हिमाचल में हुए स्वास्थ्य घोटाले को लेकर कांग्रेस उग्र
हिमाचल प्रदेश में सैनिटाइजर घोटाला तथा कोविड 19 के दौरान की गई अन्य खरीद के मामलों को लेकर कांग्रेस उग्र हो गई है। बिलासपुर में कांग्रेस पार्टी की जिला अध्यक्ष अंजना धीमान के नेतृत्व में उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें मांग की गई कि सारे घोटाले की जांच उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायधीश से करवाई जाए ताकि इसमें किसी प्रकार की हेराफेरी की कोई गुंजाइश नहीं रहे। बाद में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अंजना धीमान ने कहा कि केवल मात्र भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष द्वारा त्यागपत्र दिए जाने को ही इतिश्री मान कर वर्तमान सरकार चुप हो गई है जबकि स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा मुख्यमंत्री के पास होने के नाते उनकी भी इस मामले में नैतिक जिम्मेवारी बनती है कि वह इस बारे में कुछ कहें।
उन्होंने कहा कि एक तरफ पूरा देश कोविड 19 के कारण संकटकालीन परिस्थितियों से गुजर रहा है। वहीं दूसरी तरफ प्रदेश भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग में पीपीई किट व दवा घोटाले हो रहें है जिससे देवभूमि शर्मसार हुई है। उन्होंने कहा कि इस मुददे पर पहले जिला कांग्रेस द्वारा जिला स्तर पर सरकार को ज्ञापन प्रेषित किए तथा अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी हाईकमान ने ब्लाक स्तर पर राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार से पेट्रोल डीजल के दाम तथा मंहगाई पर लगाम कसने की मांग की है। उन्होंने इस अवसर पर गत दिनों चीनी सेना भारतीय सेना के साथ की गई कार्यरना हमले की कड़ी निंदा की तथा केंद्र सरकार से चीनी सामान का आयात बंद करने की मांग की है।
इस अवसर बीडीसी उपाध्यक्ष निर्मला धीमान, अनुराग पंडित,रोहित शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
