अर्की तहसील में कोरोना ने दी दस्तक, गाजियाबाद से लौटा युवक कोरोना पॉजिटिव
सोलन जिला के अर्की तहसील में भी कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। दाड़लाघाट सब तहसील की ग्राम पंचायत पारनु के ठेरा गांव का एक 22 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह अर्की तहसील का पहला मामला पॉजिटिव पाया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार उसकी ट्रेवल हिस्ट्री गाजियाबाद है वह 5 जून को एक टैक्सी के माध्यम से हिमाचल प्रदेश आया था। उसके पास बाकायदा सोलन, डीएम -627821 नम्बर का ईपास मौजूद था। जानकारी के अनुसार वह ग्रीन जोन गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर से आया था। उसके घर से ही मिली जानकारी के अनुसार उसके साथ दो व्यक्ति बतौर ड्राइवर और कंडेक्टर थे जो उसे घर छोड़कर वापस चले गए थे।इस व्यक्ति का कोरोना टेस्ट 10 जून को दाड़लाघाट ईएसआई में हुआ था। इसके साथ 10 और व्यक्तियों का टेस्ट भी लिया गया था जिनमें से इस युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
इस व्यक्ति के पॉजिटिव आने के कारण सारा गांव सकते में आ गया है। इस गांव में लगभग डेढ़ सौ की जनसंख्या है और इस गांव को प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया है। रास्ते में वह न जाने किन किन लोगों के संपर्क में आया वह पेट्रोल पंप दाड़ला फिलिंग सेंटर पर भी गया, उसे भी सील कर दिया गया है। दाड़लाघाट ईएसआई जहां उसका टेस्ट हुआ उसको भी एहतियातन सैनिटाइज करने हेतु बंद कर दिया है। परिवार वालों के अनुसार उन्होंने वैसे तो उससे उचित दूरी बनाकर रखी है लेकिन शौचालय और बाथरूम सभी ने एक ही प्रयोग किया है जिससे परिवार वाले भी संदेह के घेरे में आ सकते हैं। उधर पंचायत प्रधान विद्या सागर शर्मा का कहना है कि इस गांव के वासी प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से इस परिवार से संपर्क में आए हैं। अतः इनके सबके टेस्ट होने बहुत जरूरी है।
एसडीएम अर्की विकास शुक्ला ने बताया इस युवक को कांठा भेजा भेज दिया गया और गांव ठेरा को एहतियातन सील कर दिया गया है।
गौर रहे कि अभी तक अर्की तहसील में कोरोना के एक व्यक्ति के पॉजिटिव आने से पूरे क्षेत्र में लोगो में का माहौल छा गया है। फिलहाल अभी तक यहां कोई भी मामला न होने के बाद भी लोग एहतियात बरत रहे थे, परन्तु सबंधित व्यक्ति दिल्ली गाजियाबाद से दाड़लाघाट के पारनु में कैसे पहुंच गया यह भी एक चर्चा का विषय लोगो मे चला हुआ है। लोगो का प्रदेश सरकार व प्रशासन से साफ नाराज़गी है कि जो भी व्यक्ति पॉजटिव आए या कोई भी जो बाहर से यहां आ रहे है, उन्हें घर मे क्वारंटाइन न करके सरकार द्वारा बनाए गए कोरोना सेंटर में ही इन्हें क्वारंटाइन करने की व्यवस्था करें ताकि यह बीमारी उनके घर परिवार व आस पड़ोस में न फेल सके। लोगो मे यह भी चर्चा चली रही कि उक्त व्यक्ति जब गाजियाबाद से अर्की पहुंच गया तो क्या परवाणू बेरियर पर इसे प्रशासनिक क्वारंटाइन क्यों नही किया गया न जाने इतने कितने व्यक्ति होंगे जिन्हें सरकार द्वारा सीधे घर भेज दिया गया है। लोगो ने प्रदेश सरकार व प्रशासन से मांग की है कि जो भी ऐसे व्यक्ति आते है उन्हें सरकारी संस्थागत क्वारंटाइन करके इस वायरस से बचाया जा सके।
