दूसरों का दर्द दुनिया को बताने वाले खुद आज दर्द से जूझ रहे : रामलाल ठाकुर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री और श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कोरोना काल में आई मंदी से मीडिया कर्मियों पर भी संकट के बादल छा गए है। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों, पत्रकारों व मीडिया कर्मियों को लेकर प्रदेश में सरकार में एक व्यापक योजना बननी चाहिए। ताकि मंदी के दौर में किसी भी मीडिया संस्थान, पत्रकार व मीडिया कर्मियों के ऊपर संकट नहीं आए। इस दिशा देश की सरकार और प्रदेश सरकार को कोई व्यापक योजना बनानी चाहिए ताकि इस मीडिया हाउसों पर आई मंदी जा तोड़ सामने आ सके।
राम लाल ठाकुर ने मांग की कि सरकार इन छोटे और मझोले स्तर के मीडिया घरानों को फ़ौरन राहत पैकेज दे और यह भी सुनिश्चित करे कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को इस राहत पैकेज का कितना लाभ प्राप्त हुआ है, अन्यथा लोकतंत्र का यह चौथा स्तम्भ भी खतरे आ जायेगा। राम लाल ठाकुर ने कहा यकायक जैसे ही कोविड 19 आया वैसे ही लोंगो ने अखबारों को छूना बंद कर दिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कर्मियों का बाहर कवरेज के लिए निकलना भी बंद हो गया। अखबारों के वितरण में भारी गिरावट आ गई,अखबारों में पृष्ठ संख्या भी कम हो गई और विज्ञापन भी न के बराबर हो गया जिससे हमारे मीडिया बंधु भी इस कोरोना महामारी से आई मंदी से रोजगार छिनने का भय पैदा हो गया है।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि मीडिया हमारे समाज मे सुदृढ़ संचारण व्यवस्था का रोल अदा करता आ रहा है। अगर मीडिया जगत में रोजगार को लेकर उदासीनता मंदी के कारण आती है तो हमारी समूची व्यवस्था का संचारण रुक जाएगा। उन्होंने कहा कि मीडिया दूसरों का दर्द दुनिया को बताने वाले खुद आज दर्द से जूझ रहा है। मीडिया को देश मे चौथा स्तंभ माना जाता है।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार देश के जाने माने मीडिया समूहों ने भी छंटनी करने की प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि देश मे कोई चार तरह का मीडिया सेगमेंट है, जिसमे वह पत्रकार व मीडिया कर्मी हैं मेट्रो सिटीज में काम करते हैं, कुछ सेमी मेट्रो सिटीज में काम करते है और कुछ हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य के छोटे छोटे शहरों या जिला स्तर पर काम करते है और कुछ देश और प्रदेश के ग्रामीण स्तर पर काम करते है। इस कोविड 19 के काल मे कुछ मध्यम दर्जे के मीडिया घराने तो बंद हो चुके और कुछ तो तबाही के कगार पर खड़े हुए है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में भी पत्रकारों और मीडिया कर्मियों की छंटनी की जा रही है।
अब तो मीडिया कर्मियों को कहा जा रहा है कि लॉकडाउन के कारण कंपनी नुक़सान में है और इसलिए आपकी सेवाएं ख़त्म की जा रही हैं। आप दो महीने का वेतन लीजिए और इस्तीफ़ा दे दीजिए। इस मसले पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वशिष्ठ उपाध्यक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने भी अप्रैल में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर मीडिया सेक्टर पर मँडरा रहे संकट का ज़िक्र किया था।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि मीडिया हमारे समाज का एक अहम हिस्सा है जो समाज की एक सही दिशा और आईने को दर्शाता है।
