एनएसयूआई ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की शिमला इकाई ने कोविड-19 महामारी के चलते प्रदेश के सभी छात्र छात्राओं की समस्याओं को लेकर एनएसयूआई पूर्व जिला महासचिव विनेश बंटा की अध्यक्षता में तहसीलदार जुब्बल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एनएसयूआई ने प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के सभी छात्र छात्राओं को बिना परीक्षा दिए अगली कक्षा में प्रमोट करने की मांग की है।
एनएसयूआई पूर्व जिला महासचिव विनेश बंटा का कहना है कि कोविड-19 महामारी के चलते हुए प्रदेश के महाविद्यालयों में वार्षिक परीक्षाएं कराना संभव नहीं है एनएसयूआई प्रदेश सरकार से मांग करती है कि सभी महाविद्यालयों के पहले और दूसरे सत्र के सभी छात्र छात्राओं को बिना परीक्षाओं के प्रमोट किया जाए और अंतिम सत्र के सभी छात्र छात्राओं को उनकी पिछली परफॉर्मेंस के मध्य नजर रखते हुए 10% अतिरिक्त अंकों के साथ प्रमोट किया जाए और प्रदेश सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रदेश के सभी महाविद्यालयों से फीस के नाम पर 18% जीएसटी टैक्स वसूली के फैसले को जल्द से जल्द वापस लिए जाने की मांग की।
विनेश बंटा का कहना है कि प्रदेश सरकार छात्रों के जेब में डाका डाल रही है जहां एक और उनको छात्र-छात्राओं की एक सत्र की फीस माफ करने चाहिए प्रदेश सरकार छात्रों को लूटने का काम कर रही है। एनएसयूआई इसका विरोध करते हुए सरकार को चेतावनी देती है अगर जल्द से जल्द यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो एनएसयूआई पूरे प्रदेश भर में उग्र आंदोलन करेगी।
ज्ञापन को सौंपते हुए एनएसयूआई जिला महासचिव निखिल केस्टा, आयुष, रजत, आशीष सोहटा, कृतिका आदि कार्यकर्ता शामिल थे ।
