बिलासपुर शहर में पॉजिटिव केस आने पर मचा हड़कंप
बिलासपुर में अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छुपाने तथा काफी समय से कथित तौर पर जिले में रहने वाले एक व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट पाॅजीटिव आने से एक बार फिर से बिलासपुर नगर के साथ जिले में हड़कंप मच गया है। हर कोई स्वयं को असुरक्षित समझ रहा है, और उस पर अफवाहों का दौर भी गर्मा गया है। इस व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट जैसे ही पाॅजीटिव आई तो प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। व्यक्ति की तलाश शुरू की गई तो वह यहां से बाहर जाने की फिराक में था कि पुलिस द्वारा उसे बिलासपुर की सीमा में ही पकड़ लिया तथा स्वारघाट में इंस्टीटयूशनल क्वारंटाइन कर दिया। बाद में डीसीसी चांदपुर शिफ्ट करने का भी समाचार है। अपनी अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छुपाने के जुर्म में पुलिस ने इस व्यक्ति पर थाना सदर में एफआईआर दर्ज कर दी है। पुलिस इस व्यक्ति की अपनी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रही है तथा ऐहतियात के तौर पर उस एरिया को भी प्रतिबंधित किया जा रहा है।
शनिवार को पुलिस शहर चौकी परिसर को सील कर दिया गया है तथा सभी मुलाजिमों को होम क्वारंटीन कर दिया है। इसके साथ ही दस और लोगो को भी होम क्वारंटीन किया गया जो उसके निकट संबंधी थे। यह भी हैरानी का विशय है कि इस मामले को लेकर पूरा शहर डरा हुआ है लेकिन प्रशासन की ओर से कोई अधिकृत ब्यान नहीं आया है। वहीं डीएसपी मुख्यालय ने पत्रकारों के सवालों का सामना करते हुए वस्तु स्थिति स्पष्ट की तथा जिम्मेवार आफिसर होने का परिचय दिया।
मिली जानकारी के अनुसार मूलत बड़गांव तहसील झंडूता का रहने वाला यह व्यक्ति भोपाल से दिल्ली मुंद्रा ट्रांस्पोर्ट में ट्रैवलिंग एजेंट का काम करता था। लाकडाउन के कारण यह 18 मार्च को गुजरात से दिल्ली हवाई मार्ग से आया और 23 मार्च को यह अपने दोस्त की बुलेट बाईक लेकर अकेला अपने घर री-बड़गांव बिलासपुर आया। यह व्यक्ति बीच-बीच में नगर के रौड़ा सेक्टर में स्थित किराए के मकान में भी आता जाता रहा। 8 जून को अपने गांव से बिलासपुर अपने क्वार्टर आ गया तथा बिना पास के 9 जून को किसी टैंपों में अपने दोस्त के मोटर साईकिल को रखकर दिल्ली छोड़ने चला गया था इसी टैंपों से 10 जून को वह बिलासपुर लौट आया है।
चिंता की बात है कि उक्त टैंपों चालक का नाम पता इस व्यक्ति को मालूम नहीं है। वहीं सूत्र बताते हैं कि यह नगर के कोसरियां सेक्टर में अपने दोस्त से दस जून को मिला और कुछ व्यापारिक यानि मास्क व सेनीटाइजर आदि सप्लाई करने की बातचीत हुई।19 जून को यह व्यक्ति अपने इसी मित्र के साथ नीजि वाहन में रूड़की के लिए निकल पड़े। पता चला है कि दिल्ली से आने के बाद दस जून को इस व्यक्ति की बिलासपुर में कोरोना सेंपलिंग हुई थी जिसमें यह कोरोना पाॅजीटिव आया है। वहीं प्रश्न यह भी उठता है कि जब यह व्यक्ति दिल्ली से आया था तो उस टैंपों वाले के साथ इसे भी संस्थागत संगरोध क्यों नहीं किया गया। क्या इसमें भी रसूखदारी का कुछ लेना देना है, क्योंकि इन दिनों अपनों को बेहतर सुविधा वाले स्थानों पर क्वारंटीन करने के लिए भी जुगत भिड़ाई जा रही है जबकि सुविधा संपन्न लोग होटल में क्वारंटीन हो रहे हैं। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि यदि इस प्रकार के मामलों में भी सिफारिशी राजनीति हावी होती है तो क्यों फिर कानून व्यवस्था का ढोंग अपनाया जा रहा है क्योंकि कोरोना भी किसी आयु, जाति महजब, ऊंच, नीच, गरीब और अमीर को नहीं देखता।
इस बारे में डीएसपी मुख्यालय संजय शर्मा ने बताया कि यह व्यक्ति दिल्ली से आने के बाद न होम और न रही इंस्टीटयूशनल क्वारंटीन था। दिल्ली आना जाना भी इसका अवैध पाया गया है। अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छुपाने के जुर्म में इस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 17 जून को पुलिस की अगवाई में फलू ओपीडी में इसका कोरोना सेेंपल लिया गया है, जो पाॅजीटिव आया है। पुलिस इस व्यक्ति के अन्य संपर्क को खोजने का प्रयास कर रही है। इसी कारण शहर चौकी परिसर को सील कर दिया है तथा पुलिस कर्मियों को एचक्यू किया गया
है।
