बंबर ठाकुर ने फिर बैरी दड़ोलां पुल को लेकर अपनी आवाज की बुलंद
बिलासपुर में पत्रकारों से रूबरू होते हुए पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने एक बार फिर सरकार तक बैरी दड़ोलां पुल के महत्व को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। इस पुल के निर्माण को लेकर भाजपा सरकार द्वारा शुरू से ही अपनाए जा रहे उदासीन रवैए को लेकर झील से उस पार की जनता परेशान है।
बंबर ठाकुर ने कहा कि पूर्व में सीएम रहे वीरभद्र सिंह द्वारा इस पुल का शिलान्यास किया गया था तथा कांगे्रस की ही सरकार में दोनो छोर पर 35 लाख रूपए की मदद से सड़क निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था। लेकिन हर विकास कार्य में राजनीति घुसेड़ने वाली भाजपा सरकार ने इसमे भी रोड़े अटकाने का काम किया है। इस पुल को लेकर घोषणाओं के अंबार तो भाजपा ने भी खूब लगाए लेकिन धरातल पर काम शून्य ही रहा।
उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से आग्रह किया है कि वे बैरी दड़ोलां पुल को बनाने में दिलचस्पी दिखाएं क्योंकि जिस मुकाम पर वे बैठे हैं वहां पर इस काम को करवाना उनके लिए बहुत छोटी सी बात है। उन्होंने कहा कि यह भी हैरानी का विषय है कि बिलासपुर से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, तीन-तीन एम एल ए हैं तथा सीएम के राजनीतिक सलाहकार केबीनेट रेंक के साथ वे भी बिलासपुर से ही हैं। लेकिन किसी भी लीडर ने बैरी दड़ोलां पुल की आवाज को उपर नहीं उठाया जो कि चिंता का विषय है। बिलासपुर में बनने वाले एम्स अस्पताल की सुविधा लेने के लिए इस पुल की मांग को लेकर बाहरी जिलों के लोग भी मांग उठा रहे हैं। यही नहीं गोविंद सागर झील के उस पार सभी धारों के लोगों के लिए मुख्यालय में पहुंचने की दूरी मिनटों में तय होगी।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस पुल के निर्माण की गति को आगे नहीं बढ़ाया गया तो वे आंदोलन करेंगे और यह आंदोलन ऐतिहासिक होगा। भाखड़ा बांध बनने के बाद लोगो के आपसी संबंध विच्छेद हुए। विस्थापितों को प्लाॅट तक नहीं मिल पाए है। यहीं नहीं बीबीएमबी द्वारा अरबों रूपए इसी से कमाए हैं लेकिन विकास के नाम पर किसी ने बिलासपुर का ध्यान नहीं रखा है।
बंबर ठाकुर ने सभी विधायकों से आग्रह किया है कि जनता के हित के लिए इस पुल को बनवाने में सहयोग करें। राजनीति के लिए समय और मंच और भी मिल जाएंगे।
