मुख्यमंत्री दे रहे बचकाना और बेसमझी वाला वक्तव्य : बंबर ठाकुर
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने मुख्यमंत्री के उस ब्यान, जिसमें उन्होने संकट की घड़ी में विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया है, को बचकाना और बेसमझी वाला वक्तव्य करार देते हुए कहा है कि वास्तव में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कोरोना के बहाने विपक्ष पर निशाना साध कर कथित अपनी सरकार की असफलताओं व भ्रष्टाचार को छिपाने की होशियारी दिखाने का असफल प्रयास कर रहे हैं, क्यूँकि उन्हें पता है कि देश व प्रदेश की पढ़ी –लिखी अथवा समझदार जनता भली -भांति जानती है कि भाजपा ने कोरोना कर्फ़्यू के दौरान न केवल कथित जनता के धन का डट कर दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के रिकार्ड ही स्थापित किए बल्कि लोगों पर पुलिस अत्याचार करवाने और पीट- पीट कर उनका चमड़ा लाल कर देने जैसे जघन्य अपराध किए हैं, जिस कारण जनता में इस सरकार की छवि पूरी तरह से धूमिल हो चुकी है।
बंबर ठाकुर ने कहा कि प्रदेश को पहले ही 55 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के भारी भरकम कर्ज के बोझ तले डुबो दिया गया है, महंगाई चरम सीमा पर है जबकि बेरोजगारी के सभी रिकार्ड तोड़ दिये गए हैं। कर्मचारी अपने विभिन्न आर्थिक लाभों के लिए सरकार से बार- बार गुहार लगा रहे हैं, जबकि पेंशनरों के कितने ही आर्थिक लाभ उन्हें नहीं दिये जा रहे हैं और जब वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते हैं तो उन्हें अब कोरोना के बहाने टरकाने का काम किया जा रहा है।
बंबर ठाकुर ने कहा कि कोरोना के बहाने लोगों को ब्लैक मेल नहीं किया जा सकता है और यह सरकार का प्राथमिक उत्तरदाईत्व है कि वह आम जनता सहित अपने कर्मचारियों को समय- समय पर सभी आवश्यक सुविधाएं व आर्थिक लाभ देकर राहत पहुंचाए। उन्होने कहा कि देश भर में विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने प्रवासी मजदूरों, श्रमिकों, निर्धनों और जरूरतमंदों को राशन, मास्क, सेनेटाईजर और सभी आवश्यक जीवनोपयोगी वस्तुएं भेंट करके उनके जीवन को सुरक्षित रखने का प्रयास किया है, जबकि देश भर की जनता ने सरकार को पूरा-पूरा सहयोग करते हुए अरबों रुपए का भारी अनुदान दिया है।
बंबर ठाकुर ने कहा कि भाजपा स्वयं इस संकट की घड़ी में वर्चुअल रैलियाँ आयोजित करने जा रही है जबकि बिहार में 72 हज़ार एल ई डी के माध्यम से भाजपा के नेताओं द्वारा अरबों रुपये व्यय करके चुनावी रैली का आयोजन किया गया, जिस से हर कोई आसानी से अंदाजा लगा सकता है कि वास्तव में इस संकट की घड़ी में राजनीति कौन कर रहा है।
