डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर फैडरेशन ने किया जोरदार विरोध
आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर फैडरेशन के राज्य अध्यक्ष व पूर्व में रहे बीडीटीएस के प्रधान लेखराम वर्मा ने शुक्रवार को बरमाणा में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र व हिमाचल राज्य सरकार का डीजल व पेट्रोल की बढाई गई कीमतों को लेकर विरोध किया। इस वार्ता के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों के निर्णय को रोल बैक किया जाए ताकि ट्रांसपोर्ट जगत से जुड़े लोग इससे प्रभावित न हो। उन्होंने कहा की डीजल की कीमते पैट्रोल की कीमत से भी ज्यादा हो गई है जो चिंता का विषय है। इस से ट्रांसपोर्ट से जुड़े ऑपरेटरों की अर्थव्यवस्था डगमगा जाएगी। आमजन के लिए आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी भारी इजाफा हो गया है। ऐसा पहली बार हुआ है कि कीमतें अंतराष्ट्रीय बाज़ार में कम और देश में पिछले दो हफ्तों से बढ़ रही है।
बरमाणा में भी शुक्रवार को को डीजल की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर अन्य राज्यों की भांति ट्रांसपोटरों ने आल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर फैडरेशन के राज्य अध्यक्ष के अगुवाई में जोरदार विरोध किया। इस अवसर पर बरमाणा औसती यूनियन के प्रधान रतन लाल ठाकुर ने भी कहा कि एक तरफ देश में कोविड -19 महामारी की आपदा है जिससे आम लोगों की अर्थव्यवस्था बिगड़ी है तो ऐसे समय में सरकार को ऐसा नही करना चाहिए था। वर्मा ने जिला प्रशासन को जताया कि इस दौरान सभी उपस्थित ट्रक ऑपरेटरों ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लॉ एंड आर्डर को बनाए रखने के लिए हम सभी पूर्ण रूप से उत्तरदायी है। इसमें प्रबंधन समितियों को भी इन योद्धाओं का ख्याल रखना चाहिए।
उन्होंने मौजूदा प्रबंधन समिति पर ऐसे समय में घर में बैठने का आरोप लगाया। कहा जबकि इन लोगों को इस आपदा के दौरान ट्रांसपोर्ट से जुड़े ऑपरेटर, चालक व परिचालक की सुरक्षा, स्वास्थ्य व रोजी रोटी का ध्यान रखना चाहिए था। इस अवस्था में इन प्रबंधन समितियों ने घर में छुप कर अपनी नाकामियों का परिचय दिया है क्योंकि ट्रांसपोर्ट से जुड़े चालक व परिचालक हमारी अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी है। क्या इस दौरान इनका ख्याल रखा जा रहा है? प्रशासन से मांग की कि प्रबंधन समितियों से गाईड लाइन की अनुपालना करवाई जाए। उन्होंने कहा कि होम अफेयर गाईड लाइन 21 के तहत वाहन लुक आफ्टर की पालना नहीं हो रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि चालक और परिचालक के खाने की क्या व्यवस्था, ठहरने की व्यवस्था माल की ढुलाई के दौरान रास्ते में उचित ठहराव, विश्राम व्यवस्था, गाड़ी का सनेटाइज होना, चालकों को ग्लव्स, उनकी सुरक्षा स्वास्थ्य को लेकर कपम्लेंट वैन्यू कहां है, इन सभी बातों की प्रबंधन समितियां पालना करें। फेडरेशन सरकार व प्रबंधन समितियों से मांग करती है कि ऑपरेटरों ने लगातार कई वर्षों से अपनी मेहनत से ट्रांसपोर्ट संस्था को सींचा है और आज इस मुश्किल की घडी पर ऑपरेटर, चालक व परिचालक सभी के एकाउंट्स में 10 हजार रूपए जमा करवाकर पुण्य का काम कर सहायता करें।
वर्मा ने कहा कि ऑपरेटरों का टीडीएस रुका हुआ है संस्था इस वक्त इसे दिलवाने में कोशिश करे। इस राशि के मिल जाने से जहां ऑपरेटरों का रुका हुआ धन इक्कठा मिलेगा वहीं मौजूदा कोरोना महामारी के चलते ऑपरेटरों को राहत भी मिलेगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऑपरेटरों ने अपनी रोजी रोटी चलाने के लिए ऋण लिया है उसमे कोविड के खत्म होने तक ब्याज मुक्त होना चाहिए। इसके अलावा ऑपरेटरों के हितों का ख्याल रखते हुए सरकार से फरियाद की कि इस आपदा की अवधि तक गाड़ियों की इन्शुरेन्स, पासिंग, लोन की किश्ते माफ़ की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि इनकी जिम्मेदारियाँ सुनिश्चित की जाए।
