श्रमिकों के वेतन पर चौकड़ी मार बैठी है अम्बुजा सीमेंट कंपनी
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते सीमेंट उद्योग में श्रमिकों की परेशानी और पीड़ा को दरकिनार किया जा रहा है, क्योंकि जिन श्रमिकों ने खून पसीने ओर बहुत ही कठोर परिश्रम से अम्बुजा सीमेंट प्लांट को बनाने में तथा उत्पादन में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी।
शनिवार अम्बुजा सीमेंट प्लांट के श्रमिकों को अम्बुजा सीमेंट कंपनी दाड़लाघाट पूरा वेतन देने को भी मना कर रही है। इसी को लेकर दाड़लाघाट सीमेंट प्लांट में तनाव का वातावरण बना हुआ है। श्रमिकों को चिंता इस बात की सताई जा रही है कि जिस प्लांट को चलाते-चलते 24-25 साल हो गए हैं आज उन्ही श्रमिकों को अम्बुजा प्रबंधक परेशान कर रही है जिससे श्रमिकों का मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।इसी संदर्भ में एक वार्ता अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (भारतीय मज़दूर संघ) के पदाधिकारियों से हुई।
इस मौके पर सभी ने चिंता जाहिर की, कि अम्बुजा प्रबंधक अपनी मनमानी जानबूझ कर श्रमिको को परेशान कर रही है जो कि मज़दूरों के साथ अन्याय है जिसे भारतीय मज़दूर संघ कभी सहन नहीं करेगा। इसी संदर्भ में अखिल भारतीय सीमेंट मज़दूर महासंघ के राष्ट्रीय उपमहामंत्री ओम प्रकाश शर्मा ने गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि इस कोरोना महामारी के दौरान जहां भारत मे सीमेंट कंपनियों ने करोड़ों का फंड प्रधानमंत्री राहत कोष में और मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया लेकिन अपने मज़दूरों को सताया जा रहा है। इधर सीमेंट कंपनियां अपने मज़दूरों को क्यों वेतन में कटौती औऱ पूरे महीने काम पर भी नहीं बुलाया जाता यह बहुत बड़ी विडम्बना ओर सीमेंट कंपनियों के ऊपर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
सरकार के आदेशों की पालना करते हुए आज सीमेंट प्लांट उच्चतम उत्पादन कर रहा है लेकिन प्रति शिफ्ट में 33 प्रतिशत श्रमिक/कर्मचारी यदि अम्बुजा कंपनी काम के लिए बुलाती है तो सभी को काम और सभी को रोजग़ार के साथ साथ पूरा वेतन और पूरे महीने काम मिलता लेकिन इस प्रकार की व्यवस्था कंपनी द्वारा नहीं की जा रही। इसी कारण कुछ श्रमिकों को पूरे महीने काम पर नही बुलाया जाता, जिससे आज दाड़लाघाट अम्बुजा सीमेंट फैक्टरी के श्रमिकों कमर्चारियों में तनाव दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। इन विषयों को लेकर आने वाले समय मे अम्बुजा सीमेंट कर्मचारी संघ (भारतीय मज़दूर संघ) बहुत बड़े आदोंलन की तैयारी कर रहा है क्योंकि "जब तक भूखा मज़दूर किसान रहेगा धरती और तूफान रहेगा" सीमेंट उद्योग खतरनाक श्रेणी में आता है इसलिए किसी भी प्रकार का अन्याय जो अम्बुजा प्रबंधक श्रमिकों के साथ कर रही है यह उचित नहीं, यदि 25 जून तक श्रमिकों को काम पर नही बुलाया गया फिर शांतिपूर्ण आंदोलन होगा। उसकी रूपरेखा भी तैयार हो चुकी है। इस दौरान प्रधान सुरेश कुमार, महामंत्री नरेश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष खेमराज शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मदन शर्मा, उपाध्यक्ष टेक चंद, बलदेव राज कोषाध्यक्ष रुवेश कुमार, सयुंक्त सचिव विनोद शर्मा, सचिव राकेश महाजन, कमल भट्टी उपस्थित रहे।
