प्रदेश में इस समय अराजकता और अस्थिरता का माहौल : बंबर ठाकुर
पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने कहा है कि प्रदेश में इस समय अराजकता और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। हर रोज प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से किसी न किसी युवा के नशा करके अथवा समाज विरोधी नशा व्यापार के जाल में फंस जाने के कारण मानसिक रोगी होकर अपने प्राण त्याग देने तक को विवश होने के समाचार प्राप्त हो रहे है। उन्होने कहा कि अस्पतालों में बिना इलाज के सैकड़ों रोगियों के प्राण चले जाने के मामले दिन प्रति –दिन बढ़ते चले जा रहे हैं, जिससे आम जन-जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।
उन्होने कहा कि यह कोई कम चिंता का विषय नहीं है कि देश की युवा पीढ़ी गलत रास्ते पर भटकती अथवा गलत लोगों के चुंगल में फंस कर अपने जीवन को समाप्त करने पर तुली नजर आ रही है, जिस ओर सरकार और उसका तंत्र कोई ध्यान नहीं दे रहा है। देश की युवा पीढ़ी को बचाने और उनके जीवन को सुरक्षित किए जाने की ओर सरकार द्वारा कोई भी ठोस कदम न उठा पाने और उनके प्रति अपना उत्तरदाईत्व न निभा पाने के कारण युवा पीढ़ी नशे व गलत तत्वों के जाल में फंस कर अपने जीवन की इहलीला समाप्त कर रही है और हजारों परिवार तबाही का शिकार हो रहे हैं।
बंबर ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस काल में जिला बिलासपुर में चिट्टा अथवा नशे का व्यापार चलाने के आरोप लगाए जाते थे, किन्तु अब सत्ता में आने पर इसे रोकने के लिए कोई भी उचित कदम नहीं उठाए जा रहे। उन्होने कहा कि महज कुछ नशाखोरों को पकड़ने अथवा जेल में डालने से नहीं बल्कि इसके वास्तविक समगलरों को पकड़ने और जेल में ठोकने की आवश्यकता है, ताकि नशे के व्यापार पर पूर्ण रूप से अंकुश लग सके और बेसमझ युवक–युवतियाँ इस नशे के जाल में फंस कर अपने जीवन को बर्बाद करने से बच सकें। बंबर ठाकुर ने कहा कि सरकार को नशा रोकने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए और गाँव –गाँव में घर -घर जाकर लोगों को जागरूक करने तथा नशे के दुष्प्रभावों बारे सचेत अथवा जागरूक करने की नीति निर्धारित करनी चाहिए ताकि हिमाचल के लाखों युवाओं का जीवन नर्क बनने से रोका जा सके।
बंबर ठाकुर ने कहा कि सरकार को इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल करके पुलिस के माध्यम से केस बनाने पर नहीं बल्कि नशे के जाल में फंस कर अपने जीवन को बर्बाद कर रहे युवाओं को समझाने और इस रास्ते पर जाने से रोकने के गंभीर प्रयास करने चाहिए। उन्होने कहा कि युवाओं को जेलों में बंद करके नहीं बल्कि उन्हें समझा कर सही रास्ते पर लाने के लिए जागरूक करके उनके बहुमूल्य जीवन को बचाया जाना चाहिए। बंबर ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सीमाओं पर जब हर जगह पुलिस का कडा पहरा है, तो फिर यह नशा प्रदेश में कहाँ से और किसके द्वारा लाया जा रहा है। उन्होने कहा कि बिना मिलीभगत के सीमाओं से नशा प्रवेश होने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता है, इसलिए इस बारे में सरकार को इस माले को गंभीरता से लेकर उचित कदम उठाने चाहिए।
