सिटिंग जज द्वारा करवाई जाए स्वास्थ्य घोटाले की जांच : राजेश धर्माणी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव तथा पूर्व सीपीएस व पूर्व विधायक घुमारवीं राजेश धर्माणी ने प्रदेश सरकार से कड़े शब्दों में मांग की है कि स्वास्थ्य घोटाले की जांच को किसी सिटिंग जज से करवाई जाए। वह बिलासपुर में पत्रकारों से बात कर रहे थे उन्होंने कहा कि कितनी हैरानी की बात है कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को इस मामले में त्यागपत्र देना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई बड़ी हस्तियां, कई बड़े अधिकारी व बिजनेसमैन भी इसमें शामिल हैं इसलिए अगर वर्तमान सिटिंग जज से जांच करवाई जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भाजपा नैतिकता के आधार पर अपने पार्टी के राज्य अध्यक्ष के त्यागपत्र की बात कर रही है तो और भी नैतिक आधार पर त्यागपत्र दे सकते हैं क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान यह घोटाला सामने आया है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कॉलेजो, सीएमओ के कार्यालयों, हिमफैड तथा डिस्ट्रिक्ट फेडरेशन को भी जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए क्योंकि इनके माध्यम से भी सप्लाई हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि शिमला आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डॉ मुकंदलाल का तबादला भी इसलिए किया गया क्योंकि वह सरकार के मन मुताबिक काम नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ मुकंद अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह से भ्रष्ट हो गई है और उस पैसे को भी चहेतों को उड़ा रही है जो लोगों ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए दिया है। पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा अंजना धीमान और कांग्रेस महासचिव तथा पूर्व प्रवक्ता संदीप सांख्यान भी उपस्थित रहे।
