अंशुल की रहस्यमयी मौत की हो उच्चस्तरीय न्यायिक जांच : नगर सुधार समिति
बिलासपुर के नौजवान अंशुल शर्मा की रहस्यमयी मौत के चलते बिलासपुर शहर में शोक की लहर दौड़ गई है तथा बिलासपुर के युवाओं में डर पैदा हो चुका है। शनिवार को नगर सुधार समिति का प्रतिनिधि मण्डल समिति के प्रधान दिनेश कुमार की अध्यक्षता में उपायुक्त से मिला तथा इस रहस्यमयी मौत की उच्चस्तरीय जांच करने के बारे में ज्ञापन उपायुक्त महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजा।
ज्ञापन में निम्नलिखित तथ्यों पर जांच करने हेतु कहा गया जैसे-स्वर्गीय अंशुल शर्मा पुत्र चमन लाल शर्मा एक तंदुरूस्त नौजवान था दिनांक को किन परिस्थितियों में वह घर से अपने पैतृक गांव जिला मण्डी की तरफ घर में बिना बताए चला गया। स्वर्गीय अंशुल शर्मा की रहस्यमयी मौत से पहले उसकी किन-किन से फोन पर बात हुई तथा किस-किस व्यक्ति से वो मिला था। ऐसी क्या मजबूरी थी कि स्वर्गीय अंशुल शर्मा ने आत्महत्या कर ली तथा फेसबुक पर जो वीडियो वायरल हुआ है वोआत्महत्या से कितनी देर पहले का है। फेसबुक पर वायरल वीडियों से पूरा हिमाचल सकते में है तथा यहां पर डर का माहौल बना हुआ है। इसकी सच्चाई क्या है? स्वर्गीय अंशुल शर्मा की किन-किन लोगों से अधिकतम फोन पर बात हुआ करती थी तथा उन लोगों का क्या कारोबार है यह भी जांच का विषय है। ऐसी क्या मजबूरी व डर स्वर्गीय अंशुल शर्मा को था कि वो आत्महत्या करने पर मजबूर हो गया। अगर गहनता से इस रहस्यमयी मौत की न्यायिक जांच करवाई जाए तो इसमें कई नशा माफियाओं पर शिकंजा कसा जा सकता है तथा इस मौत से कई नशा माफियों के रहस्यमयी पर्दे उठने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि इस न्यायिक जांच द्वारा किसी बेकसूर को सजा न मिल सके तथा दोषियों को बक्शा न जाए तथा सच्चाई को जनता के सामने लाया जा सके और मृतक के परिवार वालों को न्याय मिल सके तथा मृतक की आत्मा को शांति मिल सके। इस मौका पर महामंत्री राजेन्द्र गौतम, उपाध्यक्ष संजीव ढिल्लो, प्रेस सचिव तनुज सोनी, देवेन्द्र सिंह, तुलसी राम ठाकुर, नरेष सोनी, रामप्यारी ठाकुर, सुनीता देवी, चम्पा देवी, कुलदीप शर्मा, ओम प्रकाश मैहता, धनीराम सौंखला, नसीम मुहम्मद, धर्मपाल, रामहरि, मनोहर लाल, ज्ञान चन्द आदि उपस्थित थे।
