कीरतपुर- नेरचौक फोर लेन एक्सप्रेस सड़क में हुई हैं बहुत बड़ी वित्तीय धांधलियां : रामलाल ठाकुर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य, पूर्व मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र राम लाल ठाकुर ने शब्दों का वज्र प्रहार करते हुए कहा कीरतपुर- नेरचौक फोर लेन एक्सप्रेस सड़क में बहुत बड़ी वित्तीय धांधलियां हुई है, उनकी सी. बी. आई. से जांच करवाई जानी चाहिए।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि इस फोर लेन रोड को बनाने वाली कम्पनी ने तो अपने आप को तो दिवालिया घोषित कर दीया लेकिन एक अनुमान अभी भी करीब 120 करोड़ के लगभग ठेकेदारों व अन्य कामगारों को तनख्वाहें व देनदारियां देने को हैं। इस फोरलेन बनाने वाली कंपनी ने जो नए नए बेरोजगार बच्चे जो बीटेक योग्यता वाले रखे थे उनको दिए जाने वाला न्यूनतम वेतन महज दस-दस हजार मासिक भी नहीं दिया, जबकि फोरलेन बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर वित्तिय अनियमिताओं व घूसखोरी करके चंडीगढ़ जैसी बड़ी बड़ी सिटीज में प्राइम लोकेशन पर कोठियां खरीद ली है।
राम लाल ठाकुर ने यह भी कहा कि जिस कंसल्टेंसी कंपनी को एन.एच.ए.आई. ने अपने तौर पर कार्य के मूल्यांकन व गुणवत्ता की देख रेख के लिए अधिकृत किया था उसके अधिकारियों ने भी मोटी घूसखोरी की है उनकी सम्पतियों की भी जांच की जानी चाहिए। इस सभी वित्तीय धांधलियों के पीछे उन्ही अधिकारियों का हाथ है जो इस योजना को बनाने में लगे थे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई अधिकारी प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार की तरफ से भी इस योजना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ा है तो उसकी भी सम्पत्तियों की जांच करवाई जाए। कीरतपुर नेरचौक फोरलेन एक्सप्रेस रोड बहुत बड़ा घोटाला है, क्योंकि चाहे लोगों की जमीनों का अधिग्रहण हो या लोगों की जमीनों के पैसे देने की बात हो या फिर कुछ कंपनी के चहेतों को काम देने की बात हो। इसकी पूरी जांच केंद्रीय अन्वेषण जांच ब्युरो से करवाई जानी चाहिए।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि यह परियोजना वर्ष 2012-13 में यू.पी.ए सरकार की देन रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना 2012 में शुरू किया गया था और इस फोरलेन को 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन बार-बार इसकी डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद यह परियोजना पूरी होती नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि 1818 करोड़ रुपए से बनने वाली योजना वर्तमान में 3500 के करीब पहुंच चुकी है। पिछले डेढ़ वर्ष से परियोजना का काम पूरी तरह से बंद पड़ा हुआ है। हालात यह है कि यह परियोजना कब पूरी होगी इसके बारे में किसी के पास भी कोई जवाब नहींं है। 84.38 किलोमीटर लंबे फोरलेन का अभी मात्र कुछ ही किलोमीटर काम पूरा हो पाया है। इस मामले पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी इस मामले पर समीक्षा बैठक की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है।
राम लाल ठाकुर ने कहा कि अभी 1455.73 करोड़ की स्वीकृति हो चुकी है फिर भी नए टेंडर के लिए देरी क्यों बरती जा रही है? राम लाल ठाकुर ने कहा कि यदि इस फोर लेन योजना का काम पूरा नहीं किया गया और इस योजना में की गई बड़ी बड़ी वित्तिय धांधलियों की जांच नहीं करवाई गई तो इस बारे में देश के प्रधानमंत्री कार्यलय व सड़क परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखा जायेगा। अगर फिर भी आवश्यकता पड़ी तो इन वित्तिय धांधलियों के खिलाफ और कार्य मे हो रही देरी हेतु देश के उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने से भी परहेज नहीं किया जाएगा।
