटी के सहसचिव कमल कांत ने बताया कि इस वर्ष न ही किसी प्रकार के मेले का आयोजन किया जाएगा और न ही देव मिलन करवाया जाएगा। मेले का आयोजन हर साल 14 या 15 जून को संक्रांत के दिन किया जाता था, लेकिन इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते इस मेले का आयोजन रद्द कर दिया गया है। मंदिर कमेटी ने समस्त जनता से आग्रह किया है कि अगर कोई व्यक्ति बाड़ादेव के पास मन्नत या चढ़ावा चढ़ाना चाहता है तो वह मंदिर कमेटी के खाते में ऑनलाइन पेमेंट जमा करा सकता है। जिसके लिए यूको बैंक सरयांज में खाता नंबर 33360110011454 तथा मंदिर कमेटी बुईला का खाता नंबर 33360110015261 खुला है जिसका आईएफएससी कोड ucb008336 रहेगा। मंदिर कमेटी के सह सचिव कमल कांत ने बताया कि इस आश्य का आदेश उपमंडल अधिकारी (नागरिक) अर्की से भी 8 जून को प्रधान मंदिर समिति सरयांज, देवथल व सारमा को जारी किया गया है,जिसमें उन्होंने बताया है कि इस मेले के आयोजन के लिए सरकार की तरफ से कोई भी अनुमति नहीं दी जा सकती है।
अतः उनसे जारी अनुमति को भी रद्द समझा जाए।इस क्षेत्र के बुजुर्गों से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह घोर कलियुग आ गया है, जो देव मिलन में भी रुकावट पैदा कर दी।
उल्लेखनीय है कि बाड़ी का मेला हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान तक मशहूर है।हर साल यहां हजारों के संख्या में पर्यटक व श्रद्धालु इस मेले का आनन्द लेने आते रहें, लेकिन इस वैश्विक महामारी ने देव मिलन को भी रुकवा दिया। लोगों ने परमात्मा के स्थानो को धन दोहन केंद्र बनाने के भी आरोप लगाने शुरू कर दिए है। लोगों ने बताया कि गत वर्षों में यहां पैसे के लिए लड़ाई की चरम सीमा पर पहुंच कर देव मिलन नहीं करवाया गया था। शायद इस से नाराज़ देवता ने महामारी को कारण बना कर देव मिलन स्वं ही रुकवा दिया। आस्था रखने वाले इस देव प्रकोप बता रहे है। लोग कुछ भी सोचे व बोले मेला कमेटी ने अपना निर्णय सुना दिया है कि इस वर्ष ना मेला आयोजित किया जाएगा ना ही देव मिलन करवाया जाएगा।
उधर, उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने लोगों से आव्हान किया है कि यह मेला व देव मिलन कार्यक्रम इलाकावासियों की श्रद्धा व आस्था का प्रतीक है।लेकिन वैश्विक महामारी के चलते हमे घर पर रहना होगा। फिलहाल जब तक प्रदेश सरकार के मंदिरों का कपाट खुलने के आदेश नहीं आते तब उपमंडल में कोई भी देव कार्यक्रम नहीं किया जाएगा। वही उन्होंने मेला कमेटी का धन्यवाद किया कि कमेटी द्वारा पहले ही इस वैश्विक कोरोना महामारी में मेला रद्द करने का फैसला ले लिया था।
