पेट्रोल व डीजल की कीमतों को लेकर देश में मचा हाहाकार, चुप क्यों है केंद्र सरकार : रामलाल ठाकुर
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य राम लाल ठाकुर, पूर्व उद्योग मंत्री व विधायक श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र ने केंद्र सरकार पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों के लेकर निशाना साधा है। राम लाल ठाकुर ने कहा अब जब अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 41 डॉलर प्रति बैरल है तो देश मे पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्यों बढ़ाई जा रही हैं। आम जनता में इसको लेकर हाहाकार मची हुई है और देश के वितमंत्री व पेट्रोलियम मंत्री वर्चुअल रैलियां करने में व्यस्त है।
राम लाल ठाकुर ने कहा था कि यह वही सरकार है जो देश मे पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बढ़ने पर राजघाट में महात्मा गांधी जी की समाधि के आगे मगरमच्छ के आँसू रोते थे या फिर देश की राजधानी दिल्ली के नुक्कड़ों में महंगाई के खिलाफ नाच गा कर खुशियां मनाते हुए विरोध प्रदर्शन करते थे। राम लाल ठाकुर ने कहा कि अब तक इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि पेट्रोल से महंगा डीजल हो गया है। उन्हीने कहा कि लगातार 18वें दिन कीमतें बढ़ीं है। तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पिछले 18 दिनों में पेट्रोल की कीमतों में लगभग 8.50 रुपये का इजाफा किया है। वहीं डीजल पिछले 18 दिनों में 10.25 रुपये महंगा हुआ है। राम लाल ठाकुर ने कहा कि देश मे पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर अराजकता जा मौहल बनता जा रहा है। उन्होंने कहा यह भी एक इतिहास बन गया कि डीज़ल पेटोल से महंगा हो गया और देश का हर नागरिक क्षुब्ध है।
ठाकुर ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार इन बढ़ी हुई कीमतों को लेकर कुछ भी नही कर सकती है तो केंद्र सरकार को बढ़ी हुई कीमतों को कम करने हेतू लिख तो सकती है और प्रदेश सरकार चाहे तो डीज़ल पेट्रोल पर लगने वाली राज्य एक्साइज ड्यूटी और वैट को तो कम कर ही सकती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री को यह भी देखना चाहिए कि हिमाचल प्रदेश एक पर्वतीय राज्य है और वह खुद भी एक पर्वतीय क्षेत्र से संबंध रखते है और यहां पर औद्योगिक क्षेत्र अन्य प्रदेशों से कम है जबकि यहां की मुख्य आमदनी कृषि व पर्यटन व्यवसाय पर आधारित है। कोविड -19 की वजह से प्रदेश में कृषि और पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह से प्रभावित हुआ है तो प्रदेश में आमजन की मुसीबतों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतें पर नियंत्रण किया जाना अति आवश्यक है।
