किन्नर समाज बॉर्डर पर जाकर चीन से लड़ने के लिए तैयार
भारत चीन सीमा पर हुए खूनी संघर्ष को लेकर हर भारतवासी का खून खौल उठा है। चीन की कायरना हरकत को लेकर हर देशवासी के सीने में उबाल है। चैतरफा हो रहे चीन के विरोध में हर राजनीतिक दल एकजुटता से कूद पड़ा हैं। ऐसे में भारतीय किन्नर समाज भी पीछे नहीं है। वीरवार को अर्धनारेशवर समाज सेवा समिति की अध्यक्षा बिजली मंहत ने बाकायदा डीसी बिलासपुर राजेशर गोयल को ज्ञापन सौंप कर मांग की है कि पूरे देश के किन्नरों को अपने भारतीय सैनिकों की मदद करने के लिए बार्डर पर जाने की अनुमति दी जाए। बिजली मंहत ने कहा कि देश के लिए अपने प्राणों की आहूति देकर सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय वीरों की शहादत को अखिल भारतीय किन्नर समाज नमन करता हैं। उन्होंने कहा कि यह शहादत बेकार नहीं जाएगी। भारतीय सेना के पराक्रम के आगे इन दोगले चीनियों को झुकना पड़ेगा। बिजली महंत ने कहा कि देश का हर नागरिक इस संग्राम में अपना योगदान दे सकता है। उन्होने कहा कि चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर सभी अपना योगदान दे सकते हैं। सभी देशवासियों को एकजुटता से प्रण लेना चाहिए कि वे चीन में निर्मित सामान का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे ताकि चीन को भी पता चले कि उसने गलत जगह हाथ डाला है। उन्होंने कहा कि चीन द्वारा की गई ऐसी दृश्टता कोई पहली बात नहीं है। भारत के उत्तरी पूर्वी राज्यों में चीन कब्जा करने की कोशिश सदा करता रहा है तथा भारतीय सेनाएं चीन को मुंह तोड़ जबाव देती आई हैं। अब चीन ने लड़ाइ का नया रास्ता निकाला है जो कभी कामयाब नहीं होगा। बिजली महंत ने कहा कि देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले इन वीर सैनिकों की मदद के लिए अखिल भारतीय किन्नर समाज बॉर्डर पर जाने के लिए आतुर है। अर्धनारेश्वर समाज सेवा समिति की अध्यक्षा बिजली महंत ने बताया कि हिमाचल व पंजाब बॉर्डर से लद्दाख जाने की अनुमति प्रदान की जाए ताकि सभी किन्नर समाज के लोग भारत चीन की सीमा पर जाकर अपने भारत की सेना के जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चीन के विरुद्ध भारतीय सैनिकों की मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि किन्नर समाज भारत माता की रक्षा के लिए अपना तन.मन.धन ने सावरकर के देश की सेवा में अपने खून का एक.एक कतरा न्योछावर करने के लिए तैयार है। बिजली महंत ने देश की तमाम 140 करोड़ जनता से आवाहन करता है कि वह अपनी तमाम मतभेदों को भुलाकर इस संकट की घड़ी में अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए एकजुट हो जाएं और अपने देश की सेवा के लिए आगे आएं।
